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  • सुबह की ये आसान आदत स्किन को दे सकती है इंस्टेंट फ्रेशनेस, जानें आइस वॉटर थेरेपी के फायदे

    सुबह की ये आसान आदत स्किन को दे सकती है इंस्टेंट फ्रेशनेस, जानें आइस वॉटर थेरेपी के फायदे


    नई दिल्ली। हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा लंबे समय तक चमकदार, स्वस्थ और जवां दिखाई दे। इसके लिए लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स और कई तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट अपनाते हैं। हालांकि, कुछ आसान घरेलू उपाय भी त्वचा को ताजगी देने में मदद कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है आइस वॉटर थेरेपी या ठंडे पानी से चेहरे की सफाई। हालांकि यह समझना जरूरी है कि आइस वॉटर थेरेपी झुर्रियों को स्थायी रूप से खत्म नहीं करती, लेकिन इससे चेहरे पर अस्थायी कसाव, सूजन में कमी और फ्रेशनेस महसूस हो सकती है।

    क्या है आइस वॉटर थेरेपी?
    सुबह उठने के बाद एक बाउल में ठंडा पानी लें और उसमें कुछ आइस क्यूब्स डालें। इसके बाद कुछ सेकंड के लिए चेहरे को ठंडे पानी में डुबोएं या ठंडे पानी से चेहरा धो लें। कई लोग इसे अपनी मॉर्निंग स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा बनाते हैं।

    चेहरे की सूजन कम हो सकती है

    सुबह उठने के बाद कई लोगों के चेहरे पर हल्की सूजन दिखाई देती है। ठंडा पानी रक्त वाहिकाओं को अस्थायी रूप से संकुचित करता है, जिससे सूजन कुछ समय के लिए कम दिखाई दे सकती है।

    त्वचा को मिलती है ताजगी
    ठंडे पानी से चेहरा धोने पर त्वचा फ्रेश महसूस होती है और कई लोगों को इंस्टेंट ग्लो का एहसास होता है।

    अतिरिक्त ऑयल कम महसूस हो सकता है
    ऑयली स्किन वाले लोगों को ठंडा पानी चेहरे पर ताजगी और अतिरिक्त तेल कम होने का एहसास दे सकता है, हालांकि यह ऑयल प्रोडक्शन को स्थायी रूप से नियंत्रित नहीं करता।

    पोर्स छोटे दिखाई दे सकते हैं
    ठंडे तापमान के कारण त्वचा पर अस्थायी कसाव आता है, जिससे पोर्स कुछ समय के लिए छोटे नजर आ सकते हैं।

    क्या इससे झुर्रियां खत्म हो जाती हैं?
    यह दावा वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है कि आइस वॉटर थेरेपी झुर्रियों या फाइन लाइंस को स्थायी रूप से खत्म कर देती है। हालांकि ठंडक के कारण त्वचा कुछ समय के लिए टाइट और स्मूद दिखाई दे सकती है। उम्र बढ़ने के साथ आने वाली झुर्रियों को कम करने के लिए सनस्क्रीन, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और सही स्किनकेयर ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

    कैसे करें सही तरीके से?
    एक बाउल में ठंडा पानी और कुछ बर्फ के टुकड़े डालें।

    चेहरे को 5–10 सेकंड के लिए पानी में डुबोएं।

    इस प्रक्रिया को 3–5 बार दोहरा सकते हैं।

    इसके बाद साफ तौलिए से चेहरा हल्के हाथों से सुखाएं।

    फिर मॉइस्चराइज़र और दिन में बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

    किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

    यदि आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, आपको रोजेशिया, एक्जिमा या ठंड से एलर्जी की समस्या है, तो बर्फ को सीधे चेहरे पर लगाने से बचें। बहुत अधिक देर तक चेहरे को बर्फ वाले पानी में रखने से त्वचा में जलन या असहजता हो सकती है।

    ग्लोइंग स्किन के लिए सिर्फ इतना काफी नहीं
    स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए इन आदतों को भी अपनाएं—

    पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

    संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।

    रोज 7–8 घंटे की नींद लें।

    धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।

    धूम्रपान और अत्यधिक जंक फूड से बचें।

  • India UK Trade Deal से पहले बड़ा कदम पीयूष गोयल ने जारी किया CETA बिजनेस मैनुअल कारोबारियों को मिलेगा व्यापार बढ़ाने का पूरा रोडमैप

    India UK Trade Deal से पहले बड़ा कदम पीयूष गोयल ने जारी किया CETA बिजनेस मैनुअल कारोबारियों को मिलेगा व्यापार बढ़ाने का पूरा रोडमैप


    नई दिल्ली । भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लंदन में भारत यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते यानी सीईटीए के लिए विशेष बिजनेस मैनुअल लॉन्च किया है। यह मैनुअल ऐसे समय जारी किया गया है जब दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय और ब्रिटिश कारोबारियों को समझौते के प्रावधानों को सरल तरीके से समझाना और उनके माध्यम से अधिकतम व्यावसायिक लाभ प्राप्त करने में सहायता देना है।

    सीईटीए बिजनेस यूटिलाइजेशन मैनुअल को एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका के रूप में तैयार किया गया है। इसमें व्यापार से जुड़े नियमों प्रक्रियाओं और उपलब्ध अवसरों को आसान भाषा में समझाया गया है ताकि छोटे मध्यम और बड़े सभी प्रकार के उद्योग इस समझौते का प्रभावी उपयोग कर सकें। इस पहल से दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    इस मैनुअल का विमोचन एफआईसीसीआई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किया गया जिसमें यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल और एचएसबीसी इंडिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों संस्थानों ने संयुक्त रूप से इस दस्तावेज को तैयार किया है। इसे एक लिविंग डॉक्यूमेंट के रूप में विकसित किया गया है जिसका अर्थ है कि समय समय पर बदलती व्यापारिक जरूरतों और नए नियमों के अनुसार इसमें संशोधन और अपडेट किए जाएंगे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सीईटीए लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच बाजार तक पहुंच पहले से अधिक आसान होगी। व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और निवेश के नए अवसर सामने आएंगे। इससे निर्यातकों आयातकों और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। यह समझौता भारत और ब्रिटेन के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।

    यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल के ग्रुप मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ किशोर जयरामन ने कहा कि यह मैनुअल केवल जानकारी देने वाला दस्तावेज नहीं बल्कि कारोबारियों के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप है। इसके माध्यम से कंपनियां व्यापार समझौते के नियमों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगी और उनका लाभ उठाकर अपने कारोबार का विस्तार कर सकेंगी।

    एचएसबीसी इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हितेंद्र दवे ने भी इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह समझौता दोनों देशों के उद्योगों को अधिक भरोसा बेहतर बाजार पहुंच और मजबूत व्यावसायिक साझेदारी का अवसर देगा। उनका मानना है कि कंपनियों को इस मैनुअल का उपयोग करते हुए सीमा पार व्यापार और निवेश को नई दिशा देनी चाहिए।

    भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार लगातार मजबूत हो रहा है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 की चौथी तिमाही तक दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग अड़तालीस अरब पाउंड के करीब पहुंच चुका है जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी को दर्शाता है। ऐसे में सीईटीए और इसके लिए तैयार किया गया यह बिजनेस मैनुअल भविष्य में व्यापार निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

  • स्वस्थ रहने का आसान मंत्र: घरेलू चीजें, संतुलित भोजन और अच्छी दिनचर्या से रखें खुद को फिट

    स्वस्थ रहने का आसान मंत्र: घरेलू चीजें, संतुलित भोजन और अच्छी दिनचर्या से रखें खुद को फिट


    नई दिल्ली। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में स्वस्थ रहना हर किसी की प्राथमिकता है। लेकिन तनाव, अनियमित दिनचर्या, जंक फूड और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कई लोग छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। अच्छी बात यह है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए हमेशा महंगी दवाइयों या सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं होती। यदि हम अपनी रोजमर्रा की आदतों में कुछ सकारात्मक बदलाव करें, तो लंबे समय तक शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

    दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करें
    सुबह उठने के बाद एक या दो गिलास गुनगुना पानी पीने से शरीर हाइड्रेट होता है और पाचन तंत्र सक्रिय होने में मदद मिलती है। जिन लोगों को एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या रहती है, उन्हें केवल सादा गुनगुना पानी ही पीना चाहिए।

    घर का संतुलित भोजन है सबसे बड़ी दवा

    अच्छे स्वास्थ्य की नींव संतुलित और पौष्टिक भोजन है। अपने दैनिक आहार में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, साबुत अनाज, दूध, दही, पनीर और अंकुरित अनाज शामिल करें। ये शरीर को आवश्यक विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और फाइबर प्रदान करते हैं।

    वहीं तला-भुना भोजन, जंक फूड, अत्यधिक मीठे और पैकेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें, क्योंकि इनका अधिक सेवन मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग और पाचन संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।

    रसोई की ये चीजें हैं सेहत की साथी

    भारतीय रसोई में कई ऐसी प्राकृतिक चीजें मौजूद हैं जो सामान्य स्वास्थ्य के लिए लाभदायक मानी जाती हैं।

    हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं।

    अदरक पाचन को बेहतर बनाने और गले की हल्की परेशानी में राहत देने में सहायक हो सकती है।

    सीमित मात्रा में लहसुन का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

    तुलसी रोग प्रतिरोधक क्षमता को समर्थन देती है।

    जीरा, सौंफ और अजवाइन भोजन के बाद गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत पहुंचा सकते हैं।

    हालांकि, ये घरेलू उपाय सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं, लेकिन किसी गंभीर बीमारी का विकल्प नहीं हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह आवश्यक है।

    पर्याप्त पानी पीना न भूलें

    शरीर के लगभग सभी अंगों के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त पानी जरूरी है। सही मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, त्वचा स्वस्थ रहती है और पाचन क्रिया भी बेहतर बनी रहती है।

    रोज करें योग और व्यायाम
    स्वस्थ रहने के लिए केवल अच्छा भोजन ही पर्याप्त नहीं है। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तेज चाल से चलना, योग, स्ट्रेचिंग या हल्का व्यायाम करना फायदेमंद होता है।

    योग और प्राणायाम शरीर को लचीला बनाने, तनाव कम करने, श्वसन क्षमता बढ़ाने और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।

    अच्छी नींद भी है जरूरी

    स्वस्थ जीवन के लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेना आवश्यक है। पर्याप्त नींद शरीर की मरम्मत प्रक्रिया को बेहतर बनाती है, मानसिक एकाग्रता बढ़ाती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करती है।

    मानसिक स्वास्थ्य का भी रखें ध्यान
    स्वस्थ जीवन केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है। मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन कुछ मिनट ध्यान, प्राणायाम या गहरी सांस लेने का अभ्यास करें। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना, सकारात्मक सोच रखना और तनाव को नियंत्रित करना मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।

    मौसमी फल और सब्जियां खाएं
    हर मौसम में मिलने वाले फल और सब्जियां शरीर की जरूरत के अनुसार पोषण प्रदान करते हैं। पपीता, सेब, अमरूद, संतरा, तरबूज, पालक, गाजर, चुकंदर, लौकी और तोरी जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन, मिनरल और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं।

    चीनी और नमक का सीमित सेवन करें

    अधिक चीनी और नमक का सेवन उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए मीठे पेय पदार्थ, अधिक मिठाइयों और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित रखें।

    धूप और साफ-सफाई का रखें ध्यान

    सुबह की हल्की धूप शरीर में विटामिन D बनने में मदद करती है, जो हड्डियों और मांसपेशियों के लिए जरूरी है। इसके साथ ही भोजन से पहले हाथ धोना, साफ पानी पीना और रसोई की स्वच्छता बनाए रखना संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    छोटी आदतें, बड़ा बदलाव

