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  • डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

    डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

     मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक गंभीर और हिंसक घटना का रूप ले लिया। पिछोर तिराहा इलाके में पारिवारिक कलह के दौरान हुए झगड़े में एक महिला पर अपने पति और ससुर पर खौलता हुआ पानी फेंकने का आरोप लगा है। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार पीड़ित पति लंबे समय से नशे की आदत और पारिवारिक विवादों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति में था। परिवार में आए दिन होने वाले झगड़ों के चलते स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। घटना वाले दिन भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए मायके पक्ष को बुलाया गया था, लेकिन समझौता होने के बजाय विवाद और बढ़ गया।

    बताया जा रहा है कि इसी दौरान रसोई में रखा उबलता पानी विवाद का केंद्र बन गया और गुस्से में महिला ने उसे पति और ससुर पर फेंक दिया। इस हमले में दोनों को गंभीर जलन की चोटें आईं, जिनमें पति की स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार घटना अचानक हुई और किसी को भी इस तरह की हिंसा की उम्मीद नहीं थी। झुलसे हुए दोनों व्यक्तियों का अस्पताल में इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जलने की चोटें गंभीर हैं और उपचार में समय लग सकता है।

    घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि हमले के बाद घर से कुछ कीमती सामान और नकदी भी गायब हो गई। इस पूरे मामले ने स्थानीय क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग पारिवारिक विवाद के इस खतरनाक रूप को लेकर चिंतित हैं।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे घरेलू विवाद से जुड़ी गंभीर हिंसा का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • TVF के कंटेंट पर नीरज घेवान ने उठाए प्रतिनिधित्व के सवाल पंचायत सीरीज को लेकर कही बड़ी बात

    TVF के कंटेंट पर नीरज घेवान ने उठाए प्रतिनिधित्व के सवाल पंचायत सीरीज को लेकर कही बड़ी बात


    नई दिल्ली। लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत और अन्य चर्चित शोज के लिए मशहूर TVF एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कोई नई सीरीज नहीं बल्कि फिल्म निर्देशक नीरज घेवान का बयान है। मसान और होमबाउंड जैसी फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले नीरज घेवान ने TVF के कंटेंट की तारीफ करते हुए भी उसके सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका मानना है कि गांवों की पृष्ठभूमि पर आधारित इन कहानियों में समाज के सभी वर्गों को पर्याप्त जगह नहीं मिलती।

    एक पॉडकास्ट के दौरान नीरज घेवान ने कहा कि TVF ने कई बेहतरीन और यादगार शोज बनाए हैं जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की कमी महसूस होती है कि इन शोज में निम्न जाति और मुस्लिम समुदाय के किरदार लगभग दिखाई नहीं देते। उनके अनुसार जब किसी कहानी को गांव की वास्तविक तस्वीर के रूप में पेश किया जाता है तब उसमें समाज के अलग अलग वर्गों का प्रतिनिधित्व भी दिखाई देना चाहिए।

    नीरज घेवान ने यह भी कहा कि TVF की स्थापना और उसके कई प्रमुख रचनाकार ऐसे लोगों में शामिल हैं जिन्होंने देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई की है। ऐसे में उनके कंधों पर समाज की विविधता को संतुलित ढंग से प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी भी अधिक होती है। उनका कहना था कि यदि किसी गांव की कहानी दिखाई जा रही है तो वहां केवल एक ही सामाजिक वर्ग के लोगों को दिखाना वास्तविकता की पूरी तस्वीर पेश नहीं करता।

    उन्होंने खास तौर पर पंचायत सीरीज का जिक्र करते हुए कहा कि यदि किसी शो को गांव की सबसे प्रामाणिक कहानी बताया जाता है तो उसमें अलग अलग समुदायों और सामाजिक समूहों की मौजूदगी भी नजर आनी चाहिए। उनके अनुसार भारतीय गांवों की सामाजिक संरचना काफी विविध है और उसे उसी रूप में दिखाया जाना चाहिए।

