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  • विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज 6 देशों की यात्रा पर होंगे रवाना….देखें पूरा शेड्यूल

    विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज 6 देशों की यात्रा पर होंगे रवाना….देखें पूरा शेड्यूल


    नई दिल्ली।
    विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) रविवार से छह देशों के दौरे (Six-Nation Tour) पर रवाना होंगे। वह कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, बेल्जियम और अमेरिका का दौरा करेंगे।

    विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, यह यात्रा 5 जुलाई से 10 जुलाई तक खाड़ी देशों की होगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद राजनीतिक हालात तेजी से बदल रहे हैं।

    खाड़ी देशों की यात्रा पूरी करने के बाद विदेश मंत्री न्यूयॉर्क जाएंगे। वहां वह 13 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत के 2028-29 कार्यकाल के लिए आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके बाद यात्रा के अंतिम चरण में वह ब्रसेल्स जाएंगे, जहां वह भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की तीसरी बैठक में शामिल होंगे।


    विदेश मंत्रालय ने क्या बताया जयशंकर का कार्यक्रम?

    विदेश मंत्री जयशंकर 5 जुलाई से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यात्रा के दौरान जयशंकर इन देशों के समकक्षों और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है और साथ ही क्षेत्रीय घटनाक्रमों और साझा हितों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है।

    विदेश मंत्री 13 जुलाई को न्यूयॉर्क में भारत की यूएनएससी 2028-29 की आधिकारिक उम्मीदवारी की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वह 14 और 15 जुलाई को ब्रसेल्स में होने वाली तीसरी भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद बैठक (भारत-ईयू टीटीसी) में शामिल होंगे और यूरोपीय संघ तथा बेल्जियम के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे।


    टीटीसी की शुरुआत कब हुई और इसका मकसद क्या है?

    मंत्रालय के अनुसार, टीटीसी की शुरुआत 2022 में हुई थी, जिसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और साइबर सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग बढ़ाना है।

  • पूरे देश में सक्रिय हुआ मानसून….. आज दिल्ली-NCR समेत 20 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    पूरे देश में सक्रिय हुआ मानसून….. आज दिल्ली-NCR समेत 20 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मानसून (Monsoon) देश के सभी राज्यों में पहुंच चुका है। गुजरात (Gujarat) में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह तेज बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। गुजरात (Gujarat) के मेंडरडा इलाके (Mendarda) में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार गाड़ियां फंस गईं, जिसमें से 19 लोगों का बचाया गया। महाराष्ट्र (Maharashtra) के भिवंडी में बाजार में करीब 3 फीट तक पानी भर गया। दुकानें बंद हो गईं। लोग कमर तक डूबकर सड़क पार कर रहे हैं।

    राजस्थान के जयपुर में तेज बारिश के बाद सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के माइनर ओटी में पानी भर गया। यहां से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। मध्य प्रदेश के भोपाल-इंदौर समेत 26 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई। उज्जैन में दो दिन पहले पुलिया पार करते समय बाइक समेत बहे पंचायत सहायक का शव भी बरामद हुआ है। उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में बारिश हुई। कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया। कारें-बाइक आधी डूब गईं।

    वहीं जम्मू-कश्मीर में शनिवार सुबह रामनगर-उधमपुर रोड पर कौघा के पास भूस्खलन (लैंडस्लाइड)से सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आ गया, जिसके कारण रास्ता बंद कर दिया गया। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित केदारघाटी में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से जेसीबी और उसके दो कर्मचारी नदी के तेज बहाव में फंस गए। एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर चालक और उसके सहयोगी को सुरक्षित बाहर निकाला।


    किन 20 राज्यों के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट हुआ जारी?

