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  • एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2026 में फिर होगी Ind vs Pak की भिड़ंत… टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी

    एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2026 में फिर होगी Ind vs Pak की भिड़ंत… टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी


    नई दिल्ली।
    मेन्स एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2026 (Men’s Asia Cup Rising Stars 2026) में भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan) के बीच रोमांचक भिडंत देखने को मिलेगी. एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने दोहा में होने वाले टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी कर दिया है. इंडिया-ए और पाकिस्तान-ए को एक ही ग्रुप में रखा गया है।

    इंडिया-ए अपने अभियान की शुरुआत 20 नवंबर को नेपाल के खिलाफ करेगा. इसके बाद 22 नवंबर को वेस्ट एंड पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इंडिया-ए की भिड़ंत पाकिस्तान-ए से होगी. जबकि इंडिया-ए ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला 24 नवंबर को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खिलाफ खेलेगा।

    टूर्नामेंट में कुल आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है. ग्रुप ए में श्रीलंका-ए, बांग्लादेश-ए, अफगानिस्तान-ए और हॉन्ग कॉन्ग शामिल हैं. वहीं, ग्रुप बी में इंडिया-ए, पाकिस्तान-ए, नेपाल और यूएई को जगह मिली है. हर टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों से एक-एक मैच खेलेगी. दोनों ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. सेमीफाइनल 26 और 27 नवंबर को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 29 नवंबर को होगा।

    टूर्नामेंट के अधिकतर मैच वेस्ट एंड पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे. फाइनल भी इसी मैदान पर आयोजित होगा. वहीं, कुछ मुकाबले यूनिवर्सिटी ऑफ दोहा फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (UDST) क्रिकेट ग्राउंड पर होंगे. टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 19 नवंबर को इसी मैदान पर खेला जाएगा।


    पिछले सीजन वैभव भी खेले थे

    2025 के एशिया कप राइजिंग स्टार्स में इंडिया-ए की कप्तानी जितेश शर्मा ने की थी. तब वैभव सूर्यवंशी भी टीम का हिस्सा थे. इंडिया-ए ने यूएई को 148 रनों से हराकर शानदार शुरुआत की, लेकिन अगले मैच में पाकिस्तान-ए के खिलाफ आठ विकेट से हार गया. इसके बाद इंडिया-ए ने ओमान को छह विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. वहां बांग्लादेश-ए के खिलाफ मुकाबला टाई रहा और नतीजा सुपर ओवर से निकला, जिसमें भारत को हार का सामना करना पड़ा।

    उधर पाकिस्तान-ए ने सेमीफाइनल में श्रीलंका-ए को 5 रनों से हराया था. फिर पाकिस्तान-ए ने फाइनल में सुपर ओवर के जरिए बांग्लादेश-ए को हराकर खिताब अपने नाम किया था. अब 2026 के संस्करण में इंडिया-ए के पास पिछले टूर्नामेंट की निराशा पीछे छोड़ने और पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में दम दिखाने का मौका होगा।

  • CBI: केनरा बैंक से 212 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में IL&FS के एमडी और निदेशकों पर केस दर्ज

    CBI: केनरा बैंक से 212 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में IL&FS के एमडी और निदेशकों पर केस दर्ज


    मुंबई।
    केनरा बैंक (Canara Bank) की शिकायत पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) (Central Bureau of Investigation – CBI) ने आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (IL&FS Energy Development Company Limited) और उसके प्रबंध निदेशकों व निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. यह मामला बैंक के साथ कथित धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा है. सीबीआई के मुताबिक, इस मामले में बैंक को 212.34 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप है. मामले में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

    सीबीआई ने यह मामला मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित केनरा बैंक के मंडल कार्यालय की शिकायत के आधार पर दर्ज किया है. मामले में कंपनी के प्रबंध निदेशक और निदेशक सुनील वाधवा, अनूप सेठ, हरि शंकरन, रमेश चंद्र बाव और अरुण कुमार साहा के नाम शामिल हैं. इसके अलावा कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

    सीबीआई के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश के तहत तत्कालीन सिंडिकेट बैंक से 100 करोड़ रुपये का सावधि कर्ज लिया था. यह कर्ज मुंबई की एलसीबी शाखा से लिया गया था. इसके अलावा लंदन शाखा से 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का कर्ज भी लिया गया था. आरोप है कि कंपनी ने बैंक से मिले पैसों का इस्तेमाल उस उद्देश्य के लिए नहीं किया, जिसके लिए कर्ज मंजूर किया गया था. सीबीआई के मुताबिक, कंपनी ने बैंक की रकम को अपनी सहयोगी कंपनियों के जरिए दूसरी जगह भेज दिया और इससे बैंक को नुकसान हुआ।


