Blog
-

आधी रात का विद्रोह: हरदा एकलव्य विद्यालय के 400 बच्चों का पैदल मार्च, अधीक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना और बदइंतजामी के आरोप
हरदा । हरदा जिले के रहटगांव तहसील स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में उस समय सनसनी फैल गई, जब सैकड़ों छात्र-छात्राएं आधी रात को हॉस्टल की दीवार फांदकर पैदल मार्च पर निकल पड़े। यह घटना न सिर्फ प्रशासन के लिए चौंकाने वाली थी, बल्कि आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गई। बच्चों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी, भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब थी और शिकायत करने पर डराया-धमकाया जाता था।बताया जा रहा है कि विद्यालय में अध्ययनरत करीब 300 से 400 छात्र-छात्राएं तड़के करीब चार बजेअचानक एकजुट हुए और हॉस्टल परिसर की दीवार फांदकर जिला मुख्यालय हरदा की ओर पैदल निकल पड़े। बच्चों का कहना था कि उन्होंने कई बार अधीक्षिका सोनिया आनंद और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से अपनी समस्याएं साझा कीं, लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। मजबूर होकर बच्चों ने यह अनोखा और साहसिक कदम उठाया।पैदल मार्च के दौरान बच्चों में गुस्सा और पीड़ा साफ नजर आ रही थी। वे प्राचार्य हाय-हाय मानसिक प्रताड़ना बंद करोऔर ऐसा भोजन नहीं चलेगा जैसे नारे लगाते हुए अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। करीब दस किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद ग्राम सोडलपुर के पास फोरलेन मार्ग पर जिला प्रशासन को इस असाधारण घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन स्वयं मौके पर पहुंचे। कलेक्टर के पहुंचते ही सभी बच्चे सड़क किनारे बैठ गए और खुलकर अपनी समस्याएं बताईं। बच्चों ने बताया कि उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन नहीं दिया जाता, साफ-सफाई की हालत खराब है और अनुशासन के नाम पर अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने वालों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, जिससे वे भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बच्चों को शांत करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने मौके पर ही पालकों की एक निगरानी समिति गठित करने की घोषणा की, जो विद्यालय की व्यवस्थाओं, भोजन और अनुशासन पर नजर रखेगी। कलेक्टर के आश्वासन के बाद बच्चों ने अपना विरोध समाप्त किया। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा बसों की व्यवस्था कर सभी बच्चों को सुरक्षित वापस हॉस्टल पहुंचाया गया। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एकलव्य आवासीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली और बच्चों के अधिकारों को लेकर एक बड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है, जिस पर समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है। -

