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  • पांच हत्याओं के सनसनीखेज मामले में जांच तेज फरार आरोपी ऋतुराज हिरासत में बुधगांव कनेक्शन और डॉक्टर की डिग्री भी जांच के घेरे में

    पांच हत्याओं के सनसनीखेज मामले में जांच तेज फरार आरोपी ऋतुराज हिरासत में बुधगांव कनेक्शन और डॉक्टर की डिग्री भी जांच के घेरे में


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के बहुचर्चित पांच हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 19 जुलाई को इंदिरानगर में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी ऋतुराज को पुलिस ने रविवार शाम हिरासत में ले लिया। आरोपी को जबलपुर के मढ़ाताल थाना क्षेत्र से नरसिंहपुर लाया गया है जहां उससे पूरे घटनाक्रम और फरार आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी पूछताछ से मामले के कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी के जबलपुर में होने की सूचना मिलने के बाद नरसिंहपुर पुलिस की विशेष टीम वहां पहुंची और उसे अभिरक्षा में लेकर जिले आई। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आरोपी ने स्वयं थाने में पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था या पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। फिलहाल जांच एजेंसियां उससे हत्या की साजिश वारदात की योजना और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर लगातार पूछताछ कर रही हैं।

    इस हत्याकांड में अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें आनंद लोधी अनुज लोधी और राजा पटेल को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की गई। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पूछताछ के दौरान पुलिस ने हत्या की साजिश पैसों के लेनदेन और फरार आरोपियों की लोकेशन से जुड़े सवाल किए लेकिन पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी पहले दिए गए बयानों पर ही कायम रहे और फरार आरोपियों प्रीतम तथा शुभम के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दे सके।

    जांच के दौरान पुलिस का फोकस अब घटना के बाद सामने आए बुधगांव कनेक्शन पर भी है। पुलिस आनंद लोधी के उस दावे की पड़ताल कर रही है जिसमें उसने वारदात के बाद बुधगांव पहुंचकर सतीश पटेल के यहां वाहन छोड़ने की बात कही थी। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इस घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं और आरोपी के बयान कितने तथ्यात्मक हैं।

    मामले में गिरफ्तार जबलपुर निवासी डॉ. अमित खरे भी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। पुलिस अब उनकी शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल डिग्री का सत्यापन कराने की प्रक्रिया में जुटी है। इसके लिए जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से पत्राचार किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी डिग्री वैध है या नहीं। पुलिस का मानना है कि जांच के इस पहलू से भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने बताया कि फरार आरोपी ऋतुराज से पूछताछ जारी है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं फरार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • सराफा दुकान में चोरी की बड़ी साजिश नाकाम गैस कटर लेकर पहुंचे बदमाश गिरफ्तार गिरोह का सरगना अब भी फरार

    सराफा दुकान में चोरी की बड़ी साजिश नाकाम गैस कटर लेकर पहुंचे बदमाश गिरफ्तार गिरोह का सरगना अब भी फरार


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले की बैराड़ पुलिस ने सराफा दुकान में चोरी की कोशिश करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई टाटा नेक्सॉन कार 315 बोर का एक देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। मामले में गिरोह का सरगना समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने बताया कि बैराड़ स्थित प्रिंस ज्वेलर्स के संचालक जगदीश प्रसाद गुप्ता ने 22 जुलाई को चोरी के प्रयास की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार 21 जुलाई की रात दुकान बंद कर घर जाने के बाद करीब 1 बजकर 20 मिनट पर पुलिस ने दुकान के बाहर आग जैसी स्थिति होने की सूचना दी। जब मौके पर पहुंचकर देखा गया तो पता चला कि बदमाश गैस कटर की मदद से दुकान का ताला काटकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस की आहट मिलते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर तीन संदिग्ध बदमाश गैस कटर से ताला काटते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों मुखबिरों की सूचना और फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की। जांच में रिंकू उर्फ योगेश कुशवाह निवासी जौरा राकेश कुशवाह और उनके साथियों की संलिप्तता सामने आई।