    समय पर भोजन करना, भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाना, देर रात भारी भोजन से बचना, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना लंबे समय तक स्वस्थ रहने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि परिवार में मधुमेह, उच्च रक्तचाप या हृदय रोग का इतिहास है, तो नियमित मेडिकल चेकअप जरूर कराएं।
  • ऊर्जा सुरक्षा पर भारत का बड़ा विजन BRICS 2026 की अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ को नई दिशा देगा भारत पीएम मोदी का ऐलान

    ऊर्जा सुरक्षा पर भारत का बड़ा विजन BRICS 2026 की अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ को नई दिशा देगा भारत पीएम मोदी का ऐलान


    नई दिल्ली । नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने के दौरान भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना और ग्लोबल साउथ के देशों को वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था के केंद्र में स्थापित करना शामिल होगा। उनका कहना है कि तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों में केवल घरेलू नीतियां ही पर्याप्त नहीं हैं बल्कि मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझा प्रयासों के माध्यम से ही सुरक्षित विश्वसनीय और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था का निर्माण किया जा सकता है। भारत इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में ब्रिक्स मंच के जरिए विकासशील देशों की आवाज को और अधिक मजबूती देने का प्रयास करेगा।

    प्रधानमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य ऐसी वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था तैयार करना है जो सभी देशों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराए और ऊर्जा सुरक्षा के साथ आर्थिक विकास तथा पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करे। उनका मानना है कि ग्लोबल साउथ के देशों के सामने ऊर्जा उपलब्धता स्वच्छ तकनीक और वित्तीय संसाधनों जैसी कई चुनौतियां हैं जिनका समाधान सामूहिक सहयोग से ही संभव है।

    मनोहर लाल खट्टर ने भी अपने विचारों में कहा कि दुनिया का ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को नई तकनीकों नवाचार और मजबूत साझेदारी की सबसे अधिक आवश्यकता है। भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान इसी दिशा में ठोस पहल करेगा ताकि स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति मिले और सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग तथा निवेश को बढ़ावा मिल सके।

    उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। देश ने गैर जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता में तेजी से वृद्धि की है और राष्ट्रीय लक्ष्य से पहले ही कुल स्थापित बिजली क्षमता का आधे से अधिक हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि भारत की ऊर्जा नीति और हरित विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    भारत ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन कोयला गैसीकरण इलेक्ट्रिक मोबिलिटी आधुनिक ट्रांसमिशन नेटवर्क और डिजिटल तकनीकों पर लगातार निवेश कर रहा है। स्मार्ट मीटर और इंडिया एनर्जी स्टैक जैसी पहल बिजली क्षेत्र को अधिक पारदर्शी सक्षम और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरकार का मानना है कि भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था डिजिटल तकनीक और स्वच्छ संसाधनों के बेहतर समन्वय पर आधारित होगी।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि ब्रिक्स देशों की अलग अलग क्षमताएं एक दूसरे की ताकत बन सकती हैं। यदि सदस्य देश मिलकर अनुसंधान तकनीक निवेश और ऊर्जा अवसंरचना के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाते हैं तो न केवल ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों का भी प्रभावी समाधान निकाला जा सकेगा। भारत इसी साझा सोच को आगे बढ़ाते हुए ब्रिक्स 2026 के दौरान ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा।

  • ऊर्जा सुरक्षा की नई राह सागर अदाणी बोले तेज विद्युतीकरण ही भारत के आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत

    ऊर्जा सुरक्षा की नई राह सागर अदाणी बोले तेज विद्युतीकरण ही भारत के आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत


    नई दिल्ली । ऊर्जा सुरक्षा आर्थिक विकास और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अब तेजी से विद्युतीकरण सबसे प्रभावी समाधान बनकर उभर रहा है। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो भरोसेमंद किफायती और चौबीसों घंटे स्वच्छ बिजली उपलब्ध करा सके। इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा के साथ आधुनिक ऊर्जा भंडारण तकनीकों का विस्तार बेहद जरूरी है।

    लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक के दौरान आयोजित अदाणी ग्रीन एनर्जी डायलॉग में सागर अदाणी ने कहा कि दुनिया के सामने ऊर्जा सुरक्षा वहनीयता और पर्यावरण संरक्षण जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। इन तीनों समस्याओं का सबसे मजबूत समाधान तेजी से बढ़ता विद्युतीकरण है। उनका कहना था कि जो देश दीर्घकालिक आर्थिक विकास और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं उन्हें अब इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने होंगे।

    उन्होंने बताया कि केवल सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन पर्याप्त नहीं है बल्कि इन्हें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ना भी आवश्यक है। इससे स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जा सकती है और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर तथा विश्वसनीय बनती है।

    सागर अदाणी ने कहा कि अदाणी ग्रीन इसी सोच के साथ वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित किया जा रहा है जहां बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण तकनीकों को भी शामिल किया जा रहा है। इससे भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

    इस कार्यक्रम में दुनिया भर के नीति निर्माता निवेशक उद्योग विशेषज्ञ और जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चर्चा के दौरान स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने के लिए निवेश नई नीतियों और मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाकर ही कम कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में तेज बदलाव संभव होगा।

    एनर्जी ट्रांजिशन्स कमीशन के सह अध्यक्ष लॉर्ड अडेयर टर्नर ने कहा कि यदि दुनिया को शून्य उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था बनानी है तो बिजली उत्पादन को अधिकतम स्तर तक स्वच्छ और कार्बन मुक्त बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सड़क परिवहन भवनों की ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युतीकरण अब आर्थिक रूप से भी लाभदायक साबित हो रहा है।

    अदाणी समूह आने वाले वर्षों में ऊर्जा परिवर्तन और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 अरब डॉलर से अधिक निवेश करने की योजना पर काम कर रहा है। समूह ग्रीन हाइड्रोजन ऊर्जा भंडारण ट्रांसमिशन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक औद्योगिक तकनीकों में भी निवेश बढ़ा रहा है। हाल ही में समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने भी परमाणु ऊर्जा नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को मिलाकर विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उनका मानना है कि यही मॉडल भविष्य में भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित किफायती और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पूरा करेगा।

  • शनि प्रदोष 2026: आज शिवजी और शनि देव की कृपा पाने का शुभ संयोग, देखें आज का पंचांग

    शनि प्रदोष 2026: आज शिवजी और शनि देव की कृपा पाने का शुभ संयोग, देखें आज का पंचांग

    नई दिल्ली।  Aaj Ka Panchang 27 June 2026: आज शनिवार के दिन शनि प्रदोष व्रत का पावन संयोग है। त्रयोदशी तिथि पर पड़ने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है, वहीं शनिवार होने के कारण इस दिन शनि देव की उपासना का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान शिव और शनि देव की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैया या अन्य शनि दोष का प्रभाव है, उन्हें आज शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करने के साथ शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

    27 जून 2026 का पंचांग

    • दिन: शनिवार

    • तिथि: त्रयोदशी (शनि प्रदोष व्रत)

    • सूर्योदय: प्रातः 5:47 बजे

    • सूर्यास्त: शाम 7:12 बजे

    • चंद्रोदय: शाम 5:17 बजे

    • चंद्रास्त: 28 जून प्रातः 3:58 बजे

    नोट: सूर्योदय और सूर्यास्त का समय शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