ट्रंप; बोले- जिसने ग्रीनलैंड डील पर साथ नहीं दिया, उसे भी नहीं छोड़ेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक स्वास्थ्य कार्यक्रम में ट्रंप ने ग्रीन लैंड के मुद्दे पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “अगर वे (यूरोपीय देश) ग्रीनलैंड समझौते का समर्थन नहीं करते हैं, तो मैं उन देशों पर टैरिफ लगा सकता हूं। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है, उन्हें यह समझना होगा।”आपको बता दें, डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब यूरोपीय देश लगातार ग्रीनलैंड में अभ्यास के लिए सेना भेजकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर नाटो देशों के बीच बढ़ते इस तनाव को कम करने के लिए अमेरिकी सांसदोंका एक दल इस समय डेनमार्क में है। यहां पर वह डेनमार्क और ग्रीनलैंड के सांसदों से बातचीत कर रहे हैं।
ट्रंप की ग्रीन लैंड प्रस्ताव को लेकर यूरोप में विरोध इस तरह बढ़ गया है कि जर्मनी और इटली जैसे देशों ने खुले आम रूस के साथ खुद से बात करने की शुरुआत करने पर सहमति जताई है। फ्रांस सीधे तौर पर ग्रीनलैंड में अपनी सेना को पहले से तैनात किए हुए है। इसके बाद भी राष्ट्रपति मैक्रों ने वहां और सैनिक भेजने की बात कही है।
गौरतलब है कि ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड को कब्जे में लेने की बात कह रहे हैं। ग्रीनलैंड, नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) का एक अर्ध स्वायत्त क्षेत्र है और ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि आर्कटिक द्वीप पर अमेरिका के नियंत्रण से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है।
उन्होंने शुक्रवार को बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए कहा, ‘‘अगर कोई देश ग्रीनलैंड के मुद्दे पर सहमत नहीं होता है, तो मैं उस पर शुल्क लगा सकता हूं। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की आवश्यकता है।’’
-

बाबर आजम से हुई नोंकझोक पर स्टीव स्मिथ ने तोड़ी चुप्पी, बताया सिंगल ना लेने का असली कारण
नई दिल्ली। स्टीव स्मिथ और बाबर आजम के बीच बिग बैश लीग के दौरान हुई नोंकझोक के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में स्टीव स्मिथ बाबर आजम को एक रन लेने से इनकार करते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं एक वीडियो में बाबर आजम की खराब फील्डिंग पर स्टीव स्मिथ निराश दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में जब बाबर आजम आउट हुए तो वह मैदान से बाहर जाते समय बाउंड्री रोप पर अपना गुस्सा निकाल रहे हैं। यह सारी घटनाएं एक ही मैच की है, फैंस हैरान इसलिए भी हैं क्योंकि यह नोंकझोक बाबर आजम और स्टीव स्मिथ के बीच एक ही टीम में रहते हुए हुई। स्टीव स्मिथ ने इस मामले पर अब अपनी चुप्पी तोड़ी है।बाबर आजम और स्टीव स्मिथ के बीच इस नोंकझोक की शुरुआत पहली पारी से ही हो गई थी। सिडनी थंडर की पारी के दौरान डेविड वॉर्नर के एक शॉट को रोकने के प्रयास में स्टीव स्मिथ और बाबर आजम के बीच गलतफहमी हुई और गेंद बाउंड्री के बाहर चली गई। हालांकि रिप्ले में साफ दिखा कि बाबर आजम गेंद को पकड़ सकते थे, बाबर की खराब फील्डिंग देख स्टीव स्मिथ हैरान रह गए। वहीं कुछ देर बाद ऐसा ही एक शॉट और आया, जहां पर स्मिथ ने बाबर को नजरअंदाज करते हुए खुद गेंद को पकड़ा। हालांकि इस दौरान भी बाबर स्टीव स्मिथ के आगे आ गए थे।
