Blog

  • हर सुबह पेट रहेगा पूरी तरह साफ डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड पाचन होगा मजबूत और दिनभर रहेंगे ऊर्जावान

    हर सुबह पेट रहेगा पूरी तरह साफ डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड पाचन होगा मजबूत और दिनभर रहेंगे ऊर्जावान


    नई दिल्ली । सुबह पेट साफ न होना आज के समय में बड़ी संख्या में लोगों की आम समस्या बन गई है। इसके कारण दिनभर भारीपन गैस पेट फूलना और थकान जैसी परेशानियां बनी रहती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हर बार दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय यदि खानपान और जीवनशैली में सही बदलाव किए जाएं तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। संतुलित आहार पर्याप्त पानी और नियमित दिनचर्या पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार कब्ज या सुबह पेट साफ न होने का सबसे बड़ा कारण भोजन में फाइबर की कमी है। फाइबर आंतों की गति को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है और मल को आसानी से बाहर निकालने में सहायक होता है। इसके अलावा पर्याप्त पानी न पीना लंबे समय तक बैठे रहना शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित खानपान भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं। इसलिए सबसे पहले इन कारणों को समझना और उन्हें सुधारना जरूरी है।

    सुबह उठने के बाद एक से दो गिलास गुनगुना पानी पीना पाचन तंत्र को सक्रिय करने का आसान तरीका माना जाता है। इससे आंतों की गतिविधि बढ़ सकती है और मल त्याग में सहायता मिल सकती है। कई विशेषज्ञ रात में मुनक्का या सूखे अंजीर को पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाने की सलाह भी देते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

    पपीता भी पाचन के लिए लाभकारी फलों में माना जाता है। इसमें फाइबर के साथ पपेन नामक एंजाइम पाया जाता है जो भोजन को पचाने में सहायता करता है। इसके अलावा नाश्ते में ओट्स या गेहूं का दलिया शामिल करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है क्योंकि इनमें घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

    हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक मेथी और बथुआ को नियमित भोजन का हिस्सा बनाना भी फायदेमंद माना जाता है। इनमें फाइबर के साथ पानी की मात्रा भी अच्छी होती है जिससे कब्ज की समस्या कम हो सकती है। दोपहर के भोजन के साथ दही या छाछ का सेवन भी लाभकारी माना जाता है क्योंकि इनमें मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया आंतों के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं और पाचन प्रक्रिया को मजबूत बनाते हैं।

    सिर्फ खानपान ही नहीं बल्कि नियमित शारीरिक गतिविधि भी बेहद जरूरी है। रोजाना कम से कम तीस मिनट पैदल चलना हल्का व्यायाम करना या योग का अभ्यास करना आंतों की प्राकृतिक गति को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। साथ ही समय पर भोजन करना और पर्याप्त नींद लेना भी पाचन स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    हालांकि यदि कब्ज की समस्या लंबे समय तक बनी रहे लगातार पेट दर्द हो मल में खून आए अचानक वजन कम होने लगे या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही खानपान पर्याप्त पानी नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अधिकांश लोग पाचन संबंधी समस्याओं से राहत पा सकते हैं और हर सुबह बेहतर महसूस कर सकते हैं।

  • चावल के आटे का फेस पैक बदल सकता है आपकी त्वचा की रंगत जानिए इस्तेमाल का सही तरीका और जबरदस्त फायदे

    चावल के आटे का फेस पैक बदल सकता है आपकी त्वचा की रंगत जानिए इस्तेमाल का सही तरीका और जबरदस्त फायदे


    नई दिल्ली । आजकल हर कोई बिना महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट के प्राकृतिक और स्वस्थ त्वचा पाना चाहता है। ऐसे में रसोई में आसानी से मिलने वाला चावल का आटा स्किन केयर के लिए एक बेहतरीन घरेलू विकल्प माना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व त्वचा को साफ करने डेड स्किन हटाने और चेहरे की चमक बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। नियमित और सही तरीके से इसका इस्तेमाल करने पर त्वचा अधिक मुलायम ताजा और निखरी हुई दिखाई दे सकती है।

    चावल के आटे में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो त्वचा की ऊपरी परत पर जमी गंदगी और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद कर सकते हैं। यह एक प्राकृतिक एक्सफोलिएटर की तरह काम करता है जिससे डेड स्किन धीरे धीरे हटती है और नई त्वचा उभरकर सामने आती है। इसके नियमित उपयोग से त्वचा की बनावट में सुधार महसूस किया जा सकता है और चेहरा पहले से अधिक साफ और चमकदार दिखाई दे सकता है।

