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  • नवंबर में पांच राशियों की चमक सकती है किस्मत, नौकरी में तरक्की और धन लाभ के बन सकते हैं योग

    नवंबर में पांच राशियों की चमक सकती है किस्मत, नौकरी में तरक्की और धन लाभ के बन सकते हैं योग

    नई दिल्ली ।नवंबर 2026 का महीना कुछ राशियों के जातकों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलाव का असर नौकरी, कारोबार, पदोन्नति और धन से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है। कुछ राशियों के लोगों को कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने, नई जिम्मेदारियां संभालने और अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इन संभावनाओं को निश्चित परिणाम नहीं माना जा सकता।

    ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, नवंबर में मेष, सिंह, वृश्चिक, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए करियर के लिहाज से समय महत्वपूर्ण हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में सुधार करने और बेहतर अवसर तलाशने पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, कारोबार से जुड़े लोगों के लिए योजनाओं की समीक्षा करना और भविष्य की रणनीति तैयार करना उपयोगी हो सकता है।

    मेष राशि

    मेष राशि के जातकों के लिए नवंबर में अपनी क्षमता और मेहनत के दम पर आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी करने वाले लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने या उनके काम की सराहना होने की संभावना हो सकती है। नौकरी बदलने की तैयारी कर रहे लोगों को अपने अनुभव और योग्यता के अनुसार अवसर तलाशने चाहिए। कारोबारियों के लिए नई योजनाओं पर काम करने और मौजूदा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान देना महत्वपूर्ण रहेगा।

    सिंह राशि

    सिंह राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में नेतृत्व क्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल और जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करना उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। पदोन्नति की उम्मीद कर रहे लोगों को अपने प्रदर्शन और कार्यकुशलता पर ध्यान देना चाहिए। कारोबार से जुड़े जातक भी अपनी योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर सकते हैं।

    वृश्चिक राशि

    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए नौकरी और करियर से जुड़े नए विकल्प सामने आने की संभावना जताई जा रही है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अपनी योग्यता के अनुरूप अवसरों पर ध्यान देना चाहिए। पहले से नौकरी कर रहे लोगों के लिए नई जिम्मेदारियां संभालने और अपने काम में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर महत्वपूर्ण हो सकता है। किसी भी नए प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी शर्तों और भविष्य की संभावनाओं को समझना जरूरी रहेगा।

    मकर राशि

    मकर राशि के जातकों के लिए मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदारी करियर में आगे बढ़ने के प्रमुख आधार हो सकते हैं। लंबे समय से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास कर रहे लोगों को अपने काम की समीक्षा करने और आगे की योजना बनाने का अवसर मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नए कौशल सीखने और अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। कारोबारियों के लिए कामकाज को व्यवस्थित रखना और आर्थिक फैसले सोच-समझकर लेना महत्वपूर्ण रहेगा।

    कुंभ राशि

    कुंभ राशि के जातकों के लिए नवंबर में करियर के नए विकल्पों पर विचार करने का समय हो सकता है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोग अपनी योग्यता, अनुभव और उपलब्ध अवसरों का आकलन कर सकते हैं। वर्तमान कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना के बीच काम की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी रहेगा। कारोबारियों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार अपनी योजनाओं में बदलाव करने और उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करने पर ध्यान देना चाहिए।

    ग्रहों के गोचर का महत्व

    ज्योतिषीय मान्यताओं में बुध को बुद्धि, संवाद और व्यापार से, शुक्र को सुख-सुविधाओं और आर्थिक मामलों से तथा सूर्य को आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से जोड़ा जाता है। मंगल को ऊर्जा और साहस का प्रतीक माना जाता है, जबकि गुरु को ज्ञान, विस्तार और अवसरों से संबंधित माना जाता है। नवंबर में इन ग्रहों की स्थिति और गोचर के आधार पर विभिन्न राशियों के लिए संभावनाओं का आकलन किया जाता है।

    हालांकि, केवल राशिफल के आधार पर नौकरी, निवेश या कारोबार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेना उचित नहीं है। करियर में प्रगति के लिए योग्यता, मेहनत, सही योजना और परिस्थितियों का आकलन भी जरूरी है। इसी तरह, धन लाभ की संभावना को निश्चित आमदनी नहीं माना जा सकता।

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    नवंबर 2026 राशिफल में पांच राशियों के लिए करियर में तरक्की, नई नौकरी और धन लाभ की संभावनाओं पर ज्योतिषीय आकलन

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    नवंबर में ग्रहों के गोचर से पांच राशियों को मिल सकते हैं नए अवसर, जानें नौकरी, प्रमोशन और आर्थिक मामलों के संकेत

  • कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई वैश्विक बाजारों की चिंता, इंडियन बास्केट 120 डॉलर के करीब पहुंचने से बढ़ा दबाव

    कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई वैश्विक बाजारों की चिंता, इंडियन बास्केट 120 डॉलर के करीब पहुंचने से बढ़ा दबाव


