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  • सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, चांदी 6,799 रुपये टूटी, दो लाख के नीचे पहुंचा भाव

    सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, चांदी 6,799 रुपये टूटी, दो लाख के नीचे पहुंचा भाव

    नई दिल्ली । कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी के भाव में एक बार फिर बड़ी कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहना और ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इसका सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा। घरेलू वायदा बाजार में चांदी की कीमत गिरकर दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे आ गई, जबकि सोना भी अपने पिछले बंद स्तर से काफी नीचे कारोबार करता दिखाई दिया।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दिसंबर में डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में 1,43,309 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। शुक्रवार को यह 1,251 रुपये यानी 0.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,42,058 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान बिकवाली बढ़ने से इसका भाव 1,41,806 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इस स्तर पर सोने में पिछले बंद भाव के मुकाबले 1,503 रुपये यानी 1.04 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, बाद में कीमतों में कुछ सुधार हुआ। कारोबार के दौरान सोना 629 रुपये यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,42,680 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ था।

    चांदी की कीमतों में इससे भी अधिक गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले कारोबारी सत्र में 1,99,599 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। शुक्रवार को यह 3,012 रुपये यानी 1.50 प्रतिशत टूटकर 1,96,587 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। दिन के कारोबार में गिरावट तेज हुई और इसका भाव 6,799 रुपये यानी 3.40 प्रतिशत फिसलकर 1,92,800 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गया। इस गिरावट के साथ चांदी दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गई। हालांकि, बाद में कुछ खरीदारी लौटने से कीमत में आंशिक सुधार हुआ और चांदी 1.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,96,276 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।

    बाजार में कमजोरी की प्रमुख वजहों में महंगी ऊर्जा और उससे बढ़ने वाली महंगाई की चिंता शामिल है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहने के कारण निवेशकों को आशंका है कि महंगाई पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में प्रमुख केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकते हैं। ऊंची ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड से सोने जैसी ऐसी संपत्तियों पर दबाव पड़ता है, जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर होने से भी निवेशकों का रुझान प्रभावित हुआ है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोना लगभग 0.65 प्रतिशत टूटकर 4,034 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, चांदी करीब 1.30 प्रतिशत गिरकर 54.29 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। वैश्विक बाजार में सोने का भाव 4,000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचने से कीमती धातुओं में कमजोरी का माहौल बना हुआ है।

    हालांकि, डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी आने पर सोने-चांदी को कुछ समर्थन मिल सकता है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, महंगाई के रुझान, केंद्रीय बैंकों की नीतियों, चीन की अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी।

    इस साल सोने ने घरेलू वायदा बाजार में 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, जबकि चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक उच्च स्तर तक पहुंची थी। मौजूदा भाव की तुलना में दोनों धातुएं अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुकी हैं। विशेष रूप से चांदी की कीमत अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर के मुकाबले लगभग आधी रह गई है। आगे कीमतों की दिशा वैश्विक आर्थिक संकेतों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।

  • 2027 से WhatsApp और Telegram पर सिम-बाइंडिंग नियम संभव, सिम हटाने पर अकाउंट की सेवाएं हो सकती हैं बंद

    2027 से WhatsApp और Telegram पर सिम-बाइंडिंग नियम संभव, सिम हटाने पर अकाउंट की सेवाएं हो सकती हैं बंद

    नई दिल्ली । व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप इस्तेमाल करने वालों के लिए 2027 से नए नियम लागू हो सकते हैं। प्रस्तावित सिम-बाइंडिंग व्यवस्था के तहत अकाउंट से जुड़े भारतीय मोबाइल नंबर का सक्रिय सिम या ई-सिम उसी डिवाइस में मौजूद होना जरूरी हो सकता है, जिस पर संबंधित अकाउंट इस्तेमाल किया जा रहा है। दूरसंचार विभाग ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को 31 दिसंबर 2026 तक इन नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाना और भारतीय मोबाइल नंबरों के दुरुपयोग को रोकना बताया गया है।

    इस व्यवस्था का सीधा असर उन उपयोगकर्ताओं पर पड़ सकता है, जो मैसेजिंग ऐप पर अकाउंट बनाने के बाद रजिस्टर्ड सिम कार्ड निकाल देते हैं या उसे किसी दूसरे फोन में इस्तेमाल करते हैं। नए नियमों के तहत प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना पड़ सकता है कि अकाउंट से जुड़ा नंबर उसी डिवाइस में सक्रिय सिम या ई-सिम के माध्यम से सत्यापित हो। यदि सिम निकाल दिया जाता है, नंबर बदल जाता है या सिम निष्क्रिय हो जाता है, तो संबंधित अकाउंट की सेवाएं सीमित या निलंबित की जा सकती हैं, जब तक नंबर का दोबारा सत्यापन नहीं हो जाता।

