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  • सीजेपी आंदोलन और रेल परिचालन में बदलाव से भोपाल मंडल में 4500 टिकट रद्द, यात्रियों को 35 लाख रुपये का रिफंड मिलेगा

    सीजेपी आंदोलन और रेल परिचालन में बदलाव से भोपाल मंडल में 4500 टिकट रद्द, यात्रियों को 35 लाख रुपये का रिफंड मिलेगा

    मध्य प्रदेश। के भोपाल रेल मंडल में 9 और 10 अक्टूबर को करीब 4500 यात्रियों के टिकट रद्द हुए हैं। सीजेपी आंदोलन और रेल परिचालन में हुए बदलाव के बीच यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। रेलवे प्रशासन के अनुसार, टिकट रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को कुल 35 लाख रुपये का रिफंड दिया जाएगा। यह राशि 24 से 48 घंटे के भीतर यात्रियों के खातों में वापस भेजने की व्यवस्था की गई है।

    रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनें निरस्त होने से प्रभावित यात्रियों को नियमानुसार टिकट का पूरा रिफंड मिलेगा। इसके लिए करीब 35 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मधुर वर्मा ने यात्रियों को आश्वस्त किया है कि उन्हें रिफंड के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि उनके खातों में वापस कर दी जाएगी। इस व्यवस्था से टिकट रद्द होने के कारण प्रभावित यात्रियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

    9 अक्टूबर को दिल्ली की ओर आने-जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनें निरस्त रहीं। इनमें मुंबई-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस, जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, एमपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस शामिल थीं। इन ट्रेनों के रद्द होने से दिल्ली जाने वाले और वहां से लौटने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन यात्रियों ने पहले से आरक्षण करा रखा था, उनकी यात्रा योजनाएं भी प्रभावित हुईं।

    10 अक्टूबर को भी रेल सेवाओं पर असर जारी रहा। दिल्ली से भोपाल आने वाली हजरत निजामुद्दीन-रानी कमलापति शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस निर्धारित समय पर रवाना नहीं हो सकी। इसी दिन कोटा-हजरत निजामुद्दीन जनशताब्दी एक्सप्रेस भी निरस्त रही। लगातार दो दिनों तक ट्रेनों के रद्द होने और परिचालन में बदलाव के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजनाओं में फेरबदल करना पड़ा। कुछ यात्रियों को यात्रा टालनी पड़ी, जबकि अन्य को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।

    भोपाल मंडल में रेल परिचालन से जुड़ा एक अन्य बदलाव बीना-आगासौद यार्ड में चल रहे रीमॉडलिंग कार्य के कारण किया गया है। इस काम के चलते 15 अक्टूबर तक करीब 17 ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। यार्ड में चल रहे कार्य के कारण निर्धारित अवधि के दौरान संबंधित ट्रेनों का परिचालन बदले हुए मार्गों से किया जा रहा है। इससे यात्रियों के लिए अपनी ट्रेन की स्थिति और यात्रा मार्ग की जानकारी रखना जरूरी हो गया है।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन के परिचालन की स्थिति और बदले हुए मार्ग की जानकारी जांचने की सलाह दी है। खासकर दिल्ली रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी ट्रेन के समय और परिचालन से संबंधित अपडेट की पुष्टि करनी चाहिए। टिकट रद्द होने की स्थिति में प्रभावित यात्रियों को नियमानुसार पूरा रिफंड देने और 24 से 48 घंटे के भीतर 35 लाख रुपये लौटाने की व्यवस्था की गई है। वहीं, बीना-आगासौद यार्ड में रीमॉडलिंग के कारण 15 अक्टूबर तक मार्ग परिवर्तन लागू रहने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनानी होगी।

  • मध्यप्रदेश में 10 DSP स्तर के अधिकारियों की नई पोस्टिंग, गृह विभाग ने जारी किए आदेश, भोपाल सहित कई जिलों में बदली जिम्मेदारियां

    मध्यप्रदेश में 10 DSP स्तर के अधिकारियों की नई पोस्टिंग, गृह विभाग ने जारी किए आदेश, भोपाल सहित कई जिलों में बदली जिम्मेदारियां

