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  • Business शुरू करने की सोच रहे हैं….तो अब बिना किसी गारंटी के ₹20 लाख तक का लोन

    Business शुरू करने की सोच रहे हैं….तो अब बिना किसी गारंटी के ₹20 लाख तक का लोन


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय रिजर्व बेंक (Central Reserve Bank) ने कई अहम ऐलान किए हैं। इसमें एक बड़ा ऐलान उन लोगों से जुड़ा था जो अपना बिजनेस शुरू (Start Business) करने की सोच रहे हैं। दरअसल, आरबीआई (RBI) ने माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) के छोटे बिजनेस के लिए बिना गारंटी वाले लोन की लिमिट 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की घोषणा की है। बिना गारंटी वाले लोन की बढ़ी हुई लिमिट 01 अप्रैल, 2026 को या उसके बाद मंजूर या रिन्यू किए गए छोटे कर्जदारों के सभी लोन पर लागू होगी।


    कोलैटरल-फ्री लोन क्या है?

    एक खबर में कोटक महिंद्रा बैंक की वेबसाइट का हवाला देते हुए बताया गया है कि यह एक अनसिक्योर्ड लोन है जो लेंडर आपकी बिजनेस की जरूरतों के लिए देते हैं। इस तरह के लोन में, लोन चुकाए जाने तक अपने घर, कार या प्रॉपर्टी जैसी कोई भी चीज गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। कोलैटरल-फ्री लोन बिजनेस के लिए तुरंत फंड पाने का एक शानदार तरीका है, जिसमें फाइनेंशियल संस्था के पास अपनी संपत्ति को जोखिम में डालने की जरूरत नहीं है।


    MSME का मतलब क्या है?

    MSME से मतलब माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज यानी कारोबार से होता है। एक माइक्रो एंटरप्राइज, जिसमें प्लांट और मशीनरी या इक्विपमेंट में इन्वेस्टमेंट 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होता है और टर्नओवर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होता है। वहीं, स्मॉल एंटरप्राइज में इन्वेस्टमेंट 25 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होता है और टर्नओवर 100 करोड़ रुपये तक होना चाहिए। इसके अलावा, मीडियम एंटरप्राइज में प्लांट और मशीनरी या इक्विपमेंट में इन्वेस्टमेंट 125 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होता है और टर्नओवर 500 करोड़ रुपये तक का होता है।


    किसान क्रेडिट कार्ड पर अपडेट

    इसके साथ ही आरबीआई किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से संबंधित नये दिशा-निर्देश भी जारी करेगा। इसमें फसल सीजन के मानकीकरण, केसीसी की अवधि बढ़ाकर छह साल करने और हर फसल सीजन के लिए लोन लिमिट तय करने संबंधी प्रावधान होंगे। इसके प्रारूप दिशा-निर्देश जल्द जारी किये जाएंगे।

  • एक अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स के नए रूल्स… विभाग ने जारी किया ड्राफ्ट

    एक अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स के नए रूल्स… विभाग ने जारी किया ड्राफ्ट


    नई दिल्ली।
    इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने इनकम-टैक्स नियम, 2026 (Income-tax Rules, 2026) का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। ये ड्राफ्ट नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने का प्रस्ताव है। इन ड्राफ्ट नियमों में कई दूसरी पहलों के साथ-साथ इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग फॉर्म को आसान बनाया गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने एक बयान में कहा कि ड्राफ्ट नियम और फॉर्म करीब 15 दिनों के लिए पब्लिक डोमेन में रहेंगे। सभी स्टेकहोल्डर्स और आम जनता से अनुरोध है कि वे इन ड्राफ्ट नियमों और फॉर्म को देखें और उन पर सोच-समझकर फीडबैक दें ताकि और बेहतर किया जा सके । आपको बता दें कि 15 दिन की अवधि 22 फरवरी, 2026 को पूरी हो रही है।


    CBDT चेयरमैन ने क्या कहा था?

