Blog

  • शादी की बधाइयों से परेशान हुईं जेमी लीवर, बोलीं- यशवर्धन मेरे छोटे भाई जैसा, अभी शादी में लगेगा वक्त

    शादी की बधाइयों से परेशान हुईं जेमी लीवर, बोलीं- यशवर्धन मेरे छोटे भाई जैसा, अभी शादी में लगेगा वक्त


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड में सितारों की निजी जिंदगी से जुड़ी खबरें अक्सर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं लेकिन कई बार इन खबरों की सच्चाई कुछ और ही होती है। ऐसा ही मामला अभिनेता गोविंदा के बेटे यशवर्धन और मशहूर कॉमेडियन जॉनी लीवर की बेटी जेमी लीवर को लेकर सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया कि यशवर्धन और जेमी लीवर जल्द शादी करने वाले हैं। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने दोनों को शादी की बधाइयां देना शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि आखिरकार जेमी लीवर को खुद सामने आकर इस वायरल खबर की सच्चाई बतानी पड़ी।

    जेमी लीवर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए साफ किया कि यशवर्धन के साथ उनकी शादी की खबर पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने बताया कि उन्हें भी जब यह AI वीडियो पहली बार मिला तो वह इसे देखकर खूब हंसी थीं। उनके कजिन भी वीडियो देखकर मजाक कर रहे थे और दोनों एक दूसरे को ऐसे वीडियो भेजकर एंजॉय कर रहे थे। उस समय जेमी को लगा कि यह महज एक मजेदार सोशल मीडिया पोस्ट है लेकिन कुछ समय बाद स्थिति बदलने लगी।

    जेमी ने बताया कि उनके पास लोगों के फोन आने लगे। कई लोग उन्हें शादी की बधाई देने लगे और शादी को लेकर सवाल पूछने लगे। इसके बाद उन्हें समझ आया कि वायरल वीडियो ने लोगों के बीच गलतफहमी पैदा कर दी है। जेमी ने कहा कि उन्हें पता है कि कई लोग उनकी शादी को लेकर उत्सुक रहते हैं और इस वजह से भी लोगों ने वायरल वीडियो को सच मान लिया।

    एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि इस फर्जी खबर की वजह से उन्हें एक अलग तरह की परेशानी हो रही है। जेमी के मुताबिक कुछ लोग उन्हें शादी के प्रपोजल भेजना चाहते थे लेकिन अब वह यह सोचकर पीछे हट रहे हैं कि शायद उनकी शादी हो चुकी है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है और लोगों को इस फर्जी खबर की वजह से गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए।

    जेमी ने AI वीडियो बनाने वालों की रचनात्मकता पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वीडियो बनाने वाले काफी क्रिएटिव हैं लेकिन अब जब उन्हें इतने व्यूज मिल चुके हैं तो वीडियो को हटा देना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस वीडियो को सच न मानें और इसे आगे शेयर न करें।

    जेमी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति के साथ उनकी फेक शादी की अफवाह फैलाई जा रही है वह उनके लिए छोटे भाई जैसा है। उन्होंने बताया कि यशवर्धन उनसे कई साल छोटे हैं और दोनों साथ में काम भी कर रहे हैं। इस बयान के बाद शादी की अफवाह पर पूरी तरह विराम लग गया।

    दरअसल यशवर्धन गोविंदा के बेटे हैं और जल्द ही फिल्मी दुनिया में बतौर अभिनेता अपनी पारी शुरू करने वाले हैं। उनकी डेब्यू फिल्म हीरो की हिरोइन बताई जा रही है। फिल्म में उनके साथ नितांशी गोयल जेमी लीवर सुनीता आहूजा और चंकी पांडे जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन साजिद खान कर रहे हैं। जेमी और यशवर्धन का साथ काम करना ही शायद सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी वीडियो के पीछे की वजह बना।

    जेमी ने आखिर में साफ शब्दों में कहा कि उनकी शादी की खबर पर लोगों को अभी इंतजार करना होगा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में शादी की बधाई देने वालों से कहा कि अभी शादी में समय लगेगा। इस तरह एक AI से बनाए गए फर्जी वीडियो ने कुछ समय के लिए बॉलीवुड में शादी की खबर को लेकर हलचल जरूर मचा दी लेकिन जेमी लीवर के बयान ने साफ कर दिया कि यशवर्धन और उनकी शादी की खबर में कोई सच्चाई नहीं है।

  • दिल्ली में छोटे सैलेलाइट बनाएगी फिनलैंड की दिग्गज स्पेस इंटेलिजेंस कंपनी

    दिल्ली में छोटे सैलेलाइट बनाएगी फिनलैंड की दिग्गज स्पेस इंटेलिजेंस कंपनी


    नई दिल्ली।
    फिनलैंड (Finland) की अंतरिक्ष-आधारित खुफिया तकनीक (Space-based Intelligence Technology) की वैश्विक कंपनी आईसीईवाईई (ICEYE) ने भारत (India) में अपना कामकाज शुरू करने का एलान किया है। यह कंपनी देश में छोटे उपग्रहों के निर्माण के लिए एक स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रही है। ये उपग्रह रक्षा, चौकसी और पर्यावरणीय निगरानी में इस्तेमाल किए जाएंगे।

