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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संसद भवन पर आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी
मध्य प्रदेश/3 दिसंबर 2001 को संसद भवन पर हुआ आतंकी हमला भारतीय लोकतंत्र पर एक बड़ा हमला था, जिसमें आतंकियों ने संसद भवन में घुसने का प्रयास किया और भारी गोलाबारी शुरू कर दी। इस हमले में सुरक्षा बलों के जवानों ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। कई जवानों ने अपनी जान की आहुति देकर संसद भवन और देश की सुरक्षा को सुनिश्चित किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह घटना भारतीय इतिहास में एक काले दिन के रूप में याद की जाती है। डॉ. यादव ने यह भी कहा कि आतंकवाद का सामना करते हुए हमारे वीर जवानों ने न केवल अपने प्राणों की आहुति दी, बल्कि देश के स्वाभिमान की रक्षा भी की। यह बलिदान देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे पराक्रमी जवानों ने उस समय आतंकवादियों को कड़ी टक्कर दी और आतंकियों को मौके पर ही ढेर कर दिया। आज पूरा देश उन जवानों की वीरता को याद कर रहा है। यह घटना हम सभी को यह याद दिलाती है कि देश की रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों के जवान अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटते।शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके साहस और बलिदान को नमन किया और कहा कि उनका योगदान देश के लिए अविस्मरणीय है। “हम सभी शहीदों की वीरता को सलाम करते हैं, और उनकी बलिदान की भावना को अपने दिलों में हमेशा जिंदा रखते हैं।”यह हमला उस समय हुआ था जब संसद में एक सत्र चल रहा था और इसमें कई महत्वपूर्ण नेता उपस्थित थे। आतंकवादियों का मकसद संसद में घुसकर बड़े पैमाने पर आतंक फैलाना था, लेकिन सुरक्षा बलों की तत्परता और साहस ने उन्हें नाकाम कर दिया। इस हमले में 9 सुरक्षा कर्मी और 5 आतंकवादी मारे गए थे, जिनमें से कई जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहीद जवानों के परिवारों के लिए सबसे कठिन समय था, और उनके परिवारों का संघर्ष और बलिदान भी कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार हर संभव मदद देने के लिए तत्पर है।आज पूरा देश उन जवानों की वीरता को याद कर रहा है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें सुरक्षा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया और कहा कि हम सभी को इस प्रकार के हमलों को नाकाम करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। -

सर्दियों में कर्ली बालों की खास देखभाल: इस होममेड तेल से मिलेगा नेचुरल पोषण
नई दिल्ली ।सर्दियों के मौसम में कर्ली बालों को खास देखभाल की जरूरत होती है। ठंडी हवा कम नमी और रूखापन इन बालों की मुख्य समस्याएं बन जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप कर्ली बाल बेजान फ्रिज़ी और टूटने लगते हैं। लेकिन अब आपको महंगे हेयर प्रोडक्ट्स पर खर्च करने की जरूरत नहीं है। ब्यूटी एक्सपर्ट के अनुसार एक आसान और किफायती होममेड तेल कर्ली बालों को प्राकृतिक रूप से पोषण देने में मदद करता है।कर्ली बालों को अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता होती है
दिल्ली के शाहदरा स्थित Colorrs Salon की ओनर और ब्यूटी एक्सपर्ट रेणु माहेश्वरी बताती हैं कि कर्ली बालों की बनावट ऐसी होती है कि स्कैल्प का नैचुरल ऑयल बालों की लंबाई तक नहीं पहुंच पाता जिससे बाल ज्यादा ड्राई उलझे हुए और बेजान नजर आते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए कर्ली बालों को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है जो उन्हें मुलायम मजबूत और खूबसूरत बनाए।
होममेड तेल की सामग्री
यह होममेड तेल बालों को गहरी नमी और पोषण देने के लिए तैयार किया जाता है। इसके लिए कुछ साधारण सामग्री की आवश्यकता होती है विटामिन ई कैप्सूल बालों को डैमेज से बचाता है और उन्हें स्वस्थ रखता है।बादाम का तेल बालों में नमी बनाए रखने में मदद करता है।
करी पत्ता बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देता है और स्कैल्प को स्वस्थ बनाता है।तिल का तेल स्कैल्प को मजबूत करता है और बालों को पोषण देता है।तेल बनाने का तरीका
यह होममेड तेल तैयार करने की प्रक्रिया बेहद सरल है सबसे पहले एक कटोरी में विटामिन ई कैप्सूल का तेल निकाल लें। अब इसमें थोड़े से करी पत्ते और तिल डालें और अच्छे से मिक्स करें। चाहें तो इस मिश्रण में थोड़ा सा बादाम का तेल भी डाल सकती हैं।अब आपका होममेड कर्ली हेयर ऑयल तैयार है।
तेल का सही तरीका
