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  • कला और यथार्थ का अद्भुत संगम: श्याम बेनेगल की 10 आइकोनिक फिल्में, जिनकी चमक आज भी बरकरार है!

    कला और यथार्थ का अद्भुत संगम: श्याम बेनेगल की 10 आइकोनिक फिल्में, जिनकी चमक आज भी बरकरार है!


    नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा जगत में श्याम बेनेगल का नाम एक ऐसे हस्ताक्षर के रूप में दर्ज है, जिन्होंने पर्दे पर ग्लैमर के बजाय यथार्थ को प्राथमिकता दी। उनकी फिल्मों ने न केवल समाज की रूढ़ियों पर प्रहार किया, बल्कि अभिनय की एक नई पौध (शबाना आज़मी, स्मिता पाटिल, नसीरुद्दीन शाह) को भी जन्म दिया। आइए, उनके करियर की 10 सबसे बेहतरीन फिल्मों पर एक नज़र डालते हैं:

    1. अंकुर (1974):
    यह श्याम बेनेगल की पहली फिल्म थी और इसने रिलीज होते ही धमाका कर दिया। सामाजिक भेदभाव और मानवाधिकारों के मुद्दे पर बनी इस फिल्म ने 40 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते। शबाना आज़मी की भी यह पहली फिल्म थी, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया।

    2. मंडी (1983):
    वेश्यावृत्ति और समाज के दोहरे मानदंडों पर प्रहार करती यह फिल्म एक वेश्यालय की कहानी है। इसमें शबाना आज़मी और स्मिता पाटिल के बेजोड़ अभिनय ने इसे मील का पत्थर बना दिया। इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

    3. कलयुग (1981):
    महाभारत के कथानक को आधुनिक कॉर्पोरेट जगत के परिप्रेक्ष्य में पेश करने वाली यह फिल्म एक मास्टरपीस है। इसमें दो परिवारों के बीच व्यापारिक दुश्मनी को बहुत ही गहराई से फिल्माया गया था।

    4. जुबैदा (2001):
    करिश्मा कपूर, रेखा और मनोज बाजपेयी अभिनीत यह फिल्म एक अलग ही मिजाज की प्रेम कहानी थी। इसमें एक राजकुमारी के संघर्ष और उसकी भावनाओं को बखूबी दिखाया गया था।

    5. भूमिका (1977):
    एक प्रसिद्ध मराठी अभिनेत्री के जीवन पर आधारित यह फिल्म दिखाती है कि कैसे एक सफल महिला की जिंदगी में आने वाले पुरुष उसके जीवन को प्रभावित करते हैं। स्मिता पाटिल ने इस रोल को अमर कर दिया।

    6. निशांत (1975):
    यह फिल्म सामंती समाज में उच्च वर्ग द्वारा किए जाने वाले शोषण की दर्दनाक दास्तां है। इस फिल्म को शिकागो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन प्लेक अवॉर्ड से नवाजा गया था।

    7. मुजीब: द मेकिंग ऑफ ए नेशन (2023):
    बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान की यह बायोपिक श्याम बेनेगल के करियर की हालिया महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक है। इसमें इतिहास के पन्नों को बड़ी ईमानदारी से पर्दे पर उतारा गया है।

    8. सारांश:
    यह फिल्म एक वृद्ध पिता के संघर्ष की मार्मिक कहानी है, जो अपने बेटे की असामयिक मृत्यु के बाद व्यवस्था से लड़ता है और फिर से जीना सीखता है।

    9. जुनून (1978):
    1857 के विद्रोह की पृष्ठभूमि पर बनी इस ऐतिहासिक फिल्म ने एक अंग्रेज लड़की और एक भारतीय नवाब शशि कपूर की जटिल प्रेम कहानी को दिखाया। इसकी भव्यता और निर्देशन आज भी सराहा जाता है।

    10. मंथन (1976):
    सहकारिता आंदोलन और ‘श्वेत क्रांति’ पर आधारित इस फिल्म की खास बात यह थी कि इसे गुजरात के 5 लाख किसानों ने 2-2 रुपये चंदा देकर फाइनेंस किया था।

  • गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ की कायराना हरकत: पाकिस्तान से जारी हुआ पुलिस की हत्या का वीडियो, पंजाब में सुरक्षा और सियासत दोनों गर्म!

    गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ की कायराना हरकत: पाकिस्तान से जारी हुआ पुलिस की हत्या का वीडियो, पंजाब में सुरक्षा और सियासत दोनों गर्म!


    नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब के गुरदासपुर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास तैनात दो पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या के मामले ने अब एक अंतरराष्ट्रीय और आतंकी मोड़ ले लिया है। इस जघन्य हत्याकांड के अगले ही दिन पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया पर एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो पोस्ट किया है। इस अपुष्ट वीडियो में एक अज्ञात शूटर को बेहद करीब से ड्यूटी पर तैनात एएसआई गुरनाम सिंह पर गोलियां बरसाते हुए देखा जा सकता है।

    हैरानी की बात यह है कि इसी वीडियो कोतहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान TTH नामक संगठन ने भी साझा किया है। इसी संगठन ने रविवार को हुई इन हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि पंजाब पुलिस ने अब तक इन दावों और वीडियो की सत्यता पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इसटेरर-गैंगस्टर लिंक समेत सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।

    शहादत को सलाम: 2-2 करोड़ की आर्थिक सहायता
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कायराना हमले में शहीद हुए एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार के परिवारों के लिए भारी अनुग्रह राशि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नेएक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पंजाब सरकार दोनों शहीदों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये देगी। इसके अतिरिक्त, एचडीएफसी HDFC बैंक की ओर से भी बीमा कवर के रूप में 1-1 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। यानी प्रत्येक शहीद परिवार को कुल 2 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।

    ड्रोन तस्करी के लिए संवेदनशील है यह इलाका
    यह घटना अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज दो किलोमीटर दूरअधियान चेकपोस्ट पर हुई। फॉरेंसिक टीम ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया। शुरुआती जांच में पता चला कि एएसआई गुरनाम सिंह का शव कुर्सी पर मिला, जबकि होमगार्ड अशोक कुमार का शव चारपाई पर था। जिस शांति और अचानक तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया गया, वह किसी पेशेवर शूटर की संलिप्तता की ओर इशारा करता है। बता दें कि यह क्षेत्र सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली हेरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।

    विपक्ष का तीखा हमला: यह शासन नहीं, आत्मसमर्पण है
    इस घटना ने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का इस्तीफा मांगते हुए कहा कि जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने इसे राज्य सरकार का गैंगस्टरों के आगेआत्मसमर्पण करार दिया। वहीं कांग्रेस ने भी इस मामले की केंद्रीय जांच Central Investigation की मांग की है ताकि सीमा पार की साजिशों का पर्दाफाश हो सके।

    राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
    शहीद होमगार्ड अशोक कुमार का उनके पैतृक गांव कैलाशपुर में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पंजाब पुलिस के आला अधिकारी और भारी जनसैलाब मौजूद था, जिन्होंने नम आंखों से अपने वीर जवान को विदाई दी। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।

  • सोना दो दिन में ₹4 हजार महंगा, 10 ग्राम 24 कैरेट का भाव ₹1.59 लाख पहुंचा, चांदी की कीमतें गिरीं

    सोना दो दिन में ₹4 हजार महंगा, 10 ग्राम 24 कैरेट का भाव ₹1.59 लाख पहुंचा, चांदी की कीमतें गिरीं


    नई दिल्ली । आज यानी 24 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,021 बढ़कर ₹1,59,241 प्रति 10 ग्राम हो गया है। इससे पहले यह ₹1,58,220 पर था। यानी दो कारोबारी दिनों में सोना लगभग ₹4 हजार महंगा हुआ है।

    वहीं, चांदी के दामों में गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी की कीमत आज ₹1,163 घटकर ₹2,62,912 पर आ गई, जबकि कल यह ₹2,64,075 प्रति किलो थी।इस साल सोने और चांदी की कीमतों में पहले से ही तेजी रही है। 2026 में अब तक सोना ₹26,000 और चांदी ₹33,000 महंगी हो चुकी है। जनवरी में 29 तारीख को सोने ने ₹1,76,000 और चांदी ने ₹3,86,000 प्रति किलो का ऑल टाइम हाई भी छुआ था।