    आईसीईवाईई इंडिया नई दिल्ली से संचालित होगी। यह कंपनी की भारत जैसे अहम रक्षा और अंतरिक्ष बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी के सैटेलाइट का समूह का इस्तेमाल पहले से ही रक्षा, खुफिया, बीमा और आपातकालीन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में हो रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध समेत दुनियाभर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच कंपनी की तकनीक की मांग भी बढ़ी है।


    कंपनी के सीईओ ने क्या कहा?

    कंपनी के सीईओ और सह-संस्थापक राफल मोड्रजेव्स्की ने कहा कि कंपनी भारत में वास्तविक इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि आईसीईवाईई भारत सरकार और स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर देश की संप्रभु खुफिया क्षमताओं को मजबूत करने के लिए उत्साहित है। आईसीईवाईई की प्राथमिकता भारतीय रक्षा व खुफिया ग्राहकों को उन्नत खुफिया हल मुहैया कराना होगी। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और मजबूती बढ़ेगी। कंपनी भारतीय अंतरिक्ष और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाश रही है।

    इसमें लॉन्च प्रदाता, इलेक्ट्रॉनिक्स व कंपोनेंट निर्माता और तकनीकी साझेदार शामिल हैं। कंपनी का स्थानीय औद्योगिक क्षमता विकसित करने का मॉडल आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से मेल खाता है। इसके पास दुनिया का सबसे उन्नत सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) सैटेलाइट समूह है। दुनिया भर में कंपनी के 1,000 से अधिक कर्मचारी हैं इस साल कंपनी का राजस्व लगभग 280 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 2,680 करोड़ रुपये) को पार कर गया है।

  • पायल और बिछिया का कालापन हटाने के आसान घरेलू उपाय, गर्म पानी और बेकिंग सोडा से करें चांदी की सफाई

    पायल और बिछिया का कालापन हटाने के आसान घरेलू उपाय, गर्म पानी और बेकिंग सोडा से करें चांदी की सफाई

    नई दिल्ली ।चांदी के गहने जैसे पायल, बिछिया, अंगूठी और अन्य आभूषण लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बाद अक्सर काले या फीके दिखाई देने लगते हैं। कई बार गहनों की चमक इतनी कम हो जाती है कि वे पुराने नजर आने लगते हैं। खासकर रोजाना पहने जाने वाले चांदी के आभूषणों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। हालांकि, चांदी का काला होना हमेशा गंदगी की वजह से नहीं होता।

    चांदी के काले पड़ने की मुख्य वजह एक प्राकृतिक रासायनिक प्रक्रिया है, जिसे टार्निशिंग कहा जाता है। हवा में मौजूद सल्फर या हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसों के संपर्क में आने पर चांदी की सतह पर सिल्वर सल्फाइड की परत बन सकती है। यही परत गहनों को काला या मटमैला दिखाती है। नमी, पसीना और रोजमर्रा के इस्तेमाल से भी इस प्रक्रिया को बढ़ावा मिल सकता है।

    चांदी के गहनों को साफ करने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए थोड़े गुनगुने पानी में करीब एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को मुलायम कपड़े या बहुत नरम ब्रश की मदद से गहने की सतह पर हल्के हाथों से लगाएं। कुछ देर बाद इसे बिना ज्यादा दबाव के साफ करें और पानी से धोकर मुलायम कपड़े से सुखा लें।

    अगर गहने पर ज्यादा कालापन जमा है तो एल्युमिनियम फॉयल वाला तरीका भी अपनाया जा सकता है। एक बर्तन में गर्म पानी लें और उसमें एल्युमिनियम फॉयल का टुकड़ा रखें। इसमें थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा और नमक डालकर घोल तैयार किया जा सकता है। इसके बाद चांदी के गहनों को कुछ मिनट के लिए इसमें रखें और फिर साफ पानी से अच्छी तरह धो लें।

    इस तरीके में एल्युमिनियम और चांदी के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया के जरिए टार्निश की परत को हटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, हर तरह के चांदी के गहने इस प्रक्रिया के लिए उपयुक्त हों, यह जरूरी नहीं है। खासतौर पर नाजुक डिजाइन, ऑक्सीडाइज्ड चांदी, मोती, कीमती पत्थरों या चिपकाए गए सजावटी हिस्सों वाले गहनों पर यह तरीका सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए।

    हल्के दाग और सामान्य गंदगी के लिए साबुन और गुनगुना पानी अपेक्षाकृत सरल तरीका है। गहने को कुछ समय के लिए गुनगुने पानी में रखने के बाद हल्के साबुन से धीरे-धीरे साफ किया जा सकता है। इसके बाद साफ पानी से धोकर सूती या मुलायम कपड़े से पूरी तरह सुखाना जरूरी है।

