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  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: भोपाल की प्रमुख मस्जिदों पर पुलिस की विशेष निगरानी

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम: भोपाल की प्रमुख मस्जिदों पर पुलिस की विशेष निगरानी


    नई दिल्ली । भोपाल में आज जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहर के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में सुबह से ही अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रमुख मस्जिदों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी रख रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    यह कदम हाल ही में सामने आए कुछ घटनाक्रमों और बढ़े हुए तनाव को देखते हुए उठाया गया है। प्रशासन के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    शहर के विभिन्न समुदायों के धार्मिक नेताओं ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है। शहर काजी ने लोगों से संयम रखने और किसी के बहकावे में न आने की बात कही है, जबकि पुलिस कमिश्नर ने भी नागरिकों से शहर में अमन-चैन बनाए रखने का आग्रह किया है।

    प्रमुख मस्जिदों जैसे ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद, जामा मस्जिद, पीरगेट और पुराने भोपाल की अन्य मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने बैरिकेडिंग भी की है और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त बल लगाया गया है।

    नमाज का समय दोपहर के आसपास निर्धारित है, जिसके दौरान पुलिस विशेष रूप से सतर्क रहेगी। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शहर में शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

  • छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस

    छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस


    नई दिल्ली । अशोका गार्डन थाना क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी में 19 वर्षीय ख्याति जैन, जो बीए की छात्रा थी, ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि जब उसकी मां किसी काम से बाहर गई हुई थी, उसी दौरान उसने यह कदम उठाया।
    ब्लेड से काटी नस
    छात्रा ने ब्लेड से अपने हाथ की नस काट ली, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
    पुलिस जांच शुरू
    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। कमरे की तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

    खजूरी सड़क में अस्पताल अटेंडर ने लगाई फांसी
    23 वर्षीय युवक ने दी जान
    खजूरी सड़क थाना क्षेत्र के भैंसाखेड़ी में 23 वर्षीय राकेश मेहरा, जो एक अस्पताल में अटेंडर के रूप में कार्यरत था, ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    घर में मिला शव
    पुलिस के अनुसार, राकेश ने सोमवार सुबह अपने घर में फांसी लगाई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
    कारण अज्ञात
    मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।

    पुलिस की जांच जारी, कारणों की तलाश
    दोनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। परिजनों के बयान और मोबाइल डेटा की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    भोपाल में सामने आई ये दोनों घटनाएं मानसिक तनाव और सामाजिक परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।

  • MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा

    MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक दुर्लभ मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी और कार्रवाई करने वाली टीम, दोनों एक ही विभाग के हैं. पुलिस विभाग (Police Department.) के भीतर ही चले इस ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ (‘Cleanup Operation’) में एक कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

    पूरा मामला एक मकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे आपसी विवाद से शुरू हुआ था. आरोप है कि जब फरियादी किरायेदार मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचा, तो कोहेफिजा थाने में तैनात कांस्टेबल यशपाल तोमर ने उसके पक्ष में कार्रवाई करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।


    कमिश्नर तक पहुंची बात

    किरायेदार ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर से कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर ने तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश दिए. कमिश्नर के निर्देश पर एसीपी अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया: जैसे ही कांस्टेबल और एफआरवी ड्राइवर ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीपी की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।


    कोहेफिजा थाना अब जांच के दायरे में

    इस घटना ने पूरे थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कमिश्नर के सख्त रुख के बाद अब कोहेफिजा थाने के अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. यह देखा जा रहा है कि क्या इस वसूली रैकेट में अन्य सीनियर या जूनियर अधिकारी भी शामिल थे।

  • MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता

    MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में एक बार फिर हिंदू युवती (Hindu girl) और मुस्लिम युवक (Muslim youth) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. मामला गोविंदपुरा थाना क्षेत्र (Govindpura police station area.) के गौतम नगर (Gautam Nagar) स्थित प्राईड इन होटल का है, जहां हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक को होटल के कमरे में पकड़ लिया. इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और युवक के साथ मारपीट की गई. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


    युवक की पिटाई के बाद लगाया गोबर और पोती स्याही

    जानकारी के मुताबिक हिंदू संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि होटल में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक ठहरे हुए हैं. इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता होटल पहुंच गए. आरोप है कि कार्यकर्ता सीधे युवक-युवती के कमरे तक पहुंचे और दोनों को बाहर निकालकर सड़क पर ले आए. इस दौरान युवक के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई. इतना ही नहीं, युवक को अर्धनग्न कर उसके चेहरे पर गोबर और स्याही भी पोती गई. मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा.

