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  • तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ बॉक्स ऑफिस: पहले वीकडे पर गिरावट, कुल कलेक्शन 25.25 करोड़ रुपये

    तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ बॉक्स ऑफिस: पहले वीकडे पर गिरावट, कुल कलेक्शन 25.25 करोड़ रुपये


    नई दिल्ली ।कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे स्टारर फिल्मतू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी 25 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म ने पहले दिन अच्छी शुरुआत की और ओपनिंग डे पर ठीक-ठाक कलेक्शन दर्ज किया। रोमांटिक कॉमेडी होने के चलते ट्रेड को उम्मीद थी कि वीकेंड पर फिल्म रफ्तार पकड़ेगी, लेकिन पहले दिन के बाद ही कमाई के आंकड़ों में गिरावट देखने को मिली।

    पहले सोमवार को बड़ा झटका

    वीकेंड तक किसी तरह संतुलन बनाए रखने वाली इस फिल्म को पहले वीकडे पर करारा झटका लगा। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, सोमवार यानी डे-5 को फिल्म ने भारत में सिर्फ 1.75 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। यह आंकड़ा वीकेंड के मुकाबले काफी कम है और इसे फिल्म के लिए बड़ा ड्रॉप माना जा रहा है।

    अब तक का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

    पहले पांच दिनों में फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 25.25 करोड़ रुपये तक पहुंच पाया है। हालांकि, फिल्म की लागत और प्रचार-प्रसार को देखते हुए यह रफ्तार निर्माताओं की चिंता बढ़ा सकती है।
    दिनवार कलेक्शन इस प्रकार रहा:
    डे 1 (गुरुवार): 7.75 करोड़
    डे 2 (शुक्रवार): 5.25 करोड़

    डे 3 (शनिवार): 5.50 करोड़

    डे 4 (रविवार): 5.00 करोड़

    डे 5 (सोमवार): 1.75 करोड़
    कुल: 25.25 करोड़ रुपये

    कंटेंट और प्रतिस्पर्धा बनी चुनौती
    फिल्म को जहां दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है, वहीं सिनेमाघरों में मजबूत प्रतिस्पर्धा भी इसके कलेक्शन को प्रभावित कर रही है। खासतौर पर रणवीर सिंह की एक्शन-ड्रामा फिल्मधुरंधर लगातार दर्शकों को अपनी ओर खींच रही है।
    धुरंधर का बॉक्स ऑफिस पर जलवा बरकरार
    रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना और सारा अर्जुन स्टाररधुरंधर बॉक्स ऑफिस पर अब भी अजेय नजर आ रही है। रिलीज के लगभग एक महीने बाद भी फिल्म शानदार कमाई कर रही है। डे-25 (सोमवार) कोधुरंधर ने घरेलू बाजार में 10.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का कुल भारतीय बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 701 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो इसे साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल करता है।
    हॉलीवुड से भी मिल रही टक्कर
    भारतीय फिल्मों के साथ-साथ हॉलीवुड फिल्मAvatar: Fire And Ash भी भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई कर रही है। जेम्स कैमरून के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने सोमवार को भारत में 4.9 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। अब तक यह फिल्म भारतीय बाजार में 142.8 करोड़ रुपये कमा चुकी है।
    आगे की राह पर टिकी निगाहें
    अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि वीकडेज मेंतू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी अपनी पकड़ मजबूत कर पाती है या नहीं। आने वाले दिनों में वर्ड ऑफ माउथ और दर्शकों की प्रतिक्रिया ही तय करेगी कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लंबी दौड़ लगा पाएगी या नहीं।

  • मथुरा में नए साल पर सनी लियोन के प्रोग्राम पर बवाल, भड़के साधु-संत, दी आंदोलन की चेतावनी

    मथुरा में नए साल पर सनी लियोन के प्रोग्राम पर बवाल, भड़के साधु-संत, दी आंदोलन की चेतावनी


