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  • मंगलवार को इन कामों से बनाएं दूरी वरना नाराज हो सकते हैं बजरंगबली जानिए क्या करना रहेगा शुभ

    मंगलवार को इन कामों से बनाएं दूरी वरना नाराज हो सकते हैं बजरंगबली जानिए क्या करना रहेगा शुभ


    नई दिल्ली। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से व्यक्ति को साहस शक्ति आत्मविश्वास और संकटों से लड़ने की क्षमता प्राप्त होती है। मंगलवार को हनुमान जी की आराधना करने के साथ कुछ विशेष नियमों का पालन करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए अच्छे कर्मों का सकारात्मक प्रभाव जीवन पर पड़ता है जबकि कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। यही वजह है कि मंगलवार को लेकर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि इस दिन क्या करना चाहिए और किन कामों को करने से बचना चाहिए।

    मंगलवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद भगवान हनुमान का ध्यान करना शुभ माना जाता है। इसके बाद हनुमान मंदिर जाकर बजरंगबली के दर्शन किए जा सकते हैं। पूजा के दौरान सिंदूर चमेली का तेल लाल फूल और गुड़ चने का भोग अर्पित करना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है। हनुमान चालीसा का पाठ करना भी इस दिन विशेष फलदायी माना जाता है। जिन लोगों के जीवन में भय तनाव या आत्मविश्वास की कमी रहती है वे मंगलवार को हनुमान जी की आराधना करके मानसिक मजबूती की कामना कर सकते हैं।

    मंगलवार के दिन सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करने की भी परंपरा है। कुछ लोग इस दिन हनुमान मंदिर में दीपक जलाते हैं और जरूरतमंदों को भोजन या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि जरूरतमंदों की सहायता करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मंगलवार को क्रोध पर नियंत्रण रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी से अनावश्यक विवाद करने के बजाय शांत रहना और संयम से काम लेना शुभ माना जाता है।

    अब बात उन कामों की जिन्हें मंगलवार के दिन करने से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन क्रोध करना अपशब्द बोलना या किसी का अपमान करना उचित नहीं माना जाता। विशेष रूप से भगवान हनुमान की पूजा करने वाले लोगों को इस दिन मन वचन और कर्म से संयम रखने की कोशिश करनी चाहिए। मंगलवार को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहना भी शुभ माना जाता है।

    कुछ धार्मिक परंपराओं में मंगलवार को बाल और नाखून काटने तथा शेविंग करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसी तरह इस दिन मांसाहार और शराब से दूरी रखने की मान्यता भी कई परिवारों में प्रचलित है। हालांकि इन मान्यताओं का पालन व्यक्ति अपनी आस्था और पारिवारिक परंपरा के अनुसार करता है।

    मंगलवार को कर्ज लेने देने और पैसों से जुड़े बड़े फैसलों को लेकर भी अलग अलग मान्यताएं मिलती हैं। ऐसे मामलों में बिना सोचे समझे निर्णय लेने के बजाय अपनी आर्थिक स्थिति और परिस्थितियों को ध्यान में रखना बेहतर होता है। सबसे जरूरी बात यह है कि मंगलवार को किसी के प्रति ईर्ष्या द्वेष या अहंकार रखने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ दिन बिताया जाए।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार का दिन साहस अनुशासन और भक्ति का संदेश देता है। इसलिए इस दिन हनुमान जी का स्मरण करें जरूरतमंदों की मदद करें क्रोध से बचें और अच्छे कर्मों पर ध्यान दें। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और अच्छे आचरण से जीवन में सकारात्मकता आती है और व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना अधिक मजबूती से कर पाता है।

  • सरकारी फाइलों पर नहीं चलेगी लेटलतीफी, MP में नए कानून से अफसरों की जवाबदेही होगी तय

    सरकारी फाइलों पर नहीं चलेगी लेटलतीफी, MP में नए कानून से अफसरों की जवाबदेही होगी तय


    भोपाल । मध्य प्रदेश में उद्योग और व्यापार से जुड़े कामों को आसान और तेज बनाने के लिए सरकार ने ऐसी व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है जिसमें सरकारी अधिकारी किसी फाइल को तय समय से ज्यादा देर तक अपने पास रोककर नहीं रख सकेंगे। मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम 2026 के तहत डिजिटल सिस्टम और समय सीमा के जरिए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था की सबसे खास बात ऑटो एस्कलेशन सिस्टम है। यदि किसी अधिकारी के पास आई फाइल तय समय सीमा में निपटाई नहीं जाती है तो वह स्वतः अगले वरिष्ठ अधिकारी के पास पहुंच जाएगी। यानी जिस अधिकारी ने फाइल को रोककर रखा था उसके पास आगे उस मामले पर फैसला लेने का अधिकार नहीं रहेगा।

