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  • MP News: अपनी ही सरकार पर विधायक ने उठाए सवाल, भाजपा कार्यक्रम में महिला सम्मान पर बवाल; भोपाल थाने में TI और हिंदू नेता आमने-सामने

    MP News: अपनी ही सरकार पर विधायक ने उठाए सवाल, भाजपा कार्यक्रम में महिला सम्मान पर बवाल; भोपाल थाने में TI और हिंदू नेता आमने-सामने


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सड़क से लेकर सरकारी दफ्तर और पार्टी के कार्यक्रम तक कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। कहीं भाजपा विधायक अपनी ही सरकार की सड़क व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जनता के गुस्से का डर बता रहे हैं तो कहीं भाजपा के कार्यक्रम में महिला जनप्रतिनिधियों को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं मिलने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर भोपाल के एक थाने में पुलिस अधिकारी और हिंदू संगठन के नेता के बीच तीखी बहस का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और सामाजिक संगठनों के बीच तालमेल को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

    जबलपुर जिले के पाटन से भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने प्रदेश की खराब सड़कों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों की हालत खराब है और इसका सीधा असर जनप्रतिनिधियों पर पड़ता है। उनका कहना है कि जब सड़कें खराब होती हैं तो परेशान जनता सबसे पहले स्थानीय विधायक से सवाल करती है। विधायक ने यह भी कहा कि सड़क चाहे लोक निर्माण विभाग की हो या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़ी हो कई जगहों पर स्थिति खराब है। उनके बयान को अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के तौर पर देखा जा रहा है।

    विधायक ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और ठेकेदारी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ठेकेदार काम हासिल करने की प्रतिस्पर्धा में कम दर पर ठेके लेते हैं और निर्माण प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण सड़कों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। खराब सड़कें केवल आवागमन की परेशानी नहीं बल्कि आम लोगों की नाराजगी का कारण भी बनती हैं। यही वजह है कि विधायक ने कहा कि जनता की नाराजगी का पहला सामना स्थानीय जनप्रतिनिधियों को करना पड़ता है।

    दूसरी तस्वीर गुना के एक भाजपा कार्यक्रम से सामने आई जहां भाजपा विधायक प्रियंका मीणा और नगर पालिका अध्यक्ष सविता गुप्ता को काफी देर तक खड़े रहना पड़ा। कार्यक्रम में मौजूद पुरुष नेताओं के लिए कुर्सियां और सोफा मौजूद थे लेकिन दोनों महिला जनप्रतिनिधियों के लिए बैठने की व्यवस्था नजर नहीं आई। आखिरकार विधायक ने खुद अपनी कुर्सी लगाई और बैठ गईं। इसके बाद अपने भाषण में उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों को बराबरी का सम्मान दिए जाने की बात कही। उन्होंने महिला आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं को भी बराबरी के साथ बैठाने से ही वास्तविक महिला सशक्तीकरण की तस्वीर सामने आएगी।

    इस घटना के बाद भाजपा के कार्यक्रमों में महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रियंका मीणा इससे पहले भी महिलाओं से जुड़े मुद्दे पर अपनी ही पार्टी के विधायक पन्नालाल शाक्य के साथ सार्वजनिक मंच पर बहस को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं।

    इसी बीच भोपाल के जहांगीराबाद थाने का एक वीडियो भी चर्चा में है। यहां हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी और थाना प्रभारी राजन सिंह के बीच एक मामले को लेकर तीखी बहस हो गई। बताया गया कि हिंदू संगठन के कार्यकर्ता शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस और संगठन के प्रतिनिधियों के बीच बात बढ़ गई। मौके पर एसीपी उमेश तिवारी भी मौजूद थे और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास करते नजर आए।

    इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तीनों घटनाओं ने मध्य प्रदेश की सियासत और प्रशासन से जुड़े अलग अलग पहलुओं को एक साथ चर्चा में ला दिया है। सड़क व्यवस्था पर विधायक की नाराजगी हो या महिला जनप्रतिनिधियों को सम्मान देने का सवाल या फिर थाने में पुलिस और संगठन के बीच तीखी बहस ये घटनाएं बताती हैं कि जनता और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मुद्दों पर अब सार्वजनिक जवाबदेही की मांग लगातार बढ़ रही है।

  • MP Weather Update: आधा मानसून बीता फिर भी 3 इंच बारिश कम, अगले सप्ताह भारी बारिश के आसार; डैमों का जलस्तर भी बढ़ा

    MP Weather Update: आधा मानसून बीता फिर भी 3 इंच बारिश कम, अगले सप्ताह भारी बारिश के आसार; डैमों का जलस्तर भी बढ़ा


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून का आधे से ज्यादा सीजन गुजर चुका है लेकिन प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया है। राज्य में अब तक औसतन 24.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि इस अवधि तक करीब 27.4 इंच पानी गिरना चाहिए था। इस हिसाब से प्रदेश में सामान्य कोटे की लगभग 65 प्रतिशत बारिश ही हुई है और करीब 3 इंच बारिश की कमी बनी हुई है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाला सप्ताह बारिश के लिहाज से बेहतर रह सकता है। यदि अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहता है तो कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर तक पहुंच सकता है।

