Blog

  • सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए

    सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा खिलाड़ी की हो रही है वह हैं महज 15 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत करने वाले इस युवा बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में केवल 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सभी को प्रभावित किया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया लेकिन भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी इस बात का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं कि इतनी कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके खेल पर असर न डाले।

    भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने दूसरे टी20 मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव सूर्यवंशी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पूरी टीम की कोशिश है कि युवा बल्लेबाज का ध्यान सोशल मीडिया की चर्चाओं और बाहरी शोर से हटाकर केवल क्रिकेट पर केंद्रित रहे। ईशान के अनुसार कम उम्र में प्रसिद्धि मिलने के साथ कई तरह के आकर्षण और दबाव भी आते हैं लेकिन सही मार्गदर्शन मिलने पर खिलाड़ी लंबा और सफल करियर बना सकता है।

    ईशान किशन ने कहा कि वैभव काफी समझदार खिलाड़ी हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि मैदान पर कैसे खेलना है और मैदान के बाहर किस तरह व्यवहार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस माहौल और पृष्ठभूमि से वैभव आते हैं वहां कई बार दोस्त और सोशल मीडिया जैसी चीजें ध्यान भटका सकती हैं। ऐसे में टीम के सीनियर खिलाड़ी लगातार उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि केवल वह ही नहीं बल्कि अभिषेक शर्मा अक्षर पटेल और टीम के कई अन्य खिलाड़ी भी वैभव से लगातार बातचीत करते रहते हैं। सभी का उद्देश्य यही है कि युवा बल्लेबाज सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं या आलोचनाओं से प्रभावित न हो। अगर किसी मैच में रन नहीं बनते हैं तो भी उसका असर उनकी बॉडी लैंग्वेज या आत्मविश्वास पर नहीं पड़ना चाहिए। सीनियर खिलाड़ी चाहते हैं कि वैभव अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दें क्योंकि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी होगी।

    दूसरी ओर ईशान किशन ने भी दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो शानदार छक्के शामिल रहे। उनके साथ तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की बेहतरीन साझेदारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी बल्लेबाजों का पूरा साथ दिया और जिम्बाब्वे की टीम को लक्ष्य तक पहुंचने का मौका नहीं दिया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ युवा खिलाड़ियों और अनुभवी क्रिकेटरों के बीच बेहतर तालमेल भी देखने को मिला जो आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को सीनियर क्रिकेटरों का मार्गदर्शन मिलना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अगर वह इसी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखते हैं तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की तीन यूरोपीय देशों की राजकीय यात्रा संपन्न, भारत के कूटनीतिक रिश्तों को मिला नया विस्तार

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की तीन यूरोपीय देशों की राजकीय यात्रा संपन्न, भारत के कूटनीतिक रिश्तों को मिला नया विस्तार

    नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की अपनी तीन देशों की राजकीय यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद रविवार को नई दिल्ली लौट आईं। यह यात्रा भारत और यूरोप के उभरते साझेदार देशों के साथ संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभिन्न स्तरों पर हुई बैठकों और समझौतों ने यह संकेत दिया कि भारत शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में सक्रिय है।

    यात्रा का अंतिम पड़ाव रोमानिया रहा, जहां राष्ट्रपति मुर्मु का राजधानी बुखारेस्ट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया। उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया और इसके बाद रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय परिदृश्य में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए।

    रोमानिया प्रवास के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल सहयोग और उच्च शिक्षा से जुड़े तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें बुखारेस्ट विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन की चेयर स्थापित करने का निर्णय भी शामिल रहा। इसे दोनों देशों के बीच शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लगभग तीन दशक बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली राजकीय यात्रा भी रही, जिससे इस दौरे का महत्व और बढ़ गया।

    रोमानिया से पहले राष्ट्रपति मुर्मु ने उत्तरी मैसेडोनिया का दौरा किया। राजधानी स्कोप्जे में उनका औपचारिक स्वागत किया गया, जहां उन्होंने राष्ट्रपति गोर्दाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा और प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की से अलग-अलग मुलाकात की। दोनों देशों के नेताओं ने आर्थिक सहयोग, शिक्षा, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने आपसी विश्वास और साझा हितों के आधार पर दीर्घकालिक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

