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  • मध्य प्रदेश में बारिश का नया गणित देवास सबसे आगे आलीराजपुर सबसे पीछे जुलाई के आखिर में फिर भारी बारिश के संकेत

    मध्य प्रदेश में बारिश का नया गणित देवास सबसे आगे आलीराजपुर सबसे पीछे जुलाई के आखिर में फिर भारी बारिश के संकेत


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। जुलाई के तीसरे सप्ताह में हुई तेज बारिश ने प्रदेश के कई जिलों की तस्वीर बदल दी है और सूखे जैसे हालात से काफी राहत मिली है। इस दौरान प्रदेश में औसतन 3.3 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई जिससे नदियों झरनों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है। हालांकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है और कई जिलों को अच्छी वर्षा का इंतजार है।

    मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में लगभग 13 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि सामान्य औसत 14.6 इंच माना जाता है। यानी मध्य प्रदेश में अब तक लगभग 11 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इस बार मानसून निर्धारित समय से नौ दिन की देरी से 24 जून को प्रदेश में पहुंचा था। देरी के कारण जून महीने में बारिश का आंकड़ा काफी पीछे रहा लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में स्थिति तेजी से सुधरी और बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच गया। दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ने से बारिश लगभग थम गई लेकिन तीसरे सप्ताह में जोरदार बरसात ने एक बार फिर राहत दी।

    प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें भोपाल इंदौर देवास सीहोर राजगढ़ हरदा बुरहानपुर मंदसौर नीमच आगर मालवा दमोह सिवनी निवाड़ी और भिंड प्रमुख हैं। सबसे अधिक बारिश देवास जिले में हुई है जहां करीब 19.3 इंच वर्षा दर्ज की गई है जो सामान्य से लगभग 54 प्रतिशत अधिक है। दूसरी ओर आलीराजपुर प्रदेश का सबसे सूखा जिला बना हुआ है जहां अब तक केवल 3.9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    प्रदेश के 41 जिले अब भी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे चल रहे हैं। इनमें जबलपुर रीवा सतना सागर कटनी मंडला छिंदवाड़ा बालाघाट शहडोल उमरिया ग्वालियर मुरैना दतिया धार उज्जैन रतलाम विदिशा रायसेन नर्मदापुरम खरगोन खंडवा और अन्य जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश की अभी भी आवश्यकता बनी हुई है ताकि खेती और जल भंडारण की स्थिति बेहतर हो सके।

    बारिश की कमी का असर प्रदेश के प्रमुख बांधों और नदियों पर भी देखने को मिला है। दूसरे सप्ताह में बारिश कमजोर रहने के कारण कई नदियों का जलस्तर घट गया था लेकिन पिछले सप्ताह हुई वर्षा से फिर जलस्तर में सुधार आने लगा है। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि जलाशयों को पूरी क्षमता तक भरने के लिए लगातार और व्यापक बारिश की जरूरत है।

    राजधानी भोपाल में इस सीजन में अब तक करीब 17.5 इंच बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य से बेहतर स्थिति मानी जा रही है। इंदौर में लगभग 15 इंच वर्षा हो चुकी है जबकि उज्जैन में करीब 13 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। जबलपुर में 13.6 इंच वर्षा दर्ज होने के बावजूद यह सामान्य कोटे से कम है। ग्वालियर चंबल संभाग में भी पिछले दिनों बारिश की रफ्तार बढ़ी है और मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यहां भी अच्छी वर्षा होगी।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में निचले स्तर पर नमी बनी हुई है और मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। इसी कारण जुलाई के अंतिम सप्ताह में कई जिलों में तेज और व्यापक बारिश होने की संभावना है। यदि अनुमान सही साबित होता है तो प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का घाटा काफी हद तक पूरा हो सकता है और किसानों के साथ साथ जल संसाधनों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

  • दतिया उपचुनाव में बदली चुनावी तस्वीर किन्नर प्रत्याशी संजना के समर्थन में पहुंचीं साध्वी सौम्या दीदी वोटरों से की खास अपील

    दतिया उपचुनाव में बदली चुनावी तस्वीर किन्नर प्रत्याशी संजना के समर्थन में पहुंचीं साध्वी सौम्या दीदी वोटरों से की खास अपील