    अगस्त के तीसरे सप्ताह में मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा। मानसून ट्रफ के साथ डिप्रेशन और निम्न दबाव क्षेत्र बनने से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। डिंडौरी और सिवनी समेत कई जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने। नर्मदा और मंदाकिनी जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ा जबकि कई इलाकों में झरने भी तेज बहाव के साथ बहते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

    प्रदेश के संभागों की स्थिति देखें तो भोपाल शहडोल रीवा और जबलपुर संभाग की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। इसके उलट इंदौर उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में बारिश की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पूर्वी हिस्से के भी कई जिलों में कमी है लेकिन कुछ क्षेत्रों में लगातार हुई बारिश ने स्थिति में सुधार किया है।

    जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो उमरिया और डिंडौरी में अब तक 34 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज हो चुकी है। इसके मुकाबले मुरैना प्रदेश का सबसे कम बारिश वाला जिला बना हुआ है जहां करीब 12 इंच पानी ही गिरा है। भिंड में भी लगभग 22 इंच बारिश दर्ज की गई है। दूसरी ओर अनूपपुर सतना शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया बड़वानी भोपाल गुना ग्वालियर खंडवा खरगोन और राजगढ़ समेत 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मानसून की शुरुआत इस साल कुछ देरी से हुई थी। मध्य प्रदेश में मानसून 24 जून को पहुंचा था और इसके बाद करीब नौ दिनों में पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया। जून में बारिश की कमी करीब 30 प्रतिशत रही थी। हालांकि जुलाई की शुरुआत में बारिश ने जोर पकड़ा और आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंच गया। इसके बाद कुछ समय मानसून कमजोर रहा लेकिन जुलाई के तीसरे और चौथे सप्ताह तथा अगस्त में कई दौर में अच्छी बारिश हुई।

    बारिश का सीधा असर प्रदेश के बांधों पर भी दिखाई दे रहा है। कई बड़े बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बरगी और जौहिला समेत कुछ बांधों के गेट खोले गए हैं। बरगी बांध के 13 गेट खुलने से निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ी है। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ बांधों में अभी अपेक्षित जलभराव नहीं हुआ है।

    आने वाला सप्ताह मध्य प्रदेश के लिए बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। यदि मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अच्छी बारिश होती है तो फिलहाल पीछे चल रहे जिलों के आंकड़े में सुधार हो सकता है। खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश के उन इलाकों को बारिश की जरूरत है जहां सामान्य से काफी कम पानी गिरा है। ऐसे में अगले कुछ दिन प्रदेश के लिए मानसून के लिहाज से राहत देने वाले साबित हो सकते हैं।

  • करीना कपूर खान और धनुष के साथ आने की चर्चा तेज, संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन की फिल्म पर निर्देशक ने दिया अहम संकेत

    करीना कपूर खान और धनुष के साथ आने की चर्चा तेज, संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन की फिल्म पर निर्देशक ने दिया अहम संकेत

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान और दक्षिण भारतीय अभिनेता धनुष को लेकर इन दिनों एक नई फिल्म की चर्चा तेज हो गई है। खबरों के मुताबिक दोनों कलाकार संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन में बनने वाली एक पौराणिक जंगल एडवेंचर फिल्म का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि अभी दोनों कलाकारों की आधिकारिक कास्टिंग की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन फिल्म के निर्देशक पीएस मित्रन ने करीना और धनुष के साथ बातचीत चलने की पुष्टि की है।

    पीएस मित्रन के अनुसार फिल्म के लिए करीना कपूर खान और धनुष से बातचीत की जा रही है। कलाकारों की उपलब्ध तारीखों और अन्य जरूरी औपचारिकताओं पर चर्चा चल रही है। निर्देशक ने उम्मीद जताई है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी। उनके इस बयान के बाद फिल्म में दोनों कलाकारों के पहली बार साथ नजर आने की संभावनाओं को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

    बताया जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है और फिलहाल इसकी पटकथा पर काम जारी है। कहानी को अंतिम रूप देने से पहले स्क्रिप्ट में कई स्तरों पर बदलाव किए जाने की बात सामने आई है। फिल्म की तैयारी को देखते हुए नवंबर 2026 के आसपास प्री-प्रोडक्शन शुरू होने और जनवरी 2027 में मुख्य शूटिंग शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इन तारीखों को अभी अंतिम कार्यक्रम नहीं माना जा सकता।

    यदि यह परियोजना तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो पीएस मित्रन के लिए भी यह हिंदी सिनेमा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। वह इससे पहले दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपने काम के लिए पहचान बना चुके हैं। ऐसे में हिंदी फिल्म उद्योग में उनका निर्देशन और भंसाली के प्रोडक्शन का जुड़ाव इस परियोजना को लेकर अतिरिक्त चर्चा पैदा कर रहा है।

