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  • London में पाकिस्तानियों के हमले से परेशान भारतीय मूल का रेस्टोरेंट मालिक…कारोबार बंद करने को मजबूर

    London में पाकिस्तानियों के हमले से परेशान भारतीय मूल का रेस्टोरेंट मालिक…कारोबार बंद करने को मजबूर


    लंदन।
    ब्रिटेन (Britain) की राजधानी लंदन (London) में भारतीय मूल (Indian-origin) के एक रेस्टोरेंट मालिक (Restaurant Owne) ने 16 वर्षों तक रेस्टोरेंट के सफल संचालन के बाद अब अपना कारोबार बंद करने का ऐलान लिया है। बड़ी बात यह है कि रेस्टोरेंट बंद करने के पीछे की वजह पाकिस्तानी हैं। लंदन के हैमरस्मिथ में ‘रंगरेज’ नामक इस रेस्टोरेंट के मालिक हरमन सिंह कपूर (Harman Singh Kapoor) ने दावा किया है कि पाकिस्तानी उन पर कथित तौर पर लगातार हमले कर रहे हैं। कपूर ने कहा कि वह अगले महीने इंडियन रेस्टोरेंट बंद कर देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार परेशानियों, ऑनलाइन उत्पीड़न और कथित हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्हें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा है।

    कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि बढ़ती लागत, ऑनलाइन ट्रोलिंग, बार-बार होने वाली अशांति और कथित तौर पर पाकिस्तानी समूहों द्वारा किए गए हमले, साथ ही लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलस से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलना—इन सभी कारणों ने उन्हें यह फैसला लेने पर मजबूर किया। कपूर ने यह भी कहा कि अब वह पूरी तरह से सामाजिक और वैचारिक सक्रियता (एक्टिविज़्म) पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उनके व्यवसाय को भले ही बाधित किया गया हो, लेकिन उनके इरादों को कमजोर नहीं किया जा सकता।


    खालिस्तानियों से जुड़ा है विवाद

    इस पूरे विवाद की जड़ मार्च 2023 की एक घटना से जुड़ी बताई जा रही है, जब कपूर ने आरोप लगाया था कि उनके रेस्टोरेंट पर खालिस्तानी समर्थकों द्वारा हमला किया गया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने खालिस्तान मूवमेंट की आलोचना करते हुए वीडियो पोस्ट किए थे। इन वीडियो में उन्होंने खालिस्तान के नाम पर चल रही गतिविधियों पर सवाल उठाए थे।

    कपूर ने अपने वीडियो में अमृतपाल सिंह और उनके सहयोगियों का भी मजाक उड़ाया था, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। एक वायरल वीडियो में उनके एक सहयोगी को पुलिस से बचते हुए “पुलिस आ गई” कहते हुए सुना गया था, जिस पर कपूर ने टिप्पणी की थी। फिलहाल, ‘रंगरेज’ के बंद होने की खबर से स्थानीय भारतीय समुदाय में निराशा है, वहीं इस मामले ने प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।

  • Haryana: IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ का घोटाला…. मास्टरमाइंड सहित 4 गिरफ्तार

    Haryana: IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ का घोटाला…. मास्टरमाइंड सहित 4 गिरफ्तार


    चंडीगढ़।
    हरियाणा (Haryana) में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) में 590 करोड़ रुपये के घोटाला में बड़ी खबर है. इस मामले में एसीबी की टीम ने घोटाला के मास्टर मांइड (Master Mind) रिभव समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. फर्जीवाड़े में शामिल अभिषेक सिंगला, अभय और महिला स्वाति की गिरफ्तारी हुई है।

    देर रात पंचकूला के सेक्टर 6 हॉस्पिटल में सभी आरोपियों का मेडिकल करवाया गयया है. मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से मामला दर्ज किया गया है.गौर रहे है कि आरोपी रिषभ बैंक में पूर्व मैनेजर था, जिसे नौकरी से निकाल दिया गया था. हरियाणा सरकार के पंचायत विभाग के पैसों का गबन किया गया था।

