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  • भारती एयरटेल ने रचा इतिहास, मार्केट कैप में HDFC बैंक को पीछे छोड़ बनी देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी

    भारती एयरटेल ने रचा इतिहास, मार्केट कैप में HDFC बैंक को पीछे छोड़ बनी देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी

    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल ने बाजार पूंजीकरण के मामले में HDFC बैंक को पीछे छोड़ते हुए देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। इस बदलाव ने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों का ध्यान खींचा है, क्योंकि लंबे समय से बैंकिंग सेक्टर की मजबूत उपस्थिति के बीच यह एक महत्वपूर्ण उलटफेर माना जा रहा है।

    18 मई को बाजार में कारोबार के दौरान एयरटेल के शेयरों में तेजी देखने को मिली और कीमतें बढ़कर नए स्तरों के करीब पहुंच गईं। इस तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया, जबकि HDFC बैंक का मूल्यांकन इससे थोड़ा नीचे रह गया। हालांकि दिन के अंत में हल्की गिरावट के साथ दोनों कंपनियों के आंकड़ों में अंतर कम जरूर हुआ, लेकिन बाजार की चाल ने यह स्पष्ट कर दिया कि एयरटेल फिलहाल मजबूत स्थिति में है।

    पिछले एक सप्ताह में एयरटेल के शेयरों में करीब 10 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। इसके विपरीत HDFC बैंक के शेयरों में अपेक्षाकृत सीमित बढ़त देखने को मिली है और पिछले कुछ महीनों में इसमें दबाव भी बना रहा है। बैंक के नेतृत्व और आंतरिक बदलावों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है, जिसके कारण इसके शेयरों पर असर पड़ा है।

    हालांकि एयरटेल ने इस उपलब्धि के साथ भले ही बाजार मूल्यांकन में बढ़त हासिल की हो, लेकिन इसके हालिया वित्तीय नतीजों में मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की तुलना में घटा है, लेकिन इसके बावजूद राजस्व में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। मोबाइल सेवाओं से होने वाली आय में सुधार और ग्राहकों की बढ़ती संख्या ने कंपनी के कुल कारोबार को मजबूती प्रदान की है। प्रति उपयोगकर्ता औसत आय में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जो यह संकेत देता है कि कंपनी अपने ग्राहकों से बेहतर रिटर्न हासिल कर रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि एयरटेल का बढ़ता मार्केट कैप केवल टेलीकॉम सेक्टर की मजबूती ही नहीं, बल्कि कंपनी के डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की रणनीति का भी परिणाम है। कंपनी आने वाले समय में डेटा सेंटर नेटवर्क का विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है और ऑप्टिकल फाइबर तथा डिजिटल सेवाओं में भी बड़े निवेश की तैयारी में है। इसके साथ ही नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर में भी कंपनी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

    वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है और बाजार पूंजीकरण के मामले में पहले स्थान पर मजबूती से कायम है। एयरटेल की यह उपलब्धि हालांकि महत्वपूर्ण है, लेकिन बाजार विशेषज्ञ इसे प्रतिस्पर्धी सेक्टरों में बदलते रुझानों का संकेत मान रहे हैं, जहां टेलीकॉम और डिजिटल कंपनियां तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं।

    कुल मिलाकर यह बदलाव भारतीय शेयर बाजार में सेक्टर आधारित शक्ति संतुलन में हो रहे परिवर्तन को दर्शाता है, जहां पारंपरिक बैंकिंग दिग्गजों को अब नई पीढ़ी की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है।

  • मेडिकल फील्ड में अवसर, NHM चंडीगढ़ में संविदा आधार पर डॉक्टरों की भर्ती घोषित

    मेडिकल फील्ड में अवसर, NHM चंडीगढ़ में संविदा आधार पर डॉक्टरों की भर्ती घोषित

    नई दिल्ली ।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, चंडीगढ़ ने चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर जारी किया है। विभाग ने मेडिकल ऑफिसर के कुल 5 रिक्त पदों पर संविदा आधार पर भर्ती की घोषणा की है, जिसके लिए चयन प्रक्रिया सीधे वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से पूरी की जाएगी। यह भर्ती विभिन्न मेडिकल कैटेगरी के अंतर्गत की जा रही है, जिसमें आपातकालीन चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पद शामिल हैं।