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में इस बार चुनावी मुकाबला कई वजहों से चर्चा का विषय बना हुआ है। भारतीय गण वार्ता पार्टी की प्रत्याशी संजना सिंह अपनी अलग शैली के चुनाव प्रचार और सामाजिक संदेश के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। उनके चुनाव अभियान में छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से किन्नर समुदाय के सदस्य शामिल हो रहे हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की साध्वी सौम्या दीदी भी दतिया पहुंची हैं जिन्हें अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले नजर उतारने की परंपरा निभाने के कारण पहचान मिली थी। उन्होंने कहा कि वह अपनी सखी संजना सिंह के समर्थन में दतिया की नजर उतारने आई हैं।

    संजना सिंह का चुनाव प्रचार पारंपरिक राजनीतिक रैलियों से बिल्कुल अलग दिखाई देता है। उनके साथ न तो बड़ी गाड़ियों का काफिला चलता है और न ही भारी भीड़ नजर आती है। उनकी पार्टी का प्रचार वाहन पहले गांव और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को उनके आने की जानकारी देता है। इसके बाद संजना हाथ जोड़कर लोगों के बीच पहुंचती हैं और आत्मीयता के साथ समर्थन मांगती हैं। कई स्थानों पर वह बच्चों को दुलारते हुए उनकी नजर उतारती हैं और महिलाओं के साथ बैठकर मंगल गीत भी गाती हैं। इसके बाद वह लोगों से अपील करती हैं कि जिस तरह उन्होंने वर्षों तक बड़े राजनीतिक दलों को मौका दिया है उसी तरह इस बार एक किन्नर प्रत्याशी को भी अवसर देकर देखें।

    संजना सिंह का कहना है कि यह चुनाव केवल विधायक बनने का प्रयास नहीं बल्कि समाज में किन्नर समुदाय को सम्मानजनक पहचान दिलाने की लड़ाई भी है। उनका दावा है कि नामांकन के दौरान उन्हें कुछ लोगों की अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार ऐसे अनुभव बताते हैं कि समाज की सोच में बदलाव की अभी भी जरूरत है। वह चाहती हैं कि किन्नर समुदाय को भी समाज का सम्मानित और बराबरी का हिस्सा माना जाए तथा राजनीति में उनकी भागीदारी को सामान्य रूप से स्वीकार किया जाए।

    अपने चुनाव अभियान के दौरान संजना सिंह स्थानीय लोगों से विकास और जनसमस्याओं पर भी चर्चा कर रही हैं। उनका कहना है कि जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ समझना और उनका समाधान करना उनकी प्राथमिकता होगी। वह मानती हैं कि समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों की आवाज को विधानसभा तक पहुंचाना भी लोकतंत्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    दतिया को अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत के लिए चुनने पर संजना कहती हैं कि मां पीतांबरा की पावन नगरी आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है और किन्नर समुदाय का भी अध्यात्म से गहरा जुड़ाव रहा है। उनका कहना है कि किन्नर समाज किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि देशभर में उनकी मौजूदगी है और इसी भावना के साथ उन्होंने दतिया से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।

    साध्वी सौम्या दीदी भी चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं से अपील कर रही हैं कि वे पारंपरिक राजनीति से हटकर एक नया विकल्प चुनें। उनका कहना है कि पुरुष और महिलाओं की तरह किन्नर समुदाय भी समाज और राजनीति की जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने में सक्षम है। उनके अनुसार यह चुनाव केवल एक उम्मीदवार का नहीं बल्कि सामाजिक स्वीकार्यता और समान अवसर की भावना को मजबूत करने का भी अवसर है।

    दतिया उपचुनाव में संजना सिंह की उम्मीदवारी ने राजनीतिक मुकाबले को एक नया सामाजिक आयाम दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता इस अनोखी चुनावी मुहिम और सामाजिक संदेश को किस रूप में स्वीकार करते हैं।

  • राजधानी भोपाल में पुलिस की बड़ी कार्रवाई इतवारा इलाके में 200 पुलिसकर्मियों का फ्लैग ऑपरेशन गांजा समेत नशीले पदार्थ जब्त

    राजधानी भोपाल में पुलिस की बड़ी कार्रवाई इतवारा इलाके में 200 पुलिसकर्मियों का फ्लैग ऑपरेशन गांजा समेत नशीले पदार्थ जब्त


