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  • पति के बाईं ओर पत्नी के बैठने का क्या है राज? धर्म और परंपरा में छिपा है समानता और सामंजस्य का संदेश

    पति के बाईं ओर पत्नी के बैठने का क्या है राज? धर्म और परंपरा में छिपा है समानता और सामंजस्य का संदेश


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म की पूजा पद्धति में पति और पत्नी को एक साथ बैठकर धार्मिक अनुष्ठान करने की परंपरा रही है। घर में सत्यनारायण कथा हो या कोई शुभ पूजा हवन अथवा धार्मिक आयोजन हो अक्सर पत्नी को पति के बाईं ओर बैठे हुए देखा जाता है। पहली नजर में यह सामान्य परंपरा लग सकती है लेकिन धार्मिक मान्यताओं में इसके पीछे कई प्रतीकात्मक अर्थ बताए गए हैं। पत्नी को पति की अर्धांगिनी और वामांगी कहा जाता है। वामांगी का अर्थ पति के बाएं अंग से जुड़ी स्त्री से लिया जाता है। इसी विचार के कारण गृहस्थ जीवन से जुड़े कई शुभ कार्यों में पत्नी का स्थान पति के बाईं ओर माना गया है।

    इस परंपरा को भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप से भी जोड़ा जाता है। अर्धनारीश्वर की प्रतिमा में शिव और शक्ति को एक ही शरीर के दो हिस्सों के रूप में दर्शाया जाता है। पारंपरिक रूप से इस स्वरूप में स्त्री पक्ष बाईं ओर दिखाई देता है। इसका आध्यात्मिक संदेश यह माना जाता है कि पुरुष और स्त्री अलग होते हुए भी एक दूसरे के पूरक हैं। पति और पत्नी के रिश्ते में भी इसी एकता और संतुलन की भावना को महत्वपूर्ण माना गया है। इसीलिए पूजा में दोनों का साथ बैठना केवल धार्मिक प्रक्रिया नहीं बल्कि दांपत्य साझेदारी का प्रतीक भी माना जाता है।

    पत्नी को बाईं ओर स्थान देने के पीछे एक लोकप्रिय सांस्कृतिक व्याख्या हृदय से भी जुड़ी है। मानव शरीर में हृदय बाईं ओर स्थित होता है और इसी कारण बाईं दिशा को प्रेम भावना आत्मीयता और स्नेह से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक और लोक मान्यताओं में पति के बाईं ओर पत्नी का स्थान उसके प्रति निकटता और सम्मान का प्रतीक माना गया है। इसे पति पत्नी के बीच भावनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक सामंजस्य की अभिव्यक्ति के तौर पर भी समझा जाता है। यह वैज्ञानिक नियम नहीं बल्कि परंपरा से जुड़ी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक व्याख्या है।

    योग और आध्यात्मिक परंपराओं में भी शरीर की ऊर्जा और संतुलन को लेकर कई अवधारणाएं मिलती हैं। कुछ धार्मिक व्याख्याओं में पुरुष और स्त्री ऊर्जा को एक दूसरे का पूरक बताया जाता है। बाईं दिशा को चंद्र या शांत ऊर्जा से और दाईं दिशा को सूर्य या सक्रिय ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। पति पत्नी के साथ बैठने को इसी संतुलन का प्रतीक माना जाता है। हालांकि ऊर्जा से जुड़े इन विचारों को धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यता के रूप में ही देखना उचित है। इन्हें आधुनिक वैज्ञानिक तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

    यहां एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि हर धार्मिक अनुष्ठान में पत्नी का स्थान हमेशा बाईं ओर ही हो ऐसा जरूरी नहीं है। अलग-अलग परंपराओं और कर्मकांडों में दिशा बदलने की मान्यता भी मिलती है। कुछ स्रोतों के अनुसार सामान्य गृहस्थ और शुभ कार्यों में पत्नी को पति के बाईं ओर बैठाया जाता है जबकि कुछ यज्ञ हवन या विशेष संस्कारों में दाईं ओर बैठने की परंपरा बताई गई है। इसलिए किसी विशेष पूजा या संस्कार के लिए अपने परिवार की परंपरा और संबंधित आचार्य की विधि को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।

    वामांगी की यह अवधारणा अंततः पति पत्नी के रिश्ते में समान भागीदारी का संदेश देती है। पूजा में पत्नी की मौजूदगी यह दर्शाती है कि गृहस्थ जीवन और धार्मिक जिम्मेदारियों में दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि कई धार्मिक परंपराओं में पत्नी को केवल साथ बैठने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि पूजा के संकल्प और अनुष्ठान की सहभागी माना जाता है। इस नजरिए से देखें तो पति के बाईं ओर पत्नी का स्थान केवल बैठने की दिशा नहीं बल्कि प्रेम सम्मान साझेदारी और शिव शक्ति के संतुलन का प्रतीक बन जाता है। यही इस परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक संदेश माना जा सकता है।

  • हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित हुई मोरारी बापू की ऐतिहासिक रामकथा, भारत से पहुंचे प्रमुख साधु-संतों ने भी लिया भाग

    हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित हुई मोरारी बापू की ऐतिहासिक रामकथा, भारत से पहुंचे प्रमुख साधु-संतों ने भी लिया भाग

    नई दिल्ली ।अमेरिका के कैम्ब्रिज स्थित प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय के सैंडर्स थिएटर में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला, जहां प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू द्वारा नौ दिवसीय रामकथा का आयोजन किया गया। इस विशेष कथा में भारत के विभिन्न प्रमुख तीर्थ स्थलों से आए बड़ी संख्या में साधु-संतों और विद्वानों ने सहभागिता की। कथा के दौरान विश्वविद्यालय प्रांगण में गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ मनाई गई।

    नौ दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त को हुई, जिसका समापन 23 अगस्त को होगा। इस आयोजन के दौरान शिक्षाविदों और आचार्यों के बीच तीन दिवसीय विशेष विद्वत चर्चा का भी आयोजन किया गया। मोरारी बापू ने कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सावन के पवित्र महीने में तुलसी जयंती के अवसर पर यह आयोजन ज्ञान, सत्य, प्रेम और करुणा के मूलभूत सिद्धांतों को उजागर करने के उद्देश्य से किया गया है।

    विश्वविद्यालय के लक्ष्मी मित्तल एंड फैमिली साउथ एशिया इंस्टीट्यूट की फैकल्टी डायरेक्टर प्रोफेसर डायना ने इस अवसर पर कहा कि भगवान राम की अयोध्या से शुरू होकर रामेश्वरम तक की 14 वर्षों की यात्रा ने भारतीय उपमहाद्वीप में पवित्र सांस्कृतिक स्थलों का निर्माण किया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि रामलीला और रामचरितमानस की परंपरा भारत की सीमाओं से निकलकर थाईलैंड, इंडोनेशिया और कंबोडिया जैसे देशों तक विस्तृत हुई है।

    समारोह में पहुंचे अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय के आदर्श वाक्य ‘वेरिटास’ यानी सत्य की तुलना भारतीय दर्शन के सत्य, प्रेम और करुणा के मूल्यों से की। वक्ताओं ने कहा कि यह आयोजन दुनिया की सबसे प्राचीन पाठ और वाचन परंपराओं को दुनिया के शीर्ष शिक्षण संस्थानों के साथ जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है।

    मोरारी बापू द्वारा वर्ष 2010 में तुलसी जयंती के अवसर पर शुरू की गई इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति, ज्ञान परंपरा और रामचरितमानस के संदेशों को वैश्विक पटल पर संरक्षित और प्रसारित करना है। इससे पूर्व भी वे कैलाश मानसरोवर, वेटिकन सिटी, संयुक्त राष्ट्र संघ और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय जैसे ऐतिहासिक स्थानों पर रामकथा का आयोजन कर चुके हैं।

    हार्वर्ड में आयोजित इस कार्यक्रम में अयोध्या, वाराणसी और चित्रकूट जैसे आध्यात्मिक केंद्रों से पहुंचे साधु- संन्यासियों की उपस्थिति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मध्य प्रदेश सहित भारत के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी इस वैश्विक आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस आयोजन को वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति और दर्शन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर धमाकेदार जीत से भारतीय टीम की डब्ल्यूटीसी स्थिति मजबूत, फाइनल का समीकरण हुआ दिलचस्प

    गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर धमाकेदार जीत से भारतीय टीम की डब्ल्यूटीसी स्थिति मजबूत, फाइनल का समीकरण हुआ दिलचस्प

    नई दिल्ली ।गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान श्रीलंका को 165 रनों के भारी अंतर से हरा दिया। इस बड़ी जीत के साथ ही भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। इस मुकाबले में मिली जीत से आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की अंक तालिका में भारतीय टीम के खाते में महत्वपूर्ण अंक जुड़े हैं और उसकी फाइनल में पहुंचने की संभावनाएं काफी मजबूत हुई हैं।

    मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का भारतीय कप्तान का फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ। पहली पारी में देवदत्त पड़िक्कल ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का पहला टेस्ट शतक जमाया और 167 रनों की यादगार पारी खेली। भारत की पहली पारी 462 रनों पर समाप्त हुई, जिसके जवाब में श्रीलंकाई टीम अपनी पहली पारी में 284 रन ही बना सकी। इससे भारतीय टीम को पहली पारी के आधार पर 178 रनों की मजबूत बढ़त हासिल हुई।

    दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने तेज गति से रन बनाते हुए श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। दूसरी पारी के दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए एक बड़ा कीर्तिमान भी अपने नाम किया। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम भारतीय गेंदबाजों के सटीक आक्रमण के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम सस्ते में सिमट गई।