    इस राजकीय यात्रा की शुरुआत मोल्दोवा से हुई, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस देश का दौरा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं। राजधानी चिसीनाउ में उन्होंने संसद का दौरा किया और संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय सहयोग, आर्थिक साझेदारी और जन-से-जन संपर्क को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। दोनों देशों ने भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशने और पारस्परिक हितों पर आधारित संबंधों को आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।

    पूरी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा, जिसने विभिन्न बैठकों और आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा, कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में संवाद को आगे बढ़ाने के प्रयास किए। इससे भारत और इन तीनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग के नए अवसर विकसित होने की संभावना बढ़ी है।

    यह यात्रा ऐसे समय में संपन्न हुई है जब भारत यूरोप के विभिन्न देशों के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को लगातार विस्तार दे रहा है। मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया के साथ हुए संवाद तथा समझौते भविष्य में शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति, व्यापार और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को नई गति देने में सहायक माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह राजकीय यात्रा भारत की संतुलित और सक्रिय विदेश नीति को और मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ यूरोप में उसकी कूटनीतिक उपस्थिति को भी नया आयाम देगी।

  • मस्कट में लहराया तिरंगा भारतीय पुरुष टीम बनी एशियन चैंपियन महिला टीम ने सिल्वर जीतकर रचा शानदार इतिहास

    मस्कट में लहराया तिरंगा भारतीय पुरुष टीम बनी एशियन चैंपियन महिला टीम ने सिल्वर जीतकर रचा शानदार इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय युवा हॉकी ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपना दम दिखाया है। ओमान के मस्कट में आयोजित एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। दूसरी ओर भारतीय महिला टीम भी फाइनल तक पहुंची लेकिन चीन के खिलाफ मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। दोनों टीमों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि भारतीय हॉकी का भविष्य बेहद मजबूत हाथों में है।

    पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पाकिस्तान पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के पांचवें मिनट में रोमित पाल ने शानदार गोल दागकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। उनकी तेज रफ्तार और बेहतरीन फिनिशिंग ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया। पहले हाफ में मिली इस बढ़त के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी टीम को ज्यादा मौके नहीं दिए।

    दूसरे हाफ में भारत ने अपने खेल की रफ्तार और तेज कर दी। कप्तान केतन कुशवाहा ने 12वें मिनट में शानदार गोल कर बढ़त को 2-0 कर दिया। इसके तुरंत बाद शाहरुख अली ने एक और गोल दागते हुए स्कोर 3-0 कर दिया। पाकिस्तान की ओर से मुहम्मद उस्मान ने 16वें मिनट में एकमात्र गोल किया लेकिन तब तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। भारतीय डिफेंस ने अंत तक शानदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियाई चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

    इस शानदार प्रदर्शन का एक और बड़ा फायदा भारत को मिला। फाइनल में पहुंचने के कारण भारत और पाकिस्तान दोनों ने पहली एफआईएच यूथ हॉकी5एस विश्व कप के लिए भी अपना स्थान पक्का कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने जिस अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया उसने भविष्य के लिए उम्मीदें और मजबूत कर दी हैं।

    महिला वर्ग में भी भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि खिताबी मुकाबले में चीन की टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारतीय रक्षा पंक्ति को कई बार भेदा और 4-2 से जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने संघर्ष जरूर किया लेकिन चीन की आक्रामक रणनीति के सामने वह जीत हासिल नहीं कर सकी। इसके बावजूद रजत पदक जीतना युवा भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    दोनों टीमों की सफलता पर हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को सम्मानित करने का फैसला किया है। स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को दो लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं रजत पदक जीतने वाली महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को एक लाख रुपये तथा सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को पचास हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

    एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय टीमों का यह प्रदर्शन केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि यह आने वाले वर्षों में भारतीय हॉकी की मजबूत नींव का संकेत भी है। युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और उनका प्रदर्शन यह भरोसा दिलाता है कि भविष्य में भारत विश्व हॉकी में और भी बड़ी सफलताएं हासिल करेगा।

