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  • मुंबई एयरपोर्ट पर शुरू हुई इन-टर्मिनल क्विक कॉमर्स सर्विस, अदाणी एयरपोर्ट और Blinkit की पहल

    मुंबई एयरपोर्ट पर शुरू हुई इन-टर्मिनल क्विक कॉमर्स सर्विस, अदाणी एयरपोर्ट और Blinkit की पहल


    नई दिल्ली हवाई यात्रा को आसान और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट के साथ साझेदारी कर देश की पहली “इन-टर्मिनल क्विक बिजनेस सर्विस” शुरू की है। इस नई सुविधा की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल -2 से की गई है, जहां घरेलू विमान यात्रियों को अब हवाई अड्डे के भीतर ही कुछ मिनटों में आवश्यक सामान मिल जाएगा।

    एक मिनट में यात्रा: यात्रा के दौरान नई सुविधा

    इस सेवा के लिए यात्री अब ब्लिंकिट ऐप पर ऑर्डर करके चार्जर, दुकान, किताबें, पर्सनल केयर उत्पाद जैसी जरूरी चीजें तुरंत मंगा सकते हैं। खास बात यह है कि यह बोर्डिंग गेट, टॉक, फूड कोर्ट और आईसीआईसीआई बैंक के अंदर ही है। ऐसे यात्रियों को आखरी की तलाश में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।

    सुरक्षा के साथ स्मार्ट सेवा

    एयरपोर्ट जैसे संकेतक स्थान पर इस सेवा को पूरी सुरक्षा के साथ संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण ऑन-बोर्ड स्टाफ यह सुनिश्चित कर रहा है कि हवाई अड्डे के संचालन या यात्रियों के समय पर कोई असर न पड़े। सुरक्षा मानकों के तहत पैक्ड पानी, साबुत और ठंडे पेय पदार्थ जैसे तरल पदार्थ भी टर्मिनल के गैसोलीन स्टॉक के माध्यम से उपलब्ध हैं।

    यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने का प्रयास

    एचएएल के प्रवक्ता का कहना है, इसका पहला उद्देश्य टर्मिनल के साथ-साथ डिजिटल सुविधा में यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना है। ऐप-आधारित इस सेवा यात्रियों को अपने समय का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिलता है और एयरपोर्ट पर अधिक “यात्री-दर्शक” बनाना एक महत्वपूर्ण कदम है।

    नए अवसर के लिए ब्लिंकिट, नई कमाई के लिए एयरपोर्ट

    ब्लिंक के लिए इसने एक नए और हाई-डिमांड सेक्टर में शामिल होने का मौका दिया है, जहां समय की कमी के साथ त्वरित सेवा की जरूरत सबसे ज्यादा है। वहीं एचएएल के लिए यह पहले केवल यात्रियों की सुविधा को बढ़ावा देता है, बल्कि डिजिटल पैमाने के माध्यम से गैर-विमान राजस्व को भी बढ़ावा देता है।

    यात्रियों की आम समस्या का समाधान

    अक्सर देखा जाता है कि यात्री जरूरी सामान भूल जाते हैं या बोर्डिंग से पहले खरीदारी के लिए उनके पास नहीं जाते। टर्मिनल-2 जैसे संयुक्त हवाई अड्डे पर यह सेवा इस समस्या का प्रभावी समाधान साबित हो सकती है। अब बिना समय गंवाए, यात्री अपनी जरूरत की चीजें तुरंत हासिल कर सकता है।

    प्रौद्योगिकी से परिवर्तन यात्रा अनुभव

    सबसे पहले इस बात का संकेत है कि कैसे तकनीक और डिजिटल हवाई यात्रा के अनुभव को तेजी से बदला जा रहा है। आने वाले समय में इस तरह के अन्य हवाई अड्डों पर भी दर्शन मिल सकते हैं, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा और विकल्प मिलेंगे।

  • बॉर्डर पार की हकीकत सामने पाकिस्तान से ही मिल रही खुफिया जानकारी कर्नल भूपिंदर शाही का दावा