    पिछले साल 2025 में भी सोने और चांदी ने निवेशकों को बड़ा लाभ दिया। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76,000 का था, जो 31 दिसंबर 2025 को ₹1,33,000 हो गया, यानी लगभग ₹57,000 की बढ़ोतरी। चांदी में भी 167% का इजाफा हुआ। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86,000 थी, जो साल के अंत तक ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई।

    आने वाले समय में सोने की कीमतों को लेकर UBS जैसी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनियों ने अनुमान लगाया है कि मांग और खरीदारी और बढ़ सकती है। 2025 में दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था, जबकि 2026 में यह आंकड़ा 950 टन तक पहुंचने का अनुमान है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश भी 825 टन तक होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार साल के मध्य तक सोना $6,200 प्रति औंस तक जा सकता है, यानी भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव ₹1.80 लाख तक पहुंच सकता है।

    सोना खरीदते समय ध्यान रखें ये बातें:

    सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड हॉलमार्क वाला सोना खरीदें। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है जैसे AZ4524, जिससे कैरेट पता चलता है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का वजन और कीमत दिन के हिसाब से कई सोर्सेज से चेक करें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने का भाव अलग होता है। सोने और चांदी में निवेश करते समय सही समय और प्रमाणित गोल्ड चुनना सबसे जरूरी है, ताकि लाभ सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ रहे।

  • मेटा को बड़ा झटका: 213 करोड़ का जुर्माना और डेटा शेयरिंग पर रोक बरकरार, CJI की पीठ के सख्त रुख के आगे झुकी ग्लोबल टेक दिग्गज!

    मेटा को बड़ा झटका: 213 करोड़ का जुर्माना और डेटा शेयरिंग पर रोक बरकरार, CJI की पीठ के सख्त रुख के आगे झुकी ग्लोबल टेक दिग्गज!


    नई दिल्ली: वैश्विक तकनीकी दिग्गज मेटा और उसके लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने सोमवार 23 फरवरी को देश की सर्वोच्च अदालत में एक बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। मुख्य न्यायाधीश CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण NCLT के उन सभी निर्देशों का पालन करेगा, जो भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग CCI द्वारा निर्धारित गोपनीयता और सहमति मानकों से संबंधित हैं।

    मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ दिसंबर 2025 में आए NCLT के आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान व्हाट्सएप के इस ‘यू-टर्न’ ने सबको चौंका दिया, क्योंकि कंपनी ने पहले इन निर्देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। अब व्हाट्सएप ने अपनी वह अर्जी वापस ले ली है जिसमें उसने नियामक निर्देशों पर रोक लगाने की मांग की थी।

    कपिल सिब्बल ने रखी दलील: 16 मार्च तक होगा अनुपालन

    व्हाट्सएप की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ को भरोसा दिलाया कि कंपनियां आगामी 16 मार्च तक न्यायाधिकरण के सभी निर्देशों को पूरी तरह से लागू कर देंगी। इस पर पीठ ने न केवल स्थगन याचिकाओं को खारिज कर दिया, बल्कि कंपनियों से एक विस्तृत ‘अनुपालन रिपोर्ट’ Compliance Report भी तलब की है। हालांकि, अदालत ने यह साफ कर दिया कि इस सहमति का मुख्य अपील में उठाए गए कानूनी मुद्दों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उन पर अलग से विचार किया जाएगा।

    213 करोड़ का जुर्माना और ‘डेटा’ का खेल
    यह पूरा विवाद व्हाट्सएप की 2021 की विवादास्पद गोपनीयता नीति से शुरू हुआ था। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग CCI ने व्हाट्सएप पर अपनी प्रधान स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए 213.14 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया था। CCI का आरोप था कि व्हाट्सएप ‘टेक इट ऑर लीव इट’ मानो या छोड़ो की तर्ज पर उपयोगकर्ताओं को अपना डेटा मेटा की अन्य कंपनियों के साथ साझा करने के लिए मजबूर कर रहा है।