    नई दिल्ली ।
    वश्विक बाजारों में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों के कारण निवेशकों की चिंता बनी रही। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि भारत के लिए महत्वपूर्ण इंडियन क्रूड बास्केट का भाव 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। महंगे तेल का असर भारत के आयात खर्च, महंगाई और तेल विपणन कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर पड़ने की आशंका है।

    ब्रेंट क्रूड का भाव पिछले कारोबारी सत्र में बढ़कर 117.41 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। बाद में यह 116.72 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। सोमवार सुबह इसमें पिछले बंद स्तर के मुकाबले करीब 1.55 प्रतिशत की गिरावट आई और कीमत 114.91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही। इसके बावजूद कच्चे तेल का भाव ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल और मई के दौरान भी तेल की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंची थीं।

    अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद ब्रेंट क्रूड का भाव अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने की स्थिति में रहा है। सऊदी अरब में हूती हमलों के बाद तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने भी कीमतों को समर्थन दिया। सोमवार को भाव में नरमी आने के बावजूद आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं और वैश्विक परिस्थितियों के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है।

    भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ-साथ आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की वास्तविक लागत भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 22 अक्टूबर को इंडियन क्रूड बास्केट का भाव 119.99 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया। अक्टूबर का औसत भाव भी लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल बताया गया है। इस स्तर पर कच्चे तेल की खरीद भारत के आयात बिल को बढ़ा सकती है और रुपये तथा महंगाई पर दबाव डाल सकती है।

    महंगे तेल का असर तेल विपणन कंपनियों की कमाई पर भी पड़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनियों को प्रतिदिन 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है। पेट्रोल पर करीब 8 रुपये और डीजल पर 9 रुपये प्रति लीटर का नुकसान बताया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक एलपीजी सिलिंडर पर लगभग 300 रुपये की अंडर रिकवरी होने की जानकारी सामने आई है।

    त्योहारी मौसम में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी की आशंका कम बताई जा रही है। हालांकि, यदि त्योहारों के बाद भी कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो तेल कंपनियां अपनी बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाने पर विचार कर सकती हैं। फिलहाल, खुदरा कीमतों में बदलाव को लेकर कोई निश्चित फैसला सामने नहीं आया है।

    अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 652.82 अंक यानी करीब 1.23 प्रतिशत गिरकर 52,215.16 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 0.52 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 0.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, सोमवार सुबह अमेरिकी वायदा बाजार में कुछ सुधार दिखाई दिया। डाउ जोन्स फ्यूचर्स 0.24 प्रतिशत बढ़कर 52,341.69 पर कारोबार कर रहा था।

    एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख रहा। जापान के निक्केई 225 में करीब 0.26 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.92 प्रतिशत, चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.36 प्रतिशत और सिंगापुर के स्ट्रेट्स टाइम्स में 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.31 प्रतिशत ऊपर रहा।

    भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत लगभग सपाट रहे। सुबह 7:36 बजे गिफ्ट निफ्टी 22,599.50 पर था, जो पिछले बंद स्तर से 8.50 अंक यानी 0.04 प्रतिशत नीचे था। इस सप्ताह 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक भी निवेशकों के लिए अहम है। ऊंची ऊर्जा कीमतों के बीच ब्याज दरों और महंगाई पर फेड के रुख से वैश्विक बाजारों की आगे की दिशा प्रभावित हो सकती है।

  • लगातार गिरावट के बाद सोने-चांदी में लौटी तेजी, चांदी 0.74% उछली, अब फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी नजरें

    लगातार गिरावट के बाद सोने-चांदी में लौटी तेजी, चांदी 0.74% उछली, अब फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी नजरें

    नई दिल्ली । लगातार कई दिनों तक गिरावट का सामना करने के बाद सोमवार, 26 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दोनों कीमती धातुओं में खरीदारी लौटी। पिछले सप्ताह सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की। हालांकि, बाजार में आई इस तेजी को फिलहाल गिरावट के बाद की रिकवरी के रूप में देखा जा रहा है। आगे कीमतों की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर निर्भर कर सकती है।

    घरेलू वायदा बाजार में सोने के दिसंबर अनुबंध का भाव लगभग 0.50 प्रतिशत यानी 761 रुपये बढ़कर 1,42,733 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने पिछले बंद भाव 1,42,024 रुपये प्रति 10 ग्राम से 864 रुपये की बढ़त हासिल करते हुए 1,42,888 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ। यह तेजी लगभग 0.60 प्रतिशत रही।

    चांदी के दिसंबर वायदा अनुबंध में भी मजबूती दर्ज की गई। इसका भाव करीब 0.49 प्रतिशत यानी 968 रुपये बढ़कर 1,96,687 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान चांदी ने पिछले बंद स्तर 1,95,719 रुपये से 1,467 रुपये की छलांग लगाई और 1,97,186 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इस दौरान चांदी में 0.74 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

    पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद दोनों धातुओं में आई खरीदारी को बाजार की अहम गतिविधि माना जा रहा है। उस दौरान सोने की कीमत लगभग 4 प्रतिशत और चांदी की कीमत 7 प्रतिशत से अधिक टूट गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव का असर दिखाई दिया था। स्पॉट गोल्ड जुलाई के बाद पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया था।

    अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स में सोमवार सुबह सोना लगभग 0.48 प्रतिशत बढ़कर 4,027 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। सत्र के दौरान इसने 4,032.90 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर भी छुआ। चांदी लगभग 0.74 प्रतिशत की तेजी के साथ 54.35 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची और कारोबार के दौरान 54.47 डॉलर प्रति औंस का स्तर दर्ज किया।

    बाजार में सोने के लिए 4,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालिया गिरावट के बाद इस स्तर के आसपास खरीदारी लौटने से कीमतों को सहारा मिला है। हालांकि, ऊंची ऊर्जा कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका बनी हुई है, जिससे निवेशक फिलहाल सावधानी बरत रहे हैं।

    अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली नीतिगत बैठक पर है। विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना सीमित है, लेकिन दिसंबर में दरों में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। ब्याज दरों को लेकर संकेत सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

    इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी पर्सनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर यानी पीसीई महंगाई आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे। यदि महंगाई अनुमान से अधिक रहती है, तो ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने की संभावना बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति कीमती धातुओं पर दबाव डाल सकती है।

    चांदी ने हालिया कारोबार में सोने की तुलना में बेहतर रिकवरी दिखाई है, लेकिन तकनीकी संकेतों के अनुसार इसमें अभी पूरी तरह सुधार नहीं हुआ है। घरेलू बाजार में चांदी के लिए 2 लाख से 2.02 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का क्षेत्र प्रतिरोध माना जा रहा है, जबकि 1.92 लाख से 1.94 लाख रुपये का स्तर समर्थन दे सकता है।

    कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं। ब्रेंट क्रूड हाल के दिनों में 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा था। तेल महंगा रहने से महंगाई बढ़ने और ब्याज दरों में कटौती टलने का जोखिम रहता है। ऐसे में निवेशकों की नजर डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और ऊर्जा बाजार की चाल पर भी बनी हुई है।

  • भोपाल में शरद पूर्णिमा पर आस्था का महासंगम, रावतपुरा सरकार के सानिध्य में होगा कोटि हरिद्रा कुमकुम अर्चन

    भोपाल में शरद पूर्णिमा पर आस्था का महासंगम, रावतपुरा सरकार के सानिध्य में होगा कोटि हरिद्रा कुमकुम अर्चन


    भोपाल । शरद पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मां श्री राजराजेश्वरी को समर्पित भव्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। सद्गुरु देव रावतपुरा सरकार के आयोजन में श्री राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुमकुम अर्चन यानी एक करोड़ अर्चन का विशेष पूजन होगा। इस कार्यक्रम को लेकर लाल परेड ग्राउंड में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि भोपाल सहित मध्यप्रदेश के अलग अलग जिलों से करीब 25 हजार श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने पहुंचेंगे। बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बदलाव की तैयारी की है।

    कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार शाम 6 बजे से होगी। श्रद्धालुओं को शाम 5 बजकर 50 मिनट से पहले आयोजन स्थल पर पहुंचने की सलाह दी गई है। अनुष्ठान में मां राजराजेश्वरी को अर्पित की जाने वाली पूजन और हवन सामग्री देश के विभिन्न राज्यों के साथ पड़ोसी देश नेपाल से भी विशेष रूप से मंगवाई गई है। आयोजन में करीब 238 तरह की पूजन सामग्री का उपयोग किया जाएगा। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने साथ चावल का एक दाना भी लेकर न आएं। अनुष्ठान की विशेष व्यवस्था और धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां की गई हैं।

    शरद पूर्णिमा को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। इस अवसर पर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पूजा अर्चना तथा विभिन्न अनुष्ठान किए जाते हैं। भोपाल में होने वाला यह आयोजन भी इसी धार्मिक आस्था से जुड़ा है। मां राजराजेश्वरी की आराधना और कोटि हरिद्रा कुमकुम अर्चन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। आयोजन स्थल पर लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए यातायात पुलिस ने विशेष योजना तैयार की है।

    श्रद्धालुओं की भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए सोमवार दोपहर 3 बजे से लाल परेड ग्राउंड के आसपास यातायात डायवर्ट किया जाएगा। शहर के सात प्रमुख चौराहों और आसपास के मार्गों पर जरूरत के अनुसार ट्रैफिक व्यवस्था बदली जाएगी। संगम टॉकीज तिराहा भारत टॉकीज चौराहा लिली तिराहा जिन्सी चौराहा एमपी नगर चौराहा रोशनपुरा और मछली घर क्षेत्र में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। इन मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका है।

    एमपी नगर और हबीबगंज की ओर से वीआईपी रोड पॉलिटेक्निक और एयरपोर्ट जाने वाले वाहन लिंक रोड नंबर एक रोशनपुरा बाणगंगा और पॉलिटेक्निक मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। वहीं हमीदिया रोड से रोशनपुरा की ओर जाने वाले यात्री और व्यावसायिक वाहन संगम तिराहा बजरिया 80 फीट रोड अशोका गार्डन प्रभात चौराहा सुभाष ओवरब्रिज डीबी मॉल और बोर्ड ऑफिस होकर जा सकेंगे।

    रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए भी वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए गए हैं। प्लेटफॉर्म नंबर छह और नादरा बस स्टैंड जाने वाले वाहन पॉलिटेक्निक रेतघाट रॉयल मार्केट और हमीदिया रोड का रास्ता अपना सकेंगे। प्लेटफॉर्म नंबर एक जाने के लिए सुभाष ओवरब्रिज प्रभात चौराहा और 80 फीट रोड का उपयोग किया जा सकता है। एयरपोर्ट और वीआईपी रोड की ओर जाने वाले वाहन लिंक रोड नंबर एक और बाणगंगा मार्ग से निकल सकेंगे।

    यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपने मार्ग की जानकारी लें और संभव हो तो वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें। आयोजन के दौरान एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं रहेगा। धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन यातायात व्यवस्था पर नजर रखेगा।

  • भोपाल में कहां चल रहा था कच्ची शराब का धंधा, आधी रात छापे में टंकियों से मिला 1600 लीटर शराब का भंडार

    भोपाल में कहां चल रहा था कच्ची शराब का धंधा, आधी रात छापे में टंकियों से मिला 1600 लीटर शराब का भंडार

    भोपाल । राजधानी भोपाल में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने रविवार रात शहर के अलग अलग इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान होटल ढाबों और रेस्टोरेंट में दबिश देकर अवैध शराब जब्त की गई। विभाग की कार्रवाई में एक ही दिन में 30 से ज्यादा प्रकरण बनाए गए। सबसे चौंकाने वाला मामला ग्राम बगोनिया से सामने आया जहां टंकियों में पानी की जगह हाथ भट्टी से तैयार की गई शराब भरकर रखी गई थी। आबकारी टीम ने मौके से करीब 1600 लीटर हाथ भट्टी शराब और लहान जब्त किया।

    आबकारी विभाग की यह कार्रवाई उपायुक्त आबकारी केसी अग्निहोत्री और सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र कुमार धाकड़ के निर्देश पर की गई। कंट्रोलर वर्षा उइके ने कार्रवाई के लिए अलग अलग टीमें गठित की थीं। ये टीमें रविवार रात शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचीं और संदिग्ध स्थानों पर जांच शुरू की। अभियान का उद्देश्य अवैध शराब की बिक्री और परिवहन पर रोक लगाना था। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर जांच की गई और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किए गए।

    भीम नगर की झुग्गी बस्ती और टीला जमालपुरा क्षेत्र में भी आबकारी विभाग की टीम ने कार्रवाई की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी शेखर लिखार ने भीम नगर क्षेत्र में जांच की जबकि सीमा कशीसिया की टीम ने टीला जमालपुरा में कार्रवाई की। इसी दौरान टीला जमालपुरा निवासी रमेश अडवाणी को ऑटो में देशी शराब ले जाते हुए पकड़ा गया। विभाग ने शराब के परिवहन से जुड़े मामले में कार्रवाई की।

    इस अभियान में ग्राम बगोनिया की कार्रवाई सबसे अहम रही। आबकारी उप निरीक्षक स्वाति बघेल ने टीम के साथ यहां दबिश दी। जांच के दौरान राहुल पिता प्रेम अहिरवार के पास से 1600 लीटर हाथ भट्टी शराब और लहान बरामद किया गया। जानकारी के मुताबिक शराब को टंकियों में भरकर रखा गया था। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद विभाग ने जब्ती की कार्रवाई की। हाथ भट्टी शराब के निर्माण और भंडारण से जुड़े इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई।

    आबकारी विभाग ने भोपाल इंदौर रोड पर संचालित होटलों में भी जांच की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके की टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र के होटल रौनक होटल पटेल दआर्क किंग्स क्लबक बाना और बिग चिल की जांच की। टीम ने यहां शराब से संबंधित नियमों का परीक्षण किया और कार्रवाई की। इसके अलावा एमपी नगर क्षेत्र में होटल दिल्ली दरबार होटल वाइड और होटल एवेन्यू सहित अरेरा कॉलोनी के कुसीन कल्चर में भी जांच की गई।

    शरद मिश्रा और उनकी टीम ने इन स्थानों पर कार्रवाई की। विभाग के मुताबिक होटल और रेस्टोरेंट में की गई जांच के दौरान 26 प्रकरण दर्ज किए गए। अन्य इलाकों में हुई कार्रवाई को मिलाकर एक ही दिन में 30 से ज्यादा केस बनाए गए। इस अभियान के जरिए आबकारी विभाग ने अवैध शराब के भंडारण परिवहन और बिक्री के मामलों पर निगरानी बढ़ाने का संकेत दिया है।

