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  • इंदौर में दूषित पानी से मौतों का खुलासा: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

    इंदौर में दूषित पानी से मौतों का खुलासा: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना


    नई दिल्ली। इंदौर में दूषित पेयजल के कारण कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है। कांग्रेस मीडिया एंड कम्युनिकेशन प्रमुख पवन खेड़ा ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है और कहा कि यह केवल स्थानीय प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और मेयर तक की जवाबदेही है।
    “हर घर जल” की बजाय “हर घर मल” योजना
    खेड़ा ने बताया कि इंदौर को स्वच्छ भारत अभियान में कई बार “नंबर-वन शहर” का दर्जा मिला, लेकिन आज वही शहर गंदे पानी और दूषित स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से मौतों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि “हर घर जल योजना” के लिए मंजूर पाइपलाइन का काम जुलाई 2022 में शुरू होना था, लेकिन केवल ठेके की फाइनलाइजेशन का इंतजार किया गया।लोगों की जान दांव पर लगाई गई, जबकि अधिकारियों और सरकार ने काम रोक रखा था।
    प्रशासन और राजनीतिक जिम्मेदारी पर सवाल
    खेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव गाने गा रहे हैं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पत्रकारों से बदसलूकी कर रहे हैं, और मेयर अलग ही बयान दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी अराजकता का खामियाजा छोटे बच्चे और आम लोग भुगत रहे हैं।

    स्वास्थ्य संकट और राष्ट्रीय पैमाना
    पानी, हवा और दवाइयों में मिलावट एक व्यापक समस्या बन गई है।
    गुजरात के गांधीनगर और दिल्ली में भी टाइफाइड और दूषित पानी के मामले सामने आए हैं।
    लगभग 70% पानी देश में दूषित हो चुका है।

    हैजा की पुष्टि और नोटिफिकेशन का सवाल
    खेड़ा ने सीधे सवाल किया, क्या पानी और प्रभावित नागरिकों के स्टूल सैंपल की कल्चर जांच हुई?
    अगर हैजा का बैक्टीरिया मिला, तो क्या इसे आईडीएसपी के तहत नोटिफाई किया गया?
    क्या इस मामले की जानकारी केंद्र सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO को दी गई?

    वित्तीय अनियमितताएं
    वर्ष 2003 में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 200 मिलियन डॉलर का लोन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के लिए आया।सवाल उठाया गया कि यह पैसा कहाँ गया और क्या योजनाओं को पूरा करने में इसका सही इस्तेमाल हुआ।
    खेड़ा ने कहा, 18 मौतें किसी हादसे का नतीजा नहीं हैं, यह शासन की विफलता और भ्रष्टाचार का परिणाम हैं। जनता जानना चाहती है कि क्या कोई जिम्मेदारी लेगा या यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा।
  • सत्य की जीत हुई है, हाईकोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष पर बरसे भाजपा नेता दुष्यंत गौतम

    सत्य की जीत हुई है, हाईकोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष पर बरसे भाजपा नेता दुष्यंत गौतम


    नई दिल्ली । अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने कांग्रेसआम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद दुष्यंत गौतम ने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर हमेशा से पूरा भरोसा रहा है और अदालत के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि झूठ कितनी भी जोर से फैलाया जाएअंततः टिक नहीं पाता।

    दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत करते हुए दुष्यंत गौतम ने कहा कि वे हमेशा संविधान और कानून के दायरे में रहकर काम करते आए हैं। उन्होंने कहा“सत्यमेव जयते। अंत में सच की ही जीत होती है। आज अदालत के आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झूठ और दुष्प्रचार की एक सीमा होती है।उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। दुष्यंत गौतम ने कहा कि एक बेटी की निर्मम हत्या को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर छह महीने बाद एक नया नैरेटिव गढ़ा जाता हैकभी उनका नाम जोड़ा जाता हैतो कभी किसी और का। इससे न तो सच्चाई सामने आती है और न ही पीड़ित बेटी को न्याय मिलता है।

    भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेसआम आदमी पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल मिलकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे थे।मेरी मानहानि की गईमेरी छवि को नुकसान पहुंचाया गया और उस बेटी का बार-बार अपमान किया गया। सोशल मीडिया पर जो वीडियो और पोस्ट डाली गईंवे पूरी तरह झूठी थीं और उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए, उन्होंने कहदुष्यंत गौतम ने स्पष्ट किया कि घटना के समय वे उत्तराखंड गए ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनकी लोकेशनकार्यक्रम और आधिकारिक रिकॉर्ड यह साफ दिखाते हैं कि उनके खिलाफ फैलाया गया प्रचार पूरी तरह झूठा और द्वेषपूर्ण था। इसके बावजूद उन्होंने लंबे समय तक चुप रहना उचित समझाक्योंकि वे सत्य के साथ खड़े थे।

    उन्होंने यह भी बताया कि लगातार आरोपों और सोशल मीडिया ट्रायल के कारण उन्हें मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।मैं विचलित भी हुआदुखी भी। मेरी छवि को नुकसान पहुंचा। लेकिन जब झूठ पूरे देश में फैलाया जाने लगा और पानी सिर के ऊपर चला गयातब मुझे मानहानि का मुकदमा दर्ज कराना पड़ा, उन्होंने कहा।इस बीचदिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत कुमार गौतम की मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को निर्देश दिया कि वे 24 घंटे के भीतर सभी सोशल मीडिया पोस्ट हटाएंजिनमें उन्हें अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा गया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने अंतरिम आदेश में दोनों दलों को भविष्य में भी ऐसी कोई सामग्री पोस्ट करने से रोक दिया है।

  • इंदौर दूषित पानी से 18 मौतें. 3 मरीज वेंटिलेटर पर. प्रशासन ने की कार्रवाई

    इंदौर दूषित पानी से 18 मौतें. 3 मरीज वेंटिलेटर पर. प्रशासन ने की कार्रवाई


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण पिछले कुछ दिनों में 18 मौतें हो चुकी हैं. और अब तक 429 लोग अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं। बुधवार तक 330 मरीजों को छुट्टी मिल चुकी है. लेकिन 99 मरीज अभी भी इलाजरत हैं। अस्पतालों में ICU में मरीजों की संख्या बढ़ी है. जिनमें से 3 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इस गंभीर स्थिति ने इलाके के लोगों को खौफ में डाल दिया है. और अब वे टैंकर और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बुधवार को क्षेत्र का निरीक्षण किया. और सीवरेज तथा नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज को ठीक करने के निर्देश दिए। इलाके में पानी की सप्लाई टेस्टिंग की जा रही है. और लोगों को पानी उबालकर और छानकर पीने की सलाह दी जा रही है।
    स्वास्थ्य विभाग ने 61 टीमों का गठन किया था. जिनमें से 5013 घरों का सर्वे किया गया। इस सर्वे के माध्यम से 24786 लोगों को उचित सलाह दी गई और घर-घर दवाइयां भी वितरित की गईं। इसके साथ ही. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ICMR के सर्वे में पाया गया कि इलाके की 17 गलियां संक्रमित पाई गई हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ी टिप्पणी की. और कहा कि इंदौर की छवि को इस घटना ने गंभीर नुकसान पहुंचाया है। कोर्ट ने कहा कि स्वच्छ पानी हर नागरिक कामौलिक अधिकार है और यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो दोषीअधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही. मुआवजे की राशि पर भी उचित निर्देश दिए जा सकते हैं।
    वहीं. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन की योजना बनाई है। पार्टी की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने पूरे प्रदेश में कैंडल मार्च आयोजित करने कीघोषणा की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मंगलवार को प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों के सिलसिले ने पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है. और प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

  • कांग्रेस का पीएम मोदी से सवाल ? ट्रंप को 'खुश करने' वाली बात पर भारत का मजाक उड़ रहा

    कांग्रेस का पीएम मोदी से सवाल ? ट्रंप को 'खुश करने' वाली बात पर भारत का मजाक उड़ रहा

    नई दिल्‍ली। रूसी तेल की खरीद को लेकर ट्रंप की तरफ से भारत पर की गई टिप्पणी की कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की है। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी सवाल उठाया। मुख्य विपक्षी पार्टी ने पूछा कि आखिर मोदी और ट्रंप के बीच दिखाई देने वाले मजबूत सार्वजनिक संबंधों के बाद भी अमेरिका का भारत को लेकर रवैया धमकी भरा क्यों हैं?

