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  • खाटू श्याम यात्रा पर निकला परिवार हादसे का शिकार, जीजा, ससुर और साली की दर्दनाक मौत

    खाटू श्याम यात्रा पर निकला परिवार हादसे का शिकार, जीजा, ससुर और साली की दर्दनाक मौत


    करनाल/जींद। हरियाणा के जींद में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। श्री खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए निकला करनाल का एक परिवार रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार, करनाल के सेक्टर-8 निवासी धर्मपाल अपनी पत्नी, सास-ससुर और साली के साथ सुबह घर से खाटू श्याम धाम के लिए रवाना हुए थे। जींद के पास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि धर्मपाल, उनके ससुर और उनकी साली ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    कार में कुल पांच लोग सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    घर में पसरा मातम

    हादसे की खबर जैसे ही करनाल स्थित परिवार तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के घर पर रिश्तेदारों और पड़ोसियों का तांता लग गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    बताया जा रहा है कि धर्मपाल के बच्चे विदेश में पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में रहते हैं। हादसे की सूचना उन्हें भी दे दी गई है, जिसके बाद उनके भारत लौटने की तैयारी की जा रही है।

    पुलिस कर रही जांच

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक यात्रा पर निकले इस परिवार के साथ हुई यह दुखद घटना पूरे क्षेत्र के लिए गहरे सदमे का कारण बन गई है।
  • ब्रांड इंडिया' को नई पहचान मिल रही, उद्यमियों से पीयूष गोयल ने कही बड़ी बात

    ब्रांड इंडिया' को नई पहचान मिल रही, उद्यमियों से पीयूष गोयल ने कही बड़ी बात


    नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि किसी भी उत्पाद पर ‘मेड इन इंडिया’ लिखना केवल एक कारोबारी पहचान नहीं, बल्कि पूरे देश की प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी का प्रतिनिधित्व करना है। उन्होंने भारतीय उद्यमियों से गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि आज दुनिया में ‘ब्रांड इंडिया’ तेजी से भरोसे और उत्कृष्टता का पर्याय बन रहा है।

    ‘मेड इन इंडिया’ का मतलब सिर्फ उत्पाद नहीं, देश की पहचान
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय उद्यमियों के लिए गुणवत्ता केवल व्यावसायिक मानक नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी है। जब कोई उत्पाद ‘मेड इन इंडिया’ के नाम से वैश्विक बाजार में पहुंचता है, तो वह पूरे देश की छवि को दर्शाता है।

    अंबूर की कंपनी का दिया उदाहरण
    पीयूष गोयल ने तमिलनाडु के अंबूर स्थित फ्लोरेंस शू कंपनी के संस्थापक अकील पनारुना का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि लंदन में आयोजित एक बिजनेस प्लेनरी सेशन के दौरान अकील ने उन्हें एक रोचक अनुभव सुनाया।

    अकील के अनुसार, एक अंतरराष्ट्रीय ग्राहक ने काहिरा हवाई अड्डे पर ह्यूगो बॉस ब्रांड का एक प्रीमियम जूता खरीदा। जब उसने जूते का लेबल देखा तो उस पर ‘Made in India’ लिखा था। यह जूता अंबूर स्थित उनकी कंपनी में तैयार किया गया था।

    रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर भी जोर

    गोयल ने कहा कि अकील पनारुना जैसे उद्यमी केवल वैश्विक ब्रांडों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद नहीं बना रहे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित कर रहे हैं। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ जैसी पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने की भी सराहना की।

    भारत-यूके व्यापार समझौते से बढ़ेंगे अवसर

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के माध्यम से दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। इससे भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में नए अवसर मिलेंगे और ‘ब्रांड इंडिया’ को और मजबूती मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि अकील जैसे उद्यमी दुनिया को यह दिखा रहे हैं कि भारतीय उत्पाद गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उत्कृष्टता के मामले में किसी से कम नहीं हैं।

    निवेश और सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

    पीयूष गोयल ने बताया कि उन्होंने एशिया हाउस और कई वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में भारत के मजबूत विनिर्माण तंत्र, निवेश के नए अवसरों और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