    पंचायत TVF की सबसे सफल वेब सीरीज में गिनी जाती है। इसके अब तक चार सीजन रिलीज हो चुके हैं और हर सीजन को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है। सोशल मीडिया पर भी इस सीरीज के कई किरदार और संवाद बेहद लोकप्रिय रहे हैं। यही वजह है कि पंचायत का एक अलग दर्शक वर्ग तैयार हो चुका है। इसी दुनिया से जुड़ी नई वेब सीरीज ग्राम चिकित्सालय भी जल्द दर्शकों के सामने आने वाली है।

    फिलहाल TVF की ओर से नीरज घेवान के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिनिधित्व और कहानी कहने के तरीके को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। एक वर्ग नीरज की बात का समर्थन कर रहा है तो वहीं कई दर्शकों का मानना है कि किसी भी रचनाकार को अपनी कहानी और पात्रों का चयन करने की स्वतंत्रता होती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर TVF या पंचायत की टीम कोई प्रतिक्रिया देती है या नहीं।

  • मध्य प्रदेश की सियासत में बयान से बवाल, RSS बनाम प्रशासनिक तटस्थता पर गरमाई बहस, कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

    मध्य प्रदेश की सियासत में बयान से बवाल, RSS बनाम प्रशासनिक तटस्थता पर गरमाई बहस, कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

    मध्य प्रदेश: में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। बयान में उन्होंने प्रशासनिक तंत्र में अधिकारियों के स्वयं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जोड़ने की प्रवृत्ति का उल्लेख किया था, जिसके बाद प्रदेश में सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इस बयान को गंभीर संवैधानिक मुद्दा बताते हुए प्रशासनिक निष्पक्षता और तटस्थता पर सवाल खड़े किए हैं।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि प्रशासनिक ढांचे में किसी संगठन विशेष से जुड़ाव की प्रवृत्ति बढ़ रही है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने इसे भारतीय प्रशासनिक सेवा की निष्पक्षता से जोड़ते हुए कहा कि संविधान हर अधिकारी से अपेक्षा करता है कि वह किसी वैचारिक या राजनीतिक संगठन के बजाय केवल संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठावान रहे।

    कांग्रेस की ओर से यह भी मांग उठाई गई कि इस बयान को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा जाए और संवैधानिक संस्थाओं को इसकी जांच करनी चाहिए कि प्रशासनिक व्यवस्था में किसी प्रकार का वैचारिक प्रभाव तो नहीं बढ़ रहा है। इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है और विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है।

    वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि प्रशासनिक तंत्र में वैचारिक प्रभाव की चर्चा पहले से होती रही है। उन्होंने इसे सरकार और संगठन के लंबे समय से जुड़े रहने का परिणाम बताया और आरोप लगाया कि कई बार अवसरवादी तत्व व्यवस्था में जगह बना लेते हैं, जिससे प्रशासनिक संतुलन प्रभावित होता है।

    बीजेपी की ओर से इस विवाद पर अलग रुख अपनाया गया है। पार्टी नेता डॉ. हितेश बाजपेयी ने कहा कि मंत्री के बयान को सतही तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक एक ही वैचारिक ढांचे के साथ सरकार चलने पर कुछ लोग अवसरवादी तरीके से व्यवस्था में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे संगठनात्मक चुनौतियां उत्पन्न होती हैं। बीजेपी ने स्पष्ट किया कि बयान का आशय किसी संस्था पर सीधा आरोप नहीं था, बल्कि प्रशासनिक और वैचारिक संतुलन की आवश्यकता की ओर संकेत था।

    इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां एक तरफ प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बयान की व्याख्या को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि विपक्ष इसे संवैधानिक विमर्श के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

  • जबलपुर में नकली DAP खाद बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, घर के अंदर चल रहा था अवैध कारोबार, नामचीन कंपनी के नाम पर बिक्री की थी तैयारी

    जबलपुर में नकली DAP खाद बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, घर के अंदर चल रहा था अवैध कारोबार, नामचीन कंपनी के नाम पर बिक्री की थी तैयारी

    मध्यप्रदेश: के जबलपुर जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली डीएपी खाद बनाने के एक अवैध कारोबार का खुलासा किया है। यह पूरा मामला पाटन क्षेत्र के ग्राम करौंदी का है, जहां एक घर के भीतर ही गुपचुप तरीके से नकली खाद तैयार की जा रही थी। छापेमारी के बाद सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित कर रहा था और किसानों तक घटिया गुणवत्ता की खाद पहुंचाने की योजना बना रहा था।