    अगर चेहरे पर टैनिंग या धूप का असर दिखाई दे रहा है तो चावल के आटे का फेस पैक लाभदायक माना जाता है। इसके लिए चावल के आटे में दही या कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे चेहरे पर लगभग पंद्रह से बीस मिनट तक लगाएं। सूखने के बाद हल्के हाथों से मसाज करते हुए साफ पानी से धो लें। इससे त्वचा को ताजगी मिलने के साथ उसका प्राकृतिक निखार भी बढ़ सकता है।

    ऑयली स्किन वाले लोग चावल के आटे में गुलाब जल मिलाकर फेस पैक तैयार कर सकते हैं। यह त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है और चेहरे को फ्रेश महसूस कराता है। वहीं ड्राई स्किन वाले लोग इसमें शहद या एलोवेरा जेल मिलाकर इस्तेमाल करें तो त्वचा को नमी बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।

    चावल के आटे का उपयोग फेस स्क्रब के रूप में भी किया जाता है। इसमें थोड़ा सा शहद और दूध मिलाकर हल्के हाथों से चेहरे पर गोलाकार गति में मसाज करें। इससे त्वचा पर जमा धूल मिट्टी और मृत कोशिकाएं हट सकती हैं और त्वचा अधिक मुलायम महसूस होती है। हालांकि स्क्रब करते समय बहुत ज्यादा रगड़ने से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा में जलन हो सकती है।

    विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए। यदि किसी प्रकार की एलर्जी खुजली या जलन महसूस हो तो इसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। जिन लोगों की त्वचा बहुत संवेदनशील है या कोई त्वचा संबंधी बीमारी है उन्हें त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेने के बाद ही घरेलू उपाय अपनाने चाहिए।

    संतुलित आहार पर्याप्त पानी और नियमित स्किन केयर के साथ यदि चावल के आटे का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में सहायक हो सकता है। हालांकि यह कोई चिकित्सीय उपचार नहीं है और इसके परिणाम हर व्यक्ति की त्वचा के अनुसार अलग अलग हो सकते हैं। इसलिए धैर्य और नियमित देखभाल के साथ इसका उपयोग करना अधिक लाभदायक माना जाता है।

  • मप्र विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगामे के बीच पांच विधेयक पारित

    मप्र विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगामे के बीच पांच विधेयक पारित


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र केवल तीन दिन चला। बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने पांच महत्वपूर्ण विधेयक पारित करा लिए। देर शाम तक सदन चलने के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

    मप्र विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन के भीतर और बाहर जबरदस्त सियासी ड्रामा देखने को मिला। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर पहुंचे। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा न मिलने से नाराज विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। पांच विधेयक पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने सदन की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

    सदन में ये पांच बिल पारित

    – भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) संशोधन विधेयक
    – मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक-2026
    – मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) विधेयक-2026
    – मध्य प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक- 2026
    – मध्य प्रदेश निरसन विधायक 2026

    जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने सरकार के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 15 साल पुरानी मेडिकल यूनिवर्सिटी को बांटने की कोई जरूरत नहीं है। देश के किसी बड़े राज्य में दो मेडिकल यूनिवर्सिटी नहीं हैं। उज्जैन में पर्याप्त सरकारी जमीन ही नहीं है, वहां मुख्यालय बनाने के लिए निजी जमीनें खरीदनी पड़ेंगी।

    किसानों का मुआवजा और जमीन नामांतरण का मुद्दा

    कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने मंदसौर जिले में 15 हजार किसानों के 27.47 करोड़ रुपये के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने सदन से वॉकआउट किया। आदिवासियों की जमीन पर एक्शन: विधायक हीरालाल अलावा के सवाल पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने भरोसा दिया कि बिना अनुमति गैर-आदिवासियों के नाम की गई जमीनों के नामांतरण निरस्त कर आदिवासियों को कब्जा वापस दिलाया जाएगा।

    पंचायत और शिक्षा व्यवस्था पर फैसले

    पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने ऐलान किया कि जिन गांवों में पंचायत या सामुदायिक भवन नहीं हैं, वहां पहली प्राथमिकता पर निर्माण कराया जाएगा। भर्ती और पेपर लीक: उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में पेपर लीक की शिकायत नहीं है और समय पर रिजल्ट के लिए डिजिटल वैल्यूएशन शुरू किया जा रहा है।