    पुलिस को 26 जुलाई को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य टाटा नेक्सॉन कार से पहाड़गढ़ की ओर आने वाले हैं। सूचना के आधार पर सहसराम पहाड़गढ़ मार्ग पर घेराबंदी की गई और संदिग्ध कार को रोक लिया गया। कार में सवार सौरभ कुशवाह निवासी भूराडाढ़ा जिला मुरैना और आकाश रावत निवासी भूपतपुरा जौरा को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान सौरभ के पास से 315 बोर का देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।

    पूछताछ में सौरभ ने खुलासा किया कि उसका जीजा रिंकू उर्फ योगेश कुशवाह पूरे गिरोह का सरगना है। उसने राकेश कुशवाह देवेंद्र उर्फ देवू उर्फ चुटिया सविता और अन्य साथियों के साथ मिलकर बैराड़ की सराफा दुकानों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। योजना के तहत रिंकू गैस कटर लेकर आया था जबकि सौरभ और देवू हथियारों के साथ पहुंचे थे। वहीं आकाश नशे की हालत में कार में ही सो गया था। इसी दौरान पुलिस की भनक लगने पर सभी आरोपी बिना चोरी किए मौके से फरार हो गए।

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि सौरभ और रिंकू पहले भी धौलपुर भिंड और आगरा में चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार रिंकू पर विभिन्न जिलों में चोरी के कई मामले दर्ज हैं और वही पूरे गिरोह का संचालन करता है। फिलहाल पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल नेक्सॉन कार हथियार और कारतूस जब्त कर लिए हैं। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया जाएगा।

  • राजधानी भोपाल में पुलिस की बड़ी कार्रवाई इतवारा इलाके में 200 पुलिसकर्मियों का फ्लैग ऑपरेशन गांजा समेत नशीले पदार्थ जब्त

    राजधानी भोपाल में पुलिस की बड़ी कार्रवाई इतवारा इलाके में 200 पुलिसकर्मियों का फ्लैग ऑपरेशन गांजा समेत नशीले पदार्थ जब्त


    भोपाल। राजधानी भोपाल के संवेदनशील माने जाने वाले इतवारा इलाके में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात पुलिस ने नशे के कारोबार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। डीसीपी जोन तीन आयुष गुप्ता के नेतृत्व में करीब 200 पुलिसकर्मियों की टीम ने सुनियोजित तरीके से इलाके के 24 से अधिक घरों और संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। देर रात शुरू हुआ यह ऑपरेशन कई घंटों तक चलता रहा जिससे पूरे इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई।

    पुलिस की यह कार्रवाई पहले से तैयार रणनीति के तहत की गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ अलग अलग टीमों ने एक ही समय पर कई स्थानों पर छापेमारी की ताकि किसी भी संदिग्ध को भागने या सबूत नष्ट करने का मौका न मिल सके। कार्रवाई के दौरान कई घरों की गहन तलाशी ली गई और पुलिस ने गांजा सहित अन्य अवैध मादक पदार्थ बरामद किए। हालांकि जब्त किए गए नशीले पदार्थों की कुल मात्रा का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक दर्जन से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लिया है। अधिकारियों के अनुसार इन सभी से पूछताछ की जा रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड तथा नशे के अवैध कारोबार से संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा या पूछताछ के बाद कुछ को छोड़ दिया जाएगा।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और मामले की जांच लगातार जारी है। बरामद मादक पदार्थों की जांच की जा रही है तथा अन्य संभावित ठिकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का उद्देश्य नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना और इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।

    सूत्रों के अनुसार यह अभियान लंबे समय से मिल रही शिकायतों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाया गया। इतवारा क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने एक साथ बड़े स्तर पर कार्रवाई का फैसला लिया ताकि पूरे नेटवर्क को एक ही अभियान में निशाना बनाया जा सके।

    पुलिस ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साझा की जाएगी। इसमें बरामद नशीले पदार्थों की मात्रा गिरफ्तार आरोपियों की संख्या और उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामलों की पूरी जानकारी दी जाएगी। पुलिस ने यह भी संकेत दिए हैं कि राजधानी में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आगे भी इसी तरह के विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके और शहर में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