    नई दिल्ली । नए साल के आगमन पर उत्तर प्रदेश में जगह-जगह रंगारंग कार्यक्रम हो रहे हैं. लेकिन ऐसे ही एक प्रोग्राम को लेकर मथुरा में माहौल गरमा गया. साधु-संत इसको लेकर नाराजगी जाहिर करने लगे और कार्यक्रम रद्द करने की मांग करने लगे. इस बाबत उन्होंने प्रशासन को पत्र लिखा और आंदोलन की चेतावनी भी दी. आखिरकार, साधु-संतों की धमकी व विरोध के चलते सनी लियोन का प्रोग्राम अब कैंसिल हो गया है. आइये जानते हैं पूरा मामला..
    दरअसल, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने नए साल पर मथुरा में आयोजित होने वाले सनी लियोन के कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया था. उन्होंने होटल ललिता ग्रैंड और होटल द ट्रक में होने वाले इस आयोजन को ब्रजभूमि को कलंकित करने की साजिश बताया था.
    सोमवार को साधु-संतों ने ‘जिंदाबाद-मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और कार्यक्रम को तुरंत निरस्त करने की मांग की. दिनेश फलाहारी महाराज ने पत्र लिखकर कहा कि यह दिव्य गोलोक भूमि योग, साधना और भजन की है. यहां फूहड़ता और अश्लीलता परोसने की अनुमति नहीं दी जाएगी. संतों का तर्क था कि ऐसी अभिनेत्री, जो पोर्न फिल्मों से जुड़ी रही हों, उनका ब्रज में आना धार्मिक भावनाओं को भड़काने जैसा है. उन्होंने प्रशासन से आयोजकों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की थी. फिलहाल, ये पूरा विवाद गहरा गया है और पुलिस भी अलर्ट हो गई है. मंगलवार को कन्फर्म किया गया कि सनी लियोन का प्रोग्राम रद्द कर दिया गया है.
  • आर अश्विन ने चुने 2025 के MVP: वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा, रोहित-कोहली पर भी दी प्रतिक्रिया

    आर अश्विन ने चुने 2025 के MVP: वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा, रोहित-कोहली पर भी दी प्रतिक्रिया


    नई दिल्ली: साल 2025 भारत के लिए मिलाजुला रहा। क्रिकेट की शुरुआत टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफीजीतकर की और इसके बाद एशिया कप में भी भारत का कब्जा जम गया। टी20 में टीम इंडिया ने इस साल कोई सीरीज नहीं हारी लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत को घर पर 0-2 से हार का सामना करना पड़ा जबकि इंग्लैंड में टीम ने सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराने में सफलता हासिल की।इस बेहतरीन वर्ष के बीच पूर्व स्पिनर आर अश्विन ने उन दो खिलाड़ियों के नाम साझा किए जिन्होंने 2025 में अपनी शानदार परफॉर्मेंस से भारतीय क्रिकेट महफिल लूटी। उन्होंने इसके साथ ही रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों पर भी अपने विचार रखे।

    अश्विन ने सबसे पहले मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की तारीफ की और उन्हें इस साल भारत का सबसे बेहतरीन गेंदबाज बताया। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनलऐश की बात पर कहा मैं वरुण चक्रवर्ती को 2025 का MVP मानता हूँ। जब भी टीम ने उनका इस्तेमाल किया उन्होंने अपना X-फैक्टर दिखाया। विपक्षी टीम के लिए उन्हें समझना मुश्किल रहा। 2026 T20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के लिए उनकी भूमिका बहुत अहम होगी। वह T20 गेंदबाज हैं और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद विकेट लेने वाले खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।

    वास्तव में वरुण चक्रवर्ती ने इस साल 4 वनडे में 10 विकेट और 20 T20I में 36 विकेट लिए। उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारत की व्हाइट-बॉल टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी बना दिया।अश्विन ने इसके साथ ही अभिषेक शर्मा की भी तारीफ की। लेफ्ट-हैंडर ओपनर को उन्होंने भारत की अगली पीढ़ी का X-फैक्टर खिलाड़ी बताया। अश्विन के अनुसार यह सिर्फ अभिषेक शर्मा का आना नहीं है बल्कि यह भारत की नई पीढ़ी का एक्स-फैक्टर खिलाड़ी बनने की शुरुआत है। 2025 में उनका प्रदर्शन अद्भुत रहा। उन्होंने 21 T20I मैचों में 42.95 की औसत और 193.46 के स्ट्राइक रेट से 859 रन बनाए जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं।

    साल 2025 में एक समय ऐसा भी था जब विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों के करियर पर संदेह किया जा रहा था। लेकिन साल के अंत तक दोनों खिलाड़ियों ने साबित किया कि उनमें अभी भी क्रिकेट की पर्याप्त क्षमता है। रोहित और कोहली ने टेस्ट और टी20 से संन्यास लिया है लेकिन उनका सपना 2027 के वर्ल्ड कप में खेलना है।अश्विन ने कहा रोहित और विराट दोनों में 50 ओवर का वर्ल्ड कप जीतने की आग है। यह जरूरी है कि हम उनके हर मैच का आनंद लें। उन्होंने इस साल क्रिकेट की परिभाषा को फिर से बदल दिया। टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से यह साल चुनौतीपूर्ण था लेकिन दोनों ने वापसी कर बेहतरीन प्रदर्शन किया। विराट जबरदस्त फॉर्म में हैं और यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा है।

