Blog

  • पाकिस्तान में शुरू हुआ स्टेबलकॉइन का नया दौर… ट्रंप फैमिली की क्रिप्टो कंपनी ने की है बड़ी डील

    पाकिस्तान में शुरू हुआ स्टेबलकॉइन का नया दौर… ट्रंप फैमिली की क्रिप्टो कंपनी ने की है बड़ी डील


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच संबंध कैसा है, यह बताने की जरूरत नहीं। खासकर ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद। अब तक अमेरिकी प्रशासन और पाकिस्तानी सरकार के बीच बात होती थी, लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) का परिवार भी पाकिस्तान से जुड़ रहा है। असल में ट्रंप परिवार से जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल ने पाकिस्तान के साथ एक समझौता किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वर्ल्ड लिबर्टी का किसी राष्ट्रीय सरकार के साथ सार्वजनिक रूप से घोषित पहला बड़ा समझौता है। बता दें कि कंपनी की शुरुआत सितंबर 2024 में हुई थी।

    इस समझौते के तहत वर्ल्ड लिबर्टी की सहयोगी कंपनी एससी फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के साथ मिलकर काम करेगी। यह MoU (समझौता) पिछले साल पाकिस्तानी अधिकारियों और अमेरिकी पक्ष के बीच हुई कई बैठकों के बाद हुआ है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्ल्ड लिबर्टी के USD1 स्टेबलकॉइन को एक नियंत्रित डिजिटल भुगतान व्यवस्था में शामिल करना है। इससे यह स्टेबलकॉइन पाकिस्तान के मौजूदा डिजिटल करेंसी सिस्टम के साथ काम कर सकेगा और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में इस्तेमाल हो सकेगा। पाकिस्तान वर्चुअल एसेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (PVARA) ने बुधवार को इस MoU पर हस्ताक्षर किए।


    पाकिस्तान के लिए काफी अहम

    माना जा रहा है कि यह समझौता पाकिस्तान के लिए काफी अहम है। पाकिस्तान सरकार नकदी के इस्तेमाल को कम करना चाहती है और विदेशों से रेमिटेंस (पैसे भेजना) को आसान व सस्ता बनाना चाहती है। क्रिप्टोकरेंसी, खासकर स्टेबलकॉइन, इसमें बड़ी मदद कर सकते हैं। पाकिस्तान में लाखों लोग पहले से क्रिप्टो का इस्तेमाल करते हैं और हर साल बड़ी रकम रेमिटेंस के रूप में आती है। माना जा रहा है कि इस डील से पाकिस्तान नई डिजिटल तकनीक को समझ सकेगा, उसे नियमों के दायरे में लाएगा और राष्ट्रीय हित सुनिश्चित करेगा।

    बता दें कि स्टेबलकॉइन ऐसी डिजिटल मुद्रा होती है जिसकी कीमत अमेरिकी डॉलर जैसी स्थिर चीज से जुड़ी रहती है, इसलिए इसमें मूल्य में उतार-चढ़ाव का जोखिम बहुत कम होता है। वर्ल्ड लिबर्टी एक क्रिप्टो-आधारित फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म है, जो डिजिटल वॉलेट की तरह काम करता है और दुनिया भर में पैसे भेजने-पाने को आसान बनाता है। दुनिया की कई सरकारें अब स्टेबलकॉइन को भुगतान प्रणाली और बड़े वित्तीय सिस्टम में शामिल करने के तरीके तलाश रही हैं।


    समझौते के बाद उठ रहे सवाल

    ट्रंप की पाकिस्तान से निकटता पर अमेरिका में कुछ सवाल भी उठे हैं। कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि ट्रंप परिवार अपने व्यापारिक हितों को प्राथमिकता दे रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्तान में परिवार के व्यापारिक सौदों के चलते भारत से संबंध प्रभावित हुए। ट्रंप परिवार के पाकिस्तान में क्रिप्टो कारोबार से जुड़े सवाल पर सुलिवन ने कहा कि यह ट्रंप की विदेश नीति की उन कहानियों में से एक है, जिन पर कम ध्यान दिया गया है।

  • अमेरिका-ईरान के बीच तनाव से पाकिस्तान टेंशन में, आसिम मुनीर ने बुलाई आपात बैठक

    अमेरिका-ईरान के बीच तनाव से पाकिस्तान टेंशन में, आसिम मुनीर ने बुलाई आपात बैठक


    इस्लामाबाद।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने ईरान (Iran) में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों को यह कहकर और हवा दे दी है कि प्रदर्शनकारी संस्थाओं पर कब्जा करें, मदद पहुंच रही है। अब इस बात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका प्रदर्शनकारियों को किस तरह की मदद पहुंचाने जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई का भी प्लान बना रहा है। दूसरी तरफ, ईरान ने भी अमेरिका को दो टूक कहा है कि वह चुप बैठने वाला नहीं है और किसी भी सैन्य कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगा।