    मुंबई, दिल्ली और नोएडा में सीबीआई की छापेमारी

    सीबीआई ने 21 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज करने के बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक और निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली. ये तलाशी मुंबई, दिल्ली और नोएडा समेत कई जगहों पर की गई.तलाशी के दौरान जांच से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद हुए. इनमें बैंक से जुड़े दस्तावेज, जमा पर्चियां, म्यूचुअल फंड से जुड़े कागजात, निदेशकों के बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी और कंपनी के बही-खाते शामिल हैं. सीबीआई ने इन दस्तावेजों को जब्त कर लिया है।

  • MP: धार-झाबुआ जिले को बड़ी सौगात…. 260 गांवों के 72 हजार किसानों के खेतों में नर्मदा के पानी से होगी सिंचाई

    MP: धार-झाबुआ जिले को बड़ी सौगात…. 260 गांवों के 72 हजार किसानों के खेतों में नर्मदा के पानी से होगी सिंचाई


    धार।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने धार और झाबुआ (Dhar and Jhabua) जिले के किसानों को बड़ी सौगात दी. उन्होंने 2387.60 करोड़ रुपये की लागत वाली नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना (Narmada-Jhabua-Petlawad-Thandla-Sardarpur Micro Lift Irrigation Project) का उद्घाटन किया. इस परियोजना से दोनों जिलों के 260 गांवों में 57 हजार 422 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होगी. इससे करीब 72 हजार किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान परियोजना के रूट मैप की समीक्षा की और शिलान्यास किया. इसके साथ ही 188 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में 317.86 करोड़ रुपये भी ट्रांसफर किए गए।


    72 हजार किसानों को मिलेगा फायदा

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरदार सरोवर बांध के बाद धार-झाबुआ क्षेत्र को विभिन्न परियोजनाओं के जरिए नर्मदा का पानी मिल रहा है. इसी कड़ी में माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी. उन्होंने कहा कि सूखे खेतों को पानी मिलने से फसलों की पैदावार और किसानों की समृद्धि बढ़ेगी. राज्य सरकार का लक्ष्य कृषि और उद्योग सहित हर क्षेत्र में विकास करना है.


    मध्य प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2002-03 तक मध्य प्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती थी. उनके मुताबिक, भाजपा सरकार बनने के बाद वर्ष 2023 तक यह क्षेत्र बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गया. उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 60 लाख हेक्टेयर किया गया है. अब सरकार इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।


    पीएम मित्र पार्क से 6 लाख कपास किसानों को फायदा

    मुख्यमंत्री ने धार में प्रस्तावित पीएम मित्र पार्क का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस परियोजना से निमाड़-मालवा क्षेत्र के करीब 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा. पीएम मित्र पार्क में एक ही जगह कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े से रेडीमेड गारमेंट्स बनाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी. मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे 3 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि इससे धार और झाबुआ के युवाओं, किसानों और महिलाओं को रोजगार के लिए पलायन करने की मजबूरी कम करने में मदद मिलेगी।


    धार को मिली सड़क, पुल और स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात

    मुख्यमंत्री ने बताया कि धार जिले में करीब 2,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई है. इनमें माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना, 25 करोड़ रुपये की लागत वाले चार पुल, 15 करोड़ रुपये की स्कूल इमारत और 50 बिस्तरों वाला अस्पताल शामिल हैं. इसके अलावा 188 करोड़ रुपये की लागत वाली 35 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार को जल्द ही मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि जिले में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है।


    अमका-झमका माता स्थल को तीर्थ के रूप में विकसित करने की तैयारी

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने धार जिले के अमका-झमका माता स्थल का भी उल्लेख किया. मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने इसी स्थान पर रुक्मिणी से विवाह किया था. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस स्थल को श्री कृष्ण पाथेय योजना में शामिल कर तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।


    किसानों को मिलेंगी साल में तीन फसलें: कैलाश विजयवर्गीय

    शहरी विकास एवं आवास मंत्री और धार जिले के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य में 100 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य तय किया है. उन्होंने दावा किया कि माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के किसान नर्मदा और माही नदियों के पानी का इस्तेमाल कर साल में एक के बजाय तीन फसलें ले सकेंगे।

    केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास सहित तमाम क्षेत्रों में काम कर रही है।

    महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि परियोजना के माध्यम से झाबुआ, पेटलावद, थांदला और सरदारपुर में नर्मदा का पानी उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि कुछ इलाके अभी परियोजना से छूट गए हैं, जिन्हें जल्द ही इसमें शामिल किया जाएगा।