    इस तरह 2025 में भारतीय क्रिकेट में युवा और सीनियर खिलाड़ियों ने मिलकर एक यादगार साल बनाया। वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा ने अपनी नई प्रतिभा दिखाई जबकि रोहित और विराट ने अनुभव और निरंतरता के बल पर टीम को मजबूत रखा।

  • स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड चैलेंज: शुभमन गिल को पछाड़कर बन सकती हैं 2025 की सबसे बड़ी रन मशीन

    स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड चैलेंज: शुभमन गिल को पछाड़कर बन सकती हैं 2025 की सबसे बड़ी रन मशीन


    नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला आज यानी मंगलवार, 30 दिसंबर को खेला जा रहा है। यह 2025 में टीम इंडिया का अंतिम मैच भी है। मैच से पहले क्रिकेट की नजरें उप-कप्तान स्मृति मंधाना पर टिकी हुई हैं, जो इस साल के रिकॉर्ड बनाने के करीब हैं।टीम इंडिया इस मैच में 5-0 से क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगी लेकिन मंधाना का ध्यान अब व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर है। 2025 में उन्होंने महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है। अब उनका लक्ष्य पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों मिलाकर इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनना है। इसके लिए उन्हें पुरुष क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ना होगा।

    स्मृति मंधाना ने इस साल सभी फॉर्मेट में कुल 1,703 रन बनाए हैं। वहीं शुभमन गिल ने 2025 में 1,764 रन बनाए हैं। अगर मंधाना आज श्रीलंका के खिलाफ कम से कम 62 रन बनाने में कामयाब रहती हैं, तो वह पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट मिलाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन जाएंगी।मंधाना के इस साल के परफॉर्मेंस की बात करें तो उनके अधिकांश रन वनडे फॉर्मेट में आए हैं। उन्होंने 23 वनडे मुकाबलों में 61.9 की औसत के साथ 1,362 रन बनाए, जिनमें 5 शतक शामिल हैं। इसके अलावा, टी20 फॉर्मेट में उन्होंने 9 मैचों में एक शतक के साथ 341 रन बनाए। मंधाना ने भारतीय महिला टीम को पहला वर्ल्ड कप जीताने में अहम योगदान दिया था।

    स्मृति मंधाना का अंतरराष्ट्रीय करियर भी बेहद शानदार रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 7 मैचों और 12 पारियों में 57.18 की औसत से 629 रन बनाए, जिसमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वनडे में उन्होंने 117 मैचों में 48.38 की औसत से 5,322 रन बनाए, जिसमें 14 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के दम पर वह वनडे में छठी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। T20I में उन्होंने 157 मैचों में 29.94 की औसत और 124.22 के स्ट्राइक रेट से 4,102 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 32 अर्धशतक शामिल हैं। वह T20I में दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं।

    इस मुकाबले में मंधाना का प्रदर्शन सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगा। टीम इंडिया की जीत के साथ वह इतिहास रच सकती हैं। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ दोनों इस मैच और मंधाना के प्रदर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनके रन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती ताकत और पुरुष क्रिकेट के रिकॉर्ड को चुनौती देने का प्रतीक हैं।इस मुकाबले का परिणाम और मंधाना का प्रदर्शन निश्चित रूप से 2025 की क्रिकेट वर्ष की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल होगा।

  • करण जौहर हुए हैरान: ‘धुरंधर’ ने दिखाया ऐसा क्राफ्ट कि खुद की क्षमता पर उठे सवाल