    भोपाल में देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद अब अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मामलों पर विभाग की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। बड़ी मात्रा में हाथ भट्टी शराब और लहान की बरामदगी ने ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब तैयार करने और उसे जमा करके रखने के मामले को सामने ला दिया है। वहीं शहर के होटलों और ढाबों में जांच से शराब संबंधी नियमों के पालन पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है। आबकारी विभाग का यह अभियान अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण की दिशा में की गई कार्रवाई के रूप में सामने आया है।

  • वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 609 अंक टूटा और निफ्टी भी फिसला

    वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 609 अंक टूटा और निफ्टी भी फिसला

    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे घरेलू बाजार के प्रमुख सूचकांक लाल निशान में खुले। बाजार में गिरावट का यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र रहा। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में दबाव देखने को मिला। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 600 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी भी एक प्रतिशत के करीब गिरावट के साथ अपने निचले स्तर तक पहुंच गया।

    बीएसई का सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र में 73,123.83 अंक पर बंद हुआ था। सोमवार को यह 72,990.04 अंक पर खुला, जो पिछले बंद स्तर से 133.79 अंक यानी 0.18 प्रतिशत नीचे था। कारोबार आगे बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ा और सेंसेक्स 609.25 अंक यानी 0.83 प्रतिशत गिरकर 72,514.57 अंक के निचले स्तर तक पहुंच गया।

    इसी तरह एनएसई का निफ्टी 50 पिछले बंद स्तर 22,600 अंक के मुकाबले 22,524.40 अंक पर खुला। इसमें शुरुआती स्तर पर 75.59 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाद में सूचकांक 212.65 अंक यानी 0.94 प्रतिशत फिसलकर 22,387.35 अंक के निचले स्तर पर पहुंच गया।

    बाजार में कमजोरी केवल प्रमुख सूचकांकों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.81 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक में 0.91 प्रतिशत की कमी आई। इससे व्यापक बाजार में भी निवेशकों के सतर्क रुख का संकेत मिला।

    सेक्टर के स्तर पर निफ्टी पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज और आईटी सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक तक की गिरावट देखी गई। इसके विपरीत निजी बैंकिंग शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 0.49 प्रतिशत चढ़ा। फार्मा और हेल्थकेयर से जुड़े शेयरों में भी अन्य प्रमुख क्षेत्रों की तुलना में कम दबाव रहा।

    निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली नीतिगत बैठक पर है। बाजार में व्यापक उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, बैठक के बाद भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर मिलने वाले संकेत अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, डॉलर और उभरते बाजारों में विदेशी निवेश के प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा सितंबर तिमाही के कंपनियों के नतीजे भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।

    कच्चे तेल की कीमतें भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड दो प्रतिशत से अधिक गिरकर करीब 114 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड दो प्रतिशत से अधिक टूटकर 100.70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालिया नरमी के बावजूद तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई और कंपनियों की लागत को लेकर चिंताएं कायम हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सप्ताह मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेज गिरावट की एक वजह मार्जिन फंडिंग पर आधारित सौदों का बंद होना भी रही। हालांकि, गिरावट के बाद कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में निवेश के अवसर बन सकते हैं, लेकिन निवेशकों को आर्थिक जोखिमों पर नजर रखनी होगी।

    विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के आंकड़े बाजार के लिए एक अलग संकेत भी देते हैं। 23 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 887 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की थी। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार चौथे कारोबारी सत्र खरीदारी जारी रखते हुए 3,236 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी थी।

    एशियाई बाजारों में भी निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। वैश्विक केंद्रीय बैंकों की बैठकें, कंपनियों के तिमाही नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी निवेश धारणा आने वाले दिनों में बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं।

  • पटना में खरगे के बयान से MP की राजनीति गरमाई, शिवराज से मोहन यादव तक ने उठाए सवाल

    पटना में खरगे के बयान से MP की राजनीति गरमाई, शिवराज से मोहन यादव तक ने उठाए सवाल


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर पटना में की गई टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव करेंगे। भाजपा कार्यकर्ता रेडक्रॉस हॉस्पिटल के सामने स्थित शिवाजी नगर चौराहे पर एकत्रित होंगे और वहां से पैदल मार्च करते हुए कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे। इस प्रदर्शन के जरिए भाजपा कांग्रेस नेतृत्व से बयान पर जवाब मांगने की तैयारी में है।
    विवाद की शुरुआत रविवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई। बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर बापू सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उनकी नीतियों पर टिप्पणी कर रहे थे। तभी सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि मोदी नहीं जाने वाले हैं। इसके जवाब में खरगे ने कहा कि मोदी का बाप भी जाएगा। इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में हंगामा हो गया और मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया।