  • जापान के बोनिन द्वीप समूह में सुबह-सुबह आया 6.5 तीव्रता का भूकंप

    जापान के बोनिन द्वीप समूह में सुबह-सुबह आया 6.5 तीव्रता का भूकंप


    टोक्यो।
    जापान (Japan) के बोनिन द्वीप समूह क्षेत्र (Bonin Islands region) में 6.5 तीव्रता (Magnitude 6.3) का भूकंप (Earthquake) आया है. धरती के अंदर 7 प्लेट ऐसी होती हैं जो लगातार घूम रही हैं. ये प्लेट जिन जगहों पर अधिक टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहते हैं।

    जापान के बोनिन द्वीप समूह क्षेत्र में रविवार सुबह 6.5 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके दर्ज किए गए। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के अनुसार, इस भूकंप के बाद जान-माल के नुकसान या सुनामी की किसी चेतावनी से जुड़ी विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी है।

    संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने बताया कि टोक्यो से लगभग 1000 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में बोनिन द्वीप समूह, जिसे ओगासावारा द्वीप समूह भी कहा जाता है, में 6.5 तीव्रता का भूकंप आया।

    भूकंप का केंद्र समुद्र में 494 किलोमीटर की गहराई में था। प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई थी, और कोई भी भौतिक क्षति या हताहत होने की सूचना नहीं थी। भूकंप फिलीपीन और प्रशांत टेक्टोनिक प्लेटों के बीच भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में आया।

    बता दें, बार-बार टकराने से प्लेट के कोने मुड़ते हैं. जब प्रेशर ज्यादा बनने लगता है कि तो प्लेट टूटने लगती हैं. इनके टूटने के कारण अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है. 4.5 या उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है।

    भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. 7.0 या उससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप को आमतौर पर खतरनाक माना जाता है, वहीं, 2.0 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो भूकंप कहा जाता हैं, जिन्हें कई लोग महसूस भी नहीं कर पाते हैं।

    इस बीच, शनिवार को वानुआतू द्वीप में भी भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए थे. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप 24 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 1 मिनट पर आया. वानुआतू, दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपसमूह देश है।

  • चर्चा में सांसद हनुमान बेनीवाल का परिवार, सरपंच चुनाव में छोटी भाभी ने बड़ी भाभी को हराया

    चर्चा में सांसद हनुमान बेनीवाल का परिवार, सरपंच चुनाव में छोटी भाभी ने बड़ी भाभी को हराया


    नागौर। राजस्थान के पंचायती राज चुनाव में नागौर जिले के बरण गांव का सरपंच चुनाव चर्चा का विषय बन गया है। यहां राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के परिवार से जुड़ी दो महिला प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ। सांसद की छोटी भाभी राजबाला पत्नी प्रेमसुख बेनीवाल ने 982 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि बड़ी भाभी मीरा पत्नी स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल को महज 21 वोट मिले। चुनाव परिणाम के साथ ही हनुमान बेनीवाल के मतदान करने नहीं पहुंचने की बात भी चर्चा में है।

    छोटी भाभी को 982 वोट, बड़ी भाभी को मिले 21

    बरण गांव में सरपंच पद के लिए छह महिला प्रत्याशी मैदान में थीं। इनमें राजबाला और मीरा के बीच मुकाबले को लेकर खास चर्चा रही। घोषित नतीजों के मुताबिक, राजबाला ने 982 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि मीरा को केवल 21 वोट मिले। दोनों प्रत्याशियों को मिले मतों का बड़ा अंतर गांव की चुनावी चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

    राजबाला की जीत के बाद सांसद के परिवार में छोटी भाभी की चुनावी सफलता सुर्खियों में आ गई, वहीं मीरा को मिले बेहद कम वोटों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, परिणाम से मतदाताओं के फैसले के पीछे के कारणों का अपने आप निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

    राजनीतिक विरासत के बावजूद मीरा को मिले सिर्फ 21 वोट

    इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा मीरा को मिले 21 वोटों की हो रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके पति स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे थे। इसके बावजूद सरपंच पद के चुनाव में मीरा को बहुत कम मत मिले।

    दूसरी ओर, राजबाला को 982 वोट मिले। दोनों प्रत्याशियों के बीच मतों का यह अंतर स्थानीय चुनावी समीकरणों और मतदाताओं की पसंद को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस अंतर के पीछे क्या वजह रही, इसे लेकर कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