इसके बाद दोनों बल्लेबाजों ने सिडनी सिक्सर्स के लिए पारी का आगाज किया और अच्छी शुरुआत दिलाई। हालांकि 11वें ओवर के दौरान स्टीव स्मिथ ने बाबर आजम को एक आसान सिंगल लेने के लिए मना कर दिया। जिससे बाबर काफी नाराज नजर आए। स्टीव स्मिथ ने अब उस सिंगल को ना लेने का कारण बताया है।
स्टीव स्मिथ ने मैच के बाद कहा, “’हमने 10 ओवर के बाद बात की थी, और कप्तान और कोच ने कहा था कि तुरंत पावर-सर्ज ले लो। मैंने कहा नहीं, एक ओवर और खेलने दो। मैं छोटी बाउंड्री की तरफ खेलना चाहता हूं। मैं पहले ओवर को खराब नहीं करना चाहता। मैं उस ओवर में 30 रन बनाने की कोशिश करूंगा। मुझे लगता है कि हमने 32 रन बनाए, इसलिए यह एक अच्छा नतीजा था। मुझे नहीं पता कि बाबर मुझसे सिंगल न लेने के फैसले से खुश था या नहीं।”
स्टीव स्मिथ का सिंगल ना लेने का फैसला टीम के हित में रहा, 12वें ओवर में स्मिथ ने पावर-सर्ज का इस्तेमाल किया और 32 रन बटौरे। यह बीबीएल के इतिहास का सबसे महंगा ओवर था। इस ओवर में भी स्मिथ दो रन लेने में आनाकानी कर रहे थे, मगर अंत में उन्होंने दो रन लिए। बता दें, बीबीएल में पावर-सर्ज का नियम है। इसके तहत 10 ओवर के बाद टीमें 2 ओवर के लिए पावरप्ले का इस्तेमाल कर सकती है, जिसमें 2 खिलाड़ी 30 गज के घेरे से बाहर रहेंगे। जैसा कि आमतौर पर टी20 में पहले 6 ओवर में होता है।
-

डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच लाइव टीवी पर रोने लगीं ग्रीनलैंड की वित्त मंत्री
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे को धमकियों के बीच हाल ही में ग्रीनलैंड की वित्त मंत्री बेहद भावुक हो गईं। बीते कुछ दिनों में तीव्र दबाव का जिक्र करते हुए लाइव टेलीकास्ट के दौरान एक कार्यक्रम में उनकी आंखों में आंसू आ गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिन उनके देश के लिए बेहद मुश्किल रहे हैं। वहीं ट्रंप लगातार अपनी बात पर अड़े हुए हैं और वाइट हाउस ने गुरुवार को भी एक बयान में कहा है कि ग्रीनलैंड को हासिल करना अमेरिका के लिए बेहद जरूरी है।
ग्रीनलैंड की वित्त मंत्री विवियन मोट्जफेल्ड्ट एक चैनल के साथ इंटरव्यू में इस पर बात कर रही थी।मोट्जफेल्ड्ट ने बातचीत के बाद KNR को बताया, “हम अपने स्तर पर बहुत कड़ी मेहनत कर रहे हैं। मैं आमतौर पर ये शब्द कहना पसंद नहीं करती, लेकिन मैं कहूंगी कि हम बहुत मजबूत हैं। हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ दिन, स्वाभाविक रूप से…”
क्या बोलीं मोट्जफेल्ड्ट?इसके बाद मोट्जफेल्ड्ट भावुक हो गईं। उन्होंने किसी तरह अपने आंसू रोके और कहा, “ओह, मैं बहुत भावुक हो रही हूं। मैं दुखी हूं। पिछले कुछ दिन कठिन रहे हैं। हम पर बहुत दबाव है।”
उन्होंने आगे कहा कि ग्रीनलैंड की सरकार मजबूत है और देश खुद को को सुरक्षित रखने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहा है।
ट्रंप अड़ेइससे पहले वाइट ने गुरुवार को कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के लिए अतिआवश्यक मानते हैं और इसे हासिल करने के लिए बेहद उत्सुक हैं। वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी प्राथमिकता बिल्कुल स्पष्ट कर दी है। वह चाहते हैं कि अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करे। उनका मानना है कि ऐसा करना हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के सर्वोत्तम हित में है।”
