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  • भोपाल के जेपी अस्पताल में मरीज को दी फफूंद लगी दवा सीनियर डॉक्टर नदारद ओपीडी में इंटर्न डॉक्टरों के भरोसे इलाज

    भोपाल के जेपी अस्पताल में मरीज को दी फफूंद लगी दवा सीनियर डॉक्टर नदारद ओपीडी में इंटर्न डॉक्टरों के भरोसे इलाज


    भोपाल । भोपाल के जेपी अस्पताल जिला चिकित्सालय में एक गंभीर घटना सामने आई है जहां शुक्रवार शाम एक मरीज को फफूंद लगी दवा दी गई। यह मामला दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है। मरीज ने दवा लेने से पहले उसे देखा जिससे किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सका। यदि मरीज ने दवा की स्थिति का ध्यान नहीं किया होता तो यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या बन सकती थी।

    मरीज सतीष सेन ने बताया कि वे शुक्रवार शाम करीब पांच बजे पैर में फ्रैक्चर की आशंका के चलते जेपी अस्पताल की आर्थोपेडिक ओपीडी में पहुंचे थे। ओपीडी में उस वक्त कोई सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं थे और इंटर्न डॉक्टरों ने उनका परीक्षण किया। इसके बाद मरीज को एक्स-रे की सिफारिश की गई और दर्द की दवा लिखी गई जो बाद में फफूंद लगी हुई मिली।

    इस घटना ने अस्पताल में चिकित्सा गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीज को अगर दवा की स्थिति का पता न चलता तो इसे स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा माना जा सकता था। इसके अलावा सीनियर डॉक्टरों की अनुपस्थिति ने भी ओपीडी में इलाज के स्तर को प्रभावित किया।

    इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों और स्वास्थ्य संगठनों नेप्रशासन से कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही से बचा जासके और मरीजों को बेहतर इलाज और दवाइयां मिल सकें। अस्पताल प्रशासन को इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत कदम उठाने चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि मरीजों को गुणवत्ता वाली दवाइयां और इलाज मिले।

  • भोपाल के यूनियन कार्बाइड इलाके में 42 बस्तियों की बड़ी आबादी मल-मूत्र और रसायन मिला पानी पीने को मजबूर हालत बदतर

    भोपाल के यूनियन कार्बाइड इलाके में 42 बस्तियों की बड़ी आबादी मल-मूत्र और रसायन मिला पानी पीने को मजबूर हालत बदतर


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने के आसपास बसी 42 बस्तियों की एक बड़ी आबादी अब भी गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर है। यह पानी मल-मूत्र और घातक रसायनों से भरा हुआ है जो न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। नगर निगम ने 2017 में इन बस्तियों में पाइपलाइन के जरिए जलापूर्ति शुरू की थी लेकिन यह पाइपलाइन नालियों से होकर गुजरती है जिससे पानी की गुणवत्ता पूरी तरह से प्रभावित हो गई है।

    गैस त्रासदी से पीड़ित इन इलाकों के लोग अब तक बेहतर पानी की सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गैस पीड़ित संगठनों की शिकायतों पर सर्वोच्च न्यायालय ने मई 2012 में एक निगरानी समिति का गठन किया था। इस समिति ने इन बस्तियों में स्थित हैंडपंप और कुओं के पानी की जांच की और उसमें भारी मात्रा में हैवी मेटल डाइक्लोरोइथीन जैसे रसायन पाए गए।

    इसके बाद समिति ने नगर निगम को पेयजल के लिए पाइपलाइन डालने का निर्देश दिया। हालांकि यह पाइपलाइन नालियों से होकर गुजर रही थी जिसके कारण इसमें भारी मात्रा में ई. कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। ई. कोलाई बैक्टीरिया सामान्यतः मलजल में पाया जाता है और यह इंसान के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है।