    मौसम विभाग ने रविवार के लिए 20 राज्यों में आंधी-बारिश और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। बारिश की चेतावनी वाले राज्यों में दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार और राजस्थान सहित पंजाब-हरियाणा भी शामिल है। 61 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है। अगले चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ेगा। विभाग के अनुसार, अगले चार-पांच दिनों तक मध्य भारत में मानसून सक्रिय रहेगा।


    दिल्ली एनसीआर के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट किया जारी

    दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में भी शनिवार को बारिश हुई, जिससे लोगों की गर्मी से राहत मिली। दिन के ज्यादातर समय आसमान में बादल छाए रहे और सुबह के समय हवा में नमी 77 प्रतिशत थी। मौसम विभाग ने रविवार के लिए भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है।


    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद कराए

    बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने मुंबई में स्कूल और कॉलेज दोपहर के सत्र के लिए बंद करा दिए हैं। मौसम विभाग ने यहां बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। बीएमसी ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे घर से तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो। इस बीच मुंबई के ठाणे शहर के कलवा इलाके में शनिवार सुबह भारी बारिश के दौरान दो-पहिया वाहनों पर पेड़ गिरने से दो लोग घायल हो गए। दहिसर ईस्ट और अंधेरी वेस्ट के बीच मेट्रो में तकनीकी खराबी के कारण पीक आवर्स में ट्रेनों की सर्विस डेढ़ घंटे प्रभावित रही। लाइन 2-ए पर दहिसर ईस्ट और कंदरपाड़ा मेट्रो स्टेशनों के बीच भी तकनीकी खराबी के कारण परिचालन प्रभावित हुआ।


    हिमाचल : लाहौल में सड़क बही नीलकंठ झील यात्रा रुकी

    हिमाचल प्रदेश में लाहौल घाटी में उफनाए चोखंग नाले ने मूरिंग-नैनगार सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा बहा दिया। इससे प्रसिद्ध नीलकंठ झील यात्रा रोक दी गई है। रामपुर के गानवी खड्ड पर बना अस्थायी पुल भी बह गया, जिससे कई पंचायतों का संपर्क कट गया। कुल्लू में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने पर राफ्टिंग पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। चंबा-तीसा मार्ग भूस्खलन से कुछ समय के लिए बंद रहा, जबकि 12 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।


    भारी बारिश से उड़ानों पर असर, पांच विमान दूसरे हवाई अड्डों पर उतारे गए

    मुंबई में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। खराब मौसम, कम दृश्यता और सुरक्षित लैंडिंग में दिक्कत के कारण मुंबई आने वाली पांच उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। हवाई अड्डे के सूत्रों के अनुसार, इनमें इंडिगो की तीन और एअर इंडिया की दो उड़ानें शामिल थीं। इसके अलावा 17 अन्य उड़ानों के पायलटों ने भी मौसम की स्थिति को देखते हुए मार्ग में बदलाव किया।

  • बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई के बाद भी सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार हारे थे सलमान खान, साल 1995 के 40वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नाना पाटेकर और माधुरी दीक्षित ने मारी थी बाजी

    बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई के बाद भी सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार हारे थे सलमान खान, साल 1995 के 40वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नाना पाटेकर और माधुरी दीक्षित ने मारी थी बाजी


    नई दिल्ली।
    भारतीय सिनेमा के इतिहास में साल 1994 एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया था। इसी वर्ष रिलीज हुई पारिवारिक ड्रामा फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के तमाम पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए थे। सूरज बडजात्या के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने उस दौर में लगभग 128 करोड़ रुपये का अभूतपूर्व कलेक्शन कर भारतीय फिल्म उद्योग को एक नई दिशा दिखाई थी। व्यावसायिक रूप से इस दशक की सबसे सफल फिल्म होने के बावजूद, जब सम्मान और पुरस्कारों की बात आई, तो साल 1995 में आयोजित 40वें फिल्मफेयर पुरस्कार समारोह में इस फिल्म को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा था। कुल 14 श्रेणियों में नामांकित होने के बाद भी यह फिल्म केवल 5 श्रेणियों में ही जीत दर्ज करने में सफल हो सकी थी।