    बताया जा रहा है कि मास्टरमाइंड रिषभ मोहाली का रहने वाला है और वह बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात रहा था. गौरतलब है कि बैंक की तरफ से अब तक 578 करोड़ रुपये हरियाणा सरकार को लौटा दिए गए हैं. इस पूरे घोटाले में प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 180 करोड़ रुपये थे।


    आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये के मास्टरमाइंड कौन

    दरअसल, हरियाणा सरकार के 18 विभागों के खातों से कुल 590 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई थी. आरोपी मास्टरमाइंड चंडीगढ़ में आईडीएफसी ब्रांच में तैनात था. 19 फरवरी को बैंक के हैडक्वार्टर में इस बारे में पता चला था. पिछले साल बैंक ने इंटर ऑडिट करवाया था और हेराफेरी की बात सामने आने पर मास्टरमाइंड पूर्व मैनेजर को नौकरी से निकाल लिया था. आरोपी ने दोस्तों और जानकारों के नाम पर कागजों में फर्जी कंपनियां बनाईं थी और सरकारी पैसे को इन खातों में ट्रांसफर किया. ये पैसा एफडी के रूप में दिया गया था. उधर, मामले को लेकर मंगलवार को बजट सत्र के दौरान हंगामा भी देखने को मिला था और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर सवाल उठाए थे. इस सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा था कि सारा पैसा वापस आ गया है और जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है।


    बैंक की प्रतिक्रिया भी आई

    आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने बताया कि हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों के खातों में मूलधन एवं ब्याज समेत पूरी राशि जमा करा दी है जो कुल मिलाकर 583 करोड़ रुपये है. बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, “मामले की जांच जारी होने के बावजूद बैंक ने हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों की ओर से दावा की गई मूलधन और ब्याज की समूची राशि का भुगतान कर दिया है, जो शुद्ध रूप से 583 करोड़ रुपये है.” बैंक ने कहा कि वह कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और राज्य सरकार के विभागों के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा और अपनी देनदारियों की वसूली के लिए प्रयासरत रहेगा. बैंक ने चंडीगढ़ की एक शाखा में हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का रविवार को खुलासा किया था।

    सीएम सैनी को सदन में देना पड़ा जवाब
    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मामले पर विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक मामले में करीब 556 करोड़ रुपये की राशि वापस हासिल कर ली है. मुख्यमंत्री ने कहा, “लगभग 22 करोड़ रुपये के ब्याज समेत करीब 556 करोड़ रुपये 24 घंटे के भीतर ही वापस आ गए.” उन्होंने सदन में स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार के विभागों से संबंधित पूरी राशि दोबारा खातों में जमा करा दी गई है और यह वसूली 24 घंटे के भीतर हुई है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, बैंक ने सरकार को सूचित किया है कि मामला चंडीगढ़ की एक शाखा से जुड़ा है, जिसमें मध्य और निचले स्तर के चार-पांच बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है. उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे बैंक कर्मचारी हों, निजी व्यक्ति हों या सरकारी कर्मचारी हों. आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने पहले कहा था कि यह धोखाधड़ी हरियाणा सरकार से जुड़े सीमित खातों तक ही सीमित है और चंडीगढ़ शाखा के अन्य ग्राहकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं है. मामला सामने आने के बाद हरियाणा सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के साथ एयू स्माल फाइनेंस बैंक को भी सरकारी कामकाज की सूची से हटाने का निर्णय लिया है।

  • MP: मुरैना में 10वीं का पेपर देने पहुंची छात्रा परीक्षा केन्द्र में अचानक बेहोश होकर गिरी और हो गई मौत..

    MP: मुरैना में 10वीं का पेपर देने पहुंची छात्रा परीक्षा केन्द्र में अचानक बेहोश होकर गिरी और हो गई मौत..


