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  • राजधानी में युवा विधायकों का मंथन: 2047 के विकसित भारत का रोडमैप, अनुशासन-लोकतंत्र और जनसेवा पर जोर

    राजधानी में युवा विधायकों का मंथन: 2047 के विकसित भारत का रोडमैप, अनुशासन-लोकतंत्र और जनसेवा पर जोर


    भोपाल । राजधानी भोपाल में आयोजित युवा विधायक सम्मेलन में सोमवार को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुल 45 युवा जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह दो दिवसीय सम्मेलन न केवल अनुभव साझा करने का मंच बना, बल्कि लोकतंत्र, विकास और राजनीतिक मूल्यों पर गंभीर मंथन का अवसर भी साबित हुआ। सम्मेलन के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए राजनीति में अनुशासन, संवाद, पारदर्शिता और जनसेवा की अहमियत पर जोर दिया।

    युवा विधायकों को जिम्मेदार नेतृत्व का संदेश
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में युवा विधायकों को जिम्मेदार नेतृत्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सफलता केवल पद पाने से नहीं, बल्कि जनता के बीच निरंतर सक्रिय रहने और उनके विश्वास को बनाए रखने से मिलती है। उन्होंने विनम्रता को जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा गुण बताते हुए कहा कि अपने क्षेत्र की अच्छाइयों के साथ उसकी कमियों को समझना भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है, क्योंकि देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

    लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने पर जोर
    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने पर जोर देते हुए छात्र संघ चुनावों की बहाली की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की असली शुरुआत कॉलेज जीवन से होती है, जहां युवाओं में सिस्टम को समझने और उससे सवाल करने की ऊर्जा होती है। उनके अनुसार, यदि छात्र राजनीति को प्रोत्साहन मिलेगा तो देश में लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव जीतना ही सब कुछ नहीं है, बल्कि जनता के साथ दिल से जुड़ाव बनाना ज्यादा जरूरी है।

    आधुनिक राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका
    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आधुनिक राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक शक्तिशाली माध्यम है, जो सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से प्रभाव डाल सकता है। इसलिए जनप्रतिनिधियों को अपनी सोशल मीडिया टीम को जिम्मेदार और सकारात्मक बनाना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि आलोचनाओं से घबराने के बजाय सकारात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि अंततः जनता सच्चाई को पहचानती है।

    अन्‍य विधायकों का संबोधन
    सम्मेलन में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संसदीय परंपराओं और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन वह तार्किक और रचनात्मक होना चाहिए। उन्होंने युवा विधायकों को सलाह दी कि वे सदन में अधिक समय बिताएं, अनुभवी नेताओं के विचार सुनें और अध्ययन के आधार पर अपनी पहचान बनाएं।

    विभिन्न विधायकों ने अपने-अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। राजस्थान के विधायक गुरवीर सिंह ने खेलों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि हर राज्य को कम से कम एक खेल को प्राथमिकता देनी चाहिए, जैसे ओडिशा ने हॉकी को अपनाया है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में कई पुस्तकालय स्थापित किए हैं, जिससे युवाओं को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

    सतना के विधायक सिद्धार्थ कुशवाह ने लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनता का विश्वास आज भी राजनीतिक व्यवस्था में बना हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनावों में बढ़ते खर्च और अनैतिक तरीकों से लोकतंत्र की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। उनके अनुसार, 2047 तक देश को मजबूत बनाने के लिए राजनीतिक व्यवस्था में सुधार जरूरी है।

    नेपानगर की विधायक मंजू दादू ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों की पहचान करनी चाहिए, जिन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है, और उनके साथ संवाद बढ़ाना चाहिए। इसी तरह, चाचौड़ा की विधायक प्रियंका मीणा ने कहा कि विधायक जनता और सरकार के बीच एक सेतु का काम करता है, इसलिए उसे दोनों के बीच प्रभावी संवाद सुनिश्चित करना चाहिए।

    भोपाल उत्तर के विधायक आतिफ अकील ने प्रशासनिक स्तर पर आने वाली चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारी जनप्रतिनिधियों को अपेक्षित सहयोग नहीं देते, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ की विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने नक्सल समस्या को लेकर कहा कि अभी इसे पूरी तरह समाप्त घोषित करना जल्दबाजी होगी।

    सम्मेलन का समापन पारंपरिक लोक नृत्य और समूह फोटो के साथ हुआ। दो दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कुल पांच सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवा विधायकों की भूमिका पर चर्चा हो रही है। 31 मार्च को दूसरे दिन ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा।