    अब तक कारोबार या उद्योग शुरू करने के लिए अलग अलग विभागों से एनओसी और मंजूरियां लेने में लोगों को काफी समय लग जाता था। कई बार फाइल एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय और एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमती रहती थी। नए कानून के तहत इस प्रक्रिया को डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम से जोड़ने की कोशिश की गई है ताकि आवेदन और मंजूरी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन तरीके से आगे बढ़े और आवेदक को बार बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

    इस व्यवस्था में समय सीमा को सबसे महत्वपूर्ण बनाया गया है। उदाहरण के लिए यदि किसी अधिकारी को किसी आवेदन पर 15 दिन के भीतर निर्णय लेना है और वह तय अवधि में कोई कार्रवाई नहीं करता है तो अगले दिन यानी 16वें दिन आवेदन स्वतः उसके वरिष्ठ अधिकारी के डिजिटल डेस्क पर पहुंच सकता है। इससे फाइल रोकने वाले अधिकारी के हाथ से उस आवेदन पर निर्णय लेने का अधिकार हट जाएगा और मामला उच्च स्तर पर चला जाएगा। साथ ही देरी का रिकॉर्ड भी डिजिटल सिस्टम में दर्ज रहेगा।

    नए कानून की धारा 13 में ऑटो एस्कलेशन का प्रावधान किया गया है। इसके तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन का निपटारा नहीं होने पर मामला विभाग के अगले उच्चतर प्राधिकारी के पास स्वतः भेजे जाने की व्यवस्था है। इसका सीधा उद्देश्य सरकारी कामकाज में देरी को कम करना और अधिकारियों को समय पर फैसला लेने के लिए जवाबदेह बनाना है।

    नए प्रावधानों में आवेदक को बार बार आपत्ति या नई जानकारी के नाम पर परेशान करने पर भी रोक लगाने की कोशिश की गई है। धारा 12 के अनुसार अधिकारी आवेदन मिलने के बाद निर्धारित अवधि में अतिरिक्त जानकारी मांग सकता है और प्रक्रिया में बार बार नए सवाल खड़े करने की गुंजाइश सीमित की गई है। इसका मकसद यह है कि यदि किसी आवेदन में कमी है तो उसे स्पष्ट रूप से बताया जाए और आवेदक के कमी दूर करने के बाद फाइल अनावश्यक रूप से दोबारा न रोकी जाए।

    इस व्यवस्था का सबसे बड़ा असर अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही पर पड़ सकता है। कानून के तहत यदि कोई सक्षम अधिकारी या कर्मचारी निर्धारित समय सीमा में मंजूरी या आवेदन का निपटारा करने में विफल रहता है तो उस पर मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010 के प्रावधानों के अनुसार जुर्माना लगाया जा सकता है। खास बात यह है कि जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की व्यक्तिगत होगी। यानी देरी के लिए विभाग को जिम्मेदार मानकर मामला खत्म नहीं होगा बल्कि संबंधित अधिकारी पर भी कार्रवाई हो सकती है।

    लोक सेवा गारंटी व्यवस्था में तय समय सीमा में सेवा नहीं देने पर अधिकारी या कर्मचारी पर प्रतिदिन के आधार पर जुर्माने का प्रावधान है। इससे सरकारी कामकाज में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर आर्थिक जवाबदेही भी तय हो सकती है। हालांकि किसी मामले में जुर्माना लगेगा या नहीं और उसकी प्रक्रिया क्या होगी यह संबंधित कानून और निर्धारित नियमों के अनुसार तय किया जाएगा।

    अधिनियम में सरकारी विभागों से मिलने वाली मंजूरियों को अधिक व्यवस्थित तरीके से एकीकृत करने की दिशा में भी प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत राज्य स्तर पर नोडल एजेंसी के माध्यम से मंजूरी प्रक्रिया को संचालित करने की व्यवस्था बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य उद्योग और व्यापार से जुड़े आवेदनों को अलग अलग विभागों की जटिल प्रक्रिया में उलझने से बचाना है।

    कुल मिलाकर सरकार की नई व्यवस्था का मकसद यही है कि कारोबारियों और निवेशकों की फाइलें अनिश्चित समय तक सरकारी टेबल पर न पड़ी रहें। डिजिटल ट्रैकिंग ऑटो एस्कलेशन और व्यक्तिगत जवाबदेही के जरिए अधिकारियों पर समय पर निर्णय लेने का दबाव बढ़ेगा। यदि व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है तो उद्योग और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए मंजूरी की प्रक्रिया तेज हो सकती है और सरकारी दफ्तरों में फाइल रोककर रखने की पुरानी शिकायतों पर भी काफी हद तक अंकुश लग सकता है।

  • सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का मौका, MP में 5 हजार अतिथि शिक्षकों की भर्ती; मेरिट से होगा चयन

    सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का मौका, MP में 5 हजार अतिथि शिक्षकों की भर्ती; मेरिट से होगा चयन