    मध्यप्रदेश । में पुलिस विभाग के भीतर अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के 10 अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए नई पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। इन अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर पुलिस अधीक्षक, सहायक पुलिस महानिरीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पदों पर पदस्थ किया गया है। नई व्यवस्था के तहत भोपाल पुलिस मुख्यालय के साथ बालाघाट, नर्मदापुरम, सागर और उज्जैन में भी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फेरबदल में इंदौर और भोपाल में पहले से पदस्थ दो सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग दी गई है।

    जारी आदेश के अनुसार, प्रीतम सिंह बालरे को बालाघाट में सहायक पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, मनोहर सिंह गवली को नर्मदापुरम की अजाक रेंज में पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। इन दोनों अधिकारियों की नई तैनाती के साथ संबंधित स्थानों पर पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। गृह विभाग के आदेश में सभी 10 अधिकारियों के लिए अलग-अलग पद और कार्यस्थल निर्धारित किए गए हैं।

    भोपाल में भी कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिली हैं। बाबूलाल वर्मा को भोपाल स्थित रेडियो मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। राम शंकर सिलावट को भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। इसी तरह महेंद्र रायपुरिया को भोपाल में विसबल के सहायक पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के माध्यम से पुलिस मुख्यालय और उससे संबंधित इकाइयों में अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।

    भोपाल पुलिस मुख्यालय की क्यूडी शाखा में भी दो अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। ऋतुराज गुप्ता को यहां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। सत्येन्द्र कुमार वर्मा को भी इसी शाखा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। दोनों अधिकारियों की नई पोस्टिंग के साथ क्यूडी शाखा में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। गृह विभाग के आदेश में इन पदों पर तैनाती का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।

    अन्य जिलों और इकाइयों में भी नई पदस्थापनाएं की गई हैं। विनोद कुमार दीक्षित को उज्जैन लोकायुक्त में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। सतीश कुमार चतुर्वेदी को सागर जोन में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं, बिट्टू शर्मा को भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। इन आदेशों के तहत अधिकारियों को उनके नए पदस्थापना स्थलों पर जिम्मेदारी संभालनी होगी।

    गृह विभाग की ओर से जारी इस आदेश में कुल 10 राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों की नई पोस्टिंग शामिल है। इसमें भोपाल पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं के साथ क्षेत्रीय इकाइयों और अन्य स्थानों पर पदस्थापना की गई है। बालाघाट, नर्मदापुरम, सागर और उज्जैन में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि भोपाल में रेडियो मुख्यालय, विसबल, क्यूडी शाखा और पुलिस मुख्यालय से जुड़े पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। आदेश में अधिकारियों के नाम और उनके नए पदस्थापना स्थलों का उल्लेख किया गया है।

  • भोपाल के न्यू मार्केट में छोले-भटूरे की दुकान में भीषण आग, 25 फीट तक उठीं लपटें, 5-6 दुकानें चपेट में

    भोपाल के न्यू मार्केट में छोले-भटूरे की दुकान में भीषण आग, 25 फीट तक उठीं लपटें, 5-6 दुकानें चपेट में

    भोपाल। के न्यू मार्केट में गुरुवार दोपहर छोले-भटूरे की एक दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि इसकी चपेट में आसपास की 5-6 दुकानें भी आ गईं। आग की लपटें करीब 25 फीट तक ऊपर उठती दिखाई दीं, जबकि धुएं का गुबार करीब 2 किलोमीटर दूर तक नजर आया। आग लगने की जानकारी मिलते ही पूरे मार्केट में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

    दुकान में मौजूद लोग आग से बचने के लिए तुरंत बाहर की ओर भागने लगे। आग बढ़ने के साथ आसपास की कुछ दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। घटना की जानकारी मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकलकर्मियों ने आग को आसपास के हिस्सों में फैलने से रोकने के लिए प्रयास शुरू किए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय दुकान पर भटूरे बनाए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी। दुकान के कर्मचारियों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही देर में आग की लपटें काफी ऊंची उठने लगीं और आसपास के हिस्से में धुआं भर गया।