    सरकार की इस पहल के पीछे ऑनलाइन धोखाधड़ी के उन तरीकों पर रोक लगाने का उद्देश्य है, जिनमें भारतीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके मैसेजिंग अकाउंट बनाए जाते हैं और बाद में उनका संचालन दूसरे देशों से किया जाता है। दूरसंचार विभाग के अनुसार, कुछ धोखाधड़ी गिरोह सिम कार्ड के माध्यम से अकाउंट तैयार करते हैं और फिर उनका इस्तेमाल फिशिंग, आर्थिक ठगी तथा तथाकथित डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों के लिए करते हैं। सक्रिय सिम और मैसेजिंग अकाउंट के बीच संबंध मजबूत होने से ऐसे मामलों की रोकथाम में मदद मिलने की उम्मीद है।

    व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म मोबाइल नंबर के आधार पर उपयोगकर्ता का पंजीकरण करते हैं, इसलिए उनके इस व्यवस्था के दायरे में आने की संभावना है। हालांकि, अलग-अलग ऐप पर नियमों के लागू होने की स्थिति को लेकर पूरी स्पष्टता जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्नैपचैट पर इन नियमों के लागू होने की संभावना कम बताई गई है, जबकि सिग्नल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उपयोगकर्ताओं को अपने संबंधित ऐप की आधिकारिक जानकारी और नियमों के अंतिम स्वरूप पर नजर रखनी चाहिए।

    इन संभावित बदलावों का असर उन लोगों पर अधिक पड़ सकता है, जो एक फोन में सिम रखते हैं लेकिन व्हाट्सएप या अन्य मैसेजिंग ऐप किसी दूसरे डिवाइस पर चलाते हैं। इसी तरह, अकाउंट बनाने के बाद सिम निकाल देने वाले, मुख्य रूप से वाई-फाई के जरिए ऐप इस्तेमाल करने वाले और डुअल-सिम फोन में अकाउंट से जुड़े नंबर को निष्क्रिय छोड़ने वाले उपयोगकर्ताओं को भी परेशानी हो सकती है।

    हालांकि, सिम-बाइंडिंग नियमों का मतलब यह नहीं है कि 1 जनवरी 2027 से व्हाट्सएप किसी खास आईफोन या एंड्रॉइड फोन पर चलना बंद कर देगा। प्रस्तावित व्यवस्था का संबंध मोबाइल नंबर के सत्यापन और अकाउंट की सुरक्षा से है, न कि किसी विशेष मोबाइल ब्रांड या ऑपरेटिंग सिस्टम से। इसलिए इसे फोन के मॉडल पर आधारित प्रतिबंध समझना सही नहीं होगा।

    प्रस्तावित नियमों में भौतिक सिम कार्ड के साथ ई-सिम को भी शामिल किया गया है। यदि अकाउंट से जुड़ा नंबर सक्रिय ई-सिम के रूप में उसी डिवाइस में मौजूद रहता है, तो उपयोगकर्ता को निर्धारित शर्तों के तहत सेवा जारी रखने में आसानी हो सकती है। हालांकि, अंतिम प्रक्रिया और सत्यापन से जुड़े व्यावहारिक निर्देश नियमों के अंतिम स्वरूप पर निर्भर करेंगे।

    उपयोगकर्ताओं के लिए फिलहाल जरूरी है कि वे अपने मैसेजिंग अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर की सक्रियता बनाए रखें और सिम बदलने या दूसरे फोन में स्थानांतरित करने से पहले संभावित प्रभाव को समझें। इन नियमों का उद्देश्य सुरक्षा मजबूत करना है, लेकिन इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि अंतिम दिशानिर्देश किस तरह लागू किए जाते हैं और प्लेटफॉर्म सत्यापन की प्रक्रिया कैसे संचालित करते हैं।

  • हॉकी के रोमांच के लिए तैयार पंजाब, जापान की 18 सदस्यीय टीम भारत पहुंची, जालंधर से मोहाली तक दिखेगा एशियाई टीमों का दम

    हॉकी के रोमांच के लिए तैयार पंजाब, जापान की 18 सदस्यीय टीम भारत पहुंची, जालंधर से मोहाली तक दिखेगा एशियाई टीमों का दम


    नई दिल्ली। पंजाब में पहली बार आयोजित होने जा रही एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए जापान की 18 सदस्यीय पुरुष हॉकी टीम मोहाली स्थित शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच गई। यहां खिलाड़ियों का पारंपरिक पंजाबी अंदाज में शानदार स्वागत किया गया। खेल विभाग के अधिकारियों ने भांगड़ा और पारंपरिक मालाओं के साथ जापानी खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। पंजाब की मेहमाननवाजी से खिलाड़ी काफी खुश नजर आए और उन्होंने मेजबानों का आभार जताते हुए टूर्नामेंट में खेलने को लेकर उत्साह जाहिर किया।

    एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एशिया की छह टीमें हिस्सा लेंगी। जापान और मेजबान भारत के अलावा दक्षिण कोरिया चीन मलेशिया और बांग्लादेश की टीमें भी मैदान पर उतरेंगी। इन टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों से हॉकी प्रशंसकों को रोमांचक खेल देखने का मौका मिलेगा। प्रतियोगिता में हर टीम की कोशिश बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब की दौड़ में आगे बढ़ने की होगी।

    जापान की टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संयोजन देखने को मिलेगा। टीम की कप्तानी फुजीशिमा रायकी करेंगे जबकि गोलकीपर की जिम्मेदारी कुरोदा किशो और कितागावा ताकुमी संभालेंगे। टीम में यामाडा शोटा तनाका सेरेन वतनबे जुन मात्सुमोतो काजुमासा नागाई युमा यामाशिता मनाबू नागायोशी केन सैतो हिरो काशिवागी रेन तनाका त्सुबासा ऊका रयोमा कवामुरा युसुके यामानाका मोटोया ओचियाई हारुकी और फुकुदा केंटारो भी शामिल हैं। जापानी खिलाड़ी पंजाब पहुंचने के बाद टूर्नामेंट के लिए अपनी तैयारियों को आगे बढ़ाएंगे।

    इस बार प्रतियोगिता की मेजबानी पंजाब के लिए खास महत्व रखती है क्योंकि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पहली बार राज्य में आयोजित हो रही है। पंजाब को हॉकी की समृद्ध परंपरा और कई बड़े खिलाड़ियों के योगदान के लिए जाना जाता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस टूर्नामेंट की मेजबानी से राज्य को खेल आयोजन के क्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टूर्नामेंट को राज्य में आयोजित कराने के लिए प्रयास किए हैं।

    पंजाब सरकार ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को बेहतर सुविधाएं सुरक्षा और मेहमाननवाजी उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। खिलाड़ियों के ठहरने अभ्यास सत्र और एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है ताकि खिलाड़ियों को प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिल सके।

    टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 27 अक्टूबर को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होंगे। फाइनल मुकाबला 5 नवंबर को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में होगा। जापान की टीम के पहुंचने के साथ ही प्रतियोगिता को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। अब हॉकी प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कौन सी टीम अपने प्रदर्शन के दम पर खिताब हासिल करती है और मेजबान भारत घरेलू मैदान पर कैसा खेल दिखाता है।

  • टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, ईशान किशन को लगी चोट, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नहीं खेलेंगे विकेटकीपर-बल्लेबाज

    टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, ईशान किशन को लगी चोट, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नहीं खेलेंगे विकेटकीपर-बल्लेबाज


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को दूसरे मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन चोट के कारण दूसरे टी20 मैच में नहीं खेल पाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से दी। बोर्ड के मुताबिक ईशान को सीरीज के पहले मुकाबले के दौरान चोट लगी थी और फिलहाल मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है। भारतीय टीम के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह कितनी जल्दी फिट होकर मैदान पर वापसी कर पाते हैं।

    बीसीसीआई ने बताया कि ईशान किशन को लो-ग्रेड राइट एडिक्टर स्ट्रेन हुआ है। यह चोट शरीर के दाहिने हिस्से में जांघ के ऊपरी अंदरूनी क्षेत्र की मांसपेशियों से जुड़ी होती है। ऐसी चोट में खिलाड़ी को दौड़ने दिशा बदलने और तेजी से मूवमेंट करने में परेशानी हो सकती है। इसी वजह से मेडिकल टीम की सलाह और फिटनेस का आकलन खिलाड़ी की वापसी तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। फिलहाल बोर्ड ने उनकी चोट को लेकर निगरानी जारी रहने की जानकारी दी है।

    ईशान किशन का दूसरे टी20 से बाहर होना भारतीय टीम के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि वह मध्यक्रम में बल्लेबाजी को मजबूती देने के साथ विकेटकीपिंग का विकल्प भी हैं। हालांकि पहले टी20 में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए ईशान केवल तीन गेंदों पर एक रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बावजूद उनकी आक्रामक बल्लेबाजी क्षमता और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने की योग्यता टीम के लिए उपयोगी मानी जाती है।

