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  • एआई कंपनी का बड़ा आईपीओ फ्रैक्टल एनालिटिक्स रिटेल और एनआईआई निवेशकों के लिए समीक्षा

    एआई कंपनी का बड़ा आईपीओ फ्रैक्टल एनालिटिक्स रिटेल और एनआईआई निवेशकों के लिए समीक्षा


    नई दिल्ली।एआई सेक्टर का नया बड़ा आईपीओ फ्रैक्टल एनालिटिक्स अब खुल चुका है और निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। फ्रैक्टल एनालिटिक्स का आईपीओ सोमवार 9 फरवरी 2026 को खुला और ये बुधवार 11 फरवरी तक जारी रहेगा। यह कंपनी भारत की बड़ी एआई और डेटा एनालिटिक्स फर्म है जो कंपनियों को डेटा से स्मार्ट और बेहतर फैसले लेने में मदद करती है। पहले दिन आईपीओ को कुल 9 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला जिसमें रिटेल निवेशकों ने 35 फीसदी हिस्सा भरा जबकि एनआईआई कैटेगरी में केवल 7 फीसदी हुआ और क्यूआईबी ने अभी तक कोई बोली नहीं लगाई थी। दूसरे दिन की शुरुआत में सब्सक्रिप्शन थोड़ा बढ़कर 11 फीसदी तक पहुंचा लेकिन कुल मिलाकर रिस्पॉन्स कमजोर ही रहा और बाजार में ज्यादा उत्साह नहीं दिखा।

    आईपीओ का प्राइस बैंड 857 से 900 रुपये प्रति शेयर है और लॉट साइज 16 शेयर का है जिसका मतलब है कि ऊपरी प्राइस पर कम से कम 14400 रुपये निवेश करने होंगे। कंपनी कुल 2833.90 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है जिसमें फ्रेश इश्यू से 1023.50 करोड़ और ऑफर फॉर सेल से 1810.40 करोड़ रुपये शामिल हैं। शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर 16 फरवरी को लिस्ट होंगे और अलॉटमेंट की घोषणा 12 फरवरी को होने की उम्मीद है।

    ग्रे मार्केट प्रीमियम की बात करें तो आज जीएमपी केवल 8 रुपये है जिसका मतलब है कि ऊपरी प्राइस 900 रुपये पर शेयर लगभग 908 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे हैं जो सिर्फ 0.89 फीसदी प्रीमियम दर्शाता है। पहले दिन से ही जीएमपी कमजोर है और लिस्टिंग पर ज्यादा गेन दिखने की संभावना कम है।

    फ्रैक्टल एनालिटिक्स भारत की लीडिंग प्योर-प्ले एंटरप्राइज डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी है जो बड़ी कंपनियों को डेटा से स्मार्ट फैसले लेने में मदद करती है। कंपनी के पास मजबूत टेक्निकल स्किल्स और डोमेन एक्सपर्टीज हैं। फाइनेंशियल आंकड़े देखें तो FY23 से FY25 तक रेवेन्यू में 18 फीसदी का CAGR रहा। FY23 में कंपनी को 116 करोड़ का नुकसान हुआ था लेकिन FY24 में 73 करोड़ प्रॉफिट और FY25 में 350 करोड़ प्रॉफिट दर्ज किया गया जिसमें मार्जिन 12.7 फीसदी रहा। 6MFY26 में 200 करोड़ प्रॉफिट और 12.8 फीसदी मार्जिन देखा गया। ऑपरेटिंग कैश फ्लो में सुधार हो रहा है और प्रॉफिटेबिलिटी बेहतर हो रही है।

    ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार बीपी इक्विटीज ने आईपीओ को सब्सक्राइब रेटिंग दी है। ऊपरी प्राइस 900 रुपये पर FY26 एनुअलाइज्ड अर्निंग्स पर P/E 110 गुना है लेकिन एआई मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और कंपनी की पोजिशनिंग मजबूत है इसलिए मीडियम से लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह अच्छा विकल्प हो सकता है। जीईपीएल कैपिटल ने FY25 अर्निंग्स पर P/E 79 गुना बताया और कंपनी को भारत की लीडिंग प्योर-प्ले एआई फर्म मानते हुए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है क्योंकि क्लाइंट बेस मजबूत है फाइनेंशियल परफॉर्मेंस सुधर रही है और टेक्निकल कैपेबिलिटीज भी मजबूती से मौजूद हैं।

    कुल मिलाकर फ्रैक्टल एनालिटिक्स का आईपीओ एआई सेक्टर में लॉन्ग टर्म निवेश का अवसर प्रस्तुत करता है लेकिन पहले दिन कमजोर सब्सक्रिप्शन और म्यूटेड जीएमपी से शॉर्ट टर्म गेन कम नजर आता है। यदि आप लॉन्ग टर्म में एआई कंपनी में निवेश करने का सोच रहे हैं तो इस आईपीओ को सब्सक्राइब किया जा सकता है लेकिन पूरी रिसर्च के बाद ही निर्णय लें और अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल साइट या अपने ब्रोकर से संपर्क करें।

  • देवेंद्र फडणवीस का आधी रात दिल्ली दौरा, महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज, बड़े बदलाव के आसार

    देवेंद्र फडणवीस का आधी रात दिल्ली दौरा, महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज, बड़े बदलाव के आसार


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के देर रात अचानक दिल्ली दौरे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सोमवार, 9 फरवरी की रात बीजेपी के शीर्ष नेताओं से बंद कमरे में मुलाकात करने के बाद फडणवीस तड़के मुंबई लौट आए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस दौरे से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP के विलय और सहयोगी दलों के साथ नई बातचीत की अटकलें तेज हो गई हैं।

    सुनेत्रा पवार का भी दिल्ली दौरा

    फडणवीस के बाद महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार मंगलवार, 10 फरवरी को शाम 6:45 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगी। उनके साथ NCP प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल भी मौजूद रहेंगे। वे बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगी। उनकी यह यात्रा शिष्टाचार भेंट के रूप में बताई जा रही है, लेकिन राजनीतिक संकेत भी इसे जोड़कर देखे जा रहे हैं।

    जिला परिषद और पंचायत चुनावों में बीजेपी का दबदबा
    महाराष्ट्र की हालिया जिला परिषद 12 और पंचायत समिति 125 चुनावों में बीजेपी ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। जिला परिषद की 731 सीटों में से बीजेपी ने 233 और पंचायत समितियों की 1462 सीटों में सबसे ज्यादा कब्जा जमाया। अजित पवार गुट की NCP को जिला परिषद में 167 और शिंदे गुट की शिवसेना को 162 सीटें मिलीं। महायुति गठबंधन ने कुल 562 सीटें जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की। दूसरी ओर, कांग्रेस 56, शरद पवार गुट 26 और उद्धव ठाकरे गुट 43 सीटें ही जीत सका। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि फडणवीस का दिल्ली दौरा और सुनेत्रा पवार की यात्रा आगामी महीनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलावों की शुरुआत हो सकती है।

  • शेयर बाजार गिरा लेकिन निवेशकों का भरोसा बना, जनवरी में खुले 36.2 लाख नए डीमैट खाते

    शेयर बाजार गिरा लेकिन निवेशकों का भरोसा बना, जनवरी में खुले 36.2 लाख नए डीमैट खाते


    नई दिल्ली। जनवरी महीने में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेशकों का उत्साह कम नहीं हुआ बल्कि बढ़ गया। एनएसडीएल और सीडीएसएल के आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में कुल 36.2 लाख नए डीमैट खाते खोले गए। यह पिछले 16 महीनों का सबसे ऊंचा आंकड़ा है और सितंबर 2024 के बाद का सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह लगातार दूसरा महीना है जब नए डीमैट खातों की संख्या 30 लाख से अधिक रही, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे और बाजार में उनकी दिलचस्पी को दर्शाता है।

    दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान प्रमुख शेयर सूचकांक कमजोर रहे। सेंसेक्स में लगभग 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई जबकि निफ्टी करीब 3.1 प्रतिशत नीचे आया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते 2025 की शुरुआत बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हालांकि इस अस्थिरता ने खुदरा निवेशकों को रोक नहीं पाया।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि बाजार की हालिया गिरावट ने कई कंपनियों के शेयरों को सस्ते स्तर पर ला दिया। लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशक इसे अवसर मानते हैं। इस गिरावट का फायदा उठाकर कई खुदरा निवेशकों ने जनवरी में सस्ते शेयरों में निवेश किया। WealthMills Securities के इक्विटी स्ट्रैटेजी निदेशक क्रांति बाथिनी का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप और आसान खाता खोलने की प्रक्रिया ने नए निवेशकों को बाजार से जोड़ने में मदद की है।

    यदि पिछले महीनों के आंकड़ों को देखें तो तस्वीर और स्पष्ट हो जाती है। सितंबर 2024 में नए डीमैट खाते 4.55 मिलियन थे, इसके बाद अक्टूबर से दिसंबर 2024 के बीच यह क्रमशः 3.45 मिलियन, 3.15 मिलियन और 3.26 मिलियन पर आया। जनवरी 2025 में गिरावट तेज हुई और नए खाते घटकर 2.83 मिलियन हुए। फरवरी और मार्च में क्रमशः 2.26 मिलियन और 1.84 मिलियन नए खाते खुले। यह संकेत देता है कि उस समय निवेशकों का भरोसा कमजोर था।

    हालांकि अप्रैल 2025 से धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला। अप्रैल में 2.22 मिलियन, मई में 2.17 मिलियन, जून में 2.53 मिलियन और जुलाई में 2.98 मिलियन नए खाते खुले। अगस्त और सितंबर में यह आंकड़ा थोड़ा नरम रहा। अक्टूबर से दिसंबर तक फिर तेजी देखने को मिली और जनवरी 2026 में यह उछाल 3.62 मिलियन तक पहुंच गया।

    इस उछाल ने साबित कर दिया कि भारतीय खुदरा निवेशक अब पहले से ज्यादा जागरूक और साहसी हो चुके हैं। वे बाजार में गिरावट को डर के बजाय अवसर मान रहे हैं। डिजिटलाइजेशन, आसान खाता खोलने की प्रक्रिया और ऑनलाइन निवेश के विकल्प ने निवेशकों की भागीदारी बढ़ाई है। बाजार की अस्थिरता के बावजूद निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है, और यह संकेत देता है कि शेयर बाजार में लंबी अवधि के निवेशक लगातार बढ़ रहे हैं।

  • राजपाल यादव के समर्थन में आए सोनू सूद, बढ़ाया मदद का हाथ, 9 करोड़ के कर्ज से दिलाएंगे मुक्ति

    राजपाल यादव के समर्थन में आए सोनू सूद, बढ़ाया मदद का हाथ, 9 करोड़ के कर्ज से दिलाएंगे मुक्ति


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के चर्चित कॉमिक एक्टर राजपाल यादव इन दिनों गंभीर कानूनी और आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। चेक बाउंस और करीब 9 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 फरवरी को उनकी आखिरी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद अदालत के आदेश पर उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया।इस मुश्किल घड़ी में अभिनेता सोनू सूद सामने आए और राजपाल यादव के समर्थन में खुलकर अपनी मदद का प्रस्ताव रखा। सोनू ने स्पष्ट किया कि यह मदद किसी चैरिटी के लिए नहीं, बल्कि एक कलाकार के लिए प्रोफेशनल सहयोग और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने इंडस्ट्री से भी अपील की कि वे आगे आएं और राजपाल को इस कठिन दौर से बाहर निकलने में मदद करें।