    अनुपूरक बजट पर उमंग सिंघार बोले- एमपी डूबा, पैसा गुजरात को मिला

    अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि नर्मदा के पानी और बिजली पर मध्य प्रदेश का अधिकार था। सबसे अधिक इलाका भी मध्य प्रदेश का ही डूब क्षेत्र में आया, लेकिन प्रदेश को लाभ मिलने के बजाय केंद्र सरकार ने गुजरात को आर्थिक मदद दिला दी। सिंघार ने जल जीवन मिशन में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने कभी इसकी गंभीर समीक्षा नहीं की कि आखिर प्रदेश के लोगों तक योजना का पानी क्यों नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि सरकार को जवाब देना चाहिए कि योजना का लाभ आम लोगों तक क्यों नहीं पहुंच सका।

    नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देशभर में करीब डेढ़ लाख अभ्यर्थी लंबे समय से परेशान हैं। भर्ती से जुड़े नियम वर्षों से लंबित हैं, लेकिन सरकार ने आज तक इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने सरकार से लंबित मामलों का जल्द समाधान करने की मांग की।

    विधानसभा में छात्रों को ‘कीड़ा’ कहे जाने के आरोपों पर विजयवर्गीय का खंडन

    विधानसभा में छात्रों को ‘कीड़ा’ कहे जाने के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सफाई देते हुए इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने छात्रों के लिए ऐसे किसी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया और न ही उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा था। उन्होंने कहा कि विपक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। सरकार छात्रों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनके सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

  • वरिष्ठ आईएएस अशोक बर्णवाल मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त

    वरिष्ठ आईएएस अशोक बर्णवाल मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1991 बैच के वरिष्ठ अधिकारी अशोक बर्णवाल को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बुधवार देर शाम आदेश जारी कर दिया है।

    बर्णवाल निवर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन की जगह लेंगे, जिन्हें केन्द्र सरकार ने नीति आयोग का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। अशोक बर्णवाल 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे वर्तमान में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग, भोपाल गैस त्रासदी एवं पुनर्वास विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग में आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

    झारखंड से आने वाले बर्णवाल ने बीटेक (माइनिंग इंजीनियरिंग) के साथ पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजमेंट में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। बर्णवाल को स्वास्थ्य, प्रशासन और नीति निर्माण से जुड़े विभिन्न विभागों में काम करने का लंबा अनुभव है। प्रशासनिक दक्षता और वरिष्ठता के आधार पर उन्हें प्रदेश की नौकरशाही का अनुभवी अधिकारी माना जाता है। अशोक बर्णवाल 31 जनवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।

    बता दें कि केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने बुधवार शाम को जारी आदेश में 1989 बैच के आईएएस अधिकारी मप्र के निवर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन को नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। आदेश के अनुसार, वे पदभार ग्रहण करने की तिथि से अपना कार्यभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल उनकी स्वीकृत सेवा-विस्तार अवधि तक और उसके बाद अधिकतम दो वर्ष अथवा अगले आदेश तक रहेगा, जो भी पहले हो। अनुराग जैन मूल रूप से 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें सेवानिवृत्ति से ठीक पहले एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया था। इसके बाद उनका वर्तमान कार्यकाल 31 अगस्त 2026 तक निर्धारित है।

  • मप्र के मुख्य सचिव अनुराग जैन को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी, नीति आयोग के सीईओ नियुक्त

    मप्र के मुख्य सचिव अनुराग जैन को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी, नीति आयोग के सीईओ नियुक्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन को केन्द्र में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है।

    इस संबंध में केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट (एसीसी) ने बुधवार शाम आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुराग जैन का कार्यकाल नीति आयोग में पदभार ग्रहण करने की तारीख से दो वर्ष तक रहेंगा।

    नीति आयोग केंद्र सरकार का शीर्ष सार्वजनिक नीति थिंक टैंक है, जो देश की विकास योजनाओं, आर्थिक नीतियों और राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अनुराम जैन नीति आयोग के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस की महानिदेशक निधि छिब्बर की जगह लेंगे। आईएएस अधिकारी सुब्रह्मण्यम के शुरुआती दो साल के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाया गया था, जो इस साल 24 फरवरी में खत्म हुआ। इसके बाद निधि छिब्बर अतिरिक्त प्रभार के तौर पर यह पद संभाल रही थीं।

