पहले सोमवार को बड़ा झटका
अब तक का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
डे 2 (शुक्रवार): 5.25 करोड़
डे 3 (शनिवार): 5.50 करोड़
डे 4 (रविवार): 5.00 करोड़
डे 5 (सोमवार): 1.75 करोड़
कुल: 25.25 करोड़ रुपये

पहले सोमवार को बड़ा झटका
अब तक का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
डे 3 (शनिवार): 5.50 करोड़
डे 4 (रविवार): 5.00 करोड़
डे 5 (सोमवार): 1.75 करोड़
कुल: 25.25 करोड़ रुपये


अश्विन ने सबसे पहले मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की तारीफ की और उन्हें इस साल भारत का सबसे बेहतरीन गेंदबाज बताया। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनलऐश की बात पर कहा मैं वरुण चक्रवर्ती को 2025 का MVP मानता हूँ। जब भी टीम ने उनका इस्तेमाल किया उन्होंने अपना X-फैक्टर दिखाया। विपक्षी टीम के लिए उन्हें समझना मुश्किल रहा। 2026 T20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के लिए उनकी भूमिका बहुत अहम होगी। वह T20 गेंदबाज हैं और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद विकेट लेने वाले खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।
वास्तव में वरुण चक्रवर्ती ने इस साल 4 वनडे में 10 विकेट और 20 T20I में 36 विकेट लिए। उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारत की व्हाइट-बॉल टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी बना दिया।अश्विन ने इसके साथ ही अभिषेक शर्मा की भी तारीफ की। लेफ्ट-हैंडर ओपनर को उन्होंने भारत की अगली पीढ़ी का X-फैक्टर खिलाड़ी बताया। अश्विन के अनुसार यह सिर्फ अभिषेक शर्मा का आना नहीं है बल्कि यह भारत की नई पीढ़ी का एक्स-फैक्टर खिलाड़ी बनने की शुरुआत है। 2025 में उनका प्रदर्शन अद्भुत रहा। उन्होंने 21 T20I मैचों में 42.95 की औसत और 193.46 के स्ट्राइक रेट से 859 रन बनाए जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं।
साल 2025 में एक समय ऐसा भी था जब विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों के करियर पर संदेह किया जा रहा था। लेकिन साल के अंत तक दोनों खिलाड़ियों ने साबित किया कि उनमें अभी भी क्रिकेट की पर्याप्त क्षमता है। रोहित और कोहली ने टेस्ट और टी20 से संन्यास लिया है लेकिन उनका सपना 2027 के वर्ल्ड कप में खेलना है।अश्विन ने कहा रोहित और विराट दोनों में 50 ओवर का वर्ल्ड कप जीतने की आग है। यह जरूरी है कि हम उनके हर मैच का आनंद लें। उन्होंने इस साल क्रिकेट की परिभाषा को फिर से बदल दिया। टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से यह साल चुनौतीपूर्ण था लेकिन दोनों ने वापसी कर बेहतरीन प्रदर्शन किया। विराट जबरदस्त फॉर्म में हैं और यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा है।
इस तरह 2025 में भारतीय क्रिकेट में युवा और सीनियर खिलाड़ियों ने मिलकर एक यादगार साल बनाया। वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा ने अपनी नई प्रतिभा दिखाई जबकि रोहित और विराट ने अनुभव और निरंतरता के बल पर टीम को मजबूत रखा।