    करण जौहर हुए हैरान: ‘धुरंधर’ ने दिखाया ऐसा क्राफ्ट कि खुद की क्षमता पर उठे सवाल


    नई दिल्ली: फिल्म धुरंधर  ने रिलीज़ होते ही दर्शकों और बॉलीवुड इंडस्ट्री के लोगों का दिल जीत लिया है। फिल्म के शानदार निर्देशन और क्राफ्ट की तारीफ कई सितारों ने की है। अब बॉलीवुड निर्माता और डायरेक्टर करण जौहर  ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।करण जौहर ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि धुरंधर देखकर उन्हें यह एहसास हुआ कि उनका खुद का क्राफ्ट कितना लिमिटेड है। उन्होंने अनुपमा चोपड़ा से बातचीत में कहा मैं तो धुरंधर देखकर हैरान हो गया। इसे देखकर मुझे फील हुआ कि मेरा क्राफ्ट कितना लिमिटेड है। ओह माय गॉड इसका बैकग्राउंड म्यूजिक देखो। धुरंधर में जो मुझे बहुत पसंद आया वो ये कि मुझे नहीं लगा कि डायरेक्टर सेल्फ अवेयर थे। ऐसा लगा कि वह अपने क्राफ्ट का शो ऑफ नहीं कर रहे थे और फिर भी कहानी इतनी प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत हो रही थी।
    करण ने बताया कि फिल्म को उन्होंने पॉजिटिव लेंस के साथ देखा। उनका मानना है कि फिल्म में शॉट्स और फ्रेमिंग इतनी खूबसूरती से की गई हैं कि यह दर्शाता है कि डायरेक्टर ने अपनी कला के जरिए कहानी को प्राथमिकता दी। करण ने कहा मुझे ऐसा लगा ही नहीं कि वह वाइड शॉट्स का दिखावा कर रहे हैं या अपने क्राफ्ट को फ्लॉन्ट कर रहे हैं। उन्होंने इसे पूरी सेल्फ अवेयरनेस के साथ खूबसूरत शॉट्स में शूट किया। इससे मैंने अपने फिल्ममेकर होने की काबिलियत पर सवाल उठाए और यह मेरे लिए एक सकारात्मक अनुभव रहा।

    करण जौहर ने इस साल की अपनी पसंदीदा फिल्मों में सैयारा लोकाह और धुरंधर का नाम भी लिया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने धुरंधर देखी तो वह पूरी तरह से मंत्रमुग्ध हो गए। उनका कहना है कि फिल्म ने उन्हें सिनेमाई कला के प्रति एक नया दृष्टिकोण दिया।फिल्म धुरंधर का वर्ल्डवाइड कलेक्शन भी काफी शानदार रहा है। फिल्म 5 दिसंबर को रिलीज़ हुई थी और पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। ग्लोबली फिल्म ने 1000 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली है और कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। फिल्म के इस प्रदर्शन ने इसे 2025 की सबसे चर्चित और कमाई में सबसे सफल फिल्मों में से एक बना दिया है।

    फैंस और इंडस्ट्री विशेषज्ञ दोनों ही फिल्म की कहानी निर्देशन एक्टिंग और तकनीकी पक्ष की तारीफ कर रहे हैं। करण जौहर जैसे अनुभवी फिल्ममेकर का यह कहना कि धुरंधर ने उनकी काबिलियत पर सवाल खड़ा कर दिया यह दर्शाता है कि फिल्म कितनी प्रभावशाली और क्राफ्टेड है।इस प्रकार धुरंधर न केवल बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हो रही है बल्कि फिल्म के क्राफ्ट और कहानी ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में भी एक नया स्टैंडर्ड सेट कर दिया है। करण जौहर की प्रतिक्रिया और फिल्म की ग्लोबल कमाई यह संकेत देती है कि धुरंधर सिनेमाई कला और मनोरंजन दोनों में ही एक मील का पत्थर बन चुकी है।

  • इक्कीस स्क्रीनिंग: रेखा ने अगस्त्य नंदा की तस्वीर चूमा, धर्मेंद्र को किया नमन, वीडियो हुआ वायरल

    इक्कीस स्क्रीनिंग: रेखा ने अगस्त्य नंदा की तस्वीर चूमा, धर्मेंद्र को किया नमन, वीडियो हुआ वायरल


    नई दिल्ली: मुंबई में आज फिल्म इक्कीस की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई, जिसमें बॉलीवुड के कई सितारे शामिल हुए। इस अवसर पर सदाबहार एक्ट्रेस रेखा Rekha भी पहुंचीं और उन्होंने अपनी भावनाओं से सबका ध्यान खींचा।इक्कीस फिल्म का निर्देशन श्रीराम राघवन  ने किया है और फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा लीड रोल में नजर आ रहे हैं। स्क्रीनिंग के दौरान रेखा ने पैपराजी के सामने पोज दिए और बैकग्राउंड में लगे अगस्त्य की तस्वीर को हाथों से चूम लिया। उनके इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और फैंस इसे खूब पसंद कर रहे हैं।

