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  • सूरजकुंड मेले में झूला गिरा, इंस्पेक्टर की मौत, 11 पर्यटक जख्मी

    सूरजकुंड मेले में झूला गिरा, इंस्पेक्टर की मौत, 11 पर्यटक जख्मी


    फरीदाबाद।
    फरीदाबाद (Faridabad) में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले (International Surajkund Fair) में शनिवार को झूला गिरने से हरियाणा पुलिस (Haryana Police) के एक इंस्पेक्टर की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य पर्यटक घायल हो गए। घायलों में से नौ को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और तीन अन्य को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हरियाणा सरकार ने घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। हादसे के बाद मेला स्थल को खाली करवा लिया गया है।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री तथा पर्यटन मंत्री ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। फरीदाबाद के जिला उपायुक्त से रविवार सुबह तक जांच रिपोर्ट मांग ली गई है। सूरजकुंड में शनिवार को एक के बाद एक दो हादसे हुए हैं।

    सूरजकुंड मेले में शनिवार व रविवार को अन्य दिनों के मुकाबले भारी भीड़ रहती है। आज शाम यहां गेट गिरने से एक बच्चा व एक युवा घायल हो गए। बताया जा रहा है गेट नंबर दो हिल रहा था। ऐसे में मेला प्रबंधन के कर्मचारी गेट को ठीक कर रहे थे। उन्होंने लोगों को उस तरफ जाने से रोका हुआ था। इस दौरान हवा के झोंके के साथ गेट गिर गया। वहां से गुजर रहे सेक्टर-28 निवासी सुमित मल्होत्रा घायल हो गए। उन्हें बादशाह खान अस्पताल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इसमें एक बच्चे को भी मामूली चोट आई।

    अभी मेला आयोजक इस स्थिति को सामान्य कर ही रहे थे कि मेला परिसर में लगा तूफानी नामक झूला टूट गया। झूले में 18 लोग सवार थे। झूला टूटने से मेला परिसर में भगदड़ मच गई। इस हादसे में पुलिस कर्मचारियों सहित एक दर्जन लोग जख्मी हो गए। हादसे का शिकार हुए झूले की चेन पुरानी होने के कारण यह घटना हुई है। हादसे के बाद यहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल ने हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र को खाली करवा लिया।

    फरीदाबाद के उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि झूला टूटने की घटना में कुल 13 लोग घायल हुए हैं, जिसमें नौ लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि तीन लोगों का बादशाह खान सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। लोगों को बचाते हुए हरियाणा पुलिस के एक पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की जान चली गई, जो पलवल में तैनात थे और यहां मेला डयूटी पर आए हुए थे। झूला टूटने के बाद लोगों को बचाने के प्रयास में उनकी जान चली गई। इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। टूरिज्म विभाग द्वारा डेली इंस्पेक्शन रिपोर्ट बनाई जा रही थी। वेंडर की लापरवाही की जांच की जाएगी और दोषी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा।

    इस बीच हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि आज शाम 39वें सूरजकुण्ड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026 के दौरान झूला क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ। पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हमारी सबकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। सभी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार पूरी तत्परता के साथ घायलों तथा उनके परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

  • महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 71 लाख के इनामी 7 नक्सली ढेर

    महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 71 लाख के इनामी 7 नक्सली ढेर


    मुंबई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के गढ़चिरौली जिले (Gadchiroli district) में पिछले तीन दिनों से चल रही मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 71 लाख रुपये के इनामी 07 नक्सलियों मार गिराया है। पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल (Superintendent of Police Neelotpal) ने इसकी पुष्टि की है।

    पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने शनिवार को गढ़चिरौली में पत्रकार वार्ता में बताया कि जिले में सिर्फ सात नक्सली बचे हैं, 31 मार्च तक जिले से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन दिन और तीन रात तक चली इस मुठभेड़ में पुलिस के जवानों ने बहादुरी से नक्सलियों का सामना किया। हालांकि इसमें दीपक मडावी नाम का एक जवान बलिदान हो गया, जबकि एक जवान घायल हो गया। उसकी हालत खतरे से बाहर है।

