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  • भोपाल में गणपति विसर्जन के लिए कड़े इंतजाम, घाटों पर जाना मना, क्रेन और पोकलेन से होगा विसर्जन

    भोपाल में गणपति विसर्जन के लिए कड़े इंतजाम, घाटों पर जाना मना, क्रेन और पोकलेन से होगा विसर्जन


    भोपाल । भोपाल में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। सुबह से ही शहर के अलग अलग इलाकों से श्रद्धालु छोटी गणेश प्रतिमाएं लेकर विसर्जन घाटों पर पहुंचने लगे हैं। दोपहर के बाद बड़ी प्रतिमाओं के पहुंचने का क्रम भी शुरू हो गया। शाम होते होते घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का यह सिलसिला देर रात तक जारी रहने की उम्मीद है। अनंत चतुर्दशी के मौके पर बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के विसर्जन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं।

    भोपाल में डोल ग्यारस से ही गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम शुरू हो चुका था। पिछले दो दिनों में प्रमुख विसर्जन घाटों पर डेढ़ हजार से ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है। अब अनंत चतुर्दशी पर सबसे ज्यादा प्रतिमाओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन पुलिस और नगर निगम की टीमें घाटों पर तैनात रहेंगी।

    विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को पानी में उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से विसर्जित कराने के लिए क्रेन और पोकलेन मशीनों की मदद ली जाएगी। प्रशासन की ओर से 13 क्रेन और 12 पोकलेन मशीनों की व्यवस्था की गई है। इन मशीनों के जरिए बड़ी प्रतिमाओं को घाटों पर तय प्रक्रिया के अनुसार विसर्जित कराया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को पानी में जाने से रोकने के साथ हादसों की आशंका को भी कम करने की कोशिश की जा रही है।

    शहर के प्रमुख विसर्जन घाटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। खटलापुरा प्रेमपुरा संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ हथाईखेड़ा डैम शाहपुरा और आर्च ब्रिज सहित कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस कंट्रोल रूम से भी इन प्रमुख स्थानों पर नजर रखी जाएगी। घाटों पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौजूद रहेंगी ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

    नगर निगम ने उन लोगों के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की है जो घाटों तक प्रतिमा लेकर नहीं जाना चाहते। शहर में दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर मूर्ति संग्रहण स्टॉल लगाए जा रहे हैं। लालघाटी चौराहा गांधी नगर करोंद चौराहा कोलार रायसेन रोड अवधपुरी सहित कई इलाकों में यह व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु पूजा के बाद अपनी गणेश प्रतिमा इन संग्रहण केंद्रों पर जमा कर सकेंगे। इसके बाद नगर निगम इन प्रतिमाओं का सामूहिक रूप से विसर्जन करेगा।

    रात के समय विसर्जन जुलूसों और घाटों पर पर्याप्त रोशनी रहे इसके लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। नगर निगम के अनुसार प्रेमपुरा रानी कमलापति शाहपुरा खटलापुरा हथाईखेड़ा मालीखेड़ी और बैरागढ़ घाटों पर 1090 एलईडी फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं। इसके अलावा चल समारोह के मार्गों पर 575 अतिरिक्त फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं।

    गणेश विसर्जन को लेकर शहर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर भीड़ नियंत्रण और रोशनी तक सभी व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है। देर रात तक चलने वाले विसर्जन कार्यक्रम के दौरान प्रशासन का मुख्य जोर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थित तरीके से प्रतिमाओं के विसर्जन पर रहेगा।

  • बीच सड़क बेरिकेड्स, दोनों तरफ गड्ढे, रायसेन रोड पर कैसे निकलें वाहन, मेट्रो काम के बीच बढ़ी परेशानी

    बीच सड़क बेरिकेड्स, दोनों तरफ गड्ढे, रायसेन रोड पर कैसे निकलें वाहन, मेट्रो काम के बीच बढ़ी परेशानी


    भोपाल। भोपाल में बारिश और मेट्रो प्रोजेक्ट के चलते कई इलाकों की सड़कों की हालत खराब हो गई है। रायसेन रोड पर स्थिति ज्यादा परेशानी वाली नजर आ रही है। सुभाषनगर चौराहे से रत्नागिरी तक सड़क जगह जगह से उखड़ गई है। कई हिस्सों में गड्ढे और कीचड़ के कारण वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश रुकने के बाद इन्हीं सड़कों से धूल के गुबार उठ रहे हैं। इस बीच सड़क के बीचोंबीच मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बेरिकेडिंग की गई है जिससे वाहनों के निकलने की जगह और कम हो गई है।