  • MP: अगले साल भोपाल में होगा राष्ट्रीय सेना दिवस समारोह का भव्य आयोजन

    MP: अगले साल भोपाल में होगा राष्ट्रीय सेना दिवस समारोह का भव्य आयोजन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के इतिहास में 15 जनवरी 2027 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने सेना प्रमुख (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी (General Upendra Dwivedi) के साथ बैठक के बाद ऐलान किया कि 2027 का राष्ट्रीय सेना दिवस समारोह भोपाल में आयोजित किया जाएगा।

    दरअसल, सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है. यह दिन 1949 में जनरल सर एफआरआर बुचर से सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के तौर पर केएम करिअप्पा के पदभार संभालने की याद में मनाया जाता है।

    CM यादव ने कहा कि यह भव्य समारोह राज्य के नागरिकों को देश की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराएगा और युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा।

    यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना ने हर मौके पर अदम्य साहस, वीरता और शक्ति का प्रदर्शन किया है. राज्य के नागरिकों को सेना की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराने और राज्य के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 15 जनवरी 2027 को भोपाल में एक विशेष परेड आयोजित की जाएगी.”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में इन सेना दिवस कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुभव 26 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों जैसा ही होगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार इन कार्यक्रमों के लिए सेना को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी.

    सीएम यादव ने कहा, “इस अवसर पर सेना ‘शौर्य संध्या’ का आयोजन करेगी. इसमें सेना के हथियारों, संसाधनों और उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, साथ ही सैन्य अभ्यासों का प्रदर्शन भी किया जाएगा. इस मौके पर रिटायर्ड सैनिकों को भी सम्मानित किया जाएगा. सभी गतिविधियां उसी भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित की जाएंगी, जैसी 26 जनवरी को नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान देखने को मिलती हैं.”

    मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इन समारोहों में हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनता को सैन्य परेड से जोड़ना है, साथ ही सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल और आपसी विश्वास को बढ़ावा देना भी है.


    1 नवंबर से ही शुरू हो जाएगा उत्सव

    15 जनवरी को होने वाले मुख्य समारोह से जुड़ी कुछ गतिविधियां 1 नवंबर से ही शुरू हो जाएंगी. 1 नवंबर को मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जाता है.
    मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर ‘मेरी माटी’ अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से मिट्टी लाई जाएगी. भोपाल स्थित ‘शौर्य स्मारक’ में एक ‘संकल्प वृक्ष’ लगाया जाएगा.”


    क्यों मनाया जाता है सेना दिवस?

    बता दें कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों को विकेंद्रीकृत करने की पहल 2023 में शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विजन को मबूत करना और भारतीय सेना में देशव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना था, साथ ही सेना और नागरिकों के बीच संबंधों को भी मजबूत करना था.

    उन्होंने बताया कि इसके तहत, आर्मी डे 2023 में बेंगलुरु, 2024 में लखनऊ, 2025 में पुणे और 2026 में जयपुर में आयोजित किया गया.

  • भोपाल नगर निगम का 3938.45 करोड़ रुपये का बजट पारित…..कोई नया टैक्स नहीं

    भोपाल नगर निगम का 3938.45 करोड़ रुपये का बजट पारित…..कोई नया टैक्स नहीं


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महापौर मालती राय ने सोमवार को नगर निगम का बजट पेश किया। इसमें शहर के विकास कार्यों के लिए 3938 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नगर निगम ने बजट में शहरवासियों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है।

    बजट में भोपाल ‘शहर सरकार’ ने कई नए वादे भी किए है। हालांकि, पिछले दो साल से किए जा रहे 7 हेरिटेज गेट, गीता भवन बनाने जैसे वादे अब भी अधूरे हैं। एक साल में सिर्फ दो हेरिटेज गेट के लिए भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे और होशंगाबाद रोड पर भूमिपूजन हुआ है। मंत्री-विधायकों की आपत्ति के बाद प्रॉपर्टी या जल कर बढ़ाने की संभावना कम ही है। पिछली बार कुल 3611 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।

    इधर, बजट में इस बार टैक्स नहीं बढ़ाया गया है, लेकिन वार्डों में परिसीमन शुल्क बढ़ाने की तैयारी है। ऐसे में कई उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ेगा। दोपहर 12 बजे से शाम 7.30 बजे के बीच पक्ष-विपक्ष में नोक-झोंक की स्थिति बनी। हालांकि, बहुमत के आधार पर बजट पारित कर दिया गया।