  • 270 रन की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री मोदी का सलाम लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा नया इतिहास

    270 रन की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री मोदी का सलाम लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 136वें एपिसोड में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि की खुलकर सराहना की। लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ मिली शानदार टेस्ट जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय नारी शक्ति ने एक बार फिर पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया है। प्रधानमंत्री ने इस जीत को भारतीय खेल इतिहास का गौरवशाली अध्याय बताते हुए खिलाड़ियों की मेहनत समर्पण और जुझारूपन की प्रशंसा की।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1983 में इसी ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने पहला विश्व कप जीतकर दुनिया को चौंका दिया था और अब उसी मैदान पर भारतीय महिला टीम ने शानदार जीत दर्ज कर देश का सम्मान बढ़ाया है। उनके अनुसार यह उपलब्धि केवल एक मैच जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारतीय महिला खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक भी है।

    लॉर्ड्स में खेले गए इस एकमात्र टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम ने हर विभाग में इंग्लैंड पर अपना दबदबा बनाए रखा। पहली पारी में भारत ने 285 रन बनाए जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम केवल 170 रन पर सिमट गई। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरी पारी में सात विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित की और इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में भी भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 186 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने 270 रन के बड़े अंतर से ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर ली।

    इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड भी बने जिन्होंने भारतीय जीत को और यादगार बना दिया। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट मैच में पांच विकेट लेने वाली पहली महिला गेंदबाज बनीं। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने 113 रन की शानदार पारी खेलते हुए लॉर्ड्स में महिला टेस्ट क्रिकेट का पहला शतक लगाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया। इन दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय जीत की मजबूत नींव रखी और पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु की उपलब्धि का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने जापान ओपन का खिताब जीतने पर सिंधु को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। उन्होंने फाइनल मुकाबले में जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेमों में हराकर यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। साथ ही यह दो वर्षों के अंतराल के बाद उनका पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब भी रहा।

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत और पीवी सिंधु की शानदार उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला खिलाड़ी विश्व खेल मंच पर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। प्रधानमंत्री की ओर से मिली यह सराहना देशभर की युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का संदेश है जो भविष्य में भारत का नाम रोशन करने का सपना देख रही हैं।

  • बॉलीवुड में ग्लैमर का ट्रेंड सेट करने वाली हेलेन का खुलासा, गानों को खास बनाने पेरिस-लंदन से लाती थीं एक्सेसरीज

    बॉलीवुड में ग्लैमर का ट्रेंड सेट करने वाली हेलेन का खुलासा, गानों को खास बनाने पेरिस-लंदन से लाती थीं एक्सेसरीज

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा में अपने लाजवाब कैबरे डांस और बोल्ड स्क्रीन प्रेजेंस से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री और डांसर हेलेन ने अपनी आइकॉनिक कॉस्ट्यूम्स को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए हैं। टीवी रिएलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ में बतौर खास मेहमान पहुंचीं हेलेन ने बताया कि फिल्मों में अपने डांस नंबरों को सबसे अलग और विजुअली शानदार बनाने के लिए वे केवल स्थानीय एक्सेसरीज पर निर्भर नहीं रहती थीं। अपने दौर में वक्त से आगे रहने के लिए वे खुद विदेश यात्राएं करती थीं और लंदन व पेरिस जैसे शहरों से अपने स्टाइल स्टेटमेंट का सामान चुनकर लाती थीं।

    अपनी डांस पोशाकों और लुक के पीछे की मेहनत का जिक्र करते हुए हेलेन ने कहा कि वे हमेशा अपने किरदारों में नयापन और विशिष्टता चाहती थीं। उन्होंने बताया कि वे लंदन से खास पलकें (आईलैशेज) और हरे-नीले रंग के आई लेंस खरीदकर लाती थीं। इसके अलावा, अपने गानों की पहचान बने सिर पर पहने जाने वाले हेडगियर्स वे अपनी हेयर ड्रेसर से तैयार करवाती थीं। अपनी कॉस्ट्यूम्स में इस्तेमाल होने वाले असली पंख (फैदर्स) लेने के लिए वे विशेष रूप से पेरिस गई थीं। बड़ी-बड़ी ज्वैलरी, सनग्लासेज और अनोखी एक्सेसरीज वे खुद चुनती थीं ताकि उनका लुक स्क्रीन पर सबसे अलग नजर आए।