बैठक रही बेनतीजाउनकी इस टिप्पणी से पहले ही अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों के बीच हुई सीधी बातचीत हुई थी।
डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि बुधवार को वॉशिंगटन में ग्रीनलैंड के उनके समकक्ष, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ हुई चर्चा मुख्य मतभेदों को सुलझाए बिना समाप्त हो गई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ‘एक मौलिक असहमति’ बनी हुई है। रासमुसेन ने कहा कि हम अमेरिका की स्थिति को बदलने में कामयाब नहीं हुए। -

पाकिस्तान समर्थक सेना अधिकारी से मिले तारिक रहमान, भारत की सुरक्षा के लिए नुकसान
पाकिस्तान समर्थक सेना अधिकारी से मिले तारिक रहमान, भारत की सुरक्षा के लिए नुकसान
ढाका। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अंतरिम अध्यक्ष तारिक रहमान ने पूर्व बांग्लादेश आर्मी अधिकारी और भारत-विरोधी ब्रिगेडियर जनरल अमन आजमी से मुलाकात की। अमन आजमी विवादास्पद जमात नेता गुलाम आजम के बेटे हैं, जिससे बीएनपी के चुनाव के बाद के लक्ष्यों पर सवाल उठ रहे हैं। बुधवार शाम ढाका में यह मुलाकात हुई। इससे बीएनपी के पाकिस्तान और उसकी जासूसी एजेंसी ISI के साथ भविष्य के संबंधों पर संदेह पैदा होता है। सूत्रों के अनुसार, ऐसे कदम भारत की सुरक्षा चिंताओं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।तारिक रहमान ने हाल ही में अपनी नई छवि में भारत के प्रति स्वागत योग्य दिखाई है, जो यह संकेत देता है कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री चुना जाता है तो वे सामान्य साझेदारी स्थापित करने के लिए इच्छुक हैं। हालांकि, जानकार कहते हैं कि उनके पुराने आईएसआई और जमात-ए-इस्लामी से संबंध फिर से उभर सकते हैं। रहमान के भविष्य के कदमों पर नजर रखने की जरूरत है क्योंकि जमात किसी भविष्य की सरकार में शामिल होने के लिए उतावली दिख रही है।
अमन आजमी के पिता कौन थेगुलाम आजम 1971 के मुक्ति युद्ध के दौरान बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी पार्टी के प्रमुख नेता थे। उन्होंने बांग्लादेश की स्वतंत्रता का सक्रिय रूप से विरोध किया और पाकिस्तानी सेना के साथ सहयोग किया। उन्होंने प्रो-पाकिस्तान पीस कमेटियों का गठन और नेतृत्व किया, जो रजाकारों, अल-बद्र और अल-शम्स जैसे क्रूर अर्धसैनिक समूहों के लिए भर्ती करते थे। ये समूह युद्ध अपराधों, नरसंहार और बुद्धिजीवियों की हत्या के लिए जिम्मेदार थे।
बाद में गुलाम आजम के खिलाफ बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत में मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मुकदमा चलाया गया और दोषी ठहराया गया। आजम को 90 साल की सजा सुनाई गई, लेकिन 2013 में 91 साल की उम्र के कारण उन्हें मृत्युदंड से छूट दी गई। 2014 में उनकी मृत्यु हो गई। अमन आजमी शेख हसीना के शासन के अंतिम चरण में गुमनाम रहे, लेकिन उनके हटाए जाने के तुरंत बाद वे फिर से सक्रिय हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2024 से उन्होंने कई सीनियर आर्मी अधिकारियों के खिलाफ अपहरण और हत्याओं में शामिल होने के आरोप लगाने में अहम भूमिका निभाई।
………..