    इधर, भोपाल नगर निगम के बजट ने शहर की राजनीति को गरमा दिया है। नए बजट के साथ ही पुराने बजट के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने जहां अधूरे कामों और खर्च पर बड़ा हमला बोला है, वहीं महापौर ने विकास कार्यों के जारी रहने का दावा करते हुए आरोपों को खारिज किया है।

    पुराने बजट पर विपक्ष का बड़ा आरोप नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि पिछले बजट का बड़ा हिस्सा अब तक खर्च नहीं हो पाया। उनके अनुसार, कुल बजट का करीब 65% हिस्सा शेष है, जबकि केवल 45% राशि का ही उपयोग हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि खर्च हुई राशि में भी स्थिति चिंताजनक है। सिर्फ 10% काम ही जमीनी स्तर पर शुरू हो पाए हैं, जबकि 90% प्रोजेक्ट अब तक शुरू नहीं हुए। जकी ने इसे पुराने वादों का दोहराव बताते हुए कहा कि जिन योजनाओं पर पहले काम नहीं हुआ, उन्हीं को दोबारा बजट में शामिल कर दिया गया है।


    कागजी बजट, जनता को नहीं मिल रहा लाभ

    नेता प्रतिपक्ष जकी ने कहा कि बजट में कई मद ऐसे हैं, जिनमें पहले भी राशि स्वीकृत हुई, लेकिन न तो काम शुरू हुए और न ही पूरे किए गए। उनके मुताबिक, योजनाओं के नाम पर सिर्फ राशि आवंटित की जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत में काम नजर नहीं आ रहे। उन्होंने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजस्व वसूली पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे निगम की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। साथ ही पार्षद निधि की फाइलें लंबे समय से टेंडर प्रक्रिया में अटकी होने का मुद्दा भी उठाया, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।


    महापौर ने कहा- विकास कार्य जारी

    वहीं महापौर मालती राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नगर निगम का 3,938 करोड़ 45 लाख 28 हजार रुपये का बजट शहर के विकास और सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि भोपाल की पहचान को ध्यान में रखते हुए बड़ा तालाब, छोटा तालाब और शाहपुरा लेक के सौंदर्यीकरण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही निगम कर्मचारियों के हित में दुर्घटना सहायता और पुरस्कार राशि बढ़ाने जैसे फैसले लिए गए हैं।


    टैक्स में राहत, योजनाओं पर फोकस

    महापौर ने स्पष्ट किया कि जलकर, संपत्ति कर और सीवेज कर में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुराने वादों पर काम जारी है। विसर्जन कुंड और प्रवेश द्वार निर्माण प्रगति पर हैं, म्यूजियम के लिए जमीन की तलाश जारी है और कैंपियन ग्राउंड में छोटा स्टेडियम लगभग तैयार हो चुका है। इसके अलावा घर-घर पानी कनेक्शन योजना की प्रक्रिया जारी है और सोलर पैनल प्रोजेक्ट के जरिए निगम के खर्च को कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है।


    इस बार मेयर, अध्यक्ष-एमआईसी मेंबर के लिए फंड नहीं

    भोपाल नगर निगम के इस बार के बजट में मेयर, अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर और जोन अध्यक्ष के लिए कोई फंड नहीं रखा गया है। पिछले बजट में मेयर के लिए 10 करोड़ रुपए, अध्यक्ष के लिए पांच करोड़ रुपये और एमआईसी मेंबर के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान था, लेकिन विभाग के हालिया आदेश के बाद इस बार बजट में इन फंड्स की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।


    सदन में गोमांस को लेकर हुआ हंगामा

    इससे पहले, बैठक में गोमांस को लेकर हंगामा चला। प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी ने गोमांस और स्लॉटर हाउस पर पहला प्रश्न किया। इस पर एमआईसी मेंबर आरके सिंह बघेल ने जवाब दिया। इस दौरान महापौर और नेता प्रतिपक्ष के बीच नोंक-झोंक हुई। भाजपा के सीनियर पार्षद सुरेंद्र बाडिका और विलास राव घड़गे ने भी गोमांस के मुद्दे पर विरोध जताया। सभी ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

    इस बीच, नईं पार्किंग व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव, कंडम (बेकार) वाहनों को हटाने का प्रस्ताव पास किया गया। वहीं, लिगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) हटाने का प्रस्ताव पास नहीं हो पाया। विपक्ष की नेता शबिस्ता जकी ने गोमांस का मुद्दा उठाया।

