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  • ‘आरक्षण कोई खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार’, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले चिराग पासवान

    ‘आरक्षण कोई खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार’, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले चिराग पासवान


    पटना। जंतर-मंतर पर आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। पटना एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई खैरात नहीं, बल्कि संविधान से मिला अधिकार है। इसे किसी के कहने या मांग करने भर से खत्म नहीं किया जा सकता।

    चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य उन सामाजिक वर्गों को आगे लाना है, जिन्हें लंबे समय तक भेदभाव और वंचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान में इन वर्गों को चिन्हित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने और समान अवसर देने के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया।

    ‘आज भी भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं’

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समाज में आज भी भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में आरक्षण की जरूरत और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों की चिंताओं को भी सुने जाने की बात कही।

    चिराग ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी समस्या का समाधान बातचीत और संवाद के जरिए निकाला जा सकता है। प्रदर्शनकारियों के साथ बैठकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि आरक्षण की जरूरत और इसके पीछे के उद्देश्य को लेकर बातचीत हो सके।

    ‘प्रदर्शनकारियों की बात सुनी जानी चाहिए’

    रामदास अठावले के बयान से जुड़े सवाल पर भी चिराग पासवान ने कहा कि प्रदर्शन करने वालों की बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद बेहद जरूरी है और बातचीत के जरिए ही विवादों का समाधान निकाला जा सकता है।

    बिहार की आर्थिक स्थिति पर तेजस्वी को घेरा

    चिराग पासवान ने बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर तेजस्वी यादव के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष को आंकड़ों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए थी। विपक्ष की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि राज्य को आगे बढ़ाने में सरकार के साथ मिलकर भूमिका निभाना भी है।

    उन्होंने कहा कि बिहार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार राजस्व बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया जाएगा।

    ‘डबल इंजन सरकार से बिहार को फायदा’

    चिराग पासवान ने केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार को बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के मिलकर काम करने से राज्य को फायदा होगा। सरकार का लक्ष्य विकास को गति देने के साथ निवेश बढ़ाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

  • पैरों में लगातार क्रैंप और कमजोरी शरीर में पोटैशियम की कमी का संकेत हो सकती है, जानिए लक्षणों से जांच और खानपान का सही तरीका

    पैरों में लगातार क्रैंप और कमजोरी शरीर में पोटैशियम की कमी का संकेत हो सकती है, जानिए लक्षणों से जांच और खानपान का सही तरीका

    नई दिल्ली । मांसपेशियों में बार-बार ऐंठन, पैरों में कमजोरी और बिना ज्यादा मेहनत के थकान महसूस होना आम समस्या लग सकती है, लेकिन कुछ मामलों में इसके पीछे शरीर में पोटैशियम का असंतुलन भी जिम्मेदार हो सकता है। पोटैशियम शरीर के लिए आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट है, जो नसों के सामान्य कामकाज, मांसपेशियों के संकुचन और शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि केवल लक्षणों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी व्यक्ति में पोटैशियम की कमी है।

    पोटैशियम का स्तर शरीर में एक निश्चित सीमा के भीतर रहना जरूरी होता है। इसकी मात्रा बहुत कम होने के साथ-साथ बहुत अधिक होना भी स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए किसी भी तरह के सप्लीमेंट का इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय सलाह के करना उचित नहीं माना जाता। खासकर ऐसे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए जिन्हें पहले से कोई बीमारी है या जो नियमित रूप से कुछ दवाएं लेते हैं।

    पोटैशियम की कमी होने पर कुछ लोगों में मांसपेशियों की कमजोरी और ऐंठन दिखाई दे सकती है। पैरों में अचानक तेज क्रैंप पड़ना, सामान्य गतिविधियों के दौरान मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना या शरीर में असामान्य थकान जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। लेकिन इन समस्याओं के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना, अत्यधिक व्यायाम, शरीर में पानी की कमी या दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन भी मांसपेशियों में ऐंठन पैदा कर सकता है।