    गौरतलब है कि 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को 3 अक्टूबर 2024 को मध्य प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था। साल 2025 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2026 को समाप्त हो रहा है।

  • क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा के दम पर दुनिया में बढ़ाया भारत का मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव

    क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा के दम पर दुनिया में बढ़ाया भारत का मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बेटों के साथ-साथ हमारी बेटियां भी किसी से कम नहीं है। लार्ड्स के ‘टेस्ट ऑनर्स बोर्ड’ पर अपना नाम दर्ज कराने वाली देश की पहली महिला क्रिकेटर मध्य प्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा और कौशल के दम पर पूरे देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार शाम को अपने निवास स्थित संवाद भवन में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने मध्य प्रदेश की सुप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर सुश्री क्रांति गौड़ और उनके पिता नरसिंह एवं भाई महेन्द्र सिंह को भी सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में ‘खेलो बढ़ो अभियान’ के अंतर्गत सांसद कप, विधायक कप के माध्यम से प्रदेश के हर विधानसभा और तहसील स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। राज्य सरकार के इसी संकल्प का परिणाम है कि आज प्रदेश के खिलाड़ी क्रिकेट टूर्नामेंट्स, ओलिम्पिक गेम्स, खेलो इंडिया गेम्स में पदक जीत कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

    क्रांति लेकर आईं हैं प्रदेश में खेल क्रांति

    उन्होंने क्रिकेटर क्रांति गौड़ को बधाई देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की लाड़ली बिटिया और हमारी छोटी बहन क्रांति प्रदेश में नई खेल क्रांति लेकर आईं हैं। मुख्यमंत्री ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से क्रिकेटर क्रांति गौड़ को तीन लाख रुपये का चेक और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लार्ड्स के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड पर बुंदेलखण्ड की गौरव क्रांति गौड़ के सात विकेट लेकर बेहतरीन प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना की तथा क्रांति को इस बड़ी उपलब्धि के लिए अपनी ओर से दो लाख रूपये की सम्मान राशि का चेक भी सौंपा।

    परिवार के सपोर्ट के बिना संभव नहीं था ब्लू जर्सी पहनना : क्रांति गौड़

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ ने क्रिकेटरों एवं मप्र खेल अकादमी के युवा खिलाड़ियों से संवाद भी किया। क्रांति गौड़ ने कहा कि उन्होंने बचपन में अनेक संघर्षों के बीच यह तय कर लिया था कि उन्हें टीम इंडिया की ब्लू जर्सी पहननी है। बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव से क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय मंच तक की यात्रा माता-पिता और परिवार के सहयोग एवं समर्थन के बिना पूरी नहीं हो सकती थी।

    क्रांति ने कहा कि उनके सपने को पूरा करने के लिए परिवार ने बारिश के मौसम में भी टपकते मकान के नीचे और रसोई में राशन नहीं होने जैसे मुश्किल दिन भी गुजारे हैं। अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए उन्होंने ठान लिया था कि अब कुछ भी हो देश और अपनों के लिए कुछ कर गुजरना है।

    कार्यक्रम में खेल एवं युवक कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, खेल सचिव संजीव सिंह, खेल संचालक अंशुमान सिंह यादव सहित खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी भी उपस्थित थे।

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की बेटी भारतीय टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में दोनों पारियों में कुल 7 विकेट चटकाए थे। उन्होंने मैच की पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 37 रन देकर 5 विकेट लिए, जबकि दूसरी पारी में दो विकेट चटकाए। इस मैच में 7 विकेट लेने पर उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इसके साथ ही क्रांति गौड़ प्रतिष्ठित लॉर्ड्स के ‘ऑनर बोर्ड’ (सम्मान पट्टिका) पर अपना नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं।

  • पेपर लीक पर न हो राजनीति, संसद में चर्चा करने के लिए सरकार तैयार: भाजपा

    पेपर लीक पर न हो राजनीति, संसद में चर्चा करने के लिए सरकार तैयार: भाजपा


    नई दिल्ली।
    पेपर लीक के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह विषय देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाने के बजाय संसद में गंभीरता से चर्चा का विषय बनाया जाना चाहिए। पार्टी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और चाहती है कि सदन में इसकी हर बारीकी पर विचार हो, ताकि छात्रों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।

    भाजपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। पार्टी के अनुसार, देश के बच्चे ही भारत का भविष्य हैं और उनकी मेहनत तथा सपनों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण सरकार इस विषय पर गंभीर है और हर पहलू पर चर्चा के लिए तैयार है।

    उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने अपने आरोपों में केवल कुछ राज्यों का जिक्र क्यों किया, जबकि कांग्रेस और इंडी गठबंधन शासित राज्यों में भी कई बार पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि छात्रों के हित की बात की जा रही है, तो फिर सभी राज्यों की घटनाओं पर समान रूप से चर्चा क्यों नहीं हो रही है।

    नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का रवैया चयनात्मक है और उनका उद्देश्य छात्रों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेना है। पार्टी ने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित है, तो उसे सभी राज्यों में हुई घटनाओं पर समान दृष्टि रखनी चाहिए।

    भाजपा ने उदाहरण देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में झारखंड एकेडमिक काउंसिल की हिंदी और विज्ञान परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है।

    इसी तरह तेलंगाना में इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा तथा एसएससी भाषा परीक्षा में पेपर लीक के मामले सामने आए। भाजपा ने कहा कि वहां कांग्रेस की सरकार है, जिसे सीपीआई का समर्थन प्राप्त है। तमिलनाडु में बी.एड. पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आया, जहां तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-डी भर्ती परीक्षा में भी पेपर लीक की घटना हुई, जबकि केरल में लोक सेवा आयोग (पीएससी) की 26 परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया।

    नड्डा ने कहा कि ये केवल कुछ उदाहरण हैं और देश के विभिन्न राज्यों में ऐसी घटनाओं की सूची काफी लंबी है। इसलिए किसी एक सरकार या एक राजनीतिक दल को निशाना बनाने के बजाय पूरे देश में परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने पर चर्चा होनी चाहिए।

    भाजपा ने कहा कि छात्रों की मांगों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। यह एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या है, जिस पर संसद में गहन और सार्थक चर्चा की आवश्यकता है। पार्टी ने कहा कि वह इस विषय पर सभी तथ्यों के साथ चर्चा करने और समाधान निकालने के लिए तैयार है।

    उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने शाम चार बजे अपने प्रस्तुतीकरण में लगभग 150 पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया। पार्टी के अनुसार, इन सभी दावों की जांच की जाएगी और सरकार हर तथ्य तथा हर सवाल का जवाब जनता के सामने रखने के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा ने दोहराया कि इस विषय पर राजनीति के बजाय तथ्यों और समाधान पर आधारित चर्चा होनी चाहिए, ताकि देश के छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

  • मेदांता में वांगचुक से मिलने पहुंचे 15 सांसद, पुलिस ने रोका तो धरने पर बैठे

    मेदांता में वांगचुक से मिलने पहुंचे 15 सांसद, पुलिस ने रोका तो धरने पर बैठे


    गुरुग्राम।
    देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से मिलने बुधवार शाम को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के साथ 15 विपक्षी सांसद वांगचुक से मिलने मेदांता पहुंचे। पुलिस ने उन्हें अस्पताल गेट पर ही रोक लिया।

    सांसद संजय सिंह की पुलिस से इसको लेकर तीखी बहस हुई। अंदर प्रवेश न मिलने पर सभी सांसद अस्पताल के गेट पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान वांगचुक की पत्नी गीतांजलि भी वहां पहुंचीं। गीतांजलि ने कहा कि सोनम ने सरकार को चिट्ठी लिखी है, जिसमें अपनी शर्तें और मांगें बताई हैं। सरकार को ये मांगें मान लेनी चाहिए।

    करीब एक घंटे तक हंगामा चलने के बाद वांगचुक की निगरानी कर रही मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। टीम ने हेल्थ अपडेट दिया और मेडिकल कारणों का हवाला देते हुए कहा कि सिर्फ ब्लड रिलेशन वाले ही मरीज से मिल सकते हैं। इसके बाद सांसद वहां से चले गए। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार वांगचुक को अनशन तोड़ने नहीं देना चाहती, उन्हें मारना चाहती है।

    वांगचुक ने सरकार के सामने रखीं ये शर्तें

    वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में उन्होंने सरकार की पहल का आभार जताया और कहा कि उनकी तीन मुख्य मांगें हैं। पहली यह कि पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। दूसरी मांग जवाबदेही तय करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा हो। तीसरी मांग है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार किया जाए।