    चांदी की सफाई करते समय बहुत कठोर ब्रश या ज्यादा रगड़ने से बचना चाहिए। इससे गहने की सतह पर खरोंच आ सकती है। इसी तरह तेज रसायनों या ऐसे क्लीनर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिनके बारे में यह स्पष्ट न हो कि वे चांदी के लिए सुरक्षित हैं।

    सफाई के बाद चांदी के गहनों को नमी से दूर, सूखी और बंद जगह पर रखना बेहतर होता है। उन्हें परफ्यूम, कॉस्मेटिक, पसीने और घरेलू रसायनों के सीधे संपर्क से बचाने पर कालापन अपेक्षाकृत देर से आ सकता है। यदि गहना बहुत महंगा, बेहद नाजुक या कीमती पत्थरों से जड़ा हुआ है, तो घरेलू प्रयोग करने के बजाय विशेषज्ञ से सफाई कराना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

  • मानसून में त्वचा क्यों हो जाती है चिपचिपी और बेजान, इन जरूरी टिप्स से रखें स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग

    मानसून में त्वचा क्यों हो जाती है चिपचिपी और बेजान, इन जरूरी टिप्स से रखें स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग


    नई दिल्ली। मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है लेकिन इस दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाने के कारण त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। बारिश के मौसम में ज्यादा नमी और पसीने की वजह से त्वचा चिपचिपी महसूस हो सकती है। इसके साथ ही धूल मिट्टी और प्रदूषण त्वचा पर आसानी से जमा हो जाते हैं जिससे रोमछिद्र बंद होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अगर त्वचा की सही तरीके से देखभाल न की जाए तो मुंहासे ब्लैकहेड्स खुजली और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। इसलिए मानसून में स्किन केयर रूटीन को थोड़ा बदलना जरूरी माना जाता है।

    बारिश के मौसम में चेहरे को साफ रखना सबसे जरूरी है। दिन में दो बार किसी हल्के फेस क्लींजर से चेहरा साफ किया जा सकता है। बहुत ज्यादा तेज साबुन या कठोर स्क्रब का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। अगर त्वचा बहुत तैलीय है तो ऑयली स्किन के लिए उपयुक्त हल्का क्लींजर इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं रूखी या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऐसा उत्पाद चुनना चाहिए जो त्वचा को जरूरत से ज्यादा ड्राई न करे।

    मानसून में लोग अक्सर यह सोचकर मॉइस्चराइजर लगाना छोड़ देते हैं कि वातावरण में पहले से ही नमी है। लेकिन त्वचा को मॉइस्चराइज रखना फिर भी जरूरी है। इस मौसम में हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा में नमी बनी रहने में मदद मिलती है और भारीपन या अत्यधिक चिपचिपाहट भी महसूस नहीं होती।

    बारिश के मौसम में धूप कम नजर आने के बावजूद सनस्क्रीन को स्किन केयर रूटीन से बाहर नहीं करना चाहिए। बादलों के बीच भी पराबैंगनी किरणों का संपर्क त्वचा तक हो सकता है। इसलिए बाहर निकलते समय अपनी त्वचा के अनुसार ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। लंबे समय तक बाहर रहने पर इसे दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है।

    मानसून में पसीना और नमी अधिक होने के कारण चेहरे को बार बार छूने की आदत से भी बचना चाहिए। हाथों पर मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया चेहरे तक पहुंच सकते हैं और मुंहासों की समस्या बढ़ा सकते हैं। मेकअप करने वाले लोगों को भी रात में सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह साफ करना चाहिए। गीले कपड़े पहनने या लंबे समय तक नम जूते मोजे इस्तेमाल करने से त्वचा पर फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है इसलिए शरीर को साफ और सूखा रखना जरूरी है।

    स्किन की सेहत केवल बाहरी देखभाल से तय नहीं होती। मानसून में पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। मौसमी फल सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकता है। बहुत ज्यादा तला भुना या अत्यधिक मीठा भोजन करने के बजाय संतुलित डाइट पर ध्यान देना बेहतर है।

    अगर त्वचा पर लगातार खुजली लाल चकत्ते सूजन दर्दनाक मुंहासे या किसी तरह का संक्रमण दिखाई दे तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के स्किन केयर प्रोडक्ट को बिना सोचे समझे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मानसून में थोड़ी सी सावधानी और नियमित देखभाल से त्वचा को स्वस्थ साफ और तरोताजा बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

  • आज महानायक लेकिन कभी सेट पर मिली थी फटकार, अमिताभ बच्चन बोले- शुरुआत में बहुत डांट पड़ती थी

    आज महानायक लेकिन कभी सेट पर मिली थी फटकार, अमिताभ बच्चन बोले- शुरुआत में बहुत डांट पड़ती थी