    CBDT का कहना है कि ड्राफ्ट नियमों का हिस्सा नए फॉर्म को भी टैक्स देने वालों की आसानी के लिए काफी हद तक आसान बनाया गया है। बीते दिनों CBDT के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया था कि इसके अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की सूची भी जारी की जाएगी। अग्रवाल ने कहा था कि CBDT नए कानून पर ‘बार-बार पूछे जाने वाले सवाल’ (एफएक्यू) और एक प्रस्तुति तैयार करने पर भी काम कर रहा है।

    यह नए अधिनियम के लागू होने के साथ जनता के लिए उपलब्ध होगी ताकि उन्हें चीजों को समझने में आसानी हो। सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि पिछले साल पूरा जोर (आयकर अधिनियम की) भाषा को सरल बनाने पर था और नए कानून को इस तरह से लाने पर था कि करदाता इसे आसानी से पढ़ और समझ सकें।


    क्या कहते हैं एक्सपर्ट

    नांगिया ग्लोबल के पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा- इनकम टैक्स फॉर्म्स को आसान बनाया गया है। फॉर्म को ज्यादा साफ, आसानी से समझ में आने वाली भाषा में तैयार किया गया है ताकि ऑपरेशनल, एडमिनिस्ट्रेटिव या कानूनी अनिश्चितता से बचा जा सके और उनसे जुड़े नोट्स को भी उसी हिसाब से आसान बनाया गया है। खास बात यह है कि ड्राफ्ट फॉर्म नंबर 26, ऑडिट रिपोर्ट और इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 63 के तहत दी जाने वाली जानकारियों का स्टेटमेंट, ICDS एडजस्टमेंट का प्रावधान करता है।

  • पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर राहुल और प्रियंका गांधी बोले- राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई

    पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर राहुल और प्रियंका गांधी बोले- राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई


    नई दिल्ली।
    पप्पू यादव (Pappu Yadav) के समर्थन में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) भी उतर पड़े हैं। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी केवल राजनीतिक प्रतिशोध (Political vendetta) की भावना से की गई है। उन्होंने कहा कि NEET छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर ही उन्हें गिरफ्तार किया गया है और अब डराया धमकाया जा रहा है। शुक्रवार को देर रात पटना पुलिस ने 31 साल पुराने एक मामले में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार किया है।

    राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”पटना में नीट की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर व्यवस्था की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है।” उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवार ने जब निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की, तो वही पुराना भाजपा-राजग मॉडल सामने आ गया कि मामले को भटकाओ, परिजनों को प्रताड़ित करो और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण दो।

    राहुल ने कहा, ‘इस बेटी के लिए न्याय की आवाज़ बनकर साथी सांसद पप्पू यादव जी मजबूती से खड़े हुए। उनकी गिरफ़्तारी साफ़ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है ताकि जवाबदेही मांगने वाली हर आवाज़ को डराया और दबाया जा सके।’

    उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं दिखती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”यह एक भयावह साजिश एवं खतरनाक चलन की ओर इशारा करती है, जहां और भी बेटियां शिकार बन रही हैं और सत्ता इस खौफ़नाक सच्चाई से आंखें मूंदकर बैठी है। यह राजनीति नहीं, इंसाफ़ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज़्ज़त और सुरक्षा का सवाल है।”


    प्रियंका गांधी बोलीं- अत्याचार के साथ खड़ी बीजेपी

    पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी पप्पू यादव के प्रति एकजुटता प्रकट की और आरोप लगाया कि भाजपा एवं उसके सहयोगी दल अत्याचार के साथ खड़े हुए हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,”पटना के हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ बलात्कार और हत्या का मामला झकझोर देने वाला है। यह मामला सामने आने के बाद सरकार का रवैया उससे भी ज्यादा खौफनाक है।’ प्रियंका ने कहा, ‘प्राथमिकी दर्ज होने से लेकर जांच और कार्रवाई तक सबकुछ संदिग्ध बना दिया गया है। यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है?’