    सोनू सूद की अपील

    मंगलवार को राजपाल यादव का भावुक बयान सामने आने के बाद, सोनू सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने न सिर्फ राजपाल यादव को अपनी आने वाली फिल्म में काम देने की बात कही, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से भी अपील की कि वे इस कठिन समय में कलाकार के साथ खड़े हों।सोनू ने लिखा कि राजपाल यादव बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता हैं, जिन्होंने सालों तक इंडस्ट्री को यादगार किरदार दिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका सहयोग भविष्य के काम के साथ एडजस्ट होने वाला एक छोटा साइनिंग अमाउंट है, जो कलाकार के सम्मान का प्रतीक है। सोनू ने आगे कहा, जब कोई अपना मुश्किल हालात से गुजर रहा हो, तो इंडस्ट्री उसका सपोर्ट करे, ताकि वह महसूस करे कि वह अकेला नहीं है। यही एकता दिखाती है कि फिल्म जगत सिर्फ काम करने की जगह नहीं, बल्कि एक परिवार भी है।

    राजपाल यादव की आर्थिक तंगी
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से कुछ समय पहले, राजपाल यादव ने अधिकारियों के सामने खुलकर अपनी आर्थिक बदहाली का दर्द साझा किया। उन्होंने कहा, सर, मेरे पास पैसे नहीं हैं कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा।  राजपाल की कानूनी उलझनें लगभग एक दशक पुरानी हैं। साल 2010 में उन्होंने अपनी पहली निर्देशित फिल्म अता पता लापता के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद कर्ज की अदायगी नहीं हो पाई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

    कोर्ट का रुख और जेल की सजा

    शिकायतकर्ता को दिए गए सातों चेक बाउंस होने के कारण अदालत ने राजपाल यादव को छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई। हाई कोर्ट तक लंबी सुनवाई और रिवीजन याचिकाओं के बावजूद बकाया रकम बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। 4 फरवरी 2026 को उनकी अंतिम याचिका खारिज हो गई। अदालत ने कहा कि एक्टर पहले भी लगभग 20 बार भुगतान में असफल रहे हैं। 5 फरवरी 2026 को राजपाल यादव ने छह महीने की जेल की सजा काटने के लिए तिहाड़ में सरेंडर किया।

    सोनू सूद ने की मदद की अपील
    सोनू ने यह स्पष्ट किया कि उनका सहयोग चैरिटी नहीं, बल्कि पेशेवर सम्मान और इंडस्ट्री में एकता का प्रतीक है। उन्होंने इंडस्ट्री से अपील की कि वे फिल्म प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और सह-कलाकार मिलकर राजपाल यादव का सहयोग करें, ताकि वह इस कठिन दौर से बाहर निकल सकें।

  • रणझी की छोटी विक्टोरिया बनी बड़ी उम्मीद 45 करोड़ का 100 बेड अस्पताल दो लाख लोगों को देगा राहत

    रणझी की छोटी विक्टोरिया बनी बड़ी उम्मीद 45 करोड़ का 100 बेड अस्पताल दो लाख लोगों को देगा राहत


    जबलपुर के उपनगरीय क्षेत्र रणझी में स्थित सिविल अस्पताल जिसे लोग वर्षों से छोटी विक्टोरिया के नाम से जानते हैं अब इतिहास रचने जा रहा है यह वही अस्पताल है जो अब तक केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गया था लेकिन अब इसकी पहचान पूरी तरह बदलने वाली है करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार चार मंजिला हाईटेक 100 बिस्तरों वाला नया अस्पताल भवन क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है

    इस अस्पताल के शुरू होने के बाद रणझी और आसपास के इलाकों के लगभग दो लाख लोगों को इलाज के लिए शहर की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी अब तक हार्ट अटैक ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज जैसे गंभीर मामलों में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज या निजी अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता था इस प्रक्रिया में 20 से 25 मिनट का कीमती समय निकल जाता था जो कई बार मरीज की जान के लिए खतरा बन जाता था