    कृषि विभाग की टीम को इस संबंध में पहले से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर अचानक मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को घर के अंदर भारी मात्रा में नकली डीएपी खाद और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा कई प्रकार के रसायन और पैकिंग से जुड़े उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से नामचीन कंपनी के ब्रांडेड बैग की नकल तैयार करता था और उन्हीं में नकली खाद को पैक कर बाजार में सप्लाई करने की योजना बना रहा था। इसका उद्देश्य किसानों को असली खाद बताकर अधिक कीमत पर बेचना था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस तरह की गतिविधि लंबे समय से चल रही थी और धीरे-धीरे इसका नेटवर्क भी फैलाया जा रहा था।

    कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार खरीफ सीजन के दौरान डीएपी खाद की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। किसान अपनी फसलों की बुवाई के लिए खाद पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में मिलावटी या नकली खाद उनकी फसल और आर्थिक स्थिति दोनों पर गंभीर असर डाल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग लगातार निगरानी और जांच अभियान चला रहा है।

    छापेमारी के दौरान जब्त किए गए सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तैयार की जा रही खाद की गुणवत्ता कैसी थी और इसमें किन-किन रसायनों का उपयोग किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और सख्त की जाएगी।

    इस मामले में उर्वरक नियंत्रण आदेश और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस भी इस बात की जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और क्या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ है।

    कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय केवल अधिकृत विक्रेताओं और प्रमाणित स्रोतों से ही सामग्री लें। साथ ही किसी भी संदिग्ध पैकेजिंग या कम कीमत वाले उत्पादों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • नंबर ब्लॉक करने से भड़का युवक गर्लफ्रेंड को जबरन कार में बैठाया रास्ते में चाकू से हमला फिर धमाके में जिंदा जला

    नंबर ब्लॉक करने से भड़का युवक गर्लफ्रेंड को जबरन कार में बैठाया रास्ते में चाकू से हमला फिर धमाके में जिंदा जला


    नई दिल्ली। कर्नाटक के तुमकुरु जिले से रिश्तों में अविश्वास और जुनूनी सोच का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार ब्रेकअप से नाराज एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका का कथित तौर पर अपहरण कर लिया और उसे जबरन कैब में बैठाकर बेंगलुरु से अंकोला की ओर ले जाने लगा। रास्ते में युवक ने महिला को जान से मारने की धमकी दी और फिर खुद भी आत्महत्या करने की बात कही। कुछ देर बाद कार में जोरदार धमाका हुआ जिसमें युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि महिला और कैब चालक घायल हो गए।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 30 वर्षीय नागेंद्र के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि नागेंद्र और महिला पहले रिलेशनशिप में थे लेकिन कुछ समय पहले दोनों का ब्रेकअप हो गया था। महिला ने उससे दूरी बनाने के लिए उसका मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर शनिवार सुबह नागेंद्र महिला के बेंगलुरु स्थित किराए के घर पहुंचा जहां दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद उसने महिला को जबरन कैब में बैठाया और वहां से निकल गया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद महिला के परिजनों ने तुरंत पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू ही की थी कि कुछ समय बाद तुमकुरु जिले के जोगिहल्ली इलाके से कार में धमाके और आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि कार पूरी तरह जल चुकी थी। महिला और कैब चालक घायल अवस्था में बाहर मिले जबकि नागेंद्र कार के भीतर फंसा रह गया और उसकी मौत हो गई।

    जांच में घायल महिला ने पुलिस को बताया कि रास्ते भर नागेंद्र उसे धमकाता रहा। उसने कहा कि पहले वह उसे मार देगा और फिर खुद भी अपनी जान दे देगा। आरोप है कि सफर के दौरान उसने महिला पर चाकू से हमला भी किया। जब कैब जोगिहल्ली के पास पहुंची तो चालक ने वाहन रोक दिया। इसी दौरान महिला किसी तरह कार का दरवाजा खोलकर बाहर निकलने में सफल रही। कुछ ही क्षण बाद कार में तेज धमाका हुआ और वाहन आग की लपटों में घिर गया।

    पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी अपने साथ विस्फोटक सामग्री लेकर आया था। घटनास्थल से विस्फोटक जैसी वस्तु मिलने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि धमाके की असली वजह क्या थी और विस्फोटक किस प्रकार का था इसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

    तुमकुरु पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी विस्फोटक कहां से लेकर आया और उसका उद्देश्य क्या था। फिलहाल घायल महिला और कैब चालक का अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि रिश्तों में अस्वीकार किए जाने के बाद हिंसक व्यवहार कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है।

  • घर में धार्मिक ग्रंथ रखने से पहले जान लें वास्तु के ये अहम नियम सही दिशा बदल सकती है जीवन की सकारात्मक ऊर्जा

    घर में धार्मिक ग्रंथ रखने से पहले जान लें वास्तु के ये अहम नियम सही दिशा बदल सकती है जीवन की सकारात्मक ऊर्जा


    नई दिल्ली। सनातन परंपरा में रामायण भगवत गीता हनुमान चालीसा और अन्य धार्मिक ग्रंथों को केवल पुस्तक नहीं बल्कि आस्था और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इन्हें घर में सम्मानपूर्वक रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि इन पवित्र ग्रंथों को सही दिशा और उचित स्थान पर रखा जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और परिवार के सदस्यों के जीवन में सुख शांति तथा समृद्धि का वास होता है।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार धार्मिक ग्रंथों को रखने के लिए घर की पूर्व दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। पूर्व दिशा को ज्ञान प्रकाश और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है क्योंकि इसी दिशा से सूर्य का उदय होता है। वहीं यदि घर में पूजा का स्थान बनाया गया है तो उसका सबसे उपयुक्त स्थान ईशान कोण यानी उत्तर पूर्व दिशा माना जाता है। ऐसे में धार्मिक पुस्तकों को भी पूजा स्थल के आसपास सम्मानपूर्वक रखना शुभ माना जाता है।

    धार्मिक ग्रंथों को रखते समय इस बात का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें भगवान की मूर्ति या तस्वीर के बाईं ओर रखा जाए। कई लोग सुविधा के लिए इन्हें मंदिर की शेल्फ या मंदिर के ऊपर रख देते हैं लेकिन वास्तु के अनुसार ऐसा करना उचित नहीं माना जाता। इन पुस्तकों के लिए अलग स्थान या अलग शेल्फ बनाना अधिक शुभ माना जाता है ताकि उनका सम्मान बना रहे।

    वास्तु शास्त्र यह भी कहता है कि धार्मिक ग्रंथों को कभी भी ऐसी जगह नहीं रखना चाहिए जहां गंदगी रहती हो या जहां उनका अनादर होने की संभावना हो। बेडरूम में भी इन पवित्र पुस्तकों को रखने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी कारण से इन्हें दूसरे कमरे में रखना पड़े तो साफ सुथरी और शांत जगह का चयन करना चाहिए।

    एक और महत्वपूर्ण नियम यह है कि धार्मिक पुस्तकों को एक दूसरे के ऊपर ढेर बनाकर नहीं रखना चाहिए। प्रत्येक पुस्तक को अलग स्थान देना चाहिए ताकि उनका सम्मान बना रहे। साथ ही इन पुस्तकों को खड़ी अवस्था में रखने के बजाय समतल स्थिति में रखना बेहतर माना जाता है।

    धार्मिक ग्रंथों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें लाल या पीले रंग के स्वच्छ कपड़े में लपेटकर रखने की परंपरा भी बताई गई है। लाल और पीला रंग शुभता तथा आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वहीं काले या नीले रंग के कपड़े में धार्मिक ग्रंथों को रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

    इन छोटे छोटे वास्तु नियमों का पालन करने से न केवल धार्मिक ग्रंथों का सम्मान बना रहता है बल्कि घर का वातावरण भी सकारात्मक और शांत बना रहता है। हालांकि इन मान्यताओं का आधार धार्मिक और पारंपरिक विश्वास हैं। इनका पालन व्यक्ति अपनी आस्था और श्रद्धा के अनुसार कर सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पवित्र ग्रंथों को हमेशा स्वच्छता सम्मान और श्रद्धा के साथ रखा जाए क्योंकि यही उनकी वास्तविक मर्यादा मानी जाती है।