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) के बानमोर कस्बे में सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 10वीं बोर्ड परीक्षा (10th Board Exam) देने पहुंची एक छात्रा अचानक परीक्षा केंद्र पर बेहोश होकर गिर पड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बमौर स्थित पंडित नेहरू कॉलेज परीक्षा केंद्र पर गणित का पेपर चल रहा था। इसी दौरान ग्वालियर जिले के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चकुनारा गांव निवासी देवेंद्र कुशवाह की बेटी वर्षा कुशवाह अचानक अपनी सीट से गिरकर बेहोश हो गई। परीक्षा ड्यूटी में तैनात स्टाफ ने तुरंत छात्रा को संभाला और अधिकारियों को सूचना दी।

    वर्षा अपने भाई अंकेश कुशवाह के साथ परीक्षा देने आई थी।दोनों भाई-बहन 10वीं कक्षा में थे और बानमोर के ही स्कूल से बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भरा था। सूचना मिलते ही परिजन भी परीक्षा केंद्र पहुंच गए।आनन-फानन में छात्रा को इलाज के लिए ग्वालियर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर शोक का माहौल छा गया।

    हार्ट अटैक की आशंका
    प्रारंभिक तौर पर अचानक हार्ट अटैक आने का कारण माना जा रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

    कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा छात्रा की मौत काफी दुःखद है।मैंने खुद ग्वालियर के डॉक्टरों से इस मामले में संपर्क किया है। प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर अभी सिर्फ यह सामने आया है कि छात्रा अतिकुपोषित थी। गंभीर एनीमिया से भी पीड़ित थी।इस कारण संभवतः हार्ट अटैक आया होगा। स्पष्ट कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आएगा।

  • होली से पहले LPG उपभोक्ताओं को लग सकता है झटका… 1 मार्च को अपडेट होंगे रेट

    होली से पहले LPG उपभोक्ताओं को लग सकता है झटका… 1 मार्च को अपडेट होंगे रेट


    नई दिल्ली।
    होली से पहले 1 मार्च को LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) के रेट ( Price) अपडेट होंगे। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (Oil Marketing Companies) इस दिन नए रेट जारी करेंगी। पिछले 5 साल का ट्रेंड बताता है कि मार्च के महीने में घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट बढ़े ही हैं। कॉमरशियल सिलेंडर तो हर बार महंगा हुआ है, जबकि इस दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर (Domestic LPG cylinder) के रेट मार्च में जब भी बदले, उपभोक्ताओं को झटका ही लगा है।

    अभी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये में मिल रहा है। आंकड़े इंडियन ऑयल की वेबसाइट से लिए गए हैं। इसके अनुसार कॉमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 1740.50 रुपये, कोलकाता में 1844.50 रुपये, मुंबई में 1692 और चेन्नई में 1899.50 रुपये में बिक रहा है।


    घरेलू सिलेंडर के रेट का मार्च ट्रेंड

    पिछले 5 साल में तीन बार ही मार्च में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट बदले। दो बार 1 मार्च को और एक बार 22 मार्च को। एक मार्च 2023 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर 50 रुपये महंगा हो गया। 6 जुलाई 2022 के बाद रेट में बदलाव हुआ था और दिल्ली में यह 50 रुपये बढ़कर 1103 रुपये पर पहुंच गया। 14 किलो वाले इस सिलेंडर के दाम कोलकाता में 1129, मुंबई में 1102.50 और चेन्नई में 1118.50 रुपये पर पहुंच गए।

    जबकि, साल 2022 में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट में बदलाव 22 मार्च को हुआ। इस दिन भी 50 रुपये का इजाफा हुआ। रेट में बदलाव 6 अक्टूबर 2021 के बाद हुआ था। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 949.50 रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह कोलकाता में 976, मुंबई में 949.50 और चेन्नई में 965.50 रुपये का हो गया। साल 2021 का मार्च भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं को झटका ही दिया। 1 मार्च 2021 को घरेलू एलपीजी सिलेंड दिल्ली में 25 रुपये महंगा होकर 819, कोलकाता में 845.50, मुंबई में 819 और चेन्नई में 835 रुपये का हो गया।


    पिछले 5 साल से मार्च महीने में क्या रहा कॉमर्शियल सिलेंडर का ट्रेंड
    मार्च 2025 में बढ़े थे सिलेंडर के दाम

    पिछले साल यानी 2025 में दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट में मामूली बढ़ोतरी हुई थी। एक फरवरी को 19 किलो वाला सिलेंडर यहां 1 फरवरी को 1797 रुपये में बिक रहा था, जो 1 मार्च 2025 को 6 रुपये बढ़कर 1803 रुपये का हो गया। कोलकाता में भी इतना ही महंगा होकर 1913, मुंबई में 1756 और चेन्नई मे 1965 रुपये का हो गया था।


