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  • जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर

    जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर


    जबलपुर के सिहोरा के आजाद चौक में गुरुवार रात हुए विवाद के बाद से माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ लेकिन पुलिस की सतत गश्ती जारी रही लोग दहशत में थे लेकिन आवागमन सामान्य रूप से चलता रहा शुक्रवार और शनिवार की सुबह पुलिस की कई टीमों ने 10 और हंगामा करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया ये आरोपी हिंदू पक्ष से हैं और इन पर दूसरे वर्ग के धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने का आरोप है

    इससे पहले ही पुलिस ने 49 लोगों को गिरफ्तार किया था अब तक कुल 59 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है वहीं कुछ और आरोपियों की तलाश जारी है पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है

    शुक्रवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया पुलिस ने बताया कि मामला शांतिपूर्ण बनाने के लिए यह आवश्यक था

    पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की कई असामाजिक तत्व घटना को अंजाम देकर फरार हो गए ऐसे लोगों की पहचान भी की जा रही है इस काम में स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और अन्य अधिकारियों को लगाया गया है

    मामला गुरुवार रात का है जब सिहोरा के आजाद चौक में दो पक्षों में विवाद हुआ देखते ही देखते दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए और एक दूसरे पर पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी भगदड़ के हालात बन गए मौके पर सिहोरा समेत आसपास के थानों की पुलिस पहुंची भीड़ को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया गया

    पुलिस ने रात में ही उपद्रवियों की पहचान कर ली थी इनमें किशोर और अधिक उम्र के लोग शामिल थे कुछ को सिहोरा में ही छोड़ दिया गया जबकि लगभग 25 से 30 आरोपियों को बस से शहर के थानों में ले जाकर गिरफ्तारी और अन्य कार्रवाई की गई

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था को बनाए रखना प्राथमिकता है दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनावी या धार्मिक तनाव के समय ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए सतत निगरानी और समय पर कार्रवाई जरूरी है

  • इंदौर में राजनीतिक हिंसा, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया पथराव, जिला अध्यक्ष अस्पताल में भर्ती

    इंदौर में राजनीतिक हिंसा, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया पथराव, जिला अध्यक्ष अस्पताल में भर्ती


    इंदौर में शनिवार को सियासी पारा चरम पर पहुंच गया जब भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए शहर के कांग्रेस मुख्यालय गांधी भवन के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं और वहां पहले से मौजूद कांग्रेसियों के बीच झड़प हो गई

    स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब भाजपा की ओर से गांधी भवन पर पथराव शुरू कर दिया गया पथराव के दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े गंभीर रूप से घायल हो गए उनके सिर पर गहरी चोट आई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया

    स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना अचानक हुई और झड़प में कई अन्य कार्यकर्ता भी घायल होने के कगार पर थे मौके पर भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई और स्थिति को नियंत्रित किया गया

    पुलिस ने बताया कि पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने घटना की निंदा की है और प्रशासन से शीघ्र जांच की मांग की है

    घटना के बाद गांधी भवन के आसपास क्षेत्र को सील कर दिया गया और हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया स्थानीय प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है

    विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी मौसम में शहरों में ऐसे सियासी तनाव बढ़ सकते हैं ऐसे मामलों में समय पर नियंत्रण और न्यायिक कार्रवाई बेहद जरूरी होती है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे

  • राजस्थान बजट सत्र में BJP विधायक के विवादित बयान ने मचाया हंगामा: 'BJP सरकार ने छोरा, गहलोत ने छोरी पैदा की'

    राजस्थान बजट सत्र में BJP विधायक के विवादित बयान ने मचाया हंगामा: 'BJP सरकार ने छोरा, गहलोत ने छोरी पैदा की'


    नई दिल्ली । राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक बार फिर सियासी और सांस्कृतिक विवाद उभर गया है। सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायक बहादुर सिंह कोली ने सदन में एक विवादित बयान देते हुए बजट की तुलना ‘बेटे’ और ‘बेटी’ से कर दी। बहादुर सिंह कोली जो भरतपुर जिले से विधायक और पूर्व लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं ने कहा कि भजनलाल शर्मा की बीजेपी सरकार का बजट छोरा था जबकि अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार का बजट ‘छोरी’ था और इसी वजह से कांग्रेस चुनाव में हार गई।