    हनुमान बेनीवाल ने नहीं किया मतदान, नाराजगी की चर्चा

    चुनाव के दौरान सांसद हनुमान बेनीवाल के मतदान नहीं करने की बात भी चर्चा में रही। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों के चुनाव लड़ने से वह नाराज थे और पारिवारिक राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहते थे। यह भी चर्चा है कि उनकी इच्छा थी कि परिवार के सदस्यों के बजाय गांव के अन्य लोग चुनाव मैदान में उतरें।

    हालांकि, बेनीवाल के मतदान नहीं करने के पीछे नाराजगी को वजह बताए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में उनका आधिकारिक बयान सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    सरपंच चुनाव के नतीजे से बढ़ी चर्चा

    बरण गांव का यह चुनाव सरपंच पद की जीत-हार से आगे बढ़कर सांसद हनुमान बेनीवाल के परिवार से जुड़े घटनाक्रम के कारण चर्चा में आ गया है। एक ही परिवार की दो महिला प्रत्याशियों के अलग-अलग नतीजों और सांसद के मतदान नहीं करने की बात ने राजनीतिक हलकों में लोगों का ध्यान खींचा है।

    राजबाला की जीत के साथ गांव को नई सरपंच मिली है, जबकि मीरा की हार और दोनों को मिले वोटों के बड़े अंतर पर चर्चा जारी है। राजस्थान में शनिवार को पहले चरण के तहत सरपंच पद के चुनाव हुए थे। मतदान के बाद शाम को मतगणना की गई और नतीजे घोषित कर दिए गए।

  • फ्रांस में फिर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे लाखों लोग, 1,000 से ज्यादा गिरफ्तार

    फ्रांस में फिर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे लाखों लोग, 1,000 से ज्यादा गिरफ्तार


    नई दिल्ली। फ्रांस में महंगाई, रोजगार, वेतन, पेंशन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों को लेकर शनिवार, 24 अक्टूबर को एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। राजधानी पेरिस समेत देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरे। फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में करीब 4 लाख 10 हजार लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जबकि लगभग 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पेरिस में मार्च के अंतिम चरण में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।

    गृह मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को सबसे बड़ा प्रदर्शन पेरिस में हुआ, जहां करीब 1 लाख 10 हजार लोग मार्च में शामिल हुए। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बाद में कुछ जगहों पर स्थिति बिगड़ गई। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ सकती है।

    पेरिस में मार्च के दौरान पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी
    प्रशासन ने पेरिस में प्रदर्शन का मार्ग शहर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से तक सीमित रखा था। मार्च पोर्त द’इटली से शुरू होकर पोर्त द विन्सेन्स तक पहुंचा। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्लास द ला नासियों की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कुछ स्थानों पर तनाव बढ़ गया और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस तथा पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।

    पेरिस अभियोजक कार्यालय के मुताबिक, शनिवार के प्रदर्शन के सिलसिले में 64 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 40 लोगों को पुलिस हिरासत में रखा गया। गिरफ्तार लोगों में छह नाबालिग भी शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर पर हथियार रखने या हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की तैयारी करने वाले समूहों में शामिल होने का संदेह है।

    लियोन, स्ट्रासबर्ग और मार्सेय में भी तनाव
    पेरिस के अलावा लियोन, क्लेरमोंट-फेरां और स्ट्रासबर्ग में भी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। नीस और नांतेस में पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों को तैनात किया गया। मार्सेय में प्रदर्शन के अंतिम हिस्से के पास कुछ दर्जन लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई।

    प्रदर्शन को देखते हुए फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने पहले ही देशभर में 70 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती का ऐलान किया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद वाहन और पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों को भी लगाया गया।

    यह प्रदर्शन पिछले सप्ताह हुई हिंसा के बाद हुआ है। इससे पहले शनिवार को 5 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे थे। उस दौरान फ्रांसभर में करीब 3 हजार दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया था या उन्हें लूट लिया गया था।

    स्कूलों में शिक्षकों की कमी और महंगाई के खिलाफ आंदोलन
    फ्रांस में यह आंदोलन पिछले महीने पेरिस के दक्षिण-पूर्व में स्थित एक हाई स्कूल में कर्मचारियों की कमी के विरोध से शुरू हुआ था। धीरे-धीरे यह देश के अन्य हिस्सों में भी फैल गया। छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, जबकि कर्मचारियों की मांगों में ज्यादा वेतन और बेहतर पेंशन शामिल हैं।

    शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में सरकारी मिडिल और हाई स्कूलों में शिक्षकों की गैरमौजूदगी के कारण 1 करोड़ 54 लाख शिक्षण घंटे प्रभावित हुए। यह कुल निर्धारित शिक्षण समय का 7.5 प्रतिशत था।