    उन्होंने कहा कि हाथरस, उन्नाव से लेकर अंकिता भंडारी और पटना तक- जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, भाजपा की सरकारें पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह आरोपियों के साथ खड़ी हो जाती हैं। प्रियंका ने आरोप लगाया कि इस मामले में आवाज उठा रहे सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी इसी असंवेदनशील रवैये की एक और कड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगियों का एजेंडा स्पष्ट है कि वे अन्याय और अत्याचार के साथ खड़े हैं।

  • T20 World Cup: सूर्यकुमार ने प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतकर रचा इतिरास…. इन दिग्गजों को छोड़ा पीछे

    T20 World Cup: सूर्यकुमार ने प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतकर रचा इतिरास…. इन दिग्गजों को छोड़ा पीछे


    नई दिल्ली।
    टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) का आगाज टीम इंडिया (Team India) ने जीत के साथ किया। यूएसए के खिलाफ हुए मुकाबले को भारत (India) ने 29 रनों से जीतकर पॉइंट्स टेबल में अपना खाता खोला। इस मैच की शुरुआत में एक समय ऐसा आया था जब भारतीय फैंस की धड़कने बढ़ गई थी। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया 77 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी। उस समय 120 का स्कोर भी मुश्किल नजर आ रहा था, मगर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने कप्तानी पारी खेलते हुए ना सिर्फ टीम इंडिया को बड़े स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि जीत दर्ज करने में भी अहम भूमिका निभाई। सूर्यकुमार यादव ने यूएसए के खिलाफ 84 रनों की पारी खेली जिसके दम पर भारत 161 के स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रहा। उनकी इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।


    सूर्यकुमार यादव ने विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ रचा इतिहास

    यूएसए के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में सूर्यकुमार यादव ने प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीत इतिहास रच दिया है। वह भारत के लिए T20I क्रिकेट में अब सबसे ज्यादा POTM का अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। जी हां, उन्होंने इस मामले में पूर्व स्टार प्लेयर विराट कोहली को पछाड़ा है। 2024 में टी20 क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके विराट कोहली ने 16 बार टीम की जीत में अहम भूमिका निभाते हुए यह अवॉर्ड जीता था। वहीं सूर्यकुमार यादव के करियर का यह 17वां प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड है।


    T20I में सबसे अधिक POTM अवॉर्ड जीतने वाले भारतीय

    17 सूर्यकुमार यादव (105 टी20I)
    16 विराट कोहली (125)
    14 रोहित शर्मा (159)
    8 अक्षर पटेल (88)


    सूर्यकुमार यादव निकले युवराज सिंह से भी आगे

    वहीं टी20 वर्ल्ड कप में सूर्यकुमार यादव का यह चौथा प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड है। वह टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा POTM अवॉर्ड जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। इस लिस्ट में उन्होंने युवराज सिंह और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों को पछाड़ा है। वहीं विराट कोहली यहां पहले पायदान पर हैं।

    टी20 वर्ल्ड कप में सबसे अधिक POTM अवॉर्ड जीतने वाले भारतीय
    8 विराट कोहली (35 टी20I)
    4 सूर्यकुमार यादव (19)*
    3 युवराज सिंह (31)
    3 आर अश्विन (24)
    3 रोहित शर्मा (47)

  • पाकिस्तान के गृह मंत्री ने भारत पर लगाया बेतुका फंडिंग का आरोप, दिया ये विवादित बयान..

    पाकिस्तान के गृह मंत्री ने भारत पर लगाया बेतुका फंडिंग का आरोप, दिया ये विवादित बयान..


    नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद शुक्रवार को उस समय दहल गई जब एक शिया मस्जिद में भीषण आत्मघाती धमाका हुआ। शनिवार तक इस हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है क्योंकि कई गंभीर रूप से घायल लोग अस्पताल में दम तोड़ चुके हैं। वैश्विक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) ने हमले की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इसे एक फिदायीन ऑपरेशन बताया है।

    इस बीच, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारत उनके देश में उग्रवादी संगठनों का वित्तपोषण कर रहा है। हालांकि, उन्होंने इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं किया। भारत ने पहले ही इस्लामाबाद मस्जिद हमले में किसी भी संलिप्तता के आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

    नकवी ने कहा, “दाएश और तालिबान जैसे समूहों को कहीं से धन और लक्ष्य मिल रहे हैं,” और बिना किसी प्रमाण के भारत की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “मैं फिर से स्पष्ट रूप से कहता हूं कि उनका वित्तपोषण भारत से हो रहा है।”

    इस्लामिक स्टेट के आधिकारिक मुखपत्र ‘अमाक’ के माध्यम से जारी बयान में हमलावर की पहचान सैफुल्लाह अंसारी के रूप में की गई है। संगठन ने अंसारी की तस्वीर भी जारी की है जिसमें वह संगठन के प्रति अपनी वफादारी की शपथ लेता दिख रहा है। IS ने दावा किया है कि यह हमला ‘IS इन पाकिस्तान प्रोविंस’ (ISPP) के एक सक्रिय सदस्य द्वारा किया गया है, जो 2019 से क्षेत्र में सक्रिय है।

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान को अपनी घरेलू समस्याओं का समाधान करने की बजाय दूसरों को दोष देना बंद करना चाहिए। बयान में कहा गया भारत इस तरह के हर आरोप को खारिज करता है, जो निराधार और निरर्थक है।

    मस्जिद हमले के तुरंत बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने आधिकारिक बयान जारी कर अपनी किसी भी संलिप्तता से इनकार किया। IS के दावे से यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान में सांप्रदायिक हिंसा को भड़काने के पीछे अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का हाथ है। बयान में सीरिया में सक्रिय ‘ज़ैनाबियून ब्रिगेड’ (प्रो-इरान मिलिशिया) में शामिल पाकिस्तानी शियाओं का भी जिक्र किया गया, जो इस हमले के पीछे सांप्रदायिक प्रतिशोध की ओर इशारा करता है।

  • Trade Deal: अगले 5 साल में 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा भारत… क्या US कंपनियां पूरी कर पाएंगी डिमांड?

    Trade Deal: अगले 5 साल में 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा भारत… क्या US कंपनियां पूरी कर पाएंगी डिमांड?


    नई दिल्ली।
    भारत और अमेरिका (India and America) के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते (Historic Trade Agreements) के तहत भारत (India) ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर लगभग 41 लाख करोड़ रुपये के मूल्य के सामान आयात करने की जो प्रतिबद्धता जताई है वह वैश्विक व्यापार की दिशा बदल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस लक्ष्य की सफलता केवल भारतीय कंपनियों (Indian Companies) के ऑर्डर देने पर नहीं, बल्कि अमेरिकी सप्लायर्स की सप्लाई क्षमता पर भी निर्भर करेगी। शनिवार को जारी संयुक्त बयान के बाद अब इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि आखिर किन क्षेत्रों में भारत अपनी खरीदारी बढ़ाएगा और अमेरिका के सामने क्या चुनौतियां होंगी।

    आयात के इस लक्ष्य को हासिल करने में ऊर्जा क्षेत्र सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में भारत ने अमेरिका से करीब 40 अरब डॉलर का आयात किया, जिसमें से 11 अरब डॉलर केवल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद थे। यह पिछले साल की तुलना में 35% अधिक है।

