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  • भोपाल में यूनिफॉर्म और बुक खरीद पर स्कूलों को नहीं होगा दबाव, 8 SDM करेंगे कार्रवाई

    भोपाल में यूनिफॉर्म और बुक खरीद पर स्कूलों को नहीं होगा दबाव, 8 SDM करेंगे कार्रवाई


    नई दिल्ली। भोपाल जिला प्रशासन ने नए शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले प्राइवेट स्कूलों में यूनिफॉर्म और किताबों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने का बड़ा फैसला किया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी कर 8 एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे सुनिश्चित करें कि पेरेंट्स पर किसी भी प्रकार का दबाव न डाला जाए।

    आदेश के मुताबिक, प्राइवेट स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य बच्चों के माता-पिता को यूनिफॉर्म, जूते, टाई, किताबें या स्टेशनरी खरीदने के लिए निर्धारित दुकानों पर मजबूर नहीं कर सकते। इस कदम के पीछे यह वजह है कि वर्तमान में कई स्कूल पेरेंट्स को केवल कुछ चुनिंदा दुकानों से ही सामान खरीदने के लिए बाध्य करते हैं।

    कलेक्टर ने हर अनुभाग में 5 सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में संबंधित एसडीएम, तहसीलदार और सरकारी स्कूल के प्राचार्य शामिल हैं। इन टीमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नए सत्र में किसी भी स्कूल द्वारा पेरेंट्स पर दबाव न डाला जाए।

    स्कूलों की स्थिति और टाइमलाइन:
    अभी स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं, जो मार्च तक जारी रहेंगी। अप्रैल में स्कूल फिर से खुलेंगे और इस दौरान अक्सर पेरेंट्स पर यूनिफॉर्म और बुक्स खरीदने का दबाव बनाया जाता है। पिछले साल भी कलेक्टर ने इसी प्रकार का आदेश जारी किया था, ताकि पेरेंट्स की परेशानियों को कम किया जा सके।

    जिम्मेदार टीमों के विवरण:

    एमपी नगर: एसडीएम एलके खरे, तहसीलदार दीपक कुमार द्विवेदी, प्राचार्य एसके खांडेकर, वंदना शुक्ला, नूतन सक्सेना।

    टीटी नगर: एसडीएम अर्चना शर्मा, तहसीलदार कुणाल राउत, प्राचार्य अभिषेक बैंस, सरला कश्यप, मनोज रोहतास।

    कोलार: एसडीएम पीसी पांडेय, तहसीलदार एनएस परमार, प्राचार्य आरके यादव, शीला मौर्य, बीआरसी रूपाली रिछारिया।

    शहर वृत्त: एसडीएम दीपक पांडेय, तहसीलदार रामप्रकाश पांडे, प्राचार्य एसके उपाध्याय, एसएस सिसौदिया, बीआरसी अमित श्रीवास्तव।

    बैरागढ़: एसडीएम रविशंकर राय, तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह, प्राचार्य अनामिका खरे, नीलम बसानिया, वेरोनिका मंडल।

    गोविंदपुरा: एसडीएम भुवन गुप्ता, तहसीलदार सौरभ वर्मा, प्राचार्य विनोद राजोरिया, स्मिता मेश्राम, चक्रेश कुमार जैन।

    हुजूर: एसडीएम विनोद सोनकिया, तहसीलदार आलोक पारे, प्राचार्य सुनीता जैन, रचना श्रीवास्तव, अमिता शर्मा।

    बैरसिया: एसडीएम आशुतोष शर्मा, तहसीलदार दिलीप चौरसिया, बीईओ आरएन श्रीवास्त्री, प्राचार्य गीता जोशी, बृजेंद्र कुमार कटारे।

    कलेक्टर ने इन टीमों को निर्देश दिए हैं कि जैसे ही किसी पेरेंट्स की शिकायत मिले, तुरंत कार्रवाई करें। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में देरी न हो।

