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  • आज का राशिफल 22 अगस्त 2026: इन राशियों के लिए खुलेगा तरक्की और धन का रास्ता, जानें मेष से मीन तक का हाल

    आज का राशिफल 22 अगस्त 2026: इन राशियों के लिए खुलेगा तरक्की और धन का रास्ता, जानें मेष से मीन तक का हाल


    नई दिल्ली । 22 अगस्त 2026 का दिन ग्रहों की स्थिति के लिहाज से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज कुछ राशि के जातकों को कामकाज में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं तो कुछ लोगों को अपने खर्च और फैसलों पर विशेष नियंत्रण रखना होगा। नौकरी करने वालों के लिए कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं वहीं कारोबार से जुड़े लोगों को किसी पुराने संपर्क से लाभ मिलने की उम्मीद है। पारिवारिक जीवन में भी दिन मिला जुला रह सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के जीवन पर अलग अलग प्रभाव डालती है इसलिए आज का दिन अपनी राशि के अनुसार योजनाएं बनाने और सावधानी से निर्णय लेने का संकेत दे रहा है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कामकाज में आपकी सक्रियता से वरिष्ठ लोग प्रभावित हो सकते हैं। किसी पुराने काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। कारोबार में जल्दबाजी से बचें और आर्थिक मामलों में सोच समझकर फैसला लें। परिवार में किसी सदस्य के साथ अच्छा समय बीतेगा।

    वृषभ राशि के जातकों को आज धन से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें। परिवार में छोटी बात को लेकर तनाव हो सकता है लेकिन समझदारी से स्थिति संभाली जा सकती है।

    मिथुन राशि वालों के लिए दिन मेहनत के बाद सफलता दिलाने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की सराहना होगी। व्यापार में नए संपर्क लाभदायक साबित हो सकते हैं। प्रेम जीवन में बातचीत से गलतफहमी दूर होगी। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का अच्छा समय है।

    कर्क राशि वालों को आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन मेहनत का परिणाम भी मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार के किसी बुजुर्ग की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

    सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में नेतृत्व क्षमता का लाभ मिलेगा। कारोबार में नई योजना शुरू करने का विचार बन सकता है। धन संबंधी मामलों में लाभ के संकेत हैं लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना जरूरी होगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

    कन्या राशि वालों को आज अपने काम में अनुशासन बनाए रखना होगा। नौकरी में किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों को लाभ का अवसर मिल सकता है। घर परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। यात्रा की योजना बन सकती है।

    तुला राशि के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी। प्रेम संबंधों में भरोसा बढ़ेगा।

    वृश्चिक राशि वालों को आज विरोधियों से सतर्क रहना चाहिए। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें। नौकरी में मेहनत का लाभ मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने से तनाव कम होगा।

    धनु राशि वालों के लिए आज भाग्य का साथ मिल सकता है। लंबे समय से अटका काम पूरा होने की संभावना है। कारोबार में विस्तार की योजना बन सकती है। धन लाभ के अवसर मिलेंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा।

    मकर राशि वालों को आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाकर चलना होगा। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। नौकरी में अधिकारी आपकी कार्यशैली से प्रभावित हो सकते हैं। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो तो शांत रहकर बातचीत करें।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। करियर में नई दिशा मिलने के संकेत हैं। व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। किसी खास व्यक्ति से महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। मेहनत करने पर सफलता जरूर मिलेगी लेकिन धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। धन संबंधी मामलों में जोखिम लेने से बचें। परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक शांति के लिए धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है।

  • MP में बारिश का जोर, 16 जिलों में अलर्ट, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

    MP में बारिश का जोर, 16 जिलों में अलर्ट, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय होने से पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी है। मानसून ट्रफ, चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया के असर से पिछले दो दिनों से कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। शनिवार को भी 16 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और अशोकनगर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    24 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, प्रदेश में इस समय तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से पूर्वी हिस्से के साथ उत्तर और मध्य मध्यप्रदेश में भी बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर बना रहने की संभावना है।

    उन्होंने बताया कि 24 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर बढ़ सकती हैं।

    रीवा में सड़कों पर पानी, नदियों का बढ़ा जलस्तर

    विंध्य क्षेत्र में लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। शुक्रवार शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर देर रात तक चलता रहा। रीवा शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कई सड़कें जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

    लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। मऊगंज, सतना और चित्रकूट में नदियां उफान पर हैं।