    भारत अब अपनी तेल जरूरतों के लिए रूस के बजाय अमेरिकी तेल को प्राथमिकता देने की ओर बढ़ रहा है। भारत अब इंडोनेशिया से आने वाले ‘कोकिंग कोल’ की जगह अमेरिकी कोयले को तरजीह दे सकता है। अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी कोयला न केवल गुणवत्ता में बेहतर है, बल्कि कीमत में भी प्रतिस्पर्धी है। भारतीय तेल कंपनियों ने पहले ही अधिक तरल प्राकृतिक गैस (LNG) की खरीद के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।


    हाई-टेक और विमानन

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, चिप्स, सेमीकंडक्टर और हवाई जहाज जैसे हाई-टेक उत्पाद इस 500 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचने की कुंजी होंगे। भारत अकेले बोइंग को 70 से 80 अरब डॉलर के नए ऑर्डर देने की तैयारी में है। डेटा सेंटर्स और AI के लिए आवश्यक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स और हाई-एंड चिप्स की खरीद में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है।


    सप्लाई चेन और पेंडिंग ऑर्डर्स जैसी अड़चनें

    इस भव्य योजना की राह में कुछ तकनीकी अड़चनें भी हैं। उदाहरण के तौर पर, बोइंग जैसी कंपनियों के पास पहले से ही भारी ऑर्डर का बैकलॉग है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या अमेरिकी कंपनियां समय पर डिलीवरी दे पाएंगी? इसी तरह, वैश्विक बाजार में सेमीकंडक्टर चिप्स की भारी मांग है। भारतीय खरीदारों को इन उत्पादों को हासिल करने के लिए वैश्विक कतार में लगना होगा। गोयल ने कहा, “यह अमेरिकी विक्रेताओं पर निर्भर करता है कि वे भारतीय खरीदारों को ऐसा प्रस्ताव दें जिसे वे ठुकरा न सकें। 100 अरब डॉलर प्रति वर्ष का लक्ष्य पहले ही साल में शायद पूरा न हो, लेकिन हम उसी दिशा में बढ़ रहे हैं।”


    100 अरब डॉलर प्रति वर्ष का रोडमैप

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत सालाना 100 अरब डॉलर का आयात अमेरिका से करता है तो अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार होने के साथ-साथ सबसे बड़ा ऊर्जा आपूर्तिकर्ता भी बन सकता है। इससे भारत की रूस पर निर्भरता कम होगी और अमेरिका के साथ उसके रणनीतिक संबंध और गहरे होंगे। यह समझौता केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि एक बड़ा कूटनीतिक दांव है। जहां भारत को 18% कम टैरिफ का लाभ मिल रहा है, वहीं अमेरिका को 500 अरब डॉलर का सुनिश्चित बाजार मिल गया है। अब सफलता इस बात पर टिकी है कि अमेरिकी फैक्ट्रियां और तेल के कुएं भारत की इस विशाल मांग को कितनी तेजी से पूरा करते हैं।

  • MP में सर्दी का असर बढ़ा, कटनी, शहडोल और उमरिया सबसे ठंडे, 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे

    MP में सर्दी का असर बढ़ा, कटनी, शहडोल और उमरिया सबसे ठंडे, 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे


    भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड ने फिर दस्तक दी है। लगभग 15 दिन बाद रात का तापमान 4 डिग्री से नीचे चला गया है। राज्य के कटनी, शहडोल और उमरिया जिले इस समय सबसे ठंडे क्षेत्र बने हुए हैं। खासकर कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा राज्य के 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे गिर गया है।

    पिछली तीन रातों से ठंड बढ़ रही है। शुक्रवार और शनिवार की रात को भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में तापमान 11 डिग्री, जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री रहा।

    न्यूनतम तापमान के आंकड़े इस प्रकार हैं:
    करौंदी (कटनी): 3.5 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल): 4.9 डिग्री, उमरिया: 7 डिग्री, रीवा-खजुराहो: 7.4 डिग्री, मंडला: 7.9 डिग्री, नौगांव: 8.8 डिग्री, सतना: 8.9 डिग्री, राजगढ़-शिवपुरी: 9 डिग्री, पचमढ़ी: 9.4 डिग्री, दमोह और मलाजखंड: 9.8 डिग्री

