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  • UPSC अनुभव साझा करने वाले वीडियो पर आपत्ति के बाद IPS बुशरा बानो को SAP चौथी बटालियन में मिली नई जिम्मेदारी

    UPSC अनुभव साझा करने वाले वीडियो पर आपत्ति के बाद IPS बुशरा बानो को SAP चौथी बटालियन में मिली नई जिम्मेदारी

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में एक मुस्लिम IPS अधिकारी द्वारा अपने यूट्यूब वीडियो में ‘अस्सलामु अलैकुम’ और ‘इंशाल्लाह’ जैसे शब्दों का प्रयोग करने के बाद उनके खिलाफ एक्शन हो गया है। खबर है कि राज्य की भाजपा की सरकार ने IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वीडियो पर कुछ दक्षिणपंथी समूहों की आपत्ति जताई थी और कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने पब्लिक ऑर्डर का हवाला देते हुए अधिकारी का तबादला कर दिया।

    मामला सामने आने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

    किस वीडियो पर हुआ एक्शन?

    रिपोर्ट के मुताबिक खड़गपुर की एडिशनल एसपी के पद पर तैनात डॉ बुशरा बानो ने यूट्यूब पर एक वीडियो डालकर अभ्यर्थियों के साथ यूपीएससी की तैयारी का अनुभव शेयर किया था। उन्होंने वीडियो में बताया कि सऊदी अरब से लौटने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ‘रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी’ और वहां की लाइब्रेरी से उन्हें तैयारी में काफी मदद मिली। वो दूसरे अभ्यर्थियों को मोटिवेट भी करती नजर आ रही हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

    क्या हुई आपत्ति?

    इस वीडियो पर ‘हिंदू लीगल फंड’ नामक संगठन ने आपत्ति जताते हुए राज्य की गृह सचिव संघमित्रा घोष को शिकायत भेजी। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अधिकारी ने वीडियो की शुरुआत ‘अस्सलामु अलैकुम’ से की और ‘इंशाल्लाह’ और ‘जज़ाकल्लाह’ जैसे शब्द भी कहे। शिकायत की गई कि अधिकारी ने एक बार भी ‘जय हिंद’ या ‘वंदे मातरम’ नहीं बोला। संगठन ने लिखा कि एक ऑन-ड्यूटी अधिकारी को सार्वजनिक तौर पर शब्दों का इस्तेमाल करते समय निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए।

    शिकायत के बाद अब बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर की एडिशनल एसपी पद से हटाकर उन्हें अब स्टेट आर्म्ड पुलिस (SAP) की चौथी बटालियन में ‘डिप्टी कमांडेंट’ बनाया गया है। वहीं चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल डीसी पार्थ घोष को खड़गपुर में बुशरा बानो की जगह नया एडिशनल एसपी तैनात किया गया है।

    भड़क गईं महुआ मोइत्रा

    IPS अधिकारी के ट्रांसफर की खबर आते ही टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा कि देश नफरत और कट्टरता से भरता जा रहा है। महुआ मोइत्रा ने लिखा, “जिस देश के प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन का उद्घाटन सेंगोल और साधुओं के साथ किया था, उस देश में एक मुस्लिम आईपीएस अधिकारी का सिर्फ ‘अस्सलामु अलैकुम’ और ‘इंशाअल्लाह’ कहने पर तबादला कर देना हास्यास्पद है।” उन्होंने आगे कहा, “हम एक ऐसे देश में बदलते जा रहे हैं, जो नफरत और कट्टरता से भरा हुआ है। भगवान ही भारत को बचाए।”

  • कंगना रनौत ने राखी सावंत के बयान पर किया पलटवार, बोलीं- सफल महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाना बंद करें

    कंगना रनौत ने राखी सावंत के बयान पर किया पलटवार, बोलीं- सफल महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाना बंद करें

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंगना रनौत और स्मृति ईरानी को लेकर राखी सावंत की विवादित टिप्पणी के बाद मामला चर्चा में आ गया है। राखी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना रनौत ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया और सफल महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति पर निशाना साधा।

    यह पूरा विवाद एक पॉडकास्ट में हुई बातचीत के बाद शुरू हुआ। बातचीत के दौरान राखी सावंत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई महिला नेताओं को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए कंगना रनौत और स्मृति ईरानी का जिक्र किया और पूछा कि उन्हें मंत्री बनाने के लिए इन महिलाओं ने क्या दिया है।

    राखी ने अपनी टिप्पणी में कहा कि अगर इन महिलाओं ने प्रधानमंत्री को कुछ दिया है तो वह भी ऐसा कर सकती हैं। उनके इस बयान के बाद विवाद बढ़ गया और सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना होने लगी। इसी विवाद के बीच कंगना रनौत ने अपनी प्रतिक्रिया सामने रखी।

    कंगना ने सोशल मीडिया स्टोरी के जरिए राखी के बयान का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि केवल राखी ही नहीं, बल्कि कई असफल और कड़वाहट से भरे लोग सफल महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाकर अपनी जलन, ईर्ष्या, असफलता और अहंकार को सही साबित करने की कोशिश करते हैं।