    रेखा ने इस दौरान धर्मेंद्र की तस्वीर को भी हाथ जोड़कर नमन किया। उनके इस जेस्चर को देख बॉलीवुड प्रेमियों ने कमेंट्स में आशीर्वाद और प्यार भरी प्रतिक्रियाएँ दीं। यूजर्स इसे अमिताभ बच्चन और रेखा के पुराने रिश्तों से भी जोड़ रहे हैं।इस स्क्रीनिंग में बॉलीवुड के कई और सेलेब्स भी मौजूद थे, जिनमें तब्बू, सनी देओल, बॉबी देओल और देओल परिवार, अमीषा पटेल, फातिमा सना शेख और कई अन्य सितारे शामिल थे। रेखा इस अवसर पर कांजीवरम साड़ी, बालों में गजरा, मांग में सिंदूर और आंखों में काला चश्मा पहनकर आईं।

    फिल्म इक्कीस लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के जीवन पर आधारित है। अगस्त्य नंदा के साथ लीड रोल में अक्षय कुमार की भांजी सिमर भाटिया हैं। इसके अलावा फिल्म में जयदीप अहलावत ने भी अहम भूमिका निभाई है। फिल्म में धर्मेंद्र की यह आखिरी भूमिका है। स्क्रीनिंग पर देओल परिवार भी मौजूद था और सनी तथा बॉबी देओल ने अपने पिता धर्मेंद्र की तस्वीर के साथ फोटोज क्लिक कराए।फिल्म की रिलीज डेट 1 जनवरी 2026 तय की गई है। इक्कीस फिल्म में देशभक्ति, साहस और रोमांच का संगम देखने को मिलेगा। रेखा का यह भावुक और अपनापन भरा पल दर्शकों और फैंस के लिए खास अनुभव बन गया है।रेखा के इस जेस्चर ने सोशल मीडिया पर भी खूब हलचल मचाई। फैंस वीडियो पर कमेंट कर उनकी तारीफ कर रहे हैं और फिल्म के लिए उत्साहित हैं। इस तरह इक्कीस की स्क्रीनिंग न केवल फिल्म की प्रमोशन के लिए, बल्कि बॉलीवुड के सदाबहार सितारों की यादों और सम्मान को दिखाने का भी अवसर बन गई।

  • कौन है बॉलीवुड का सबसे पढ़ा-लिखा खान: सलमान, शाहरुख या आमिर?

    कौन है बॉलीवुड का सबसे पढ़ा-लिखा खान: सलमान, शाहरुख या आमिर?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के तीन दिग्गज खानों-सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान-को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं कि इनमें से कौन सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा है। आइए जानते हैं उनके शैक्षणिक सफर के बारे में। सलमान खान का जन्म 1965 में हुआ। उन्होंने अपने शुरुआती साल ग्वालियर के द सिंधिया स्कूल में बिताए और बाद में मुंबई के सेंट स्टैनिस्लास हाई स्कूल से पढ़ाई पूरी की। हालांकि सलमान ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं की और 23 साल की उम्र में एक्टिंग करियर शुरू कर दिया। उनका पहला फिल्म प्रोजेक्ट 1988 की बीवी हो तो ऐसी में सपोर्टिंग रोल था और इसके बाद 1989 में सूरज बड़जात्या की मैंने प्यार किया में उन्होंने लीड रोल निभाया।

    शाहरुख खान की पढ़ाई थोड़ी अलग रही। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बैचलर ऑफ आर्ट्स ऑनर्स की पढ़ाई की। हालांकि अपनी डिग्री उन्होंने साल 2016 में ही प्राप्त की क्योंकि वह खुद जाकर डिग्री लेना चाहते थे। शाहरुख ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी IIT में इंजीनियरिंग करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम भी दिया और पास हुए, लेकिन उन्होंने IIT में दाखिला लेने के बजाय जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री शुरू की। हालांकि इस कोर्स को उन्होंने बीच में ही छोड़ दिया।

    आमिर खान ने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई के प्रतिष्ठित नरसी मोंजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स में दाखिला लिया। यहाँ उन्होंने दो साल तक इकोनॉमिक्स, बिजनेस स्टडीज और फाइनेंशियल अकाउंटिंग के लेक्चर अटेंड किए। इसके बाद उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया और फिल्म उद्योग में कदम रखा। आमिर ने नासिर हुसैन के तहत असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम शुरू किया और फिर बॉलीवुड में डेब्यू किया।