    करीना कपूर खान और धनुष की संभावित जोड़ी भी फिल्म की सबसे दिलचस्प बातों में शामिल है। दोनों कलाकारों ने अलग-अलग भाषाओं और शैलियों की फिल्मों में अपनी अभिनय क्षमता साबित की है, लेकिन दोनों को अब तक किसी फिल्म में एक साथ नहीं देखा गया है। इसलिए अगर यह कास्टिंग अंतिम रूप लेती है, तो दर्शकों के लिए यह एक नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी होगी।

    इस परियोजना की चर्चा इसलिए भी खास है क्योंकि इसका संबंध करीना और संजय लीला भंसाली के पुराने विवाद से जोड़ा जा रहा है। वर्ष 2002 में भंसाली की फिल्म देवदास के लिए करीना को पारो की भूमिका के लिए संपर्क किए जाने और स्क्रीन टेस्ट देने की बात सामने आई थी। बाद में यह भूमिका ऐश्वर्या राय बच्चन ने निभाई थी। उस समय करीना ने इस घटनाक्रम पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी, जबकि भंसाली ने स्पष्ट किया था कि स्क्रीन टेस्ट का अर्थ फिल्म में भूमिका पक्की होना नहीं था।

    करीना और भंसाली की संभावित नई फिल्म को लेकर इसलिए यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या वर्षों पुराना मतभेद अब पीछे छूट चुका है। हालांकि इस बारे में दोनों की ओर से किसी नए आधिकारिक बयान की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि करीना और धनुष से बातचीत जारी है और फिल्म की स्क्रिप्ट तथा कास्टिंग को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले समय में कलाकारों और शूटिंग से जुड़ी आधिकारिक घोषणा पर सभी की नजर रहेगी।

  • कोलार से बैरागढ़ और ISBT तक सफर होगा आसान, भोपाल में 30 ई-बसों का बेड़ा तैयार; जानिए रूट और किराया

    कोलार से बैरागढ़ और ISBT तक सफर होगा आसान, भोपाल में 30 ई-बसों का बेड़ा तैयार; जानिए रूट और किराया


    भोपाल । राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में 24 अगस्त से 10 और इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरने जा रही हैं। इसके साथ ही भोपाल में ई-बसों की कुल संख्या बढ़कर 30 हो जाएगी। फिलहाल शहर में तीन प्रमुख रूट पर 20 ई-बसें संचालित हो रही हैं। नई बसों के शामिल होने के बाद यात्रियों को करीब 10 से 15 मिनट के अंतराल पर बस मिलने की उम्मीद है। इससे रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों छात्रों और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

    नई ई-बसों के संचालन से कोलार रोड बावड़ियाकलां बैरागढ़ एमपी नगर और ISBT जैसे प्रमुख इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। खास बात यह है कि तीनों प्रमुख रूट एमपी नगर से होकर गुजरते हैं। ऐसे में शहर के अलग अलग हिस्सों से एमपी नगर आने जाने वाले यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे। एमपी नगर शहर का प्रमुख व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्र होने के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी और विद्यार्थी पहुंचते हैं।

    वर्तमान में संचालित तीन रूट शहर के बड़े हिस्से को जोड़ रहे हैं। B35 रूट चिरायु अस्पताल और बैरागढ़ से आकृति ईको सिटी सलैया तक जाता है। इस रूट में लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट पीर गेट कमला पार्क रोशनपुरा बोर्ड ऑफिस एमपी नगर मेट्रो स्टेशन विट्ठन मार्केट 1100 क्वार्टर रोहित नगर और बावड़िया चौराहा जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। वहीं B36 रूट कोच फैक्ट्री से कोलार रोड तक संचालित होता है। यह रेलवे स्टेशन अशोका गार्डन सुभाष नगर बोर्ड ऑफिस एमपी नगर मेट्रो स्टेशन बंसल अस्पताल चूनाभट्टी मंदाकिनी चौराहा और गेहूंखेड़ा जैसे इलाकों को जोड़ता है।

    B37 रूट बैरागढ़ ई बस डिपो से ISBT तक जाता है। इस मार्ग में बैरागढ़ मार्केट लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट नादरा बस स्टैंड भोपाल रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 6 जहांगीराबाद मिंटो हॉल वल्लभ भवन विंध्याचल जिला न्यायालय DB मॉल और चेतक ब्रिज जैसे प्रमुख स्थान आते हैं। इस तरह तीनों रूट शहर के पश्चिमी हिस्से से लेकर मध्य और पूर्वी इलाकों तक यात्रियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    ई बसों का न्यूनतम किराया करीब 6 से 7 रुपए है जबकि अधिकतम किराया 40 रुपए तक है। फिलहाल रोजाना करीब 10 से 12 हजार यात्री इन बसों में सफर कर रहे हैं। बसों की संख्या बढ़ने के बाद यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

    इन ई बसों की खासियत सिर्फ बेहतर कनेक्टिविटी ही नहीं बल्कि यात्री सुविधाएं भी हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए बसों में हाइड्रोलिक डोर की सुविधा दी गई है। इसके जरिए व्हीलचेयर और ट्राइसिकल से आने वाले यात्री आसानी से बस में चढ़ और उतर सकते हैं। बस के अंदर ऐसी जगह भी बनाई गई है जहां एक साथ दो व्हीलचेयर या ट्राइसिकल खड़े किए जा सकते हैं।

