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  • सुरेश मेनन के साथ बदसलूकी पर भड़के थे जैकी श्रॉफ, निर्माता को सबके सामने मांगनी पड़ी थी माफी

    सुरेश मेनन के साथ बदसलूकी पर भड़के थे जैकी श्रॉफ, निर्माता को सबके सामने मांगनी पड़ी थी माफी


    नई दिल्ली । 
    हिंदी सिनेमा जगत में अपनी विशिष्ट जीवनशैली और स्पष्टवादी रवैये के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ अभिनेता जैकी श्रॉफ से जुड़ा एक पुराना घटनाक्रम हाल ही में चर्चा में आया है। अपने शांत और सहयोगात्मक व्यवहार के लिए जाने जाने वाले इस कलाकार का एक समय ऐसा भी था जब सेट पर उनका प्रभाव और कड़ा रुख देखने को मिलता था। हास्य अभिनेता और कलाकार सुरेश मेनन ने एक कार्यक्रम के दौरान जैकी श्रॉफ के साथ हुए अपने एक विशेष संस्मरण को साझा किया है।

    घटना के बारे में विस्तार से बताते हुए सुरेश मेनन ने जानकारी दी कि अपने शुरुआती करियर के दौरान वे एक बड़े प्रोडक्शन हाउस की फिल्म में काम कर रहे थे। उसी दौरान उन्हें मुंबई में एक अन्य अनिवार्य शूटिंग प्रतिबद्धता के सिलसिले में कुछ समय की अनुमति चाहिए थी। जब उन्होंने इस संबंध में संबंधित निर्माता से केवल एक घंटे की छूट देने का अनुरोध किया, तो निर्माता ने इसे अनुशासनहीनता माना और उनके साथ अनुचित व्यवहार करते हुए उन्हें अचानक परियोजना से बाहर कर दिया।

    सुरेश मेनन के अनुसार, निर्माता ने न केवल उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया बल्कि बेहद अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए सेट से जाने को कह दिया। इस अचानक हुए अपमान और काम से निकाले जाने के कारण वे काफी परेशान हो गए थे और सेट के एक कोने में चुपचाप बैठ गए थे। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की भनक मुख्य भूमिका निभा रहे जैकी श्रॉफ को लग चुकी थी।

    जब जैकी श्रॉफ को अपने सहयोगी कलाकार के साथ हुई इस बदसलूकी के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत सुरेश मेनन को अपने पास बुलवाया। पूरा मामला समझने के बाद वे काफी नाराज हुए और उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया। जैकी श्रॉफ स्वयं सुरेश मेनन को साथ लेकर सीधे संबंधित निर्माता के पास पहुंचे और उनके इस दुर्व्यवहार का कड़ा विरोध दर्ज कराया।

    सेट पर मौजूद सभी लोगों के सामने जैकी श्रॉफ ने निर्माता को चेतावनी दी कि किसी भी जूनियर कलाकार या सहयोगी के साथ अपमानजनक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने सह-कलाकारों के साथ ऐसा बर्ताव बर्दाश्त नहीं करेंगे। जैकी श्रॉफ के इस कड़े रुख के बाद निर्माता को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्हें सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी पड़ी। इसके बाद सुरेश मेनन को सम्मानपूर्वक काम जारी रखने की अनुमति दी गई।

    सिनेमा उद्योग के विश्लेषकों का मानना है कि मुंबई और मध्य प्रदेश जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले कई नए और जूनियर कलाकारों को अक्सर इस तरह की प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्थापित अभिनेताओं का अपने सह-कर्मियों के पक्ष में खड़ा होना एक मिसाल बनता है। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद एक बार फिर जैकी श्रॉफ के सहयोगी रवैये और उनके बिंदास व्यक्तित्व की सराहना की जा रही है।

  • सोनाक्षी सिन्हा की ट्रोलिंग पर भड़के शत्रुघ्न सिन्हा, बीजेपी आईटी सेल पर लगाए गंभीर आरोप, जानिए पूरा मामला

    सोनाक्षी सिन्हा की ट्रोलिंग पर भड़के शत्रुघ्न सिन्हा, बीजेपी आईटी सेल पर लगाए गंभीर आरोप, जानिए पूरा मामला


    नई दिल्ली ।
    अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा को सोशल मीडिया पर निशाना बनाए जाने के मुद्दे पर उनके पिता और तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी बेटी के खिलाफ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर किया जा रहा विरोध स्वाभाविक नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से सुनियोजित और प्रायोजित है। शत्रुघ्न सिन्हा ने इस प्रकार की गतिविधियों के पीछे सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल से जुड़े लोगों और उनकी नीतियों का समर्थन करने वाले समूहों को जिम्मेदार ठहराया है।