    इन सबके बीच, पाकिस्तान (Pakistan) टेंशन में आ गया है। वह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से परेशान है। पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को अब चिंता सता रही है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच जंग छिड़ी तो उसकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। पहले से ही कई मोर्चों पर बदहाली झेल रहे पाकिस्तान में अब नए मोर्चों पर हालात बिगड़ने की आशंका के बीच पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने आपात बैठक की है।


    दो सीमाई मोर्चों पर दबाव

    सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हाई लेवेल मीटिंग में ISI प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल असीम मलिक, साउदर्न कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राहत नसीम, मिलिट्री इंटेलिजेंस प्रमुख, चीफ ऑफ जनरल स्टाफ और अन्य वरिष्ठ जनरल शामिल हुए। इस बैठक में सबसे बड़ी चिंता पाकिस्तान–ईरान सीमा को लेकर जताई गई है। अधिकारियों ने चेताया कि पाकिस्तान पहले ही अफगानिस्तान के साथ डूरंड लाइन पर तनाव झेल रहा है और ऐसे में ईरान सीमा पर नया संकट देश के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।


    अमेरिका मांग सकता है पाकिस्तानी ठिकाने?

    सूत्रों के मुताबिक, बैठक में इस आशंका पर भी गंभीर चर्चा हुई कि अगर अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो वह पाकिस्तान से हवाई क्षेत्र या सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की मांग कर सकता है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के लिए फैसला लेना बेहद मुश्किल होगा, क्योंकि इससे देश के भीतर राजनीतिक विरोध और क्षेत्रीय तनाव, दोनों बढ़ सकते हैं।


    पाक के अंदर अशांति और विद्रोह का डर

    पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि ईरान-अमेरिका जंग में अगर पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया तो उसे आंतरिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि देश की लगभग 30 फीसदी आबादी शिया है, जो ईरान के प्रति सहानुभूति रखती है। ऐसे में अगर ईरान पर अमेरिकी हमला होता है या वहां सत्ता परिवर्तन की कोशिश होगी। इससे पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर शियाओं का विरोध प्रदर्शन शुरू हो सकता है। इसके अलावा, ईरान से शरणार्थियों के आने से सीमा पर दबाव और बढ़ सकता है।


    हाई अलर्ट पर पाक सेना

    सूत्रों के अनुसार, जनरल आसिम मुनीर ने सभी वरिष्ठ कमांडरों को हाई अलर्ट पर रहने और हालात पर करीबी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं ISI प्रमुख को ईरान, तुर्की, कतर, यूएई, सऊदी अरब और अमेरिका के साथ राजनयिक और सुरक्षा स्तर की बातचीत तेज करने को कहा गया है, ताकि हालात को बिगड़ने से रोका जा सके।


    क्षेत्रीय अस्थिरता की चेतावनी

    खुफिया आकलन में कहा गया है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब, कतर और तुर्की पहले ही अमेरिका को यह संदेश दे चुके हैं कि ईरान पर हमला पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने मानना कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सरकार आगे बढ़ती है और पाकिस्तान पर सहयोग का दबाव डालती है, तो इस्लामाबाद को गंभीर रणनीतिक और राजनीतिक नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।

    देश के भीतर एकजुटता की कोशिश
    ऐसे में बाहरी दबावों के बीच पाकिस्तान की सेना ने घरेलू मोर्चे पर भी तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, सेना मुख्यालय में नेशनल पैग़ाम-ए-अमन कमेटी के तहत धार्मिक विद्वानों का एक प्रतिनिधिमंडल बुलाया गया है। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एकजुट संदेश देने पर ज़ोर दिया गया है। बैठक में यह भी कहा गया कि भारत और सीमा पार सक्रिय आतंकी संगठनों द्वारा चलाए जा रहे कथित मनोवैज्ञानिक युद्ध का जवाब एक साझा राष्ट्रीय नैरेटिव से दिया जाना चाहिए।

  • युगांडा में राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज मतदान… दो दिन पहले से इंटरनेट पूरी तरह बंद

    युगांडा में राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज मतदान… दो दिन पहले से इंटरनेट पूरी तरह बंद


    कंपाला।
    अफ्रीकी देश युगांडा (African country Uganda) में 15 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Election.) होने जा रहे हैं, लेकिन निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान की उम्मीदें गंभीर चुनौती का सामना कर रही हैं। मतदान से महज दो दिन पहले (13 जनवरी को शाम 6 बजे से) पूरे देश में सार्वजनिक इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई है। साथ ही सड़कों पर सैनिकों और सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी है, जिससे आम नागरिकों में डर और असुरक्षा का माहौल है। विपक्षी नेता बॉबी वाइन (रॉबर्ट क्यागुलानी) ने इसे चुनावी धांधली और दमन की साजिश बताया है।

    दरअसल, यह चुनाव 81 वर्षीय राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के लिए सातवां कार्यकाल हासिल करने का मौका है, जो 1986 से लगातार सत्ता में हैं। उनका मुख्य मुकाबला 43 वर्षीय बॉबी वाइन से है, जो पूर्व पॉप स्टार से राजनेता बने हैं और युवा वर्ग में बदलाव की लहर पैदा कर रहे हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि मुसेवेनी की सत्ता में वापसी लगभग तय है, लेकिन वे अब सुरक्षा बलों और अपने बेटे जनरल मुहूज़ी कैनेरुगाबा (सेना के शीर्ष कमांडर) पर अधिक निर्भर हैं।