स्मृति मंधाना ने इस साल सभी फॉर्मेट में कुल 1,703 रन बनाए हैं। वहीं शुभमन गिल ने 2025 में 1,764 रन बनाए हैं। अगर मंधाना आज श्रीलंका के खिलाफ कम से कम 62 रन बनाने में कामयाब रहती हैं, तो वह पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट मिलाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन जाएंगी।मंधाना के इस साल के परफॉर्मेंस की बात करें तो उनके अधिकांश रन वनडे फॉर्मेट में आए हैं। उन्होंने 23 वनडे मुकाबलों में 61.9 की औसत के साथ 1,362 रन बनाए, जिनमें 5 शतक शामिल हैं। इसके अलावा, टी20 फॉर्मेट में उन्होंने 9 मैचों में एक शतक के साथ 341 रन बनाए। मंधाना ने भारतीय महिला टीम को पहला वर्ल्ड कप जीताने में अहम योगदान दिया था।
स्मृति मंधाना का अंतरराष्ट्रीय करियर भी बेहद शानदार रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 7 मैचों और 12 पारियों में 57.18 की औसत से 629 रन बनाए, जिसमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वनडे में उन्होंने 117 मैचों में 48.38 की औसत से 5,322 रन बनाए, जिसमें 14 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के दम पर वह वनडे में छठी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। T20I में उन्होंने 157 मैचों में 29.94 की औसत और 124.22 के स्ट्राइक रेट से 4,102 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 32 अर्धशतक शामिल हैं। वह T20I में दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं।
इस मुकाबले में मंधाना का प्रदर्शन सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगा। टीम इंडिया की जीत के साथ वह इतिहास रच सकती हैं। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ दोनों इस मैच और मंधाना के प्रदर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनके रन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती ताकत और पुरुष क्रिकेट के रिकॉर्ड को चुनौती देने का प्रतीक हैं।इस मुकाबले का परिणाम और मंधाना का प्रदर्शन निश्चित रूप से 2025 की क्रिकेट वर्ष की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल होगा।

करण जौहर ने इस साल की अपनी पसंदीदा फिल्मों में सैयारा लोकाह और धुरंधर का नाम भी लिया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने धुरंधर देखी तो वह पूरी तरह से मंत्रमुग्ध हो गए। उनका कहना है कि फिल्म ने उन्हें सिनेमाई कला के प्रति एक नया दृष्टिकोण दिया।फिल्म धुरंधर का वर्ल्डवाइड कलेक्शन भी काफी शानदार रहा है। फिल्म 5 दिसंबर को रिलीज़ हुई थी और पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। ग्लोबली फिल्म ने 1000 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली है और कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। फिल्म के इस प्रदर्शन ने इसे 2025 की सबसे चर्चित और कमाई में सबसे सफल फिल्मों में से एक बना दिया है।
फैंस और इंडस्ट्री विशेषज्ञ दोनों ही फिल्म की कहानी निर्देशन एक्टिंग और तकनीकी पक्ष की तारीफ कर रहे हैं। करण जौहर जैसे अनुभवी फिल्ममेकर का यह कहना कि धुरंधर ने उनकी काबिलियत पर सवाल खड़ा कर दिया यह दर्शाता है कि फिल्म कितनी प्रभावशाली और क्राफ्टेड है।इस प्रकार धुरंधर न केवल बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हो रही है बल्कि फिल्म के क्राफ्ट और कहानी ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में भी एक नया स्टैंडर्ड सेट कर दिया है। करण जौहर की प्रतिक्रिया और फिल्म की ग्लोबल कमाई यह संकेत देती है कि धुरंधर सिनेमाई कला और मनोरंजन दोनों में ही एक मील का पत्थर बन चुकी है।

रेखा ने इस दौरान धर्मेंद्र की तस्वीर को भी हाथ जोड़कर नमन किया। उनके इस जेस्चर को देख बॉलीवुड प्रेमियों ने कमेंट्स में आशीर्वाद और प्यार भरी प्रतिक्रियाएँ दीं। यूजर्स इसे अमिताभ बच्चन और रेखा के पुराने रिश्तों से भी जोड़ रहे हैं।इस स्क्रीनिंग में बॉलीवुड के कई और सेलेब्स भी मौजूद थे, जिनमें तब्बू, सनी देओल, बॉबी देओल और देओल परिवार, अमीषा पटेल, फातिमा सना शेख और कई अन्य सितारे शामिल थे। रेखा इस अवसर पर कांजीवरम साड़ी, बालों में गजरा, मांग में सिंदूर और आंखों में काला चश्मा पहनकर आईं।
फिल्म इक्कीस लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के जीवन पर आधारित है। अगस्त्य नंदा के साथ लीड रोल में अक्षय कुमार की भांजी सिमर भाटिया हैं। इसके अलावा फिल्म में जयदीप अहलावत ने भी अहम भूमिका निभाई है। फिल्म में धर्मेंद्र की यह आखिरी भूमिका है। स्क्रीनिंग पर देओल परिवार भी मौजूद था और सनी तथा बॉबी देओल ने अपने पिता धर्मेंद्र की तस्वीर के साथ फोटोज क्लिक कराए।फिल्म की रिलीज डेट 1 जनवरी 2026 तय की गई है। इक्कीस फिल्म में देशभक्ति, साहस और रोमांच का संगम देखने को मिलेगा। रेखा का यह भावुक और अपनापन भरा पल दर्शकों और फैंस के लिए खास अनुभव बन गया है।रेखा के इस जेस्चर ने सोशल मीडिया पर भी खूब हलचल मचाई। फैंस वीडियो पर कमेंट कर उनकी तारीफ कर रहे हैं और फिल्म के लिए उत्साहित हैं। इस तरह इक्कीस की स्क्रीनिंग न केवल फिल्म की प्रमोशन के लिए, बल्कि बॉलीवुड के सदाबहार सितारों की यादों और सम्मान को दिखाने का भी अवसर बन गई।

