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  • उमरिया में आवारा कुत्ते का हमला: 6 माह का मासूम गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में भर्ती

    उमरिया में आवारा कुत्ते का हमला: 6 माह का मासूम गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में भर्ती

    उमरिया। मध्‍य प्रदेश के उमरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस चौकी बिलासपुर के ग्राम बिलासपुर में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। घर के आंगन में खेल रहे छह माह के मासूम पर आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
    जानकारी के अनुसार ग्राम बिलासपुर निवासी अनिल कोल का छह माह का पुत्र आर्यन घर के आंगन में खेल रहा था, जबकि उसकी मां घरेलू कार्यों में व्यस्त थी। इसी दौरान एक स्ट्रीट डॉग घर के भीतर घुस आया और बच्चे पर झपट पड़ा। बच्चे के रोने की आवाज सुनते ही मां और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे तथा किसी तरह कुत्ते को भगाकर मासूम को छुड़ाया, लेकिन तब तक वह बुरी तरह जख्मी हो चुका था।

    घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई, जिसके जरिए बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी ने बताया कि बिलासपुर से लाए गए छह माह के बच्चे को आवारा कुत्ते ने काटा है। बच्चे को कई जगह चोटें आई हैं और उसका उपचार जारी है।

    फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    घटना के बाद क्षेत्र सहित पूरे जिले में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव-मोहल्लों में स्ट्रीट डॉग और सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की समस्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, जनपद एवं नगरीय निकाय से इस समस्या पर ठोस कार्रवाई की मांग की है।

  • प्रियंका चतुर्वेदी फिर जाएंगी राज्यसभा? उद्धव गुट की सांसद ने खुद बोलीं, 'मैं उसे लेकर कोई…'

    प्रियंका चतुर्वेदी फिर जाएंगी राज्यसभा? उद्धव गुट की सांसद ने खुद बोलीं, 'मैं उसे लेकर कोई…'


    नई दिल्‍ली। महाराष्ट्र में राज्यसभा की 7 सीटों पर चुनाव को लेकर सियासी गहमागहमी तेज हो गई है. उद्धव गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी का राज्यसभा का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है. राज्यसभा में फिर से जाने के सवाल पर प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे लेकर खुद स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि जनता से मुझे भरपूर समर्थन मिला है. भविष्य में क्या होगा मैं उसे लेकर कोई कयास नहीं लगाना चाहती हूं लेकिन देश और जनता के हित में काम करती रहूंगी.

    पिछले 6 सालों में मैंने जनता के मुद्दों का उठाया- प्रियंका चतुर्वेदी

    शिवसेना UBT सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने मीडिया से बातचीत में कहा मैं बस इतना कहना चाहूंगी कि जनता ने मुझ पर जो विश्वास जताया है मुझे भरपूर समर्थन मिला है. पिछले छह वर्षों में मैंने कड़ी मेहनत की है जनता के मुद्दों को उठाया है. मेरी पार्टी ने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है जिसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी.”

    मैं हमेशा लोगों का शुक्रगुजार रहूंगी- प्रियंका चतुर्वेदी

    उन्होंने आगे कहा एक महिला जिनका राजनीति से कोई लेना देना नहीं था उनको राज्यसभा में आने का मौका मिला मैं इसके लिए हमेशा आभारी और शुक्रगुजार रहूंगी. आने वाले समय में क्या होगा क्या नहीं होगा मैं उसे लेकर कोई अनुमान नहीं लगाना चाहती हूं लेकिन ये जरूर कहूंगी कि देश और जनता के हित में काम करना जारी रखूंगी.”

    MVA से कौन जाएगा राज्यसभा?

    उद्धव ठाकरे की पार्टी एमवीए का हिस्सा है. विधायकों के आंकड़ों के हिसाब से MVA से एक ही सांसद राज्यसभा जा सकता है. वो नेता कौन होगा इसको लेकर अभी इस गठबंधन में तस्वीर साफ नहीं है.

    महाविकास आघाड़ी का गणित
    कांग्रेस 16 + राष्ट्रवादी शरद पवार गुट 10 + शिवसेना ठाकरे गुट 20 = 46
    छोटे सहयोगी दल सपा 2 + माकपा 1 = 3
    कुल = 49 विधायक
    49 ÷ 37 = 1.32
    अर्थात MVA का 1 सांसद निश्चित
    राज्यसभा को लेकर चुनावी कार्यक्रम
    बता दें कि 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा. नामांकन की अंतिम तारीख 5 मार्च है. वहीं 6 मार्च को नामांकन पत्र की जांच होगी. जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 मार्च है. 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी जबकि शाम पांच बजे से मतगणना होगी.