    घटना की सूचना मिलते ही गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस युवक और युवती को थाने लेकर पहुंची, जहां दोनों से पूछताछ की गई. हालांकि काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद भी किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।


    एक दूसरे को पहले से जानते थे युवक-युवती

    पुलिस के अनुसार युवक की पहचान आरिफ खान के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि आरिफ के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं. उस पर अड़ीबाजी, ब्लैकमेलिंग और मोबाइल चोरी जैसे आरोप लग चुके हैं. वहीं युवती भोपाल के अयोध्या नगर इलाके की रहने वाली बताई जा रही है. पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और पहले भी रिलेशनशिप में रह चुके हैं।

    मामले को लेकर थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि पुलिस ने सभी पक्षों को समझाइश देकर छोड़ दिया है. किसी भी पक्ष ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने सभी लोगों को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था प्रभावित हो।

  • MP: कोचिंग संचालिका को दिल्ली से भोपाल बुलाया…. बंधक बनाकर लूटे 1.89 करोड़, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार

    MP: कोचिंग संचालिका को दिल्ली से भोपाल बुलाया…. बंधक बनाकर लूटे 1.89 करोड़, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने IAS अकैडमी की डायरेक्टर (Director of IAS Academy) से 1.89 करोड़ रुपए की संगठित लूट के मामले का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड (Mastermind.) समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने सेमिनार और नए सेंटर खोलने का झांसा देकर डायरेक्टर को दिल्ली से भोपाल बुलाया और फिर हथियारों के दम पर बंधक बनाकर रकम ट्रांसफर कराई।

    क्राइम ब्रांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी प्रियांक शर्मा जो कि अकैडमी का पूर्व छात्र है, उसने पूरी साजिश रची. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता शुभ्रा रंजन को एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर पिस्टल और कट्टे की नोक पर डराया-धमकाया और 1.89 करोड़ रुपए अपनी सोसायटी ‘जनकशिला’ और ‘आरएस इंटरप्राइजेस’ के खातों में ट्रांसफर करवा ली।


    फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं शुभ्रा

    घटना सामने आते ही क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और चंद घंटों के भीतर पूरी राशि को बैंक खातों में होल्ड करा दिया. पुलिस का कहना है कि रिफंड की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही पूरी रकम पीड़िता को वापस मिल जाएगी. शुभ्रा दिल्ली से आकर भदभदा के पास बने एक फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं. वहीं से आरोपी प्रियांक शर्मा उन्हें अपने साथ फ्रेंचायसी के लिए जगह दिखाने के नाम पर बागसेवनिया ले गया और यहां स्थित एक फ्लैट में दो दिन तक बंधक बनाकर रखा. इस दौरान उनके खाते से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए गए।


    बंधक बनाकर बनाया फर्जी वीडियो

    आरोपियों ने पीड़िता को डराने के लिए अपने ही एक साथी के अपहरण का फर्जी वीडियो बनाया, ताकि वह पुलिस में शिकायत न करे और भविष्य में भी पैसे देती रहे. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने वारदात से एक दिन पहले ही किराए का मकान लिया और उसी दिन सुंदरकांड का आयोजन कराया, ताकि शोर-शराबे में पीड़ितों की चीख-पुकार बाहर न जा सके.