    नई दिल्ली । अमिताभ बच्चन आज हिंदी सिनेमा के महानायकों में शुमार हैं। उनकी आवाज अभिनय और व्यक्तित्व की अपनी अलग पहचान है। दशकों से वह फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और आज भी उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है। लेकिन जिस मुकाम पर अमिताभ बच्चन आज खड़े हैं वहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें भी कई बार आलोचना और कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा था। कौन बनेगा करोड़पति 18 के एक स्पेशल एपिसोड में बिग बी ने अपने संघर्ष के दिनों से जुड़ा ऐसा ही किस्सा सुनाया जिसने उनके प्रशंसकों का ध्यान खींचा।

    केबीसी 18 के इस खास एपिसोड में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के गोल्ड मेडलिस्ट लवलीना बोर्गोहैन के साथ झंडू कुमार शर्मिला धंकर और अस्मिता डे भी पहुंचीं। बातचीत के दौरान अस्मिता डे ने अमिताभ बच्चन से पूछा कि क्या उन्हें कभी फिल्म के सेट पर डांट सुननी पड़ी है। सवाल सुनते ही बिग बी ने अपने पुराने दिनों को याद किया और बताया कि शुरुआत में उन्हें काफी डांट पड़ती थी। अमिताभ ने बताया कि उन्हें यहां तक सुनना पड़ा था कि तुम्हें कुछ नहीं आता तुम बहुत लंबे हो घर जाओ।

    अमिताभ बच्चन के इस खुलासे से साफ है कि उनके शुरुआती करियर में उनकी लंबाई को लेकर भी सवाल उठाए जाते थे। जिस कद को आज उनकी पहचान का हिस्सा माना जाता है उसी को कभी उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जाता था। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि लंबे कद वाला यह कलाकार आगे चलकर हिंदी सिनेमा का सबसे बड़ा नाम बनेगा। अमिताभ ने जिस सहज अंदाज में यह किस्सा साझा किया उससे उनके संघर्ष के दिनों की तस्वीर सामने आती है।

    अमिताभ बच्चन का फिल्मी सफर कई उतार चढ़ाव से भरा रहा है। शुरुआती दौर में उन्हें सफलता के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कई फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्हें वह पहचान नहीं मिली जिसकी उन्हें तलाश थी। लेकिन उन्होंने आलोचनाओं और असफलताओं को अपने रास्ते की दीवार नहीं बनने दिया। धीरे धीरे उनकी अभिनय क्षमता और अलग अंदाज ने दर्शकों के बीच जगह बनाई और देखते ही देखते वह बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए।

    केबीसी में अमिताभ बच्चन अक्सर अपनी निजी जिंदगी से जुड़े मजेदार किस्से भी बताते हैं। एक अन्य एपिसोड में उनसे पूछा गया कि अगर वह शूटिंग की वजह से देर रात घर पहुंचते हैं तो क्या पत्नी जया बच्चन से उन्हें डांट सुननी पड़ती है। इस पर बिग बी ने मजाकिया अंदाज में बताया कि वह पहले से ही परिवार को सूचना दे देते हैं। अमिताभ के मुताबिक अगर उन्हें पता होता है कि शूटिंग की वजह से देर होगी तो वह सुबह परिवार के ग्रुप में संदेश भेजकर बता देते हैं कि आज देर से घर आएंगे और खाने पर उनका इंतजार न किया जाए।

    उन्होंने बताया कि इस तरह पहले से सूचना देने पर डांट से बच जाते हैं लेकिन अगर बिना बताए देर हो जाए तो फिर डांट पड़ना तय है। अमिताभ का यह अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आता है क्योंकि इससे महानायक की जिंदगी का एक घरेलू और सामान्य पहलू भी सामने आता है।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन पिछली बार रजनीकांत के साथ फिल्म वेट्टैयन में नजर आए थे। दोनों ने लंबे समय बाद एक साथ स्क्रीन शेयर की थी। बॉलीवुड में उनकी पिछली प्रमुख फिल्म ऊंचाई थी जो 2022 में रिलीज हुई थी। इसके अलावा वह कई फिल्मों में वॉइस ओवर और स्पेशल अपीयरेंस भी दे चुके हैं।

    अब अमिताभ बच्चन के प्रशंसकों को उनकी अगली बड़ी फिल्म कल्कि 2898 एडी 2 का इंतजार है। फिल्म में उनके साथ प्रभास और कमल हासन जैसे बड़े कलाकार नजर आएंगे। बिग बी का सफर यह बताता है कि आज जिस कलाकार को दुनिया महानायक के नाम से जानती है उसे भी कभी अपने कद अभिनय और क्षमता को लेकर आलोचना सुननी पड़ी थी। लेकिन उन्होंने उन बातों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और लगातार मेहनत करते हुए ऐसा मुकाम हासिल किया जिसे भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।

  • YouTube गेम का ऐसा चढ़ा खुमार कि घर छोड़कर निकल पड़े बच्चे, फार्महाउस के पास बनाया सीक्रेट ठिकाना