    भोपाल के ट्रैफिक को देखते हुए भी इन बसों को उपयोगी माना जा रहा है। इनकी लंबाई करीब 9 मीटर है जबकि सामान्य सिटी बसें 12 मीटर तक लंबी होती हैं। कम लंबाई के कारण ई बसें अपेक्षाकृत तंग सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आसानी से चल सकती हैं। सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में छह CCTV कैमरे लगाए गए हैं जिनकी निगरानी डिपो में बने कंट्रोल रूम से की जा रही है। नई बसों के सड़कों पर उतरने के बाद राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • हर रविवार सूर्य देव की ऐसे करें पूजा, मान्यता है जीवन में बढ़ता है मान सम्मान और दूर होती हैं परेशानियां

    हर रविवार सूर्य देव की ऐसे करें पूजा, मान्यता है जीवन में बढ़ता है मान सम्मान और दूर होती हैं परेशानियां


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य देव की नियमित पूजा और उन्हें अर्घ्य देने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और व्यक्ति के आत्मविश्वास तथा मान सम्मान में वृद्धि होती है। सूर्य देव को ग्रहों का राजा भी कहा जाता है और ज्योतिष में उन्हें आत्मा आत्मविश्वास पिता स्वास्थ्य नेतृत्व और प्रतिष्ठा का कारक माना गया है। यही वजह है कि रविवार का दिन सूर्य उपासना के लिए विशेष माना जाता है। अगर कोई व्यक्ति श्रद्धा और नियम के साथ सूर्य देव की पूजा करना चाहता है तो सुबह का समय इसके लिए सबसे शुभ माना जाता है।

    सूर्य देव की पूजा के लिए सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए और साफ कपड़े पहनने चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करके सूर्य देव का ध्यान करना चाहिए। संभव हो तो उगते हुए सूर्य के सामने खड़े होकर पूजा करें। इसके बाद तांबे के लोटे में साफ जल भरें। इसमें लाल फूल अक्षत और अपनी श्रद्धा के अनुसार थोड़ा सा रोली या लाल चंदन डाल सकते हैं। अब सूर्य देव की ओर मुख करके धीरे धीरे जल अर्पित करें। इस दौरान जल की धारा अपने हाथों के सामने से सूर्य की ओर जानी चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार अर्घ्य देते समय सूर्य देव का ध्यान करने से पूजा का विशेष महत्व बढ़ जाता है।

    सूर्य देव को जल अर्पित करते समय सूर्य मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। ॐ सूर्याय नमः या ॐ आदित्याय नमः का जाप श्रद्धा के साथ करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ भी सूर्य उपासना में महत्वपूर्ण माना गया है। यदि किसी व्यक्ति के पास अधिक समय नहीं है तो वह कम से कम 11 बार सूर्य मंत्र का जाप कर सकता है। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और किसी तरह की नकारात्मक भावना से बचने का प्रयास करें।

    सूर्य देव को लाल रंग प्रिय माना जाता है इसलिए पूजा में लाल फूल अर्पित किए जा सकते हैं। गुड़ का भोग लगाने की भी धार्मिक परंपरा है। रविवार के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को गुड़ गेहूं तांबे के बर्तन या लाल वस्त्र का दान करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि दान करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता आती है और सूर्य से जुड़े शुभ प्रभाव मजबूत होते हैं।

    सूर्य पूजा के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सूर्य देव को जल चढ़ाते समय पैरों में पानी न पड़े इसका ध्यान रखें। पूजा में स्वच्छता का विशेष महत्व माना गया है। सूर्य निकलने के काफी देर बाद केवल औपचारिक रूप से अर्घ्य देने के बजाय संभव हो तो सूर्योदय के समय ही पूजा करना बेहतर माना जाता है। साथ ही किसी भी धार्मिक उपाय को अंधविश्वास के बजाय अपनी आस्था और परंपरा के रूप में करना चाहिए।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नियमित सूर्य उपासना से आत्मविश्वास मजबूत होता है और व्यक्ति को अपने कार्यों में अनुशासन तथा सकारात्मक सोच बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। हालांकि किसी भी पूजा या धार्मिक उपाय को स्वास्थ्य अथवा आर्थिक समस्या का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। अपनी श्रद्धा के अनुसार नियमित रूप से सूर्य देव का स्मरण करना और जरूरतमंदों की सहायता करना पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

  • 17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच

    17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच


    भोपाल । भोपाल के श्यामला हिल्स इलाके में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। हत्या के बाद किशोर के शरीर के एक हिस्से को काटकर छोटे तालाब में फेंके जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीन बार तालाब में सर्चिंग की लेकिन अब तक उस अंग की बरामदगी नहीं हो सकी है। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पॉलीथिन जरूर मिली लेकिन उसमें वह अंग नहीं था जिसकी तलाश की जा रही थी। अब पुलिस आरोपियों के बयानों के साथ उनके बैंक खातों मोबाइल फोन कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे के पूरे नेटवर्क और कथित आर्थिक लालच की वास्तविकता सामने लाई जा सके।

    पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वारदात की साजिश 5 अगस्त को रची थी। इसके अगले दिन 6 अगस्त की रात किशोर को 100 रुपए देने का लालच देकर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद किलोल पार्क के आसपास उसकी हत्या कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि शरीर के हिस्से को काटने के लिए नया शेविंग ब्लेड खरीदा गया था जबकि हत्या में इस्तेमाल छुरी एक विधि विवादित बालक अपने साथ लेकर आया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जोहेब खान के साथ आमिर और तीन विधि विवादित बालकों को पकड़ा है।

    हत्या के बाद किशोर के शरीर के काटे गए अंग को छोटे तालाब में फेंकने की बात आरोपियों ने पुलिस को बताई थी। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने तालाब में तीन अलग अलग बार सर्चिंग की। हर बार उस इलाके के आसपास तलाश की गई जहां आरोपियों ने अंग फेंकने की बात कही थी। तलाशी के दौरान एक पॉलीथिन मिली और आरोपियों ने दावा किया कि इसी पॉलीथिन में अंग को बांधकर तालाब में फेंका गया था। हालांकि जब पुलिस ने इसकी जांच की तो पॉलीथिन के अंदर वह अंग मौजूद नहीं था।

    अब पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि पानी के बहाव के कारण वह दूसरी जगह पहुंच गया हो या कई दिनों तक पानी में रहने के कारण जैविक अपघटन हो गया हो। पानी में मौजूद जीव जंतुओं और अन्य प्राकृतिक कारणों से भी उसके नष्ट होने की संभावना पर जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी संभावना को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है। तालाब की गहराई पानी के बहाव और आसपास की भौगोलिक स्थिति को समझकर आगे की सर्चिंग की रणनीति तैयार की जा रही है।

    मामले की जांच में आर्थिक लेन देन भी पुलिस के लिए अहम कड़ी बन गया है। मुख्य आरोपी जोहेब के बैंक खाते में 12 लाख रुपए आने की सूचना सामने आई थी लेकिन पुलिस की तस्दीक में खाते में इतनी रकम जमा होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के बैंक खातों की लेन देन हिस्ट्री खंगालना शुरू कर दिया है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या वारदात से पहले या बाद में किसी बाहरी व्यक्ति की ओर से आरोपियों को कोई रकम मिली थी।

    पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के संपर्क में कौन लोग थे और वारदात से पहले तथा बाद में उनकी किस किस व्यक्ति से बातचीत हुई। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि कथित आर्थिक लालच की जानकारी आरोपियों को कहां से मिली और क्या इसके पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका थी।

    पूछताछ में आरोपियों के व्यवहार को लेकर भी पुलिस ने जानकारी जुटाई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों में घटना को लेकर पछतावे के स्पष्ट संकेत नहीं दिखे और वे कथित तौर पर घटना के बारे में सामान्य तरीके से बात कर रहे थे। अब जांच एजेंसियां उनके आपसी संपर्क और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों को जोड़कर मामले की पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी हैं।

    फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती किशोर के शरीर के लापता हिस्से की बरामदगी और हत्या के पीछे के वास्तविक मकसद की पूरी पुष्टि करना है। तीन बार तालाब में तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने के बाद पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल जांच के आधार पर आगे बढ़ रही है। इस मामले में आने वाले दिनों में बैंक लेन देन और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े नए सुराग सामने आने की उम्मीद है।

  • भोपाल की सड़कों पर जानलेवा गड्ढे और जलभराव से लोग परेशान निगम परिषद में कई मुद्दों पर बात लेकिन सड़कों पर खामोशी

    भोपाल की सड़कों पर जानलेवा गड्ढे और जलभराव से लोग परेशान निगम परिषद में कई मुद्दों पर बात लेकिन सड़कों पर खामोशी


    भोपाल राजधानी भोपाल में लगातार हो रही बारिश ने शहर की सड़कों की हालत खराब कर दी है। कई इलाकों में सड़कें उखड़ चुकी हैं और जगह जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश का पानी इन गड्ढों में भर जाने के कारण वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है। कई जगह सड़क और गड्ढे के बीच अंतर करना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि जर्जर सड़कों की समस्या लगातार बढ़ रही है लेकिन जिम्मेदार स्तर पर इसका स्थायी समाधान दिखाई नहीं दे रहा है।

    इसी बीच बुधवार को भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक ISBT स्थित मीटिंग हॉल में आयोजित हुई। बैठक में नगर निगम से जुड़े कई अहम प्रस्तावों और मुद्दों पर पार्षदों तथा निगम प्रशासन के बीच चर्चा हुई। भवनों को किराए पर देने से लेकर फर्नीचर और स्टेशनरी की खरीद तथा मल्टीलेवल पार्किंग के ठेके जैसे विषय बैठक में उठाए गए। निगम परिषद की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा और निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ी लेकिन शहर की बदहाल सड़कों और गड्ढों की समस्या चर्चा का हिस्सा नहीं बन सकी।