सऊदी अरब ने अमेरिकी ऐक्शन का किया स्वागत, मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखाएं आतंकवादी संगठन घोषित
रियाद । सऊदी अरब ने अमेरिका के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें मुस्लिम ब्रदरहुड की मिस्र, जॉर्डन और लेबनान की शाखाओं को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यह कदम उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को मजबूत करता है तथा क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और अरब देशों की समृद्धि को बढ़ावा देता है।अमेरिकी ट्रेजरी और स्टेट डिपार्टमेंट ने 13 जनवरी 2026 को यह घोषणा की थी। अमेरिका ने मिस्र और जॉर्डन की मुस्लिम ब्रदरहुड शाखाओं को ‘स्पेशली डेजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट’ और लेबनान की शाखा (अल-जमाआ अल-इस्लामिया) को ‘फॉरेन टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन’ घोषित किया। अमेरिका का आरोप है कि ये शाखाएं हमास को समर्थन देती हैं, आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं, हथियार बनाती हैं (जैसे रॉकेट और ड्रोन), लड़ाकों की भर्ती करती हैं और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालती हैं। यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नवंबर 2025 में जारी कार्यकारी आदेश पर आधारित है, जिसके तहत मुस्लिम ब्रदरहुड की कुछ शाखाओं को निशाना बनाया गया।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा- सऊदी अरब का विदेश मंत्रालय अमेरिका द्वारा मिस्र, जॉर्डन और लेबनान में मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखाओं को आतंकवादी समूह घोषित करने का स्वागत करता है। मंत्रालय ने जोर दिया कि सऊदी अरब उग्रवाद और आतंकवाद की सभी रूपों की निंदा करता है तथा अरब देशों, क्षेत्र और विश्व की सुरक्षा, स्थिरता एवं समृद्धि के लिए हर संभव सहयोग का समर्थन करता है।
यह कदम मध्य पूर्व में मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रति विभाजित रुख को दर्शाता है। मिस्र ने 2013 से, सऊदी अरब, यूएई और बहरीन ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है, जबकि कतर और तुर्की जैसे देशों में इसका प्रभाव अधिक है। मिस्र ने भी इस अमेरिकी फैसले का स्वागत किया और इसे उग्र विचारधारा पर मजबूत प्रहार बताया। मुस्लिम ब्रदरहुड की मिस्र शाखा ने इस फैसले को खारिज किया और कहा कि यह बिना किसी ठोस सबूत के लिया गया है।
-

IND vs BAN U19 World Cup 2026: आज भारत-बांग्लादेश की भिड़ंत, जानिए मैच का समय और लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल
नई दिल्ली। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में आज भारत और बांग्लादेश के बीच रोमांचक मुकाबला खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट का 7वां मैच है, जो शनिवार, 17 जनवरी को जिम्बाब्वे के बुलावायो स्थित क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होगा। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय टीम इस वर्ल्ड कप में अपना दूसरा मुकाबला खेलने उतरेगी। टीम इंडिया ने अपने पहले मैच में अमेरिका को 6 विकेट से हराकर शानदार आगाज किया था और अब उसकी नजरें लगातार दूसरी जीत पर टिकी होंगी। दूसरी ओर, बांग्लादेश U19 टीम भारत के खिलाफ अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत करेगी, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है।इस मैच में खासतौर पर वैभव सूर्यवंशी पर सभी की निगाहें रहेंगी, जो पिछले मुकाबले में प्रभाव नहीं छोड़ सके थे। उनके अलावा कप्तान आयुष म्हात्रे, विकेटकीपर अभिज्ञान कुंडू, ऑलराउंडर हेनिल पटेल और तेज गेंदबाज दीपेश देवेंद्रन भी टीम इंडिया के लिए अहम साबित हो सकते हैं। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस साढ़े 12 बजे होगा। फैंस इस मैच का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स पर देख सकते हैं, वहीं जियोहॉटस्टार ऐप पर इसकी ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी। ऐसे में युवा सितारों से सजी दोनों टीमों के बीच एक कड़ा और रोमांच से भरपूर मुकाबला देखने को मिल सकता है। -

आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, पढ़े शनिवार का राशिफल
मेष राशि :- स्त्री-संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। स्वास्थ्य
उत्तम रहेगा। सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बनेगी। सफलता मिलेगी। शुभांक-5-7-9
