Tag: Bhopal

  • भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार

    भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार



    भोपालभोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रचारक विनय सिंह और उनके साथी को टक्कर मार दी। हादसे में संघ प्रचारक विनय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी को गंभीर चोटें आई हैं। चार पहिया वाहन चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और CCTV फुटेज और गवाहों के आधार पर उसे पकड़ने की कोशिश कर रही है।

    हादसे का विवरण
    विनय सिंह 55 वर्षीय थे और ग्राम मेघराकलां, बैरसिया के रहने वाले थे। वह खेती-किसानी के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय प्रचारक का काम भी कर रहे थे। गुरुवार दोपहर वह अपने मित्र के साथ बाइक पर गोलखेड़ी से घर लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।

    पुलिस कार्रवाई
    ईंटखेड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और CCTV कैमरों के माध्यम से वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि हिट-एंड-रन के मामलों में आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाकर पूरे इलाके में सघन जांच की जा रही है।

    स्थानीय और संघ प्रतिक्रिया
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय पदाधिकारियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विनय सिंह समाज सेवा और प्रचार के कार्य में हमेशा सक्रिय रहे और उनका योगदान याद किया जाएगा।

    यह घटना राजधानी में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे पर चिंता बढ़ा रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी ने आरोपी वाहन को देखा हो या उसकी जानकारी हो, तो तुरंत स्थानीय थाने को सूचना दें।

  • MP में लंबे समय से रह रहे लोगों की लीज का नवीनीकरण संभव, नियमों में होगा संशोधन

    MP में लंबे समय से रह रहे लोगों की लीज का नवीनीकरण संभव, नियमों में होगा संशोधन


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि वर्षों से किसी भूमि पर रह रहे या व्यापार कर रहे लोगों के लिए भूमि लीज के नवीनीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया जाएगा। भोपाल में विधानसभा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि समय-समय पर व्यापारिक और आवासीय परियोजनाओं के लिए दी गई लीज में परिवार बढ़ने और भूमि विभाजन के कारण नवीनीकरण में समस्या आती है।

    मंत्री ने कहा कि लंबे समय से लोग किसी भूमि पर रह रहे हैं या कारोबार कर रहे हैं, ऐसे में भूमि हटाना व्यावहारिक नहीं है। इसलिए नियम में संशोधन करके ऐसा रास्ता निकाला जाएगा कि संबंधित निकाय की आय बढ़े और लीज का नवीनीकरण भी संभव हो। यह घोषणा उन्होंने विधानसभा में कांग्रेस के डॉ. हिरालाल अलावा और भाजपा के अभिलाष पांडेय के प्रश्नों के जवाब में की।

    डॉ. हिरालाल अलावा ने मनावर नगर पालिका परिषद की भूमि के अवैध हस्तांतरण का मामला उठाया। जांच में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ और अन्य कर्मचारी दोषी पाए गए थे, लेकिन चार वर्ष में भी अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
    इस बदलाव से न केवल भूमि संबंधी विवादों का समाधान होगा, बल्कि लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी बनेगी।

  • भोपाल में पहली बार फेमिना मिस इंडिया 2026 का ग्रैंड फिनाले, सिवनी की धनुश्री चौहान बनीं विजेता

    भोपाल में पहली बार फेमिना मिस इंडिया 2026 का ग्रैंड फिनाले, सिवनी की धनुश्री चौहान बनीं विजेता


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐतिहासिक और रोमांचक शाम देखने को मिली जब फेमिना मिस इंडिया2026 का राज्य स्तरीय ग्रैंड फिनाले पहली बार आयोजित हुआ। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 19 फरवरी 2026 को मिंटो हॉल में आयोजित हुई जिसमें पूरे प्रदेश से चयनित 16 प्रतिभागियों ने अपने हुनर आत्मविश्वास और पर्सनैलिटी से मुक़ाबला किया। इस पहले आयोजन से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।

    इस ग्लैमरस प्रतियोगिता में सिवनी जिले की धनुश्री चौहान ने शानदार प्रस्तुति देकर विजेता का खिताब अपने नाम किया। धनुश्री ने अपनी ग्रेस बुद्धिमत्ता और आकर्षक पर्सनैलिटी के दम पर निर्णायकों को प्रभावित किया और प्रदेश की प्रतिनिधि बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने कहा है कि वह न केवल भोपाल या मध्यप्रदेश बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन करेंगी।

