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  • कॉकरोच पार्टी ने NEET आंदोलन किया खत्म, कहा-प्रदर्शनकारी अब अपने घर लौट जाएं

    कॉकरोच पार्टी ने NEET आंदोलन किया खत्म, कहा-प्रदर्शनकारी अब अपने घर लौट जाएं


    नई दिल्ली। नई दिल्ली में कई दिनों से चल रहे आंदोलन को लेकर शनिवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया जब कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। संगठन ने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है। इसी भरोसे के आधार पर जंतर मंतर पर चल रहा प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला लिया गया है।

    पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन चरणों में विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि संगठन की तीन प्रमुख मांगें थीं जिनमें तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रदर्शनकारियों और आंदोलन के आयोजकों के खिलाफ दर्ज मामलों और एफआईआर को वापस लेना तथा भविष्य में आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नई कानूनी कार्रवाई नहीं किए जाने की गारंटी शामिल थी। उनके अनुसार सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है।

    संगठन ने यह भी दावा किया कि उसकी एक अन्य प्रमुख मांग उन परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने से जुड़ी थी जिन्होंने कथित रूप से नीट विवाद के दौरान अपने परिजनों को खोया। पार्टी का कहना है कि इस विषय पर भी सरकार के साथ चर्चा हुई और संबंधित मुद्दों पर विचार का आश्वासन मिला। हालांकि इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

    कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी साझा करने का भरोसा दिया है। उनके अनुसार दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर की प्रतियां अगले कुछ दिनों में संगठन को उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि तय प्रक्रिया के तहत इन मामलों को वापस लेने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

    सौरव दास ने कहा कि संगठन सरकार की नीयत पर विश्वास जताते हुए आंदोलन समाप्त कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय इस समझ के साथ लिया गया है कि सरकार निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने आश्वासनों को पूरा करेगी। यदि तय समय में आवश्यक कार्रवाई होती है तो यह संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सफलता मानी जाएगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना था और अब जब सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान का रास्ता अपनाया है तो संगठन भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए धरना समाप्त कर रहा है। पार्टी के नेताओं ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में सभी लंबित मुद्दों पर औपचारिक कार्रवाई पूरी हो जाएगी और आंदोलन से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद जंतर मंतर पर कई दिनों से चल रहा प्रदर्शन समाप्त हो गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा का स्वागत किया और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत के जरिए समाधान निकलना सबसे बेहतर रास्ता है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार अपने दिए गए आश्वासनों पर तय समय के भीतर क्या कार्रवाई करती है।

  • भारत रोमानिया संबंधों को नई मजबूती राष्ट्रपति मुर्मु ने बुखारेस्ट में भारतीय समुदाय की सराहना की विकसित भारत 2047 में योगदान का किया आह्वान

    भारत रोमानिया संबंधों को नई मजबूती राष्ट्रपति मुर्मु ने बुखारेस्ट में भारतीय समुदाय की सराहना की विकसित भारत 2047 में योगदान का किया आह्वान


    नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने तीन देशों के विदेश दौरे के अंतिम चरण में रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट पहुंचीं जहां उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत और रोमानिया के संबंधों को नई ऊर्जा देने वाला संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की सबसे मजबूत नींव सरकारों के बीच सहयोग से अधिक लोगों के बीच आत्मीय संबंध हैं। राष्ट्रपति ने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी मेहनत प्रतिभा और समर्पण से न केवल रोमानिया के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं बल्कि भारत की संस्कृति और मूल्यों को भी पूरे सम्मान के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

    राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि बुखारेस्ट पहुंचने पर जिस तरह भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली उससे ऐसा महसूस हुआ मानो वह किसी विदेशी देश में नहीं बल्कि भारत के ही किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम में मौजूद हों। उन्होंने विशेष रूप से उन बच्चों और युवाओं की प्रशंसा की जिन्होंने भारतीय पारंपरिक परिधान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय समुदाय की एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण है।