    इसके अलावा उन्होंने यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल (UKIBC) के सदस्यों के साथ भी संवाद किया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश, व्यापार विस्तार और साझा विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

    गोयल ने विश्वास जताया कि भारतीय उद्यमियों की गुणवत्ता और नवाचार की बदौलत ‘मेड इन इंडिया’ आने वाले समय में वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान बनाएगा।

  • गगनयान मिशन के लिए इसरो पूरी तरह तैयार सफल इंजन परीक्षण के बाद जल्द होगी पहली मानव रहित उड़ान

    गगनयान मिशन के लिए इसरो पूरी तरह तैयार सफल इंजन परीक्षण के बाद जल्द होगी पहली मानव रहित उड़ान


    नई दिल्ली । भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने स्पष्ट किया है कि देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन को पूरी तरह सुरक्षित और सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी परीक्षण तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। इसरो के चेयरमैन डॉ वी नारायणन ने बताया कि मिशन से जुड़ी अधिकांश महत्वपूर्ण तकनीकों का विकास पूरा हो चुका है और अब अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने से पहले तीन मानव रहित मिशनों का संचालन किया जाएगा। इनमें पहला मिशन जल्द लॉन्च किए जाने की तैयारी अंतिम चरण में है और इसकी तारीख भी जल्द घोषित की जाएगी।

    डॉ वी नारायणन ने कहा कि गगनयान केवल एक अंतरिक्ष मिशन नहीं बल्कि भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर मानव जीवन से जुड़े इस मिशन में जोखिम की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। इसलिए हर तकनीक और सुरक्षा प्रणाली को कई स्तरों पर परखा जा रहा है ताकि वास्तविक मिशन पूरी तरह सुरक्षित और सफल हो सके।

    इसरो प्रमुख ने हाल ही में सफल रहे सेमी क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड परीक्षण को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस परीक्षण के दौरान इंजन की लगभग अट्ठासी प्रतिशत क्षमता का सफल परीक्षण किया गया। यह उपलब्धि भविष्य में पूर्ण क्षमता वाले इंजन परीक्षण और भारी प्रक्षेपण यानों के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वैज्ञानिक अब इंजन को उसकी पूरी क्षमता पर संचालित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    इसरो के अनुसार चौबीस जून को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में सेमी क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड टेस्ट का सफल हॉट टेस्ट किया गया। यह परीक्षण एक सौ पचहत्तर टन थ्रस्ट स्तर पर किया गया जो अब तक का सबसे बड़ा परीक्षण रहा। इससे पहले इंजन का परीक्षण कम क्षमता पर किया गया था लेकिन इस बार मिले परिणामों ने वैज्ञानिकों का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया है।

    परीक्षण के दौरान इंजन के सभी प्रमुख सिस्टम उम्मीद के अनुरूप कार्य करते रहे। मुख्य टर्बोपंप ने भी निर्धारित दबाव पर सफल प्रदर्शन किया जिससे यह साबित हुआ कि इंजन भविष्य के जटिल अंतरिक्ष अभियानों के लिए पूरी तरह सक्षम बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस सफलता के बाद अब दो सौ टन यानी पूर्ण क्षमता वाले इंजन परीक्षण की तैयारी शुरू कर दी गई है।

    गगनयान मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। इस मिशन के सफल होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जिन्होंने अपने दम पर मानव को अंतरिक्ष में भेजने की क्षमता विकसित की है। इससे अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान रक्षा तकनीक और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को नई गति मिलेगी।

    इसरो का मानना है कि गगनयान केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं बल्कि देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा। सफल इंजन परीक्षण और तेजी से आगे बढ़ती तैयारियां इस बात का संकेत हैं कि भारत अब मानव अंतरिक्ष अभियान के अपने सबसे बड़े सपने को साकार करने के बेहद करीब पहुंच चुका है।