  • T20 वर्ल्ड कप के प्रमोशन पर उठे सवाल, 'फुकरे' इंसान को चुनेंगे तो विज्ञापन भी ‘फुकरा’ ही बनेगा

    T20 वर्ल्ड कप के प्रमोशन पर उठे सवाल, 'फुकरे' इंसान को चुनेंगे तो विज्ञापन भी ‘फुकरा’ ही बनेगा


    नई दिल्‍ली। भारत बनाम पाकिस्तान के हाई-वोल्टेज T20 वर्ल्ड कप मुकाबले के लिए बनाए गए हालिया प्रोमो ने उत्साह से ज्‍यादा उलझन पैदा कर दी है। स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर ने इस बड़े मैच के प्रचार के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फुकरा इंसान को चेहरा बनाया, लेकिन नतीजा उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया।

    जब मुकाबला क्रिकेट की सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्विता का हो, तो प्रस्तुति भी उसी स्तर की होनी चाहिए। मगर प्रोमो में दिखी सतही हास्य-शैली और बनावटी संवादों ने इसकी गंभीरता को हल्का कर दिया। ऐसा लगा मानो रचनात्मक टीम ने गहराई से सोचने के बजाय आसान और जल्दबाजी वाला रास्ता चुन लिया हो। इससे स्‍पष्‍ट है कि जब आप फुकरे को हायर करते हैं, तो विज्ञापन भी फुकरा ही बनता है, जो भद्दा, बेस्वाद और बेमानी लगता है।

    दरअसल, फुकरा इंसान, जो यूट्यूब पर रिएक्शन वीडियो के लिए लोकप्रिय हैं, अक्सर दूसरों के कंटेंट पर अपनी प्रतिक्रियाओं से पहचान बनाते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे बड़ी भिड़ंत को सिर्फ हल्के-फुल्के तंज और कृत्रिम मुस्कानों तक सीमित कर देना दर्शकों की भावनाओं के साथ न्याय नहीं करता। इतने बड़े मंच पर रचनात्मकता, जोश और गरिमा की उम्मीद की जाती है, सिर्फ ट्रेंडिंग चेहरे से काम नहीं चलता।

    भारत-पाक भिड़ंत को सिर्फ आंकड़ों में क्यों समेट दिया गया?

    भारत-पाकिस्तान मुकाबले के ताजा प्रोमो में आईसीसी नॉकआउट चरण में भारत के 8-1 रिकॉर्ड को इस तरह पेश किया गया मानो यही पूरी दास्तान हो। तथ्य सही है, लेकिन सिर्फ सही होना काफी नहीं, रचनात्मक होना भी उतना ही जरूरी है। जब आपके पास क्रिकेट की सबसे बहुचर्चित प्रतिद्वंद्विता का विशाल कैनवास हो और आप उसी पुराने आंकड़े पर टिक जाएं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि कल्पना आखिर गई कहां?

    फैंस को वाह वाला पल चाहिए, ये तो पहले से पता है वाली ऊब नहीं। दर्शक नई दृष्टि चाहते हैं, न कि वही पुरानी सांख्यिकी का दोहराव। क्रिकेट भावनाओं का खेल है, सिर्फ स्कोरलाइन का नहीं। याद कीजिए 2007 का टी20 विश्व कप फाइनल। कमेंट्री गूंजी थी इन द एयर… और श्रीसंत ने कैच पकड़ लिया! उस एक पल ने मैच की दिशा ही नहीं, एक खिलाड़ी की छवि भी बदल दी। मिस्बाह-उल-हक का वह स्कूप शॉट और फिर सालों तक गूंजती एक चुभती पंक्ति मिस्बाह, पांच रन। यही तो ट्रोलिंग की असली बारीकी है: एक लम्हा, एक जुमला, जो इतिहास बन जाए।

    भारत-पाक मुकाबले ने हमेशा असली नाटक रचा है। वसीम अकरम और वकार यूनिस की स्विंग, जावेद मियांदाद का शारजाह में आखिरी गेंद पर छक्का, शोएब अख्तर बनाम सचिन तेंदुलकर का 2003 विश्व कप टकराव, इन पलों को किसी कृत्रिम मसाले की जरूरत नहीं थी। ये अपने आप में दंतकथाएं हैं। यह प्रतिद्वंद्विता बनावटी गर्मजोशी से नहीं चलती। इसके पीछे इतिहास की परतें हैं, जज्बातों की तीव्रता है और दो देशों की वह क्रिकेटीय जिद है जो मैदान पर खुलकर सामने आती है। ऐसे में इसे महज एक चेहरे या सतही तंज तक सीमित कर देना, विरोधी टीम पर कटाक्ष नहीं, बल्कि इस ऐतिहासिक टकराव की गरिमा को कम करना है।