    मार्च 2024 में दाम मामूली बढ़े

    साल 2024 में कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट में 26 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई। 1 मार्च 2024 को यह दिल्ली में 1795 और मुंबई में भी 26 रुपये बढ़कर 1749 रुपये का हो गया। जबकि, कोलकाता में 24 रुपये महंगा होकर 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 1911 और चेन्नई में 24 रुपये ही बढ़कर 1961 रुपये का हो गया।


    2023 के मार्च में 108 रुपये तक महंगा हुआ सिलेंडर

    साल 2023 में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा। दिल्ली में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 105 रुपये महंगा होकर 2120, कोलकाता में 108 रुपये बढ़कर 2222 रुपये, मुंबई में 106 रुपये उछलकर 2072 रुपये और चेन्नई में 106 रुपये महंगा होकर 2268 रुपये पर पहुंच गए।


    2022 के मार्च में 100 रुपये से अधिक का झटका

    साल 2022 में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के रेट दो बार बदले। 1 मार्च को और 22 मार्च को। एक फरवरी 2022 के रेट की तुलना में 1 मार्च को कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम दिल्ली में 105 रुपये उछलकर 2012 रुपये, कोलकाता में 108 रुपये महंगा होकर 2095 रुपये पर पहुंच गए। मुंबई और चेन्नई में भी नीला सिलेंडर 106-106 रुपये महंगा हो गया। मुंबई में यह 1963 और चेन्नई में 2146 रुपये पर पहुंच गया।


    2021 के मार्च में 95 रुपये महंगा हुआ सिलेंडर

    मार्च महीने में झटका साल 2021 में भी लगा। 1 मार्च 2021 को दिल्ली में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 95 रुपये बढ़कर 1614 रुपये पर पहुंच गए। कोलकाता में 98 रुपये बढ़े और 1681.50 रुपये पर पहुंच गए। मुंबई और चेन्नई में 96-96 रुपये बढ़े और क्रमश: 1564 और 1731 रुपये पर पहुंच गए।

  • Maharashtra: सुनेत्रा पवार की जगह बेटे पार्थ को राज्यसभा भेजेगी NCP, आधी रात को लिया गया फैसला

    Maharashtra: सुनेत्रा पवार की जगह बेटे पार्थ को राज्यसभा भेजेगी NCP, आधी रात को लिया गया फैसला


    मुंबई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) की सात राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव (Rajya Sabha Election) से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। महायुति की सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party- NCP) ने इस संबंध में अपने उम्मीदवार को लेकर बड़ा फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार,सोमवार की रात प्रफुल्ल पटेल (Prafull Patel) के आवास पर पार्टी की कोर कमेटी की हुई बैठक में पार्थ पवार को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी है। इस अहम बैठक मुंबई में प्रफुल्ल पटेल के अलावा उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

    सूत्रों ने बताया कि बैठक में केवल राज्यसभा उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि पार्टी की आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। 26 फरवरी को होने वाली इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर मुहर लग सकती है, जहां सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। यह बैठक मुंबई के वर्ली डोम में आयोजित होने की संभावना है।


    बीजेपी कोर कमेटी की आज बैठक

    दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। ABP माझा के मुताबिक, इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर मंगलवार की रात करीब 10 बजे कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है। पार्टी इस बार राज्यसभा की चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इनमें रामदास अठावले का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि विनोद तावड़े, विजया रहाटकर और धैर्यशील पाटिल के नामों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।


    बीजेपी चार सांसद भेज सकती है

    महाराष्ट्र में इस बार राज्यसभा की 7 सीटें खाली हैं और 286 विधायकों के आधार पर एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी। आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पास स्पष्ट बढ़त है। अकेले BJP के पास एक निर्दलीय को मिलाकर कुल (131+1) यानी 132 विधायकों का समर्थन है, जिससे वह 3 से 4 सांसद आसानी से भेज सकती है। वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) अपने 58 विधायकों के साथ एक सीट सुरक्षित कर सकती है, जबकि NCP (अजित पवार गुट) भी एक सीट जीतने की स्थिति में है क्योंकि अजित पवार की मौत के बाद उसके पास 40 विधायक हैं।