    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो दिन राज्य में तेज सर्दी का असर रहेगा। इसके बाद तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। फिलहाल ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में ठंड सबसे अधिक महसूस की जा रही है। पांच बड़े शहर – भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर – में पारा 13 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। ठंड का यह असर 8 और 9 फरवरी को भी जारी रहने की संभावना है।

    रविवार सुबह ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्का कोहरा देखा गया। मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल बारिश या कोहरे की संभावना नहीं है। दिन में तेज धूप रहेगी, लेकिन भोपाल, सीहोर, गुना, ग्वालियर, भिंड और मुरैना में सर्द हवाओं का असर महसूस होगा। देर रात और सुबह के समय ठंड अधिक रहेगी।

  • पोस्ट ऑफिस की RD स्कीम में हर महीने 5000 रुपये जमा करेंगे तो 5 साल में कितना फंड होगा तैयार?

    पोस्ट ऑफिस की RD स्कीम में हर महीने 5000 रुपये जमा करेंगे तो 5 साल में कितना फंड होगा तैयार?


    नई दिल्ली।महंगाई के दौर में अगर आप बिना जोखिम के सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं, तो पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपोजिट (RD) स्कीम आपके लिए एक भरोसेमंद ऑप्शन बन सकती है। खासतौर पर वे लोग जो हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम बचाकर भविष्य के लिए एक अच्छा फंड तैयार करना चाहते हैं, उनके लिए यह स्कीम बेहद उपयोगी है। पोस्ट ऑफिस की RD न सिर्फ सरकारी गारंटी के साथ आती है, बल्कि इसमें मिलने वाला ब्याज भी स्थिर होता है, जिससे निवेशक पहले से जान सकता है कि मैच्योरिटी पर उसे कितनी रकम मिलेगी।
    क्या है पोस्ट ऑफिस RD स्कीम?
    पोस्ट ऑफिस की RD यानी रिकरिंग डिपोजिट स्कीम में निवेशक को हर महीने एक निश्चित रकम जमा करनी होती है। यह स्कीम उन लोगों के लिए बनाई गई है जो एक साथ बड़ी रकम निवेश नहीं कर सकते, लेकिन नियमित बचत की आदत डालना चाहते हैं। फिलहाल पोस्ट ऑफिस इस स्कीम पर 6.7% सालाना ब्याज दे रहा है, जो तिमाही चक्रवृद्धि के आधार पर जोड़ा जाता है।

    कितनी रकम से कर सकते हैं शुरुआत?
    इस स्कीम में खाता खोलने के लिए न्यूनतम मासिक जमा सिर्फ 100 रुपये है। अच्छी बात यह है कि इसमें अधिकतम जमा की कोई सीमा तय नहीं है, यानी आपकी आमदनी जितनी अनुमति दे, आप उतना निवेश कर सकते हैं। यही वजह है कि यह स्कीम नौकरीपेशा लोगों, गृहिणियों और छोटे कारोबारियों के बीच काफी लोकप्रिय है।

    मैच्योरिटी और अवधि
    पोस्ट ऑफिस की RD स्कीम की अवधि 5 साल यानी 60 महीने होती है। इस दौरान हर महीने तय तारीख तक राशि जमा करनी होती है। अगर किसी महीने किस्त चूक जाती है, तो मामूली जुर्माने के साथ उसे बाद में भी जमा किया जा सकता है।

    हर महीने 5000 रुपये जमा करने पर कितना मिलेगा?
    अगर आप पोस्ट ऑफिस की RD स्कीम में हर महीने 5000 रुपये जमा करते हैं, तो 5 साल में आपकी कुल जमा राशि 3,00,000 रुपये होगी। इस पर मिलने वाले ब्याज को जोड़ दें, तो 60 महीने बाद आपको कुल करीब 3,56,830 रुपये मिलेंगे। यानी आपको लगभग 56,830 रुपये से ज्यादा का ब्याज लाभ होगा।