    व्यंग्य की आड़ में विज्ञापन का स्तर गिरा

    दक्षिण अफ्रीका पर केंद्रित हालिया विज्ञापन ने व्यंग्य की आड़ में स्तर गिरा दिया। चोकर्स का तंज कसते हुए एक साउथ अफ्रीकी फैन के हाथ में कपकेक थमाना और सामने खड़े भारतीय फैन की तिरछी मुस्कान दिखाना, यह सूक्ष्म हास्य नहीं, सतही चुभन थी। रचनात्मकता के नाम पर यह दृश्य ज्यादा शोर करता है, असर कम छोड़ता है। दक्षिण अफ्रीका कोई मामूली टीम नहीं है। वे मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका कद बेहद ऊंचा है। चोकर्स टैग के पीछे सिर्फ असफलता नहीं, कई दिल तोड़ देने वाली कहानियां दबी हैं, जो खेल की त्रासदी और रोमांच दोनों को समेटे हुए हैं।

    1992 विश्व कप सेमीफाइनल को याद कीजिए, बारिश और अचानक बदले लक्ष्य ने मुकाबले की दिशा ही बदल दी। वह साधारण हार नहीं, परिस्थितियों की मार थी। फिर 1999 का सेमीफाइनल, लांस क्लूजनर की अविश्वसनीय पारी टीम को जीत की दहलीज तक ले आई, लेकिन आखिरी क्षण का रन-आउट इतिहास बन गया। यह कमजोरी नहीं, खेल का निर्मम मोड़ था। और हाल का फाइनल, जहां आखिरी ओवर तक लड़ाई खिंची, वह भी साबित करता है कि यह टीम आखिरी सांस तक मुकाबला करती है।

    हर बार वे गिरे जरूर, मगर हर बार एक नई कहानी भी छोड़ गए। ऐसे संघर्षों का मजाक उड़ाना, वह भी भोजन गले में अटकने जैसे दृश्य से, हास्य नहीं, संवेदनहीनता है। व्यंग्य तब प्रभावी होता है जब उसमें बुद्धिमत्ता हो; यहां सिर्फ ऊपरी तंज है, गहराई नहीं। क्रिकेट की प्रतिद्वंद्विता को धार देने के लिए इतिहास और भावनाएं काफी हैं। उन्हें सस्ते प्रतीकों में समेट देना खेल और उसके किरदारों दोनों के साथ अन्याय है।

    ये भी है बड़ा सवाल

    सबसे हैरानी की बात यह है कि Star Sports आधिकारिक प्रसारक है। उसकी भूमिका कहानी गढ़ने वाले सूत्रधार की होनी चाहिए, न कि किसी एक पक्ष के ट्रोल की। जब मंच इतना बड़ा हो, तो भाषा और दृष्टि भी उतनी ही परिपक्व होनी चाहिए। एक दौर था जब मौका-मौका जैसा अभियान हल्की चुटकी लेते हुए भी प्रतिद्वंद्वी की गरिमा बनाए रखता था। व्यंग्य था, मगर मर्यादा भी थी। उसमें धार थी, लेकिन फूहड़ता नहीं। अब जो दिख रहा है, वह जल्दबाजी में गढ़ी गई सनसनी जैसा लगता है।

    विडंबना यह है कि विरोधियों को छोटा दिखाकर भारत को बड़ा साबित करने की कोशिश में कहीं न कहीं भारतीय दर्शकों को ही कमतर आंक लिया गया। मानो दर्शक सिर्फ बनावटी मुस्कानों और उथले तंज पर हंस पड़ेंगे। मानो उन्हें समझ नहीं कि तीखे व्यंग्य और भोंडे कटाक्ष में फर्क क्या होता है। जब टीआरपी की होड़ में आसान और सस्ती तरकीबें अपनाई जाती हैं, तो अंततः हंसी प्रसारक पर ही लौटती है।

    याद है वह सबक?

    1987 विश्व कप के दौरान पाकिस्तान के प्रशंसक अक्सर गुनगुनाते थे आ देखें जरा, किसमें कितना है दम। मगर सेमीफाइनल में उनकी टीम बाहर हो गई। खेल का यही स्वभाव है, अंतिम नतीजा मैदान पर तय होता है, प्रचार के मंच पर नहीं। इतिहास का यही सबक आज भी प्रासंगिक है। जब आप प्रतिद्वंद्वी का मजाक उड़ाने में ऊर्जा खर्च करते हैं, तो कहानी की असली बुनावट हाथ से निकल जाती है। क्रिकेट की खूबसूरती सम्मान में है, क्योंकि बिना सम्मान के जीत भी फीकी लगती है। सच्चा प्रशंसक जानता है कि हिसाब बराबर करने की जगह मैदान है। और इस खेल में कोई भी दिन ऐसा आ सकता है, जब पलटकर वही क्षण आपका फुकरा पल बन जाए।

  • एकनाथ शिंदे से मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में हलचल, राज ठाकरे बोले- मैं कल CM से मिल सकता हूं

    एकनाथ शिंदे से मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में हलचल, राज ठाकरे बोले- मैं कल CM से मिल सकता हूं