    महाविकास अघाड़ी के पास एक को भेजने की क्षमता

    इसके मुकाबले महाविकास अघाड़ी (MVA), जिसमें कांग्रेस, NCP (शरद पवार गुट) और शिवसेना (ठाकरे गुट) शामिल हैं, के पास कुल मिलाकर लगभग 49 विधायकों का समर्थन है। इस संख्या के आधार पर MVA केवल एक सीट ही सुरक्षित कर सकती है। राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से महायुति गठबंधन 6 सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन को सीमित सफलता मिलने की संभावना है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव 2026 में सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और अंतिम रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

  • लश्कर कमांडर सैफुल्लाह कसूरी ने भारत के खिलाफ फिर उगला जहर… 26/11 जैसे हमले की दी धमकी

    लश्कर कमांडर सैफुल्लाह कसूरी ने भारत के खिलाफ फिर उगला जहर… 26/11 जैसे हमले की दी धमकी


    नई दिल्ली।
    बीते साल मई महीने में भारत (India) ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) चलाकर जिस तरह आतंकियों को करारा सबक सिखाया था, उससे आतंकी सरगना अब तक बौखलाए हुए हैं। हाल ही में इसके सबूत देखने को मिले हैं। पहलगाम हमले (Pahalgam Attack) के कथित मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के नंबर दो के कमांडर सैफुल्लाह कसूरी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है। इस दौरान उसने भारत में 26/11 जैसे हमले की धमकी भी दी है।

    बता दें कि पिछले साल 22 अप्रैल को आतंकियों ने पहलगाम में स्थित खूबसूरत बैसरन की घाटी में 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। आतंकियों ने इस दौरान लोगों को धर्म पूछकर उनपर गोलियां बरसाईं थीं। इस हमले का मास्टरमाइंड कसूरी को ही माना जाता है। कसूरी अक्सर अपनी भारत विरोधी बयानबाजियों के लिए जाना जाता है।

    एक रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल ही में सैफुल्लाह कसूरी ने 2008 के मुंबई हमले की याद दिलाते हुए एक चेतावनी दी है। इसमें उसने समुद्री रास्ते से भारत में फिर से 26/11 जैसा हमला करने की धमकी दी है। वीडियो में, कसूरी कहता है कि पाकिस्तान ने 2025 में हवा पर कब्जा कर लिया था और अब 2026 में वे समुद्र पर कब्जा कर लेंगे। कथित तौर पर कसूरी ने कहा कि जमीन, हवा या समुद्र, दुश्मन के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।

    वीडियो में कसूरी मुरीद के और बहावलपुर पर भारत के किए हमलों से बहुत बौखलाया लग रहा है। कसूरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए भारत पर वॉटर टेररिज्म का आरोप लगाया, और धमकी दी कि कश्मीर पर दबाव का जवाब बलूचिस्तान समेत दूसरी जगहों पर अशांति से दिया जाएगा।

  • कुंभ राशि में गोचर हुए मंगल, इन राशियों को मिलेगा फायदा, कुछ को रहना होगा सावधान

    कुंभ राशि में गोचर हुए मंगल, इन राशियों को मिलेगा फायदा, कुछ को रहना होगा सावधान


    नई दिल्ली। 23 फरवरी 2026 को ग्रहों के सेनापति मंगल ने कुंभ राशि में प्रवेश किया। यह गोचर 2 अप्रैल तक जारी रहेगा। कुंभ राशि में पहले से ही राहु, सूर्य, बुध और शुक्र बैठे हैं और शनि का प्रभाव भी चल रहा है, इसलिए इस गोचर को ज्योतिषविदों ने काफी महत्वपूर्ण बताया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, कुंभ राशि में मंगल के प्रवेश से कुछ राशियों को लाभ मिलेगा, जबकि कुछ राशियों को संभलकर आगे बढ़ना होगा।