    गौरतलब है कि मुसेवेनी ने संविधान में दो बार बदलाव कर आयु और कार्यकाल की सीमा हटा दी है। विरोधियों को जेल, गायब किया जाना या दबाया जाना आम हो गया है। सत्तारूढ़ नेशनल रेजिस्टेंस मूवमेंट (एनआरएम) में कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी नहीं दिखता, जिससे वंशानुगत शासन की आशंका बढ़ गई है।


    इंटरनेट बंदी… लोकतंत्र पर बड़ा हमला

    युगांडा कम्युनिकेशंस कमीशन (यूसीसी) ने इंटरनेट बंद करने का फैसला ‘ऑनलाइन गलत सूचना, भ्रामक जानकारी, चुनावी धोखाधड़ी और हिंसा भड़काने के जोखिम’ रोकने के नाम पर लिया है। यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की सिफारिश पर हुआ। लेकिन आलोचक इसे विरोध प्रदर्शनों को रोकने और चुनावी अनियमितताओं (जैसे मतपत्र भरना, वोटों में हेराफेरी) की जानकारी साझा करने से रोकने का हथकंडा बताते हैं। 2021 के चुनाव में भी ऐसा ही ब्लैकआउट हुआ था, जो कई दिनों तक चला।


    विपक्ष की रणनीति: वोट की रक्षा

    बॉबी वाइन की नेशनल यूनिटी प्लेटफॉर्म (NUP) ने समर्थकों से मतदान केंद्रों के पास कानूनी 20 मीटर की दूरी पर रहने, सतर्क रहने और धांधली रोकने का आह्वान किया है। चुनाव आयोग ने लोगों से वोट डालकर घर लौटने और जरूरत पर मतगणना देखने की अपील की है। वाइन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि पहला कदम यह है कि हम सभी मतदान केंद्रों पर (20 मीटर की दूरी का पालन करते हुए) रहें और सुनिश्चित करें कि कोई आपराधिक घटना न हो। हम सभी से आग्रह करते हैं कि वे अपने कैमरों का उपयोग करें और किसी भी अनियमितता को रिकॉर्ड करें।

  • विदेशियों को आकर्षित नहीं कर पा रहा भारत…. राजस्थान से भी छोटे देश वियतनाम पहुंचे 3 गुना से भी ज्यादा टूरिस्ट

    विदेशियों को आकर्षित नहीं कर पा रहा भारत…. राजस्थान से भी छोटे देश वियतनाम पहुंचे 3 गुना से भी ज्यादा टूरिस्ट


    नई दिल्ली।
    साल 2025 के पहले नौ महीनों में भारत (India) सिर्फ 6.18 मिलियन विदेशी पर्यटकों (6.18 Million Foreign Tourists) को ही आकर्षित कर पाया. यह आंकड़ा चौंकाने वाला है, क्योंकि अकेला पेरिस शहर (Paris city) एक साल में करीब 18 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का स्वागत कर चुका है. भारत के बेहद करीब वियतनाम (Vietnam), जो क्षेत्रफल में राजस्थान से भी छोटा है, उसने 2025 में 20 मिलियन विदेशी पर्यटकों का रिकॉर्ड बनाया.


    क्या भारत अब बजट डेस्टिनेशन नहीं रहा?

    आज भारत न तो विदेशी टूरिस्ट के लिए सस्ता है और न ही अपने ही नागरिकों के लिए. घरेलू छुट्टी का खर्च कई बार श्रीलंका या थाईलैंड जैसे देशों की इंटरनेशनल ट्रिप से ज्यादा हो जाता है. घरेलू फ्लाइट्स महंगी हैं, होटल ओवरप्राइस्ड हैं और सर्विस क्वालिटी में लगातार गिरावट देखी जा रही है. वियतनाम में एक हफ्ते की अच्छी ट्रिप 50 से 60 हजार रुपये प्रति व्यक्ति में हो जाती है. वहीं गोवा की इसी तरह की यात्रा का खर्च इतना ही या उससे ज्यादा हो सकता है. यही वजह है कि कई भारतीयों को विदेशी यात्रा ज्यादा सस्ती और ज्यादा आकर्षक लगने लगी है।


    इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं में क्या कमी है?

    भारत में पब्लिक ट्रांसपोर्ट भरोसेमंद नहीं है. कई टूरिस्ट प्लेस पर कैब ड्राइवर मीटर से चलने से इनकार करते हैं और गैंग बनाकर मनमाना किराया वसूलते हैं. मेट्रो शहरों से आखिरी मील कनेक्टिविटी कमजोर है. इसके अलावा प्रदूषण भी एक बड़ा कारण है, राजधानी दिल्ली में AQI महीनों तक तीन अंकों में बना रहता है. सार्वजनिक स्थानों पर थूकना आम है. ऐतिहासिक स्मारकों पर लिखावट और नुकसान दिखाई देता है. शौचालय गंदे हैं और कई हेरिटेज साइट्स पर बदबू पर्यटकों का स्वागत करती है. ऐसी हालत में लोग ऊंची कीमत चुकाने से पहले सौ बार सोचते हैं।


    टूरिज्म में सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता क्यों?