    YouTube गेम का ऐसा चढ़ा खुमार कि घर छोड़कर निकल पड़े बच्चे, फार्महाउस के पास बनाया सीक्रेट ठिकाना


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मेरठ में बच्चों के बीच ऑनलाइन वीडियो और गेमिंग कंटेंट के बढ़ते असर का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो मासूम बच्चों ने YouTube पर सीक्रेट हाउस गेम से जुड़ा वीडियो देखा और उससे इतने प्रभावित हुए कि खुद भी 24 घंटे तक छिपे रहने का चैलेंज पूरा करने निकल पड़े। दोनों बच्चे अचानक घर से गायब हो गए तो परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की लेकिन जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और मिशन शक्ति की टीम ने तेजी से तलाश शुरू की और करीब दो घंटे के भीतर दोनों बच्चों को सुरक्षित ढूंढकर उनके परिवार के हवाले कर दिया।

    यह मामला मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र का है। बताया गया कि बी ब्लॉक कॉलोनी में रहने वाले 11 और 7 साल के दो बच्चे रविवार दोपहर अचानक घर से निकल गए। शुरुआत में परिजनों को लगा कि दोनों बच्चे आसपास खेल रहे होंगे लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो चिंता बढ़ने लगी। परिवार के लोगों ने आसपास के घरों में पूछताछ की और रिश्तेदारों के यहां भी जानकारी जुटाई लेकिन बच्चों का कहीं पता नहीं चला। आखिरकार मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    पुलिस के लिए यह मामला गंभीर था क्योंकि दोनों बच्चे काफी कम उम्र के थे और उनके अचानक गायब होने से परिवार बेहद परेशान था। सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्चों की तलाश शुरू की। मिशन शक्ति की टीम को भी खोजबीन में लगाया गया। लगातार तलाश के बाद टीम को दोनों बच्चे सुरक्षित मिल गए। पुलिस के अनुसार बच्चे किसी अनहोनी का शिकार नहीं हुए थे बल्कि उन्होंने खुद ही घर से निकलकर छिपने की योजना बनाई थी।

    पूछताछ में जो बात सामने आई उसने सभी को हैरान कर दिया। बच्चों ने बताया कि उन्होंने YouTube पर सीक्रेट हाउस गेम और 24 घंटे तक छिपे रहने से जुड़ा गेमिंग कंटेंट देखा था। वीडियो देखने के बाद उनके मन में भी ऐसा ही चैलेंज करने का विचार आया। दोनों ने तय किया कि वे घर से दूर जाकर अपना एक गुप्त ठिकाना बनाएंगे और 24 घंटे तक वहीं छिपे रहेंगे। इसी योजना के तहत दोनों घर से निकल पड़े।

    पुलिस के मुताबिक बच्चों ने एक फार्महाउस के पास सुनसान जगह को अपना ठिकाना बनाया था। उनका इरादा वहां 24 घंटे तक छिपे रहने का था ताकि वे वीडियो में देखे गए चैलेंज को पूरा कर सकें। बच्चों को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके अचानक गायब होने से परिवार किस कदर परेशान हो जाएगा और उन्हें खोजने के लिए पुलिस तक को सक्रिय होना पड़ेगा।

    करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और मिशन शक्ति की टीम ने दोनों बच्चों को खोज निकाला। बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। इसके बाद उन्हें परिवार के हवाले कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने भी बच्चों से बातचीत कर उन्हें समझाया कि इंटरनेट या वीडियो में दिखाई जाने वाली हर गतिविधि को वास्तविक जीवन में दोहराना सुरक्षित नहीं होता।

    यह घटना एक बार फिर बच्चों द्वारा मोबाइल और ऑनलाइन कंटेंट देखने पर निगरानी की जरूरत को सामने लाती है। इंटरनेट पर कई तरह के गेमिंग वीडियो और चैलेंज मौजूद हैं जिन्हें बच्चे मनोरंजन या खेल समझकर दोहराने की कोशिश कर सकते हैं। कम उम्र में बच्चे वीडियो में दिखने वाले खतरे और वास्तविक जीवन के जोखिम के बीच अंतर को पूरी तरह नहीं समझ पाते। ऐसे में अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों के ऑनलाइन कंटेंट पर नजर रखें और उन्हें यह समझाएं कि किसी भी वायरल गेम या चैलेंज को बिना सोचे समझे आजमाना खतरनाक हो सकता है।

    मेरठ की यह घटना भले ही सुखद अंत तक पहुंच गई क्योंकि दोनों बच्चे समय रहते सुरक्षित मिल गए लेकिन इसने परिवारों के लिए एक बड़ा संदेश जरूर छोड़ा है। कुछ घंटों के एक ऑनलाइन वीडियो ने दो बच्चों को 24 घंटे तक घर से दूर छिपने की योजना बनाने के लिए प्रेरित कर दिया और परिवार की चिंता बढ़ा दी।

