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  • निगम की पोल खोलते हुए इंदौर की महिला ने सीधे महापौर से पूछा: जनता के लिए काम कब होगा?

    निगम की पोल खोलते हुए इंदौर की महिला ने सीधे महापौर से पूछा: जनता के लिए काम कब होगा?


    इंदौर इंदौर की जनता चौपाल में वार्ड 84 की टीना गौड़ ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के सामने नगर निगम की फिजूलखर्ची और विकास कार्यों की खामियों पर सीधे सवाल उठाकर पूरे मंच को सन्न कर दिया। महिला ने निगम के कामकाज, सड़क मरम्मत, पार्क और ब्लॉक सुधार, और टैक्स वृद्धि पर निर्भीकता से अपनी बात रखी, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    टीना ने महापौर से सवाल किया कि उनके आने से सिर्फ 10 मिनट पहले ही सड़क का गड्ढा भरा गया, जबकि इससे पहले कई बुजुर्ग गिरकर चोटिल हो चुके थे। उन्होंने पूछा, “क्या सड़क मरम्मत सिर्फ जनप्रतिनिधियों के आने पर होती है? आम जनता के लिए ऐसा क्यों नहीं किया जाता?” यह सवाल महापौर को असहज स्थिति में ला गया।

    महिला ने जनता चौपाल की नियमितता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “चुनाव के बाद से जनता चौपाल क्यों नहीं हुई और आज क्यों रखी गई?” महापौर ने जवाब दिया, “आपको पता है, मैं कितनी बार द्वारकापुरी आया।” लेकिन टीना ने पलटवार किया, “सर, आप आए, लेकिन जनता से रूबरू मिलने आए थे क्या?” महापौर ने कहा, “तो फिर क्या करने आया था?” टीना ने निर्भीकता से कहा, “आज तो बोलने का पूरा हक है न सर।”

    सिर्फ सड़क ही नहीं, टीना ने पार्क, ब्लॉक और अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, “अगर ब्लॉक और गार्डन पहले अच्छे थे, तो उन्हें क्यों खोदा गया? दीवारें तोड़ने की क्या जरूरत थी? निगम कर्ज में है, फिर भी यह फिजूलखर्ची क्यों?” उनके सवालों ने नगर निगम की प्राथमिकताओं और कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

    टीना ने टैक्स वृद्धि और आम जनता पर इसके प्रभाव को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि 2021 में टैक्स बढ़ाया गया और अब 2% और बढ़ा दिया गया, जिससे गरीब प्रभावित हुए हैं। उन्होंने निवेदन किया कि पार्षद घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और जनता से रूबरू हों।

    महिला के सीधे और बेबाक सवालों ने महापौर को जवाब देने के लिए मजबूर किया। उनकी बहादुरी और जागरूकता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग इसे लेकर चर्चा कर रहे हैं।

    टीना गौड़ ने इंदौर की जनता चौपाल में नगर निगम की फिजूलखर्ची और विकास कार्यों की खामियों पर सीधे सवाल उठाकर प्रशासन की पोल खोल दी। यह दिखाता है कि जब नागरिक जागरूक और सशक्त हों, तो प्रशासन जवाबदेह बनता है। जनता की आवाज़ दब नहीं सकती, और ऐसे उदाहरण आम लोगों के लिए प्रेरणादायक बनते हैं।

  • राजस्थान यूथ कांग्रेस संगठन चुनाव घोषित, 22 फरवरी से 1 मार्च तक होंगे नामांकन, पढ़ें शेड्यूल

    राजस्थान यूथ कांग्रेस संगठन चुनाव घोषित, 22 फरवरी से 1 मार्च तक होंगे नामांकन, पढ़ें शेड्यूल


    नई दिल्ली । राजस्थान यूथ कांग्रेस संगठनात्मक चुनाव की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है. यूथ कांग्रेस प्रदेश संगठन में चल रही गुटबाज़ी और निष्क्रियता के चलते चुनावी तारीखों का ऐलान किया गया है. इस चुनाव के लिए रविवार (22 फरवरी) से एक मार्च तक नामांकन होंगे और 6 मार्च से 10 मार्च तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. उसके बाद 11 मार्च को फाइनल उम्मीदवारों की सूची जारी होगी. उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, जो कि18,19 मार्च से शुरू हो सकता है.

