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  • दिल का साफ पर गुस्से का कच्चा: 'दबंग' सलमान खान के बचपन के यार ने सुनाए बांद्रा के वे किस्से, जो आज तक थे पर्दे के पीछे

    दिल का साफ पर गुस्से का कच्चा: 'दबंग' सलमान खान के बचपन के यार ने सुनाए बांद्रा के वे किस्से, जो आज तक थे पर्दे के पीछे


    नई दिल्ली।बॉलीवुड के गलियारों में ‘दबंग’ और ‘भाईजान’ के नाम से मशहूर सुपरस्टार सलमान खान को उनके चाहने वाले ‘यारों का यार’ कहते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे दर्जनों चेहरे हैं, जिनकी किस्मत का सितारा सलमान के एक इशारे पर चमक उठा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस सलमान को आज पूरी दुनिया पूजती है, उनका बचपन कैसा था? सलमान के बचपन के लंगोटिया यार और मशहूर अभिनेता राजू श्रेष्ठ, जिन्हें दुनिया ‘मास्टर राजू’ के नाम से जानती है, ने हाल ही में पुरानी यादों के पिटारे से कुछ ऐसे चौंकाने वाले और दिलचस्प किस्से निकाले हैं, जिन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया है।

    राजू श्रेष्ठ ने एक हालिया इंटरव्यू में उन दिनों को याद किया जब मुंबई के बांद्रा की गलियों में वे और सलमान एक साथ साइकिल चलाया करते थे। राजू ने बड़े गर्व से बताया कि एक दौर वह भी था जब बांद्रा के लोग सलमान खान को केवल “मास्टर राजू के दोस्त” के रूप में पहचानते थे। दोनों की दोस्ती इतनी बेतकल्लुफ और गहरी थी कि उन्होंने साथ में ‘नंगे नहाने’ तक के दिन देखे हैं। राजू के मुताबिक, फिल्मों के सपने देखना और साथ खेलना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का अटूट हिस्सा था।

    हालांकि, दोस्ती की इस चाशनी में राजू ने सलमान की सबसे बड़ी कमजोरी—उनके बेकाबू गुस्से—पर भी बेबाकी से बात की। राजू ने बताया कि सलमान खान स्वभाव से बेहद दयालु और नेक इंसान हैं, लेकिन उनका अपने इमोशंस पर कंट्रोल नहीं रह पाता। राजू ने खुलासा किया कि “सलमान दिल से फैसले लेते हैं, दिमाग से नहीं,” और यही खूबी अक्सर उनके लिए मुसीबत बन जाती है।

    राजू श्रेष्ठ ने उन दिनों का भी जिक्र किया जब सलमान का गुस्सा उन्हें सड़क पर ले आता था। उन्होंने बताया कि कई बार सलमान किसी की बिल्डिंग के नीचे खड़े होकर जोर-जोर से चिल्लाने और गाली-गलौज करने लगते थे। यहाँ तक कि अपनी ‘एक्स-गर्लफ्रेंड’ की बिल्डिंग के नीचे खड़े होकर हंगामा करने और कुछ मौकों पर हाथापाई तक करने की बात भी राजू ने स्वीकार की। राजू का मानना है कि सलमान ने यह सब किसी को नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं में बहकर किया, जिसे दुनिया ने अक्सर गलत समझा।

    इन उतार-चढ़ाव के बावजूद, राजू श्रेष्ठ ने सलमान की वफादारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि जब उन्हें काम की जरूरत थी, तब सलमान ने ही उन्हें फिल्म ‘बागी’ में मौका दिलवाया। सालों बाद, फिल्म ‘चल मेरे भाई’ में भी दोनों ने साथ काम किया। राजू के शब्दों में, सलमान अपने पुराने दोस्तों को कभी नहीं भूलते और वक्त आने पर एक ढाल की तरह उनके साथ खड़े रहते हैं।

    आज भले ही सलमान खान एक वैश्विक आइकन बन चुके हैं और मास्टर राजू के लिए उनसे वैसी पुरानी दोस्ती की उम्मीद करना मुमकिन नहीं है, लेकिन ये यादें आज भी उनके दिल के सबसे करीब हैं। इस खुलासे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सलमान खान का व्यक्तित्व एक ऐसी पहेली है, जिसमें जितना गुस्सा है, उससे कहीं ज्यादा बड़ा और साफ दिल है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित


    भोपाल । मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में बुधवार को एक भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। विधानसभा परिसर में स्थापित उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनके जीवन एवं कार्यों को याद किया गया। इस मौके पर विधायक एवं पूर्व प्रोटेम स्पीकर श्री रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, पूर्व विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता और स्व. श्री शुक्ला के परिवारजन भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 10 फरवरी 1930 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जन्मे राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने लोकतंत्र की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1985 से 1990 तक वे मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे और इसके बाद राज्य सरकार में विधि-विधायी एवं सामान्य प्रशासन मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पदयात्राओं के माध्यम से जन जागरण का कार्य किया और एक लोकप्रिय जन नेता के रूप में पहचाने गए।

    छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद, स्व. शुक्ला ने 14 दिसंबर 2000 से 19 दिसंबर 2003 तक छत्तीसगढ़ के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष के रूप में सेवाएँ दीं। उनके नेतृत्व में विधानसभा की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती को नई दिशा मिली। उन्होंने ‘असंसदीय अभिव्यक्तियां’ नामक पुस्तक की संकल्पना की, जो विधायी कामकाज पर एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन गई। इसके अलावा उन्होंने संसदीय मामलों सहित कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जो विधि और संसदीय इतिहास के लिए अमूल्य स्रोत हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर की सराहना की और कहा कि प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा विधानसभा अध्यक्ष जैसे व्यक्तित्वों की जयंती और पुण्यतिथि पर विधानसभा भवन में उन्हें स्मरण करने की परंपरा स्थापित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। इस प्रकार यह कार्यक्रम न केवल स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ला को श्रद्धांजलि देने का अवसर था, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और विधायी परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूती देने वाला आयोजन साबित हुआ।

  • गोलमाल 5 को लेकर उठी अफवाहों का रोहित शेट्टी ने किया 'द एंड', टीम ने जारी किया सख्त बयान-फर्जी खबरों से रहें सावधान

    गोलमाल 5 को लेकर उठी अफवाहों का रोहित शेट्टी ने किया 'द एंड', टीम ने जारी किया सख्त बयान-फर्जी खबरों से रहें सावधान


    नई दिल्ली।बॉलीवुड के सबसे सफल और ‘मास एंटरटेनर’ निर्देशकों में शुमार रोहित शेट्टी एक बार फिर अपनी सुपरहिट कॉमेडी फ्रैंचाइजी “गोलमाल” को लेकर सुर्खियों में हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत की वेबसाइटों पर यह दावा किया जा रहा था कि आगामी फिल्म “गोलमाल 5” साल 1980 की क्लासिक हिट ‘दो और दो पांच’ पर आधारित या उससे प्रेरित होगी। अब इन तमाम अटकलों और दावों पर खुद रोहित शेट्टी की टीम ने एक बेहद सख्त बयान जारी करते हुए पूरी तरह से विराम लगा दिया है।

    रोहित शेट्टी की आधिकारिक टीम ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि “गोलमाल 5” का पुरानी फिल्म ‘दो और दो पांच’ से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। टीम ने कड़े लहजे में कहा कि यह फिल्म न तो पुरानी फिल्म की कॉपी है और न ही उससे किसी भी रूप में प्रेरित है। बयान में साफ तौर पर कहा गया है कि इस तरह की खबरें “पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक” हैं जिन्हें बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के प्रसारित किया जा रहा है। टीम ने दर्शकों और प्रशंसकों से अपील की है कि फिल्म से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल ‘ऑफिशियल सोर्स’ पर ही यकीन करें।

    यही नहीं टीम की ओर से जारी इस प्रेस नोट में एक कड़ी चेतावनी भी शामिल है। बयान के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति या डिजिटल प्लेटफॉर्म इस तरह की झूठी और मनगढ़ंत खबरें फैलाकर फिल्म की साख को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सूत्रों की मानें तो रोहित शेट्टी इन भ्रामक रिपोर्टों से काफी आहत और नाराज हैं क्योंकि उनकी फिल्मों को लेकर अक्सर बिना किसी आधार के दावे किए जाते रहे हैं।

    गौरतलब है कि गोलमाल फ्रैंचाइजी पिछले डेढ़ दशक से दर्शकों के बीच हंसी का दूसरा नाम बन चुकी है। अपनी हल्की-फुल्की कॉमेडी अनोखे किरदारों और जबरदस्त मनोरंजन के दम पर इसने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड ध्वस्त किए हैं। “गोलमाल 5” में एक बार फिर अजय देवगन मुख्य भूमिका में कमान संभालते नजर आएंगे। उनके साथ अरशद वारसी तुषार कपूर श्रेयस तलपड़े शरमन जोशी और कुणाल खेमू की सदाबहार ‘गैंग’ भी धमाल मचाने को तैयार है।