    बीजेपी विधायक ने बजट सत्र के दौरान रात करीब 8 बजे सदन में कहा हमारी सरकार ने पहले बजट में छोरा पैदा किया फिर दूसरे और तीसरे बजट में भी छोरा पैदा किया। जो जवानी में छोरा पैदा करता है वह हमेशा काम आता है। जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे उन्होंने अपने आखिरी बजट में घोषणाएं कीं लेकिन छोरा नहीं पैदा हुआ छोरी पैदा हुई और इसी वजह से आप विपक्ष में बैठे हैं। इस बयान ने सदन में मौजूद सदस्यों को झकझोर दिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया।

    कांग्रेस ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी के अनुसार यह बयान लड़कों और लड़कियों में भेदभाव को दर्शाता है और सदन में इस तरह की संवेदनहीन टिप्पणी देना महिलाओं के प्रति पक्षपात को उजागर करता है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान ने कहा कि बीजेपी विधायक के इस बयान ने उनकी पार्टी की सोच को सार्वजनिक कर दिया है। बीजेपी के लोग महिलाओं को लेकर क्या सोच रखते हैं यह अब साफ हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह के बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के प्रति नजरिए को हल्के में दिखाने वाले हैं।

    वहीं बीजेपी की तरफ से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने बहादुर सिंह कोली के बयान की व्याख्या करते हुए कहा कि विधायक बजट पर चर्चा कर रहे थे और कांग्रेस केवल हंगामा कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी और हमारी सरकार बेटियों का सम्मान करती है और उन्हें देवी स्वरूप में पूजती है। मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि भाजपा सरकार ने संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिलाने का काम किया है और महिलाओं के सम्मान को सर्वोपरि माना जाता है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह बयान न केवल बजट सत्र में विवाद पैदा करने वाला है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी संवेदनशील है। महिलाओं और लड़कियों के प्रति राजनीतिक दलों की सोच पर भी बहस छिड़ा है। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह केवल बजट पर व्यंग्य था जबकि विपक्ष इसे महिलाओं के प्रति पक्षपातपूर्ण टिप्पणी मान रहा है। यह घटना राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनजर भी राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर सकती है।

    कुल मिलाकर बहादुर सिंह कोली के बयान ने विधानसभा में बहस का नया मुद्दा खड़ा किया है जहां बजट पर चर्चा के दौरान संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को भी राजनीति की भेंट चढ़ाया गया। बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और प्रतिक्रिया जारी रही और राज्य की सियासत में यह विवाद केंद्र में बन गया।

  • MP में टैलेंट हंट प्रोग्राम’ के जरिए प्रवक्ता खोज कर रही कांग्रेस… BJP ने उठाए सवाल

    MP में टैलेंट हंट प्रोग्राम’ के जरिए प्रवक्ता खोज कर रही कांग्रेस… BJP ने उठाए सवाल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सियासत में अब ‘टैलेंट’ (‘Talent’) भी बहस का विषय बन गया है. प्रदेश कांग्रेस (MP Congress) ने संगठन में नए और ऊर्जावान चेहरों को मौका देने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए प्रवक्ताओं के चयन के लिए ‘टैलेंट हंट प्रोग्राम’ (Talent Hunt Program) शुरू किया है. हालांकि इस पहल पर बीजेपी (BJP) ने तंज कसते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं.

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की. उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी को ऐसे प्रवक्ताओं की जरूरत है जो वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध हों, समसामयिक मुद्दों पर गहरी पकड़ रखते हों और कांग्रेस की विचारधारा को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकें. पार्टी का दावा है कि अब चयन प्रक्रिया योग्यता, अध्ययन और संवाद क्षमता के आधार पर होगी।


    क्या है टैलेंट हंट की पूरी प्रक्रिया?