    कंगना ने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि लोग लगातार और जानबूझकर किए जाने वाले ऐसे हमलों के सामने कमजोर पड़ना बंद करें। उन्होंने लोगों से ऐसी बातों के कारण खुद को अपमानित या आहत महसूस करना बंद करने और हर बात पर सफाई देने की जरूरत नहीं समझने की बात कही।

    इसके बाद कंगना ने राखी सावंत पर सीधे तौर पर निशाना साधते हुए सफलता और प्रतिभा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केवल किसी को खुश करने या किसी तरह का फायदा पहुंचाने की कोशिश से सफलता हासिल नहीं की जा सकती।

    कंगना ने अपनी पोस्ट में राखी को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए कोई भी कुछ करने को तैयार हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सामने वाले को उसकी जरूरत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल किसी को दिए गए फेवर किसी व्यक्ति को नौकरी तक नहीं दिला सकते, क्योंकि उसके लिए भी गुणवत्ता और प्रतिभा जरूरी होती है।

    कंगना ने अपनी प्रतिक्रिया में यह भी कहा कि राखी चाहे फेवर करें या न करें, इससे उनके लिए कोई बदलाव नहीं होने वाला। उन्होंने राखी को अपनी रील्स देखने और रोते रहने की बात भी कही।

    इस पूरे विवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंगना रनौत और स्मृति ईरानी का नाम राखी सावंत की टिप्पणी के कारण सामने आया। इसके बाद कंगना ने अपने जवाब में सफल महिलाओं के खिलाफ होने वाली व्यक्तिगत टिप्पणियों और चरित्र पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति को मुद्दा बनाया।

    राखी की टिप्पणी और कंगना की प्रतिक्रिया के बाद दोनों के बीच बयानबाजी चर्चा में है। कंगना ने अपने जवाब में जहां महिलाओं की सफलता और प्रतिभा का मुद्दा उठाया, वहीं राखी की टिप्पणी पर सीधे तौर पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की।

  • राखी सावंत के पीएम मोदी पर बयान से भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- सफल महिलाओं का चरित्र हनन करना बंद करें

    राखी सावंत के पीएम मोदी पर बयान से भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- सफल महिलाओं का चरित्र हनन करना बंद करें

    नई दिल्ली ।एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने राखी सावंत की एक पॉडकास्ट में की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। राखी ने बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंगना रनौत और स्मृति ईरानी का नाम लेते हुए ऐसी टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। अब कंगना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर राखी को जवाब दिया है।

    कंगना ने अपनी पोस्ट में कहा कि अक्सर असफल और निराश लोग अपनी नाकामी का जिम्मेदार सफल महिलाओं को ठहराते हैं। उन्होंने लिखा कि जलन और अहंकार के कारण कई बार सफल महिलाओं को निशाना बनाया जाता है। कंगना के मुताबिक, महिलाओं को इस तरह की टिप्पणियों से शर्मिंदा होने या बार-बार खुद को सही साबित करने की जरूरत नहीं है।

    कंगना ने कहा कि महिलाओं को ऐसे हमलों में उलझने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, इसके बाद उन्होंने राखी सावंत पर सीधे तौर पर तीखा तंज भी किया। कंगना ने राखी की सफलता पाने की कोशिशों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह भी सफलता हासिल करने के लिए सब कुछ करने को तैयार हैं, लेकिन दुर्भाग्य से अब किसी को उनसे कुछ चाहिए ही नहीं।

    कंगना ने अपनी पोस्ट में आगे राखी को लेकर बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि राखी की तमाम कोशिशें मिलकर भी उन्हें स्वीपर की नौकरी नहीं दिला सकीं। कंगना ने यह भी कहा कि ऐसी नौकरी के लिए भी गुणवत्ता और प्रतिभा की जरूरत होती है। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने राखी से कहा कि वह उनकी रील्स देखती रहें और रोती रहें।

    विवाद की शुरुआत राखी सावंत के हालिया पॉडकास्ट से हुई थी। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंगना रनौत और स्मृति ईरानी का जिक्र हुआ। राखी ने सवाल किया कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी को कंगना और दूसरी महिलाओं से ऐसा क्या मिला कि उन्हें मंत्री बनाया गया।

    इसके बाद पॉडकास्ट के होस्ट ने राखी से पूछा कि वह किस चीज की बात कर रही हैं। इस पर राखी ने जवाब देते हुए कहा कि वह प्यार और सम्मान की बात कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर कंगना और स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री मोदी को सम्मान दिया है, तो वह भी उन्हें सम्मान दे सकती हैं।

    राखी की इस टिप्पणी के बाद कंगना ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने अपने जवाब में एक तरफ सफल महिलाओं को निशाना बनाए जाने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ राखी की टिप्पणी पर व्यक्तिगत और तीखा पलटवार किया।

    इस पूरे विवाद में कंगना की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। कंगना ने अपनी पोस्ट में महिलाओं को लेकर होने वाली टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्होंने राखी सावंत की टिप्पणी के जवाब में उनकी सफलता और करियर को लेकर भी कटाक्ष किया।

  • रिया अहीर और शहजाद पूनावाला में छिड़ी जुबानी जंग, ‘अंकल’ कहने पर राहुल गांधी और IQ का जिक्र कर भड़के