    1951 में फिल्म ‘आवारा’ से बतौर बैकग्राउंड डांसर अपने करियर की शुरुआत करने वाली हेलेन को 1954 की फिल्म ‘अलिफ लैला’ में पहला सोलो ब्रेक मिला था। इसके बाद उन्होंने ‘कारवां’ का ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘शोले’ का ‘महबूबा महबूबा’, ‘डॉन’ का ‘ये मेरा दिल’, ‘तीसरी मंजिल’ का ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’ और ‘अनामिका’ का ‘आज की रात कोई आने को है’ जैसे दर्जनों सदाबहार और आइकॉनिक गाने दिए। उनके इन गानों में उनकी अनोखी व ग्लैमरस कॉस्ट्यूम्स ने गानों की लोकप्रियता में अहम भूमिका निभाई और हिंदी सिनेमा में ग्लैमर के मायने बदल दिए।

    कार्यक्रम के दौरान शो के जज जावेद जाफरी और अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने हेलेन के बॉलीवुड में योगदान की जमकर सराहना की। जावेद जाफरी ने कहा कि हेलेन के बोल्ड और एलिगेंट अंदाज ने उस दौर में स्क्रीन प्रेजेंस और फैशन के नए ट्रेंड सेट किए थे। वहीं करिश्मा कपूर ने अपनी मां के हवाले से बताया कि सेट पर हेलेन का दर्जा इतना ऊंचा था कि उनके आते ही हर कोई सम्मान में शांत हो जाता था। उनके अभिनय, स्टाइल और अनुशासन ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक सदाबहार डांसर और अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।

  • मैच के दौरान सिर के बल गिरे गैब्रियल लैंगटन अब पूरी तरह सुरक्षित स्कैन रिपोर्ट सामान्य आने पर अस्पताल से मिली छुट्टी

    मैच के दौरान सिर के बल गिरे गैब्रियल लैंगटन अब पूरी तरह सुरक्षित स्कैन रिपोर्ट सामान्य आने पर अस्पताल से मिली छुट्टी


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने खेल प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी थी लेकिन अब इस घटना से जुड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। इंग्लैंड के युवा जिम्नास्ट गैब्रियल लैंगटन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। ब्रिटिश जिम्नास्टिक्स ने पुष्टि की है कि विस्तृत मेडिकल जांच और कई स्कैन के बाद उनके शरीर में किसी भी तरह की गंभीर चोट नहीं पाई गई। इसके बाद उन्हें टीम इंग्लैंड की मेडिकल टीम की निगरानी में अस्पताल से सीधे टीम होटल भेज दिया गया।

    19 वर्षीय गैब्रियल लैंगटन पुरुष टीम फाइनल के दौरान हॉरिजॉन्टल बार इवेंट में अपना प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान हवा में लगभग तीन मीटर की ऊंचाई पर उन्होंने बार पर अपनी पकड़ खो दी और सिर के बल जमीन पर गिर पड़े। हादसा इतना गंभीर था कि पूरे एरिना में सन्नाटा छा गया और मुकाबला काफी देर तक रोकना पड़ा। मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और लंबे समय तक मैट पर उनका इलाज किया गया। इसके बाद सिर और गर्दन को पूरी सुरक्षा देते हुए उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया गया। हालांकि उस समय भी वह होश में थे और अपने हाथ पैर हिला पा रहे थे जिससे सभी को कुछ राहत मिली।

    ब्रिटिश जिम्नास्टिक्स ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि एहतियात के तौर पर गैब्रियल लैंगटन को पूरी रात अस्पताल में निगरानी में रखा गया। इस दौरान उनके कई मेडिकल स्कैन किए गए जिनकी रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य रही। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं लगी है और उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है। संस्था ने यह भी बताया कि खिलाड़ी का मनोबल अच्छा है और वह दुनियाभर से मिले शुभकामना संदेशों तथा मेडिकल टीम की देखभाल के लिए सभी का आभार व्यक्त कर रहे हैं।