    यूथ कांग्रेस चुनाव अधिकारी ने दी यह जानकारी

    राजस्थान यूथ कांग्रेस चुनाव अधिकारी सज्जाद तारिक ने बताया कि प्रदेश में यूथ कांग्रेस की चुनाव प्रक्रिया 22 फरवरी से शुरू होने जा रही है. उन्होंने आगे बताया कि इस बार ब्लॉक अध्यक्ष के पद पर भी प्रत्यक्ष रूप से चुनाव होगा. वहीं चुनावी मेंबरशिप की राशि को 50 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये कर दिया है. इसी के साथ 6 ज़िलों में जिलाध्यक्ष के पद SC ST के लिए रिज़र्व किए गए हैं.

    इस तरह रहेगा यूथ कांग्रेस के संगठन का चुनाव

    21 फरवरी तक प्रदेश अध्यक्ष पद के परफॉर्मेंस की सूची होगी जारी
    22 फरवरी से 1 मार्च तक होंगे नामांकन दाखिल
    6 मार्च से 10 मार्च तक नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी
    11 मार्च को प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी होगी
    सूची जारी होने के करीब 1 हफ्ते बाद मेंबरशिप शुरु होगी
    18 मार्च से 18 अप्रैल तक एक महीने तक मेंबरशिप चल सकती है
    मेंबरशिप के करीब साढ़े 3 महीने बाद अगस्त में रिजल्ट आएगा
    इस बार संगठन चुनाव में कई बदलाव किए गए
    पहली बार होगा ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए चुनाव
    प्रदेश अध्यक्ष पद प्रत्याशी को 100 ब्लॉक अध्यक्ष के नॉमिनेशन कराने होंगे
    प्रदेश महासचिव प्रत्याशी को 41 ब्लॉक अध्यक्ष नामांकन कराने होंगे
    इस बार मेंबरशिप 50 रुपए से बढ़ाकर 75 रुपए की गई
    सारी चुनावी प्रक्रिया को ऑनलाइन अंजाम दिया जाएगा

    छह पदों के लिए होगा चुनाव
    संगठन चुनाव के तहत कुल 6 पदों के लिए चुनाव होगा. इसमें प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए चुनाव होगा. सारी चुनाव प्रक्रिया को ऑनलाइन अंजाम दिया जाएगा. इस बार नामांकन फीस में भी काफी बढोतरी की गई है. सभी छह पदों के लिए एक साथ वोट डाले जाएंगे. वहीं चुनाव प्रभारी ने कहा कि अगर मार्च में पंचायत और निकाय चुनाव घोषित हो जाता है तो फिर हम मेंबरशिप को होल्ड कर देंगे.

  • महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, सही रूटीन है जरूरी, जानिए बिगिनर्स के लिए स्किन केयर का A to Z

    महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, सही रूटीन है जरूरी, जानिए बिगिनर्स के लिए स्किन केयर का A to Z


    नई दिल्ली। आज के समय में धूल, प्रदूषण और तनाव का सबसे पहला असर हमारी त्वचा पर दिखता है। अगर आप भी अपनी स्किन का ख्याल रखना शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि स्किन केयर कोई मुश्किल काम नहीं है।

    एक सही रूटीन का मतलब महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, बल्कि अपनी त्वचा की जरूरतों को समझना है। एक बेसिक स्किन केयर रूटीन को दो हिस्सों में बांटा जाता है- मॉर्निंगऔर नाइट । आइए जानते हैं कि अगर आप बिगिनर हैं, तो आपकी मॉर्निंग और ईवनिंग स्किन केयर रूटीन कैसी होनी चाहिए।

