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  • बड़वानी में कृषि संकट: फसल की कीमत कम, पशुओं को खिलाने को मजबूर किसान

    बड़वानी में कृषि संकट: फसल की कीमत कम, पशुओं को खिलाने को मजबूर किसान

    मध्य प्रदेश। बड़वानी जिले में इस बार बैगन उत्पादक किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है। जिसे कभी नकदी फसल माना जाता था, वही बैगन आज किसानों के लिए घाटे का सौदा बन चुका है। हालात ऐसे हैं कि कई किसानों को अपनी मेहनत से उगाई गई फसल खेतों में छोड़नी पड़ रही है या फिर ट्रैक्टरों में भरकर गौशालाओं में पशुओं को खिलाना पड़ रहा है। कीमतों में भारी गिरावट के चलते किसानों की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है।

    जिले में बैगन की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन यही अधिक उत्पादन किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। पिछले लगभग 20 दिनों से मंडियों में बैगन के दाम लगातार गिरते जा रहे हैं। शुरुआती उम्मीद 10 से 12 रुपए प्रति किलो की थी, लेकिन अब हालात यह हैं कि व्यापारी 1 रुपए प्रति किलो पर भी खरीदने को तैयार नहीं हैं। कई जगह तो खरीददार ही नहीं मिल रहे।

    ग्राम करी के किसान दीपक गेहलोद ने चार एकड़ में बैगन की खेती की थी। उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ लगभग 35 से 40 हजार रुपए की लागत आई थी। कुल मिलाकर 1.5 लाख रुपए से अधिक का खर्च बीज, खाद, दवा और मजदूरी में हो गया। लेकिन बाजार में गिरते भाव के कारण अब हालत यह है कि फसल तोड़ने और मंडी तक ले जाने का खर्च भी नहीं निकल रहा।

    स्थिति इतनी खराब हो गई है कि कई किसान बैगन की तुड़ाई ही बंद कर चुके हैं। कुछ किसान खेतों में सड़ती फसल देखकर उसे पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बैगन गौशालाओं तक पहुंचाए जा रहे हैं, जहां उन्हें गायों के लिए चारा बनाया जा रहा है।

    स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस बार लोकल उत्पादन ज्यादा होने और बाहरी मंडियों में भी सप्लाई बढ़ने के कारण कीमतें गिर गई हैं। कई सौदे पहले ही खड़ी फसल में तय हो जाते हैं, जिससे आगे बाजार में मांग कम रह जाती है और रेट और नीचे चले जाते हैं।

    कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण बैगन का उत्पादन पिछले साल की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत अधिक हुआ है। लेकिन मांग के मुकाबले सप्लाई बढ़ने से बाजार पूरी तरह असंतुलित हो गया है।

    कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय विविधीकरण अपनाना चाहिए। साथ ही एफपीओ और प्रोसेसिंग यूनिट्स से सीधे जुड़कर बिक्री करनी चाहिए, ताकि बिचौलियों पर निर्भरता कम हो और उचित दाम मिल सकें।

    फिलहाल बड़वानी के किसान सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाए या फिर निर्यात को बढ़ावा देकर बाजार में संतुलन बनाया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले सीजन में बैगन की खेती से किसान और दूर हो सकते हैं।

  • ईरान- अमेरिका तनाव फिर चरम पर, ट्रम्प-नेतन्याहू पर इनाम वाले बिल की चर्चा; पश्चिम एशिया में बढ़ा कूटनीतिक और सैन्य संकट

    ईरान- अमेरिका तनाव फिर चरम पर, ट्रम्प-नेतन्याहू पर इनाम वाले बिल की चर्चा; पश्चिम एशिया में बढ़ा कूटनीतिक और सैन्य संकट



    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की संसद में एक ऐसे बिल पर चर्चा चल रही है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ कार्रवाई करने वालों को भारी इनाम देने का प्रावधान हो सकता है। हालांकि यह अभी प्रारंभिक प्रस्ताव स्तर पर है और इस पर अंतिम वोटिंग बाकी है। इस कदम को पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव का और बड़ा संकेत माना जा रहा है।

    ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के हवाले से सामने आई जानकारी में कहा गया है कि यह प्रस्ताव हाल के सैन्य और राजनीतिक तनावों के जवाब में तैयार किया जा रहा है। कुछ सांसदों ने यह भी संकेत दिया है कि इस पर जल्द ही संसद में मतदान हो सकता है। इसी बीच ईरान के शीर्ष नेतृत्व और सैन्य ढांचे में हालिया घटनाओं को लेकर भी नाराजगी बढ़ी हुई बताई जा रही है, जिससे क्षेत्रीय हालात और संवेदनशील हो गए हैं।

    दूसरी ओर, अमेरिका की ओर से भी सख्त रुख देखने को मिल रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया गया है। ट्रम्प के मुताबिक कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों के नेताओं ने बातचीत के लिए कुछ समय देने की अपील की थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई समझौता नहीं होता है तो अमेरिका कार्रवाई के लिए तैयार रहेगा।

    इस घटनाक्रम के बीच पश्चिम एशिया में तनाव कई मोर्चों पर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता बनी हुई है, जहां हजारों नाविकों के साथ बड़ी संख्या में जहाज फंसे होने की रिपोर्ट सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या टकराव से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

    इसी दौरान क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों और सुरक्षा घटनाओं की खबरों ने भी स्थिति को और जटिल बना दिया है। सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और हवाई रक्षा को और मजबूत किया है। वहीं ईरान ने भी अपने भीतर सुरक्षा और खुफिया गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। UN ने सभी पक्षों से संयम बरतने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की अपील की है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर ईरान-अमेरिका संबंधों को तनावपूर्ण मोड़ पर ला दिया है, जहां एक ओर कूटनीतिक बातचीत जारी है, वहीं दूसरी ओर सैन्य और रणनीतिक तैयारी भी तेज होती दिख रही है।

  • सुर्खियों की होड़ पर भड़कीं मीनाक्षी शेषाद्रि, एक्टर्स को दी सलाह-सिर्फ मेहनत से मिलेगी असली पहचान

    सुर्खियों की होड़ पर भड़कीं मीनाक्षी शेषाद्रि, एक्टर्स को दी सलाह-सिर्फ मेहनत से मिलेगी असली पहचान

    नई दिल्ली । मुंबई में अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि ने मौजूदा फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते पीआर कल्चर और पब्लिसिटी स्टंट को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में कई कलाकार अपने काम की बजाय सुर्खियों में बने रहने के लिए अलग-अलग तरीकों का सहारा लेते हैं, जबकि असली पहचान हमेशा मेहनत और कला से ही मिलती है। उनके इस बयान ने एक बार फिर मनोरंजन जगत में पीआर और पब्लिसिटी की भूमिका पर बहस को तेज कर दिया है।

    मीनाक्षी शेषाद्रि ने कहा कि कुछ कलाकार बिना ठोस काम किए केवल मीडिया में बने रहने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाते हैं, जिसमें अतरंगी स्टाइल, विवादित बयान और लगातार सुर्खियों में बने रहने की कोशिश शामिल होती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस तरह की सोच से सहमत नहीं हैं और उनका मानना है कि कलाकार की असली पहचान उसके काम से बननी चाहिए, न कि प्रचार के तरीकों से।

    उन्होंने एक पुरानी फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा कि मनोरंजन की दुनिया में हमेशा से यह धारणा रही है कि यहां केवल वही टिकता है जो दर्शकों को कुछ वास्तविक और प्रभावशाली देता है। उनके अनुसार, अगर कोई कलाकार अपने काम पर ध्यान दे और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़े, तो सफलता अपने आप उसके दरवाजे तक पहुंचती है। उन्होंने यह भी कहा कि मेहनत और प्रतिभा ही वह आधार है जिस पर लंबे समय तक करियर खड़ा रहता है।

    अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना नहीं है, बल्कि वह केवल उस प्रवृत्ति पर अपनी राय दे रही हैं जो आज के समय में तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, सोशल मीडिया और पीआर के बढ़ते प्रभाव ने मनोरंजन जगत में प्रतिस्पर्धा का तरीका बदल दिया है, लेकिन इससे कलाकार की वास्तविक प्रतिभा पीछे नहीं छिपनी चाहिए।