    2018 में किए गए पानी की जांच में यह खुलासा हुआ कि पाइपलाइन के पानी में ई. कोलाई बैक्टीरिया की मात्रा बहुत अधिक थी जो लोगों के लिए गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। इसके बावजूद नगर निगम और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और आज भी लोग इस गंदे पानी को पीने को मजबूर हैं।

    गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए यह स्थिति और भी दर्दनाक है क्योंकि पहले ही वे जानलेवा गैसों से प्रभावित हुए थे और अब उन्हें दूषित पानी पीने के कारण नए स्वास्थ्य संकटों का सामना करना पड़ रहा है। इन बस्तियों के निवासी बार-बार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं लेकिन अब तक कोई सार्थक समाधान नहीं निकल सका है।

    इस संकट की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए गैस पीड़ित संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने कई बार प्रदर्शन भी किया है लेकिन शासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। 2017 में नगर निगम ने सर्वोच्च न्यायालय में एक शपथपत्र देकर जलापूर्ति में सुधार करने का वादा किया था लेकिन सात साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

    यह संकट सिर्फ पानी की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है बल्कि यह स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए भी खतरा बन चुका है। नागरिक समाज और विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं ताकि इन 42 बस्तियों के लोगों को साफ पानी मिल सके और उनका स्वास्थ्य सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

  • कैग ने 2019 में दूषित पानी को लेकर सरकार को चेताया था फिर भी सरकार ने नहीं उठाए जरूरी कदम 906 करोड़ का कर्ज लिया

    कैग ने 2019 में दूषित पानी को लेकर सरकार को चेताया था फिर भी सरकार ने नहीं उठाए जरूरी कदम 906 करोड़ का कर्ज लिया


    भोपाल । मध्य प्रदेश में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके आरोप लगाया कि 2019 में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कैग ने मध्य प्रदेश सरकार को इंदौर और भोपाल में दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    कैग की 2019 की रिपोर्ट में साफ तौर पर दोनों शहरों की जल आपूर्ति में गंभीर कमियों का खुलासा किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार इंदौर और भोपाल में जल आपूर्ति व्यवस्था में भारी गड़बड़ियां थीं जिनमें पानी के नमूनों का परीक्षण भी सही नहीं किया गया था और कई नमूनों में गंदगी और मल कोलिफॉर्म पाए गए थे जो कि मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक खतरे का कारण हैं। इस रिपोर्ट के बावजूद सरकार ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जिससे अब इंदौर में गंदा पानी पीने से 15 लोगों की मौत हो गई है।

    उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि 2004 में एशियन डेवलपमेंट बैंक एडीबी से 906 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था ताकि भोपाल इंदौर जबलपुर और ग्वालियर में पानी की आपूर्ति और गुणवत्ता में सुधार किया जा सके। हालांकि इस कर्ज का इस्तेमाल किया गया था लेकिन कैग की रिपोर्ट में यह साफ सामने आया कि इन शहरों में पानी का प्रबंधन अपर्याप्त था और भ्रष्टाचार के कारण पानी की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ।कैग की रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को उजागर किया गया था:

    इंदौर में सिर्फ चार जोनों और भोपाल में पांच जोनों को ही नियमित पानी की आपूर्ति हो रही है। शहरों के 9.41 लाख परिवारों में से केवल 5.30 लाख परिवारों को नल कनेक्शन मिल पाए हैं।2013 से 2018 तक 4,481 पानी के नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए थे।दोनों शहरों में 5.45 लाख जलजनित बीमारियों के मामले सामने आए थे।नगर निगमों ने रिसाव को ठीक करने में बेहद लंबा समय लिया था 22 से 182 दिन ।पानी के 30 से 70 प्रतिशत हिस्से का कोई हिसाब नहीं था जो पानी बिना कारण बर्बाद हो रहा था।

    उमंग सिंघार ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह एक गंभीर समस्या है जिस पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कैग ने 2019 में ही इन मुद्दों को उठाया था लेकिन सरकार तब भी सोती रही और अब जब बड़ा हादसा हो चुका है तब सरकार जागी है। सिंघार का कहना था कि बिना किसी बड़ी त्रासदी के सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती और अब सरकार को इस गंभीर लापरवाही पर जवाब देना चाहिए।इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरा है और पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