    लगातार कमजोरी को भी केवल पोटैशियम की कमी से जोड़ना सही नहीं है। पर्याप्त नींद न मिलना, तनाव, खून की कमी, पोषण संबंधी कमियां और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं थकान का कारण बन सकती हैं। इसलिए यदि कमजोरी लगातार बनी हुई है, बढ़ रही है या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगे हैं तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

    गर्मी के मौसम में लंबे समय तक पसीना आने या बहुत अधिक शारीरिक मेहनत करने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन प्रभावित हो सकता है। ऐसे समय में अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, मांसपेशियों में ऐंठन या अस्वस्थ महसूस होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पर्याप्त तरल पदार्थ और संतुलित भोजन सामान्य परिस्थितियों में शरीर की जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं, लेकिन लगातार समस्या होने पर कारण की जांच जरूरी है।

    पोटैशियम की कमी का पता लगाने के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार रक्त जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। जांच के परिणामों के आधार पर आहार में बदलाव या उपचार की जरूरत तय की जाती है। पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति को कितनी मात्रा की जरूरत है, यह उसकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

    केला पोटैशियम का एक जाना-पहचाना स्रोत है, लेकिन केवल केले को पोटैशियम की कमी का इलाज मानना सही नहीं है। संतुलित भोजन में विभिन्न पोषक तत्वों और खनिजों का पर्याप्त सेवन जरूरी है। यदि जांच में कमी सामने आती है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार आहार और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट की व्यवस्था की जा सकती है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मांसपेशियों में ऐंठन या कमजोरी होने पर खुद से पोटैशियम की गोलियां लेना शुरू न करें। शरीर में पोटैशियम का अत्यधिक बढ़ जाना भी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए बार-बार होने वाले क्रैंप, लगातार कमजोरी या अन्य असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना ही सुरक्षित तरीका है।

  • ‘जेल में इमरान खान को किया जा रहा टॉर्चर…’, बहन उज्मा का दावा, हालत को लेकर जताई चिंता

    ‘जेल में इमरान खान को किया जा रहा टॉर्चर…’, बहन उज्मा का दावा, हालत को लेकर जताई चिंता


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में सेहत और उनके साथ कथित व्यवहार को लेकर उनकी बहन उज्मा खान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उज्मा का दावा है कि इमरान ने उनसे मुलाकात के दौरान कहा कि उनके साथ अन्याय हो रहा है और उन्हें जेल में कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।

    उज्मा के मुताबिक, इमरान ने उनसे कहा कि “मेरे साथ अन्याय हुआ है। मुझे बहुत बुरी तरह टॉर्चर किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि एक डॉक्टर ने इमरान से मुलाकात की और कहा कि लंबे समय से लोगों से संपर्क न होने के कारण उनकी तबीयत प्रभावित हो रही है।

    10 महीने से टीवी और पढ़ने का सामान नहीं
    उज्मा खान ने दावा किया कि इमरान खान के पास पिछले करीब 10 महीनों से पढ़ने के लिए कोई सामग्री या टीवी तक नहीं है। उनके मुताबिक, लंबे समय तक बाहरी दुनिया से संपर्क सीमित रहने का असर उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति पर पड़ रहा है।

    उन्होंने इमरान की आंखों की समस्या को लेकर भी जानकारी दी। उज्मा के अनुसार, इमरान ने उन्हें आंख में बचे हेमरेज का हल्का निशान दिखाया। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि इंजेक्शन से स्थिति में सुधार होगा और एहतियात के तौर पर आगे भी फॉलो-अप इंजेक्शन देने पड़ सकते हैं। उज्मा ने कहा कि इमरान की नजर में पहले की तुलना में सुधार हुआ है, लेकिन वह अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है।

    अस्पताल से जांच के बाद फिर जेल भेजे गए इमरान
    21 अगस्त को इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद उनकी बहनों नोरिन नियाजी और उज्मा खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनकी स्थिति को लेकर जानकारी दी। रिपोर्टों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान को गुरुवार देर रात अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने मेडिकल जांच के बाद उन्हें फिट बताया, जिसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उन्हें दोबारा अदियाला जेल भेज दिया गया।