    मॉर्निंग स्किन केयर रूटीन

    सुबह के रूटीन का मुख्य उद्देश्य आपकी त्वचा को हाइड्रेट करना और सूरज की हानिकारक किरणों से बचाना होता है। क्लींजिंग- सुबह उठने के बाद एक माइल्ड फेस वॉश से चेहरा धोएं। यह रात भर में त्वचा पर जमा हुए तेल और पसीने को साफ कर देता है। मॉइस्चराइजिंग- चेहरा धोने के बाद त्वचा को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है। अपनी स्किन टाइप ऑयली, ड्राई या कॉम्बिनेशन के अनुसार एक हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं। यह त्वचा में नमी को लॉक करता है। सनस्क्रीन- सबसे जरूरी स्टेप है। चाहे आप घर के अंदर हों या बाहर, सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें। यह त्वचा को समय से पहले बूढ़ा होने, झुर्रियों और टैनिंग से बचाता है। कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
    नाइट स्किन केयर रूटीन
    रात का समय त्वचा की मरम्मत के लिए होता है। रात में आपकी स्किन सेल्स खुद को रिपेयर करती हैं, इसलिए यह रूटीन बहुत जरूरी है। डबल क्लींजिंग या डीप क्लीन- अगर आपने दिन में मेकअप या सनस्क्रीन लगाया है, तो उसे अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। पहले क्लींजिंग मिल्क या ऑयल से चेहरा साफ करें, फिर फेस वॉश का इस्तेमाल करें। टोनिंग- अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो आप टोनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह त्वचा के pH लेवल को संतुलित करता है और पोर्स को साफ रखता है।
    आई क्रीम या सीरम- अगर आपको डार्क सर्कल्स या मुहांसों जैसी समस्या है, तो रात में इनसे जुड़े ट्रीटमेंट प्रोडक्ट्स या आई क्रीम लगाएं। मॉइस्चराइजर- रात में त्वचा को गहरे पोषण की जरूरत होती है। ऐसा मॉइश्चराइजर चुनें जिसमें हयालूरोनिक एसिड या सेरामाइड्स हों, जो रात भर आपकी त्वचा को रिपेयर कर सकें। बिगिनर्स के लिए कुछ जरूरी बातें  पैच टेस्ट- कोई भी नया प्रोडक्ट पूरे चेहरे पर लगाने से पहले उसे हाथ पर लगाकर 24 घंटे तक चेक करें कि कहीं जलन तो नहीं हो रही।

    धैर्य रखें- किसी भी स्किन केयर रूटीन का असर दिखने में कम से कम 4 से 6 हफ्ते का समय लगता है। इसलिए रातों-रात चमत्कार की उम्मीद न करें। पानी पिएं- बाहर से लगाए गए प्रोडक्ट्स तभी असर करेंगे जब आपका शरीर अंदर से हाइड्रेटेड होगा। दिन भर में भरपूर पानी पिएं।अपनी स्किन टाइप पहचानें- बिना अपनी स्किन टाइप जाने कोई भी प्रोडक्ट न खरीदें। अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव है, तो किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

  • 1 अप्रैल से क्रेडिट कार्ड के नियमों पर लागू होंगे 5 अहम बदलाव, जानिए कैसे बदलेंगे आपके खर्च के तरीके

    1 अप्रैल से क्रेडिट कार्ड के नियमों पर लागू होंगे 5 अहम बदलाव, जानिए कैसे बदलेंगे आपके खर्च के तरीके


    नई दिल्ली । अगर आप रोजमर्रा के खर्च, ऑनलाइन शॉपिंग या टैक्स पैमेंट के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो 1 अप्रैल 2026 से आपके लिए कई नियम बदल सकते हैं। आयकर विभाग द्वारा जारी ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 में क्रेडिट कार्ड से जुड़े पांच बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ये नियम 1962 के पुराने प्रावधानों की जगह ले सकते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इन बदलावों का आपकी जेब और टैक्स प्लानिंग पर क्या असर पड़ेगा।

    बड़े क्रेडिट कार्ड बिल पर होगी सख्त रिपोर्टिंग

    नए ड्राफ्ट के मुताबिक, अगर किसी वित्त वर्ष में आपके एक या ज्यादा क्रेडिट कार्ड का कुल भुगतान ₹10 लाख या उससे ज्यादा है (कैश छोड़कर), तो बैंक या कार्ड जारी करने वाली कंपनी को इसकी जानकारी आयकर विभाग को देनी होगी। वहीं, अगर ₹1 लाख या उससे ज्यादा का भुगतान नकद में किया जाता है, तो उसकी भी रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य बड़े लेनदेन पर नजर रखना और टैक्स अनुपालन को मजबूत बनाना है।

    पैन बनवाते समय काम आएगा क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट

    अब तीन महीने से कम पुराना क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। इससे नए पैन आवेदनकर्ताओं को ज्यादा सुविधा मिलेगी और डॉक्यूमेंट जुटाने की प्रक्रिया आसान होगी।

    टैक्स भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड को मंजूरी
    अब आयकर का ऑनलाइन भुगतान करते समय क्रेडिट कार्ड भी मान्य इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड होगा। पहले केवल डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग आदि विकल्प उपलब्ध थे। इस बदलाव से करदाताओं को भुगतान में लचीलापन मिलेगा, हालांकि उन्हें ब्याज और चार्जेस का ध्यान रखना होगा।