वृष राशि :- विद्यार्थियों को लाभ। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेेगा। नवीन जिम्मेदारी बढऩे के आसार रहेंगे। परिवारजनों का सहयोग बना रहेगा। मेहमानों का आगमन होगा। शुभांक-1-3-5
मिथुन राशि :- पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। धीरे-धीरे लाभ का मार्ग प्रशस्त होगा उचित समय का इन्तजार करें। शुभांक-3-5-6
कर्क राशि :- आय के अच्छे योग बनेंगे। संतान की उन्नति के योग हैं। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पुराने मित्र से मिलन होगा। स्वविवेक से कार्य करें। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा। अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। कार्य सफल होंगे। दैनिक सुख-सुविधा में वृद्घि होगी। शुभांक-2-5-7
सिंह राशि :- व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। सही समय का इंतजार करें। शुभांक-2-4-6
कन्या राशि :- मेहमानों का आगमन होगा। राजकीय कार्यों से लाभ। पैतृक सम्पत्ति से लाभ। पुरानी गलती का पश्चाताप होगा। जीवन साथी अथवा यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। शुभ कार्यों में व्यय होगा। शुभांक-1-3-5
तुला राशि :- लाभ में आशातीत वृद्घि तय है मगर नकारात्मक रुख न अपनाएं। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। विशिष्ट जनों से मेल-मुलाकात होगी। शुभांक-4-6-8
वृश्चिक राशि :- जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। पर-प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। शुभ कार्यों का लाभदायक परिणाम होगा। कामकाज की अधिकता रहेगी। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। शुभ समाचारों मिलेगें। शुभांक-3-5-6
धनु राशि :- प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। आत्मीय श्रेष्ठता बनेगी। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। बुजुर्गों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आत्मचिन्तन करें। शुभांक-4-6-8
मकर राशि :- कारोबारी यात्रा को फिलहाल टालें। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। होश में रहकर कार्य करें। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। समय पर देनदार भी पैसे लौटाने में आनाकानी करेंगे। मनोरथ सिद्घि का योग है। शुभांक-4-6-8
कुंभ राशि :- राजकीय कार्यों से लाभ। पैतृक सम्पत्ति से लाभ। कारोबारी यात्रा को फिलहाल टालें। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। श्रम साध्य कार्यों में सफल होंगे। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। शुभांक-2-4-5
मीन राशि :- व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। शत्रुभय, चिंता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। आय-व्यय समान रहेगा। स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। अभी सिर्फ आश्वासनों से संतोष करना बड़ेगा। शुभांक-1-3-5 -

केंद्रीय मंत्री गडकरी आज करेंगे 4,400 करोड़ रूपये की 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण–शिलान्यास
भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 17 जनवरी का दिन मध्यप्रदेश के लिए सौगात भरा होगा। इस दिन केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी विदिशा जिले में आयोजित कार्यक्रम में 4,400 करोड़ रूपये से अधिक लागत से निर्मित एवं प्रस्तावित 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियाजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 181 किलोमीटर लम्बी ये परियोजनाएँ मध्य भारत एवं बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करेंगी और प्रदेश के सड़क एवं परिवहन अवसंरचना विकास की दिशा में एक ओर ऐतिहासिक अध्याय जुड़ेगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मिल रही ये परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, आवागमन की सुगमता और आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेंगी। साथ ही सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और कुशल, प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में 3 आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा। ये केंद्र सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार विकसित करने तथा युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और सुरक्षित सड़कें