    भोपाल । मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में रिक्त शिक्षक पदों के कारण पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए करीब 5 हजार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की तैयारी शुरू कर दी गई है। रिक्त पदों के लिए संबंधित विषय के पात्र उम्मीदवार मंगलवार से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 सितंबर से अतिथि शिक्षकों की ऑनलाइन जॉइनिंग कराई जा सकेगी। अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति विकासखंड और जिला स्तर पर तैयार मेरिट पैनल के आधार पर की जाएगी।

    लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में सोमवार को सभी संभागीय संयुक्त संचालकों जिला शिक्षा अधिकारियों विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को दिशा निर्देश जारी किए हैं। विभाग का उद्देश्य नियमित शिक्षकों की कमी के कारण सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने से रोकना है। पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और इसके लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 के तहत गेस्ट फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम यानी GFMS मॉड्यूल का इस्तेमाल किया जाएगा।

    विभाग के निर्देश के मुताबिक जिन स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं वहां संबंधित विषय के लिए GFMS पोर्टल पर उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर अतिथि शिक्षक बुलाए जाएंगे। इसके लिए विकासखंड स्तर पर उपलब्ध मेरिट सूची का इस्तेमाल किया जाएगा। उम्मीदवारों को उनकी मेरिट के क्रम के अनुसार संपर्क कर स्कूल में शिक्षण कार्य के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उम्मीदवार की सहमति या असहमति की जानकारी भी GFMS पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा।

    इस प्रक्रिया में उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिल सकती है जिन्होंने वर्ष 2025-26 में उसी विद्यालय में रिक्त पद के विरुद्ध अतिथि शिक्षक के रूप में काम किया था। यदि ऐसे पात्र आवेदक उपलब्ध हैं तो उन्हें उसी स्कूल में दोबारा शिक्षण कार्य के लिए बुलाया जा सकेगा। इससे पहले काम कर चुके अतिथि शिक्षकों को अपने अनुभव और संबंधित मेरिट के आधार पर लाभ मिलने की संभावना है।

    यदि किसी विषय के लिए विकासखंड की मेरिट सूची में कोई पात्र आवेदक उपलब्ध नहीं है तो स्कूल प्रभारी जिला स्तर पर उपलब्ध पैनल का सहारा ले सकेंगे। जिला मेरिट सूची में उपलब्ध उम्मीदवारों को भी मेरिट क्रम के अनुसार बुलाया जाएगा। जिस उम्मीदवार को अतिथि शिक्षक के रूप में शिक्षण कार्य के लिए आमंत्रित किया जाएगा उसकी जॉइनिंग की जानकारी उसी दिन GFMS मॉड्यूल में दर्ज करनी होगी। यानी नियुक्ति प्रक्रिया को ऑनलाइन सिस्टम के जरिए ही पूरा किया जाएगा।

    उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन भी इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। स्कूल प्रभारी अतिथि शिक्षक के स्कोर कार्ड में दर्ज दस्तावेजों की जांच करेंगे। यदि सत्यापन के दौरान वास्तविक दस्तावेजों और स्कोर कार्ड में दर्ज जानकारी में अंतर पाया जाता है तो उम्मीदवार की अतिथि शिक्षक पद के लिए पात्रता समाप्त की जा सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन से लेकर दस्तावेज सत्यापन तक सभी जानकारी सही और प्रमाणित रखना जरूरी होगा।

    विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिथि शिक्षकों को बुलाने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। किसी भी स्थिति में ऑफलाइन तरीके से उम्मीदवारों को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। इससे नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और मेरिट के आधार पर उम्मीदवारों को अवसर देने की कोशिश की गई है।

    वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक के रिक्त पदों के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। यदि विकासखंड या जिला स्तर की मेरिट सूची में वर्ग-3 प्राथमिक पद के लिए कोई पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं है तो वर्ग-3 जनरल के पैनल से उम्मीदवार को प्राथमिक शिक्षक के रिक्त पद के विरुद्ध अतिथि शिक्षक के रूप में बुलाया जा सकेगा।

    स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में मेरिट सूची दस्तावेज सत्यापन ऑनलाइन जॉइनिंग और ई-अटेंडेंस से जुड़े नियमों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। करीब 5 हजार अतिथि शिक्षकों की तैनाती से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और विद्यार्थियों की पढ़ाई को नियमित बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

  • विजय शाह की मुश्किलें बढ़ेंगी या मिलेगी राहत? आज कैबिनेट में अभियोजन मंजूरी पर फैसला, 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई

    विजय शाह की मुश्किलें बढ़ेंगी या मिलेगी राहत? आज कैबिनेट में अभियोजन मंजूरी पर फैसला, 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में मंत्री विजय शाह से जुड़े विवादित बयान के मामले में मंगलवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान के मामले में विजय शाह के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी पर आज सरकार कैबिनेट बैठक में फैसला कर सकती है। अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो इसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद गृह विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में शपथपत्र पेश किया जा सकता है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 31 अगस्त को निर्धारित है और उससे पहले सरकार के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।

    विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति का मामला लंबे समय से लंबित है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल यानी एसआईटी ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन चलाने की अनुमति मांगी है। सरकारी सेवक के खिलाफ अभियोजन की अनुमति से जुड़े प्रावधानों के तहत सरकार की मंजूरी जरूरी मानी जा रही है। इसी वजह से एसआईटी की मांग के बाद भी कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए सरकार के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

    इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले भी राज्य सरकार को समय सीमा में निर्णय लेने का निर्देश दे चुका है। 19 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार को मामले में फैसला लेने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। हालांकि तय अवधि में निर्णय नहीं हो सका और अभियोजन स्वीकृति का मामला लंबित रहा। अब सरकार कैबिनेट के जरिए इस पर निर्णय लेने की तैयारी में है। ऐसे में आज होने वाली बैठक का फैसला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    यदि कैबिनेट अभियोजन स्वीकृति को मंजूरी दे देती है तो प्रस्ताव राज्यपाल के पास जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद गृह विभाग सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से शपथपत्र दाखिल करेगा। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज हो सकती है। हालांकि यदि सरकार अभियोजन की अनुमति नहीं देती है तो इसका अर्थ यह नहीं होगा कि पूरा मामला खत्म हो जाएगा। ऐसी स्थिति में कानूनी प्रक्रिया लंबित रह सकती है और आगे परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा।

    मामले की जांच कर रही एसआईटी ने BNS की धारा 196(1)(a) के तहत कार्रवाई की सिफारिश की है। इस प्रावधान के तहत विभिन्न नस्लीय धार्मिक क्षेत्रीय और जातीय समूहों के बीच वैमनस्य या नफरत बढ़ाने वाले कृत्यों से जुड़े मामलों में दंड का प्रावधान है। खबर के अनुसार इस धारा में तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।

    पूरा विवाद 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम के दौरान दिए गए विजय शाह के बयान से शुरू हुआ था। उन्होंने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। बयान सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। विवाद बढ़ने के बाद विजय शाह ने कई बार माफी भी मांगी थी लेकिन मामला कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ता रहा।

    अब करीब एक साल से लंबित अभियोजन स्वीकृति पर सरकार के फैसले का इंतजार खत्म होने की उम्मीद है। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले कैबिनेट का निर्णय इस मामले की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। यही वजह है कि आज होने वाली कैबिनेट बैठक पर राजनीतिक गलियारों के साथ कानूनी जानकारों की भी नजर बनी हुई है।

  • भगवा रोबोट का VIP स्वागत और मंत्री की सुरीली तान, CM मोहन यादव बोले- मोदी ने देश को उसकी ताकत का एहसास कराया

    भगवा रोबोट का VIP स्वागत और मंत्री की सुरीली तान, CM मोहन यादव बोले- मोदी ने देश को उसकी ताकत का एहसास कराया

    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में मंगलवार को ऐसे कई रंग देखने को मिले जो आम सियासी गतिविधियों से बिल्कुल अलग रहे। कहीं भगवा गमछा पहने रोबोट ने नेता की तरह एंट्री लेकर लोगों का मनोरंजन किया तो कहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल के मंच पर अपनी गायकी का हुनर दिखाया। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना रामायण के जामवंत से कर दी। इन घटनाओं ने प्रदेश की सियासत और सार्वजनिक कार्यक्रमों में एक अलग ही रंग भर दिया।

    उज्जैन में एक रेस्टोरेंट के उद्घाटन के दौरान रोबोट को मुख्य अतिथि की तरह पेश किया गया। रोबोट की एंट्री भी बेहद खास अंदाज में हुई। उसके आसपास हथियार लिए कमांडो नजर आए और कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही उसे भगवा दुपट्टा पहनाया गया। तिलक लगाकर उसका स्वागत किया गया। इसके बाद रोबोट को नाश्ता और पानी भी ऑफर किया गया। उद्घाटन के इस पूरे कार्यक्रम में रोबोट आकर्षण का केंद्र बना रहा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए सबसे दिलचस्प पल तब आया जब भगवा दुपट्टा पहने रोबोट ने डांस करना शुरू कर दिया। उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    रोबोट की इस अंदाज में मेहमाननवाजी को लेकर लोग तरह-तरह के मजाकिया कमेंट भी कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि मशीन बनाने वालों ने शायद कल्पना भी नहीं की होगी कि उनका रोबोट एक दिन किसी नेता की तरह VIP स्वागत पाएगा और उद्घाटन के साथ डांस भी करेगा। अब तो मजाक में यह तक कहा जा रहा है कि अगर यही सिलसिला चलता रहा तो आने वाले समय में फीता काटने से लेकर भाषण देने तक की जिम्मेदारी भी रोबोट को मिल सकती है।

    इधर भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना जामवंत से करते हुए कहा कि जिस तरह रामायण में जामवंत ने हनुमान जी को उनकी शक्ति का अहसास कराया था उसी तरह प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को उसकी क्षमता और सामर्थ्य का एहसास कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश लगातार मजबूत हो रहा है और भारत अपने सामर्थ्य के दम पर हर तरह की चुनौती का सामना करने में सक्षम है। मुख्यमंत्री की इस तुलना के बाद राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है।