    राशियों के अनुसार प्रभाव

    मेष राशि
    मेष राशि के लिए यह गोचर बहुत लाभकारी है। मंगल आपके 11वें घर (लाभ का घर) में प्रवेश कर रहे हैं। करियर और पेशेवर मोर्चे पर खुशखबरी मिलने की संभावना है। प्रमोशन रुका है तो जल्दी अच्छा समाचार मिलेगा।

    वृषभ राशि
    वृषभ के लिए कार्यक्षेत्र में सफलता पाने का समय है, लेकिन इसके लिए मेहनत बढ़ानी होगी। कुंभ राशि में मौजूद अन्य ग्रहों के कारण सतर्क रहना जरूरी है।

    मिथुन राशि

    मिथुन राशि वालों को इस समय नकारात्मक सोच और कान की सुनाई बातों पर तुरंत भरोसा करने से बचना चाहिए। नुकसान का जोखिम है।

    कर्क राशि
    कर्क राशि वालों को कार्यस्थल पर विवाद से बचना चाहिए। बहस और मतभेद टालें। सीनियर्स से संबंधों में संतुलन बनाए रखना लाभकारी रहेगा।

    सिंह राशि

    सिंह राशि के लिए गोचर बेहद शुभ है। शनि की ढैय्या के बीच भी पेशेवर सफलता और व्यापार में लाभ मिल सकता है। मेहनत का फल शानदार रहेगा।

    कन्या राशि

    कन्या राशि वालों को बड़े निवेश या जोखिम लेने से फिलहाल दूरी रखनी चाहिए। छात्रों के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

    तुला राशि

    तुला राशि के लिए यह गोचर शुभ है। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति के अवसर मिल सकते हैं। धन आवक अच्छी रहेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है।

    वृश्चिक राशि

    वृश्चिक राशि के जातकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए। संयम और सोच-समझकर निर्णय लेने से फायदा होगा।

    धनु राशि

    धनु राशि वालों के लिए यह समय साहस और प्रयास बढ़ाने वाला है। करियर और व्यापार में अवसर मिल सकते हैं। परिवार और संगति पर ध्यान देना लाभदायक रहेगा।

    मकर राशि

    मकर राशि के लिए गोचर सुधार के संकेत दे रहा है। कार्य समय पर पूरा करें, वाणी और रिश्तों पर नियंत्रण रखें। नौकरी की तलाश में प्रयास जारी रखें।

    कुंभ राशि

    कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर चुनौतीपूर्ण है। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं, लेकिन सकारात्मक सोच से सफलता मिल सकती है। खर्च और अनजान लोगों पर भरोसा सीमित रखें।

    मीन राशि

    मीन राशि वालों के लिए खर्च बढ़ने वाला समय है। बजट संतुलित रखें, कार्यस्थल विवाद टालें और स्वास्थ्य पर ध्यान दें। रिश्तों में धैर्य और समझदारी जरूरी है।

  • केरलम की मंजूरी के बाद ममता ने फिर उठाई नाम बदलने की मांग

    केरलम की मंजूरी के बाद ममता ने फिर उठाई नाम बदलने की मांग


    कोलकाता। केरल का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ किए जाने के फैसले के बाद अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के नाम‑परिवर्तन की मांग को पूरा नहीं करने को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘बांग्ला’ करने के प्रस्ताव को केंद्र ने वर्षों से लंबित रखा है, जबकि केरल को तुरंत मंजूरी दे दी गई. ममता ने एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य का नाम ‘West Bengal’ होने की वजह से पूरे देश में अल्फाबेटिकल ऑर्डर में बंगाल को हमेशा अंत में रखा जाता है. चाहे वह परीक्षाओं के इंटरव्यू हों, राष्ट्रीय बैठकें हों या औपचारिक कार्यक्रम. उन्होंने कहा कि “हमारे छात्र जब परीक्षा या इंटरव्यू में जाते हैं तो उन्हें आख़िर में बुलाया जाता है. मुझे भी राष्ट्रीय बैठकों में सबसे अंत में बोलने का अवसर मिलता है, क्योंकि हमारे राज्य का नाम ‘W’ से शुरू होता है.”
    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बंगाल के प्रति “अनदेखी” का रवैया अपनाती है। उन्होंने दावा किया कि राज्य विधानसभा 2018 से अब तक तीन बार नाम बदलने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है, लेकिन केंद्र ने उसे आगे नहीं बढ़ाया.
    बंगाल की मांग को अटकाया जा रहा है: ममता बनर्जी

    ममता ने केरल को बधाई देते हुए कहा कि केरलम का प्रस्ताव आसानी से पास होना “राजनीतिक समीकरणों” का नतीजा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और सीपीआई(एम) की “बढ़ती समझ” ने इस प्रक्रिया को आसान बनाया, जबकि बंगाल की मांग लगातार अटकी हुई है.