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से भोपाल–विदिशा–सागर–राहतगढ़–ब्यावरा सहित प्रमुख औद्योगिक, कृषि एवं पर्यटन मार्गों पर यातायात सुगम होगा। चार-लेन चौड़ीकरण से जहां यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, वहीं ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और सड़क सुरक्षा में वृद्धि सुनिश्चित होगी। कई खंडों पर ब्लैक स्पॉट सुधार, अंडरपास तथा ज्यामितीय सुधार किए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आएगी।
ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर: सड़क सुरक्षा की मजबूत नींव
MoRTH की पहल के तहत विदिशा और सागर जिलों में प्रस्तावित 3 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं से युक्त होंगे। IDTR एवं RDTC अवधारणा पर विकसित ये केंद्र सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार ड्राइविंग को प्रोत्साहित करेंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इन तीनों सेंटर का शिलान्यास भी किया जायेगा।
लोकार्पित होने वाली परियोजनाएँ
1. रातापानी वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र, अब्दुल्लागंज-इटारसी खंड0020
4-लेन चौड़ीकरण लंबाई 12 किमी
लागत ₹418 करोड़
यह परियोजना ओबेदुल्लागंज-इटारसी-बैतूल कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बैतूल के माध्यम से नागपुर तक बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करती है। पहले यह खंड दो-लेन का होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक प्रमुख बॉटलनेक बना हुआ था, जिससे भारी यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होती थी। चार-लेन चौड़ीकरण के बाद यातायात प्रवाह सुचारू होगा, जिससे लगभग 15–30 मिनट तक का यात्रा समय बचेगा तथा ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आएगी। परियोजना के अंतर्गत वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एनिमल अंडरपास एवं साउंड-प्रूफ कॉरिडोर का निर्माण किया गया है, जिससे टाइगर सहित अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आएगी।
2 देहगांव–बम्होरी मार्ग का निर्माण कार्य
लंबाई: 27 किमी
लागतः ₹60 करोड़
CRIF के अंतर्गत देहगांव से बम्होरी तक 27 किमी लंबाई में सड़क निर्माण किया गया है। यह मार्ग रायसेन जिले को बाटेरा–सिलवानी–सागर मार्ग के माध्यम से सागर से जोड़ता है। परियोजना से किसानों को कृषि उत्पादों के सुरक्षित, तेज़ और सुगम परिवहन की सुविधा मिलेगी तथा मंडियों और बाजारों तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
शिलान्यास होने वाली परियोजनाएँ
1. भोपाल-विदिशा खंड का 4-लेन चौड़ीकरण
लंबाई 42 किमी
लागत ₹1,041 करोड़
यह परियोजना भोपाल-कानपुर कॉरिडोर का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मौजूदा मार्ग को हाई-कैपेसिटी नेशनल हाईवे मानकों के अनुरूप विकसित करना है। परियोजना से अंतर-जिला एवं अंतर-राज्यीय यातायात अधिक सुगम होगा तथा लंबी दूरी और माल ढुलाई ट्रैफिक की आवाजाही सुरक्षित एवं तेज़ बनेगी। इस मार्ग से रायसेन जिले में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
2. विदिशा-ग्यारसपुर खंड का 4-लेन चौड़ीकरण
लंबाई 29 किमी
लागत ₹543 करोड़
इस परियोजना से विदिशा और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। चौड़ीकरण और ज्यामितीय सुधारों से सड़क सुरक्षा एवं ड्राइविंग आराम में वृद्धि होगी। परियोजना से सांची जैसे ऐतिहासिक स्थलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी तथा विदिशा जिले के उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं एवं अन्य कृषि उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
3. ग्यारसपुर-राहतगढ़ खंड का 4-लेन चौड़ीकरण
लंबाई 36 किमी
लागत ₹903 करोड़
यह खंड क्षेत्रीय एवं लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। परियोजना से यात्रा समय में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और माल ढुलाई को गति मिलेगी। व्यापार, लॉजिस्टिक गतिविधियों और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
4 राहतगढ़-बेरखेड़ी खंड का 4-लेन चौड़ीकरण
लंबाई: 10 किमी
लागतः ₹731 करोड़
यह परियोजना राष्ट्रीय एवं अंतर-राज्यीय यातायात के लिए सड़क क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। चौड़ीकरण से यातायात सुचारू होगा और दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आएगी। इसके माध्यम से व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