    मध्यप्रदेश में भाजपा नेताओं ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सवाल उठाया कि क्या खरगे ने सोनिया गांधी या राहुल गांधी के इशारे पर यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं है तो क्या कांग्रेस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफा मांगेगी। शिवराज ने टिप्पणी को भारतीय संस्कृति और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब देने की मांग की।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी खरगे के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना राजनीति की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। खंडेलवाल ने सवाल किया कि खरगे इस तरह के बयान खुद देते हैं या इसके पीछे गांधी परिवार का कोई निर्देश होता है। उनके मुताबिक वरिष्ठ नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर अपनी भाषा और व्यवहार का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए राजनीति में मर्यादा बनाए रखने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच विचारों का मतभेद स्वाभाविक है लेकिन विरोध करते समय भाषा और व्यवहार में गरिमा बनी रहनी चाहिए। लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना भी जरूरी है।

    भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और मंत्री विश्वास सारंग ने भी खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। रामेश्वर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं विश्वास सारंग ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के दौरान ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल उचित नहीं है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मामले में स्पष्टीकरण देने की मांग की है।

    पटना के कार्यक्रम में टिप्पणी के बाद हंगामे की खबर भी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक जिस व्यक्ति ने बीच में अपनी बात कही थी उसके साथ वहां मौजूद कुछ लोगों ने मारपीट की। बाद में उस व्यक्ति ने दावा किया कि उसकी पूरी बात नहीं सुनी गई थी और वह कह रहा था कि विद्रोह के बिना मोदी नहीं जाएंगे। इस घटनाक्रम ने विवाद को और बढ़ा दिया है।

    अब भोपाल में होने वाला भाजपा का प्रदर्शन इस राजनीतिक विवाद का अगला अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। कांग्रेस कार्यालय के घेराव के दौरान भाजपा नेता खरगे के बयान को लेकर विरोध दर्ज कराएंगे। दूसरी ओर इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है। फिलहाल विवाद का केंद्र बयान की भाषा और राजनीतिक नेताओं से सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा बना हुआ है।

  • सऊदी में उड़ानें रद्द होने से भारतीय यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, होटल और खाने पर रोज हजारों खर्च, सुरक्षित वापसी की मांग

    सऊदी में उड़ानें रद्द होने से भारतीय यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, होटल और खाने पर रोज हजारों खर्च, सुरक्षित वापसी की मांग


    भोपाल । मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और उड़ानों के रद्द होने से उमराह करने सऊदी अरब गए हजारों भारतीय यात्रियों की वापसी मुश्किल हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 4 हजार भारतीयों की यात्रा प्रभावित हुई है। इनमें मध्य प्रदेश के 300 से ज्यादा और भोपाल तथा इंदौर के 120 से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका जताई गई है। वापसी की उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को अतिरिक्त समय तक सऊदी अरब में रुकना पड़ रहा है। इससे होटल भोजन और स्थानीय परिवहन पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने केंद्र सरकार से यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है।

    उड़ानें रद्द होने से बढ़ी परेशानी

    अब्बास हफीज के मुताबिक सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के लिए कई उड़ानें रद्द की हैं। घोषित कार्यक्रम के अनुसार रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर 2026 तक निलंबित रहेंगी जबकि जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी। ऐसे में जिन यात्रियों ने पहले से वापसी के टिकट बुक कराए थे उनकी यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

    हफीज ने बताया कि उनकी अपनी उड़ान भी रद्द हो गई थी। इसके बाद उन्हें तीन से चार दिन तक परेशानी का सामना करना पड़ा और आखिरकार दूसरी एयरलाइन से किसी अन्य देश के रास्ते भारत लौटने का विकल्प अपनाना पड़ा। उनका कहना है कि बाकी यात्रियों की वापसी के लिए भी वैकल्पिक उड़ानों और विशेष विमानों की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए।

    रोजाना हजारों रुपये का बढ़ रहा खर्च

    उड़ानें रद्द होने का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है जिनका बजट सीमित है। होटल में रुकने भोजन और स्थानीय परिवहन पर रोजाना प्रति व्यक्ति करीब 4 से 5 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च होने का दावा किया गया है। कई परिवारों के लिए यह आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर वैकल्पिक उड़ानों के टिकट सामान्य किराए से कई गुना महंगे मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

    भोपाल के खानू गांव निवासी अनस खान अपने परिवार के 11 सदस्यों के साथ उमराह करने मदीना गए हैं। उनका 29 अक्टूबर का इंडिगो का वापसी टिकट था लेकिन उड़ान रद्द होने के बाद उन्हें दूसरी फ्लाइट नहीं मिल सकी। अनस के मुताबिक ट्रैवल एजेंसी अब दूसरे देश के रास्ते भारत लौटने का विकल्प तलाश रही है। इस व्यवस्था के लिए परिवार को पुराने टिकट के अतिरिक्त करीब 20 से 22 हजार रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।

    सरकार से विशेष उड़ानों की मांग

    अब्बास हफीज ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से प्रभावित यात्रियों की वापसी के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल हेल्पलाइन नंबर जारी करने और वीजा अवधि बढ़ाने में मदद देने से यात्रियों की समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी। सरकार को एयरलाइंस के साथ समन्वय करके उपलब्ध वैकल्पिक उड़ानों की जानकारी और जरूरत पड़ने पर विशेष विमान की व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।