    उधर बड़वानी जिले के खेतिया में आयोजित कानबाई उत्सव में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी अलग छाप छोड़ी। मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल के मंच पर पहुंचकर उन्होंने गाना गाया। उन्होंने हमें तुमसे प्यार कितना गीत की पंक्तियां गाकर अपनी आवाज का हुनर दिखाया। इतना ही नहीं उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से भी अपने साथ गाने की अपील की। अनुराधा पौडवाल के सामने उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें बताना है कि वे भी सुरीले हैं। मंत्री का यह अंदाज देखकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।

    इन घटनाओं के बीच एक और मामला चर्चा में है जिसमें एक फूड प्रोडक्ट को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हुआ था। जांच के बाद कंपनी के उत्पाद सही पाए गए और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले व्यक्ति को कानूनी नोटिस दिए जाने की बात सामने आई। हालांकि अब वह अपनी बात से पीछे हटता नजर आ रहा है। इस पूरे मामले में कंपनी के भोपाल स्थित मुख्यालय के बाहर लगी नेमप्लेट हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

    कुल मिलाकर मंगलवार को मध्य प्रदेश की सियासत में बयानबाजी के साथ मनोरंजन और दिलचस्प घटनाओं का भी तड़का देखने को मिला। भगवा रोबोट की नेता जैसी एंट्री से लेकर मंत्री की गायकी और मुख्यमंत्री की जामवंत वाली तुलना तक कई घटनाएं दिनभर चर्चा में बनी रहीं।

  • मंगलवार पूजा विधि: सुबह से शाम तक ऐसे करें हनुमान जी की आराधना, जानें शुभ सामग्री और जरूरी नियम

    मंगलवार पूजा विधि: सुबह से शाम तक ऐसे करें हनुमान जी की आराधना, जानें शुभ सामग्री और जरूरी नियम


    नई दिल्ली।  हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक बजरंगबली की पूजा करने से भक्तों को मानसिक शक्ति साहस और आत्मविश्वास प्राप्त होता है। मंगलवार को हनुमान जी की आराधना विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है जो जीवन में बार बार आने वाली बाधाओं परेशानियों और भय से मुक्ति पाना चाहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार की पूजा में विशेष कठिन नियमों की आवश्यकता नहीं होती बल्कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है।

    मंगलवार के दिन पूजा के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और स्वच्छ वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके भगवान हनुमान की प्रतिमा या तस्वीर को साफ स्थान पर स्थापित करें। सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें और फिर हनुमान जी के सामने दीपक जलाएं। पूजा में लाल फूल सिंदूर चमेली का तेल गुड़ और चने जैसे पदार्थ अर्पित किए जा सकते हैं। कई भक्त हनुमान जी को लाल वस्त्र भी अर्पित करते हैं। पूजा के दौरान मन को शांत रखते हुए बजरंगबली का ध्यान करना चाहिए।

    इसके बाद हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सिंदूर हनुमान जी को प्रिय माना जाता है। इसके बाद गुड़ और चने का भोग लगाया जा सकता है। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। जिन लोगों के पास पर्याप्त समय हो वे सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं। हनुमान जी के मंत्रों का जाप करते समय अपनी मनोकामना के बजाय भगवान के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव रखना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

    मंगलवार की पूजा में दीपक का भी विशेष महत्व माना जाता है। हनुमान मंदिर में जाकर दर्शन करना और वहां दीपक जलाना शुभ माना जाता है। कुछ धार्मिक मान्यताओं में मंगलवार को हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाने की बात कही गई है। पूजा समाप्त होने के बाद हनुमान जी की आरती करें और परिवार की सुख शांति के लिए प्रार्थना करें। इसके बाद प्रसाद ग्रहण करें और संभव हो तो जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या अपनी क्षमता के अनुसार दान करें।

    मंगलवार के दिन कई लोग व्रत भी रखते हैं। व्रत रखने वाले व्यक्ति को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार भोजन करना चाहिए। धार्मिक परंपराओं में मंगलवार को मांसाहार और नशे जैसी चीजों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। साथ ही क्रोध करने झूठ बोलने और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। मान्यता है कि पूजा का वास्तविक उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान पूरा करना नहीं बल्कि अपने आचरण में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।

    हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है और भक्त उन्हें शक्ति साहस तथा भक्ति का प्रतीक मानते हैं। इसलिए मंगलवार को पूजा करते समय अपने भीतर नकारात्मक विचारों को दूर करने और अच्छे कर्म करने का संकल्प लेना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा से की गई हनुमान आराधना व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविश्वास देती है।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का बड़ा अलर्ट, 5 जिलों में अति भारी बारिश का खतरा; 25 जिलों में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरने के आसार MP में आज बारिश का बड़ा अलर्ट

