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  • मप्र कैबिनेट ने 10500 करोड़ की पांच किसान हितैषी योजनाएं 5 साल तक निरंतर रखने को दी मंजूरी

    मप्र कैबिनेट ने 10500 करोड़ की पांच किसान हितैषी योजनाएं 5 साल तक निरंतर रखने को दी मंजूरी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने कक्ष में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में 10500 करोड़ रुपये की लागत के पांच किसान हितैषी योजनाओं को अगले पांच साल तक निरंतर रखने की मंजूरी दी गई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में दी। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि आज ही मध्य प्रदेश सरकार की मंत्रि-परिषद् की बैठक सम्पन्न हुई। किसान कल्याण वर्ष का किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए मंत्रि-परिषद् ने आज ही किसानों एवं कृषि से सम्बद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 10500 करोड़ रुपये की लागत के पांच किसान हितैषी योजनाएं 31 मार्च 2031 तक जारी रहेंगी और इसका सर्वाधिक लाभ मध्य प्रदेश के किसानों को मिलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सदन में कहा कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। आज की पूरी कैबिनेट हमने प्रदेश के किसानों को ही समर्पित की है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार ने दलहन फसल उड़द एवं तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उड़द को हम तय समर्थन मूल्य पर खरीदेंगे और किसानों को तय समर्थन मूल्य के अतिरिक्त खरीदी गई उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि भी देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में सरसों का उत्पादन इस वर्ष 28 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इस वर्ष 3.38 मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन होने की संभावना है। हम सरसों की फसल को भावांतर योजना के दायरे में लेकर आ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सदन को मंत्रि-परिषद् की बैठक में आज लिए गए सभी निर्णयों की सिलसिलेवार जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन पांच किसान हितैषी योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने का निर्णय मंत्रि-परिषद् ने लिया है, उनमें निम्न योजनाएं शामिल हैं-


    प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 2008.683 करोड़ रुपये की इस योजना की मंजूरी से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति राज्य सरकार के माध्यम से की जा सकेगी।

    प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप)

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 2393.97 करोड़ रुपये की इस योजना की मंजूरी से किसानों को अपने खेतों में स्प्रिंकलर/ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगाने के लिए शासकीय अनुदान 31 मार्च 2031 तक निरंतर मिलता रहेगा। इस योजना से किसान के खेतों में माइक्रो इरीगेशन सुविधाओं में अगले 5 सालों तक लगातार विस्तार होता रहेगा।

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 3285.49 करोड़ रुपये की इस योजना को मंजूरी मिलने से ऐसे किसान, जो धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज, नगदी फसलों का पैदावार करते हैं, उन्हें क्षेत्र विस्तार, अपना उत्पादन बढ़ाने एवं मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग राज्य सरकार के जरिए निरंतर मिलता रहेगा।

    नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 1011.59 करोड़ रुपये की इस योजना की स्वीकृति से प्रदेश में प्राकृतिक खेती के क्षेत्रफल में विस्तार 31 मार्च 2031 तक निरंतर होता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती का विकास जरूरी है। यह न केवल मध्य प्रदेश की नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगी, वरन् मिट्टी की उर्वरता में सुधार, उत्पादन बढ़ाने, पर्यावरण सुरक्षा एवं रसायन मुक्त खाद्य उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी।

    राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल सीड योजना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 1793.87 करोड़ रुपये की इस योजना को मंजूरी मिलने से प्रदेश के ऐसे सभी किसानों को, जो तिलहन फसलों का उत्पादन करते हैं, उन्हें निरंतर लाभ प्राप्त होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि करीब 10500 करोड़ रुपए की बड़ी लागत वाली इन पांच किसान मित्र योजनाओं को अगले 5 सालों तक निरंतर रखने से किसानों के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आमूल-चूल सुधार होगा। साथ ही रसायन युक्त उत्पादन से निजात पाने में भी ये 5 योजनाएं बेहद सहायक सिद्ध होंगी।

  • राहुल गांधी और खरगे के झूठे दावों के झांसे में नहीं आएंगे देश के किसानः मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राहुल गांधी और खरगे के झूठे दावों के झांसे में नहीं आएंगे देश के किसानः मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कांग्रेस द्वारा आयोजित किसान महाचौपाल में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि देश के किसान राहुल और खड़गे के झूठे दावों के झांसे मे नहीं आएंगे।

    भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को कांग्रेस ने ‘किसान महाचौपाल’ का आयोजन किया, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने इस डील को किसानों के खिलाफ बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों, युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि यह डील भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगी।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2018 में कर्जमाफी का वादा कर सरकार बनाने वाली कांग्रेस किसानों का पूरा कर्ज माफ नहीं कर पाई और कई किसानों को डिफॉल्टर बना दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले किसानों से माफी मांगनी चाहिए। किसान चौपाल करने वाले राहुल गांधी से उन्होंने तंज भरे अंदाज में पूछा कि वे बताएं दलहन में कौन-कौन सी फसलें आती हैं।

    डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने कहा कि सिंचाई के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक विस्तार किया गया है और बीते वर्षों में लगभग 10 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र बढ़ाया गया है। मध्य प्रदेश आज खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य 46.63 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन के साथ देश में दूसरे स्थान पर है। दलहन उत्पादन में मध्य प्रदेश प्रथम और तिलहन उत्पादन में दूसरा स्थान रखता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए खेत से बाजार तक मजबूत वैल्यू चेन विकसित कर रही है। उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि किसान और प्रदेश की समृद्धि है।

  • भारत-इजराइल ने मुक्त व्यापार समझौता के लिए बातचीत का पहला दौर शुरू किया

    भारत-इजराइल ने मुक्त व्यापार समझौता के लिए बातचीत का पहला दौर शुरू किया


    नई दिल्ली।
    भारत-इजराइल के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) के लिए बातचीत का पहला दौर 23 फरवरी को नई दिल्ली में शुरू हो गया है, यह दौर 26 फरवरी तक चलेगा।

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्राल ने मंगलवार को जारी एक बयान में बताया कि इस दौर के दौरान दोनों तरफ के तकनीकी विशेषज्ञ एफटीए के अलग-अलग पहलुओं जैसे कि सामान का व्यापार, सर्विस का व्यापार, ओरिजिन के नियम, सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी उपाय, व्यापार में तकनीकी रुकावटें, कस्टम प्रक्रिया और व्यापार सुविधा, बौद्धिक संपदा अधिकार वगैरह को कवर करने वाले सत्र में शामिल होंगे।

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी बयान में लिखा है, इजराइल के एक प्रतिनिधिमंडल से आज मिला, जो इंडिया-इजराइल मुक्त व्यापार समझौता वार्ता (23-26 फरवरी, 2026) के पहले दौर के लिए भारत आया है। गोयल ने आगे कहा कि एफटीए पर बातचीत भारत-इजराइल द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है, जिसका मकसद दोनों तरफ के बिजनेस और लोगों के लिए ज्यादा मौके बनाना है।

    मंत्रालय के मुताबिक भारत-इजरायल के बीच संदर्भ की शर्तें (टीओआर) पर नवंबर, 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए पहचाने गए एरिया पर वार्ता के लिए एक संरचित ढांचा बनाया गया था।

    वित्त वर्ष 2024-2025 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापारिक व्यापार 3.62 बिलियन यूएस डॉलर। भारत और इजराइल कई सेक्टर में एक-दूसरे को पूरा करते हैं, और एफटीए एमएसएमई समेत बिजनेस को निश्चितता और अनुमान लगाकर दोनों देशों के व्यापार को और बढ़ाने में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा।

  • डाक विभाग को सबसे बड़ी लाजिस्टिक शक्ति के रूप में करेंगे स्थापित: केन्द्रीय मंत्री सिंधिया

    डाक विभाग को सबसे बड़ी लाजिस्टिक शक्ति के रूप में करेंगे स्थापित: केन्द्रीय मंत्री सिंधिया


    भोपाल।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डाक विभाग देश के विकास में अपनी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है। डाक विभाग को तकनीकी रूप से सुदृढ बनाने के लिए कई कदम उठाए गए है। हमारा संकल्प है कि देश के डाक विभाग को विश्व की सबसे बड़ी लाजिस्टिक शक्ति के रूप में स्थापित करेंगे।

    केंद्रीय संचार एवं उत्तरपूर्व क्षेत्र विकास मंत्री सिंधिया मंगलवार शाम को मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी किनारे स्थित कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित ग्रामीण डाक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण डाक सेवक मेरे परिवार के सदस्य हैं।