    एक समाचार चैनल को दिए गए साक्षात्कार में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जो लोग उनकी बेटी को ट्रोल कर रहे हैं और विवाद खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं, वे पेशेवर और पेड ट्रोल्स हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों को स्वतंत्र रूप से अपनी राय व्यक्त करने की समझ नहीं होती, बल्कि उन्हें जो लिखित सामग्री दी जाती है, वे उसी के आधार पर अभियानों को अंजाम देते हैं। उन्होंने इसे एक बनावटी और राजनीतिक रूप से प्रेरित हमला करार दिया।

    यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोनाक्षी सिन्हा ने छात्र आंदोलनों और नागरिक अधिकारों से जुड़ी पहलों के समर्थन में अपनी बात रखी थी। इस दौरान जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रोके जाने और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई की उन्होंने खुलकर निंदा की थी। सोनाक्षी ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे युवाओं की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर संदेश साझा किए थे, जिसके बाद वे कुछ वर्गों के निशाने पर आ गईं।

    बेटी के रुख का समर्थन करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि सोनाक्षी ऐसे भ्रामक और नकारात्मक अभियानों पर ध्यान नहीं देती हैं। उन्होंने अपनी बेटी के मानसिक धैर्य और निडरता की तारीफ की। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या सोनाक्षी भविष्य में सक्रिय राजनीति में कदम रख सकती हैं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस विषय पर पहले से कोई दावा नहीं कर सकते, हालांकि उन्होंने सोनाक्षी की क्षमताओं पर पूरा विश्वास व्यक्त किया।

    साक्षात्कार के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा से यह भी पूछा गया कि क्या सोनाक्षी का समर्थन केवल चुनिंदा मुद्दों तक सीमित है। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी ने विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के छात्रों से जुड़े विषयों पर भी समय-समय पर अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने राजनीतिक आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों पर बोलना किसी भी नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और राजनीतिक बहसों के स्वरूप पर चर्चा को जन्म दे दिया है। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में भी इस विषय को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। शत्रुघ्न सिन्हा के इस बयान के बाद आईटी सेल और ऑनलाइन ट्रोल्स की भूमिका को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।

  • पुलिस हिरासत और मीडिया की अफवाहों पर छलका राज कुंद्रा का दर्द, शिल्पा शेट्टी से जुड़े कई राज किए उजागर

    पुलिस हिरासत और मीडिया की अफवाहों पर छलका राज कुंद्रा का दर्द, शिल्पा शेट्टी से जुड़े कई राज किए उजागर


    नई दिल्ली ।
    अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और व्यवसायी राज कुंद्रा ने साल 2021 में हुई अपनी गिरफ्तारी और उसके बाद जेल में बिताए कठिन समय से जुड़े कई नए पहलुओं को उजागर किया है। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने बताया कि किस प्रकार कानूनी कानूनी समस्याओं के साथ-साथ उन्हें व्यक्तिगत जीवन में भी कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। जब वे सलाखों के पीछे थे, तब उनके पास कई तरह की भ्रामक खबरें पहुंच रही थीं, जिसने उन्हें मानसिक रूप से बेहद तोड़ दिया था।

    राज कुंद्रा ने खुलासा किया कि उन्हें अपनी गिरफ्तारी की जानकारी भी काफी नाटकीय ढंग से मिली थी। वे पुलिस स्टेशन केवल पूछताछ में शामिल होने के लिए गए थे, लेकिन वहां पहुंचते ही उन्हें सोशल मीडिया के जरिए पता चला कि उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बारे में जब उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से सवाल किया, तो उन्हें बताया गया कि उच्च अधिकारियों के आदेश के तहत यह कार्रवाई की गई है। इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी उनके परिवार और पत्नी शिल्पा शेट्टी को भी मीडिया माध्यमों के जरिए ही मिल सकी थी।

    जेल में बिताए दिनों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि व्यावसायिक स्तर पर भी उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। उनके भारतीय व्यवसाय में हजारों लोग कार्यरत थे, और उनके अचानक हिरासत में जाने से पूरा काम ठप हो गया। इस दौरान उनकी पत्नी शिल्पा शेट्टी ने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के बजाय तुरंत बंद करने का कठिन फैसला लिया, क्योंकि अनिश्चितता के माहौल में प्रबंधन संभालना लगभग असंभव हो गया था। एक ही झटके में सब कुछ बदल जाने से वे गहरा सदमा महसूस कर रहे थे।

    सबसे अधिक निराशाजनक स्थिति तब पैदा हुई जब जेल के भीतर उन तक यह खबर पहुंची कि उनकी पत्नी उनसे अलग हो रही हैं और तलाक की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। राज कुंद्रा के अनुसार, इस एक अफवाह ने उन्हें अंदर से पूरी तरह झकझोर दिया था। उस समय उन्हें लगा कि जीवन का कोई अर्थ नहीं बचा है, क्योंकि उनके लिए उनका परिवार ही सबसे पहली प्राथमिकता था। मानसिक तनाव इस कदर बढ़ गया था कि वे रातों को सो नहीं पाते थे और उनके मन में बेहद नकारात्मक विचार आने लगे थे।