  • झांसी में महिला प्रधान के बेटे की हत्‍या मामले में खुलासा, पिस्टल से हुई थी हत्या, सिर में फंसी मिली गोली

    झांसी में महिला प्रधान के बेटे की हत्‍या मामले में खुलासा, पिस्टल से हुई थी हत्या, सिर में फंसी मिली गोली

    झांसी। झांसी में महिला प्रधान के बेटे और एलएलबी छात्र संजय सिंह उर्फ संजू (33) की हत्या पिस्टल से किए जाने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। शुक्रवार शाम डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम के दौरान संजय के सिर के भीतर फंसी गोली बरामद की। गोली सिर के पिछले हिस्से में मारी गई थी, जिससे गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई। अब तक पुलिस देशी तमंचे से हत्या की आशंका जता रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट हो गया कि हमलावर ने पिस्टल का इस्तेमाल किया था।

    रेस्टोरेंट में दोस्तों के साथ खाना खाते समय मारी गोली
    गुरुवार रात संजय अपने चार दोस्तों के साथ इलाइट चौराहे से करीब 300 मीटर दूर स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में भोजन करने गया था। इसी दौरान एक युवक अंदर पहुंचा और संजय के सिर पर सटाकर गोली मार दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मामले में मृतक के भाई सर्वेश सिंह की शिकायत पर नवाबाद थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

    पेशेवर शूटर होने का शक
    पुलिस का मानना है कि वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे पेशेवर शूटर की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार आरोपी सीधे संजय की टेबल तक पहुंचा, बेहद करीब से एक गोली चलाई और पिस्टल लहराते हुए बाहर निकल गया। पार्किंग में मौजूद गार्ड ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह धक्का देकर बाहर खड़ी बिना नंबर की बाइक पर साथी के साथ फरार हो गया।

    महज छह मिनट में दिया वारदात को अंजाम
    सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक आरोपी रात 9:23 बजे रेस्टोरेंट में दाखिल हुआ और 9:29 बजे हत्या कर बाहर निकल गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी बिहारी तिराहा होते हुए रक्सा टोल की दिशा में भागे। एसओजी और सर्विलांस टीम ने घटनास्थल से लेकर रक्सा टोल तक लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है और कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं।

    छह साल से झांसी में रह रहा था संजय
    संजय सिंह मूल रूप से गरौठा क्षेत्र के हैवतपुरा गांव का रहने वाला था। उसकी मां रामदेवी गांव की प्रधान हैं। परिवार में बड़ा भाई सर्वेश और बहन रचना हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। संजय अविवाहित था और पिछले छह वर्षों से झांसी में रिश्तेदार के यहां रहकर अधिवक्ता दशरथ सिंह के पास मुंशी का काम करता था।

    दतिया से लौटने के बाद पहुंचे थे रेस्टोरेंट
    संजय के दोस्त शिवम ने बताया कि गुरुवार शाम वह अधिवक्ता दशरथ सिंह और अन्य साथियों के साथ दतिया स्थित पीतांबरा पीठ के दर्शन कर लौटे थे। वापस आने के बाद सभी लोग द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे, जहां संजय ने अपने मित्र धर्मेंद्र को भी बुला लिया। भोजन समाप्त होने के तुरंत बाद एक युवक आया और संजय को गोली मारकर फरार हो गया।

    परिजनों ने रंजिश से किया इनकार, तीन पहलुओं पर जांच
    मृतक के भाई सर्वेश सिंह ने पुलिस को बताया कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और प्रधानी को लेकर भी कोई विवाद नहीं था। हालांकि उन्होंने बताया कि संजय जमीन के कारोबार से भी जुड़ा हुआ था।

    फिलहाल पुलिस जमीन विवाद, लव एंगल और पुरानी रंजिश समेत तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि संजय गांव कम क्यों जाता था और क्या उसके पीछे कोई पुराना विवाद था।

  • देवास में कॉलोनी की सुरक्षा पर सवाल घर के बाहर खड़ी कार पर हमला महिलाओं ने बताई शराबियों की दहशत

    देवास में कॉलोनी की सुरक्षा पर सवाल घर के बाहर खड़ी कार पर हमला महिलाओं ने बताई शराबियों की दहशत