    नए भवन के संचालन में आने के बाद हालात पूरी तरह बदलने की उम्मीद है अस्पताल में आधुनिक जांच मशीनें स्थापित की गई हैं 100 बिस्तरों की सुविधा शुरू होने के साथ ही डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाएगी साथ ही नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की भी पर्याप्त तैनाती होगी इससे सामान्य बीमारियों के साथ साथ गंभीर रोगों का इलाज भी यहीं संभव हो सकेगा

    रणझी सिविल अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 300 से 350 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण अब तक उन्हें सीमित सुविधाएं ही मिल पाती थीं नए अस्पताल भवन के शुरू होने से मरीजों को बेहतर जांच सही समय पर उपचार और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिलेगी

    रणझी के छह वार्डों के अलावा मटामर सोनपुर मानेगांव मोहनिया खमरिया पिपरिया और उमरिया जैसे क्षेत्रों की बड़ी आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है इन इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह अस्पताल किसी वरदान से कम नहीं है मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा के अनुसार नए भवन के चालू होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा काफी बढ़ जाएगा अस्पताल में जरूरी जांच सुविधाएं विशेषज्ञ चिकित्सक और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा जिससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा

    इस चार मंजिला अस्पताल भवन की संरचना भी पूरी तरह आधुनिक है पहली मंजिल पर प्रशासनिक ब्लॉक बनाया गया है दूसरी मंजिल पर पुरुष और महिला वार्ड की सुविधा है तीसरी मंजिल पर अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं भवन में सीढ़ी रैंप और तीन लिफ्ट की सुविधा दी गई है साथ ही बाहर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है

    अस्पताल में दो आधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं जहां माइनर ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होगी इसके अलावा एक पैथोलॉजी लैब भी बनाई गई है जिसमें जरूरी जांच की सुविधाएं होंगी नई ओपीडी वार्ड इमरजेंसी वार्ड और अन्य संसाधन भी मरीजों को उपलब्ध कराए जाएंगे कुल मिलाकर छोटी विक्टोरिया के नाम से पहचाने जाने वाले इस अस्पताल का यह नया रूप रणझी और आसपास के इलाकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई शुरुआत साबित होगा जहां समय पर इलाज मिलने से न सिर्फ लोगों की जान बचेगी बल्कि शहर पर स्वास्थ्य सेवाओं का दबाव भी कम होगा

  • जलपक्षियों की राजधानी बना जबलपुर एशियाई वॉटरबर्ड गणना में प्रदेश में नंबर वन

    जलपक्षियों की राजधानी बना जबलपुर एशियाई वॉटरबर्ड गणना में प्रदेश में नंबर वन


    जबलपुर /मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर ने एक बार फिर अपनी प्राकृतिक समृद्धि का लोहा मनवाया है। एशियाई वॉटरबर्ड सेंसरस में जबलपुर पूरे प्रदेश में सबसे आगे निकल गया है। जलपक्षियों के लिए जबलपुर अब सबसे सुरक्षित और पसंदीदा ठिकाने के रूप में उभर कर सामने आया है। हाल ही में संपन्न हुई 40वीं एशियाई वॉटरबर्ड गणना के आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि जबलपुर के जलाशय जैव विविधता के लिहाज से बेहद समृद्ध हैं।

    इस वॉटरबर्ड सेंसरस में मध्यप्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व और वन मंडलों को शामिल किया गया था। पहली बार पूरे प्रदेश में स्थानीय और प्रवासी जलपक्षियों की एक साथ वैज्ञानिक तरीके से गणना की गई। इस व्यापक सर्वेक्षण में जबलपुर वन मंडल ने सबसे अधिक जलपक्षियों की मौजूदगी दर्ज कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है जबकि राजधानी भोपाल दूसरे नंबर पर रहा।