    हालांकि, बाद में सच्चाई सामने आने और परिवार के स्पष्ट रुख से उन्हें संबल मिला। शिल्पा शेट्टी ने हर परिस्थिति में अपने पति का समर्थन करने का फैसला किया, जिससे उन्हें इस कठिन दौर से बाहर निकलने में मदद मिली। रिहाई के बाद राज कुंद्रा ने अपने जीवन को दोबारा पटरी पर लाने का प्रयास शुरू किया और एक नई शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जांच में पूरा सहयोग दे रहे हैं और यदि किसी भी अदालत में वे दोषी पाए जाते हैं, तो वे हर प्रकार की सजा भुगतने के लिए तैयार हैं।

    इस मामले के तार देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े हुए थे, जहां जांच एजेंसियों ने कई राज्यों में फैली डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की थी। कानूनी जानकारों और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों के विश्लेषकों का मानना है कि हाई-प्रोफाइल मामलों में मीडिया रिपोर्ट्स का व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। फिलहाल राज कुंद्रा अपने व्यापारिक उपक्रमों को फिर से स्थापित करने और अपनी छवि को सुधारने में जुटे हुए हैं।

  • महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! रोजमेरी से पाएं साफ और निखरी त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका

    महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! रोजमेरी से पाएं साफ और निखरी त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका


    नई दिल्ली। रोजमेरी का इस्तेमाल आमतौर पर खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन इसका उपयोग स्किन केयर में भी किया जाता है। रोजमेरी में मौजूद प्राकृतिक पौधों के यौगिकों के कारण इसे त्वचा के लिए उपयोगी माना जाता है। आजकल रोजमेरी ऑयल और रोजमेरी आधारित स्किन केयर प्रोडक्ट्स काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। हालांकि इसे चेहरे पर सीधे लगाने से पहले सही तरीका जानना जरूरी है क्योंकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और किसी भी प्राकृतिक चीज से संवेदनशील त्वचा पर जलन हो सकती है।

    रोजमेरी को स्किन केयर में शामिल करने का एक तरीका रोजमेरी ऑयल का इस्तेमाल है। लेकिन जरूरी बात यह है कि एसेंशियल ऑयल को सीधे चेहरे पर नहीं लगाना चाहिए। इसे किसी उपयुक्त कैरियर ऑयल में मिलाकर बेहद कम मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। रोजमेरी आधारित तैयार स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना भी सीधे एसेंशियल ऑयल लगाने की तुलना में आसान विकल्प हो सकता है।

    रोजमेरी में एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले पौधों के यौगिक पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे त्वचा को पर्यावरणीय तनाव से बचाने और स्किन को स्वस्थ रखने वाले रूटीन का हिस्सा माना जाता है। कुछ लोगों को रोजमेरी आधारित उत्पाद इस्तेमाल करने के बाद त्वचा अधिक फ्रेश और साफ महसूस हो सकती है। हालांकि किसी एक घरेलू उपाय से त्वचा की हर समस्या दूर होने का दावा करना सही नहीं है।

    अगर चेहरे पर बहुत ज्यादा ऑयल आता है तो रोजमेरी आधारित हल्के स्किन केयर प्रोडक्ट को रूटीन में शामिल किया जा सकता है। लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि प्रोडक्ट आपकी त्वचा के लिए उपयुक्त है या नहीं। तैलीय त्वचा के लिए भी बहुत ज्यादा तेल आधारित चीजों का इस्तेमाल करने से रोमछिद्र बंद होने या परेशानी बढ़ने का खतरा हो सकता है।

    रोजमेरी का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना सबसे जरूरी सावधानियों में शामिल है। इसके लिए प्रोडक्ट की थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें और तुरंत जलन खुजली लालिमा या असहजता महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। चेहरे पर पहले से किसी तरह की एलर्जी या जलन है तो ऐसे समय में नए स्किन केयर प्रोडक्ट को आजमाने से बचना बेहतर है।

    स्किन केयर में रोजमेरी को शामिल करने के साथ बेसिक रूटीन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चेहरे को नियमित रूप से साफ रखना मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना और दिन में सनस्क्रीन लगाना त्वचा की देखभाल के लिए ज्यादा जरूरी कदम हैं। रोजमेरी किसी भी स्थिति में इन बुनियादी चीजों का विकल्प नहीं है।

    यह भी ध्यान रखना चाहिए कि रोजमेरी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जाते हैं। हर दावा वैज्ञानिक रूप से साबित हो यह जरूरी नहीं है। इसलिए चेहरे पर रोजमेरी का इस्तेमाल सीमित मात्रा में और सावधानी के साथ करना चाहिए। अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे दाग लालिमा या दूसरी समस्या बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा बेहतर होगा।

    कुल मिलाकर रोजमेरी स्किन केयर रूटीन में एक अतिरिक्त विकल्प हो सकती है लेकिन इसे चमत्कारी उपाय समझना सही नहीं है। सही प्रोडक्ट चुनकर पैच टेस्ट करने और अपनी त्वचा की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका इस्तेमाल किया जाए तो इसे सामान्य स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