    रिया अहीर और शहजाद पूनावाला में छिड़ी जुबानी जंग, ‘अंकल’ कहने पर राहुल गांधी और IQ का जिक्र कर भड़के

    नई दिल्ली । रियलिटी शो बिग बॉस 20 में एंट्री नहीं मिलने के बाद मॉडल रिया अहीर और भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग छिड़ गई है। पूनावाला ने रिया पर निशाना साधते हुए उनके वायरल प्रोटेस्ट वीडियो और बिग बॉस में एंट्री को लेकर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में रिया ने उन्हें ‘अंकल’ कहते हुए अपनी उम्र से तुलना की। इसके बाद पूनावाला ने भी पलटवार किया और राहुल गांधी का जिक्र करते हुए रिया की ‘मैथ्स’ और ‘आईक्यू’ पर तंज कसा।

    बिग बॉस में एंट्री नहीं मिलने के बाद शुरू हुआ विवाद

    मुंबई की मॉडल रिया अहीर उस समय चर्चा में आई थीं, जब विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन को रोकने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद वह बिग बॉस 20 में जनता के वोट से एंट्री पाने की दौड़ में शामिल हुईं। हालांकि, इस वोटिंग में पंजाबी अभिनेत्री लव गिल ने बाजी मारी और रिया शो में जगह नहीं बना सकीं।

    इसके बाद शहजाद पूनावाला ने एक रील के जरिए रिया पर निशाना साधा। उन्होंने उनके वायरल फोटो और बिग बॉस में एंट्री की कोशिश को लेकर सवाल उठाए। पूनावाला ने दावा किया कि रिया को ‘लेफ्ट-विंग इकोसिस्टम’ और ‘एंटी-मोदी यूट्यूबर्स’ का समर्थन हासिल था।

    पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि रिया बिग बॉस के मंच का इस्तेमाल ‘एंटी-नेशनल’ और ‘एंटी-सनातन’ विचार फैलाने के लिए करना चाहती थीं। उन्होंने राहुल गांधी का भी जिक्र करते हुए रिया की हार पर तंज कसा।

    रिया ने शहजाद को कहा- ‘अंकल’

    पूनावाला की रील का जवाब रिया अहीर ने दो वीडियो के जरिए दिया। उन्होंने अपने जवाब की शुरुआत शहजाद पूनावाला को ‘अंकल’ कहकर की। रिया ने उनसे कहा कि उन्हें अपनी उम्र के लोगों के साथ राजनीति करनी चाहिए, ‘छोटी लड़कियों’ के साथ नहीं। रिया ने कहा कि पूनावाला उनकी उम्र से ‘दोगुने से भी ज्यादा’ हैं।

    रिया ने पूनावाला के उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें उन्होंने राजनीतिक नेताओं के साथ उनके जुड़ाव की बात कही थी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ इस्तेमाल की जा रही यही स्क्रिप्ट 50 अन्य ‘चीप इन्फ्लुएंसर्स’ भी इस्तेमाल कर चुके हैं।

    भारतीय सेना पर टिप्पणी को लेकर भी दिया जवाब

    रिया ने भारतीय सेना के सम्मान को लेकर लगाए गए आरोप पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई यह कह रहा है कि वह भारतीय सेना का सम्मान नहीं करतीं, तो उन्हें इसका सबूत दिखाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि उन्होंने भारतीय सेना, किसी प्रोफेशनल, संस्था, धर्म या किसी व्यक्ति का कब अपमान किया है।

    रिया ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहन से जुड़ी अपनी टिप्पणी पर भी सफाई दी। उन्होंने लव गिल के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ड्राइवर वाहन नहीं रोकता तो शायद उसी समय उनकी जिंदगी का उद्देश्य पूरा हो जाता।

    रिया ने अपने सोशल वर्क का भी किया जिक्र

    अपने दूसरे वीडियो में रिया ने लोगों की मदद करते हुए कुछ वीडियो साझा किए। इनमें महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक कुष्ठ प्रभावित गांव का दौरा और स्कूली बच्चों को स्टेशनरी देने की कोशिशें शामिल थीं।

    रिया ने पूनावाला और उनके जैसे लोगों पर उन लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया, जिनकी राजनीतिक सोच उनसे अलग है। उन्होंने यह भी कहा कि बिग बॉस का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडा या धर्म को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जा सकता क्योंकि यह शो मनोरंजन के लिए है।

    अपने वीडियो के अंत में रिया ने महिलाओं, मंदिर, इंस्टाग्राम और अपनी उम्र से आधी उम्र की लड़कियों को छोड़ देने की बात कहते हुए पूनावाला पर निशाना साधा।

    पूनावाला का पलटवार- ‘आप 28 की हैं, यंग गर्ल नहीं’

    रिया के जवाब के बाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें अफसोस है कि रिया बिग बॉस के घर में एंट्री करने से पहले ही बाहर हो गईं।

    पूनावाला ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह अपने चुनाव नहीं जीत सकते तो रिया को कैसे जिताएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मूल वीडियो मुख्य रूप से पत्रकार अरफा खानम शेरवानी को लेकर थी और रिया का जिक्र उसमें केवल एक हिस्से के तौर पर आया था।