    नागौद में एक दिन में 6.4 इंच बारिश

    सतना जिले के नागौद में पिछले 24 घंटे में 6.4 इंच बारिश दर्ज की गई। यह इस मानसून सीजन में जिले में एक दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश है।

    सतना में 1 जून से 21 अगस्त तक औसतन 32.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से करीब 5 इंच अधिक है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    नर्मदा-मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर

    पूर्वी मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। नर्मदा और मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। पन्ना में केन, मिढ़ासन, व्यारमा और पतने नदी में भी उफान है। तेंदुघाट बांध के पांच गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है।

    उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के दो गेट एक-एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    स्कूल बंद, कई गांवों का संपर्क टूटा

    बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मैहर और डिंडौरी में शुक्रवार को स्कूल बंद रहे थे। डिंडौरी में आंगनवाड़ियों को भी बंद रखा गया। पन्ना में लगातार बारिश के चलते शुक्रवार और शनिवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया।

    सीधी के रामपुर नैकिन में भवरसेन पहाड़ की मिट्टी और पत्थर सड़क पर आ जाने से यातायात बाधित हुआ। इससे करीब 30 गांवों का मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।

    मैहर में 7 फीट पानी में फंसा ट्रक, पुलिस ने बचाया

    मैहर में गुरुवार देर रात मर्जुआ नाला पार करते समय एक ट्रक करीब 7 फीट गहरे पानी में फंस गया। सूचना मिलने पर मुकुंदपुर चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से रस्से के जरिए ट्रक ड्राइवर राकेश साहू और क्लीनर इंद्रकमल द्विवेदी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    सतना में सेमरावल नदी का पानी पुल के ऊपर आने से सेमरिया रोड बंद है। वहीं कोठी क्षेत्र के पवैया विद्युत सब स्टेशन में बारिश का पानी भर गया। कोटर तहसील के अबेर गांव में अलहा तालाब की मेड़ टूटने से पानी बस्ती में घुस गया।

    MP में अब तक 24 इंच बारिश, फिर भी 11% कमी

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 1 जून से अब तक 609.2 मिमी यानी करीब 24 इंच बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 685.3 मिमी यानी करीब 27 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 3 इंच बारिश कम हुई है और ओवरऑल 11% बारिश की कमी है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 10% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश हुई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में 5% से 60% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी मध्यप्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 37% तक कम बारिश हुई है।

    इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    अनूपपुर, डिंडौरी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • KGF 2 के बाद यश की बड़ी वापसी, Toxic की बंपर एडवांस बुकिंग से बढ़ी हलचल; पहले दिन हिंदी में होगी करोड़ों की कमाई

    KGF 2 के बाद यश की बड़ी वापसी, Toxic की बंपर एडवांस बुकिंग से बढ़ी हलचल; पहले दिन हिंदी में होगी करोड़ों की कमाई


    नई दिल्ली ।
    यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म Toxic सिनेमाघरों में दस्तक देने से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर अपना दम दिखाने लगी है। फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू होते ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। शुक्रवार सुबह एडवांस बुकिंग की शुरुआत के कुछ ही घंटों के भीतर फिल्म के हजारों टिकट बिक गए। शुरुआती आंकड़े इस बात का संकेत दे रहे हैं कि Toxic को लेकर दर्शकों में खासा क्रेज है और अगर यही रफ्तार रिलीज तक बनी रही तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ओपनिंग हासिल कर सकती है।

    रिपोर्ट के मुताबिक सुबह करीब 8 बजे एडवांस बुकिंग शुरू होने के बाद शाम तक फिल्म के 91 हजार से ज्यादा टिकट बिक चुके थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 91301 टिकटों की बिक्री दर्ज की गई और फिल्म को हजारों शोज भी मिल चुके थे। टिकट बिक्री के साथ फिल्म ने एडवांस बुकिंग से करोड़ों रुपये की कमाई भी दर्ज कर ली है। रिपोर्ट के अनुसार शाम तक टिकटों की बिक्री से करीब 4.36 करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका था जबकि ब्लॉक सीटों को शामिल करने के बाद यह आंकड़ा करीब 9.47 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। रिलीज से पहले इतनी तेज बुकिंग फिल्म की लोकप्रियता और दर्शकों की उत्सुकता का संकेत मानी जा रही है।

