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  • नोएडा: गड्ढे में गिरकर इंजीनियर की मौत का मामला, बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत

    नोएडा: गड्ढे में गिरकर इंजीनियर की मौत का मामला, बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत


    नई दिल्ली । नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत का मामला नोएडा सेक्टर-150 स्थित टी प्वाइंट के पास पानी से भरे गड्ढे में कार सहित गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में सत्र अदालत ने बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अदालत ने विस्तृत सुनवाई के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपी की प्रत्यक्ष या सचेत भूमिका स्थापित करने वाला ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है और उसकी कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक प्रतीत नहीं होती. हालांकि अदालत ने कहा कि वह बिना न्यायालय की अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे और जांच में सहयोग करेंगे.

    बचाव पक्ष की दलील

    आरोपी के अधिवक्ता एवं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी व सचिव शोभाराम चंदीला ने अदालत में दलील दी कि आरोपी एक प्रतिष्ठित व्यवसायी और डेवलपर हैं. FIR में उनका नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है और न ही किसी प्रत्यक्ष कृत्य का उल्लेख है. वह संबंधित कंपनी के निदेशक या की-मैनेजरियल पर्सन नहीं रहे हैं. कंपनी के शेयरों का बड़ा हिस्सा पहले ही अन्य कंपनी को हस्तांतरित किया जा चुका था. निर्माण स्थल पर दो वर्ष से अधिक समय से नोएडा प्राधिकरण द्वारा रोक लगी हुई थी.

    अदालत ने क्या पाया

    सत्र अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह स्थापित नहीं होता कि आरोपी का विवादित भूमि पर प्रत्यक्ष या परोक्ष नियंत्रण था. आरोपी के विरुद्ध किसी आपत्तिजनक वस्तु की बरामदगी प्रस्तावित नहीं है. संबंधित दस्तावेज प्राधिकरण या जांच एजेंसी के पास उपलब्ध हैं, जिनके लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी नहीं.

    प्राधिकरण द्वारा लगी थी रोक

    घटना से पूर्व नोएडा प्राधिकरण द्वारा निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी. अदालत ने कहा कि कॉर्पोरेट संरचना, लीज, सब-लीज, शेयर ट्रांसफर और MOU जैसे लेन-देन के मामलों में केवल स्वामित्व संबंध के आधार पर आपराधिक दायित्व नहीं थोपा जा सकता. अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी कंपनी के प्रमोटर हैं और इस नाते जिम्मेदार हैं. लेकिन अदालत ने कहा कि प्रमोटर शब्द की स्पष्ट कानूनी परिभाषा और दायित्व का निर्धारण रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों से स्थापित नहीं होता.

    जलभराव की समस्या

    अदालत ने यह भी नोट किया कि जलभराव की समस्या को लेकर विजटाउन प्लानर्स द्वारा 2022 में आवेदन दिया गया था और सिंचाई विभाग द्वारा 2023 में जलनिकासी के लिए प्रस्ताव रखा गया था. नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में 18 जनवरी 2021 को संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी, जो जनवरी 2026 में हटाई गई. जब निर्माण और विकास कार्य पर वैधानिक रोक लागू थी, तब जलनिकासी या अन्य निर्माणात्मक हस्तक्षेप सीमित हो सकते थे.

    ऐसे में यह निष्कर्ष निकालना कि आरोपी ने जानबूझकर पानी जमा रहने दिया, इस स्तर पर उचित नहीं है. तथ्यों, आरोपों की प्रकृति, प्रथम दृष्टया भूमिका के अभाव और कस्टोडियल पूछताछ की आवश्यकता न होने को देखते हुए अदालत ने निर्मल सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली.