शाहरुख खान की पढ़ाई थोड़ी अलग रही। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बैचलर ऑफ आर्ट्स ऑनर्स की पढ़ाई की। हालांकि अपनी डिग्री उन्होंने साल 2016 में ही प्राप्त की क्योंकि वह खुद जाकर डिग्री लेना चाहते थे। शाहरुख ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी IIT में इंजीनियरिंग करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम भी दिया और पास हुए, लेकिन उन्होंने IIT में दाखिला लेने के बजाय जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री शुरू की। हालांकि इस कोर्स को उन्होंने बीच में ही छोड़ दिया।
आमिर खान ने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई के प्रतिष्ठित नरसी मोंजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स में दाखिला लिया। यहाँ उन्होंने दो साल तक इकोनॉमिक्स, बिजनेस स्टडीज और फाइनेंशियल अकाउंटिंग के लेक्चर अटेंड किए। इसके बाद उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया और फिल्म उद्योग में कदम रखा। आमिर ने नासिर हुसैन के तहत असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम शुरू किया और फिर बॉलीवुड में डेब्यू किया।
इन तीनों खानों की पढ़ाई के आधार पर देखा जाए तो सलमान खान ने सबसे कम पढ़ाई की है, जबकि आमिर खान ने कॉलेज तक पढ़ाई पूरी की लेकिन उसे बीच में छोड़ दिया। शाहरुख खान पढ़ाई के मामले में सबसे आगे हैं, उन्होंने बैचलर की डिग्री पूरी की और आईआईटी की परीक्षा भी पास की। हालांकि उन्होंने मास्टर डिग्री पूरी नहीं की, फिर भी उनकी शिक्षा का स्तर अन्य दो खानों की तुलना में ज्यादा माना जाता है।इस प्रकार, शाहरुख खान को बॉलीवुड का सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा खान कहा जा सकता है। वहीं सलमान और आमिर ने अपने करियर की सफलता के लिए पढ़ाई के रास्ते को जल्दी छोड़ दिया और फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया। यह साबित करता है कि पढ़ाई और करियर की राह हमेशा एक जैसी नहीं होती; कुछ लोग शिक्षा पूरी करके भी बॉलीवुड में चमकते हैं, तो कुछ अपने हुनर से सफलता हासिल करते हैं।

इसके अलावा, अक्षय कुमार की एक और बड़ी हिट हेरा फेरी 4 भी अगले साल रिलीज होने वाली है। यह फिल्म ‘हेरा फेरी’ फ्रैंचाइज़ी का चौथा भाग है और अक्षय के साथ परेश रावल और सुनील शेट्टी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। हालांकि, फिल्म की रिलीज डेट अभी तक अनाउंस नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक संभव है। फैंस को हेरा फेरी के पुराने अंदाज़ की याद दिलाने वाली यह फिल्म कॉमेडी का भरपूर तड़का देने वाली है।तीसरी फिल्म है वेलकम टू द जंगल, जो वेलकम फ्रैंचाइज़ी का तीसरा पार्ट है।
और आखिरी में, अक्षय कुमार और सैफ अली खान की मुख्य भूमिका वाली हैवान का नाम आता है। यह फिल्म एक्शन और थ्रिलर की ओर झुकाव रखती है। शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है और मेकर्स का कहना है कि फिल्म 2026 में रिलीज हो सकती है। इस फिल्म में अक्षय कुमार का दमदार लुक और सैफ अली खान की परफॉर्मेंस दर्शकों के लिए बड़ी आकर्षक होगी।इस तरह, 2026 में अक्षय कुमार की ये चार फिल्में-भूत बंगला, हेरा फेरी 4, वेलकम टू द जंगल और हैवान-दर्शकों को कॉमेडी, हॉरर और एक्शन का पूरा पैकेज देंगी। प्रियदर्शन के निर्देशन में ये फिल्में बॉलीवुड के मज़बूत एंटरटेनमेंट प्रोजेक्ट्स के रूप में उभरेंगी। फैंस के लिए यह साल अक्षय कुमार की फिल्मों का जश्न लेकर आने वाला है।