  • भोपाल के संजय नगर में बिजली डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट में लगी भीषण आग राहत की बात – कोई जनहानि नहीं

    भोपाल के संजय नगर में बिजली डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट में लगी भीषण आग राहत की बात – कोई जनहानि नहीं


    भोपाल । भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर में शुक्रवार रात एक बिजली डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट डीपी में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें आसमान तक उठती हुईं और इलाके में घना धुआं फैल गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    घटना का समय और स्थान
    यह घटना शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे के आसपास की है। संजय नगर क्षेत्र में एक बिजली पोल पर लगे डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट डीपी से अचानक चिंगारी निकली जिसके बाद आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग तेज़ी से फैलने लगी और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए।

    आग फैलने का कारण

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में पोल के ऊपर से तेज आवाज के साथ चिंगारी निकली उसके बाद आग की लपटें उठने लगीं। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है हालांकि बिजली विभाग की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। डीपी में लगी आग से तारों में जलन हुई जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

    दमकल वाहन का न पहुंच पाना

    घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को बुलाया गया लेकिन संजय नगर की संकरी गलियों के कारण दमकल वाहन मौके तक नहीं पहुंच सका। इस बीच बिजली विभाग ने आग के फैलने की संभावना को देखते हुए क्षेत्र की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

    स्थानीय लोगों की सतर्कता

    आग की लपटें तेज हो गईं तो स्थानीय लोगों ने बाल्टियों और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने आग बुझा दी। अगर यह प्रयास समय पर न किया जाता तो आग पास के घरों तक फैल सकती थी।

    प्रशासन और बिजली विभाग की प्रतिक्रिया
    घटना की जानकारी मिलने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और जली हुई डीपी का निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि डीपी को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इलाके में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की जा रही है। बिजली विभाग ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए इलाके में लगे पुराने उपकरणों की जांच की जाएगी। स्थानीय निवासियों ने भी यह मांग की है कि जर्जर बिजली ढांचे की समय रहते मरम्मत की जाए ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों।

  • नए साल 2026: भोपाल में 26 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, बिजली कटौती नहीं, कृषि उद्योगों पर सरकार का फोकस

    नए साल 2026: भोपाल में 26 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, बिजली कटौती नहीं, कृषि उद्योगों पर सरकार का फोकस


    भोपाल। नए साल 2026 की शुरुआत मध्यप्रदेश और राजधानी भोपाल के लिए कई महत्वपूर्ण अपडेट के साथ हुई। रेलवे शेड्यूल से लेकर बिजली, सरकारी योजनाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक-ज का दिन आम लोगों के लिए कई मायनों में खास रहा।

    रेलवे अपडेट:

    1 जनवरी से भोपाल, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन से चलने वाली 26 ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। रेलवे ने नया शेड्यूल जारी किया है और अब ट्रेन रिजर्वेशन चार्ट 10 घंटे पहले तैयार होगा।

    कुछ प्रमुख ट्रेनों का नया समय:

    22145 भोपाल-रीवा एक्सप्रेस: रात 11:05 → 11:00

    19324 भोपाल-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस: शाम 5:00 → 5:10

    14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस: शाम 4:55 → 4:40

    12185 रानी कमलापति-रीवा एक्सप्रेस: रात 10:00 → 9:55

    22172 रानी कमलापति-पुणे एक्सप्रेस: दोपहर 3:50 → 3:40

    रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपडेटेड टाइमिंग देखने की अपील की है।

    बिजली की राहत:

    भोपालवासियों को नए साल की शुरुआत में बड़ी राहत मिली। आज शहर में कहीं भी बिजली मेंटेनेंस नहीं किया जाएगा, जिससे पूरे दिन निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित रहेगी।

    कृषि आधारित उद्योग वर्ष:

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में सरकार ने 2026 कोकृषि आधारित उद्योग वर्ष घोषित किया है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं:सिंचाई रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्यकेन-बेतवा परियोजना शुरू पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर काम जारी

    मेगा तापी रिचार्ज परियोजना को मंजूरी

    राजनीतिक गतिविधि:

    नए साल से कांग्रेस ने प्रदेशभर में गांव चलो अभियान’ की शुरुआत की। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भोपाल के गांवों से अभियान का आगाज किया। इसका मुख्य फोकस पंचायत स्तर पर संगठन को मजबूत करना है।

    सरकारी भर्ती: 

    मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडलMPESB ने 474 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    अंतिम तिथि: 7 जनवरी 2026संशोधन की अंतिम तिथि: 12 जनवरी 2026

    सांस्कृतिक कार्यक्रम:

    भोपाल में नए साल के अवसर पर शलाका चित्र प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। स्थान: जनजातीय संग्रहालय समय: दोपहर 12 बजे से नए साल 2026 के पहले दिन मध्यप्रदेश और भोपालवासियों के लिए यह दिन परिवहन, ऊर्जा, कृषि और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिहाज से खास रहा।
  • भोपाल में हादसा बाइक सवार युवक की अज्ञात वाहन से टक्कर में मौत, पुलिस जांच में जुटी

    भोपाल में हादसा बाइक सवार युवक की अज्ञात वाहन से टक्कर में मौत, पुलिस जांच में जुटी


    भोपाल। बैरसिया थाना इलाके में मंगलवार देर रात एक भयानक सड़क हादसे में 21 वर्षीय सुन्दर सिंह की मौत हो गई। सुन्दर, जो नवजीवन कॉलोनी मंडी गेट में किराए पर रहता था और मूल रूप से ललरिया थाना क्षेत्र का निवासी था, घर परिवार से मिलने के बाद लौट रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, इस दौरान एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे सुन्दर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई।

    पुलिस ने मर्ग कायम कर गहन जांच शुरू कर दी है।

    टक्कर मारने वाले वाहन चालक की पहचान और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं। स्थानीय पुलिस ने कहा कि सभी सीसीटीवी फुटेज और आसपास के गवाहों से जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि अपराधी को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।भोपाल पुलिस ने जनता से अपील की है कि जो भी व्यक्ति इस हादसे का सीधा साक्षी हो, वह तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
  • भोपाल का ईरानी डेरा: संगठित अपराध का गढ़, सरदार राजू के नेतृत्व में फैली ठगी और लूट की साज़िश

    भोपाल का ईरानी डेरा: संगठित अपराध का गढ़, सरदार राजू के नेतृत्व में फैली ठगी और लूट की साज़िश


    भोपाल।  भोपाल की अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरा संगठित अपराध का केंद्र बन चुका है। पुलिस के अनुसार, यहां रहने वाले करीब 70 से अधिक परिवारों के लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य अपराध में शामिल रहा है। चोरी, लूट, ठगी और फर्जीवाड़े के मामलों में इनका नाम मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत कई राज्यों की एफआईआर में दर्ज है।

    पुलिस ने हाल ही में ईरानी डेरे में बड़ी दबिश दी, जिसमें 32 लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। इस कार्रवाई में 21 बिना नंबर की स्पोर्ट्स बाइक, नकली नोट और अवैध हथियार बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, गिरोह कबीलाई ढांचे में संचालित होता है, जिसमें अपराध से मिली रकम पहले सरदार को दी जाती है, और फिर कबीला तय करता है कि किसे कितना हिस्सा मिलेगा।