    नई दिल्‍ली ।  राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपनी हालिया मुलाकात को लेकर उठे राजनीतिक कयासों पर साफ प्रतिक्रिया दी है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दो नेताओं की हर मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से देखना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा चुनाव खत्म हो चुके हैं। यदि राज्य के हित में सकारात्मक काम करने हैं, तो क्या हमें एक-दूसरे से नहीं मिलना चाहिए? मैं कल मुख्यमंत्री से भी मिल सकता हूं। महाराष्ट्र के कई अहम मुद्दे हैं, उन्हीं पर चर्चा के लिए उनसे मिलूंगा। अगर आप वहां होते, तो आपसे भी यही बात करता।

    उन्‍होंने विकास की परिभाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ सड़कें बनाना ही डेवलपमेंट नहीं है। उन्‍होंने कहा कि शहरों की हालत ऐसी हो गई है मानो उन पर सूजन आ गई हो, जगह वही है, सड़कें वही हैं, लेकिन आबादी और वाहनों की संख्या बेतहाशा बढ़ चुकी है। उन्होंने खास तौर पर पार्किंग की अव्यवस्था को गंभीर समस्या बताया। इमारतों में पार्किंग की जगह होने के बावजूद गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे यातायात और भी बदहाल होता है।

    राज ठाकरे ने शहरी अव्यवस्था पर उठाए सवाल

    राज ठाकरे ने शहरी भीड़ और अव्यवस्था को लेकर कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि शहरों में जो लोग रोजगार या अन्य कारणों से आते हैं, वे वापस नहीं लौटते, जिससे बुनियादी ढांचे पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। इस मुद्दे पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी भूषण गगरानी से भी फोन पर चर्चा करने की बात कही।

    मनसे प्रमुख ने ओला-उबर जैसी कैब सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पार्किंग और यातायात नियमों को लेकर अनुशासन की कमी साफ दिखती है। उन्‍होंने कहा जब तक नियम तोड़ने वालों से सख्ती से जुर्माना नहीं वसूला जाएगा, तब तक शहरों में व्यवस्था बहाल नहीं हो सकती। उन्होंने व्यवस्था पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं मानो बाड़ ही खेत को खा रही हो। उन्‍होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों द्वारा कागजात और अनुमति दी जाती है, उन पर जवाबदेही कब तय होगी?

    आगे उन्होंने कहा कि क्या राज्य को यह तय नहीं करना चाहिए कि किसी शहर की क्षमता कितनी है और वहां कितनी आबादी रह सकती है? उन्‍होंने कहा कि अनियंत्रित शहरीकरण से शहरों की स्थिति बिगड़ती जा रही है। एक नागरिक और विपक्षी नेता होने के नाते इन मुद्दों पर बोलना उनकी जिम्मेदारी है। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि पहले चुनाव के बाद नेता आपसी मतभेद भुलाकर संवाद करते थे, लेकिन अब राजनीतिक दूरी बढ़ती जा रही है। उन्‍होंने कहा कि केवल अलग-थलग रहकर समस्याओं का समाधान नहीं निकलेगा, संवाद और समन्वय जरूरी है।

  • T20 World Cup 2026: क्‍या भारत-पाक का फिर होगा मुकाबला? जाने सेमीफाइनल या फाइनल में होगी भिंडत

    T20 World Cup 2026: क्‍या भारत-पाक का फिर होगा मुकाबला? जाने सेमीफाइनल या फाइनल में होगी भिंडत


    नई दिल्‍ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लीग मुकाबले अब लगभग खत्म हो चुके हैं। आज, 20 सितंबर को ओमान और ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी लीग मैच खेला जाएगा, लेकिन इस मुकाबले का कोई खास महत्व नहीं है क्योंकि दोनों टीमें सुपर-8 की रेस से बाहर हो चुकी हैं। सुपर-8 में शामिल होने वाली आठ टीमें पहले ही तय हो चुकी हैं और इन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है, हर ग्रुप में चार-चार टीमें हैं, जो एक-दूसरे के खिलाफ तीन-तीन मैच खेलेंगी। ग्रुप 1 में भारत, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका हैं, जबकि ग्रुप 2 में पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड हैं। अब यह सवाल उठता है कि टी20 वर्ल्ड कप में दो चिर प्रतिद्वंदी, भारत और पाकिस्तान, कब आमने-सामने हो सकते हैं। सुपर-8 के चरण में दोनों देश एक-दूसरे से नहीं खेलेंगे क्योंकि वे अलग-अलग ग्रुप में हैं।