    इस आदेश का उद्देश्य है कि नए शिक्षा सत्र में पेरेंट्स पर अनावश्यक दबाव न डाला जाए, और बच्चों की पढ़ाई और स्कूली माहौल सुचारू रूप से चले। जिला प्रशासन का यह कदम पेरेंट्स की राहत और शिक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

  • भोपाल में 27 क्विंटल मावा जब्त: टोल प्लाजा पर खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई, मिलावट की आशंका

    भोपाल में 27 क्विंटल मावा जब्त: टोल प्लाजा पर खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई, मिलावट की आशंका



    भोपाल। भोपाल के खजूरी सड़क स्थित टोल प्लाजा के पास खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को एक वाहन से लगभग 27 क्विंटल मावा जब्त किया। इस कार्रवाई के दौरान विभाग ने मावा के साथ 45 किलो पनीर भी बरामद किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि मावा और पनीर में मिलावट की आशंका है, इसलिए इसे आगे की जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। इसकी बाजार कीमत लगभग 6 लाख रुपये आंकी गई है।

    खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई होली के त्योहार से पहले की गई है। त्योहार के चलते मिठाई और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग ने होटलों, रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों पर विशेष निगरानी रखी हुई है। विभाग के अमले ने लगातार दुकानों, वाहनों और गोदामों में छापेमारी कर नमूने इकट्ठा किए हैं।

    इस दौरान मावा और पनीर के पांच-पांच नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मिलावट पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।

    अधिकारियों के अनुसार पिछले एक महीने में विभाग की टीम ने भोपाल के विभिन्न इलाकों में नमकीन, मिठाई, पनीर, तेल, मैदा, बेसन सहित अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 234 नमूने लिए हैं। इन नमूनों की जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

    खाद्य सुरक्षा विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध या मिलावटयुक्त खाद्य पदार्थों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। विभाग ने कहा कि त्योहारों के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। मावा और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों में मिलावट होने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

    भोपाल में यह कार्रवाई विभाग की सतर्कता और त्योहारों से पहले सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति जागरूकता को दर्शाती है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे समय पर मिलावट रोकने के लिए नियमित जांच और वाहन चेकिंग जरूरी है। साथ ही, टोल प्लाजा जैसी संवेदनशील जगहों पर कार्रवाई से अवैध व्यापारियों पर भी नियंत्रण रखा जा सकता है।

    इस बड़ी बरामदगी के साथ ही विभाग ने चेतावनी दी है कि मिलावट और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का व्यापार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता से आग्रह किया गया है कि वे अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा के लिए केवल प्रमाणित और भरोसेमंद उत्पाद ही खरीदें।

  • भोपाल में हाईवोल्टेज ड्रामा: ई-रिक्शा रोकने पर पत्नी ने निगली चूहामार दवा, बेकाबू पति ने पुलिस की बाइकें तोड़ीं!

    भोपाल में हाईवोल्टेज ड्रामा: ई-रिक्शा रोकने पर पत्नी ने निगली चूहामार दवा, बेकाबू पति ने पुलिस की बाइकें तोड़ीं!


    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार दोपहर उस वक्त कोहराम मच गया जब एक ई-रिक्शा चालक की पत्नी ने पुलिस की कथित बदसलूकी से तंग आकर सरेराह जहर खा लिया। घटना पुराने पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे की है जहाँ नवल कुशवाह नामक युवक अपनी पत्नी पूजा के साथ जा रहा था। आरोप है कि वहां तैनात दो पुलिसकर्मियों ने सिग्नल तोड़ने का हवाला देते हुए रिक्शा रोका और नवल के साथ अभद्रता की। विवाद इतना बढ़ा कि पुलिसकर्मियों ने जब थाने चलने की धमकी दी तो घबराहट और गुस्से में आकर पूजा ने अपने पर्स में रखी चूहामार दवा निगल ली।