    इन पदों पर चयन पूरी तरह से इंटरव्यू और दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह लगभग 72 हजार रुपये का मानदेय प्रदान किया जाएगा। इस भर्ती में आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित की गई है, जिससे अनुभवी चिकित्सा पेशेवरों को भी अवसर प्राप्त हो सके।

    योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से एमबीबीएस की डिग्री होना अनिवार्य है, साथ ही एक वर्ष की रोटेटरी इंटर्नशिप भी पूरी की होनी चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार का संबंधित राज्य चिकित्सा परिषद या राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग में पंजीकरण होना जरूरी है। अनुभव के आधार पर उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, खासकर उन लोगों को जिनके पास स्त्री रोग, प्रसूति या बाल रोग जैसे विभागों में कार्य अनुभव है।

    इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को 25 मई को निर्धारित समय पर इंटरव्यू स्थल पर पहुंचना होगा। यह इंटरव्यू सुबह 9:30 बजे से आयोजित किया जाएगा, जबकि पंजीकरण प्रक्रिया उसी दिन सुबह 10:30 बजे तक चलेगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रति और उनकी फोटोकॉपी साथ लेकर आएं ताकि सत्यापन प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या न हो।

    चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति संविदा आधार पर की जाएगी, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों और सेवाओं में योगदान देंगे। यह अवसर उन चिकित्सा पेशेवरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं या अपने करियर को एक स्थिर दिशा देना चाहते हैं।

    चंडीगढ़ में आयोजित होने वाला यह वॉक-इन इंटरव्यू चिकित्सा क्षेत्र में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर माना जा रहा है, जिसमें बिना लंबी परीक्षा प्रक्रिया के सीधे चयन की संभावना मौजूद है।

  • ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत

    ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत



    ग्वालियर । ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र के हनुमान नगर में एक नाबालिग को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थाने तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कल्ला खटीक का 17 वर्षीय बेटा कुछ समय के लिए पड़ोस में रहने वाली नेहा के घर चला गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसके माता-पिता उसे वापस लेने नेहा के घर पहुंचे। इसी दौरान नाबालिग के घर लौटने को लेकर असहमति हो गई और विवाद शुरू हो गया।

    बताया जा रहा है कि नाबालिग घर जाने को तैयार नहीं था, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसी बीच कहासुनी बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई। विवाद के दौरान पड़ोसी महिला ने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें झगड़ा और कथित मारपीट दिखाई दे रही है।

    वीडियो बनाने के बाद महिला नेहा सीधे इंदरगंज थाने पहुंची और कल्ला खटीक व उनकी पत्नी के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को घटना का वीडियो भी सौंपा गया है। वहीं, दूसरी तरफ से भी शिकायत दर्ज कराई गई है।

    इंदरगंज पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • इटैलियन ओपन पर जैनिक सिनर का कब्जा, कैस्पर रूड को हराकर हासिल की ऐतिहासिक जीत

    इटैलियन ओपन पर जैनिक सिनर का कब्जा, कैस्पर रूड को हराकर हासिल की ऐतिहासिक जीत

    नई दिल्ली । इटली की राजधानी रोम में खेले गए इटैलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला ऐतिहासिक बन गया, जहां युवा टेनिस स्टार जैनिक सिनर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल अपने करियर का एक बड़ा मुकाम हासिल किया, बल्कि घरेलू दर्शकों के सामने इटली के लंबे इंतजार को भी खत्म कर दिया। करीब पांच दशक बाद किसी इतालवी खिलाड़ी ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है, जिससे पूरे देश में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