    सरकार ने क्या कहा?
    पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि इमरान खान को 20 और 21 अगस्त की रात सुरक्षा व्यवस्था के बीच अस्पताल ले जाया गया था। वहां डॉक्टरों की टीम ने उनकी मेडिकल जांच की। इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में गिरफ्तार किया गया था। अब उनकी बहन के आरोपों के बाद जेल में उनकी स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद फिर तेज होने के संकेत हैं।

  • आज किस्मत देगी साथ और किसे रहना होगा सावधान? 23 अगस्त का राशिफल जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    आज किस्मत देगी साथ और किसे रहना होगा सावधान? 23 अगस्त का राशिफल जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल



    नई दिल्ली। मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रह सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आपकी मेहनत वरिष्ठ लोगों की नजर में आ सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को कोई लाभदायक अवसर मिल सकता है। परिवार में किसी सदस्य के साथ चल रही गलतफहमी दूर होने के संकेत हैं। खर्च करते समय बजट का ध्यान रखें और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।

    वृषभ राशि वालों के लिए आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है और व्यापार में किसी पुराने संपर्क से फायदा हो सकता है। नौकरी करने वालों को अपने काम में निरंतरता बनाए रखनी होगी। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य के मामले में खानपान को लेकर लापरवाही न करें।

    मिथुन राशि के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी बातचीत और समझदारी से कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है। नई योजना पर काम शुरू करने से पहले उसके सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझ लें। विद्यार्थियों को पढ़ाई में बेहतर परिणाम के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

    कर्क राशि के जातकों को आज अपने निर्णय सोच समझकर लेने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में किसी व्यक्ति से मतभेद हो सकता है लेकिन शांत रहकर बात करने से स्थिति संभल जाएगी। आर्थिक मामलों में अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। परिवार के किसी बड़े सदस्य की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। मानसिक तनाव कम करने के लिए आराम और सकारात्मक सोच पर ध्यान दें।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों से जुड़ा रह सकता है। आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना हो सकती है और किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने के योग हैं। कारोबारियों को नए सौदे से फायदा मिल सकता है। धन संबंधी मामलों में स्थिति मजबूत हो सकती है। रिश्तों में अहंकार को बीच में न आने दें। किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात मन को खुशी दे सकती है।

    कन्या राशि के लिए आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन इससे भविष्य में लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रह सकती है। किसी पुराने निवेश से उम्मीद के मुताबिक लाभ मिलने की संभावना है। घर में किसी शुभ समाचार से माहौल खुशनुमा हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर नियमित दिनचर्या बनाए रखना फायदेमंद रहेगा।

    तुला राशि के जातकों के लिए आज रिश्तों और काम के बीच संतुलन बनाना जरूरी होगा। नौकरी में किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में साझेदारी से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें। परिवार के साथ किसी यात्रा की योजना बन सकती है। प्रेम जीवन में बातचीत से गलतफहमियां दूर होंगी। आर्थिक मामलों में सोच समझकर खर्च करना बेहतर रहेगा।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। आपकी मेहनत का असर कार्यक्षेत्र में दिखाई देगा। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। हालांकि किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक सुकून मिलेगा।

    धनु राशि के लिए आज नई शुरुआत का दिन हो सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दे सकती है। धन की स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं। यात्रा की योजना बन सकती है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होगी।

    मकर राशि के जातकों को आज काम में अनुशासन और धैर्य बनाए रखना होगा। कोई पुराना काम पूरा होने से राहत मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति संतुलित रहेगी लेकिन बड़े खर्च को कुछ समय के लिए टालना बेहतर होगा। परिवार में किसी सदस्य की सफलता से खुशी मिलेगी। सेहत को लेकर लापरवाही न करें और पर्याप्त आराम लें।

    कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन नए विचारों और अवसरों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी रचनात्मकता की तारीफ होगी। व्यापारियों को नए ग्राहक या नए संपर्क से फायदा मिल सकता है। धन लाभ के योग बन रहे हैं लेकिन साथ ही खर्च भी बढ़ सकते हैं। प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव आएगा। परिवार का सहयोग आपके आत्मविश्वास को मजबूत करेगा।