    आज के शुभ मुहूर्त

    • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:11 बजे से 4:59 बजे तक

    • अमृत काल: सुबह 10:29 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक

    • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:56 बजे तक

    आज के अशुभ मुहूर्त

    • राहुकाल: सुबह 9:08 बजे से 10:49 बजे तक

    • यमगंड: दोपहर 2:10 बजे से 3:51 बजे तक

    • कुलिक काल: प्रातः 5:47 बजे से 7:28 बजे तक

    • दुर्मुहूर्त: सुबह 7:34 बजे से 8:28 बजे तक

    • वर्ज्य काल: प्रातः 4:28 बजे से 6:16 बजे तक

    शनि प्रदोष का धार्मिक महत्व

    शनि प्रदोष व्रत को भगवान शिव और शनि देव दोनों की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव की आराधना करने वाले भक्तों पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है। इस दिन विधि-विधान से पूजा, रुद्राभिषेक, शिव मंत्रों का जाप तथा दीपदान करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

  • तमिलनाडु का श्री लक्ष्मी नारायणी स्वर्ण मंदिर, जहां 1500 किलो सोने से बनी है भव्य आस्था की पहचान

    तमिलनाडु का श्री लक्ष्मी नारायणी स्वर्ण मंदिर, जहां 1500 किलो सोने से बनी है भव्य आस्था की पहचान


    वेल्लूर। तमिलनाडु का वेल्लूर जिला केवल अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे भव्य स्वर्ण मंदिरों में शामिल श्री लक्ष्मी नारायणी स्वर्ण मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध है। चेन्नई से लगभग 145 किलोमीटर दूर और वेल्लूर शहर से करीब 7 किलोमीटर स्थित थिरूमलाई कोडी में बना यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और दिव्य आभा के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है।

    करीब 1500 किलो सोने से सजा मंदिर

    मंदिर प्रबंधन के अनुसार इस भव्य मंदिर के निर्माण और स्वर्ण परत चढ़ाने में लगभग 1500 किलोग्राम शुद्ध सोने का उपयोग किया गया। इस स्वर्ण अलंकरण पर करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई थी। मंदिर का निर्माण पूरा होने में लगभग सात वर्ष का समय लगा।

    100 एकड़ में फैला भव्य परिसर

    श्री लक्ष्मी नारायणी मंदिर का पूरा परिसर लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। चारों ओर हरियाली, आकर्षक उद्यान और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करते हैं। मंदिर को आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए 24 अगस्त 2007 को खोला गया था।

    अनोखी दर्शन व्यवस्था

    इस मंदिर की दर्शन व्यवस्था भी काफी विशेष मानी जाती है। श्रद्धालु दक्षिण दिशा से प्रवेश करते हैं और घड़ी की दिशा में बने पथ पर चलते हुए पूरे परिसर की परिक्रमा करते हैं। इसके बाद वे मुख्य गर्भगृह में भगवान श्री लक्ष्मी नारायण के दर्शन करते हैं और फिर निर्धारित मार्ग से बाहर निकलते हैं। परिसर के उत्तर भाग में एक सुंदर जलाशय भी बनाया गया है, जो इसकी सुंदरता को और बढ़ाता है।

    रात में दिखता है दिव्य नजारा

    सूर्यास्त के बाद जब मंदिर में विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाती है, तब सोने से सजा पूरा परिसर अद्भुत चमक से जगमगा उठता है। रात के समय मंदिर का दृश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए किसी अलौकिक अनुभव से कम नहीं होता।

    27 फीट ऊंची दीपमाला है प्रमुख आकर्षण

    मंदिर परिसर में लगभग 27 फीट ऊंची विशाल दीपमाला भी स्थापित की गई है। शाम के समय जब इसमें एक साथ दीप प्रज्वलित किए जाते हैं, तो पूरा परिसर सुनहरी रोशनी से दमक उठता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के दर्शन के बाद इस दीपमाला के दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

    आज श्री लक्ष्मी नारायणी स्वर्ण मंदिर न केवल दक्षिण भारत का प्रमुख धार्मिक स्थल है, बल्कि अपनी अनूठी वास्तुकला, स्वर्णिम भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण के कारण भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है।

  • रक्षाबंधन और हरियाली अमावस्या पर ग्रहण का साया? जानिए भारत में सूतक काल रहेगा या नहीं