    टूर ऑपरेटरों ने भी यात्रियों को हो रही परेशानी पर चिंता जताई है। बर्रा ट्रैवल्स के मैनेजर हमजा नदवी के मुताबिक उड़ानें रद्द होने से होटल और खाने की व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि कई यात्रियों को महंगे टिकट खरीदने के लिए कर्ज लेना पड़ा या अपनी गाड़ी और सामान तक बेचना पड़ा। टूर ऑपरेटरों का कहना है कि लंबे समय तक यात्रियों के रुकने से कारोबारियों को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

    रिफंड मिलने पर भी वापसी की गारंटी नहीं

    एयर इंडिया ने निर्धारित शर्तों के तहत 24 अक्टूबर या उससे पहले की कन्फर्म बुकिंग वाले पात्र यात्रियों को मुफ्त रीबुकिंग और टिकट रद्द कराने पर पूरा रिफंड देने की घोषणा की है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी पात्र यात्रियों के लिए एक बार मुफ्त रीबुकिंग का विकल्प दिया है। हालांकि रिफंड या रीबुकिंग की सुविधा मिलने का मतलब यह नहीं है कि यात्रियों को तुरंत दूसरी उड़ान में सीट मिल जाएगी। उड़ानों की उपलब्धता और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां उनकी वापसी को प्रभावित कर सकती हैं।

    मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण उमराह यात्रियों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी और जल्द वापसी की व्यवस्था अहम मुद्दे बन गए हैं। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियां और सरकार मिलकर ऐसा रास्ता निकालेंगी जिससे वे सुरक्षित भारत लौट सकें और उन पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।

  • इंदौर में रणजी मुकाबले का रोमांच शुरू, बिहार के 2 विकेट जल्दी गिरे, रजत पाटीदार की पिछली पारी पर भी नजर

    इंदौर में रणजी मुकाबले का रोमांच शुरू, बिहार के 2 विकेट जल्दी गिरे, रजत पाटीदार की पिछली पारी पर भी नजर


    इंदौर । इंदौर के होलकर स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप ए मुकाबले में मध्य प्रदेश और बिहार की टीमें आमने-सामने हैं। मुकाबले की शुरुआत बिहार के लिए मुश्किल रही। पहले बल्लेबाजी करने उतरी बिहार की टीम ने पहले ही ओवर में महज एक रन के स्कोर पर अपने दो विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों के बाद टीम ने पारी को संभालने की कोशिश की और शुरुआती 10 ओवर में स्कोर 36 रन तक पहुंचाया। घरेलू मैदान पर खेल रही मध्य प्रदेश की टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज कर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी।

    शुरुआती ओवर में बिहार को दो बड़े झटके

    मैच की शुरुआत में मध्य प्रदेश के गेंदबाजों ने बिहार के बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया। पहले ही ओवर में एक रन के स्कोर पर दो विकेट गिरने से बिहार की टीम बैकफुट पर आ गई। शुरुआती विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजों के सामने पारी को संभालने और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की चुनौती रही। शुरुआती 10 ओवर के बाद बिहार का स्कोर 36 रन था। मुकाबले में आगे टीम कितनी मजबूती से वापसी करती है यह उसकी बल्लेबाजी और मध्य प्रदेश की गेंदबाजी पर निर्भर करेगा।

    मध्य प्रदेश को पहली जीत की तलाश

    मध्य प्रदेश की टीम इस रणजी सत्र में अब तक अपने शुरुआती दोनों मुकाबले ड्रॉ खेल चुकी है। जम्मू-कश्मीर के खिलाफ पहला मैच बराबरी पर समाप्त हुआ था। वहीं पुडुचेरी के खिलाफ मुकाबले में पहली पारी में बढ़त के आधार पर मध्य प्रदेश को अंक मिले थे। टीम अब अपने घरेलू मैदान पर जीत हासिल करने के इरादे से उतरी है। बिहार के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन मध्य प्रदेश के लिए अंक तालिका में अपनी स्थिति बेहतर करने का अवसर हो सकता है।

    पिछले मैच में रजत पाटीदार का शतक

    मध्य प्रदेश के पिछले मुकाबले में बल्लेबाज रजत पाटीदार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 122 रन की शतकीय पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। चंचल राठौर ने भी 78 रन बनाकर योगदान दिया था। दोनों बल्लेबाजों की पारियों की मदद से मध्य प्रदेश ने पहली पारी में 345 रन बनाए थे। इससे पहले टीम के गेंदबाजों ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए पुडुचेरी की पहली पारी 177 रन पर समेट दी थी। अब बिहार के खिलाफ भी मध्य प्रदेश को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

    बिहार के सामने पहली जीत दर्ज करने की चुनौती

    बिहार की टीम अपने शुरुआती दोनों मुकाबले हार चुकी है और अंक तालिका में आठवें स्थान पर बताई गई है। ऐसे में इंदौर का यह मुकाबला उसके लिए वापसी का अवसर है। शुरुआती झटकों के बाद टीम को संभलकर बल्लेबाजी करनी होगी ताकि वह मध्य प्रदेश के सामने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर सके। दूसरी ओर मध्य प्रदेश की नजर बिहार को कम स्कोर पर रोककर मैच में बढ़त बनाने पर होगी।