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बंगाल के लिए ‘बांग्ला’ नाम उनकी सांस्कृतिक पहचान, भाषा और इतिहास को बेहतर तरीके से दर्शाता है.

    उन्होंने कहा कि ‘West’ शब्द विभाजन के दौर की ऐतिहासिक परिस्थितियों का बोझ ढोता है, जबकि आज ‘East Bengal’ अस्तित्व में ही नहीं है. कई विशेषज्ञों ने भी इस तर्क का समर्थन किया है कि ‘बांग्ला’ राज्य की आधुनिक और सांस्कृतिक पहचान के अधिक नज़दीक है.
    केंद्र पर ममता ने बोला हमला

    ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से यह मुद्दा उठाया, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई. उन्होंने केंद्र पर “एंटी‑बंगाली” रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया और कहा कि जब राजनीतिक परिस्थितियाँ बदलेंगी, तो राज्य का नाम बदलने का रास्ता भी साफ होगा.

  • March Bank Holiday: मार्च महीने में बैंक छुट्टियों की भरमार, ब्रांच जाने से पहले देख लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट


    नई दिल्ली । मार्च बैंक छुट्टियां 2026 भारत होली रमजान राम नवमी राज्यवार बैंक छुट्टियों की सूची विवरण जानें मार्च बैंक अवकाश मार्च महीने में बैंक छुट्टियों की भरमार, ब्रांच जाने से पहले देख लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
    मार्च में कई दिन बंद रहेंगे बैंक
    मार्च बैंक छुट्टियां 2026 मार्च का महीना शुरू होने वाला है और इसके साथ ही बैंक छुट्टियों का नया कैलेंडर भी लागू हो जाएगा. मार्च में होली समेत अन्य त्योहार भी आने वाले है. ऐसे में अगर आप बैंक से जुड़े किसी जरूरी काम करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले यह जान लेना बेहतर रहेगा कि मार्च में किन-किन दिनों में बैंक बंद रहेंगे. अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों व साप्ताहिक अवकाश के चलते कई दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं. इसलिए प्लान बनाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट पर नजर डालना जरूरी है. आइए जानते हैं, मार्च की बैंक छुट्टियों के बारे में….

    होली को लेकर बैंक हॉलिडे

    2 मार्च को होलिका दहन के अवसर पर कानपुर और लखनऊ में बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 3 मार्च डोल जतरा, धुलंडी और होलिका दहन जैसे त्योहारों के कारण बेलापुर, भोपाल, देहरादून, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, पणजी, पटना, रांची और विजयवाड़ा में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी. वहीं 4 मार्च को भी होली के चलते अगरतला, अहमदाबाद, ऐजवाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, इंफाल, ईटानगर, जम्मू, नई दिल्ली, रायपुर, शिलॉन्ग और शिमला में बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा 13 मार्च को चापचर कूट पर्व के कारण आइजोल में बैंक हॉलिडे रहेगा.

    17 मार्च को शब-ए-कद्र के अवसर पर जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 19 मार्च को गुड़ी पड़वा, तेलुगु नववर्ष दिवस और पहले नवरात्र के कारण बेलापुर, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, इंफाल, मुंबई, नागपुर, पणजी और विजयवाड़ा समेत कई शहरों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी.
    वहीं 20 मार्च को रमजान और जुमत-उल-विदा के चलते जम्मू, श्रीनगर, कोची, त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा में बैंक बंद रहने वाले हैं.