  • Do Deewane Seher Mein X review: प्यार, इजहार और फिर…मृणाल और सिद्धांत की मॉर्डन लव स्टोरी से लोग हुए इंप्रेस? लोग बोले इम्परफेक्ट लव

    Do Deewane Seher Mein X review: प्यार, इजहार और फिर…मृणाल और सिद्धांत की मॉर्डन लव स्टोरी से लोग हुए इंप्रेस? लोग बोले इम्परफेक्ट लव


    नई दिल्ली । सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर स्टारर रोमांटिक ड्रामा फिल्म दो दीवाने सहर में आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस फिल्म के साथ अनुराग सिन्हा के डायरेक्शन में बनी तापसी पन्नू स्टारर फिल्म अस्सी भी रिलीज हुई है. वहीं दो दीवाने सहर में मृणाल और सिद्धांत की रोमांटिक लव स्टोरी दिखाई गई है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक अरेंज मैरिज के लिए मिले एक लड़का और लड़की की कहानी किस मोड़ पर जाती है. तो चलिए फिल्म को लेकर एक नजर डालते हैं दर्शकों के रिएक्शन पर कि उन्हें यह फिल्म कैसी लगी है.

    जानें लोगों को कैसी लगी दो दीवाने सहर में

    ट्विटर पर दो दीवाने सहर में को लेकर लोग रिएक्ट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा दो दीवाने शहर में के स्पेशल फैन प्रीव्यू में दर्शकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली जहां शशांक सिद्धांत और रोशनी मृणाल दर्शकों के पसंदीदा बन गए. मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी की उपस्थिति ने फिल्म के प्रति उत्साह को और बढ़ा दिया. Do Deewane Seher Mein 20 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में आ रही है.

    एक अन्य यूजर ने फिल्म को लेकर लिखा इस वैलेंटाइन डे पर प्यार की गूंज सुनाई देगी आस्मा मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी अभिनीत फिल्म दो दीवाने शहर में आधुनिक प्रेम कहानी को वास्तविक रोमांस के सार के साथ प्रस्तुत करती है.

    तीसरे यूजर ने लिखा ये पहले से ही ट्रेंड कर रहा है.कोई शोर-शराबा नहीं. बस भावनाएं और अब बुकमायशो पर भी ट्रेंड कर रहा है. दो दीवाने सहर में ये साबित कर रहा है कि एक अपूर्ण रूप से परिपूर्ण प्रेम कहानी जिसे ईमानदारी से बताया जाए आज भी असरदार है.

    एक और यूजर ने अस्सी और दो दीवाने सहर में को लेकर ट्वीट किया. यूजर ने लिखा क्या तापसी और अनुभव सिन्हा अस्सी के साथ एक हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं? इस मार्मिक और दिल दहला देने वाली फिल्म के लिए सिनेमाघरों में खाली सीटें ही दिखाई दे रही हैं. क्या दर्शक कठोर सच्चाइयों से मुंह मोड़ रहे हैं या मार्केटिंग इस टकराव को दर्शकों तक पहुंचाने में नाकाम रही? क्या Assi बनाम DoDeewaneSeherMein में कंटेंट बनाम आराम की जीत फिर से हुई? लेकिन प्रतिक्रिया धीमी. 10 में से 6 रेटिंग की संभावना लेकिन सीटें झूठ नहीं बोलतीं.

    एक और यूजर ने लिखा दो दीवाने सहर में 3.5 रेटिंग. आखिरकार एक ऐसी फिल्म जो सेलिब्रेट करती है इम्परफेक्ट लव को सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर दोनों ने बहुत अच्छी एक्टिंग की है खास कर के मृणाल ने. प्योर फीलिंग्स शानदार म्यूजिक शानदार एक्टिंग.परफेक्ट डेट वाली फिल्म.

  • जब बॉक्स ऑफिस पर टकारए सनी देओल-आमिर खान, किसकी हुई थी जीत? जानें किसकी फिल्म ने कितनी कमाई की थी

    जब बॉक्स ऑफिस पर टकारए सनी देओल-आमिर खान, किसकी हुई थी जीत? जानें किसकी फिल्म ने कितनी कमाई की थी