    क्यों चुनें पोस्ट ऑफिस RD?
    पोस्ट ऑफिस की RD स्कीम पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि यह सरकार द्वारा समर्थित है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता और निवेशक को फिक्स रिटर्न मिलता है। बच्चों की पढ़ाई, शादी या किसी छोटे भविष्य लक्ष्य के लिए यह स्कीम एक मजबूत फाइनेंशियल प्लान बन सकती है।

  • How To Get Glowing skin: चेहरे पर चाहिए नेचुरल चमक? ये 2 चीज लगाने से स्किन होगी रेशम जैसी मुलायम

    How To Get Glowing skin: चेहरे पर चाहिए नेचुरल चमक? ये 2 चीज लगाने से स्किन होगी रेशम जैसी मुलायम


    नई दिल्ली।सर्दियों त्वचा के लिए यह किसी परीक्षा से कम नहीं होता. ठंडी और शुष्क हवाएं स्किन की नमी को धीरे-धीरे सोख लेती हैं, जिससे चेहरे का कुदरती निखार कहीं खो जाता है. अक्सर इस मौसम में चेहरा काला, बेजान और पपड़ीदार दिखने लगता है. जब हवा में नमी की कमी होती है तो हमारी त्वचा के प्राकृतिक तेल सूखने लगते हैं जिससे बारीक रेखाएं और झुर्रियां उभरने लगती हैं. महिलाएं अक्सर इस रूखेपन को छिपाने के लिए ढेर सारा मेकअप या केमिकल वाली क्रीम लगाती हैं.
    ऐसे में हम यहां आपको बाजार के महंगे प्रोडक्ट्स के बजाय रसोई में मौजूद केला और मलाई का कॉम्बो वाले पैक की जानकारी दे रहे हैं जो आपकी स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. केला विटामिन और पोटैशियम से भरपूर होता है जो त्वचा को पोषण देता है, वहीं मलाई एक नेचुरल मॉइस्चराइजर का काम करती है जो चेहरे पर कुदरती चमक और गुलाबी निखार लाती है.

    केले और मलाई का फेस पैक कैसे बनाएं?
    बनाने का तरीका: एक पका हुआ आधा केला लें और उसे अच्छी तरह मैश (मसल) लें. अब इसमें एक बड़ा चम्मच ताजी दूध की मलाई मिलाएं. अगर आपकी स्किन ज्यादा ड्राई है, तो इसमें आधा चम्मच शहद भी डाल सकते हैं.

    लगाने का तरीका: इस स्मूथ पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह लगाएं. इसे 15-20 मिनट तक लगा रहने दें जब तक यह हल्का सूख न जाए.
    साफ करने का तरीका: चेहरे को गुनगुने पानी से हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लें. टॉवल से चेहरा पोंछने के बाद आप महसूस करेंगे कि आपकी त्वचा रेशम जैसी मुलायम और चमकदार हो गई है.
  • हिन्दुत्व में ही सबकी सुरक्षा की गारंटी है : संघ प्रमुख डॉ भागवत

    हिन्दुत्व में ही सबकी सुरक्षा की गारंटी है : संघ प्रमुख डॉ भागवत


    मुंबई।
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शनिवार को मुंबई में कहा कि हिन्दुत्व में ही सबकी सुरक्षा की गारंटी है। भाषा, भूषा, खान-पान रीति रिवाज में भिन्नता के बावजूद हम राष्ट्र और संस्कृति से हिन्दू हैं। संघ प्रमुख डॉ. भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुंबई में आयोजित “नए क्षितिज” कार्यक्रम के दूसरे सत्र को संबोधित कर रहे थे।

    संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि भाषा, भूषा, खान पान रीति रिवाज में भिन्नता के बावजूद हम राष्ट्र और संस्कृति से हिन्दू हैं, ऐसा कहने से आपको कुछ भी छोडऩा नहीं होगा और न ही आपकी पहचान संकट नहीं पैदा होगा। इसके लिए संवाद की आवश्यकता होती है। हिन्दू-मुस्लिम एक हैं, यह नारा ही गलत है। हम एक ही थे। वह भूल गए उसे याद दिलाने की आवश्यकता है। एक कालखंड में उन्होंने पूजा-पद्धति बदली, अब उसे छोड़ नहीं सकते। लेकिन अपना मूल याद कर अपनी संस्कृति के आधार पर जुड़ तो सकते हैं। संघ की शाखा में आकर एक घंटे शरीर मन बुद्धि से व्यायाम करना और शेष 23 घंटे अपनी सुविधा और सामथ्र्य के अनुसार अपने समाज के लिए कार्य करना ,यह भी एक मार्ग है। भारत अपने स्वत्व के आधार पर सब प्रकार से खड़ा हो, इसके लिए आप कुछ भी कर रहे हैं तो एक प्रकारसे आप संघ का ही कार्य कर रहे हैं। संघ के बारे में संघ को देखकर मन और मत बनाइये, यही मेरा आग्रह है। सही स्रोत से संघ को समझिए। संघ की शाखा, संघ के कार्यक्रम, संघ स्वयंसेवकों के आचरण और उनके घर से आपको संघ समझ में आएगा। तथ्यों के आधार पर यदि आप हमारा विरोध करेंगे तो भी हम आपका स्वागत करेंगे।

    सर संघचालक ने कहा कि ग्राम विकास, गोसेवा आदि सर्वमान्य कार्यों से व्यवस्था परिवर्तन भले न हो पर इससे समाज में परिवर्तन आता है। समाज की सज्जन शक्ति को अच्छी तरीके से सक्रिय होने की आवश्यकता है और सभी एक दूसरे के पूरक हों। समाज की सज्जन शक्ति की सक्रियता और उनके बीच समन्वय के लिए ही पंच परिवर्तन का अभियान है। सामाजिक समरसता अर्थात अपने समाज के बीच बिना किसी भेदभाव के अपने संचार के क्षेत्र में सम्पूर्ण हिन्दू समाज के सभी वर्गों में अपने एक मित्र होने चाहिए। इसके लिए अलग से कुछ खर्च नहीं लगता और अलग से अधिक परिश्रम नहीं करना पड़ता। अपने घर के निकट चर्मकार का कार्य करने वाला या आपका माली ही हो, उसके साथ अपने कुटुम्ब के सदस्यों के समान व्यवहार करना, इससे अपने आप संदेश जाएगा। बच्चों के भीतर परिवार के संस्कार, यह 12 वर्ष की आयु तक दिए जाते हैं तो यह जीवन भर प्रभावी होते हैं। वर्तमान समय में परिवार के सभी सदस्य मोबाइल में अधिक समय बिताते हैं। आवश्यकता है कि सप्ताह में एक दिन परिवार के साथ सामूहिक चर्चा करना, साथ ही भोजन करना। सभी को प्रामाणिकता और निस्वार्थ बुद्धि से अपने समाज की सेवा करना और उसकी चर्चा परिवार में करना, इसे मंगल संवाद कहते हैं। ऐसा करने से परिवार और समाज में बहुत सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। अपने घर की चारदीवारी के बीच भाषा, भूषा, भजन, हवन, भोजन, भ्रमण अपना ही होना चाहिए। अपनी भाषा में हस्ताक्षर से ही शुरू करें। उसके लिए किसी दूसरी या विदेशी भाषा की आवश्यकता क्या है। पंच परिवर्तन की बात स्वयंसेवकों ने अपने घरों में शुरू कर दी है। यह एक दिन में नहीं होगा लेकिन यह एक दिन अवश्य होगा। हम सम्पूर्ण समाज को भी पंच परिवर्तन के विभिन्न आयामों को अपनाने का आग्रह करते हैं।