    सुरक्षा भारत की सबसे कमजोर कड़ी बन चुकी है. महिला वर्ल्ड कप के दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ छेड़छाड़, राजस्थान में फ्रेंच टूरिस्ट के साथ रेप और कर्नाटक में इजरायली महिला के साथ गैंगरेप जैसी घटनाएं अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक पहुंचती हैं. ये घटनाएं भारत की वैश्विक छवि को गहराई से प्रभावित करती हैं. गोवा या केरल के बजट में लोग बाली, कुआलालंपुर या दुबई घूम लेते हैं. थाईलैंड में अलग से टूरिस्ट पुलिस है. वहां इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर, शहर साफ और सुरक्षा सिस्टम मजबूत है. ऐसे में सवाल उठता है कि कोई भारत क्यों चुने, जब खर्च ज्यादा और अनुभव कमजोर हो।


    भारत पर्यटन को मजबूत कैसे बना सकता है?

    भारत के पास प्राचीन मंदिर, जीवंत संस्कृति, रेगिस्तान, पहाड़, समुद्र तट और जंगल हैं. सबसे पहले सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस जरूरी है. साफ-सफाई को सख्ती से लागू करना होगा और नागरिकों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी. कीमत और सुविधाओं में संतुलन, बेहतर सर्विस स्टैंडर्ड और प्रोफेशनल प्रमोशन जरूरी है. पर्यटन सिर्फ स्मारक नहीं, अनुभव है और वही तय करता है कि पर्यटक दोबारा लौटेगा या नहीं.

  • महाराष्ट्र: मरठवाड़ा में 5 साल में 5000 से किसानों ने की खुदकुशी, हर दिन 3 किसान ले रहे अपनी जान

    महाराष्ट्र: मरठवाड़ा में 5 साल में 5000 से किसानों ने की खुदकुशी, हर दिन 3 किसान ले रहे अपनी जान


    मुम्बई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के सूखाग्रस्त क्षेत्र (Drought-affected areas) के रूप में पहचाने जाने वाले मराठवाड़ा क्षेत्र (Marathwada region) में किसानों की हालत लगातार गंभीर बनी हुई है। एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पाँच सालों में 5,000 से ज्यादा किसानों ने खुदकुशी कर ली है। हैरत की बात ये है कि 2025 में सबसे ज़्यादा आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। डिविजनल कमिश्नर कार्यालय द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में कुल 1,129 किसानों ने आत्महत्या की है, जो एक साल पहले 948 थी, जबकि 2021 से अब तक कुल पांच वर्षों में कुल 5,075 आत्महत्याएं दर्ज की गई हैं। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि वहां हर दिन औसतन तीन किसान अपनी जीवन लीला खत्म कर रहे हैं।

    मराठवाड़ा डिवीजन में छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, नांदेड़, बीड, धाराशिव, हिंगोली और लातूर जिले शामिल हैं। डिवीजनल कमिश्नर कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में 887, 2022 में 1,023, 2023 में 1,088, 2024 में 948 और 2025 में 1,129 किसानों ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली है। कुल मिलाकर 2021 से अब तक 5,075 किसानों की आत्महत्या हो चुकी है।


    बीड जिला सबसे ज़्यादा प्रभावित

    2025 में किसानों की आत्महत्या के सबसे ज़्यादा मामले बीड जिले से सामने आए, जहां 256 किसानों ने जान दे दी। इनमें से 193 परिवारों को अनुग्रह राशि दी गई है। 2025 में जिलेवार किसानों की आत्महत्याएं इस प्रकार रही हैं: छत्रपति संभाजीनगर- 224, जालना- 90, परभणी- 104, हिंगोली- 68, नांदेड़- 170, बीड- 256, लातूर- 76 और धाराशिव-141।


    बारिश और बाढ़ बनी बड़ी वजह

    अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल मराठवाड़ा के कई हिस्सों में असमय बारिश हुई। मई महीने में कुछ इलाकों में 125 से 150 प्रतिशत तक अधिक वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा सितंबर–अक्टूबर 2025 में आई बाढ़ ने क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में हुई कुल आत्महत्याओं में से 537 मौतें मई से अक्टूबर के बीच हुईं, जब बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं।


    चिंता का विषय

    लगातार खराब मौसम, फसल नुकसान, बढ़ता कर्ज़ और आर्थिक दबाव मराठवाड़ा के किसानों को गहरे संकट में धकेल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हालात से निपटने के लिए स्थायी और प्रभावी नीतियों की ज़रूरत है, ताकि किसानों को राहत मिल सके।