प्राइवेट बैंकों ने एटीएम सबसे ज्यादा घटाए
रिपोर्ट के मुताबिक, निजी बैंकों ने अपना एटीएम नेटवर्क 79,884 से घटाकर 77,117 कर दिया। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने मुख्य रूप से ऑफसाइट मशीनें बंद करके अपने एटीएम 134,694 से 133,544 कर दिए।
व्हाइट लेबल एटीएम बढ़े
इसके विपरीत, व्हाइट लेबल एटीएम (नॉन-बैंकिंग संस्थाओं द्वारा स्थापित) ऑपरेटरों ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई और इनकी संख्या 34,602 से बढ़कर 36,216 हो गई।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अंतर
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने ग्रामीण, अर्ध-शहरी, शहरी और महानगरीय क्षेत्रों में अपने एटीएम संतुलित रूप से वितरित रखे। हालांकि, निजी और विदेशी बैंक अभी भी अपने एटीएम मुख्य रूप से शहरी और महानगरीय केंद्रों में केंद्रित रखते हैं।
बैंक शाखाओं का विस्तार जारी
इस दौरान, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के तेज विस्तार के चलते बैंक शाखाओं की संख्या 2.8 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1,64,000 हो गई। सार्वजनिक बैंकों द्वारा खोली गई दो-तिहाई से अधिक नई शाखाएं ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में थीं, जबकि निजी बैंकों की केवल 37.5 प्रतिशत नई शाखाएं इन क्षेत्रों में खुलीं।
बचत खातों और जमा राशि में वृद्धि
बेसिक बचत बैंक जमाखातों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई, जो 2.6 प्रतिशत बढ़कर 72.4 करोड़ खाते हो गए। इन खातों में जमा राशि 9.5 प्रतिशत बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये हो गई। अधिकांश खाते बिजनेस करिस्पॉन्डेंट के माध्यम से संचालित होते हैं, जो जमीनी स्तर पर बैंकिंग पहुंच बढ़ाने में उनकी भूमिका को रेखांकित करता है।
जमा बीमा कवरेज
जमा बीमा के संदर्भ में, रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 के अंत तक 97.6 प्रतिशत खाते मौजूदा 5 लाख रुपये के बीमा सीमा के दायरे में थे। हालांकि, बीमाकृत जमा राशि का अनुपात पिछले वर्ष के 43.1 प्रतिशत से थोड़ा घटकर 41.5 प्रतिशत हो गया।
डिजिटलीकरण है मुख्य कारण
आरबीआई ने एटीएम संख्या में कमी का कारण भुगतानों के बढ़ते डिजिटलीकरण को बताया है, जिसने ग्राहकों की एटीएम के माध्यम से लेनदेन की आवश्यकता को कम कर दिया है।

