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  • 'बच्चों के जख्मों पर मरहम लगाइए, नमक-मिर्च नहीं': जंतर-मंतर घटनाक्रम पर अभिनेता रजा मुराद की भावुक अपील

    'बच्चों के जख्मों पर मरहम लगाइए, नमक-मिर्च नहीं': जंतर-मंतर घटनाक्रम पर अभिनेता रजा मुराद की भावुक अपील


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़े वरिष्ठ बॉलीवुड अभिनेता रजा मुराद ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों के जख्मों पर “मरहम लगाइए, नमक-मिर्च नहीं।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

    रजा मुराद ने अपने संदेश की शुरुआत जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग की खबरें और तस्वीरें बेहद पीड़ादायक हैं। उनके अनुसार, यदि युवा अपनी बात रखने के लिए सड़क पर उतरते हैं तो सबसे पहले उनकी बात सुनने और संवाद स्थापित करने की कोशिश की जानी चाहिए।

    उन्होंने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि घर का कोई बच्चा नाराज हो जाए या अपनी शिकायत रखे तो उसे डांटने या कठोरता दिखाने के बजाय समझाया और मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र भी इसी देश के बच्चे हैं और समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे में उनके साथ भी वही व्यवहार होना चाहिए, जो किसी परिवार के सदस्य के साथ किया जाता है।

    रजा मुराद ने कहा कि किसी भी घायल व्यक्ति के घाव पर मरहम लगाया जाता है, नमक नहीं छिड़का जाता। उनके मुताबिक यदि छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो जरूरत उन्हें और आहत करने की नहीं, बल्कि उनकी भावनाओं को समझने और भरोसा दिलाने की है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना किसी भी लोकतांत्रिक समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    अपने संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि आज जिन युवाओं को हम प्रदर्शनकारी के रूप में देख रहे हैं, वही कल देश के विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदार भूमिकाएं निभाएंगे और देश की बागडोर संभालेंगे। इसलिए उनके साथ संवाद, संवेदनशीलता और सम्मान का व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों से आग्रह किया कि वे हालात को टकराव के बजाय बातचीत और विश्वास के जरिए संभालने का प्रयास करें।

    रजा मुराद ने अपने संदेश के अंत में कहा कि देश केवल सीमाओं से बना भूभाग नहीं, बल्कि एक बड़ा परिवार है और छात्र उसी परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने अपील की कि युवाओं को अकेला या उपेक्षित महसूस कराने के बजाय उनके साथ विश्वास का रिश्ता मजबूत किया जाए और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए।

    इससे पहले अभिनेता रघुवीर यादव भी छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। अब रजा मुराद के बयान के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बना हुआ है।

  • भोपाल के विधोदय तीर्थ में गूंजे ‘नमोस्तु’ के स्वर, आचार्य समय सागर बोले- सम्यक दर्शन ही मोक्ष की पहली सीढ़ी

    भोपाल के विधोदय तीर्थ में गूंजे ‘नमोस्तु’ के स्वर, आचार्य समय सागर बोले- सम्यक दर्शन ही मोक्ष की पहली सीढ़ी


    भोपाल । राजधानी भोपाल का रानी कमलापति जिनालय परिसर इन दिनों भक्ति, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है। निर्माणाधीन विधोदय तीर्थ धाम में राष्ट्रसंत आचार्य समय सागर महाराज के सान्निध्य में प्रस्तावित 20 मुनिराजों के मंगल चातुर्मास की तैयारियां पूरे श्रद्धाभाव के साथ चल रही हैं। परिसर में गूंजते श्रद्धालुओं के “हे स्वामी नमोस्तु… नमोस्तु… नमोस्तु…” के स्वर और साधु-संतों की तपस्या से वातावरण पूरी तरह धर्ममय हो गया है।