    बाहर से बुलाए गए हथियारबंद बदमाश

    वारदात को अंजाम देने के लिए दतिया और रीवा से बदमाश बुलाए गए थे, जिन्होंने हथियारों के दम पर पूरी घटना को अंजाम दिया. घटना के बाद आरोपी प्रियांक शर्मा ने बीमारी का झूठा बहाना बनाकर खुद को एम्स अस्पताल के ICU में भर्ती करा लिया, ताकि पुलिस से बच सके. हालांकि पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान आरोपी की मां और पत्नी ने अस्पताल में हंगामा भी किया।


    विदेश भागने की थी तैयारी

    जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विदेश फरार होने की तैयारी में था. फिलहाल उसकी पत्नी की भूमिका की भी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने मास्टरमाइंड प्रियांक शर्मा समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

  • भोपाल में ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन, न्यूनतम वेतन बढ़ाने की उठाई मांग, निकाली रैली

    भोपाल में ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन, न्यूनतम वेतन बढ़ाने की उठाई मांग, निकाली रैली


    भोपाल । राजधानी भोपाल में ठेका, अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों ने गुरुवार को अपने वेतन और नौकरी की स्थिति को लेकर जोरदार आंदोलन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने नीलम पार्क क्षेत्र में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और पार्क में धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग के साथ सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी भी दी है।

    कर्मचारियों का कहना है कि राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी 12,425 रुपए से बढ़ाकर 16,769 रुपए प्रतिमाह तय की है, लेकिन यह उनके लिए पर्याप्त नहीं है। उनका तर्क है कि न्यूनतम वेतन कम से कम 26,000 रुपए प्रतिमाह होना चाहिए। साथ ही उनका आरोप है कि केंद्र सरकार के मानकों के बावजूद राज्य के कई विभागों में मजदूरों से 3 से 5 हजार रुपए प्रतिमाह पर काम कराया जा रहा है, जिससे असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

    कई विभागों में बेहद कम वेतन देने का आरोप

    प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अलग-अलग विभागों में कार्यरत श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों, पावर प्लांट और सीमेंट उद्योगों में भी ठेका श्रमिकों को पूरी मजदूरी नहीं मिलने की बात कही गई है।

    कर्मचारियों के अनुसार स्कूलों, छात्रावासों और आयुष विभाग के अंशकालीन कर्मियों को 4 से 5 हजार रुपए मिलते हैं। ग्राम पंचायतों में चौकीदार, पंप ऑपरेटर और सफाईकर्मियों को 3 से 4 हजार रुपए, स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मियों को 7 से 8 हजार रुपए, राजस्व विभाग के लोक यूथ सर्वेयरों को करीब 1 हजार रुपए, मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ताओं को लगभग 4 हजार रुपए और मनरेगा मेट श्रमिकों को 2 हजार रुपए से भी कम भुगतान किया जाता है।

    सरकार से स्थायी समाधान और वेतन गारंटी की मांग

    अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने बताया कि अब तक 50 हजार से अधिक आवेदन सरकार को दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी सरकार की योजनाओं को जमीन पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन खुद ही न्यूनतम वेतन और स्थायी नौकरी से वंचित हैं। कर्मचारियों ने सरकार से न्यूनतम वेतन की गारंटी देने, इसे बढ़ाकर 26 हजार रुपए करने और आउटसोर्स व्यवस्था की समीक्षा कर स्थायी रोजगार देने की मांग की है।

  • भोपाल में अतिथि शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन, वादों पर अमल न होने से नाराजगी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

    भोपाल में अतिथि शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन, वादों पर अमल न होने से नाराजगी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी


    भोपाल। अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों अतिथि शिक्षकों ने बुधवार को राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सरकार पर चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया और लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

    प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने गुरुजियों की तर्ज पर नीति लागू करने, सीधी भर्ती में बोनस अंक देने और वार्षिक अनुबंध के जरिए भविष्य सुरक्षित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे शिक्षकों में गहरा असंतोष है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अतिथि शिक्षकों को न्याय दिलाने की बात कही थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई निर्णय सामने नहीं आया है।

    सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप

    संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी रामचंद्र नागर और प्रदेश अध्यक्ष के.सी. पवार ने कहा कि सरकार वार्षिक अनुबंध लागू करने के अपने वादे से पीछे हटती नजर आ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल के बाद कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो करीब सवा लाख अतिथि शिक्षकों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने यह भी मांग रखी कि सीधी भर्ती, प्रमोशन और ट्रांसफर से प्रभावित अनुभवी अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों पर प्राथमिकता के आधार पर समायोजित किया जाए।