    सिंधिया ने कहा कि देशभर में ग्रामीण डाक सेवक एक सैनिक की भांती कार्य कर रहे हैं। रेगिस्तान हो या पहाड़ों की चोटियां या मैदानी क्षेत्र हर एक स्थान पर ग्रामीण डाक सेवक निर्भीक रूप से पहुंचकर आमजन की सेवा कर रहे हैं। दुर्गम स्थलों जहां कोई अन्य व्यक्ति जाने की हिम्मत नहीं करता है, वहां भी हमारा डाक सेवक अपनी सेवाएं दे रहा है। सर्दी, गर्मी, बरसात की परवाह किए बगैर डाक सेवक अपने कर्तव्य का निर्वाह कर रहा है। ग्रामीण डाक सेवक का मान-सम्मान शासन का संकल्प है।

    उन्होंने डाक सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में 30 करोड़ पोस्ट ऑफिस बचत खातों को खुलवाने तथा उनमें लगभग 22 लाख करोड़ की रुपये की राशि जमा कराने में ग्रामीण डाक सेवक की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज पूरे देश में 3 करोड़ 80 लाख सुकन्या समृद्धि खाते हैं, जो हमारे ग्रामीण डाक सेवकों ने खुलवाएं हैं। देश में 2 करोड़ पासपोर्ट बनवाने में तथा 15 करोड़ से अधिक आधार कार्ड वितरण में भी हमारे डाक सेवकों ने महत्वूर्ण भूमिका निभाई है।

    सिंधिया ने कहा कि अब केंद्रीय विद्यालयों में ग्रामीण डाक सेवकों के बच्चों को भी प्रवेश मिलेगा। डाकघरों को मुनाफे का केंद्र बनाया जाएगा। पार्सल वितरण क्षेत्र में अब महत्वपूर्ण भूमिका डाक घरों द्वारा निभाई जाएगी। डाक विभाग में डिजिटल सिस्टम, ट्रैकिंग सिस्टम अपनाए जाएंगे। सामग्री वितरण शत-प्रतिशत रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। दुर्गम क्षेत्रों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की भी सेवाएं ली जाएगी। विभाग अब ड्रोन का भी उपयोग करेगा।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि विभाग द्वारा तकनीकी दक्षता में वृद्धि, उपभोक्ता का विश्वास, अच्छा व्यवहार तथा ऑन टाइम डिलीवरी पर ध्येय केंद्रीत किया गया है। समय सीमा पर फोकस किया जा रहा है। 24 घंटे, 48 घंटे जैसी समय-सीमा में पार्सल अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचाने पर कार्य विभाग करेंगा।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय डाक व्यवस्था में आये निर्णायक परिवर्तन: मुख्यमंत्री

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकों के हित में भारतीय डाक व्यवस्था ने अपनी सार्थक भूमिका सिद्ध की है। ब्रिटिश काल से प्रारंभ व्यवस्थाओं को नया स्वरूप मिलता गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डाक व्यवस्था में निर्णायक परिवर्तन आये हैं और डाक विभाग की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाने की ठोस पहल हुई है।

    ग्रामीण डाक सेवक देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की है नींव
    उन्होंने कहा कि एक समय सिर्फ चिट्ठियां पहुंचाने वाला विभाग अब बाबा महाकाल के प्रसाद के वितरण के लिए नई पोस्टल सेवा लागू करने तक अपनी यात्रा तय कर चुका है। डाक घरों के माध्यम से नागरिकों को बीमा योजनाओं, बचत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। खाते प्रारंभ करने से लेकर तीव्र गति से स्पीड पोस्ट और अन्य माध्यमों से ग्राहकों को लाभान्वित किया जा रहा है। ग्रामीण डाक सेवक भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डाक सेवकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि अपने अथक परिश्रम से गांव-गांव तक डाक तथा अन्य जनउपयोगी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने वाले ग्रामीण डाक सेवकों की देश के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक हमारे सैनिक तथा हमारी ताकत है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डाक विभाग सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। हमारे देश में प्राचीन काल से ही डाक पहुंचाने की परंपरा रही है। हमारे देश में डाक सेवकों का हृदय से सम्मान रहा है। बदलते दौर में देश के पोस्ट ऑफिस तीव्र गति से कार्य कर रहे हैं। डाक विभाग को तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जा रहा है। विभाग को शत प्रतिशत कम्प्युटरीकृत तथा डिजिटलाईज किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन के हित में दिन रात अपनी भूमिका को सराहनीय रूप से निभाने के लिए हमारा डाक विभाग बधाई का पात्र है। सूचनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण जीवन उपयोगी कार्यों में भी डाक विभाग की महती भूमिका है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में डाक विभाग नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मध्य प्रदेश में 16 हजार 800 से ज्यादा ऊर्जावान ग्रामीण डाक सेवक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का काम कर रहे हैं।

    ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में डाक नायकों का हुआ सम्मान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में उज्जैन में आयोजित ग्रामीण डाक सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की। सम्मेलन में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य पद्रेश के उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्रामीण डाक नायकों को सम्मानित किया।

    उज्जैन के दर्शनीय स्थलों के पिक्टोरियल पोस्टकार्ड का किया विमोचन

    कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय डाक विभाग से उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर तथा श्री ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर की प्रसादी आमजन तक पहुंचाने के लिए पोस्टल सेवा का शुभारंभ किया गया। इसके अतिरिक्त उज्जैन के प्रसिद्ध स्थानों के संकलन पर आधारित पिक्टोरियल पोस्ट कार्ड का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया।

    कार्यक्रम में केंद्रीय महिला बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद उमेश नाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेन्द्र भारती सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण डाक सेवक उपस्थित थे।

  • कार, बस या फ्लाइट में मोशन सिकनेस? इन आसान टिप्स से राहत पाएं

    कार, बस या फ्लाइट में मोशन सिकनेस? इन आसान टिप्स से राहत पाएं


    नई दिल्ली। सफर का मज़ा तब ही बढ़ता है जब रास्ता आरामदायक और परेशानी-मुक्त हो। लेकिन कई लोगों के लिए बस, कार या फ्लाइट में सफर करना मोशन सिकनेस के कारण मुश्किल भरा हो जाता है। चक्कर, उलझन, मतली और कभी-कभी उल्टी की समस्या ऐसे यात्रियों के लिए ट्रिप का मज़ा ही खराब कर देती है। खासकर बच्चों और महिलाओं में मोशन सिकनेस अधिक देखने को मिलती है।

    मोशन सिकनेस तब होती है जब आंखों, कानों और शरीर से मिलने वाले संकेत दिमाग तक अलग-अलग तरीके से पहुंचते हैं। यानी शरीर को स्थिर महसूस होता है, लेकिन आंखें चलती हुई चीजें देखती हैं। यही असंतुलन दिमाग को भ्रमित करता है और मतली, चक्कर या उल्टी जैसी समस्याएं पैदा करता है।

    मोशन सिकनेस क्यों होती है?
    हमारे कान के अंदर मौजूद बैलेंस सिस्टम, जिसे वेस्टिब्युलर सिस्टम कहते हैं, शरीर की गति को महसूस करता है। जब यह सिस्टम और आंखों से मिलने वाली जानकारी मेल नहीं खाती, तो दिमाग कन्फ्यूज हो जाता है। इसका असर मतली, उल्टी, पसीना और सिरदर्द के रूप में दिखता है। लंबी यात्रा, घुमावदार सड़कें और बंद वाहन इस समस्या को और बढ़ा सकते हैं।

    मोशन सिकनेस से बचने के आसान उपाय
    1. सही सीट का चुनाव करें

    कार में आगे की सीट, बस में खिड़की के पास और फ्लाइट में विंग के पास वाली सीट अपेक्षाकृत स्थिर मानी जाती है। यहां बैठने से झटके कम महसूस होते हैं और चक्कर आने की संभावना घटती है।

    2. हल्का और संतुलित भोजन करें
    सफर से पहले तला-भुना या भारी भोजन करने से बचें। हल्का और सुपाच्य भोजन करें और बहुत ज्यादा खाली पेट भी न रहें। अदरक की चाय, नींबू पानी या हल्का स्नैक मोशन सिकनेस को कम करने में मदद कर सकते हैं।

    3. नजरें स्थिर रखें

    चलती गाड़ी में मोबाइल या किताब पढ़ना मोशन सिकनेस को बढ़ा सकता है। कोशिश करें कि दूर किसी स्थिर बिंदु को देखें या आंखें बंद करके आराम करें।

    4. ताजी हवा और हाइड्रेशन
    वाहन में ताजी हवा का इंतजाम रखें। खिड़की खोलें या एयर वेंट को अपनी ओर रखें। साथ ही पानी की छोटी-छोटी घूंट लेते रहें। यह शरीर को डिहाइड्रेट होने से बचाएगा और उलझन कम करेगा।

    5. दवाइयों का सहारा
    अगर समस्या गंभीर है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर एंटी-नॉशिया या एंटीहिस्टामिन दवाएं ली जा सकती हैं। इन्हें सफर शुरू होने से पहले लेना ज्यादा असरदार होता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दवा लेने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है।

    मोशन सिकनेस को पूरी तरह रोकना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन सही तैयारी और सावधानी अपनाकर इसके असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। छोटे-छोटे बदलाव, जैसे सही सीट पर बैठना, हल्का भोजन करना, नजरें स्थिर रखना और पर्याप्त हाइड्रेशन, सफर को आरामदायक और मज़ेदार बना सकते हैं।