    पुलिस के जवान इस मुठभेड़ में 7 नक्सलियों को मारने में कामयाब रहे और इन सभी की पहचान हो गई है। इसमें दो बड़े कैडर शामिल हैं, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी और कंपनी नंबर 10 का कमांडर प्रभाकर और कंपनी नंबर 5 का कमांडर पगु मोड्यम। इन सभी पर 200 मामले दर्ज हैं और महाराष्ट्र सरकार ने कुल 71 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। प्रभाकर से अब तक दस बार आत्मसमर्पण करने की अपील की गई थी। लेकिन जब से उसने कोई जवाब नहीं दिया, तब पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। अब गढ़चिरौली जिले में केवल 7 हथियारबंद नक्सली बचे हैं, जिनमें गढ़चिरौली जिले के दो और छत्तीसगढ़ के 5 कैडर शामिल हैं। उन्हें पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करना चाहिए ,वर्ना उन्हें 31 मार्च तक खत्म कर दिया जाएगा।

    पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नक्सलियों ने मुठभेड़ में लगभग 1,000 राउंड फायरिंग की, जबकि पुलिस को 5,000 राउंड फायरिंग करनी पड़ी। इस मुठभेड़ में और भी नक्सली मारे गए होंगे। आने वाले दिनों में इसकी जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि मारे गए नक्सलियों में प्रभाकर उर्फ रवि उर्फ प्रकालवीर उर्फ स्वामी उर्फ लोकेटी चंद्रराव (57) तेलंगाना राज्य के कामारेड्डी जिले के इसरोजीवाड़ा का रहने वाला था। वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, वेस्ट सबजोनल ब्यूरो और कंपनी नंबर 10 का इंचार्ज था। उसके खिलाफ 113 केस दर्ज थे और महाराष्ट्र सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पगु मोड्यम (30) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के डल्ला का रहने वाला था। वह सीवाईपीसी और कंपनी नंबर 5 का कमांडर था। उस पर 16 लाख रुपये का इनाम था।

    अनिला उर्फ बुदरी कोवाची (24) छत्तीसगढ़ के सुकमा की रहने वाली थी। वह प्रभाकर की बॉडीगार्ड थी। उसके खिलाफ 12 केस दर्ज थे और उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कामेश पाडा (35) छत्तीसगढ़ के दरबा का रहने वाला था। वह मैड एरिया स्पेशल प्लाटून का कमांडर था। उस पर 8 लाख रुपये का इनाम था। भजनथ उर्फ भीमा होली (40) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के टेकलगुडेम का रहने वाला था। भजनथ, जो परलकोट दलम का एसीएम है, उस पर 6 लाख रुपये का इनाम था। मंगली कुरसम पश्चिम बस्तर का रहने वाला था। कंपनी नंबर 10 के सदस्य मंगली पर 4 लाख रुपये का इनाम था। जोगी सोडी-मडावी (27) बीजापुर जिले के बुडगीचेरू का रहने वाला था। कंपनी नंबर 5 के सदस्य जोगी पर 6 लाख रुपये का इनाम था।

    पुलिस उप महानिरीक्षक अंकित गोयल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस के उप महानिरीक्षक अजय कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, गोकुल राज जी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।

  • एसबीआई का मुनाफा तीसरी तिमाही में 13 फीसदी बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये

    एसबीआई का मुनाफा तीसरी तिमाही में 13 फीसदी बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये


    नई दिल्‍ली।
    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) (State Bank of India (SBI) ने चालू वित्‍त वर्ष 2025-26 (Current Financial Year 2025-26) की दिसंबर तिमाही के नतीजे का ऐलान कर दिया है। एसबीआई ने शनिवार को कहा कि 31 दिसंबर को समाप्‍त अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही में उसका मुनाफा 13.06 फीसदी बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये रहा। बैंक को पिछले वित्‍त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में 18,853 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।

    एसबीआई ने बयान में बताया कि वित्‍त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक ने 21,137 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। एकल आधार पर अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही में शुद्ध लाभ 24.48 फीसदी बढ़कर 21,028 करोड़ रुपये रहा है। पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि में यह 16,891 करोड़ रुपये रहा था।