    जबलपुर वन मंडल के एसडीओ एम एल बरकड़े के अनुसार यह गणना पूरी तरह आधुनिक तकनीक के माध्यम से की गई। ई बर्ड ऐप के जरिए पक्षियों की प्रजातियों और संख्या को डिजिटल रूप से दर्ज किया गया जिससे आंकड़े अधिक सटीक और पारदर्शी बन सके। यह तरीका न केवल विश्वसनीय है बल्कि भविष्य में जल स्रोतों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगा।

    सर्वेक्षण में जबलपुर के पनागर क्षेत्र स्थित मोहारी तालाब जलपक्षियों का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर सामने आया है। यहां कुल 139 प्रजातियों के देशी और विदेशी जलपक्षी देखे गए। बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों ने इस तालाब को अपना अस्थायी बसेरा बनाया है जो इस क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और सुरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाता है।

    मोहारी तालाब में इंडियन स्पॉट बिल्ड डक साइबेरियन और यूरेशियन प्रजातियों के पक्षी ग्रेलेग गूज नॉर्दर्न पिंटेल गार्गेनी पर्पल मूरहेन कॉमन कूट ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट रेड वॉटल्ड लैपविंग लिटिल ग्रीब इंडियन कॉर्मोरेंट डार्टर ग्रे हेरॉन व्हाइट ब्रेस्टेड किंगफिशर स्टॉर्क बिल्ड किंगफिशर और पाइड किंगफिशर जैसे कई दुर्लभ और आकर्षक पक्षी देखे गए। इन पक्षियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि मोहारी तालाब अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रवासी पक्षियों के लिए भी सुरक्षित ठिकाना बन चुका है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जबलपुर के जलाशयों में पर्याप्त पानी स्वच्छ वातावरण और मानवीय हस्तक्षेप की सीमित मौजूदगी ने इन पक्षियों को आकर्षित किया है। यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जबलपुर की बड़ी सफलता है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि यदि जल स्रोतों का सही तरीके से संरक्षण किया जाए तो जैव विविधता को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

    एशियाई वॉटरबर्ड सेंसरस में मिली यह उपलब्धि जबलपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली है। यह न केवल पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाएगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता को भी मजबूत करेगी। जलपक्षियों की यह बढ़ती संख्या आने वाले समय में जबलपुर को बर्ड वॉचिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है।

  • भोपाल: गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा की संदिग्ध मौत, खाली एसिड की बोतल मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    भोपाल: गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा की संदिग्ध मौत, खाली एसिड की बोतल मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    भोपाल । भोपाल में एक बार फिर मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS प्रथम वर्ष 2025 बैच की छात्रा कोहेफिजा इलाके के एक प्राइवेट पीजी में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा डे-स्कॉलर थी और कोहेफिजा थाना क्षेत्र में स्थित पीजी में रह रही थी। मंगलवार सुबह उसे उसके कमरे के बाथरूम में बेसुध अवस्था में पाया गया।

    परिजनों और दोस्तों ने कमरे और बाथरूम का दरवाजा तोड़कर छात्रा को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव के पास एक खाली एसिड की बोतल बरामद हुई है जिससे मौत की वजह पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है लेकिन एसिड की मौजूदगी ने मामले को और जटिल बना दिया है।

    इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस के लिए यह स्पष्ट करना बड़ी चुनौती बन गया है कि क्या यह आत्महत्या थी या किसी अन्य साजिश का हिस्सा। अभी तक कोई स्पष्ट सुराग सामने नहीं आया है लेकिन एसिड की बोतल होने के कारण जांच की दिशा और भी गंभीर हो गई है।

    पुलिस ने तुरंत ही मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए हैमिडिया अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह पता चलेगा कि छात्रा की मौत एसिड के कारण हुई थी या किसी अन्य वजह से।