    मीन राशि के लिए आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। किसी जरूरी काम में थोड़ी देरी हो सकती है लेकिन धैर्य रखने पर परिणाम आपके पक्ष में आ सकते हैं। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी होगी। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। मानसिक शांति के लिए सकारात्मक गतिविधियों पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा।

  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ट्रंप ने बताया ‘अमेरिकी इलाका’, ईरान ने कहा- रुख नहीं बदला तो बंद रहेगा

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ट्रंप ने बताया ‘अमेरिकी इलाका’, ईरान ने कहा- रुख नहीं बदला तो बंद रहेगा


    नई दिल्ली। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रूथ सोशल पर एक मैप शेयर करते हुए होर्मुज को फिर ‘अमेरिकी इलाका’ बताया। दूसरी तरफ ईरान का कहना है कि जब तक वॉशिंगटन अपना रुख नहीं बदलता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने का सवाल नहीं है।

    पहले भी कर चुके हैं होर्मुज को लेकर दावा
    ट्रंप इससे पहले भी होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र बताए जाने की बात कह चुके हैं। उन्होंने 18 अगस्त को भी इसी तरह का मैप शेयर किया था और कहा था कि जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिकी इलाका घोषित किया जाएगा। इससे पहले 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज को अपना क्षेत्र घोषित करेगा।

    ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज किया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेज़ाई ने अमेरिकी दावे पर तंज कसते हुए कहा था कि होर्मुज को दोबारा खोल पाने में अमेरिका की नाकामी और उस पर मालिकाना हक जताने के दावे के बीच की दूरी, वॉशिंगटन और होर्मुज के बीच की दूरी से भी ज्यादा है।

    ईरान पर नए प्रतिबंधों की तैयारी
    ट्रंप का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ईरान के खिलाफ नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। उन्होंने चीन से भी तेहरान के तेल निर्यात को लेकर अमेरिका का सहयोग करने की अपील की है।

    चीन ईरानी तेल का बड़ा खरीदार है। ऐसे में नए अमेरिकी प्रतिबंधों का असर सिर्फ ईरान तक सीमित रहने के बजाय उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर भी पड़ सकता है।

    ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों को बताया गैरकानूनी
    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रस्तावित अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना की है। उनका आरोप है कि अमेरिका अपनी सीमाओं से बाहर भी अपने अधिकार थोपने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सेकेंडरी प्रतिबंधों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है।

    मोहसिन रेज़ाई ने पड़ोसी देशों को भी अमेरिकी आर्थिक अभियान का समर्थन नहीं करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो देश अमेरिका के आर्थिक युद्ध में शामिल होंगे, ईरान उन्हें दुश्मन मानेगा।

    ट्रंप-ईरान के बीच नहीं थमा तनाव
    ट्रंप लगातार दूसरे देशों से ईरान को आर्थिक मदद या व्यापारिक रास्ता उपलब्ध नहीं कराने की अपील कर रहे हैं। उनका जोर इस बात पर है कि तेहरान को अमेरिका के मुताबिक समझौते की शर्तें स्वीकार करनी चाहिए।

    वहीं, ईरान भी अपने रुख पर कायम है। हालांकि, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने टकराव खत्म करने के लिए कूटनीतिक समाधान की बात कही है। उनका कहना है कि ईरान अपनी ताकत और सम्मान बनाए रखते हुए संघर्ष को खत्म करने का रास्ता तलाशना चाहता है।

    होर्मुज को लेकर दोनों देशों के सख्त रुख के बीच अब तनाव और बढ़ने की आशंका है। खासकर नए अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरानी तेल व्यापार पर दबाव बढ़ने से यह विवाद आर्थिक मोर्चे पर भी गंभीर रूप ले सकता है।

  • MP में आज 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, चंबल-जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में चेतावनी

    MP में आज 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, चंबल-जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। पूर्वी हिस्से में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ के एक्टिव होने से कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। शनिवार को बालाघाट, छतरपुर, नरसिंहपुर, सतना, सीधी और पन्ना समेत कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे। मौसम विभाग ने रविवार को 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है, जबकि भोपाल में हल्की बारिश हो सकती है।

    14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक अगले 24 घंटे में श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और सीधी में भारी बारिश होने की संभावना है।

    वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    सीधी में 104 करोड़ की सड़क का हिस्सा बहा

    लगातार बारिश के बीच सीधी में करीब छह महीने पहले बनी 104 करोड़ रुपए की सड़क का बड़ा हिस्सा तेज बहाव में बह गया। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

    पन्ना में उफनती नदी में एक डंपर बह गया। धरमपुर थाना क्षेत्र में कालिंजर से अजयगढ़ जा रहा डंपर शहपुरा नदी के तेज बहाव की चपेट में आया। चालक सनी उर्फ रोहित सिंह ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई।

    सतना में बाइक समेत तीन लोग नाले में बहे

    सतना के नागौद क्षेत्र में ललचहा-इटमा नाले में शुक्रवार देर रात तेज बहाव के दौरान बाइक समेत तीन लोग बह गए। बालेंद्र सिंह और दीपू पांडेय तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि तीसरा व्यक्ति पानी के तेज बहाव में बह गया। उसकी तलाश की जा रही है।

    छतरपुर में नदी पार कर स्कूल जाते हैं बच्चे

    छतरपुर के महाराजपुर क्षेत्र के हरपई पुरवा में कुम्हेड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 250 से 300 लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों का महाराजपुर से संपर्क प्रभावित हो जाता है। कई बार अभिभावकों को बच्चों को कंधे पर बैठाकर नदी पार करानी पड़ती है। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को भी इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।

    नर्मदा का जलस्तर बढ़ा, पुल डूबे

    नरसिंहपुर में लगातार बारिश और बरगी बांध के गेट खुले होने से नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बरमान के रेतघाट पर बना पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है। वहीं नरसिंहपुर-जबलपुर को जोड़ने वाला झांसीघाट पुल भी जलमग्न होने की स्थिति में पहुंच गया है।

    26 अगस्त तक बारिश का दौर

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का सबसे ज्यादा असर रहा। अब 23 से 26 अगस्त तक भी प्रदेश में बारिश जारी रहने के आसार हैं। इस दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    40 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, डिंडौरी, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 1% से 51% तक कम पानी गिरा है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 2% से 47% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • DA Hike News: केंद्रीय कर्मचारियों के जुलाई डीए में 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना, रक्षाबंधन पर घोषणा पर नजर

    DA Hike News: केंद्रीय कर्मचारियों के जुलाई डीए में 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना, रक्षाबंधन पर घोषणा पर नजर

    नई दिल्ली । केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार है। सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कर्मचारियों के बीच संभावित वृद्धि को लेकर चर्चा तेज है। मौजूदा संकेतों के आधार पर महंगाई भत्ते में 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

    केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में सामान्य तौर पर साल में दो बार संशोधन किया जाता है। पहला संशोधन जनवरी से और दूसरा जुलाई से प्रभावी माना जाता है। जनवरी वाले संशोधन की घोषणा आमतौर पर वर्ष की शुरुआत के बाद होती है, जबकि जुलाई वाले संशोधन का फैसला बाद के महीनों में सामने आता है।

    इस बार कर्मचारियों की नजर रक्षाबंधन के अवसर पर भी बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार सितंबर की शुरुआत में महंगाई भत्ते की घोषणा करना चाहती है, तो अगस्त के अंत में इसकी जानकारी दी जा सकती है। हालांकि रक्षाबंधन के दिन ही घोषणा होने की बात अभी निश्चित नहीं है और इसे केवल संभावना के तौर पर देखा जा रहा है।

    महंगाई भत्ते में संशोधन का फैसला केंद्र सरकार की कैबिनेट मंजूरी के बाद होता है। इसके लिए महंगाई और उपभोक्ता कीमतों से जुड़े आंकड़ों को आधार बनाया जाता है। महंगाई भत्ते का उद्देश्य कर्मचारियों की आय पर बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित करना है।

    मौजूदा व्यवस्था सातवें वेतन आयोग के तहत जारी है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने तक केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में महंगाई भत्ते से संबंधित संशोधन इसी व्यवस्था के अनुसार होते रहेंगे। इसलिए जुलाई 2026 के संशोधन को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर है।