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि मोदी और ट्रंप के रिश्तों में दिखने वाली गर्मजोशी के बावजूद वाशिंगटन का भारत के प्रति रवैया कभी गर्म कभी ठंडा नजर आता है।

    अपने सोशल मीडिया हैंडल पर उन्होंने लिखा, “नमस्ते ट्रंप और हाउडी मोदी जैसे भव्य आयोजनों और सार्वजनिक रूप से की गई तारीफों और गले लगने का भारत को कोई खास फायदा नहीं मिलाा है।”

    उन्होंने लिखा, “वाइट हाउस में प्रधानमंत्री के अच्छे दोस्त का भारत के प्रति रवैया कभी गर्म कभी ठंडा ही है। एक बार फिर से भारत पर ऊंचे टैरिफ लगाने की धमकी दी गई है। वह सब बड़े कार्यक्रम जैसे नमस्ते ट्रंप, हाउडी मोदी, वह जबरदस्ती का गले मिलना औऱ अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ में किए गए लंबे पोस्ट, भारत के लिए ज्यादा काम नहीं आए।”

    जयराम रमेश के अलावा कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी पीएम मोदी को कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा लागत के आधार पर ईंधन खरीदता रहा है और रूस से आने वाला तेल सस्ता है। यह तेल खरीदना हमारा संप्रभु अधिकार है। अमेरिका प्रधानमंत्री मोदी की कमजोरी का फायदा उठा रहा है।

    कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने भी ट्रंप की इस टिप्पणी को लेकर पीएम मोदी और सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने लिखा, “ट्रंप वहां खड़े होकर भारत का मजाक उड़ा रहे हैं। अपमानित कर रहे हैं।

    ट्रंप के बगल में खड़ा एक अमेरिकी सीनेटर दावा करता है कि भारतीय राजदूत राष्ट्रपति को खुश करने के लिए गिड़गिड़ा रहा था। ट्रंप कहते हैं कि मोदी ने अमेरिकी दबाव में रूसी तेल के आयात को घटाया है ताकि वह खुश हो सकें।”

    श्रीनेत ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “ऐसे गुंडे खुलेआम मेरे देश का मजाक उड़ा रहे हैं। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री की ओर से एक शब्द तक नहीं आया। एक आवाज भी नहीं।”
    क्या कहा था ट्रंप ने?

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने रविवार को भारत और अमेरिका के रिश्तों पर कुछ टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, “भारत मुझे खुश करना चाहता था। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, उन्हें पता ता कि मैं खुश नहीं था। और मुझे खुश करने के लिए उन्होंने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया। मुझे खुश करना जरूरी था वरना हम उन पर बहुत जल्दी ही टैरिफ बढ़ा सकते थे।

  • इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत सरकार ने हाई कोर्ट में मृतकों की संख्या कम बताई विपक्षी दलों का आरोप

    इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत सरकार ने हाई कोर्ट में मृतकों की संख्या कम बताई विपक्षी दलों का आरोप


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है और 35 से अधिक लोग गंभीर हालत में अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। सभी मरीजों में उल्टी दस्त और संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं जिससे पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह सभी मौतें गंदे और दूषित पानी पीने के कारण हुईं।
    मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं लेकिन मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।इस बीच सरकार ने हाई कोर्ट में पेश किए गए आंकड़ों में मृतकों की संख्या कम बताई जबकि हकीकत यह है कि अब तक 16 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि जैसे कोरोना महामारी के दौरान मौतों के आंकड़े छिपाए गए थे उसी तरह अब भी सरकार मृतकों के असली आंकड़े छिपा रही है ताकि जिम्मेदारी से बचा जा सके।

    कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मामले में सरकार की नाकामी पूरी तरह से उजागर हो चुकी है और अब समय आ गया है कि सच्चाई सामने लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए ताकि और लोगों की जान बचाई जा सके और दूषित पानी के कारण फैलने वाले संक्रमण को रोका जा सके।

    स्थानीय निवासियों की चिंता और बढ़ गई है क्योंकि दूषित पानी पीने से संक्रमण फैलने की संभावना अधिक है। स्वास्थ्य विभाग ने इलाके में पानी की जांच शुरू कर दी है और पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन जनता की परेशानी लगातार बनी हुई है।यह मामला प्रशासन और सरकार की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है क्योंकि दूषित पानी पीने से होने वाली मौतें आम बात नहीं हैं और यह स्थिति तत्काल ध्यान देने योग्य है।

  • दिग्विजय सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस में मचा घमासान ग्वालियर-चंबल में खामोशी