  • चैत्र नवरात्रि पर शिवसिटी में निकली एक किलोमीटर लंबी भव्य चुनरी यात्रा, विशाल भंडारे का भी आयोजन

    चैत्र नवरात्रि पर शिवसिटी में निकली एक किलोमीटर लंबी भव्य चुनरी यात्रा, विशाल भंडारे का भी आयोजन

    भोपाल। राजधानी भोपाल के अरहेड़ी रोड स्थित शिवसिटी कॉलोनी में रविवार को चैत्र नवरात्रि के अवसर पर खेड़ापति हनुमान मंदिर से भव्य चुनरी यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।

    जानकारी के अनुसार, अयोध्या नगर से लगे अरहेड़ी रोड की शिवसिटी कॉलोनी से शुरू हुई करीब एक किलोमीटर लंबी इस यात्रा में श्रद्धालु डीजे, ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के साथ आगे बढ़ते रहे। दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम के तहत भगवान शनिदेव की स्थापना भी की गई। इसके बाद चुनरी यात्रा निकाली गई और श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

    इस आयोजन में शिवसिटी के साथ ही शिवालय कॉलोनी और शिवधाम कॉलोनी के नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भक्तिमय वातावरण में संपन्न कार्यक्रम के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक उत्सव का आनंद लिया।

  • हाईवे निर्माण में निगम की मिलीभगत ग्रामीण परेशान रात में कचरा डंप कर फोरलेन की गुणवत्ता खतरे में

    हाईवे निर्माण में निगम की मिलीभगत ग्रामीण परेशान रात में कचरा डंप कर फोरलेन की गुणवत्ता खतरे में


    भोपाल। भोपाल-रायसेन-सागर नेशनल हाईवे 146 के फोरलेन निर्माण में गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ठेकेदारों द्वारा बेस फीलिंग में मुरम की बजाय कचरे का इस्तेमाल किया जा रहा है। आदमपुर क्षेत्र से होकर गुजर रहे इस हाईवे पर भोपाल नगर निगम की मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए हैं।

    नियमानुसार हाईवे की बेस फिलिंग के लिए मुरम का कोपरा आवश्यक है और नगर निगम का कचरा प्रोसेस कर खाद बनाया जाता है। लेकिन ठेकेदार और निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से रातों-रात सैकड़ों डंपर कचरा हाईवे में फेंका जा रहा है। इस कदम से निर्माण की गुणवत्ता खतरे में है और भविष्य में रोड धंसने और पुल गिरने जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रात को 12 बजे के बाद लगातार कचरा डंप किया जाता है। इससे न केवल सड़क की मजबूती प्रभावित हो रही है बल्कि कचरे से उठने वाली बदबू और गंदगी ने उनके जीवन को भी परेशान कर दिया है। बिलखिरिया के ग्रामीणों ने इसका विरोध जताया है और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि कचरे से बेस फीलिंग करने से सड़क की लाइफ कम हो जाएगी और भारी बारिश या भारी यातायात की स्थिति में सड़क धंस सकती है। पुलों और ओवरब्रिज की मजबूती भी खतरे में पड़ सकती है। इस तरह के भ्रष्टाचार से केवल ग्रामीण ही नहीं बल्कि यात्रियों और पूरे परिवहन तंत्र की सुरक्षा भी प्रभावित होगी।

    इस पूरे मामले में ठेकेदारों और निगम के अधिकारियों की मिलीभगत उजागर हुई है। ईमानदार निरीक्षण और सही सामग्री का उपयोग करने में लापरवाही ने हाईवे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय पर सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़े हादसे होने की संभावना है।

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे इसे अनदेखा नहीं करेंगे और अधिकारियों से सार्वजनिक जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सड़क निर्माण में पारदर्शिता, गुणवत्ता और नियमों का पालन ही लंबे समय तक सुरक्षित हाईवे सुनिश्चित कर सकता है।

  • भोपालः हिंदू नववर्ष के स्वागत में प्रभात चौराहे पर लहराया विशाल भगवा झंडा, हुई भव्य आतिशबाजी

    भोपालः हिंदू नववर्ष के स्वागत में प्रभात चौराहे पर लहराया विशाल भगवा झंडा, हुई भव्य आतिशबाजी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को हिंदू नववर्ष की पूर्व संध्या पर भोपाल के नरेला विधानसभा के प्रभात चौराहे पर आयोजित भव्य आतिशबाजी और देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति कार्यक्रम में सम्मिलित होकर विशाल भगवा झंडा लहराया और नागरिकों को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दी।