  • घर पर बनाएं नींबू का चटपटा-चटकारेदार अचार: आसान और फटाफट रेसिपी

    घर पर बनाएं नींबू का चटपटा-चटकारेदार अचार: आसान और फटाफट रेसिपी


    नई दिल्ली । नींबू का अचार सिर्फ खाने का स्वाद ही बढ़ाता है बल्कि यह पाचन के लिए भी बेहद लाभकारी होता है। भारतीय खाने में अचार की खास जगह है चाहे पराठे हों या चावल दी दा अचार खाने का मज़ा दुगना कर देता है। गर्मियों में नींबू का अचार बनाना एक परंपरा जैसी हो गई है। खट्टा मीठा और मसालेदार यह अचार खाने में चटपटा और पाचन के लिए हितकारी होता है। अगर आप भी घर पर नींबू का अचार बनाना चाहते हैं तो यहां आसान रेसिपी नोट कर लें।

    सामग्री

    नींबू 500 ग्राम पतले छिलके वाले और रसीले ,नमक 50 ग्राम लगभग 4 बड़े चम्मच ,काला नमक 1 बड़ा चम्मच,लाल मिर्च पाउडर 2 बड़े चम्मच तीखापन स्वाद अनुसार ,हल्दी पाउडर 1 छोटा चम्मच,अजवाइन 1 बड़ा चम्मच हथेलियों से रगड़कर ,भुना हुआ जीरा पाउडर 1 बड़ा चम्मच,हींग आधा छोटा चम्मच

    बनाने की विधि
    नींबू की तैयारी: नींबू को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें। ध्यान रहे कि नींबू पर कोई नमी न रहे नहीं तो अचार जल्दी खराब हो सकता है। काटना: प्रत्येक नींबू को 4 या 8 टुकड़ों में काट लें। आप चाहें तो नींबू का रस अंदर ही रहने दें या थोड़ा रस अलग से निचोड़कर ऊपर डाल सकते हैं। मसाले मिलाना: एक बड़े सूखे बर्तन में नींबू के टुकड़े डालें। अब इसमें नमक काला नमक हल्दी लाल मिर्च पाउडर अजवाइन जीरा पाउडर और हींग डालें।

    मिक्स करना: चम्मच या हाथों से नींबू और मसालों को अच्छे से मिलाएं ताकि हर टुकड़े पर मसाला लग जाए। अगर आप खट्टा मीठा स्वाद चाहते हैं तो इस समय थोड़ा गुड़ या चीनी भी मिला सकते हैं। धूप दिखाना: तैयार अचार को एक कांच के सूखे जार में भरें। इसे 4 5 दिनों तक धूप में रखें। दिन में एक बार जार को हल्का हिलाएं ताकि मसाले और रस अच्छी तरह मिल जाए। इस तरह आपका चटपटा और चटकारेदार नींबू का अचार तैयार हो जाएगा। इसे पराठे चावल या स्नैक्स के साथ परोसें और खाने का स्वाद दोगुना करें।

  • ट्रंप के दूत के एक बयान ने हिला दी अरब दुनिया: इजरायल का अधिकार पूरे रीजन पर, भड़का पाकिस्तान; ओआईसी ने जताई गहरी चिंता!

    ट्रंप के दूत के एक बयान ने हिला दी अरब दुनिया: इजरायल का अधिकार पूरे रीजन पर, भड़का पाकिस्तान; ओआईसी ने जताई गहरी चिंता!


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में शांति बहाली की कोशिशों के बीच इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी के एक हालिया बयान ने कूटनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। हकाबी ने एक साक्षात्कार के दौरान संकेत दिया कि यदि इजरायल पश्चिम एशिया के एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लेता है, तो उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी। इस टिप्पणी के बाद सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन और पाकिस्तान सहित दर्जनों मुस्लिम देशों ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे वैश्विक शांति के लिए खतरा बताया है।

    साक्षात्कार जिसने मचाया बवाल
    यह विवाद तब शुरू हुआ जब माइक हकाबी प्रसिद्ध रूढ़िवादी टिप्पणीकार टकर कार्लसन के साथ एक साक्षात्कार में शामिल हुए। बातचीत के दौरान जब कार्लसन ने ‘बाइबिल’ के संदर्भों का हवाला देते हुए पूछा कि क्या अब्राहम के वंशजों (इजरायल) को वह पूरी भूमि मिलनी चाहिए जो आज के लगभग पूरे पश्चिम एशिया को कवर करती है, तो हकाबी ने जवाब दिया, “अगर वे सब कुछ ले लें तो भी ठीक होगा।” हालांकि, उन्होंने बाद में संतुलित करते हुए यह भी कहा कि इजरायल फिलहाल अपने क्षेत्र का विस्तार नहीं कर रहा है, बल्कि केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