    इस आयोजन की खास बात थी इसकी थीम सस्टेनेबिलिटी फर्स्ट ज़ीरो वेस्ट इवेंट सका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और एक साफसुथरा जिम्मेदार कार्यक्रम पेश करना था। इस थीम के अंतर्गत कार्यक्रम में कमी से कम बर्बादी करने और इकोफ्रेंडली प्रथाओं को अपनाने पर जोर दिया गया जो femina ब्रांड की नई दिशा को दर्शाता है।

    प्रतियोगिता में प्रारंभिक राउंड के लिए लगभग 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया था। विभिन्न राउंड के बाद श्रेष्ठ 16 को चुना गया और उन्होंने रैंप वॉक पब्लिक स्पीकिंग और टैलेंट राउंड में हिस्सा लिया। निर्णायकों ने उनकी प्रतिभा आत्मविश्वास और व्यक्तित्व के आधार पर विजेता का चयन किया।

    इस कार्यक्रम में फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड2024 की विजेता और खुद मध्यप्रदेश की बेटी निकिता पोरवाल नई विजेता धनुश्री को ताज पहनाया। यह पल स्थानीय युवाओं के लिए गर्व का क्षण था क्योंकि प्रदेश की बेटी ने अपने काम और प्रतिभा से यह प्रतिष्ठित मुकाम हासिल किया।

    धनुश्री की यह विजय सिवनी और मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। उनकी कहानी युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है जो साबित करती है कि मेहनत आत्मविश्वास और समर्पण के साथ सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है। इस प्रतिस्पर्धा से मध्यप्रदेश की युवा प्रतिभाओं को ब्यूटी टैलेंट और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच मिला है।

    अब धनुश्री चौहान राष्ट्रीय स्तर पर Femina Miss India 2026 प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी जहां वे देश भर की अन्य राज्य विजेताओं के साथ मुकाबला करेंगी और भारत के प्रतिष्ठित मंच पर अपनी पहचान बनाने का प्रयास करेंगी।

  • Bhopal: होटल में चल रहा था शादी समारोह.. अचानक भड़की आग, मची अफरा-तफरी

    Bhopal: होटल में चल रहा था शादी समारोह.. अचानक भड़की आग, मची अफरा-तफरी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के एक होटल (Hotel) में सोमवार रात को भीषण आग लग गई। बताया जाता है कि जिस समय यह घटना हुई उस वक्त शादी समारोह (Wedding Ceremony) चल रहा था। आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

    राजधानी भोपाल में शादी समारोह में लगी आग इतनी भयानक थी कि लपटें कई मीटर ऊंची उठती रहीं. शादी खजूरी थाना क्षेत्र के भौंरी स्थित एक होटल में हो रही थी. उस दौरान शादी समारोह में लगभग 170-200 लोग मौजूद थे और आग लगते ही लोग इधर-उधर भागने लगे. आग और भगदड़ के बीच शादी समारोह में रखे एक गैस सिलेंडर में ब्लास्ट (Cylinder Blast) हो गया. इससे और ज्यादा अफरा-तफरी मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे. सूचना मिलने के बाद दमकल (Fire Department) और पुलिस (Bhopal Police) भी पहुंच गई. आग के दौरान होटल में कई लोग भी फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए जेसीबी मशीन बुलानी पड़ी. इससे दीवार तुड़वाकर रास्ता बनाया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.