    कार्यक्रम की शुरुआत भगवान आदिनाथ की पूजा-अर्चना और परम पूज्य आचार्य विद्यासागर महाराज की आराधना के साथ हुई। इस अवसर पर आचार्य समय सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म का मूल उद्देश्य आत्मकल्याण है, न कि प्रदर्शन। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “दर्शन में प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। सम्यक दर्शन ही मोक्ष मार्ग की प्रथम सीढ़ी है।” आचार्य श्री ने लोगों से बाहरी आडंबर से दूर रहकर आत्मचिंतन, संयम और सच्ची आस्था के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

    प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। सुबह गुरु वंदना के साथ दिन की शुरुआत होती है। इसके बाद पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रवचन और साधना का क्रम चलता है। दोपहर में प्रतिक्रमण, तत्व चर्चा और आचार्य भक्ति का आयोजन किया जाता है, जबकि शाम को मंगल आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

    आचार्य श्री की नवधा भक्ति पूर्वक आहार चर्या कराने का सौभाग्य इस बार पंचायत कमेटी ट्रस्ट के उपमंत्री ऋषभ जैन, मनीष जैन, निमिषा जैन एवं प्रगति परिवार को प्राप्त हुआ। इसके अलावा राकेश जैन, सुनीता जैन, सुधा जैन, सविता जैन और पी.सी. जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भी पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ आहार चर्या में भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, सेवा और भक्ति का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है।

    आयोजकों के अनुसार आचार्य समय सागर महाराज के मंगल चातुर्मास की विधिवत कलश स्थापना 2 अगस्त को होगी। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालुओं के भोपाल पहुंचने की संभावना है। इसे लेकर तीर्थ परिसर में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

    निर्माणाधीन विधोदय तीर्थ धाम को भविष्य में जैन समाज के प्रमुख आध्यात्मिक और धार्मिक केंद्रों में शामिल करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। चातुर्मास के इस आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक साधना का अवसर दिया है, बल्कि संयम, सेवा और आत्मशुद्धि के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है।

  • धरना प्रदर्शन और सियासी तकरार भोपाल में कांग्रेस भाजपा आमने-सामने कई घटनाओं ने खींचा ध्यान

    धरना प्रदर्शन और सियासी तकरार भोपाल में कांग्रेस भाजपा आमने-सामने कई घटनाओं ने खींचा ध्यान


    मध्य प्रदेश। दिल्ली में छात्रों के मुद्दे पर हुए विरोध प्रदर्शन और कांग्रेस नेताओं की हिरासत के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी राजनीतिक माहौल गर्म रहा। विधानसभा परिसर से लेकर राजभवन तक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कई घटनाएं चर्चा का केंद्र बनीं, जिनमें एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की नारेबाजी में हुई चूक, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस विधायक के साथ हल्का-फुल्का व्यवहार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की गिरफ्तारी जैसी तस्वीरें सामने आईं।

    छात्र संगठन एनएसयूआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते समय कुछ कार्यकर्ताओं के मुंह से गलती से “नरेंद्र मोदी जिंदाबाद” के नारे निकल गए। हालांकि तुरंत गलती का एहसास होने पर नारे बदल दिए गए, लेकिन घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया।

    उधर मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने दिल्ली की घटना के विरोध में मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरना दिया। इसी दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय धरना स्थल पर पहुंचे और कांग्रेस विधायकों से बातचीत की। चर्चा के बाद लौटते समय उन्होंने कांग्रेस विधायक विजय चौरे के गाल पर हल्के अंदाज में थपथपाया। इस घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं और यह दृश्य भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    राजभवन के सामने भी कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया और बाद में उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बैठाया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते रहे।

    धरने से पहले जारी एक वीडियो संदेश में जीतू पटवारी से भी जुबान फिसल गई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संसद में धरने पर बैठे हैं, जबकि प्रदर्शन प्रधानमंत्री आवास के बाहर किया गया था। इस बयान को लेकर भी राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर टिप्पणियां देखने को मिलीं।