    बॉर्डर पार की हकीकत सामने पाकिस्तान से ही मिल रही खुफिया जानकारी कर्नल भूपिंदर शाही का दावा


    नई दिल्ली । हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर 2 के बाद भारत में जासूसी और खुफिया एजेंसियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिल्म में रणवीर सिंह द्वारा निभाया गया हमजा का किरदार लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है और इसी के साथ असली जासूसी दुनिया को लेकर भी जिज्ञासा बढ़ी है। इसी बीच फिल्म से जुड़े मिलिट्री कंसल्टेंट कर्नल भूपिंदर शाही ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं जो पारंपरिक सोच को पूरी तरह बदल देते हैं।

    कर्नल भूपिंदर शाही के अनुसार आज के दौर में हमजा जैसे जासूसों को दुश्मन देश में भेजने की जरूरत पहले जैसी नहीं रह गई है। उन्होंने एक बातचीत में बताया कि अब हालात ऐसे बन गए हैं जहां पाकिस्तान के अंदर से ही भारत को अहम जानकारियां मिल जाती हैं। उनके मुताबिक पाकिस्तान के कई लोग अपने सिस्टम से परेशान हैं और यही वजह है कि वे खुद आगे आकर जानकारी साझा करने के लिए तैयार हो जाते हैं।

    उन्होंने यह भी बताया कि भारत के विभिन्न बॉर्डर क्षेत्रों जैसे पंजाब जम्मू कश्मीर गुजरात और राजस्थान से खुफिया इनपुट लगातार मिलते रहते हैं। जरूरत पड़ने पर संपर्क में आए लोगों को बॉर्डर के पास बुलाकर उनसे जानकारी ली जाती है और फिर उन्हें सुरक्षित वापस भेज दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय नेटवर्क और भरोसे का बड़ा रोल होता है।

    जब उनसे पूछा गया कि आखिर कोई पाकिस्तानी नागरिक भारत के लिए जासूसी क्यों करेगा तो उन्होंने साफ कहा कि इसके पीछे कई कारण होते हैं। सबसे बड़ा कारण आर्थिक तंगी है। जिन लोगों के पास रोजगार नहीं है और परिवार की जिम्मेदारी है वे पैसों के लिए यह जोखिम उठाने को तैयार हो जाते हैं। इसके अलावा कुछ लोग व्यक्तिगत कारणों बदले या असंतोष के चलते भी ऐसा कदम उठाते हैं।

    कर्नल शाही ने यह भी संकेत दिया कि एक बार नेटवर्क बन जाने के बाद वही लोग आगे और संपर्क तैयार करते हैं जिससे खुफिया तंत्र मजबूत होता जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाकों में काम करने वाले सामान्य पेशे के लोग जैसे मजदूर मोची नाई आदि भी इस नेटवर्क का हिस्सा बन सकते हैं क्योंकि उनकी पहुंच और स्थानीय जानकारी बेहद उपयोगी होती है।हालांकि उन्होंने कुछ दावे ऐसे भी किए जिन्हें लेकर सावधानी बरतना जरूरी है ।

    जैसे कि प्रसिद्ध लोगों के शामिल होने या अंडरवर्ल्ड से जुड़े नामों के बारे में उन्होंने केवल संभावना जताई न कि पुष्टि की। कर्नल शाही के अनुसार पाकिस्तान में आंतरिक अस्थिरता और लोगों में असंतोष भी एक बड़ा कारण है जिससे वहां के कुछ लोग भारत के साथ सहयोग करने को तैयार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अलग अलग कारणों से लोग जासूसी करते हैं कोई पैसों के लिए कोई विचारधारा के लिए तो कोई निजी कारणों से।