    – कार्यक्रम जिला, संभाग, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित होगा
    – 28 फरवरी तक आवेदन जमा किए जा सकेंगे
    – संभाग स्तर पर इंटरव्यू होंगे
    – AICC नामित कोऑर्डिनेटर, टैलेंट हंट कमेटी, वरिष्ठ नेता और जिला अध्यक्ष मिलकर मूल्यांकन करेंगे
    – अंतिम निर्णय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी लेगी
    – 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा
    – साथ ही मीडिया पैनलिस्ट, संभाग और जिला स्तर पर दो-दो अधिकृत प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट और एक विशेष अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किए जाएंगे.

    इस बीच बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा समेत मंत्रियों गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा कि पार्टी में टैलेंट की कमी है, इसलिए बाहर से तलाश की जा रही है. मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तो कहा कि कांग्रेस को टैलेंट से ज्सादा एक्सपियरेंस की जरूरत है नहीं तो सब एक-एक कार कांग्रेस छोड़ कर चले जाएंगे।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश की राजनीति में अब प्रवक्ताओं का चयन भी सियासी संग्राम का हिस्सा बन गया है. एक तरफ कांग्रेस नई ऊर्जा के साथ संगठन को धार देने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे कांग्रेस की मजबूरी बता रही है। अब देखना होगा कि यह टैलेंट हंट वाकई कांग्रेस को मजबूत और मुखर आवाजें देता है या फिर यह पहल भी सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रह जाती है।

  • असफल वंशज पर न पार्टी नेताओं को भरोसा, न सहयोगियों को… कांग्रेस के सियासी घमासान पर BJP का तंज

    असफल वंशज पर न पार्टी नेताओं को भरोसा, न सहयोगियों को… कांग्रेस के सियासी घमासान पर BJP का तंज


    नई दिल्ली
    । कांग्रेस पार्टी (Congress Party) के लिए सोमवार का दिन उलझनों भरा रहा। मणिशंकर अय्यर (Mani Shankar Aiyar.) जैसे नेता ने पार्टी हाई कमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, तो वहीं असम के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा (Bhupen Bora) ने भी पार्टी को अपना इस्तीफा भेज दिया। उन्होंने पार्टी हाई कमान पर उन्हें नजर अंदाज करने का आरोप लगाया था। इस उठा पटक के बीच भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व के ऊपर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। भाजपा की तरफ से राहुल गांधी को एक ‘असफल वंशज’ करार देते हुए कहा गया कि उन पर न तो उनकी पार्टी के नेताओं को भरोसा है और न ही उनके सहयोगियों को भरोसा है।

    दिन भर से कांग्रेस पार्टी के अंदर जारी घमासान पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस कहती है राहुल को हटाओ, ममता को लाओ, ‘इंडी-गठबंधन’ को बचाओ। असम के कांग्रेस नेता भूपेन बोरा ने इस्तीफा दिया। मणिशंकर अय्यर कहते हैं कि कांग्रेस केरल हारेगी और विजयन जीतेंगे।” भाजपा नेता ने सवाल किया कि क्या यह समझने के लिए और सबूतों की जरूरत है कि न तो गांधी की अपनी पार्टी के नेता और न ही उनके सहयोगी उन्हें गंभीरता से लेते हैं। भाजपा नेता ने अपने हमले को और भी तीखा करते हुए कहा, “राहुल गांधी के पास न तो जनमत है और न ही संगत… वह बस एक असफल विशेषाधिकार प्राप्त वंशवादी हैं।”

    आपको बता दें, खबर लिखे जाने तक असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने इस्तीफे को वापस ले लिया था। इसके अलावा मणिशंकर अय्यर को लेकर कांग्रेस पार्टी की तरफ से कहा गया कि वह अब पार्टी में नहीं है, ऐसे में उनके बयान को पार्टी से जोड़ने का कोई मतलब नहीं है। दरअसल, मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपने पद पर बने रहेंगे। इसके अलावा उन्होंने प्रवक्ता पवन खेड़ा और शशि थरूर पर भी निशाना साधा था। उनके इस बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी की तरफ से जबरदस्त विरोध देखने को मिला था। पार्टी की तरफ से कांग्रेस से संबंध न होने की बात पर पूर्व सांसद ने कहा कि उन्हें केवल अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही पार्टी से निकाल सकते हैं।