    विधानसभा के भीतर कांग्रेस ने छात्रों, रोजगार, आरक्षण और किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने नाटक के माध्यम से भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और एबीवीपी पर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और किसानों के मुद्दों की अनदेखी कर रही है।

    भाजपा ने कांग्रेस के प्रदर्शन को राजनीतिक नौटंकी बताया। पार्टी नेताओं का कहना था कि कांग्रेस जनता के मुद्दों के बजाय केवल सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रही है। भाजपा विधायक हरदीप सिंह डंग ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं को फिल्मों में अभिनय करना चाहिए।

    इसी बीच विधानसभा के मानसून सत्र से जुड़ा एक दिलचस्प प्रसंग भी सामने आया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहले दिन सदन में देरी से पहुंचे। चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि देर रात तक फुटबॉल विश्व कप फाइनल देखने के कारण सुबह समय पर नहीं उठ सके। यह प्रसंग भी सत्ता और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा।

  • अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट

    अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून अपने पूरे शबाब पर है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे के दौरान 35 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 4.2 इंच वर्षा नर्मदापुरम में रिकॉर्ड की गई, जबकि भोपाल सहित कई शहरों में पूरी रात रुक-रुककर बारिश होती रही। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले 24 से 48 घंटे तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार नर्मदापुरम के अलावा नरसिंहपुर में 2.5 इंच, राजगढ़ में 2.4 इंच, सीहोर और मलाजखंड में 2.2 इंच, भोपाल में 2.1 इंच, पचमढ़ी और मंडला में 1.8 इंच, श्योपुर में 1.5 इंच, सिवनी में 1.3 इंच तथा खरगोन में 1.1 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा उमरिया, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, टीकमगढ़, खंडवा, छतरपुर, सतना, बैतूल, दमोह, जबलपुर, इंदौर, रतलाम, दतिया, उज्जैन, धार, सीधी, ग्वालियर, सागर, शाजापुर, विदिशा, देवास, आगर-मालवा, बड़वानी और बुरहानपुर सहित कई जिलों में भी तेज बारिश और हवाओं का असर देखने को मिला।

    लगातार बारिश का असर जलाशयों और नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जलाशय का जलस्तर बढ़ने के बाद एक गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। वहीं रायसेन और नर्मदापुरम सहित कई इलाकों में खेत पानी से लबालब भर गए हैं। कई शहरों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर मजबूत हो गया है। प्रदेश के ऊपर सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र, लगातार बादलों की मौजूदगी और अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी से मिल रही भरपूर नमी बारिश को लगातार बढ़ावा दे रही है। यही कारण है कि मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार अच्छी वर्षा हो रही है।

    बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। सुबह और रात के समय मौसम काफी सुहावना हो गया है तथा लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। वातावरण में सापेक्षिक आर्द्रता 75 से 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे गरज-चमक वाले बादलों का तेजी से निर्माण हो रहा है और वर्षा की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं।

    मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा से 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। यही हवाएं समुद्र से नमी लेकर मध्य प्रदेश तक पहुंच रही हैं और मानसून को लगातार मजबूत बनाए हुए हैं।

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, मंडला, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, बैतूल तथा आसपास के जिलों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

  • भोपाल में शेफ की आत्महत्या सुसाइड नोट में लिखा कर्ज चुका दिया फिर भी रोज मांग रहे थे 10 हजार रुपये ब्याज

    भोपाल में शेफ की आत्महत्या सुसाइड नोट में लिखा कर्ज चुका दिया फिर भी रोज मांग रहे थे 10 हजार रुपये ब्याज


    मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में कर्ज और कथित सूदखोरी से जुड़ा एक दर्दनाक मामला सामने आया है। कलियासोत डेम के पास तेरा शटर क्षेत्र में एक 37 वर्षीय शेफ का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान नीलबड़ स्थित बृजधाम कॉलोनी निवासी रामश्रवण पटेल के रूप में हुई है। वह कोलार रोड स्थित एक निजी बंगले में शेफ के तौर पर कार्यरत थे। घटना स्थल से उनकी बाइक और जेब से एक सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।