    इस पुरस्कार समारोह का सबसे बड़ा उलटफेर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में देखने को मिला था। फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ में प्रेम के किरदार से दर्शकों का दिल जीतने वाले सलमान खान को उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जाने वाला नामांकन मिला था। सलमान खान के साथ इस श्रेणी में ‘अंदाज अपना अपना’ के लिए आमिर खान, ‘ये दिल्लगी’ के लिए अक्षय कुमार और ‘1942: ए लव स्टोरी’ के लिए अनिल कपूर जैसे दिग्गज कलाकार भी शामिल थे। इन सभी स्थापित सितारों और मुख्यधारा के चहेते अभिनेताओं को पछाड़ते हुए नाना पाटेकर ने फिल्म ‘क्रांतिवीर’ में अपने दमदार और संजीदा अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ब्लैक लेडी पुरस्कार अपने नाम किया था। नाना पाटेकर के संवादों और अभिनय की तीव्रता उस वर्ष अन्य सभी रोमांटिक और कल्ट किरदारों पर भारी पड़ी थी।

    सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री की श्रेणी में भी मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा था। इस श्रेणी में उस दौर की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों के बीच सीधी टक्कर थी। नामांकन सूची में ‘लाडला’ फिल्म के लिए श्रीदेवी, ‘ये दिल्लगी’ के लिए काजोल, ‘अंजाम’ के लिए माधुरी दीक्षित और ‘1942: ए लव स्टोरी’ के लिए मनीषा कोइराला जैसी शीर्ष अभिनेत्रियां शामिल थीं। उस समय की सबसे बड़ी स्टार श्रीदेवी को कड़ी टक्कर देते हुए माधुरी दीक्षित ने बाजी मारी थी। फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ में निशा के चुलबुले और भावुक किरदार को जीवंत करने वाली माधुरी दीक्षित को इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से नवाजा गया था, जिसने उनके स्टारडम को एक पायदान और ऊपर पहुंचा दिया था।

    भले ही सलमान खान इस समारोह में व्यक्तिगत पुरस्कार से चूक गए हों, लेकिन फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ के लिए सूरज बडजात्या ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किया था। इसके साथ ही इस फिल्म को साल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार भी दिया गया था। दूसरी ओर, इस पुरस्कार समारोह में सबसे अधिक श्रेणियों में परचम लहराने वाली फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ रही थी। इस फिल्म ने अलग-अलग तकनीकी और मुख्य श्रेणियों में रिकॉर्ड 13 नामांकनों में से 9 पुरस्कारों पर अपना कब्जा जमाया था। अभिनेता जैकी श्रॉफ ने इसी फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार जीता था, जबकि महान संगीतकार आर. डी. बर्मन को उनके निधन के बाद इस फिल्म के मधुर संगीत के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

    इसके अतिरिक्त, फिल्म ‘क्रांतिवीर’ के लिए डिंपल कपाड़िया को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हास्य भूमिकाओं की श्रेणी में फिल्म ‘राजा बाबू’ के लिए शक्ति कपूर को सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का पुरस्कार मिला, जबकि शाहरुख़ खान को फिल्म ‘अंजाम’ में उनके नकारात्मक किरदार के लिए सर्वश्रेष्ठ विलेन का पुरस्कार दिया गया था। मशहूर गीतकार जावेद अख्तर को सर्वश्रेष्ठ गीतकार के सम्मान से नवाजा गया था। कुल मिलाकर, साल 1995 का यह फिल्मफेयर समारोह स्टारडम और विशुद्ध अभिनय प्रतिभा के बीच संतुलन का एक ऐसा गवाह बना, जिसकी चर्चा आज तीन दशकों के बाद भी सिनेमाई गलियारों में बेहद दिलचस्पी के साथ की जाती है।

  • Heatwave Diplomacy यूरोप की लू पर ईरान की सियासी चाल बैन हटाने के बदले एसी सप्लाई का प्रस्ताव

    Heatwave Diplomacy यूरोप की लू पर ईरान की सियासी चाल बैन हटाने के बदले एसी सप्लाई का प्रस्ताव


    नई दिल्ली। यूरोप इन दिनों रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और भीषण लू की मार झेल रहा है। कई देशों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है जबकि स्पेन फ्रांस और अन्य हिस्सों में लगातार हीटवेव के कारण जनजीवन प्रभावित है। इसी बीच ईरान ने यूरोपीय देशों के सामने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति दोनों में नई चर्चा छेड़ दी है। ईरान ने कहा है कि यदि यूरोप उस पर लगाए गए प्रतिबंध हटाता है तो वह अपने यहां निर्मित एयर कंडीशनर और अन्य कूलिंग उपकरणों की आपूर्ति कर यूरोप को गर्मी से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।