    देश के सबसे बड़े ऋणदाता बैंक का वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में एकल आधार पर कुल आय बढ़कर 1,40,915 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्‍त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में 1,28,467 करोड़ रुपये थी। इस दौरान बैंक का कुल खर्च 1,04,917 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,08,052 करोड़ रुपये हो गया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की सकल गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) का अनुपात 31 दिसंबर 2025 तक बेहतर होकर 1.57 फीसदी रहा, जो सितंबर 2025 में 1.73 फीसदी था। वहीं, बैंक का कुल प्रावधान 4,507 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि में 911 करोड़ रुपये रहा था। इसके अलावा बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात 31 दिसंबर 2025 तक 14.04 फीसदी रहा।

  • T20 World Cup : सूर्यकुमार की तूफानी पारी से भारत की दमदार शुरुआत, अमेरिका को 29 रन से हराया

    T20 World Cup : सूर्यकुमार की तूफानी पारी से भारत की दमदार शुरुआत, अमेरिका को 29 रन से हराया


    मुंबई।
    टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में भारत (India) ने जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करते हुए अमेरिका (America) को 29 रन से पराजित किया। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया (Team India) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 161 रन बनाए, जिसके जवाब में अमेरिकी टीम 20 ओवर में 132 रन ही जुटा सकी।

    टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनने वाली अमेरिकी टीम ने शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारत को शुरुआती झटके लगे—अभिषेक शर्मा और शिवम दुबे खाता खोले बिना लौटे। ईशान किशन (20) और तिलक वर्मा (25) ने कुछ योगदान दिया, लेकिन पारी की असली धुरी कप्तान सूर्यकुमार यादव रहे।

    सूर्यकुमार ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 84 रन बनाए। 49 गेंदों की उनकी पारी में सधी हुई आक्रामकता दिखी, जिसने भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उनकी पारी ने मध्यक्रम को संभाला और टीम को मजबूत स्थिति दी। अमेरिका की ओर से शेडली वैन शाल्कविक ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट झटके। उन्होंने एक ही ओवर में ईशान, तिलक और दुबे को आउट कर मैच का रुख पलटने की कोशिश की। हरमीत सिंह को भी दो विकेट मिले।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेरिका की शुरुआत ठीक रही, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर दबाव बनाए रखा। मोहम्मद सिराज सबसे सफल गेंदबाज रहे—उन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट लिए। गौरतलब है कि सिराज को चोटिल हर्षित राणा की जगह टीम में शामिल किया गया था।

    अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट लेकर जीत सुनिश्चित की, जबकि वरुण चक्रवर्ती को एक सफलता मिली। हार्दिक पांड्या महंगे जरूर साबित हुए, लेकिन टीम की जीत पर असर नहीं पड़ा। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में मजबूत आगाज किया है, जबकि इससे पहले पाकिस्तान और वेस्टइंडीज भी अपने शुरुआती मुकाबले जीत चुके हैं। भारत की नजर अब इस लय को आगे के मैचों में बरकरार रखने पर होगी।

  • क्रिकेट के तेज विस्तार पर चर्चा: वानखेड़े में आईसीसी चेयरमैन जय शाह से मिले अमेरिका के राजदूत

    क्रिकेट के तेज विस्तार पर चर्चा: वानखेड़े में आईसीसी चेयरमैन जय शाह से मिले अमेरिका के राजदूत


    मुंबई।
    टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) के दौरान मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में भारत बनाम अमेरिका (India vs America) मुकाबले के बीच अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर (Ambassador Sergio Gore) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच अमेरिका में क्रिकेट के तेजी से बढ़ते दायरे और संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    राजदूत गोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बताया कि मुलाकात सकारात्मक रही और अमेरिका में क्रिकेट के “एक्सपोनेंशियल ग्रोथ” पर बातचीत हुई। उन्होंने अमेरिका में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, उभरती प्रतिभाओं और बढ़ते फैन बेस का भी जिक्र किया।