    कोहेफिजा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पीजी में रहने वाले अन्य छात्रों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही छात्रा के मोबाइल बैग और अन्य सामानों को भी कब्जे में लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि छात्रा के साथ कोई मानसिक दबाव तो नहीं था या किसी प्रकार का दबाव/हैरानी वाली घटना तो नहीं हुई।

    इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज और आसपास के छात्रों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। कई छात्रों और परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था और छात्रावास/पीजी में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं अब पुलिस की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है जो इस केस की दिशा तय करेगी। यदि रिपोर्ट में एसिड से संबंधित कारण सामने आते हैं तो मामला और गंभीर हो जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्रा ने स्वयं ही आत्महत्या की या किसी ने उसे मारकर मामले को आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की।

  • बीजेपी में नकद चंदा बंद, सहयोग निधि अब केवल ऑनलाइन चेक से 15 मार्च तक अभियान

    बीजेपी में नकद चंदा बंद, सहयोग निधि अब केवल ऑनलाइन चेक से 15 मार्च तक अभियान


    भोपाल । मध्यप्रदेश बीजेपी में अब से नकद चंदा बंद किया जा रहा है। पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि अब से सहयोग निधि केवल ऑनलाइन और चेक के माध्यम से ही जमा होगी। यह नई व्यवस्था कल से शुरू हो रहे सहयोग निधि अभियान के साथ लागू होगी। बीजेपी के प्रदेश स्तर पर आज बड़ी बैठक हुई, जिसमें क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संभागीय प्रभारी और जिला प्रभारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी को मिलने वाली सहयोग निधि में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नकद चंदा पूरी तरह बंद किया जाएगा।

    अभियान कल से शुरू हो रहा है और यह 15 मार्च तक चलेगा। इस दौरान जिला स्तर पर पार्टी के बैंक खाते में कोई राशि जमा नहीं होगी। सभी योगदान सीधे प्रदेश स्तर के खाते में आएंगे और बाद में उन्हें जिलों को भेजा जाएगा। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि 20,000 रुपए या इससे अधिक की राशि बिना PAN नंबर के स्वीकार नहीं की जाएगी। चेक से चंदा देने वालों की सूची तैयार की जाएगी, जिसमें नाम-पता, बैंक का नाम-पता और चेक-बुक नंबर जैसी जानकारी दर्ज होगी।

    यह अभियान पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि से शुरू हो रहा है। इससे पहले पिछले साल स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की शताब्दी वर्ष पर समर्पण निधि का अभियान चलाया गया था, जिसमें करीब 100 करोड़ से अधिक राशि जुटाई गई थी। बीजेपी का यह कदम पार्टी की वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ाने और नकदी प्रवाह को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, इससे फंडिंग के स्रोतों की स्पष्टता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

    केंद्र और प्रदेश स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय समय की मांग माना जा रहा है। साथ ही, चुनावी साल में वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अब यह देखना होगा कि इस अभियान के तहत कितनी सहयोग निधि जुटती है और पार्टी के लिए यह नया तरीका कितना प्रभावी साबित होता है।

  • मऊगंज से बीजेपी विधायक का लंबा सस्पेंस: एक माह से गायब प्रदीप पटेल, ‘गैंग से डर’ की बात पर सियासत गरम, विपक्ष ने कहा शर्मनाक

    मऊगंज से बीजेपी विधायक का लंबा सस्पेंस: एक माह से गायब प्रदीप पटेल, ‘गैंग से डर’ की बात पर सियासत गरम, विपक्ष ने कहा शर्मनाक


    भोपाल । मऊगंज से बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल का एक माह से गायब रहना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरान उनके न मिलने की वजह के रूप में एक गैंग से डर की बातें सामने आईं। मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है और कांग्रेस ने इसे राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था और सत्ता की अक्षमता बताया है।