    यह प्रस्ताव तुर्की स्थित ईरानी दूतावास की ओर से सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किया गया। पोस्ट में कहा गया कि वर्षों से आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करने के बावजूद ईरान ने घरेलू तकनीक के दम पर एयर कंडीशनर और अन्य शीतलन उपकरण बनाने की क्षमता विकसित कर ली है। इतना ही नहीं देश अब बड़े पैमाने पर इनका उत्पादन और निर्यात करने की स्थिति में भी पहुंच चुका है। दूतावास ने संकेत दिया कि यदि यूरोपीय देश प्रतिबंधों में नरमी दिखाते हैं तो ईरान गर्मी से जूझ रहे देशों की मदद करने के लिए तैयार है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल व्यापारिक प्रस्ताव नहीं बल्कि एक कूटनीतिक संदेश भी है। ईरान लंबे समय से पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों का विरोध करता रहा है। ऐसे में यूरोप की मौजूदा चुनौती को आधार बनाकर ईरान ने यह दिखाने की कोशिश की है कि प्रतिबंधों के बावजूद उसने तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है और अब वह वैश्विक बाजार में अपनी भूमिका निभाने में सक्षम है।

    यूरोप इस समय जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों का सामना कर रहा है। कई देशों में गर्मी के पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं। मौसम एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है जिससे जंगलों में आग लगने का खतरा भी बढ़ेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि अत्यधिक तापमान उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

    रिपोर्टों के अनुसार हाल के सप्ताहों में भीषण गर्मी के कारण स्पेन और फ्रांस सहित कई देशों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। प्रशासन लोगों को घरों में रहने पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दे रहा है। कई शहरों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है।

    ईरान के प्रस्ताव को कुछ विश्लेषक राजनीतिक व्यंग्य के रूप में भी देख रहे हैं। उनका मानना है कि ईरान ने यह संदेश देकर यूरोपीय देशों की उस चुनौती की ओर इशारा किया है जिसमें विकसित होने के बावजूद वे चरम मौसम की परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि अभी तक यूरोपीय देशों की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे के बीच यह घटनाक्रम इस बात की भी याद दिलाता है कि मौसम से जुड़ी आपदाएं अब केवल पर्यावरण का विषय नहीं रह गई हैं बल्कि वे वैश्विक राजनीति व्यापार और कूटनीति को भी नई दिशा देने लगी हैं।

  • 5 जुलाई का मौसम अलर्ट भारी बारिश से लेकर उमस तक जानिए आज कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम

    5 जुलाई का मौसम अलर्ट भारी बारिश से लेकर उमस तक जानिए आज कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम


    मध्य प्रदेश । देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और 5 जुलाई को भी कई राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में गरज चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।

    मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में रुक रुककर तेज बारिश हो सकती है। नदियों और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में कहीं कहीं हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मानसून सक्रिय रहेगा तथा कई जिलों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।

    दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है जिससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। हालांकि बारिश के बीच उमस का असर भी महसूस हो सकता है।

    महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र गोवा कर्नाटक और केरल में भी भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी कई स्थानों पर तेज वर्षा होने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने खुले स्थानों पर बिजली चमकने के समय न रुकने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

  • तेज बुखार और ठंड लगने को न करें नजरअंदाज जानिए मलेरिया टेस्ट कराने का सही समय और जरूरी जांच

    तेज बुखार और ठंड लगने को न करें नजरअंदाज जानिए मलेरिया टेस्ट कराने का सही समय और जरूरी जांच


    नई दिल्ली । मानसून के साथ हर साल मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। इनमें मलेरिया सबसे गंभीर संक्रामक रोगों में शामिल है। कई लोग तेज बुखार ठंड लगना और शरीर दर्द जैसी शुरुआती परेशानियों को सामान्य वायरल संक्रमण समझकर घरेलू इलाज करते रहते हैं। यही लापरवाही बीमारी को गंभीर रूप दे सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच और उचित उपचार मलेरिया से होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक रोक सकता है।

    मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह संक्रमण शरीर में प्लाज्मोडियम नामक परजीवी के कारण होता है जो लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं इसलिए कई बार मरीज सही समय पर जांच नहीं करा पाते। यदि किसी व्यक्ति को बार बार तेज बुखार आ रहा हो ठंड लग रही हो अत्यधिक पसीना आ रहा हो सिर और शरीर में तेज दर्द हो या लगातार कमजोरी महसूस हो रही हो तो उसे तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

    विशेषज्ञों के अनुसार यदि बुखार 24 से 48 घंटे के भीतर ठीक नहीं हो रहा है या बुखार की दवा लेने के बाद भी राहत नहीं मिल रही है तो मलेरिया की जांच कराना जरूरी हो जाता है। खासकर ऐसे लोग जो मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं या हाल ही में ऐसे स्थानों की यात्रा करके लौटे हैं उन्हें किसी भी तरह की देरी नहीं करनी चाहिए।

    समय पर जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ मामलों में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम नामक परजीवी से होने वाला मलेरिया बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इलाज में देरी होने पर संक्रमण दिमाग किडनी और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है। गंभीर एनीमिया सांस लेने में परेशानी और मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसी जानलेवा स्थितियां भी विकसित हो सकती हैं। इसलिए बिना जांच के स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह पर ही उपचार शुरू करना चाहिए।

    मलेरिया की पुष्टि के लिए कई तरह की जांच उपलब्ध हैं। सबसे सामान्य जांच माइक्रोस्कोपी है जिसमें रक्त की स्लाइड के माध्यम से परजीवी की पहचान की जाती है। जहां यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती वहां रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट यानी आरडीटी का उपयोग किया जाता है जो कम समय में परिणाम दे देता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में क्वांटिटेटिव बफी कोट टेस्ट और पीसीआर जांच भी कराई जाती है जो संक्रमण की अधिक सटीक पहचान करने में मदद करती हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच होने से मरीज को सही दवा जल्दी मिल जाती है और बीमारी के गंभीर रूप लेने की संभावना काफी कम हो जाती है। साथ ही बिना जरूरत एंटीबायोटिक या मलेरिया की दवा लेने से भी बचा जा सकता है जिससे दवा प्रतिरोध जैसी समस्याएं नहीं बढ़तीं।

    मलेरिया से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर गमले और टंकियों की नियमित सफाई करें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें मच्छरदानी का उपयोग करें और जरूरत पड़ने पर मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। यदि परिवार में किसी को लगातार बुखार आ रहा हो तो घरेलू इलाज में समय गंवाने के बजाय तुरंत जांच कराना ही सबसे सुरक्षित कदम है।

  • सूर्य देव की पूजा से खुलते हैं सफलता और समृद्धि के द्वार जानिए अर्घ्य देने की सही विधि और शुभ नियम

    सूर्य देव की पूजा से खुलते हैं सफलता और समृद्धि के द्वार जानिए अर्घ्य देने की सही विधि और शुभ नियम


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में भगवान सूर्य को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। वे ऐसे देव हैं जिनके दर्शन प्रतिदिन सभी को सहज रूप से प्राप्त होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सूर्य देव की नियमित आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में ऊर्जा आत्मविश्वास स्वास्थ्य और समृद्धि का संचार होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो उसे मान सम्मान आत्मबल और सरकारी कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में विधिपूर्वक सूर्य उपासना करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

    प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान के बाद स्वच्छ लाल या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद तांबे के लोटे में स्वच्छ जल भरें। जल में लाल चंदन लाल पुष्प अक्षत और यदि संभव हो तो थोड़ा गुड़ या रोली डाल सकते हैं। पूर्व दिशा की ओर मुख करके उगते हुए सूर्य को धीरे धीरे जल अर्पित करें। अर्घ्य देते समय जल की धारा के बीच से सूर्य के दर्शन करना अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसा करने से मन एकाग्र होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    अर्घ्य अर्पित करते समय आदित्य हृदय स्तोत्र सूर्य गायत्री मंत्र या ऊँ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है। जिन लोगों के पास अधिक समय नहीं होता वे कम से कम 11 बार ऊँ सूर्याय नमः या ऊँ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं। मान्यता है कि मंत्र जाप के साथ किया गया अर्घ्य भगवान सूर्य को शीघ्र प्रसन्न करता है।