    मध्य प्रदेश में मौसम का बड़ा अलर्ट, 5 जिलों में अति भारी बारिश का खतरा; 25 जिलों में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरने के आसार MP में आज बारिश का बड़ा अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। मंगलवार को प्रदेश के बड़े हिस्से में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार टीकमगढ़ दमोह नरसिंहपुर बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा गुना आगर मालवा शाजापुर सीहोर हरदा सागर रायसेन नर्मदापुरम छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला जबलपुर कटनी शहडोल छतरपुर पन्ना सीधी और सिंगरौली में भी भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इन 25 जिलों में ढाई इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है।

    प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी बारिश का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। भोपाल विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच मंदसौर देवास रतलाम ग्वालियर शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर डिंडौरी रीवा सतना मऊगंज मैहर उमरिया अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। यानी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल सक्रिय रहेंगे और लोगों को बारिश से राहत मिलने के बजाय अगले कुछ दिनों तक मौसम का असर देखने को मिल सकता है।

    इससे पहले सोमवार को भी भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे और दोपहर बाद बारिश का सिलसिला शुरू हो गया जो रात तक चलता रहा। शहर के कई इलाकों में बारिश के कारण यातायात प्रभावित हुआ। भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी भारी बारिश का असर दिखाई दिया और प्लेटफॉर्म के शेड से पानी तेज धार के रूप में गिरता नजर आया। वहीं विदिशा में तेज बारिश के बाद बाजार की सड़कों पर पानी भर गया जिससे दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रायसेन और शाजापुर समेत अन्य जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला।

    बीते 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो नर्मदापुरम में औसतन 3.7 इंच बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी के करेरा में 5.4 इंच बारिश हुई जबकि निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच और सागर के रहली में करीब 3 इंच पानी गिरा। भोपाल के कोलार इलाके में 3.2 इंच नवीबाग में 3.1 इंच और भोपाल शहर में करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई।

    शहडोल में भी बारिश के बाद बाणसागर डैम के तीन गेट आधा आधा मीटर खोले गए हैं। लगातार बारिश और बांधों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। नदी नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी होगा।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दाब क्षेत्र और ट्रफ की सक्रियता बनी हुई है। यही सिस्टम बारिश को लगातार मजबूती दे रहा है। इसके चलते अगले तीन दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

    हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण समान नहीं है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। करीब 40 जिलों में बारिश सामान्य से 6 से 51 प्रतिशत तक कम बताई गई है। दूसरी ओर अनूपपुर डिंडौरी निवाड़ी सतना शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया भिंड भोपाल बुरहानपुर गुना ग्वालियर खरगोन और राजगढ़ में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    ऐसे में मंगलवार की बारिश कई जिलों के लिए राहत लेकर आ सकती है लेकिन जिन इलाकों में पहले से जलभराव है वहां परेशानी बढ़ने की आशंका भी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखते हुए जरूरी सावधानी बरतनी होगी।

  • प्याज महंगा हुआ तो सरकार ने बढ़ाई सप्लाई, बफर स्टॉक खोला, ‘कांदा एक्सप्रेस’ से ढुलाई शुरू

    प्याज महंगा हुआ तो सरकार ने बढ़ाई सप्लाई, बफर स्टॉक खोला, ‘कांदा एक्सप्रेस’ से ढुलाई शुरू


    नई दिल्ली। प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बाजार में सप्लाई बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। नासिक से देश के प्रमुख खपत केंद्रों तक प्याज की ढुलाई शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही बफर स्टॉक से भी नियंत्रित मात्रा में प्याज बाजार में उतारा जा रहा है। सरकार का मकसद पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों में अचानक होने वाली तेजी को रोकना है।

    अगस्त-सितंबर में बढ़ती है प्याज की मांग

    सरकार के मुताबिक, अगस्त और सितंबर में प्याज की कीमतों में मौसमी तेजी आमतौर पर देखी जाती है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के अलावा मौसम और सप्लाई-चेन से जुड़ी दिक्कतों का भी कीमतों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में बाजार में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए पहले से कदम उठाए जा रहे हैं।

    पहले चरण में 5 बड़े शहरों पर फोकस

    शुरुआती चरण में सरकार ने पांच बड़े खपत केंद्रों को चुना है। इनमें चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, कोच्चि और गुवाहाटी शामिल हैं। नासिक से इन शहरों तक प्याज पहुंचाया जाएगा और मांग के अनुसार बाजार में इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

    सरकार के अनुसार, यदि किसी अन्य शहर में भी कीमत या सप्लाई पर दबाव बढ़ता है तो उसे भी इस कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है।

    देश में प्याज की कमी नहीं

    सरकार का कहना है कि आने वाले महीनों की घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए देश में पर्याप्त प्याज उपलब्ध है। वर्ष 2025-26 में प्याज का उत्पादन करीब 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। यह पिछले साल के 307.67 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के लगभग बराबर है।