    यद्यपि NCLT ने अपने नवंबर 2025 के आदेश में उस हिस्से को हटा दिया था जिसमें विज्ञापन के लिए डेटा साझा करने पर पांच साल की पूर्ण रोक लगाई गई थी, लेकिन 213 करोड़ रुपये के जुर्माने को बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में 3 फरवरी को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि “नागरिकों के निजता के अधिकार के साथ ‘डेटा साझा करने’ के नाम पर खिलवाड़ नहीं किया जा सकता।”

    क्या होगा असर?
    व्हाट्सएप के इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि अब उसे भारतीय उपयोगकर्ताओं के डेटा का उपयोग विज्ञापनों के लिए करने से पहले उनकी स्पष्ट सहमति लेनी होगी और पारदर्शिता के कड़े मानकों का पालन करना होगा। यह फैसला भारत में डिजिटल नागरिक अधिकारों और डेटा सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जहां बड़ी टेक कंपनियों को भारतीय नियामकों के प्रति जवाबदेह बनाया गया है।

  • बैंकिंग जगत में हड़कंप: हरियाणा सरकार के 590 करोड़ के गबन पर RBI की पैनी नजर, IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर 20% टूटे!

    बैंकिंग जगत में हड़कंप: हरियाणा सरकार के 590 करोड़ के गबन पर RBI की पैनी नजर, IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर 20% टूटे!


    नई दिल्ली/चंडीगढ़: हरियाणा के प्रशासनिक और सियासी गलियारों में इन दिनों 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले को लेकर भारी हलचल मची हुई है। IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में हुई वित्तीय अनियमितताओं के खुलासे ने हड़कंप मचा दिया है। इस गंभीर मुद्दे पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि “जनता का एक-एक पैसा वापस लाया जाएगा” और इस महाघोटाले में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

    यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब एक सरकारी विभाग ने अपने खाते को बंद कर धनराशि को दूसरे बैंक में स्थानांतरित Transfer करने की प्रक्रिया शुरू की। प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए जब उन्होंने पाया कि कागजों पर दर्ज राशि और बैंक खाते के वास्तविक बैलेंस के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। बैंक की आंतरिक जांच में पता चला कि यह गड़बड़ी केवल एक खाते तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसी शाखा से जुड़े कई अन्य सरकारी खातों में भी सेंध लगाई गई थी।

    विधानसभा में गूंजा मुद्दा, विपक्ष ने घेरा
    23 फरवरी को हरियाणा विधानसभा में इस घोटाले की गूंज सुनाई दी। विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर इतनी बड़ी राशि की हेराफेरी कैसे संभव हुई और अब तक दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई है? हुड्डा के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य की एंटी-करप्शन ब्यूरो ACB और विजिलेंस विभाग इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, चाहे वह बैंक का कर्मचारी हो या कोई रसूखदार सरकारी अधिकारी, जिसने भी जनता की कमाई पर हाथ साफ किया है, उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

    बैंकिंग प्रणाली और बाजार पर असर
    घोटाले की खबर सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को बैंक का शेयर 20 प्रतिशत तक लुढ़ककर 66.85 रुपये पर आ गया। बैंक के एमडी और सीईओ वी. वैद्यनाथन ने स्वीकार किया कि यह धोखाधड़ी बैंक के कुछ कर्मचारियों और बाहरी पक्षों की मिलीभगत का परिणाम है। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि यह कोई तकनीकी या प्रणालीगत त्रुटि Systemic Error नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी जो केवल हरियाणा सरकार के विशिष्ट खातों तक सीमित थी।

    RBI की पैनी नजर
    भारतीय रिजर्व बैंक RBI भी इस पूरे घटनाक्रम पर सतर्कता बनाए हुए है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि केंद्रीय बैंक इस मामले की बारीकी से निगरानी कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकिंग सिस्टम में कोई बड़ी “प्रणालीगत समस्या” नहीं है और यह मामला एक विशेष इकाई और ग्राहक समूह तक ही सीमित है।

    हरियाणा सरकार ने अब अपनी वित्तीय निगरानी व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की सेंधमारी न हो सके। मुख्यमंत्री के सख्त लहजे ने यह साफ कर दिया है कि सरकार इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने के मूड में बिल्कुल नहीं है।

  • होलाष्टक आज से शुरू: विवाह और मांगलिक कार्यों का मुहूर्त निषिद्ध, होलिका दहन पर लगेगा चंद्र ग्रहण