    भारत ने सीरीज के पहले मुकाबले में 226 रन का लक्ष्य हासिल करके शानदार जीत दर्ज की थी। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। अब दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम की कोशिश जीत का सिलसिला जारी रखने और सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी। ईशान की अनुपस्थिति में टीम संयोजन और बल्लेबाजी क्रम पर भी ध्यान देना पड़ सकता है। हालांकि उनकी जगह किस खिलाड़ी को मौका मिलेगा इसे लेकर अंतिम फैसला टीम प्रबंधन करेगा।

    28 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन अब तक 67 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में 1955 रन बना चुके हैं। उनके नाम एक शतक और 13 अर्धशतक दर्ज हैं जबकि उनका सर्वाधिक स्कोर 103 रन है। ये आंकड़े बताते हैं कि वह टीम के लिए तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। मध्यक्रम में जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी करने की उनकी योग्यता भी टीम को कई विकल्प देती है।

    भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि ईशान की चोट जल्द ठीक हो जाए और वह 27 अक्टूबर को होने वाले तीसरे टी20 मुकाबले से पहले फिटनेस हासिल कर लें। हालांकि उनकी वापसी को लेकर अभी निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है। मेडिकल टीम की निगरानी और फिटनेस आकलन के बाद ही उनकी उपलब्धता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल भारत के सामने दूसरे टी20 में जीत की लय बरकरार रखने की चुनौती है जबकि ईशान की चोट टीम प्रबंधन के लिए एक अहम चिंता बनी हुई है।

  • पीयूष गोयल ने जर्मन कंपनियों को भारत में निवेश का दिया न्योता, विनिर्माण और नवाचार में बताए बड़े अवसर

    पीयूष गोयल ने जर्मन कंपनियों को भारत में निवेश का दिया न्योता, विनिर्माण और नवाचार में बताए बड़े अवसर


    नई दिल्ली ।
    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं के साथ बैठकों के दौरान भारत में निवेश, विनिर्माण और नवाचार की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत जर्मन कंपनियों के लिए बड़े अवसर उपलब्ध कराता है। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच विश्वास, प्रतिस्पर्धात्मकता और एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं के आधार पर मजबूत आर्थिक साझेदारी विकसित करने की भी व्यापक संभावनाएं हैं। गोयल ने दोनों देशों के उद्योग जगत से सहयोग बढ़ाने और नए कारोबारी अवसर तलाशने का आह्वान किया।

    बर्लिन दौरे के दौरान गोयल ने फ्रेसेनियस ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइकल सेन के साथ बैठक की। इसमें भारत के तेजी से बढ़ते स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती मांग तथा मजबूत विनिर्माण क्षमताओं पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने विचार किया कि इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर भारतीय बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय जरूरतों को भी पूरा किया जा सकता है।

    गोयल ने भारत की कुशल प्रतिभा और उत्पादन क्षमता को जर्मन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उनके अनुसार, कंपनियां भारत में उपलब्ध योग्य कर्मचारियों और विश्वस्तरीय विनिर्माण सुविधाओं का लाभ उठाकर घरेलू तथा वैश्विक बाजारों में अपनी पहुंच मजबूत कर सकती हैं। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण चिकित्सा उत्पादों और सेवाओं के विकास में भी सहयोग की संभावनाएं हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने बेयर के फार्मास्यूटिकल्स प्रभाग के अध्यक्ष स्टीफन ओएलरिख के साथ भी चर्चा की। इस बैठक में भारत में बेयर की विस्तार योजनाओं और देश के विकसित होते स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक निवेश की संभावनाओं पर विचार किया गया। बातचीत में नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने से जुड़े अवसर भी शामिल रहे। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इस क्षेत्र में निवेश और तकनीकी सहयोग को महत्वपूर्ण माना गया।

    गोयल ने बर्लिन में नॉफ ग्रुप के ग्लोबल जनरल पार्टनर मुरात अकयिलदिज के साथ बैठक में भी भाग लिया। इसमें भारत में कंपनी के विनिर्माण विस्तार, टिकाऊ निर्माण सामग्री और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। भारत में तेजी से हो रहे शहरीकरण और आर्थिक बदलावों के बीच निर्माण क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया गया। टिकाऊ निर्माण सामग्री और उत्पादन क्षमता बढ़ाने से जुड़े अवसर इस बातचीत के प्रमुख विषय रहे।

    इससे पहले गोयल ने जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (डीजीएपी) के इंडिया सेंटर के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जर्मनी की संघीय आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीचे भी मौजूद थीं। गोयल ने कहा कि यह केंद्र भारत-जर्मनी संबंधों की बढ़ती मजबूती और आपसी सहयोग को गहरा करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