    इस वर्ष पहले संशोधन में महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इसके बाद महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया था। अब जुलाई के लिए संभावित संशोधन में भी 2 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना बताई जा रही है। कुछ आकलनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के रुझानों को देखते हुए 3 प्रतिशत वृद्धि की संभावना भी जताई गई है।

    यदि सरकार 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मूल वेतन का 63 प्रतिशत हो जाएगा। वहीं 2 प्रतिशत की वृद्धि होने पर यह 62 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि अंतिम प्रतिशत और लागू होने की तारीख का फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

    कर्मचारी संगठनों की ओर से भी सरकार से महंगाई भत्ते की घोषणा जल्द करने की मांग की जा रही है। कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में कर्मचारियों को समय पर वेतन और भत्तों से जुड़े निर्णय मिलने से उन्हें आर्थिक राहत मिल सकती है।

    रक्षाबंधन और ओणम जैसे त्योहारों को देखते हुए कुछ कर्मचारी संगठनों ने वेतन समय से पहले जारी करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि सितंबर में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की योजना है, तो अगस्त के अंत तक इसकी घोषणा की जा सकती है।

    फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। संभावित 2 से 3 प्रतिशत वृद्धि की चर्चा के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि कैबिनेट कब निर्णय लेती है और संशोधन को किस तारीख से लागू किया जाता है। घोषणा होने के बाद कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते के साथ बकाया राशि के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • चीनी के बढ़ते दामों ने बढ़ाई आम लोगों की चिंता, सोशल मीडिया पर महंगाई को लेकर वायरल हो रहे मजेदार मीम्स और जोक्स

    चीनी के बढ़ते दामों ने बढ़ाई आम लोगों की चिंता, सोशल मीडिया पर महंगाई को लेकर वायरल हो रहे मजेदार मीम्स और जोक्स

    नई दिल्ली । देश के कई हिस्सों में चीनी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी अब केवल बाजार और घरेलू बजट तक सीमित नहीं रही है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। महंगी होती चीनी को लेकर लोग तरह-तरह के मजेदार मीम्स, वीडियो और जोक्स साझा कर रहे हैं। बढ़ती कीमतों के बीच इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से चर्चा में आ रही हैं।

    चीनी रोजमर्रा की जरूरत की प्रमुख खाद्य वस्तुओं में शामिल है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर परिवारों के मासिक खर्च पर पड़ता है। खासकर त्योहारों का मौसम नजदीक होने के कारण चीनी की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। मिठाइयों और घरेलू पकवानों में इसका इस्तेमाल अधिक होने से आने वाले दिनों में इसकी खपत भी बढ़ सकती है।

    बाजार से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, देश के कुछ हिस्सों में खुदरा बाजार में चीनी की कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। अलग-अलग राज्यों और बाजारों में कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। इसी वजह से उपभोक्ताओं के बीच बढ़ते खर्च को लेकर चिंता बढ़ी है।

    मुंबई के बाजार में भी चीनी के भाव में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगस्त के मध्य में एम30 ग्रेड चीनी की कीमत करीब 59 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। रोजाना इस्तेमाल की वस्तु होने के कारण कीमत में मामूली बढ़ोतरी भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को प्रभावित कर सकती है।

    पंजाब में स्थिति और अधिक चर्चा में है। यहां चीनी का थोक भाव करीब 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है, जबकि खुदरा दुकानों पर इसकी कीमत लगभग 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक बताई जा रही है। स्थानीय बाजार में कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों का ध्यान खींचा है।

    त्योहारों से पहले मांग बढ़ना चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे बताए जा रहे प्रमुख कारणों में से एक है। इस अवधि में घरों के अलावा मिठाई और खाद्य कारोबार से जुड़े व्यवसायों में भी चीनी की मांग बढ़ती है। मांग और बाजार में उपलब्धता के बीच संतुलन बिगड़ने पर कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