    यह पूरा परिदृश्य दिखाता है कि आधुनिक समय में जासूसी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब यह केवल गुप्त एजेंट भेजने तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह नेटवर्क और मानव संपर्कों पर आधारित एक जटिल प्रणाली बन चुका है। कर्नल भूपिंदर शाही की बातों से यह साफ होता है कि खुफिया दुनिया में असली ताकत जानकारी के स्रोत और भरोसेमंद नेटवर्क में छिपी होती है न कि सिर्फ किसी एक जासूस में

  • इटली ने US फाइटर जेट को नहीं दी लैंडिंग परमिशन, ट्रंप हुए नाराज

    इटली ने US फाइटर जेट को नहीं दी लैंडिंग परमिशन, ट्रंप हुए नाराज

    नई दिल्ली! ईरान जंग के बीच इटली ने अमेरिका को बड़ा झटका दिया है. मध्य पूर्व की ओर जा रहे एक विमान को इटली की सरकार ने सिसली में उतरने नहीं दिया है. यह खबर स्थानीय अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने दी है. रिपोर्ट के मुताबिक इटली की सरकार ने ईरान जंग से खुद को दूर रखने के लिए यह कदम उठाया है. यह पहली बार है, जब जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के खिलाफ कोई फैसला लिया है.
    रिपोर्ट के मुताबिक सिसली में अमेरिकी विमानों को लैंडिंग की अनुमति न मिलने से इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि सिसिली मध्य पूर्व में मिशनों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान रखता है.

    स्पेन के बाद इटली का एक्शन
    एक दिन पहले स्पेन ने अमेरिकी विमानों के लिए अपने एयर स्पेस को बंद कर दिया था. अब इटली ने लैंडिंग की मंजूरी नहीं दी है. हालांकि, इटली का मामला इसलिए भी अहम है, क्योंकि इटली नाटो मेंबर है. यूरोप में इटली की अहम दखलअंदाजी है. साथ ही वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का काफी करीबी माना जाता है.

    मेलोनी एकमात्र यूरोप की प्रमुख नेत्री थीं, जिन्हें ट्रंप ने अपने शपथ ग्रहण के दौरान व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया था. कई मौकों पर मेलोनी ने ट्रंप के लिए कवच का काम किया है. ऐसे में अब ईरान जंग के दौरान इटली के इस रूख से अमेरिका को बड़ा झटका लगा है.

    इटली ने यह फैसला क्यों लिया है?
    आधिकारिक तौर पर इटली ने इस पर कोई भी बयान नहीं दिया है, लेकिन इस फैसले को हाल ही में इटली में कराए गए जनमत संग्रह से जोड़ा जा रहा है. इटली में जनमत संग्रह में मेलोनी की पार्टी को जबरदस्त हार मिली थी. इस हार की एक वजह ईरान जंग को भी बताया गया.

    जनमत संग्रह को लेकर कराए गए कई सर्वे में यह खुलासा हुआ कि ट्रंप से मेलोनी की दोस्ती की वजह से अधिकांश इटली के लोग नाराज हैं. उन्हें ईरान जंग से आर्थिक परेशानियों का डर सता रहा है. इटली में अगले साल आम चुनाव प्रस्तावित है, जिसमें मेलोनी दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए मैदान में उतरेंगी.

  • संघर्ष से सफलता तक आची मनोरमा की कहानी जिसने नौकरानी से बनकर रचा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

    संघर्ष से सफलता तक आची मनोरमा की कहानी जिसने नौकरानी से बनकर रचा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की दुनिया में कई कलाकार आए और गए लेकिन कुछ नाम ऐसे होते हैं जो अपने संघर्ष और उपलब्धियों की वजह से हमेशा याद किए जाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आची मनोरमा की जिन्होंने जीवन की बेहद कठिन परिस्थितियों से निकलकर सफलता का ऐसा मुकाम हासिल किया जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है।

    एक समय था जब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि दो वक्त का खाना जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें अपनी पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी और कम उम्र में ही दूसरों के घरों में नौकरानी का काम करना पड़ा। यह दौर उनके जीवन का सबसे कठिन समय था लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और परिस्थितियों से लड़ते रहने का हौसला बनाए रखा।