    होलकर स्टेडियम में जारी यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश जहां जीत के जरिए अपने अभियान को मजबूती देना चाहेगा वहीं बिहार की कोशिश हार के सिलसिले को तोड़कर पहली जीत दर्ज करने की होगी। शुरुआती ओवरों में मिले विकेटों ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अब आगे का खेल तय करेगा कि बिहार वापसी कर पाता है या मध्य प्रदेश घरेलू मैदान पर जीत की ओर कदम बढ़ाता है।

  • Gen-Z के सवालों का जवाब देंगे कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय, संस्कार जीवन और करियर पर होगी खुली चर्चा

    Gen-Z के सवालों का जवाब देंगे कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय, संस्कार जीवन और करियर पर होगी खुली चर्चा


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में युवाओं के लिए Gen-Z चर्चा का आयोजन किया जा रहा है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तक्षशिला परिसर स्थित ऑडिटोरियम में प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि युवा केवल उनके विचार सुनने तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि अपने मन में उठ रहे सवाल भी सीधे उनके सामने रख सकेंगे। करियर रिश्ते संस्कार जीवन के उद्देश्य और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर चर्चा के जरिए युवाओं को अपने सवालों पर विचार करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों ने कार्यक्रम में युवाओं के लिए प्रवेश निशुल्क रखा है।

    करियर से रिश्तों तक हर सवाल पर होगी बात

    आज की युवा पीढ़ी के सामने करियर चुनने से लेकर भविष्य की योजना बनाने तक कई तरह की चुनौतियां हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद किस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए रिश्तों में विश्वास और समझदारी कैसे बनाए रखनी चाहिए और जीवन में अपनी प्राथमिकताएं कैसे तय करनी चाहिए जैसे सवाल युवाओं के मन में रहते हैं। इसके साथ ही परिवार की अपेक्षाओं और अपनी पसंद के बीच संतुलन बनाना भी कई युवाओं के लिए चुनौती बन जाता है। Gen-Z चर्चा में इन विषयों पर खुलकर बातचीत होने की उम्मीद है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को अपने सवाल सामने रखने और अलग-अलग नजरियों से जीवन को समझने का अवसर देना है।

    सिर्फ प्रवचन नहीं सवाल-जवाब होगा खास आकर्षण

    इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्रश्नोत्तर सत्र रहेगा। आमतौर पर धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में श्रोता वक्ता के विचार सुनते हैं लेकिन यहां युवाओं को अपनी जिज्ञासाएं सीधे रखने का मौका मिलेगा। वे जीवन में आने वाली उलझनों रिश्तों में पैदा होने वाली परेशानियों और भविष्य को लेकर अपनी चिंताओं पर सवाल पूछ सकेंगे। कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय अपने विचारों और आध्यात्मिक दृष्टिकोण के जरिए इन सवालों पर बात करेंगे। इस तरह कार्यक्रम युवाओं और आध्यात्मिक विचारों के बीच संवाद का मंच बनेगा।

    डिजिटल दौर में संस्कार और जीवन मूल्यों पर चर्चा

    Gen-Z यानी नई युवा पीढ़ी की सोच जीवनशैली और प्राथमिकताएं इन दिनों व्यापक चर्चा का विषय हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट ने युवाओं को जानकारी के नए अवसर दिए हैं लेकिन इसके साथ तुलना तनाव भविष्य की चिंता और रिश्तों में बदलते व्यवहार जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं। ऐसे समय में जीवन मूल्यों संस्कारों और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों पर बातचीत महत्वपूर्ण हो जाती है। इस कार्यक्रम में युवाओं को अपने अनुभव साझा करने और जीवन के विभिन्न पहलुओं को आध्यात्मिक नजरिए से समझने का अवसर मिलेगा। इसका मकसद नई पीढ़ी के सवालों को समझना और उनके साथ सार्थक संवाद करना है।

    सुबह से शुरू होगा कार्यक्रम

    आयोजकों की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9:30 बजे प्रतिभागियों का चेक इन होगा। सुबह 10:15 बजे बैठने और स्वागत की व्यवस्था की जाएगी। सुबह 10:30 बजे इंद्रेश उपाध्याय के आगमन और दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद सुबह 11 बजे Gen-Z चर्चा की शुरुआत होगी। दोपहर 12 बजे प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया जाएगा और 12:15 बजे समापन संबोधन होगा। दोपहर 12:30 बजे कार्यक्रम समाप्त होगा।

    इंदौर में आयोजित यह चर्चा युवाओं को अपने सवाल खुलकर रखने का अवसर देगी। करियर रिश्तों संस्कारों और जीवन के उद्देश्य जैसे विषयों पर होने वाला संवाद नई पीढ़ी की सोच और उसकी प्राथमिकताओं को समझने का माध्यम बन सकता है। युवाओं के लिए यह कार्यक्रम अपनी जिज्ञासाओं को सामने रखने और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करने का अवसर होगा।