  • मेड इन इंडिया केवल पहचान नहीं बल्कि भारत की प्रतिष्ठा है पीयूष गोयल ने उद्यमियों को दिया गुणवत्ता का मंत्र

    मेड इन इंडिया केवल पहचान नहीं बल्कि भारत की प्रतिष्ठा है पीयूष गोयल ने उद्यमियों को दिया गुणवत्ता का मंत्र


    नई दिल्ली । भारत तेजी से वैश्विक विनिर्माण शक्ति के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और इसी दिशा में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय उद्यमियों को गुणवत्ता और विश्वसनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया है। उनका कहना है कि किसी भी उत्पाद पर मेड इन इंडिया लिखा होना केवल निर्माण स्थल की जानकारी नहीं बल्कि पूरे देश की प्रतिष्ठा और विश्वास का प्रतीक होता है। इसलिए हर भारतीय निर्माता की जिम्मेदारी है कि वह ऐसा उत्पाद तैयार करे जिस पर दुनिया बिना किसी संकोच के भरोसा कर सके।

    पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय उद्योगों की सफलता केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि उनका लक्ष्य विश्व स्तरीय गुणवत्ता हासिल करना भी होना चाहिए। जब कोई भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचता है तब वह अपने साथ देश की छवि और भारतीय उद्योग की क्षमता भी लेकर जाता है। ऐसे में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता भारत की वैश्विक साख को प्रभावित कर सकता है।

    उन्होंने तमिलनाडु के अंबूर स्थित फ्लोरेंस शू कंपनी के संस्थापक अकील पनारुना का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी मुलाकात लंदन में आयोजित एक कारोबारी कार्यक्रम के दौरान हुई। अकील ने उन्हें बताया कि एक विदेशी ग्राहक ने काहिरा हवाई अड्डे पर प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय ब्रांड का जूता खरीदा और जब उसने उस पर लगा लेबल देखा तो उस पर मेड इन इंडिया लिखा हुआ था। यह जूता उनकी कंपनी में तैयार किया गया था। इस अनुभव ने यह साबित किया कि भारतीय निर्माता अब दुनिया के बड़े ब्रांडों के भरोसेमंद साझेदार बन चुके हैं।

    गोयल ने कहा कि ऐसे उद्यमी केवल कारोबार नहीं कर रहे बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को भी नई ऊंचाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि फ्लोरेंस शू कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। महिलाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया है और पर्यावरण संरक्षण के लिए आधुनिक तथा टिकाऊ तकनीकों को भी अपनाया है। इस तरह के प्रयास भारत के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को भी मजबूत करते हैं।

    उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार तक पहुंच और मजबूत होगी। ऐसे समय में भारतीय कंपनियों के लिए गुणवत्ता नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को लगातार बेहतर बनाना बेहद जरूरी है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान कायम रख सकें।

    केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने लंदन में कई वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। इन बैठकों में भारत की मजबूत विनिर्माण क्षमता निवेश के अवसर और भविष्य की साझेदारियों पर विस्तार से विचार किया गया। उनका मानना है कि भारत आज दुनिया के सबसे भरोसेमंद निवेश और विनिर्माण केंद्रों में तेजी से उभर रहा है।

    उन्होंने सभी भारतीय उद्यमियों का आह्वान किया कि वे हर उत्पाद को उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ तैयार करें ताकि मेड इन इंडिया पूरी दुनिया में विश्वास उत्कृष्टता और गर्व का पर्याय बन सके। उनका विश्वास है कि यदि उद्योग जगत इसी सोच के साथ आगे बढ़ेगा तो ब्रांड इंडिया आने वाले वर्षों में वैश्विक बाजार में और अधिक मजबूत स्थान हासिल करेगा।

  • सुबह की ये आसान आदत स्किन को दे सकती है इंस्टेंट फ्रेशनेस, जानें आइस वॉटर थेरेपी के फायदे

    सुबह की ये आसान आदत स्किन को दे सकती है इंस्टेंट फ्रेशनेस, जानें आइस वॉटर थेरेपी के फायदे