    ऐसे में मौजूदा स्थिति को बड़े सप्लाई संकट के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। सरकार का फोकस बाजार में उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने पर है।

    बफर स्टॉक से भी प्याज बाजार में उतारा

    बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की नियंत्रित मात्रा में रिलीज शुरू कर दी गई है। जरूरत के हिसाब से आगे भी इसकी मात्रा बढ़ाई जा सकती है।

    प्याज की ढुलाई में रेलवे की ‘कांदा एक्सप्रेस’ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार के मुताबिक, 2025-26 में इसके जरिए करीब 88 हजार मीट्रिक टन प्याज देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया गया।

    86 रेलवे रैक से 16 शहरों तक पहुंचा प्याज

    रेलवे के 86 रैक के जरिए प्याज को देश के 16 बड़े शहरों तक पहुंचाया गया है। सरकार का कहना है कि बाजार की स्थिति और मांग के अनुसार आगे भी प्याज की ढुलाई और बफर स्टॉक से रिलीज का दायरा बढ़ाया जाएगा।

    नासिक से बड़े खपत केंद्रों तक सप्लाई बढ़ाने और बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने से आने वाले दिनों में उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। अब इसका असर अलग-अलग शहरों की खुदरा कीमतों पर कितना पड़ता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

  • Aaj Ka Rashifal 25 August: ग्रहों की चाल बदलेगी किस्मत का रुख, नौकरी कारोबार प्रेम और धन के मामले में जानें आज का दिन

    Aaj Ka Rashifal 25 August: ग्रहों की चाल बदलेगी किस्मत का रुख, नौकरी कारोबार प्रेम और धन के मामले में जानें आज का दिन


    नई दिल्ली। मेष राशि के जातकों के लिए 25 अगस्त का दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। किसी पुराने काम को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को नया अवसर मिल सकता है लेकिन निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा। परिवार में किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है। प्रेम जीवन में भी रिश्ते मजबूत होंगे। खर्च पर नियंत्रण रखें।

    वृषभ राशि वालों के लिए दिन मिलाजुला रहने वाला है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन आपकी कार्यक्षमता की प्रशंसा भी होगी। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें और किसी को बिना सोचे समझे पैसा उधार देने से बचना बेहतर रहेगा। घर परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो सकते हैं। बातचीत में संयम रखने से स्थिति संभल जाएगी। स्वास्थ्य के मामले में आराम और खानपान पर ध्यान दें।

    मिथुन राशि के लिए आज का दिन नई उम्मीद लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है। कारोबार में नए संपर्क भविष्य में फायदा पहुंचा सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिल सकती है। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी। आज अनावश्यक चिंता करने के बजाय अपने लक्ष्य पर ध्यान देना आपके लिए बेहतर रहेगा।

    कर्क राशि के जातकों को आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना होगा। कार्यस्थल पर किसी सहकर्मी से बहस करने से बचें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है। परिवार के किसी बड़े सदस्य की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित होगी। व्यापार में पुराने ग्राहक से लाभ मिल सकता है। दांपत्य जीवन में साथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

    सिंह राशि के लिए 25 अगस्त सफलता देने वाला दिन हो सकता है। नौकरी और कारोबार में आपकी स्थिति मजबूत होगी। किसी महत्वपूर्ण मीटिंग या बातचीत में आपकी बात को महत्व मिल सकता है। धन से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत हैं। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में चल रही गलतफहमी दूर हो सकती है।

    कन्या राशि वालों को आज मेहनत के बावजूद कुछ कामों में देरी का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ेगी और आपको धैर्य के साथ काम करना होगा। आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलना लाभकारी रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक तनाव कम होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन नींद पूरी करने पर ध्यान दें।

    तुला राशि के लिए दिन काफी शुभ रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने से आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। कारोबार में लाभ का मौका मिलेगा। किसी पुराने निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। अविवाहित लोगों के लिए रिश्ते की बात आगे बढ़ सकती है। परिवार के साथ किसी छोटी यात्रा की योजना बन सकती है।

    वृश्चिक राशि वालों को आज अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना होगा। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान दे सकता है। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहें और अपनी जरूरी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। धन की स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार में किसी सदस्य की समस्या को लेकर चिंता हो सकती है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

    धनु राशि के लिए आज का दिन तरक्की के नए रास्ते खोल सकता है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी की संभावना बन सकती है। कारोबारियों को अच्छा सौदा मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी। धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगेगा।

    मकर राशि के जातकों के लिए दिन मेहनत और अनुशासन वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता पाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना पड़ सकता है। धन से जुड़े फैसले सोच समझकर लें। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है लेकिन आपकी समझदारी से मामला शांत हो जाएगा। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में कोई नया संपर्क भविष्य में बड़ा फायदा दे सकता है। परिवार में सुख शांति बनी रहेगी। प्रेम जीवन में साथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। हालांकि अनावश्यक खरीदारी से बचना बेहतर रहेगा।