    बताया गया कि संबंधित दुकान मंदिर के ठीक पीछे स्थित है। आग बढ़ने के बाद लपटें करीब 25 फीट तक पहुंच गईं। धुएं का गुबार भी इतना अधिक था कि वह करीब 2 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। आग की तेज लपटें देखकर मार्केट में मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुटने लगी।

    आग तेजी से फैलने के कारण आसपास की कई दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। घटना के बाद बाजार में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। दुकान में लगे पर्दों की वजह से आग के तेजी से फैलने की बात सामने आई है। हालांकि, आग से कितना नुकसान हुआ है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की। दमकलकर्मी लगातार आग को नियंत्रित करने और इसे मार्केट के दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोकने में जुटे हैं। आग की स्थिति को देखते हुए आसपास के हिस्सों में भी सतर्कता बरती जा रही है।

    फिलहाल आग लगने की वजह की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि आग से दुकानों में कितना सामान और संपत्ति प्रभावित हुई है। फायर ब्रिगेड की टीमें आग बुझाने के साथ स्थिति को नियंत्रित करने में लगी हैं। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही नुकसान और घटना के कारणों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की स्थिति बनेगी।

  • नवरात्रि से पहले गरबा पर मुस्लिम त्योहार समिति की अपील, युवाओं से कार्यक्रमों से दूर रहने और विवाद से बचने को कहा

    नवरात्रि से पहले गरबा पर मुस्लिम त्योहार समिति की अपील, युवाओं से कार्यक्रमों से दूर रहने और विवाद से बचने को कहा

    मध्य प्रदेश: मुस्लिम त्योहार समिति ने आगामी नवरात्रि से पहले मुस्लिम युवाओं और छात्रों से गरबा कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने की अपील की है। समिति ने कहा है कि युवा केवल रील्स, लाइक्स और व्यूज हासिल करने के लिए गरबा आयोजनों में शामिल होने से बचें। समिति के प्रदेशाध्यक्ष जीशान रहमान ने कहा कि गरबा मुस्लिम समुदाय का धार्मिक त्योहार या कार्यक्रम नहीं है। उनके मुताबिक, किसी एक व्यक्ति के गलत कदम का असर पूरे समुदाय की छवि पर पड़ सकता है। समिति ने स्पष्ट किया कि उसकी अपील किसी धर्म या गरबा समारोह के खिलाफ नहीं है, बल्कि जिम्मेदार व्यवहार, धार्मिक मर्यादा, कानून के पालन और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।

    जीशान रहमान ने कहा कि मुस्लिम युवाओं को गरबा कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेने की अपील इसलिए की गई है क्योंकि ये उनके धार्मिक त्योहार या कार्यक्रम नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक हितों को साधने के लिए कई बार मुसलमानों को बदनाम करने वाले बयान दिए जाते हैं। उनके अनुसार, मुसलमानों पर गरबा कार्यक्रमों में धार्मिक रूप से भड़काऊ हरकतें करने या ‘लव जिहाद’ जैसी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप लगाए जाते हैं। रहमान ने कहा कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए मुस्लिम युवाओं और छात्रों को गरबा कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    रहमान ने कहा कि समिति की अपील का मुख्य उद्देश्य समुदाय की बदनामी की स्थिति को रोकना है। उन्होंने कहा कि कोई एक व्यक्ति गलत काम करता है, लेकिन उसका नतीजा पूरे समुदाय को भुगतना पड़ सकता है। इसी वजह से युवाओं से रील्स और व्यूज के लिए गरबा कार्यक्रमों में नहीं जाने को कहा गया है। समिति ने युवाओं से सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान करने की अपील भी की है। इसके साथ ही स्थानीय नियमों और कानूनों का पालन करने तथा विवाद, टकराव, उकसावे और गलत प्रतिक्रियाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।