  • रिश्ते पर शक ने छीनी दो जिंदगियां छह माह की गर्भवती पत्नी की पानी में डुबोकर हत्या का सनसनीखेज मामला

    रिश्ते पर शक ने छीनी दो जिंदगियां छह माह की गर्भवती पत्नी की पानी में डुबोकर हत्या का सनसनीखेज मामला


    नई दिल्ली। फरीदाबाद से सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले ने घरेलू हिंसा और रिश्तों में अविश्वास की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है। पुलिस के अनुसार 23 वर्षीय छह माह की गर्भवती महिला की कथित तौर पर उसके पति ने हत्या कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी पर लगातार शक करता था और इसी वजह से उसे रोजाना कई घंटों तक घर के अंदर बंद रखता था। घटना के बाद आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अमित गुप्ता दिल्ली के लाजपत नगर स्थित एक निजी कंपनी में ग्राफिक डिजाइनर के रूप में काम करता था। वह रोज सुबह काम पर निकलने से पहले घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर देता था और शाम को लौटकर ही उसे खोलता था। इस दौरान उसकी पत्नी नेहा कुमारी पूरे दिन घर के अंदर अकेली रहती थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को संदेह था कि उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध है और इसी शक के कारण वह उसे किसी से मिलने तक नहीं देता था।

    परिवार के लोगों और पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि नेहा लंबे समय से इस तरह की प्रताड़ना झेल रही थी। उसे अकेले बाजार जाने की भी अनुमति नहीं थी और वह अधिकतर समय घर में कैद जैसी जिंदगी बिताने को मजबूर थी। पड़ोसियों ने पुष्टि की कि महिला अक्सर पूरे दिन घर के अंदर बंद रहती थी और बाहर बहुत कम दिखाई देती थी। इसके बावजूद उसने कभी खुलकर अपने साथ हो रही प्रताड़ना का विरोध नहीं किया।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पिछले कुछ दिनों से नौकरी पर जाना बंद कर दिया था। इसी बात को लेकर पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था। अधिकारियों के अनुसार इसी विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपनी गर्भवती पत्नी का सिर पानी से भरी बाल्टी में डुबो दिया जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि महिला के पिता ने अपनी बेटी और दामाद के लिए जमीन खरीदकर घर बनवाया था। हालांकि जमीन का पंजीकरण आरोपी के नाम पर कराया गया था। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    महिला के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और मजबूत होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरेलू हिंसा और संदेह जैसी मानसिकता किस तरह पूरे परिवार को बर्बाद कर सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • गांव से निकले युवा की प्रेरक उड़ान सीमित संसाधनों से शुरू किया सफर आज 285 करोड़ के कारोबार के मालिक

    गांव से निकले युवा की प्रेरक उड़ान सीमित संसाधनों से शुरू किया सफर आज 285 करोड़ के कारोबार के मालिक


    नई दिल्ली । सफलता केवल बड़े संसाधनों या ऊंची डिग्रियों की मोहताज नहीं होती बल्कि मजबूत इरादे कठिन मेहनत और कभी हार न मानने वाले जज्बे से भी बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के छोटे से गांव सपनावत से निकलकर राजीव कुमार गुप्ता ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो साधारण शुरुआत भी असाधारण सफलता में बदल सकती है। आज वह थर्मोकूल होम अप्लायंसेज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और उनकी कंपनी का सालाना कारोबार करीब 285 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

    राजीव कुमार गुप्ता का जन्म एक साधारण ग्रामीण परिवार में हुआ जहां आर्थिक संसाधन सीमित थे। उनके पिता किराना दुकान चलाते थे और बचपन से ही राजीव परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाने लगे थे। कई बार ऐसे हालात भी आए जब उनकी जेब में खर्च करने तक के पैसे नहीं होते थे लेकिन उन्होंने कठिनाइयों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने इन्हीं परिस्थितियों से संघर्ष करना सीखा और आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

    चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके मन में ऐसा कारोबार शुरू करने का विचार आया जो भारतीय परिवारों को बेहतर गुणवत्ता वाले और किफायती घरेलू उपकरण उपलब्ध करा सके। उस समय देश का उपभोक्ता बाजार तेजी से बदल रहा था और इसी अवसर को पहचानते हुए उन्होंने वर्ष 1992 में गाजियाबाद से थर्मोकूल की शुरुआत की।