    कंपनी के दिए क्रेडिट कार्ड पर टैक्स नियम

    अगर किसी कर्मचारी को कंपनी की ओर से क्रेडिट कार्ड दिया गया है और उस पर हुए खर्च का भुगतान कंपनी करती है, तो उसे परक्विजिट माना जाएगा और उस पर टैक्स लग सकता है। हालांकि, अगर खर्च पूरी तरह ऑफिशियल काम के लिए है और कंपनी के पास उसका पूरा रिकॉर्ड व प्रमाणपत्र मौजूद है, तो टैक्स से छूट मिल सकती है। 1 अप्रैल 2026 से क्रेडिट कार्ड नियम बदलेंगे, जिनमें बड़े बिल की रिपोर्टिंग, पैन अनिवार्यता कंपनी कार्ड पर टैक्स और क्रेडिट कार्ड से टैक्स भुगतान शामिल जिससे खर्च और टैक्स प्लानिंग दोनों प्रभावित होंगे।
    क्रेडिट कार्ड के लिए पैन अनिवार्य
    अब किसी भी बैंक या संस्था से क्रेडिट कार्ड लेने के लिए पैन नंबर देना जरूरी होगा। बिना पैन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसका मकसद बड़े लेनदेन को टैक्स सिस्टम से जोड़ना और फर्जी खातों पर रोक लगाना है।

    क्या बदलेगा आपके खर्च का तरीका?
    इन नियमों से साफ है कि सरकार बड़े क्रेडिट कार्ड लेनदेन पर नजर सख्त करने की तैयारी में है। साथ ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और पारदर्शिता लाने पर जोर है। यदि आप बड़े खर्च करते हैं या कंपनी कार्ड का उपयोग करते हैं, तो रिकॉर्ड और टैक्स प्लानिंग पर खास ध्यान देना जरूरी होगा।

  • बिहार से पवन सिंह जाएंगे राज्यसभा, लटकेगा उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य? सियासी गलियारे में चर्चा

    बिहार से पवन सिंह जाएंगे राज्यसभा, लटकेगा उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य? सियासी गलियारे में चर्चा


    नई दिल्ली । राज्यसभा चुनाव की तारीख सामने आ गई है. अगले महीने 16 मार्च को चुनाव होंगे. 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव होने हैं. इस चुनाव से सदन में बीजेपी का आंकड़ा तो बढ़ेगा ही, साथ ही यह कई दिग्गजों का भविष्य भी तय करेगा. कई बड़े नेता नंबर के फेर में फंसकर सियासी रूप से पैदल हो सकते हैं. वहीं, कई नेताओं की लॉटरी भी लग सकती है.

    राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव की तारीख जारी होने के साथ ही सियासी गलियारों में कई चर्चित चेहरों के भविष्य को लेकर चर्चा अब होने लगी है. माना जा रहा है कि सबसे दिलचस्प बिहार का चुनाव रहने वाला है. क्योंकि यहां राज्यसभा की जिन 5 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से 2 आरजेडी की सीटें हैं. मौजूदा नंबर के हिसाब से तेजस्वी यादव किसी को भेज नहीं पाएंगे.

    पवन सिंह जाएंगे राज्यसभा!

    ऐसे में बीजेपी के खाते में 2 सीटें जा सकती हैं. राजनीतिक गलियारों में जो चर्चा है उसके मुताबिक नितिन नबीन विधायक बने रहेंगे. ऐसे में एक नाम जो रेस में है वो भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह का है. विधानसभा चुनाव के वक्त पवन सिंह ने खूब प्रचार किया था. इस दौरान माना गया था कि राज्यसभा की ही डील हुई थी.

    लटक सकता है उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य
    आंकड़ों के हिसाब से जेडीयू अपने दोनों सदस्यों को फिर से रिपीट कर सकती है. क्योंकि हरिवंश नारायण सिंह का राज्यसभा में बड़ा कद है और रामनाथ ठाकुर मंत्री हैं. रही बात पांचवीं सीट की तो नंबर के हिसाब से चिराग पासवान का दावा बनेगा. लिहाजा उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य लटक सकता है.