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि प्रदेश में पहले लाडली बहन जैसी घटनाएँ हो रही थीं अब बीजेपी के विधायक भी गायब हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदीप पटेल मूसा गैंग से डरकर गायब हुए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश में कितनी गैंगें चल रही हैं और माफियाओं का राज है। कांग्रेस ने इसे नया माफिया कहकर सरकार पर हमला किया।

    पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार अपने ही विधायक को ढूंढ नहीं पा रही जबकि कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आम जनता पहले से ही परेशान है और अब विधायक भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला विधानसभा में उठाया जाएगा और सड़कों पर भी आवाज़ उठेगी। उनका कहना था कि बीजेपी का विधायक गायब है और सरकार उसे खोज नहीं पा रही इससे शर्मनाक स्थिति और कुछ नहीं हो सकती।

    दूसरी ओर डिप्टी सीएम और विंध्य क्षेत्र के नेता राजेंद्र शुक्ल ने इस खबर को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रदीप पटेल सक्रिय विधायक हैं और जनता की समस्याओं के लिए संघर्ष करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी नहीं है और गैंग की खबरों में कोई वास्तविकता नहीं है। राजेंद्र शुक्ल ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं है और यह सारी बातें अफवाहें हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि विधायक लगातार काम कर रहे हैं और उनकी स्थिति सामान्य है।

    मामले को लेकर सियासत और आरोप-प्रत्यारोप तेज होते जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है और सरकार को अपने ही विधायक की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं सरकार की ओर से इसे निराधार बताते हुए मामला शांतिपूर्ण रूप से टाला जा रहा है। अब यह देखना बाकी है कि विधायक की असल स्थिति क्या है और प्रशासन इस मामले में कब तक स्पष्टता देगा।

  • MP में 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू, 7 लाख छात्रों ने पहले दिन अंग्रेजी परीक्षा दी 3856 केंद्रों पर सख्त निगरानी

    MP में 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू, 7 लाख छात्रों ने पहले दिन अंग्रेजी परीक्षा दी 3856 केंद्रों पर सख्त निगरानी

    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में 12वीं बोर्ड परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गईं। पहले दिन यानी सोमवार को 12वीं के छात्रों ने अंग्रेजी का पेपर दिया। इस साल लगभग 7 लाख विद्यार्थी 12वीं की फाइनल परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रदेशभर में कुल 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। भोपाल में 104 केंद्रों पर 2600 के करीब छात्र परीक्षा दे चुके हैं। परीक्षा सुबह 9 से 12 बजे तक आयोजित की जा रही है।

    परीक्षा को शांतिपूर्ण नकलमुक्त और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। नकल रोकने के लिए इस बार फ्लाइंग स्क्वॉड सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है।

    परीक्षा खत्म होने के बाद कई विद्यार्थियों ने पेपर को आसान और सामान्य स्तर का बताया। जलज शर्मा ने कहा कि आज का एग्जाम बहुत अच्छा रहा जबकि उन्नति ने बताया कि पेपर वैसा ही आया जैसा उन्होंने सोचा था। वंश ठाकुर ने भी कहा कि पेपर आसान था और उम्मीद के अनुसार ही रहा।

    प्रदेश में इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कुल 16 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो रहे हैं। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं की परीक्षा देंगे जबकि लगभग 7 लाख छात्र 12वीं बोर्ड परीक्षा में बैठ रहे हैं।

    सभी जिलों में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे जो पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी होंगे ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    नकल रोकने के लिए संवेदनशील केंद्रों पर तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। इन कैमरों की निगरानी भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधे की जाएगी। इसके अलावा प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान थानों से वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती भी की गई है।

    माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि नोटिस बोर्ड मॉर्निंग असेंबली और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए परीक्षा संबंधी सूचना तुरंत साझा करें। शिक्षकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के भरोसे परीक्षा से वंचित न रहे।

    इसके अलावा बोर्ड ने हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना है। इन केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी सक्रिय रहेंगे जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।