    डेरे का प्रमुख सरदार राजू ईरानी है, जिसकी उम्र करीब 47 साल है। वह भोपाल में रहता है, लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों में संगीन वारदातों को अंजाम देता है। राजू कभी खुद को CBI अधिकारी, पुलिस अफसर या पत्रकार बताकर ठगी करता है। उसका भाई जाकिर ईरानी भी गिरोह का संचालन करता है और प्रॉपर्टी कब्जा, मारपीट, अडीबाजी और ठगी जैसे संगीन अपराधों में शामिल है।
    गिरोह की रणनीति में फर्जी पहचान और रिश्तों का नेटवर्क शामिल है। आरोपी अक्सर ‘सफर’ पर रहते हैं, जहां कुछ सीधे अपराध में शामिल होते हैं, कुछ चोरी का माल वापस लाते हैं और कुछ अपराध से मिली रकम कबीले तक पहुंचाते हैं।

    2014 में अमन कॉलोनी में हुई हिंसा और आगजनी की घटना के बाद ईरानी डेरा लगातार पुलिस निगरानी में रहा। इसी साल दिल्ली पुलिस ने डेरे से जुड़े मुर्तुजा अली और शिराज अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।

    पुलिस ने अब तक सलमान खान उर्फ गाय, अली तन्नु, सकीना, नवबहार अली, अजीज सैयद, समेत कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शेष की तलाश जारी है।

  • रतलाम की बेटी की रूह कंपा देने वाली दास्तां,सगे माता-पिता और मामा ही धकेलते थे देह व्यापार के दलदल में, भोपाल में दर्ज हुई FIR

    रतलाम की बेटी की रूह कंपा देने वाली दास्तां,सगे माता-पिता और मामा ही धकेलते थे देह व्यापार के दलदल में, भोपाल में दर्ज हुई FIR


    भोपाल। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। रतलाम जिले के एक गांव की 21 वर्षीय युवती ने अपने ही जन्मदाताओं और सगे मामाओं पर उसे देह व्यापार के नर्क में धकेलने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पिछले 7 सालों से जुल्म सह रही यह युवती किसी तरह जान बचाकर भोपाल पहुंची, जहां उसने पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई।
    7 साल की उम्र से सह रही थी जुल्म
    पीड़िता ने भोपाल के महिला थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया कि जब वह महज 14 साल की थी, तभी से उसके माता-पिता और दो मामा मिलकर उससे जबरन देह व्यापार करवा रहे थे। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उसे दरिंदगी के हवाले कर दिया गया।
    युवती का आरोप है कि जब भी वह इस घिनौने काम का विरोध करती, तो उसके परिजन उसे बेरहमी से पीटते और तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक यातनाएं देते थे।

    नर्क से भागकर भोपाल में ली शरण
    सालों तक जुल्म की बेड़ियां सहने के बाद, युवती ने आखिरकार साहस जुटाया और मौका मिलते ही अपने गांव से भागकर भोपाल आ गई। यहां उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई और एक आवेदन के माध्यम से अपनी पूरी कहानी बयां की।

    पीड़िता की हालत और उसकी बातों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

    भोपाल में ‘जीरो’ पर FIR, अब रतलाम पुलिस करेगी जांच
    महिला थाना प्रभारी (TI) अंजना दुबे के अनुसार, 21 वर्षीय पीड़िता के बयानों के आधार पर उसके माता-पिता और दो मामा के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

    चूंकि मामला रतलाम जिले का है, इसलिए भोपाल पुलिस ने ‘जीरो पर एफआईआर’ दर्ज की है। अब केस डायरी आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए रतलाम पुलिस को सौंपी जा रही है।

    मामले के मुख्य आरोपी: सगे माता-पिता और दो मामा।
    पिछले 7 सालों से (14 वर्ष की आयु से) लगातार शोषण।
    अपराध: जबरन देह व्यापार और मारपीट।
    कानूनी स्थिति, भोपाल में जीरो FIR दर्ज, मामला रतलाम ट्रांसफर।
    यह मामला समाज के उस काले चेहरे को उजागर करता है जहां संरक्षक ही भक्षक बन गए। अब सबकी नजरें रतलाम पुलिस पर हैं कि वह इन आरोपियों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई करती है।

  • इंडिगो की उड़ानें फिर से शुरू होने से भोपाल में हवाई यात्री बढ़े, टूटा पुराना रिकॉर्ड