    ई-अटेंडेंस और भुगतान में समस्याएं उठाईं

    प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने ई-अटेंडेंस प्रणाली में आ रही तकनीकी खामियों पर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई बार तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती, जिससे मानदेय कट जाता है। साथ ही कुछ मामलों में सितंबर महीने का भुगतान भी अभी तक लंबित है।

    भर्ती प्रक्रिया में अनुभव को लेकर उठे सवाल
    बी.एम. खान ने भर्ती प्रक्रिया में मौजूद विसंगतियों को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को उनके अनुभव का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। वर्तमान में स्कोर कार्ड में केवल 5 साल का अनुभव जोड़ा जा रहा है, जबकि इसे बढ़ाकर हर वर्ष 10 अंक (अधिकतम 100 अंक) किया जाना चाहिए। इसके अलावा 2008 और 2011 की पात्रता परीक्षाओं के अंक भी शामिल करने की मांग की गई। प्रांत अध्यक्ष तूफान शर्मा ने कहा कि अतिथि शिक्षक सभी आवश्यक योग्यताओं को पूरा करते हैं, इसलिए उनके अनुभव के आधार पर उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

    मुख्य मांगें इस प्रकार हैं
    नियमितीकरण के लिए विशेष विभागीय पात्रता परीक्षा आयोजित कर कम से कम 30% पद अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित किए जाएं।
    शिक्षक भर्ती में 50% पद अतिथि शिक्षकों के लिए तय हों, हर वर्ष 4 बोनस अंक (अधिकतम 20) दिए जाएं और पात्रता अंकों में 10% की छूट दी जाए।
    स्कोर कार्ड में हर वर्ष 10 अंक (अधिकतम 100) जोड़े जाएं और 50 दिन कार्य पूर्ण होने पर अनुभव अंक मिले, साथ ही 2011 संविदा परीक्षा के अंक भी जोड़े जाएं।
    12 महीने का वार्षिक अनुबंध लागू किया जाए और कार्यमुक्त होने पर समायोजन सुनिश्चित किया जाए।
    बीमा, पीएफ, स्वास्थ्य सुविधाएं और 13 आकस्मिक व 3 ऐच्छिक अवकाश प्रदान किए जाएं।
    ई-अटेंडेंस प्रणाली में सुधार कर काटे गए मानदेय का शीघ्र भुगतान किया जाए।
    तकनीकी समस्या होने पर ऑफलाइन उपस्थिति को मान्यता दी जाए।
    पुराने आश्वासनों को लागू करने की मांग तेज
    प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि अतिथि शिक्षकों को लेकर पहले कई घोषणाएं की गई थीं और इस मुद्दे को राजनीतिक समर्थन भी मिला था। लेकिन अब उन वादों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे शिक्षकों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

  • कोतवाली क्षेत्र में पुलिस कमिश्नर की सख्ती रॉन्ग साइड एंट्री बंद करने के निर्देश

    कोतवाली क्षेत्र में पुलिस कमिश्नर की सख्ती रॉन्ग साइड एंट्री बंद करने के निर्देश


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून व्यवस्था और यातायात सुधार को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में पुलिस कमिश्नर संजय कुमार इमामी ने कोतवाली थाना क्षेत्र में नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं सुनीं। इस जनसंवाद कार्यक्रम का उद्देश्य शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और जनता की भागीदारी बढ़ाना रहा।

    जनसंवाद के दौरान पुलिस कमिश्नर ने साफ तौर पर निर्देश दिए कि दुकानों के सामने होने वाली अवैध पार्किंग को तत्काल हटाया जाए क्योंकि इससे न केवल ट्रैफिक बाधित होता है बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस तरह की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाए।

    इसके साथ ही हमीदिया अस्पताल के आसपास रॉन्ग साइड एंट्री को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस क्षेत्र में गलत दिशा से आने वाले वाहनों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

    कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए कहा गया कि यदि कहीं भी कोई संदिग्ध या अवैध गतिविधि नजर आए तो तुरंत डायल 112 पर सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और शिकायतों का जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

    जनसंवाद में ट्रैफिक नियमों को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया और उन्हें नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।