    कॅरियर कॉलेज से रत्नागिरी के बीच कई स्थानों पर सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ रहा है। रायसेन रोड पर बस और लोडिंग वाहन भी फंसने की स्थिति सामने आ रही है। इससे कई बार यातायात प्रभावित हो जाता है। कांग्रेस नेता अभिनव बारोलिया ने सड़क की बदहाल स्थिति और फंसे वाहनों का वीडियो जारी किया है। वीडियो के जरिए उन्होंने सड़क की स्थिति को लेकर जिम्मेदार विभागों पर सवाल उठाए हैं।

    कांग्रेस नेता के अनुसार रायसेन रोड पर हर दिन करीब 15 से 20 वाहन फंस जाते हैं। इनमें लोडिंग वाहनों के पहिए गड्ढों में फंसने के साथ बसों के कारण भी यातायात प्रभावित होने की बात कही गई है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का असर आम वाहन चालकों के साथ आसपास के रहवासियों और सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ रहा है।

    रायसेन रोड पर मेट्रो की ब्लू लाइन का काम भी चल रहा है। भदभदा से रत्नागिरी तक प्रस्तावित ब्लू लाइन का रूट करीब 14.16 किलोमीटर लंबा बताया गया है। भदभदा से जवाहर चौक के बीच मेट्रो निर्माण कार्य के चलते सड़क के बीच में बेरिकेडिंग की गई है। निर्माण कार्य के लिए की गई खुदाई और लगातार बारिश के कारण सड़क के दोनों ओर की सतह कई जगह खराब हो गई है। संकरी सड़क और जर्जर हिस्सों के कारण वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ गई है।

    भोपाल के दूसरे इलाकों में भी बारिश के बाद सड़कों की स्थिति को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। करोंद एमपी नगर पॉलीटेक्निक चौराहा अवधपुरी रोहित नगर और अयोध्या बायपास सहित कई क्षेत्रों में सड़कें जगह जगह से उखड़ने की बात सामने आई है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी और कीचड़ भरने से वाहन चालकों को परेशानी होती है जबकि मौसम साफ होने पर धूल की समस्या बढ़ जाती है।

    कोहेफिजा क्षेत्र में भी सड़क की खराब हालत के कारण हादसे की स्थिति सामने आई है। सड़क से उखड़ी गिट्टी के कारण एक टू व्हीलर फिसल गई और एक बुजुर्ग गिरकर घायल हो गए। इस घटना ने सड़क की सतह और यातायात सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के बीच सड़क की मरम्मत और यातायात व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बनी हुई है।

    रायसेन रोड पर मेट्रो निर्माण और जर्जर सड़क के बीच लोगों को रोजाना आवागमन करना पड़ रहा है। अब जरूरत इस बात की है कि निर्माण क्षेत्र में सुरक्षित आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह और सड़क की स्थिति को बेहतर करने के इंतजाम किए जाएं ताकि मेट्रो प्रोजेक्ट का काम भी चलता रहे और आम लोगों को आवागमन में कम से कम परेशानी हो।

  • भोपाल में गणेश विसर्जन के लिए प्रशासन तैयार 13 क्रेन 12 पोकलेन और 184 गोताखोर तैनात घाटों पर भक्तों की सुरक्षा का खास प्लान

    भोपाल में गणेश विसर्जन के लिए प्रशासन तैयार 13 क्रेन 12 पोकलेन और 184 गोताखोर तैनात घाटों पर भक्तों की सुरक्षा का खास प्लान


    भोपाल। भोपाल में गणेश उत्सव के बाद अब प्रथम पूज्य भगवान गणेश की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। डोल ग्यारस से गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम शुरू हो चुका है जो अनंत चतुर्दशी तक जारी रहेगा। शहर के अलग अलग इलाकों से गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन जुलूस निकलेंगे और बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रमुख घाटों तक पहुंचेंगे। इसे देखते हुए जिला प्रशासन पुलिस और नगर निगम ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। खासतौर पर विसर्जन घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर इंतजाम किए गए हैं।

    भोपाल के प्रमुख सात विसर्जन घाटों पर 13 क्रेन और 12 पोकलेन मशीनें तैनात की गई हैं। इनके जरिए गणेश प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से पानी में विसर्जित करने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 184 गोताखोरों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। घाटों पर श्रद्धालुओं के पानी में उतरने पर रोक रहेगी। नगर निगम के कर्मचारी लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखने के साथ विसर्जन प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