    उम्र को लेकर रिया की टिप्पणी पर पूनावाला ने कहा कि रिया 28 साल की हैं और वह 38 साल के हैं, इसलिए तकनीकी रूप से वह उनकी उम्र से दोगुने नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद स्कूल में ‘मैथ्स’ रिया का मजबूत विषय नहीं था।

    पूनावाला ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद रिया ने उन्हें ‘56 साल के राहुल गांधी’ समझ लिया है। इसके बाद उन्होंने रिया के पुराने इंस्टाग्राम सब्सक्रिप्शन का भी जिक्र करते हुए उन पर तंज कसा।

    ‘आपका IQ और ज्ञान राहुल गांधी जैसा है’- पूनावाला

    पूनावाला ने अपने जवाब में रिया के ‘आईक्यू और नॉलेज’ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रिया उन्हें नहीं जानतीं तो यह ठीक है, लेकिन उनके मुताबिक रिया का आईक्यू और ज्ञान राहुल गांधी जैसा है। उन्होंने रिया के वंदे मातरम से जुड़े सवाल के दौरान दिए गए जवाब का भी जिक्र किया।

    इस तरह बिग बॉस 20 में एंट्री को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर दोनों के बीच उम्र, राजनीति, प्रदर्शन और विचारधारा को लेकर तीखी बयानबाजी तक पहुंच गया है।

    कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए पूनावाला ने भाजपा भी छोड़ी

    शहजाद पूनावाला का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे। हालांकि, अगस्त 2026 में उन्होंने भाजपा के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पूनावाला ने अपने फैसले के पीछे आर्थिक और निजी परिस्थितियों को वजह बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने बुनियादी खर्चों के लिए पैसे की जरूरत है और अब वह निजी क्षेत्र में जाने की योजना बना रहे हैं।

    हालांकि इस बीच अटकलें लगाई जाने लगीं कि शहजाद पूनावाला फिर से कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। बाद में खुद शहजाद पूनावाला ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए इस तरह की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था। भाजपा छोड़ने के बावजूद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की विचारधारा के प्रति अपना समर्थन जारी रखने की बात कही थी।

  • वंदे मातरम पर कांग्रेस-एनसी आमने-सामने, अब्दुल्ला परिवार के पूरे गीत के सम्मान में खड़े होने पर बढ़ा विवाद

    वंदे मातरम पर कांग्रेस-एनसी आमने-सामने, अब्दुल्ला परिवार के पूरे गीत के सम्मान में खड़े होने पर बढ़ा विवाद


    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में वंदे मातरम के पूरे संस्करण के गायन को लेकर कांग्रेस और उसकी गठबंधन सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। श्रीनगर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान वंदे मातरम का पूरा संस्करण बजाया गया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला सम्मान में खड़े रहे। इसके बाद कांग्रेस ने पूरे गीत के गायन पर आपत्ति जताते हुए एनसी से अपने रुख का समर्थन करने की अपील की। एनसी ने जवाब में कहा कि गठबंधन में होने का मतलब यह नहीं है कि कोई सहयोगी दल दूसरे पर अपनी शर्तें थोपे।

    कांग्रेस महासचिव एवं संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने वंदे मातरम के पूरे संस्करण को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यक्रमों में 1937 में तय किए गए स्वरूप के अनुरूप गीत के शुरुआती दो अंतरे ही गाएगी। कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बनी व्यापक सहमति और देश की बहुलतावादी एवं समन्वयवादी भावना को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    श्रीनगर के फिल्म महोत्सव से शुरू हुआ विवाद

    विवाद की शुरुआत श्रीनगर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के कार्यक्रम से हुई। कार्यक्रम में वंदे मातरम का पूरा संस्करण बजाया गया। मंच पर मौजूद उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला इस दौरान सम्मान में खड़े रहे। कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस की ओर से इस पर प्रतिक्रिया दी गई।

    वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो अंतरे गाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों को भी कांग्रेस के इस फैसले का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद और सरोजिनी नायडू सहित स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं के विचारों का भी उल्लेख किया।

    एनसी ने कहा- सहयोगी अपनी शर्तें नहीं थोप सकता

    कांग्रेस की अपील पर नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। पार्टी नेता बशीर अहमद ने कहा कि गठबंधन में शामिल होने का अर्थ यह नहीं है कि एक सहयोगी दल दूसरे दल को यह बताए कि कोई गीत कितने हिस्से में गाया जाए। उन्होंने कहा कि केसी वेणुगोपाल को सोशल मीडिया पर अपनी राय रखने का अधिकार है, लेकिन वह अपनी राय किसी दूसरे दल पर थोप नहीं सकते।

    एनसी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी भी लोगों पर किसी तरह की शर्त थोपने के खिलाफ है। इस बयान के बाद कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच मतभेद सार्वजनिक हो गए हैं।

    कांग्रेस ने आरएसएस पर भी साधा निशाना

    एनसी की प्रतिक्रिया के बाद कांग्रेस नेता कपिल सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें कांग्रेस के फैसले का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें नागपुर यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के दबाव में नहीं आना चाहिए।

    भाजपा ने कांग्रेस को घेरा

    विवाद में भाजपा भी कूद पड़ी। भाजपा सांसद एवं प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूरे वंदे मातरम के गायन को लेकर उसकी आपत्ति से उसकी राजनीतिक सोच स्पष्ट होती है। उन्होंने कांग्रेस को 21वीं सदी की नई मुस्लिम लीग तक करार दिया और आरोप लगाया कि पार्टी अलगाववादी तथा कट्टरपंथी ताकतों के सामने झुक रही है।