    देवास । देवास की स्वास्थ्य कर्मचारी कॉलोनी में शुक्रवार देर रात हुई तोड़फोड़ की एक घटना ने इलाके के रहवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी एक कार पर शराब की बोतल फेंककर उसका कांच तोड़ दिया। घटना के बाद कॉलोनी में दहशत और आक्रोश का माहौल है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

    पीड़ित समता श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी कार रोज की तरह घर के सामने खड़ी थी। देर रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने शराब की बोतल फेंककर कार का शीशा तोड़ दिया। सुबह या घटना की जानकारी मिलने पर परिवार बाहर आया तो वाहन क्षतिग्रस्त मिला। उन्होंने बताया कि घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है और इसकी फुटेज पुलिस को सौंप दी जाएगी ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जा सके।

    पुलिस ने आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगालना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज से घटना में शामिल लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

    इस घटना के बाद कॉलोनी की महिलाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है। समता श्रीवास्तव का आरोप है कि शाम होते ही कुछ असामाजिक तत्व कॉलोनी के आसपास खुलेआम शराब पीते हैं और वहां से गुजरने वाली महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। इससे महिलाओं और परिवारों में लगातार असुरक्षा की भावना बनी रहती है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

    कॉलोनी की अन्य महिलाओं ने भी इसी तरह की शिकायतें दोहराते हुए कहा कि इलाके में शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा आम बात हो गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। रहवासियों ने पुलिस प्रशासन से नियमित गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने की मांग की है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कॉलोनी में खड़े वाहनों के साथ तोड़फोड़ और उपद्रव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से रहवासियों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका आरोप है कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ समय पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हो रहे हैं और वे बेखौफ होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

    पीड़ित परिवार ने मामले की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में देने की बात कही है। वहीं कॉलोनी के लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए शराब पीकर उपद्रव करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाए ताकि कॉलोनी में रहने वाले परिवार सुरक्षित माहौल में रह सकें।

    कोतवाली पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज सहित उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

  • 24.90 लाख की लूट में तीन सिपाही गिरफ्तार, झांसी लाकर पूछताछ, छह लोगों पर दर्ज हुई FIR

    24.90 लाख की लूट में तीन सिपाही गिरफ्तार, झांसी लाकर पूछताछ, छह लोगों पर दर्ज हुई FIR


    झांसी। सूरत के एक ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी से 24.90 लाख रुपये की कथित लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार देर रात जालौन में दबिश देकर तीनों को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद रविवार शाम उन्हें पूछताछ के लिए झांसी लाया गया।

    कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में तीन सिपाहियों समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप सामने आने के बाद जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

    झांसी के तीन युवकों की भी तलाश
    जांच में झांसी के तीन युवकों की कथित संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, लूटी गई रकम का बड़ा हिस्सा इन्हीं के पास होने की आशंका जताई जा रही है।

    कारोबारी के मुंशी का किया था अपहरण
    पुलिस के मुताबिक, सूरत निवासी ड्राई फ्रूट कारोबारी जितेंद्र पटेल के मुंशी किशन पांचाल (30) का गुरुवार शाम काले रंग की क्रेटा कार में आए आरोपियों ने कथित रूप से अपहरण कर लिया था। आरोप है कि तीन सिपाहियों ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर रुपये से भरा बैग लूट लिया और बाद में किशन पांचाल को कानपुर बाईपास के पास छोड़कर फरार हो गए।

    CCTV फुटेज से हुई पहचान
    घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में तीन पुलिसकर्मी वर्दी में दिखाई दिए। उनकी पहचान राघवेंद्र राजपूत, नीरज राजपूत और मनोज के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद तीनों झांसी-कानपुर हाईवे से उरई की ओर भाग गए थे।

    लोकेशन ट्रैक कर हुई गिरफ्तारी
    मामले के खुलासे के लिए स्वॉट टीम सहित चार पुलिस टीमें गठित की गई थीं। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने शनिवार देर रात उरई में दबिश देकर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। रविवार शाम उन्हें झांसी लाकर क्राइम ब्रांच कार्यालय में पूछताछ की गई। पुलिस अब पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