    पत्नी की बिगड़ती हालत देख नवल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने बीच सड़क पर रिक्शा खड़ा कर जाम लगा दिया और उन पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ा। हालात बिगड़ते देख दोनों जवान अपनी जान बचाकर पुराने कंट्रोल रूम के भीतर जा छिपे। बदहवास नवल ने वहीं ट्रैफिक चौकी के बाहर खड़ी पुलिस की बाइकों को पलट दिया और उनमें तोड़फोड़ शुरू कर दी। करीब 10 मिनट तक चले इस ड्रामे के दौरान पूजा रिक्शे में तड़पती रही” लेकिन नवल अड़ा रहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मी बाहर नहीं आते” वह अस्पताल नहीं जाएगा। अंततः” साथी पुलिसकर्मियों की समझाइश के बाद वह पत्नी को लेकर जेपी अस्पताल रवाना हुआ” जहाँ उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हालांकि” पुलिस प्रशासन का दावा है कि विवाद के बाद घर जाकर दंपति में झगड़ा हुआ और जहर घर पर खाया गया” जो कि घटनाक्रम को नया मोड़ दे रहा है।

    दूसरी ओर मध्य प्रदेश के ही धार जिले से भी प्रशासन पर जनता के आक्रोश की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एक चूना पत्थर खदान के सर्वे के लिए पहुँची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और तहसीलदार सहित पुलिस की गाड़ियों पर पत्थरों की बारिश कर दी। नौ थानों की पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों ने सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और तहसीलदार की गाड़ी पलटने की कोशिश की। पत्थरबाजी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं” जो सरकारी अमले और आम जनता के बीच बढ़ते टकराव की गवाह दे रहे हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि


    भोपाल । मोहन यादव ने स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने सावरकर को प्रखर राष्ट्रभक्त, समाज सुधारक और दूरदर्शी चिंतक बताते हुए कहा कि उनका जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है।

    डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए वीर सावरकर ने जो संघर्ष किया वह भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अदम्य साहस और अटूट संकल्प का परिचय दिया। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सुधार, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना के लिए सावरकर का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सावरकर के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    डॉ. यादव ने अंत में कहा कि वीर सावरकर का जीवन युगों युगों तक देशवासियों विशेषकर युवाओं को प्रेरित करता रहेगा और उनका त्याग सदैव श्रद्धा के साथ याद किया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर वायुसेना के शौर्य को किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर वायुसेना के शौर्य को किया नमन


    भोपाल । मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना के अद्वितीय साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हमारे वीर जवानों ने जिस बहादुरी और संकल्प का परिचय दिया, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारत के शूरवीर सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए मातृभूमि की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना का पराक्रम केवल सैन्य शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकजुटता, दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान का भी प्रतीक है।

    उन्होंने आगे कहा कि देश के जवानों का साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। राष्ट्र की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश को अपने वीर सपूतों पर सदैव गर्व रहेगा।

    डॉ. यादव ने इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान देशवासियों के लिए अमिट स्मृति है और राष्ट्र उनकी वीरता को सदैव याद रखेगा।

  • मध्यप्रदेश में सुशासन के संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के दिए सख्त निर्देश

    मध्यप्रदेश में सुशासन के संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के दिए सख्त निर्देश


    भोपाल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनहित में सरकारी कामों में देरी रोकने और सुशासन को सशक्त करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। 26 फरवरी को उन्होंने राजधानी भोपाल के वल्लभ भवन सहित अन्य सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उनका स्पष्ट संदेश है कि जनता से जुड़े कार्यों में लेटलतीफी और लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी और कर्मचारी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में मौजूद रहें। वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन, सतपुड़ा भवन और अन्य सरकारी कार्यालयों में आने-जाने का समय, उपस्थिति और अनधिकृत अनुपस्थिति पर निगरानी रखी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री के आदेश पर विशेष टीमों का गठन किया है, जो विभिन्न कार्यालयों में जाकर उपस्थिति की जांच करेंगी और सरकारी कार्यों में देरी को रोकने का काम करेंगी।