    होलाष्टक आज से शुरू: विवाह और मांगलिक कार्यों का मुहूर्त निषिद्ध, होलिका दहन पर लगेगा चंद्र ग्रहण


    नई दिल्ली । आज 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू हो रहा है। होली से पहले के आठ दिन यानी फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक माना जाता है। इन आठ दिनों में विवाह, जनेऊ, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं रहते। ज्योतिषियों के अनुसार इस दौरान ग्रहों की स्थिति उग्र होती है, इसलिए मांगलिक कार्यों के लिए शुभ योग नहीं बनते। होलाष्टक का समापन होलिका दहन के साथ होता है।

    इस साल होलिका दहन यानी फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण भी होगा। ग्रहण के समय और सूतक में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। 3 मार्च को सुबह 6.21 बजे से ग्रहण का सूतक शुरू होगा और दोपहर 3.21 बजे से ग्रहण आरंभ होकर शाम 6.47 बजे तक रहेगा। ग्रहण के दौरान रंग-गुलाल खेलना उचित नहीं माना गया है। ज्योतिषियों की सलाह है कि इस समय मानसिक रूप से मंत्र जप, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करना चाहिए। इसके चलते इस साल धुलंडी होली 4 मार्च को मनाने की सलाह दी जा रही है, हालांकि कुछ पंचांगों में 3 मार्च को भी होली खेलने का उल्लेख है।

    होलाष्टक की कथा

    होलाष्टक से जुड़ी कथा भक्त प्रह्लाद से संबंधित है। असुरराज हिरण्यकश्यपु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति के कारण अनेक यातनाएं दीं। फाल्गुन कृष्ण अष्टमी से पूर्णिमा तक होलिका ने प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने की कोशिश की, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका अग्नि में भस्म हो गई। तभी से होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

    होलाष्टक में किए जाने वाले शुभ कार्य

    ध्यान, जप और पूजा का विशेष महत्व। शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें, बिल्वपत्र चढ़ाएं और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें। हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें। भगवान विष्णु और महालक्ष्मी की पूजा करें, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें दान-पुण्य, हवन, अभिषेक, ध्यान और तीर्थ यात्रा करना शुभ फलदायी माना गया है। इस प्रकार होलाष्टक का समय आध्यात्मिक उन्नति और भक्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है, जबकि मांगलिक कार्यों के लिए यह निषिद्ध अवधि है। होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण के कारण इस वर्ष रंगों की होली 4 मार्च को खेलने की सलाह दी जा रही है।

  • PM मोदी की इजरायल यात्रा और 'गोल्डन हेरोइजन' का दांव: सुखोई के साथ मिलकर अभेद्य किलों को खाक कर देगी यह मिसाइल!

    PM मोदी की इजरायल यात्रा और 'गोल्डन हेरोइजन' का दांव: सुखोई के साथ मिलकर अभेद्य किलों को खाक कर देगी यह मिसाइल!


    नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी इजरायल यात्रा को लेकर देश और दुनिया के रक्षा गलियारों में जबरदस्त हलचल है। पिछले आठ वर्षों में पीएम मोदी की यह पहली इजरायल यात्रा होगी, जिसे रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस यात्रा के दौरान रक्षा, ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के क्षेत्रों में ऐतिहासिक समझौते हो सकते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इजरायल की उस ‘सीक्रेट’ मिसाइल प्रणाली की हो रही है, जिसने रक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। खबरें हैं कि इजरायल ने भारत को अपनी सबसे शक्तिशाली एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम गोल्डन हेरोइजन Golden Horizon देने की पेशकश की है। यद्यपि आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है, परंतु यदि यह सौदा सिरे चढ़ता है, तो भारतीय वायुसेना की ताकत में कई गुना इजाफा होना तय है।