    नई दिल्ली । Box Office Clash: 25 साल पहले आमिर खान और सनी देओल की फिल्म के बीच बॉक्स ऑफिस पर क्लैश हुआ था. दोनों ही सुपरस्टार ने एक ही दिन अपनी-अपनी फिल्म रिलीज कर दी थी. चलिए जानते हैं कि किसकी फिल्म ने ज्यादा कमाई की थी.
    आमिर खान और सनी देओल
    आमिर खान और सनी देओल लंबे समय से अपनी एक अपकमिंग फिल्म को लेकर चर्चा में चल रहे हैं. फिल्म का नाम है लाहौर 1947 जो इसी साल 13 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. आमिर खान ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है और सनी देओल इस फिल्म में लीड रोल में नजर आने वाले हैं. अब जहां इस फिल्म पर दोनों ने साथ काम किया है तो वहीं लगभग 25 साल पहले दोनों की फिल्म के बीच ही बॉक्स ऑफिस पर क्लैश भी हुआ था.

    दरअसल दोनों ही सुपरस्टार्स की फिल्में एक ही दिन सिनेमाघरों में रिलीज हो गई थीं. खास बात ये थी कि दोनों ही फिल्में लोगों को काफी पसंद आई थीं और दोनों बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थीं. यहां जिन दो फिल्मों की बात हो रही है उनमें पहली है सनी देओल की गदर और दूसरी है आमिर खान की लगान . दोनों फिल्में 15 जून 2001 को रिलीज हुई थीं.

    आमिर खान और सनी देओल की फिल्में

    अनिल शर्मा के डायरेक्शन में बनी गदर में सनी देओल के साथ अमीषा पटेल दिखी थीं. सैकनिल्क के अनुसार इस फिल्म का बजट 18 करोड़ रुपये था. वर्ल्डवाइड इस फिल्म ने 132.60 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया था. इस फिल्म को ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर का टैग मिला था. लगान को डायरेक्ट किया था आशुतोष गोवारिकर ने. आमिर के अपोजिट इस फिल्म में ग्रेसी सिंह दिखी थीं. इस फिल्म को बनाने में 25 करोड़ रुपये खर्च हुए थे और दुनियाभर से कमाई हुई थी 58.05 करोड़. ये फिल्म हिट रही थी.
    प्रीति जिंटा लाहौर 1947 का हिस्सा
    दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सक्सेसफुल रही थीं. हालांकि लगान की तुलना में गदर ने ज्यादा कमाई की थी. सालों बाद आज भी ये दोनों फिल्में लोगों के दिलों में बसती हैं. बहरहाल फिलहाल फैंस को दोनों की फिल्म लाहौर 1947 का इंतजार है. सनी देओल के अपोजिट इसमें प्रीटि जिंटा नजर आने वाली हैं. इस फिल्म को डायरेक्टर राजकुमार संतोषी बना रहे हैं. बहरहाल अब देखना होगा कि रिलीज के बाद ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसा परफॉर्म दिखाती है.

  • भिंड के कोंहार गांव में ब्राह्मण-क्षत्रिय समेत समाज के लोग जाटव समाज का सामूहिक बहिष्कार कर दिया; मामला एससी-एसटी एक्ट की FIR विरोध से जुड़ा

    भिंड के कोंहार गांव में ब्राह्मण-क्षत्रिय समेत समाज के लोग जाटव समाज का सामूहिक बहिष्कार कर दिया; मामला एससी-एसटी एक्ट की FIR विरोध से जुड़ा


    भिंड । मध्य प्रदेश जिले के कोंहार गांव में शुक्रवार सुबह एक सर्व समाज बैठक में ब्राह्मण क्षत्रिय तथा अन्य समाजों के ग्रामीणों ने जाटव समाज का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। यह कदम 17 फरवरी को दर्ज हुई एससी-एसटी एक्ट अंतर्गत FIR और कथित रूप से कुछआपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में उठाया गया है। बैठक में उपस्थित लोगों ने एक साथ शपथ ली कि वे अब जाटव समाज के साथ कोई सामाजिक मेल-जोल नहीं रखेंगे जिसमें घर-आना-जाना किसी प्रकार का सामाजिक संबंध और खेतों-कामकाज से जुड़े संपर्क भी शामिल है।

    स्थानीय हनुमान मंदिर परिसर में सुबह करीब 10:30 बजे से 11:00 बजे तक चली बैठक में ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज के अलावा अन्य जाति-समुदाय के लोग भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जाटव समाज के कुछ लोग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर चुके हैं और ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज तथा मन्वाद को लेकर विरोध जताया है जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ा है।