    21 मार्च को रमजान-ईद और सरहुल के कारण कोच्ची, विजयवाड़ा, त्रिवेंद्रम और शिमला को छोड़कर लगभग पूरे देश में बैंक अवकाश रहेगा. इसके अलावा 26 मार्च को राम नवमी के अवसर पर अहमदाबाद, चंडीगढ़, देहरादून, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ और रांची सहित कई शहरों में बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा भी 27 मार्च को राम नवमी और 31 मार्च को विभिन्न कारणों से कई शहरों में बैंक बंद रहने वाले हैं. अगर आप इन शहरों में रहते हैं तो, बैंक जाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट एक बार जरूर चेक कर लेनी चाहिए. ऐसा न हो कि आप बैंक ब्रांच पहुंचे और बैंक बंद हो. ऐसे में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं.

  • अजित पवार प्लेन क्रैश के बाद DGCA की बड़ी कार्रवाई, VSR के चार विमानों पर अनिश्चितकालीन रोक

    अजित पवार प्लेन क्रैश के बाद DGCA की बड़ी कार्रवाई, VSR के चार विमानों पर अनिश्चितकालीन रोक

    नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विशेष सुरक्षा ऑडिट के बाद VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के चार विमानों को तत्काल प्रभाव से ग्राउंड (उड़ान पर रोक) करने का आदेश दिया है। जांच में हवाई योग्यता, उड़ान संचालन और मेंटेनेंस प्रक्रियाओं में कई गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं।

    बारामती हादसे के बाद शुरू हुई सख्त जांच
    यह कार्रवाई बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे के बाद की गई। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।
    हादसा दूसरी लैंडिंग की कोशिश के दौरान खराब दृश्यता में हुआ बताया गया था। यह कंपनी से जुड़ा पिछले कुछ वर्षों का तीसरा बड़ा हादसा माना जा रहा है, जिससे विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे।

    चार विमानों पर अनिश्चितकालीन रोक
    DGCA ने जिन विमानों को ग्राउंड किया है, वे कंपनी के नॉन-शेड्यूल ऑपरेशन (चार्टर) बेड़े का हिस्सा थे। नियामक ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी एयरवर्थनेस (Airworthiness) मानकों की पूरी तरह बहाली नहीं हो जाती, तब तक ये विमान उड़ान नहीं भर सकेंगे। कंपनी को कमी रिपोर्ट (Deficiency Report) जारी कर रूट-कॉज एनालिसिस जमा करने का निर्देश दिया गया है।

    ऑडिट में क्या-क्या मिला?
    4 से 16 फरवरी के बीच DGCA की टीम ने विस्तृत सुरक्षा ऑडिट किया।

    जांच में सामने आया कि—

    अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा था
    रखरखाव प्रणाली में गंभीर खामियां थीं
    सुरक्षा मानकों की निगरानी कमजोर थी
    संचालन और दस्तावेजी अनुपालन में अनियमितताएं पाई गईं
    इन निष्कर्षों के बाद नियामक ने सख्त कार्रवाई को जरूरी बताया, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।

    विमान दुर्घटना जांच अलग से जारी
    हादसे की तकनीकी जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है, जबकि DGCA ने नियामकीय और संचालन संबंधी जिम्मेदारियों की पड़ताल की।

    अब नॉन-शेड्यूल उड़ानों पर कड़े नियम
    हालिया घटनाओं को देखते हुए DGCA ने गैर-निर्धारित (NSOP) उड़ानों के लिए नए सुरक्षा नियम भी लागू करने की घोषणा की है।

    अब ऑपरेटरों को—
    विमानों का रखरखाव इतिहास सार्वजनिक करना होगा
    विमान की उम्र और स्वामित्व परिवर्तन की जानकारी देनी होगी
    सुरक्षा रैंकिंग जारी करनी होगी
    वरिष्ठ प्रबंधन की जवाबदेही तय होगी

    DGCA ने स्पष्ट कहा है कि सुरक्षा चूक का दोष केवल पायलट पर नहीं डाला जा सकता; कंपनी का नेतृत्व भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर पायलट का लाइसेंस पांच वर्ष तक निलंबित किया जा सकता है।

    संदेश साफ: बारामती हादसे के बाद भारत का एविएशन रेगुलेटर चार्टर और नॉन-शेड्यूल उड़ानों की निगरानी को लेकर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति की ओर बढ़ रहा है।