    पुलिस कमिश्नर ने मादक पदार्थों और अवैध हथियारों के खिलाफ भी लोगों से सहयोग मांगा और अपील की कि ऐसी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

    इस पहल के जरिए पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की कोशिश की जा रही है जिससे शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके। पुलिस का मानना है कि आम नागरिकों की भागीदारी के बिना सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावी बनाना संभव नहीं है।

  • मध्यप्रदेश में MPPSC एग्जाम शुरू, नए नियम लागू 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी

    मध्यप्रदेश में MPPSC एग्जाम शुरू, नए नियम लागू 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी


    भोपाल । मध्यप्रदेश में आज राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जा रही है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में यह परीक्षा 365 केंद्रों पर आयोजित हो रही है जहां लाखों अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इस बार परीक्षा को लेकर नियमों में कई बदलाव किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है।

    यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जा रही है जिसमें पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2.15 बजे से शाम 4.15 बजे तक चलेगा। परीक्षा के लिए प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों में केंद्र बनाए गए हैं ताकि अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके।

    इस बार सबसे खास बात यह है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए थ्री लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है। उम्मीदवारों को पहले बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से गुजरना होगा इसके बाद एडमिट कार्ड की स्कैनिंग की जाएगी और अंत में हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर के जरिए तलाशी ली जाएगी। इन सभी चरणों से गुजरने के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।

    परीक्षा प्रबंधन के अनुसार हर उम्मीदवार की जांच में लगभग 5 से 7 मिनट का समय लग सकता है इसलिए सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

    केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर और अंदर वर्जित वस्तुओं की सूची चस्पा की गई है ताकि उम्मीदवार पहले से ही सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की परेशानी से बच सकें।

    प्रशासन का कहना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और नकल की घटनाओं को देखते हुए इस बार कोई भी लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

    कुल मिलाकर MPPSC की यह परीक्षा न केवल अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसमें सुरक्षा और व्यवस्था दोनों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सभी नियमों का पालन करें और समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करें।

  • डिजिटल जनगणना 2027 पर पीएम मोदी का जोर भोपाल में सीएम मोहन यादव ने मन की बात के जरिए जोड़ा संवाद

    डिजिटल जनगणना 2027 पर पीएम मोदी का जोर भोपाल में सीएम मोहन यादव ने मन की बात के जरिए जोड़ा संवाद


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को एक अलग ही माहौल देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 133वें संस्करण का जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ सामूहिक श्रवण किया। वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित इस कार्यक्रम में आमजन की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली जिससे यह एक जनसंवाद का मंच बन गया।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मन की बात आज देशवासियों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुका है और यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि करोड़ों लोगों को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के प्रेरक कार्यों नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाया जाता है जिससे लोगों को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए 2027 में होने वाली डिजिटल जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना बताते हुए कहा कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी। घर घर जाकर जानकारी एकत्र करने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप होगा जिसमें नागरिकों की जानकारी सीधे दर्ज की जाएगी।

    प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इस बार नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी जा रही है। कर्मचारी के आने से लगभग 15 दिन पहले यह सुविधा शुरू होगी जिससे लोग अपने समय अनुसार जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद उन्हें एक विशेष आईडी मिलेगी जिसे वे कर्मचारी के आने पर दिखाकर अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया सरल होगी और समय की बचत भी होगी।

    उन्होंने जानकारी दी कि जिन राज्यों में स्व गणना का कार्य पूरा हो चुका है वहां घरों के सूचीकरण का काम भी शुरू हो गया है और अब तक करीब 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में बढ़ चढ़कर भाग लें क्योंकि यह केवल सरकारी कार्य नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित युवाओं और आमजनों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान और स्वरोजगार जैसे विषयों पर चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उनसे संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व और बड़ों के सम्मान की सीख दी तथा उनके साथ समय बिताया।

    कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात देश को सकारात्मक दिशा देने का एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है।

    कुल मिलाकर भोपाल में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक रेडियो प्रसारण नहीं बल्कि जनसंवाद और जनभागीदारी का उदाहरण बनकर सामने आया जिसमें सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने की झलक देखने को मिली।