    सऊदी और पाकिस्तान की तीखी प्रतिक्रिया

    सऊदी अरब ने हकाबी के इस बयान को ‘कट्टरपंथी’ करार देते हुए पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। वहीं, मिस्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया। रविवार को इस विरोध की लहर में पाकिस्तान भी शामिल हो गया। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि ओमान, कुवैत, कतर, तुर्किये और इंडोनेशिया जैसे देशों के साथ मिलकर वे इस टिप्पणी की ‘कड़ी निंदा’ करते हैं।

    संयुक्त बयान में विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि हकाबी की यह सोच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस घोषित दृष्टिकोण के विपरीत है, जो गाजा संघर्ष को समाप्त करने और एक स्वतंत्र फलस्तीनी राष्ट्र के निर्माण (Two-State Solution) की वकालत करता है।

    दो-राष्ट्र समाधान के धुर विरोधी हैं हकाबी

    माइक हकाबी का रिकॉर्ड हमेशा से इजरायल के पक्ष में बेहद झुका हुआ रहा है। वे लंबे समय से फलस्तीनी राष्ट्र के विचार का विरोध करते रहे हैं। पिछले वर्ष उन्होंने यहाँ तक कह दिया था कि वे ब्रिटिश शासन के दौरान रहने वाले अरब वंशजों को ‘फलस्तीनी’ कहने में विश्वास नहीं रखते। उनकी यह वैचारिक पृष्ठभूमि अब अरब देशों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता की भूमिका पर सवाल खड़े कर रही है।

    इतिहास और वर्तमान का संघर्ष
    1967 के ‘छह दिवसीय युद्ध’ के बाद से ही वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गोलान हाइट्स पर इजरायल के कब्जे को लेकर विवाद बना हुआ है। हाल के वर्षों में इजरायल ने वेस्ट बैंक में बस्तियों का तेजी से विस्तार किया है, जिसे लेकर फलस्तीनी लोग और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार चिंता जताते रहे हैं। हकाबी का यह नया बयान उन जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका है।

  • रणवीर बनाम फरहान: 'डॉन 3' छोड़ने पर एक्सल एंटरटेनमेंट ने मांगा भारी हर्जाना, गिल्ड ने कहा- अपनाइए कानूनी रास्ता

    रणवीर बनाम फरहान: 'डॉन 3' छोड़ने पर एक्सल एंटरटेनमेंट ने मांगा भारी हर्जाना, गिल्ड ने कहा- अपनाइए कानूनी रास्ता


    नई दिल्ली।मुंबई: बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘डॉन 3’ अब अपने कास्टिंग या शूटिंग को लेकर नहीं, बल्कि एक कड़वे कानूनी विवाद को लेकर सुर्खियों में है। एक्सल एंटरटेनमेंट के कर्ता-धर्ता फरहान अख्तर और एक्टर रणवीर सिंह के बीच चल रही खींचतान अब उस मोड़ पर आ गई है, जहाँ सुलह की गुंजाइश कम और अदालती कार्यवाही के आसार ज्यादा नजर आ रहे हैं। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने इस मामले में हस्तक्षेप करने के बाद दोनों पक्षों को कानूनी रास्ता अपनाने का सुझाव दिया है।

    आमिर खान के घर हुई ‘महाबैठक’

    विवाद की गंभीरता को देखते हुए फिल्म जगत के दिग्गजों ने बीच-बचाव की कोशिश की। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आमिर खान के घर पर एक महत्वपूर्ण मीटिंग आयोजित हुई, जिसमें करण जौहर, साजिद नाडियाडवाला, एकता कपूर, जोया अख्तर और पुनीत गोयंका जैसे भारी-भरकम नाम शामिल थे। इस बैठक का उद्देश्य विवाद का कोई सर्वसम्मत समाधान निकालना था, लेकिन घंटों चली चर्चा के बाद भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका।

    40 करोड़ का मुआवजा और दावों की टक्कर

    विवाद की मुख्य जड़ रणवीर सिंह का फिल्म से अचानक बाहर होना है। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी एक्सल एंटरटेनमेंट का दावा है कि रणवीर के फिल्म छोड़ने से प्रोडक्शन हाउस को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। इसके एवज में उन्होंने 40 करोड़ रुपये के मुआवजे Compensation की मांग की है।