    परिजनों के अनुसार रामश्रवण मंगलवार दोपहर काम पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। बाद में कलियासोत क्षेत्र में उनका शव पेड़ से लटका मिला। सुसाइड नोट में लिखे मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने परिवार को सूचना दी। बुधवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी।

    मौके से मिले सुसाइड नोट में मृतक ने आरोप लगाया कि मकान निर्माण के लिए उसने एक व्यक्ति से लगभग 3.70 लाख रुपये उधार लिए थे। नोट के अनुसार उसने पूरी मूल राशि चुका दी थी, लेकिन इसके बावजूद उससे प्रतिदिन 10 हजार रुपये ब्याज की मांग की जा रही थी। मृतक ने यह भी लिखा कि एक निजी फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट लगातार उस पर दबाव बना रहे थे, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में आ गया था।

    रामश्रवण के भाई अरुण पटेल ने बताया कि परिवार ने कर्ज चुकाने के लिए अपने गहने तक गिरवी रख दिए थे। इसके बावजूद वसूली करने वाले लगातार दबाव बना रहे थे। परिवार का कहना है कि पिछले कुछ समय से रामश्रवण बेहद तनाव में था और इसी कारण उसने यह कदम उठाया।

    परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि तीन दिन पहले रामश्रवण को चुनाभट्टी थाने बुलाया गया था, जहां उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बनाया गया। हालांकि पुलिस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है।

    रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा के अनुसार शुरुआती जांच में आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि परिजनों ने यह भी जानकारी दी है कि चार दिन पहले रामश्रवण ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन उस समय उसकी जान बच गई थी।

    पुलिस अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का परीक्षण कराएगी। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और नोट में जिन लोगों का उल्लेख किया गया है, उनसे पूछताछ भी की जाएगी। जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि कहीं कर्ज वसूली के नाम पर अवैध वसूली, धमकी या प्रताड़ना तो नहीं की गई।

    पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • मानसून सत्र में गरमाई सियासत कांग्रेस का वॉकआउट जैसा विरोध सदन 15 मिनट के लिए स्थगित

    मानसून सत्र में गरमाई सियासत कांग्रेस का वॉकआउट जैसा विरोध सदन 15 मिनट के लिए स्थगित


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन राजनीतिक टकराव और तीखी बहसों के नाम रहा। दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव के तहत इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ और लगातार शोरगुल के चलते कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    कांग्रेस विधायकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई और आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है। विपक्ष ने यह भी कहा कि छात्रों के सम्मान और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। वहीं सत्ता पक्ष ने कांग्रेस के विरोध को केवल राजनीतिक प्रदर्शन और मीडिया में सुर्खियां बटोरने का प्रयास बताया।

    शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई घटना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रों का अपमान किया गया और उनके खिलाफ बल प्रयोग हुआ। उन्होंने इस विषय पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। जवाब में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह मामला मध्य प्रदेश के अधिकार क्षेत्र से बाहर का है और विधानसभा के नियमों के अनुसार इस पर चर्चा नहीं कराई जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की ओर से सूचना निर्धारित समय के बाद दी गई थी।

    सदन में प्रश्नकाल के दौरान भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा गया। विधायकों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था, आदिवासियों की जमीन, किसानों के लंबित मुआवजे, केन-बेतवा परियोजना, भोपाल सिटी लिंक परियोजना पर लगाए गए जुर्माने, वसीयत के आधार पर नामांतरण और चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना जैसे विषयों पर सरकार को घेरा।

    शिवपुरी की चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने 167 करोड़ रुपये की परियोजना में भ्रष्टाचार और किसानों तक पानी नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वर्षों बाद भी किसानों को परियोजना का लाभ नहीं मिला और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इसके जवाब में मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि परियोजना पूरी हो चुकी है और हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी तकनीकी खामियां होंगी, वहां जांच कराकर सुधार कराया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी परियोजना का निरीक्षण कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।