    गोल्डन हेरोइजन कोई साधारण मिसाइल नहीं है; यह इजरायल की उस उन्नत सैन्य तकनीक का हिस्सा है जिसे उसने हमास और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच विशेष रूप से विकसित किया है। अक्टूबर 2024 में ईरान पर हमले से ठीक पहले लीक हुए अमेरिकी दस्तावेजों ने दुनिया को इस मिसाइल के वजूद से रूबरू कराया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह एक ऐसी मिसाइल है जिसे फाइटर जेट्स से हवा में ही दागा जा सकता है। इसकी मारक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी अनुमानित रेंज 1,500 से 2,000 किलोमीटर के बीच है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस रेंज के साथ भारतीय विमान बिना दुश्मन की सीमा में प्रवेश किए उनके गहरे ठिकानों को तबाह कर सकते हैं।

    इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ़्तार और भेदने की क्षमता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, गोल्डन हेरोइजन गहरे भूमिगत बंकरों और भारी सुरक्षा वाले ढांचों को भी मिट्टी में मिलाने की शक्ति रखती है। जब इसे फाइटर जेट से छोड़ा जाता है, तो यह पहले एक निश्चित ऊंचाई तक बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र Trajectory का पालन करती है और फिर सीधे लक्ष्य पर काल बनकर गिरती है। अपने अंतिम चरण में इसकी गति 5 मैक ध्वनि की गति से पांच गुना से भी अधिक हो जाती है, जो इसे ‘हाइपरसोनिक’ श्रेणी के करीब खड़ा करती है। तुलनात्मक रूप से देखें तो भारत की शान कही जाने वाली ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल की गति 2.8 मैक है। यानी गोल्डन हेरोइजन न केवल रफ़्तार में बल्कि मारक क्षमता में भी एक नया बेंचमार्क स्थापित करती है।

    भारतीय परिप्रेक्ष्य में यह मिसाइल गेम-चेंजर साबित हो सकती है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल सुखोई-30 MKI Su-30MKI जैसे शक्तिशाली विमान इस मिसाइल को ढोने और दागने के लिए पूरी तरह अनुकूल बताए जा रहे हैं। पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों के साथ बढ़ते सीमा विवादों के बीच, यह तकनीक भारत को एक ऐसा ‘स्टैंड-ऑफ’ लाभ देगी जिससे दुश्मन का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह नाकाम हो जाएगा। गाजा युद्ध में हमास के सुरंग नेटवर्क को ध्वस्त करने वाली इस तकनीक ने अपनी उपयोगिता पहले ही साबित कर दी है।

    प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से उम्मीद है कि रक्षा क्षेत्र में केवल हथियारों की खरीद ही नहीं, बल्कि तकनीक के हस्तांतरण Technology Transfer पर भी बात होगी। यदि गोल्डन हेरोइजन भारतीय शस्त्रागार का हिस्सा बनती है, तो यह न केवल भारत की मारक क्षमता को बढ़ाएगी बल्कि दक्षिण एशिया के सैन्य संतुलन को भी पूरी तरह भारत के पक्ष में झुका देगी। हालांकि, दुनिया की निगाहें अब नई दिल्ली और यरुशलम से आने वाली आधिकारिक घोषणाओं पर टिकी हैं, लेकिन इतना साफ है कि यह दोस्ती आने वाले समय में दुश्मनों के लिए ‘काल’ साबित होने वाली है।

  • जेल में बनी गैंग 11 ने अंबाह में डाली डकैती, किन्नर गुरु को बंधक बनाकर सोना-चांदी लूटा

    जेल में बनी गैंग 11 ने अंबाह में डाली डकैती, किन्नर गुरु को बंधक बनाकर सोना-चांदी लूटा


    मुरैना। अंबाह में किन्नर गुरु के घर हुई सनसनीखेज डकैती ने पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वारदात के पीछे मामा भांजे की जोड़ी द्वारा जेल में तैयार की गई 11 सदस्यों की संगठित गैंग का हाथ सामने आया है। इस गिरोह ने पांच दिन के भीतर तीन अलग अलग जगहों पर वारदात की कोशिश की जिनमें दो बार असफल रहने के बाद तीसरी बार अंबाह में बड़ी लूट को अंजाम देकर फरार हो गए।