    उन्होंने कहा कि आज भारतीय आईटी इंजीनियर वैज्ञानिक शोधकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञ और विद्यार्थी बड़ी संख्या में रोमानिया में अपनी पहचान बना रहे हैं। उनका ज्ञान अनुभव और पेशेवर योगदान रोमानिया की अर्थव्यवस्था और समाज को नई दिशा देने में मदद कर रहा है। साथ ही उनकी उपलब्धियां भारत की सकारात्मक छवि को भी वैश्विक स्तर पर मजबूत कर रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय वास्तव में भारत के सांस्कृतिक और सामाजिक राजदूत हैं जो दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत बनाते हैं।

    राष्ट्रपति मुर्मु ने विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत एक समृद्ध आधुनिक आत्मनिर्भर और समावेशी राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि चाहे भारतीय दुनिया के किसी भी हिस्से में रहते हों उनका अनुभव नवाचार और उपलब्धियां भारत की प्रगति को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय समुदाय भविष्य में भी भारत और रोमानिया के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम योगदान देगा।

    इस अवसर पर राष्ट्रपति ने रोमानिया की सरकार और वहां की जनता का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने भारतीय समुदाय का खुले दिल से स्वागत किया और उन्हें सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में व्यापार शिक्षा विज्ञान प्रौद्योगिकी स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान प्रदान जैसे अनेक क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगा।

    इससे पहले बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत और रोमानिया के शैक्षणिक संस्थानों के बीच संयुक्त शोध छात्र और शिक्षक आदान प्रदान तथा नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता डिजिटल तकनीक और विज्ञान के नए युग में प्रवेश कर रही है तब शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल ज्ञान देना नहीं बल्कि नैतिकता संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को भी आगे बढ़ाना है। उनके अनुसार शिक्षा ही एक न्यायपूर्ण समावेशी और प्रगतिशील समाज की सबसे मजबूत आधारशिला है।

  • झांसी में महिला प्रधान के बेटे की हत्‍या मामले में खुलासा, पिस्टल से हुई थी हत्या, सिर में फंसी मिली गोली

    झांसी में महिला प्रधान के बेटे की हत्‍या मामले में खुलासा, पिस्टल से हुई थी हत्या, सिर में फंसी मिली गोली

    झांसी। झांसी में महिला प्रधान के बेटे और एलएलबी छात्र संजय सिंह उर्फ संजू (33) की हत्या पिस्टल से किए जाने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। शुक्रवार शाम डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम के दौरान संजय के सिर के भीतर फंसी गोली बरामद की। गोली सिर के पिछले हिस्से में मारी गई थी, जिससे गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई। अब तक पुलिस देशी तमंचे से हत्या की आशंका जता रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट हो गया कि हमलावर ने पिस्टल का इस्तेमाल किया था।

    रेस्टोरेंट में दोस्तों के साथ खाना खाते समय मारी गोली
    गुरुवार रात संजय अपने चार दोस्तों के साथ इलाइट चौराहे से करीब 300 मीटर दूर स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में भोजन करने गया था। इसी दौरान एक युवक अंदर पहुंचा और संजय के सिर पर सटाकर गोली मार दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मामले में मृतक के भाई सर्वेश सिंह की शिकायत पर नवाबाद थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

    पेशेवर शूटर होने का शक
    पुलिस का मानना है कि वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे पेशेवर शूटर की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार आरोपी सीधे संजय की टेबल तक पहुंचा, बेहद करीब से एक गोली चलाई और पिस्टल लहराते हुए बाहर निकल गया। पार्किंग में मौजूद गार्ड ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह धक्का देकर बाहर खड़ी बिना नंबर की बाइक पर साथी के साथ फरार हो गया।

    महज छह मिनट में दिया वारदात को अंजाम
    सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक आरोपी रात 9:23 बजे रेस्टोरेंट में दाखिल हुआ और 9:29 बजे हत्या कर बाहर निकल गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी बिहारी तिराहा होते हुए रक्सा टोल की दिशा में भागे। एसओजी और सर्विलांस टीम ने घटनास्थल से लेकर रक्सा टोल तक लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है और कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं।