    इस हादसे के बावजूद गैब्रियल लैंगटन का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने फ्लोर और रिंग्स इवेंट में इंग्लैंड के लिए महत्वपूर्ण अंक जुटाए और टीम को स्वर्ण पदक की दौड़ में बनाए रखा। हालांकि अंतिम चरण में कनाडा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगभग दो दशक बाद कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीत लिया जबकि इंग्लैंड को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

    हादसे के कारण गैब्रियल लैंगटन पदक वितरण समारोह में अपनी टीम के साथ मौजूद नहीं रह सके। बाद में जब वह अस्पताल से टीम होटल पहुंचे तो साथियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें उनका सिल्वर मेडल सौंपा गया। टीम इंग्लैंड ने उनकी वापसी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गैब्रियल को स्वस्थ देखकर पूरी टीम बेहद खुश है और उनके चेहरे की मुस्कान सभी के लिए सबसे बड़ी जीत है।

    यह घटना खेलों में सुरक्षा और त्वरित चिकित्सा व्यवस्था की अहमियत को भी उजागर करती है। समय पर मिले उपचार और विशेषज्ञों की निगरानी के कारण एक संभावित गंभीर हादसा बड़ी राहत में बदल गया। अब खेल प्रेमी यही उम्मीद कर रहे हैं कि गैब्रियल लैंगटन जल्द पूरी तरह फिट होकर फिर से जिम्नास्टिक्स के मंच पर शानदार वापसी करेंगे।

  • काका और डिंपल के रिश्ते पर लिव-इन पार्टनर का बयान, कहा- तलाक के बदले रखी गई थी पूरी जायदाद नाम करने की शर्त

    काका और डिंपल के रिश्ते पर लिव-इन पार्टनर का बयान, कहा- तलाक के बदले रखी गई थी पूरी जायदाद नाम करने की शर्त

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का फिल्मी करियर जितना चमकदार रहा, उनका निजी जीवन और प्रेम संबंध भी उतने ही सुर्खियों में रहे। वर्ष 1973 में 31 वर्ष की उम्र में उन्होंने 16 वर्षीय अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया से विवाह किया था। इस शादी से उनकी दो बेटियां, ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना हुईं। हालांकि, यह रिश्ता लंबे समय तक नहीं टिक सका और 80 के दशक की शुरुआत यानी 1982 में डिंपल अपनी दोनों बेटियों के साथ अभिनेता का घर छोड़कर अलग रहने लगीं। दोनों जीवनभर अलग रहे, लेकिन आधिकारिक तौर पर उनका कभी तलाक नहीं हुआ। अब अभिनेता की अंतिम समय में लिव-इन पार्टनर रहीं अनीता आडवाणी ने उनके और डिंपल के बीच तलाक की कोशिशों को लेकर बड़ा खुलासा किया है।

    अनीता आडवाणी ने एक बातचीत के दौरान बताया कि राजेश खन्ना अपनी अलग रह रही पत्नी डिंपल कपाड़िया से औपचारिक तलाक चाहते थे और उन्होंने इसके लिए कई बार प्रयास भी किया। अनीता के अनुसार, राजेश खन्ना की पत्नी उनके साथ रहने के लिए तैयार नहीं थीं, लेकिन वे उन्हें तलाक देने से भी इनकार कर रही थीं। जब भी तलाक की बात उठती, तो डिंपल की तरफ से शर्त रखी जाती थी कि अगर उन्हें तलाक चाहिए तो अभिनेता को अपनी पूरी संपत्ति और सब कुछ उनके और बेटियों के नाम करना होगा। इसी वजह से कई बार कोशिश करने के बावजूद दोनों के बीच कानूनी रूप से तलाक की प्रक्रिया कभी पूरी नहीं हो सकी।

    अपने कानूनी पक्ष और रिश्ते पर चर्चा करते हुए अनीता आडवाणी ने कहा कि उनका मामला हिंदू विवाह कानून के तहत चला गया, जिससे उनका सीधा संबंध नहीं था। उन्होंने राजेश खन्ना के साथ अपने वर्षों पुराने लिव-इन रिश्ते के लिए कानूनी मान्यता की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कानून में लिव-इन पार्टनर के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहद उलझाऊ है। जब कोई व्यक्ति किसी के साथ लंबे समय तक खड़ा रहता है, तो ऐसे रिश्तों को कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए।