    पुलिस जांच के मुताबिक गिरोह की कमान सुरेश निषाद और उसके भांजे सुनील निषाद के हाथ में थी। दोनों पहले से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और जेल में बंद रहने के दौरान उनकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई। समान आपराधिक पृष्ठभूमि और एक ही समाज से जुड़े होने के कारण इनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। जेल से रिहा होने के बाद मामा भांजे ने संपर्क बनाए रखा और नौ अन्य लोगों को जोड़कर गैंग 11 तैयार कर ली। गिरोह के सभी सदस्य मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश और राजस्थान में दर्ज मामलों में आरोपी रहे हैं।

    गैंग ने 13 जनवरी को राजस्थान के पाली जिले के सराफा बाजार में पहली वारदात की कोशिश की लेकिन बाजार में हलचल होने से भागना पड़ा। 16 जनवरी को मुरैना जिले के कैलारस में एक परिवार को बंधक बनाकर चोरी की पर उम्मीद के मुताबिक माल नहीं मिला। उसी रात सराफा बाजार में सीसीटीवी तार काटने के बावजूद वे सफल नहीं हो सके। 17 जनवरी की रात करीब दो बजे बदमाश सफेद एसयूवी से अंबाह पहुंचे। खेतों के रास्ते छत पर चढ़कर गैस कटर से गेट काटा और घर में घुस गए। किन्नर राबिया और रिया को हथियारों की नोक पर बंधक बनाकर 22 तोला सोना 4 किलो चांदी और करीब चार लाख रुपये नकद लूट लिए। पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी डीवीआर भी साथ ले गए।

    पीड़िता के अनुसार लूट के बाद बदमाशों ने अश्लील हरकतें कीं और जान से मारने की धमकी दी। बदमाश बार बार घर में किसी पुरुष की मौजूदगी के बारे में पूछते रहे। एक आरोपी के फारसी भाषा बोलने का भी जिक्र सामने आया है जिससे अंदरूनी मुखबिरी की आशंका गहराई। जांच में पता चला कि एक मुस्लिम साईं ने किन्नर के यहां कार्यक्रमों के दौरान जेवर देखे थे और यह जानकारी अपने दामाद के माध्यम से सुनील निषाद तक पहुंचाई गई जिसके बाद पूरी योजना बनाई गई।

    घटना के बाद मुरैना पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित कर मध्यप्रदेश राजस्थान और उत्तर प्रदेश में जांच का दायरा बढ़ाया। 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और मुखबिर की सूचना पर अलग अलग राज्यों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये नकद डेढ़ किलो चांदी और छह तोला सोना बरामद किया गया है। मुख्य आरोपी समेत छह बदमाश अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है जिसने योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अन्य मामलों के भी खुलासे होने की संभावना है।

  • अंक ज्योतिष भविष्यफल: आज स्थिरता और भावनात्मक संतुलन पर रहेगा जोर

    अंक ज्योतिष भविष्यफल: आज स्थिरता और भावनात्मक संतुलन पर रहेगा जोर


    नई दिल्ली:24 फरवरी 2026 का अंक ज्योतिष जीवन में स्थिरता, जिम्मेदारी और भावनात्मक संतुलन को प्राथमिकता देने का संकेत देता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज का मूलांक 6 है, जो प्रेम, परिवार, सामंजस्य और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। वहीं भाग्यांक 9 त्याग, पूर्णता और पुराने बोझ से मुक्ति की ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है।

    इन दोनों अंकों का संयोजन यह दर्शाता है कि आज का दिन जल्दबाजी से बचकर धैर्य और विवेक के साथ निर्णय लेने के लिए अनुकूल है। कार्यक्षेत्र और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक रहेगा। भावनात्मक रूप से परिपक्व फैसले भविष्य में स्थायी और सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।

    मूलांक के अनुसार आज का प्रभाव
    मूलांक 1
    नेतृत्व क्षमता का उपयोग करें, लेकिन सामूहिक कार्यशैली अपनाएं। टीम के साथ तालमेल बनाकर चलना लाभकारी रहेगा।

    मूलांक 2
    संवाद और समझदारी से समस्याओं का समाधान संभव है। रिश्तों में नरमी और धैर्य से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

    मूलांक 3
    रचनात्मक योजनाओं की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। नई सोच और आत्मविश्वास आपको आगे बढ़ाएंगे।

    मूलांक 4
    प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में स्थिरता रखें। सोच-समझकर लिए गए निर्णय भविष्य में लाभ देंगे।