    भोपाल। राजधानी भोपाल के संवेदनशील माने जाने वाले इतवारा इलाके में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात पुलिस ने नशे के कारोबार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। डीसीपी जोन तीन आयुष गुप्ता के नेतृत्व में करीब 200 पुलिसकर्मियों की टीम ने सुनियोजित तरीके से इलाके के 24 से अधिक घरों और संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। देर रात शुरू हुआ यह ऑपरेशन कई घंटों तक चलता रहा जिससे पूरे इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई।

    पुलिस की यह कार्रवाई पहले से तैयार रणनीति के तहत की गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ अलग अलग टीमों ने एक ही समय पर कई स्थानों पर छापेमारी की ताकि किसी भी संदिग्ध को भागने या सबूत नष्ट करने का मौका न मिल सके। कार्रवाई के दौरान कई घरों की गहन तलाशी ली गई और पुलिस ने गांजा सहित अन्य अवैध मादक पदार्थ बरामद किए। हालांकि जब्त किए गए नशीले पदार्थों की कुल मात्रा का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक दर्जन से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लिया है। अधिकारियों के अनुसार इन सभी से पूछताछ की जा रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड तथा नशे के अवैध कारोबार से संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा या पूछताछ के बाद कुछ को छोड़ दिया जाएगा।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और मामले की जांच लगातार जारी है। बरामद मादक पदार्थों की जांच की जा रही है तथा अन्य संभावित ठिकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का उद्देश्य नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना और इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।

    सूत्रों के अनुसार यह अभियान लंबे समय से मिल रही शिकायतों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाया गया। इतवारा क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने एक साथ बड़े स्तर पर कार्रवाई का फैसला लिया ताकि पूरे नेटवर्क को एक ही अभियान में निशाना बनाया जा सके।

    पुलिस ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साझा की जाएगी। इसमें बरामद नशीले पदार्थों की मात्रा गिरफ्तार आरोपियों की संख्या और उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामलों की पूरी जानकारी दी जाएगी। पुलिस ने यह भी संकेत दिए हैं कि राजधानी में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आगे भी इसी तरह के विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके और शहर में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

  • इंडोनेशिया के साथ रक्षा समझौतों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक स्तर पर बढ़ी भारतीय रक्षा तकनीक की साख

    इंडोनेशिया के साथ रक्षा समझौतों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक स्तर पर बढ़ी भारतीय रक्षा तकनीक की साख

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें एपिसोड में भारत की बढ़ती रक्षा क्षमताओं और स्वदेशी रक्षा तकनीक पर दुनिया के बढ़ते विश्वास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में भारत लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। प्रधानमंत्री ने हाल ही में हुई अपनी इंडोनेशिया यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों से जुड़े महत्वपूर्ण समझौते भारत की रक्षा तकनीक पर वैश्विक भरोसे को दर्शाते हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र अब केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश स्वदेशी तकनीक के दम पर मित्र देशों के लिए भी एक भरोसेमंद रक्षा साझेदार बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक रक्षा उपकरणों के विकास और निर्यात में भारत की बढ़ती भागीदारी आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता को भी मजबूत कर रही है।

    इंडोनेशिया के साथ हुए समझौतों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल से जुड़े महत्वपूर्ण रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाया है। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए भी दोनों देशों ने साझा रूपरेखा तैयार की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के समझौते भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक विश्वसनीयता को नई पहचान दे रहे हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वर्ष 1999 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है, क्योंकि इसी दिन भारतीय सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए कारगिल की चोटियों पर विजय प्राप्त की थी। उन्होंने कहा कि देश अपने वीर सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता और नई पीढ़ी तक उनकी गाथाएं पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।

    उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से इस वर्ष विशेष ‘शौर्य विजय यात्रा’ का आयोजन किया गया है। यह मोटरसाइकिल अभियान राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली से शुरू होकर कारगिल युद्ध स्मारक, द्रास तक पहुंचेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अभियान देशवासियों को सैनिकों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की याद दिलाने का माध्यम बनेगा।

    प्रधानमंत्री ने भारतीय नौसेना में शामिल आधुनिक युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह युद्धपोत भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है तथा इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। उनके अनुसार यह भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का सशक्त उदाहरण है।

    उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट प्रणाली और अन्य स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन उपलब्धियों के पीछे भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की वर्षों की मेहनत और नवाचार की भावना है। उन्होंने हाल में सफल रहे स्वदेशी मिसाइल परीक्षणों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत लगातार अपनी रक्षा तैयारियों को आधुनिक और सशक्त बना रहा है।

    प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने और सुरक्षित, सक्षम तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत अपने सैनिकों के साहस और स्वदेशी तकनीक की शक्ति के बल पर वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है।

  • भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक दिन अनाहत सिंह ने जीता विश्व जूनियर खिताब टूटा मिस्र का 13 साल का दबदबा

    भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक दिन अनाहत सिंह ने जीता विश्व जूनियर खिताब टूटा मिस्र का 13 साल का दबदबा


    नई दिल्ली। भारतीय स्क्वैश को विश्व मंच पर एक नई पहचान दिलाते हुए 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने ऐसा इतिहास रच दिया है जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। कनाडा के ओंटारियो में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के महिला सिंगल्स का खिताब जीतकर अनाहत इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर पूरे देश में खुशी की लहर है और केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने भी उन्हें विशेष बधाई देते हुए इसे भारतीय खेल इतिहास का गौरवपूर्ण पल बताया है।

    फाइनल मुकाबले में भारत की शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी और विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर मौजूद अनाहत सिंह ने मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकैया सलेम को एकतरफा मुकाबले में 11-3 11-7 और 11-9 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पूरे मैच के दौरान अनाहत ने शानदार तकनीक आत्मविश्वास और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया।

    इस ऐतिहासिक जीत के बाद केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया पर अनाहत की उपलब्धि की सराहना करते हुए लिखा कि इतिहास रच दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर अनाहत सिंह को हार्दिक बधाई। यह केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी है।

    अनाहत की इस जीत ने भारतीय स्क्वैश के कई वर्षों के इंतजार को भी समाप्त कर दिया। वर्ष 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद पहली बार कोई भारतीय महिला खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंची और अब 21 साल बाद भारत को इस प्रतियोगिता का चैंपियन भी मिला है। इसके साथ ही मिस्र के खिलाड़ियों का 13 वर्षों से चला आ रहा दबदबा भी समाप्त हो गया जो इस उपलब्धि को और भी खास बना देता है।

    स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और स्क्वैश रैकेट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने भी अनाहत की इस सफलता को भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक मोड़ बताया है। अधिकारियों का मानना है कि 2028 ओलंपिक में स्क्वैश को शामिल किए जाने से पहले यह जीत भारतीय खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देगी और देश में इस खेल की लोकप्रियता भी बढ़ाएगी।

    अनाहत सिंह ने फाइनल से पहले सेमीफाइनल में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने मिस्र की बारब सामेह को चार गेम तक चले मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इसी जीत के साथ वह 21 वर्षों बाद विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनी थीं। इसके बाद फाइनल में भी उन्होंने अपना शानदार फॉर्म बरकरार रखा और विश्व चैंपियन बनने का सपना साकार कर लिया।

    अनाहत की इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि वह वर्ष 2010 में अमेरिका की अमांडा सोभी के बाद वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली गैर मिस्र खिलाड़ी भी बन गई हैं। उनकी यह सफलता भारतीय खेल जगत के लिए नई उम्मीद और नई प्रेरणा लेकर आई है। अब देश को उम्मीद है कि अनाहत आने वाले वर्षों में सीनियर स्तर पर भी भारत के लिए कई अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाएंगी।

  • पाकिस्तानी गेंदबाजों पर भारी पड़े केवम हॉज पहले दिन वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 194 रन बनाकर मजबूत की पकड़

    पाकिस्तानी गेंदबाजों पर भारी पड़े केवम हॉज पहले दिन वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 194 रन बनाकर मजबूत की पकड़


    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच त्रिनिदाद के ब्रायन लारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच का पहला दिन पूरी तरह मेजबान टीम के नाम रहा। कप्तान रोस्टन चेज के पहले बल्लेबाजी करने के फैसले को बल्लेबाजों ने सही साबित किया और दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने तीन विकेट के नुकसान पर 194 रन बनाकर मजबूत स्थिति हासिल कर ली। शुरुआती झटकों के बावजूद केवम हॉज और शाई होप ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को पूरे दिन कोई और सफलता हासिल नहीं करने दी।

    टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज ब्रैंडन किंग 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि तेगनारायण चंद्रपॉल भी 21 रन से आगे नहीं बढ़ सके। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद पाकिस्तान ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की लेकिन इसके बाद कैरेबियाई बल्लेबाजों ने शानदार वापसी की।

    तीसरे विकेट के लिए आमिर जांगू और केवम हॉज ने महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए पारी को संभाला। दोनों ने 42 रन जोड़कर टीम को शुरुआती संकट से बाहर निकाला। हालांकि आमिर जांगू 21 रन बनाकर मोहम्मद अब्बास की गेंद पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद केवम हॉज ने अनुभवी बल्लेबाज शाई होप के साथ मिलकर पाकिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह निष्प्रभावी कर दिया।

    केवम हॉज ने बेहद संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए दिन का खेल समाप्त होने तक नाबाद 83 रन बनाए। अपनी शानदार पारी में उन्होंने नौ चौके लगाए और पाकिस्तान के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। दूसरी ओर शाई होप ने भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 39 रन बनाकर उनका शानदार साथ निभाया। दोनों बल्लेबाज चौथे विकेट के लिए 88 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं और दूसरे दिन वेस्टइंडीज इस साझेदारी को बड़ी पारी में बदलने की कोशिश करेगा।

    पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में सबसे सफल प्रदर्शन अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास का रहा। उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए 44 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। आमिर जमाल को एक सफलता मिली लेकिन अन्य गेंदबाज कैरेबियाई बल्लेबाजों पर प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। पाकिस्तान को दूसरे दिन जल्द विकेट निकालने होंगे ताकि वेस्टइंडीज को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका जा सके।

    यह मुकाबला कई मायनों में खास भी है। पाकिस्तान की टीम की कमान एक बार फिर बाबर आजम के हाथों में है जिन्होंने टेस्ट कप्तान के रूप में वापसी की है। वहीं युवा खिलाड़ी अली उस्मान ने इस मैच के जरिए अपना टेस्ट डेब्यू किया। दूसरी ओर वेस्टइंडीज ने तीन तेज गेंदबाज एक स्पिनर और एक ऑलराउंडर के साथ संतुलित संयोजन मैदान में उतारा है।

    मैच शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेज ने महान क्रिकेटर गैरी सोबर्स के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। अब दूसरे दिन सभी की नजरें केवम हॉज पर रहेंगी जो अपने शतक के बेहद करीब हैं। यदि वह बड़ी पारी खेलने में सफल रहते हैं तो वेस्टइंडीज इस टेस्ट में पाकिस्तान पर मजबूत बढ़त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा सकता है।

  • नेटफ्लिक्स पर टॉप ट्रेंड कर रही 'मुसाफिर कैफे', मुख्य किरदार 'चंदर' के लिए विक्रांत मैसी को मिली मोटी रकम

    नेटफ्लिक्स पर टॉप ट्रेंड कर रही 'मुसाफिर कैफे', मुख्य किरदार 'चंदर' के लिए विक्रांत मैसी को मिली मोटी रकम


    नई दिल्ली । ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई रोमांटिक ड्रामा सीरीज ‘मुसाफिर कैफे’ दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। रिलीज होते ही यह सीरीज प्लेटफॉर्म की टॉप 10 ट्रेंडिंग लिस्ट में पहले स्थान पर काबिज हो चुकी है। मशहूर लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के इसी नाम से लिखे गए चर्चित उपन्यास पर आधारित इस सीरीज को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। रुचिर अरुण के निर्देशन में बनी इस सीरीज की कहानी, किरदारों की अदाकारी और इसकी स्टारकास्ट की फीस को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीरीज में मुख्य किरदार ‘चंदर’ की भूमिका निभाने वाले अभिनेता विक्रांत मैसी सबसे ज्यादा फीस लेने वाले कलाकार बने हैं। दावों के अनुसार, विक्रांत मैसी को इस सीरीज में काम करने के लिए 10 से 15 करोड़ रुपये के बीच की मोटी रकम मिली है। वहीं, सीरीज में चंदर की पहली पसंद और बिंदास लड़की ‘सुधा’ का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री वेदिका पिंटो को अपने रोल के लिए लगभग 3 से 5 करोड़ रुपये की फीस दी गई है।