    अपने संबोधन में गोयल ने दोनों देशों की पूरक क्षमताओं को महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्यों के लिए मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता आर्थिक साझेदारी को नई गति दे सकता है। उनके अनुसार, भारत और जर्मनी मिलकर वैश्विक स्तर पर मजबूत और लचीली मूल्य शृंखलाएं विकसित कर सकते हैं। इसके लिए दोनों देशों के उद्योगों और निवेशकों को पारस्परिक लाभ वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की जरूरत है।

    बर्लिन स्थित ईएसएमटी बर्लिन की ओर से आयोजित बिजनेस लीडर्स राउंडटेबल में भी गोयल ने प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। उन्होंने भारत और जर्मनी के बीच व्यापारिक तथा आर्थिक संबंधों के भविष्य को लेकर विश्वास जताया। इन बैठकों के जरिए निवेश, उत्पादन, स्वास्थ्य सेवा, निर्माण सामग्री और नवाचार जैसे क्षेत्रों में कारोबारी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं को सामने रखा गया।

  • तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 517 अंक चढ़ा, आईटी शेयरों में खरीदारी से मिला सहारा

    तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 517 अंक चढ़ा, आईटी शेयरों में खरीदारी से मिला सहारा

    नई दिल्ली । लगातार तीन कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों हरे निशान में रहे। सेंसेक्स 416.25 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,665.64 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 ने 54.55 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,742.20 पर शुरुआत की। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 73,249.39 और निफ्टी 22,687.65 पर बंद हुआ था।

    कारोबार आगे बढ़ने के साथ सेंसेक्स की तेजी बढ़ी और उसने 517.12 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,766.51 का उच्चतम स्तर छुआ। वहीं, निफ्टी 50 करीब 100 अंक यानी 0.43 प्रतिशत चढ़कर 22,787.25 के स्तर तक पहुंचा। बाजार में आई इस तेजी के बावजूद सभी श्रेणियों के शेयरों में खरीदारी का माहौल नहीं दिखा। व्यापक बाजार में दबाव बना रहा और छोटे तथा मझोले शेयरों के सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।

    निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में करीब 2 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 में 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे संकेत मिला कि प्रमुख सूचकांकों में बढ़त के बावजूद व्यापक बाजार की स्थिति कमजोर बनी हुई थी। निवेशकों की खरीदारी चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रही और कई प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक गिरावट में कारोबार करते दिखे।

    क्षेत्रवार प्रदर्शन में आईटी शेयरों ने बाजार को सबसे अधिक सहारा दिया। निफ्टी आईटी सूचकांक में 1.8 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके विपरीत निफ्टी मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, ऑटो, पीएसयू बैंक और मीडिया सूचकांकों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। इस तरह बाजार की शुरुआती तेजी के बीच अलग-अलग क्षेत्रों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला।

    विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपये में मामूली मजबूती दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया तीन पैसे बढ़कर 94.79 पर खुला। इससे पिछले कारोबारी दिन गुरुवार को यह 94.82 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, रुपये में सुधार सीमित रहा और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेत निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बने रहे।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख कमजोर रहा। एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई, जबकि अमेरिकी बाजार भी अधिकांशतः नुकसान के साथ बंद हुए। अमेरिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई पर बढ़ते खर्च और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को लेकर चिंताओं ने निवेशकों की धारणा प्रभावित की। अमेरिकी तकनीकी शेयरों में बिकवाली के बीच नैस्डैक सूचकांक 2.6 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। एशिया में जापान का निक्केई सूचकांक शुरुआती कारोबार में लगभग 1.7 प्रतिशत नीचे आ गया।

    बाजार विश्लेषकों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत 114 डॉलर तक पहुंचना अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय है। दूसरी ओर, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट और रुपये में मजबूती को सकारात्मक संकेत माना गया। विश्लेषकों का कहना है कि ये कारक विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का दबाव कम करने में मदद कर सकते हैं।

    बाजार की आगे की दिशा को लेकर विश्लेषकों ने निफ्टी के लिए 22,600 से 22,650 के स्तर को तत्काल समर्थन और 22,900 से 23,000 के स्तर को प्रतिरोध क्षेत्र बताया। निफ्टी का सापेक्ष शक्ति सूचकांक यानी आरएसआई 43.98 पर रहा, जबकि इसका औसत 38.86 था। पुट-कॉल अनुपात यानी पीसीआर घटकर 0.82 पर आ गया।

    गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,459 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,891 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार को सहारा मिला। विश्लेषकों ने यह भी अनुमान जताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में लगाए गए 3.73 लाख करोड़ रुपये में से तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि शेयर आवंटन के बाद अगले सोमवार तक व्यवस्था में लौट सकती है। उनके मुताबिक, इससे अगले सप्ताह बाजार में नकदी की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है, हालांकि बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और निवेशकों की गतिविधियों पर भी निर्भर करेगी।