    उल्लेखनीय है कि 1982 में राजेश खन्ना से अलग होने के बाद डिंपल कपाड़िया ने अपनी बेटियों की परवरिश के साथ-साथ फिल्मों में अपनी सफल वापसी की थी। वहीं, जीवन के अंतिम पड़ाव में राजेश खन्ना के साथ अनीता आडवाणी लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थीं। 18 जुलाई 2012 को दिग्गज अभिनेता ने अंतिम सांस ली, लेकिन उनके निधन के बाद भी उनके निजी संबंधों और संपत्ति से जुड़े विवाद अक्सर चर्चा का विषय बनते रहे हैं।

  • नेशनल अवॉर्ड के बाद यामी गौतम की बड़ी छलांग कहानी 3 में निभाएंगी लीड रोल सुजॉय घोष ने शुरू की प्री प्रोडक्शन की तैयारियां

    नेशनल अवॉर्ड के बाद यामी गौतम की बड़ी छलांग कहानी 3 में निभाएंगी लीड रोल सुजॉय घोष ने शुरू की प्री प्रोडक्शन की तैयारियां


    नई दिल्ली। नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतने के बाद अभिनेत्री यामी गौतम के करियर को नई उड़ान मिलती दिखाई दे रही है। शानदार अभिनय के दम पर लगातार अपनी अलग पहचान बनाने वाली यामी अब बॉलीवुड की सबसे चर्चित थ्रिलर फ्रेंचाइजी में शामिल होने जा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक निर्देशक सुजॉय घोष अपनी सुपरहिट फिल्म सीरीज कहानी की तीसरी किस्त पर काम शुरू कर चुके हैं और इस बार फिल्म में मुख्य भूमिका के लिए यामी गौतम का नाम सामने आया है। इस खबर ने फिल्म प्रेमियों और यामी के प्रशंसकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है।

    यामी गौतम ने हाल ही में फिल्म आर्टिकल 370 में दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अपने नाम किया। इस उपलब्धि के बाद उन्हें लगातार बड़े और चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट्स की पेशकश मिल रही है। अब खबर है कि कहानी 3 में वह एक नए और दमदार किरदार में दिखाई देंगी। हालांकि फिल्म के निर्माताओं की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी रिपोर्ट्स में इस कास्टिंग को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

    कहानी फ्रेंचाइजी भारतीय सिनेमा की सबसे सफल सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों में गिनी जाती है। इसका पहला भाग वर्ष 2012 में रिलीज हुआ था जिसने अपनी अनोखी कहानी और चौंकाने वाले क्लाइमेक्स से दर्शकों का दिल जीत लिया था। इसके बाद 2016 में रिलीज हुई दूसरी फिल्म ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। दोनों फिल्मों में विद्या बालन ने मुख्य भूमिका निभाई थी और उनके अभिनय को खूब सराहा गया था। अब तीसरे भाग में नई कहानी और नए किरदार के साथ फ्रेंचाइजी को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार निर्देशक सुजॉय घोष एक बार फिर इस फिल्म का निर्देशन करेंगे। फिल्म फिलहाल प्री प्रोडक्शन स्टेज में है और टीम स्क्रिप्ट को अंतिम रूप देने के साथ शूटिंग शेड्यूल तैयार करने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि कहानी 3 पहले की फिल्मों से अलग होगी और इसमें पूरी तरह नई कहानी दिखाई जाएगी। यही वजह है कि इस बार मुख्य भूमिका के लिए नए चेहरे को चुने जाने की योजना बनाई गई है।

    अगर यामी गौतम इस फिल्म का हिस्सा बनती हैं तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जाएगी। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अलग अलग तरह के किरदार निभाकर खुद को एक मजबूत अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया है। आर्टिकल 370 ए थर्सडे और ओएमजी 2 जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा है। अब कहानी जैसी प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी से जुड़ने की खबर उनके करियर में एक और बड़ा मुकाम साबित हो सकती है।

    फिलहाल दर्शकों की नजरें फिल्म के आधिकारिक एलान पर टिकी हैं। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार आगे बढ़ता है तो जल्द ही कहानी 3 की शूटिंग शुरू हो सकती है और यामी गौतम एक नए रहस्यमयी अंदाज में बड़े पर्दे पर दर्शकों का मनोरंजन करती नजर आएंगी।

  • क्रिकेट खेलते समय गहरे गड्ढे में गिरा मासूम, ग्रेटर नोएडा हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में.