  • Bhopal Weather Today: भोपाल में बारिश के आसार बरकरार तापमान रहेगा नीचे जानिए आज कैसा रहेगा मौसम

    Bhopal Weather Today: भोपाल में बारिश के आसार बरकरार तापमान रहेगा नीचे जानिए आज कैसा रहेगा मौसम


    भोपाल भोपाल में 25 अगस्त को मानसून का असर लगातार देखने को मिल सकता है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है और दिनभर बादल छाए रहने के साथ कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। तापमान भी सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है जिससे लोगों को उमस और तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमान में भोपाल के लिए दिन का अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    बारिश की संभावना को देखते हुए मंगलवार को भोपाल में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। पूर्वानुमानों में सुबह से ही बारिश और गरज चमक की संभावना जताई गई है जबकि दोपहर के समय बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। एक अन्य मौसम पूर्वानुमान में मंगलवार को बारिश की संभावना काफी अधिक बताई गई है और दोपहर के दौरान गरज के साथ बारिश होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

    भोपाल में लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या सामने आ सकती है। सड़कों पर जलभराव होने से ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है और वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना पड़ सकता है। बारिश के दौरान दृश्यता कम होने की स्थिति में तेज गति से वाहन चलाने से बचना जरूरी होगा। दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष सावधानी जरूरी है क्योंकि फिसलन भरी सड़कें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।

    राजधानी में बारिश के साथ हवा और गरज चमक का असर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर खड़े रहने से बचना बेहतर है। बिजली चमकने या तेज गरज के दौरान पेड़ के नीचे रुकने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। मौसम खराब होने की स्थिति में जरूरी न हो तो यात्रा टालना भी समझदारी होगी।

    भोपाल के आसपास के इलाकों में भी बारिश का असर दिखाई दे सकता है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में 24 और 25 अगस्त को बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान सामने आया है। भोपाल में मध्यम बारिश की संभावना के साथ राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान भी जताया गया है।

    बारिश का यह दौर तापमान को नियंत्रित रखने में भी मदद करेगा। दिन में गर्मी अपेक्षाकृत कम महसूस हो सकती है लेकिन अधिक नमी के कारण कुछ समय उमस परेशान कर सकती है। मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए लोगों को स्वास्थ्य और यात्रा दोनों के स्तर पर सावधानी बरतनी चाहिए।

    कुल मिलाकर 25 अगस्त को भोपाल में बारिश वाला मौसम रहने के आसार हैं। बादल बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मौसम सुहाना रह सकता है लेकिन तेज बारिश के दौरान जलभराव ट्रैफिक और फिसलन जैसी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग मौसम अपडेट पर नजर रखें और बारिश के दौरान सुरक्षित तरीके से यात्रा करें। मौसम विभाग के ताजा स्थानीय अलर्ट को प्राथमिकता देना सबसे बेहतर रहेगा।

  • SIP Rule-40 से 40 साल तक 2 करोड़ का लक्ष्य, 21 साल की उम्र में कितनी मासिक SIP से शुरू करें निवेश

    SIP Rule-40 से 40 साल तक 2 करोड़ का लक्ष्य, 21 साल की उम्र में कितनी मासिक SIP से शुरू करें निवेश

    नई दिल्ली । कम उम्र में निवेश शुरू करने वालों के लिए SIP Rule-40 एक ऐसी निवेश रणनीति के तौर पर चर्चा में है, जिसमें नियमित निवेश के साथ हर साल SIP की राशि बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। इस तरीके में 40 साल की उम्र तक 2 करोड़ रुपये का फंड तैयार करने का लक्ष्य रखा जाता है। इसके लिए गणना में औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न और हर वर्ष SIP में 10 फीसदी बढ़ोतरी को आधार माना गया है।

    SIP यानी Systematic Investment Plan के जरिए म्यूचुअल फंड में एक तय राशि नियमित अंतराल पर निवेश की जाती है। Rule-40 की अवधारणा में शुरुआत में एक निश्चित मासिक रकम से निवेश शुरू किया जाता है और इसके बाद हर साल SIP की राशि 10 फीसदी बढ़ाई जाती है। इसका उद्देश्य बढ़ती आय के साथ निवेश की क्षमता बढ़ाना और लंबे समय में कंपाउंडिंग का लाभ लेना है।

    इस रणनीति में निवेश शुरू करने की उम्र बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। उदाहरण के तौर पर 40 साल की उम्र तक 2 करोड़ रुपये का लक्ष्य हासिल करने के लिए 21 साल की उम्र में शुरुआत करने पर करीब 11,796 रुपये की मासिक SIP की जरूरत बताई गई है। अगर शुरुआत 22 साल की उम्र में होती है तो यह राशि करीब 13,875 रुपये प्रति माह हो जाती है।

    इसी तरह 23 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर करीब 16,370 रुपये, 24 साल की उम्र में करीब 19,379 रुपये और 25 साल की उम्र में लगभग 23,031 रुपये की शुरुआती मासिक SIP की जरूरत पड़ सकती है। इससे स्पष्ट होता है कि निवेश शुरू करने में देरी होने पर शुरुआती निवेश राशि बढ़ती जाती है।