    तीन फायर स्टेशनों से पहुंची गाड़ियां

    गांधीनगर, बैरागढ़ और फतेहगढ़ फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया. लोगों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी और देखते ही देखते लपटें करीब 50 फीट तक ऊपर उठने लगीं . हालांकि, आग लगने की स्पष्ट वजह नहीं पता चली है. पुलिस इसकी जांच कर रही है. करीब आधी रात तक मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया और रात में ही आग पूरी तरह बुझा दी गई. राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया।

    बता दें कि भोपाल में एक दिन पहले भी आग लगने की घटना हुई थी। भोपाल के इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के सामने स्थित मेहता इंडस्ट्री के गोदाम में रविवार दोपहर पौने चार बजे आग लग गई थी। फैक्ट्री के पिछले हिस्से में बने गोदाम में रखे लकड़ी और प्लाईवुड के सामान ने आग पकड़ ली जिससे लपटें उठने लगीं। भोपाल में कल हुई आग की घटना की खबर मिलते ही नगर निगम की 12 दमकलें वहां पहुंच गईं और दो घंटे की मेहनत के बाद आग को बुझा दिया गया। फायर ब्रिगेड ने गोदाम के पीछे की टिन की दीवार काटकर पानी और झाग का छिड़काव किया। इस आग में गोदाम पूरी तरह जलकर राख हो गया है लेकिन अच्छी बात यह है कि किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई है।

    आग लगने के समय फैक्ट्री के पास वाली झुग्गी बस्ती के लोग घरों का सामान बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर चले गए। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। फैक्ट्री मालिक अरुण जैन ने भी मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से बात की। दमकल और पुलिस कर्मियों की सावधानी से बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि गोदाम में रखा सामान पूरी तरह जल गया।

  • महाशिवरात्रि पर सीएम डॉ. मोहन यादव का संदेश: भोलेनाथ की कृपा से प्रदेश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना

    महाशिवरात्रि पर सीएम डॉ. मोहन यादव का संदेश: भोलेनाथ की कृपा से प्रदेश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना


    भोपाल। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। भक्ति और आस्था के इस महापर्व पर मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ से समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, त्याग और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने वाला उत्सव है, जो समाज को आध्यात्मिक रूप से जोड़ता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में लिखा कि भगवान भोलेनाथ की भक्ति के महापर्व महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। देवाधिदेव महादेवजी से प्रार्थना है कि हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि शिव की आराधना जीवन में संयम, धैर्य और समर्पण की भावना को मजबूत करती है। यह पर्व हमें बुराइयों से दूर रहकर सदाचार और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

    महाशिवरात्रि के अवसर पर राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में भक्ति का वातावरण छाया हुआ है। शिवालयों में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। कई स्थानों पर रात्रि जागरण और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया है। उपवास रखकर श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव से भोलेनाथ की आराधना में लीन हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर भोपाल के प्रसिद्ध बड़वाले महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि भक्तगण सुगमता से दर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री की उपस्थिति को लेकर मंदिर परिसर में अतिरिक्त उत्साह और ऊर्जा का माहौल है।

    प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी महाशिवरात्रि को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित अनेक शहरों के प्रमुख शिव मंदिरों में आकर्षक सजावट और भव्य अनुष्ठानों का आयोजन हो रहा है। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक समरसता और एकता का संदेश भी दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भगवान शिव का जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी संतुलित और करुणामय बने रहने की प्रेरणा देता है। उनका त्याग, तप और लोककल्याण की भावना समाज के लिए आदर्श है। महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व हम सभी के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आए, यही कामना है। महाशिवरात्रि के इस शुभ अवसर पर पूरा मध्य प्रदेश शिवमय हो गया है और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण गूंज रहा है।

  • जनगणना 2027 से तय होगी विकास की नई दिशा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    जनगणना 2027 से तय होगी विकास की नई दिशा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल । भोपाल में आयोजित जनगणना 2027 के प्रथम चरण के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तय करने का आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाएं, संसाधनों का वितरण और नीतिगत निर्णय जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होते हैं, इसलिए यह अभियान प्रशासनिक प्रक्रिया से आगे बढ़कर राष्ट्र के भविष्य की दिशा निर्धारित करने वाला कार्य है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला देश है और ऐसे में जनगणना का महत्व राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डिजिटल जनगणना कराने के ऐतिहासिक निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक के उपयोग से आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। सम्मेलन में मुख्य सचिव अनुराग जैन, रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जनगणना के दौरान गांवों, मजरों टोलों और यहां तक कि बेचिराग गांवों का भी समुचित आंकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, अस्पताल, स्कूल जैसी आधारभूत संरचनाओं की योजना जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही बनती है। इसलिए कलेक्टर और कमिश्नर समय सीमा में इस कार्य को पूर्ण करें और इसे उच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रणनीति अपनाने पर भी जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि जनगणना प्रशासन की दक्षता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता की परीक्षा है। मैदानी अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की सफलता के केंद्र में हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, दलहन तिलहन उत्पादन वृद्धि और नरवाई जलाने की घटनाओं को शून्य करने के प्रयासों पर बल दिया। साथ ही खनिज, पंजीयन और आबकारी से जुड़े राजस्व लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।

    मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि चुनाव और जनगणना प्रशासनिक दृष्टि से सबसे चुनौतीपूर्ण कार्यों में हैं। इस बार तकनीक और जीआईएस प्रणाली के उपयोग से आंकड़े शीघ्र उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में लगभग 1 लाख 27 हजार मजरे टोले हैं, जिनका सटीक विवरण भविष्य की योजना निर्माण में सहायक होगा। उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत रखने और आमजन में जनगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

    जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना संवैधानिक दायित्व होने के साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार स्तंभ है। विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होता है। इस बार पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी और नागरिकों को स्व गणना का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा, जिससे वे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जनगणना कार्य को उच्च प्राथमिकता देने की सराहना की।

    जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित होगी। प्रथम चरण में 1 मई से 30 मई 2027 तक मकान सूचीकरण किया जाएगा, जिसमें मकानों की स्थिति, सुविधाएं और परिसंपत्तियों का विवरण एकत्रित होगा। द्वितीय चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना होगी, जिसमें आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक गतिविधि, प्रवास और प्रजननता से संबंधित जानकारी संकलित की जाएगी।

     भोपाल में आयोजित जनगणना 2027 के प्रथम चरण के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तय करने का आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाएं, संसाधनों का वितरण और नीतिगत निर्णय जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होते हैं, इसलिए यह अभियान प्रशासनिक प्रक्रिया से आगे बढ़कर राष्ट्र के भविष्य की दिशा निर्धारित करने वाला कार्य है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला देश है और ऐसे में जनगणना का महत्व राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डिजिटल जनगणना कराने के ऐतिहासिक निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक के उपयोग से आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। सम्मेलन में मुख्य सचिव अनुराग जैन, रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जनगणना के दौरान गांवों, मजरों टोलों और यहां तक कि बेचिराग गांवों का भी समुचित आंकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, अस्पताल, स्कूल जैसी आधारभूत संरचनाओं की योजना जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही बनती है। इसलिए कलेक्टर और कमिश्नर समय सीमा में इस कार्य को पूर्ण करें और इसे उच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रणनीति अपनाने पर भी जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि जनगणना प्रशासन की दक्षता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता की परीक्षा है। मैदानी अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की सफलता के केंद्र में हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, दलहन तिलहन उत्पादन वृद्धि और नरवाई जलाने की घटनाओं को शून्य करने के प्रयासों पर बल दिया। साथ ही खनिज, पंजीयन और आबकारी से जुड़े राजस्व लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।

    मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि चुनाव और जनगणना प्रशासनिक दृष्टि से सबसे चुनौतीपूर्ण कार्यों में हैं। इस बार तकनीक और जीआईएस प्रणाली के उपयोग से आंकड़े शीघ्र उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में लगभग 1 लाख 27 हजार मजरे टोले हैं, जिनका सटीक विवरण भविष्य की योजना निर्माण में सहायक होगा। उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत रखने और आमजन में जनगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

    जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना संवैधानिक दायित्व होने के साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार स्तंभ है। विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होता है। इस बार पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी और नागरिकों को स्व गणना का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा, जिससे वे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जनगणना कार्य को उच्च प्राथमिकता देने की सराहना की।

    जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित होगी। प्रथम चरण में 1 मई से 30 मई 2027 तक मकान सूचीकरण किया जाएगा, जिसमें मकानों की स्थिति, सुविधाएं और परिसंपत्तियों का विवरण एकत्रित होगा। द्वितीय चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना होगी, जिसमें आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक गतिविधि, प्रवास और प्रजननता से संबंधित जानकारी संकलित की जाएगी।