    ग्रामीणों ने बैठक के दौरान सामूहिक शपथ ली जिसमें उन्होंने कहा कि वे जाटव समाज के लोगों के साथ सभी सामाजिक और पारिवारिक संपर्क समाप्त करेंगे। इस शपथ के तहत शामिल है उनके घरों में आना-जाना बंद करना रिश्तेदारी तथा सामाजिक कार्यक्रमों में भाग न लेना तथा खेती-बाड़ी या कामकाज से जुड़े किसी भी संपर्क को तोड़ देना।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह विरोध 17 फरवरी को दर्ज एससी-एसटी एक्ट FIR के खिलाफ आयोजित किया गया है जिसे वे एकतरफा कार्रवाई और गांव के सामाजिक वातावरण को प्रभावित करने वाला मानते हैं। उन्होंने प्रशासन से भी मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आगे भी सामूहिक निर्णय लिए जा सकते हैं।

    स्याह-गहरे सामाजिक तनाव के बीच यह घटना उस प्रकार की दूसरी बार सामने आई है जब गाँव में सार्वजनिक विरोध और शपथ कार्यक्रम हुआ है। इससे पहले भी किसी विवाद के बाद स्थानीय समाज ने जाटव समुदाय के खिलाफ बहिष्कार का बड़ा फैसला लिया था लेकिन प्रशासन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। हालांकि रिपोर्टों से यह स्पष्ट है कि एसे सामाजिक बहिष्कार के निर्णय का कानूनी और सामाजिक प्रभाव स्थानीय समुदाय के जीवन पर गहरा असर डाल सकता है और इसे लेकर स्थानीय अधिकारियों तथा पुलिस की निगाह बनी हुई है।

  • मुरैना के जिला अस्पताल के प्रतीक्षालय में अज्ञात अधेड़ का शव मिला, जेब से तीन रोटी-दो हरी मिर्च तथा नमक

    मुरैना के जिला अस्पताल के प्रतीक्षालय में अज्ञात अधेड़ का शव मिला, जेब से तीन रोटी-दो हरी मिर्च तथा नमक


    मुरैना मध्यप्रदेशजिले के डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के महिला मेडिकल वार्ड के बाहर बनाए गए प्रतीक्षालय में एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने से अस्पताल परिसर में सनसनी फैल गई। यह शव गुरुवार शाम लगभग 7 बजे तब मिला जब भर्ती मरीजों के अटेंडर खाने के लिए प्रतीक्षालय आए और वहाँ पड़े शव को देखा। सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन को सूचित किया गया और शव को अस्पताल की मोर्च्यूरी में सुरक्षित रखवाया गया।

    पुलिस ने शव की प्राथमिक तलाशी में मतदान नहीं मिलने के बावजूद उसकी जेब से तीन रोटियाँ, दो हरी मिर्च और थोड़ा नमक बरामद किया है, जो इस मामले को और संदिग्ध बना रहा है। मृतक के कपड़े साफ-सुथरे मिले हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह किसी अच्छे घर से आता हो सकता है। मारे गए व्यक्ति की उम्र लगभग 50-52 वर्ष के बीच लगाई जा रही है।

    पुलिस चौकी प्रभारी हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र शर्मा ने बताया कि शव को नियम के अनुसार तीन दिनों तक मोर्च्यूरी में रखा जाएगा ताकि उसकी पहचान हो सके। निर्धारित समय में अगर कोई परिचित या परिजन सामने नहीं आता है तो कानून के तहत अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

    पहचान कराने में मदद के लिए अस्पताल चौकी, कोतवाली थाना और कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति जिसे जानकारी हो, वह पुलिस को फोन पर सूचित कर सके। पुलिस लगातार आसपास के सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल परिसर के आसपास के लोगों और स्थानीय निवासियों से पूछताछ कर पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पताल सुरक्षा की दृष्टि से यह मामला गंभीर है क्योंकि किसी व्यक्ति का आकस्मिक रूप से प्रतीक्षालय में शव मिलना सामान्य नहीं माना जाता। मृतक कैसे और कब यहाँ पहुँचा, यह भी पुलिस की जांच का हिस्सा है।

    पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि उनका कोई परिचित या परिवार का सदस्य पिछले कुछ दिनों से लापता है और इस विवरण से मिलता-जुलता है तो वह जल्द से जल्द जानकारी साझा करें, जिससे मृतक की पहचान जल्द हो सके और परिवार तक सूचना पहुँचाई जा सके।

  • सीएम ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार माफी के बाद भी नहीं बदला कैलाश विजयवर्गीय का तेवर, औकात बयान पर सियासी घमासान

    सीएम ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार माफी के बाद भी नहीं बदला कैलाश विजयवर्गीय का तेवर, औकात बयान पर सियासी घमासान


    भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र 2026 के दौरान आज फिर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विवादित बयान चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा माफी मांगने के बाद भी विजयवर्गीय ने अपने तेवर में नरमी नहीं दिखाई और मीडिया से बातचीत में कहा कप्तान है वो तो यार माफी मांगी तो क्या हो गया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    दरअसल बजट सत्र के चौथे दिन भागीरथपुरा दूषित पानी और मौतों के मामले पर जब विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस बहस के दौरान विजयवर्गीय ने असंसदीय भाषा का उपयोग करते हुए उमंग सिंघार को औकात में रहो कह दिया जिससे सदन में हंगामा हो गया और कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    हंगामे के बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने खेद जताया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जिससे सदन की गरिमा को बनाए रखने की अपील की गई। हालांकि विजयवर्गीय के तेवर इसके बावजूद नरम नहीं पड़े। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कभी-कभी गुस्सा आ जाता है यार सी प्रतिक्रिया भी दी।

    इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी पलटवार किया और कहा कि वह अपनी औकात जनता की सेवा करने और उनके सवालों को उठाने में ही मानते हैं। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष गंभीर मुद्दों जैसे भागीरथपुरा मौतों या अडानी ग्रुप के साथ समझौते पर चर्चा करता है तो इसका जवाब इस तरह के बयान से नहीं दिया जाना चाहिए।

    वहीं युवा कांग्रेस ने दोषी मंत्री के बयान के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है और आज उनके बंगले के बाहर घेराव कार्यक्रम होगा जिसे देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

    बीजेपी शासन के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। एक बीजेपी विधायक ने कहा कि विपक्ष के लोग मुट्ठी भर हैं और उनका मोर्चा छोटा है जबकि उनकी पार्टी का मोर्चा बड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले बदतमीजी की थी और इसलिए पूरा विपक्ष माफी मांगे।

    इस पूरे विवाद ने विधानसभा सत्र को गर्मा‑गर्म बहस और सियासी टकराव का केंद्र बना दिया है। मुख्यमंत्री की माफी के बावजूद मंत्री का बयान सियासी कारवाई और विरोध प्रदर्शन का विषय बन गया है जिससे सदन और बाहर दोनों जगह राजनीति गरमाई हुई है।

  • भोपाल में पहली बार फेमिना मिस इंडिया 2026 का ग्रैंड फिनाले, सिवनी की धनुश्री चौहान बनीं विजेता

    भोपाल में पहली बार फेमिना मिस इंडिया 2026 का ग्रैंड फिनाले, सिवनी की धनुश्री चौहान बनीं विजेता


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐतिहासिक और रोमांचक शाम देखने को मिली जब फेमिना मिस इंडिया2026 का राज्य स्तरीय ग्रैंड फिनाले पहली बार आयोजित हुआ। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 19 फरवरी 2026 को मिंटो हॉल में आयोजित हुई जिसमें पूरे प्रदेश से चयनित 16 प्रतिभागियों ने अपने हुनर आत्मविश्वास और पर्सनैलिटी से मुक़ाबला किया। इस पहले आयोजन से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।