    दूसरी तरफ, रणवीर सिंह ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। उन्होंने मीटिंग के दौरान अपने ईमेल्स और व्हाट्सएप टेक्स्ट का हवाला देते हुए यह साबित करने की कोशिश की कि उनका फैसला परिस्थितियों के आधार पर था। चूंकि दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं, इसलिए प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि एक संगठन के रूप में उनकी भी सीमाएं हैं और अब बेहतर होगा कि दोनों पार्टियाँ अपनी कानूनी टीमों के जरिए इसे सुलझाएं।

    ऋतिक रोशन का नाम और नया मोड़
    विवाद में एक नया मोड़ तब आया जब रिपोर्टों में कहा गया कि रणवीर के बाहर होने के पीछे एक वजह यह भी थी कि मेकर्स ऋतिक रोशन को फिल्म में लेने का विचार कर रहे थे। हालांकि, ऋतिक रोशन ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे गलत बताया है। गौरतलब है कि अगस्त 2023 में एक धमाकेदार वीडियो के जरिए रणवीर सिंह को नए ‘डॉन’ के रूप में पेश किया गया था, जिससे शाहरुख खान के फैंस पहले ही नाराज चल रहे थे।

    रणवीर की ‘धुरंधर 2’ और यश की ‘टॉक्सिक’ में महाटक्कर
    विवादों के बीच रणवीर सिंह का फोकस अब अपनी अगली बड़ी रिलीज ‘धुरंधर 2’ पर है। यह फिल्म 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे सितारे भी नजर आएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इसी दिन बॉक्स ऑफिस पर कन्नड़ सुपरस्टार यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ भी रिलीज हो रही है, जिसमें कियारा आडवाणी और नयनतारा जैसे बड़े नाम हैं। अब देखना होगा कि कानूनी विवादों में फंसे रणवीर बॉक्स ऑफिस पर इस बड़ी टक्कर को कैसे संभालते हैं।

  • बुधवार 25 फरवरी: रोहिणी नक्षत्र और विष्कुम्भ योग में करें ये असरदार उपाय, दूर होगा तनाव और सुधरेगी सेहत

    बुधवार 25 फरवरी: रोहिणी नक्षत्र और विष्कुम्भ योग में करें ये असरदार उपाय, दूर होगा तनाव और सुधरेगी सेहत


    नई दिल्ली । बुधवार 25 फरवरी को रोहिणी नक्षत्र और विष्कुम्भ योग का संयोग रहेगा जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद कर सकता है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से न केवल आपके मानसिक तनाव में कमी आएगी बल्कि सेहत परिवार व्यवसाय और जीवनसाथी संबंधों में भी सुधार देखने को मिलेगा। यदि आपको भूलने की आदत है और आप चीज़ें रखकर भूल जाते हैं तो आज शाम को चंद्रदेव को प्रणाम करें और चांदी का चंद्रमा धारण करें।
    यह उपाय आपकी याददाश्त को तेज करने में सहायक होगा। स्वास्थ्य के लिए भी यह दिन विशेष है। एक सुंदर और स्वस्थ जीवन के लिए जामुन का पेड़ लगाना चाहिए और उसकी जड़ों में पानी डालना चाहिए। यदि आज पेड़ लगाना संभव न हो तो संकल्प लेकर भविष्य में इसे जरूर करें। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो तो शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल में दूध मिलाकर अर्पित करें। इससे माता का स्वास्थ्य जल्द ही सुधरेगा। वहीं यदि जीवनसाथी के मन में किसी बात को लेकर तनाव या शक की स्थिति बनी रहती है तो उनके हाथों से मोती का दान कराना लाभकारी होगा।

    काम के बोझ और मानसिक तनाव से राहत पाने के लिए आज 2 मुखी रुद्राक्ष गले में धारण करें। इससे आप मानसिक रूप से स्वस्थ और तनावमुक्त रहेंगे। घर में किसी मांगलिक कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करनी हो तो शिव मंदिर जाकर अपने हाथ के बराबर लंबा सफेद सूत का धागा भेंट करें। इससे कार्यक्रम सफल होंगे और घर में सुख-शांति बनी रहेगी। यदि कार्यों की सफलता को लेकर घबराहट रहती है तो माता से आशीर्वाद स्वरूप मुट्ठी भर चावल प्राप्त कर उसे पोटली में संभालकर रखें। इससे कार्य से जुड़ी चिंता दूर होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए चंद्रमा की रोशनी में ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम: मंत्र का 108 बार जप करना लाभकारी रहेगा।