    इन तीनों खानों की पढ़ाई के आधार पर देखा जाए तो सलमान खान ने सबसे कम पढ़ाई की है, जबकि आमिर खान ने कॉलेज तक पढ़ाई पूरी की लेकिन उसे बीच में छोड़ दिया। शाहरुख खान पढ़ाई के मामले में सबसे आगे हैं, उन्होंने बैचलर की डिग्री पूरी की और आईआईटी की परीक्षा भी पास की। हालांकि उन्होंने मास्टर डिग्री पूरी नहीं की, फिर भी उनकी शिक्षा का स्तर अन्य दो खानों की तुलना में ज्यादा माना जाता है।इस प्रकार, शाहरुख खान को बॉलीवुड का सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा खान कहा जा सकता है। वहीं सलमान और आमिर ने अपने करियर की सफलता के लिए पढ़ाई के रास्ते को जल्दी छोड़ दिया और फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया। यह साबित करता है कि पढ़ाई और करियर की राह हमेशा एक जैसी नहीं होती; कुछ लोग शिक्षा पूरी करके भी बॉलीवुड में चमकते हैं, तो कुछ अपने हुनर से सफलता हासिल करते हैं।

  • अक्षय कुमार का 2026 धमाका: प्रियदर्शन के निर्देशन में चार बड़ी फिल्में, कॉमेडी‑एक्शन से हॉरर तक

    अक्षय कुमार का 2026 धमाका: प्रियदर्शन के निर्देशन में चार बड़ी फिल्में, कॉमेडी‑एक्शन से हॉरर तक


    नई दिल्ली: बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार Akshay Kumar 2026 में अपनी फिल्मों के दम पर दर्शकों के दिलों पर कब्जा करने वाले हैं। अगले साल अक्षय कुमार की चार बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं, और खास बात यह है कि इन चारों फिल्मों के निर्देशन की जिम्मेदारी प्रियदर्शन Priyadarshan ने संभाली है। कॉमेडी, हॉरर और एक्शन का संगम इन फिल्मों में देखने को मिलेगा, जो फैंस के लिए एक बेहतरीन मनोरंजन का पैकेज साबित होने वाला है।सबसे पहले बात करें प्रियदर्शन की कॉमेडी‑हॉरर फिल्म भूत बंगला की। इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी और तबू मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म दिवंगत अभिनेता असरानी की आखिरी फिल्म भी मानी जा रही है, जो इसे और भी खास बनाती है। भूत बंगला 2 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। हॉरर-कॉमेडी का यह मिश्रण दर्शकों को हँसी और रोमांच का अनुभव एक साथ देगा।

    इसके अलावा, अक्षय कुमार की एक और बड़ी हिट हेरा फेरी 4 भी अगले साल रिलीज होने वाली है। यह फिल्म ‘हेरा फेरी’ फ्रैंचाइज़ी का चौथा भाग है और अक्षय के साथ परेश रावल और सुनील शेट्टी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। हालांकि, फिल्म की रिलीज डेट अभी तक अनाउंस नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक संभव है। फैंस को हेरा फेरी के पुराने अंदाज़ की याद दिलाने वाली यह फिल्म कॉमेडी का भरपूर तड़का देने वाली है।तीसरी फिल्म है वेलकम टू द जंगल, जो वेलकम फ्रैंचाइज़ी का तीसरा पार्ट है।

    इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, आफताब शिवदासानी, परेश रावल, फरीदा जलाल, जैकलीन फर्नांडीस, दिशा पटानी और दलेर मेहंदी जैसे सितारे भी दिखाई देंगे। फिल्म का म्यूजिक, कॉमेडी और मसाला मनोरंजन दर्शकों के लिए इसे एक पूरी पारिवारिक फिल्म बनाने वाला है। फिलहाल इस फिल्म की रिलीज डेट भी अनाउंस नहीं हुई है, लेकिन अगले साल इसे बड़े पर्दे पर देखने की संभावना है।

    और आखिरी में, अक्षय कुमार और सैफ अली खान की मुख्य भूमिका वाली हैवान का नाम आता है। यह फिल्म एक्शन और थ्रिलर की ओर झुकाव रखती है। शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है और मेकर्स का कहना है कि फिल्म 2026 में रिलीज हो सकती है। इस फिल्म में अक्षय कुमार का दमदार लुक और सैफ अली खान की परफॉर्मेंस दर्शकों के लिए बड़ी आकर्षक होगी।इस तरह, 2026 में अक्षय कुमार की ये चार फिल्में-भूत बंगला, हेरा फेरी 4, वेलकम टू द जंगल और हैवान-दर्शकों को कॉमेडी, हॉरर और एक्शन का पूरा पैकेज देंगी। प्रियदर्शन के निर्देशन में ये फिल्में बॉलीवुड के मज़बूत एंटरटेनमेंट प्रोजेक्ट्स के रूप में उभरेंगी। फैंस के लिए यह साल अक्षय कुमार की फिल्मों का जश्न लेकर आने वाला है।

  • डिजिटल पेमेंट की ओर बढ़ रहा देश… ATM की संख्या घटी, बचत खातों में जमा हुए 3.3 लाख करोड़