    भारत-पाक मुकाबला सेमीफाइनल या फाइनल में ही संभव

    पहला सवाल है कि क्या भारत और पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में आमने-सामने हो सकते हैं। दूसरा सवाल यह कि क्या दोनों पड़ोसी फाइनल में भी भिड़ सकते हैं। आइए इन दोनों सवालों का जवाब समझते हैं।टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला संभव है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। टूर्नामेंट में दो सेमीफाइनल होंगे, पहला 4 मार्च 2026 को कोलंबो या कोलकाता में और दूसरा 5 मार्च 2026 को मुंबई में।
    भारत-पाक का सेमीफाइनल तभी संभव है जब दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में टॉप-2 में आ जाएं, यानी सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करें, और एक टीम अपने ग्रुप में पहले स्थान पर हो और दूसरी दूसरी पोजीशन पर। इस स्थिति में क्रॉस-ओवर मुकाबले में भारत और पाकिस्तान सेमीफाइनल में भिड़ सकते हैं। खासकर अगर पाकिस्तान क्वालिफाई करता है, तो उनका सेमीफाइनल कोलंबो में होगा।टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला भी संभव है। फाइनल 8 मार्च 2026 को अहमदाबाद या कोलंबो में खेला जाएगा। अगर दोनों टीमें सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंचती हैं, तो भारत-पाक का आमना-सामना फाइनल में भी हो सकता है।
    इस स्थिति में अगर पाकिस्तान फाइनल में पहुंचता है तो मैच कोलंबो में होगा, नहीं तो अहमदाबाद में आयोजित होगा। अभी 21 फरवरी से सुपर-8 की रेस शुरू हो रही है, जहां दोनों टीमों को पहले सेमीफाइनल तक पहुंचना होगा, क्योंकि फैन्स एक बार फिर भारत-पाक मुकाबले का रोमांच देखना चाहते हैं।बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप 1 में भारत, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका हैं, जबकि ग्रुप 2 में पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड शामिल हैं।

    सुपर-8 में भारत और पाकिस्तान के मैच कब-कब हैं?

    सुपर-8 में भारत और पाकिस्तान अलग-अलग ग्रुप में हैं, इसलिए दोनों टीमों का आमना-सामना सुपर-8 में नहीं होगा। भारत ग्रुप 1 का हिस्सा है और उसका शेड्यूल इस प्रकार है:- 22 फरवरी को भारत vs साउथ अफ्रीका नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद, शाम 7 बजे , 26 फरवरी को भारत vs जिम्बाब्वे एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेन्नई, शाम 7 बजे और 1 मार्च को भारत vs वेस्टइंडीज ईडन गार्डन्स, कोलकाता, शाम 7 बजे ।

    पाकिस्तान ग्रुप 2 में है और उसके मैच 21 फरवरी को न्यूजीलैंड vs पाकिस्तान आर प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो, शाम 7 बजे , 24 फरवरी को इंग्लैंड vs पाकिस्तान पल्लेकेले क्रिकेट इंटरनेशनल स्टेडियम, पल्लेकेले, शाम 7 बजे और 28 फरवरी को पाकिस्तान vs श्रीलंका पल्लेकेले क्रिकेट इंटरनेशनल स्टेडियम, पल्लेकेले, शाम 7 बजे तय हैं। इस तरह, सुपर-8 में भारत और पाकिस्तान सीधे भिड़ेंगे नहीं, दोनों केवल सेमीफाइनल या फाइनल में ही आमने-सामने आ सकते हैं।

  • T20 World Cup: पूर्व PAK खिलाड़ियों का मजाक उड़ाने पर घिरे शादाब खान, PCB ने बयान पर लगाई फटकार

    T20 World Cup: पूर्व PAK खिलाड़ियों का मजाक उड़ाने पर घिरे शादाब खान, PCB ने बयान पर लगाई फटकार


    नई दिल्‍ली । टी20 वर्ल्ड कप में नामीबिया को हराकर सुपर-8 में जगह बनाने के बाद पाकिस्तान टीम के शादाब खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसा बयान दे दिया जिससे विवाद खड़ा हो गया। भारत के खिलाफ मिली 61 रनों की हार पर सवाल पूछे जाने पर शादाब ने पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों की आलोचना करते हुए उनका मजाक उड़ाया। शादाब ने कहा कि पुराने दिग्गज खिलाड़ियों की अपनी राय होती है, लेकिन वे वही नहीं कर पाए जो वर्तमान टीम ने किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पाकिस्तान ने वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को हराया है, इसलिए आलोचना सामान्य है। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने साफ किया कि टीम के पूर्व खिलाड़ियों का अपमान या मजाक करना स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में ऐसे बयान देने से बचा जाए।

    शादाब खान के बयान पर PCB की फटकार

    टी20 वर्ल्ड कप 2021 में भारत के खिलाफ मिली जीत का जिक्र करते हुए शादाब खान ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों पर कटाक्ष किया। शादाब उस टीम का हिस्सा थे और यह आईसीसी इवेंट्स में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की एकमात्र जीत थी। सूत्रों ने पीसीबी के हवाले से बताया कि बोर्ड ने शादाब के बयानों से नाराजगी जताई और उन्हें अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने की सलाह दी। यह विवाद पाकिस्तान की नामीबिया के खिलाफ जीत के बाद सामने आया। पीसीबी ने टीम मैनेजर के जरिए शादाब को स्पष्ट संदेश दिया कि टीम के पूर्व महान खिलाड़ियों के लिए अपमानजनक या मजाकिया भाषा का प्रयोग न किया जाए।