    भाजपा नेता आरएस पठानिया ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि घाटी में अलगाववादी ताकतों ने भी राष्ट्रगीत को लेकर ऐसी आपत्ति नहीं जताई थी।

    1937 के फैसले का हवाला दे रही कांग्रेस

    कांग्रेस ने पिछले महीने अपनी कार्यसमिति की बैठक में 1937 के प्रस्ताव के अनुरूप पार्टी के सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाने का निर्णय लिया था। पार्टी का कहना है कि यह फैसला स्वतंत्रता आंदोलन के समय बनी व्यापक सहमति और देश की बहुलतावादी सोच को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    वहीं भाजपा लंबे समय से कांग्रेस पर वंदे मातरम का पूरा सम्मान नहीं करने का आरोप लगाती रही है।

    गठबंधन की राजनीति पर भी पड़ सकता है असर

    वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच वैचारिक मतभेद का मुद्दा बन गया है। दोनों दल इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन राष्ट्रगीत को लेकर उनके रुख में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। कांग्रेस अपने ऐतिहासिक और राजनीतिक निर्णय पर कायम है, जबकि एनसी का कहना है कि कोई भी सहयोगी दल दूसरे पर अपनी शर्तें नहीं थोप सकता।

    ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ यह विवाद केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या इसका असर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच गठबंधन की राजनीति पर भी पड़ता है।

  • राजनीतिक मतभेदों के बीच महिलाओं के सम्मान पर समझौता नहीं, तृषा विवाद के बाद विजय ने आपत्तिजनक भाषा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया

    राजनीतिक मतभेदों के बीच महिलाओं के सम्मान पर समझौता नहीं, तृषा विवाद के बाद विजय ने आपत्तिजनक भाषा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया

    नई दिल्ली । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने महिलाओं के खिलाफ की जाने वाली अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विधानसभा में सोमवार को उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजनीति में विचारों और नीतियों को लेकर तीखी बहस हो सकती है, लेकिन किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा और सफलता में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में महिलाओं के खिलाफ गलत, गंदी या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने राजनीतिक विरोध और व्यक्तिगत अपमान के बीच अंतर बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

    विजय का यह बयान अभिनेत्री तृषा कृष्णन से जुड़े हालिया विवाद के बीच सामने आया है। इस विवाद ने तमिलनाडु की राजनीति में भी काफी चर्चा पैदा की है। मामले को लेकर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी टीवीके की ओर से विरोध दर्ज कराया गया था।

    विवाद की शुरुआत कावेरी नदी के पानी के बंटवारे से जुड़े राजनीतिक मुद्दे को लेकर हुई बहस के दौरान हुई। डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार को इस मुद्दे पर घेरा था। इसी दौरान अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया।

    इसके बाद टीवीके कार्यकर्ताओं ने मामले के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। बाद में इस कार्रवाई को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी और संबंधित लोगों की रिहाई हुई। पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक बयानबाजी में भाषा और मर्यादा को लेकर नई बहस छेड़ दी।

    मुख्यमंत्री विजय ने अपने बयान के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की कि राजनीतिक असहमति लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन महिलाओं को निशाना बनाकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना अलग विषय है। उनका कहना है कि राजनीतिक नेताओं के बीच आलोचना और बहस हो सकती है, मगर व्यक्तिगत गरिमा और महिलाओं के सम्मान की सीमा नहीं टूटनी चाहिए।

    इसी विवाद से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस ने उद्यमी प्रवीन गणेशन को गिरफ्तार किया है। 35 वर्षीय गणेशन हांगकांग से भारत लौट रहे थे। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया, जिसके बाद उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

    गणेशन ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनके खिलाफ जून में किए गए एक पोस्ट को लेकर लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। उनका कहना है कि संबंधित पोस्ट बाद में हटा दिया गया था। इसके बावजूद मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

    तृषा कृष्णन से जुड़ा विवाद अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि साइबर अपराध और कानूनी कार्रवाई का विषय भी बन चुका है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच विजय का विधानसभा में दिया गया बयान महिलाओं के सम्मान को लेकर उनकी पार्टी और सरकार के रुख को सामने रखता है।

    तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके के सत्ता में आने के बाद राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माहौल भी तेज हुआ है। ऐसे में महिला सम्मान, सार्वजनिक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर की जाने वाली टिप्पणियों को लेकर नेताओं तथा राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है। मुख्यमंत्री विजय ने साफ किया है कि राजनीतिक संघर्ष अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

  • चेन्नई मेट्रो के विज्ञापन पर मचा बवाल, ‘गर्लफ्रेंड देगी 0% इंटरेस्ट’ वाले दावे पर महिला सम्मान को लेकर उठे सवाल

    चेन्नई मेट्रो के विज्ञापन पर मचा बवाल, ‘गर्लफ्रेंड देगी 0% इंटरेस्ट’ वाले दावे पर महिला सम्मान को लेकर उठे सवाल