    Toxic को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके संभावित हिंदी कलेक्शन की हो रही है। फिल्म की एडवांस बुकिंग की रफ्तार को देखते हुए ट्रेड से जुड़े अनुमानों में दावा किया जा रहा है कि यह फिल्म हिंदी बाजार में भी जबरदस्त शुरुआत कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि फिल्म अपने पहले दिन हिंदी भाषा में करीब 45 से 55 करोड़ रुपये तक का कारोबार कर सकती है। हालांकि यह केवल शुरुआती अनुमान हैं और वास्तविक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म के रिलीज होने के बाद ही स्पष्ट होगा। स्क्रीन की संख्या टिकटों की कीमत दर्शकों की प्रतिक्रिया और शो की ऑक्यूपेंसी जैसे कई कारक अंतिम कमाई पर असर डालेंगे।

    Toxic की एक खास बात यह भी है कि यह किसी पुरानी फ्रेंचाइजी का अगला भाग नहीं बल्कि एक नई कहानी पर आधारित फिल्म है। इसके बावजूद फिल्म को लेकर जिस तरह का उत्साह देखने को मिल रहा है वह यश की लोकप्रियता को दर्शाता है। KGF Chapter 2 के बाद यश करीब चार साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। KGF 2 ने देशभर में शानदार प्रदर्शन किया था और उसके बाद से ही दर्शक उनकी अगली फिल्म का इंतजार कर रहे थे। अब Toxic को लेकर बढ़ती एडवांस बुकिंग ने उस उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी तारा सुतारिया नयनतारा रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। अलग शैली की कहानी और बड़े स्टारकास्ट के कारण फिल्म को लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ हिंदी दर्शकों के बीच भी दिलचस्पी बनी हुई है।

    फिल्म की एडवांस बुकिंग की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए Toxic साल 2026 की चर्चित रिलीज में शामिल होती नजर आ रही है। अगर बुकिंग का सिलसिला इसी तरह आगे बढ़ता है और दर्शकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रहती है तो फिल्म अपने ओपनिंग डे पर बड़ा आंकड़ा हासिल कर सकती है। खासकर हिंदी बाजार में 45 से 55 करोड़ रुपये की संभावित ओपनिंग का अनुमान इसे बड़े रिकॉर्ड की दौड़ में ला सकता है। हालांकि बॉक्स ऑफिस की असली परीक्षा रिलीज के बाद होगी। फिलहाल इतना जरूर है कि Toxic ने रिलीज से पहले ही टिकट खिड़की पर हलचल पैदा कर दी है और यश के फैंस के साथ फिल्म कारोबार पर नजर रखने वालों की निगाहें अब 26 अगस्त पर टिक गई हैं।

  • 32 IAS अफसरों का फेरबदल, चर्चित नामों को मिली नई कमान; सृष्टि देशमुख रीवा तो अभिषेक चौधरी ग्वालियर पहुंचे

    32 IAS अफसरों का फेरबदल, चर्चित नामों को मिली नई कमान; सृष्टि देशमुख रीवा तो अभिषेक चौधरी ग्वालियर पहुंचे

    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में शुक्रवार 21 अगस्त को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS के 32 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस प्रशासनिक बदलाव में जिला पंचायत CEO नगर निगम आयुक्त अपर कलेक्टर और SDM स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। लंबे समय से अलग अलग मैदानी पदों पर काम कर रहे कई अधिकारियों को अब नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं जिससे प्रदेश के कई जिलों और नगर निगमों में प्रशासनिक नेतृत्व का चेहरा बदल गया है।

    इस तबादला सूची में कुछ चर्चित IAS अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। 2019 बैच की IAS सृष्टि देशमुख गौड़ा को खंडवा के अपर कलेक्टर पद से हटाकर जिला पंचायत रीवा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। उनके सामने अब ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर की योजनाओं के क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। इसी फेरबदल में उनके पति IAS डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा को भी खंडवा से स्थानांतरित किया गया है। उन्हें जिला पंचायत खंडवा के CEO पद से हटाकर नगर निगम सतना का आयुक्त बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें सतना स्मार्ट सिटी के CEO का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

    ग्वालियर नगर निगम में भी बड़ा बदलाव हुआ है। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय को अब ग्वालियर से हटाकर जिला पंचायत सिंगरौली का CEO बनाया गया है। वहीं 2018 बैच के IAS अधिकारी अभिषेक चौधरी को जिला पंचायत धार के CEO पद से स्थानांतरित कर ग्वालियर नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है। इस बदलाव के बाद ग्वालियर नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था में नया नेतृत्व देखने को मिलेगा। ग्वालियर में नगर निगम से जुड़ी विकास योजनाओं शहर की व्यवस्थाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी अब अभिषेक चौधरी के पास होगी।