    पूजा के बाद सूर्य देव को लाल पुष्प अर्पित करें और दोनों हाथ जोड़कर परिवार की सुख समृद्धि उत्तम स्वास्थ्य और सफलता की प्रार्थना करें। इसके बाद जरूरतमंद लोगों को गेहूं गुड़ तांबा लाल वस्त्र या लाल मसूर का दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। रविवार के दिन विशेष रूप से सूर्य उपासना और दान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य देव की नियमित पूजा करने से आत्मबल मजबूत होता है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है। समाज में मान सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। पारिवारिक जीवन में सकारात्मकता आती है और कई प्रकार की बाधाएं दूर होने लगती हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी बताए गए हैं क्योंकि सुबह की सूर्य किरणें शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा और आवश्यक विटामिन डी प्रदान करती हैं।

    ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर होता है उन्हें प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य देने के साथ सत्य का पालन करना चाहिए। माता पिता और गुरु का सम्मान करना भी सूर्य को मजबूत करने का महत्वपूर्ण उपाय माना गया है। अहंकार क्रोध और असत्य से दूरी बनाकर किया गया सूर्य पूजन अधिक फलदायी माना जाता है।

    सूर्य उपासना केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि अनुशासित जीवन का भी प्रतीक है। प्रतिदिन उगते सूर्य का स्वागत करने से व्यक्ति के भीतर नई ऊर्जा सकारात्मक सोच और कर्म करने की प्रेरणा जागृत होती है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में सूर्य देव की आराधना को जीवन में सफलता स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति का महत्वपूर्ण मार्ग माना गया है।

  • E20 पेट्रोल पर बढ़ा विवाद: भूटान ने भारत से साधारण ईंधन की मांग की, तेल कंपनियों के प्रस्ताव को किया खारिज

    E20 पेट्रोल पर बढ़ा विवाद: भूटान ने भारत से साधारण ईंधन की मांग की, तेल कंपनियों के प्रस्ताव को किया खारिज


    नई दिल्ली। देश में E20 पेट्रोल को लेकर चल रहा विवाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। भारत में लगातार यह आरोप लगाया जा रहा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज कम हो रहा है और इंजन संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसी बीच पड़ोसी देश भूटान ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जताते हुए तेल कंपनियों और भारत सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

    भूटानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूटान सरकार ने भारत से अनुरोध किया है कि उसे पहले की तरह सामान्य पेट्रोल की आपूर्ति जारी रखी जाए। भूटान का कहना है कि उसके भौगोलिक हालात और परिवहन जरूरतों को देखते हुए उसे अधिक माइलेज देने वाले पारंपरिक ईंधन की आवश्यकता है।

    भूटान का बड़ा हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र है, जहां ऊंची चढ़ाइयां और कठिन रास्ते हैं। ऐसे में वाहनों के लिए बेहतर माइलेज बेहद जरूरी माना जाता है। इसी आधार पर भूटान ने चिंता जताई है कि यदि E20 पेट्रोल से जुड़ी समस्याएं सही साबित होती हैं, तो पहाड़ी देश की परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

    भूमिगत भंडारण को लेकर भी जताई चिंता
    भूटान के लिए E20 पेट्रोल को लेकर केवल माइलेज ही नहीं, बल्कि भंडारण भी एक बड़ी चुनौती बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूटान भारत से आयातित ईंधन को भूमिगत टैंकों में संग्रहित करता है। भूटानी अधिकारियों का कहना है कि इन टैंकों में E20 मिश्रित पेट्रोल रखने से पानी के रिसाव का खतरा बढ़ सकता है।

    स्थानीय मीडिया के अनुसार, भूमिगत भंडारण संरचना की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ईथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को सुरक्षित नहीं माना जा सकता। वैज्ञानिक दृष्टि से भी बताया गया है कि E20 पेट्रोल में मौजूद इथेनॉल नमी को तेजी से सोख सकता है, जिससे टैंकों में पानी जमा होने की आशंका रहती है।