    फाइनल मुकाबले में सिनर का सामना नॉर्वे के अनुभवी खिलाड़ी कैस्पर रूड से हुआ। शुरुआत में रूड ने आक्रामक खेल दिखाते हुए दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन सिनर ने संयम और रणनीति के साथ मैच में वापसी की। पहले सेट में बढ़त हासिल करने के बाद उन्होंने अपने खेल को और अधिक सटीक और आक्रामक बनाया। लगातार बेसलाइन से लगाए गए गहरे और नियंत्रित शॉट्स ने उन्हें मैच में मजबूत पकड़ दिलाई और धीरे-धीरे उन्होंने मुकाबले का पूरा रुख अपने पक्ष में कर लिया।

    दोनों सेटों में समान स्कोर के साथ समाप्त हुए इस फाइनल में सिनर ने मानसिक मजबूती और शारीरिक फिटनेस का बेहतरीन प्रदर्शन किया। लंबे समय तक चले इस मुकाबले में उन्होंने न केवल तकनीकी श्रेष्ठता दिखाई, बल्कि दबाव के क्षणों में भी खुद को संतुलित रखा। यही वजह रही कि वे निर्णायक पलों में बढ़त बनाए रखने में सफल रहे और खिताब जीतने में कामयाब हुए।

    इस जीत के साथ सिनर ने अपने करियर का एक और बड़ा अध्याय जोड़ा है। लगातार कई बड़े टूर्नामेंट जीतते हुए उन्होंने विश्व टेनिस में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। इस सफलता के साथ वे उस चुनिंदा सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने एटीपी मास्टर्स स्तर पर सभी प्रमुख खिताब अपने नाम किए हैं, जो उनके निरंतर प्रदर्शन और उच्च स्तर की क्षमता को दर्शाता है।

    मैच के बाद भावुक होते हुए सिनर ने अपने प्रदर्शन और टीम के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जीत उनके लिए केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने अपनी टीम के समर्थन को इस सफलता की नींव बताया, जिसने पूरे सीजन उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा।

    वहीं, फाइनल में हार के बावजूद कैस्पर रूड ने सिनर के प्रदर्शन की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने माना कि घरेलू दर्शकों के सामने इस तरह का प्रदर्शन करना असाधारण उपलब्धि है और यह मैच उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण मुकाबलों में से एक रहा। उन्होंने सिनर को इस ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका खेल वर्तमान टेनिस युग में एक नई ऊंचाई स्थापित कर रहा है।

    रोम के दर्शकों के लिए यह मुकाबला यादगार बन गया, जहां घरेलू खिलाड़ी की जीत ने पूरे स्टेडियम को उत्साह से भर दिया। इस जीत ने न केवल सिनर के करियर को नई दिशा दी, बल्कि इटली में टेनिस के प्रति बढ़ते जुनून को भी और मजबूत कर दिया है।

  • ग्वालियर में घरेलू विवाद के बाद दर्दनाक हादसा: पत्नी ने फांसी लगाई, इलाज के दौरान मौत

    ग्वालियर में घरेलू विवाद के बाद दर्दनाक हादसा: पत्नी ने फांसी लगाई, इलाज के दौरान मौत



    ग्वालियर। ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित सुरेश नगर सरकारी मल्टी में पति-पत्नी के बीच देर से घर आने को लेकर हुआ विवाद एक दर्दनाक घटना में बदल गया। बहस के बाद पत्नी ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम छा गया।

    देर से घर आने पर शुरू हुआ विवाद
    जानकारी के मुताबिक, रविवार रात करीब 11 बजे रामचंद्र आदिवासी घर पहुंचे थे। देर से आने पर पत्नी सोनम ने उनसे सवाल किए, जिसके बाद दोनों के बीच बच्चों के सामने बहस हो गई।

    विवाद इतना बढ़ गया कि रामचंद्र गुस्से में घर से बाहर चले गए। इसी दौरान पत्नी सोनम कमरे में गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

    बच्चों ने दी दर्दनाक सूचना
    कुछ देर बाद बड़ा बेटा ओम रोते हुए बाहर आया और पिता को बताया कि मां पंखे से लटकी हुई है। यह सुनकर पिता तुरंत घर की ओर दौड़े।दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से दीवार तोड़ी और अंदर दाखिल हुए।

    अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
    परिजन सोनम को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने करीब 26 मिनट के इलाज के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद बच्चों और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस ने शुरू की जांच
    घटना की सूचना मिलने पर थाटीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया।थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला घरेलू विवाद का प्रतीत हो रहा है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