    क्रिकेट खेलते समय गहरे गड्ढे में गिरा मासूम, ग्रेटर नोएडा हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में.

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों के दौरान बरती जा रही सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसायटी के पास बोरिंग कार्य के लिए खोदे गए खुले और पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरने से छह वर्षीय अव्यान सूर्या की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब मासूम अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, वहीं प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

    बताया गया कि अव्यान अपने साथियों के साथ सोसायटी के बाहर खेल रहा था। खेल के दौरान वह करीब 15 फीट गहरे गड्ढे के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। गड्ढे में बारिश का पानी भरा हुआ था, जिससे बच्चे को तुरंत बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। अन्य बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद उसे बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद सड़क पर पड़े क्रिकेट बैट और विकेट उस दर्दनाक पल की गवाही देते नजर आए, जब खेलते-खेलते एक मासूम की जिंदगी हमेशा के लिए थम गई। अव्यान के पिता सीवान यादव, जो केंद्रीय विद्यालय में उपप्रधानाचार्य हैं, ने बेटे की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यदि संबंधित अधिकारियों ने समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अभी दुनिया को ठीक से देख भी नहीं पाया था और अन्य बच्चों की तरह उसे भी बाहर खेलना बेहद पसंद था।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि बोरिंग कार्य के लिए यह गड्ढा कई दिन पहले खोदा गया था। लगातार बारिश के कारण उसमें पानी भर गया, लेकिन उसके चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया। लोगों का कहना है कि खुले गड्ढे के आसपास सुरक्षा घेरा बनाना और लोगों को सतर्क करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी थी, लेकिन इस दिशा में आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बोरिंग कार्य से जुड़े ठेकेदार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सुपरवाइजर और तकनीकी सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ठेकेदार मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    यह घटना सार्वजनिक स्थलों पर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लेकर आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि खुले गड्ढों, निर्माण स्थलों और अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा घेरा, चेतावनी संकेत और नियमित निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • UP: हरदोई में हाई-प्रोफाइल चोरी… खाने में नींद की दवा मिलाकर घर में रखे 1.29 करोड़ कैश उड़ा ले गए नौकर, 16 पकड़ाए

    UP: हरदोई में हाई-प्रोफाइल चोरी… खाने में नींद की दवा मिलाकर घर में रखे 1.29 करोड़ कैश उड़ा ले गए नौकर, 16 पकड़ाए


    हरदोई।
    17 जुलाई की रात… घर के लोग गहरी नींद (Deep sleep) में सो रहे थे. अलमारी की चाबी तकिए के नीचे रखी थी. घर के अंदर आने-जाने वाले लोगों को सब पता था. कुछ घंटों बाद अलमारी खाली थी और नोटों से भरे 8 बैग गायब. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हरदोई (Hardoi) में हुई करोड़ों की इस चोरी ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए थे. लेकिन अब पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी (High-profile theft) की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है।

    हरदोई पुलिस ने दो बाल अपचारियों समेत 16 लोगों को पकड़ लिया है और उनके कब्जे से करीब 1 करोड़ 29 लाख रुपये की नकदी बरामद की है. पुलिस का कहना है कि अभी कुछ आरोपी फरार हैं. यह वारदात शहर कोतवाली के रेलवेगंज इलाके में रहने वाले थोक परचून कारोबारी पंकज अग्रवाल के घर हुई थी. शुरुआत में शक घर में काम करने वाले तीन नौकरों पर गया और पुलिस की जांच भी वहीं से शुरू हुई।

    जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि घर में काम करने वाले दो नाबालिग नौकर और एक कर्मचारी शोभित ही पूरी साजिश की पहली कड़ी थे. उन्हें मालूम था कि घर में कितनी नकदी रहती है, अलमारी की चाबी कहां रखी जाती है और परिवार की दिनचर्या क्या है. यही जानकारी उन्होंने बाहर बैठे अपने साथियों तक पहुंचाई।

    पुलिस के मुताबिक, प्लानिंग के तहत परिवार के खाने में कथित तौर पर नींद की गोलियां मिला दी गईं. जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो गया तो आरोपी छत के रास्ते घर में दाखिल हुए. पंकज अग्रवाल के कमरे में जाकर तकिए के नीचे रखी अलमारी की चाबी निकाली गई, अलमारी खोली गई और नोटों से भरे आठ बैग बाहर खड़े वाहन में लाद दिए गए. कुछ ही मिनटों में करोड़ों रुपये लेकर पूरा गिरोह फरार हो गया।


    चोरी के बाद कैसे खुलती गईं परतें?

    पुलिस ने एसओजी, स्वाट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर जांच शुरू की. सर्विलांस और पूछताछ के दौरान एक-एक कर आरोपियों की कड़ियां जुड़ती चली गईं. जांच में सामने आया कि चोरी की रकम इतनी ज्यादा थी कि उसे छिपाने के लिए कई और लोगों को भी शामिल किया गया।

    पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो बाल अपचारियों को हिरासत में लिया. इनके पास से 1 करोड़ 28 लाख 99 हजार 310 रुपये बरामद किए गए. पुलिस का कहना है कि गिरोह के कुछ सदस्य अभी भी फरार हैं. उनकी तलाश जारी है और उम्मीद है कि पूछताछ के बाद बाकी नकदी भी बरामद हो सकती है।

    इस पूरे मामले में एक और पहलू चर्चा में है. जिस घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिली, उसने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि डिजिटल लेनदेन के दौर में आखिर इतना कैश घर में क्यों रखा गया था? इतनी बड़ी नकदी सामने आने के बाद अब आयकर विभाग और जीएसटी विभाग की नजर भी इस मामले पर टिक सकती है।

    व्यापारी ने केस दर्ज कराते समय चोरी की रकम नहीं दर्ज कराई थी. बाद में पुलिस की जांच में पूरी कहानी सामने गई गई. पुलिस का कहना है कि घर में काम करने वाले दो नाबालिग और शोभित को यह जानकारी थी कि घर में कितना पैसा रहता है. चाबी कहां रखी जाती है, जबकि टडियांवा थाने के बेलाहा गांव का रहने वाला अजय शुक्ला, शिवम और बदन जो शहर कोतवाली का रहने वाले है और उसी इलाके में मजदूरी करते हैं. इन लोगों ने घर में चोरी की प्लानिंग की और घरेलू नौकरों से दोस्ती कर पूरी रेकी कराई।

    घरेलू नौकरों ने खाने में कथित तौर पर नींद की गोलियां मिलाईं. जब पूरा परिवार सो गया तो अजय शुक्ला और बदन तीनों नौकरों के साथ मकान में दाखिल हुआ. शिवम् बाहर खड़ा रहा. इसके बाद नोटों से भरे बैग वाहन में लादे और फरार हो गए. रकम छिपाने और ठिकाने लगाने के लिए गैंग ने कई अन्य लोगों को भी शामिल कर लिया. इनमें लखनऊ के मड़ियावा का दीपक साहू, सनी गुप्ता, अमान, हरदोई जिले के परम किशोर, केशव, शिवम, सनी बाल्मीकि, नीरज, प्रिंस और महफूज को कैश दे दिया था।

    एएसपी पूर्वी हरदोई सुबोध गौतम ने कहा कि 16-17 जुलाई की रात को रेलवेगंज के व्यवसायी पंकज अग्रवाल के घर में चोरी हुई थी. उन्होंने नामजद तहरीर दी कि उनके तीन नौकरों ने अलमारी में रखे पैसों के बैग चोरी कर लिए हैं. इस मामले की तफ्तीश करते हुए पुलिस ने लगभग 1 करोड़ 29 लाख रुपये बरामद किए हैं. 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. दो बाल अपचारी हिरासत में हैं. कुछ आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।