    21 साल की उम्र में निवेश शुरू करने वाले व्यक्ति के मामले में इस गणना के अनुसार करीब 19 वर्षों तक निवेश जारी रखना होगा। 10 फीसदी सालाना स्टेप-अप के साथ कुल निवेश लगभग 72.42 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। 12 फीसदी औसत अनुमानित रिटर्न के आधार पर यह राशि बढ़कर करीब 2 करोड़ रुपये के लक्ष्य तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इस गणना में लगभग 1.28 करोड़ रुपये का हिस्सा अनुमानित रिटर्न से जुड़ा हो सकता है।

    इस रणनीति का फायदा खासतौर पर उन युवाओं को हो सकता है जो अपने करियर की शुरुआत में हैं और भविष्य में आय बढ़ने की संभावना रखते हैं। शुरुआत में आय सीमित होने के कारण बड़ी रकम निवेश करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन छोटी SIP से शुरुआत करके हर वर्ष राशि बढ़ाने से निवेश का आकार धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।

    हालांकि, 2 करोड़ रुपये का लक्ष्य निश्चित या गारंटीड रकम नहीं है। 12 फीसदी सालाना रिटर्न केवल अनुमान के तौर पर लिया गया है और बाजार आधारित निवेश में वास्तविक रिटर्न समय के साथ बदल सकता है। इसलिए निवेशक को अपनी आय, खर्च, वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए।

    SIP Rule-40 का मूल विचार जल्द शुरुआत, नियमित निवेश और बढ़ती आय के साथ निवेश बढ़ाने पर आधारित है। लंबे समय तक निवेश बनाए रखने और बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद अनुशासन कायम रखने से कंपाउंडिंग को अधिक समय मिल सकता है। यही कारण है कि निवेश की शुरुआत की उम्र इस तरह की लंबी अवधि की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

  • Stock Market Today: 25 अगस्त को बाजार में दिख सकती है हलचल, निवेशकों की नजर इन बड़े ट्रिगर्स पर

    Stock Market Today: 25 अगस्त को बाजार में दिख सकती है हलचल, निवेशकों की नजर इन बड़े ट्रिगर्स पर


    नई दिल्ली। 25 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार के दौरान निवेशकों की नजर कई घरेलू और वैश्विक संकेतों पर रहने वाली है। पिछले कारोबारी सत्रों में बाजार में उतार चढ़ाव देखने को मिला है और ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए हर छोटी बड़ी खबर महत्वपूर्ण हो जाती है। सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा तय करने में ग्लोबल मार्केट का रुख विदेशी निवेशकों की गतिविधियां कच्चे तेल की कीमतें रुपये की चाल और कंपनियों से जुड़ी खबरें अहम भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे में मंगलवार के कारोबार में भी बाजार में तेजी और दबाव दोनों देखने को मिल सकते हैं।

    बाजार की शुरुआत पर सबसे पहले वैश्विक संकेतों का असर दिखाई दे सकता है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों की चाल से भारतीय निवेशकों का सेंटीमेंट प्रभावित होता है। अगर विदेशी बाजारों में मजबूती बनी रहती है तो घरेलू बाजार को भी शुरुआती सपोर्ट मिल सकता है। वहीं किसी बड़े ग्लोबल इवेंट या आर्थिक संकेत के कारण विदेशी बाजारों में कमजोरी आती है तो भारतीय बाजार पर भी दबाव बन सकता है।

    निवेशकों की नजर विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII और घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII की गतिविधियों पर भी रहेगी। विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी बाजार में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद कर सकती है जबकि लगातार बिकवाली से बाजार में दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को गिरावट के दौरान सहारा दे सकती है। इसलिए मंगलवार को बाजार की दिशा समझने के लिए इन आंकड़ों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

    बैंकिंग और वित्तीय शेयरों के प्रदर्शन पर भी बाजार की चाल काफी हद तक निर्भर रह सकती है। इसके अलावा आईटी ऑटो फार्मा मेटल और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में होने वाली खरीदारी या बिकवाली से प्रमुख सूचकांकों पर असर पड़ सकता है। किसी बड़ी कंपनी से जुड़ी खबर या कारोबारी अपडेट आने पर उसके शेयर में तेज हलचल देखने को मिल सकती है और इसका प्रभाव संबंधित सेक्टर के दूसरे शेयरों पर भी पड़ सकता है।

    कच्चे तेल की कीमतें भी भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेतक हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है इसलिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। दूसरी ओर तेल की कीमतों में नरमी भारतीय अर्थव्यवस्था और कुछ कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है। रुपये की डॉलर के मुकाबले चाल भी बाजार के लिए अहम रहेगी।