    नई दिल्ली। हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा लंबे समय तक चमकदार, स्वस्थ और जवां दिखाई दे। इसके लिए लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स और कई तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट अपनाते हैं। हालांकि, कुछ आसान घरेलू उपाय भी त्वचा को ताजगी देने में मदद कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है आइस वॉटर थेरेपी या ठंडे पानी से चेहरे की सफाई। हालांकि यह समझना जरूरी है कि आइस वॉटर थेरेपी झुर्रियों को स्थायी रूप से खत्म नहीं करती, लेकिन इससे चेहरे पर अस्थायी कसाव, सूजन में कमी और फ्रेशनेस महसूस हो सकती है।

    क्या है आइस वॉटर थेरेपी?
    सुबह उठने के बाद एक बाउल में ठंडा पानी लें और उसमें कुछ आइस क्यूब्स डालें। इसके बाद कुछ सेकंड के लिए चेहरे को ठंडे पानी में डुबोएं या ठंडे पानी से चेहरा धो लें। कई लोग इसे अपनी मॉर्निंग स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा बनाते हैं।

    चेहरे की सूजन कम हो सकती है

    सुबह उठने के बाद कई लोगों के चेहरे पर हल्की सूजन दिखाई देती है। ठंडा पानी रक्त वाहिकाओं को अस्थायी रूप से संकुचित करता है, जिससे सूजन कुछ समय के लिए कम दिखाई दे सकती है।

    त्वचा को मिलती है ताजगी
    ठंडे पानी से चेहरा धोने पर त्वचा फ्रेश महसूस होती है और कई लोगों को इंस्टेंट ग्लो का एहसास होता है।

    अतिरिक्त ऑयल कम महसूस हो सकता है
    ऑयली स्किन वाले लोगों को ठंडा पानी चेहरे पर ताजगी और अतिरिक्त तेल कम होने का एहसास दे सकता है, हालांकि यह ऑयल प्रोडक्शन को स्थायी रूप से नियंत्रित नहीं करता।

    पोर्स छोटे दिखाई दे सकते हैं
    ठंडे तापमान के कारण त्वचा पर अस्थायी कसाव आता है, जिससे पोर्स कुछ समय के लिए छोटे नजर आ सकते हैं।

    क्या इससे झुर्रियां खत्म हो जाती हैं?
    यह दावा वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है कि आइस वॉटर थेरेपी झुर्रियों या फाइन लाइंस को स्थायी रूप से खत्म कर देती है। हालांकि ठंडक के कारण त्वचा कुछ समय के लिए टाइट और स्मूद दिखाई दे सकती है। उम्र बढ़ने के साथ आने वाली झुर्रियों को कम करने के लिए सनस्क्रीन, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और सही स्किनकेयर ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

    कैसे करें सही तरीके से?
    एक बाउल में ठंडा पानी और कुछ बर्फ के टुकड़े डालें।

    चेहरे को 5–10 सेकंड के लिए पानी में डुबोएं।

    इस प्रक्रिया को 3–5 बार दोहरा सकते हैं।

    इसके बाद साफ तौलिए से चेहरा हल्के हाथों से सुखाएं।

    फिर मॉइस्चराइज़र और दिन में बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

    किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

    यदि आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, आपको रोजेशिया, एक्जिमा या ठंड से एलर्जी की समस्या है, तो बर्फ को सीधे चेहरे पर लगाने से बचें। बहुत अधिक देर तक चेहरे को बर्फ वाले पानी में रखने से त्वचा में जलन या असहजता हो सकती है।

    ग्लोइंग स्किन के लिए सिर्फ इतना काफी नहीं
    स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए इन आदतों को भी अपनाएं—

    पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

    संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।

    रोज 7–8 घंटे की नींद लें।

    धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।

    धूम्रपान और अत्यधिक जंक फूड से बचें।

  • India UK Trade Deal से पहले बड़ा कदम पीयूष गोयल ने जारी किया CETA बिजनेस मैनुअल कारोबारियों को मिलेगा व्यापार बढ़ाने का पूरा रोडमैप