    कहते हैं किस्मत भी उसी का साथ देती है जो कोशिश करता है और यही बात मनोरमा के जीवन में भी सच साबित हुई। एक दिन उनके गांव में एक ड्रामा मंडली आई और अचानक एक कलाकार की तबीयत खराब हो गई। इस मौके पर मनोरमा को मंच पर आने का अवसर मिला और यहीं से उनके जीवन ने नया मोड़ ले लिया। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

    शुरुआती दौर में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। फिल्मों में मौके मिले लेकिन कुछ प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो सके। इसी दौरान उन्हें एक ड्रामा कंपनी के मैनेजर से प्यार हुआ और दोनों ने शादी भी कर ली लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और पति ने उन्हें छोड़ दिया। इस व्यक्तिगत आघात ने उन्हें तोड़ा जरूर लेकिन खत्म नहीं किया।

    उन्होंने खुद को संभाला और फिर से थिएटर की दुनिया में लौट आईं। धीरे धीरे उनका करियर आगे बढ़ा और साल 1958 में फिल्म मलयित्ता मंगाई से उन्होंने सिनेमा में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार काम करती रहीं।

    आची मनोरमा ने अपने लंबे करियर में न सिर्फ हजारों किरदार निभाए बल्कि राजनीति और सिनेमा दोनों क्षेत्रों के बड़े नामों के साथ भी काम किया। उन्होंने सी एन अन्नादुरई एम करुणानिधि एम जी रामाचंद्रन जे जयललिता और एन टी रामाराव जैसे पांच मुख्यमंत्रियों के साथ काम कर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया।

    उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना। आची मनोरमा ने 1500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और लगभग 5000 स्टेज शो का हिस्सा रहीं। यह उपलब्धि उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे मेहनती और समर्पित अभिनेत्रियों में शामिल करती है।

    हालांकि जीवन के अंतिम वर्षों में उनकी सेहत कमजोर होने लगी और 2013 के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बना ली। अंततः 2015 में उनका निधन हो गया लेकिन उनकी विरासत आज भी जिंदा है।

    आची मनोरमा की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की सफलता की कहानी नहीं है बल्कि यह संघर्ष धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल है जो यह सिखाती है कि चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों अगर इरादे मजबूत हों तो इंसान किसी भी ऊंचाई को छू सकता है

  • महिला और एससी-एसटी उद्यमियों को मिला सबसे ज्यादा लाभ, मुद्रा योजना बनी सहारा

    महिला और एससी-एसटी उद्यमियों को मिला सबसे ज्यादा लाभ, मुद्रा योजना बनी सहारा


    नई दिल्ली। देश में छोटे उद्यमों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई Pradhan Mantri Mudra Yojana (पीएमएमवाई) ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। अप्रैल 2015 में लॉन्च हुई इस योजना के तहत अब तक 52.37 करोड़ से अधिक लोन मंजूर किए जा चुके हैं। एक आधिकारिक फैक्ट-शीट के अनुसार, इन लोन के जरिए कुल 33.65 लाख करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है, जो भारत में स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को नई गति देने का संकेत है।

    महिला उद्यमियों को सबसे बड़ा लाभ

    इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसका सबसे अधिक फायदा महिलाओं को मिला है। कुल स्वीकृत लोन में करीब 70 प्रतिशत हिस्सेदारी महिला उद्यमियों की है। यह आंकड़ा न केवल महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को दर्शाता है, बल्कि उनके आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ते कदमों को भी उजागर करता है। इसके साथ ही, लगभग 50 प्रतिशत लोन अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लाभार्थियों को दिए गए हैं, जिससे सामाजिक समावेशन को भी बढ़ावा मिला है।