    इसी मैच के दौरान गोर ने उद्योगपति मुकेश अंबानी और नीता अंबानी से भी मुलाकात की और इसे सुखद बताया। मैदान पर खेले गए मुकाबले में भारत ने अमेरिका को 29 रन से हराया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नाबाद 84 रन की अहम पारी खेलकर टीम को 161/9 तक पहुंचाया। जवाब में अमेरिकी टीम 20 ओवर में 132/9 रन ही बना सकी।

    गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज ने 3 विकेट लेकर भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट हासिल किए। सिराज को अंतिम समय पर टीम में शामिल किया गया था, क्योंकि ऑलराउंडर हर्षित राणा चोट के कारण बाहर हो गए थे। वहीं तेज़ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बीमारी के चलते यह मैच नहीं खेल सके।

    डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरी भारतीय टीम पर इस बार भी खिताब बचाने का दबाव है। हालांकि पहले मैच में जीत से टीम ने सकारात्मक शुरुआत की है। अमेरिका में क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता और आईसीसी नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय संवाद यह संकेत देते हैं कि खेल का वैश्विक विस्तार नई दिशा पकड़ रहा है।

  • MP: स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज का परलोक गमन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त किया दु:ख

    MP: स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज का परलोक गमन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त किया दु:ख


    भोपाल।
    उत्तर प्रदेश- मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सीमा पर सतना जिले (Satna district) में स्थित देश में प्रसिद्ध धारकुंडी आश्रम (Dharkundi Ashram) के संस्थापक महंत स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज (Mahant Swami Paramhans Sachchidanand Maharaj) शनिवार को ब्रह्मलीन हो गए। उन्होंने 102 वर्ष की आयु में मुंबई में अंतिम सांस ली। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के ब्रह्मलीन होने की खबर मिलते ही देशभर में फैले लाखों श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई।

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परम पूज्य स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के परलोक गमन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज का सम्पूर्ण जीवन सेवा, साधना और मानवता के कल्याण को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल अनुयायियों को यह अपार दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।

    धारकुंडी आश्रम के प्रमुख संत एवं शिष्य स्वामी संजय बाबा ने बताया कि स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज पिछले कुछ महीनों से मुंबई स्थित आश्रम में प्रवास कर रहे थे। एक जनवरी को उन्होंने चित्रकूट के धारकुंडी आश्रम में भक्तों के बीच अपना 102वां जन्मदिवस मनाया था। इसके बाद स्वास्थ्य खराब होने पर वे इलाज के लिए मुंबई गए थे। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वे बदलापुर स्थित आश्रम में ठहरे हुए थे, जहां शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

    उन्होंने बताया कि मुंबई से उनका पार्थिव शरीर शनिवार देर रात चित्रकूट स्थित धारकुंडी आश्रम लाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने नम आंखों से अपने आराध्य को श्रद्धांजलि अर्पित की। रविवार को आश्रम परिसर में अंतिम दर्शन कराए जाएंगे, जबकि सोमवार को आश्रम की परंपरा के अनुसार समाधि दी जाएगी।

    स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के अंतिम दर्शन और समाधि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वामी अड़गड़ानंद महाराज विशेष विमान से धारकुंडी पहुंच चुके हैं। चित्रकूट सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साधु, संत और महंत भी आश्रम पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यूपी–एमपी सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। चित्रकूट प्रभारी एसपी सत्यपाल सिंह और सतना एसपी हंसराज सिंह स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।


    1956 में हुई थी आश्रम की स्थापना

    स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद के आशीर्वाद से 22 नवंबर 1956 को धारकुंडी आश्रम की स्थापना की थी। उस समय यह क्षेत्र बेहद पिछड़ा माना जाता था और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। कहा जाता है कि स्वामी जी ने आश्रम परिसर में बहने वाली स्वच्छ और निरंतर जलधाराओं से बिजली उत्पादन की व्यवस्था शुरू कराई थी। आश्रम में स्थित दो झरनों का पानी वर्ष भर लगातार बहता रहता है, जो आगे चलकर नदी का रूप ले लेता है। मान्यता है कि स्थापना काल से लेकर वर्ष 1970 तक कई बार शेर भी आश्रम परिसर में आते-जाते थे और स्वामी जी के सान्निध्य में रहते थे। इससे जुड़ी अनेक कथाएं आज भी श्रद्धालुओं के बीच प्रचलित हैं।