    बारिश के बाद भोपाल के कई इलाकों में सड़कों की स्थिति लगातार खराब हुई है। कहीं सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है तो कहीं बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी बन चुके हैं। जिन सड़कों पर पहले से छोटे गड्ढे थे वे लगातार बारिश के कारण और गहरे हो गए हैं। पानी भरने के बाद इनकी वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन अचानक गड्ढे में गिरने पर असंतुलित हो सकते हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी हो जाती है।

    शहर के लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़कों की स्थिति हर साल खराब होती है और कई स्थानों पर मरम्मत के बाद भी समस्या दोबारा सामने आ जाती है। नागरिक चाहते हैं कि केवल गड्ढों को मिट्टी या मलबे से भरने के बजाय सड़क की स्थायी मरम्मत की जाए ताकि बारिश के बाद दोबारा वही स्थिति पैदा न हो। कई लोगों का यह भी कहना है कि नगर निगम और संबंधित विभागों को बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत करानी चाहिए।

    नागरिकों के लिए सबसे बड़ी चिंता उन सड़कों की है जहां दिनभर भारी यातायात रहता है। इन मार्गों पर गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या रास्ता बदलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। वहीं पैदल राहगीरों के लिए जलभराव वाली सड़कें और खुले या गहरे गड्ढे अलग परेशानी पैदा कर रहे हैं।

    नगर निगम परिषद की बैठक में जब कई प्रशासनिक और ठेके से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई तो शहर की जर्जर सड़कों का विषय सामने नहीं आने पर नागरिकों के बीच सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि राजधानी की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को भी परिषद की प्राथमिकता में शामिल किया जाए। भोपालवासियों का कहना है कि सड़कों की समस्या सीधे उनकी रोजमर्रा की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ी है इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

    फिलहाल बारिश का दौर जारी रहने के कारण सड़कों की स्थिति और खराब होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में शहरवासियों की नजर अब नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर है कि गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कब शुरू होती है और लोगों को इस परेशानी से कब राहत मिलती है।

  • अगस्त का आखिरी सप्ताह रहेगा बेहद खास, सूर्य-बुध-केतु का संयोग इन 5 राशियों की खोलेगा किस्मत

    अगस्त का आखिरी सप्ताह रहेगा बेहद खास, सूर्य-बुध-केतु का संयोग इन 5 राशियों की खोलेगा किस्मत

    नई दिल्ली। अगस्त का आखिरी सप्ताह कुछ राशि वालों के लिए नई उम्मीद और बड़े बदलाव लेकर आ सकता है. इस दौरान ग्रहों की स्थिति कई जातकों के लिए करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम देने वाली मानी जा रही है. खासतौर पर 5 राशियों को अटके हुए कामों में गति मिलने और धन से जुड़े मामलों में राहत मिलने के संकेत हैं.

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 24 से 30 अगस्त के बीच सूर्य, बुध और केतु सिंह राशि में रहेंगे. मंगल मिथुन, शुक्र कन्या, गुरु कर्क और शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे. वहीं राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे. ग्रहों की इस स्थिति का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिल सकता है.

    इस सप्ताह सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग का प्रभाव बनेगा. ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, कारोबार और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है, जबकि सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व और मान-सम्मान से जुड़ा ग्रह है. ऐसे में कुछ राशि वालों को कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है सप्ताह के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण फैसले भविष्य में लाभ का आधार बन सकते हैं. हालांकि जल्दबाजी में निवेश या कोई बड़ा आर्थिक निर्णय लेने से बचना बेहतर रहेगा.

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कारोबार के लिहाज से सप्ताह अनुकूल रह सकता है. व्यापार में नई डील या किसी पुराने संपर्क से फायदा मिलने की संभावना है. साझेदारी से जुड़े मामलों में भी लाभ हो सकता है, लेकिन दस्तावेजों को ध्यान से पढ़कर ही कोई निर्णय लें. परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा. पैतृक संपत्ति या पूर्वजों से जुड़े किसी मामले में भी सकारात्मक खबर मिल सकती है. नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे भविष्य में तरक्की के रास्ते खुलेंगे.

    मकर राशि
    मकर राशि वालों के लिए सप्ताह आर्थिक रूप से मजबूत रहने के संकेत दे रहा है. प्रॉपर्टी या जमीन से जुड़ा पुराना निवेश फायदा दे सकता है. लंबे समय से किसी आर्थिक योजना पर काम कर रहे हैं तो उसमें प्रगति देखने को मिल सकती है.परिवार में किसी सदस्य से जुड़ी अच्छी खबर मिलने से मन प्रसन्न रहेगा. नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है. हालांकि किसी भी बड़े निवेश में कागजी प्रक्रिया और नियमों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी होगा.

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह रुके हुए कामों को पूरा करने वाला साबित हो सकता है. लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट या कार्यों में अचानक गति आ सकती है. नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है. कारोबारियों को नए अवसर हाथ लग सकते हैं. काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है. यह यात्रा भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है. आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और काम के बीच पर्याप्त आराम लें.