    तीन श्रेणियों में बंटा लोन ढांचा

    पीएम मुद्रा योजना के तहत लोन को तीन मुख्य श्रेणियों—शिशु, किशोर और तरुण—में बांटा गया है। ‘शिशु’ श्रेणी के अंतर्गत 50,000 रुपये तक के लोन दिए जाते हैं और यही सबसे लोकप्रिय कैटेगरी है, जिसमें करीब 78 प्रतिशत लोन आते हैं। हालांकि राशि के हिसाब से इसकी हिस्सेदारी 36 प्रतिशत है। ‘किशोर’ श्रेणी में 50,000 से 5 लाख रुपये तक के लोन शामिल हैं, जिनकी संख्या 20 प्रतिशत है, लेकिन कुल राशि में इनकी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत तक पहुंचती है।

    वहीं ‘तरुण’ श्रेणी के अंतर्गत 5 लाख से 10 लाख रुपये तक के लोन दिए जाते हैं। इस श्रेणी में लोन की संख्या भले ही सिर्फ 2 प्रतिशत है, लेकिन राशि के हिसाब से इसकी हिस्सेदारी 24 प्रतिशत है, जो बड़े स्तर पर कारोबार बढ़ाने वालों के लिए अहम साबित हो रही है।

    ‘तरुण प्लस’ से बढ़ा दायरा

    सरकार ने उद्यमियों को और आगे बढ़ाने के लिए ‘तरुण प्लस’ कैटेगरी भी शुरू की है। इसके तहत वे लोग, जो पहले ‘तरुण’ श्रेणी का लोन सफलतापूर्वक चुका चुके हैं, अब 10 लाख से 20 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं। इसके साथ ही Credit Guarantee Fund for Micro Units (सीजीएफएमयू) के माध्यम से गारंटी कवरेज भी दिया जाता है, जिससे उद्यमियों का जोखिम कम होता है।

    हर क्षेत्र को मिल रहा फायदा

    यह योजना मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और सर्विस सेक्टर के साथ-साथ कृषि आधारित गतिविधियों—जैसे डेयरी, पोल्ट्री और मधुमक्खी पालन—को भी कवर करती है। इसमें टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल दोनों की सुविधा मिलती है, जिससे छोटे कारोबारी अपने व्यवसाय को आसानी से शुरू और विस्तार कर सकते हैं।

    बजट में बढ़ाई गई सीमा

    वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने 23 जुलाई 2024 को पेश किए गए बजट में इस योजना की लोन सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की घोषणा की थी, जो 24 अक्टूबर 2024 से लागू हो चुकी है। इससे छोटे उद्यमियों को अपने कारोबार को और बड़े स्तर पर ले जाने में मदद मिल रही है।

    बैंकिंग नेटवर्क से आसान पहुंच

    पीएम मुद्रा योजना के तहत लोन बैंक, एनबीएफसी और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों के जरिए उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे देश के दूरदराज इलाकों तक भी वित्तीय सहायता पहुंच रही है और लाखों लोग स्वरोजगार की ओर बढ़ रहे हैं।

  • भोपाल: विजय मेवाड़ा मर्डर केस को लेकर सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, आरोपी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की मांग

    भोपाल: विजय मेवाड़ा मर्डर केस को लेकर सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, आरोपी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की मांग

    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बुधवार को उस समय हुई, जब शहर में हिंदू संगठनों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था।

    यह है मामला
    जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात अशोका गार्डन इलाके में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान 35 वर्षीय चाय कारोबारी विजय मेवाड़ा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। विजय सुभाष कॉलोनी का निवासी था और अशोका गार्डन व कोलार इलाके में चाय की दो दुकानें संचालित करता था।

    घटना की रात करीब 1:30 बजे वह अपनी होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने प्रगति नगर गया था। इसी दौरान मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम अपने साथियों फरमान, कालू और इमरान के साथ वहां पहुंचा और विवाद शुरू हो गया।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कर्मचारियों को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उनके इनकार करने पर उनसे अभद्रता की गई। जब विजय ने बीच-बचाव करते हुए आसिफ को समझाने की कोशिश की और ‘बेटा’ कहकर संबोधित किया, तो विवाद और बढ़ गया। गुस्से में आकर आसिफ ने चाकू से विजय के पेट पर वार कर दिया, जबकि उसके साथियों ने भी मारपीट की। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल विजय को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    केरवा के जंगल में छिपा था आरोपी