    26 फरवरी से शुरू होगी राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया
    बता दें कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 26 फरवरी 2026 को शुरू होगी. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च रखी गई है. नामांकनों की जांच 6 मार्च को होगी और उम्मीदवार 9 मार्च तक नाम वापस ले सकते हैं.
  • यूपी चुनाव से पहले मुख्तार अंसारी परिवार में बगावती सुर! विधायक भाई पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

    यूपी चुनाव से पहले मुख्तार अंसारी परिवार में बगावती सुर! विधायक भाई पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले माफिया मुख्तार अंसारी के परिवार में राजनीतिक कलह की बात खुलकर सामने आने लगी है. समाजवादी पार्टी के विधायक सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी के बड़े भाई सलमान अंसारी के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सियासी तूफान आ गया है. उन्होंने पोस्ट के जरिए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं.

    सोशल मीडिया पोस्ट से मची हलचल

    सलमान अंसारी, जो सिबगतुल्लाह अंसारी के बड़े बेटे और विधायक सुहैब अंसारी के भाई हैं, ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट शेयर कर मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. उन्होंने एक ऑडियो क्लिप भी शेयर की है, जिससे पारिवारिक कलह की बात की है.राजनीति के जानकार इस घटनाक्रम को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बदलते राजनीतिक समीकरणों के तौर पर देख रहे हैं. परिवार के भीतर उठी यह बगावत विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के लिए राजनीतिक मायने रखती है. क्षेत्रीय राजनीति में इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है.

    भाई पर लगाए करोड़ों के भ्रष्टाचार के आरोप

    सलमान अंसारी ने आरोप लगाया कि पिछले चार सालों में मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है. उन्होंने कहा कि 30 हजार रुपये की स्ट्रीट लाइट के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च दिखाया गया. विधायक निधि के लगभग 20 करोड़ रुपये में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है.

    उन्होंने कहा कि साल 2022 में जनता से विकास के नाम पर वोट मांगा गया था, लेकिन अब वह जनता को जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं. उनके इस बयान से साफ है कि मामला सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत असंतोष से भी जुड़ा हुआ है. सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है.

    कौन हैं सिबगतुल्लाह अंसारी?

    सिबगतुल्लाह अंसारी, जो मुख्तार अंसारी के बड़े भाई हैं, दो बार विधायक रह चुके हैं. उनके छोटे भाई अफजाल अंसारी भी सक्रिय राजनीति में हैं. मुख्तार अंसारी की 60 वर्ष की उम्र में बांदा जेल में 2024 में मौत हो चुकी है. वर्तमान में सुहैब अंसारी मोहम्मदाबाद सीट से विधायक हैं.

    वहीं, एमआईएम के पूर्वांचल प्रवक्ता अफसर महमूद ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि जो सपा आजम खान के साथ नहीं रही, वह नसीमुद्दीन के साथ क्या होगी. साथ ही आरोप लगाया कि आबकारी मंत्री रहते समय नसीमुद्दीन ने बड़े घोटाले किए थे.

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले माफिया मुख्तार अंसारी के परिवार में राजनीतिक कलह की बात खुलकर सामने आने लगी है. समाजवादी पार्टी के विधायक सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी के बड़े भाई सलमान अंसारी के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सियासी तूफान आ गया है. उन्होंने पोस्ट के जरिए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं.

    सोशल मीडिया पोस्ट से मची हलचल

    सलमान अंसारी, जो सिबगतुल्लाह अंसारी के बड़े बेटे और विधायक सुहैब अंसारी के भाई हैं, ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट शेयर कर मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. उन्होंने एक ऑडियो क्लिप भी शेयर की है, जिससे पारिवारिक कलह की बात की है.राजनीति के जानकार इस घटनाक्रम को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बदलते राजनीतिक समीकरणों के तौर पर देख रहे हैं. परिवार के भीतर उठी यह बगावत विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के लिए राजनीतिक मायने रखती है. क्षेत्रीय राजनीति में इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है.

    भाई पर लगाए करोड़ों के भ्रष्टाचार के आरोप
    सलमान अंसारी ने आरोप लगाया कि पिछले चार सालों में मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है. उन्होंने कहा कि 30 हजार रुपये की स्ट्रीट लाइट के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च दिखाया गया. विधायक निधि के लगभग 20 करोड़ रुपये में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है.

    उन्होंने कहा कि साल 2022 में जनता से विकास के नाम पर वोट मांगा गया था, लेकिन अब वह जनता को जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं. उनके इस बयान से साफ है कि मामला सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत असंतोष से भी जुड़ा हुआ है. सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है.