    सीरीज में दूसरा मुख्य महिला किरदार ‘प्रीति’ का है, जिसे अभिनेत्री महिमा मकवाना ने निभाया है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि महिमा की फीस वेदिका पिंटो से थोड़ी कम रही है। महिमा को इस रोल के लिए करीब 2 से 3 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा, सीरीज में ‘मार्क’ के महत्वपूर्ण सपोर्टिंग रोल में नजर आए दिग्गज अभिनेता आदिल हुसैन को 3 से 4 करोड़ रुपये की फीस मिली है।

    इन मुख्य कलाकारों के अलावा सपोर्टिंग रोल्स में नजर आईं अनुभा फतेहपुरिया, लवलीन मिश्रा और सादिया सिद्दीकी जैसे अनुभवी कलाकारों को 80 लाख रुपये से लेकर 2 करोड़ रुपये तक का पारिश्रमिक दिया गया है। हालांकि, फीस से जुड़ा यह पूरा आंकड़ा मीडिया रिपोर्ट्स के दावों पर आधारित है। रिश्तों की कश्मकश, प्यार और सपनों के बीच बुनी गई ‘मुसाफिर कैफे’ अपनी सादगी और किरदारों के बेहतरीन अभिनय के कारण दर्शकों का दिल जीत रही है।

  • हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका

    हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 रन की बड़ी जीत दर्ज की और इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। हरारे में मिली इस जीत ने टीम इंडिया को आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर से दुनिया की नंबर एक टीम बना दिया। भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया और यह साबित कर दिया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उसकी ताकत आज भी बरकरार है।

    कुछ समय पहले इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में 0-4 की हार के बाद भारतीय टीम को नंबर एक की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। उस हार के बाद इंग्लैंड ने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया था लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत ने वापसी की और एक बार फिर विश्व रैंकिंग में सबसे ऊपर पहुंच गया। यह उपलब्धि टीम के लगातार बेहतर प्रदर्शन और खिलाड़ियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।

    दूसरे टी20 मुकाबले में भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी नौ गेंदों में 20 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में जरूर आई लेकिन इसके बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को शानदार ढंग से संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 66 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ईशान किशन पूरे मुकाबले में बेहतरीन लय में नजर आए। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन का उपयोगी योगदान दिया। इसके बाद तिलक वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे। रिंकू सिंह ने भी 12 रन जोड़कर टीम का स्कोर 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    220 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सबसे अधिक 32 रन बनाए जबकि तदीवानाशे मारुमनी ने 24 रन का योगदान दिया लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। अभिषेक शर्मा ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित करते हुए 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। यश ठाकुर ने दो विकेट लिए जबकि प्रिंस यादव ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने भारत की जीत को और भी आसान बना दिया।

    इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। साथ ही आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर वापसी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय टीम विश्व क्रिकेट में लगातार अपनी श्रेष्ठता कायम रखने की क्षमता रखती है। अब टीम की नजर श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने और अपनी नंबर एक रैंकिंग को और मजबूत करने पर होगी।

  • अगस्त के बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाबला, आईएमडीबी की मोस्ट एंटिसिपेटेड लिस्ट में 'टॉक्सिक' ने मारी बाजी

    अगस्त के बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाबला, आईएमडीबी की मोस्ट एंटिसिपेटेड लिस्ट में 'टॉक्सिक' ने मारी बाजी

    नई दिल्ली । इस साल अगस्त के महीने में बॉक्स ऑफिस पर दो बड़ी एक्शन-थ्रिलर फिल्मों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिलने वाली है। सुपरस्टार यश की पैन-इंडिया एक्शन थ्रिलर ‘टॉक्सिक’ और इमरान हाशमी की बहुप्रतीक्षित डार्क रोमांटिक थ्रिलर ‘आवारापन 2’ दोनों ही इस महीने सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इन दोनों फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह बना हुआ है। हालांकि, फिल्म रेटिंग और रिव्यू प्लेटफॉर्म आईएमडीबी की मोस्ट एंटिसिपेटेड फिल्मों की ताजा सूची में यह स्पष्ट हो गया है कि फैंस किस फिल्म का ज्यादा बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