    इंदौर नगर निगम को भी नया आयुक्त मिला है। 2022 बैच के IAS अधिकारी विशाल धाकड़ को कुक्षी में SDM के पद से स्थानांतरित कर नगर पालिक निगम इंदौर का आयुक्त बनाया गया है। वहीं अक्षय कुमार तेम्रवाल को जिला पंचायत दतिया के CEO पद से हटाकर भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। इन बदलावों से प्रदेश के प्रमुख नगरीय निकायों में भी प्रशासनिक स्तर पर नई टीम सामने आएगी।

    जिला पंचायत CEO स्तर पर भी बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। जगदीश कुमार गोमे को सिंगरौली से हटाकर सागर जिला पंचायत का CEO बनाया गया है। नवीत कुमार धुर्वे को टीकमगढ़ से स्थानांतरित कर देवास जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी दी गई है। ऐश्वर्य वर्मा को डिंडोरी के शहपुरा में SDM पद से हटाकर सीधी जिला पंचायत CEO बनाया गया है। आशीष को सेंधवा से हटाकर खंडवा जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी दी गई है। कार्तिकेय जायसवाल को वारासिवनी से श्योपुर जिला पंचायत CEO बनाया गया है। वहीं अर्पित गुप्ता और तनुश्री मीणा को भी क्रमशः बड़वानी और बालाघाट जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी मिली है।

    इस तबादला सूची में 2024 बैच के प्रशिक्षु IAS अधिकारियों को भी मैदानी प्रशासन में नई जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों को सहायक कलेक्टर पद से हटाकर अलग अलग क्षेत्रों में SDM बनाया गया है। आशीष कुमार को बीना अनिकेत शांडिल्य को बैहर आकाश अग्रवाल को मझौली पाटिल आशीष अशोक को कुक्षी सुशिर श्रीकृष्ण श्रीराम को देवसर कुलदीप पटेल को बिछिया जामदार फरहान इरफान को शहपुरा ठाकरे ऋषिकेष विजय को बिजावर और नवकिरण कौर को डबरा SDM की जिम्मेदारी दी गई है।

    सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल से प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और नगर निकायों में अधिकारियों की भूमिका बदल गई है। अब नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों के सामने अपने अपने क्षेत्रों में विकास योजनाओं को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की चुनौती होगी। खास तौर पर ग्वालियर सतना इंदौर भोपाल रीवा सिंगरौली और खंडवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुए बदलाव पर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। नई जिम्मेदारियों के साथ इन अधिकारियों का कामकाज आने वाले समय में इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के असर को तय करेगा।

  • 24 कैरेट सोना 1.62 लाख और चांदी 2.45 लाख रुपये पहुंची, निवेशकों के सामने खरीदारी या इंतजार का सवाल

    24 कैरेट सोना 1.62 लाख और चांदी 2.45 लाख रुपये पहुंची, निवेशकों के सामने खरीदारी या इंतजार का सवाल

    नई दिल्ली ।सर्राफा बाजार में 21 अगस्त 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। घरेलू बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव एक दिन में करीब 4300 रुपये बढ़कर 1 लाख 62 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में भी 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी तेजी दर्ज की गई और इसका भाव 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।

    सोने के भाव में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब कीमती धातुओं के बाजार पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर लगातार बना हुआ है। 20 अगस्त को 24 कैरेट सोना करीब 1 लाख 58 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। अगले कारोबारी दिन इसमें अचानक 4300 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मौजूदा स्तर पिछले करीब तीन महीनों में सोने के सबसे ऊंचे भावों में शामिल है।

    इससे पहले 26 मई को सोना लगभग इसी स्तर पर पहुंचा था। उस समय 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1 लाख 62 हजार 400 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। ऐसे में मौजूदा तेजी ने एक बार फिर निवेशकों और आभूषण खरीदारों का ध्यान सोने की कीमतों की ओर खींचा है।

    चांदी के बाजार में भी तेज हलचल देखने को मिली। 20 अगस्त को चांदी करीब 2 लाख 35 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पर थी, जो 21 अगस्त को 10 हजार रुपये बढ़कर 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस स्तर पर चांदी करीब सात सप्ताह के उच्चतम भाव पर पहुंच गई है। इससे पहले 3 जुलाई को चांदी ने 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छुआ था।