    हत्या के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम की तलाश में जुटी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वह केरवा के जंगलों में छिपा हुआ है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया।

    अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल ने बताया कि आरोपी को रोकने और आत्मरक्षा के तहत यह कदम उठाया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

    वहीं, इस घटना के विरोध में बुधवार को विजय मेवाड़ा के परिजन और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सकल हिंदू समाज के आह्वान पर हिंदू उत्सव समिति और बजरंग दल समेत कई संगठनों के लोग रोशनपुरा चौराहे पर एकत्र हुए।

    प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने लगी। प्रदर्शनकारी पॉलिटेक्निक चौराहे तक पहुंच गए, जो मुख्यमंत्री निवास से लगभग 100 मीटर दूर है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। साथ ही, प्रदर्शनकारियों में से पांच लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति दी गई।

  • 500 करोड़ क्लब की क्वीन बनीं रश्मिका मंदाना तीन फिल्मों ने बदली इंडस्ट्री की तस्वीर

    500 करोड़ क्लब की क्वीन बनीं रश्मिका मंदाना तीन फिल्मों ने बदली इंडस्ट्री की तस्वीर


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा में कई अभिनेत्रियों ने अपने शानदार अभिनय और हिट फिल्मों के दम पर पहचान बनाई है लेकिन हाल के समय में एक नाम ऐसा उभरा है जिसने बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास लिख दिया है। यह नाम है रश्मिका मंदाना जिनकी लगातार तीन फिल्मों ने 500 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इससे पहले किसी भी भारतीय अभिनेत्री ने ऐसा कारनामा नहीं किया था और यही वजह है कि रश्मिका का यह उपलब्धि बेहद खास मानी जा रही है।

    रश्मिका मंदाना की यह सफलता साल 2023 से शुरू हुई जब उनकी फिल्म एनिमल रिलीज हुई। इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर नजर आए और फिल्म ने रिलीज के साथ ही जबरदस्त कमाई की। भारत में फिल्म ने 553 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया जबकि दुनियाभर में इसकी कमाई 900 करोड़ के पार पहुंच गई। इस फिल्म ने रश्मिका को नई ऊंचाई दी और उन्हें एक पावरफुल स्टार के रूप में स्थापित कर दिया।

    इसके बाद साल 2024 में उनकी अगली बड़ी फिल्म पुष्पा 2 रिलीज हुई जिसमें उनके साथ अल्लू अर्जुन मुख्य भूमिका में थे। यह फिल्म पहले पार्ट से भी ज्यादा सफल साबित हुई और बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की। भारत में फिल्म ने 1200 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया और वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1700 करोड़ से ऊपर पहुंच गया। इस फिल्म ने न सिर्फ रश्मिका की लोकप्रियता को और बढ़ाया बल्कि उन्हें पैन इंडिया स्टार बना दिया।

    फिर साल 2025 में आई फिल्म छावा जिसमें रश्मिका ने विकी कौशल के साथ काम किया। इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से शानदार प्रतिक्रिया मिली। फिल्म ने भारत में 600 करोड़ के आसपास कमाई की और दुनियाभर में 800 करोड़ से ज्यादा का आंकड़ा पार किया। इस तरह रश्मिका की लगातार तीन फिल्मों ने 500 करोड़ क्लब में जगह बनाकर उन्हें इतिहास रचने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बना दिया।

    इस उपलब्धि के साथ रश्मिका ने दीपिका पादुकोण को भी पीछे छोड़ दिया जिनकी दो फिल्में जवान और पठान ने 500 करोड़ का आंकड़ा पार किया था लेकिन उनकी अगली फिल्म फाइटर इस क्लब में शामिल नहीं हो सकी। ऐसे में रश्मिका का यह रिकॉर्ड और भी खास बन जाता है।