    झांसी में हुई थी तीनों की दोस्ती
    जांच में सामने आया है कि मनोज, राघवेंद्र और नीरज पिछले तीन वर्षों से जालौन पुलिस लाइन में तैनात थे। इससे पहले तीनों पीएसी के माध्यम से झांसी पुलिस लाइन में साथ कार्य कर चुके थे, जहां उनकी आपस में दोस्ती हुई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पहले से जानकारी थी कि मुंशी किशन पांचाल बड़ी नकदी लेकर आने वाला है। वारदात वाले दिन राघवेंद्र और मनोज बिना सूचना झांसी पहुंचे थे, जबकि नीरज छुट्टी लेकर आया था।

    लूटी गई रकम की बरामदगी के प्रयास जारी
    पुलिस झांसी के तीन अन्य संदिग्ध युवकों की तलाश के साथ-साथ 24.90 लाख रुपये की लूटी गई रकम बरामद करने का प्रयास भी कर रही है। झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि तीनों गिरफ्तार सिपाहियों से पूछताछ जारी है। साथ ही मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई राशि की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

  • हॉर्न से भड़का युवक, दंपती की कार पर बरपाया कहर; बोनट पर चढ़कर की तोड़फोड़, दो हिरासत में

    हॉर्न से भड़का युवक, दंपती की कार पर बरपाया कहर; बोनट पर चढ़कर की तोड़फोड़, दो हिरासत में


    इंदौर । इंदौर में बीच सड़क पर मामूली बात को लेकर दबंगई का एक और मामला सामने आया है। रावजी बाजार थाना क्षेत्र में रविवार रात रास्ता खाली कराने के लिए हॉर्न बजाना एक दंपती को भारी पड़ गया। बीच सड़क पर खड़े युवक ने गुस्से में कार पर हमला बोल दिया। उसने पहले कार के बोनट पर चढ़कर हंगामा किया और फिर सामने का शीशा सहित कई कांच तोड़ दिए। पूरी घटना कार में बैठे दंपती ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार सिंधी कॉलोनी निवासी बाबू पंजवानी अपनी पत्नी के साथ कार से पलासिया चौराहे के पास से गुजर रहे थे। शराब दुकान के सामने सड़क के बीच एक युवक खड़ा था, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया था। दंपती ने केवल रास्ता खाली कराने के लिए हॉर्न बजाया, लेकिन युवक इस बात पर भड़क गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक ने पहले कार के बोनट पर हाथ मारकर गुस्सा जाहिर किया और फिर सीधे बोनट पर चढ़ गया। इसके बाद उसने कार के आगे के शीशे और अन्य कांच तोड़ दिए। पूरी घटना के दौरान दंपती कार के अंदर ही मौजूद रहे और अपनी सुरक्षा के लिए बाहर नहीं निकले। उन्होंने मोबाइल से पूरी वारदात रिकॉर्ड कर ली।

    घटना के बाद पीड़ित दंपती रावजी बाजार थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाबू पिता मुकेश (19) निवासी भोरासला तथा अंकित पिता दिलीप केलवा (23) निवासी गोविंद नगर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार बाबू नल फिटिंग का काम करता है, जबकि अंकित एक सैलून संचालित करता है।

    पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की गुंडागर्दी और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • देशभर की ट्रेनों में यात्रियों को बनाता था निशाना 15 वारंट वाला सांसी गैंग का कुख्यात बदमाश पुलिस के शिकंजे में

    देशभर की ट्रेनों में यात्रियों को बनाता था निशाना 15 वारंट वाला सांसी गैंग का कुख्यात बदमाश पुलिस के शिकंजे में

    नई दिल्ली । रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराकर वर्षों तक पुलिस को चुनौती देने वाला सांसी गैंग का कुख्यात बदमाश आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। भोपाल जीआरपी ने करीब 11 साल से फरार चल रहे सत्यभान सांसी को गिरफ्तार कर एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। आरोपी पर देश के अलग अलग हिस्सों में दर्ज कई मामलों के साथ कुल 15 स्थायी और गिरफ्तारी वारंट लंबित थे। उसकी गिरफ्तारी को रेलवे पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा था।