    कीमती धातुओं में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों को महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में कमजोरी ने सोने की मांग को प्रभावित किया है। जब डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट आती है, तो निवेशकों के बीच सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।

    अमेरिका और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। ईरान को लेकर अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों के मुकाबले सुरक्षित निवेश विकल्पों पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोने और चांदी की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी के बाद खरीदारी की जाए या कुछ समय इंतजार किया जाए। इसका जवाब खरीदार के उद्देश्य पर निर्भर करता है। अगर जरूरत शादी, पारिवारिक आयोजन या किसी तय अवसर के लिए है, तो पूरी खरीदारी एक साथ करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदना कीमतों के उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम कर सकता है।

    वहीं केवल निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वाले लोगों के लिए एक दिन की तेज तेजी के बाद जल्दबाजी से बचना महत्वपूर्ण हो सकता है। बाजार में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए खरीदारी से पहले अपनी जरूरत, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

    सोने और चांदी की कीमतों में स्थानीय बाजार, शुद्धता, मेकिंग चार्ज, टैक्स और अन्य लागतों के कारण वास्तविक खरीद मूल्य अलग हो सकता है। इसलिए आभूषण खरीदते समय केवल प्रति 10 ग्राम या प्रति किलोग्राम दर देखने के बजाय अंतिम बिल और सभी शुल्कों की जानकारी लेना भी जरूरी है।

  • मध्य प्रदेश में 32 IAS अधिकारियों के तबादले, जिला पंचायत CEO से नगर निगम आयुक्त तक बदली प्रशासनिक जिम्मेदारियां

    मध्य प्रदेश में 32 IAS अधिकारियों के तबादले, जिला पंचायत CEO से नगर निगम आयुक्त तक बदली प्रशासनिक जिम्मेदारियां

    मध्य प्रदेश :  में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 32 अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में मंत्रालय से लेकर जिलों के मैदानी प्रशासन तक कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। इस फेरबदल में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, अपर कलेक्टरों और अनुविभागीय अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है।

    नए आदेश के तहत नगर निगम और विकास प्राधिकरण के स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। धार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक चौधरी को ग्वालियर नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है। दतिया जिला पंचायत के सीईओ अक्षय कुमार तेम्रवाल को भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।

    सतना नगर निगम के आयुक्त पद पर डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को पदस्थ किया गया है। उन्हें सतना स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वहीं विवेक के.व्ही. को जबलपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।

    जिला पंचायत स्तर पर भी व्यापक बदलाव किया गया है। ग्वालियर नगर निगम आयुक्त रहे संघ प्रिय को सिंगरौली जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। सिंगरौली के सीईओ जगदीश कुमार गोमे को सागर जिला पंचायत की जिम्मेदारी दी गई है। देवास जिला पंचायत के सीईओ पद पर नवीत कुमार धुर्वे की पदस्थापना की गई है।

    खंडवा में अपर कलेक्टर रहीं सृष्टि देशमुख गौड़ा को रीवा जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। अभिषेक सराफ को सीधी, सौम्या आनंद को खंडवा, ऐश्वर्य वर्मा को श्योपुर और आशीष को टीकमगढ़ जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया है। इसके अलावा अर्पित गुप्ता को बड़वानी और तनुश्री मीणा को बालाघाट जिला पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    प्रशासनिक फेरबदल का असर मंत्रालय स्तर पर भी दिखाई दिया है। संजना जैन को जल संसाधन विभाग में उप सचिव, ज्योति शर्मा को मध्य प्रदेश शासन में उप सचिव, अंजली जोसेफ जोनाथन को लोक निर्माण विभाग में उप सचिव और अनिल कुमार डामोर को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव पद पर पदस्थ किया गया है। कार्तिकेय जायसवाल, विशाल धाकड़ और सोनाली देव को भी उप सचिव, मध्य प्रदेश शासन की जिम्मेदारी दी गई है।

    मैदानी प्रशासन में भी कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिली हैं। काजल जावला को राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल में अपर मिशन संचालक बनाया गया है। श्रद्धा शुक्ला को खंडवा का अपर कलेक्टर पद सौंपा गया है। इसके अलावा विभिन्न जिलों में राजस्व एसडीओ के पदों पर भी नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