    दिलचस्प बात यह भी है कि गलियारों में अक्षय कुमार की एंट्री को लेकर भी चर्चाएं गरम हैं हालांकि टीम ने फिलहाल इस पर चुप्पी साधे रखी है। अगर ऐसा होता है तो यह फ्रैंचाइजी के इतिहास का सबसे बड़ा सरप्राइज होगा। फिल्म की शूटिंग जल्द ही मुंबई की फिल्म सिटी में शुरू होने की संभावना है। हालांकि हाल ही में रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। मुंबई पुलिस ने निर्देशक की सुरक्षा बढ़ा दी है और शूटिंग सेट पर कलाकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

    जहाँ तक फिल्म ‘दो और दो पांच’ का सवाल है वह अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की जोड़ी वाली एक क्लासिक एक्शन-कॉमेडी थी। लेकिन अब रोहित शेट्टी की टीम के स्पष्टीकरण के बाद यह तय हो गया है कि “गोलमाल 5” की कहानी एकदम मौलिक और ताजगी से भरपूर होगी। दर्शकों को एक बार फिर रोहित शेट्टी के सिग्नेचर स्टाइल वाली बिल्कुल नई कॉमेडी देखने को मिलेगी।

  • सनातन परंपरा का महापर्व विजया एकादशी: इन 10 उपायों से घर में बरसेगा लक्ष्मी-नारायण का आशीर्वाद

    सनातन परंपरा का महापर्व विजया एकादशी: इन 10 उपायों से घर में बरसेगा लक्ष्मी-नारायण का आशीर्वाद


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में फाल्गुन माह के कृष्णपक्ष में पड़ने वाली एकादशी को विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है. सनातन परंपरा में विजया एकादशी की पूजा और व्रत को विधि-विधान से करने पर बड़े से बड़ा संकट दूर और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. इस व्रत के पुण्य प्रताप से भगवान राम ने भी त्रेतायुग में लंका के राजा रावण पर विजय प्राप्त की थी. सुख, सौभाग्य, सफलता और विजय का आशीर्वाद दिलाने वाली विजया एकादशी 13 फरवरी 2026 को रखा जाएगा. आइए विजया एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु की सरल सनातनी विधि से की जाने वाली पूजा के उन 10 अचूक उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं, जिसे करते ही सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

    1. विजया एकादशी के दिन गंगा नदी अथवा किसी पवित्र जल तीर्थ पर स्नान करने का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. यदि आप इस दिन किसी कारण से गंगा तट पर न जा पाएं तो पुण्य की प्राप्ति के लिए घर में ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें.

    2. हिंदू धर्म में व्रत एवं पूजा के दिन स्नान के साथ दान का भी बहत ज्यादा महत्व माना गया है, इसलिए इस दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार दान जरूर करें. विजया एकादशी के दिन किसी मंदिर के पुजारी या फिर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें.

    3. यदि आपके जीवन में इन दिनों आर्थिक संकट बना हुआ है या फिर आप किसी कार्य विशेष में सफलता पाना चाहते हैं तो आपको विजया एकादशी वाले दिन भगवान विष्णु की पूजा में विशेष रूप से एक पीले कपड़े में हल्दी की दो गांठें अर्पित करना चाहिए. पूजा के बाद उसे अपने कार्यस्थल या बैग में रख लें.

    4. हिंदू मान्यता के अनुसार विजया एकादशी के दिन विष्णु भगवान का दक्षिणावर्ती शंख से जलाभिषेक करने से उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. यदि संभव हो तो शंख से केसर मिले दूध या फिर पंचामृत से श्री हरि का अभिषेक करें.

    5. हिंदू धर्म में किसी भी मनोकामना को पूरा करने के लिए मंत्र जप को उत्तम उपाय माना गया है. ऐसे में विजया एकादशी व्रत वाले दिन साधक को भगवान श्री विष्णु के मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ का तुलसी की माला से अधिक से अधिक जप करना चाहिए.

    6. हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. ऐसे में विजया एकादशी के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग के पुष्प, पीले फल और पीले रंग की मिठाई अर्पित करें.