    इस बीच फिल्म इंडस्ट्री में पीआर और ट्रोलिंग कल्चर को लेकर पहले भी कई कलाकार अपनी राय व्यक्त कर चुके हैं। कई लोगों का मानना है कि डिजिटल दौर में पहचान बनाने के तरीके बदल गए हैं, लेकिन कुछ कलाकार अब भी मानते हैं कि असली सफलता केवल और केवल काम के दम पर ही हासिल की जा सकती है।

    मीनाक्षी शेषाद्रि के इस बयान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आज के दौर में लोकप्रियता का पैमाना केवल पब्लिसिटी है या फिर अब भी प्रतिभा और मेहनत ही सबसे बड़ी पहचान है।

  • ईरान का सख़्त संदेश: सरेंडर नहीं करेंगे, ट्रंप की धमकी पर राष्ट्रपति पेजेश्कियान का पलटवार

    ईरान का सख़्त संदेश: सरेंडर नहीं करेंगे, ट्रंप की धमकी पर राष्ट्रपति पेजेश्कियान का पलटवार



    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट कहा है कि उनका देश किसी भी हालत में सरेंडर नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का जवाब देते हुए कहा कि बातचीत का मतलब झुकना नहीं होता, बल्कि अपने अधिकारों और गरिमा के साथ चर्चा करना होता है।

    राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान अपनी संप्रभुता और कानूनी अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि देश पूरी मजबूती और सम्मान के साथ बातचीत की प्रक्रिया में शामिल है, लेकिन दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेगा।

    इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि खाड़ी देशों—कतर, सऊदी अरब और यूएई—के नेताओं के अनुरोध पर ईरान पर प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया गया है। ट्रंप के अनुसार, इस समय क्षेत्र में शांति समझौते को लेकर गंभीर बातचीत चल रही है, लेकिन अगर डील नहीं होती है तो अमेरिका सैन्य विकल्पों के लिए तैयार है।

    ट्रंप ने यह भी कहा कि किसी भी समझौते में सबसे अहम शर्त यह होगी कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। उन्होंने अमेरिकी सेना को भी निर्देश दिया है कि जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

    इस बीच ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि समय तेजी से खत्म हो रहा है और अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो परिणाम गंभीर होंगे। वहीं, दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद कूटनीतिक बातचीत की संभावना अभी भी बनी हुई है।

    फिलहाल हालात यह हैं कि एक तरफ अमेरिका दबाव और चेतावनी की रणनीति अपना रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान अपने रुख पर अडिग रहते हुए बातचीत को “सरेंडर नहीं” मानने की बात दोहरा रहा है।

  • भारत की ‘S5’ परमाणु सबमरीन: समुद्र में छिपा ‘ब्रह्मास्त्र’, चीन-पाकिस्तान के लिए बढ़ी टेंशन

    भारत की ‘S5’ परमाणु सबमरीन: समुद्र में छिपा ‘ब्रह्मास्त्र’, चीन-पाकिस्तान के लिए बढ़ी टेंशन



    नई दिल्ली। भारत अपनी रणनीतिक समुद्री ताकत को लगातार मजबूत कर रहा है, और ब्रिटिश थिंक टैंक IISS की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाली S5 श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियां देश की न्यूक्लियर डिटरेंस क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये पनडुब्बियां भारत की “सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी” को और ज्यादा मजबूत बनाकर दुश्मनों के लिए जवाबी हमला लगभग अटूट बना देंगी।

    भारतीय नौसेना पहले ही INS अरिहंत (S2), INS अरिघात (S3) और हाल ही में शामिल INS अरिदमन (S4) के साथ अपनी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी क्षमता को मजबूत कर चुकी है। इन पनडुब्बियों का काम समुद्र की गहराइयों में छिपकर परमाणु मिसाइलों के जरिए लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता रखना है।

    रिपोर्टों के अनुसार INS अरिदमन का हाल ही में विशाखापत्तनम में कमीशन होना भारत की रणनीतिक शक्ति में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह पनडुब्बी INS अरिहंत और INS अरिघात के साथ मिलकर काम करेगी, जिससे भारत की समुद्री परमाणु शक्ति और मजबूत होगी।