    आने वाले समय में भी रश्मिका मंदाना कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाली हैं। उनकी फिल्म राणाबाली में वह विजय देवरकोंडा के साथ दिखाई देंगी जबकि कॉकटेल 2 में शाहिद कपूर और कृति सेनन के साथ उनकी जोड़ी देखने को मिलेगी। दर्शक इन फिल्मों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

    पर्सनल लाइफ की बात करें तो रश्मिका और विजय देवरकोंडा की शादी भी काफी चर्चा में रही। लंबे समय तक अपने रिश्ते को निजी रखने के बाद दोनों ने शादी कर अपने फैंस को खुश कर दिया। अब शादी के बाद दोनों एक बार फिर अपने काम पर लौटने के लिए तैयार हैं और फैंस उन्हें स्क्रीन पर साथ देखने के लिए उत्साहित हैं।

    रश्मिका मंदाना की यह सफलता सिर्फ उनके करियर की उपलब्धि नहीं है बल्कि यह भारतीय सिनेमा में बदलते ट्रेंड और नई स्टार पावर का भी संकेत है जहां प्रतिभा और मेहनत के दम पर नए रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं।

  • तेल का ‘खेल’: उत्पादन कहीं, खपत कहीं; कीमतों पर बढ़ा दबाव

    तेल का ‘खेल’: उत्पादन कहीं, खपत कहीं; कीमतों पर बढ़ा दबाव


    नई दिल्ली।
     वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच उत्पादन और खपत का भौगोलिक अंतर फिर चर्चा में है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। यह इलाका दुनिया का प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र है, जबकि खपत के मामले में एशिया सबसे आगे है। इसी असंतुलन के कारण कीमतों में अस्थिरता बढ़ती जा रही है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तेल बाजार में उत्पादन और खपत अलग-अलग क्षेत्रों में केंद्रित है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बनता है। रिपोर्ट बताती है कि परिवहन क्षेत्र अकेले करीब 40 प्रतिशत तेल की खपत करता है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

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  • सबसे ज्यादा तेल उत्पादन वाले क्षेत्र

    • पश्चिम एशिया – 31%
    • यूरेसिया – 30%
    • उत्तरी अमेरिका – 22%
    • अफ्रीका – 9%
    • यूरोप – 8%

    सबसे अधिक खपत करने वाले क्षेत्र

    • एशिया – 38%
    • उत्तरी अमेरिका – 22%
    • यूरोप – 14%
    • यूरेसिया – 8%
    • अफ्रीका – 6%
    • पश्चिम एशिया – 5%

    रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया में ऊर्जा मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि उत्पादन मुख्य रूप से पश्चिम एशिया और उत्तरी अमेरिका पर निर्भर है। इससे वैश्विक आपूर्ति संतुलन बिगड़ रहा है और कीमतों में तेजी का जोखिम बना हुआ है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान से जुड़े क्षेत्र में तनाव लंबा खिंचता है तो तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु नीतियों पर पड़ने की आशंका है।

    इसके अलावा, परिवहन क्षेत्र की तेल पर भारी निर्भरता स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेज संक्रमण की जरूरत को भी रेखांकित करती है। जानकारों का कहना है कि उत्पादन और खपत के बीच बढ़ता यह अंतर आने वाले समय में ऊर्जा बाजार को और अस्थिर बना सकता है।

  • स्वर्ण मंदिर में प्रियंका चोपड़ा ने टेका माथा, सादगी भरे अंदाज ने जीता दिल

    स्वर्ण मंदिर में प्रियंका चोपड़ा ने टेका माथा, सादगी भरे अंदाज ने जीता दिल

    मुंबई। ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों भारत दौरे को लेकर चर्चा में हैं। मंगलवार 31 मार्च 2026 को वह अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरे श्रद्धाभाव से मत्था टेका। इस दौरान अभिनेत्री अपनी टीम और सुरक्षा घेरे के बीच नजर आईं। खास बात यह रही कि दर्शन के बाद उन्होंने गुरुद्वारा परिसर में सेवा भी की, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