  • बाथरूम की काली पड़ी टाइल्स चमकाने के लिए अपनाएं सिरका बेकिंग सोडा और नींबू नमक के आसान घरेलू उपाय

    बाथरूम की काली पड़ी टाइल्स चमकाने के लिए अपनाएं सिरका बेकिंग सोडा और नींबू नमक के आसान घरेलू उपाय


    नई दिल्ली ।
    बाथरूम की नियमित सफाई के बावजूद कुछ समय बाद टाइल्स की चमक कम होने लगती है और उनकी सतह पर काली परत, दाग धब्बे तथा जमी हुई गंदगी दिखाई देने लगती है। लगातार नमी, पानी में मौजूद खनिज तत्व और साबुन का झाग इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे में हर बार महंगे क्लीनिंग प्रोडक्ट खरीदने की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों की मदद से भी टाइल्स की सफाई की जा सकती है।

    काली पड़ी और जिद्दी दाग वाली टाइल्स के लिए सफेद सिरका और बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है। दोनों चीजों को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को उन हिस्सों पर लगाएं जहां गंदगी या काली परत अधिक जमा है। इसे करीब 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें, ताकि जमा मैल ढीला हो सके।

    इसके बाद मुलायम ब्रश या सफाई वाले ब्रश से टाइल्स को हल्के हाथों से रगड़ें। ज्यादा जोर लगाने से टाइल्स की सतह या उनकी फिनिश प्रभावित हो सकती है। सफाई के बाद पानी से पूरी जगह अच्छी तरह धो दें और किसी सूखे कपड़े से पोंछ दें। इस प्रक्रिया से जमी हुई गंदगी काफी हद तक हटाई जा सकती है।

    टाइल्स की सफाई के लिए नींबू और नमक का मिश्रण भी इस्तेमाल किया जा सकता है। नींबू के रस में थोड़ा नमक मिलाकर पेस्ट या घोल तैयार करें। इसे दाग वाले हिस्से पर लगाकर करीब 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद मुलायम ब्रश से हल्के हाथों से सफाई करें और पानी से धो लें।

    हल्की गंदगी और रोजाना की सफाई के लिए गर्म पानी में थोड़ी मात्रा में डिटर्जेंट मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इस घोल को स्पंज या ब्रश की मदद से टाइल्स पर लगाकर साफ करें। नियमित सफाई से साबुन की परत और सामान्य गंदगी ज्यादा समय तक जमा नहीं होती।

    बाथरूम की सफाई करते समय केवल टाइल्स की ऊपरी सतह पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। टाइल्स के बीच मौजूद ग्राउट में भी गंदगी, नमी और फंगस जमा हो सकता है। इन पतली लाइनों की सफाई के लिए पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल किया जा सकता है। छोटे ब्रश से ग्राउट की लाइनों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है और जमा मैल हटाया जा सकता है।

    सफाई के बाद टाइल्स को सूखा रखना भी जरूरी है। पानी की बूंदें लंबे समय तक सतह पर रहने से दोबारा दाग बनने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए सफाई के बाद सूखे कपड़े या वाइपर से अतिरिक्त पानी हटा देना बेहतर रहता है। बाथरूम में हवा का उचित आवागमन रखने से भी लगातार नमी कम करने में मदद मिल सकती है।

    घरेलू सफाई के किसी भी मिश्रण का इस्तेमाल करने से पहले टाइल्स के छोटे और कम दिखाई देने वाले हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर है। अलग-अलग टाइल्स और ग्राउट की सामग्री पर सफाई वाले पदार्थों का प्रभाव अलग हो सकता है। किसी भी क्लीनिंग पदार्थ को आंखों या त्वचा के सीधे संपर्क में आने से बचाना चाहिए।

    बाथरूम की टाइल्स को चमकदार बनाए रखने के लिए नियमितता सबसे महत्वपूर्ण है। सप्ताह में एक बार सामान्य सफाई और जरूरत के अनुसार गहरी सफाई करने से जिद्दी दाग और काली परत जमने की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। साफ टाइल्स के साथ ग्राउट की नियमित सफाई और सफाई के बाद सतह को सुखाने की आदत बाथरूम को लंबे समय तक साफ रखने में मदद कर सकती है।

  • किचन में कांच के बर्तनों का इस्तेमाल बनाता है सामान व्यवस्थित, स्टोरेज से सफाई तक मिलते हैं ये आठ आसान फायदे

    किचन में कांच के बर्तनों का इस्तेमाल बनाता है सामान व्यवस्थित, स्टोरेज से सफाई तक मिलते हैं ये आठ आसान फायदे