    डॉ. यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। समय पर कार्य निष्पादन सुनिश्चित न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन है, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें।

    मुख्यमंत्री के निर्देश से स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी कार्यों में जवाबदेही और सुचारू संचालन के लिए अब कोई कोताही नहीं बर्दाश्त की जाएगी। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि आम नागरिकों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिलेगा।

  • भोपाल में साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता, हिंदू संगठनों ने किया थाने का घेराव

    भोपाल में साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता, हिंदू संगठनों ने किया थाने का घेराव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में बुधवार शाम को कार को ओवरटेक करने की बात पर कुछ युवकों ने साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता कर दी। जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और मिसरोद थाने का घेराव कर दिया।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद से जुड़ी साध्वी रंजना दीदी बुधवार की शाम नर्मदापुरम रोड से गुजर रही थी। इसी दौरान एक कार चालक ने उनकी कर को ओवरटेक किया और लापरवाही से वाहन चलाते हुए कार में टक्कर मार दी। साध्वी अपने दो सहयोगी बहनों के साथ घटना के समय में गाड़ी में मौजूद थीं। गाड़ी टकराने के विवाद के बाद पीछे की कार में सवार युवकों ने गुंडागर्दी शुरू कर दी। उन्होंने साध्वी की गाड़ी में तोड़फोड़ की तथा डीजल की केन निकालकर कार को जलाने की कोशिश भी की। जब साध्वी रंजना ने इसका विरोध किया तो आरोपी कार चालक ने उनके साथ जमकर अभद्रता की और झूम झटकी तक कर दी।

    इसके बाद साध्वी रंजना दीदी थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंची। इसकी जानकारी विश्व मिलने के बाद हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मिसरोद थाने के बाहर एकत्र हो गए और प्रदर्शन किया। उन्होंने गुंडागर्दी करने वाले युवकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने तथा उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। आरोपी विशेष समुदाय के बताए जा रहे हैं। थाना प्रभारी रतन सिंह ने बताया कि का को ओवरटेक करने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • भोपाल में जायका टीम ने महावड़िया सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन का किया सूक्ष्म मूल्यांकन, बिजली आपूर्ति में सुधार

    भोपाल में जायका टीम ने महावड़िया सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन का किया सूक्ष्म मूल्यांकन, बिजली आपूर्ति में सुधार


    भोपाल । भोपाल में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी जायका ने मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी एमपी ट्रांसको के ट्रांसमिशन नेटवर्क सुदृढ़ीकरण के तहत हुए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण और सूक्ष्म मूल्यांकन किया। जायका की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी और भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने भोपाल में वित्त पोषित जायका 2 परियोजनाओं के निर्माण कार्यों गुणवत्ता उपयोगिता और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार क्रियान्वयन का बारीकी से परीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी महावड़िया सब स्टेशन और इसके लिए निर्मित 132 केवी महावड़िया मुगलियाछाप डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का निरीक्षण किया। सुश्री ताकाहाशी ने परियोजना की प्रारंभिक योजना क्रियान्वयन प्रक्रिया स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता लागत और रखरखाव से संबंधित जानकारी प्राप्त की। सब स्टेशन के संचालन और संधारण पदस्थ कर्मचारियों की योग्यता दैनिक कार्य आपातकालीन स्थिति से निपटने की कार्ययोजना और पर्यावरणीय प्रभावों का भी जायका टीम ने मूल्यांकन किया। निरीक्षण के उपरांत टीम ने पाया कि सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं और इसके क्रियान्वयन में उच्च गुणवत्ता बनी हुई है।

    जायका टीम ने महावड़िया सब स्टेशन के आसपास के क्षेत्र के व्यापारियों से प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि सब स्टेशन बनने के बाद बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त और निर्बाध बिजली मिल रही है जिससे व्यवसाय संचालन आसान हो गया है और आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार आया है।