  • भोपाल में प्रशासनिक ढांचे का बड़ा बदलाव! बनेगा कमिश्नर-कलेक्ट्रेट का नया आधुनिक परिसर

    भोपाल में प्रशासनिक ढांचे का बड़ा बदलाव! बनेगा कमिश्नर-कलेक्ट्रेट का नया आधुनिक परिसर



    नई दिल्ली। भोपाल में प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में जल्द ही कमिश्नर और कलेक्ट्रेट की नई अत्याधुनिक बिल्डिंग बनाई जाएगी। इसके साथ ही आईजी पुलिस कार्यालय, नजूल अधिकारी बैरागढ़ और भोपाल शहर के अन्य महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालयों के लिए भी नए भवन प्रस्तावित हैं।

    इस संबंध में बुधवार को संभागायुक्त संजीव सिंह की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्माण की रूपरेखा, शिफ्टिंग प्रक्रिया और विभागवार जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।

    15 विभागों को खाली करने होंगे दफ्तर
    पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में 15 विभागों को अपने वर्तमान कार्यालय खाली करने होंगे। संभागायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे शिफ्टिंग के लिए स्पष्ट टाइम लिमिट तय करें ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।

    उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने स्टाफ की संख्या के आधार पर आवश्यक स्थान का निर्धारण जल्द से जल्द करे। साथ ही एक जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर सके।

    नए परिसर में क्या होगा खास?
    योजना के तहत कलेक्टर कार्यालय के सामने स्थित शासकीय कार्यालयों की जगह एक समेकित प्रशासनिक परिसर विकसित किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे।

    नवीन आयुक्त कार्यालय

    कलेक्टर कार्यालय भोपाल

    आईजी पुलिस कार्यालय

    नजूल अधिकारी बैरागढ़

    भोपाल शहर के अन्य शासकीय कार्यालय

    संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि योजना में कोई नया कार्यालय जोड़ा नहीं जाएगा और न ही किसी वर्तमान कार्यालय को बाहर रखा जाएगा।

    मुख्यालय स्तर से मांगी गई शिफ्टिंग की जानकारी
    बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी विभाग अपने-अपने मुख्यालय स्तर पर शिफ्टिंग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि प्रक्रिया में देरी न हो। कलेक्टर कार्यालय से प्रभावित विभागों की सूची तैयार कर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    बैठक में हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर चंद्रमौली शुक्ला, संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त राजस्व किरण गुप्ता, एडीएम पी.सी. शाक्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों से उनके कर्मचारियों की संख्या और आवश्यक स्पेस की विस्तृत जानकारी ली गई।
  • भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण: 10 लेन सड़क के लिए हटेंगी झुग्गियां, पुनर्वास को लेकर बढ़ी चिंता

    भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण: 10 लेन सड़क के लिए हटेंगी झुग्गियां, पुनर्वास को लेकर बढ़ी चिंता



    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल में नेशनल हाईवे-146 पर अयोध्या बायपास को 10 लेन में विकसित करने की महत्वाकांक्षी परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है। आशाराम तिराहा से रत्नागिरी तिराहे तक लगभग 16 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है। परियोजना के तहत आनंद नगर में एक फ्लाईओवर का निर्माण भी प्रस्तावित है। प्रशासन का दावा है कि इससे शहर में यातायात का दबाव कम होगा और भोपाल को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

    हालांकि, इस विकास कार्य की आड़ में कई परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के चलते अब तक 146 दुकानों को हटाया जा चुका है। इसके अलावा तीन धार्मिक स्थलों, एक वार्ड कार्यालय और एक पुलिस चौकी को भी स्थानांतरित किया जा रहा है। अब बारी केसर बस्ती की है, जहां करीब 90 झुग्गियों को हटाने की तैयारी की जा रही है।

    प्रशासन द्वारा झुग्गीवासियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिससे बस्ती में रहने वाले परिवारों में चिंता का माहौल है। इन परिवारों का कहना है कि वे पिछले लगभग 50 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और उनके पास वैकल्पिक आवास की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रभावित लोगों का आरोप है कि न तो उन्हें उचित मुआवजे की स्पष्ट जानकारी दी गई है और न ही पुनर्वास की ठोस योजना बताई गई है।