    नई दिल्ली ।किचन में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों का चुनाव केवल उनकी खूबसूरती के आधार पर नहीं किया जाता। रोजमर्रा के कामों में ऐसे बर्तन अधिक उपयोगी माने जाते हैं, जिन्हें साफ रखना आसान हो और जिनमें खाद्य सामग्री को व्यवस्थित तरीके से रखा जा सके। इसी वजह से आजकल कई घरों में प्लास्टिक और स्टील के साथ कांच के कंटेनर, जार, बाउल और सर्विंग डिश भी इस्तेमाल किए जाते हैं।

    कांच के बर्तनों की सबसे खास बात उनकी पारदर्शिता है। कंटेनर के अंदर रखी दाल, मसाले, ड्राई फ्रूट्स या अन्य खाद्य सामग्री बाहर से दिखाई देती है। इससे सामान पहचानने के लिए बार बार डिब्बे खोलने की जरूरत नहीं पड़ती और जरूरत की चीज आसानी से ढूंढी जा सकती है।

    कांच की चिकनी सतह के कारण इसे साफ करना भी अपेक्षाकृत आसान होता है। सही तरीके से सफाई करने पर खाद्य पदार्थों के दाग और अवशेष हटाए जा सकते हैं। हालांकि, सफाई के दौरान कांच के बर्तन को गिरने या तेज झटके से बचाना जरूरी होता है।

    कांच की सतह आमतौर पर नॉन पोरस होती है, इसलिए यह कई तरह की तेज गंध को प्लास्टिक जैसी कुछ सामग्रियों की तुलना में कम सोखता है। मसालेदार भोजन, सॉस या अन्य सुगंध वाली चीजें रखने के बाद भी उचित सफाई के साथ कंटेनर को दोबारा इस्तेमाल करना सुविधाजनक हो सकता है।

    ग्लास कंटेनर बचे हुए खाने, फलों, ड्राई फूड और अन्य खाद्य पदार्थों के भंडारण के लिए उपयोग किए जा सकते हैं। कुछ विशेष ग्लास कंटेनर फ्रिज या फ्रीजर में इस्तेमाल के लिए बनाए जाते हैं। हालांकि, किसी भी कांच के बर्तन को कम या ज्यादा तापमान में रखने से पहले उसके इस्तेमाल संबंधी निर्देश देखना जरूरी है।

    कांच के बर्तन केवल स्टोरेज तक सीमित नहीं हैं। ग्लास बाउल और सर्विंग डिश में सलाद, मिठाई और रंगीन व्यंजन आकर्षक दिखाई देते हैं। पारदर्शी बर्तन में भोजन का रंग और उसकी प्रस्तुति साफ नजर आती है, जिससे खाने की मेज पर भी बेहतर लुक मिल सकता है।

    उपयुक्त ग्लास कंटेनर कई कामों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। जरूरत के अनुसार एक ही बर्तन में खाना स्टोर करने, सर्व करने और कुछ मामलों में गर्म करने की सुविधा मिल सकती है। इससे अलग अलग कामों के लिए अतिरिक्त बर्तनों की जरूरत कम हो सकती है।

    पारदर्शी कांच में रखी खाद्य सामग्री का रंग और मात्रा भी आसानी से दिखाई देती है। इससे यह पता लगाने में सुविधा होती है कि कंटेनर में कितना सामान बचा है और उसे दोबारा कब भरने की जरूरत पड़ेगी। इस तरह किचन की सामग्री को व्यवस्थित रखना आसान हो सकता है।

    एक जैसे ग्लास जार और कंटेनर किचन की शेल्फ को साफ और व्यवस्थित रूप दे सकते हैं। खासकर छोटे किचन में अलग अलग सामान को पारदर्शी कंटेनरों में रखने से उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है और जरूरी सामग्री आसानी से दिखाई देती रहती है।

    हालांकि, कांच के बर्तनों का इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूरी है। गर्म ग्लासवेयर को अचानक ठंडे पानी या बहुत ठंडी सतह पर रखने से बचना चाहिए, क्योंकि तापमान में तेज बदलाव से कुछ प्रकार के कांच टूट सकते हैं। माइक्रोवेव, ओवन या फ्रीजर में रखने से पहले यह जरूर जांच लें कि संबंधित कंटेनर उसके लिए उपयुक्त है या नहीं।

  • इस राखी पुराने गिफ्ट से हटकर बहन की पसंद के अनुसार चुनें स्मार्टवॉच, ज्वेलरी, सेल्फ केयर और पर्सनलाइज्ड तोहफे

    इस राखी पुराने गिफ्ट से हटकर बहन की पसंद के अनुसार चुनें स्मार्टवॉच, ज्वेलरी, सेल्फ केयर और पर्सनलाइज्ड तोहफे


    नई दिल्ली । 
    रक्षाबंधन भाई और बहन के रिश्ते को खास तरीके से मनाने वाला त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी खुशी के लिए उपहार देता है। हर साल एक जैसे कपड़े, चॉकलेट या सामान्य गिफ्ट देने के बजाय इस बार बहन की पसंद, जरूरत और जीवनशैली को ध्यान में रखकर कुछ अलग चुना जा सकता है। ऐसा तोहफा ज्यादा खास होता है, जिसका इस्तेमाल वह रोजमर्रा की जिंदगी में भी कर सके।