    छात्र संगठन उच्च शिक्षा में 2 लाख 50 हजार अतिरिक्त सीटें बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वे राष्ट्रीय प्रवेश व्यवस्था के तहत होने वाली चयन प्रक्रिया को खत्म करने, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति करने और शैक्षणिक संस्थानों की मरम्मत कराने की भी मांग कर रहे हैं।

    इसके अलावा छात्र हर महीने छात्रवृत्ति में 200 यूरो की बढ़ोतरी और सरकारी छात्र आवासों का किराया रोकने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन में महंगाई, रोजगार के अवसर और आम लोगों की आर्थिक परेशानियां भी प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।

    प्रदर्शन पर प्रतिबंध से ट्रेड यूनियन नाराज
    फ्रांस के प्रशासन ने लियोन, नीस और मोंपेलिए समेत कुछ शहरों में प्रदर्शनों पर रोक लगा दी थी। ट्रेड यूनियनों ने इन प्रतिबंधों का विरोध किया है। उनका कहना है कि इस तरह की रोक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करती है।

    इस बीच, येलो वेस्ट मूवमेंट से जुड़े संगठनों ने 31 अक्टूबर को फिर प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। शिक्षा, महंगाई, वेतन और पेंशन से जुड़ी मांगों को लेकर जारी आंदोलन के कारण फ्रांस में आने वाले दिनों में भी विरोध प्रदर्शन होने की संभावना बनी हुई है।

  • आज शरद पूर्णिमा पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा…. चांदनी रात में इस समय रखें खीर…. जानें पूजन विधि

    आज शरद पूर्णिमा पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा…. चांदनी रात में इस समय रखें खीर…. जानें पूजन विधि


    नई दिल्ली।
    आज 25 अक्टूबर, रविवार को शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) का पर्व मनाया जा रहा है. हिंदू धर्म में इस पूर्णिमा का विशेष महत्व है. इसे कोजागरी पूर्णिमा (Kojagiri Purnima), रास पूर्णिमा और कौमुदी व्रत (Kaumudi Vrat) के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन मां लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) और चंद्र देव (Moon God) की पूजा करने की परंपरा है. मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है, उसकी चांदनी को अमृत के समान माना जाता है. यही वजह है कि इस रात दूध और चावल से बनी खीर को खुले आसमान के नीचे रखने की परंपरा है।

    पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू हो चुकी है, यह 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 41 मिनट तक रहेगी. चूंकि पूर्णिमा की रात 25 अक्टूबर को पड़ रही है, इसलिए शरद पूर्णिमा का मुख्य पर्व आज ही मनाया जा रहा है. आइए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय, पूजा विधि और खीर रखने की परंपरा।


    शरद पूर्णिमा 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त

    शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा और चंद्र दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है. इस साल पूजा के लिए ये समय ध्यान में रखें.
    – शरद पूर्णिमा: 25 अक्टूबर 2026, रविवार
    – पूर्णिमा तिथि शुरू: 25 अक्टूबर, सुबह 11:55 बजे
    – पूर्णिमा तिथि समाप्त: 26 अक्टूबर, सुबह 9:41 बजे
    – चंद्रोदय: दिल्ली में शाम करीब 5 बजे
    – लक्ष्मी पूजा का निशीथ मुहूर्त: रात 11:40 बजे से 26 अक्टूबर को रात 12:31 बजे तक.


    शरद पूर्णिमा पर कैसे करें मां लक्ष्मी की पूजा?

    शरद पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, साफ कपड़े पहनें. इसके बाद घर के मंदिर की सफाई करके मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें. पूजा में फूल, फल, मिठाई और दीपक अर्पित कर सकते हैं।

    शाम को चंद्रमा निकलने के बाद चंद्र देव को जल अर्पित करें. इसके बाद मां लक्ष्मी की पूजा करें, सुख-समृद्धि की कामना करें. इस रात कई घरों में भजन-कीर्तन और जागरण भी किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं, मां जागकर उनकी आराधना करने वाले भक्तों पर कृपा करती हैं।


    शरद पूर्णिमा की रात खीर क्यों रखी जाती है?

    शरद पूर्णिमा की सबसे खास परंपराओं में से एक है चांदनी में खीर रखना. इस दिन दूध, चावल और चीनी से खीर बनाई जाती है. फिर इसे साफ बर्तन में रखकर चंद्रमा की रोशनी में रखा जाता है. कई परिवार अगले दिन खीर को भगवान को भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।

    धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है. इसी विश्वास के कारण चांदनी में रखी खीर को विशेष माना जाता है. खीर को खुले में रखते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें , उसे ढककर रखें, ताकि धूल और कीड़े उसमें न गिरें।


    कोजागरी पूर्णिमा क्यों कहते हैं?

    शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कोजागरी शब्द का संबंध संस्कृत के ‘को जागर्ति’ यानी ‘कौन जाग रहा है’ से है. माना जाता है कि इस रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं, जागकर पूजा करने वाले भक्तों को आशीर्वाद देती हैं. इसी वजह से कई जगहों पर लोग रात में जागरण करते हैं और मां लक्ष्मी की आराधना करते हैं।

  • अखिलेश के 'घुसपैठिया' बयान पर हरीश रावत ने जताई आपत्ति, बोले- यह कहना किसी भी तरह उचित नहीं

    अखिलेश के 'घुसपैठिया' बयान पर हरीश रावत ने जताई आपत्ति, बोले- यह कहना किसी भी तरह उचित नहीं


    देहरादून। उत्तर प्रदेश में ‘घुसपैठिया’ शब्द को लेकर दिए गए बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की आलोचना हो रही है। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी उनके बयान पर आपत्ति जताई है। रावत ने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लोगों को ‘घुसपैठिया’ कहना किसी भी तरह उचित नहीं है। उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में ऐसे शब्दों के इस्तेमाल से बचने की नसीहत भी दी।

    हरीश रावत ने फेसबुक पोस्ट में अखिलेश यादव की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बयान देते समय अखिलेश यादव के मन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि रही होगी। हालांकि, रावत ने याद दिलाया कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पहले एक ही राज्य का हिस्सा थे और विभाजन के समय दोनों राज्यों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल था।

    बंटवारे के बाद जहां रहे, वहां के नागरिक हैं लोग

    हरीश रावत ने कहा कि जब उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश एक राज्य थे, तब लोगों ने अलग-अलग क्षेत्रों को अपना कर्मक्षेत्र बनाया। किसी ने नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, टिहरी और पौड़ी में काम किया, तो किसी ने इलाहाबाद, गोरखपुर, बनारस और लखनऊ को अपना कार्यक्षेत्र चुना।

    उन्होंने कहा कि राज्य के बंटवारे के समय जो लोग जहां रह गए, वे वहीं के निवासी हैं और उन्हें वहां रहने का पूरा अधिकार है। उत्तराखंड में रह गए लोगों को वहां सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए। इसी तरह उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोगों के अधिकारों का भी सम्मान किया जाना चाहिए। रावत के मुताबिक, ऐसे नागरिकों के लिए ‘घुसपैठिया’ शब्द का इस्तेमाल उचित नहीं है।

    दूसरे राज्यों में काम करने वालों का देश के निर्माण में योगदान

    रावत ने कहा कि भारत में लोग रोजगार और कामकाज के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं। दूसरे राज्यों में जाकर काम करने वाले लोगों और प्रवासियों का देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसलिए उनके योगदान को सम्मान की नजर से देखा जाना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के दौरान ‘घुसपैठिया’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। रावत ने यह भी कहा कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करती है और विपक्षी दलों को उसके उकसावे में आने से बचना चाहिए।

    अखिलेश यादव के बयान से शुरू हुआ विवाद

    दरअसल, शुक्रवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा था, “यूपी में सबसे बड़े घुसपैठिया कौन हैं? उत्तराखंड के…” इसके बाद उन्होंने कहा कि पहले ‘घुसपैठिया’ की परिभाषा तय करनी होगी।

    अखिलेश के इस बयान के बाद विवाद बढ़ गया। समाजवादी पार्टी ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि अखिलेश यादव का इशारा एक व्यक्ति की ओर था। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बयान को उत्तराखंड के लोगों का अपमान बताया था। इसके बाद हरीश रावत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

  • 25 अक्टूबर का राशिफल: सूर्य देव की कृपा से किसकी पूरी होगी मनोकामना और किस राशि को मिलेगी नई सफलता? पढ़ें सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

    25 अक्टूबर का राशिफल: सूर्य देव की कृपा से किसकी पूरी होगी मनोकामना और किस राशि को मिलेगी नई सफलता? पढ़ें सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल


    नई दिल्ली । आज 25 अक्टूबर 2026 को रविवार का दिन है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का प्रभाव व्यक्ति के कामकाज और मनोदशा पर पड़ सकता है। आज का दिन किसी के लिए नई उम्मीद लेकर आ सकता है तो किसी को जरूरी फैसले लेते समय धैर्य और समझदारी दिखानी पड़ सकती है। नौकरी करने वालों को अपने काम पर ध्यान देने की जरूरत होगी जबकि कारोबार से जुड़े लोगों के लिए पुराने मामलों की समीक्षा करना उपयोगी रह सकता है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना और परिवार के साथ तालमेल बनाए रखना बेहतर होगा। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए रविवार का दिन कैसा रह सकता है।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन उत्साह से भरा रह सकता है। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में अपनी बात रखने से पहले दूसरों की राय भी सुनें। परिवार में छोटी बातों पर बहस से बचना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। खर्च करते समय बजट का ध्यान रखें।

    वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों पर ध्यान देने का दिन है। आय और खर्च के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करें। कारोबार में किसी पुराने संपर्क से बातचीत आगे बढ़ सकती है। परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। किसी भी बड़े निवेश से पहले जरूरी जानकारी जरूर जुटाएं।

    मिथुन राशि के जातकों को कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। अपनी योग्यता दिखाने का अवसर मिले तो उसका पूरा लाभ उठाएं। व्यापार में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना बेहतर होगा। दोस्तों से बातचीत मन हल्का कर सकती है। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी करने से बचें।

    कर्क राशि वालों के लिए परिवार और निजी जीवन महत्वपूर्ण रह सकता है। घर से जुड़ा कोई काम पूरा करने की योजना बन सकती है। नौकरी में वरिष्ठों की सलाह उपयोगी साबित हो सकती है। आर्थिक मामलों में सोच समझकर कदम उठाएं। सेहत के लिए पर्याप्त आराम और संतुलित दिनचर्या जरूरी रहेगी।

    सिंह राशि के जातकों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। किसी पुराने विवाद को बातचीत से सुलझाने का प्रयास सफल हो सकता है। परिवार के लोगों की भावनाओं का सम्मान करें। अनावश्यक खर्च और गुस्से में लिए गए फैसलों से बचें।

    कन्या राशि वालों के लिए योजनाओं को व्यवस्थित करने का दिन है। रुके हुए काम पूरे करने की दिशा में प्रयास बढ़ सकते हैं। साझेदारी में काम करने वालों को बातचीत स्पष्ट रखनी चाहिए। पैसों से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज ध्यान से जांचें। रिश्तों में छोटी गलतफहमियों को बढ़ने न दें।

    तुला राशि के जातकों को संतुलन बनाकर चलने की जरूरत होगी। नौकरी और कारोबार में नई संभावनाओं पर विचार कर सकते हैं। किसी करीबी के साथ बातचीत से समस्या का समाधान निकल सकता है। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें। अपने स्वास्थ्य और आराम को भी प्राथमिकता दें।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए धैर्य और समझदारी महत्वपूर्ण रहेंगे। किसी काम में उम्मीद के मुताबिक परिणाम पाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना पड़ सकता है। परिवार का सहयोग मिल सकता है। किसी को पैसा उधार देने या नया निवेश करने से पहले अपनी स्थिति का आकलन करें। भावनाओं में बहकर कोई फैसला न लें।

    धनु राशि के जातकों को निजी और पेशेवर जीवन के बीच तालमेल बनाना होगा। कामकाज की नई योजना पर विचार कर सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। यात्रा की योजना हो तो जरूरी तैयारियां पहले पूरी कर लें। किसी भी वादे को करने से पहले अपनी जिम्मेदारियों को समझें।

    मकर राशि वालों के लिए मेहनत और अनुशासन महत्वपूर्ण रहेंगे। पुराने कामों को व्यवस्थित करने से आगे की राह आसान हो सकती है। नौकरी में अपनी जिम्मेदारी समय पर पूरी करें। कारोबार में लेनदेन का हिसाब ध्यान से रखें। परिवार के साथ बातचीत के लिए समय निकालना भी जरूरी रहेगा।

    कुंभ राशि के जातकों को आर्थिक योजना पर ध्यान देना चाहिए। बचत बढ़ाने और अनावश्यक खर्च कम करने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। कामकाज में नए अवसरों पर विचार करें लेकिन किसी प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी जानकारी लें। रिश्तों में स्पष्ट संवाद बनाए रखें।

    मीन राशि वालों के लिए आत्ममंथन और प्राथमिकताएं तय करने का दिन रह सकता है। अधूरे कामों को पूरा करने के लिए योजना बनाएं। कार्यक्षेत्र में दूसरों के साथ तालमेल बनाए रखना उपयोगी होगा। भावनात्मक फैसलों के बजाय व्यावहारिक सोच अपनाएं। परिवार के साथ समय बिताने और आराम करने से मन को सुकून मिल सकता है।

    कुल मिलाकर रविवार का दिन सभी राशियों के लिए धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है। किसी भी बड़े आर्थिक या व्यक्तिगत निर्णय में केवल राशिफल के आधार पर निर्भर रहने के बजाय वास्तविक परिस्थितियों और जरूरी जानकारी को महत्व दें। ज्योतिषीय भविष्यफल पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होते हैं और इन्हें सामान्य मार्गदर्शन तथा मनोरंजन के रूप में ही देखना चाहिए।