    समिति ने प्रशासनिक अधिकारियों और मध्य प्रदेश सरकार के संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी अपील विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, तकनीकी और मेडिकल संस्थानों तथा हॉस्टलों तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। समिति चाहती है कि यह अपील 11 अक्टूबर से पहले संबंधित संस्थानों तक पहुंच जाए। इसके जरिए मुस्लिम युवाओं और छात्रों को धार्मिक कार्यक्रमों में बिना जरूरत शामिल होने से बचने तथा किसी भी तरह के विवाद की स्थिति पैदा न करने की सलाह दी गई है।

    रहमान ने यह भी कहा कि गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों की मौजूदगी को लेकर उन्हें बार-बार राजनीतिक रूप से निशाना बनाए जाने की बात सामने आती रही है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवाओं से रील्स और व्यूज के लिए गरबा कार्यक्रमों में नहीं जाने की अपील के पीछे यही वजह है। इससे पहले भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम युवकों के आने को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम युवक गरबा में आना चाहते हैं तो अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लाएं। इसके अलावा कई हिंदू संगठनों की ओर से भी गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम युवाओं को प्रवेश नहीं देने की बात कही जाती रही है। मुस्लिम त्योहार समिति की मौजूदा अपील इसी विवाद के बीच सामने आई है।

  • गरबा में रील, लाइक और व्यूज के लिए शामिल न हों मुस्लिम युवा, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने की संयम बरतने की अपील

    गरबा में रील, लाइक और व्यूज के लिए शामिल न हों मुस्लिम युवा, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने की संयम बरतने की अपील

    मध्य प्रदेश।  में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व के दौरान माता की आराधना-पूजा, व्रत और गरबा समेत कई धार्मिक आयोजन होते हैं। इसी को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने मुस्लिम विद्यार्थियों और युवाओं से जिम्मेदार और संयमित व्यवहार करने की अपील की है। कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमशुल हसन ने युवाओं से कहा है कि वे केवल सोशल मीडिया पर रील, लाइक और व्यूज हासिल करने के लिए किसी धार्मिक आयोजन में अनावश्यक रूप से शामिल होने से बचें। कमेटी का कहना है कि किसी व्यक्ति का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कई बार सिर्फ उसकी व्यक्तिगत गलती तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर परिवार और समाज पर भी पड़ सकता है।

    कमेटी ने मुस्लिम युवाओं से गरबा आयोजनों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। साथ ही युवाओं से शांति, संयम, धार्मिक मर्यादा और कानून का पालन करने को कहा गया है। इस संबंध में मुस्लिम त्योहार कमेटी ने शासन-प्रशासन को पत्र भेजकर आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध भी किया है। कमेटी ने मांग की है कि 11 अक्टूबर से पहले यह संदेश विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी एवं चिकित्सा संस्थानों और छात्रावासों तक पहुंचाया जाए, ताकि विद्यार्थियों और युवाओं को समय रहते जागरूक किया जा सके। कमेटी ने कहा है कि युवा सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान करें तथा स्थानीय नियमों और कानूनों का पालन करें।

    कमेटी ने युवाओं को ऐसे किसी विवाद, टकराव, उकसावे या अनुचित प्रतिक्रिया से दूर रहने की सलाह दी है, जिससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए खास तौर पर रील बनाने, लाइक और व्यूज हासिल करने या सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी दिखाने के लिए किसी धार्मिक आयोजन में अनावश्यक रूप से शामिल नहीं होने की अपील की गई है। कमेटी का कहना है कि सोशल मीडिया पर कुछ मिनटों की लोकप्रियता के लिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिससे बाद में विवाद पैदा हो या परिवार और समाज को परेशानी का सामना करना पड़े।

    शमशुल हसन ने कहा कि जब एक समुदाय की ओर से यह संकेत दिया जा रहा है कि मुस्लिम समाज के लोग उनके धार्मिक आयोजनों से दूरी बनाएं, तो इसे विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश के सामाजिक संगठनों, उलेमाओं और काजियों से आगे आने और मुस्लिम समाज के नौजवानों, बच्चों और बच्चियों से गरबा सहित दूसरे धार्मिक आयोजनों से दूरी बनाए रखने की अपील करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमेटी का उद्देश्य किसी धार्मिक आयोजन का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि किसी धार्मिक आयोजन में अनावश्यक रूप से शामिल होकर ऐसा कोई काम नहीं किया जाना चाहिए, जिससे विवाद की स्थिति बने या समाज में तनाव पैदा हो।