    घरेलू विवाद बना जानलेवा
    यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटे-छोटे घरेलू विवाद भी कई बार गंभीर और दुखद परिणाम दे सकते हैं। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

  • कप्तानी और रवैये पर फिर सवाल, रियान पराग का वीडियो वायरल, नन्हे फैन से हुई धक्का-मुक्की पर विवाद

    कप्तानी और रवैये पर फिर सवाल, रियान पराग का वीडियो वायरल, नन्हे फैन से हुई धक्का-मुक्की पर विवाद

    नई दिल्ली । राजस्थान रॉयल्स के युवा कप्तान रियान पराग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। इस बार मामला एक वायरल वीडियो से जुड़ा है, जिसमें वे एक नन्हे फैन के साथ कथित तौर पर सख्त व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और इसके बाद उनके रवैये को लेकर बहस छिड़ गई है।

    घटना उस समय की बताई जा रही है जब रियान पराग सुरक्षा घेरे के बीच से गुजर रहे थे। इसी दौरान एक छोटा बच्चा भीड़ से निकलकर उनके करीब पहुंच गया और उनके साथ फोटो लेने की कोशिश करने लगा। वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चा लगातार उनके साथ चलकर तस्वीर लेने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान वह उनके काफी करीब पहुंच गया।

    स्थिति के अनुसार, रियान पराग ने पहले बच्चे को दूर रहने का इशारा किया और उसे साइड में हटने के लिए कहा। लेकिन जब बच्चा नहीं रुका, तो उन्होंने उसे हाथ से पकड़कर किनारे की ओर हटा दिया और आगे बढ़ गए। इस पूरी घटना का वीडियो कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।

    वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने रियान पराग के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा है कि एक पेशेवर खिलाड़ी और कप्तान होने के नाते उन्हें फैंस, खासकर बच्चों के साथ अधिक संवेदनशील और विनम्र तरीके से पेश आना चाहिए था। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि सुरक्षा घेरा और भीड़ को देखते हुए खिलाड़ी पर दबाव की स्थिति भी हो सकती है।

    हालांकि यह पहली बार नहीं है जब रियान पराग चर्चा में आए हों। पिछले समय में भी उनके व्यवहार और मैदान के बाहर की गतिविधियों को लेकर कई बार बहस होती रही है। इसके चलते वे अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा और आलोचना का विषय बने रहते हैं।

    मैदान पर प्रदर्शन की बात करें तो इस सीजन उनका खेल भी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अब तक 11 मुकाबलों में लगभग 258 रन बनाए हैं, जिसमें सिर्फ दो अर्धशतक शामिल हैं। उनके इस प्रदर्शन को लेकर भी टीम चयन और उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

    फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर उनके समर्थक इसे सुरक्षा स्थिति से जुड़ा सामान्य व्यवहार बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक इसे फैंस के प्रति असंवेदनशील रवैया मान रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद पर खिलाड़ी या टीम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।

  • पहलवानी के माहौल में पले दीपक पूनिया ने कम उम्र से ही कुश्ती में अपनी अलग पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर

    पहलवानी के माहौल में पले दीपक पूनिया ने कम उम्र से ही कुश्ती में अपनी अलग पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर

    नई दिल्ली । पहलवानी की परंपरा और अखाड़े की मिट्टी में पले-बढ़े भारतीय पहलवान Deepak Punia की कहानी संघर्ष, अनुशासन और असाधारण प्रतिभा का ऐसा उदाहरण है, जिसने उन्हें कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर पहचान दिला दी। हरियाणा के झज्जर जिले के छारा गांव में जन्मे दीपक का बचपन कुश्ती के माहौल में बीता, जहां उनके पिता सुभाष स्वयं एक पहलवान रह चुके थे और उन्होंने ही बेटे को पहलवानी की शुरुआती ट्रेनिंग दी। मात्र पांच साल की उम्र में अखाड़े से जुड़कर दीपक ने जिस तरह से अपनी क्षमता दिखानी शुरू की, उसने आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया। दंगलों में छोटी उम्र में ही जीत हासिल कर उन्होंने अपनी मजबूत नींव तैयार कर ली थी।