    पेसा एक्ट और सोलर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी सदन में गूंजा। विधायक बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसानों को नोटिस दिए जा रहे हैं। हालांकि राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि किसी भी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में भूमि से जुड़े मामलों में स्थानीय समुदाय के अधिकारों और सामूहिक हितों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

    सत्र के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक को सदन ने पारित कर दिया। इसके बाद मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक पर चर्चा शुरू हुई। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने निजी विश्वविद्यालयों के लिए 25 एकड़ भूमि की अनिवार्यता समाप्त किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

    मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा के भीतर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, जनहित के मुद्दों पर बहस और विधायी कार्यवाही एक साथ देखने को मिली। आने वाले दिनों में भी किसानों, शिक्षा, आदिवासी अधिकारों और विकास परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर सदन में तीखी बहस जारी रहने की संभावना है।

  • महिला आयोग की सुनवाई में भावुक कर देने वाला मामला बच्चों ने पिता पर लगाए अफेयर और घरेलू हिंसा के आरोप

    महिला आयोग की सुनवाई में भावुक कर देने वाला मामला बच्चों ने पिता पर लगाए अफेयर और घरेलू हिंसा के आरोप


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। दो नाबालिग बच्चे अपनी मां के लिए न्याय की गुहार लेकर आयोग पहुंचे और अपने ही पिता पर गंभीर आरोप लगाए। बच्चों का कहना था कि उनके पिता का पड़ोस में रहने वाली एक शादीशुदा महिला से पिछले चार वर्षों से संबंध है। इस रिश्ते का विरोध करने पर वह उनकी मां के साथ मारपीट करते हैं और कई बार उन्हें भी प्रताड़ित किया जाता है। लगातार घरेलू तनाव के कारण उनकी मां गहरे अवसाद में चली गई हैं और आत्महत्या का प्रयास भी कर चुकी हैं।

    बच्चों ने आयोग के सामने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी पुलिस से की गई थी। उस समय उनके पिता ने शपथ पत्र देकर दोबारा ऐसा नहीं करने का भरोसा दिया था लेकिन इसके बावजूद उनका व्यवहार नहीं बदला। बच्चों का आरोप है कि संबंधित महिला के भी तीन बच्चे हैं और वह आंगनवाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उक्त महिला ने उनके पिता से आर्थिक मदद ली लेकिन अब तक राशि वापस नहीं की है।

    बच्चों ने आयोग से अपनी मां की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

    इसी जनसुनवाई के दौरान एक अन्य पारिवारिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान भी हुआ। पति और पत्नी दोनों पक्ष आयोग के सामने उपस्थित हुए। समझाइश और बातचीत के बाद दोनों साथ रहने पर सहमत हो गए। महिला ने आगे किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करने की इच्छा जताई जबकि पति ने भी परिवार में आपसी विश्वास और सम्मान के साथ जीवन बिताने का आश्वासन दिया।

    जनसुनवाई में एक औद्योगिक हादसे से जुड़ा मामला भी सामने आया। मंडीदीप स्थित एक फैक्ट्री के वेयरहाउस में गेहूं की बोरियों के नीचे दबने से एक कर्मचारी की मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद अब तक उसे उचित मुआवजा नहीं मिला। सुनवाई के दौरान कंपनी का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ जिस पर महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए अगली सुनवाई में कंपनी के प्रतिनिधि की अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिए।

    महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने स्पष्ट कहा कि यदि अगली सुनवाई में भी कंपनी की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ तो उसके खिलाफ वारंट जारी करने जैसी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आयोग पूरी गंभीरता से काम करेगा।

    मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में घरेलू हिंसा कार्यस्थल पर प्रताड़ना पारिवारिक विवाद और मुआवजे से जुड़े कुल 18 मामलों पर सुनवाई की गई। आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव सदस्य साधना स्थापक और सचिव सुरेश तोमर की मौजूदगी में दोनों पक्षों को सुनकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। आयोग ने दोहराया कि महिलाओं और पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय दिलाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • राहुल गांधी के विरोध में बीजेपी का प्रदर्शन विवादित तख्ती पर बढ़ा सियासी घमासान भोपाल में कांग्रेस भी करेगी पलटवार