    उन्होंने देश और प्रदेश के युवाओं, बच्चों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से भी अपील की कि वे सिर्फ रील, लाइक और व्यूज के लिए किसी धार्मिक आयोजन में शामिल न हों। साथ ही ऐसी कोई रील या वीडियो वायरल न करने को कहा, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों या विवाद की स्थिति पैदा हो। कमेटी की ओर से प्रदेश, जिला और स्थानीय स्तर के पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में उलेमाओं और सामाजिक संगठनों से संपर्क करने तथा मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने को कहा जाएगा। कमेटी जिला प्रशासन से भी संपर्क करेगी और अमन व शांति बनाए रखने का संदेश देगी। कमेटी ने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए वह उलेमाओं, सामाजिक संगठनों और प्रशासन के साथ मिलकर सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

    कमेटी ने स्पष्ट किया है कि उसकी अपील किसी धर्म, धार्मिक आयोजन या गरबा कार्यक्रम के विरोध में नहीं है। इसका उद्देश्य मुस्लिम युवाओं को जिम्मेदार व्यवहार, धार्मिक मर्यादा, कानून के पालन और सामाजिक सद्भाव के प्रति जागरूक करना है। कमेटी ने कहा है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सभी समुदायों को एक-दूसरे की आस्था और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए और किसी भी तरह के विवाद से बचना चाहिए।

  • लाल परेड मैदान में कल 20 हजार से ज्यादा युवाओं से संवाद करेंगे CM मोहन यादव, जुबिन नौटियाल का कंसर्ट भी

    लाल परेड मैदान में कल 20 हजार से ज्यादा युवाओं से संवाद करेंगे CM मोहन यादव, जुबिन नौटियाल का कंसर्ट भी

    भोपाल ।  सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन छह अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड मैदान में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 हजार से अधिक युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में युवा शक्ति से जुड़े विषयों पर संवाद और मार्गदर्शन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। कार्यक्रम में पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल और मुंबई के कबीर कैफे की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजन को लेकर उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने लाल परेड मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल, प्रदर्शनी कक्षों और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कॉन्क्लेव में युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसमें रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार, अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों को प्रमुखता दी जाएगी। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को शिक्षा और रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के साथ उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी देने की व्यवस्था की गई है।

    कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और नवोदित उद्यमों की सहभागिता रहेगी। इनके माध्यम से युवाओं को रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में बदलती जरूरतों तथा उपलब्ध अवसरों से परिचित कराया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही युवा प्रतिभागियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया है, जिसमें जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे की प्रस्तुतियां शामिल रहेंगी।

    आयोजन में 17 शासकीय विभागों और विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता रहेगी। उच्च शिक्षा, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, तकनीकी शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, आयुष तथा पुलिस एवं साइबर सुरक्षा से जुड़े विभाग इसमें शामिल होंगे। सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी युवाओं को देंगे। इस तरह कॉन्क्लेव में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, उद्यमिता, नवाचार और तकनीक से जुड़े विषयों के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

  • भोपाल में दिवाली से पहले पटाखा फैक्ट्री सील, तय सीमा से ज्यादा विस्फोटक सामग्री मिली

    भोपाल में दिवाली से पहले पटाखा फैक्ट्री सील, तय सीमा से ज्यादा विस्फोटक सामग्री मिली

    भोपाल जिले। में दिवाली से पहले पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के भंडारण को लेकर प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में बैरसिया क्षेत्र के ग्राम बांदीखेड़ी में संचालित एक पटाखा फैक्ट्री का जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान फैक्ट्री परिसर में लाइसेंस या निर्धारित क्षमता के मुकाबले अधिक विस्फोटक सामग्री रखी मिली। इसके साथ ही फैक्ट्री के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई अनियमितताएं भी अधिकारियों के सामने आईं।