    पूर्व खिलाड़ियों का सम्मान रखने की दी हिदायत

    सूत्रों के अनुसार, नवीद चीमा ने शादाब खान को फोन करके समझाया कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी हद पार कर दी थी। उन्हें बताया गया कि सभी पूर्व खिलाड़ी, जिनमें उनके ससुर सकलैन मुश्ताक भी शामिल हैं, इज्‍जतदार और महान खिलाड़ी हैं। शादाब को उनकी इज्‍जत का ध्यान रखना चाहिए और अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी ने अन्य खिलाड़ियों से भी कहा है कि वे अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें और प्रेस कांफ्रेंस या इंटरव्यू में अपनी हद पार न करें। बता दें कि पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर-8 में पहुंच चुका है, जहां टीम का सामना श्रीलंका, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड से होगा।

  • पिता सलीम की मेडिकल जानकारी लीक होने पर भड़के सलमान खान, लीलावती अस्पताल के डॉक्टर से नाखुश

    पिता सलीम की मेडिकल जानकारी लीक होने पर भड़के सलमान खान, लीलावती अस्पताल के डॉक्टर से नाखुश


    नई दिल्‍ली । बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के पिता सलीम खान अस्पताल में भर्ती हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की खबरें सामने आईं। डॉक्टर ने बताया कि सलीम खान को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन इस बयान से सलमान खान नाराज हैं। सलमान चाहते हैं कि उनके पिता की हेल्थ से जुड़ी जानकारी मीडिया में सार्वजनिक न हो और अस्पताल की रिपोर्ट्स को निजी रखा जाए। उनका यह भी कहना है कि सलीम खान की निजी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

    सलमान खान नाराज, चाहते हैं पिता सलीम की हेल्थ पूरी तरह प्राइवेट रहे
    एक रिपोर्ट के अनुसार, सलमान खान और उनके परिवार ने लीलावती अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ से साफ कहा है कि कोई भी जानकारी मीडिया के साथ साझा न की जाए। परिवार का मानना है कि सलीम खान की हेल्थ एक निजी मामला है और इसे लेकर अनावश्यक अफवाहें न फैलेसलमान और उनके परिवार के मुताबिक, हेल्थ अपडेट केवल परिवार की अनुमति से ही साझा किए जाएंगे। डॉक्टर के पिछले बयान से नाराज होकर उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब अस्पताल सलीम खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मीडिया में कोई विवरण नहीं देगा। इससे स्पष्ट है कि सलमान खान अपने पिता की प्राइवेसी पर कड़ा ध्यान दे रहे हैं और किसी भी तरह की अनावश्यक जानकारी लीक नहीं होने देंगे।

    डॉक्टर ने सलीम खान के स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर दी जानकारी

    बुधवार को जटिल पारकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सलीम खान को हल्का ब्रेन हेमरेज हुआ था। डॉक्टर ने कहा कि उनकी हालत गंभीर नहीं थी, लेकिन उन्हें झटके लग रहे थे और ब्लड प्रेशर अधिक था, इसलिए सावधानी के तौर पर उन्हें वेन्टिलेटर पर रखा गया। उन्होंने आगे कहा “हमने सभी जरूरी चेकअप और इलाज कर लिया है। बुधवार को एक छोटा प्रोसिजर किया गया, जिसकी डिटेल्स मैं साझा नहीं कर सकता। वह अब पहले से बेहतर हैं और कल तक वेन्टिलेटर से हट जाएंगे। उम्र भी एक बड़ा फैक्टर है, इसलिए इस प्रक्रिया में समय लग रहा है।”

    सलीम खान का ख्याल रख रहा परिवार
    सलीम खान को 17 फरवरी को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उनके पूरे परिवार सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान, अर्पिता खान और अलवीरा खान हर दिन अस्पताल आकर उनका हाल-चाल लेते हैं और उनकी देखभाल कर रहे हैं। इसके अलावा, कई बॉलीवुड सेलेब्स जैसे रमेश तौरानी, संजय दत्त, आमिर खान और अन्य सितारे भी अस्पताल जाकर सलीम खान से मिले। कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनके जल्दी ठीक होने की कामना की है।

  • बिहार में बिना लाइसेंस और परमिशन के नहीं बजेंगे DJ, 15 दिन के अंदर होगा एक्शन

    बिहार में बिना लाइसेंस और परमिशन के नहीं बजेंगे DJ, 15 दिन के अंदर होगा एक्शन


    नई दिल्ली । बिहार में अब बिना लाइसेंस और बिना परमिशन के डीजे बजाने को लेकर सरकार सख्त नजर आ रही है. राज्य में अब बिना इजाजत और लाइसेंस के बिना कोई भी डीजे नहीं बजा पाएगा. इसके लिए सरकार तैयारियों में जुट गई है. साथ ही प्रशासन को भी सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.