इस तेल को बालों में लगाने का तरीका बहुत आसान है हफ्ते में दो बार इस तेल को हल्के हाथों से स्कैल्प और बालों में लगाएं।इसे रातभर बालों में छोड़ दें या कम से कम एक घंटे तक इसे लगा रहने दें।इसके बाद माइल्ड शैंपू से बाल धो लें।इस तेल का नियमित इस्तेमाल करने से कर्ली बालों में नमी बनी रहती है फ्रिज़ीनेस कम होती है और कर्ल्स ज्यादा शाइनी और डिफाइंड दिखते हैं।
सर्दियों में कर्ली बालों की देखभाल के लिए यह आसान और किफायती होममेड तेल एक बेहतरीन उपाय है। इस तेल का इस्तेमाल करने से बालों को प्राकृतिक पोषण मिलता है जिससे वे मुलायम मजबूत और खूबसूरत बनते हैं। इस उपाय को अपनाकर आप बिना किसी साइड इफेक्ट के हेल्दी कर्ली हेयर पा सकती हैं।
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पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम से कमाई करें 2.54 लाख रुपये जानें पूरी कैलकुलेशन
नई दिल्ली । हर कोई निवेश करके अच्छा पैसा बनाना चाहता है लेकिन सही विकल्प का चयन न करने पर कभी-कभी नुकसान भी हो सकता है। यदि आप सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाएं आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं। इन योजनाओं में से एक है रेकरिंग डिपॉजिट जो आपको बिना किसी जोखिम के अच्छा मुनाफा दे सकती है। आइए जानें कैसे इस स्कीम के जरिए आप ब्याज से ही लाखों रुपये कमा सकते हैं।पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम का आकर्षक ऑफर
पोस्ट ऑफिस की आरडी स्कीम में निवेशक को 6.7% वार्षिक ब्याज मिलता है जो तिमाही आधार पर जमा होता है। इस स्कीम की खास बात ये है कि यह पूरी तरह से रिस्क-फ्री है क्योंकि यह सरकार द्वारा संचालित योजना है। इसमें निवेश करने पर आपको अच्छा रिटर्न मिलता है जो आपको बैंक एफडी से भी ज्यादा ब्याज प्रदान करता है।
कैसे होगी 2.54 लाख की कमाई: कैलकुलेशन
पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम में आप हर महीने ₹5000 का निवेश करके बड़ी रकम जमा कर सकते हैं। अब जानें कैसे इस स्कीम में निवेश से आप ब्याज से 2.54 लाख रुपये कमा सकते हैं:5 साल का निवेश:
हर महीने ₹5000 निवेश करने पर 5 साल में आपका कुल निवेश होगा ₹300000। इस निवेश पर 6.7% वार्षिक ब्याज मिलेगा जो तिमाही आधार पर जमा होता है। इस पर मिलने वाला ब्याज ₹56830 होगा।
कुल मिलाकर 5 साल में आपका फंड बढ़कर ₹356830 हो जाएगा।10 साल का निवेशअब आप अपनी आरडी स्कीम को 5 और साल के लिए बढ़ा सकते हैं। इस तरह 10 साल में आपका कुल निवेश ₹600000 हो जाएगा।10 साल के बाद मिलने वाला ब्याज ₹254272 होगा।इस हिसाब से आपके पास 10 साल के अंत में कुल फंड ₹854272 होगा।
पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम के फायदेरिस्क-फ्री निवेश: पोस्ट ऑफिस की आरडी स्कीम पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि यह सरकार द्वारा संचालित है। इसमें कोई भी जोखिम नहीं होता है। बेहद आकर्षक ब्याज दर: इस स्कीम में आपको 6.7% का ब्याज मिलता है जो बहुत से बैंकों की एफडी से ज्यादा है। लचीलापन आप इस योजना को अपनी सुविधानुसार 5 या 10 साल के लिए बढ़ा सकते हैं।
सुविधाजनक निवेश: हर महीने ₹5000 का निवेश करके आप इस स्कीम में भाग ले सकते हैं जिससे आपके पास एक बड़ा कोष बन सकता है।पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम एक बेहतरीन और सुरक्षित निवेश विकल्प है जिसमें आप नियमित रूप से छोटी राशि का निवेश करके बड़ी रकम जमा कर सकते हैं। 10 साल के निवेश से ब्याज से ₹2.54 लाख की कमाई की जा सकती है और इस दौरान आपका कुल फंड ₹8.54 लाख तक पहुंच सकता है। यदि आप एक सुरक्षित और जोखिम-मुक्त निवेश की तलाश में हैं तो यह स्कीम आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
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मंदसौर जिले ने दो वर्षों में रचे विकास के नए आयाम: प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया
मध्य प्रदेश/ महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मंदसौर जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मंदसौर जिले ने बीते दो वर्षों में विकास के प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उन्होंने जिले में किए गए विकास कार्यों, योजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी।प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सुशासन भवन सभागार में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
बैठक में रहे उपस्थित