    India UK Trade Deal से पहले बड़ा कदम पीयूष गोयल ने जारी किया CETA बिजनेस मैनुअल कारोबारियों को मिलेगा व्यापार बढ़ाने का पूरा रोडमैप


    नई दिल्ली । भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लंदन में भारत यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते यानी सीईटीए के लिए विशेष बिजनेस मैनुअल लॉन्च किया है। यह मैनुअल ऐसे समय जारी किया गया है जब दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय और ब्रिटिश कारोबारियों को समझौते के प्रावधानों को सरल तरीके से समझाना और उनके माध्यम से अधिकतम व्यावसायिक लाभ प्राप्त करने में सहायता देना है।

    सीईटीए बिजनेस यूटिलाइजेशन मैनुअल को एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका के रूप में तैयार किया गया है। इसमें व्यापार से जुड़े नियमों प्रक्रियाओं और उपलब्ध अवसरों को आसान भाषा में समझाया गया है ताकि छोटे मध्यम और बड़े सभी प्रकार के उद्योग इस समझौते का प्रभावी उपयोग कर सकें। इस पहल से दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    इस मैनुअल का विमोचन एफआईसीसीआई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किया गया जिसमें यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल और एचएसबीसी इंडिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों संस्थानों ने संयुक्त रूप से इस दस्तावेज को तैयार किया है। इसे एक लिविंग डॉक्यूमेंट के रूप में विकसित किया गया है जिसका अर्थ है कि समय समय पर बदलती व्यापारिक जरूरतों और नए नियमों के अनुसार इसमें संशोधन और अपडेट किए जाएंगे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सीईटीए लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच बाजार तक पहुंच पहले से अधिक आसान होगी। व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और निवेश के नए अवसर सामने आएंगे। इससे निर्यातकों आयातकों और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। यह समझौता भारत और ब्रिटेन के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।

    यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल के ग्रुप मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ किशोर जयरामन ने कहा कि यह मैनुअल केवल जानकारी देने वाला दस्तावेज नहीं बल्कि कारोबारियों के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप है। इसके माध्यम से कंपनियां व्यापार समझौते के नियमों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगी और उनका लाभ उठाकर अपने कारोबार का विस्तार कर सकेंगी।

    एचएसबीसी इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हितेंद्र दवे ने भी इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह समझौता दोनों देशों के उद्योगों को अधिक भरोसा बेहतर बाजार पहुंच और मजबूत व्यावसायिक साझेदारी का अवसर देगा। उनका मानना है कि कंपनियों को इस मैनुअल का उपयोग करते हुए सीमा पार व्यापार और निवेश को नई दिशा देनी चाहिए।

    भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार लगातार मजबूत हो रहा है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 की चौथी तिमाही तक दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग अड़तालीस अरब पाउंड के करीब पहुंच चुका है जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी को दर्शाता है। ऐसे में सीईटीए और इसके लिए तैयार किया गया यह बिजनेस मैनुअल भविष्य में व्यापार निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

  • स्वस्थ रहने का आसान मंत्र: घरेलू चीजें, संतुलित भोजन और अच्छी दिनचर्या से रखें खुद को फिट

    स्वस्थ रहने का आसान मंत्र: घरेलू चीजें, संतुलित भोजन और अच्छी दिनचर्या से रखें खुद को फिट


    नई दिल्ली। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में स्वस्थ रहना हर किसी की प्राथमिकता है। लेकिन तनाव, अनियमित दिनचर्या, जंक फूड और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कई लोग छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। अच्छी बात यह है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए हमेशा महंगी दवाइयों या सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं होती। यदि हम अपनी रोजमर्रा की आदतों में कुछ सकारात्मक बदलाव करें, तो लंबे समय तक शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

    दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करें
    सुबह उठने के बाद एक या दो गिलास गुनगुना पानी पीने से शरीर हाइड्रेट होता है और पाचन तंत्र सक्रिय होने में मदद मिलती है। जिन लोगों को एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या रहती है, उन्हें केवल सादा गुनगुना पानी ही पीना चाहिए।