    छह साल से झांसी में रह रहा था संजय
    संजय सिंह मूल रूप से गरौठा क्षेत्र के हैवतपुरा गांव का रहने वाला था। उसकी मां रामदेवी गांव की प्रधान हैं। परिवार में बड़ा भाई सर्वेश और बहन रचना हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। संजय अविवाहित था और पिछले छह वर्षों से झांसी में रिश्तेदार के यहां रहकर अधिवक्ता दशरथ सिंह के पास मुंशी का काम करता था।

    दतिया से लौटने के बाद पहुंचे थे रेस्टोरेंट
    संजय के दोस्त शिवम ने बताया कि गुरुवार शाम वह अधिवक्ता दशरथ सिंह और अन्य साथियों के साथ दतिया स्थित पीतांबरा पीठ के दर्शन कर लौटे थे। वापस आने के बाद सभी लोग द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे, जहां संजय ने अपने मित्र धर्मेंद्र को भी बुला लिया। भोजन समाप्त होने के तुरंत बाद एक युवक आया और संजय को गोली मारकर फरार हो गया।

    परिजनों ने रंजिश से किया इनकार, तीन पहलुओं पर जांच
    मृतक के भाई सर्वेश सिंह ने पुलिस को बताया कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और प्रधानी को लेकर भी कोई विवाद नहीं था। हालांकि उन्होंने बताया कि संजय जमीन के कारोबार से भी जुड़ा हुआ था।

    फिलहाल पुलिस जमीन विवाद, लव एंगल और पुरानी रंजिश समेत तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि संजय गांव कम क्यों जाता था और क्या उसके पीछे कोई पुराना विवाद था।

  • झांसी में बड़ा सड़क हादसा, महिला को बचाने के प्रयास में ट्रक पेड़ और खंभे से टकराया

    झांसी में बड़ा सड़क हादसा, महिला को बचाने के प्रयास में ट्रक पेड़ और खंभे से टकराया

    झांसी। झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित रेलवे कॉलोनी में शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पहले पेड़ और फिर बिजली के खंभे से टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया।

    घायल चालक की पहचान राजस्थान के धौलपुर निवासी पवन के रूप में हुई है। वह ट्रक (RJ 11 GD 5122) से आगरा से रेलवे कोच नवीनीकरण फैक्ट्री (आरसीएफ) में माल लेकर आया था। शुक्रवार सुबह माल उतारने के बाद रात में नो-एंट्री हटने पर वह हेल्पर के साथ आगरा लौट रहा था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय नंबर-3 से सीपरी बाजार जाने वाले मार्ग पर जीआरपी रिजर्व लाइन के पास अचानक एक स्कूटी सवार महिला ट्रक के सामने आ गई। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रक मोड़ा, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे लगे पेड़ तथा बिजली के खंभे से जा टकराया।

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चालक पवन स्टेयरिंग और सीट के बीच फंस गया। उसका बायां पैर केबिन और बोनट के बीच दब गया, जिससे पैर में कई जगह फ्रैक्चर हो गए। राहगीरों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

    सूचना मिलने पर प्रेमनगर थाना पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। पहले एम्बुलेंस की रस्सी से ट्रक को खींचने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक को बाहर नहीं निकाला जा सका। इसके बाद ट्रैक्टर मंगवाकर ट्रक के अगले हिस्से को खींचा गया, जिससे केबिन में पर्याप्त जगह बनी और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    रेस्क्यू के दौरान चालक दर्द से तड़पता रहा और लगातार मदद की गुहार लगाता रहा। पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से उसे बाहर निकालकर तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।

  • झांसी रेलवे स्टेशन के फूड प्लाजा में लगी आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका, समय रहते टला बड़ा हादसा

    झांसी रेलवे स्टेशन के फूड प्लाजा में लगी आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका, समय रहते टला बड़ा हादसा


    झांसी। झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 स्थित फूड प्लाजा के किचन में शनिवार सुबह अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। धुआं और आग की लपटें उठती देख कर्मचारियों ने तुरंत अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाने के बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के दौरान कुछ समय के लिए फूड प्लाजा और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

    हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। अग्निशमन अधिकारी राजकिशोर राय ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रही है। वहीं, रेलवे प्रशासन भी पूरे मामले की जांच कर रहा है, ताकि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

  • सिहोरा में सड़क की बदहाली बनी बच्चों की मुसीबत कीचड़ में फंसी स्कूल बस ढाई घंटे बाद ट्रैक्टर से निकली

    सिहोरा में सड़क की बदहाली बनी बच्चों की मुसीबत कीचड़ में फंसी स्कूल बस ढाई घंटे बाद ट्रैक्टर से निकली


    जबलपुर । जबलपुर जिले के सिहोरा की पालीवाल कॉलोनी में शनिवार सुबह सड़क की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आ गई। बच्चों को लेने पहुंची मेरिडियन स्कूल की बस कीचड़ और दलदल में इस तरह फंस गई कि उसे निकालने में करीब ढाई घंटे का समय लग गया। आखिरकार ट्रैक्टर की मदद से बस को बाहर निकाला जा सका। इस घटना ने न केवल कॉलोनी की खराब सड़क व्यवस्था की पोल खोल दी बल्कि बच्चों की सुरक्षा और आवागमन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार खितौला नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 12 स्थित पालीवाल कॉलोनी में शनिवार सुबह लगभग नौ बजे मेरिडियन स्कूल की बस बच्चों को लेने पहुंची थी। कॉलोनी में सड़क का निर्माण नहीं होने और लगातार बारिश के कारण रास्ता पूरी तरह दलदल में बदल चुका था। जैसे ही बस अंदर पहुंची उसका पहिया कीचड़ में धंस गया और वाहन वहीं फंस गया। चालक ने काफी प्रयास किया लेकिन बस बाहर नहीं निकल सकी।

    बस के फंसने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और बस को निकालने की कोशिश शुरू की गई। करीब ढाई घंटे तक लगातार प्रयास करने के बाद ट्रैक्टर बुलाया गया। ट्रैक्टर से टोचन कर आखिरकार बस को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बस अपने निर्धारित अन्य स्टॉप तक नहीं पहुंच सकी जिससे कई बच्चों को समय पर स्कूल नहीं ले जाया जा सका।

    बस के निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने से कई अभिभावकों को अपने बच्चों को स्वयं स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा और सुबह का पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क की स्थिति समय रहते सुधारी गई होती तो ऐसी नौबत नहीं आती।

    रहवासियों ने बताया कि पालीवाल कॉलोनी के इस हिस्से में वर्षों से सड़क निर्माण नहीं हुआ है। हर बारिश के मौसम में कच्चा रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल जाता है जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन अक्सर फंस जाते हैं। स्कूल बसों एंबुलेंस और अन्य आवश्यक वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

    स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है और जिम्मेदार विभाग को कई बार शिकायतें भी दी जा चुकी हैं। इसके बावजूद सड़क निर्माण या जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। लोगों का कहना है कि यदि जल्द पक्की सड़क और बेहतर ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

    रहवासियों ने नगर पालिका और प्रशासन से मांग की है कि पालीवाल कॉलोनी में प्राथमिकता के आधार पर सड़क का निर्माण कराया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके और बारिश के मौसम में लोगों को बार-बार ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है और अब इस समस्या का स्थायी समाधान होना जरूरी है।

  • सावन में शिवमय होगी काशी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल समेत कई देशों से आएंगे श्रद्धालु

    सावन में शिवमय होगी काशी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल समेत कई देशों से आएंगे श्रद्धालु


    वाराणसी। सावन मास की शुरुआत के साथ ही बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पूरी तरह शिवभक्ति में डूब जाएगी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक और विशेष अनुष्ठानों के लिए देश ही नहीं, बल्कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, दुबई और नेपाल सहित कई देशों से भी श्रद्धालुओं के आने की तैयारी है। इस वर्ष सावन 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है।