    कारोबार शुरू करना आसान नहीं था क्योंकि बाजार में पहले से कई बड़े और स्थापित ब्रांड मौजूद थे। उनके पास मजबूत डीलर नेटवर्क बड़ा निवेश और व्यापक बाजार था जबकि राजीव के पास सीमित पूंजी और सीमित संसाधन थे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने उत्पादों की गुणवत्ता तथा ग्राहकों के विश्वास को सबसे बड़ी ताकत बनाया। उनका मानना था कि यदि ग्राहक को उचित कीमत पर भरोसेमंद उत्पाद मिलेगा तो वह स्वयं ब्रांड को आगे बढ़ाएगा।

    शुरुआत एयर कूलर और पंखों के निर्माण से हुई लेकिन समय के साथ कंपनी ने अपने उत्पादों का लगातार विस्तार किया। आज थर्मोकूल वॉशिंग मशीन गीजर रेफ्रिजरेटर एलईडी टीवी और कई तरह के किचन अप्लायंसेज का निर्माण कर रही है। कंपनी ने उत्तर प्रदेश बिहार राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के शहरी और अर्ध शहरी बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

    आज कंपनी का सालाना कारोबार लगभग 285 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यह उपलब्धि केवल व्यावसायिक सफलता नहीं बल्कि उस सोच का परिणाम है जिसमें मेहनत ईमानदारी गुणवत्ता और ग्राहकों के विश्वास को सबसे अधिक महत्व दिया गया। कंपनी आने वाले वर्षों में भारतीय होम अप्लायंसेज बाजार में अपनी हिस्सेदारी को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

    राजीव कुमार गुप्ता की सफलता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के कारण अपने सपनों को अधूरा मान लेते हैं। उनका सफर यह संदेश देता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों यदि संकल्प मजबूत हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है।

  • भूकंप के झटकों से उबर नहीं पा रहा बेनेजुएला… आज भी आया 5.6 तीव्रता का भूकंप, अब तक 1430 मौतें

    भूकंप के झटकों से उबर नहीं पा रहा बेनेजुएला… आज भी आया 5.6 तीव्रता का भूकंप, अब तक 1430 मौतें


    कराकस।
    वेनेजुएला (Venezuela) भूकंप (Earthquake) के झटकों से उबरता नहीं दिख रहा. बीते बुधवार को आए दो विनाशकारी भूकंप (Two devastating Earthquakes) के झटकों के बाद अब भी वेनेजुएला में भूकंप के झटके आ रहे हैं. शनिवार के बाद अब आज रविवार को भी वेनेजुएला में भूकंप के झटके महसूस किए गए. इससे लोग दहशत में आ गए. इधर बुधवार को आए दो विनाशकारी भूंकप के कारण वेनेजुएला में हजारों लोगों की मौत होने की बात कही जा रही है. आधिकारिक रूप से अभी तक 1430 लोगों की मौत का आंकड़ा सामने आया है. हजारों लोग घायल है. हजारों लापता बताए जा रहे हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।

    नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने शनिवार को बताया कि बुधवार को आए भूकंप से अभी तक 1,430 लोग मारे गए और 3,238 लोग घायल हुए>


    आज वेनेजुएला में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया

    रविवार सुबह वेनेजुएला में 5.6 की तीव्रता का भूकंप आया. शुरुआती जानकारी के अनुसार 5.6 तीव्रता का यह भूकंप वेनेजुएला के एल लिमोन से लगभग 30 किमी दूर उत्तर पूर्व में आया. स्थानीय समय 3 बजकर 20 मिनट पर भूंकप आया है. इससे पहले शनिवार सुबह वेनेजुएला में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था।

    वेनेजुएला की भूकंप अनुसंधान संस्था (फनविसिस) ने बताया कि देश के मध्य हिस्से में 4.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया. यह भूकंप ऐसे समय आया है जब लोग इस हफ्ते की शुरुआत में आए दो बड़े और विनाशकारी भूकंपों के बाद पहले से ही डरे हुए हैं।

    बुधवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद इस शहर को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया था, क्योंकि यहां काफी नुकसान हुआ था. अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को आया भूकंप जमीन से सिर्फ पांच किलोमीटर नीचे था. इतनी कम गहराई वाले भूकंप अक्सर ज्यादा तेज महसूस होते हैं और इमारतों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।