    घर में बहस और तनाव का माहौल दूर करने के लिए सफेद कपड़ा मंदिर में दान करें। यह उपाय परिवार में सुख-शांति बनाए रखने में मदद करेगा। व्यवसायिक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए शाम के समय चंद्रदेव को अर्घ्य दें और सौं सोमाय नमः मंत्र का जप करें। इससे व्यवसाय में आपकी स्थिति मजबूत होगी। घर की सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए मंदिर में दूध का दान करें और घर के बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त करें। इन उपायों को करने से न केवल आपका जीवन तनावमुक्त होगा बल्कि परिवारिक स्वास्थ्य और व्यवसायिक जीवन में भी सुधार आएगा। बुधवार 25 फरवरी का यह दिन इन उपायों के माध्यम से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए उत्तम अवसर है।

  • BAFTA 2026: मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने रचा इतिहास, पीएम मोदी बोले- यह गौरव का क्षण, पूरे देश की रचनात्मक प्रतिभा की जीत

    BAFTA 2026: मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने रचा इतिहास, पीएम मोदी बोले- यह गौरव का क्षण, पूरे देश की रचनात्मक प्रतिभा की जीत


    नई दिल्ली/लंदन: भारतीय सिनेमा के लिए साल 2026 एक ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ शुरू हुआ है। लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स BAFTA 2026 में मणिपुरी फिल्म बूंगने ‘बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म’ कैटेगरी में जीत हासिल कर दुनिया भर में भारत का परचम लहरा दिया है। यह गौरव इसलिए भी बड़ा है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी भारतीय फिल्म ने इस विशेष श्रेणी में बाफ्टा अवॉर्ड अपने नाम किया है।

    इस ऐतिहासिक क्षण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ Twitter पर फिल्म की टीम की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई। यह वाकई बेहद खुशी का पल है, खासकर मणिपुर के लिए। यह हमारे देश की रचनात्मक प्रतिभा को भी प्रदर्शित करता है।” प्रधानमंत्री के इस संदेश ने न केवल फिल्म की टीम का उत्साह बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा संबल भी दिया है।

    स्टेज से शांति का संदेश: भावुक हुईं डायरेक्टर
    फिल्म की निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी के लिए यह उनकी पहली फीचर फिल्म Debut है, और पहली ही कोशिश में उन्होंने वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ दी। अवॉर्ड लेते समय लक्ष्मीप्रिया ने अपनी स्पीच में मणिपुर की वर्तमान परिस्थितियों का जिक्र कर सबको भावुक कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं प्रार्थना करती हूँ कि मणिपुर में जल्द ही शांति लौटे।” उन्होंने उन बच्चों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की जो राज्य की स्थितियों के कारण आंतरिक रूप से प्रभावित हुए हैं, जिनमें फिल्म के नन्हे कलाकार भी शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अवॉर्ड उन बच्चों की मासूमियत और सपनों को वापस लाने में एक उम्मीद की किरण बनेगा।

    फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी का प्रोडक्शन

    फिल्म ‘बूंग’ का निर्माण बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म मेकर्स फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी, विकेश भूटानी, एलन मैकएलेक्स और शुजात सौदागर ने मिलकर किया है। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 2024 में ‘टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ TIFF के डिस्कवरी सेक्शन में हुआ था, जहाँ इसे खूब सराहना मिली थी।

    क्या है ‘बूंग’ की भावुक कहानी?
    ‘बूंग’ की कहानी मणिपुर की वादियों और वहाँ के सामाजिक परिवेश पर आधारित है। यह एक छोटे लड़के ‘बूंग’ की भावनात्मक यात्रा है, जिसका किरदार बाल कलाकार गुगुन किपगेन ने बखूबी निभाया है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे बूंग अपनी सिंगल मदर मंदाकिनी के साथ रहते हुए, अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ मिलकर अपने लापता पिता को खोजने के सफर पर निकल पड़ता है। यह फिल्म केवल एक खोज नहीं, बल्कि परिवार, उम्मीद और मासूमियत की एक ऐसी दास्तां है जो सीधे दिल को छू लेती है।मणिपुर से निकली इस कहानी ने आज साबित कर दिया है कि कला की कोई सीमा नहीं होती और सच्ची कहानियाँ पूरी दुनिया को प्रभावित करने की ताकत रखती हैं।