    मंत्री सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू नववर्ष केवल एक तिथि परिवर्तन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और नवचेतना का प्रतीक है। यह दिन हमें हमारी सनातन परंपराओं, ऋषि-मुनियों के ज्ञान और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि चैत्र मास से प्रारंभ होने वाला यह नववर्ष सृष्टि के नवसृजन का प्रतीक है, जब प्रकृति स्वयं नवीन रूप में सजती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

    सारंग ने कहा कि भारतीय पंचांग पर आधारित यह नववर्ष वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ऋतु परिवर्तन, कृषि चक्र और जीवन के संतुलन से जुड़ा हुआ है। यह पर्व हमें अपने संस्कारों, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक प्रबल करने का अवसर प्रदान करता है।

    राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ मनाएं नववर्ष
    मंत्री सारंग ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि यह नववर्ष केवल उत्सव का अवसर न होकर, एक नई शुरुआत का प्रतीक बने। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर सामाजिक समरसता, स्वच्छता, सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। मंत्री सारंग ने आग्रह किया कि हर नागरिक अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, जरूरतमंदों की सहायता करने, समाज में भाईचारे और एकता को मजबूत करने तथा सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने का संकल्प ले। छोटे-छोटे प्रयास ही मिलकर बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं और यही प्रयास हमारे राष्ट्र को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


    भव्य आतिशबाजी और देशभक्ति गीतों के साथ हिंदू नववर्ष का स्वागत

    नववर्ष की पूर्व संध्या पर प्रभात चौराहे पर आकर्षक आतिशबाजी के साथ देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति से संपूर्ण वातावरण देशभक्ति और उत्साह से सराबोर हो उठा। रंग-बिरंगी रोशनी से सजा आकाश और देशभक्ति के जोश से भरे गीतों ने हर हृदय में गर्व, उत्साह और नई उमंग का संचार किया। कार्यक्रम में पार्षद सूर्यकांत गुप्ता, अशोक वाणी, राकेश यादव बाबा, विमलेश ठाकुर, प्रदीप शेखावत, मण्डल अध्यक्ष विक्की ठाकुर, नितिन पाठक, संदीप चौकसे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में युवा साथी उपस्थित रहे।

  • मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल

    मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल


    भोपाल। मध्यप्रदेश के मध्य प्रदेश में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी का कार्यक्रम जल्द शुरू होने जा रहा है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से होगी जबकि शेष संभागों में यह 7 अप्रैल से शुरू होगी। खरीदी शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष गेहूँ खरीदी पर किसानों को 40 रुपये अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा। इसके साथ प्रदेश में गेहूँ की दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है।

    इस रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु कुल 19,04,651 किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष 15,44,000 से अधिक है। जिलेवार पंजीयन की बात करें तो इंदौर में 71,713 उज्जैन में 1,23,281 भोपाल में 37,129 और नर्मदापुर में 71,831 किसानों ने पंजीयन कराया है। अन्य जिलों में भी हजारों किसानों ने अपना पंजीयन कराया है जिससे इस वर्ष खरीदी की तैयारी मजबूत दिखाई दे रही है।

    मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय और केंद्रों पर पहुंचकर अपने गेहूँ का पंजीयन और विक्रय सुनिश्चित करें। राज्य सरकार ने किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। इस कार्यक्रम से मध्यप्रदेश में गेहूँ उत्पादन करने वाले किसानों को अच्छा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है और खरीदी के साथ ही रबी विपणन वर्ष का संचालन सुचारू रूप से होगा।

  • MP: भोपाल में MP नगर स्थित सरकारी दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

    MP: भोपाल में MP नगर स्थित सरकारी दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के व्यस्त इलाके एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग के दफ्तर (Metrology Department Office) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ईमेल के जरिए विभाग को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. ईमेल में दावा किया गया था कि दफ्तर के भीतर साइनाइड गैस के 16 सिलेंडर रखे गए हैं.

    दफ्तर के सुपरिटेंडेंट श्यामू सोलंकी ने बताया, “ईमेल चेक करते समय सुबह 10:20 बजे मुझे एक मैसेज मिला, जिसमें लिखा था कि विभाग के दफ्तर के अंदर साइनाइड गैस से भरे 16 सिलेंडर रखे गए हैं और वे दोपहर करीब 1 बजे फट जाएंगे.”

    इसके बाद अपने सीनियर अधिकारियों से संपर्क किया और पुलिस को इसकी सूचना दी गई. उन्होंने बताया कि बम निरोधक दस्ते के जवान और खोजी कुत्तों के साथ पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर की तलाशी ली. उन्होंने आगे बताया कि एहतियात के तौर पर दफ्तर को खाली करा लिया गया था.