  • ग्वालियर व्यापार मेले में वायुसेना के बैण्ड पर बालीवुड की धुन पर झूमे श्रोता

    ग्वालियर व्यापार मेले में वायुसेना के बैण्ड पर बालीवुड की धुन पर झूमे श्रोता


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में चल रहे श्रीमंत माधवराव सिंधिया व्यापार मेले (Shrimant Madhavrao Scindia Trade Fair) में वायुसेना की बैण्ड (Air Force Band.) ने लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी अपनी प्रस्तुति दी। वायुसेना के बैण्ड द्वारा दी गई रोमाटिंक गानों की शानदार धुन को सुनकर दर्शक हतप्रद रह गए और झूमते नजर आए।

    ग्वालियर व्यापार मेले में पहली बार वायुसेना के बैण्ड ने दो दिवसीय अपनी प्रस्तुति दी है। इस प्रस्तुति में वायुसेना के जवानों के कई रंग देखने को मिले। शनिवार की शाम हिंदुस्तान मेरी जान गीत के साथ वायुसेना के बैण्ड ने मेले में प्रस्तुति की शुरुआत की। देर तक चली इस प्रस्तुति में वायुसेना के बैण्ड पर रोमांटिक वालीवुड के गानों को सुनकर जो दर्शक जहां खडा था, वहीं पूरी तन्मयता के साथ खड़ा रहा और प्रस्तुति को सुनने में मग्न नजर आया।

    इस अवसर पर एयर कमोडोर मनीष शर्मा (वायु सेवा मेडल एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर फोर्स स्टेशन ग्वालियर), ग्रुप कैप्टन सुभाष सी सिंह (चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर), ग्रुप कैप्टन अमित बाजपेई (स्टेशन सिक्योरिटी ऑफिसर), कलेक्टर रूचिका चौहान व नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर कलेक्टर रुचिका चौहान ने एयरफोर्स के बैंड द्वारा दी गई शानदार प्रस्तुति के लिए एयरफोर्स के अधिकारियों और बैंड के सदस्यों को धन्यवाद दिया। साथ ही सभी को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।


    रोमाटिंक गीतों की प्रस्तुति में दिखा वायुसेना का अलग रूप

    ग्वालियर व्यापार मेले में वायुसेना के बैण्ड ने शुरुआत फन फेयर की मधुर धुन से की। इसके बाद वंदे मातरम एवं हिंदुस्तान गीत की मधुर धुन प्रस्तुत की। इसके बाद वायुसेना के बैण्ड ने बालीवुड के रोमांटिक गानों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं। बालीवुड के गानों में 80-90 के दशक के रोमांटिक गानों ने समा बांध दिया। सबसे पहले बदन पर सितारे लपेटे हुए.. हो जाने तमन्ना… कहां जा रही हो… गाने की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद जब हम चले…, छू कर मेरे मन को किया तुने क्या इशारा… आदि गानों की प्रस्तुति दी।


    स्टॉल पर दिखी सामान खरीदने उमडी भीड

    व्यापार मेले में वायुसेना की ओर से स्टॉल भी लगाया गया था, इस स्टॉल पर वायुसेना की टोपी, टीशर्ट सहित विभिन्न प्रकार की वस्तुएं रखी थीं। इन वस्तुओं को मेले में आए सैलानियों ने काफी पंसद किया और जमकर वस्तुओं की खरीदारी की।

  • रूस से तेल आयात पर क्या बदलेगा भारत का रुख? ट्रंप के दावे के बाद विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब

    रूस से तेल आयात पर क्या बदलेगा भारत का रुख? ट्रंप के दावे के बाद विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब


    नई दिल्ली । यूएस-इंडिया ट्रेड डील के ऐलान के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया था कि भारत अब रूस से तेल की खरीद रोक देगा। इस बयान के बाद अब भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को रूसी तेल आयात को लेकर अपने पहले से चले आ रहे रुख को दोहराते हुए साफ कहा है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

    विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, ‘भारत के लिए ऊर्जा स्रोतों में विविधता बनाए रखना हमारी नीति का अहम हिस्सा है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सरकार कई बार सार्वजनिक मंचों से यह स्पष्ट कर चुकी है कि 140 करोड़ नागरिकों की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।’

    MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘वैश्विक बाजार की स्थिति और बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात के अनुसार ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का केंद्र है। भारत के फैसले इसी सोच के आधार पर लिए गए हैं और भविष्य में भी इसी दिशा में आगे बढ़ेंगे।’

    रूसी तेल को लेकर भारत ने दोहराया अपना रुख

    अमेरिका लंबे समय से चाहता है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना पूरी तरह बंद करे। इस पर भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि देश की ऊर्जा आवश्यकताएं किसी भी अन्य दबाव से ऊपर हैं। रूस से तेल आयात को लेकर यह भारत का लगातार रुख रहा है। अमेरिका का कहना है कि रूस तेल से होने वाली आय का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध में करता है, जबकि रूस इन आरोपों को लगातार खारिज करता आया है।

    व्हाइट हाउस के बयान के बाद सामने आया MEA का पक्ष

    विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया व्हाइट हाउस के उस दावे के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि भारत ने रूस से सीधे या किसी तीसरे देश के माध्यम से तेल खरीद रोकने और अमेरिका से तेल आयात बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। यह बयान उस समय सामने आया था, जब अमेरिका ने रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ को हटाने का ऐलान किया था।

    रूसी तेल पर भारत की स्वतंत्रता पर क्रेमलिन की टिप्पणी

    इस बीच, जब इस मुद्दे पर क्रेमलिन से सवाल किया गया तो उसने कहा कि भारत को जहां से चाहे वहां से तेल खरीदने का पूरा अधिकार है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस इस तथ्य से भली-भांति अवगत है कि वह भारत का अकेला तेल और पेट्रोलियम उत्पाद आपूर्तिकर्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत पहले भी अन्य देशों से इन उत्पादों की खरीद करता रहा है, इसलिए इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है।

  • दिल्‍ली के मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नया नाम, अब कहलाएगा श्रीराम मंदिर मयूर विहार

    दिल्‍ली के मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नया नाम, अब कहलाएगा श्रीराम मंदिर मयूर विहार


    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली के पूर्वी क्षेत्र में स्थित मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन को नया नाम दिया गया है। अब इस स्टेशन की पहचान ‘श्रीराम मंदिर मयूर विहार’ के रूप में होगी। स्टेशन के नाम में किए गए इस बदलाव को लेकर लोगों के बीच जिज्ञासा बनी हुई है कि आखिर ऐसा निर्णय क्यों लिया गया और इसकी पृष्ठभूमि क्या रही।

    मिली जानकारी के अनुसार, मयूर विहार इलाके में पहले से मयूर विहार पॉकेट-1 और मयूर विहार फेज-1 नाम से दो मेट्रो स्टेशन मौजूद थे। दोनों स्टेशनों के नाम काफी हद तक एक जैसे होने के कारण यात्रियों को बार-बार असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ता था। कई यात्री गलती से दूसरे स्टेशन पर उतर जाते थे, जिससे उनका समय खराब होता था और परेशानी भी बढ़ जाती थी। बुजुर्ग यात्रियों, नए लोगों और बाहरी राज्यों से आने वालों को यह दिक्कत ज्यादा होती थी।

    इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेताओं ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) से मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने का आग्रह किया था। नेताओं का तर्क था कि अलग नाम होने से स्टेशन की पहचान स्पष्ट होगी और यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

    सूत्रों के मुताबिक, स्टेशन के नाम में बदलाव की अनुशंसा स्ट्रीट नेम्स अथॉरिटी (SNA) की ओर से की गई है। यह अथॉरिटी दिल्ली सरकार के तहत कार्यरत 29 सदस्यीय संस्था है, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं। इसका मुख्य कार्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली में सड़कों, पार्कों, कॉलोनियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के नाम तय करना या उनमें बदलाव करना है। हालांकि, नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) इसके अधिकार क्षेत्र में शामिल नहीं हैं।