कार्यक्रम में सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, सुवासरा विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री बसंत शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, समस्त जिला अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित रहे।
धार्मिक और पर्यटन विकास
प्रभारी मंत्री ने बताया कि भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में लगभग 25 करोड़ रुपए की लागत से पशुपतिनाथ लोक का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। वहीं सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के अंतर्गत जिले में 61.62 करोड़ रुपए की लागत से 5 महत्वपूर्ण निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं।जल, ऊर्जा और आधारभूत संरचना
जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के सभी 922 ग्रामों में 2.40 लाख से अधिक नल जल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। लगभग 1332 करोड़ रुपए की लागत से नल-जल योजनाएं प्रगतिरत हैं।
इसके साथ ही गांधीसागर जल विद्युत गृह की 115 मेगावाट क्षमता की इकाइयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु 418.91 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।स्वास्थ्य और शिक्षा में ऐतिहासिक प्रगति
मंदसौर जिला मुख्यालय पर श्री सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अक्टूबर 2024 से 100 सीटों के साथ प्रारंभ किया गया है, जहां वर्तमान में प्रथम व द्वितीय वर्ष के कुल 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
इसके अतिरिक्त जिले में 13 सांदीपनि विद्यालयों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अधिकांश भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।कृषि और किसान कल्याण
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत जिले के 2.19 लाख से अधिककिसानों को 43.96 करोड़ रुपए की सहायता दी गई है।सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना में 8,803 किसानों को 10.20करोड़ रुपए की राशि सीधे खातों में दी गई। अतिवृष्टि एवं फसल क्षति के लिए जिले को 267.29 करोड़ रुपए की राहत राशि प्राप्त हुई।औद्योगिक विकास और रोजगार
जिले में 331.47 हेक्टेयर भूमि पर नए औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आयोजित कृषि उद्योग समागम 2025 में 3,600 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जिससे लगभग 12,500 रोजगार सृजित होंगे।मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 487 हितग्राहियों को 35.39 करोड़ रुपए का ऋण देकर स्वरोजगार से जोड़ा गया।नगरीय और ग्रामीण विकास
अमृत 2.0 योजना में 194.82 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत 10,166 आवास पूर्ण हो चुके हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, ग्राम सड़क एवं आवास सहित 50,512 विकास कार्यों के लिए 810.01 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।भविष्य की दिशा
प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मंदसौर जिला निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और आने वाले समय में इसे विकास के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा। -

सफला एकादशी 2025 के दिन करें ये खास उपाय, सुख-समृद्धि और धन लाभ के लिए
नई दिल्ली । सफला एकादशी का व्रत हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस वर्ष यह व्रत 15 दिसंबर 2025 को पड़ रहा है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ-साथ कुछ खास ज्योतिषीय उपायों का पालन करना भी लाभकारी माना जाता है। इन उपायों से ना केवल जीवन में सुख-समृद्धि आती है बल्कि स्वास्थ्य धन और वैवाहिक जीवन में भी सुधार होता है। आइए जानते हैं सफला एकादशी पर किए जाने वाले प्रभावी उपायों के बारे में।स्वास्थ्य में सुधार के लिए
सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय उन्हें पीले रंग के फूल अर्पित करें और साथ ही 108 बार “ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। यह उपाय शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
व्यापार में सफलता के लिए
यदि आप अपने व्यापार में सफलता की कामना रखते हैं तो सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करें। विष्णु जी को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें और मां लक्ष्मी को लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें। ऐसा करने से व्यापार में चौगुनी वृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।
घर में सुख-शांति और संपन्नता के लिए