    काराकस और आसपास के इलाकों के लोगों ने भी झटके महसूस किए. कई लोग डर के कारण इमारतों से बाहर निकल आए, क्योंकि उन्हें और नुकसान होने या इमारतें गिरने का डर था. यह भूकंप बुधवार को आए दो बड़े भूकंपों के कुछ ही दिन बाद आया, जिनसे कई जगह भारी तबाही हुई थी. कई इमारतें गिर गईं, भूस्खलन हुआ और लोगों की मौत भी हुई.

  • Ind vs Ire : दूसरा T-20 आज… प्लेइंग-11 में संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका

    Ind vs Ire : दूसरा T-20 आज… प्लेइंग-11 में संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका


    बेलफास्ट।
    आयरलैंड (Ireland) के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल (First T20 International) में मिली 34 रनों की हार के बाद भारतीय टीम (Indian team) आज (28 जून) दूसरे एवं आखिरी मुकाबले में सीरीज बराबर करने के इरादे से उतरेगी. यह मुकाबला बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में भारतीय समयानुसार शाम 6 बजे से खेला जाएगा।

    यह पहली बार था, जब आयरलैंड ने किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम को हराया. अब कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली युवा भारतीय टीम के सामने सम्मान बचाने की चुनौती होगी. पहले मैच में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी. शीर्ष क्रम बड़ी साझेदारियां नहीं कर सका और टीम 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 148 रनों पर सिमट गई।

    ऐसे में दूसरे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. इस मैच से पहले सबसे बड़ी चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को लेकर है. पहले टी20 में उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला था, लेकिन हार के बाद टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकता है. वैभव को संजू सैमसन (Sanju Samson) के स्थान पर मौका मिल सकता है. संजू को इस मुकाबले में रेस्ट दिया जा सकता है. ऐसे में ईशान किशन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।


    इन दो खिलाड़ियों का भी हो सकता है डेब्यू

    दूसरी ओर, टीम मैनेजमेंट वॉशिंगटन सुंदर को दूसरे टी20 से बाहर रख सकता है. अगर ऐसा होता है तो भारत स्पिनर रवि बिश्नोई या ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे के साथ उतर सकता है. शेडगे ने अब तक अपना इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है. पहले टी20 मुकाबले में सुंदर गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में ही नाकाम रहे थे. गेंदबाजी में सुंदर ने एक ओवर में ही 19 रन दे दिए. वो बल्लेबाजी के दौरान भी महज 9 रन बनाकर आउट हो गए.

    इसके अलावा तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की प्लेइंग-11 से छुट्टी हो सकती है. प्रसिद्ध ने पहले मुकाबले में 57 रन लुटाए थे. कृष्णा की जगह प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है. प्रिंस ने अब तक अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है.

    कुल मिलाकर क्रिकेट फैन्स बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि क्या इस मुकाबले में वैभव भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करेंगे? हालांकि, पूरी पिक्चर टॉस के बाद ही साफ होगी.

    भारत को गेंदबाजी में भी सुधार करना होगा. पहले मुकाबले में आयरलैंड के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में तेजी से रन बटोरे, जिससे मेजबान टीम मजबूत स्कोर तक पहुंचने में सफल रही. दूसरी ओर, आयरलैंड जीत की लय बरकरार रखते हुए पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतना चाहेगा.

    बेलफास्ट के मैदान पर होने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है. भारत के लिए यह सीरीज बचाने का मैच है, जबकि आयरलैंड के पास ऐतिहासिक सीरीज जीत दर्ज करने का सुनहरा मौका होगा. अभी आयरलैंड 1-0 से सीरीज में बढ़त बनाया हुआ है.


    मुकाबले में भारत की संभावित प्लेइंग-11:
    अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई/सूर्यांश शेडगे, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव.


    मुकाबले में आयरलैंड की संभावित प्लेइंग-11: टिम टेक्टर,
    रॉस एडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (विकेटकीपर/कप्तान), बेंजामिन कैलिट्ज, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, लियाम मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज, जय मूंदरा और मैथ्यू हॉलार्ड.