    मूलांक 5
    निवेश और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है, इसलिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें।

    मूलांक 6
    सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं। परिवार और कार्यक्षेत्र में संतुलन बनाकर चलें।

    मूलांक 7
    शोध, अध्ययन और आत्ममंथन के लिए दिन अनुकूल है। मानसिक स्पष्टता पाने के लिए ध्यान या एकांत समय लाभकारी रहेगा।

    मूलांक 8
    आर्थिक और कानूनी मामलों में सतर्कता रखें। धैर्य और अनुशासन से कार्य करें।

    मूलांक 9
    अधूरे कार्य पूरे करने और पुराने विवाद समाप्त करने का अवसर मिल सकता है। सकारात्मक पहल से संबंध सुधरेंगे।

    दिन का संदेश
    विशेषज्ञों का मानना है कि आज की ऊर्जा लोगों को अपने व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्वों के प्रति अधिक सजग बनाएगी। परिवार में संवाद और समझदारी से रिश्ते मजबूत हो सकते हैं।

    मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी गई है। आज का दिन दिल और दिमाग दोनों के संतुलन से आगे बढ़ने का संकेत देता है।

  • हिंदू 4 बच्चे पैदा करें, शादी के बाद मैं भी आबादी बढ़ाऊंगा… बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री का बयान

    हिंदू 4 बच्चे पैदा करें, शादी के बाद मैं भी आबादी बढ़ाऊंगा… बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री का बयान


    नई दिल्ली । धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने की सलाह दी है. उन्होंने ये भी बताया कि जब उनकी शादी होगी तो वो भी हिंदुओं की आबादी बढ़ाने में अपना योगदान देंगे. बागेश्वर धाम सरकार ने इस दौरान अजमेर शरीफ की दरगाह जाने वाले हिंदुओं को सलाह दी को वो सनातन का ही पालन करें.
    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बाद अब बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं की घटती आबादी को लेकर चिंता जताई है. जहां भागवत ने हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने के लिए कहा था वहीं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं को 4 बच्चे पैदा करने की सलाह दी है.

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हनुमान कथा के लिए तीन दिवसीय पुष्कर दौरे पर गए हैं. इस दौरान उन्होंने कई अलग अलग मुद्दों पर अपने विचार साझा किए. इस दौरान उन्होंने भारतीय मुसलमानों की घर वापसी को लेकर भी अपनी राय दी है.

    हिंदुओं की घटती आबादी को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कहा ‘ये बहुत वैश्विक विषय है खासकर भारत का बहुत बड़ा मुद्दा है. घटते हिंदू बढ़ते मजहबी देश को बर्बाद करने के परिस्थिति पर जा रहा है
    ‘शादी के बाद हम भी हिंदुओं की आबादी..

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा ‘हिंदूओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करना चाहिए. हमारी तो शादी नहीं हुई तो हम पर तो अभी लोग कमेंट करेंगे ही कि बाबा आपका क्या योगदान है. जब हमारा ब्याह हो जाएगा तो हम भी हिंदुओं की आबादी बढ़ाने में योगदान देंगे

    मुसलमानों की घर वापसी पर बोले बाबाधाम सरकार

    भारतीय मुसलमानों की घर वापसी के सवाल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दावा किया कि उनके पूर्वज हिंदू थे. उन्होंने कहा एक फिल्म आई थी अमर अकबर एंथनी उसमें आखिर में तीनों का बाप कन्हैयालाल निकला था. उन्हें अगर ये बात समझ आ जाए तो घर वापसी हो जाएगी

    हिंदुओं को अजमेर की दरगाह पर ना जाने की सलाह

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अजमेर शरीफ की दरगाह जाने वाले हिंदू धर्म के लोगों से अपील की. उन्होंने कहा सबके अपने अपने विचार हैं लेकिन सनातनों से मैं एक प्रार्थना करूंगा कि गीता में कृष्ण भगवान ने कहा कि अपने धर्म में ही चलना जीना सही है. दूसरे धर्म मजहब में उनकी सेवा उन्हें करने दो. हमें अपनी श्रद्धा भावना से भक्ति करनी चाहिए और हमें लगता है हिंदुओं में भगवानों की कमी नहीं है