    डिजिटल पेमेंट की ओर बढ़ रहा देश… ATM की संख्या घटी, बचत खातों में जमा हुए 3.3 लाख करोड़


    नई दिल्ली।
    भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India- RBI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में एटीएम (ATM) की संख्या में कमी आई है, क्योंकि लोग डिजिटल पेमेंट (Digital payments) की ओर बढ़ रहे हैं। ई-पेमेंट नेटवर्क ने ग्राहकों की नकद निकासी की जरूरत को कम कर दिया है, भले ही बैंक शाखाओं का विस्तार जारी रहा।


    प्राइवेट बैंकों ने एटीएम सबसे ज्यादा घटाए

    रिपोर्ट के मुताबिक, निजी बैंकों ने अपना एटीएम नेटवर्क 79,884 से घटाकर 77,117 कर दिया। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने मुख्य रूप से ऑफसाइट मशीनें बंद करके अपने एटीएम 134,694 से 133,544 कर दिए।


    व्हाइट लेबल एटीएम बढ़े

    इसके विपरीत, व्हाइट लेबल एटीएम (नॉन-बैंकिंग संस्थाओं द्वारा स्थापित) ऑपरेटरों ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई और इनकी संख्या 34,602 से बढ़कर 36,216 हो गई।


    शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अंतर

    सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने ग्रामीण, अर्ध-शहरी, शहरी और महानगरीय क्षेत्रों में अपने एटीएम संतुलित रूप से वितरित रखे। हालांकि, निजी और विदेशी बैंक अभी भी अपने एटीएम मुख्य रूप से शहरी और महानगरीय केंद्रों में केंद्रित रखते हैं।


    बैंक शाखाओं का विस्तार जारी

    इस दौरान, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के तेज विस्तार के चलते बैंक शाखाओं की संख्या 2.8 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1,64,000 हो गई। सार्वजनिक बैंकों द्वारा खोली गई दो-तिहाई से अधिक नई शाखाएं ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में थीं, जबकि निजी बैंकों की केवल 37.5 प्रतिशत नई शाखाएं इन क्षेत्रों में खुलीं।

    बचत खातों और जमा राशि में वृद्धि
    बेसिक बचत बैंक जमाखातों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई, जो 2.6 प्रतिशत बढ़कर 72.4 करोड़ खाते हो गए। इन खातों में जमा राशि 9.5 प्रतिशत बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये हो गई। अधिकांश खाते बिजनेस करिस्पॉन्डेंट के माध्यम से संचालित होते हैं, जो जमीनी स्तर पर बैंकिंग पहुंच बढ़ाने में उनकी भूमिका को रेखांकित करता है।


    जमा बीमा कवरेज

    जमा बीमा के संदर्भ में, रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 के अंत तक 97.6 प्रतिशत खाते मौजूदा 5 लाख रुपये के बीमा सीमा के दायरे में थे। हालांकि, बीमाकृत जमा राशि का अनुपात पिछले वर्ष के 43.1 प्रतिशत से थोड़ा घटकर 41.5 प्रतिशत हो गया।


    डिजिटलीकरण है मुख्य कारण

    आरबीआई ने एटीएम संख्या में कमी का कारण भुगतानों के बढ़ते डिजिटलीकरण को बताया है, जिसने ग्राहकों की एटीएम के माध्यम से लेनदेन की आवश्यकता को कम कर दिया है।

  • देश के औद्योगिक उत्पादन में इजाफा, दो साल के उच्च स्तर पर पहुंची वृद्धि दर

    देश के औद्योगिक उत्पादन में इजाफा, दो साल के उच्च स्तर पर पहुंची वृद्धि दर


    नई दिल्ली।
    खनन और विनिर्माण क्षेत्रों (Mining and Manufacturing sectors) के मजबूत प्रदर्शन से नवंबर महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि दर (Country’s Industrial Production growth rate) दो साल के उच्च स्तर 6.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के मुताबिक, औद्योगिक उत्पादन को मापने वाला औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) नवंबर, 2024 में पांच प्रतिशत बढ़ा था। इससे पहले औद्योगिक उत्पादन का उच्च स्तर नवंबर, 2023 में 11.9 प्रतिशत दर्ज किया गया था।

    त्योहारों से पहले देश में मांग और खपत को बढ़ावा देने के लिए कई उपभोक्ता वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में 22 सितंबर 2025 से कटौती की गई थी। इससे जीएसटी दरों में कमी का लाभ उठाने के लिए विनिर्माण ऑर्डरों में तेजी आई।