    इस ग्लैमरस प्रतियोगिता में सिवनी जिले की धनुश्री चौहान ने शानदार प्रस्तुति देकर विजेता का खिताब अपने नाम किया। धनुश्री ने अपनी ग्रेस बुद्धिमत्ता और आकर्षक पर्सनैलिटी के दम पर निर्णायकों को प्रभावित किया और प्रदेश की प्रतिनिधि बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने कहा है कि वह न केवल भोपाल या मध्यप्रदेश बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन करेंगी।

    इस आयोजन की खास बात थी इसकी थीम सस्टेनेबिलिटी फर्स्ट ज़ीरो वेस्ट इवेंट सका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और एक साफसुथरा जिम्मेदार कार्यक्रम पेश करना था। इस थीम के अंतर्गत कार्यक्रम में कमी से कम बर्बादी करने और इकोफ्रेंडली प्रथाओं को अपनाने पर जोर दिया गया जो femina ब्रांड की नई दिशा को दर्शाता है।

    प्रतियोगिता में प्रारंभिक राउंड के लिए लगभग 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया था। विभिन्न राउंड के बाद श्रेष्ठ 16 को चुना गया और उन्होंने रैंप वॉक पब्लिक स्पीकिंग और टैलेंट राउंड में हिस्सा लिया। निर्णायकों ने उनकी प्रतिभा आत्मविश्वास और व्यक्तित्व के आधार पर विजेता का चयन किया।

    इस कार्यक्रम में फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड2024 की विजेता और खुद मध्यप्रदेश की बेटी निकिता पोरवाल नई विजेता धनुश्री को ताज पहनाया। यह पल स्थानीय युवाओं के लिए गर्व का क्षण था क्योंकि प्रदेश की बेटी ने अपने काम और प्रतिभा से यह प्रतिष्ठित मुकाम हासिल किया।

    धनुश्री की यह विजय सिवनी और मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। उनकी कहानी युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है जो साबित करती है कि मेहनत आत्मविश्वास और समर्पण के साथ सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है। इस प्रतिस्पर्धा से मध्यप्रदेश की युवा प्रतिभाओं को ब्यूटी टैलेंट और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच मिला है।

    अब धनुश्री चौहान राष्ट्रीय स्तर पर Femina Miss India 2026 प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी जहां वे देश भर की अन्य राज्य विजेताओं के साथ मुकाबला करेंगी और भारत के प्रतिष्ठित मंच पर अपनी पहचान बनाने का प्रयास करेंगी।

  • मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र2026: भागीरथपुरा दूषित पानी मामले पर स्थगन प्रस्ताव पर आज चर्चा, सियासी गरमाहट जारी

    मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र2026: भागीरथपुरा दूषित पानी मामले पर स्थगन प्रस्ताव पर आज चर्चा, सियासी गरमाहट जारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र दौरान आज सदन में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल और उससे हुए लोगों की मौत का मामला फिर से चर्चा में है। यह मुद्दा पहले भी बजट सत्र के दौरान उठाया जा चुका है और विपक्ष स्थगन प्रस्ताव पर विस्तृत बहस की मांग कर रहा है।

    भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने की वजह से कई लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं हुईं और कई की मौत भी हुई जिससे स्थानीय लोग और विपक्ष दोनों ही सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत आधा दर्जन से अधिक कांग्रेस विधायक स्थगन प्रस्ताव के दौरान अपनी बात रखेंगे। इस मुद्दे पर विपक्ष ने पहले भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था और संसद में इसे गंभीर विषय के रूप में उठाया।

    विपक्ष का आरोप है कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल की आपूर्ति से बच्चों और बड़ों समेत अनेक लोगों को एक्यूट डायरिया जैसी बीमारी हुई जिसके चलते कम से कम 22 लोगों की मौत हुई है और कई दर्जन लोग अस्पताल में भर्ती रहे। कांग्रेस ने इसे सिस्टम की विफलता बताया और इसके लिए मंत्रियों की इस्तीफा की मांग भी की।

    सांसदों ने कहा कि दूषित पानी मामले को विस आवाज़ में उठाने के लिए स्थगन प्रस्ताव जरूरी है ताकि पूरे मुद्दे पर विस्तार से बहस हो और जवाबदेही तय की जा सके। विपक्ष ने तर्क दिया कि सरकार की तत्काल प्रतिक्रिया और पीड़ितों को दी गई मुआवजे की राशि अपर्याप्त है जबकि जिम्मेदार अधिकारियों और प्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