    दिग्विजय सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस में मचा घमासान ग्वालियर-चंबल में खामोशी


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के बाद कांग्रेस पार्टी में घमासान मच गया है लेकिन उनके राजनीतिक गढ़ ग्वालियर-चंबल अंचल में अब तक इस मामले पर कोई बड़ी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिग्विजय सिंह ने हाल ही में संघ और भाजपा की प्रशंसा करते हुए सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट किया था जिस पर विवाद छिड़ गया है। इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस के कई नेताओं ने नाराजगी जताई है लेकिन ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में खामोशी का माहौल बना हुआ है।

    कांग्रेस के कुछ नेताओं का कहना है कि यह पोस्ट पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री के समर्थक खासकर उनके बेटे जयवर्धन सिंह और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह उनके समर्थन में खड़े हैं। जयवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने पिता के संगठन के प्रति समर्पण को व्यक्त करते हुए राहुल गांधी की यात्रा से जुड़े कुछ फोटो भी पोस्ट किए और कहा कि उनके पिता के लिए संगठन सर्वोपरि है।पूर्व मुख्यमंत्री के संगठन के प्रति निष्ठा पर सवाल उठाने वालों को डॉ. गोविंद सिंह ने गलत बताया।

    उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के संगठन के प्रति समर्पण पर संदेह करना अनुचित है और उनके द्वारा की गई पोस्ट केवल एक व्यंग्य है न कि भाजपा या संघ की प्रशंसा।दिग्विजय सिंह की पोस्ट के बाद ग्वालियर-चंबल अंचल में उनके कट्टर समर्थक माने जाने वाले नेताओं जैसे पूर्व मंत्री केपी सिंह और राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसके साथ ही उनके विरोधी भी फिलहाल चुप हैं जिससे यह साफ है कि कांग्रेस के नेता शायद पार्टी नेतृत्व के रूख का इंतजार कर रहे हैं।

    वहीं भाजपा के नेताओं ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ हमलावर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भाजपा में शामिल होने का न्योता दिया जबकि नगरीय निकाय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उन्हें सरदार पटेल के रूप में निरूपित किया। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसे दिग्विजय सिंह की राज्यसभा में दोबारा जाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश बताया। अब देखना होगा कि दिग्विजय सिंह की इस पोस्ट का असर कांग्रेस पार्टी और उनके गढ़ ग्वालियर-चंबल में किस प्रकार होता है और क्या इस विवाद से पार्टी में कोई बड़े बदलाव होते हैं।

  • प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की सगाई की अटकलें, वायरल फोटो से सोशल मीडिया में हलचल

    प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की सगाई की अटकलें, वायरल फोटो से सोशल मीडिया में हलचल


    नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज है। वजह है एक वायरल तस्वीर जिसके सामने आने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि रेहान वाड्रा ने अपनी लंबे समय से गर्लफ्रेंड मानी जा रही अविवा बेग से सगाई कर ली है। हालांकि गांधी या वाड्रा परिवार की ओर से अब तक इस खबर को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेहान वाड्रा और अविवा बेग पिछले करीब सात वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं और उनके बीच करीबी रिश्ता बताया जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर में दोनों एक साथ नजर आ रहे हैं जिसके बाद सगाई की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि यह तस्वीर किसी निजी पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान ली गई थी जिसमें सीमित लोग ही मौजूद थे।सूत्रों के मुताबिक यदि सगाई हुई भी है तो उसे बेहद निजी रखा गया और इसमें गांधी-वाड्रा परिवार तथा बेग परिवार के कुछ करीबी सदस्य ही शामिल हुए। तस्वीर के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं लेकिन किसी भी पक्ष की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

    बताया जा रहा है कि वायरल फोटो प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा की बेटी मिराया वाड्रा की वर्ष 2025 की ग्रेजुएशन सेरेमनी के दौरान की है। इसी कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीर सामने आने के बाद रेहान और अविवा की सगाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। फिलहाल आधिकारिक पुष्टि के अभाव में इसे केवल अटकलों के तौर पर देखा जा रहा है।अविवा बेग दिल्ली की रहने वाली हैं और उनका परिवार लंबे समय से राजधानी में निवास कर रहा है। जानकारी के अनुसार गांधी-वाड्रा और बेग परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते हैं। अविवा पेशे से फोटोग्राफर और आर्ट क्यूरेटर हैं। वहएटेलियर-11 की को-फाउंडर हैं जो एक फोटोग्राफी स्टूडियो और प्रोडक्शन कंपनी के रूप में जानी जाती है।