    फैक्ट्री की जांच के लिए एसडीएम बैरसिया शिवांगी बघेल, एसडीओपी वैशाली सिंह, तहसीलदार दुर्गा पटले और गुनगा थाना प्रभारी रिंकू जाटव की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान परिसर में रखी विस्फोटक सामग्री की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही फैक्ट्री में अपनाई जा रही सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक विस्फोटक सामग्री रखे जाने की बात सामने आई।

    प्रशासन के अनुसार, फैक्ट्री परिसर में जितनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखने की अनुमति निर्धारित थी, उससे अधिक सामग्री वहां मौजूद मिली। जांच के दौरान केवल भंडारण की मात्रा से जुड़ी अनियमितता ही सामने नहीं आई, बल्कि फैक्ट्री की सुरक्षा और संचालन व्यवस्था से संबंधित अन्य कमियां भी अधिकारियों ने पाईं। इन परिस्थितियों को देखते हुए संयुक्त टीम ने मौके पर ही फैक्ट्री को सील करने की कार्रवाई की।

    जिला प्रशासन के मुताबिक, निरीक्षण में सामने आई अनियमितताएं विस्फोटक अधिनियम, 1884 और विस्फोटक नियम, 2008 के प्रावधानों से संबंधित पाई गईं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विस्फोटक सामग्री के निर्माण, इस्तेमाल, रखरखाव और भंडारण के दौरान निर्धारित कानूनी और सुरक्षा प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है। फैक्ट्री में तय सीमा से अधिक सामग्री पाए जाने के साथ सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में मिली कमियों को भी इसी संदर्भ में देखा गया।

    अधिकारियों के अनुसार, पटाखों और अन्य विस्फोटक सामग्री से जुड़े प्रतिष्ठानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी जनसुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। इसी वजह से निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए फैक्ट्री को सील किया गया। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बांदीखेड़ी स्थित फैक्ट्री पर की गई कार्रवाई इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। दिवाली से पहले पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों की व्यवस्था की जांच के दौरान प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने निर्धारित सीमा, सुरक्षा और संचालन से संबंधित प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए निरीक्षण किया।

  • मध्यप्रदेश में दिव्यांग यात्रियों को बस किराए में 50 प्रतिशत छूट, पूरा किराया लेने पर बस संचालक के खिलाफ होगी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश में दिव्यांग यात्रियों को बस किराए में 50 प्रतिशत छूट, पूरा किराया लेने पर बस संचालक के खिलाफ होगी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश: में यात्री बसों से सफर करने वाले दिव्यांग यात्रियों के लिए किराए में 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। इसके तहत दिव्यांग यात्रियों से निर्धारित किराए का आधा हिस्सा ही लिया जाना चाहिए। यदि किसी यात्री से नियम के विपरीत पूरा किराया वसूला जाता है तो वह इसकी शिकायत कर सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित जिला परिवहन अधिकारी या आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। दिव्यांगजनों के अधिकारों से जुड़े मामलों में आयुक्त कार्यालय शिकायतों की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकृत है।

    यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्री को अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र या दिव्यांग कार्ड साथ रखना होगा। इसे प्रस्तुत करने के बाद निर्धारित किराए का 50 प्रतिशत लिया जाना चाहिए। यह सुविधा दिव्यांग यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन में सहूलियत देने के उद्देश्य से लागू है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बस संचालकों को निर्धारित नियम के मुताबिक ही किराया लेना चाहिए। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग प्रदेश में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के क्रियान्वयन से संबंधित कार्य करता है और दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के पालन की व्यवस्था करता है।

    दिव्यांग यात्री से पूरा किराया वसूले जाने का एक मामला रायसेन में सामने आया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय ने इसका संज्ञान लिया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिला परिवहन अधिकारी, रायसेन ने संबंधित बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार महादेव बस ट्रेवल्स के संचालक पर मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत जुर्माने की कार्रवाई की गई। इस मामले में हुई कार्रवाई के बाद दिव्यांग यात्रियों को मिलने वाली किराया रियायत के नियमों के पालन को लेकर सख्ती का संदेश गया।