    बस्ती के रहवासियों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन बिना पुनर्वास के उन्हें हटाना अन्याय होगा। उनका तर्क है कि अचानक बेघर होने की स्थिति में बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित होगी। कई परिवार दिहाड़ी मजदूरी या छोटे-मोटे काम करके अपना जीवनयापन करते हैं, ऐसे में दूर किसी अज्ञात स्थान पर बसाए जाने से उनकी आजीविका पर भी संकट खड़ा हो सकता है।

    मामले को लेकर स्थानीय राजनीतिक नेताओं ने भी हस्तक्षेप किया है। कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला, मोहित सक्सेना और रीतेश सोनी सहित अन्य प्रतिनिधि केसर बस्ती पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उनका कहना है कि विकास आवश्यक है, लेकिन गरीबों को उजाड़कर नहीं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पहले प्रत्येक प्रभावित परिवार के पुनर्वास और उचित मुआवजे की लिखित एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, उसके बाद ही हटाने की कार्रवाई की जाए।

    यह मामला एक बार फिर विकास और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन का सवाल खड़ा करता है। बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शहर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होती हैं, लेकिन इनके कारण प्रभावित होने वाले लोगों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। पुनर्वास नीति के तहत प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास, बुनियादी सुविधाएं और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

    अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। क्या चौड़ीकरण की रफ्तार के बीच विस्थापित होने वाले परिवारों को न्याय मिल पाएगा, या विकास की दौड़ में उनकी आवाज दबकर रह जाएगी यह आने वाला समय ही तय करेगा।

  • मध्य प्रदेश का महाबजट तैयार, 4.70 लाख करोड़ के करीब आकार; 18 फरवरी को विधानसभा में होगा पेश

    मध्य प्रदेश का महाबजट तैयार, 4.70 लाख करोड़ के करीब आकार; 18 फरवरी को विधानसभा में होगा पेश


    भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार इस बार राज्य का बजट आकार करीब 4.70 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 4.21 लाख करोड़ रुपये के बजट से लगभग 12 प्रतिशत अधिक होगा। बजट 18 फरवरी को विधानसभा में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताएं स्पष्ट होंगी।

    बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बजट का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। बैठक में विकास योजनाओं वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति पर विशेष चर्चा हुई। सरकार इस बार राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखने पर खास जोर दे रही है ताकि राज्य की वित्तीय स्थिति संतुलित और मजबूत बनी रहे। वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विकास की रफ्तार बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती और प्राथमिकता दोनों है।

    सूत्रों के मुताबिक इस बार पूंजीगत व्यय कैपिटल एक्सपेंडिचर में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। इसका सीधा असर बुनियादी ढांचे के विकास पर पड़ेगा। सड़क पुल सिंचाई परियोजनाएं शहरी अधोसंरचना शिक्षा संस्थानों का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर बड़े निवेश की तैयारी है। सरकार का मानना है कि पूंजीगत निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर सृजित होंगे और निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

    विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से प्रारंभ हो रहा है। इस दौरान बजट प्रस्तुति के अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत विषयों पर चर्चा होगी। यह बजट मोहन यादव सरकार का तीसरा प्रमुख बजट माना जा रहा है जिससे जनता और विभिन्न वर्गों को काफी उम्मीदें हैं।

    सरकार के संकेत हैं कि इस बजट में किसान कल्याण योजनाओं को मजबूती दी जाएगी। कृषि क्षेत्र में तकनीकी सुधार सिंचाई विस्तार और समर्थन मूल्य से जुड़ी व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के लिए प्रावधान बढ़ने की संभावना है। युवाओं के लिए कौशल विकास स्टार्टअप प्रोत्साहन और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाने जैसे कदम भी बजट का हिस्सा बन सकते हैं।

    ग्रामीण विकास पेयजल बिजली और आवास योजनाओं के लिए भी पर्याप्त राशि आवंटित किए जाने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन का मॉडल पेश करेगा और प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा। अब निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं जब विधानसभा में इस ‘महाबजट का औपचारिक ऐलान होगा।