    नई दिल्ली । चेन्नई मेट्रो में लगे एक विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए इस विज्ञापन में गर्लफ्रेंड की तुलना ब्याज से की गई है। विज्ञापन में दावा किया गया कि गर्लफ्रेंड शायद शून्य प्रतिशत इंटरेस्ट दे, जबकि एफडी पर 14 प्रतिशत तक ब्याज दिया जा रहा है। विज्ञापन का यह अंदाज अब सवालों के घेरे में आ गया है।

    चेन्नई मेट्रो के डिब्बों और परिसरों में लगाए गए इस विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर भी नाराजगी देखने को मिली। विज्ञापन में वित्तीय निवेश को आकर्षक तरीके से पेश करने के लिए निजी रिश्ते का उदाहरण इस्तेमाल किया गया था। लेकिन यही तुलना विवाद की वजह बन गई।

    विज्ञापन को लेकर आपत्ति जताने वालों का कहना है कि किसी वित्तीय उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं और निजी रिश्तों को इस तरह इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि इस तरह की भाषा महिलाओं को एक वस्तु की तरह पेश करती है और सार्वजनिक स्थान पर ऐसे संदेश से महिलाओं की गरिमा प्रभावित हो सकती है।

    मामला राजनीतिक स्तर पर भी पहुंच गया है। डीएमके की सांसद तमिझाची थंगापांडियन ने विज्ञापन पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने मांग की कि इस विज्ञापन को मेट्रो से तत्काल हटाया जाए। उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करना महिलाओं की प्रतिष्ठा के लिए उचित नहीं है।

    एआईएडीएमके की ओर से भी विज्ञापन पर विरोध जताया गया है। पार्टी की प्रवक्ता कोवाई सत्यन ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की और संबंधित क्रेडिट सोसायटी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही। उनका कहना है कि लोगों को ब्याज दर के बारे में जानकारी देने के लिए महिलाओं का अपमान करने वाली भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    विवाद बढ़ने के बाद अब इस बात पर चर्चा हो रही है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में विज्ञापन प्रदर्शित करने से पहले उनकी भाषा और विषयवस्तु की किस तरह जांच की जानी चाहिए। सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में अलग-अलग आयु वर्ग के लोग आते-जाते हैं, इसलिए विज्ञापनों की भाषा को लेकर संवेदनशीलता बरतना जरूरी माना जाता है।

    इस पूरे मामले में विज्ञापन की रचनात्मक शैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। एफडी की ब्याज दर को आकर्षक बनाने के लिए रिश्ते और भावनाओं से जुड़ी तुलना करने की कोशिश की गई, लेकिन इसका संदेश लोगों के एक वर्ग को आपत्तिजनक लगा। इसी वजह से विज्ञापन का उद्देश्य पीछे छूट गया और उसकी भाषा चर्चा का मुख्य विषय बन गई।

    चेन्नई मेट्रो में लगाए गए इस विज्ञापन को लेकर अब कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़े विषयों को ध्यान में रखते हुए ऐसे विज्ञापनों की समीक्षा होनी चाहिए। वहीं पूरा विवाद इस बात पर केंद्रित है कि क्या वित्तीय प्रचार के लिए निजी रिश्तों और महिलाओं को इस तरह तुलना का आधार बनाना उचित है।

  • इंडियाज गॉट लैटेंट 2 में अहमदाबाद विमान हादसे पर मजाक को समय रैना ने रोका, कंटेस्टेंट को दिया दूसरा जवाब

    इंडियाज गॉट लैटेंट 2 में अहमदाबाद विमान हादसे पर मजाक को समय रैना ने रोका, कंटेस्टेंट को दिया दूसरा जवाब


    नई दिल्ली । 
    कॉमेडियन समय रैना का चर्चित शो इंडियाज गॉट लैटेंट 2 इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा में है। शो के नए एपिसोड में वरुण धवन, मेधा शंकर, निशांत तंवर और शेरोन वर्मा पैनल में नजर आए। इस दौरान अहमदाबाद से आए कंटेस्टेंट विजय पोरिया ने फ्लाइट को लेकर एक मजाक शुरू किया, लेकिन उनकी बात जैसे ही पिछले साल हुए अहमदाबाद विमान हादसे की तरफ बढ़ती दिखाई दी, समय रैना ने उन्हें बीच में ही रोक दिया।

    एपिसोड में समय रैना ने विजय से सवाल किया कि उन्हें फ्लाइट से इतना डर क्यों लगता है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी पूछा कि क्या फ्लाइट बहुत महंगी होती हैं। इसके जवाब में विजय ने बताया कि वह अहमदाबाद से हैं। इसके बाद उन्होंने करीब एक साल पहले हुई घटना का जिक्र करते हुए अपनी बात आगे बढ़ाने की कोशिश की।

    विजय ने बताया कि वह छत पर बैठे थे, तभी उनके दोस्त का फोन आया और उसने उनसे अपने बाएं तरफ देखने को कहा। कंटेस्टेंट की बात आगे बढ़ती, उससे पहले ही समय रैना ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसा जवाब दिया जाए जिसे कार्यक्रम में आगे रखा जा सके। इसके बाद उन्होंने सवाल दोबारा पूछा।