    तकनीकी स्तर पर निवेशक निफ्टी और सेंसेक्स में महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रख सकते हैं। अगर खरीदारी का दबाव मजबूत रहता है तो बाजार ऊपरी स्तरों की ओर बढ़ सकता है जबकि मुनाफावसूली बढ़ने पर प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे समय में बिना पूरी जानकारी के तेजी से किसी शेयर में निवेश करने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और बाजार की स्थिति को समझना जरूरी है।

    कुल मिलाकर 25 अगस्त का कारोबारी सत्र घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच उतार चढ़ाव वाला रह सकता है। निवेशकों को बाजार में अचानक आने वाली तेजी या गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए। खासकर शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए जोखिम प्रबंधन और स्टॉप लॉस का ध्यान रखना जरूरी है। शेयर बाजार में रिटर्न की संभावना के साथ जोखिम भी जुड़ा होता है इसलिए निवेश का फैसला अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर करना बेहतर है।

  • ‘कॉकरोच’ टिप्पणी पर दावा: अभिजीत दीपके बोले- CJI सूर्यकांत का इशारा सौरभ दास की ओर था

    ‘कॉकरोच’ टिप्पणी पर दावा: अभिजीत दीपके बोले- CJI सूर्यकांत का इशारा सौरभ दास की ओर था


    नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की ‘कॉकरोच’ टिप्पणी को लेकर अब नया दावा सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि CJI की यह टिप्पणी CJP प्रवक्ता और पत्रकार सौरभ दास के संदर्भ में थी। हालांकि, दास ने भी इस संभावना से इनकार नहीं किया और कहा कि उस समय कई वकीलों और रिटायर्ड जजों ने उनसे संपर्क कर कहा था कि टिप्पणी शायद उन्हीं के लिए की गई है।

    एक इंटरव्यू के दौरान सौरभ दास ने अपने पत्रकारिता करियर और अदालतों से जुड़े लेखन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह कानून और खास तौर पर जजों से जुड़े मामलों पर लिखते हैं। इसी दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि CJI द्वारा इस्तेमाल किया गया ‘कॉकरोच’ शब्द सौरभ दास के लिए था।

    ‘उस समय सबसे ज्यादा यही लिख रहा था’

    दीपके ने कहा, ‘जो कॉकरोच शब्द यूज किया गया था, वह सौरभ के लिए किया गया था। यह ओजी कॉकरोच है, क्योंकि तब सबसे ज्यादा यही लिख रहा था।’

    इस पर सौरभ दास ने बताया कि उस समय कुछ वकीलों और रिटायर्ड जजों ने उनसे संपर्क किया था। उनके मुताबिक, उन लोगों का कहना था कि CJI की टिप्पणी संभवतः उनके लिए थी।

    दास ने बताया कि उस दौरान वह कारवां मैगजीन के लिए CJI सूर्यकांत पर एक प्रोफाइल लिख रहे थे। इससे पहले वह पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ पर भी प्रोफाइल लिख चुके थे। इसी सिलसिले में उन्होंने कुछ RTI आवेदन भी दाखिल किए थे।

    दास के मुताबिक, उसी समय CJI ने कहा था कि कुछ युवा लोग पेशे में नौकरी नहीं ढूंढ पाते और फिर मीडिया या RTI एक्टिविज्म की तरफ चले जाते हैं और सिस्टम पर हमला करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि ‘कॉकरोच’ टिप्पणी उन्हीं के लिए थी, तो उन्होंने कहा, ‘पता नहीं, हां हो सकता है।’

    युवाओं पर टिप्पणी को लेकर हुआ था विवाद

    दरअसल, एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की मौखिक टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ था। इसे कुछ जगहों पर देश के बेरोजगार युवाओं पर टिप्पणी के तौर पर प्रचारित किया गया। बाद में CJI ने अदालत में अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा था कि उनकी टिप्पणी को मीडिया के एक हिस्से ने गलत तरीके से पेश किया।

    CJI ने कहा था कि उन्होंने उन लोगों की आलोचना की थी, जो फर्जी या नकली डिग्रियों के जरिए वकालत जैसे पेशों में प्रवेश करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे प्रतिष्ठित पेशों में भी घुसपैठ कर चुके हैं और उनकी तुलना ‘परजीवियों’ से की गई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कहना गलत है कि उन्होंने देश के युवाओं की आलोचना की थी।

    CJI की टिप्पणी के बाद बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’

    CJI की इसी ‘कॉकरोच’ टिप्पणी को आधार बनाकर अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत की थी। टिप्पणी के बाद दीपके ने एक्स पर लिखा था- ‘क्या होगा यदि सारे कॉकरोच एकत्रित हो जाएं।’

    इस पोस्ट के वायरल होने के बाद उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए। दावा किया गया कि इंस्टाग्राम पर महज चार दिन में करीब 2.5 करोड़ फॉलोअर हो गए। इसके बाद दीपके चर्चा में आए और अमेरिका से भारत लौटकर उन्होंने NEET पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन भी शुरू किया।