    आशीष कुमार को बीना, अनिकेत शांडिल्य को बैहर, आकाश अग्रवाल को मझौली और पाटिल आशीष अशोक को कुक्षी का एसडीओ राजस्व बनाया गया है। सुशिर श्रीकृष्ण श्रीराम को देवसर, कुलदीप पटेल को बिछिया, जामदार फरहान इरफान को शहपुरा, ठाकरे ऋषिकेष विजय को बिजावर और नवकिरण कौर को डबरा का एसडीओ राजस्व नियुक्त किया गया है।

    राज्य सरकार के आदेश के अनुसार सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी नई पदस्थापना पर शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक फेरबदल को जिलों और स्थानीय निकायों में कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने तथा विभिन्न स्तरों पर प्रशासनिक जिम्मेदारियों को नए सिरे से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

  • शुरुआती तेजी के बाद सपाट बंद हुआ भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स 3 अंक चढ़ा और निफ्टी 24,252 पर पहुंचा

    शुरुआती तेजी के बाद सपाट बंद हुआ भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स 3 अंक चढ़ा और निफ्टी 24,252 पर पहुंचा


    नई दिल्ली । 
    भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती तेजी के बाद कारोबार सीमित दायरे में रहा और दोनों प्रमुख सूचकांक मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। दिनभर उतार चढ़ाव के बीच सेंसेक्स 3 अंक की मामूली तेजी के साथ 77,540.83 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 20.15 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,252.00 पर पहुंच गया।

    बाजार को सबसे ज्यादा समर्थन मेटल और बैंकिंग शेयरों में हुई खरीदारी से मिला। निफ्टी मेटल इंडेक्स 0.86 प्रतिशत की बढ़त के साथ दिन का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला प्रमुख सेक्टर रहा। इसके अलावा निफ्टी बैंक और निफ्टी पीएसई दोनों में 0.46 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी भी 0.40 प्रतिशत चढ़ा।

    वित्तीय सेवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े शेयरों में भी खरीदारी दिखाई दी। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस इंडेक्स 0.22 प्रतिशत और निफ्टी इंफ्रा 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। डिफेंस से जुड़े शेयरों में भी मजबूती रही और निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 0.32 प्रतिशत ऊपर रहा।

    दूसरी ओर कुछ प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का दबाव रहा। निफ्टी एफएमसीजी 0.74 प्रतिशत, ऑटो 0.60 प्रतिशत, आईटी 0.46 प्रतिशत, कंजप्शन 0.40 प्रतिशत और हेल्थकेयर 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। इससे बाजार की कुल तेजी सीमित रही और प्रमुख सूचकांक लगभग सपाट स्तर पर टिके रहे।

    व्यापक बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी अपेक्षाकृत मजबूत रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 64.20 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63,735.75 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 136.30 अंक यानी 0.69 प्रतिशत की तेजी रही और यह 19,977.75 के स्तर पर पहुंच गया। इससे संकेत मिला कि बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी का रुझान अधिक रहा।

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में पावर ग्रिड, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, टाइटन, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं ट्रेंट, मारुति सुजुकी, इंडिगो, एचसीएल टेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंफोसिस, एमएंडएम, टेक महिंद्रा, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस पर दबाव रहा।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई को लेकर बनी आशंकाएं भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही हैं। घरेलू स्तर पर महंगाई के जोखिम, सीमित लिक्विडिटी और रिजर्व बैंक के रुख से जुड़े संकेतों के कारण भारत की 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड दो महीने के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई है।

    इसके बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ संकेत बाजार के लिए सकारात्मक रहे। हालिया सर्विस पीएमआई आंकड़ों से घरेलू गतिविधियों में मजबूती के संकेत मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद वित्तीय क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के मूल्यांकन आकर्षक नजर आ रहे हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ के कारण इन शेयरों में वैल्यू खरीदारी देखने को मिली। साथ ही मेटल की स्थिर कीमतों ने कमोडिटी आधारित शेयरों को भी समर्थन दिया।

    कुल मिलाकर शुक्रवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए मिश्रित रहा। बैंकिंग और मेटल शेयरों की मजबूती ने बाजार को संभाले रखा, जबकि कुछ प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी तेजी नहीं आ सकी।

  • छत और छज्जे की ढलाई के दौरान बड़ा हादसा, शटरिंग गिरने से 3 की मौत; मजदूरों ने मांगा 50 लाख मुआवजा

    छत और छज्जे की ढलाई के दौरान बड़ा हादसा, शटरिंग गिरने से 3 की मौत; मजदूरों ने मांगा 50 लाख मुआवजा


    मथुरा  मथुरा के वृंदावन में निर्माणाधीन मॉल में शुक्रवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रुक्मणी विहार इलाके में निर्माणाधीन ओमेक्स मॉल में सुबह करीब सात बजे छत और छज्जे की ढलाई के दौरान अचानक शटरिंग और निर्माण सामग्री भरभराकर नीचे आ गिरी। हादसे के समय कुछ मजदूर नाइट शिफ्ट के बाद निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। अचानक हुए इस हादसे में कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल पुलिस तथा राहत दल को सूचना दी गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन फायर ब्रिगेड और बचाव दल मौके पर पहुंचा। मलबे को हटाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। शुरुआती कार्रवाई में एक मजदूर का शव मौके से बाहर निकाला गया जबकि तीन मजदूर घायल अवस्था में मिले। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया लेकिन इलाज के दौरान दो और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या तीन हो गई है। एक मजदूर का इलाज अभी जारी है और उसकी हालत को लेकर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

    पुलिस के मुताबिक मृतकों में एक मजदूर नेपाल का रहने वाला था जबकि दो मजदूर पश्चिम बंगाल से संबंधित थे। मृतक की पहचान नेपाल के कैलाली जिले के सिमरी निवासी करीब 40 वर्षीय शिवराम के रूप में हुई है। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान पश्चिम बंगाल के कूचबिहार निवासी रफीउल और आलम ने भी दम तोड़ दिया। पश्चिम बंगाल के ही एक अन्य मजदूर दिलबार का इलाज चल रहा है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शटरिंग किस वजह से गिरी और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। निर्माण स्थल पर इस्तेमाल की जा रही सामग्री और ढांचे की मजबूती की भी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    मृतक शिवराम के परिवार की ओर से न्याय की मांग उठाई गई है। उनकी भतीजी मनीषा के मुताबिक शिवराम कुछ दिन पहले ही काम के लिए मथुरा आए थे। परिवार का कहना है कि निर्माण स्थल पर लंबे समय से काम चल रहा था लेकिन हादसे ने उनका सब कुछ छीन लिया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    वहीं निर्माण स्थल पर काम कर रहे अन्य मजदूरों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता तो इस तरह का हादसा शायद टाला जा सकता था। मजदूरों ने मृतकों के परिवारों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग भी रखी है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    मॉल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि हादसे के समय चार से पांच मजदूर ही मौके पर काम कर रहे थे। प्रबंधन के अनुसार छज्जे का निर्माण करते समय अचानक शटरिंग गिर गई और हादसा हो गया। हादसा किस तकनीकी कारण से हुआ इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम तथा अन्य कानूनी प्रक्रिया के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में मजदूरों की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में हैदराबाद के ओहरी परिवार ने 50 लाख की चांदी दान कर नई जलाधारी स्थापित कराई

    उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में हैदराबाद के ओहरी परिवार ने 50 लाख की चांदी दान कर नई जलाधारी स्थापित कराई

    नई दिल्ली । धर्मनगरी उज्जैन स्थित प्राचीन श्री मंगलनाथ मंदिर में श्रद्धा और आस्था से जुड़ा विशेष अवसर सामने आया है। हैदराबाद के ओहरी परिवार ने भगवान मंगलनाथ को करीब 20 किलो चांदी दान की है। इस चांदी की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई गई है। भक्त परिवार की इस भेंट से मंदिर में धार्मिक परंपरा के साथ एक नई सौगात जुड़ी है।

    दान की गई चांदी से भगवान मंगलनाथ के लिए नई जलाधारी तैयार कराई गई है। निर्धारित विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर में पुरानी जलाधारी को हटाकर नई जलाधारी स्थापित की गई। नई जलाधारी धारण करने के बाद भगवान मंगलनाथ अब भक्तों को इसी स्वरूप में दर्शन दे रहे हैं।

    मंदिर में पहले करीब 15 वर्ष पुरानी जलाधारी स्थापित थी। समय बीतने के बाद उसे बदलने की आवश्यकता महसूस की गई। इसके बाद ओहरी परिवार की ओर से चांदी दान किए जाने पर नई जलाधारी तैयार कराई गई। धार्मिक अनुष्ठान के साथ इसकी स्थापना पूरी की गई।

    नई जलाधारी की स्थापना के बाद मंदिर में दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। भगवान मंगलनाथ के नए स्वरूप को देखने के लिए भक्तों में उत्सुकता बनी हुई है। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु इसे भगवान के प्रति अपनी आस्था और धार्मिक समर्पण से जोड़कर देख रहे हैं।

    उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह मंदिर भगवान मंगल ग्रह को समर्पित प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु भगवान मंगलनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

    मान्यता के अनुसार मंगलनाथ मंदिर में मंगल दोष की शांति के लिए विशेष पूजा और भात पूजा कराई जाती है। श्रद्धालु जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ यहां धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं। इसी कारण मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।

    मंदिर में नई चांदी की जलाधारी स्थापित होने से धार्मिक वातावरण में भी विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है। चांदी से निर्मित जलाधारी भगवान मंगलनाथ के गर्भगृह की धार्मिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भक्तों के लिए यह केवल नया स्वरूप नहीं, बल्कि श्रद्धा से जुड़ा एक विशेष अवसर भी है।

    हैदराबाद के ओहरी परिवार की ओर से दी गई करीब 20 किलो चांदी की यह भेंट मंदिर के प्रति उनकी धार्मिक आस्था को दर्शाती है। करीब 50 लाख रुपये मूल्य की इस चांदी से तैयार जलाधारी अब भगवान मंगलनाथ को अर्पित की जा चुकी है।

    नई जलाधारी की स्थापना के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भगवान मंगलनाथ के दर्शन कर रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठान के बाद नई व्यवस्था के साथ दर्शन शुरू होने से मंदिर परिसर में भक्तों के बीच उत्साह का माहौल बना हुआ है। उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह धार्मिक अवसर आकर्षण का नया केंद्र बन गया है।

  • सर्किट हाउस विवाद में महुआ मोइत्रा की बढ़ीं मुश्किलें, कृष्णानगर अदालत ने समन के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया

    सर्किट हाउस विवाद में महुआ मोइत्रा की बढ़ीं मुश्किलें, कृष्णानगर अदालत ने समन के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया


    नई दिल्ली । 
    पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कृष्णानगर की तृतीय न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने सर्किट हाउस विवाद से जुड़े एक मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई अदालत की ओर से जारी किए गए समन के बावजूद सुनवाई के दौरान उनकी उपस्थिति नहीं होने के बाद की गई है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है।

    पुलिस के अनुसार, मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 227 के तहत दायर शिकायत से जुड़ा हुआ है। शिकायत में महुआ मोइत्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। इनमें महिला की मर्यादा के अपमान, विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले जानबूझकर किए गए कृत्य, आपराधिक धमकी और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने वाले बयान से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

    अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा को कई बार समन जारी किए थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत अदालत में उपस्थित होने का अवसर दिए जाने के बावजूद उनकी पेशी नहीं हुई। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। पुलिस ने भी अदालत के इस आदेश की पुष्टि की है।

    यह पूरा विवाद 14 अगस्त की रात कृष्णानगर सर्किट हाउस में हुई घटना से जुड़ा है। महुआ मोइत्रा के अनुसार, वह शाम करीब 6 बजकर 15 मिनट पर सर्किट हाउस पहुंची थीं और उन्हें नियमित रूप से एक कमरा आवंटित किया गया था। बाद में रात करीब 10 बजे उन्हें परिसर खाली करने के लिए कहा गया।

    महुआ मोइत्रा ने दावा किया था कि रात करीब 9 बजकर 47 मिनट पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की ओर से उन्हें फोन किया गया और सर्किट हाउस खाली करने को कहा गया। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर की ओर से उन्हें व्हाट्सऐप संदेश के जरिए 12 अगस्त का एक आदेश भेजा गया था। इस आदेश में रखरखाव और सफाई कार्य का हवाला देते हुए परिसर खाली कराने की बात कही गई थी।

    घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने नादिया जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के आचरण पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और संसदीय प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं किया गया। इस मामले को लेकर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार नोटिस भी दिया था।

    अब अदालत की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने से विवाद ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है। हालांकि वारंट जारी होना अपने आप में आरोपों की पुष्टि या दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।

    फिलहाल अदालत की कार्रवाई के बाद महुआ मोइत्रा की कानूनी स्थिति पर ध्यान केंद्रित हो गया है। आगे की कार्यवाही में उनकी अदालत के समक्ष पेशी और मामले से जुड़े आरोपों पर होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। सर्किट हाउस में हुए विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच चुका है।