    दिव्यांगजनों से कहा गया है कि वे आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश की प्रति अपने जिले के जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर नियमों के पालन का आग्रह कर सकते हैं। यदि किसी बस संचालक या कंडक्टर द्वारा नियम के विपरीत पूरा किराया लिया जाता है तो यात्री संबंधित कार्यालय में शिकायत कर सकता है। शिकायत के समय यात्रा की तारीख, बस नंबर, रूट, बस संचालक का नाम, टिकट और उपलब्ध होने पर कंडक्टर की जानकारी रखना उपयोगी होगा। इससे मामले की जांच में सहायता मिल सकती है।

    भोपाल आरटीओ के अनुसार दिव्यांग यात्रियों को बस यात्रा के दौरान अपना वैध दिव्यांगता कार्ड साथ रखना चाहिए। यदि 50 प्रतिशत किराए की सुविधा देने से इनकार किया जाता है या पूरा किराया लिया जाता है तो टिकट और बस से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए। इसके बाद संबंधित परिवहन अधिकारी या आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में शिकायत की जा सकती है। आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय को दिव्यांगजनों के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों की जांच करने और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश या सिफारिश करने का अधिकार है।

  • देर रात भोपाल पहुंचे अमित शाह… आज गोपालक सम्मेलन में होंगे शामिल, देंगे कई सौगातें

    देर रात भोपाल पहुंचे अमित शाह… आज गोपालक सम्मेलन में होंगे शामिल, देंगे कई सौगातें


    भोपाल।
    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) शुक्रवार देररात भोपाल पहुंचे। यहां सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल (Hemant Khandelwal) ने स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री अमित शाह शनिवार को राजधानी में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शामिल होंगे। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्य जुटेंगे। इसके अलावा वे नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे और मध्य प्रदेश सरकार व केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच लंबित विषयों पर बैठक करेंगे।

    राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित होगा। इसमें भोपाल के अलावा सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम समेत कई जिलों से गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्य पहुंचेंगे। सम्मेलन में कृषक कल्याण वर्ष के तहत किए गए कार्यों और बलराम कृषि महोत्सव की जानकारी अमित शाह को दी जाएगी। गृह, पशुपालन, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभाग की ओर से अपने-अपने कार्यों और योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। सम्मेलन में दुग्ध उत्पादन और सहकारिता को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी।


    उज्जैन में डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे

    अमित शाह उज्जैन में तीन लाख लीटर प्रसंस्करण क्षमता वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का वर्चुअल तरीके से भूमि-पूजन करेंगे। वे भोपाल में तैयार 40 हजार लीटर उत्पादन क्षमता वाले फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन भोपाल के परिसर में बनाई गई सहकारी क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला और मिनी डेयरी संयंत्र शिवपुरी का शुभारंभ भी करेंगे।


    नए आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी का उद्घाटन

    अमित शाह भेल दशहरा मैदान में नए आपराधिक कानूनों को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद होटल ताज लेक फ्रंट में मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच लंबित विषयों पर बैठक होगी। नारकोटिक्स को लेकर प्रेस वार्ता भी उनके कार्यक्रम में शामिल है। शाह IISER के विस्तारित परिसर भौरी का शिलान्यास भी करेंगे। इसके बाद IISER के मुख्य परिसर में स्वामी विवेकानंद की नवनिर्मित प्रतिमा के अनावरण एवं शिलान्यास समारोह में शामिल होंगे।