    उदाहरण के तौर पर डेयरी संचालक श्री दिनेश यादव ने बताया कि 2021 से पहले मंडीदीप सब स्टेशन से आने वाली लंबी लाइन के कारण बार बार ट्रिपिंग और वोल्टेज उतार चढ़ाव की समस्या रहती थी। सब स्टेशन बनने के बाद यह समस्या समाप्त हो गई है। अब वह अपने फ्रिज और रेफ्रिजरेटर बिना रुकावट चलाकर दूध और दही जैसी सामग्री लंबे समय तक सुरक्षित रख पा रहे हैं जिससे दुकान की आय बढ़ी है।

    इसी तरह श्री बाबूलाल विश्वकर्मा ने बताया कि पहले बिजली कटौती और लाइन फॉल्ट के कारण वेल्डिंग कार्य रुक जाता था जिससे कार्य अवधि कम रहती थी। अब सतत और उच्च वोल्टेज की आपूर्ति से उनका कार्य सुचारु रूप से चल रहा है और ग्राहक समय पर सेवा प्राप्त कर पा रहे हैं।स्थानीय नागरिकों ने भी बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से पहले क्षेत्र में लंबे समय तक विद्युत व्यवधान रहता था जो अब न्यूनतम हो गया है। इससे घरेलू और व्यावसायिक गतिविधियों को स्थिरता और गति मिली है।

    जायका टीम ने इस निरीक्षण में पाया कि महावड़िया सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन न केवल तकनीकी मानकों पर खरे उतरे हैं बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और नागरिक जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। परियोजना के समग्र लाभों ने भोपाल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाई है और स्थानीय व्यवसायियों तथा उपभोक्ताओं को निरंतर लाभ पहुंचाया है।

  • MP Morning News: बजट सत्र का आठवां दिन, राज्यपाल शहडोल जाएंगे, CM के कार्यक्रम, तालाबों पर अतिक्रमण हटाने टास्क फोर्स, श्रमिकों का आंदोलन और साहित्य-संगीत का संगम

    MP Morning News: बजट सत्र का आठवां दिन, राज्यपाल शहडोल जाएंगे, CM के कार्यक्रम, तालाबों पर अतिक्रमण हटाने टास्क फोर्स, श्रमिकों का आंदोलन और साहित्य-संगीत का संगम


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज आठवें दिन प्रवेश कर गया। भोपाल से आई रिपोर्ट के अनुसार, सदन में बुधवार को निराश्रित पशुओं द्वारा फसलों को नुकसान और यातायात बाधित होने के मामले पर चर्चा होगी। कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल इस मामले में पशुपालन मंत्री का ध्यानाकर्षण करेंगे। आज भी सदन में सवा 6 घंटे तक बजट पर चर्चा होने की संभावना है। इसके पहले 2 ध्यानाकर्षण और 85 याचिकाएं पटल पर रखी जाएंगी। मंत्री चैतन्य कश्यप और इंदर सिंह परमार भी सदन में पत्र रखेंगे।

    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे वे कुशाभाऊ ठाकरे हॉल पहुंचेंगे और आजीविका विपणन क्षमतावर्धन कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यशाला के तहत महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पाद एमेजॉन सहित विभिन्न ई-मार्केट पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूहों के सदस्यों को प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय स्तर पर विपणन का अवसर दिया जाएगा।

    राज्यपाल का शहडोल दौरा

    राज्यपाल मंगूभाई पटेल आज शहडोल दौरे पर रहेंगे। वे पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित पंचम दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। लेफ्टिनेंट जनरल अनूप बनर्जी दीक्षांत उद्बोधन देंगे और कुलगुरु प्रो. रामशंकर विद्यार्थियों को शपथ दिलाएंगे। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को उपाधि और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा।