    सरकार की ओर से जवाब में कहा गया है कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। स्वास्थ्य और नगर प्रशासन विभागों ने घटनास्थल पर कार्यवाही की है और दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मामला राजनीति से ऊपर है और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने सहित राहत कार्य किये जा रहे हैं।

    सदन में इस मुद्दे को लेकर कई बार कार्यवाही स्थगित भी हुई क्योंकि विपक्ष ने इसे व्यापक रूप से उठाने की मांग की है। कांग्रेस ने दावा किया कि दूषित पानी से मरने वालों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज़्यादा हो सकती है और सरकार की जवाबदेही तय किये बिना इस मुद्दे पर आगे नहीं बढ़ा जाये।

    राज्यसभा में नेताओं ने जोर देकर कहा है कि सदी में स्वच्छ भारत की बात करते हुए यदि नागरिकों को सुरक्षित पीने का पानी न मिल रहा हो तो यह गंभीर समस्या है जिसे जल्द ही नीति स्तर पर भी संबोधित किया जाना चाहिए। स्थगन प्रस्ताव पर आज होने वाली चर्चा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • नया मोड़: नर्मदापुरम में कॉलेज प्रिंसिपल से 1 करोड़ की ठगी मामले में एक और पीड़ित सामने, कहा गोल्ड का लालच देकर 15 लाख ठगे

    नया मोड़: नर्मदापुरम में कॉलेज प्रिंसिपल से 1 करोड़ की ठगी मामले में एक और पीड़ित सामने, कहा गोल्ड का लालच देकर 15 लाख ठगे


    नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम होशंगाबाद में डोलरिया के एक शासकीय कॉलेज के प्रिंसिपल के साथ हुई करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में नया मोड़ सामने आया है। पहले प्राचार्य से लगभग ₹1 करोड़ 4 लाख की ठगी का केस सामने आया था जिस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। अब एक और व्यक्ति पीड़ित बनकर थाने पहुंचा है और उसने भी आरोप लगाया है कि इसी आरोपी ने उससे ₹15 लाख ग़लत ढंग से लेकर ठगी की है।
    पहले मामले में प्राचार्य राकेश कुमार वर्मा को उनके ही ड्राइवर अंकित शर्मा ने गड़ी पड़ी सोने की पोटली का झांसा देकर झांसा दिया था। आरोपी ने कहा कि प्राचार्य के घर के नीचे जमीन में सोना दफन है जिससे वह डर गया और आरोपी को नकद ट्रांजैक्शन और गोल्ड लोन के माध्यम से 1 करोड़ 4 लाख रुपए दे दिए। बाद में पता चलने पर प्राचार्य ने शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
    अब एक नया पीड़ित अमित तिवारी पुलिस स्टेशन पहुंचा है और उसने बताया कि आरोपी ने पहले उसके साथ दोस्ती बढ़ाई फिर उसे अपना जीजा बताया और धीरे-धीरे ₹15 लाख ऐंठ लिए। उसने कहा कि आरोपी ने उसे एक बॉक्स दिखाया जिसमें उसने सोना होने का झांसा दिया लेकिन असल में उस बॉक्स में सिर्फ लोहे के टुकड़े थे जिन पर सोने जैसा रंग और सिंदूर लगा था। इसी लालच में तिवारी ने करीब ₹10 लाख का लोन लिया कुछ नकद दिए और अपनी गाड़ी बेचकर बाकी रकम दी।
    तिवारी ने बताया कि आरोपी का तौर-तरीका यही था कि पहले रिश्ता बनाता फिर पैसे उधार लेता और फिर लालच देकर वापस लेता रहता था। उसने कहा कि आरोपी की पत्नी और मां भी इस ठगी में शामिल थी और उन्होंने सहायता का भरोसा दिलाया कि सोना बेचकर पैसे लौटाए जाएंगे।