5. सागर वेस्टर्न बायपास (ग्रीनफील्ड) का 4-लेन निर्माण
लंबाई 20.2 किमी
लागत ₹688 करोड़
यह परियोजना NH-146 को सीधे NH-44 से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित है, जिससे सागर शहर के भीतर से गुजरने वाले ट्रैफिक को बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा। बायपास के निर्माण से यात्रा समय में लगभग 70% तक की कमी आएगी और लॉजिस्टिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा। शहरी ट्रैफिक जाम में कमी, ईंधन बचत और परिवहन लागत में कमी के साथ यह परियोजना क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी।
6. भोपाल–ब्यावरा खंड पर 05 अंडरपास (LVUP/VUP)
लंबाई 5 किमी
लागत ₹122 करोड़
यह परियोजना ब्लैकस्पॉट सुधार के तहत विकसित की जा रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। अंडरपास निर्माण से हाईवे एवं स्थानीय मार्गों के बीच सुरक्षित और बाधारहित यातायात सुनिश्चित होगा। परियोजना से ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा व्यापार, कृषि और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
-

9 मैचों में 5 शतक, 781 रन… पडिक्कल से भी आगे निकला ये धुरंधर, 25 साल के अमन मोखाड़े ने उड़ाया गर्दा
नई दिल्ली । जब कोई बल्लेबाज शानदार फॉर्म में होता है, तो उसे रोक पाना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों भारतीय घरेलू क्रिकेट में देखने को मिल रहा है, जहां एक 25 साल का युवा बल्लेबाज गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़ा है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि विदर्भ के सलामी बल्लेबाज अमन मोखाड़े हैं, जिन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अपने बल्ले से रनों की झड़ी लगा दी है। अमन मोखाड़े ने इस टूर्नामेंट में अब तक 9 मैच खेले हैं और इनमें 5 शानदार शतक जड़ चुके हैं। इन 9 पारियों में उनके बल्ले से कुल 781 रन निकले हैं, जिससे वह इस सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।उन्होंने कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को भी पीछे छोड़ दिया है, जिनके नाम इस टूर्नामेंट में 721 रन दर्ज हैं। अमन की इस विस्फोटक बल्लेबाजी का ही नतीजा है कि विदर्भ की टीम ने विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है और अब खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। दाएं हाथ के इस ओपनर ने टूर्नामेंट की शुरुआत भी धमाकेदार अंदाज में की थी। पहले ही मैच में उन्होंने 110 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, जबकि दूसरे मुकाबले में 82 रन बनाए। इसके बाद तो मानो शतकों की बारिश ही हो गई। हर मैच में अमन का आत्मविश्वास और तकनीक देखने लायक रही, जिसने चयनकर्ताओं और क्रिकेट एक्सपर्ट्स का ध्यान खींचा है।शानदार फॉर्म के चलते अमन मोखाड़े ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। वह अब लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। उन्होंने यह कारनामा सिर्फ 16 पारियों में कर दिखाया, जिससे उन्होंने देवदत्त पडिक्कल और अभिनव मुकुंद का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 1000 रन तक पहुंचने में 17 पारियां खेली थीं। इतना ही नहीं, अमन ने इस मामले में साउथ अफ्रीका के महान बल्लेबाज ग्रीम पोलॉक की बराबरी भी कर ली है, जिन्होंने भी 16 पारियों में 1000 लिस्ट-ए रन पूरे किए थे।
अमन मोखाड़े का बल्ला सिर्फ विजय हजारे ट्रॉफी में ही नहीं, बल्कि पूरे घरेलू सीजन में आग उगलता नजर आया है। रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 7 पारियों में 577 रन बनाए थे, जबकि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके नाम 206 रन दर्ज हैं। अब विजय हजारे ट्रॉफी में 781 रन बनाकर उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वह लंबे रेस के घोड़े हैं। क्रिकेट फैंस के लिए अमन मोखाड़े भले ही नया नाम हों, लेकिन उनकी कहानी बेहद दिलचस्प है। 16 जनवरी 2001 को जन्मे अमन ने ज्वाला सिंह से कोचिंग ली है, जिन्होंने भारतीय टीम के युवा स्टार यशस्वी जायसवाल को भी तैयार किया है। अमन एक आक्रामक ओपनर होने के साथ-साथ लेग ब्रेक गेंदबाजी भी कर सकते हैं। अब 18 जनवरी को विजय हजारे ट्रॉफी का फाइनल खेला जाना है और सभी की नजरें एक बार फिर इस रन मशीन पर टिकी होंगी।