    रक्षाबंधन और हरियाली अमावस्या पर ग्रहण का साया? जानिए भारत में सूतक काल रहेगा या नहीं


    नई दिल्ली। वर्ष 2026 में कुल चार ग्रहण लगने हैं, जिनमें से दो पहले ही हो चुके हैं। अब साल के बाकी दो ग्रहण अगस्त महीने में पड़ेंगे। खास बात यह है कि दोनों ग्रहण सावन मास की दो अत्यंत महत्वपूर्ण तिथियों हरियाली अमावस्या और रक्षाबंधन (श्रावण पूर्णिमा) पर लग रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या इन ग्रहणों का असर पूजा-पाठ और त्योहारों पर पड़ेगा? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का प्रभाव तभी माना जाता है, जब वह संबंधित स्थान पर दिखाई देता हो। इस बार दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा और धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।

    12 अगस्त 2026 को लगेगा वलयाकार सूर्य ग्रहण

    साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन श्रावण अमावस्या (हरियाली अमावस्या) होगी, जिसे भगवान शिव की पूजा और पितरों के तर्पण के लिए विशेष माना जाता है। भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह 4:25 बजे समाप्त होगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल लागू नहीं होगा। श्रद्धालु हरियाली अमावस्या के सभी धार्मिक कार्य और शिव पूजा सामान्य रूप से कर सकेंगे।

    28 अगस्त को रक्षाबंधन पर लगेगा चंद्र ग्रहण

    साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा। यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण सुबह 6:53 बजे शुरू होकर दोपहर 12:31 बजे समाप्त होगा। लेकिन दिन के समय होने और भारत में दिखाई न देने के कारण इसका भी सूतक काल मान्य नहीं होगा।

    रक्षाबंधन पर नहीं पड़ेगा कोई असर
    28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा होने के कारण इसी दिन देशभर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। चूंकि चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए राखी बांधने, पूजा करने और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में सामान्य रूप से रक्षाबंधन का पर्व मना सकेंगे।

    ग्रहण के दौरान क्या रहेगा नियम?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि ग्रहण किसी स्थान पर दिखाई नहीं देता, तो वहां उसका सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाता। ऐसे में भारत में रहने वाले लोगों को इन दोनों ग्रहणों के कारण पूजा-पाठ, व्रत, दान या त्योहारों को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। हरियाली अमावस्या और रक्षाबंधन दोनों पर्व पूरे विधि-विधान के साथ मनाए जा सकेंगे।
  • महाराष्ट्र TET पेपर लीक: परीक्षा से एक दिन पहले स्थगित, 4.28 लाख अभ्यर्थियों को झटका

    महाराष्ट्र TET पेपर लीक: परीक्षा से एक दिन पहले स्थगित, 4.28 लाख अभ्यर्थियों को झटका


    मुंबई। महाराष्ट्र में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। 28 जून 2025 को आयोजित होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को परीक्षा से ठीक एक दिन पहले स्थगित कर दिया गया। यह फैसला ठाणे जिले के भिवंडी में छापेमारी के दौरान संदिग्ध प्रश्नपत्र मिलने के बाद लिया गया।

    महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE), पुणे ने बताया कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फिलहाल परीक्षा स्थगित की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही नई परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी।

    भिवंडी में छापेमारी के दौरान मिला संदिग्ध प्रश्नपत्र

    परीक्षा परिषद के अनुसार, पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका है। इसके आधार पर 27 जून को भिवंडी में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान बरामद दस्तावेजों में मौजूद कुछ प्रश्न TET परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए।

    इसके बाद भिवंडी पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि बरामद सामग्री असली प्रश्नपत्र है या केवल अभ्यास (मॉक टेस्ट) से जुड़ी सामग्री।

    4.28 लाख अभ्यर्थी हुए प्रभावित

    इस वर्ष महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा में लगभग 4.28 लाख अभ्यर्थियों को शामिल होना था। परीक्षा स्थगित होने से सभी उम्मीदवारों को नई तारीख का इंतजार करना होगा।