  • मक्का-मदीना पर हमले से हूतियों का इनकार, बोले- सऊदी के तेल ठिकानों और एयरपोर्ट को बनाया निशाना

    मक्का-मदीना पर हमले से हूतियों का इनकार, बोले- सऊदी के तेल ठिकानों और एयरपोर्ट को बनाया निशाना


    नई दिल्ली। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही समूह ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों मक्का और मदीना पर हमला करने की खबरों से इनकार किया है। समूह का कहना है कि उसके सैन्य अभियानों का निशाना सऊदी अरब के तेल ठिकाने और सैन्य प्रतिष्ठान हैं। इससे पहले सऊदी अरब ने दावा किया था कि उसने मक्का और मदीना की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया है। कई इलाकों में मिसाइलों का मलबा गिरने की भी जानकारी दी गई थी।

    हूती समूह के इस बयान से सऊदी अरब और यमन के बीच सीमा पार तनाव बढ़ने की आशंका है। हूतियों ने कहा कि जब भी वे सैन्य अभियान चलाते हैं, तो उसकी सार्वजनिक रूप से घोषणा करते हैं। सऊदी अधिकारियों ने हूतियों के इनकार और उनके बताए लक्ष्यों पर तत्काल कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी।

    सऊदी अरब ने मिसाइलें रोकने का किया दावा

    सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, मक्का और मदीना क्षेत्रों की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया गया। इसके बाद मिसाइलों का मलबा मक्का के पास और जेद्दा, ताइफ तथा रबिघ में मिलने की जानकारी सामने आई।

    शनिवार को सऊदी नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने ताइफ, यानबू, मक्का और जेद्दा के लोगों को संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया था। करीब 10 मिनट बाद एजेंसी ने बताया कि खतरा टल गया है।

    हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि मिसाइलों के मलबे की जानकारी वाले सभी स्थानों पर वास्तव में क्या हुआ और क्या कोई मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंची थी। हूतियों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मक्का और मदीना को निशाना नहीं बनाया।

    रियाद एयरपोर्ट और अरामको की सुविधाओं पर हमले का दावा

    हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि समूह ने सऊदी अरब के कई अहम ठिकानों पर हमले किए। इनमें रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, यानबू में सऊदी अरामको की एक सुविधा, रबिघ तेल रिफाइनरी, कच्चे तेल के पंपिंग स्टेशन और ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन शामिल हैं।

    प्रवक्ता ने दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नज्रान के एक हवाई अड्डे और खमीस मुशैत के एक हवाई अड्डे को भी निशाना बनाने का दावा किया।

    वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने यानबू और ताइफ की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर दिया। हालांकि, हूतियों की ओर से बताए गए अन्य ठिकानों पर हमलों की पुष्टि नहीं हुई है। सऊदी अधिकारियों ने भी इन दावों पर सीधे तौर पर प्रतिक्रिया नहीं दी।

    अदन में तटरक्षक बल के ठिकानों पर मिसाइल हमले का आरोप

    यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूतियों पर अदन में तटरक्षक बल के ठिकानों पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप लगाया है। यमन के गृह मंत्रालय के मुताबिक, इनमें से दो मिसाइलें तटरक्षक बल के मुख्यालय पर गिरीं, जबकि तीसरी तवाही इलाके में तटरक्षक बल की एक इमारत पर गिरी।

    दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि उनके बलों ने अदन में सऊदी समर्थित सैन्य जमावड़ों को निशाना बनाया। उन्होंने अल-नस्र कैंप और एक नौसैनिक सैन्य अड्डे का उल्लेख किया। उनका आरोप था कि इन ठिकानों पर सऊदी अधिकारी सैन्य गतिविधियों की निगरानी कर रहे थे।

    2022 के युद्धविराम पर फिर मंडराया खतरा

    ताजा घटनाक्रम से यमन में संघर्ष रोकने के प्रयासों पर भी असर पड़ने की आशंका है। वर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और हूतियों के बीच सीमा पार हमलों में काफी कमी आई थी।

    सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है, जबकि हूतियों का राजधानी सना और देश के बड़े उत्तरी हिस्से पर नियंत्रण है।

    ईरान के साथ जारी व्यापक अमेरिका-इजराइल संघर्ष के बीच हूतियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ता तनाव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है। इसी महीने की शुरुआत में हूतियों ने विमानन कंपनियों को सऊदी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने को लेकर चेतावनी दी थी। हालांकि, उस चेतावनी में मक्का और मदीना के ऊपर के हवाई क्षेत्र को अलग रखा गया था।