    घर का संतुलित भोजन है सबसे बड़ी दवा

    अच्छे स्वास्थ्य की नींव संतुलित और पौष्टिक भोजन है। अपने दैनिक आहार में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, साबुत अनाज, दूध, दही, पनीर और अंकुरित अनाज शामिल करें। ये शरीर को आवश्यक विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और फाइबर प्रदान करते हैं।

    वहीं तला-भुना भोजन, जंक फूड, अत्यधिक मीठे और पैकेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें, क्योंकि इनका अधिक सेवन मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग और पाचन संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।

    रसोई की ये चीजें हैं सेहत की साथी

    भारतीय रसोई में कई ऐसी प्राकृतिक चीजें मौजूद हैं जो सामान्य स्वास्थ्य के लिए लाभदायक मानी जाती हैं।

    हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं।

    अदरक पाचन को बेहतर बनाने और गले की हल्की परेशानी में राहत देने में सहायक हो सकती है।

    सीमित मात्रा में लहसुन का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

    तुलसी रोग प्रतिरोधक क्षमता को समर्थन देती है।

    जीरा, सौंफ और अजवाइन भोजन के बाद गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत पहुंचा सकते हैं।

    हालांकि, ये घरेलू उपाय सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं, लेकिन किसी गंभीर बीमारी का विकल्प नहीं हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह आवश्यक है।

    पर्याप्त पानी पीना न भूलें

    शरीर के लगभग सभी अंगों के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त पानी जरूरी है। सही मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, त्वचा स्वस्थ रहती है और पाचन क्रिया भी बेहतर बनी रहती है।

    रोज करें योग और व्यायाम
    स्वस्थ रहने के लिए केवल अच्छा भोजन ही पर्याप्त नहीं है। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तेज चाल से चलना, योग, स्ट्रेचिंग या हल्का व्यायाम करना फायदेमंद होता है।

    योग और प्राणायाम शरीर को लचीला बनाने, तनाव कम करने, श्वसन क्षमता बढ़ाने और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।

    अच्छी नींद भी है जरूरी

    स्वस्थ जीवन के लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेना आवश्यक है। पर्याप्त नींद शरीर की मरम्मत प्रक्रिया को बेहतर बनाती है, मानसिक एकाग्रता बढ़ाती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करती है।

    मानसिक स्वास्थ्य का भी रखें ध्यान
    स्वस्थ जीवन केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है। मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन कुछ मिनट ध्यान, प्राणायाम या गहरी सांस लेने का अभ्यास करें। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना, सकारात्मक सोच रखना और तनाव को नियंत्रित करना मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।

    मौसमी फल और सब्जियां खाएं
    हर मौसम में मिलने वाले फल और सब्जियां शरीर की जरूरत के अनुसार पोषण प्रदान करते हैं। पपीता, सेब, अमरूद, संतरा, तरबूज, पालक, गाजर, चुकंदर, लौकी और तोरी जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन, मिनरल और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं।

    चीनी और नमक का सीमित सेवन करें

    अधिक चीनी और नमक का सेवन उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए मीठे पेय पदार्थ, अधिक मिठाइयों और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित रखें।

    धूप और साफ-सफाई का रखें ध्यान

    सुबह की हल्की धूप शरीर में विटामिन D बनने में मदद करती है, जो हड्डियों और मांसपेशियों के लिए जरूरी है। इसके साथ ही भोजन से पहले हाथ धोना, साफ पानी पीना और रसोई की स्वच्छता बनाए रखना संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    छोटी आदतें, बड़ा बदलाव

    समय पर भोजन करना, भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाना, देर रात भारी भोजन से बचना, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना लंबे समय तक स्वस्थ रहने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि परिवार में मधुमेह, उच्च रक्तचाप या हृदय रोग का इतिहास है, तो नियमित मेडिकल चेकअप जरूर कराएं।
  • ऊर्जा सुरक्षा पर भारत का बड़ा विजन BRICS 2026 की अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ को नई दिशा देगा भारत पीएम मोदी का ऐलान