    प्रदेश में 15 दिनों के अंदर अब डीजे बजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. विधान परिषद में निर्दलीय एमएलसी वंशीधर व्रजवासी ने डीजे के मुद्दे को उठाया है. जिस पर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही.

    निर्दलीय एमएलसी ने उठाया मुद्दा

    विधान परिषद निर्दलीय एमएलसी वंशीधर व्रजवासी ने परिषद की कार्यवाही के दौरान सवाल उठाया कि शादी, जुलूसों में बजने वाले तेज डीजे से लोगों को दिल का दौरा पड़ रहा है. बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों पर अवैध रूप से डीजे बजाया जाता है.

    उन्होंने आगे कहा कि कई लोग गाड़ियों को बिना परमिशन के डीजे वाले वाहन में तब्दील कर देते हैं. सरकार इस पर ध्यान दे और कार्रवाई करे. उन्होंने गुरुवार 19 फरवरी को ध्वनि प्रदूषण और डीजे से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का मुद्दा उठाया.

    परिवहन मंत्री ने एमएलसी के सवाल पर किया ऐलान

    परिवहन मंत्री एवं जदयू विधायक श्रवण कुमार ने उनके सवाल पर बड़ा ऐलान किया. मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर पूरे बिहार में बिना अनुमति और बिना लाइसेंस के डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी. उन्होंने आगे यह कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली डीजे गाड़ियों को सीधे जब्त किया जाएगा. बाद में यह मत कहिएगा कि शादी-ब्याह का मौका है, इसलिए डीजे बजाने दीजिए.

    उन्होंने कहा कि उत्सव के नाम पर आम जनता की सेहत और शांति से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी. बता दें बिना परमिशन चलने वाले डीजे संचालकों पर नकेल कसने की तैयारी सरकार कर रही है. साउंड लिमिट और लाइसेंसिंग को अनिवार्य बनाया जाएगा.

  • Aamlaki Ekadashi 2026: नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास है आमलकी एकादशी? जानें महत्व और लाभ

    Aamlaki Ekadashi 2026: नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास है आमलकी एकादशी? जानें महत्व और लाभ


    नई दिल्ली । आमलकी एकादशी हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी जिसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं का अपना एक अलग ही आकर्षण है. यह दिन न केवल भगवान विष्णु को समर्पित है, बल्कि नवविवाहित महिलाओं के लिए यह सौभाग्य और खुशहाल वैवाहिक जीवन का द्वार खोलने वाला माना जाता है.

    आमलकी एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

    पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आमलकी एकादशी की तिथि और समय कुछ इस प्रकार है.

    नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों है खास?
    मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे. इसलिए इसे रंगभरी एकादशी के रूप में मनाया जाता है. नवविवाहित महिलाओं के लिए यह काफी व्रत खास माना जाता है.जो महिलाएं शादी के बाद शुरुआती सालों में यह व्रत करती हैं, उन्हें माता पार्वती और भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, जिससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बना रहता है. आमलकी एकादशी का व्रत रखने से घर में सुख-शांति आती है और संतान प्राप्ति की राह आसान होती है. स्वास्थ्य का वरदान: आमलकी का अर्थ है आंवला. आयुर्वेद और धर्म दोनों में आंवले को अमृत माना गया है. इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने से महिलाओं को आरोग्य और शारीरिक शक्ति मिलती है.

    इस दिन क्या करें?

    आमलकी एकादशी पर कुछ विशेष कार्यों को करने से व्रत का फल दोगुना हो जाता है. आंवले के पेड़ की पूजा: इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की पूजा करें. पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और परिक्रमा करें.आंवले का दान और सेवन: इस दिन आंवले का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही, प्रसाद के रूप में आंवले का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम है.

    रंग और गुलाल: चूंकि इसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं, इसलिए भगवान विष्णु और शिव-पार्वती को गुलाल अर्पित करें.पौराणिक महत्व: शास्त्रों के अनुसार, आंवले का वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है क्योंकि इसकी उत्पत्ति विष्णु जी के आंसुओं से हुई थी. इसलिए इस दिन आंवले की पूजा सीधे श्रीहरि की पूजा मानी जाती है.

    आमलकी एकादशी के लाभ

    पापों से मुक्ति: अनजाने में हुई गलतियों और पापों के प्रभाव को कम करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ व्रत है.मोक्ष की प्राप्ति: एकादशी का व्रत करने वाले साधक को आखिर में वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती हैआर्थिक उन्नति: शुक्रवार के दिन एकादशी पड़ने से लक्ष्मी-नारायण योग बनता है, जो धन और ऐश्वर्य में वृद्धि करता है. 