    अगर आपकी बहन तकनीक और फिटनेस में दिलचस्पी रखती है, तो स्मार्टवॉच अच्छा विकल्प हो सकती है। बाजार में अलग-अलग फीचर और बजट के अनुसार कई विकल्प मिलते हैं। गिफ्ट खरीदते समय उसकी जरूरत और पसंद को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।

    स्टाइल पसंद करने वाली बहन के लिए हैंडबैग उपयोगी और आकर्षक तोहफा हो सकता है। ऑफिस, कॉलेज या रोजाना इस्तेमाल के लिए बैग चुनते समय उसके पसंदीदा रंग, आकार और डिजाइन का ध्यान रखा जा सकता है। ऐसा बैग उसके काम भी आएगा और उसकी पसंद से भी मेल खाएगा।

    स्किन केयर में रुचि रखने वाली बहन को उसकी जरूरत के अनुसार स्किन केयर किट दी जा सकती है। इसमें उसके नियमित इस्तेमाल वाले उत्पाद शामिल किए जा सकते हैं। किसी भी प्रोडक्ट का चुनाव करते समय उसकी पसंद और त्वचा से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

    परफ्यूम भी रक्षाबंधन पर दिया जाने वाला क्लासिक गिफ्ट है। अगर आपको बहन की पसंदीदा खुशबू या सुगंध की श्रेणी मालूम है, तो उसके लिए सही परफ्यूम चुनना आसान हो सकता है। पसंद की खुशबू वाला उपहार व्यक्तिगत एहसास भी देता है।

    ज्वेलरी का छोटा और सलीकेदार पीस भी बहन के लिए यादगार तोहफा बन सकता है। ईयररिंग्स, ब्रेसलेट, पेंडेंट या अन्य हल्की ज्वेलरी उसकी पसंद के अनुसार चुनी जा सकती है। रोजाना पहनने वाली डिजाइन चुनने से गिफ्ट का इस्तेमाल भी अधिक हो सकता है।

    अगर बहन संगीत सुनती है या रोजाना यात्रा करती है, तो वायरलेस ईयरबड्स उसके लिए उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। इस तरह का गिफ्ट मनोरंजन के साथ रोजमर्रा की जरूरत को भी पूरा करता है। खरीदते समय उसके फोन और इस्तेमाल की आदतों के अनुरूप विकल्प चुनना बेहतर रहेगा।

    किताब पढ़ने की शौकीन बहन के लिए उसकी पसंद के लेखक या विषय से जुड़ी किताब दी जा सकती है। इसके साथ अपने हाथ से लिखा छोटा संदेश जोड़ने से यह सामान्य गिफ्ट के बजाय व्यक्तिगत यादगार बन सकता है।

    पर्सनलाइज्ड गिफ्ट भी भाई बहन के रिश्ते के लिए खास विकल्प है। फोटो फ्रेम, कस्टम मग, नाम वाली एक्सेसरी या पुरानी यादों से तैयार किया गया छोटा बॉक्स भावनात्मक महत्व रख सकता है।

    सेल्फ केयर पसंद करने वाली बहन के लिए एक छोटा गिफ्ट बॉक्स तैयार किया जा सकता है। इसमें सुगंधित मोमबत्ती, आई मास्क और आराम से जुड़े सामान्य सामान शामिल किए जा सकते हैं। वहीं अगर आप कोई वस्तु नहीं देना चाहते तो उसके साथ पसंदीदा जगह पर डिनर, फिल्म, कैफे या शॉपिंग का प्लान भी बना सकते हैं।

    रक्षाबंधन पर गिफ्ट की कीमत से ज्यादा उसकी भावना और उपयोगिता मायने रखती है। बहन की पसंद को समझकर चुना गया छोटा सा उपहार भी रिश्ते में अपनापन बढ़ा सकता है। इसलिए इस बार केवल महंगा गिफ्ट चुनने के बजाय ऐसा तोहफा दें, जो उसकी जरूरत और व्यक्तित्व दोनों से जुड़ा हो।

  • शनिदेव का नक्षत्र परिवर्तन खोलेगा किस्मत का रास्ता साढ़ेसाती से परेशान मेष कुंभ और मीन राशि वालों को मिलेंगे शुभ संकेत

    शनिदेव का नक्षत्र परिवर्तन खोलेगा किस्मत का रास्ता साढ़ेसाती से परेशान मेष कुंभ और मीन राशि वालों को मिलेंगे शुभ संकेत


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है। मान्यता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं और जब शनि की स्थिति बदलती है तो उसका प्रभाव सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में देखने को मिलता है। शनि ग्रह की चाल अन्य ग्रहों की तुलना में काफी धीमी होती है इसलिए उनका राशि और नक्षत्र परिवर्तन ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। 20 अगस्त 2026 को शनिदेव नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस बदलाव का विशेष प्रभाव उन राशियों पर पड़ सकता है जो इस समय शनि की साढ़ेसाती से गुजर रही हैं।