सफला एकादशी पर घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए 9 मुखी दीपक जलाएं और विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें। साथ ही सहस्त्रनाम का पाठ करें। यह उपाय घर में नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है और घर में शांति सुख और समृद्धि बनी रहती है।
विवाह में रुकावटें दूर करने के लिए
अगर आपके विवाह में कोई बाधाएं आ रही हैं तो सफला एकादशी के दिन एक लोटे में हल्दी मिला जल लेकर उसे केले के पौधे की जड़ में अर्पित करें। इससे विवाह संबंधी परेशानियों का समाधान होता है और साथ ही आपकी कुंडली में गुरु बृहस्पति की स्थिति भी मजबूत होती है।
धन प्राप्ति के लिए
मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु का अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। जल से अभिषेक करते समय दक्षिणावर्ती शंख का उपयोग करें जो धन की प्राप्ति के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। इसके अतिरिक्त शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं। यह उपाय घर में समृद्धि और धन के आगमन का कारण बनता है।
सफला एकादशी पर किए गए इन ज्योतिषीय उपायों से जीवन में न केवल धन और सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है बल्कि मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। इस दिन विष्णु जी और लक्ष्मी जी की पूजा से आपके जीवन में हर क्षेत्र में सफलता और समृद्धि की आशीर्वाद प्राप्त होती है।
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कोलकाता में मेसी के दौरे का शर्मनाक अंत: सुरक्षा चूक के कारण 10 मिनट में मैदान छोड़ा, ममता ने मांगी माफी
कोलकाता । के साल्ट लेक स्टेडियम में शनिवार को फुटबॉल की एक ऐतिहासिक घटना की बजाय एक शर्मनाक कुप्रबंधन का दृश्य सामने आया। वैश्विक फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी को देखने के लिए आए हजारों दर्शकों को गहरा झटका तब लगा जब सुरक्षा कारणों से उन्हें महज 10 मिनट में मैदान छोड़ना पड़ा। इस अप्रत्याशित घटना के कारण फुटबॉल प्रेमियों में गुस्से की लहर दौड़ गई, और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।दर्शकों का गुस्सा और विरोध प्रदर्शन
साल्ट लेक स्टेडियम, जिसे ‘भारतीय फुटबॉल का मक्का’ माना जाता है, पर यह घटना कोलकाता के फुटबॉल प्रेमियों के लिए सबसे बड़े झटके के रूप में आई। प्रीमियम टिकटों पर मोटी रकम खर्च कर स्टेडियम पहुंचे दर्शकों को जब मेसी का कार्यक्रम समय से पहले समाप्त होता दिखाई दिया, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए दर्शकों ने विरोध प्रदर्शन किया, बोतलें फेंकीं और आयोजकों के खिलाफ नारेबाजी की। कई होर्डिंग्स और कुर्सियों को नुकसान भी पहुँचाया गया।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “आज साल्ट लेक स्टेडियम में जो कुप्रबंधन देखने को मिला, उससे मैं अत्यधिक व्यथित हूं। मैं लियोनेल मेसी, सभी खेल प्रेमियों और उनके प्रशंसकों से दिल से माफी मांगती हूं।”
जांच कमेटी का गठन
इस शर्मनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तत्काल एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया। कमेटी की अध्यक्षता कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस आशिम कुमार रे करेंगे। जांच का उद्देश्य घटना की पूरी जाँच करना, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना है।राजनीतिक हलचल और भाजपा का हमला
यह घटना न केवल खेल जगत बल्कि राज्य की राजनीति में भी भूचाल ला गई है। भाजपा ने इस मामले को ममता सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम बताया और राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास से इस्तीफे की मांग की। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटना को “बड़ा अपमान” और “मेजर स्कैम” करार दिया। उनका आरोप था कि 70 फुट की प्रतिमा का अनावरण राजनीतिक उद्देश्य से किया गया और दर्शकों को गुमराह किया गया।मेसी का दौरा अधूरा
यह घटना लियोनेल मेसी के ‘गोट इंडिया टूर 2025’ का पहला पड़ाव था, जो अब अधूरा रह गया है। सुरक्षा चिंताओं के कारण मेसी ने अपना दौरा समय से पहले ही समाप्त कर दिया। कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम, जैसे कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से मुलाकात, अब अधूरे रह गए हैं। मेसी अब अपने अगले कार्यक्रम के लिए हैदराबाद के लिए रवाना हो गए हैं।साल्ट लेक स्टेडियम में हुआ कुप्रबंधन फुटबॉल के प्रति कोलकाता की दीवानगी और उसके ऐतिहासिक महत्त्व के लिए एक काला धब्बा बनकर उभरा है। यह घटना न केवल फुटबॉल प्रशंसकों के लिए निराशाजनक थी, बल्कि राज्य सरकार और आयोजकों के लिए भी एक बड़ा कड़ा सबक साबित हुई है।