    गिरफ्तार आरोपी सत्यभान सांसी हरियाणा के भिवानी जिले का रहने वाला है और सांसी गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जाता है। यह गिरोह लंबे समय से ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य बड़ी सफाई से यात्रियों के बैग और वॉलीबैग पर ब्लेड या चाकू से चीरा लगाकर नकदी जेवर और कीमती सामान निकाल लेते थे। कई बार यात्रियों को चोरी की जानकारी तब होती थी जब ट्रेन अपने गंतव्य तक पहुंच जाती थी।

    जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने केवल मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि राजस्थान उत्तर प्रदेश हरियाणा पंजाब और असम सहित कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। अलग अलग राज्यों की पुलिस लंबे समय से गिरोह के सदस्यों की तलाश कर रही थी लेकिन वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहने के कारण गिरफ्त से बाहर थे।

    भोपाल जीआरपी ने पुराने लंबित वारंटों की तामील के लिए विशेष अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के दौरान सत्यभान की तलाश तेज की गई। पुलिस टीम ने हरियाणा के भिवानी हिसार और आसपास के कई इलाकों में लगातार दबिश दी लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद जांच में साइबर तकनीक का सहारा लिया गया। साइबर सेल ने आरोपी के मोबाइल डेटा और लोकेशन का विश्लेषण किया तथा उसके मूवमेंट पर लगातार नजर रखी।

    कुछ समय बाद अचानक आरोपी का मोबाइल गुवाहाटी में बंद हो गया जिससे पुलिस को शक हुआ कि वह किसी अन्य मामले में पकड़ा गया होगा। जांच आगे बढ़ाई गई तो यह जानकारी मिली कि सत्यभान असम के जालुकबाड़ी क्षेत्र में एक अन्य अपराध के मामले में गिरफ्तार होकर गुवाहाटी सेंट्रल जेल में बंद है। इसके बाद भोपाल पुलिस ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को गुवाहाटी से भोपाल लाया गया।

    भोपाल पहुंचने के बाद उसके खिलाफ दर्ज सभी 15 लंबित वारंटों की तामील की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ चोरी आदतन अपराध और साक्ष्य छिपाने जैसी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। उस पर 54 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। वर्षों से फरार रहने के कारण वह रेलवे पुलिस की वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था।

    रेलवे पुलिस का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से ट्रेनों में सक्रिय चोरी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बदमाशों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। पुलिस अब उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों ठिकानों और विभिन्न राज्यों में हुई वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से रेलवे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी सफलता मिलेगी।

  • फिरोजाबाद में मासूम को पटककर मारने वाले हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

    फिरोजाबाद में मासूम को पटककर मारने वाले हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा


    फिरोजाबाद । फिरोजाबाद में डेढ़ साल के बच्चे के हत्यारे को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। युवक ने बच्चे को जमीन पर 8 बार पटक-पटक कर मार डाला था। वह एकतरफा प्यार में बच्चे की मां से शादी की जिद कर रहा था। बच्चे की मां के मना करने के बाद से युवक गुस्से में था।

    कोर्ट ने शुक्रवार को 2.45 बजे अपना फैसला सुनाया। बच्चे की हत्या का सीसीटीवी भी सामने आया था। इसमें युवक बच्चे की हत्या करते हुए देखा गया था। पुलिस ने आरोपी के दोनों पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया था। घटना 30 मई की शिकोहाबाद क्षेत्र की है।

    एक महीने 10 दिन में कोर्ट ने फैसला सुनाया
    सरकारी वकील राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि कोर्ट ने 1 महीने 10 दिन में फैसला दिया है। पुलिस ने 6 दिन में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। बचाव की पक्ष की तरफ से दलील दी गई थी कि घटना के वक्त आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। लेकिन, कोर्ट ने विराज को आरोपी माना है।

    हत्यारे को फांसी की सजा सुनाने में सबसे अहम भूमिका सीसीटीवी फुटेज की रही। कोर्ट में जब फुटेज दिखाया गया तो आरोपी खुद अपने आप को थप्पड़ मारने लगा था। वह घटना से काफी दुखी प्रतीत हो रहा था। वकील ने कहा कि देश स्तर पर फैसले का संदेश जाएगा। साथ ही लोगों में भी विश्वास पैदा होगा।