    सबसे पहले बात करते हैं मेष राशि की। मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। इस दौरान कई लोगों को मानसिक दबाव रुकावट और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। शनि के नक्षत्र परिवर्तन के बाद परिस्थितियों में धीरे धीरे स्थिरता आने की उम्मीद है। अचानक आने वाली बाधाएं कम हो सकती हैं और कामकाज में संतुलन बन सकता है। व्यापार करने वाले जातकों के लिए भी समय बेहतर हो सकता है। सोच समझकर लिए गए फैसले और योजनाबद्ध निवेश से लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। हालांकि जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना जरूरी रहेगा।

    कुंभ राशि वालों के लिए भी शनि का नक्षत्र परिवर्तन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। ऐसे में लंबे समय से मानसिक तनाव और संघर्ष झेल रहे जातकों को राहत के संकेत मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में अटके हुए काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं। नौकरी और कारोबार में परिस्थितियां धीरे धीरे अनुकूल होने की संभावना है। आर्थिक मोर्चे पर भी सुधार देखने को मिल सकता है और लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने के संकेत मिल सकते हैं। इस दौरान धैर्य बनाए रखना और अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से पूरा करना फायदेमंद रहेगा।

    मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का मध्य चरण चल रहा है। इस वजह से मानसिक दबाव कार्यस्थल की चिंता और भविष्य को लेकर असमंजस जैसी स्थितियां बनी रह सकती हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार नक्षत्र परिवर्तन के बाद इन परेशानियों में कमी आ सकती है। मन में बना अज्ञात भय और भ्रम दूर होने के साथ काम पर ध्यान केंद्रित करना आसान हो सकता है। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ेगी और परिवार के सदस्यों तथा वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग भी प्राप्त हो सकता है।

    शनिदेव की कृपा पाने के लिए ज्योतिष में कुछ उपाय भी बताए गए हैं। शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा ऊं शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है। गरीब और जरूरतमंद लोगों को काले तिल उड़द की दाल या काले वस्त्र का दान करना भी शनि की कृपा पाने के उपायों में शामिल है। हालांकि राशिफल और ज्योतिषीय उपाय आस्था और मान्यताओं पर आधारित होते हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के बजाय पारंपरिक ज्योतिषीय विश्वास के रूप में देखना उचित है।

  • बृजभूषण की संपत्ति पर विनेश फोगाट ने उठाए सवाल, बोलीं- अब पीछे नहीं हटूंगी, सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे

    बृजभूषण की संपत्ति पर विनेश फोगाट ने उठाए सवाल, बोलीं- अब पीछे नहीं हटूंगी, सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे


    नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और पहलवान विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को लेकर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। हरियाणा के जींद में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में विनेश ने बृजभूषण को गुंडा और अपराधी बताते हुए सवाल किया कि आखिर ऐसे व्यक्ति को इतना सम्मान क्यों दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक ताकत और पैसे के प्रभाव का इस्तेमाल महिलाओं के खिलाफ किया गया और भारतीय जनता पार्टी पर बृजभूषण का समर्थन करने का आरोप लगाया।

    विनेश फोगाट ने बृजभूषण के राजनीतिक प्रभाव वाले उत्तर प्रदेश के गोंडा इलाके को लेकर भी कई सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि वहां कई लोगों को परेशान किए जाने और जमीन पर कब्जे से जुड़े सवाल सामने आते रहे हैं। विनेश ने बृजभूषण की संपत्ति और धन के स्रोत पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि इतनी संपत्ति और पैसा कहां से आया। उन्होंने हेलिकॉप्टर से यात्रा और कथित आर्थिक प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि इन सवालों के जवाब सामने आने चाहिए। विनेश ने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई आगे सुप्रीम कोर्ट तक ले जाई जाएगी।

    महिला पहलवानों से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र करते हुए विनेश ने बृजभूषण पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे और ताकत के दम पर लड़कियों के साथ अत्याचार किया जाता है। विनेश के मुताबिक यही BJP की हकीकत है और पार्टी बृजभूषण का समर्थन कर रही है। हालांकि बृजभूषण इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं और हाल ही में एक अदालत ने उन्हें मामले में बरी किया है।

    विनेश ने 2023 के पहलवान आंदोलन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले पहलवानों के साथ जिस तरह का पुलिस व्यवहार हुआ था वैसा ही व्यवहार अब प्रदर्शन कर रही बेटियों के साथ देखने को मिला। महिला पहलवानों के आरोपों के बाद 2023 में विनेश फोगाट साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई पहलवानों ने विरोध प्रदर्शन किया था। यह आंदोलन भारतीय कुश्ती और खेल प्रशासन को लेकर देशभर में चर्चा का बड़ा मुद्दा बना था।