    विसर्जन के दौरान सुरक्षा के लिए घाटों पर लाइफ जैकेट लाइफ बॉय ट्यूब रस्सी बंडल और पीए सिस्टम जैसे संसाधन उपलब्ध रहेंगे। तैराकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें घाटों पर लगातार निगरानी रखेंगी। इसके अलावा पुलिस कंट्रोल रूम से भी प्रमुख घाटों की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। खटलापुरा प्रेमपुरा संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ हथाईखेड़ा डैम शाहपुरा और आर्च ब्रिज क्षेत्र के घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इन घाटों पर पिछले दो दिनों में ही डेढ़ हजार से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है।

    नगर निगम ने प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर के अलग अलग इलाकों में दो दर्जन से ज्यादा स्टॉल भी लगाए हैं। लालघाटी चौराहा गांधी नगर करोंद चौराहा कोलार रायसेन रोड और अवधपुरी समेत कई स्थानों पर श्रद्धालु पूजा के बाद गणेश प्रतिमाएं इन स्टॉल पर जमा कर सकेंगे। इसके बाद नगर निगम की टीम इन प्रतिमाओं का सामूहिक रूप से विसर्जन करेगी। इससे घाटों पर भीड़ और प्रत्यक्ष रूप से पानी में उतरने वाले लोगों की संख्या कम करने में मदद मिलेगी।

    विसर्जन जुलूस और चल समारोह को देखते हुए शहर के रास्तों पर प्रकाश व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। नगर निगम के अनुसार प्रेमपुरा रानी कमलापति शाहपुरा खटलापुरा हथाईखेड़ा मालीखेड़ी और बैरागढ़ विसर्जन घाटों पर 1090 एलईडी फ्लड लाइट लगाई गई हैं। इसके अलावा चल समारोह वाले मार्गों पर 575 अतिरिक्त फ्लड लाइट लगाई गई हैं। इस तरह घाटों और विसर्जन मार्गों पर कुल 1665 लाइटों की व्यवस्था की गई है।

    गणेश विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़कों पर उतरने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण यातायात व्यवस्था और घाटों पर सुरक्षा बनाए रखने की चुनौती रहेगी। नगर निगम पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मिलकर व्यवस्थाओं को संभालेंगी। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमाओं को श्रद्धा के साथ विदाई दें और विसर्जन प्रक्रिया सुरक्षित तरीके से पूरी हो।

  • पुलिसकर्मियों पर वकील को पीटने का आरोप: कीचड़ में पटककर डंडे बरसाने की शिकायत रात 3 बजे तक थाने का घेराव

    पुलिसकर्मियों पर वकील को पीटने का आरोप: कीचड़ में पटककर डंडे बरसाने की शिकायत रात 3 बजे तक थाने का घेराव


    भोपाल । भोपाल में अधिवक्ता से कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले ने मंगलवार देर रात जमकर तूल पकड़ लिया। करीब 50 वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि अधिवक्ता देर रात करीब 3 बजे तक थाने के बाहर डटे रहे। प्रदर्शनकारी वकीलों का आरोप है कि उनके साथी के साथ पुलिसकर्मियों ने पहले बदसलूकी की और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। वकील संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

    शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 8 बजे वह खटलापुरा मंदिर की तरफ से अपने वाहन से आ रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया और उन्हें थाने चलने के लिए कहा। रावल के मुताबिक उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया कि उनके वाहन में पेट्रोल नहीं है। आरोप है कि इसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली गलौज शुरू कर दी। उन्होंने जब इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। अधिवक्ता का आरोप है कि उन्हें कीचड़ में पटक दिया गया और डंडों से पीटा गया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। देखते ही देखते थाने के बाहर अधिवक्ताओं की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि यदि किसी अधिवक्ता के साथ पुलिसकर्मियों ने गलत व्यवहार किया है और मारपीट की गई है तो मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वकीलों ने थाना प्रभारी राजन अहिरवार और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

    प्रदर्शन के दौरान वकीलों की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया। इसमें शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल के पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। उनके कपड़े भी कीचड़ से सने हुए नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारी वकीलों ने इन चोटों को कथित मारपीट से जोड़ते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि पूरे मामले में पुलिस का पक्ष और घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच अभी सामने आना बाकी है।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि घटना के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। पुलिस की ओर से मामले के तथ्यों की जांच की जा रही है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    वकीलों के देर रात तक थाने पर प्रदर्शन के कारण जहांगीराबाद क्षेत्र में भी हलचल बनी रही। अधिवक्ताओं का कहना था कि उनके साथी के साथ हुई घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। दूसरी ओर पुलिस अधिकारी मामले की जानकारी जुटाने की बात कह रहे हैं। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि किस स्तर तक होती है। फिलहाल अधिवक्ताओं के प्रदर्शन और पुलिसकर्मियों पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को लेकर मामला चर्चा में है।