    मीन राशि के लिए 25 अगस्त का दिन सावधानी और समझदारी से आगे बढ़ने का है। कार्यक्षेत्र में किसी काम को लेकर दबाव बढ़ सकता है लेकिन धैर्य से काम लेने पर सफलता मिलेगी। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। प्रेम संबंधों में किसी तीसरे व्यक्ति की बातों पर तुरंत विश्वास न करें। स्वास्थ्य के लिए तनाव कम रखना जरूरी होगा।

  • आरसी में सिर्फ गणेश और आधार में पूरा नाम तो ट्रांसफर अटक सकता है, भोपाल RTO में नाम मिसमैच से परेशान वाहन मालिक

    आरसी में सिर्फ गणेश और आधार में पूरा नाम तो ट्रांसफर अटक सकता है, भोपाल RTO में नाम मिसमैच से परेशान वाहन मालिक


    भोपाल ।
    भोपाल में वाहन मालिकों के लिए आरसी और आधार कार्ड में दर्ज नाम का मामूली अंतर भी बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। खासकर ऐसे लोगों की दिक्कत बढ़ गई है जो अपनी पुरानी गाड़ी बेचने या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया में हैं। भोपाल आरटीओ में आधार आधारित प्रक्रिया के दौरान नाम का मिलान नहीं होने से वाहन ट्रांसफर के आवेदन अटकने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई वाहन मालिकों का कहना है कि वर्षों पहले वाहन खरीदते समय जिन दस्तावेजों के आधार पर आरसी तैयार हुई थी उनमें नाम अलग तरीके से दर्ज था। बाद में आधार कार्ड बनवाते समय पूरा नाम और सरनेम जुड़ गया। अब दोनों दस्तावेजों में यही अंतर वाहन ट्रांसफर के समय समस्या खड़ी कर रहा है।

    होशंगाबाद रोड निवासी गणेश बडाले का मामला इसका उदाहरण है। उनकी स्कूटी की आरसी में केवल गणेश नाम दर्ज है जबकि आधार कार्ड में पूरा नाम गणेश बडाले लिखा हुआ है। जब उन्होंने स्कूटी ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन किया तो आधार और आरसी में नाम का मिलान नहीं होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। गणेश के मुताबिक वह करीब पांच दिन से आरटीओ के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि समस्या का समाधान किस दस्तावेज में सुधार कराने से होगा। उनका कहना है कि उन्होंने सामान्य तरीके से वाहन ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था लेकिन नाम में अंतर सामने आने के बाद पूरी प्रक्रिया रुक गई।

    ऐसी समस्या केवल एक वाहन मालिक तक सीमित नहीं है। आरटीओ में पहुंच रहे लोगों के मुताबिक पुराने वाहनों के दस्तावेजों में दर्ज नाम और आधार कार्ड के नाम में अंतर होने के कारण कई मामलों में आवेदन अटक रहे हैं। किसी आरसी में सिर्फ पहला नाम दर्ज है तो कहीं सरनेम जुड़ा हुआ है जबकि आधार कार्ड में नाम का प्रारूप अलग है। उदाहरण के तौर पर किसी वाहन की आरसी में केवल यासिर दर्ज है जबकि आधार कार्ड में यासिर खान लिखा है। इसी तरह किसी आरसी में सतेंद्र मिश्रा दर्ज है जबकि दूसरे दस्तावेज में केवल सतेंद्र नाम हो सकता है। ऐसे मामलों में दस्तावेज वास्तविक रूप से एक ही व्यक्ति के होने के बावजूद सिस्टम में नाम का मिलान नहीं होने से परेशानी पैदा हो सकती है।

    यह समस्या खास तौर पर 10 से 15 साल पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है। उस समय वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग दस्तावेजों का इस्तेमाल होता था और नाम दर्ज करने का तरीका भी आज की डिजिटल प्रक्रिया से अलग था। बाद में आधार कार्ड में पूरा नाम दर्ज होने के कारण पुराने आरसी रिकॉर्ड और मौजूदा पहचान दस्तावेज के बीच अंतर पैदा हो गया। वाहन मालिकों को अक्सर तब तक इस अंतर का पता नहीं चलता जब तक उन्हें गाड़ी ट्रांसफर कराने की जरूरत नहीं पड़ती।

    ऐसे में यदि आपके पास पुराना वाहन है तो उसे बेचने या ट्रांसफर कराने से पहले आरसी में दर्ज नाम और आधार कार्ड के नाम की जांच कर लेना बेहतर होगा। नाम के साथ सरनेम जुड़ा है या नहीं और दोनों दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग एक जैसी है या नहीं यह भी देखना जरूरी है। छोटी सी गलती समय रहते पकड़ में आ जाए तो आगे की प्रक्रिया में होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है। खासकर पुरानी गाड़ियों के मालिकों को अपने दस्तावेजों की जानकारी पहले से दुरुस्त रखनी चाहिए ताकि वाहन बेचते या ट्रांसफर करते समय फाइल नाम मिसमैच के कारण अटक न जाए।