    विनेश फोगाट ने BJP के राष्ट्रवाद और देशभक्ति के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि BJP नेताओं को कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं है। RSS कार्यालयों में लंबे समय तक तिरंगा नहीं फहराए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आज वही लोग तिरंगा यात्राएं निकाल रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े कथित शुद्धिकरण विवाद का भी जिक्र किया और सवाल किया कि क्या किसी दलित नेता को किसी स्थान पर जाने का अधिकार नहीं है।

    हरियाणा BJP अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के कथित बयान को लेकर भी विनेश ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समुदायों को लेकर इस तरह के बयान केवल प्रचार और TRP हासिल करने के लिए दिए जाते हैं। विनेश ने दावा किया कि BJP का समय खत्म हो रहा है और जनता अब ऐसे बयानों का जवाब देगी। उन्होंने कहा कि लोगों की राय लेना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सकारात्मक हिस्सा है और नेताओं को जनता की बात सुननी चाहिए।

    विनेश फोगाट के इन बयानों के बाद बृजभूषण शरण सिंह और BJP को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज होने की संभावना है। 2023 का पहलवान आंदोलन पहले ही भारतीय खेल और राजनीति के बीच रिश्तों को लेकर बड़ा विवाद बन चुका है। अब विनेश के ताजा आरोपों ने इस पुराने विवाद को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

  • घी में नारियल तेल और शहद मिलाकर घर पर बनाएं नेचुरल लिप बाम, रूखे और फटे होंठों की देखभाल में आएगा काम

    घी में नारियल तेल और शहद मिलाकर घर पर बनाएं नेचुरल लिप बाम, रूखे और फटे होंठों की देखभाल में आएगा काम


    नई दिल्ली ।
    बदलते मौसम, तेज धूप, हवा और होंठों की पर्याप्त देखभाल नहीं होने के कारण अक्सर लिप्स रूखे और फटने लगते हैं। ऐसे में होंठों को नमी देने के लिए लोग अलग-अलग तरह के लिप बाम का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप घर पर उपलब्ध चीजों से आसान लिप केयर तैयार करना चाहते हैं, तो देसी घी से बना लिप बाम एक विकल्प हो सकता है।

    घी त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद करने वाले फैट का स्रोत है। इसके साथ नारियल तेल मिलाने से मिश्रण में चिकनाई और मॉइस्चराइजिंग गुण बढ़ जाते हैं। शहद भी होंठों को नमी देने में मदद कर सकता है। इन चीजों को सही मात्रा में मिलाकर घर पर एक साधारण लिप बाम तैयार किया जा सकता है।

    इसके लिए चार बड़े चम्मच देसी घी, दो बड़े चम्मच नारियल तेल और एक बड़ा चम्मच शहद लिया जा सकता है। खुशबू के लिए कुछ बूंदें लैवेंडर या पुदीना एसेंशियल ऑयल की मिलाने का विकल्प भी रखा जा सकता है। हालांकि, संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल करने से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    लिप बाम बनाने के लिए सबसे पहले एक साफ छोटे बर्तन में देसी घी और नारियल तेल डालें। दोनों चीजों को धीमी आंच पर हल्का गर्म करें, ताकि वे अच्छी तरह पिघलकर एकसार हो जाएं। मिश्रण को बहुत ज्यादा गर्म करने की जरूरत नहीं है। दोनों चीजें पिघलने के बाद इसे कुछ देर ठंडा होने दें।

    जब मिश्रण हल्का ठंडा हो जाए, तब इसमें शहद डालकर अच्छी तरह मिला दें। अगर एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इस चरण में उसकी कुछ बूंदें डाली जा सकती हैं। सभी सामग्री अच्छी तरह मिल जाने के बाद मिश्रण को साफ और पूरी तरह सूखे छोटे कंटेनर में भर दें।

    तैयार मिश्रण को कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रखने से यह जमकर बाम जैसी बनावट ले सकता है। जमने के बाद इसे जरूरत के अनुसार होंठों पर लगाया जा सकता है। खासकर रात में सोने से पहले इसकी हल्की परत लगाने से होंठों को नमी देने में मदद मिल सकती है।

    इस घरेलू लिप बाम को बनाते समय स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जिस कंटेनर में इसे रखा जाए, वह साफ और सूखा होना चाहिए। गीले या गंदे कंटेनर में रखने से घरेलू मिश्रण जल्दी खराब हो सकता है। इसे बहुत लंबे समय तक रखने के बजाय कम मात्रा में बनाकर इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है।

    पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर पैच टेस्ट करना जरूरी है। किसी भी सामग्री से जलन, लालिमा, खुजली या असहजता महसूस हो तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। खासतौर पर संवेदनशील त्वचा या किसी सामग्री से पहले से एलर्जी होने पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

    यह भी ध्यान रखना चाहिए कि होंठों का बार-बार फटना केवल रूखेपन की वजह से नहीं होता। मौसम, पानी की कमी, होंठों को बार-बार चाटने की आदत या किसी अन्य कारण से भी समस्या हो सकती है। लगातार परेशानी बनी रहे तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।