    आईएमडीबी की रियल-टाइम व्यूज के आधार पर तैयार की जाने वाली मोस्ट एंटिसिपेटेड फिल्मों की सूची में सुपरस्टार यश की ‘टॉक्सिक’ ने पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ इस सूची में पांचवें नंबर पर काबिज है। ‘केजीएफ’ फ्रेंचाइजी की अपार सफलता के बाद सुपरस्टार यश की इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त हाइप देखा जा रहा है। कई बार रिलीज डेट टलने की वजह से ‘टॉक्सिक’ को लेकर उत्सुकता और अधिक बढ़ गई है। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी यह एक्शन क्राइम थ्रिलर फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म में यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुकमणि वसंत जैसे बड़े कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

    दूसरी ओर, इमरान हाशमी स्टारर ‘आवारापन 2’ 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बन रही यह फिल्म साल 2007 में आई सुपरहिट कल्ट क्लासिक फिल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है। हालांकि, 2007 में रिलीज हुई मूल फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकी थी, लेकिन समय के साथ इसकी कहानी, संगीत और इमरान हाशमी के अभिनय ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली। 7.4 आईएमडीबी रेटिंग वाली इस फिल्म के सीक्वल का फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। ‘आवारापन 2’ में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी, शबाना आजमी, सलिल आचार्या, विजयंत कोहली और अतुल कुमार मुख्य किरदारों में दिखाई देंगे।

    अगस्त के महीने में इन दोनों फिल्मों की रिलीज से बॉक्स ऑफिस पर बड़े आंकड़े और जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। एक तरफ जहां यश की ‘टॉक्सिक’ अपने बड़े कैनवास, अखिल भारतीय स्टारकास्ट और भारी-भरकम एक्शन के दम पर दर्शकों को आकर्षित कर रही है, वहीं ‘आवारापन 2’ अपने कल्ट सीक्वल स्टेटस, इमोशनल कनेक्ट और डार्क थ्रिलर कंटेंट के बल पर सिनेमाघरों में मजबूत पकड़ बनाने की तैयारी में है।

  • अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास सलामी बल्लेबाज के रूप में बनाया अनोखा रिकॉर्ड भारत ने सीरीज पर किया कब्जा

    अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास सलामी बल्लेबाज के रूप में बनाया अनोखा रिकॉर्ड भारत ने सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को 90 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। इस जीत के कई नायक रहे लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा अभिषेक शर्मा की गेंदबाजी की रही। बल्लेबाज के रूप में टीम में शामिल अभिषेक ने इस मुकाबले में बल्ले से नहीं बल्कि गेंद से ऐसा कमाल दिखाया कि उनका नाम भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। उनकी बेहतरीन गेंदबाजी ने भारत की जीत को एकतरफा बना दिया और टीम को तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने केवल 2.5 ओवर की गेंदबाजी में 17 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए सलामी बल्लेबाज के रूप में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी स्पेल फेंकने वाले खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उनके करियर के लिए बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि वह मुख्य रूप से आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस मैच में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से भी टीम के लिए मैच जिताऊ भूमिका निभाई।

    भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अलग अलग प्रारूपों में सलामी बल्लेबाजों द्वारा गेंदबाजी के कई यादगार प्रदर्शन दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में यह रिकॉर्ड महान ऑलराउंडर वीनू मांकड़ के नाम है जिन्होंने वर्ष 1952 में पाकिस्तान के खिलाफ 52 रन देकर आठ विकेट हासिल किए थे। वहीं एकदिवसीय क्रिकेट में रवि शास्त्री ने 1991 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 रन देकर पांच विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की थी। अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अभिषेक शर्मा ने अपने शानदार स्पेल के दम पर इस सूची में अपना नाम जोड़ लिया है।

    हालांकि बल्लेबाजी में अभिषेक लगातार दूसरे मुकाबले में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। पहले टी20 में एक रन पर आउट होने के बाद दूसरे मुकाबले में भी वह केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए। लेकिन गेंद से उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि बल्लेबाजी की कमी पूरी तरह छिप गई और वह मैच के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

    भारत की बल्लेबाजी की बात करें तो ईशान किशन ने विस्फोटक अंदाज में 44 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने 25 रन का उपयोगी योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सबसे अधिक 32 रन बनाए लेकिन उन्हें किसी दूसरे बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। अभिषेक शर्मा के तीन विकेटों के अलावा यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने भी दो दो विकेट लेकर भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। साथ ही अभिषेक शर्मा ने यह साबित कर दिया कि वह केवल विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी गेंदबाजी से भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।