    धीरे-धीरे उनकी प्रतिभा को पहचान मिलने लगी और स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं के दौरान उनके खेल में निखार साफ दिखाई देने लगा। इसी दौरान उन्हें प्रसिद्ध कोचिंग सिस्टम और प्रशिक्षण सुविधाओं से जुड़ने का अवसर मिला, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी। मिट्टी पर पारंपरिक कुश्ती से निकलकर मैट पर मुकाबला करना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने मेहनत और लगातार अभ्यास से खुद को ढाल लिया। यह बदलाव उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी यात्रा शुरू हुई।

    साल 2016 उनके करियर का शुरुआती सुनहरा दौर रहा, जब उन्होंने जूनियर एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। इसके बाद लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप और अन्य जूनियर स्तर की प्रतियोगिताओं में भी गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। 2019 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद वह वैश्विक स्तर पर सबसे चर्चित युवा पहलवानों में शामिल हो गए।

    ओलंपिक मंच पर पहुंचकर उन्होंने भारत की उम्मीदों को नई ऊंचाई दी। टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने पुरुषों के 86 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक मुकाबले तक पहुंचकर मजबूत प्रदर्शन किया, हालांकि अंतिम मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन भारतीय कुश्ती के लिए एक बड़ा संकेत था कि देश के युवा खिलाड़ी विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं।

    इसके बाद भी उनका करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा, जहां कभी चोट तो कभी तकनीकी कारणों ने उनकी राह मुश्किल की। कई महत्वपूर्ण क्वालीफाइंग इवेंट्स में चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार वापसी की कोशिश करते रहे। एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंचों पर उन्होंने भारत के लिए कई पदक जीतकर अपनी जगह मजबूत की।

    आज दीपक पूनिया को उन खिलाड़ियों में गिना जाता है, जिन्होंने बेहद साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनकी यात्रा इस बात का प्रमाण है कि अगर अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास हो, तो किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है। युवा खिलाड़ियों के लिए वे आज भी प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं, जो यह दिखाते हैं कि संघर्ष से ही सफलता की असली कहानी लिखी जाती है।

  • काफिला विवाद के बाद नेताओं को CM की सीख: ‘कोई भड़काए तो खुद संभलना होगा’, BJP ने दिखाई सख्ती

    काफिला विवाद के बाद नेताओं को CM की सीख: ‘कोई भड़काए तो खुद संभलना होगा’, BJP ने दिखाई सख्ती



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्त नेताओं के काफिला और शक्ति प्रदर्शन विवाद के बाद अब सरकार और संगठन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। भोपाल में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने साफ संदेश दिया कि नेताओं को खुद अनुशासन में रहना होगा और किसी के उकसावे में आने से बचना होगा।

    CM बोले- सोशल मीडिया की ‘तीसरी आंख’ सब देख रही
    प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया हर गतिविधि पर नजर रखता है। नेताओं को समझदारी और संयम के साथ काम करना होगा।उन्होंने कहा, “अगर कोई आपको उलझाए या भड़काए तो उससे बचना आपको ही है। कोई दूसरा आपका मददगार नहीं होगा। आप खुद जवाबदार हैं।”

    मुख्यमंत्री ने नेताओं को सलाह दी कि शुरुआत के एक-दो महीने काम को समझने और सीखने में लगाएं। नियम-कानून के दायरे में रहकर काम करें और अपने संस्थानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास करें।

    उन्होंने यह भी कहा कि अहंकार से केवल नुकसान होगा। सरकार जब चाहे जिम्मेदारी बदल सकती है, इसलिए पद को सेवा का माध्यम मानकर काम करें।

    हेमंत खंडेलवाल बोले- दुखी मन से करनी पड़ी कार्रवाई
    Hemant Khandelwal ने हालिया विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ घटनाओं की वजह से संगठन को दुखी मन से कार्रवाई करनी पड़ी।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपेक्षा है कि पार्टी के लोग ताकतवर बनें, लेकिन उस ताकत का इस्तेमाल जनता और कार्यकर्ताओं की सेवा के लिए होना चाहिए।