    वांगचुक ने अनशन तोड़ने की शर्त भी रखी। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई 2026 को हुआ ‘चलो संसद’ मार्च पुलिस की कार्रवाई के बावजूद शांतिपूर्ण रहा। प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी केस या उत्पीड़न जैसी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, इस आश्वासन के बाद वे अनशन खत्म कर देंगे।

    मेदांता ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन

    मेदांता अस्पताल प्रबंधन ने बुधवार शाम हेल्थ बुलेटिन जारी किया। इसमें बताया गया कि वांगचुक को आईसीयू में रखा गया है।
    उनका इलाज मल्टी-डिसिप्लिनरी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और वे पूरी तरह होश में हैं। उनका हर इलाज उनकी सहमति से किया जा रहा है।

  • धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, छात्रों पर कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री माफी मांगें : राहुल गांधी

    धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, छात्रों पर कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री माफी मांगें : राहुल गांधी


    नई दिल्ली।
    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने, पेपर लीक मामलों पर जवाबदेही तय न करने और छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 152 से अधिक प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से छात्रों से माफी की मांग की।

    राहुल गांधी ने यहां कांग्रेस नए मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में 20 जुलाई को छात्रों के ‘संसद चलो’ मार्च और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और प्रस्तुति दिखाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस और सुरक्षाबलों ने बर्बर कार्रवाई की। छात्रों को पीटा गया, घसीटा गया और उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपनाया गया।

    राहुल गांधी ने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और सरकार छात्रों की समस्याओं के प्रति बिल्कुल संवेदनशील नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक, परीक्षाओं में अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी ने करोड़ों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है। इसके बावजूद किसी भी बड़े मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली।

    राहुल गांधी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में 152 से अधिक प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। इन घटनाओं का सीधा असर 7.5 करोड़ छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में भी अब तक किसी को प्रभावी सजा नहीं मिली और सरकार लगातार जवाबदेही से बच रही है।

    उन्होंने कहा कि देश के परिवार अपने बच्चों की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं पर भारी आर्थिक बोझ उठा रहे हैं। राहुल गांधी के अनुसार, भारत सरकार का वार्षिक शिक्षा बजट लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि भारतीय परिवार केवल नीट परीक्षा की तैयारी और उससे जुड़े खर्चों पर लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में विफल रही है।

    राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया गया है। शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में भ्रष्टाचार तथा अनियमितताओं ने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों को न्याय दिलाने के लिए धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना चाहिए।

    राहुल गांधी ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों पर बल प्रयोग और कथित बर्बरता के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

    राहुल गांधी ने 20 और 21 जुलाई को छात्रों के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्र केवल निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। सरकार उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च के दौरान जब पुलिस उन्हें हटाने आई तो उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। उन्हें घसीटा गया, जिससे उनके मुंह से खून निकला और उन्हें चोटें आईं। व्यक्तिगत चोट का मुद्दा महत्वपूर्ण नहीं है लेकिन छात्रों के भविष्य का सवाल सबसे बड़ा मुद्दा है।

    राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के मुद्दों को देशभर में उठाती रहेगी और पेपर लीक, भर्ती घोटालों, शिक्षा की बढ़ती लागत तथा युवाओं की बेरोजगारी जैसे विषयों पर सरकार को जवाबदेह बनाने का अभियान जारी रखेगी।

  • जंतर-मंतर पर देर रात बवाल: प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प, हालात काबू करने के लिए छोड़े गए आंसू गैस के गोले

    जंतर-मंतर पर देर रात बवाल: प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प, हालात काबू करने के लिए छोड़े गए आंसू गैस के गोले


    नई दिल्ली।
    राजधानी के जंतर-मंतर पर देर रात प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प के बाद स्थिति बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को मोर्चा संभालना पड़ा। हालात नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई।

    पुलिस पर डंडे छीनने की कोशिश का आरोप

    स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और आरएएफ के जवान मौके पर पहुंच गए। पुलिस का आरोप है कि उग्र प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों से डंडे छीनने का प्रयास किया, जिसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए।

    आंसू गैस छोड़कर भीड़ को हटाया गया

    बढ़ते तनाव को देखते हुए आरएएफ ने आंसू गैस के गोले दागकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से इलाके में स्थिति को नियंत्रित किया गया।

    एसीपी घायल, सुरक्षा बढ़ाई गई

    झड़प के दौरान एक एसीपी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

    फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।