  • TOXIC Teaser Out: यश का खूंखार अवतार, राया का एक्शन देख भूल जाएंगे KGF, धमाकेदार टीजर

    TOXIC Teaser Out: यश का खूंखार अवतार, राया का एक्शन देख भूल जाएंगे KGF, धमाकेदार टीजर


    नई दिल्ली । यश कियारा आडवाणी और लंबी स्टारकास्ट से सजी फिल्म टॉक्सिक अपने दमदार टाइटल इंट्रो वीडियो के बाद से ही चर्चा में है। इसका टीजर रिलीज हो गया है और फैंस अब फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। डायरेक्टर गीतू मोहनदास ने पहले ही 20 फरवरी को टीजर रिलीज करने की घोषणा कर दी थी जिसके बाद से ही फैंस खुशी के मारे पागल हो रहे थे। टीजर को देखने के बाद से फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट चरम पर है। यह फिल्म रणवीर सिंह की धुरंधर 2 से टकराएगी।

    गीतु मोहनदास ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर यश की तस्वीर वाला पोस्टर शेयर करते हुए टीजर रिलीज की तारीख की घोषणा की थी। कैप्शन में लिखा था सुबह 9:35 | 20.02.2026 #ToxicTeaser #Toxic 19-03-2026 से दुनिया भर के सिनेमाघरों में। फैंस ने फायर इमोजी के साथ रिएक्शन देना शुरू कर दिया। वे इस अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। 123 तेलुगू के अनुसार टॉक्सिक का थिएट्रिकल ट्रेलर मार्च के पहले हफ्ते में रिलीज होने की संभावना है। अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    टॉक्सिक की कहानी का प्लॉट

    अब फिल्म के UAE डिस्ट्रीब्यूटर फार्स फिल्म ने अपनी वेबसाइट पर फिल्‍म की कहानी को लेकर कुछ जानकारी दी है जिससे इसके प्‍लॉट का खुलासा हुआ है। इसमें बताया गया है कि टॉक्सिक साल 1940 और 1970 के दशक के बीच की कहानी है जिसके केंद्र में गोवा शहर है। यश के किरदार राया का खौफ उसकी ताकत और साम्राज्य बनाने की चाहत है। सिनॉप्‍स‍िस में आगे लिखा है हर काम का अपना नतीजा होता है। ताकत दी नहीं जाती उसे छीना जाता है और इसके लिए हमेशा एक कीमत चुकानी पड़ती है। जैसे-जैसे स्मगलिंग के रास्ते लड़ाई के मैदान बनते हैं वफादारी शक में बदलती है डर का साया जिंदा रहने का जरिया बन जाता है। आखिर में उसके फैसले उन नतीजों से ज्यादा ताकतवर साबित होते हैं।

    टॉक्सिक की रिलीज डेट धुरंधर 2 से टक्कर

    यश की आगामी फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोनअप्स की रिलीज को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। खबरों के मुताबिक फिल्म 19 मार्च 2026 को तय समय पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस रिलीज डेट के चलते फिल्म का सीधा मुकाबला धुरंधर 2 से होगा जिससे बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त टक्कर की संभावना है। हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार टॉक्सिक के मेकर्स ने 2025 की हिट फिल्म धुरंधर के सीक्वल से टक्कर होने के बावजूद फिल्म को पोस्टपोन न करने का फैसला किया है।

    टॉक्सिक का बजट और कास्ट

    टॉक्सिक एक पीरियड एक्शन थ्रिलर है जिसे गीतु मोहनदास ने लिखा और निर्देशित किया है। यश के अलावा फिल्म में कियारा आडवाणी नयनतारा हुमा कुरैशी तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत हैं। अक्षय ओबेरॉय सुदेव नायर अमित तिवारी और कई कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं। बजट की बात करें तो टॉक्‍स‍िक का बजट करीब 600 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। यानी कि बॉक्स ऑफिस पर कमाई करने के लिए इसे अपनी कमर कसनी होगी।

    टॉक्सिक 6 भाषाओं में होगी रिलीज

    फिल्म को कन्नड़ और अंग्रेजी में एक साथ शूट किया गया है और इसे हिंदी मलयालम तेलुगू और तमिल सहित छह भारतीय भाषाओं में डब करके रिलीज किया जाएगा।

    यश की KGF 2 1200 करोड़ के पार कमाई
    यश को आखिरी बार लीड रोल में केजीएफ: चैप्टर 2 में देखा गया था। प्रशांत नील की निर्देशित यह एक्शन फिल्म सिनेमाघरों में जबरदस्त सफल रही और इसने दुनियाभर में 1215 करोड़ की कमाई की थी।

    रामायण में रावण बनेंगे यश

    लगभग चार साल बाद ए्टर टॉक्सिक के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। इसके अलावा वह रणबीर कपूर की आगामी रामायण में रावण का रोल भी करने वाले हैं जो इस साल दिवाली पर रिलीज होगी।