  • जिस नक्शे पर निगम ने दी थी बिल्डिंग परमिशन उसी के खिलाफ अब कार्रवाई बावड़ियाकलां के 22 मकान अवैध घोषित

    जिस नक्शे पर निगम ने दी थी बिल्डिंग परमिशन उसी के खिलाफ अब कार्रवाई बावड़ियाकलां के 22 मकान अवैध घोषित


    भोपाल। भोपाल के बावड़ियाकलां स्थित शुभालय बिहार में 22 मकानों को लेकर नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। गौरव गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित की जमीन पर टीएंडसीपी से स्वीकृत नक्शे के विपरीत बनाए गए इन निर्माणों को नगर निगम ने अवैध घोषित करते हुए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए हैं। निगम ने 17 मकान मालिकों को 15 दिन के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए हैं जबकि पांच अधूरे मकानों का निर्माण तत्काल रोकने को कहा गया है। इस कार्रवाई के बाद अब इन मकानों में रहने वाले और निर्माण करा रहे लोगों के सामने अपने निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

    इस मामले की खास बात यह है कि जिन मकानों को अब नगर निगम अवैध निर्माण बता रहा है उनमें से बिल्डिंग परमिशन पहले नगर निगम की ही बिल्डिंग परमिशन शाखा की ओर से जारी की गई थी। ऐसे में निगम की मौजूदा कार्रवाई और पहले जारी की गई अनुमतियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यह पूरा मामला हाईकोर्ट में दायर अवमानना याचिका के बाद आगे बढ़ा है। उपायुक्त सहकारिता ने 13 फरवरी 2026 को नगर निगम को पत्र भेजकर संबंधित निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था।

    इसके बाद नगर निगम ने पहले 17 मकानों को नोटिस जारी किए और अब बाकी पांच अधूरे मकानों को भी कार्रवाई के दायरे में ले लिया है। इस तरह शुभालय बिहार में कुल 22 निर्माणों को लेकर निगम ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। 17 मकानों के मालिकों को 15 दिन का समय दिया गया है ताकि वे कथित अवैध हिस्से को स्वयं हटा सकें। वहीं जिन पांच मकानों का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है वहां आगे किसी भी तरह का निर्माण करने पर रोक लगा दी गई है।

    मामले के याचिकाकर्ता विवेक दीक्षित के अनुसार यह विवाद केवल 22 मकानों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे जमीन और प्लॉट की बिक्री से जुड़ा बड़ा मामला है। उनका आरोप है कि संस्था के 44 संस्थापक सदस्यों की करीब पांच एकड़ जमीन पर भू माफिया ने 48 प्लॉट अवैध तरीके से बेच दिए। याचिकाकर्ता के मुताबिक इन प्लॉटों को खरीदने वाले लोग संस्था के सदस्य नहीं थे और उन्होंने संस्था को राशि भी नहीं दी। दूसरी ओर संस्था के संस्थापक सदस्यों को उनकी जमीन का हिस्सा नहीं मिल पाया।

    मामले में सहकारिता विभाग की जांच भी हुई है। विभाग की फरवरी 2026 की जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच वास्तविक सदस्यों को दरकिनार कर बाहरी लोगों के नाम करीब 50 रजिस्ट्रियां की गईं। जांच में इनमें से 32 रजिस्ट्रियों को अवैध बताया गया। इसके अलावा 38 रजिस्ट्रियों से संबंधित करीब 18 करोड़ 74 लाख रुपए की राशि संस्था के खाते में जमा नहीं होने की बात भी सामने आई।

    ऑपरेटर अनिल कुमार रावत की रिपोर्ट में फर्जी दस्तावेज और हैंडराइटिंग में हेरफेर के जरिए वास्तविक सदस्यों के अधिकार प्रभावित किए जाने का उल्लेख किया गया है। ये रजिस्ट्रियां तत्कालीन अध्यक्ष अनिता विष्ट और तत्कालीन प्रबंधक मनोज साहू के कार्यकाल से जुड़ी बताई गई हैं। सहकारिता विभाग ने इन रजिस्ट्रियों को शून्य कराने के लिए सिविल कोर्ट में मामला भी दायर किया है। अब नगर निगम की ताजा कार्रवाई के बाद बावड़ियाकलां के इन 22 मकानों का मामला एक बार फिर चर्चा में है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

  • आवासीय इलाकों में चल रहे कारोबार पर आज बड़ा फैसला संभव 8084 प्रतिष्ठानों को मिल चुका है नोटिस