    भूटान ने E20 पेट्रोल खरीदने से किया इनकार
    भूटान, जो अपनी जरूरत का अधिकांश ईंधन भारत से खरीदता है, ने स्पष्ट रूप से ईथेनॉल मिश्रित पेट्रोल लेने से इनकार कर दिया है। साथ ही उसने भारत सरकार से आग्रह किया है कि यदि भविष्य में E20 पेट्रोल की आपूर्ति बढ़ाई जाती है, तो उसे पहले से इसकी जानकारी दी जाए।

    भूटानी अधिकारियों ने यह भी सुझाव दिया है कि भारत सरकार को उनके लिए नए और सुरक्षित ईंधन भंडारण टैंकों की व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।

    क्या है E20 विवाद?
    भारत में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी लंबे समय से E20 पेट्रोल के समर्थन में रहे हैं। सरकार का मानना है कि यह नीति कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    हालांकि, कई वाहन मालिकों का दावा है कि 2023 से पहले बने वाहनों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज में गिरावट और इंजन की खराबी जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इसी कारण देश में इस ईंधन को लेकर बहस तेज हो गई है।

    यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा, जहां सरकार ने इसे एक परीक्षण (पायलट प्रोजेक्ट) के रूप में बताया। सरकार के अनुसार इसके परिणाम अगले वर्ष तक स्पष्ट होंगे। वहीं आलोचकों का कहना है कि इस नीति के चलते आम उपभोक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

  • सूर्य और बुध की युति से बनेगा बुधादित्य योग, 7 जुलाई से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत

    सूर्य और बुध की युति से बनेगा बुधादित्य योग, 7 जुलाई से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों का राशि परिवर्तन व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालता है। जुलाई 2026 में भी एक महत्वपूर्ण ग्रह योग बनने जा रहा है। 7 जुलाई 2026 को बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक ग्रह बुध वक्री अवस्था में कर्क राशि से निकलकर अपनी स्वराशि मिथुन में प्रवेश करेंगे। मिथुन राशि में पहले से ही सूर्य देव विराजमान हैं। ऐसे में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग का निर्माण होगा, जिसे ज्योतिष में अत्यंत शुभ और प्रभावशाली राजयोग माना जाता है।

    इस योग का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन तीन राशियों के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से करियर, आर्थिक उन्नति और सफलता के नए अवसर लेकर आ सकता है।

    वृषभ राशि: धन लाभ और कारोबार में तरक्की के संकेत
    बुधादित्य योग वृषभ राशि के दूसरे भाव यानी धन भाव में बनेगा। इसके प्रभाव से लंबे समय से रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। पैतृक व्यवसाय से जुड़े लोगों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर अनुकूल बदलाव देखने को मिलेंगे। वाणी का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे सामाजिक और पेशेवर जीवन में लाभ मिलेगा। राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

    सिंह राशि: करियर और निवेश में मिल सकता है बड़ा फायदा
    सिंह राशि के लिए यह योग लाभ भाव यानी 11वें भाव में बनेगा। करियर के क्षेत्र में नई संभावनाएं बन सकती हैं। मनचाही नौकरी या इच्छित स्थान पर ट्रांसफर के योग हैं। कुछ लोगों को विदेश में काम करने का अवसर भी मिल सकता है। पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। बेहतर संवाद क्षमता का फायदा मार्केटिंग, सेल्स और पब्लिक डीलिंग से जुड़े लोगों को विशेष रूप से मिलेगा।

    कन्या राशि: प्रमोशन और सफलता के खुल सकते हैं रास्ते
    कन्या राशि के जातकों के लिए बुधादित्य योग कर्म भाव यानी दसवें भाव में बनेगा। इससे कार्यक्षमता बढ़ेगी और कार्यस्थल पर आपके प्रदर्शन की सराहना होगी। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से प्रमोशन की संभावनाएं मजबूत होंगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिल सकती है। व्यापारियों को लाभ होगा और स्वास्थ्य में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