  • आजादी भीख से नहीं, हिंदुओं की गर्दन काटने से मिलेगी…आतंकी अबू मूसा ने PoK में उगला जहर…

    आजादी भीख से नहीं, हिंदुओं की गर्दन काटने से मिलेगी…आतंकी अबू मूसा ने PoK में उगला जहर…


    इस्लामाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) सुधरने का नाम नहीं ले रहा। वह आतंक का पर्याय बना हुआ है। भारत (India) की तमाम हिदायतों के बावजूद वह आतंकियों (Terrorists) को ना सिर्फ पाल पोश रहा है बल्कि उसे सुरक्षित ठिकाना दे रहा है। उसी का नतीजा है कि वहां के आतंकियों ने फिर से भारत के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया है। ताजा घटनाक्रम में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Terrorist organization Lashkar-e-Taiba) के आतंकी अबू मूसा कश्मीरी (Abu Musa Kashmiri) ने हिन्दुओं की गर्दन काटने की धमकी दी है। उसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुले तौर पर हिंदुओं को मौत के घाट उतारने की बात कर रहा है।

    उसने यह बयान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में दिया है। इसका वीडियो भी सामने आया है। हालांकि ये वीडियो कब का है? इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। इस वीडियो में मूसा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “कश्मीर मुद्दे का हल सिर्फ आतंकवाद और जिहाद से ही हो सकता है। आजादी भीख मांगने से नहीं, हिंदुओं की गर्दन काटने से मिलेगी। हमें जिहाद का झंडा उठाना होगा।” इस वायरल वीडियो में मूसा अपने भड़काऊ भाषण में यहां तक कह रहा है कि वो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सामने भी कत्लेआम की बात करता है।


    आतंकी की पहुंच PM शहबाज तक

    हालांकि, हम इस वीडियो की पुष्टि नहीं करते, लेकिन सोशल मीडिया पर इस वीडियो के पोस्ट में दावा किया गया है कि मूसा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सीनियर मंत्रियों को व्यक्तिगत रूप से बताया है कि उसके विचार में कश्मीर मुद्दे को “जिहाद की आड़ में किए गए आतंकवाद के ज़रिए ही” सुलझाया जा सकता है। उसका यह दावा, इस बात की तस्दीक है कि इन आतंकवादियों की पहुंच पाकिस्तान सरकार और सेना के आलाकमान तक है।


    कौन है आतंकी अबू मूसा कश्मीरी?

    अबू मूसा कश्मीरी लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी है। वह LeT से जुड़े संगठन जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट (JKUM) का सीनियर कमांडर है। उसका नाम पिछले साल अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले से भी जुड़ा था। वह तब पहलगाम में हमलावर आतंकियों को आदेश दे रहा था। उसके साथ दूसरा आतंकी रिजवान हनीफ भी इसमें सामिल था। सूत्रों का दावा है कि पहलगाम अटैक का मास्टरमाइंड अबू मूसा ही है। ये सैफुल्लाह कसूरी का करीबी भी है।


    पाकिस्तानी नेताओं पर भी गंभीर आरोप

    अपने भाषण में अबू मूसा ने पाकिस्तानी नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि पाकिस्तान के नेता इस्लामी सिद्धांतों से भटक चुके हैं और जिहाद के रास्ते पर नहीं चल रहे हैं। उसने कहा जो नेता जिहाद के लिए प्रतिबद्ध नहीं है, उसे पाकिस्तान पर हुकूमत करने का कोई अधिकार नहीं है। मूसा ने दावा किया कि वह पहले भी ऐसे ही बयान मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ हुई एक बैठक में दे चुका है।


    भारत की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

    पाक अधिकृत कश्मीर में दिए गए इस भड़काऊ भाषण का वीडियो सामने आने के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अबू मूसा ने यह बयान तब दिया है, जब हाल ही में LeT के टॉप कमांडर अबू कताल की मौत हुई है। कताल को शनिवार रात पाकिस्तान के सिंध के झेलम इलाके में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। LeT ​​के संस्थापक हाफिज सईद के करीबी सहयोगी, कताल इस ग्रुप का चीफ ऑपरेशनल कमांडर था। जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों की योजना बनाने के लिए उसे जाना जाता था। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने राजौरी आतंकी हमले से जुड़ी अपनी चार्जशीट में कताल के साथ-साथ लश्कर-ए-तैयबा के चार अन्य लोगों का नाम भी शामिल किया है। यह मामला 1 जनवरी, 2023 को राजौरी के ढांगरी गांव पर हुए हमले से जुड़ा है, जिसमें आतंकवादियों ने एक जानलेवा हमला किया था जिसमें सात लोग मारे गए थे।

  • मुंबई में खास स्क्रीनिंग: आमिर खान और परिवार ने बढ़ाया ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ का ग्लैमर

    मुंबई में खास स्क्रीनिंग: आमिर खान और परिवार ने बढ़ाया ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ का ग्लैमर