    खंडेलवाल ने कहा कि निगम-मंडलों में नियुक्त सभी लोगों का चयन मेरिट के आधार पर हुआ है और संगठन उनसे अनुशासन तथा जिम्मेदारी की अपेक्षा करता है।

    प्रदेश प्रभारी की चेतावनी- रोज जाएगी रिपोर्ट
    बीजेपी प्रदेश प्रभारी Mahendra Singh ने नेताओं को साफ तौर पर चेतावनी दी कि अब उनके कामकाज और व्यवहार की नियमित मॉनिटरिंग होगी।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तक रोज रिपोर्ट पहुंचेगी कि कौन क्या कर रहा है, उसका व्यवहार कैसा है और परिवार की भूमिका कितनी है। सरकार और संगठन दोनों मिलकर परफॉर्मेंस का मूल्यांकन करेंगे।साथ ही नेताओं को सोशल मीडिया सक्रिय रखने, अनुशासन बनाए रखने और सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी गई।

    18 विभागों के अधिकारियों ने दी ट्रेनिंग
    प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। नेताओं को वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक प्रक्रिया, अधिकार, जिम्मेदारियां और विभागीय समन्वय को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।

    अधिकारियों ने समझाया कि निगम-मंडलों में काम करते समय सरकारी नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन कैसे करना है ताकि शासन व्यवस्था प्रभावित न हो।

    काफिला और शक्ति प्रदर्शन बना था विवाद की वजह
    हाल ही में कई निगम-मंडल अध्यक्षों द्वारा पदभार ग्रहण करने के दौरान बड़े-बड़े काफिले और वाहन रैलियां निकाली गई थीं। इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी संगठन को दिल्ली स्तर तक नाराजगी झेलनी पड़ी थी।

    इसके बाद पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटा दिया। वहीं पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर उनके अधिकार फिलहाल फ्रीज कर दिए गए।

    मंत्रियों और अफसरों से टकराव रोकने की तैयारी
    सरकार नहीं चाहती कि निगम-मंडलों में नियुक्त नेताओं और विभागीय मंत्रियों या अफसरों के बीच अधिकारों को लेकर टकराव की स्थिति बने। इसी वजह से प्रशिक्षण में अधिकारों की सीमा और प्रशासनिक प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।

  • पुणे में चलती कार में महिला से दरिंदगी: पार्टी से लौटते वक्त घर छोड़ने के बहाने किया दुष्कर्म

    पुणे में चलती कार में महिला से दरिंदगी: पार्टी से लौटते वक्त घर छोड़ने के बहाने किया दुष्कर्म



    नई दिल्ली।
    महाराष्ट्र के पुणे शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोरेगांव पार्क इलाके में एक महिला के साथ चलती कार में कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि होटल पार्टी में हुई पहचान के बाद युवक ने महिला को घर छोड़ने का भरोसा दिलाया और रास्ते में उसके साथ जबरदस्ती की।

    पार्टी में हुई थी पहचान
    जानकारी के मुताबिक, पीड़िता पुणे के एक होटल में आयोजित पार्टी में शामिल होने पहुंची थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात आरोपी युवक से हुई। पार्टी खत्म होने के बाद युवक ने महिला को सुरक्षित घर छोड़ने की बात कही। महिला ने उस पर भरोसा किया और उसके साथ कार में बैठ गई।

    आरोप है कि रास्ते में आरोपी ने चलती कार में महिला के साथ जबरदस्ती की और उसका यौन उत्पीड़न किया। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह पुलिस तक पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।

    कोरेगांव पार्क थाने में मामला दर्ज
    पीड़िता की शिकायत के आधार पर कोरेगांव पार्क पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपी की तलाश जारी है।

    CCTV और तकनीकी साक्ष्यों की जांच
    घटना के बाद पुलिस आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है। साथ ही तकनीकी सबूतों और मोबाइल लोकेशन की मदद से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच टीम होटल, पार्टी में मौजूद लोगों और कार की जानकारी भी जुटा रही है।

    महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
    पुणे में हाल के दिनों में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध के कई मामले सामने आए हैं। नसरापुर में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद अब कोरेगांव पार्क की इस वारदात ने शहर में लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया है।

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    सूर्या की ‘करुप्पु’ की सफलता पर भावुक हुए आरजे बालाजी, थिएटर में दर्शकों के लिए किया मानवीय व्यवहार का आग्रह

    नई दिल्ली । तमिल सुपरस्टार सूर्या की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘करुप्पु’ ने सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों के बीच खास जगह बना ली है। फिल्म को मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स के बीच इसके निर्देशक आरजे बालाजी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश जारी करते हुए दर्शकों और थिएटर मालिकों से विशेष अपील की है, जिसने फिल्म के माहौल को और भी चर्चा में ला दिया है।

    फिल्म 14 मई को रिलीज हुई थी और शुरुआती दिनों से ही इसे दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। कई जगहों पर हाउसफुल शो देखने को मिल रहे हैं और दर्शक फिल्म के किरदारों और कहानी से गहराई से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इसी बढ़ते उत्साह और भावनात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए निर्देशक ने थिएटर अनुभव को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया।

    आरजे बालाजी ने अपने संदेश में कहा कि ‘करुप्पु’ को जिस तरह का प्यार दर्शकों से मिल रहा है, वह उनके और पूरी टीम के लिए बेहद भावुक करने वाला अनुभव है। उन्होंने स्वीकार किया कि जब फिल्म की शुरुआत की गई थी, तब इस तरह के व्यापक और भावनात्मक रिस्पॉन्स की कल्पना नहीं की गई थी। निर्देशक के अनुसार, कई जगहों से ऐसी रिपोर्टें सामने आ रही हैं जहां दर्शक फिल्म देखते समय अत्यधिक भावुक हो रहे हैं, रो रहे हैं और कुछ लोग इस अनुभव को गहराई से महसूस कर रहे हैं।

    इसी संदर्भ में आरजे बालाजी ने दर्शकों से एक खास अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि थिएटर में कोई व्यक्ति अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रिया दे रहा हो या उसकी तबीयत या स्थिति असामान्य लग रही हो, तो उसके प्रति संवेदनशीलता और सहानुभूति दिखाना जरूरी है। उन्होंने दर्शकों से अनुरोध किया कि ऐसे समय में उस व्यक्ति को अकेला महसूस न होने दें, बल्कि उसे पानी उपलब्ध कराएं, उसे स्थान दें और जरूरत पड़ने पर थिएटर स्टाफ को सूचित करें ताकि उचित सहायता मिल सके।

    निर्देशक ने यह भी कहा कि थिएटर का माहौल सिर्फ मनोरंजन का स्थान नहीं है, बल्कि यह एक साझा भावनात्मक अनुभव भी बन चुका है। ऐसे में हर दर्शक की जिम्मेदारी है कि वह दूसरों की भावनाओं का सम्मान करे और किसी भी स्थिति में किसी को असहज महसूस न होने दे। उन्होंने थिएटर मालिकों और स्टाफ से भी आग्रह किया कि वे ऐसे संवेदनशील पलों के लिए पहले से तैयार रहें और दर्शकों के साथ सम्मानजनक और सहयोगपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करें।

    फिल्म ‘करुप्पु’ में सूर्या के साथ तृषा कृष्णन मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं, जबकि फिल्म का संगीत साई अभ्यंकर ने तैयार किया है। फिल्म को न केवल इसकी कहानी और अभिनय के लिए सराहा जा रहा है, बल्कि इसके भावनात्मक प्रभाव को भी दर्शकों द्वारा खास तौर पर महसूस किया जा रहा है।

    बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत करने वाली यह फिल्म अब धीरे-धीरे सुपरहिट की दिशा में बढ़ती नजर आ रही है। दर्शकों की भीड़ और सोशल मीडिया पर मिल रहे सकारात्मक रिएक्शन यह संकेत दे रहे हैं कि ‘करुप्पु’ लंबे समय तक चर्चा में बनी रह सकती है।