    इस बार विजय ने अपना जवाब बदलते हुए कहा कि फ्लाइट काफी महंगी होती है। उनका यह जवाब सुनकर समय रैना, वरुण धवन और पैनल में मौजूद अन्य लोग हंस पड़े। इस तरह बातचीत को संवेदनशील घटना की दिशा में जाने से रोक दिया गया और मजाक को दूसरे अंदाज में आगे बढ़ाया गया।

    विजय की शुरुआती बात का संकेत 12 जून 2025 को हुए अहमदाबाद विमान हादसे की ओर माना गया। इस दुर्घटना में एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। हादसे के कारण यह घटना देश में लंबे समय तक चर्चा में रही। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान समय रैना का उस संदर्भ को आगे नहीं बढ़ने देना खास तौर पर ध्यान खींच रहा है।

    इसी एपिसोड में समय रैना ने अहमदाबाद में अपने लाइव शो को लेकर भी बात की। विजय ने दर्शकों से अहमदाबाद में होने वाले लाइव कॉमेडी कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की और समय रैना से शो के लिए शाउटआउट देने को कहा। इस पर समय ने बताया कि फिलहाल उनका अपना शो अहमदाबाद में नहीं हो पा रहा है।

    समय रैना ने गुजरात में कार्यक्रम करने की इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने बताया कि पिछले करीब एक साल से उन्हें अहमदाबाद में शो करने की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से कार्यक्रम की अनुमति देने की अपील भी की। इस बातचीत के दौरान उनके बयान ने शो से जुड़े पुराने विवादों की याद भी ताजा कर दी।

    इंडियाज गॉट लैटेंट इससे पहले भी गंभीर विवाद का हिस्सा रह चुका है। वर्ष 2025 में रणवीर इलाहाबादिया की एक आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शो से जुड़े लोगों के खिलाफ शिकायत और प्राथमिकी का मामला सामने आया था। विवाद बढ़ने के बाद कार्यक्रम के वीडियो और शो को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था। उस घटनाक्रम के बाद नए सीजन में समय रैना का संवेदनशील विषय पर मजाक को रोकना दर्शकों के बीच चर्चा का कारण बन गया है।

    नए एपिसोड की यह घटना यह भी दिखाती है कि कॉमेडी कार्यक्रमों में संवेदनशील घटनाओं और त्रासदियों से जुड़े विषयों को लेकर सावधानी कितनी महत्वपूर्ण हो गई है। समय रैना द्वारा कंटेस्टेंट को रोकने का फैसला इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि शो का मूल अंदाज हास्य और व्यंग्य पर आधारित है, लेकिन किसी बड़े हादसे से जुड़े संदर्भ पर दर्शकों की भावनाओं का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी माना जाता है।

  • हानिया आमिर का वायरल वीडियो देख सोशल मीडिया पर मचा हंगामा, बोलने के अंदाज पर यूजर्स ने लगाए नशे में होने के आरोप

    हानिया आमिर का वायरल वीडियो देख सोशल मीडिया पर मचा हंगामा, बोलने के अंदाज पर यूजर्स ने लगाए नशे में होने के आरोप


    नई दिल्ली ।
    पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। सामने आए वीडियो में अभिनेत्री अपने हेयरस्टाइलिंग सेशन के दौरान टीम के साथ नजर आ रही हैं। इस दौरान उनके बोलने के अंदाज और हाव-भाव को देखकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके नशे में होने का दावा किया है। हालांकि, अब तक ऐसी किसी भी बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही अभिनेत्री या उनकी टीम की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।

    वायरल हो रही क्लिप में हानिया आमिर अपने बाल तैयार करवाती दिखाई देती हैं। वीडियो में एक महिला उन्हें विग पहनाने में मदद करती नजर आती है। इस दौरान अभिनेत्री अपनी टीम के साथ हंसी-मजाक करती हैं और विग को लेकर अपनी पसंद भी बताती दिखाई देती हैं। बातचीत के दौरान वह ‘हैप्पी हैलोवीन’ भी कहती हैं। वीडियो का यही हिस्सा सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

    वीडियो सामने आने के बाद कुछ यूजर्स ने हानिया के बोलने के तरीके और उनके हाव-भाव को सामान्य से अलग बताते हुए सवाल उठाए। कुछ लोगों ने अनुमान लगाया कि उन्होंने शराब पी रखी थी, जबकि कुछ अन्य यूजर्स ने इससे भी आगे बढ़कर नशे से जुड़े अलग-अलग दावे किए। हालांकि, केवल किसी वीडियो में बोलने के अंदाज या व्यवहार के आधार पर किसी व्यक्ति के नशे में होने की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    सोशल मीडिया पर हानिया आमिर को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं एक जैसी नहीं हैं। एक तरफ कुछ यूजर्स वीडियो को लेकर अभिनेत्री पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके प्रशंसक उनके समर्थन में सामने आए हैं। फैंस का कहना है कि हानिया वीडियो में अपनी टीम के साथ हंसी-मजाक करती दिखाई दे रही हैं और उनके इस व्यवहार को तुरंत नशे से जोड़ना उचित नहीं है।

    प्रशंसकों ने यह भी कहा कि किसी छोटे वीडियो क्लिप से पूरी परिस्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। वीडियो किस समय रिकॉर्ड किया गया और उस वक्त अभिनेत्री की वास्तविक स्थिति क्या थी, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे दावों को तथ्य के रूप में देखना सही नहीं होगा।