    सावन के दौरान श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा महामृत्युंजय महादेव, मार्कंडेय महादेव, गौरी केदारेश्वर, तिलभांडेश्वर, ओंकारेश्वर, शूलटंकेश्वर और रामेश्वर महादेव सहित प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महारुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र जाप जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहले से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

    आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल से पांच-पांच परिवार विशेष रूप से काशी पहुंचेंगे। ये श्रद्धालु जलाभिषेक, महारुद्राभिषेक और धार्मिक कथाओं का श्रवण कर भगवान शिव की आराधना करेंगे।

    अनुष्ठानों के संचालन के लिए पूर्वांचल के जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से वैदिक ब्राह्मणों को आमंत्रित किया जा रहा है। वहीं काशी के कई विद्वान ब्राह्मण भी मध्य प्रदेश के अमरकंटक और महाराष्ट्र सहित अन्य स्थानों पर सावन के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने जाएंगे।

    सावन को देखते हुए प्रमुख शिव मंदिरों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग की जा रही है, जबकि पूजन सामग्री और रुद्राभिषेक की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। यजमान अपने-अपने वैदिक ब्राह्मणों से अनुष्ठानों की तिथियां तय कर रहे हैं।

    सावन भर शहर में श्रीशिव महापुराण, श्रीमद्भागवत, श्रीविष्णु पुराण और रामचरितमानस कथा जैसे धार्मिक आयोजनों की भी धूम रहेगी। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं इन कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी। मारवाड़ी समाज की ओर से 17 अगस्त से सप्ताहभर चलने वाली श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी प्रस्तावित है, जिसमें प्रख्यात भागवत वक्ता श्रीकांत बालव्यास काशी प्रवचन देंगे।

    पूरे सावन मास में शिवालयों में रुद्राभिषेक, महारुद्र, सप्तचंडी यज्ञ, रुद्रचंडी अनुष्ठान और महामृत्युंजय मंत्र जाप जैसे धार्मिक कार्यक्रम होंगे। श्रद्धालु सोमवार व्रत, कांवड़ यात्रा, भगवान शिव का जलाभिषेक तथा घरों में ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप और लेखन कर भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे।

  • राजगढ़ में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार कार तालाब में गिरी, पांच लोगों की मौत

    राजगढ़ में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार कार तालाब में गिरी, पांच लोगों की मौत

    राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में शनिवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की जान चली गई। पचोर थाना क्षेत्र के भीलखेड़ी जोड़ के पास शुजालपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गहरे तालाब में जा गिरी। पानी में डूबने से कार में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। क्रेन की मदद से तालाब में डूबी कार को बाहर निकाला गया, जिसके भीतर से पांच शव बरामद हुए।

    पुलिस के अनुसार, सभी मृतक शाजापुर जिले के अरनिया क्षेत्र के निवासी थे। दस्तावेजों के आधार पर एक मृतक की पहचान गोविंद पुत्र उमाशंकर तिवारी के रूप में हुई है। वहीं, अन्य मृतकों के नाम रोहित पटेल, अरविंद सिंह और शंकरलाल बताए गए हैं। एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है। घटना की खबर मिलते ही अरनिया गांव समेत आसपास के इलाके में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं।

    प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह कार की तेज रफ्तार और वाहन का नियंत्रण खोना माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना के तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा केवल तेज रफ्तार के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। यह हादसा एक बार फिर सड़क पर सावधानी और सुरक्षित वाहन चलाने की जरूरत की याद दिलाता है।

  • फतेहपुर से योगी का बड़ा ऐलान: NEET पेपर लीक के दोषियों की संपत्ति होगी जब्त, संसद में आएगा सख्त कानून

    फतेहपुर से योगी का बड़ा ऐलान: NEET पेपर लीक के दोषियों की संपत्ति होगी जब्त, संसद में आएगा सख्त कानून


    फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को फतेहपुर जिले के मदारीपुर कला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी सरकार का पक्ष रखा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले फतेहपुर आकांक्षी जिलों में शामिल था और रोजगार, स्वास्थ्य तथा बुनियादी सुविधाओं के मामले में काफी पीछे था। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में जिले की तस्वीर बदली है और अब यह आकांक्षी जिलों की श्रेणी से बाहर आ चुका है।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले युवाओं की नौकरियों में धांधली होती थी, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे रही है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, सड़क, पुल, बिजली, अस्पताल, निवेश और कंपोजिट विद्यालय जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास अब केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव तक पहुंच रहा है।

    विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और नकल माफिया को संरक्षण मिला। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। NEET परीक्षा से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोषियों को केवल सजा ही नहीं मिलेगी, बल्कि उनकी संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी। साथ ही पेपर लीक रोकने के लिए संसद में सख्त कानून लाने की भी बात कही।

    कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश में माफिया और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के सामने अब केवल जेल या फिर कड़ी कानूनी कार्रवाई का रास्ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सरकारी जमीनों पर कब्जे किए थे, जिन्हें अब मुक्त कराया जा रहा है।

    अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने देश के युवाओं को नई पहचान दी है। उन्होंने फतेहपुर की जनता से विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए भाजपा को मजबूत समर्थन देने की अपील भी की।

  • पेपर लीक मामलों पर अब होगी त्वरित सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 4 विशेष अदालतों का किया गठन

    पेपर लीक मामलों पर अब होगी त्वरित सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 4 विशेष अदालतों का किया गठन


    जबलपुर । मध्य प्रदेश में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों पर अब तेजी से न्यायिक कार्रवाई होगी। प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में चार विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का नोटिफिकेशन जारी किया है। इन अदालतों का उद्देश्य परीक्षा संबंधी अपराधों की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करना और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध फैसला देना है। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता मजबूत होगी।

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यह निर्णय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 8(3) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए लिया है। जारी अधिसूचना में राज्य के विधि एवं विधायी कार्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा संबंधी गंभीर अपराधों की सुनवाई सामान्य मामलों की तरह लंबी प्रक्रिया में न फंसे और समयबद्ध तरीके से न्याय मिल सके।

    इन विशेष अदालतों में पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट 2024 के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत पंजीकृत परीक्षा संबंधी अपराध तथा राज्य या केंद्र सरकार की अधिकृत जांच एजेंसियों द्वारा जांचे जा रहे मामलों को भी इन्हीं अदालतों में भेजा जाएगा। इससे पेपर लीक, भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी, नकल माफिया और अन्य परीक्षा अपराधों से जुड़े मामलों के लिए अलग न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध होगी।

    हाईकोर्ट ने इन विशेष अदालतों को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की शक्तियां भी प्रदान की हैं। इसके तहत अदालतें मामलों का संज्ञान लेने, प्रारंभिक न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने में सक्षम होंगी। इससे मामलों को अलग अदालतों में भेजने की आवश्यकता कम होगी और सुनवाई की प्रक्रिया अधिक तेज तथा प्रभावी बन सकेगी।

    पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक तथा अनियमितताओं के मामलों ने प्रदेश सहित पूरे देश में चिंता बढ़ाई है। कई अभ्यर्थियों को परीक्षाएं रद्द होने और दोबारा आयोजित होने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। ऐसे मामलों में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के कारण दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में भी देरी होती रही है। नई विशेष अदालतों के गठन से इन मामलों का जल्द निपटारा होने और दोषियों को शीघ्र सजा मिलने की संभावना बढ़ेगी।

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना से जांच एजेंसियों और अभियोजन पक्ष को भी मामलों की सुनवाई में बेहतर समन्वय मिलेगा। साथ ही यह व्यवस्था भविष्य में परीक्षा माफिया और संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने में प्रभावी साबित हो सकती है। इससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभ्यर्थियों का सरकारी परीक्षाओं पर भरोसा भी मजबूत होगा।

    प्रदेश सरकार और न्यायपालिका की यह पहल परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की निगाह इस बात पर होगी कि नई अदालतें कितनी तेजी से मामलों का निपटारा करती हैं और पेपर लीक जैसे अपराधों पर कितना प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो पाता है।