    बताया जा रहा है कि मेट्रो स्टेशन के पास स्थित श्रीराम मंदिर इस इलाके की एक प्रमुख पहचान है। इसी कारण नए नाम में स्थानीय धार्मिक और सामाजिक पहचान को जोड़ा गया है। इससे क्षेत्र को अलग पहचान मिलेगी और यात्रियों को दिशा समझने में भी सहूलियत होगी।


    सुविधा और पहचान के लिए बदला गया नाम
    दिल्ली में इससे पहले भी कई स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं। सरकार और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि ऐसे बदलाव का मकसद आम जनता की सुविधा बढ़ाना, स्थानीय पहचान को मजबूत करना और भ्रम की स्थिति को समाप्त करना होता है। अब मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन ‘श्रीराम मंदिर मयूर विहार’ के नाम से जाना जाएगा। उम्मीद है कि इस फैसले से रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी और मेट्रो सफर पहले से ज्यादा आसान होगा।

  • बदल गया टोल टैक्स चुकाने का तरीका, बिना टोल प्लाजा के कटेगा टोल..

    बदल गया टोल टैक्स चुकाने का तरीका, बिना टोल प्लाजा के कटेगा टोल..


    नई दिल्ली। Toll Tax Without Toll Plaza: देश में हाईवे नेटवर्क तेजी से फैल रहा है और रोज लाखों वाहन लंबी दूरी तय करते हैं. लेकिन टोल प्लाजा पर रुकना यात्रियों के सफर को स्लो कर देता है. फास्टैग के बाद भी कई जगह कतारें, जाम और समय की बर्बादी आम है. अब इस परेशानी का समाधान नई तकनीक से किया जा रहा है.

    देश का पहला बिना बैरियर वाला टोल बूथ गुजरात के सूरत में शुरू किया गया है. यहां वाहन बिना रुके निकल जाएंगे और टोल अपने आप कट जाएगा. इस सिस्टम में हाई रिजोल्यूशन कैमरे, जीपीएस और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. यानी अब टोल देने का तरीका पूरी तरह डिजिटल और स्मूथ होने जा रहा है. जान लें पूरी खबर.

    बिना टोल प्लाजा के टोल कलेक्शन
    नए टोल प्लाजा सिस्टम में टोल प्लाजा पर बैरियर नहीं होगा. सड़क पर लगे हाई रिजोल्यूशन कैमरे हर गुजरने वाले वाहन की नंबर प्लेट पढ़ेंगे. अगर गाड़ी पर फास्टैग नहीं भी है. तब भी नंबर प्लेट के जरिए वाहन की पहचान हो जाएगी. सिस्टम इसे टोल उल्लंघन के तौर पर दर्ज करेगा और वाहन मालिक को ई चालान भेजा जाएगा.

    हर लेन में रडार और लिडार आधारित कैमरे 360 डिग्री रिकॉर्डिंग करेंगे. पूरा डेटा कंट्रोल रूम और एनएचएआई सर्वर पर रियल टाइम दर्ज होगा. यानी कोई भी वाहन बिना पेमेंट के नहीं निकल सकेगा. यह टेक्नोलॉजी दुबई, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पहले से ही इस्तेमाल की जा रही है

    फास्टैग है लेकिन बैलेंस कम है तो क्या होगा?
    अगर आपकी गाड़ी में फास्टैग लगा है लेकिन उसमें बैलेंस कम है या ब्लैकलिस्टेड है. तब भी सिस्टम उसे पहचान लेगा. ऐसे मामलों में वाहन को डिफॉल्टर के रूप में दर्ज किया जाएगा. वाहन मालिक को एसएमएस और ऐप के जरिए अलर्ट मिलेगा. तय समय के भीतर रिचार्ज न करने पर ई चालान जारी होगा.

    जानबूझकर टोल चोरी करने की कोशिश करने वालों पर भी यह सिस्टम नजर रखेगा. कैमरे हर एंगल से रिकॉर्डिंग करते हैं. इसलिए बच निकलना मुश्किल होगा. आने वाले समय में यह बिना बैरियर वाला टोल सिस्टम देश के बाकी हाईवे पर भी लागू किया जा सकता है. इससे सफर तेज और आसान हो जाएगा.