    बुधादित्य योग का लाभ बढ़ाने के उपाय
    इस शुभ योग का अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ सरल ज्योतिषीय उपाय किए जा सकते हैं—
    – प्रतिदिन सुबह तांबे के लोटे में जल, रोली और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
    – बुधवार के दिन भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और गाय को हरा चारा खिलाएं।
    – नियमित रूप से “ॐ बुं बुधाय नमः” तथा “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र की एक-एक माला का जाप करें। मान्यता है कि इससे कुंडली में सूर्य और बुध की स्थिति मजबूत होती है।

  • स्किन को रखना है हेल्दी और ग्लोइंग तो अपनाएं ये आसान आदतें त्वचा रहेगी लंबे समय तक जवान

    स्किन को रखना है हेल्दी और ग्लोइंग तो अपनाएं ये आसान आदतें त्वचा रहेगी लंबे समय तक जवान


    नई दिल्ली । स्वस्थ और चमकदार त्वचा हर किसी की चाहत होती है लेकिन इसके लिए केवल महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट ही जरूरी नहीं होते। त्वचा की असली खूबसूरती अंदर से शुरू होती है। संतुलित खानपान पर्याप्त पानी नियमित देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली मिलकर त्वचा को लंबे समय तक जवां और निखरी हुई बनाए रखने में मदद करते हैं। यदि रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों को अपनाया जाए तो त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं से बचा जा सकता है।

    त्वचा की देखभाल का पहला नियम है उसकी नियमित सफाई। दिनभर धूल मिट्टी प्रदूषण और पसीना त्वचा पर जमा होकर रोमछिद्रों को बंद कर देते हैं। इसलिए सुबह और रात अपने स्किन टाइप के अनुसार हल्के फेस क्लेंजर से चेहरा साफ करना चाहिए। इससे त्वचा साफ रहती है और मुंहासों का खतरा भी कम होता है।

    सफाई के बाद त्वचा को मॉइस्चराइज करना भी उतना ही जरूरी है। कई लोग मानते हैं कि केवल रूखी त्वचा वालों को ही मॉइस्चराइजर की जरूरत होती है लेकिन तैलीय त्वचा को भी उचित नमी की आवश्यकता होती है। सही मॉइस्चराइजर त्वचा की प्राकृतिक नमी बनाए रखता है और उसे मुलायम तथा स्वस्थ बनाता है।

    धूप से बचाव भी स्किन केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। तेज धूप में मौजूद अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना सकती हैं और झाइयों तथा सनबर्न जैसी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना और तेज धूप में लंबे समय तक रहने से बचना त्वचा की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहरी देखभाल से नहीं आती बल्कि खानपान का भी इसमें बड़ा योगदान होता है। ताजे फल हरी सब्जियां सूखे मेवे और प्रोटीन से भरपूर भोजन त्वचा को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं। विटामिन सी विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार त्वचा की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके साथ ही दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर और त्वचा दोनों हाइड्रेट रहते हैं जिससे प्राकृतिक निखार बना रहता है।

    अच्छी नींद और तनाव पर नियंत्रण भी त्वचा के लिए बेहद जरूरी है। पर्याप्त नींद न मिलने और लगातार तनाव रहने से त्वचा बेजान दिखने लगती है तथा मुंहासे और समय से पहले झुर्रियां आने का खतरा बढ़ सकता है। नियमित व्यायाम और योग से रक्त संचार बेहतर होता है जिससे त्वचा तक ऑक्सीजन और पोषण आसानी से पहुंचता है।

    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बिना जरूरत बार बार नए ब्यूटी प्रोडक्ट बदलने से बचना चाहिए। किसी भी नए उत्पाद का उपयोग करने से पहले उसकी गुणवत्ता और अपनी त्वचा के अनुसार उसकी उपयुक्तता जरूर जांच लें। यदि त्वचा पर लगातार खुजली लालिमा दाने या अन्य गंभीर समस्या दिखाई दे तो स्वयं उपचार करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।

    स्वस्थ त्वचा किसी एक दिन में नहीं बनती बल्कि यह नियमित देखभाल और अच्छी आदतों का परिणाम होती है। यदि सही स्किन केयर रूटीन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया जाए तो लंबे समय तक त्वचा को स्वस्थ चमकदार और आकर्षक बनाए रखा जा सकता है।