    आवासीय इलाकों में चल रहे कारोबार पर आज बड़ा फैसला संभव 8084 प्रतिष्ठानों को मिल चुका है नोटिस


    भोपाल। भोपाल के रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। इस मामले में शहर के करीब 62 हजार 500 प्रतिष्ठानों को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है। इससे पहले 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई कैंसिल हो गई थी। अब मंगलवार को दोपहर में होने वाली सुनवाई पर नगर निगम के साथ रहवासी और प्रभावित कारोबारी पक्षों की भी नजर है। मामले को लेकर नगर निगम और रहवासियों ने अपनी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

    दरअसल 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने रहवासी इलाकों में संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई शुरू की थी। निगम की सूची में करीब 62 हजार 500 प्रतिष्ठान शामिल बताए गए हैं। इसके बाद करीब 15 दिनों तक संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस देने की प्रक्रिया चली। इस दौरान 8084 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। नोटिस के बाद निगम ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए तीन दिनों में 190 प्रतिष्ठानों को बंद भी किया था।

    निगम की इस कार्रवाई के बाद शहर के व्यापारी संगठनों में नाराजगी देखने को मिली। कारोबारियों ने नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। विरोध बढ़ने के बाद नगर निगम ने कार्रवाई रोक दी। पिछले करीब 22 दिनों से इस मामले में सीलिंग या बंद करने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट हो सकता है कि आगे नगर निगम को किस तरह की कार्रवाई करनी होगी और प्रभावित प्रतिष्ठानों को लेकर क्या व्यवस्था लागू होगी।

    मामले में रहवासियों की ओर से भी नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने निगम की एक्शन टेकन रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि निगम की ओर से प्रस्तुत की गई कार्रवाई की जानकारी वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती। उनके मुताबिक कुछ ऐसे प्रतिष्ठान भी हैं जिन्हें सील किए जाने का दावा किया गया था लेकिन बाद में वे दोबारा खुल गए। रहवासी पक्ष ने इस संबंध में दस्तावेज और अन्य साक्ष्य सुप्रीम कोर्ट के सामने रखने की तैयारी की है।

    सोमवार को नगर निगम के अधिकारी दिनभर सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाने वाली रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। अधिकारियों ने अब तक की कार्रवाई और नोटिस से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित किया। दूसरी ओर रहवासी पक्ष भी अपने दस्तावेज तैयार करता रहा। बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में प्रतिष्ठानों के दोबारा खुलने से संबंधित फोटो और वीडियो भी अदालत के सामने रखे जा सकते हैं।

    इस पूरे मामले का असर भोपाल के हजारों कारोबारियों और रहवासी इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ सकता है। व्यापारियों की नजर इस बात पर है कि अदालत की सुनवाई के बाद कार्रवाई को लेकर क्या दिशा तय होती है जबकि रहवासी पक्ष यह चाहता है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के संबंध में नियमों का पालन सुनिश्चित हो। अब मंगलवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के रुख से आगे की कार्रवाई की तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है।

  • भोपाल में आज आस्था का बड़ा संगम ढोल ग्यारस पर निकलेगा भोपाल के राजा का जुलूस पुराने शहर में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था

    भोपाल में आज आस्था का बड़ा संगम ढोल ग्यारस पर निकलेगा भोपाल के राजा का जुलूस पुराने शहर में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था


    भोपाल। भोपाल में आज ढोल ग्यारस के अवसर पर आस्था और उत्साह का बड़ा संगम देखने को मिलेगा। राजधानी में भोपाल के राजा और विभिन्न समाजों के दूल्हे राजा गणेशजी की प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा। दोपहर 1 बजे पीपल चौक स्थित पीपल जामा मस्जिद के पास से शुरू होने वाला यह चल समारोह पुराने शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होते हुए शाम करीब 7:30 बजे खटलापुरा मंदिर पहुंचेगा। जुलूस में सबसे आगे भोपाल के राजा की प्रतिमा रहेगी जबकि उनके पीछे अलग अलग समाजों के ढोल और डोल शामिल होंगे। इससे पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह का माहौल रहेगा।

    जुलूस पीपल चौक से रवाना होकर सुभाष चौक लखेरापुरा सोमवारा और पिरगेट होते हुए जनकपुरी पहुंचेगा। इसके बाद लोहा बाजार अशोक चौक इब्राहिमपुरा मोती मस्जिद कोतवाली रोड बुधवारा और काली मंदिर होते हुए चल समारोह खटलापुरा की ओर बढ़ेगा। आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां की हैं। जुलूस जिस मार्ग से आगे बढ़ेगा उस हिस्से में जरूरत के अनुसार वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा और यातायात को वैकल्पिक रास्तों से निकाला जाएगा।