    हानिया आमिर पाकिस्तान की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं और सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। उनके वीडियो और तस्वीरें अक्सर इंटरनेट पर तेजी से वायरल होते हैं। यही वजह है कि इस बार भी कुछ सेकंड की क्लिप ने व्यापक चर्चा पैदा कर दी है।

    फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हानिया के नशे में होने का कोई पुष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। अभिनेत्री या उनकी टीम ने भी वायरल वीडियो को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही शराब या नशे से जुड़ी बातें फिलहाल महज अटकलें हैं। जब तक हानिया या उनकी टीम की ओर से कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आता, तब तक वायरल क्लिप को लेकर किए जा रहे दावों को सावधानी के साथ देखना ही उचित होगा।

  • कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर कंगना रनौत का तंज, कपड़ों को लेकर उठाए सवाल और पूछा ऐसा क्यों किया

    कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर कंगना रनौत का तंज, कपड़ों को लेकर उठाए सवाल और पूछा ऐसा क्यों किया

    नई दिल्ली ।अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन से जुड़े एक विज्ञापन पर टिप्पणी करते हुए उसमें दिखाई गई ड्रेसिंग को लेकर सवाल उठाया है। कृति सेनन का यह विज्ञापन एक ज्वैलरी ब्रांड से जुड़ा है और इसमें रक्षाबंधन का त्योहार मनाते हुए उन्हें दिखाया गया है।

    विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कृति सेनन की ड्रेस को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने उनके पहनावे को लेकर आपत्ति जताई, जबकि कुछ ने इसे विज्ञापन की रचनात्मक प्रस्तुति का हिस्सा माना। इसी बीच कंगना रनौत ने भी इस विवाद पर अपनी राय सार्वजनिक की।

    कृति सेनन विज्ञापन में इंडो-वेस्टर्न अंदाज के परिधान में नजर आती हैं। विज्ञापन की थीम रक्षाबंधन से जुड़ी है और इसमें भाई-बहन के रिश्ते को त्योहार के संदर्भ में दिखाया गया है। हालांकि, कृति के कपड़ों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई और विज्ञापन का यह हिस्सा लोगों के बीच बहस का विषय बन गया।

    कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर साझा की गई अपनी पोस्ट में महिलाओं के पास मौजूद अलग-अलग फैशन विकल्पों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं वैश्विक फैशन को अपनाती हैं और उनके पास पारंपरिक भारतीय परिधानों से लेकर आधुनिक कपड़ों तक कई विकल्प मौजूद हैं।

    इसी संदर्भ में कंगना ने सवाल उठाया कि रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक त्योहार पर भाई को राखी बांधते समय बिकिनी या अंडरगारमेंट जैसे पहनावे का इस्तेमाल क्यों किया जाए। उन्होंने विज्ञापन की स्टाइलिंग को लेकर भी सवाल करते हुए पूछा कि जब महिलाओं के पास इतने विकल्प हैं तो इस तरह के परिधान को ही क्यों चुना गया।

    कंगना ने अपनी टिप्पणी में यह भी संकेत दिया कि विज्ञापन को जानबूझकर असामान्य तरीके से तैयार किया गया हो सकता है। उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद कृति सेनन का विज्ञापन एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, कृति सेनन की ओर से कंगना की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।

    रक्षाबंधन भारतीय समाज में भाई और बहन के रिश्ते से जुड़ा प्रमुख त्योहार है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी सुरक्षा तथा सम्मान का संकल्प लेने की परंपरा निभाता है। त्योहार के इसी भाव को ध्यान में रखते हुए कंपनियां हर साल आभूषण, कपड़े, मिठाई और अन्य उत्पादों से जुड़े विज्ञापन तैयार करती हैं।

    सेलिब्रिटी विज्ञापनों में पहनावे और प्रस्तुति को लेकर विवाद नया नहीं है। कई बार किसी विज्ञापन की थीम, ड्रेसिंग या विजुअल प्रस्तुति को लेकर दर्शकों की राय अलग-अलग होती है। सोशल मीडिया के दौर में ऐसी प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आती हैं और कुछ ही समय में विज्ञापन व्यापक चर्चा का विषय बन जाता है।

    कृति सेनन के मामले में भी यही देखने को मिला। एक तरफ विज्ञापन की रचनात्मकता और फैशन प्रस्तुति को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक त्योहार के संदर्भ में पहनावे को लेकर सवाल उठाए गए। कंगना की टिप्पणी ने इस बहस को और व्यापक बना दिया है।

    कंगना रनौत पहले भी फिल्म, फैशन, सामाजिक विषयों और सार्वजनिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं। उनके बयानों पर अक्सर समर्थन और आलोचना दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं आती हैं। इस बार भी उनकी टिप्पणी के बाद कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    फिलहाल विवाद का केंद्र विज्ञापन में कृति सेनन की ड्रेसिंग और रक्षाबंधन की पारंपरिक भावना के बीच तालमेल का सवाल है। कृति की ओर से इस टिप्पणी पर कोई स्पष्ट जवाब सामने आने के बाद ही इस मामले में आगे की तस्वीर साफ होगी।