    बढ़ती कीमतों के बीच सरकार की ओर से भी बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध रखने और जमाखोरी पर नजर बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। बाजार में आपूर्ति सामान्य बनाए रखना और अनावश्यक रूप से कीमत बढ़ने से रोकना इस समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    हालांकि, चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे अलग असर सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहा है। इंटरनेट यूजर्स महंगाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया सीधे शिकायत के बजाय हास्य और व्यंग्य के माध्यम से व्यक्त कर रहे हैं। कई मीम्स में चीनी की कीमतों की तुलना दूसरी महंगी वस्तुओं से की जा रही है, जबकि कुछ पोस्टों में त्योहारों के दौरान बढ़ने वाले घरेलू खर्च को मजाकिया अंदाज में दिखाया जा रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ये मीम्स इस बात का संकेत भी देते हैं कि रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में बदलाव आम लोगों के बीच कितनी तेजी से चर्चा का विषय बन जाता है। हालांकि मीम्स और सोशल मीडिया पोस्ट मनोरंजन का माध्यम हैं, लेकिन इनके पीछे बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्च को लेकर लोगों की वास्तविक चिंता भी दिखाई दे रही है।

    आने वाले त्योहारों को देखते हुए चीनी की कीमतों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि मांग बढ़ती है तो आपूर्ति और कीमतों का संतुलन महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए बढ़े हुए भाव राहत की खबर नहीं हैं, जबकि सोशल मीडिया ने इस आर्थिक परेशानी को हास्य और मीम्स के जरिए एक अलग चर्चा में बदल दिया है।

  • जबलपुर की महिला आरक्षक वर्षा पटेल ने माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर मध्य प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया

    जबलपुर की महिला आरक्षक वर्षा पटेल ने माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर मध्य प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया

    मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर कार्यरत वर्षा पटेल ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जबलपुर की रहने वाली वर्षा ने 21 अगस्त 2026 को यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस के शिखर पर पहुंचकर भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और मध्य प्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया। उनकी इस उपलब्धि से जबलपुर के साथ-साथ मध्य प्रदेश पुलिस का भी गौरव बढ़ा है।

    माउंट एल्ब्रुस अभियान की शुरुआत 11 अगस्त को हुई थी। अभियान के दौरान पर्वतारोहियों को मौसम की चुनौती का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं, कड़ाके की ठंड और बदलती मौसम परिस्थितियों के कारण टीम को शिखर अभियान के लिए अनुकूल समय का इंतजार करना पड़ा। मौसम में सुधार आने के बाद अंतिम चढ़ाई शुरू की गई और वर्षा पटेल ने निर्धारित लक्ष्य हासिल करते हुए चोटी पर तिरंगा फहराया।

    वर्षा पटेल का पर्वतारोहण से जुड़ा सफर उनकी खेल पृष्ठभूमि से भी जुड़ा हुआ है। जबलपुर के गढ़ा क्षेत्र से संबंध रखने वाली वर्षा को बचपन से खेल और साहसिक गतिविधियों में रुचि रही है। वह राष्ट्रीय स्तर की बेसबॉल खिलाड़ी भी रह चुकी हैं। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उनके नाम 10 से अधिक पदक हासिल करने की जानकारी सामने आई है।

    मध्य प्रदेश पुलिस में जिम्मेदारी निभाने के साथ वर्षा ने पर्वतारोहण के अपने जुनून को भी जारी रखा। पुलिस सेवा की नियमित जिम्मेदारियों के बीच कठिन पर्वतारोहण अभियानों की तैयारी करना उनके अनुशासन और निरंतर प्रयास को दर्शाता है। माउंट एल्ब्रुस की सफलता उनके इसी अभियान का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

    इससे पहले वर्षा पटेल ने अगस्त 2024 में ऑस्ट्रेलिया की सर्वोच्च चोटी माउंट कोजियास्को पर भारत का तिरंगा फहराया था। उस समय भी उन्होंने पर्वतारोहण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की थी। माउंट कोजियास्को की ऊंचाई करीब 2,228 मीटर है और इसे ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माना जाता है।

    माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराने के बाद वर्षा पटेल का लक्ष्य अब और बड़े पर्वतारोहण अभियानों की ओर बढ़ना है। वह दुनिया के सात महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर पहुंचकर भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले सात शिखर अभियान को पूरा करना चाहती हैं। माउंट एल्ब्रुस की सफलता के बाद उनकी नजर अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो पर है।