    इंडिगो की उड़ानें फिर से शुरू होने से भोपाल में हवाई यात्री बढ़े, टूटा पुराना रिकॉर्ड


    भोपाल । इस माह इंडिगो की उड़ानों के अचानक रद्द होने के कारण भोपाल में हवाई यातायात पर गहरा असर पड़ा था। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था और उन्होंने जमकर हंगामा भी किया था। हालांकि अब इंडिगो की सभी उड़ानें फिर से बहाल हो चुकी हैं और इसका सीधा असर यात्रियों की संख्या पर देखने को मिल रहा है। रविवार को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर एक नया रिकॉर्ड बना जब एक ही दिन में 6000 से ज्यादा यात्रियों ने हवाई सफर किया।
    यह आंकड़ा एयरपोर्ट के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इंडिगो की उड़ानों के बहाल होने से यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इस महीने जब इंडिगो की उड़ानें रद्द हो रही थीं तब रोजाना के यात्री केवल 3000 के करीब थे लेकिन अब यह संख्या दोगुनी होकर 6000 के पार पहुँच गई है।

    भोपाल में अब हवाई यात्रा केवल उच्च वर्ग के नहीं बल्कि मध्यम वर्ग के लोगों में भी सामान्य हो गई है। पहले जहां लोग मुख्यत ट्रेन से यात्रा करते थे अब विमान में सफर करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। दरअसल तीन से चार साल पहले तक भोपाल से विमान यात्रा करने वाले यात्री कम हुआ करते थे लेकिन अब लोग बढ़े हुए किराए के बावजूद भी हवाई यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    भोपाल से दिल्ली तक की ट्रेन कनेक्टिविटी बहुत सरल और सुलभ है फिर भी हवाई यात्रा की ओर रुझान बढ़ा है। भोपाल से दिल्ली तक की पांच नियमित और एक साप्ताहिक उड़ानें उपलब्ध हैं जिनमें 90 प्रतिशत तक पैसेंजर लोड देखा जा रहा है। यह कनेक्टिविटी अब यात्रियों की प्राथमिकता बन गई है जो यात्री संख्या में वृद्धि का मुख्य कारण है।

  • भोपाल से प्रमुख शहरों के लिए रेल किराए में वृद्धि, यात्रियों की जेब होगी हल्की

    भोपाल से प्रमुख शहरों के लिए रेल किराए में वृद्धि, यात्रियों की जेब होगी हल्की


    भोपाल । भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए रेल किराए में वृद्धि का ऐलान किया है जिसका असर भोपाल से देश के प्रमुख शहरों की यात्रा पर पड़ेगा। यह वृद्धि 2 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से की गई है और इसमें 5 प्रतिशत जीएसटी और राउंड-ऑफ का असर भी देखा जाएगा। इस बदलाव के चलते यात्रियों को अब पहले से अधिक किराया चुकाना पड़ेगा।
    यदि आप भोपाल से नई दिल्ली की यात्रा करते हैं तो आपको लगभग 15 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। मुंबई जाने पर किराए में करीब 18 रुपये की वृद्धि होगी। पुणे के लिए यह वृद्धि लगभग 19 रुपये नागपुर के लिए 8 रुपये और इंदौर तथा जबलपुर के लिए यह वृद्धि लगभग 6-6 रुपये होगी। लखनऊ जाने वाले यात्रियों को करीब 12 रुपये अतिरिक्त देना होगा।

    इस बदलाव से रेल यात्रा के खर्च में थोड़ा सा इजाफा होगा लेकिन यह वृद्धि यात्रा की सुविधाओं और रेलवे के रख-रखाव में हो रहे सुधारों को ध्यान में रखते हुए की गई है। यात्री अब इन बदलावों के साथ यात्रा की योजना बनाते हुए अतिरिक्त खर्च के बारे में सोच सकते हैं।इस नई वृद्धि से जहां एक ओर यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा वहीं दूसरी ओर रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं और सुविधाओं के विकास के लिए यह कदम उठाया गया है।