    तालाबों पर अतिक्रमण हटाने के लिए टास्क फोर्स

    भोपाल में तालाबों पर अतिक्रमण की समस्या को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। पहली बार अतिक्रमण हटाने के लिए 19 मेंबर्स की टीम बनाई गई है, जिसमें 17 प्रशासनिक अधिकारी और 2 पर्यावरणविद शामिल हैं। टीम में अपर आयुक्त, ज्वाइंट कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, SDM और एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित शामिल हैं। राजधानी के 18 तालाबों पर हर 15 दिन में समीक्षा की जाएगी। अकेले बड़े तालाब के आसपास 225 अतिक्रमण दर्ज किए गए हैं।

    श्रमिकों के मुद्दों को लेकर आंदोलन
    भोपाल में आज भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले श्रमिकों का आंदोलन होगा। दोपहर 1 बजे कोहेफिजा थाना के पास कार्यकर्ता एकत्रित होंगे और रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इस प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल होंगे।

    साहित्य और संगीत का संगम

    भोपाल के रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में आज से साहित्य और संगीत का संगम आयोजित किया जा रहा है। सुबह 10:30 से 12 बजे तक रचनाकारों का सम्मान, पाठ और संवाद होगा। दोपहर 12:30 से 1:15 बजे रियाज से रील तक विषय पर चर्चा होगी, 1:15 से 2 बजे तक डिजिटल दौर में बदलते पाठकों पर संवाद होगा। इसके बाद दोपहर 3 से 5 बजे नाट्य प्रस्तुति मगर शेक्सपियर को याद रखना का मंचन किया जाएगा।

  • India vs South Africa पर टिकी रहीं नजरें, भोपाल में हार से छाया मायूसी का माहौल

    India vs South Africa पर टिकी रहीं नजरें, भोपाल में हार से छाया मायूसी का माहौल



    नई दिल्ली। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले ने राजधानी भोपाल को पूरी तरह क्रिकेट के रंग में रंग दिया। शहर के न्यू मार्केट, एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी, कोलार, शाहपुरा और हबीबगंज समेत कई इलाकों के रेस्टोरेंट, पब, क्लब और कैफे में लाइव स्क्रीनिंग का खास इंतजाम किया गया था। बड़ी एलईडी स्क्रीन, साउंड सिस्टम और टीम इंडिया की जर्सी पहने युवाओं की मौजूदगी ने माहौल को स्टेडियम जैसा बना दिया था।

    मैच शुरू होने से पहले ही अधिकांश जगहों पर टेबल फुल हो चुकी थीं। कई प्रतिष्ठानों ने खास थीम डेकोरेशन, तिरंगे की सजावट, स्पेशल फूड कॉम्बो और ग्रुप डिस्काउंट ऑफर पेश किए थे। परिवारों से लेकर कॉलेज स्टूडेंट्स तक, हर वर्ग के लोग अपनी-अपनी पसंदीदा टीम को सपोर्ट करते नजर आए। जैसे-जैसे मुकाबला रोमांचक होता गया, दर्शकों का उत्साह भी चरम पर पहुंचता गया। चौके-छक्कों पर तालियों और नारों से पूरा माहौल गूंज उठा।

    हालांकि मैच का रुख बदलते ही माहौल भी बदल गया। भारतीय टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ाने लगी और अहम विकेट गिरते ही रेस्टोरेंट्स में सन्नाटा पसरने लगा। उम्मीदें आखिरी ओवर तक टिकी रहीं, लेकिन टीम इंडिया की हार के साथ ही क्रिकेट प्रेमियों में निराशा छा गई।

    कई प्रशंसकों ने कहा कि टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, जबकि कुछ ने दक्षिण अफ्रीका की शानदार गेंदबाजी और रणनीति की तारीफ की। मैच खत्म होने के बाद लोग शांत मन से लौटते नजर आए, लेकिन चर्चा देर रात तक चलती रही।

    कुल मिलाकर यह मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि शहर के लिए एक सामूहिक अनुभव बन गयाजहां जीत की उम्मीद ने जोश भर दिया और हार ने मायूसी।