    पनडुब्बियों की सबसे बड़ी ताकत यह होती है कि ये महीनों तक समुद्र में बिना सतह पर आए रह सकती हैं और इन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है। इसी वजह से इन्हें किसी भी देश की “सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी” की रीढ़ माना जाता है, यानी अगर भारत पर परमाणु हमला हो तो जवाबी हमला निश्चित रूप से किया जा सकता है।

    डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत का लक्ष्य “Continuous At-Sea Deterrence (CASD)” हासिल करना है, जिसमें हमेशा कम से कम एक परमाणु पनडुब्बी समुद्र में तैनात रहे। इससे भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी।

    इसके साथ ही भारत अपनी आगामी S5 श्रेणी की पनडुब्बियों पर भी काम कर रहा है, जिन्हें मौजूदा SSBN से अधिक लंबा, एडवांस और ज्यादा मिसाइल क्षमता वाला बताया जा रहा है। साथ ही विशाखापत्तनम के पास बन रहा ‘आईएनएस वर्षा’ बेस भी इन पनडुब्बियों के संचालन में अहम भूमिका निभाएगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इन विकासों के बाद भारत की परमाणु त्रिस्तरीय (न्यूक्लियर ट्रायड) क्षमता पूरी तरह मजबूत हो जाएगी, जिससे समुद्र के रास्ते देश की सुरक्षा रणनीति पहले से कहीं अधिक सशक्त बन जाएगी।

  • डर के बिना जीने का अधिकार सर्वोपरि: सुप्रीम कोर्ट का आवारा कुत्तों पर सख़्त फैसला, राज्यों को सख़्त चेतावनी

    डर के बिना जीने का अधिकार सर्वोपरि: सुप्रीम कोर्ट का आवारा कुत्तों पर सख़्त फैसला, राज्यों को सख़्त चेतावनी



    नई‍ दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़ी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि नागरिकों को बिना डर के जीने का अधिकार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और राज्य सरकारें इस जिम्मेदारी से बच नहीं सकतीं।

    मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की पीठ ने अपने पहले के निर्देशों में बदलाव की मांग ठुकरा दी। कोर्ट ने 2025 के अपने पुराने आदेश को दोहराते हुए कहा कि अस्पतालों, स्कूलों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से पकड़े गए आवारा कुत्तों को नसबंदी या टीकाकरण के बाद वापस नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाल के समय में बच्चों, बुजुर्गों और यहां तक कि विदेशी यात्रियों पर कुत्तों के हमले की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। अदालत ने यह भी माना कि कई जगहों पर प्रशासन की लापरवाही के कारण यह समस्या लगातार बढ़ रही है।

    अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि “गरिमा के साथ जीने के अधिकार में यह भी शामिल है कि व्यक्ति कुत्तों के हमले के डर के बिना जीवन जी सके।” साथ ही अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अवमानना और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

    इससे पहले 2025 के आदेश में भी सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि हाईवे, सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक परिसरों से आवारा कुत्तों और मवेशियों को हटाया जाए और ऐसे स्थानों की उचित बाड़बंदी की जाए।

    अदालत के इस ताज़ा रुख के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है, और अब राज्यों पर इन निर्देशों को सख्ती से लागू करने का दबाव बढ़ गया है।

  • नियुक्ति पर सियासी तकरार: दावेदार आरतानी के खिलाफ खुलकर आया विरोध

    नियुक्ति पर सियासी तकरार: दावेदार आरतानी के खिलाफ खुलकर आया विरोध


    मध्य प्रदेश। खंडवा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष पद को लेकर संगठन के भीतर गुटीय राजनीति खुलकर सामने आ गई है। पद के प्रमुख दावेदार सागर आरतानी के खिलाफ अब ब्राह्मण समाज की महिला विंग ने मोर्चा खोल दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

    ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर के निवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और सागर आरतानी की नियुक्ति का कड़ा विरोध दर्ज कराया। समाज का आरोप है कि आरतानी के पिता अनिल आरतानी पर पूर्व में महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का मामला दर्ज रहा है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

    महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि ऐसे परिवार से जुड़े व्यक्ति को किसी भी संगठनात्मक या राजनीतिक पद पर जिम्मेदारी देना समाज के लिए गलत संदेश देगा। उन्होंने मांग की कि सागर आरतानी को कोई पद न दिया जाए।

    इस विरोध के दौरान महिला विंग ने चेतावनी भी दी कि यदि आरतानी को पद सौंपा गया, तो ब्राह्मण समाज भाजपा का कड़ा विरोध करेगा। इस घटनाक्रम ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को भी उजागर कर दिया है।

    इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों की सक्रियता भी सामने आ रही है। इसी बीच भाजपा की मंडल अध्यक्ष स्नेहा पाराशर भी ज्ञापन देने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में मौजूद रहीं, जिससे यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिखाई दिया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि किसी व्यक्ति के परिजनों पर लगे आरोपों के आधार पर उसकी राजनीतिक दावेदारी को खारिज करना उचित नहीं माना जा सकता। इसे पार्टी की अंदरूनी खींचतान और संगठनात्मक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

    फिलहाल इस पूरे मामले ने खंडवा की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में संगठनात्मक निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।

  • खंडवा में सड़क दुर्घटना: बाइक सवार युवक की जान गई, दो की हालत नाजुक

    खंडवा में सड़क दुर्घटना: बाइक सवार युवक की जान गई, दो की हालत नाजुक


    मध्य प्रदेश। खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। झूम्मरखाली गांव के पास खंडवा-हरदा मार्ग पर तेज रफ्तार से चल रहे ट्रैक्टर और बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।

    यह हादसा सोमवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच हुआ, जब तीन युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। जैसे ही वे मंगल वेयरहाउस के पास पहुंचे, सामने से आ रहे ट्रैक्टर से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में वहां जुट गए।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को हरसूद अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बोरीसराय गांव निवासी 19 वर्षीय मनोज उर्फ बबलू को मृत घोषित कर दिया। वहीं हरदा निवासी तरुण और बोरीसराय निवासी मुकेश गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।

    हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मृतक के घर और गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजन सदमे में हैं और रो-रोकर बुरा हाल है।

    हरसूद थाना प्रभारी राजकुमार राठौर ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही सामने आई है। खास बात यह है कि ट्रैक्टर चालक भी मृतक के ही गांव बोरीसराय का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और किसकी लापरवाही अधिक रही।

  • ₹50 करोड़ का Teamtech Formwork Solutions IPO खुला, प्राइस बैंड और निवेश नियमों को लेकर बाजार में हलचल

    ₹50 करोड़ का Teamtech Formwork Solutions IPO खुला, प्राइस बैंड और निवेश नियमों को लेकर बाजार में हलचल


    नई दिल्ली ।शेयर बाजार में निवेश के अवसरों के बीच एक और नया पब्लिक इश्यू निवेशकों के लिए खुल गया है, जिसमें निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनी Teamtech Formwork Solutions Limited का नाम प्रमुखता से सामने आया है। कंपनी ने अपना ₹50.15 करोड़ का SME आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खोल दिया है, जिसे बाजार में एक महत्वपूर्ण लघु और मध्यम उद्यम पेशकश के रूप में देखा जा रहा है। यह इश्यू 19 मई से 21 मई तक खुला रहेगा, जबकि इसके शेयरों की लिस्टिंग 26 मई को होने की संभावना है।

    इस आईपीओ का प्राइस बैंड ₹61 से ₹63 प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशकों के लिए लॉट साइज 2000 शेयरों का रखा गया है, जिससे रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि लगभग ₹2.52 लाख तक पहुंचती है। यह संरचना दर्शाती है कि यह इश्यू मुख्य रूप से गंभीर और मध्यम स्तर के निवेशकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, खासकर उन लोगों के लिए जो SME सेगमेंट में ग्रोथ संभावनाएं तलाश रहे हैं।