    राहुल गांधी के विरोध में बीजेपी का प्रदर्शन विवादित तख्ती पर बढ़ा सियासी घमासान भोपाल में कांग्रेस भी करेगी पलटवार


    नई दिल्ली । दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता रेड क्रॉस चौराहे पर राहुल गांधी के प्रदर्शन के विरोध में एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। इसी दौरान प्रदर्शन स्थल पर एक महिला कार्यकर्ता के हाथ में ऐसी तख्ती दिखाई दी जिस पर संविधान से जुड़ा विवादित संदेश लिखा था। पोस्टर सामने आते ही वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं में हलचल मच गई।

    मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं को जैसे ही तख्ती पर लिखे संदेश की जानकारी मिली उन्होंने तुरंत उसे हटाने का प्रयास किया। बताया गया कि पार्टी के प्रवक्ता ने स्थिति को संभालते हुए विवादित तख्ती को सार्वजनिक रूप से दिखाई देने से रोक दिया। हालांकि इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया तथा प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों के बीच भी इस विषय को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

    भारतीय जनता पार्टी का यह प्रदर्शन दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के जवाब में आयोजित किया गया था। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने और राजनीतिक माहौल खराब करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

    दूसरी ओर कांग्रेस ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी रणनीति तैयार कर ली है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित आदिवासी छात्रावास में छात्रों की गूंज अभियान के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान वे छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ दिल्ली में हुए घटनाक्रम पर कांग्रेस का आधिकारिक पक्ष सामने रखेंगे। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों के सवाल पर पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी।

    समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाने की तैयारी की है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं थी और इस विषय पर जनता के सामने अपना पक्ष रखा जाएगा।

    दिल्ली में हुए घटनाक्रम का असर अब प्रदेश की राजनीति पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। एक ओर भाजपा विरोध प्रदर्शन कर रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी बात जनता तक पहुंचाने में जुटी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

    नोट: भाजपा प्रदर्शन के दौरान दिखाई देने वाली विवादित तख्ती को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आए हैं। इस मामले पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं और घटनाक्रम राजनीतिक विवाद का विषय बना हुआ है।

  • डॉ. हेडगेवार के जीवन पर केंद्रित महानाट्य का भोपाल के रविंद्र भवन में मंचन

    डॉ. हेडगेवार के जीवन पर केंद्रित महानाट्य का भोपाल के रविंद्र भवन में मंचन


    डॉ. हेडगेवार ने देशभक्ति के साथ दिया समानता का विचार : मोहन यादव

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रवादी विचारधारा के संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने देशभक्ति के साथ समानता का दर्शन दिया था। वे देश को मिलने जा रही स्वतंत्रता को कायम रखने के महत्व को पहले ही जान चुके थे, इस नाते उन्होंने राष्ट्र हित में अपनी भूमिका का निर्वाह किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार शाम भोपाल के रवींद्र भवन में संस्कार भारती द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष होने के अवसर पर हुए महानाट्य “युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार” के मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार दूरदर्शी सोच के साथ रचनात्मक प्रकल्प संचालित करते थे। उनके समता के भाव को आज राष्ट्र भी अंगीकार कर रहा है। समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल भी इस भाव को दृष्टिगत रखते हुए की गई है।

    उन्होंने कहा कि भारत की पहचान एक विधान है। हमारा मूल दर्शन समानता का है। डॉ. हेडगेवार ने स्वतंत्रता के पहले चुनौती भरे दौर में राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सर्वोपरि के भाव का प्रकटीकरण ही नहीं किया, बल्कि लाखों लाख नागरिकों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा भी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कार भारती को डॉ. हेडगेवार के योगदान को नाटक के माध्यम से मंचित किये जाने के लिए बधाई दी। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित होने का उल्लेख करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।