    कुंभ राशि
    कुंभ राशि वालों के लिए धन-संपत्ति से जुड़े मामलों में शुभ संकेत मिल सकते हैं. आय बढ़ाने के नए अवसर सामने आ सकते हैं. कारोबार कर रहे लोगों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है या नया ग्राहक जुड़ सकता है.नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिलेगा. किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है. परिवार के साथ संबंध बेहतर होंगे . किसी महत्वपूर्ण फैसले में अपनों का सहयोग मिल सकता है.

    ग्रहों की स्थिति क्यों है खास?
    24 से 30 अगस्त का सप्ताह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान कई ग्रह अलग-अलग राशियों में अपनी स्थिति बनाए रखेंगे. वहीं 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी, जिसका उल्लेख इस सप्ताह के ज्योतिषीय विश्लेषणों में प्रमुखता से किया जा रहा है. कुल मिलाकर यह सप्ताह इन पांच राशियों के लिए अवसरों को पहचानने, पुराने काम पूरे करने और भविष्य की मजबूत योजना बनाने का समय हो सकता है.

  • भोजन के बाद लगातार थकान और असामान्य भूख को न करें नजरअंदाज, डायबिटीज से जुड़े संकेत पहचानना जरूरी

    भोजन के बाद लगातार थकान और असामान्य भूख को न करें नजरअंदाज, डायबिटीज से जुड़े संकेत पहचानना जरूरी

    नई दिल्ली ।खाना खाने के बाद शरीर में कुछ बदलाव होना सामान्य प्रक्रिया है। भोजन पचने के साथ शरीर को ऊर्जा मिलती है और कुछ लोगों को थोड़ी देर के लिए सुस्ती या नींद भी महसूस हो सकती है। हालांकि, यदि भोजन के बाद बार बार अत्यधिक प्यास, पेशाब, कमजोरी, थकान या असामान्य भूख जैसी समस्याएं महसूस होती हैं, तो इन्हें केवल सामान्य प्रतिक्रिया मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में ऐसे संकेत ब्लड शुगर के असंतुलन से जुड़े हो सकते हैं।

    डायबिटीज ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या उपलब्ध इंसुलिन का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इंसुलिन की भूमिका शरीर में ग्लूकोज के इस्तेमाल और रक्त में उसके स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण होती है। जब यह प्रक्रिया प्रभावित होती है तो ब्लड शुगर बढ़ सकता है और लंबे समय तक इसका स्तर ज्यादा रहने पर शरीर के विभिन्न अंगों पर असर पड़ सकता है।

    खाने के बाद हल्की नींद या सुस्ती कई कारणों से हो सकती है। बहुत अधिक या भारी भोजन करने, पर्याप्त नींद नहीं लेने या शरीर में पानी की कमी जैसी वजहें भी इसके पीछे हो सकती हैं। लेकिन यदि लगभग हर भोजन के बाद अत्यधिक सुस्ती, कमजोरी या थकान महसूस होती है और इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो ब्लड शुगर की जांच पर विचार करना उचित हो सकता है।

    अत्यधिक प्यास भी ऐसा संकेत है जिस पर ध्यान देना चाहिए। डायबिटीज में रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को बाहर निकालने की कोशिश करता है। इससे पेशाब की मात्रा या आवृत्ति बढ़ सकती है और शरीर में पानी की कमी होने के कारण प्यास अधिक लग सकती है। यदि बार बार पेशाब आने और ज्यादा प्यास लगने की समस्या साथ दिखाई दे रही है, तो इसकी वजह जानने के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

    कुछ लोगों को भोजन करने के बाद दोबारा भूख लगने या कमजोरी महसूस होने की शिकायत भी हो सकती है। हालांकि इसके पीछे कई अलग कारण हो सकते हैं और केवल इन लक्षणों के आधार पर डायबिटीज का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। लगातार बने रहने वाले लक्षणों को अन्य स्वास्थ्य संकेतों के साथ देखकर ही स्थिति का आकलन किया जाता है।

    डायबिटीज से जुड़े सामान्य संकेतों में अत्यधिक प्यास, बार बार पेशाब आना, ज्यादा भूख लगना, लगातार थकान, धुंधला दिखाई देना और घावों का देर से भरना शामिल हो सकते हैं। जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति में सभी लक्षण एक साथ दिखाई दें। कई बार शुरुआती अवस्था में संकेत बेहद हल्के होते हैं और व्यक्ति उन्हें सामान्य परेशानी समझकर छोड़ देता है।

    खाने के बाद ब्लड शुगर का कुछ समय के लिए बढ़ना शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया है, क्योंकि भोजन से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट पचकर ग्लूकोज में बदलते हैं। समस्या तब हो सकती है जब शुगर का स्तर जरूरत से ज्यादा बढ़े या लंबे समय तक सामान्य स्तर पर वापस न आए। ऐसी स्थिति का पता केवल शरीर में महसूस होने वाले लक्षणों से नहीं, बल्कि उचित रक्त जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन से लगाया जाता है।