    नई दिल्ली मुंबई में 14 जनवरी को फिल्म ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ की स्पेशल स्क्रीनिंग का आयोजन हुआ, जो ना सिर्फ फिल्म के प्रमोशन का मौका था, बल्कि सितारों की मौजूदगी ने इसे एक भव्य और यादगार इवेंट बना दिया। इस खास मौके पर सबसे ज्यादा चर्चा आमिर खान और उनके पूरे परिवार की मौजूदगी को लेकर रही।

    आमिर खान का परिवार: एक साथ दिखा पूरा समर्थन

    इस इवेंट में आमिर खान अपनी पार्टनर गौरी स्प्रैट के साथ नजर आए। इसके अलावा उनकी पूर्व पत्नी किरण राव की मौजूदगी ने इस शाम को एक दुर्लभ पारिवारिक मिलन में बदल दिया। आमिर अपने बच्चों के साथ भी स्क्रीनिंग में शामिल हुए। उनकी बेटी इरा खान पति नुपुर शिखरे के साथ पहुंचीं, जबकि बेटा जुनैद खान भी साथ में मौजूद था। इस खास अवसर पर आमिर की मां जीना हुसैन और बहनें निखत व फरहत खान भी शामिल हुईं। पूरे परिवार की उपस्थिति ने साफ कर दिया कि फिल्म को आमिर खान का पूरा समर्थन हासिल है।

    विर दास का डायरेक्शन और हटकर कहानी

    ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ कॉमेडियन और अभिनेता विर दास के निर्देशन में बनी उनकी पहली फिल्म है। इसमें विर खुद एक अनोखे जासूस की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का टाइटल जितना हटकर है, कहानी भी उतनी ही ऑफबीट और मनोरंजक बताई जा रही है। फिल्म में हास्य और सस्पेंस का दिलचस्प मेल देखने को मिलेगा, जो दर्शकों को बड़े पर्दे पर बांधे रखेगा।

    एंसेंबल कास्ट और इमरान खान की वापसी

    फिल्म में मोना सिंह, शारिब हाशमी, मिथिला पालकर और सृष्टि तावड़े जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस स्क्रीनिंग की सबसे चर्चित घटना रही अभिनेता इमरान खान की उपस्थिति। लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे इमरान खान अपनी गर्लफ्रेंड लेखा वॉशिंगटन के साथ पहुंचे और कैमरों के सामने पोज दिए।

    सितारों से सजी रेड कार्पेट शाम

    स्क्रीनिंग में बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। सोनाली बेंद्रे अपने बेटे रणवीर बहल के साथ आईं, जबकि निर्देशक नितेश तिवारी अपनी पत्नी अश्विनी अय्यर तिवारी के साथ नजर आए। आमिर के साथ दंगल में काम कर चुकी फातिमा सना शेख भी इस इवेंट में शामिल हुईं। फिल्म के प्रमोशन में सक्रिय रहे कॉमेडियन सुनील ग्रोवर ने भी फोटोग्राफर्स के लिए पोज दिए।

    ग्लैमर और चर्चा का केंद्र बना इवेंट

    इसके अलावा इस स्क्रीनिंग में कई सितारे शामिल हुए, जिनमें राजकुमार हिरानी, आशुतोष गोवारिकर, नितांशी गोयल, मुकेश छाबड़ा, जॉनी लीवर, बाबिल खान, कुणाल खेमू और प्रतीक स्मिता पाटिल अपनी पत्नी प्रिया बनर्जी के साथ, अतुल कस्बेकर आदि शामिल रहे। वहीं त्रिप्ती डिमरी अपने रूमर्ड बॉयफ्रेंड सैम मर्चेंट के साथ आईं, हालांकि दोनों ने रेड कार्पेट पर साथ पोज नहीं दिए।

    एक यादगार शाम

    कुल मिलाकर यह स्पेशल स्क्रीनिंग केवल फिल्म के लिए नहीं बल्कि बॉलीवुड के सितारों का एक शानदार मिलन बनकर उभरी। आमिर खान और उनके पूरे परिवार की मौजूदगी ने इस इवेंट को और भी खास बना दिया। सितारों की झलक और परिवारिक समर्पण ने यह साबित कर दिया कि ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि इस साल की सबसे ग्लैमरस और चर्चित फिल्मी शाम भी है।

    इस तरह, मुंबई की यह रात स्टार पावर, फैमिली लव और फिल्मी ग्लैमर का संगम बनकर यादगार बन गई, और दर्शकों को फिल्म के लिए और भी उत्साहित कर दिया।

  • एलन मस्क पर हो रही धन वर्षा… एक ही दिन में 42.2 अरब डॉलर बढ़ी दौलत

    एलन मस्क पर हो रही धन वर्षा… एक ही दिन में 42.2 अरब डॉलर बढ़ी दौलत


    वाशिंगटन।
    दुनिया सबसे अमीर व्यक्ति टेस्ला के एलन मस्क ( World’s Richest Person Elon Musk) की दौलत में भारी इजाफा (Huge Increase Wealth) हुआ है। बुधवार को उनके ऊपर डॉलर की ऐसी बारिश हुई कि एक ही दिन में 42.2 अरब डॉलर पीट दिए। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स (Bloomberg Billionaire List) के मुताबिक मस्क की दौलत इस उछाल के बाद 683 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। महज 14 दिनों में मस्क की संपत्ति 63.1 अरब डॉलर बढ़ी है।