    कौन हैं सिबगतुल्लाह अंसारी?

    सिबगतुल्लाह अंसारी, जो मुख्तार अंसारी के बड़े भाई हैं, दो बार विधायक रह चुके हैं. उनके छोटे भाई अफजाल अंसारी भी सक्रिय राजनीति में हैं. मुख्तार अंसारी की 60 वर्ष की उम्र में बांदा जेल में 2024 में मौत हो चुकी है. वर्तमान में सुहैब अंसारी मोहम्मदाबाद सीट से विधायक हैं.

    वहीं, एमआईएम के पूर्वांचल प्रवक्ता अफसर महमूद ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि जो सपा आजम खान के साथ नहीं रही, वह नसीमुद्दीन के साथ क्या होगी. साथ ही आरोप लगाया कि आबकारी मंत्री रहते समय नसीमुद्दीन ने बड़े घोटाले किए थे.

  • नो टॉलरेंस… एयरपोर्ट और फ्लाइट में अब हंगामा किया तो खैर नहीं, होगी सख्त कार्रवाई, DGCA ने जारी किया ड्राफ्ट

    नो टॉलरेंस… एयरपोर्ट और फ्लाइट में अब हंगामा किया तो खैर नहीं, होगी सख्त कार्रवाई, DGCA ने जारी किया ड्राफ्ट


    नई दिल्ली । फ्लाइट में हंगामा करने वालों पर अब सरकार सख्ती बरतने जा रही है. नागर विमानन महानिदेशालय DGCA ने नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है. नए नियमों के मुताबिक अब फ्लाइट या एयरपोर्ट पर हंगामा करना, क्रू से बदतमीज़ी करना या नशे में उत्पात मचाना महंगा पड़ सकता है. इन सब चीजों को लेकर DGCA ने एयरलाइंस और दूसरे संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं. सुझावों के बाद ही इन्हें अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा.

    DGCA का कहना है कि विमान और एयरपोर्ट हंगामा या प्रदर्शन करने की जगह नहीं हैं. यात्रियों की सुरक्षा और फ्लाइट की व्यवस्था में रुकावट डालने वाले किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ड्राफ्ट में जीरो टॉलरेंस यानी बिल्कुल भी ढील न देने की बात कही गई है.

    किन हरकतों पर होगी कार्रवाई?

    ड्राफ्ट के मुताबिक फ्लाइट या एयरपोर्ट पर शराब या नशे में हंगामा करना, धूम्रपान करना, पायलट या केबिन क्रू की बात न मानना, गाली-गलौज या मारपीट करना, इमरजेंसी गेट से छेड़छाड़ करना, फ्लाइट के अंदर नारेबाजी या विरोध प्रदर्शन करना इन हरकतों को गंभीर माना जाएगा. ऐसे मामलों में यात्री को फ्लाइट से उतारा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर पुलिस कार्रवाई भी हो सकती है.

    DGCA ने ड्राफ्ट में अनुशासनहीन व्यवहार को चार स्तरों में बांटने का प्रस्ताव रखा है. हल्की बदतमीज़ी से लेकर मारपीट, जानलेवा हिंसा और कॉकपिट में घुसने की कोशिश तक को अलग-अलग कैटेगरी में रखा गया है. इसी आधार पर तय होगा कि यात्री पर कितनी सख्त कार्रवाई होगी.

    नो-फ्लाई लिस्ट और उड़ान से बैन

    गंभीर मामलों में यात्रियों को कुछ महीनों से लेकर कई साल तक उड़ान से बैन करने का प्रस्ताव है. ऐसे यात्रियों का नाम नो-फ्लाई लिस्ट में डाला जा सकता है. ताकि वे दूसरी एयरलाइन से टिकट लेकर भी नियमों से बच न पाएं. कम से कम 30 दिन तक उड़ान से बैन लगाने का प्रस्ताव भी है. हालांकि यह सूची सार्वजनिक नहीं होगी बल्कि सिर्फ एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों के बीच साझा की जाएगी. DGCA ने साफ किया है कि ये नियम फिलहाल सिर्फ ड्राफ्ट हैं. सभी पक्षों से सुझाव मिलने के बाद ही इन्हें फाइनल कर लागू किया जाएगा.
  • T20 World Cup: 0,0,0… अभिषेक शर्मा का टोटका नहीं आया काम! टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 'डक' का अनचाहा रिकॉर्ड बना