    सात शिखर अभियान को दुनिया के प्रमुख पर्वतारोहण लक्ष्यों में गिना जाता है। इसके तहत सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों को फतह करने का प्रयास किया जाता है। वर्षा पटेल की मौजूदा उपलब्धि इस लंबे अभियान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

    वर्षा की यात्रा यह भी दिखाती है कि पुलिस सेवा, खेल और साहसिक गतिविधियों को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी होती है। माउंट एल्ब्रुस की कठिन परिस्थितियों में हासिल की गई यह सफलता उनके पर्वतारोहण अभियान को नई दिशा देती है और आने वाले अभियानों के लिए उनके अनुभव को मजबूत करती है।

    मध्य प्रदेश के लिए भी यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य पुलिस में कार्यरत एक महिला आरक्षक ने अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान में अपनी पहचान बनाई है। तिरंगे के साथ मध्य प्रदेश पुलिस का ध्वज फहराकर वर्षा ने अपनी सेवा और अपने राज्य दोनों का प्रतिनिधित्व किया। अब उनकी अगली चुनौती माउंट किलिमंजारो और सात शिखर अभियान के अन्य पर्वतों तक पहुंचने की होगी।

  • रील बनाने का जुनून या ट्रैफिक के लिए खतरा? इंदौर में गाड़ियों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटी इंफ्लुएंसर, पुलिस ने शुरू की जांच

    रील बनाने का जुनून या ट्रैफिक के लिए खतरा? इंदौर में गाड़ियों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटी इंफ्लुएंसर, पुलिस ने शुरू की जांच


    इंदौर। सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में बनाए जा रहे वीडियो अब कई बार लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। इंदौर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक महिला इंफ्लुएंसर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में युवती ट्रैफिक सिग्नल के पास वाहनों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटकर वीडियो शूट कराती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद इंदौर पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने मामले को संज्ञान में लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को वायरल वीडियो इंदौर के लैंटर्न चौराहे का प्रतीत हो रहा है। वीडियो में सिग्नल पर वाहन रुके हुए दिखाई देते हैं और इसी दौरान युवती उनके आगे जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटती नजर आती है। बताया जा रहा है कि युवती का नाम प्रकृति गौर है और वह सोशल मीडिया के लिए फोटो और वीडियो शूट करा रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी सड़क पर इस तरह शूटिंग करने को लेकर सवाल उठाए और यातायात नियमों के पालन की मांग की।

    मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने वायरल वीडियो को आइडेंटिफाई किया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सामने आए इस वीडियो की पुलिस ने पहचान की है। शुरुआती जांच में वीडियो लैंटर्न चौराहे का होने की संभावना सामने आई है। हालांकि पुलिस अब वीडियो से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि कर रही है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो शूट के दौरान वास्तव में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। इसके साथ ही यह देखा जा रहा है कि युवती के सड़क पर लेटने से यातायात प्रभावित हुआ या वाहन चालकों और राहगीरों के लिए किसी तरह का खतरा पैदा हुआ। अगर जांच में नियमों का उल्लंघन या लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने की बात सामने आती है तो संबंधित युवती के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

    एडिशनल डीसीपी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि यातायात नियमों की अनदेखी की जाए। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह की ओर से सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर जारी प्रिवेंटिव ऑर्डर के तहत भी इस मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इंफ्लुएंसर कोई भी हो यदि उसके कंटेंट के कारण यातायात बाधित होता है या खुद अथवा किसी अन्य व्यक्ति की जान को खतरा पैदा होता है तो कार्रवाई की जा सकती है।

    वहीं मामला सामने आने और विवाद बढ़ने के बाद संबंधित इंफ्लुएंसर ने एक अन्य वीडियो जारी कर सफाई दी और खेद जताया। उनका कहना है कि वीडियो को कुछ लोगों ने गलत तरीके से पेश किया है। इंफ्लुएंसर ने दावा किया कि शूटिंग के दौरान जानबूझकर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर वीडियो शूट करते समय ज्यादा सावधानी बरती जाएगी।

    फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। वीडियो की वास्तविक लोकेशन शूटिंग के समय ट्रैफिक की स्थिति और नियमों के उल्लंघन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों का ध्यान रखने की जरूरत को सामने लाता है।