    कांग्रेस पार्टी ने भले ही खुद को इस बयान से दूर कर लिया हो लेकिन भाजपा ने हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ा। प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “कांग्रेस नेताओं द्वारा राहुल गांधी को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है। राहुल गांधी को कांग्रेस के कट्टर वफादार मणिशंकर अय्यर ने खुलेआम नकार दिया।”

    भंडारी ने कहा, ”अय्यर हों या तृणमूल कांग्रेस या भूपेन बोरा सब जानते हैं। राहुल गांधी राजनीतिक ‘पप्पू’ हैं। कांग्रेस में अपना पूरा जीवन बिताने वाले वफादार अब खुलेआम राहुल गांधी के खिलाफ बोल रहे हैं।”

    दरअसल, यह पूरा मामला कांग्रेस के पूर्व सांसद मणिशंकर अय्यर के बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेताओं के ऊपर निशाना साधा। उन्होंने पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल और शशि थरूर को भी अपने निशाना पर लिया। इसके अलावा असम से पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन के इस्तीफे ने भी कांग्रेस पार्टी के दिन को बर्बाद करने की कोशिश की। मणिशंकर के मामले पर कांग्रेस पार्टी की तरफ से तीखी टिप्पणी आई, जिसमें कहा गया कि मणिशंकर अय्यर अब पार्टी में नहीं है, तो उस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह नेहरू वादी और राजीववादी हैं लेकिन राहुलवादी नहीं है। इतना ही नहीं अय्यर ने कहा कि उन्हें पार्टी से निकालने का अधिकार केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को है।

  • मप्र बजट सत्र का पहला दिन: कांग्रेस ने भागीरथपुरा दूष‍ित पानी का उठाया मुद्दा, सरकार को घेरा

    मप्र बजट सत्र का पहला दिन: कांग्रेस ने भागीरथपुरा दूष‍ित पानी का उठाया मुद्दा, सरकार को घेरा


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को कांग्रेस विधायक दल ने राज्य सरकार पर तीखे सवाल उठाए और जनहित के मुद्दों को सदन में जोरदार तरीके से पेश किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें सरकार और प्रधानमंत्री की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख है, लेकिन प्रदेशवासियों की वास्तविक समस्याओं और पीड़ा को उचित जगह नहीं मिली।
    उमंग सिंघार ने इंदौर के भागीरथपुरा में हुई दु:खद घटना का हवाला देते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही से 35 निर्दोष लोगों की जान गई। उन्होंने पूछा कि क्या उन परिवारों का दर्द और उनके सवाल इस सदन के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल इस मामले को गंभीरता से उठाएगा और जिम्मेदारों को चिन्हित करने की मांग करेगा।

    मीडिया से बातचीत में उमंग सिंघार ने कहा कि बजट केवल घोषणाओं का दस्तावेज नहीं होना चाहिए, बल्कि यह प्रदेश की जमीनी हकीकत को उजागर करने का माध्यम होना चाहिए। उन्होंने बढ़ते प्रदेश कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की, ताकि जनता को आर्थिक स्थिति की पारदर्शी जानकारी मिल सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस विधायक दल बजट में की गई घोषणाओं और उनकी जमीनी वास्तविकता के बीच के अंतर को सदन में सामने लाएगा। नेता प्रतिपक्ष ने दोहराया कि वह लगातार जनता के मुद्दों को उठाएगी और सरकार को जवाबदेह बनाएगी।

  • राहुल गांधी के बयान पर सियासी संग्राम तेज, सदस्यता खत्म करने और चुनाव लड़ने पर रोक की मांग

    राहुल गांधी के बयान पर सियासी संग्राम तेज, सदस्यता खत्म करने और चुनाव लड़ने पर रोक की मांग


    नई दिल्ली ।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयान को लेकर संसद और सियासत दोनों में घमासान मच गया है। भारत अमेरिका व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने पूरी तरह समर्पण कर दिया है और देश के किसानों के हितों को कुचल दिया है। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे देश को गुमराह करने वाला बताया है।

    भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव पेश करते हुए उनकी संसद सदस्यता समाप्त करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग की है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सोरोस जैसी विदेशी ताकतों के प्रभाव में आकर देश के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान न केवल संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं। उनके अनुसार राहुल गांधी लगातार तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश कर रहे हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

    इस विवाद पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक गंभीर संवैधानिक पद पर हैं और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों तथा शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। पासवान ने कहा कि विशेषाधिकार प्रस्ताव लाना संसदीय प्रक्रिया का हिस्सा है और यदि कोई सदस्य तथ्यहीन या आपत्तिजनक टिप्पणी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय संसदीय प्रक्रियाओं के तहत ही होगा।

    दरअसल बुधवार को सदन में बोलते हुए राहुल गांधी ने भारत अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि इस समझौते में भारत के किसानों के हितों की अनदेखी की गई है जैसा पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि इंडिया गठबंधन की सरकार होती तो अमेरिका के साथ बातचीत बराबरी के स्तर पर की जाती। उनके अनुसार भारतीय डेटा एक रणनीतिक संपत्ति है और अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता में इसे केंद्र में रखा जाना चाहिए। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और किसानों की रक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

    राहुल गांधी के इन बयानों ने संसद में तीखी बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर भाजपा इसे राष्ट्रविरोधी मानसिकता करार दे रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और नीतियों की आलोचना करना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रस्ताव पर क्या कार्रवाई होती है और क्या यह मामला विशेषाधिकार समिति तक पहुंचता है या सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रहता है। फिलहाल इस मुद्दे ने संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।

  • राहुल-सीतारमण के बीच संसद में तीखी बहस: भारत बेचने के आरोप पर गरमा गया बजट सत्र

    राहुल-सीतारमण के बीच संसद में तीखी बहस: भारत बेचने के आरोप पर गरमा गया बजट सत्र


    नई दिल्ली। लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर आरोप लगाया कि सरकार ने भारत माता को बेच दिया और अब अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे।

    सीतारमण का पलटवार: कांग्रेस ने भारत को बेचा
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भारत को बेचने का असली जिम्मेदार कांग्रेस है। उन्होंने याद दिलाया कि बाली में जाकर कांग्रेस ने सौदा किया था और किसानों के हक से समझौता किया। मोदी सरकार ने 2014 में विश्व व्यापार संगठन में जाकर इसे सुधारा।

    सीतारमण ने बजट पर सवाल उठाने वाले टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के GST आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि बंगाल में पेट्रोल दिल्ली से 10रुपए ज्यादा महंगा है, जिसे कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट शासित राज्यों में आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां उद्योग नहीं टिकते।

    राहुल के अडाणी और अमेरिका केस वाले आरोप
    राहुल गांधी ने अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया और कहा कि यह मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल से सबूत पेश करने को कहा और संसद में विशेषाधिकार नोटिस देने की बात कही।

    सीतारमण ने संसद में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
    निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और MSME के लिए सहायक नीतियों पर है। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर, शिक्षा और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी हटाया गया है।

    ओवैसी ने तेल और विदेश नीति पर सवाल उठाया
    एआईएमआईएमके असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि किसी “गोरी चमड़ी वाले” को यह तय करने का अधिकार नहीं कि भारत किससे तेल खरीदे। उन्होंने ऑपरेशन इंसाफ, हाफिज सईद, मसूद अजहर और लखवी को भारत लाने की मांग भी की।

  • वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार

    वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार


    भोपाल । वंदे मातरम की अनिवार्यता को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम अनिवार्य किए जाने के निर्देश जारी होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं।

    बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जिन्ना के सामने घुटने टेक दिए थे और मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम को अनिवार्य नहीं किया। शर्मा ने कहा कि जिस दिन वंदे मातरम के जयघोष के साथ देश को आजादी मिली, उसी दिन इसे अनिवार्य कर देना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने इसकी अनिवार्यता समाप्त कर दी और इसके कई अंश हटा दिए।

    मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी वंदे मातरम को देश के लिए मंत्र बताते हुए कहा कि इसे बहुत पहले अनिवार्य हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश में कई सुधार कर रहे हैं और यह भी उसी दिशा में एक कदम है।

    वहीं कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। कांग्रेस नेता और पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि वंदे मातरम हमेशा से कार्यक्रमों का हिस्सा रहा है और यह आजादी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं थे, वे आज राष्ट्रभक्ति का प्रमाण पत्र बांट रहे हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि मदरसों के नाम पर राजनीति की जा रही है, जबकि वहां भी वंदे मातरम गाया जाता है।

    कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि वंदे मातरम के सम्मान पर कभी आपत्ति नहीं रही, लेकिन कुछ शब्दों को लेकर पहले आपत्तियां थीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन गाने या न गाने का प्रश्न व्यक्तिगत और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है।

    केंद्र सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रपति और राज्यपाल के कार्यक्रमों सहित सभी सरकारी आयोजनों में वंदे मातरम अनिवार्य होगा। तिरंगा फहराने के अवसर पर भी इसे गाया जाएगा। निर्देशों में छह अंतरों वाला पूरा संस्करण शामिल करने, जन गण मन से पहले वंदे मातरम बजाने और सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य करने की बात कही गई है। इसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है। इन निर्देशों के बाद प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

  • महिला से मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: पीसी शर्मा बोले आरोपी बीजेपी के, सच छुपाने की कोशिश

    महिला से मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: पीसी शर्मा बोले आरोपी बीजेपी के, सच छुपाने की कोशिश


    भोपाल । मध्यप्रदेश के सीधी जिले में महिला के साथ मारपीट की घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस मामले में झूठ फैला रही है और वास्तविक आरोपियों को कांग्रेसी बताकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

    श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। एक महिला को डंडों से पीटा जा रहा है और मौके पर मौजूद लोग ‘मारो-मारो’ के नारे लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाओं में शामिल लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें जबरन कांग्रेस से जोड़ा जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि ‘लाड़ली बहन’ और ‘लाड़ला भैया’ जैसी योजनाओं के दावे करने वाली सरकार में महिलाओं के साथ खुलेआम मारपीट हो रही है, जो बेहद शर्मनाक है। कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए और जेल भेजा जाए।

    पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में बलात्कार, मारपीट और अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। भाजपा केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि ऐसे अहंकारी और हिंसक नेता उसी पार्टी से जुड़े हुए हैं।

    नकल माफिया पर गंभीर आरोप

    पीसी शर्मा ने बोर्ड परीक्षाओं और नकल माफिया का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में वर्षों से संगठित रूप से नकल कराई जा रही है। हर साल पेपर लीक होते हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने ग्वालियर-चंबल, विंध्य और निमाड़ अंचल को नकल माफिया का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि इसका खामियाजा प्रदेश के छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।

    निगम-मंडल नियुक्तियों पर सवाल
    उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में निगम और मंडल के पद भ्रष्टाचार की राजनीति के लिए भरे जाते हैं। बिना लेन-देन के कोई नियुक्ति नहीं होती। जिला प्रभारियों की नियुक्ति भी संभावित नुकसान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई है। पार्टी के भीतर पदों को लेकर गुटबाजी और टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिसमें असली कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है।

    विजय शाह प्रकरण पर बयान
    विजय शाह मामले को लेकर पीसी शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायालय से बड़ी उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है और उन्हें विश्वास है कि न्याय होगा। उन्होंने कहा कि चार बार माफी मांगने के बावजूद विजय शाह को अपने पद से हाथ धोना ही पड़ेगा।

    संघ और जनसंख्या बयान पर प्रतिक्रिया

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख के तीन बच्चों वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, रोजगार के अवसर नहीं हैं और ऐसे समय में जनसंख्या बढ़ाने की बात करना चिंताजनक है। उन्होंने संघ की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए इसे असंवेदनशील बताया।

    BLO और SIR को लेकर आरोप

    पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही है। जबरन नाम काटे और जोड़े जा रहे हैं। BLO पर दबाव बनाया जा रहा है और उनका वेतन भी रोका जा रहा है। उन्होंने इसे भाजपा की सुनियोजित साजिश करार दिया। कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।