त्योहारों से पहले देश में मांग और खपत को बढ़ावा देने के लिए कई उपभोक्ता वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में 22 सितंबर 2025 से कटौती की गई थी। इससे जीएसटी दरों में कमी का लाभ उठाने के लिए विनिर्माण ऑर्डरों में तेजी आई।
अक्टूबर के आंकड़ों में बदलाव
इसके साथ एनएसओ ने अक्टूबर 2025 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के आंकड़े को भी संशोधित किया है। अक्टूबर के लिए आईआईपी वृद्धि को बढ़ाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि पिछले महीने जारी अस्थायी अनुमान 0.4 प्रतिशत का था।
बिजली उत्पादन का प्रदर्शन कमजोर
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन आठ प्रतिशत बढ़ा, जो एक साल पहले इसी महीने में 5.5 प्रतिशत था। खनन क्षेत्र का उत्पादन भी नवंबर में 5.4 प्रतिशत बढ़ा जबकि नवंबर 2024 में यह वृद्धि 1.9 प्रतिशत रही थी। हालांकि, बिजली उत्पादन का प्रदर्शन पिछले महीने कमजोर रहा। नवंबर में बिजली उत्पादन में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में इसमें 4.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
प्रमुख क्षेत्रों में रफ्तार की वापसी
नवंबर महीने के आईआईपी आंकड़ों में सुधार से संकेत मिलता है कि औद्योगिक गतिविधियों में खासकर विनिर्माण और खनन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रफ्तार की वापसी हो रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल-नवंबर के दौरान देश का औद्योगिक उत्पादन 3.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 4.1 प्रतिशत था। विनिर्माण क्षेत्र के तहत 23 में 20 उद्योग समूहों ने नवंबर 2025 में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।
अमेरिकी टैरिफ का असर
इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, अमेरिकी टैरिफ और जुर्माने का असर कुछ विनिर्माण खंडों में दिखाई दे सकता है, जिससे जीएसटी दरों में बदलाव के सकारात्मक प्रभाव का असर कम हो सकता है।
उन्होंने कहा कि दो महीने के बाद दिसंबर 2025 में बिजली की मांग बढ़ी है, जिससे उस महीने बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और यह आईआईपी वृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत है। नायर ने आगे कहा, हमें उम्मीद है कि दिसंबर 2025 में आईआईपी वृद्धि घटकर 3.5 से 5.0 प्रतिशत के दायरे में आ सकती है, क्योंकि तुलनात्मक आधार प्रभाव सामान्य होगा।
औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी का मतलब
औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी का मतलब है कि अर्थव्यवस्था की सेहत बेहतर हो रही है। इसका सीधा लाभ नौकरी, आय, व्यापार और सरकारी सेवाओं के जरिए आम आदमी तक पहुंचता है। हालांकि इसका पूरा असर दिखने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन संकेत सकारात्मक माने जाते हैं। इसे इस तरह समझा जा सकता है—
रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना
जब फैक्ट्रियां और उद्योग ज्यादा उत्पादन करते हैं, तो उन्हें अधिक मजदूर, तकनीशियन और कर्मचारियों की जरूरत होती है। नए रोजगार पैदा हो सकते हैं। अस्थायी और कॉन्ट्रैक्ट नौकरियों में भी बढ़ोतरी होती है। इससे बेरोजगारी का दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है।
आमदनी और खर्च करने की क्षमता में सुधार
उद्योगों की स्थिति बेहतर होने पर वेतन में बढ़ोतरी, ओवरटाइम और बोनस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इससे लोगों की खरीदने की ताकत सुधरती है।
महंगाई पर मिला-जुला असर
ज्यादा उत्पादन होने से बाजार में वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ती है, जिससे कई सामानों के दाम स्थिर रह सकते हैं। कुछ चीजें सस्ती भी हो सकती हैं। हालांकि अगर कच्चा माल महंगा है या ब्याज दरें ऊंची हैं, तो महंगाई पूरी तरह कम होना जरूरी नहीं।
छोटे कारोबार और एमएसएमई को सहारा
बड़े उद्योगों की रफ्तार बढ़ने से छोटे उद्योगों, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और सप्लाई चेन को भी काम मिलता है। इससे स्थानीय कारोबार को फायदा होता है।
सरकार की आय बढ़ने से, सुविधाएं बेहतर होंगी
उद्योगों के अच्छे प्रदर्शन से टैक्स संग्रह बढ़ता है। सरकार के पास बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च के लिए ज्यादा संसाधन होते हैं जिसका फायदा आम नागरिकों को मिलता है।
शेयर बाजार और निवेश पर असर
औद्योगिक उत्पादन में तेजी से बाजार में भरोसा बढ़ता है। म्यूचुअल फंड और शेयर में निवेश करने वालों को फायदा हो सकता है। हालांकि यह असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता।