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  • मलाइका अरोड़ा अबू धाबी की शेख जायद ग्रैंड मस्जिद पहुंचीं, काले बुर्के और जूते पहनने को लेकर सोशल मीडिया पर हुईं ट्रोल

    मलाइका अरोड़ा अबू धाबी की शेख जायद ग्रैंड मस्जिद पहुंचीं, काले बुर्के और जूते पहनने को लेकर सोशल मीडिया पर हुईं ट्रोल

    नई दिल्ली । अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा का अबू धाबी की शेख जायद ग्रैंड मस्जिद में पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरान मलाइका काले रंग का बुर्का पहने नजर आईं। उनके इस पहनावे को देखकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने उनके कपड़ों पर टिप्पणी की, जबकि कुछ ने मस्जिद के अंदर जूते पहने होने को लेकर सवाल उठाए।

    मलाइका अपने ग्लैमरस अंदाज के लिए जानी जाती हैं, ऐसे में बुर्के में उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर उनकी यात्रा को लेकर चर्चा शुरू हो गई। मस्जिद में उनके पहनावे से लेकर जूते पहनने तक, कई पहलुओं पर यूजर्स ने अपनी राय जाहिर की। इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर उनकी यात्रा और तस्वीरों को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

    मलाइका ने मस्जिद जाने के लिए काले रंग का बुर्का पहना था। तस्वीरों में उनके पैरों में जूते भी दिखाई दिए। इसी बात को लेकर कुछ यूजर्स ने आपत्ति जताई और मस्जिद में जूते पहनने पर सवाल उठाए। एक यूजर ने टिप्पणी की कि क्या उन्हें यह जानकारी नहीं है कि मस्जिद में जूते पहनकर नहीं जाते।

    मलाइका की तस्वीरों पर लोगों की नजर उनके पहनावे के साथ-साथ जूतों पर भी गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर टिप्पणियां बढ़ने लगीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मलाइका की ओर से इन प्रतिक्रियाओं पर कोई जवाब दिए जाने का उल्लेख नहीं है। उनकी यात्रा से जुड़ी तस्वीरें इंटरनेट पर साझा होने के बाद लोगों ने अपने-अपने नजरिये से इस पर प्रतिक्रिया दी।

    मलाइका के बुर्का पहनने को लेकर कुछ यूजर्स ने उनके धर्म के बारे में भी सवाल किया। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या उन्होंने धर्म बदल लिया है। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि वह पहली बार उन्हें पूरे कपड़ों में देख रहा है। कुछ लोगों ने उनके पहनावे पर हैरानी जताते हुए सवाल किया कि उन्होंने ऐसा क्या पहन लिया है। इन टिप्पणियों के बीच कई यूजर्स ने मलाइका के मस्जिद जाने के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए। कुछ लोगों का दावा था कि उन्होंने प्रचार पाने के लिए बुर्का पहना और मस्जिद पहुंचीं। कुछ यूजर्स ने उनकी तुलना राखी सावंत से भी की।

    हालांकि, ये सभी प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूजर्स की टिप्पणियां हैं। उपलब्ध जानकारी में मलाइका की ओर से अपनी यात्रा के उद्देश्य को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने आने का उल्लेख नहीं है।

    शेख जायद ग्रैंड मस्जिद की इस यात्रा में मलाइका अकेली नहीं थीं। उनके साथ योग से जुड़े सर्वेश शशि भी नजर आए। दोनों की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी को लेकर भी चर्चा हुई। मलाइका और सर्वेश की तस्वीरों ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, दोनों के मस्जिद पहुंचने के पीछे के उद्देश्य या यात्रा से जुड़ी अन्य परिस्थितियों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस वजह से उनकी यात्रा को लेकर किए जा रहे दावों और टिप्पणियों को अलग-अलग रूप में देखा जा रहा है। तस्वीरों में मलाइका का काला बुर्का और पैरों में पहने जूते चर्चा के प्रमुख विषय बने रहे। इससे पहले अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा को भी बुर्का पहनने के कारण सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। मलाइका की तस्वीरों पर आई प्रतिक्रियाओं के बाद एक बार फिर किसी अभिनेत्री के धार्मिक स्थल पर जाने और वहां के पहनावे को लेकर ऑनलाइन बहस देखने को मिली।

  • रणबीर कपूर की रामायण पार्ट 1 की OTT रिलीज तय, जियोहॉटस्टार पर पे-पर-व्यू के जरिए देख सकेंगे दर्शक

    रणबीर कपूर की रामायण पार्ट 1 की OTT रिलीज तय, जियोहॉटस्टार पर पे-पर-व्यू के जरिए देख सकेंगे दर्शक


    नई दिल्ली ।
    रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश अभिनीत फिल्म रामायण पार्ट 1 की डिजिटल रिलीज को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म के डिजिटल प्रसारण के लिए जियोहॉटस्टार और निर्माता नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज के बीच साझेदारी हुई है। फिल्म की टीम ने बुधवार को इसकी पुष्टि की सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद दर्शक इस फिल्म को जियोहॉटस्टार पर देख सकेंगे, लेकिन इसकेलिए उन्हें भुगतान करना होगा। फिल्म को मंच पर मुफ्त में उपलब्ध कराने के बजाय पे-पर-व्यू विकल्प के जरिए दिखाया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत दर्शकों को फिल्म देखने के लिए अलग से पैसे देने होंगे। फिल्म की डिजिटल रिलीज को लेकर यह जानकारी ऐसे समय आई है, जब इसकी सिनेमाघरों में रिलीज की तारीख भी तय है।

    रामायण पार्ट 1 दुनियाभर के सिनेमाघरों में 5 नवंबर 2026 को दिवाली के मौके पर रिलीज होगी। फिल्म को आईमैक्स 3डी प्रारूप में भी प्रदर्शित किया जाएगा। निर्माता चाहते हैं कि दर्शक इसे ऑनलाइन देखने से पहले बड़े पर्दे पर देखने का अनुभव लें। इसी वजह से दर्शकों को फिल्म को सबसे बड़ी स्क्रीन पर देखने की सलाह दी जा रही है।

    फिल्म की भव्य प्रस्तुति और सिनेमाघरों में इसके प्रदर्शन को लेकर निर्माताओं की योजना के बीच डिजिटल मंच पर इसकी उपलब्धता भी तय कर दी गई है। हालांकि, फिल्म के ऑनलाइन प्रसारण की तारीख और पे-पर-व्यू के तहत दर्शकों से ली जाने वाली राशि की जानकारी दिए गए विवरण में सामने नहीं आई है। फिलहाल इतना स्पष्ट किया गया है कि सिनेमाघरों में रिलीज के बाद फिल्म जियोहॉटस्टार पर उपलब्ध होगी और इसे देखने के लिए दर्शकों को भुगतान करना होगा।

    जियोहॉटस्टार पर रामायण की रिलीज का तरीका हाल में चर्चा में रही फिल्म धुरंधर: द रिवेंज से भी अलग बताया गया है। खबर में उल्लेख किया गया है कि रणवीर सिंह की फिल्म के विपरीत, रणबीर कपूर की रामायण पार्ट 1 इस मंच पर मुफ्त में नहीं दिखाई जाएगी। दर्शक पे-पर-व्यू विकल्प चुनकर फिल्म देख सकेंगे।

    इसका मतलब है कि जियोहॉटस्टार पर फिल्म की उपलब्धता होने के बावजूद दर्शकों को इसे देखने के लिए अलग से भुगतान करना होगा। फिल्म की डिजिटल साझेदारी के जरिए निर्माताओं ने इसके ऑनलाइन प्रदर्शन का माध्यम तय कर दिया है। हालांकि, दर्शकों के लिए भुगतान की प्रक्रिया, कीमत और डिजिटल रिलीज की निश्चित तारीख से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है। फिल्म की टीम ने फिलहाल डिजिटल साझेदारी और पे-पर-व्यू व्यवस्था की पुष्टि की है।

    जियोस्टार की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने रामायण को भारत की प्रमुख सांस्कृतिक धरोहरों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि यह ऐसी कहानी है, जिसने सदियों से लोगों की चेतना को आकार दिया है, उनकी कल्पना को प्रेरित किया है और जीवन जीने के तरीके को दिशा दी है। उनके मुताबिक, भारत कहानी कहने के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है और ऐसे समय में अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मौजूद है।

    नीता अंबानी ने यह बात फिल्म से जुड़ी साझेदारी के संदर्भ में कही। रामायण को डिजिटल मंच पर लाने की पहल इसी सांस्कृतिक विरासत को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में देखी जा रही है। फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और जियोहॉटस्टार के बीच हुई साझेदारी से इसके सिनेमाघरों के बाद डिजिटल प्रदर्शन का रास्ता तय हो गया है। अब दर्शक दिवाली पर सिनेमाघरों में फिल्म देखने के बाद इसके डिजिटल मंच पर आने का इंतजार कर सकेंगे।

  • गोल्ड लोन बाजार में बढ़ते जोखिम ने बढ़ाई चिंता, बजाज और पीरामल फाइनेंस ने दिए संकेत, दूसरे कर्ज में फंसे ग्राहकों पर भी नजर

    गोल्ड लोन बाजार में बढ़ते जोखिम ने बढ़ाई चिंता, बजाज और पीरामल फाइनेंस ने दिए संकेत, दूसरे कर्ज में फंसे ग्राहकों पर भी नजर


    नई दिल्ली। देश में सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने यानी गोल्ड लोन का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने सोने के बदले बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कर्ज ले रहे हैं। हालांकि गोल्ड लोन को आमतौर पर सुरक्षित कर्ज माना जाता है लेकिन अब इस क्षेत्र में ग्राहकों की भुगतान क्षमता को लेकर चिंताएं सामने आने लगी हैं। देश की प्रमुख गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों बजाज फाइनेंस और पीरामल फाइनेंस ने गोल्ड लोन लेने वाले कुछ ग्राहकों के भुगतान में देरी के संकेत दिए हैं। इससे इस तेजी से बढ़ते कारोबार में संभावित जोखिमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में बैंकों का गोल्ड लोन सालाना आधार पर 83 प्रतिशत बढ़कर 5.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी एनबीएफसी का गोल्ड लोन 69 प्रतिशत बढ़कर 3.6 लाख करोड़ रुपये हो गया। इन आंकड़ों से साफ है कि सोने के बदले कर्ज लेने का चलन तेजी से बढ़ा है। सोना गिरवी होने के कारण वित्तीय संस्थानों को कर्ज के बदले सुरक्षा मिलती है लेकिन ग्राहकों के समय पर भुगतान नहीं करने की स्थिति में जोखिम बढ़ सकता है।

    बजाज फाइनेंस ने जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के नतीजों में बताया कि 30 दिनों से अधिक समय से बकाया कर्ज से जुड़ी उसकी स्टेज दो और स्टेज तीन परिसंपत्तियों में पिछली तिमाही के मुकाबले 15 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के अनुसार इसके पीछे कम अवधि वाले गोल्ड लोन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी वजह से बजाज फाइनेंस ने अब ऐसे शॉर्ट टर्म गोल्ड लोन देना बंद कर दिया है। कंपनी का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो करीब 24 हजार करोड़ रुपये का है। हालांकि सितंबर तिमाही में कंपनी का समेकित मुनाफा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत बढ़ा है लेकिन कर्ज की गुणवत्ता पर निगरानी जारी है।

    दूसरी ओर पीरामल फाइनेंस ने भी गोल्ड लोन बाजार में बढ़ते जोखिम को लेकर चिंता जताई है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयराम श्रीधरन ने विश्लेषकों के साथ बातचीत में कहा कि गोल्ड लोन में तेजी से बढ़ोतरी इस क्षेत्र को जोखिम के लिहाज से महत्वपूर्ण बना रही है। उनके मुताबिक कंपनी के करीब 35 प्रतिशत ग्राहकों के पास किसी दूसरी वित्तीय संस्था से भी गोल्ड लोन है। ऐसे मामलों में ग्राहकों की कुल कर्ज देनदारी और भुगतान क्षमता को समझना जरूरी हो जाता है।

    पीरामल फाइनेंस के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में उद्योग स्तर पर करीब 4.7 लाख करोड़ रुपये के गोल्ड लोन ऐसे ग्राहकों को दिए गए जिनके दूसरे कर्ज 90 दिनों से अधिक समय से बकाया थे। हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के पास गोल्ड लोन होना अपने आप में उसे जोखिम वाला कर्जदार साबित नहीं करता। इसके बावजूद कई संस्थानों से कर्ज लेने वाले ग्राहकों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। पीरामल फाइनेंस ने सितंबर तिमाही में 545 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया जो पिछले साल की समान अवधि से 66 प्रतिशत अधिक है।

    गोल्ड लोन बाजार में बढ़ती गतिविधियों के बीच बजाज फाइनेंस के लिए महंगाई में बढ़ोतरी और नियामकीय बदलाव जैसे दूसरे जोखिमों का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में ग्राहकों को कर्ज लेने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति और भुगतान क्षमता का आकलन करना चाहिए। समय पर किस्त या ब्याज नहीं चुकाने की स्थिति में गिरवी रखा सोना भी खतरे में पड़ सकता है। वहीं वित्तीय संस्थानों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे कर्ज देने से पहले ग्राहकों की मौजूदा देनदारियों और भुगतान के रिकॉर्ड का बेहतर आकलन करें।

  • Ind vs NZ: टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, ईशान किशन के पास कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका

    Ind vs NZ: टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, ईशान किशन के पास कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका


    क्राइस्टचर्च।
    ईशान किशन (Ishan Kishan) के पास न्यूजीलैंड (New Zealand) के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज (Five-match T20I series) में बल्ले से धमाल मचाने के साथ कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है. भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज T20 इंटरनेशनल में 2000 रन पूरे करने से सिर्फ 46 रन दूर हैं. इसके अलावा वह सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) और पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान (Mohammad Rizwan) के रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज गुरुवार (22 अक्टूबर) से शुरू होगी. पहला मुकाबला क्राइस्टचर्च (Christchurch) में खेला जाएगा. ईशान इस साल शानदार फॉर्म में हैं और नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है।


    1-सूर्या का रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ 7 रन दूर

    ईशान किशन ने अब तक 66 T20 इंटरनेशनल मैचों की 66 पारियों में 31.51 के एवरेज और 148.81 के स्ट्राइक रेट से 1,954 रन बनाए हैं. इसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 103 रन है।

    ईशान इस साल T20 इंटरनेशनल में 34 पारियों में 37.35 की औसत और 172.06 के स्ट्राइक रेट से 1,158 रन बना चुके हैं. उनके नाम एक शतक और सात अर्धशतक हैं. अब वह सिर्फ सात रन बनाते ही सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ देंगे. सूर्या ने 2022 में 1,164 रन बनाए थे, जो एक कैलेंडर ईयर में किसी भारतीय बल्लेबाज के सबसे ज्यादा T20I रन का रिकॉर्ड है।


    2-पाकिस्तानी बैटर मोहम्मद रिजवान भी निशाने पर

    ईशान किशन के निशाने पर पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान का रिकॉर्ड भी है. रिजवान ने 2021 में 29 पारियों में 1,326 T20I रन बनाए थे. इस दौरान उन्होंने एक शतक और 12 अर्धशतक लगाए थे. ईशान को टेस्ट खेलने वाले देशों के बल्लेबाजों के बीच एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा T20I रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए 139 रन और चाहिए।


    3-एक साल में 2000 T20 रन बनाने का मौका

    ईशान किशन इस साल सभी तरह के T20 मुकाबलों में भी जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने 49 मैचों की 49 पारियों में 38.26 की औसत और 175 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 1,760 रन बनाए हैं. इसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच T20I मैचों के बाद दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज भी खेली जानी है. ईशान को इस कैलेंडर ईयर में 2,000 T20 रन पूरे करने के लिए 240 रन और बनाने हैं. अब तक यह उपलब्धि वेस्टइंडीज के निकोलस पूरन (2,331 रन) और मोहम्मद रिजवान (2024 में 2,036 रन) हासिल कर चुके हैं. ईशान ऐसा करने वाले पहले भारतीय बन सकते हैं।


    न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की T20I टीम

    श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव।

  • Aus vs SA: कगिसो रबाड़ा के नाम बड़ी उपलब्धि… घरेलू मैदानों पर मात्र 7017 गेंदों पर झटक लिए 200 विकेट

    Aus vs SA: कगिसो रबाड़ा के नाम बड़ी उपलब्धि… घरेलू मैदानों पर मात्र 7017 गेंदों पर झटक लिए 200 विकेट


    गकेबरहा।
    साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाज (South African Fast Bowler) कगिसो रबाडा (Kagiso Rabada) ने टेस्ट क्रिकेट (Test cricket) में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. वह घरेलू मैदानों पर 200 टेस्ट विकेट लेने वाले साउथ अफ्रीका (South Africa) के चौथे गेंदबाज बन गए हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गकेबरहा टेस्ट में निक मैडिनसन और मिचेल स्टार्क को आउट करके रबाडा ने यह मुकाम हासिल किया. खास बात यह है कि उन्होंने महज 7017 गेंदों में 200 विकेट पूरे कर लिए, जो इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए किसी भी गेंदबाज द्वारा ली गई सबसे कम गेंदें हैं।

    कगिसो रबाडा ने अपने घरेलू मैदानों पर अब तक 38 टेस्ट मैचों में 202 विकेट हासिल किए हैं. इस दौरान उनका औसत 19.99 रहा है. उन्होंने 10 बार एक पारी में पांच विकेट और चार बार मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा किया है. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 112 रन देकर सात विकेट है. साउथ अफ्रीका के लिए घरेलू टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में डेल स्टेन 261 विकेट के साथ पहले स्थान पर हैं. मखाया एंटिनी ने 249 और शॉन पोलॉक ने 235 विकेट लिए हैं. रबाडा अब इस सूची में चौथे गेंदबाज हैं।

    मैचों के लिहाज से डेल स्टेन ने 37 टेस्ट में 200 घरेलू विकेट पूरे किए थे, जबकि कगिसो रबाडा को एक मैच ज्यादा लगा. हालांकि, गेंदों के मामले में रबाडा ने स्टेन को पीछे छोड़ दिया. स्टेन ने इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए 7751 गेंदें फेंकी थीं. रबाडा की उपलब्धि ऐसे समय आई, जब साउथ अफ्रीका ने दूसरे टेस्ट में शानदार वापसी की।

    मेजबान टीम ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में महज 99 रन पर समेटकर फॉलोऑन खेलने पर मजबूर कर दिया. रबाडा ने 12 ओवर्स में 33 रन देकर दो विकेट लिए. मार्को जानसेन ने 33 रन देकर पांच विकेट चटकाए, जबकि वियान मुल्डर को दो सफलता मिलीं. ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्टीव स्मिथ ने सबसे ज्यादा 28 रन बनाए. उन्होंने 88 गेंदों का सामना किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके।


    बावुमा का यादगार शतक

    इससे पहले साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी भी लड़खड़ा गई थी और टीम ने 110 रनों के स्कोर तक छह विकेट गंवा दिए थे. कप्तान टेम्बा बावुमा ने 334 गेंदों पर 179 रन बनाकर पारी को संभाला. मार्को जानसेन ने 85 रनों की पारी खेली और बावुमा के साथ सातवें विकेट के लिए 132 रन जोड़े. जानसेन के आउट होने के बाद साइमन हार्मर ने कप्तान का साथ दिया. दोनों के बीच आठवें विकेट के लिए 183 रनों की साझेदारी हुई. हार्मर ने 82 रन बनाए और साउथ अफ्रीका का स्कोर 425/9 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. ऑस्ट्रेलिया के लिए स्कॉट बोलैंड ने 81 रन देकर पांच विकेट लिए थे।

    ऑस्ट्रेलियाई टीम तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है. दूसरे टेस्ट में एक दिन का खेल बाकी रहते साउथ अफ्रीका के पास जीत दर्ज कर सीरीज बराबर करने का मौका है. कगिसो रबाडा की रिकॉर्ड उपलब्धि और गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन ने मेजबान टीम की उम्मीदों को मजबूत किया है।

  • MP में निकायों में सामान खरीदी में बड़ी गड़बडी… कहीं 2 लाख का कचरा वाहन तो 6 लाख में!

    MP में निकायों में सामान खरीदी में बड़ी गड़बडी… कहीं 2 लाख का कचरा वाहन तो 6 लाख में!


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के नगरीय निकायों (Urban Local Bodies) में सरकारी सामान की खरीदी में कीमतों के भारी अंतर का मामला सामने आया है। कहीं कचरा वाहन (Garbage Vehicle) दो लाख रुपये में खरीदा गया, तो कहीं उसी वाहन के साथ चार डस्टबिन (Four Dustbins) के लिए छह लाख रुपये खर्च किए गए। एलईडी लाइट और केमिकल की खरीदी में भी कीमतों में बड़ा अंतर सामने आया है। इन मामलों को लेकर नगरीय विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे (Additional Chief Secretary Sanjay Dubey) ने अधिकारियों को फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग निकायों की खरीदी और उन पर खर्च की गई राशि की जानकारी जुटा रहा है।

    इस साल अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ दिन पहले भौरी स्थित सुंदरलाल पटवा नगरीय विकास प्रशिक्षण संस्थान में नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी। इस बैठक का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें संजय दुबे खरीदी में कीमतों के अंतर और कथित अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों को चेतावनी देते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह न समझें कि उनकी गतिविधियों पर किसी की नजर नहीं है। विभाग को पता है कि किस निकाय ने क्या खरीदा और किस दर पर खरीदा।


    दो लाख का वाहन, दूसरे निकाय में छह लाख खर्च

    संजय दुबे ने उदाहरण देते हुए बताया कि एक नगरीय निकाय ने कचरा वाहन दो लाख रुपये में खरीदा, जबकि दूसरे निकाय ने उसी वाहन के साथ चार डस्टबिन के लिए छह लाख रुपये खर्च किए। उन्होंने कुछ निकायों में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत वाले वाहन खरीदे जाने का भी जिक्र किया। सवाल उठाया कि जिन निकायों में पर्याप्त वार्ड तक नहीं हैं, वहां इतने महंगे वाहनों की जरूरत क्यों पड़ी।


    एलईडी लाइट की कीमत में भी भारी अंतर

    मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक अंशुमान राज ने भी खरीदी की दरों में अंतर के उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि एसडीएम के पद पर रहते हुए उन्हें 200 एलईडी बल्ब की खरीदी पर 60 लाख रुपये खर्च किए जाने की शिकायत मिली थी। उन्होंने 60 वॉट की एलईडी लाइट का उदाहरण देते हुए बताया कि एक स्थान पर इसकी कीमत 306 रुपये थी, जबकि भोपाल में इसकी कीमत 11,800 रुपये दर्ज की गई। इसी तरह फिनोलिक डिसइन्फेक्टेंट (कीटाणुनाशक) की कीमत में भी असामान्य अंतर बताया गया। एक स्थान पर इसकी कीमत पांच रुपये प्रति लीटर, जबकि दूसरी जगह 33,500 रुपये लीटर में खरीदी की गई हैं।


    250 करोड़ रुपये बचाने की संभावना

    अंशुमान राज के अनुसार, सरदारपुर नगरीय निकाय ने 2,500 लीटर डिसइन्फेक्टेंट 1.35 लाख रुपये में खरीदा था। उन्होंने कहा कि यदि नगरीय निकाय औसत दरों पर खरीदी करें, तो विभाग करीब 250 करोड़ रुपये की बचत कर सकता है।


    2500 यूजर आईडी-पासपर्ड लीक होने की जानकारी

    प्रजेटेंशन में साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक गंभी चिता भी सामने आई। नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि गुगल पर पासवर्ड सर्कुलेट हो रहे थे। मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) में अतिरिक्त प्रबंध निदेशक ने बताया कि 2500 यूजर आईडी पासवर्ड लीक हुए। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि कुछ कंम्प्यूटरों में इन्फो-स्टीलर मैलवेयर मौजूद होने की आशंका हैं। अधिकारियों को सुरक्षा जांच कराने, एंटीवायरस का उपयोग करने की सलाह दी गई। साथ ही सरकारी और कार्यालयीन कंप्यूटरों पर अनधिकृत टोरेंट डाउनलोड, संदिग्ध ई-मेल और फिशिंग वेबसाइटों से बचने को कहा गया हैं।


    इस साल शिकायतों पर कार्रवाई की चेतावनी

    संजय दुबे ने कहा कि पिछले साल उन्होंने ऐसे मामलों पर अधिक ध्यान नहीं दिया था, लेकिन इस साल अनियमितताओं की शिकायतें मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग अलग-अलग निकायों की खरीदी और उनकी दरों की जानकारी एकत्र कर रहा है। हालांकि, सामने आए उदाहरणों में बताई गई कीमतों के अंतर के कारणों और संबंधित खरीदी में किसी अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में संजय दुबे से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

  • एशियन पैरा गेम्स : शीतल-तोमन की जोड़ी ने तीरंदाजी में जीता स्वर्ण, सुवर्णा को डिस्कस थ्रो में मिला गोल्ड

    एशियन पैरा गेम्स : शीतल-तोमन की जोड़ी ने तीरंदाजी में जीता स्वर्ण, सुवर्णा को डिस्कस थ्रो में मिला गोल्ड


    आइची नागोया।
    एशियन पैरा गेम्स 2026 (Asian Para Games 2026) के चौथे दिन भारत (India) ने सुवर्णा राज (Suvarna Raj) के स्वर्ण और स्वाति चौधरी (Swati Chaudhary) के ऐतिहासिक रजत के साथ शानदार शुरुआत की। सुवर्णा ने महिला डिस्कस थ्रो एफ54 में 15.66 मीटर के थ्रो से स्वर्ण जीता। वहीं, स्वाति महिला डब्ल्यू1 तीरंदाजी में भारत का पहला पदक जीतने वाली खिलाड़ी बनीं। पैरा बैडमिंटन में भी भारत ने दो कांस्य पदक जीते और एक जोड़ी फाइनल में पहुंची। इसके साथ ही शीतल देवी और तोमन कुमार ने पैरा कंपाउंड मिक्स्ड टीम में स्वर्ण जीता।

    शीतल देवी और तोमन कुमार ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। भारतीय जोड़ी ने पैरा कंपाउंड मिक्स्ड टीम के फाइनल में इंडोनेशिया को 151-148 से हराकर खिताब अपने नाम किया। कड़े मुकाबले में दोनों ने संयम बनाए रखा और भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। नागोया में भारत के खाते में एक और स्वर्ण पदक जुड़ गया। शीतल देवी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सफलता में नया अध्याय जोड़ा। इस स्वर्ण पदक के साथ दोनों का ऐतिहासिक अभियान पूरा हुआ। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने रैंकिंग राउंड में 1,402 अंक का शानदार संयुक्त स्कोर बनाकर विश्व रिकॉर्ड तोड़ा था। फाइनल में जीत के साथ दोनों ने अपने दमदार प्रदर्शन पर स्वर्णिम मुहर लगा दी।

    सुवर्णा राज ने महिला डिस्कस थ्रो एफ54 स्पर्धा में 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 13.68 मीटर की दूरी हासिल की, जबकि दूसरे प्रयास में 15.09 मीटर तक डिस्कस फेंका। इसके बाद पांचवें प्रयास में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। ईरान की शाहिद हबीबी ने 15.45 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता। वह सुवर्णा से महज 21 सेंटीमीटर पीछे रहीं। वियतनाम की गुयेन थी न्गोक थuy ने 14.65 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।

    सुवर्णा राज भारत की अनुभवी पैरा एथलीट हैं और व्हीलचेयर का इस्तेमाल करती हैं। वह तीन एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और 2017 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। जनवरी 2026 में कैनबरा ट्रैक मीट में उन्होंने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण और शॉट पुट में रजत पदक जीता था। इसके बाद दुबई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया।

    खेल के अलावा सुवर्णा दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुगम्यता के लिए भी काम करती हैं। वह भारत में 1,000 से अधिक सुगम्यता ऑडिट कर चुकी हैं और उन्हें 2015 में राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

    भारत ने पैरा बैडमिंटन में दो और कांस्य पदक अपने नाम किए। पुरुष एकल एसएल4 स्पर्धा में सुहास यथिराज और अभिजीत सुखुजा ने कांस्य पदक जीते। सुहास ने इंडोनेशिया के पैरालंपिक पदक विजेता फ्रेडी सेतियावान को कड़ी टक्कर दी, लेकिन तीन गेम तक चले मुकाबले में उन्हें 21-23, 21-8, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, अभिजीत को हमवतन नवीन शिवकुमार के खिलाफ 13-21, 15-21 से शिकस्त मिली। अब नवीन और सेतियावान फाइनल में आमने-सामने होंगे। इस तरह स्वर्ण पदक के मुकाबले में भारत का एक खिलाड़ी जरूर पहुंचेगा।

    भारत के खाते में बैडमिंटन का एक और कांस्य पदक जुड़ गया। संजना कुमारी ने महिला एकल एसएल3 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्हें सेमीफाइनल में जापान की शिनो कावाई के खिलाफ 7-21, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ संजना का स्वर्ण पदक जीतने का सपना टूट गया, लेकिन उन्होंने कांस्य पदक के साथ प्रतियोगिता का समापन किया। नागोया में बैडमिंटन में भारत के पदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।


    भारत के 70 पदक, छठे स्थान पर देश

    एशियन पैरा गेम्स 2026 की पदक तालिका में भारत 15 स्वर्ण, 22 रजत और 33 कांस्य सहित कुल 70 पदक जीतकर छठे स्थान पर है। भारत को सबसे ज्यादा 43 पदक पैरा एथलेटिक्स में मिले हैं, जिनमें 14 स्वर्ण, 13 रजत और 16 कांस्य शामिल हैं। पैरा बैडमिंटन और पैरा तैराकी में छह-छह, पैरा टेबल टेनिस में पांच और पैरा शूटिंग में चार पदक मिले हैं। वहीं, पैरा तीरंदाजी, पैरा जूडो और पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत ने दो-दो पदक जीते हैं। पदक तालिका में चीन 249 पदकों (116 स्वर्ण) के साथ शीर्ष पर है, जबकि उज्बेकिस्तान 98 पदकों के साथ दूसरे और मेजबान जापान 106 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है। दक्षिण कोरिया 52 पदकों के साथ चौथे और ईरान 66 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर है। भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या ईरान के बराबर 15 है, लेकिन रजत पदक एक कम होने के कारण भारत छठे स्थान पर है।

  • जर्मनी-नीदरलैंड दौरा…. ट्रंप की टैरिफ नीति और ट्रेड डील पर अनिश्चितता के बीच भारत का नया दांव

    जर्मनी-नीदरलैंड दौरा…. ट्रंप की टैरिफ नीति और ट्रेड डील पर अनिश्चितता के बीच भारत का नया दांव


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) ने बीते डेढ़ साल में भारतीय माल (Indian goods) पर शुल्क (Tariff) की दर तीन बार बदली। अब अधिकतर भारतीय सामान पर सामान्य शुल्क के ऊपर 10 फीसदी लगता है। फरवरी 2026 में 18% की दर वाले जिस अंतरिम ढांचे का एलान हुआ था, उस पर आठ महीने बाद भी हस्ताक्षर नहीं हुए। इसी अनिश्चितता के बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) 22 से 24 अक्तूबर तक जर्मनी (Germany) और 24 से 27 अक्तूबर तक नीदरलैंड (Netherlands) के दौरे पर रहेंगे। उनके साथ करीब 100 कंपनियों और नवउद्यमों का दल है।

    बीते चार साल में भारत ने एक के बाद एक समझौते किए हैं और यूरोपीय संघ उसका 22वां मुक्त व्यापार साझेदार बना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के व्यापार समझौते पर सकारात्मक बयान के बावजूद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीयर का कहना है कि घोषणा तुरंत होने वाली नहीं है। यानी तस्वीर अब भी साफ नहीं।


    यूरोप का दरवाजा खुला, पर ताला अब तक नहीं हटा

    यूरोपीय संघ के साथ हुआ समझौता भारत का अब तक का सबसे बड़ा सौदा है। यूरोपीय संघ अपने 99.3 प्रतिशत और भारत अपने 96.6 प्रतिशत कारोबार पर शुल्क हटाएगा या घटाएगा। भारत यूरोपीय कारों पर शुल्क 110 प्रतिशत तक के स्तर से घटाकर 40 प्रतिशत पर लाएगा। पर नौ महीने बाद भी यह लागू नहीं हुआ है। गोयल का यह दौरा इसलिए नीतिगत कम और व्यावहारिक ज्यादा है।


    बर्लिन और हेग में क्या होगा

    गोयल बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में हिस्सा लेंगे और जर्मनी के आर्थिक मामलों एवं ऊर्जा मंत्री तथा चांसलर कार्यालय के जी-7 और जी-20 शेरपा से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। भारतीय कारोबारी दल की अलग बैठकें वाहन और उन्नत विनिर्माण, सूचना तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कृषि एवं उपभोक्ता सामान, दवा और स्वास्थ्य में होंगी।

    नीदरलैंड में बातचीत सरकार से सरकार के स्तर पर होगी। 25 अक्तूबर को भारतीय दल रॉटरडम बंदरगाह देखने जाएगा और 26 अक्तूबर को हेग में भारत-नीदरलैंड कारोबार मंच की बैठक होगी।


    अब तक की कोशिशों से क्या मिला

    वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात 863.1 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। इसमें वस्तुओं का निर्यात 441.8 अरब डॉलर और सेवाओं का 421.3 अरब डॉलर रहा। यह उसी साल हुआ जिस साल अमेरिका ने शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया था।

    मुक्त व्यापार समझौते वाले बाजारों में आसियान देश सबसे ऊपर रहे, जहां 38.42 अरब डॉलर का माल गया। संयुक्त अरब अमीरात 37.36 अरब डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर रहा। ब्रिटेन के साथ समझौता 15 जुलाई 2026 को लागू हुआ और उसी वित्त वर्ष में वहां 13.44 अरब डॉलर का निर्यात दर्ज हुआ।

    ऑस्ट्रेलिया के साथ समझौते से पहले वित्त वर्ष 2020-21 में वहां भेजे माल के लिए सिर्फ 1,482 मूल प्रमाणपत्र जारी हुए थे, समझौते के बाद यह औसतन 45 हजार से ऊपर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया को निर्यात चार अरब डॉलर से बढ़कर 7.28 अरब डॉलर हो गया।

    ओमान के साथ समझौता एक जून 2026 को लागू हुआ और जून में ही वहां निर्यात पिछले महीने से 54.7 प्रतिशत और पिछले साल के मुकाबले 189.6 प्रतिशत बढ़ गया। यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के साथ समझौता अक्तूबर 2025 से लागू है और अब तक 7,885 मूल प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं।

  • सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हमला, 1 की मौत और 8 घायल, कई फ्लाइट्स के रूट बदले

    सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हमला, 1 की मौत और 8 घायल, कई फ्लाइट्स के रूट बदले


    नई दिल्ली। सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार देर रात हुए हमले में एक सऊदी नागरिक की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। सऊदी सिविल एविएशन अथॉरिटी ने गुरुवार सुबह इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि हमले में एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है। वैश्विक फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा Flightradar24 के मुताबिक, घटना के बाद रात में कई उड़ानों के रूट डायवर्ट किए गए।

    किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट फारस की खाड़ी के पास दम्माम में स्थित है। यह बहरीन और कतर के नजदीक है। इससे पहले भी सऊदी अरब के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर मिसाइल और प्रोजेक्टाइल हमलों के दौरान इस एयरपोर्ट को निशाना बनाया जा चुका है। ताजा हमले पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है। वहीं, सऊदी गठबंधन ने बताया कि उसने देश के पूर्वी क्षेत्र में ड्रोन से किए गए चार हमलों को नाकाम कर दिया।

    तेल क्षेत्र में ड्रोन का मलबा गिरने से 2 की मौत
    एयरपोर्ट पर हमले से पहले दक्षिण-पूर्वी सऊदी अरब में अरामको के संचालन वाले शायबह तेल क्षेत्र में एक इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे।

    सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, मृतकों में नेपाल और फिलीपींस के नागरिक शामिल थे। घायलों में पाकिस्तान और भारत के नागरिक थे। मंत्रालय ने बताया कि ड्रोन का मलबा गिरने से तेल क्षेत्र में एक ठेकेदार के वाहन में आग भी लग गई।

    सऊदी तेल ठिकानों पर लगातार हमले
    सऊदी अरब में हाल के दिनों में तेल प्रतिष्ठानों और अन्य अहम ठिकानों के आसपास ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। पिछले महीने इंटरसेप्ट किए गए हूती ड्रोन का मलबा गिरने से सऊदी अरब में रह रहे एक यमनी नागरिक की मौत हो गई थी। हूतियों की ओर से सऊदी शिपिंग और तेल ठिकानों को निशाना बनाकर हमले बढ़ाए जाने के बीच इसे नागरिक की पहली मौत बताया गया था।