    T20 World Cup: 0,0,0… अभिषेक शर्मा का टोटका नहीं आया काम! टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 'डक' का अनचाहा रिकॉर्ड बना


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 3 मैच खेलने के बाद भी अभिषेक शर्मा का खाता नहीं खुला है. यूएसए के खिलाफ गोल्डन डक होने के बाद वह नामीबिया के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाए थे, क्योंकि उनकी तबीयत खराब थी. इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ और बुधवार को नीदरलैंड के खिलाफ वह पहले ही ओवर में शून्य पर आउट हुए. लगातार 3 बार शून्य पर आउट हुए दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज अभिषेक के नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है.

    अभिषेक शर्मा जब नीदरलैंड के खिलाफ मैच शुरू होने से पहले टीम के साथ राष्ट्रगान के लिए आए, तब उन्होंने अर्शदीप सिंह की जर्सी पहन रखी थी. सभी का ध्यान उस पर गया, फिर उन्होंने इस जर्सी को बदलकर मोहम्मद सिराज के नाम वाली जर्सी पहन ली. तब फैंस को लगा कि अभिषेक कहीं पिछले दोनों मैच में शून्य पर आउट होने के बाद तो ऐसा नहीं कर रहे हैं? हालांकि ये जर्सी बदलना भी काम नहीं आया. अभिषेक लगातार तीसरी बार शून्य पर आउट हो गए. नीदरलैंड के स्पिनर आर्यन दत्त ने उन्हें पहली ही ओवर में बोल्ड कर दिया. अभिषेक बड़ा शॉट मारना चाहते थे, लेकिन गेंद को जज नहीं कर पाए.

    अभिषेक के नाम दर्ज अनचाहा रिकॉर्ड

    दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. वह अब आशीष नेहरा के साथ टॉप पर हैं. ओवरऑल लिस्ट में पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी और श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान टॉप पर हैं, दोनों 5-5 बार डक पर आउट हुए हैं.

    हालांकि भारतीय टीम ग्रुप स्टेज के चारों मैचों में जीतकर सुपर-8 में क्वालीफाई कर चुकी है. उम्मीद है कि अभिषेक सुपर-8 के मैचों में अपनी पुरानी फॉर्म में लौट आएंगे. भारत का अगला मैच दक्षिण अफ्रीका के साथ 22 फरवरी को है. नीदरलैंड के खिलाफ मैच से पहले भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने स्पोर्ट्स टुडे पर बात करते हुए अभिषेक को एक सलाह दी. उन्होंने कहा कि अभिषेक को पहले एक रन लेने के बारे में सोचना चाहिए. उसके बाद वह बैटिंग अपने अंदाज में कर सकते हैं.

  • सोना 2000 रुपये से ज्यादा हुआ महंगा, चांदी की भी 15000 रुपये बढ़ी कीमत; चेक करें लेटेस्ट रेट

    सोना 2000 रुपये से ज्यादा हुआ महंगा, चांदी की भी 15000 रुपये बढ़ी कीमत; चेक करें लेटेस्ट रेट


    नई दिल्ली । बुधवार को सोने-चांदी के दाम में आई गिरावट के बाद आज फिर से कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. गुरुवार, 19 फरवरी को देश में 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 1,54,200 रुपये है, जो कल के मुकाबले 2,290 रुपये ज्यादा है. इसी तरह से 22 कैरेट सोने की कीमत आज 2,100 रुपये बढ़कर 1,41,350 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने की कीमत 1,15,650 रुपये है, जो बुधवार के मुकाबले 1,720 रुपये ज्यादा है.

    देश के इन शहरों में सोने का ताजा भाव

    मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे, विजयवाड़ा, नागपुर, भुवनेश्वर, कटक, विशाखापत्तनम, मैंगलोर, अमरावती जैसे शहरों में आज 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम के हिसाब से 15,649 रुपये है. वहीं, इन शहरों में 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत क्रमश: 14,345 और 11,737 रुपये है.
    दिल्ली, वडोदरा, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, सूरत और अयोध्या में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 15,664 रुपये प्रति ग्राम है. इन शहरों में आज 22 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम के हिसाब से 14,360 रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत 11,752 रुपये है.
    चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, सेलम, त्रिची जैसे तमाम दक्षिण भारतीय शहरों में गुरुवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 15,818 रुपये, 22 कैरेट सोने की कीमत 14,500 रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत 12,400 रुपये है.