    भारत की इस जीत में गेंदबाजों का योगदान बेहद सराहनीय रहा। युवा स्पिनर मानव सुथार ने मैच में घातक गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट झटके। पूरे मैच में कुल दस विकेट लेकर उन्होंने श्रीलंकाई टीम को मुकाबले में वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने भारत की जीत की राह आसान कर दी।

    वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 की ताजा रैंकिंग के अनुसार भारतीय टीम अब 10 मैचों में 5 जीत, 4 हार और 1 ड्रॉ के साथ 64 अंक अर्जित कर 53.33 प्रतिशत पीसीटी के साथ पांचवें स्थान पर बनी हुई है। वहीं भारत से करारी हार झेलने के बाद श्रीलंकाई टीम तालिका में खिसक कर छठे पायदान पर आ गई है। वर्तमान तालिका में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जबकि दक्षिण अफ्रीका दूसरे और न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 23 अगस्त से कोलंबो के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाएगा। इस सीरीज के समाप्त होने के बाद भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय टीम आगामी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन बरकरार रखकर फाइनल में अपनी जगह कैसे पक्की करती है।

  • जापान में आयोजित एशियन गेम्स में दिखेगा युवा खिलाड़ियों का जलवा, वैभव सूर्यवंशी और यू जिडी पर टिकी नजरें

    जापान में आयोजित एशियन गेम्स में दिखेगा युवा खिलाड़ियों का जलवा, वैभव सूर्यवंशी और यू जिडी पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली ।
    जापान के आइची नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 20वें एशियन गेम्स में दुनिया भर के युवा खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिलेगा। इस बहुखेल प्रतियोगिता में लगभग 15 हजार खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे। इस बार प्रतियोगिता में कई बेहद कम उम्र के प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने उतर रहे हैं, जिनमें भारत के उभरते क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी और चीन की युवा स्विमिंग स्टार यू जिडी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। भारत अपने पिछले खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। भारत की टीम में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखते हुए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से ध्यान खींचा है। एशियाई खेलों में क्रिकेट के सभी मुकाबले जापान में विशेष रूप से तैयार किए गए नए क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे।

    चीन की तैराक यू जिडी प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ियों में से एक होंगी। महज 13 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकीं यू जिडी ने पिछले वर्ष महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले स्पर्धा में नया एशियाई रिकॉर्ड स्थापित किया था। नागोया खेलों में वह चीन की मजबूत स्विमिंग टीम की ओर से मुख्य दावेदार के रूप में हिस्सा लेंगी। चीन इस बार भी पदक तालिका में शीर्ष पर रहने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

    टेनिस स्पर्धा में फिलीपींस की 21 वर्षीय खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा ईला भी एक बड़े नाम के रूप में चुनौती पेश करेंगी। हाल ही में वाशिंगटन ओपन जीतकर इतिहास रचने वाली ईला के शानदार प्रदर्शन से फिलीपींस में इस खेल के प्रति युवाओं का आकर्षण तेजी से बढ़ा है। उनके भाग लेने से एशियन गेम्स के टेनिस मुकाबलों में कड़ा मुकाबला देखने को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    आयोजकों ने खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने के लिए अनोखी व्यवस्था की है। लगभग 4,000 से 5,000 खिलाड़ियों को एक क्रूज शिप में ठहराया जाएगा, जिसमें स्विमिंग पूल, रेस्तरां और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा नागोया के गार्डन पियर क्षेत्र में विशेष रूप से तैयार किए गए लकड़ी के अस्थायी कंटेनर घरों में भी लगभग 2,000 खिलाड़ियों के रहने का प्रबंध किया गया है। तैराकी और घुड़सवारी जैसे कुछ विशेष मुकाबले टोक्यो में आयोजित किए जाएंगे।

    इस बार प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, स्विमिंग, फुटबॉल और कबड्डी के साथ-साथ मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, पैडल, टेकबॉल और वर्चुअल ताइक्वांडो जैसे नए खेलों को शामिल किया गया है। साथ ही ई-स्पोर्ट्स की भी वापसी हो रही है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के खेल प्रेमी इन ऐतिहासिक खेलों में भारतीय दल और विशेषकर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं।

  • अभिनेता यश की फिल्म टॉक्सिक को यूके सेंसर बोर्ड से मिला सख्त रेटिंग सर्टिफिकेट, 26 अगस्त को होगी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज

    अभिनेता यश की फिल्म टॉक्सिक को यूके सेंसर बोर्ड से मिला सख्त रेटिंग सर्टिफिकेट, 26 अगस्त को होगी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा की बहुप्रतीक्षित बड़े बजट की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ अपनी वैश्विक रिलीज से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गई है। ब्रिटिश बोर्ड ऑफ फिल्म क्लासिफिकेशन ने फिल्म को ब्रिटेन में प्रदर्शन के लिए सख्त रेटिंग श्रेणी में रखते हुए 18+ का वयस्क प्रमाण पत्र जारी किया है। नियामक संस्था की रिपोर्ट के अनुसार फिल्म में अत्यधिक हिंसा, बोल्ड सामग्री और संवेदनशील विषयों का समावेश पाया गया है।

    गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी और दक्षिण भारतीय अभिनेता यश द्वारा अभिनीत यह फिल्म आगामी 26 अगस्त को दुनिया भर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। सेंसर बोर्ड द्वारा जारी ब्योरे के अनुसार फिल्म की कुल समयावधि 191 मिनट और 41 सेकंड यानी लगभग तीन घंटे ग्यारह मिनट तय की गई है। हालांकि प्रमाणीकरण की प्रक्रिया के दौरान बोर्ड ने तकनीकी विवरण दर्ज करते समय इसे कन्नड़ के स्थान पर तमिल भाषा की फिल्म के रूप में सूचीबद्ध किया था।

    सेंसर रिपोर्ट में फिल्म की कथावस्तु और दृश्यों के स्तर पर विस्तृत जानकारी साझा की गई है। कहानी का मुख्य केंद्र बिंदु गोवा का एक शक्तिशाली ड्रग नेटवर्क है, जिसकी गतिविधियां और आंतरिक संघर्ष मुख्य कथानक का हिस्सा हैं। नियामक संस्था ने फिल्म में दिखाए गए क्रूर हिंसात्मक दृश्यों, गोलीबारी, घातक हमलों और शारीरिक टॉर्चर की वजह से हिंसा श्रेणी में उच्चतम रेटिंग प्रदान की है। इसके अलावा फिल्म में बोल्ड सीन्स और स्ट्रिप क्लब से जुड़े दृश्यों के चलते यौन सामग्री श्रेणी में भी इसे उच्च रेटिंग मिली है।

    ब्रिटिश वर्गीकरण बोर्ड ने जोखिम और भय, अभद्र भाषा, नशीले पदार्थों के उपयोग, यौन हिंसा तथा संवेदनशील मुद्दों से संबंधित सीन्स की श्रेणी में भी फिल्म को गंभीर रेटिंग दी है। हाल के वर्षों में रिलीज हुई अन्य एक्शन आधारित बहुचर्चित फिल्मों की तुलना में इस फिल्म को कंटेंट के लिहाज से अधिक डार्क और गंभीर माना जा रहा है। हिंसा के मामले में भले ही यह अन्य फिल्मों के समकक्ष खड़ी दिखती हो, लेकिन अन्य संवेदनशील श्रेणियों में इसका स्तर काफी सख्त आंका गया है।

    यह एक वृहद स्तर पर निर्मित पैन-इंडिया फिल्म है, जिसे मुख्य रूप से कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा में शूट किया गया है। फिल्म में मुख्य अभिनेता के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसी प्रमुख अभिनेत्रियां महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगी। मध्य प्रदेश सहित देश भर के प्रमुख सिनेमा बाजारों और मल्टीप्लेक्स श्रृंखलाओं में फिल्म के एडवांस टिकट बुकिंग को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

    वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व क्षेत्र में बनी परिस्थितियों और अन्य तकनीकी कारणों से फिल्म की रिलीज तिथि में बदलाव किया गया था। अब 26 अगस्त को होने वाले इसके आधिकारिक प्रदर्शन पर पूरे फिल्म उद्योग की नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सख्त प्रमाणीकरण और डार्क विषयवस्तु के बावजूद यह बड़े बजट की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को कितना आकर्षित कर पाती है।

  • टेस्ट रैंकिंग में बड़ा उलटफेर, हैरी ब्रूक नंबर वन पर लौटे; शांतो करियर की सर्वश्रेष्ठ 20वीं रैंकिंग पर

    टेस्ट रैंकिंग में बड़ा उलटफेर, हैरी ब्रूक नंबर वन पर लौटे; शांतो करियर की सर्वश्रेष्ठ 20वीं रैंकिंग पर


    नई दिल्ली। आईसीसी की ताजा पुरुष टेस्ट प्लेयर रैंकिंग में इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। ब्रूक ने ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 का ताज अपने नाम किया है। यह चौथी बार है जब ब्रूक टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष बल्लेबाज बने हैं। वह पहली बार दिसंबर 2024 में इस मुकाम पर पहुंचे थे। ताजा बदलाव के बाद शीर्ष चार बल्लेबाजों के बीच मुकाबला बेहद करीबी हो गया है और आने वाले टेस्ट मैचों के बाद रैंकिंग में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।

    ट्रेविस हेड के लिए बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन टेस्ट का प्रदर्शन काफी महंगा साबित हुआ। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने मुकाबले की पहली पारी में 22 रन और दूसरी पारी में 17 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया को इस मुकाबले में बांग्लादेश के हाथों नौ विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इसी नतीजे और व्यक्तिगत प्रदर्शन के बाद हेड तीन पायदान नीचे खिसककर चौथे स्थान पर पहुंच गए। उनकी जगह इंग्लैंड के जो रूट दूसरे और ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। स्मिथ ने बांग्लादेश के खिलाफ 71 और 44 रन की पारियां खेली थीं।

    ताजा रैंकिंग में ब्रूक 852 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि जो रूट 840 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर हैं। स्टीव स्मिथ 833 अंक लेकर तीसरे और ट्रेविस हेड 819 अंक के साथ चौथे स्थान पर हैं। यानी नंबर-1 से नंबर-4 तक के बल्लेबाजों के बीच सिर्फ 33 रेटिंग अंकों का अंतर है। ऐसे में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच चल रही टेस्ट सीरीज तथा ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के दूसरे टेस्ट के बाद शीर्ष क्रम में फिर बड़ा बदलाव संभव है।

    इस रैंकिंग अपडेट में बांग्लादेश के खिलाड़ियों को भी ऐतिहासिक जीत का बड़ा फायदा मिला है। ऑस्ट्रेलिया को हराकर चर्चा में आए बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने नौ पायदान की छलांग लगाई है। वह अब अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 20वीं रैंकिंग पर पहुंच गए हैं। शांतो ने डार्विन टेस्ट की पहली पारी में 84 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

    बांग्लादेश के लिए सिर्फ शांतो ही नहीं बल्कि कई अन्य खिलाड़ियों की रैंकिंग में भी बड़ा सुधार हुआ है। मोमिनुल हक पांच स्थान ऊपर चढ़कर 31वें नंबर पर पहुंचे हैं। शादमान इस्लाम 58वें और मेहदी हसन मिराज 59वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं तंजीद हसन ने सबसे बड़ी छलांग लगाने वाले बल्लेबाजों में जगह बनाई है और वह 84 पायदान ऊपर पहुंचकर संयुक्त रूप से 88वें स्थान पर आ गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन भी दूसरी पारी में शतक लगाने के बाद पांच स्थान ऊपर चढ़कर 30वें नंबर पर पहुंचे हैं।

    गेंदबाजों की रैंकिंग में भी बांग्लादेश को शानदार फायदा मिला है। तेज गेंदबाज हसन महमूद ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली पारी में छह विकेट और मैच में कुल नौ विकेट लेकर 26 पायदान की छलांग लगाई है। वह अब 38वें स्थान पर पहुंच गए हैं। मेहदी हसन मिराज भी तीन स्थान ऊपर चढ़कर 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वहीं भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 स्थान पर बने हुए हैं।

  • अलसी से बनाएं घर पर आसान फेस पैक और जेल, त्वचा को रखें मुलायम और हाइड्रेटेड; जानें इस्तेमाल का सही तरीका

    अलसी से बनाएं घर पर आसान फेस पैक और जेल, त्वचा को रखें मुलायम और हाइड्रेटेड; जानें इस्तेमाल का सही तरीका


    नई दिल्ली। स्किन केयर के लिए लोग अक्सर महंगे प्रोडक्ट्स और अलग अलग तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। लेकिन रसोई में मौजूद कुछ साधारण चीजें भी त्वचा की देखभाल में उपयोगी हो सकती हैं। अलसी उन्हीं चीजों में शामिल है। अलसी को आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद बीज माना जाता है लेकिन इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड और अन्य पोषक तत्वों के कारण इसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए भी किया जाता है। खासकर रूखी और बेजान त्वचा वाले लोग अलसी से बने जेल या फेस पैक को अपने स्किन केयर रूटीन में शामिल कर सकते हैं।

    अलसी से जेल बनाना काफी आसान है। इसके लिए एक से दो चम्मच अलसी को पानी में डालकर धीमी आंच पर कुछ देर उबालें। जब पानी थोड़ा गाढ़ा होकर जेल जैसा दिखाई देने लगे तो इसे ठंडा करके छान लें। तैयार जेल को साफ चेहरे पर थोड़ी मात्रा में लगाया जा सकता है। इसे कुछ समय तक त्वचा पर रहने देने के बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। अलसी का जेल त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है और रूखी त्वचा में नमी बनाए रखने के लिए उपयोगी हो सकता है।

    अलसी का फेस पैक भी बनाया जा सकता है। इसके लिए अलसी को पीसकर उसमें थोड़ा दही या एलोवेरा जेल मिलाया जा सकता है। इस मिश्रण को चेहरे पर पतली परत के रूप में लगाएं और सूखने के बाद धीरे से साफ कर लें। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

    स्किन केयर में अलसी का इस्तेमाल करते समय एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि केवल घरेलू नुस्खे ही त्वचा की सभी समस्याओं का समाधान नहीं होते। अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है तो नियमित मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल भी जरूरी है। दिन के समय घर से बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना भी त्वचा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और चेहरे की नियमित सफाई करना भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है।

    अलसी का इस्तेमाल करते समय साफ और ताजा जेल तैयार करना बेहतर होता है। घर पर बनाए गए जेल को लंबे समय तक रखने से बचना चाहिए क्योंकि इसमें प्रिजर्वेटिव नहीं होते। अगर इस्तेमाल के बाद त्वचा पर जलन लालिमा खुजली या किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो तुरंत इसे धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें। किसी गंभीर त्वचा समस्या या लगातार बने रहने वाली परेशानी में त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    कुल मिलाकर अलसी को स्किन केयर रूटीन में एक सरल घरेलू विकल्प के तौर पर शामिल किया जा सकता है। इससे बना जेल त्वचा को मुलायम और हाइड्रेटेड महसूस कराने में मदद कर सकता है। हालांकि बेहतर त्वचा के लिए नियमित देखभाल सबसे ज्यादा जरूरी है। घरेलू उपायों के साथ त्वचा की जरूरत के अनुसार सही मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना अधिक प्रभावी रूटीन बना सकता है।

  • हॉरर से साइंस फिक्शन तक सिनेमाघरों में मचेगा रोमांच, अगस्त के आखिरी दो वीकेंड की ये फिल्में रहेंगी खास

    हॉरर से साइंस फिक्शन तक सिनेमाघरों में मचेगा रोमांच, अगस्त के आखिरी दो वीकेंड की ये फिल्में रहेंगी खास


    नई दिल्ली। अगस्त का आखिरी दौर फिल्म प्रेमियों के लिए काफी दिलचस्प होने वाला है। खासकर अगर आपको हॉरर सस्पेंस थ्रिलर और साइंस फिक्शन जैसी फिल्मों में दिलचस्पी है तो आने वाले दो वीकेंड सिनेमाघरों में कई अलग तरह की कहानियां लेकर आ रहे हैं। हॉलीवुड की इन फिल्मों में कुछ बड़े नाम जुड़े हैं और इनकी कहानियां भी पारंपरिक फॉर्मूले से अलग नजर आ रही हैं। इनमें एक तरफ डर और रहस्य है तो दूसरी तरफ ऐसी दुनिया दिखाई जाएगी जहां इंसान के सामने अस्तित्व बचाने की चुनौती होगी। अगस्त की रिलीज लिस्ट में हॉरर और साइंस फिक्शन फिल्मों की अच्छी मौजूदगी भी नजर आ रही है।

    सबसे पहले बात इन्सीडियस: आउट ऑफ द फर्दर की करें तो हॉरर प्रेमियों के लिए यह फिल्म सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बन सकती है। यह फिल्म 21 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। Sony Pictures के मुताबिक कहानी जेम्मा नाम की एक मां के इर्दगिर्द घूमती है जो अपनी बेटी के साथ उसी घर में रहती है जहां वह बड़ी हुई थी। उसे पता चलता है कि वह रहस्यमयी दुनिया The Further में प्रवेश कर सकती है। लेकिन कहानी तब और खतरनाक हो जाती है जब वह वहां मौजूद बुरी शक्तियों को वास्तविक दुनिया में आने का रास्ता भी दे देती है। इस बार डर सिर्फ दूसरी दुनिया तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि असली दुनिया भी उसके प्रभाव में आ सकती है। फिल्म में अमेलिया ईव और ब्रैंडन पेरेया के साथ लिन शाय भी नजर आएंगी।

    इसके बाद 28 अगस्त को द डॉग स्टार्स दर्शकों के सामने होगी। रिडली स्कॉट के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक विनाशकारी महामारी के बाद की दुनिया की कहानी दिखाती है। फिल्म में जैकब एलोर्डी का किरदार हिग एक ऐसे समय में जी रहा है जब लगभग पूरी मानव आबादी खत्म हो चुकी है। वह अपने कुत्ते और पूर्व मरीन बैंगली के साथ खतरों से घिरी दुनिया में जीवन बिताता है। एक दूर से मिलने वाला रेडियो सिग्नल उसके भीतर उम्मीद जगाता है और वह यह पता लगाने की कोशिश करता है कि दुनिया में कहीं बेहतर जिंदगी अभी भी मौजूद है या नहीं। फिल्म में सर्वाइवल के साथ रहस्य और एडवेंचर का भी मजबूत मेल देखने को मिलेगा।

    28 अगस्त को ही टोनी भी दर्शकों के बीच पहुंचेगी। यह फिल्म मशहूर शेफ और लेखक एंथनी बॉर्डेन के युवा दिनों से प्रेरित कहानी पेश करती है। फिल्म में डोमिनिक सेसा युवा बॉर्डेन की भूमिका निभा रहे हैं। कहानी 19 साल के एंथनी की है जो प्रोविंसटाउन पहुंचने के बाद एक रेस्टोरेंट की बेहद अराजक किचन की दुनिया में प्रवेश करता है। यहीं से उसके जीवन का वह दौर शुरू होता है जो आगे चलकर उसकी पहचान को आकार देता है। यह फिल्म पारंपरिक जन्म से मृत्यु तक की बायोपिक के बजाय उनके जीवन के एक महत्वपूर्ण दौर पर केंद्रित है।

    वहीं द एंड ऑफ ओक स्ट्रीट पहले ही 14 अगस्त से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिनेमाघरों में आ चुकी है और भारत में 21 अगस्त से रिलीज हो रही है। फिल्म में ऐनी हैथवे और इवान मैकग्रेगर मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी एक रहस्यमयी खगोलीय घटना के बाद पूरी ओक स्ट्रीट के अचानक अपनी जगह से गायब होकर एक अनजान दुनिया में पहुंच जाने पर आधारित है। इसके बाद परिवार के सामने अस्तित्व बचाने की चुनौती आती है और उन्हें अजीबोगरीब खतरों के बीच एकजुट रहना पड़ता है। Warner Bros India के मुताबिक भारत में फिल्म अंग्रेजी के साथ हिंदी तमिल और तेलुगु में भी सिनेमाघरों में रिलीज की जा रही है।

    कुल मिलाकर अगस्त के आखिरी दो वीकेंड हॉरर और थ्रिलर के साथ साइंस फिक्शन और बायोग्राफिकल ड्रामा पसंद करने वाले दर्शकों के लिए काफी खास रहने वाले हैं। इन फिल्मों की कहानियां एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं इसलिए दर्शकों के पास अपनी पसंद के हिसाब से फिल्म चुनने के कई विकल्प मौजूद रहेंगे।

  • Bigg Boss 20 को लेकर बड़ा अपडेट, मौनी रॉय का नाम चर्चा में; मेकर्स ने दिया भारी भरकम फीस का ऑफर

    Bigg Boss 20 को लेकर बड़ा अपडेट, मौनी रॉय का नाम चर्चा में; मेकर्स ने दिया भारी भरकम फीस का ऑफर


    नई दिल्ली। टीवी के सबसे चर्चित रियलिटी शो में शामिल Bigg Boss का नया सीजन शुरू होने से पहले ही कंटेस्टेंट्स को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। Bigg Boss 20 में सलमान खान एक बार फिर होस्ट की भूमिका में नजर आने वाले हैं और शो को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। इसी बीच टीवी और फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्री मौनी रॉय का नाम संभावित कंटेस्टेंट के तौर पर सामने आया है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि शो के मेकर्स ने मौनी रॉय से संपर्क किया है और उन्हें शो में शामिल करने के लिए बड़ी रकम की पेशकश करने को तैयार हैं। हालांकि अभी तक न तो मौनी रॉय ने इस खबर की पुष्टि की है और न ही शो के मेकर्स की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा की गई है।

    मौनी रॉय का नाम सामने आते ही Bigg Boss 20 को लेकर चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स मौनी को शो का हिस्सा बनाने में खास दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि फीस को लेकर बातचीत हो सकती है और अभिनेत्री को आकर्षित करने के लिए मेकर्स बड़े भुगतान की पेशकश कर सकते हैं। हालांकि जब तक अभिनेत्री या प्रोडक्शन टीम की तरफ से आधिकारिक जानकारी नहीं आती तब तक इसे केवल संभावित कास्टिंग की खबर के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

    Bigg Boss के हर सीजन में कई चर्चित चेहरों के नाम शो से जुड़ते हैं लेकिन अंतिम सूची लॉन्च के करीब ही स्पष्ट होती है। इस बार भी कई टीवी कलाकारों और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े लोगों के नाम चर्चा में हैं। मौनी रॉय के अलावा माही विज गीता बसरा सुनील पाल और शोविक चक्रवर्ती जैसे नामों को लेकर भी रिपोर्ट्स सामने आई हैं। वहीं मैरी कॉम का नाम भी संभावित कंटेस्टेंट्स की चर्चाओं में शामिल है। हालांकि इन सभी नामों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

    मौनी रॉय की बात करें तो उन्होंने टीवी की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। Naagin जैसे लोकप्रिय शो ने उन्हें घर घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने फिल्मों और ओटीटी प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। मौनी को Brahmastra Part One जैसी फिल्मों में देखा जा चुका है। हाल के वर्षों में उन्होंने टेलीविजन के साथ फिल्मों में भी अपनी मौजूदगी बनाए रखी है।

    मौनी की प्रोफेशनल लाइफ भी इस समय काफी व्यस्त बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार वह The Wives और Teesri Manzil जैसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं। इसके अलावा Vishwambhara में भी उनका विशेष अपीयरेंस बताया जा रहा है। ऐसे में अगर वह Bigg Boss 20 में शामिल होती हैं तो यह उनके करियर का एक अलग तरह का टीवी एक्सपोजर होगा।

    Bigg Boss में किसी लोकप्रिय अभिनेत्री की एंट्री दर्शकों के लिए इसलिए भी खास होती है क्योंकि शो में सितारों की निजी राय उनकी रणनीति और घर के भीतर उनके रिश्ते लगातार चर्चा का विषय बनते हैं। मौनी के नाम की खबर के बाद सोशल मीडिया पर भी संभावित एंट्री को लेकर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि फिलहाल यह साफ नहीं है कि वह बतौर फुल टाइम कंटेस्टेंट शो में आएंगी या नहीं।

    Bigg Boss 20 के प्रीमियर को लेकर भी तैयारियां जारी हैं और रिपोर्ट्स में सितंबर के पहले सप्ताह की शुरुआत की बात कही जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में 6 सितंबर की तारीख बताई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मेकर्स की ओर से कंटेस्टेंट्स की आधिकारिक सूची सामने आने के साथ मौनी रॉय को लेकर चल रही अटकलों पर भी तस्वीर साफ हो सकती है। फिलहाल मौनी रॉय का नाम Bigg Boss 20 की चर्चित संभावित एंट्री में जरूर शामिल हो गया है लेकिन उनकी भागीदारी की पुष्टि होना अभी बाकी है।

  • ममता की पार्टी का कानूनी मोर्चे पर दबदबा कायम, TMC ने जीतीं 15 सीटें; BJP और लेफ्ट को 3-3 सीट

    ममता की पार्टी का कानूनी मोर्चे पर दबदबा कायम, TMC ने जीतीं 15 सीटें; BJP और लेफ्ट को 3-3 सीट


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार तृणमूल कांग्रेस के लिए राहत देने वाला बड़ा नतीजा सामने आया है। पश्चिम बंगाल बार काउंसिल के चुनाव में TMC ने 23 में से 15 निर्वाचित सीटों पर जीत हासिल कर अपना दबदबा बरकरार रखा है। बीजेपी के सत्ता में आने के बावजूद बार काउंसिल चुनाव में पार्टी महज तीन सीटों पर सिमट गई। लेफ्ट फ्रंट को भी तीन सीटें मिलीं जबकि कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी पिछली संख्या बरकरार रखी। नतीजों को TMC के लिए संगठनात्मक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ा झटका लगा था।

    पश्चिम बंगाल बार काउंसिल की कुल 23 निर्वाचित सीटों के लिए चुनाव हुआ था और बुधवार को इसके नतीजे घोषित किए गए। इस चुनाव में TMC समर्थित उम्मीदवारों ने स्पष्ट बढ़त बनाई। रिपोर्टों के मुताबिक ममता बनर्जी की सिफारिश पर कई TMC उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया था। पार्टी के लीगल सेल से जुड़े कई प्रमुख चेहरे भी चुनाव जीतने में सफल रहे। शुभाशीष चक्रवर्ती सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवारों में रहे। उनके अलावा बैश्वानर चटर्जी अंसार मंडल अशोक देब इंद्रनील बसु और सिद्धार्थ मुखर्जी जैसे TMC समर्थित उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की।

    इस चुनाव की एक खास बात महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का परिणाम भी रहा। कुल 23 निर्वाचित सीटों में पांच सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं। इनमें से चार सीटों पर TMC समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया दो अतिरिक्त महिला सदस्यों को मनोनीत करेगा। इसके बाद पश्चिम बंगाल बार काउंसिल की कुल सदस्य संख्या 25 हो जाएगी।

    बीजेपी के लिए यह परिणाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल की थी। इसके बावजूद बार काउंसिल के चुनाव में बीजेपी अपनी पिछली तीन सीटों की संख्या से आगे नहीं बढ़ सकी। यानी विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन के बावजूद वकीलों की इस प्रतिनिधि संस्था में पार्टी का प्रदर्शन पिछली बार के बराबर रहा। दूसरी ओर TMC ने 15 सीटों के साथ अपना नियंत्रण कायम रखा है। लेफ्ट फ्रंट की सीटें पिछली बार के चार से घटकर तीन हो गईं जबकि कांग्रेस अपनी दो सीटों को बचाने में सफल रही।

    इस चुनाव में कुल 75 उम्मीदवार मैदान में थे। TMC ने 23 उम्मीदवार उतारे थे जबकि बीजेपी की ओर से 22 उम्मीदवार चुनाव लड़े। लेफ्ट फ्रंट ने 12 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे और 18 निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले में थे। मतदान प्रक्रिया में राज्य के अलग अलग जिला अदालतों से जुड़े वकीलों ने हिस्सा लिया था। अब नतीजे आने के बाद TMC समर्थित खेमे में नए बोर्ड के गठन की तैयारी शुरू होने की उम्मीद है।

    राजनीतिक नजरिए से देखें तो बार काउंसिल का चुनाव विधानसभा चुनाव से बिल्कुल अलग प्रकृति का है और इसके नतीजों को सीधे राज्य की राजनीतिक लोकप्रियता का पैमाना नहीं माना जा सकता। फिर भी विधानसभा चुनाव के बाद TMC के लिए यह जीत मनोबल बढ़ाने वाली जरूर है। पार्टी इसे ऐसे समय में हासिल करने में सफल रही है जब उसे चुनावी हार के बाद संगठनात्मक चुनौतियों और अंदरूनी राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बीजेपी के लिए यह नतीजा संकेत देता है कि राज्य के कानूनी समुदाय के बीच उसका संगठनात्मक प्रभाव अभी TMC से काफी पीछे है।