  • इंग्लैंड की रिकॉर्ड हार पर कप्तान हैरी ब्रूक का बड़ा बयान, बोले- हम अपनी गलती जानते हैं, 429 रन बनाकर भी नहीं बचा पाए मैच

    इंग्लैंड की रिकॉर्ड हार पर कप्तान हैरी ब्रूक का बड़ा बयान, बोले- हम अपनी गलती जानते हैं, 429 रन बनाकर भी नहीं बचा पाए मैच


    नई दिल्ली। पाकिस्तान में खेली जा रही वनडे त्रिकोणीय सीरीज में इंग्लैंड को श्रीलंका के खिलाफ ऐसी हार का सामना करना पड़ा जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। इंग्लैंड ने कप्तान हैरी ब्रूक के ऐतिहासिक दोहरे शतक की बदौलत 429 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया लेकिन श्रीलंका ने 49.5 ओवर में आठ विकेट खोकर 430 रन बना लिए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस रिकॉर्डतोड़ हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने स्वीकार किया कि उनकी टीम गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी और उसे अपनी गलतियों को सुधारने की जरूरत है।

    मैच के बाद ब्रूक ने कहा कि यह शानदार मुकाबला था और दोनों टीमों ने बेहतरीन क्रिकेट खेला लेकिन दुर्भाग्य से श्रीलंका ने बाजी मार ली। उन्होंने माना कि इंग्लैंड के गेंदबाज विपक्षी टीम की ताकत के हिसाब से गेंदबाजी करते रहे और बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। ब्रूक के मुताबिक टीम को पता है कि उससे कहां गलती हुई है। अब खिलाड़ियों को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा और आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन के लिए सरल योजनाओं के साथ मैदान पर उतरना होगा।

    इस मुकाबले में इंग्लैंड की बल्लेबाजी शानदार रही। टॉस जीतकर श्रीलंका ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में चार विकेट पर 429 रन बनाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 116 गेंदों पर 202 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 21 चौके और 10 छक्के शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ ब्रूक ने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया। उनके अलावा जो रूट ने 66 गेंदों पर 69 रन बनाए जबकि विल जैक्स ने केवल 30 गेंदों पर नाबाद 66 रन ठोककर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

    इंग्लैंड को उम्मीद रही होगी कि 430 रन का लक्ष्य श्रीलंका के लिए बेहद मुश्किल साबित होगा लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी। सलामी बल्लेबाज अविष्का फर्नांडो ने 83 गेंदों पर 97 रन बनाकर मजबूत नींव रखी। इसके बाद पवन रथनायके ने चौथे नंबर पर उतरकर 106 गेंदों पर 130 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी ने श्रीलंका को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। रथनायके को उनके प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    मुकाबले के अंतिम चरण में दासुन शनाका और जेनिथ लियांगे ने इंग्लैंड की उम्मीदों को झटका दिया। शनाका ने 50 गेंदों पर 97 रन बनाए जबकि लियांगे ने 27 गेंदों पर नाबाद 61 रन की तेजतर्रार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने जरूरी रन गति बनाए रखी और श्रीलंका को आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर ऐतिहासिक जीत दिला दी। श्रीलंका का यह वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ा सफल रन चेज बताया गया जबकि विश्व क्रिकेट में यह दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल करने का कारनामा रहा।

    इस हार ने इंग्लैंड की गेंदबाजी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 429 रन बनाने के बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी जो उसके लिए बड़ी चिंता का विषय है। ब्रूक ने कहा कि टीम के पास फाइनल में जगह बनाने का मौका अभी मौजूद है और खिलाड़ियों को खुद पर भरोसा बनाए रखना होगा। अब इंग्लैंड की कोशिश अपनी गेंदबाजी की कमियों को दूर कर अगले मुकाबलों में वापसी करने की होगी जबकि श्रीलंका की टीम इस ऐतिहासिक जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगी।

  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका का जोरदार पलटवार, बावुमा की कप्तानी पारी से मिली बड़ी जीत, बोले- हर प्रदर्शन पर रहती है दुनिया की नजर

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका का जोरदार पलटवार, बावुमा की कप्तानी पारी से मिली बड़ी जीत, बोले- हर प्रदर्शन पर रहती है दुनिया की नजर


    नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए पारी और 31 रन से बड़ी जीत दर्ज की और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 से बराबरी हासिल कर ली। इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा ने 179 रन की यादगार पारी खेली जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने वापसी करते हुए गेंद से अहम योगदान दिया। जीत के बाद बावुमा ने कहा कि मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन के तौर पर सभी चाहते हैं कि दक्षिण अफ्रीका मैदान पर उसी स्तर का प्रदर्शन करे और टीम के हर कदम पर लोगों की नजर रहती है।

    मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बावुमा ने कहा कि टीम से विश्व चैंपियन की तरह खेलने की अपेक्षा की जाती है। उनके मुताबिक टीम को अपने प्रदर्शन के साथ इन उम्मीदों पर भी खरा उतरना होता है। उन्होंने माना कि मजबूत विपक्षी टीम के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता और चुनौतियों का बेहतर अंदाजा मिलता है। बावुमा के इस बयान से साफ है कि दक्षिण अफ्रीका अपनी प्रतिष्ठा के साथ मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने के दबाव को समझती है और हर मुकाबले में मजबूत खेल दिखाने पर ध्यान दे रही है।

    दूसरे टेस्ट में तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की वापसी भी दक्षिण अफ्रीका के लिए निर्णायक साबित हुई। चोट के कारण वह पहले टेस्ट में नहीं खेल पाए थे और उनकी गैरमौजूदगी में टीम को हार का सामना करना पड़ा था। दूसरे मैच में फिट होकर लौटे रबाडा ने छह विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया। बावुमा ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि रबाडा गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करने की जिम्मेदारी लेते हैं। इससे बाकी खिलाड़ियों को अपनी भूमिका बेहतर तरीके से निभाने का मौका मिलता है। उन्होंने रबाडा को दूसरे खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा देने वाला खिलाड़ी भी बताया।

    मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत आसान नहीं रही। टीम ने पहली पारी में महज 110 रन पर छह विकेट गंवा दिए थे और एक समय बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल दिखाई दे रहा था। लेकिन कप्तान बावुमा ने मोर्चा संभाला और 179 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को संकट से बाहर निकाला। मार्को जानसेन ने 85 रन बनाए जबकि सिमोन हार्मर ने 82 रन का योगदान दिया। इन पारियों की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने नौ विकेट पर 425 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। शुरुआती झटकों के बाद टीम की इस वापसी ने मैच का रुख बदल दिया।

    लक्ष्य के जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी केवल 99 रन पर सिमट गई। दक्षिण अफ्रीका की ओर से मार्को जानसेन ने पांच विकेट लेकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। बड़ी बढ़त मिलने के कारण ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन खेलना पड़ा। दूसरी पारी में ट्रेविस हेड ने 121 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली और टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारियां नहीं कर सके। पूरी टीम 295 रन पर आउट हो गई और दक्षिण अफ्रीका ने पारी तथा 31 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज में वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया है। बावुमा की कप्तानी पारी और रबाडा की प्रभावी गेंदबाजी टीम की जीत के प्रमुख कारण रहे। अब तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का निर्णायक मुकाबला दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण होगा। दक्षिण अफ्रीका की कोशिश इस लय को बरकरार रखने की होगी जबकि ऑस्ट्रेलिया सीरीज जीतने के लिए अपनी कमजोरियों को दूर करने उतरेगा।

  • ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसे में 16 मौतों के बाद बड़ा फैसला, हर मृतक के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नगर निगम में नौकरी

    ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसे में 16 मौतों के बाद बड़ा फैसला, हर मृतक के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नगर निगम में नौकरी


    ग्वालियर । ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक ट्रक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को अब रोजगार केGwalior Accident, Sheetla Mata Temple, Municipal Corporation Job, Madhya Pradesh News, Road Safety Investigation जरिए सहारा देने की तैयारी है। ग्वालियर नगर निगम परिषद ने निर्णय लिया है कि हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों की मदद करने पर भी सहमति बनी है। नगर निगम परिषद में इस मुद्दे पर शोक प्रस्ताव के दौरान चर्चा हुई और भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस के पार्षद पीड़ित परिवारों की सहायता के फैसले पर एकमत नजर आए।

    18 अक्टूबर की देर रात शीतला माता मंदिर के मुख्य द्वार के पास हुए हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। चीनौर रोड पर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु सड़क किनारे कतार में खड़े थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर अनियंत्रित हो गया और लोगों को अपनी चपेट में लेता चला गया। इस दर्दनाक घटना में 16 लोगों की मौत हो गई जबकि 42 लोग घायल हुए। मृतकों में पुरुषों के साथ महिला और बच्चे भी शामिल थे। हादसे के बाद प्रभावित परिवारों के सामने अपनों को खोने के दुख के साथ आर्थिक और पारिवारिक मुश्किलें भी खड़ी हो गईं।

    नगर निगम परिषद में पीड़ित परिवारों की स्थिति को देखते हुए रोजगार उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। हर मृतक के परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्सिंग पर नौकरी देने का उद्देश्य परिवार को नियमित आय का सहारा उपलब्ध कराना है। हादसे के कारण जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके लिए यह सहायता महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि नौकरी की प्रक्रिया कब शुरू होगी और पात्र परिवारों के सदस्यों का चयन किस तरह किया जाएगा इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

    नगर निगम सभापति मनोज सिंह तोमर ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। परिषद के फैसले को हादसे से प्रभावित लोगों के साथ खड़े होने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। घायलों को भी सहायता देने की बात कही गई है। हादसे के बाद कई परिवार इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में आर्थिक मदद और रोजगार संबंधी सहायता उन्हें आगे की जिंदगी संभालने में सहारा दे सकती है।

    दूसरी ओर महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने हादसे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब मंदिर तक दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी तो धान से भरा ट्रक वहां तक कैसे पहुंच गया। उन्होंने सुरक्षा में संभावित चूक की जांच कराने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। हादसे के समय ट्रक पुलिस चेकपोस्ट को तोड़ते हुए श्रद्धालुओं को कुचलकर मंदिर की बाहरी दीवार और प्रवेश द्वार से टकरा गया था। टक्कर के कारण दीवार ढह गई और कुछ लोग मलबे में दब गए।

    घटना के बाद घायलों को जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने पुलिस व्यवस्था पर लापरवाही के आरोप भी लगाए। पुलिस ने ट्रक चालक और मालिक को गिरफ्तार किया था। चालक ने पूछताछ में ट्रक के ब्रेक फेल होने की बात कही थी। हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई हुई और सिटी एसपी को हटाने के साथ आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। अब नगर निगम के रोजगार संबंधी फैसले से पीड़ित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है जबकि सुरक्षा में चूक और हादसे के वास्तविक कारणों की जांच भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

  • पूर्व डीएसपी की पुत्रवधु ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए, छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

    पूर्व डीएसपी की पुत्रवधु ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए, छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी में पूर्व ट्रैफिक डीएसपी हरिवंश कन्हौआ के परिवार से जुड़ा विवाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। उनकी पुत्रवधु प्रियांशु शर्मा ने ससुराल पक्ष के छह सदस्यों के खिलाफ शिकायत देकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, संपत्ति हड़पने की कोशिश तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। प्रियांशु ने पुलिस से मामले में कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    प्रियांशु शर्मा ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी शादी जनवरी 2022 में आकाश कन्हौआ के साथ हुई थी। शिकायत के मुताबिक, 23 दिसंबर 2025 को आकाश 14 लाख रुपये की व्यवस्था करने के लिए घर से निकले थे। इसके अगले दिन प्रियांशु को जबलपुर में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की सूचना मिली। पति की मौत के हालात को लेकर शिकायत में चिंता जताई गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी मौत के कारणों और उससे संबंधित जांच के अंतिम निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।

    प्रियांशु का आरोप है कि पति की मौत के लगभग सवा महीने बाद भोपाल स्थित मकान से 23 लाख रुपये की चोरी के मामले में उन पर आरोप लगाया गया। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पुलिस जांच और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला यानी एफएसएल की जांच में उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला। इस मामले में जांच से संबंधित दस्तावेजों और निष्कर्षों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

    शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सास-ससुर और जेठ की ओर से उन पर दूसरी शादी करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, बेटी सान्वी को अपने पास से छोड़ने के लिए भी दबाव बनाया गया। प्रियांशु ने दावा किया कि पति के नाम पर मौजूद संपत्ति अपने नाम कराने के लिए भी उनसे लगातार दबावपूर्वक बातचीत की जाती रही। इन आरोपों के संबंध में दूसरे पक्ष का बयान उपलब्ध नहीं है।

    प्रियांशु ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उन्हें इंदौर में नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। उनका आरोप है कि अक्टूबर 2026 में अपने पिता के साथ बातचीत के दौरान उनसे जबरन समझौते से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घर से निकालने की बात कही गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन परिस्थितियों के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा और अब उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता है।

    प्रियांशु शर्मा ने जिन छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, उनमें उनके ससुर हरिवंश कन्हौआ, सास सरोज कन्हौआ, जेठ विकास कन्हौआ, जेठानी भावना कन्हौआ, ननद ऋतु अवस्थी और नंदोई सौरभ अवस्थी के नाम शामिल हैं। उन्होंने पुलिस से शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने, संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

    मामले में अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। पति की संदिग्ध मौत, चोरी के आरोप, संपत्ति को लेकर विवाद और कथित प्रताड़ना से जुड़े पहलुओं की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।