    यदि भोजन के बाद अत्यधिक प्यास, बार बार पेशाब, लगातार थकान, कमजोरी या असामान्य भूख कई दिनों या हफ्तों तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए। समय पर जांच से स्थिति की पहचान और आवश्यक प्रबंधन शुरू करने में मदद मिल सकती है। खासतौर पर लगातार दोहराए जाने वाले लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी वजह समझना स्वास्थ्य के लिए अधिक महत्वपूर्ण है।

  • हनुमान जी का ऐसा रूप शायद ही कहीं देखा होगा साड़ी चूड़ी और 16 श्रृंगार से होती है पूजा जानिए मंदिर की पूरी कहानी

    हनुमान जी का ऐसा रूप शायद ही कहीं देखा होगा साड़ी चूड़ी और 16 श्रृंगार से होती है पूजा जानिए मंदिर की पूरी कहानी


    नई दिल्ली। भारत में भगवान हनुमान के ऐसे कई मंदिर हैं जहां अलग अलग परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार बजरंगबली की पूजा की जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के रतनपुर स्थित गिरजाबंध हनुमान मंदिर की परंपरा बेहद अनोखी मानी जाती है। यहां भगवान हनुमान की पूजा उनके सामान्य पुरुष स्वरूप में नहीं बल्कि नारी स्वरूप में की जाती है। मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां बजरंगबली के इस स्वरूप का देवी की तरह 16 श्रृंगार किया जाता है। यही वजह है कि इस मंदिर के दर्शन के लिए दूर दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और इसे आस्था के अनोखे केंद्र के रूप में देखा जाता है।

    गिरजाबंध मंदिर से जुड़ी मान्यता रतनपुर के सूर्यवंशी राजा पृथ्वीदेव जू से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि राजा हनुमान जी के परम भक्त थे और एक समय वह गंभीर बीमारी से परेशान हो गए थे। लंबे समय तक इलाज कराने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद राजा ने भगवान हनुमान की शरण ली और पूरी श्रद्धा के साथ उनकी आराधना शुरू कर दी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दौरान एक रात बजरंगबली ने राजा को स्वप्न में दर्शन दिए और उन्हें अपनी बीमारी से मुक्ति के लिए एक भव्य मंदिर बनवाने का निर्देश दिया।

    राजा ने भगवान के आदेश को स्वीकार करते हुए मंदिर का निर्माण शुरू कराया। मंदिर तैयार होने के बाद समस्या यह थी कि उसमें स्थापित करने के लिए हनुमान जी की प्रतिमा नहीं मिल रही थी। राजा इस बात को लेकर चिंतित थे। मान्यता के अनुसार इसके बाद बजरंगबली ने उन्हें दोबारा स्वप्न में दर्शन दिए और पास स्थित महामाया कुंड से प्रतिमा निकालकर मंदिर में स्थापित करने का निर्देश दिया। अगले दिन राजा के सेवक कुंड में पहुंचे और वहां से एक ऐसी प्रतिमा प्राप्त हुई जिसे देखकर सभी हैरान रह गए।

    कहा जाता है कि कुंड से मिली प्रतिमा हनुमान जी के नारी स्वरूप की थी। राजा ने इसे भगवान की इच्छा और उनकी लीला माना और पूरे विधि विधान के साथ प्रतिमा को मंदिर में स्थापित कराया। स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रतिमा की स्थापना के बाद राजा की बीमारी ठीक हो गई। इसके बाद से ही इस स्थान के प्रति लोगों की आस्था और मजबूत होती चली गई।

    गिरजाबंध हनुमान मंदिर की पूजा पद्धति इसकी सबसे बड़ी पहचान है। यहां नारी स्वरूप में विराजमान बजरंगबली का रोजाना देवी की तरह 16 श्रृंगार किया जाता है। भक्त उन्हें साड़ी चूड़ी सिंदूर और अन्य श्रृंगार सामग्री अर्पित करते हैं। मंदिर में विराजमान प्रतिमा की एक और विशेषता श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करती है। मान्यता के अनुसार हनुमान जी के कंधों पर भगवान श्रीराम और माता सीता की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। यह दृश्य भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।

    स्थानीय श्रद्धालुओं की मान्यता है कि गिरजाबंध हनुमान मंदिर में सच्चे मन से प्रार्थना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बीमारी संकट और जीवन की परेशानियों से जूझ रहे लोग यहां बजरंगबली के नारी स्वरूप के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। राजा पृथ्वीदेव से जुड़ी मान्यता भी इस विश्वास को और मजबूत करती है। हालांकि इन बातों का आधार धार्मिक और स्थानीय मान्यताएं हैं जिन्हें आस्था के रूप में देखा जाता है।

    गिरजाबंध हनुमान मंदिर अपनी अनोखी पूजा परंपरा और नारी स्वरूप में विराजमान बजरंगबली की प्रतिमा के कारण छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां हनुमान भक्ति का ऐसा रूप दिखाई देता है जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से आकर्षित करने के साथ इस मंदिर को देश के अन्य हनुमान मंदिरों से अलग पहचान देता है।