    सोलंकी ने बताया कि पुलिस को दफ़्तर में कोई सिलेंडर या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली. इससे पहले भी भोपाल में पीपल्स यूनिवर्सिटी और AIIMS को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे, लेकिन वे अलर्ट भी झूठे निकले थे.

    भोपाल सिटी जोन 2 के पुलिस उपायुक्त (DCP) विवेक सिंह ने बताया कि ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए जांच चल रही है. उन्होंने शक जाहिर किया कि पूरे देश में इस तरह के ईमेल भेजने के पीछे किसी गिरोह का हाथ हो सकता है, जो नकली नामों का इस्तेमाल कर रहा है. दोपहर 1:10 बजे से अपना काम फिर से शुरू कर दिया।

  • भोपाल में कृषि वर्ष पर मंत्रियों-विधायकों का महामंथन:खेती को 'फायदे का धंधा' बनाने पर जोर

    भोपाल में कृषि वर्ष पर मंत्रियों-विधायकों का महामंथन:खेती को 'फायदे का धंधा' बनाने पर जोर


    भोपाल । भोपाल में सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में कृषि वर्ष 2026 को लेकर बड़ा वैचारिक मंथन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में भाजपा के मध्य प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, एदल सिंह कंसाना, करन सिंह वर्मा, विश्वास सारंग सहित कई मंत्री और विधायक मंच पर उपस्थित थे।

    खेती को लाभ का धंधा बनाने पर चर्चा
    कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर किसानों की आय बढ़ाना। दिनभर चलने वाले इस मंथन में विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के सामने विभागवार प्रेजेंटेशन दे रहे हैं।

    कृषि विभाग: उन्नत बीज, खाद और नई तकनीकों पर आधारित योजनाएं।

    उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन: नकदी फसलों और मछली पालन से आय दोगुनी करने के रोडमैप।

    सहकारिता एवं पशुपालन: डेयरी और सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा।

    कार्यक्रम की रूपरेखा
    सवालों का निराकरण: विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के सामने रखेंगे।

    मंत्रीगणों का संबोधन: विभागों की प्राथमिकताएं साझा।

    मुख्यमंत्री का मुख्य संबोधन: किसानों के हित में सरकार के विजन और आगामी रणनीतियों पर प्रकाश।

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के इस कार्यक्रम का उद्देश्य हर जिले के जनप्रतिनिधि को किसानों से जोड़ना और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाना है।

  • भोपाल में संदिग्ध हालात में केमिस्ट की मौत, घर में मिली लाश; हाथ पर फफोले और सिर में चोट के निशान

    भोपाल में संदिग्ध हालात में केमिस्ट की मौत, घर में मिली लाश; हाथ पर फफोले और सिर में चोट के निशान


    भोपाल। Bhopal के कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक केमिस्ट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार तड़के उसका शव घर में मिला। परिजनों ने शरीर पर चोट के निशान और हाथों पर जलने जैसे फफोले मिलने के कारण हत्या की आशंका जताई है।पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान Padam Solanki (42) पुत्र रमेशचंद सोलंकी के रूप में हुई है। वह गेहूंखेड़ा इलाके में अकेले रहते थे और Arera Colony स्थित एक अस्पताल के मेडिकल स्टोर में काम करते थे।

    शरीर पर मिले चोट के निशान
    परिजनों का आरोप है कि मृतक के सिर में चोट, हाथों पर फफोले और पीठ पर नील के निशान मिले हैं। इस कारण उन्होंने मामले में हत्या की आशंका जताई है।

    पत्नी से अलग रह रहे थे
    पुलिस के मुताबिक पदम सोलंकी की पत्नी और दो बेटे करीब एक साल से उनसे अलग रह रहे थे। इस कारण वह मानसिक तनाव में थे और शराब का सेवन भी करने लगे थे।

    भतीजे ने लगाए आरोप
    मृतक के भतीजे Mahendra Solanki ने आरोप लगाया कि चाचा और चाची के बीच अक्सर विवाद होता था। उनका दावा है कि चाची किसी अन्य युवक के प्रभाव में आकर अलग रहने लगी थीं और बच्चों को भी साथ ले गई थीं।

    पुलिस कर रही जांच
    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    भोपाल के कजलीखेड़ा इलाके में एक केमिस्ट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शरीर पर चोट और फफोले मिलने से परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।