    7. विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु से सुख-सौभाग्य का आशीर्वाद पाने के लिए उन्हें पीला चंदन या ​केसर का तिलक अर्पित करके उसे प्रसाद स्वरूप अपने माथे पर लगाएं. इसी प्रकार श्री हरि को पीले रंग का धागा अर्पित करके अपने दाहिने हाथ में बाधें.

    8. हिंदू धर्म में तुलसी जी को विष्णुप्रिया कहा गया है. ऐसे में आपकी विजया एकादशी की पूजा और व्रत तब तक अधूरा है जब तक आप श्री हरि की पूजा में तुलसी दल नहीं चढ़ाते हैं.  हादेव को मनाना है तो महाशिवरात्रि पर राशि के अनुसार ही करें ज्योर्तिलिंग का दर्शन और पूजन

    9. यदि आप चाहते हैं कि आपको श्री हरि संग माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद मिले तो आपको विजया एकादशी वाले दिन तुलसी माता को जल देने के बाद शुद्ध देशी घी का दीया जलाना चाहिए और उनकी परिक्रमा करनी चाहिए.

    10. विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय न सिर्फ एकादशी व्रत की कथा सुनें या फिर पढ़ें बल्कि इसके साथ श्री विष्णु सहस्त्रनाम, नारायण कवच या फिर श्रीमद्भागवत कथा का पाठ भी जरूर करें.

  • लोहे के शरीर में कुंग-फू की आत्मा: शाओलिन मंदिर में भिक्षुओं संग रोबोट्स का महासंग्राम, तकनीक ने रचा नया इतिहास

    लोहे के शरीर में कुंग-फू की आत्मा: शाओलिन मंदिर में भिक्षुओं संग रोबोट्स का महासंग्राम, तकनीक ने रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली।दुनिया तेजी से तकनीक के उस रोमांचक और कुछ हद तक चौंकाने वाले दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहाँ इंसान और मशीन के बीच की लकीर धुंधली होती जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स के क्षेत्र में हो रही प्रगति अब केवल औद्योगिक कारखानों या बंद प्रयोगशालाओं की चारदीवारी तक सीमित नहीं रह गई है; बल्कि इसने अब सदियों पुरानी परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहरों और आध्यात्मिक केंद्रों की दहलीज पर भी दस्तक दे दी है। इसका सबसे ताजा और विस्मयकारी उदाहरण चीन के विश्व प्रसिद्ध शाओलिन मंदिर से सामने आया है, जहाँ अत्याधुनिक ह्यूमनॉइड रोबोट्स को बौद्ध भिक्षुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग लेते देखा गया है।

    सोशल मीडिया के गलियारों में बिजली की गति से वायरल हो रहे एक वीडियो ने वैश्विक स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इस वीडियो में एक तरफ जहाँ गेरुए वस्त्रों में सजे बौद्ध भिक्षु अपनी पारंपरिक शाओलिन कुंग-फू की मुद्राओं का अभ्यास कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चमचमाते धातु के शरीर वाले रोबोट्स पूरी लय, गति और अचूक सटीकता के साथ उन कठिन मूवमेंट को दोहरा रहे हैं। चाहे वह हाथों की बिजली जैसी फुर्ती हो या पैरों के जटिल वार, ये रोबोट किसी मंझे हुए योद्धा की तरह प्रदर्शन कर रहे हैं। दृश्य ऐसा है मानो कोई प्राचीन कला और भविष्य की तकनीक एक ही मंच पर जुगलबंदी कर रहे हों।

    शाओलिन मंदिर, जो सदियों से आत्म-अनुशासन, ध्यान और मार्शल आर्ट्स का वैश्विक केंद्र रहा है, वहाँ इन मशीनों की उपस्थिति तकनीक और परंपरा के एक अभूतपूर्व ‘फ्यूजन’ को दर्शाती है। यह केवल एक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में तकनीक केवल इंसानी बोझ को कम करने का जरिया नहीं होगी, बल्कि वह कला, संस्कृति और शारीरिक कौशल के क्षेत्रों में भी नए मानक स्थापित करेगी।