    दूसरी ओर ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के टॉप-10 अरबपतियों को बुधवार को बड़े झटके लगे। जेफ बेजोस को 5.22 अरब डॉलर, लैरी एलिसन को 8.85 अरब डॉलर, मार्क जुकरबर्ग को 5.32 अरब डॉलर और बर्नार्ड अर्नाल्ट को 2.48 अरब डॉलर का झटका लगा है। स्टीव बाल्मर को भी 3.55 अबर डॉलर और जेनसेन हुआंग को 2.16 अरब डॉलर की चोट पहुंची है। लैरी पेज को 70.5 मिलियन डॉलर, सर्गेई ब्रिन को 90 मिलियन डॉलर और वॉरेन बफेट को 118 मिलियन डॉलर की चोट पहुंची है।

    मस्क दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला और प्राइवेट रॉकेट बिजनेस स्पेसएक्स के CEO हैं। कंपनी के 2025 प्रॉक्सी स्टेटमेंट के अनुसार, मस्क के पास टेस्ला का लगभग 12% हिस्सा है। उनके पास 2018 के कंपनसेशन पैकेज से लगभग 304 मिलियन एक्सरसाइजेबल स्टॉक ऑप्शन भी हैं।

    ब्लूमबर्ग के मुताबिक स्पेसएक्स का वैल्यूएशन दिसंबर 2025 के टेंडर ऑफर का इस्तेमाल करके किया गया है, जिसमें कंपनी की वैल्यू लगभग $800 बिलियन आंकी गई है। फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन के साथ सितंबर 2025 की फाइलिंग के आधार पर एक ट्रस्ट के जरिए मस्क के पास इस प्राइवेट कंपनी का लगभग 42% हिस्सा है। 5% प्राइवेट कंपनी डिस्काउंट लागू किया गया है। दिसंबर 2025 में नए वैल्यूएशन को ध्यान में रखते हुए एक एडजस्टमेंट किया गया, जिससे उनकी नेटवर्थ में $168 बिलियन की बढ़ोतरी हुई।

    क्यों उछली दौलत
    xAI का वैल्यूएशन जनवरी 2026 के फंडिंग राउंड का इस्तेमाल करके किया गया है, जिसमें 20 अरब डॉलर जुटाए गए और पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 230 अरब डॉलर था। कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर से परिचित एक व्यक्ति के अनुसार, जो अपनी पहचान नहीं बताना चाहता था क्योंकि यह जानकारी प्राइवेट है, इस राउंड के बाद मस्क के पास कंपनी का 51% हिस्सा था। 15% लिक्विडिटी डिस्काउंट लागू किया गया है। नया वैल्यूएशन जनवरी 2026 में लागू किया गया, जिससे उनकी नेटवर्थ में 48 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई।

  • MP में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी की घटनाओं में दो बच्चों की मौत, चीनी मांझे से 7 घायल

    MP में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी की घटनाओं में दो बच्चों की मौत, चीनी मांझे से 7 घायल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पतंगबाजी (Kite flying) के कारण हुए हादसों में 2 बच्चों (2 Children) की मौत हो गई जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल (7 People seriously injured) हो गए। रीवा में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने और पन्ना में चट्टान से गिरने के कारण 2 किशोरों की जान चली गई। इंदौर, उज्जैन और इटारसी में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कई लोगों के गले और पैर कट गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ड्रोन कैमरों से निगरानी कर रही है और मांझा बेचने वालों पर सख्ती बरत रही है, फिर भी लोग इसका उपयोग कर रहे हैं।

    उज्जैन में चार मामले
    उज्जैन में 4 दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में दो लोगों को हल्की चोटें आईं जबकि एक युवक का गला कट गया और एक महिला के पैरों में गंभीर घाव हो गए। दोनों घायलों को इलाज के लिए सरकारी चरक भवन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईंट भट्टे पर काम करने वाले एक शख्स के गले में बाइक चलाते समय मांझा फंस गया जिससे आठ टांके लगाने पड़े। वहीं सब्जी खरीदने निकलीं सीमा के पैरों में मांझा उलझने से गहरा कट लगा और उन्हें सात टांके लगाने पड़े।


    उज्जैन में दो की हालत गंभीर

    उज्जैन के शासकीय चरक भवन के ईएनटी सर्जन डॉ. विश्राम रत्नाकर ने बताया कि बुधवार को दोपहर तक चाइनीज मांझे से घायल होने के कुल चार मामले सामने आए। इनमें से दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई जबकि दो गंभीर घायल थे जिनका इलाज चल रहा है।