    सादगी भरे अंदाज ने जीता दिल
    आध्यात्मिक यात्रा के लिए प्रियंका ने पीच रंग का सादा सलवार-सूट पहना हुआ था।

    माथा टेकने के बाद उन्हें टीम के साथ बाहर निकलते देखा गया। वायरल वीडियो में वह अन्य महिलाओं के साथ बैठकर सेवा करती दिखाई दीं। उनका यह सादगी भरा अंदाज फैंस को काफी पसंद आ रहा है और लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    आध्यात्मिकता से जुड़ी रही हैं प्रियंका

    प्रियंका चोपड़ा ने पहले भी कई बार अपनी आध्यात्मिक सोच के बारे में खुलकर बात की है। साल 2021 में ओपरा विनफ्रे के शो पर अपनी आत्मकथा Unfinished के प्रमोशन के दौरान उन्होंने भारत की आध्यात्मिक विविधता का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि भारत में पलने-बढ़ने से अलग-अलग धर्मों और विश्वासों को समझने का मौका मिलता है, जिससे सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है।

    विविधता में एकता पर भरोसा

    प्रियंका ने बताया था कि वह कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ीं, पिता मस्जिद में गाते थे और वह हिंदू परिवार में पली-बढ़ीं, इसलिए बचपन से ही अलग-अलग मान्यताओं से परिचित रहीं। उनका मानना है कि सभी धर्म एक ही सर्वोच्च शक्ति तक पहुंचने के अलग-अलग रास्ते हैं।

    पिता का रहा गहरा असर

    उन्होंने अपने दिवंगत पिता डॉ. अशोक चोपड़ा का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने उन्हें हर धर्म का सम्मान करना सिखाया। प्रियंका के अनुसार, अलग-अलग आस्था के बावजूद लक्ष्य एक ही है—सर्वोच्च शक्ति तक पहुंचना।

    फिल्मों को लेकर भी चर्चा

    वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियंका जल्द ही निर्देशक एस. एस. राजामौली की फिल्म वाराणसी से भारतीय सिनेमा में वापसी कर सकती हैं, जो 2027 में रिलीज होने की संभावना है। इससे पहले वह The Bluff में नजर आई थीं।

  • जैन मुनि के कथित वीडियो से विवाद, महिलाओं ने पुलिस से की कार्रवाई की मांग

    जैन मुनि के कथित वीडियो से विवाद, महिलाओं ने पुलिस से की कार्रवाई की मांग


    अहमदाबाद। गुजरात के सूरत में जैन समुदाय से जुड़ा एक विवाद सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित वीडियो को लेकर महिलाओं के एक समूह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं संबंधित जैन मुनि ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे साजिश करार दिया है।
    जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो में जैन मुनि के वेश में एक व्यक्ति नजर आ रहा है। कुछ महिलाओं का आरोप है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति चंद्र सागर मुनि हैं। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले को गंभीर बताते हुए महिलाओं के समूह ने पुलिस से जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

    रविवार को महिलाओं ने अनुपम सिंह गहलोत, पुलिस आयुक्त सूरत, को लिखित शिकायत सौंपते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इससे जैन समाज की छवि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह के आरोप पहले भी चर्चा में रहे हैं, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
    मुनि ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

    दूसरी ओर, चंद्र सागर मुनि ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी छवि खराब करने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने इसे उनके खिलाफ रची गई साजिश बताया।

    वीडियो जारी कर दी सफाई

    मुनि ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि बिना सच्चाई जाने आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोप लगाने वाले लोग उनसे मिले भी हैं या नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से उनके खिलाफ गलत जानकारी फैलाई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शिकायत मिलने के बाद जांच की संभावना जताई जा रही है।