    ऊर्जा सुरक्षा पर भारत का बड़ा विजन BRICS 2026 की अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ को नई दिशा देगा भारत पीएम मोदी का ऐलान


    नई दिल्ली । नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने के दौरान भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना और ग्लोबल साउथ के देशों को वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था के केंद्र में स्थापित करना शामिल होगा। उनका कहना है कि तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों में केवल घरेलू नीतियां ही पर्याप्त नहीं हैं बल्कि मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझा प्रयासों के माध्यम से ही सुरक्षित विश्वसनीय और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था का निर्माण किया जा सकता है। भारत इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में ब्रिक्स मंच के जरिए विकासशील देशों की आवाज को और अधिक मजबूती देने का प्रयास करेगा।

    प्रधानमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य ऐसी वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था तैयार करना है जो सभी देशों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराए और ऊर्जा सुरक्षा के साथ आर्थिक विकास तथा पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करे। उनका मानना है कि ग्लोबल साउथ के देशों के सामने ऊर्जा उपलब्धता स्वच्छ तकनीक और वित्तीय संसाधनों जैसी कई चुनौतियां हैं जिनका समाधान सामूहिक सहयोग से ही संभव है।

    मनोहर लाल खट्टर ने भी अपने विचारों में कहा कि दुनिया का ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को नई तकनीकों नवाचार और मजबूत साझेदारी की सबसे अधिक आवश्यकता है। भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान इसी दिशा में ठोस पहल करेगा ताकि स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति मिले और सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग तथा निवेश को बढ़ावा मिल सके।

    उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। देश ने गैर जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता में तेजी से वृद्धि की है और राष्ट्रीय लक्ष्य से पहले ही कुल स्थापित बिजली क्षमता का आधे से अधिक हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि भारत की ऊर्जा नीति और हरित विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    भारत ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन कोयला गैसीकरण इलेक्ट्रिक मोबिलिटी आधुनिक ट्रांसमिशन नेटवर्क और डिजिटल तकनीकों पर लगातार निवेश कर रहा है। स्मार्ट मीटर और इंडिया एनर्जी स्टैक जैसी पहल बिजली क्षेत्र को अधिक पारदर्शी सक्षम और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरकार का मानना है कि भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था डिजिटल तकनीक और स्वच्छ संसाधनों के बेहतर समन्वय पर आधारित होगी।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि ब्रिक्स देशों की अलग अलग क्षमताएं एक दूसरे की ताकत बन सकती हैं। यदि सदस्य देश मिलकर अनुसंधान तकनीक निवेश और ऊर्जा अवसंरचना के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाते हैं तो न केवल ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों का भी प्रभावी समाधान निकाला जा सकेगा। भारत इसी साझा सोच को आगे बढ़ाते हुए ब्रिक्स 2026 के दौरान ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा।

  • ऊर्जा सुरक्षा की नई राह सागर अदाणी बोले तेज विद्युतीकरण ही भारत के आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत

    ऊर्जा सुरक्षा की नई राह सागर अदाणी बोले तेज विद्युतीकरण ही भारत के आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत


    नई दिल्ली । ऊर्जा सुरक्षा आर्थिक विकास और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अब तेजी से विद्युतीकरण सबसे प्रभावी समाधान बनकर उभर रहा है। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो भरोसेमंद किफायती और चौबीसों घंटे स्वच्छ बिजली उपलब्ध करा सके। इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा के साथ आधुनिक ऊर्जा भंडारण तकनीकों का विस्तार बेहद जरूरी है।

    लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक के दौरान आयोजित अदाणी ग्रीन एनर्जी डायलॉग में सागर अदाणी ने कहा कि दुनिया के सामने ऊर्जा सुरक्षा वहनीयता और पर्यावरण संरक्षण जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। इन तीनों समस्याओं का सबसे मजबूत समाधान तेजी से बढ़ता विद्युतीकरण है। उनका कहना था कि जो देश दीर्घकालिक आर्थिक विकास और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं उन्हें अब इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने होंगे।