    ढोल ग्यारस के जुलूस का असर पुराने शहर की यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई देगा। दोपहर 1 बजे से जुलूस समाप्त होने तक अलग अलग चरणों में ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। खासतौर पर पीरगेट से बुधवारा और तलैया की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। जुलूस तलैया काली मंदिर पहुंचने के दौरान यातायात व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव किया जाएगा।

    पीरगेट पर मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के साथ बीसीएलएल सिटी बसों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भोपाल टॉकीज से इमामबाड़ा की ओर भी मध्यम और भारी वाहन नहीं जा सकेंगे। ऐसे वाहन रॉयल मार्केट से तीन मोहरा भोपाल टॉकीज नादरा बस स्टैंड और भारत टॉकीज की ओर से वैकल्पिक मार्ग अपना सकेंगे। इमामबाड़ा चौकी पर नादरा बस स्टैंड से घोड़ा नक्कास की ओर सभी वाहनों का आवागमन प्रभावित रहेगा।

    जनकपुरी तिराहे पर आजाद मार्केट तिराहे से जुमेराती गेट तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। चौक बाजार से लोहा बाजार होते हुए जुमेराती गेट जाने वाला रास्ता भी प्रभावित रहेगा। वहीं सुल्तानिया रोड पर मोती मस्जिद से बुधवारा और बुधवारा से मोती मस्जिद की ओर मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। वाहन चालक मोती मस्जिद से रेतघाट गिन्नौरी और बुधवारा से गिन्नौरी रेतघाट होकर आगे जा सकेंगे।

    खटलापुरा मंदिर के आसपास भी यातायात में बदलाव रहेगा। पुराने मछली घर तिराहे और पीएचक्यू तिराहे से खटलापुरा की ओर जाने वाला मार्ग बंद रहेगा। यहां से गुजरने वाले वाहन पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे से गांधी पार्क मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे।

    तलैया काली मंदिर के पास दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए भारत टॉकीज से लिली टॉकीज होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे तक मार्ग बंद रहेगा। न्यू मार्केट और एमपी नगर की ओर जाने वाले वाहन भारत टॉकीज से पुल बोगदा प्रभात चौराहा और सुभाष नगर आरओबी होकर जा सकेंगे। रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए पुलिस कंट्रोल रूम से जेल मुख्यालय कोर्ट चौराहा मैदा मिल और सुभाष नगर आरओबी का मार्ग निर्धारित किया गया है। ऐसे में आज पुराने शहर की ओर जाने वाले लोगों को जुलूस के समय से पहले अपना मार्ग तय कर लेना सुविधाजनक रहेगा।

  • भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर आबकारी का बड़ा छापा भट्टी समेत 30 से ज्यादा ड्रम जब्त

    भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर आबकारी का बड़ा छापा भट्टी समेत 30 से ज्यादा ड्रम जब्त


    भोपाल। भोपाल के तरावली गांव में मंगलवार सुबह आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कच्ची शराब बनाने के ठिकाने का भंडाफोड़ किया। तड़के आबकारी विभाग की टीम भारी अमले के साथ गांव से दूर जंगल में पहुंची जहां अवैध रूप से हाथ भट्टी लगाकर शराब तैयार की जा रही थी। टीम ने मौके से कच्ची शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली भट्टी समेत बड़ी संख्या में सामान और 30 से ज्यादा खाली तथा भरे हुए ड्रम जब्त किए। कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। सुबह के समय अचानक पहुंची आबकारी टीम को देखकर अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

    यह कार्रवाई सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के निर्देशन में की गई। कंट्रोलर वर्षा उइके के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम तड़के तरावली क्षेत्र में पहुंची। टीम ने पहले उस इलाके की घेराबंदी की जहां जंगल के बीच शराब बनाने का काम चलने की सूचना थी। गांव से काफी दूर सुनसान जगह पर शराब बनाने का ठिकाना बनाया गया था ताकि सामान्य तौर पर वहां लोगों की आवाजाही कम रहे और अवैध गतिविधि की जानकारी आसानी से बाहर न पहुंच सके। आबकारी टीम ने मौके पर पहुंचकर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हाथ भट्टी और अन्य संसाधनों को जब्त किया।

    कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ड्रम भी मिले। इनमें कुछ खाली थे जबकि कुछ में शराब बनाने से संबंधित सामग्री मौजूद थी। आबकारी विभाग ने मौके से मिले सामान को जब्त कर लिया। विभाग की टीम ने जंगल में काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के बाद जब्त सामग्री को मौके से बाहर लाया गया। इस दौरान टीम के साथ मौजूद कर्मचारियों ने अवैध शराब बनाने के ठिकाने से जुड़े अन्य सामान को भी कब्जे में लिया।

    तरावली क्षेत्र में कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस इलाके में लंबे समय से कच्ची शराब बनाए जाने और उसकी बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर बैरसिया रोड पर लक्ष्मणपुरा गांव के पास शराब की बिक्री का एक प्रमुख ठिकाना बताया जाता है। इसी रास्ते से तरावली मंदिर की ओर जाने का रास्ता भी है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि तरावली और आसपास के गांवों में तैयार होने वाली शराब को यहां लाकर बेचा जाता है।

    बताया जाता है कि लक्ष्मणपुरा क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर के दायरे में पन्नियों में शराब की छोटी मात्रा बेची जाती है। इसकी कीमत 10 से 20 रुपए तक बताई जाती है। कम कीमत में शराब उपलब्ध होने के कारण यहां खरीदारी करने वालों की आवाजाही बनी रहती है। आबकारी विभाग पहले भी इस क्षेत्र में कार्रवाई कर चुका है लेकिन स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जाता है कि कार्रवाई के कुछ समय बाद फिर से अवैध शराब की बिक्री शुरू हो जाती है।

    तरावली में हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब आबकारी विभाग की नजर उन इलाकों पर भी है जहां जंगल या सुनसान स्थानों का इस्तेमाल अवैध शराब बनाने के लिए किया जा सकता है। विभाग की इस कार्रवाई से फिलहाल अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप है। अब आगे की कार्रवाई में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि जब्त शराब और सामग्री का इस्तेमाल कौन कर रहा था और तैयार की गई शराब को किन इलाकों में खपाया जा रहा था।

  • जब डॉक्टर बने संगीतकार और बुजुर्गों ने गुनगुनाए पुराने गीत: भोपाल में अल्जाइमर-डिमेंशिया जागरूकता का खास अंदाज

    जब डॉक्टर बने संगीतकार और बुजुर्गों ने गुनगुनाए पुराने गीत: भोपाल में अल्जाइमर-डिमेंशिया जागरूकता का खास अंदाज


    भोपाल। भोपाल में रविवार को बुजुर्गों के लिए आयोजित एक खास कार्यक्रम ने संगीत और अपनत्व के जरिए जिंदगी को फिर से करीब से महसूस करने का मौका दिया। होशंगाबाद रोड स्थित होटल बैस्टियन में अल्जाइमर और डिमेंशिया से प्रभावित बुजुर्गों के साथ उनके परिवारों और केयरगिवर्स के लिए लव यू जिंदगी कार्यक्रम आयोजित किया गया। अंजलि एन एसोसिएशन ऑफ साइकोलॉजिस्ट और लव यू जिंदगी संस्था की ओर से हुए इस आयोजन का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य स्वस्थ वृद्धावस्था और अल्जाइमर तथा डिमेंशिया को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों के साथ उनके परिजन केयरगिवर्स और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए।

    कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य अतिथि राधारमण इंस्टीट्यूट के संजीव सक्सेना विशिष्ट अतिथि लेफ्टिनेंट वाइस एडमिरल विमल वर्मा और जनरल श्याम सुंदर श्रीवास्तव मौजूद रहे। अतिथियों ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ बुजुर्गों की शारीरिक जरूरतों के साथ उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है। इस अवसर पर राधारमण इंस्टीट्यूट के संस्थापक स्वर्गीय राधारमण सक्सेना के शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई।

    कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े डॉक्टरों के म्यूजिकल बैंड Med Beats की प्रस्तुति रही। डॉक्टरों ने बुजुर्गों की पसंद के पुराने और सदाबहार गीतों की धुनें छेड़ीं तो कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह बदल गया। परिचित गीतों को सुनकर कई बुजुर्ग अपने पुराने दिनों की यादों में खो गए। कुछ लोगों ने गीतों के साथ गुनगुनाया तो कुछ ने संगीत की धुन पर हल्की शारीरिक गतिविधियां करते हुए खुशी जाहिर की। कई बुजुर्गों के चेहरे पर लंबे समय बाद खुली मुस्कान दिखाई दी।