    अक्टूबर के आंकड़ों में बदलाव

    इसके साथ एनएसओ ने अक्टूबर 2025 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के आंकड़े को भी संशोधित किया है। अक्टूबर के लिए आईआईपी वृद्धि को बढ़ाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि पिछले महीने जारी अस्थायी अनुमान 0.4 प्रतिशत का था।


    बिजली उत्पादन का प्रदर्शन कमजोर

    आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन आठ प्रतिशत बढ़ा, जो एक साल पहले इसी महीने में 5.5 प्रतिशत था। खनन क्षेत्र का उत्पादन भी नवंबर में 5.4 प्रतिशत बढ़ा जबकि नवंबर 2024 में यह वृद्धि 1.9 प्रतिशत रही थी। हालांकि, बिजली उत्पादन का प्रदर्शन पिछले महीने कमजोर रहा। नवंबर में बिजली उत्पादन में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में इसमें 4.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।


    प्रमुख क्षेत्रों में रफ्तार की वापसी

    नवंबर महीने के आईआईपी आंकड़ों में सुधार से संकेत मिलता है कि औद्योगिक गतिविधियों में खासकर विनिर्माण और खनन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रफ्तार की वापसी हो रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल-नवंबर के दौरान देश का औद्योगिक उत्पादन 3.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 4.1 प्रतिशत था। विनिर्माण क्षेत्र के तहत 23 में 20 उद्योग समूहों ने नवंबर 2025 में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।


    अमेरिकी टैरिफ का असर

    इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, अमेरिकी टैरिफ और जुर्माने का असर कुछ विनिर्माण खंडों में दिखाई दे सकता है, जिससे जीएसटी दरों में बदलाव के सकारात्मक प्रभाव का असर कम हो सकता है।

    उन्होंने कहा कि दो महीने के बाद दिसंबर 2025 में बिजली की मांग बढ़ी है, जिससे उस महीने बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और यह आईआईपी वृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत है। नायर ने आगे कहा, हमें उम्मीद है कि दिसंबर 2025 में आईआईपी वृद्धि घटकर 3.5 से 5.0 प्रतिशत के दायरे में आ सकती है, क्योंकि तुलनात्मक आधार प्रभाव सामान्य होगा।


    औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी का मतलब

    औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी का मतलब है कि अर्थव्यवस्था की सेहत बेहतर हो रही है। इसका सीधा लाभ नौकरी, आय, व्यापार और सरकारी सेवाओं के जरिए आम आदमी तक पहुंचता है। हालांकि इसका पूरा असर दिखने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन संकेत सकारात्मक माने जाते हैं। इसे इस तरह समझा जा सकता है—


    रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना

    जब फैक्ट्रियां और उद्योग ज्यादा उत्पादन करते हैं, तो उन्हें अधिक मजदूर, तकनीशियन और कर्मचारियों की जरूरत होती है। नए रोजगार पैदा हो सकते हैं। अस्थायी और कॉन्ट्रैक्ट नौकरियों में भी बढ़ोतरी होती है। इससे बेरोजगारी का दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है।


    आमदनी और खर्च करने की क्षमता में सुधार

    उद्योगों की स्थिति बेहतर होने पर वेतन में बढ़ोतरी, ओवरटाइम और बोनस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इससे लोगों की खरीदने की ताकत सुधरती है।


    महंगाई पर मिला-जुला असर

    ज्यादा उत्पादन होने से बाजार में वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ती है, जिससे कई सामानों के दाम स्थिर रह सकते हैं। कुछ चीजें सस्ती भी हो सकती हैं। हालांकि अगर कच्चा माल महंगा है या ब्याज दरें ऊंची हैं, तो महंगाई पूरी तरह कम होना जरूरी नहीं।


    छोटे कारोबार और एमएसएमई को सहारा

    बड़े उद्योगों की रफ्तार बढ़ने से छोटे उद्योगों, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और सप्लाई चेन को भी काम मिलता है। इससे स्थानीय कारोबार को फायदा होता है।


    सरकार की आय बढ़ने से, सुविधाएं बेहतर होंगी

    उद्योगों के अच्छे प्रदर्शन से टैक्स संग्रह बढ़ता है। सरकार के पास बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च के लिए ज्यादा संसाधन होते हैं जिसका फायदा आम नागरिकों को मिलता है।


    शेयर बाजार और निवेश पर असर

    औद्योगिक उत्पादन में तेजी से बाजार में भरोसा बढ़ता है। म्यूचुअल फंड और शेयर में निवेश करने वालों को फायदा हो सकता है। हालांकि यह असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता।