Tag: Bhopal News

  • श्रद्धा की भूल या घातक लापरवाही? भोपाल में 12वीं की छात्रा ने भभूत समझकर खाई चूहामार दवा, बोर्ड परीक्षा से पहले बुझ गया घर का चिराग

    श्रद्धा की भूल या घातक लापरवाही? भोपाल में 12वीं की छात्रा ने भभूत समझकर खाई चूहामार दवा, बोर्ड परीक्षा से पहले बुझ गया घर का चिराग

    ईटखेड़ी /राजधानी भोपाल के ईटखेड़ी इलाके से एक ऐसी खबर आई है जिसने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि सुरक्षा और सावधानी को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ लांबाखेड़ा निवासी 17 वर्षीय वैष्णवी सेन, जो कि 12वीं कक्षा की छात्रा थी, एक भयावह दुर्घटना का शिकार हो गई। घर के मंदिर में जिसे वह श्रद्धावश ‘भभूत’ (पवित्र राख) समझकर खा रही थी, वह वास्तव में चूहों को मारने वाला घातक जहर था। नियति का क्रूर खेल देखिए कि जिस मंदिर में परिवार सुख-शांति की प्रार्थना करता था, वहीं अनजाने में रखी गई एक दवा ने जवान बेटी की जान ले ली।

    घटना की शुरुआत 26 जनवरी को हुई थी। जानकारी के अनुसार, वैष्णवी की मां घर में चूहों के उत्पात से परेशान थीं और उन्होंने चूहों को भगाने के उद्देश्य से पाउडरनुमा चूहामार दवा मंदिर के पास रख दी थी। इसी बीच वैष्णवी पूजा करने पहुँची और उसने अनजाने में उस पाउडर को मंदिर की भभूत समझ लिया। भक्ति और विश्वास के वशीभूत होकर उसने उस जहरीले पाउडर का सेवन कर लिया। उस समय उसे जरा भी आभास नहीं था कि यह कदम उसके जीवन का आखिरी कदम साबित होगा।

    दवा खाने के कुछ देर बाद वैष्णवी सामान्य रूप से अपनी कोचिंग चली गई, लेकिन वहां उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। घर लौटने पर जब उसे लगातार उल्टियां होने लगीं, तब परिजनों ने उससे पूछताछ की। वैष्णवी ने मासूमियत से जवाब दिया कि उसने मंदिर में रखी भभूत खाई है। यह सुनते ही मां के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि उन्हें पता था कि वह भभूत नहीं बल्कि जहर था। आनन-फानन में उसे भानपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।

    परिजनों को लगा कि खतरा टल गया है, लेकिन जहर अपना असर दिखा चुका था। कुछ दिनों बाद वैष्णवी की हालत दोबारा गंभीर होने लगी। उसे तुरंत हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद सोमवार सुबह उसने अंतिम सांस ली। वैष्णवी के पिता मनोज सेन और पूरा परिवार इस समय गहरे सदमे में है। सबसे दुखद पहलू यह है कि वैष्णवी की 10 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली थीं। वह भविष्य के सपने बुन रही थी और अपनी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी थी, लेकिन एक छोटी सी गलतफहमी ने सब कुछ खत्म कर दिया।

    पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। एएसआई एस.के. बाजपेयी के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि घर में कीटनाशक या जहरीले पदार्थों को रखते समय अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए, विशेषकर उन जगहों पर जहाँ भ्रम की स्थिति पैदा हो सके। वैष्णवी की मौत ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।

  • शबरी जयंती पर CM डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं, मां शबरी को भक्ति की मिसाल बताया

    शबरी जयंती पर CM डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं, मां शबरी को भक्ति की मिसाल बताया


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां शबरी जयंती के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की परम भक्त मां शबरी ने आस्था, श्रद्धा और भक्ति को जीवन का सर्वोच्च मार्ग बताया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मां शबरी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है और उनके आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मां शबरी ने अपनी साधना और भक्ति के माध्यम से यह सिखाया कि सच्ची भक्ति में जाति, वर्ग या सामाजिक स्थिति का कोई महत्व नहीं होता। उन्होंने कहा कि मां शबरी का जीवन संदेश है कि श्रद्धा और समर्पण से हर मुश्किल आसान हो जाती है। मुख्यमंत्री ने मां से प्रार्थना की कि उनकी कृपा सभी पर बनी रहे और देश-समाज में शांति, समृद्धि और सुख-शांति बनी रहे।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शबरी जयंती का पर्व हमें प्रेम, धैर्य और सेवा की भावना से प्रेरित करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस पावन दिन पर भगवान श्रीराम और मां शबरी की भक्ति में लीन होकर अपने जीवन को सकारात्मक बनाएं और समाज में भाईचारे का संदेश फैलाएं।

  • पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर CM मोहन यादव ने किया स्मरण, शिक्षा और गरीब कल्याण को बताया जीवन लक्ष्य

    पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर CM मोहन यादव ने किया स्मरण, शिक्षा और गरीब कल्याण को बताया जीवन लक्ष्य


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. जाकिर हुसैन का जीवन शिक्षा, सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि डॉ. जाकिर हुसैन ने देश के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जो योगदान दिया, वह सदैव याद रखा जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि डॉ. जाकिर हुसैन शिक्षा के क्षेत्र में विशेष रूप से सक्रिय रहे और उन्होंने शिक्षा को समाज के विकास का मूलाधार माना। उनकी सोच में शिक्षा को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता साफ झलकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी शिक्षा और सामाजिक कल्याण के लिए की गई मेहनत और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डॉ. जाकिर हुसैन का जीवन हमें यह संदेश देता है कि देश की प्रगति में शिक्षा और सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि हम सभी को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की आवश्यकता है और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए।

  • भोपाल में नियमों की अनदेखी: आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 29 मीटर पर शराब ठेका, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन

    भोपाल में नियमों की अनदेखी: आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 29 मीटर पर शराब ठेका, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन


    भोपाल ।राजधानी भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यहां आर्य समाज मंदिर के बेहद समीप, महज 29 मीटर की दूरी पर शराब का ठेका संचालित किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल से शराब दुकान की न्यूनतम दूरी 100 मीटर होना अनिवार्य है। इस स्पष्ट नियम उल्लंघन से नाराज स्थानीय रहवासी गुरुवार को मंदिर के बाहर सड़क पर उतर आए और शराब ठेका हटाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

    लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे रहवासियों का कहना है कि मंदिर में रोजाना पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं, वहीं ठीक बगल में शराब दुकान खुली होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य डॉ. प्रियंक कानूनगो भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्वयं इंच टेप लेकर आर्य समाज मंदिर और शराब दुकान के बीच की दूरी नापी। नापजोख के बाद सामने आया कि दोनों के बीच की दूरी महज 29 मीटर है। इस पर डॉ. कानूनगो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियम पूरी तरह साफ हैं और धार्मिक स्थल से शराब ठेका कम से कम 100 मीटर दूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने कम फासले पर शराब दुकान का संचालन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के अधिकारों का भी हनन है।

    डॉ. प्रियंक कानूनगो ने प्रदर्शन कर रहे रहवासियों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में उनके साथ खड़े हैं और इस शराब ठेके को हटवाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उनकी मौके पर मौजूदगी और सक्रियता से प्रदर्शन कर रहे लोगों का उत्साह बढ़ा और मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    स्थानीय निवासियों ने बताया कि इससे पहले भी इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन तब आबकारी विभाग ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया था कि आर्य समाज मंदिर को धार्मिक स्थल की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। रहवासियों का कहना है कि यह तर्क पूरी तरह गलत और नियमों की मनमानी व्याख्या है। उनका सवाल है कि जब मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते हैं, तो उसे धार्मिक स्थल मानने में क्या आपत्ति है।

    अब एक बार फिर रहवासियों के प्रदर्शन और NHRC सदस्य की सीधी दखल के बाद मामला गरमा गया है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा और मंदिर के पास से शराब ठेका हटाया जाएगा। फिलहाल अरेरा कॉलोनी में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

  • निजी स्कूलों की मनमानी पर 'ब्रेक': 15 फरवरी तक पोर्टल पर ब्यौरा देना अनिवार्य; किताबें और यूनिफॉर्म को लेकर MP सरकार सख्त

    निजी स्कूलों की मनमानी पर 'ब्रेक': 15 फरवरी तक पोर्टल पर ब्यौरा देना अनिवार्य; किताबें और यूनिफॉर्म को लेकर MP सरकार सख्त


    भोपाल। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन अधिनियम-2020 के तहत, अब सभी प्राइवेट स्कूलों को अपनी फीस संरचना किताबों की सूची और यूनिफॉर्म का विवरण 15 फरवरी 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल इस समय-सीमा का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माना और मान्यता रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

    शिक्षा विभाग के 5 बड़े नियम अभिभावकों के लिए राहत

    फीस में पारदर्शितास्कूलों को अपनी ट्यूशन फीस के साथ-साथ अन्य सभी चार्जेस पोर्टल पर सार्वजनिक करने होंगे, ताकि अभिभावक पहले से तुलना कर सकें।किताबों की ‘कमीशनखोरी’ पर रोकस्कूल प्रबंधन अब अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। किताबों की सूची सार्वजनिक करनी होगी ताकि वे खुले बाजार से खरीदी जा सकें।यूनिफॉर्म में बदलाव पर पाबंदीविभाग के नियम के अनुसार, कोई भी निजी स्कूल 3 साल से पहले अपनी स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा। दुकानदारों पर भी नजरयदि किसी विशेष दुकान पर ही स्कूल की सामग्री मिलती है, तो उस दुकानदार का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।फीस वृद्धि की सीमास्कूल बिना अनुमति के सालाना 10% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते। इससे ज्यादा वृद्धि के लिए जिला समिति की अनुमति अनिवार्य है।

    भोपाल के 150 स्कूलों पर लटकी तलवार

    अकेले भोपाल जिले में करीब 150 निजी स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अब तक पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट नहीं की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इन स्कूलों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है। शिक्षा विभाग का यह कदम पारदर्शिता लाने और शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत

    भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत


    भोपाल। राजधानी के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक मर्मांतक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। अपने पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने की कोशिश कर रही 6 वर्षीय बच्ची को एक बेकाबू कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    इलाज कराकर लौट रहे थे घर मृतक बच्ची की पहचान 6 वर्षीय आसिया अली के रूप में हुई है, जो परेवा खेड़ा (पतलोन) की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, आसिया पिछले तीन दिनों से वायरल फीवर (बुखार) से पीड़ित थी। शनिवार रात करीब 10 बजे उसके पिता इकबाल अली उसे हाईवे स्थित एक क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। डॉक्टर से दवाई लेने के बाद पिता-पुत्री पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि घर पहुँचने से पहले ही काल उनके सामने खड़ा है।

    एक पल की चूक और मातम में बदली रात हादसा परेवा खेड़ा के पास मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिता इकबाल ने बच्ची का हाथ पकड़ रखा था, लेकिन अचानक आसिया ने पिता का हाथ छुड़ाया और सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए दौड़ लगा दी। इसी दौरान अंधेरे में आ रही एक तेज रफ्तार कार ने मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची सड़क पर काफी दूर जाकर गिरी और लहूलुहान हो गई।

    ड्राइवर ही लेकर पहुँचा अस्पताल हादसे के बाद कार चालक ने इंसानियत दिखाते हुए भागने के बजाय अपनी ही कार से घायल बच्ची और उसके पिता को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम आसिया को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर ईटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है।

    भोपाल के ईटखेड़ी में पिता के साथ डॉक्टर के पास से लौट रही 6 साल की आसिया की कार की टक्कर से मौत हो गई। सड़क पार करते समय पिता का हाथ छूटने से यह हादसा हुआ। कार चालक बच्ची को अस्पताल ले गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस जांच जारी है।

  • MP Morning News: रीवा में भैरव लोक का उदय, IFS मीट का भव्य समापन और PM आवास योजना में बड़ा बदलाव

    MP Morning News: रीवा में भैरव लोक का उदय, IFS मीट का भव्य समापन और PM आवास योजना में बड़ा बदलाव

    भोपाल/रीवा । मध्य प्रदेश आज विकास और परंपरा के अनूठे संगम का साक्षी बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज विंध्य क्षेत्र के रीवा जिले के प्रवास पर रहेंगे, जहाँ वे सहस्राब्दी प्राचीन विरासत को आधुनिक स्वरूप में जनता को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही राजधानी भोपाल में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों का समागम अपने अंतिम पड़ाव पर है, और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई है।

    रीवा को मिलेगी भैरव लोक की सौगात

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रीवा जिले के गुढ़ क्षेत्र में लगभग 1000 वर्ष पुरानी विश्वविख्यात भैरव प्रतिमा के परिसर में विकसित किए गए भैरव लोक काल भैरव लोक का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 1:50 बजे गुढ़ पहुँचकर भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके पश्चात वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे और क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं से भी जुड़ा है; वे श्यामशाह मेडिकल कॉलेज और संजय गांधी अस्पताल पहुँचकर सुपर स्पेशलिटी भवन के विस्तार कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करेंगे।

    IFS सर्विस मीट 2026: खेल और संस्कृति का संगम

    राजधानी भोपाल में चल रही दो दिवसीय IFS सर्विस मीट 2026′ का आज समापन होने जा रहा है। भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के इस समागम का दूसरा दिन खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के नाम रहेगा। सुबह से ही मैनिट MANIT के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में क्रिकेट और बैडमिंटन जैसे मुकाबलों में अधिकारी अपना दमखम दिखा रहे हैं। वहीं, शाम को भारतीय वन प्रबंधन संस्थान IIFM के परिसर में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जहाँ अधिकारी और उनके परिजन कलात्मक प्रस्तुतियां देंगे। यह मीट वन संरक्षण के साथ-साथ अधिकारियों के बीच समन्वय और सौहार्द बढ़ाने का एक बड़ा मंच साबित हुई है।

    PM आवास योजना: अब तीन किस्तों में मिलेगी राशि

    ग्रामीण क्षेत्र के आवासहीनों के लिए एक बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब पक्के मकान के निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि का भुगतान तीन समान किस्तों में किया जाएगा। नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लाभार्थियों को अब ₹1,20,000 की कुल राशि ₹40,000-₹40,000 की तीन किस्तों में दी जाएगी। यह व्यवस्था निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। पहली किस्त स्वीकृति के तुरंत बाद, दूसरी किस्त नींव प्लिंथ लेवल तैयार होने पर और तीसरी किस्त छत के स्तर लिंटल लेवल तक काम पहुँचने पर सीधे हितग्राही के खाते में भेजी जाएगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी को दी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सत्य और अहिंसा का संदेश याद किया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी को दी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सत्य और अहिंसा का संदेश याद किया


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और एकता के माध्यम से समाज और मानवता की सेवा का मार्ग दिखाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने बताया कि गांधी जी ने अपने सरल जीवन और आदर्शों से लोगों को सामाजिक न्याय, समानता और नैतिकता का महत्व समझाया। उनके संदेश आज भी हर नागरिक के लिए मार्गदर्शक हैं।

    डॉ. यादव ने कहा कि महात्मा गांधी ने हमें यह सिखाया कि परिवर्तन का मार्ग हिंसा से नहीं, बल्कि सत्य और अहिंसा के मार्ग से संभव है। उनके विचार और कृतित्व न केवल स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरणादायक रहे, बल्कि समाज में सामूहिक भलाई और मानवता के मूल्य स्थापित करने में भी मार्गदर्शन करते हैं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे गांधी जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और उनके सिद्धांतों के अनुसार समाज और राष्ट्र की सेवा करें। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी का जीवन हमें अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार और जिम्मेदार रहने का संदेश देता है।

    महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री द्वारा दी गई श्रद्धांजलि में उनकी विचारधारा और जीवन दर्शन की महत्ता को प्रमुखता दी गई। डॉ. यादव ने कहा कि गांधी जी की अहिंसा, सत्य और सेवा की भावना आज भी देश में समाजिक और नैतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के आदर्शों को युवाओं तक पहुंचाने और उन्हें उनके जीवन और संदेशों से प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को गांधी जी के विचारों और उनके नैतिक मूल्यों के महत्व से परिचित कराया जाना चाहिए, ताकि वे अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में इन्हें लागू कर सकें।

  • मंत्रालय में शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन, महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण

    मंत्रालय में शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन, महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण


    भोपाल ।  30 जनवरी 2026 को मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस और वीर शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन धारण किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

    मुख्य सचिव श्री जैन ने मंत्रालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन रखा। इस मौन सभा के माध्यम से देश के उन सभी वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया गया, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की स्वतंत्रता और अखंडता सुनिश्चित की।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि सचिव श्री एम. रघुराज, श्री मनीष सिंह सहित मंत्रालय के वल्लभ भवन सतपुड़ा विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण किया और उनकी शिक्षाओं तथा अहिंसा और सत्य के मार्ग को याद किया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल शहीदों की स्मृति को सम्मानित करना था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी उनके बलिदान और देशभक्ति से प्रेरित करना बताया गया। मुख्य सचिव श्री जैन ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी और अन्य शहीदों के आदर्श आज भी समाज और प्रशासनिक कार्यों में मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि दो मिनट का मौन रखना एक भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुष्ठान है, जो हमें अपने कर्तव्यों और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की याद दिलाता है।

    इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और यह संकल्प लिया कि वे अपने कार्य क्षेत्र में देश की सेवा और नागरिक कल्याण को सर्वोपरि रखेंगे। माल्यर्पण और मौन धारण का यह आयोजन मंत्रालय में शांति और श्रद्धा का वातावरण बनाए रखने में सफल रहा।

    इस प्रकार, 30 जनवरी के अवसर पर मंत्रालय ने महात्मा गांधी और वीर शहीदों को याद कर उनके योगदान को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने न केवल पुष्प अर्पित किए, बल्कि महात्मा गांधी और शहीदों के आदर्शों को अपने कार्य और जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।

  • बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मंत्रियों के बैठने का रोस्टर जारी, फरवरी में 20 दिन होगी जनसुनवाई

    बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मंत्रियों के बैठने का रोस्टर जारी, फरवरी में 20 दिन होगी जनसुनवाई


    भोपाल । मध्यप्रदेश में संगठन और सरकार के समन्वय को मजबूत करने की दिशा में भारतीय जनता पार्टी ने एक अहम कदम उठाया है। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में फरवरी महीने के लिए मंत्रियों के बैठने का विस्तृत रोस्टर जारी कर दिया गया है। इस रोस्टर के अनुसार, फरवरी माह में कुल 20 कार्यदिवसों पर अलग-अलग मंत्री प्रदेश कार्यालय में मौजूद रहेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा आमजनों की समस्याएं सुनेंगे।

    बीजेपी प्रदेश कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, यह व्यवस्था सोमवार से शुक्रवार तक लागू रहेगी। हर कार्यदिवस दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है। खास बात यह है कि इस जनसुनवाई में मंत्रियों के साथ-साथ पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी और विधायक भी मौजूद रहेंगे, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

    पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना, संगठनात्मक फीडबैक लेना और जनहित से जुड़े मुद्दों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि इससे न केवल संगठन मजबूत होगा, बल्कि जमीनी स्तर की समस्याओं का भी समय पर निराकरण संभव हो सकेगा।

    जारी रोस्टर के मुताबिक फरवरी के पहले सप्ताह में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह जैसे वरिष्ठ मंत्री प्रदेश कार्यालय में बैठेंगे। वहीं दूसरे सप्ताह में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी जनसुनवाई करेंगे।

    तीसरे सप्ताह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, कृषि मंत्री ऐदलसिंह कंसाना, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को जिम्मेदारी दी गई है। चौथे सप्ताह में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, एमएसएमई मंत्री चेतन्य कश्यप और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे।

    पार्टी नेताओं का कहना है कि हर दिन अलग-अलग विभागों से जुड़े मंत्री मौजूद रहने से संबंधित विषयों पर सीधे चर्चा संभव हो पाएगी। इसके साथ ही प्रदेश पदाधिकारी भी मंत्रियों के साथ बैठकर मामलों को नोट करेंगे और आवश्यक फॉलोअप सुनिश्चित करेंगे।

    बीजेपी संगठन की इस पहल को आगामी समय में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल का माध्यम माना जा रहा है। इससे कार्यकर्ताओं में भी यह संदेश जाएगा कि पार्टी नेतृत्व उनकी बात सुनने और समाधान निकालने के लिए गंभीर है। प्रदेश कार्यालय में होने वाली यह नियमित सुनवाई आने वाले दिनों में पार्टी की संगठनात्मक मजबूती को और धार देने का काम करेगी।