    कार्यक्रम को राष्ट्रीय सेवक संघ के पदाधिकारी हेमंत मुक्तिबोध ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्र को वैभव की ओर ले जाने के भरसक प्रयास किए। यह नाटक उनके जीवन के समर्पण,राष्ट्र निष्ठा और कर्म आधारित जीवन के स्वरूप को सामने लाने का माध्यम है।

    इस अवसर पर मंच पर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी अशोक पांडे, फिल्म अभिनेता और रंगमंच निर्देशक राजीव वर्मा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में शशि भाई सेठ, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, संस्कृति संचालक एनपी नामदेव और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। आभार प्रदर्शन रविंद्र सहस्त्रबुद्धे ने किया।

    कार्यक्रम में नागपुर की संस्था नादब्रह्म के कलाकारों द्वारा डॉ. हेडगेवार के जीवन और कार्यों पर केंद्रित महानाट्य प्रस्तुत किया गया। नागपुर की नादब्रम्ह संस्था द्वारा तैयार इस नाटक का निर्देशन सुबोध सुरजीकर ने किया। नाटक के लेखक डॉ. अजय प्रधान हैं। संस्कृति विभाग मध्य प्रदेश शासन के सहयोग से हुए नाटक में दक्ष कलाकारों ने प्रभावी अभिनय कर नाट्य प्रस्तुति को सफल बनाया। देश के अनेक नगरों में नाटक का मंचन हुआ है।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो की चपेट में आने से 3 साल की मासूम की मौत; CCTV में कैद घटना

    भोपाल में दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो की चपेट में आने से 3 साल की मासूम की मौत; CCTV में कैद घटना


    भोपाल । राजधानी भोपाल के बैरसिया क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहां तीन वर्षीय मासूम बच्ची स्कॉर्पियो वाहन की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसकी मौत हो गई। हादसे की पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार यह हादसा रविवार दोपहर बैरसिया थाना क्षेत्र के ललरिया गांव में हुआ। मृत बच्ची की पहचान जूना खान (3) के रूप में हुई है। उसके पिता सोहेल खान सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, जबकि मां भी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। रविवार की छुट्टी होने के कारण पूरा परिवार बच्ची के ननिहाल आया हुआ था।

    जानकारी के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे बच्ची के नाना उसे और परिवार की दो अन्य बच्चियों को पास की दुकान से चॉकलेट और बिस्किट दिलाने लेकर गए थे। दुकान पर खरीदारी के दौरान जूना अचानक बाहर सड़क की ओर निकल गई। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ी।

    इसी समय कुछ दूरी पर खड़ी स्कॉर्पियो का चालक वाहन स्टार्ट कर आगे बढ़ा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक को सड़क पर गिरी बच्ची दिखाई नहीं दी। स्कॉर्पियो का अगला पहिया बच्ची के ऊपर से गुजर गया और वह वाहन के नीचे फंस गई। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार बच्ची करीब 20 फीट तक वाहन के साथ घिसटती रही। इसके बाद वाहन का पिछला पहिया भी उसके ऊपर से गुजर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तत्काल बच्ची की मदद के लिए दौड़े।

    हादसे की सूचना मिलते ही बैरसिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी कराई, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पूरे गांव में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है।

    डॉक्टरों के अनुसार हादसे में बच्ची के लिवर में गंभीर अंदरूनी रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) हुआ था। सिर पर गंभीर चोट लगी थी, जबकि हाथ और पैर में फ्रैक्चर के साथ शरीर के कई अंदरूनी अंग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसे बचाया नहीं जा सका।

    पुलिस ने स्कॉर्पियो चालक की पहचान ललरिया गांव निवासी जाकिर के रूप में की है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को रेखांकित करता है। वहीं छोटे बच्चों पर हर समय निगरानी रखना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि कुछ ही सेकंड की चूक किसी परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है।