    परीक्षा परिषद ने भरोसा दिलाया है कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था के तहत दोबारा आयोजित की जाएगी, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।

    दोबारा आवेदन या फीस देने की जरूरत नहीं

    परीक्षा परिषद की उपायुक्त प्रिया शिंदे ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन करने या अतिरिक्त परीक्षा शुल्क जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से किया गया पंजीकरण और आवेदन पूरी तरह वैध रहेगा।

    उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के बाद ही नई तारीख घोषित की जाएगी।

    तीन आरोपियों पर केस, पूरे नेटवर्क की जांच

    अब तक इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। पुलिस और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित पेपर लीक के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

    अधिकारियों के अनुसार, शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की पूरी प्रक्रिया में लगभग तीन सप्ताह का समय लगता है। ऐसे में नई परीक्षा तिथि उचित तैयारियों के बाद घोषित की जाएगी। परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह से बचें।

  • अब कैब ड्राइवर ही होंगे मालिक! गुजरात में लॉन्च हुई 'भारत टैक्सी', जानिए क्या है इसकी खासियत

    अब कैब ड्राइवर ही होंगे मालिक! गुजरात में लॉन्च हुई 'भारत टैक्सी', जानिए क्या है इसकी खासियत


    गांधीनगर। भारत के कैब सेक्टर में एक नई शुरुआत करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात में सहकारी मॉडल पर आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य टैक्सी चालकों और यात्रियों दोनों को शोषण से मुक्त कर एक ऐसा मॉडल विकसित करना है, जिसमें ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि कंपनी के मालिक और भागीदार भी हों।

    अमित शाह ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ देश का पहला ऐसा राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका मालिकाना हक सीधे तौर पर इसे संचालित करने वाले ड्राइवरों के पास होगा। उन्होंने बताया कि इस पहल के साथ करीब 7 लाख ड्राइवर साझेदार इस व्यवस्था का हिस्सा बने हैं और यही इसके वास्तविक मालिक एवं शेयरधारक भी होंगे।

    सहकारी मॉडल पर आधारित नई सोच

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस मॉडल का उद्देश्य सेवा देने वाले ‘सारथी’ और ग्राहकों, दोनों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि सहकारी ढांचे के माध्यम से ड्राइवरों को आर्थिक भागीदारी के साथ सम्मान, सुरक्षा और मालिकाना हक भी मिलेगा। उनका कहना था कि ‘भारत टैक्सी’ का पूरा कॉन्सेप्ट इसी सोच पर आधारित है कि मेहनत करने वाला व्यक्ति ही अपने काम का असली मालिक बने।

    कई शहरों में सफल रहा ट्रायल
    गृह मंत्री ने बताया कि इस सेवा का कई शहरों में सफल परीक्षण किया जा चुका है। ट्रायल के सकारात्मक परिणामों के बाद अब इसे गुजरात में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया है। फिलहाल राज्य के सभी प्रमुख शहरों में ‘भारत टैक्सी’ सेवा शुरू कर दी गई है।

    कई संस्थाओं के साथ हुआ समझौता
    इस परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, राज्य ट्रैफिक पुलिस तथा प्रमुख एयरपोर्ट और रेलवे प्राधिकरणों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते (एमओयू) भी किए गए हैं। इन साझेदारियों का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और एकीकृत परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

    ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को मिलेगा लाभ

    सरकार का मानना है कि ‘भारत टैक्सी’ से ड्राइवरों की आय बढ़ेगी, उन्हें बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और वे अपने काम के वास्तविक हिस्सेदार बनेंगे। वहीं यात्रियों को पारदर्शी किराया, विश्वसनीय सेवा और बेहतर अनुभव मिलेगा। विशेषज्ञ इसे भारत के सहकारी आंदोलन और डिजिटल मोबिलिटी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में इसे अन्य राज्यों में भी विस्तार दिया जा सकता है, जिससे देश के कैब सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और सेवा गुणवत्ता दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।