    अविवा बेग कला और डिजाइन की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वह इंडिया आर्ट फेयर के यंग कलेक्टर प्रोग्राम और इंडिया डिजाइन आईडी जैसी प्रतिष्ठित प्रदर्शनियों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। उनकी क्रिएटिव प्रोफाइल और अंतरराष्ट्रीय कला मंचों से जुड़ाव की भी काफी चर्चा रहती है।वहीं रेहान वाड्रा भी फोटोग्राफी के शौकीन माने जाते हैं खासतौर पर वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी में उनकी गहरी रुचि है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि आठ साल की उम्र से ही उन्हें कैमरे से लगाव हो गया था। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रकृति और वन्यजीवों से जुड़ी कई तस्वीरें देखी जा सकती हैं। इसी साझा रुचि को रेहान और अविवा के रिश्ते की मजबूत नींव माना जाता है।

    राजनीतिक दृष्टि से रेहान वाड्रा अब तक सक्रिय भूमिका में नजर नहीं आए हैं लेकिन जनवरी 2023 में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में उनकी मौजूदगी ने लोगों का ध्यान जरूर खींचा था। मध्य प्रदेश में यात्रा के दौरान वे करीब तीन दिन तक राहुल गांधी के साथ पदयात्रा करते दिखे थे। इसके बाद से उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं होती रही हैं।फिलहाल रेहान वाड्रा और अविवा बेग की सगाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिवार की ओर से आधिकारिक पुष्टि या खंडन का इंतजार किया जा रहा है। तब तक यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में बना हुआ है।

  • कांग्रेस में सियासी हलचल तेज, दिग्विजय सिंह ने मोदी-आडवाणी की तस्वीर से दी संदेश

    कांग्रेस में सियासी हलचल तेज, दिग्विजय सिंह ने मोदी-आडवाणी की तस्वीर से दी संदेश




    DigvijaySinghनई दिल्ली।
    कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की पुरानी तस्वीर साझा कर सियासत में हलचल मचा दी है। इस तस्वीर में मोदी आडवाणी के पैरों के पास बैठे दिखाई दे रहे हैं, और दिग्विजय सिंह ने इसे संगठन की ताकत और जमीनी कार्यकर्ताओं की अहमियत के रूप में पेश किया।
    सियासी गलियारों में इस पोस्ट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे भाजपा और आरएसएस की संगठनात्मक मजबूती के संदर्भ में देख रहे हैं, जबकि कई इसे कांग्रेस में जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की कमी और संगठन सुधार की आवश्यकता के इशारे के रूप में मान रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या दिग्विजय सिंह अपने इस पोस्ट के जरिए कांग्रेस नेतृत्व को अप्रत्यक्ष संदेश दे रहे हैं।

    इस पोस्ट को और ज्यादा चर्चा में लाने वाली बात यह है कि दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ-साथ पीएम मोदी को भी टैग किया।

    पोस्ट की टाइमिंग भी काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह CWC बैठक के दौरान किया गया, जिससे इसके राजनीतिक मायने और बढ़ गए।

    19 दिसंबर को भी दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी को लेकर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस संगठन में सुधार और व्यावहारिक विकेंद्रीकरण की जरूरत पर जोर दिया था।

    उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को चुनाव आयोग की तरह सुधारों की दिशा में कदम उठाना चाहिए। इस बार की पोस्ट के साथ यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस के भीतर संगठन और नेतृत्व को लेकर बहस को तेज कर रहे हैं और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की चेतावनी दे रहे हैं।

    राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि दिग्विजय सिंह का यह कदम कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेतृत्व दोनों के लिए संदेश है, जिसमें संगठन की ताकत और सक्रियता की अहमियत को याद दिलाया गया है। इस पोस्ट ने पार्टी के भीतर और बाहर चर्चा की लहर दौड़ा दी है, और यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन की मजबूती ही किसी भी राजनीतिक दल की सफलता की कुंजी है।

  • दोस्तों के साथ नए साल की शुरुआत को बनाएं यादगार भारत की इन 5 जगहों पर करें न्यू ईयर ट्रिप प्लान

    दोस्तों के साथ नए साल की शुरुआत को बनाएं यादगार भारत की इन 5 जगहों पर करें न्यू ईयर ट्रिप प्लान