    अनलिस्टेड मार्केट में इस आईपीओ को लेकर फिलहाल ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP शून्य रुपये बताया जा रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार में अभी इस इश्यू को लेकर कोई अतिरिक्त प्रीमियम मांग नहीं बन रही है। हालांकि SME आईपीओ में शुरुआती दिनों में उतार-चढ़ाव आम बात होती है और निवेशकों की रुचि सब्सक्रिप्शन के साथ बदल सकती है।

    कंपनी के व्यवसाय की बात करें तो Teamtech Formwork Solutions निर्माण उद्योग के लिए मॉड्यूलर T-फॉर्मवर्क और कस्टमाइज्ड फॉर्मवर्क सिस्टम का निर्माण करती है। यह एक B2B मॉडल पर काम करने वाली कंपनी है, जो न केवल उत्पादन करती है बल्कि अपने सिस्टम की रिफर्बिशमेंट और रेंटल सेवाएं भी प्रदान करती है। इसके उत्पादों का उपयोग बड़े कंक्रीट स्ट्रक्चर जैसे दीवारें, ब्रिज, टैंक, फाउंडेशन और सर्कुलर संरचनाओं के निर्माण में किया जाता है। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तेलंगाना में स्थित है, जहां इन-हाउस उत्पादन और मरम्मत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    वित्तीय प्रदर्शन के आंकड़े भी कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को दर्शाते हैं। वित्त वर्ष 25 में जहां कंपनी की कुल आय लगभग ₹40 करोड़ थी, वहीं वित्त वर्ष 26 में यह बढ़कर ₹54.23 करोड़ तक पहुंच गई। इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ भी ₹7.84 करोड़ से बढ़कर ₹11.59 करोड़ हो गया, जो स्थिर लाभ वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा कंपनी की संपत्तियां, EBITDA और नेट वर्थ में भी सुधार देखा गया है, जो इसके संचालन विस्तार की ओर संकेत करता है।

    आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने विस्तार और वित्तीय मजबूती के लिए करने की योजना में है। इसमें नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना, मशीनरी की खरीद, पुराने कर्ज का पुनर्भुगतान और वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताओं को पूरा करना शामिल है। इस तरह यह फंडिंग कंपनी के उत्पादन क्षमता विस्तार और बैलेंस शीट सुधार दोनों में सहायक होगी।

    इस इश्यू के प्रबंधन की जिम्मेदारी एक प्रमुख निवेश सलाहकार फर्म को दी गई है, जबकि रजिस्ट्रार के रूप में एक तकनीकी वित्तीय सेवा प्रदाता काम कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि SME सेगमेंट में इस तरह के इश्यू लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी तुलनात्मक रूप से अधिक रहता है। ऐसे में निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स और अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना चाहिए।

  • महिला सशक्तिकरण की मिसाल: खरगोन में पिंक टॉयलेट के साथ मिली कई सुविधाएं

    महिला सशक्तिकरण की मिसाल: खरगोन में पिंक टॉयलेट के साथ मिली कई सुविधाएं


    मध्य प्रदेश। खरगोन जिला अस्पताल परिसर में मंगलवार को महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिंक टॉयलेट की शुरुआत की गई। नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी और सीएमओ कमला कौल ने इसका उद्घाटन किया।

    नगर पालिका द्वारा सुलभ शौचालय परिसर को विशेष रूप से पिंक टॉयलेट में परिवर्तित किया गया है, जिसका उपयोग केवल महिलाएं ही कर सकेंगी। इस सुविधा का संचालन और देखरेख भी महिलाओं के हाथों में सौंपी गई है।

    इस पिंक टॉयलेट में स्नानघर की व्यवस्था के साथ एक वेटिंग रूम भी बनाया गया है, जहां सोफे लगाए गए हैं। साथ ही छोटे बच्चों के लिए झूले भी लगाए गए हैं, ताकि महिलाओं को अपने बच्चों के साथ किसी तरह की परेशानी न हो।

    अधिकारियों के अनुसार, यह पहल महिलाओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है। अस्पताल परिसर में आने वाली महिलाओं को अब बेहतर और सुरक्षित शौचालय सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम में पार्षद, समिति सदस्य और अस्पताल स्टाफ भी मौजूद रहे।