    रीवा में पतंगबाजी ने ली एक की जान

    रीवा जिले में बिछिया थाना क्षेत्र की चौरसिया कॉलोनी में 15 साल का कुश चौरसिया छत पर पतंग उड़ाते वक्त 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। उसकी पतंग कटकर बिजली की लाइन में फंस गई थी जिसे निकालने के लिए उसने लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया। जैसे ही रॉड बिजली के तारों से टच हुई उसे जोरदार करंट लगा। इससे वह बुरी तरह झुलस गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के वक्त परिवार मेला देखने गया था।


    पन्ना में भी एक ने गंवाई जान

    वहीं पन्ना जिले के धरमपुर थाना क्षेत्र के इचोलिया में मकर संक्रांति मेले के दौरान एक हादसा हो गया। पतंग उड़ाते समय चट्टान से गिरने से 15 साल के विभव सिंह की मौत हो गई। मृतक खोरा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। पतंग उड़ाते समय चट्टान के किनारे संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गया जिससे सिर में चोट आने से उसकी मौके पर मौत हो गई।


    इंदौर में 4 जख्मी

    इंदौर में चाइनीज मांझे से चार लोग घायल हुए। पहला हादसा भंवरकुआं क्षेत्र में हुआ जहां बाइक से जा रहे हेमराज चौरसिया का गला कट गया। नंदानगर निवासी महेश सोनी भी चीनी मांझे की चपेट में आकर घायल हुए। जूनी इंदौर में दूध बांटने जा रहे प्रेम भंडारी के गले में मांझा फंसने से 8 टांके आए हैं। चौथी घटना रामानंद नगर में हुई जहां पतंग लेने जा रहे घनश्याम वसुनिया की दाढ़ी पूरी तरह कट गई जिसके कारण उन्हें 10 टांके लगाने पड़े।


    नर्मदापुरम में एक घायल

    नर्मदापुरम जिले के इटारसी में शाम साढ़े चार बजे के करीब चीनी मांझे से बाइक सवार का गला कट गया। गंभीर रूप से घायल हालत में युवक को इटारसी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुभम मोटरसाइकिल से बुधवार को शाम साढ़े चार बजे घर से लाइब्रेरी जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। मांझे से युवक का गला 3 इंच तक कट गया।

  • MP: छतरपुर में दो युवतियों ने कर ली आपस में शादी, थानें पहुंचे परिजन… जमकर हुआ बवाल

    MP: छतरपुर में दो युवतियों ने कर ली आपस में शादी, थानें पहुंचे परिजन… जमकर हुआ बवाल


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दो बालिग युवतियों (Two Adult Women) के आपस में विवाह करने का एक मामला सामने आया है जिसके कारण थाने में काफी हंगामा हुआ। सोनी और मोनी (परिवर्तित नाम) पिछले 5 साल से प्रेम संबंध में थीं। उन्होंने 12 तारीख को एक-दूसरे से शादी कर ली। जब जानकारी परिजनों को मिली तो उन्होंने विरोध किया। एक परिवार ने अपनी लड़की मोनी को जबरन साथ ले जाने की कोशिश की जिससे थाने में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों से सलाह ले रही है।


    5 साल से प्रेम संबंध

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनी रैकवार और मोनी कुशवाहा के बीच पिछले करीब 5 साल से प्रेम संबंध था। ये दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रहने और शादी करने का मन बना रही थीं। सोनी ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया कि वे दोनों बालिग हैं और पूरी समझ-बूझ के साथ अपना जीवन एक-दूसरे के साथ बिताना चाहती हैं।


    परिजनों का विरोध

    सोनी के अनुसार, 12 तारीख को दोनों युवतियां एक धाम पहुंचीं जहां उन्होंने अपनी आपसी सहमति से विवाह कर लिया। शादी करने के बाद वे दोनों साथ रहने लगीं लेकिन जैसे ही इस विवाह की जानकारी मोनी के परिवार वालों को मिली तो उन्होंने रिश्ते का कड़ा विरोध किया।


    मोनी को घर ले जाने पर अड़े थे परिजन

    सोनी का आरोप है कि मोनी के परिवार वाले उसे जबरन घर ले जाने के इरादे से सिविल लाइन थाने पहुंचे थे। इसी बात को लेकर थाने के अंदर ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसने देखते ही देखते हंगामे का रूप ले लिया।


    युवतियां साथ रहने पर अड़ीं

    सूत्रों के अनुसार, परिजन रिश्ते को सामाजिक रूप से स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं जबकि दोनों युवतियां अपनी मर्जी से साथ रहने की बात पर अड़ी हुई हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए दोनों युवतियों को थाने में बैठाया और उनके परिवार वालों को समझाने की कोशिश की।


    मोनी को ले गए परिजन, मार्गदर्शन ले रही पुलिस

    पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पुलिस का कहना है कि दोनों युवतियां बालिग हैं और अपनी मर्जी से एक-दूसरे के साथ रहने की बात कह रही हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने लड़की मोनी को उसके परिजनों के साथ भेजा है। वहीं समलैंगिक विवाह से जुड़े कानूनी पहलुओं पर पूरी स्पष्टता नहीं होने के कारण पुलिस उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन ले रही है ताकि कानून सम्मत निर्णय लिया जा सके।