    चांदी ने भी लगाई छ
    लांग
    देश में आज 1 किलो चांदी की कीमत 2,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि कल इसकी कीमत 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी. यानी कि सीधे-सीधे इसमें 15,000 रुपये का उछाल आया है. इस हिसाब से आज भारत में 1 ग्राम चांदी की कीमत कल के 255 रुपये से बढ़कर आज 270 रुपये प्रति ग्राम हो गई है.

    भारत में चांदी की कीमत इंटरनेशनल कीमतों से तय होती है, जो किसी भी दिशा में ऊपर-नीचे हो सकती हैं. इसके अलावा यह डॉलर के मुकाबले रुपये की के मूवमेंट पर भी निर्भर करता है. अगर डॉलर के मुकाबले रुपया गिरता है और इंटरनेशनल कीमतें स्थिर रहती हैं, तो चांदी और भी महंगी हो जाएगी.

     बुधवार को सोने-चांदी के दाम में आई गिरावट के बाद आज फिर से कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. गुरुवार, 19 फरवरी को देश में 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 1,54,200 रुपये है, जो कल के मुकाबले 2,290 रुपये ज्यादा है. इसी तरह से 22 कैरेट सोने की कीमत आज 2,100 रुपये बढ़कर 1,41,350 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने की कीमत 1,15,650 रुपये है, जो बुधवार के मुकाबले 1,720 रुपये ज्यादा है.

    देश के इन शहरों में सोने का ताजा भाव

    मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे, विजयवाड़ा, नागपुर, भुवनेश्वर, कटक, विशाखापत्तनम, मैंगलोर, अमरावती जैसे शहरों में आज 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम के हिसाब से 15,649 रुपये है. वहीं, इन शहरों में 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत क्रमश: 14,345 और 11,737 रुपये है.
    दिल्ली, वडोदरा, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, सूरत और अयोध्या में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 15,664 रुपये प्रति ग्राम है. इन शहरों में आज 22 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम के हिसाब से 14,360 रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत 11,752 रुपये है.
    चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, सेलम, त्रिची जैसे तमाम दक्षिण भारतीय शहरों में गुरुवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 15,818 रुपये, 22 कैरेट सोने की कीमत 14,500 रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत 12,400 रुपये है.

    चांदी ने भी लगाई छलांग
    देश में आज 1 किलो चांदी की कीमत 2,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि कल इसकी कीमत 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी. यानी कि सीधे-सीधे इसमें 15,000 रुपये का उछाल आया है. इस हिसाब से आज भारत में 1 ग्राम चांदी की कीमत कल के 255 रुपये से बढ़कर आज 270 रुपये प्रति ग्राम हो गई है.

    भारत में चांदी की कीमत इंटरनेशनल कीमतों से तय होती है, जो किसी भी दिशा में ऊपर-नीचे हो सकती हैं. इसके अलावा यह डॉलर के मुकाबले रुपये की के मूवमेंट पर भी निर्भर करता है. अगर डॉलर के मुकाबले रुपया गिरता है और इंटरनेशनल कीमतें स्थिर रहती हैं, तो चांदी और भी महंगी हो जाएगी.

  • रमजान में दिल्ली की शराब दुकानें हों बंद', AIMIM नेता शोएब जमाई की मांग, सावन माह से की तुलना

    रमजान में दिल्ली की शराब दुकानें हों बंद', AIMIM नेता शोएब जमाई की मांग, सावन माह से की तुलना


    नई दिल्ली । में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन यानी AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई ने रमजान के महीने में सभी शराब की दुकानों को बंद करने की मांग की है. यह अपील 19 फरवरी को की गई, जब से रमजान शुरू होने की घोषणा हुई है. उन्होंने सावन महीने का जिक्र करते हुए दिल्ली सरकार से सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बिक्री और खपत पर रोक लगाने की भी बात कही है.

    शोएब जमाई ने ये मांग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए की है जिसमें उन्होंने सरकार से कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि रमजान मुसलमानों का पवित्र महीना है, इसलिए इस दौरान शराब की दुकानें बंद की जानी चाहिए.

    उन्होंने अपने पोस्ट में सावन महीने का उदाहरण देते हुए लिखा कि जब सावन में नॉन वेज दुकानों को बंद कर सम्मान दिखाया जाता है, तो रमजान में भी उसी तरह सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग रखी.