    नई दिल्ली । नया साल आने में अब गिनती के ही दिन बचे हैं और ऐसे में घूमने-फिरने की प्लानिंग जोरों पर है. ज्यादातर लोग चाहते हैं कि साल की शुरुआत किसी ऐसी जगह से हो जहां मस्ती सुकून और नए अनुभव एक साथ मिलें

    मनाली कसोल

    बर्फ से ढकी वादियां बोनफायर और पहाड़ी कैफे मनाली और कसोल नए साल के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हैं. यहां दिन में स्नो एक्टिविटीज और रात में म्यूजिक व पार्टी का माहौल मिलता है.

    उदयपुर

    राजस्थान का रॉयल अंदाज न्यू ईयर को यादगार बना देता है. महलों में खास डिनर लोक कलाकारों की प्रस्तुति और आतिशबाजी सेलिब्रेशन को अलग रंग देती है.

    पुडुचेरी

    यहां नया साल शोर से नहीं बल्कि सुकून और खूबसूरती से मनाया जाता है. बीच के किनारे जश्न और व्हाइट टाउन की गलियां अलग ही अनुभव देती हैं.
    ग्रेट रण ऑफ कच्छ
    अगर कुछ हटकर करना चाहते हैं तो रण उत्सव बेहतरीन विकल्प है. सफेद रेगिस्तान लोक संगीत और टेंट स्टे न्यू ईयर को खास बनाते हैं.

    गोकर्ण


    कम भीड़ और शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए गोकर्ण सही जगह है. यहां बीच पर म्यूजिक बोनफायर और दोस्तों के साथ लंबी बातचीत का मजा लिया जा सकता है. चाहे पहाड़ हों समंदर या रेगिस्तान ये डेस्टिनेशन नए साल की शुरुआत को यादगार बना सकती हैं.

  • कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए गांधी परिवार को बताया 'फर्जी गांधी' सीएम योगी के सामने कसा तंज

    कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए गांधी परिवार को बताया 'फर्जी गांधी' सीएम योगी के सामने कसा तंज


    नई दिल्ली ।
    देश के जाने-माने कवि और पूर्व नेता कुमार विश्वास ने एक बार फिर अपने तीखे अंदाज में कांग्रेस पर निशाना साधा है. इस बार उनका तंज सीधे देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और महात्मा गांधी को लेकर था. लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने कांग्रेस की विचारधारा और इतिहास को लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल को अपना बताया ही नहीं.उन्होंने कहा ये लोग तो इतने तेज हैं कि कांग्रेस कार्यालय के बाहर एक पुरखा बिठा रखा था. सरदार पटेल बाहर बैठे थे तो बीजेपी वाले उठा लाए. कांग्रेस बोली पटेल तो हमारे थे.

    नामों में ही उलझी रही कांग्रेस

    कुमार विश्वास ने आगे कहा कि कांग्रेस अपने ही परिवार और नामों में उलझी रही. उन्होंने कहा तुम तो अपने नानाजी पापाजी मम्मीजी चाचीजी में ही लगे रहे. पटेल बाहर बैठे थे तो कोई पूछने वाला ही नहीं था कुमार विश्वास का इशारा कांग्रेस के परिवारवाद की ओर था जिस पर वे पहले भी कई बार सवाल उठा चुके हैं.अपने बयान में कुमार विश्वास यहीं नहीं रुके. उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को गांधी जी को भी ले आना चाहिए. उन्होंने कहा गांधी जी स्वदेशी भी कह रहे हैं आयुर्वेद भी गीता भी पढ़ रहे हैं खादी भी पहन रहे हैं. सारा काम तो वही है जो बीजेपी वाले कहते हैं.

    कांग्रेस के पास फर्जी गांधी कुमार विश्वास
    इसके साथ ही उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस के पास पहले से ही तीन फर्जी गांधी’ है इसलिए असली गांधी को लेने में बीजेपी को क्या दिक्कत है.कुमार विश्वास का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में इतिहास और महापुरुषों की विरासत को लेकर राजनीति तेज है. उनके इस तंज को कांग्रेस पर सीधा हमला माना जा रहा है. समर्थक जहां इसे सटीक व्यंग्य बता रहे हैं वहीं कांग्रेस समर्थकों को यह बयान नागवार गुजर रहा है.