    शनिवार का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम

    सुबह 11 बजे: होटल ताज लेक फ्रंट से सड़क मार्ग से भेल दशहरा मैदान के लिए रवाना होंगे।
    सुबह 11:25 बजे: भेल दशहरा मैदान पहुंचेंगे।
    सुबह 11:30 से दोपहर 12:00 बजे तक: नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे।
    दोपहर 12:05 से 1:05 बजे तक: भेल दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शामिल होंगे।
    दोपहर 1:05 बजे: भेल दशहरा मैदान से होटल ताज के लिए रवाना होंगे।
    दोपहर 1:30 बजे: होटल ताज लेक फ्रंट पहुंचेंगे।
    दोपहर 1:30 से 2:15 बजे तक: लंच के लिए समय आरक्षित रहेगा।
    दोपहर 2:15 से शाम 4:15 बजे तक: होटल ताज में मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच लंबित विषयों पर बैठक करेंगे।
    शाम 4:15 से 5:15 बजे तक: समय आरक्षित रहेगा। इस दौरान नारकोटिक्स पर प्रेस वार्ता निर्धारित है।
    शाम 5:15 बजे: होटल ताज लेक फ्रंट से सड़क मार्ग से IISER के विस्तारित परिसर, भौरी के लिए रवाना होंगे।
    शाम 5:40 बजे: IISER के विस्तारित परिसर, भोपाल बायपास रोड, भौरी पहुंचेंगे।
    शाम 5:45 से 6:00 बजे तक: IISER के विस्तारित परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे।
    शाम 6 बजे: IISER के विस्तारित परिसर से IISER मुख्य परिसर, भौरी के लिए रवाना होंगे।
    शाम 6:05 बजे: IISER मुख्य परिसर, भौरी पहुंचेंगे।
    शाम 6:10 से 7:25 बजे तक: स्वामी विवेकानंद की नवनिर्मित प्रतिमा के अनावरण एवं शिलान्यास समारोह में शामिल होंगे।
    शाम 7:30 बजे: IISER मुख्य परिसर, भौरी से सड़क मार्ग से भोपाल स्टेट हैंगर के लिए रवाना होंगे।
    शाम 7:45 बजे: भोपाल स्टेट हैंगर पहुंचेंगे।
    शाम 7:50 बजे: विशेष विमान से भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

  • भोपाल में बिजली के पोल से करंट लगने पर भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत, महिला भी झुलसी

    भोपाल में बिजली के पोल से करंट लगने पर भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत, महिला भी झुलसी

    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल के एमपी नगर इलाके में रविवार रात बिजली के पोल में करंट उतरने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई। हादसा रात करीब 9 बजे हुआ। दिव्यऋषि इलाके में शॉपिंग करने पहुंचे थे। सड़क पार करने के दौरान यह दुर्घटना हुई, जिसमें एक महिला भी करंट की चपेट में आ गई।

    प्रत्यक्षदर्शी हेड कॉन्स्टेबल जगदीश दांगी के मुताबिक, दिव्यऋषि सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए डिवाइडर पर चढ़े थे। सड़क पार करते समय उन्होंने सहारा लेने के लिए किनारे लगे बिजली के पोल को एक हाथ से पकड़ लिया। इसी दौरान पोल में करंट होने के कारण उन्हें जोरदार बिजली का झटका लगा।

    बताया गया कि दिव्यऋषि दूसरे हाथ से दीवार पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। बिजली का झटका लगते ही वह मौके पर गिर पड़े। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला भी करंट की चपेट में आ गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने दोनों को संभालने और मदद पहुंचाने की कोशिश की।

    हादसे के समय मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने दिव्यऋषि को बचाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए। उन्हें सीपीआर दिया गया, ताकि उनकी जान बचाई जा सके। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद एमपी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दिव्यऋषि की मौत के संबंध में मर्ग कायम किया है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए बिजली के पोल, उससे जुड़े बिजली कनेक्शन और आसपास चल रहे निर्माण कार्य की स्थिति की जांच की जा रही है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित पोल मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के दौरान लगाया गया था। पोल के पास बिजली का तार खुला होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पोल में करंट किस वजह से पहुंचा और वहां बिजली के तार खुले होने की स्थिति क्यों बनी हुई थी।

    जांच में यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान लगाए गए पोल और उससे जुड़े बिजली के कनेक्शन की स्थिति क्या थी। फिलहाल पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। दुर्घटना में घायल महिला की स्थिति के बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

    इस घटना में भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की जान चली गई। सड़क पार करने के लिए पोल का सहारा लेने के दौरान हुए इस हादसे ने बिजली के पोल में करंट आने और खुले तारों से जुड़े सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के लिए किन परिस्थितियों की भूमिका रही।