    इन रोबोट्स के पीछे ‘AgiBot’ नामक प्रमुख चीनी कंपनी का हाथ बताया जा रहा है। यह वही कंपनी है जो पहले भी घरेलू और औद्योगिक कार्यों के लिए उन्नत रोबोटिक समाधान पेश कर चुकी है। इन ‘अग्निबॉट’ में लगे हाई-डेफिनिशन सेंसर और जटिल एआई एल्गोरिदम उन्हें अपने सामने मौजूद इंसान की गतिविधियों को न केवल देखने, बल्कि उन्हें ‘रियल-टाइम’ में समझने और उनकी नकल करने की शक्ति प्रदान करते हैं। यही कारण है कि भिक्षुओं के हर पैंतरे पर रोबोट की प्रतिक्रिया बिल्कुल स्वाभाविक और वैसी ही शैली में नजर आती है।

    हालांकि, जहाँ एक ओर तकनीक प्रेमी इस प्रगति को देखकर गदगद हैं, वहीं दूसरी ओर डिजिटल दुनिया में एक नई बहस भी छिड़ गई है। कुछ आलोचकों का मानना है कि यह वीडियो एआई द्वारा जनरेटेड हो सकता है, जबकि कई लोग इसे मानवीय कौशल के लिए एक चुनौती मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर जहाँ कुछ यूजर्स मजाकिया लहजे में इन रोबोट्स से घर के कामकाज कराने की इच्छा जता रहे हैं, वहीं गंभीर विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि रोबोट्स को युद्ध कलाओं में इतना निपुण बना दिया गया, तो भविष्य में इनके सैन्य दुरुपयोग की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता।

    चीन और जापान जैसे देश पहले ही सार्वजनिक सेवाओं में रोबोट्स को उतार चुके हैं, लेकिन शाओलिन के आंगन में इन मशीनों का अभ्यास करना यह साबित करता है कि अब मशीनें केवल सहयोग नहीं दे रहीं, बल्कि वे हमसे सीख रही हैं। यह घटनाक्रम जहाँ तकनीकी विकास की असीम शक्ति का जश्न मनाता है, वहीं मानवता के सामने यह यक्ष प्रश्न भी छोड़ जाता है कि हम भविष्य में इंसान और मशीन के बीच का संतुलन आखिर कैसे कायम रखेंगे?

  • पीयूष गोयल ने T20 जीत पर मजाकिया टिप्पणी की, कहा- ‘अगर टैरिफ 0 होता तो अमेरिका जीत जाता’

    पीयूष गोयल ने T20 जीत पर मजाकिया टिप्पणी की, कहा- ‘अगर टैरिफ 0 होता तो अमेरिका जीत जाता’


    नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुआ अंतरिम व्यापार समझौता अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के सहयोग के बिना संभव नहीं था। गोयल ने सर्जियो गोर की व्यक्तिगत भूमिका की सराहना की और इस अवसर पर भारत और अमेरिका के बीच खेले गए T20 मैच पर भी चुटकी ली।

    गोयल ने मजाकिया लहजे में कहा अगर अमेरिका ने अपने जवाबी टैरिफ को शून्य प्रतिशत कर दिया होता तो शायद वह भारत के खिलाफ मैच जीत जाता। इस बात पर मौजूद मेहमानों ने हँसी और तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी। गोयल ने आगे कहा कि अमेरिका ने क्रिकेट खेलना केवल कुछ साल पहले शुरू किया है और उनकी टीम का प्रदर्शन हाल ही में शानदार रहा।

    स्वागत समारोह और व्यापार समझौता

    नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपने आवास पर एक स्वागत समारोह आयोजित किया। इसमें वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य दिग्गज शामिल हुए। यह बैठक भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा जारी होने के बाद हुई।सर्जियो गोर ने कहा कि व्हाइट हाउस भारत पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी की दोस्ती ने व्यापार सौदे को संभव बनाया। भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ कम किया है जबकि अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया।

    भारत-अमेरिका T20 मैच

    विश्व कप के पहले मैच में भारत ने अमेरिका को 29 रन से हराया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने दबाव में 84 रन की नाबाद पारी खेली जबकि मोहम्मद सिराज ने तीन विकेट लिए। भारत ने नौ विकेट पर 161 रन बनाए। अमेरिका ने 20 ओवर में 132 रन पर 8 विकेट खोकर पीछा किया। उनके लिए संजय कृष्णमूर्ति और शुभम रंजने ने 37-37 रन और मिलिंद कुमार ने 34 रन बनाए। भारत के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और सिराज ने शुरुआती सफलता दिलाई।

    पाकिस्तान के खिलाफ मैच
    पाकिस्तान सरकार ने मैच बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया है। अब 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच T20 मैच होगा। इससे पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने क्रिकेट हित में पाकिस्तान से मैच खेलने का अनुरोध किया था।

  • सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल धोखाधड़ी पर जताई चिंता, 54 हजार करोड़ के गबन मामले को लेकर CJI हैरान

    सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल धोखाधड़ी पर जताई चिंता, 54 हजार करोड़ के गबन मामले को लेकर CJI हैरान


    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल धोखाधड़ी के जरिए 54,000 करोड़ रुपये के गबन को गंभीर अपराध करार दिया और कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने में बैंकों की सक्रिय भूमिका जरूरी है। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि आरबीआई, बैंक और दूरसंचार विभाग जैसे सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर मानक संचालन प्रक्रिया  तैयार की जाए।

    सुप्रीम कोर्ट की चिंता

    प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि बैंकों की जिम्मेदारी है कि वे असामान्य और बड़े पैमाने के लेनदेन पर ग्राहकों को तुरंत सतर्क करें। उदाहरण के लिए, यदि कोई आमतौर पर 10-20 हजार रुपये निकालने वाला पेंशनभोगी अचानक लाखों रुपये निकालता है, तो बैंक को तत्काल अलर्ट जारी करना चाहिए। पीठ ने जोर देकर कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी से गबन की गई राशि कई छोटे राज्यों के बजट से भी अधिक है। यह बैंक अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत के कारण हो सकता है।

    CBI को जांच में शामिल किया गया

    सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को डिजिटल अरेस्ट मामलों की पहचान और जांच का निर्देश दिया। गुजरात और दिल्ली की सरकारों को कहा गया कि वे इस जांच के लिए आवश्यक स्वीकृति दें। अदालत ने डिजिटल अरेस्ट पीड़ितों को मुआवजा देने में उदार दृष्टिकोण अपनाने की भी सिफारिश की।

    SOP और AI का इस्तेमाल

    अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने बताया कि आरबीआई ने बैंकों के लिए SOP का मसौदा तैयार किया है, जिसमें साइबर धोखाधड़ी रोकने के उपाय जैसे अस्थायी डेबिट होल्ड शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों के लिए AI टूल्स के उपयोग की सिफारिश भी की ताकि संदिग्ध लेनदेन पर तत्काल अलर्ट जारी किया जा सके।

    बैंकों पर कड़ी टिप्पणी
    पीठ ने कहा कि बैंकों का ध्यान ज्यादातर व्यवसायिक मोड पर है, जिससे वे अपराधियों के लिए मंच बन सकते हैं। न्यायमूर्ति बागची ने बताया कि अप्रैल 2021 से नवंबर 2025 के बीच साइबर धोखाधड़ी के जरिए 52,000 करोड़ रुपये से अधिक का गबन हुआ। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “ये बैंक अब एक बोझ बनते जा रहे हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि वे धन के रखवाले हैं और भरोसे को नहीं तोड़ना चाहिए। कई बार बैंक धोखेबाजों को ऋण देते हैं और फिर एनसीएलटी/एनसीएलएटी जैसी संस्थाएं सामने आती हैं।”

    डिजिटल अरेस्ट क्या है
    ‘डिजिटल अरेस्ट’ एक साइबर अपराध का बढ़ता स्वरूप है, जिसमें ठग पीड़ित को सरकारी अधिकारी या अदालत के रूप में पेश कर ऑडियो/वीडियो कॉल के माध्यम से डराते-धमकाते हैं। इसका उद्देश्य पीड़ितों को पैसे देने के लिए मजबूर करना होता है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही सीबीआई को देशव्यापी जांच करने और आरबीआई से साइबर अपराधियों के खातों को फ्रीज़ करने में AI का उपयोग करने का निर्देश दे रखा है।

  • छावा की शूटिंग में आई थी बड़ी चुनौती, चोट के बावजूद विक्की कौशल ने दिखाई संभाजी महाराज जैसी जिद

    छावा की शूटिंग में आई थी बड़ी चुनौती, चोट के बावजूद विक्की कौशल ने दिखाई संभाजी महाराज जैसी जिद


    नई दिल्ली । विक्की कौशल की फिल्म छावा के लिए की गई तैयारी जितनी दमदार नजर आती है उसके पीछे की कहानी उतनी ही संघर्ष से भरी रही है। साल 2025 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई और विक्की कौशल की जबरदस्त फिजीक ने दर्शकों को हैरान कर दिया। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस किरदार तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी महाराज का किरदार निभाने के लिए विक्की को न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी खुद को उसी स्तर की जिद और अनुशासन में ढालना पड़ा।