    इस महीने की शुरुआत में भी सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में हुए हमले के बाद दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल अरामको की एक प्रशासनिक इमारत में मामूली आग लग गई थी।

    ताजा घटनाओं ने सऊदी अरब के हवाई और ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। किंग फहद एयरपोर्ट पर हुई मौत और घायलों के अलावा तेल क्षेत्र में हुए नुकसान से क्षेत्र में जारी सुरक्षा चुनौतियां एक बार फिर सामने आई हैं।

  • मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका-इजरायल! परमाणु ठिकाने और मिसाइल भंडार निशाने पर

    मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका-इजरायल! परमाणु ठिकाने और मिसाइल भंडार निशाने पर


    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव का खतरा मंडराने लगा है। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित हमलों के निशाने पर ईरान के परमाणु केंद्र, मिसाइल और ड्रोन भंडार के साथ ऊर्जा ढांचा भी हो सकता है। हालांकि, अब तक किसी भी हमले की योजना को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।

    रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित सैन्य अभियान छोटा, लेकिन बेहद तीव्र हो सकता है। अमेरिका और इजरायल की योजना कथित तौर पर तीन दिनों तक हमले कर ईरान की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और उसे परमाणु कार्यक्रम पर समझौते के लिए मजबूर करने की है। संभावित लक्ष्यों में परमाणु ठिकानों के अलावा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के कमांड सेंटर भी शामिल हैं।

    पिकैक्स माउंटेन पर हमले की भी चर्चा
    ईरान के पहाड़ों के नीचे स्थित परमाणु केंद्र ‘पिकैक्स माउंटेन’ भी संभावित निशाने पर हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह इस ठिकाने के खिलाफ 22,000 पाउंड वजनी GBU-43/B बम के इस्तेमाल पर विचार करने की बात कही थी। इसे MOAB यानी ‘मदर ऑफ ऑल बम्स’ भी कहा जाता है।

    हालांकि, ऊर्जा ढांचे पर हमले को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच मतभेद की स्थिति बताई जा रही है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार प्रभावित हो सकता है और अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसी वजह से ऊर्जा प्रतिष्ठानों को संभावित लक्ष्यों में शामिल करने को लेकर असमंजस बना हुआ है।

    ईरान की चेतावनी- जवाब सीमित नहीं रहेगा
    दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि उस पर नया हमला हुआ तो उसकी जवाबी कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। तेहरान ने संकेत दिया है कि संभावित जवाबी हमलों में सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों, डेटा सेंटरों और समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

    ईरानी अधिकारियों के रुख से संकेत मिलता है कि किसी नए संघर्ष की स्थिति में युद्ध को सीमित रखना आसान नहीं होगा। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ने और संघर्ष के दूसरे देशों तक फैलने की आशंका भी गहरा सकती है।

    ईरान की सीमा के पास इजरायल का बड़ा हवाई अभ्यास
    इस बीच, इजरायल ने सोमवार को ईरान की सीमा के नजदीक एक बड़ा वायुसेना अभ्यास किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली वायुसेना के दर्जनों लड़ाकू और हवा में ईंधन भरने वाले विमान इजरायल से 800 मील से अधिक दूर तक गए। विमानों ने सीरिया और इराक के हवाई क्षेत्र से गुजरते हुए ईरान की सीमा के पास उड़ान भरी और फिर लौट आए।

    अधिकारियों के अनुसार, विमानों का यह मार्ग ईरान पर संभावित हमले के लिए इस्तेमाल किए जा सकने वाले रास्ते जैसा था। हालांकि, इजरायल ने इसे प्रशिक्षण अभ्यास बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ईरान को कड़ा संदेश देना था। इजरायल ने इस अभियान की जानकारी अमेरिका को पहले ही दे दी थी।

    रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ अमेरिकी अधिकारियों को आशंका थी कि यदि ईरान ने अभ्यास में शामिल इजरायली विमानों पर हमला किया तो इजरायल को बड़े सैन्य अभियान का बहाना मिल सकता है। इससे अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती थीं।

    ट्रंप के सामने तीन बड़ी चुनौतियां
    पिछले अनुभवों को देखते हुए ट्रंप फिलहाल ईरान पर नए हमले का आदेश देने से बचते नजर आ रहे हैं। हालांकि, जब तक ईरान परमाणु वार्ता की मेज पर लौटकर समझौते की दिशा में आगे नहीं बढ़ता, तब तक सैन्य कार्रवाई की आशंका बनी रह सकती है।

    अमेरिका के सामने नई जंग शुरू करने के रास्ते में तीन बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, हमले की स्थिति में तेल की कीमतों में तेज उछाल का खतरा। दूसरी, संघर्ष का पूरे मिडिल ईस्ट में फैल जाना। तीसरी, अमेरिकी सेना के पास मिसाइलों को रोकने वाले इंटरसेप्टर की संभावित कमी।

    ऐसे में सैन्य योजनाएं तैयार होने की खबरों के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन हमले को मंजूरी देगा या कूटनीतिक रास्ते को प्राथमिकता देगा। फिलहाल, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच पूरे क्षेत्र की निगाहें वॉशिंगटन के अगले कदम पर टिकी हैं।