    उन्होंने बताया कि केवल सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन पर्याप्त नहीं है बल्कि इन्हें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ना भी आवश्यक है। इससे स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जा सकती है और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर तथा विश्वसनीय बनती है।

    सागर अदाणी ने कहा कि अदाणी ग्रीन इसी सोच के साथ वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित किया जा रहा है जहां बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण तकनीकों को भी शामिल किया जा रहा है। इससे भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

    इस कार्यक्रम में दुनिया भर के नीति निर्माता निवेशक उद्योग विशेषज्ञ और जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चर्चा के दौरान स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने के लिए निवेश नई नीतियों और मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाकर ही कम कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में तेज बदलाव संभव होगा।

    एनर्जी ट्रांजिशन्स कमीशन के सह अध्यक्ष लॉर्ड अडेयर टर्नर ने कहा कि यदि दुनिया को शून्य उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था बनानी है तो बिजली उत्पादन को अधिकतम स्तर तक स्वच्छ और कार्बन मुक्त बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सड़क परिवहन भवनों की ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युतीकरण अब आर्थिक रूप से भी लाभदायक साबित हो रहा है।

    अदाणी समूह आने वाले वर्षों में ऊर्जा परिवर्तन और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 अरब डॉलर से अधिक निवेश करने की योजना पर काम कर रहा है। समूह ग्रीन हाइड्रोजन ऊर्जा भंडारण ट्रांसमिशन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक औद्योगिक तकनीकों में भी निवेश बढ़ा रहा है। हाल ही में समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने भी परमाणु ऊर्जा नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को मिलाकर विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उनका मानना है कि यही मॉडल भविष्य में भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित किफायती और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पूरा करेगा।

  • शनि प्रदोष 2026: आज शिवजी और शनि देव की कृपा पाने का शुभ संयोग, देखें आज का पंचांग

    शनि प्रदोष 2026: आज शिवजी और शनि देव की कृपा पाने का शुभ संयोग, देखें आज का पंचांग

    नई दिल्ली।  Aaj Ka Panchang 27 June 2026: आज शनिवार के दिन शनि प्रदोष व्रत का पावन संयोग है। त्रयोदशी तिथि पर पड़ने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है, वहीं शनिवार होने के कारण इस दिन शनि देव की उपासना का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान शिव और शनि देव की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैया या अन्य शनि दोष का प्रभाव है, उन्हें आज शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करने के साथ शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

    27 जून 2026 का पंचांग

    • दिन: शनिवार

    • तिथि: त्रयोदशी (शनि प्रदोष व्रत)

    • सूर्योदय: प्रातः 5:47 बजे

    • सूर्यास्त: शाम 7:12 बजे

    • चंद्रोदय: शाम 5:17 बजे

    • चंद्रास्त: 28 जून प्रातः 3:58 बजे

    नोट: सूर्योदय और सूर्यास्त का समय शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

    आज के शुभ मुहूर्त

    • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:11 बजे से 4:59 बजे तक

    • अमृत काल: सुबह 10:29 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक

    • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:56 बजे तक

    आज के अशुभ मुहूर्त

    • राहुकाल: सुबह 9:08 बजे से 10:49 बजे तक

    • यमगंड: दोपहर 2:10 बजे से 3:51 बजे तक

    • कुलिक काल: प्रातः 5:47 बजे से 7:28 बजे तक

    • दुर्मुहूर्त: सुबह 7:34 बजे से 8:28 बजे तक

    • वर्ज्य काल: प्रातः 4:28 बजे से 6:16 बजे तक

    शनि प्रदोष का धार्मिक महत्व

    शनि प्रदोष व्रत को भगवान शिव और शनि देव दोनों की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव की आराधना करने वाले भक्तों पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है। इस दिन विधि-विधान से पूजा, रुद्राभिषेक, शिव मंत्रों का जाप तथा दीपदान करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।