    फिल्म के लिए विक्की कौशल के पास महज तीन महीने का समय था जिसमें उन्हें पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म करना था। हालात तब और मुश्किल हो गए जब इस दौरान उन्हें गंभीर चोट लग गई। उनके पर्सनल फिटनेस ट्रेनर तेजस लालवानी ने एक इंटरव्यू में इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें आधी रात को विक्की का फोन आया था। विक्की ने साफ शब्दों में कहा था कि सिर्फ तीन महीने हैं और बॉडी बनानी है। तेजस ने भी बिना हिचक हामी भर दी लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि आगे इतनी बड़ी चुनौती सामने आने वाली है।

    शूटिंग के बेहद अहम सीक्वेंस चल रहे थे जिन्हें किसी भी हाल में टाला नहीं जा सकता था। उसी दौरान विक्की को चोट लग गई। शुरुआत में लगा कि यह मामूली दर्द है और जल्द ठीक हो जाएगा लेकिन अगली सुबह हालात बदल चुके थे। विक्की अपना हाथ तक नहीं उठा पा रहे थे। कई महीनों की मेहनत सख्त डाइट और ट्रेनिंग सब कुछ एक झटके में दांव पर लग गया था। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होगा।

    करीब एक महीने तक रिकवरी में लगने के बाद विक्की दोबारा लौटे और सीधे कहा चलो ट्रेनिंग शुरू करते हैं। पहला दिन बेहद मुश्किल था। हाथों का इस्तेमाल किए बिना सिर्फ उन्हीं मसल ग्रुप्स पर काम किया जा सका जो सुरक्षित थे। तेजस लालवानी के मुताबिक उस दौर में विक्की के अंदर जो अनुशासन और वापसी की भूख उन्होंने देखी वही मानसिकता उन्हें संभाजी महाराज के चरित्र में भी दिखाई देती है हार न मानने की जिद और हर हाल में लौटने का संकल्प।

    छावा में विक्की कौशल के साथ विनीत कुमार सिंह और अक्षय खन्ना अहम भूमिकाओं में नजर आए। अक्षय खन्ना का निगेटिव किरदार और फिल्म की दमदार कहानी भव्य विजुअल्स और ऐतिहासिक सच्चाई से जुड़ी घटनाएं दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती हैं। करीब 140 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 601.54 करोड़ रुपये की कमाई की जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन 807 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह फिल्म सिर्फ एक ऐतिहासिक गाथा नहीं बल्कि जज्बे संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति की मिसाल बनकर सामने आई।

  • गर्लफ्रेंड जैस्मिन भसीन से टूटा रिश्ता? मिस्ट्री गर्ल संग दिखे अली गोनी, चीटिंग के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी

    गर्लफ्रेंड जैस्मिन भसीन से टूटा रिश्ता? मिस्ट्री गर्ल संग दिखे अली गोनी, चीटिंग के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी


    नई दिल्ली । टीवी एक्टर अली गोनी इंटरनेट पर हॉट टॉपिक बने हुए हैं. बीते दिनों उन्हें बांद्रा के रेस्टोरेंट के बाहर मिस्ट्री गर्ल के साथ देखा गया था. बस फिर क्या था, पैप्स ने दोनों को कवर किया. सोशल मीडिया पर यूजर्स एक्टिव हुए और पूछने लगे कि अली के साथ ये मिस्ट्री गर्ल कौन है. किसी ने ये तक पूछा- क्या अली ने जैस्मिन भसीन को धोखा दे दिया है. विवाद आगे बढ़ता इससे पहले अली ने इस पर रिएक्ट कर दिया है.
    अली ने तोड़ी चुप्पी
    दरअसल, अली को मिस्ट्री गर्ल के साथ बांद्रा के रेस्टोरेंट के बाहर देखकर पैप्स ने कैप्चर किया था. दोनों ने कैमरा के लिए पोज भी दिए थे. जैस्मिन उनके साथ नहीं थीं. वो कश्मीर में हॉलिडे पर हैं. अली और मिस्ट्री गर्ल का वीडियो इंटरनेट पर धड़ल्ले से वायरल हुआ. दोनों को यूं साथ में चहकते हुए देख यूजर्स ने कमेंट कर लिखा- अली की नई गर्लफ्रेंड. किसी ने लिखा- भाई ये कौन है अब.
    अली ने मिस्ट्री गर्ल की पहचान का खुलासा करते हुए इंस्टा स्टोरी पर लिखा- अरे भाभी है मेरी. मिस्ट्री नहीं. गर्लफ्रेंड जैस्मिन भसीन ने भी अली की मिस्ट्री गर्ल पर बोलते हुए लिखा- मेरी फेवरेट और बेस्ट गर्ल. इस बार तुमसे मिलना नहीं हो पाया. ये हमारी सबसे प्यारी भाभी है, इसलिए आप लोग शांत रहो, इनपर अपना प्यार लुटाओ. जैस्मिन और अली ने अपनी पोस्ट से साफ कर दिया कि वो दोनों साथ हैं. उनके बीच कोई मिस्ट्री गर्ल नहीं आई है.
    अली और जैस्मिन का रिश्ता सालों पुराना है. वे अच्छे दोस्त से कपल बने, बिग बॉस 14 में उन्हें अपने प्यार का एहसास हुआ था. 2025 में 5 साल डेट करने के बाद कपल ने लिव इन में रहने का फैसला किया. उन्होंने अपने सपनों का घर ढूंढ़ने में 6 महीने का समय लिया. अली ने जैस्मिन संग रहने के फैसले को लाइफ का बड़ा डिसीजन कहा. दोनों की पहली मुलाकात 2018 में मुंबई में हुई थी. उन्होंने साथ में खतरों के खिलाड़ी 9 भी किया था. अलग-अलग धर्म से होना कभी उनके रिश्ते के लिए रोड़ा नहीं बना.
  • BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल

    BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हाल ही में अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया है लेकिन इस बार की लिस्ट ने क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच आई इस घोषणा में सबसे चौंकाने वाला फैसला A+ कैटेगरी को पूरी तरह हटाना रहा। बीसीसीआई के इस नए वर्गीकरण को लेकर अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रदर्शन और अनुभव के बावजूद कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ‘नाइंसाफी’ हुई है?

    इस बार के कॉन्ट्रैक्ट में सबसे बड़ा उलटफेर सीनियर खिलाड़ियों के साथ देखने को मिला। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज जो अब केवल चुनिंदा फॉर्मेट में ही सक्रिय हैं उन्हें ‘ग्रेड-बी’ में डिमोट कर दिया गया है। वहीं बीसीसीआई ने भविष्य की ओर देखते हुए शुभमन गिल जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को ‘ग्रेड-ए’ में जगह दी है। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब तुलना हार्दिक पांड्या केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ियों से की गई।

    क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि अगर दो फॉर्मेट खेलने वाले रवींद्र जडेजा ‘ग्रेड-ए’ के हकदार हैं तो केएल राहुल और हार्दिक पांड्या को ‘ग्रेड-बी’ में क्यों रखा गया है? केएल राहुल लगातार टेस्ट और वनडे टीम का अहम स्तंभ रहे हैं वहीं कुलदीप यादव की फिरकी का जादू तीनों फॉर्मेट में चलता है। बावजूद इसके इन मैच-विनर खिलाड़ियों को शीर्ष कैटेगरी से बाहर रखना समझ से परे नजर आता है।

    सबसे ज्यादा हैरानी अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह के ग्रेड को लेकर हो रही है। अक्षर पटेल आज की तारीख में भारतीय टीम के लिए ‘थ्री-फॉर्मेट प्लेयर’ हैं और टी20 में टीम के उप-कप्तान की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं फिर भी उन्हें ‘ग्रेड-सी’ में रखा गया है। यही स्थिति अर्शदीप सिंह की है जो टी20 वर्ल्ड कप 2024 की ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे और अब वनडे में भी अपनी धाक जमा रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर अक्षर पटेल को अपना हक पाने के लिए और क्या करना होगा?

    वहीं यशस्वी जयसवाल मोहम्मद सिराज और ऋषभ पंत जैसे नाम ‘ग्रेड-बी’ में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। ‘ग्रेड-सी’ की लंबी सूची में संजू सैमसन रिंकू सिंह और अभिषेक शर्मा जैसे युवाओं को शामिल कर बीसीसीआई ने अपनी मंशा साफ की है कि वे नए टैलेंट को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। लेकिन सीनियर और ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों के ग्रेड में जो असंतुलन दिख रहा है उसने बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।