    आयोजकों के मुताबिक डिमेंशिया और अल्जाइमर से प्रभावित लोगों के लिए परिचित संगीत खास अनुभव दे सकता है। पुराने और पहचाने हुए गीत व्यक्ति को बीते समय की यादों से जोड़ सकते हैं और उनके सामाजिक जुड़ाव को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसी सोच के साथ कार्यक्रम में संगीत को मनोरंजन के साथ भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम बनाया गया। आयोजन में सिर्फ बुजुर्गों को ही केंद्र में नहीं रखा गया बल्कि उनकी देखभाल करने वाले परिवारों और केयरगिवर्स को भी विशेष महत्व दिया गया।

    संस्था की संस्थापक डॉ. अंजलि सहाय ने कहा कि वृद्धावस्था में अकेलापन चिंता और स्मृति से जुड़ी समस्याएं बुजुर्गों के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे समय में उन्हें सकारात्मक आत्मीय और खुशहाल वातावरण देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अल्जाइमर और डिमेंशिया से प्रभावित व्यक्ति की देखभाल करने वाले परिवार और केयरगिवर्स भी लगातार भावनात्मक दबाव से गुजरते हैं इसलिए उनके लिए भी सहयोग और संवेदनशील माहौल जरूरी है। लव यू जिंदगी कार्यक्रम ने इसी संदेश को संगीत और सामूहिक सहभागिता के जरिए सामने रखा कि बुजुर्गों की जिंदगी में दवाओं और देखभाल के साथ खुशी अपनापन और संवाद भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

  • भोपाल में आज दिखेगा संघ का विराट स्वरूप 30 हजार स्वयंसेवक होंगे एकजुट दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता

    भोपाल में आज दिखेगा संघ का विराट स्वरूप 30 हजार स्वयंसेवक होंगे एकजुट दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता


    नई दिल्ली। भोपाल में रविवार 20 सितंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तहत बड़ा स्वयंसेवक एकत्रीकरण आयोजित किया जा रहा है। लाल परेड ग्राउंड में होने वाले इस कार्यक्रम में भोपाल विभाग के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों से करीब 30 हजार स्वयंसेवकों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम संघ की नियमित शाखाओं के व्यापक स्वरूप को समाज के सामने प्रस्तुत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    संघ की ओर से आयोजित इस एकत्रीकरण में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम के माध्यम से संघ की शाखाओं में होने वाली नियमित गतिविधियों के साथ सामाजिक कार्यों और आगामी संकल्पों का संदेश भी दिया जाएगा। आयोजन को लेकर स्वयंसेवकों के बीच तैयारियां की गई हैं और भोपाल विभाग के विभिन्न जिलों से स्वयंसेवकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का औपचारिक शुभारंभ विजयादशमी 2025 से हुआ था। इसके बाद वर्षभर अलग अलग कार्यक्रमों के जरिए संघ की 100 वर्षों की यात्रा और समाज जीवन में किए गए कार्यों को लोगों के सामने रखने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में गृह संपर्क अभियान हिंदू सम्मेलन और प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठियों जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन गतिविधियों के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संपर्क और संवाद पर जोर दिया गया है।

    शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में संघ की ओर से पंच परिवर्तन के संदेश को भी प्रमुखता दी जा रही है। इसके तहत सामाजिक समरसता कुटुंब प्रबोधन पर्यावरण संरक्षण स्वबोध और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों को समाज जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। संघ के कार्यक्रमों में इन विषयों को लेकर स्वयंसेवकों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद किया जा रहा है।

    भोपाल में रविवार को होने वाला स्वयंसेवक एकत्रीकरण इसी शताब्दी वर्ष की गतिविधियों की कड़ी है। कार्यक्रम के जरिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की सामूहिक सहभागिता दिखाई जाएगी। आयोजन से पहले सुबह 10 बजे समाज सेवा न्यास में केंद्रीय संस्थानों के युवाओं के साथ संवाद का कार्यक्रम भी रखा गया है। यह कार्यक्रम प्रेस के लिए नहीं होगा। इसके बाद शाम को लाल परेड ग्राउंड में मुख्य स्वयंसेवक एकत्रीकरण आयोजित किया जाएगा।

    संघ के अनुसार इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य संगठन की शाखाओं के व्यापक स्वरूप को समाज के सामने रखना और शताब्दी वर्ष के दौरान तय किए गए सामाजिक संदेशों को आगे बढ़ाना है। भोपाल में होने वाले इस आयोजन में पांच जिलों से करीब 30 हजार स्वयंसेवकों की मौजूदगी इसे बड़े स्तर का कार्यक्रम बनाएगी। दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम में संघ की शताब्दी यात्रा सामाजिक कार्यों और पंच परिवर्तन से जुड़े संदेशों पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है