    थाना प्रभारी कंचन ठाकुर ने पुष्टि की है कि आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया गया था और उसके कब्जे से एक स्कॉर्पियो वाहन एक बुलेट मोटरसाइकिल लगभग 30 ग्राम सोना और कुछ नकद पैसे भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को गोल्ड के लालच में पैसे ऐंठ कर फिर उन्हें धोखा देता था। इसके अलावा उसने धोखाधड़ी से प्राप्त पैसों से कुछ प्रॉपर्टी भी खरीदी थी जिनके दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

    अब पुलिस तिवारी की शिकायत पर भी जांच कर रही है। मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी और जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि कैसे लालच और धोखे की साजिश में लोग आसानी से फँस सकते हैं चाहे वे शिक्षित हों या साबित पद पर हों और किस प्रकार अपराधी अपनी चालाकी से बड़ा आर्थिक नुकसान करवा देते हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद होने पर उठे सवाल पर सरकार को किया ज़िम्मेदार सर्वे और मुआवजे का आश्वासन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद होने पर उठे सवाल पर सरकार को किया ज़िम्मेदार सर्वे और मुआवजे का आश्वासन


    भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से अचानक बदला मौसम किसानों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन गया है। तेज बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के चलते राज्य के कई जिलों में गेहूं चना लहसुन समेत कई रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है जिससे अन्नदाताओं में भारी मायूसी और परेशानी का माहौल है। समस्या इतनी गंभीर हो गई कि इसे मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में भी उठाया गया।

    उज्जैन जिले में लगातार दूसरे दिन बारिश ने तबाही मचाई। नागदा खाचरोद उन्हेल और महिदपुर तहसीलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। पारा गिरने और मौसम में बदलाव के कारण किसानों के चेहरे पर निराशा साफ़ देखी जा रही है।

    रतलाम धार और शुजालपुर सहित अन्य जिलों में भी फसलें बर्बाद हुई हैं। रतलाम में कृषि क्षेत्र में लगभग 50% के आसपास नुकसान का अनुमान है जिसमें गेहूं चना और लहसुन शामिल हैं। नगरा और कांडरवासा जैसे इलाकों में किसान खासा प्रभावित हुए हैं। धार और शुजालपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अति बारिश के कारण गेहूं और अन्य रबी फसलें बुरी तरह खराब हो गई हैं।

    इस गंभीर विषय को विधानसभा में भी उठाया गया। बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि पिछले दो दिनों में प्रदेशभर में हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है और तुरंत सर्वे कर मुआवजा दिया जाना चाहिए। इस पर सरकार ने जवाब दिया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही सभी कलेक्टर्स को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करने के निर्देश दे दिए हैं।

    सरकार ने कहा कि तहसीलदार और पटवारियों को खेतों में जाकर नुकसान का आकलन करने का आदेश दिया गया है। प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सर्वे के आधार पर मुआवजा राशि दी जाएगी जिसमें अगर नुकसान 50% से अधिक पाया जाता है तो 32 000 रुपये और 50% से कम होने पर 16 000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इससे पहले भी सरकार ने सोयाबीन नुकसान पर 2 000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की थी।

    मौसम विभाग ने भी चेतावनी दी है कि 23–24 फरवरी को फिर बारिश हो सकती है जिससे पहले से ही क्षतिग्रस्त फसलों के लिए और जोखिम बढ़ सकता है। तेज हवाओं ओलावृष्टि और बरसात से खेतों में खड़ी फसलें दब गई हैं और कृषि उत्पादन पर इसका नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।

    किसानों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि सर्वे में निष्पक्षता बरती जाए और उन्हें समय पर मुआवजा दिया जाए ताकि बेमौसम बारिश से हुई क्षति का आर्थिक बोझ कम हो सके। कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं और जल्द रिपोर्ट तैयार करने का आश्वासन दिया गया है।

    यह स्थिति यह भी दर्शाती है कि बदलते मौसम के पैटर्न से किसानों की खेती अहम है खासकर जब किसान पहले से ही मौसम-संवेदनशील खेती के दबाव में हैं।पर कितना सीधा प्रभाव पड़ता है और समय रहते राहत उपाय तथा सरकारी सहायता की आवश्यकता कितनी