    यह है मामला
    अरांव इलाके के बामई गांव की रहने वाली पिंकी बेटी रति और डेढ़ साल के नाती आरव के साथ यादव कॉलोनी में सहेली पुष्पलता पाठक से मिलने आई थीं। पुष्पलता हाल ही में एक सड़क हादसे में घायल हुई थीं। रति की शादी करीब 3 साल पहले बदायूं के सियारण नगर निवासी सुनीत से हुई थी, लेकिन पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा।

    आरोप है कि सुनीत की बुआ का बेटा बदायूं के शेखूपुर निवासी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक लंबे समय से रति पर शादी का दबाव बना रहा था। परिवार वालों के मुताबिक, रति ने उसका प्रपोजल ठुकरा दिया था। इसके बाद से विराज नाराज था। 30 मई की दोपहर तीन बजे विराज भी पुष्पलता के घर पहुंच गया।

    टॉफी दिलाने के बहाने बच्चे को साथ ले गया
    विराज आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। कुछ दूर जाकर गली में उसने सन्नाटा देखकर बच्चे को 8 बार जमीन पर पटका। इससे आरव के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसकी मौत हो गई। इसके बाद विराज आरव को गोद में लेकर आया। उसे घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया।

    परिजनों की नजर पड़ी तो वह आरव को अस्पताल लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी चेक किए तो उसमें विराज बच्चे को पटकता हुआ दिखाई दिया।

  • झांसी में 7 साल की बच्ची से दुष्‍कर्म, लोगों ने चप्पलों से पीटा, जमकर की धुनाई, आरोपी पुलिस गिरफ्त में

    झांसी में 7 साल की बच्ची से दुष्‍कर्म, लोगों ने चप्पलों से पीटा, जमकर की धुनाई, आरोपी पुलिस गिरफ्त में

    झांसी । झांसी में एक युवक ने घर से 100 मीटर दूरी पर रहने वाली 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। 7 जुलाई को सुबह 9 बजे के करीब वह अपनी सहेली के साथ घर के बाहर खेल रही थी।

    तभी आरोपी आया और हाथी दिखाने के बहाने बच्ची को अपने साथ ले गया। सूनी गली में कार के पीछे बच्ची से दरिंदगी की। फिर लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग गया। खून से सनी बच्ची को देखकर परिजन सकपका गए। उन्होंने बेटी से पूछताछ की। बेटी ने आरोपी के बारे में इनपुट दिया। जिसके बाद से परिजन आरोपी की तलाश कर रहे थे।

    उन्होंने अपने मकान मालिक को घटना की जानकारी दी थी। उससे बात करने पर आरोपी का सुराग मिला। जिसके बाद शुक्रवार सुबह परिजन उसके घर पहुंचे। आरोपी को पकड़कर अपने घर ले आए। बेटी ने आरोपी को पहचान लिया। उसके बाद भीड़ ने आरोपी की चप्पलों से पिटाई की। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आज दोपहर 12:30 बजे दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।

    यह है पूरा मामला

    7 जुलाई को घर के बाहर से बुलाकर ले गया था
    बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी एक युवक ने बताया- मैं अपने परिवार के साथ एक कॉलोनी में रहता हूं। मेरे 3 बच्चे हैं। जिसमें 12 साल की बेटी, 10 साल का बेटा और सबसे छोटी बेटी 7 साल की है। मैं ई-रिक्शा चलाता हूं, जबकि पत्नी घरों में झाड़ू-पोछा का काम करती है।

    7 जुलाई को सुबह करीब 9 बजे मैं ई-रिक्शा चलाने गया था और पत्नी भी काम पर गई थी। 7 साल की बेटी उस समय घर के बाहर सहेली के साथ खेल रही थी। बाकी के दो बच्चे घर पर थे। तभी एक युवक आया और बेटी से कहने लगा कि चलो हाथी दिखाएंगे। झांसे में आकर बच्ची उसके साथ चली गई। जब सहेली भी साथ जाने लगी तो उसे डांटकर भगा दिया।

    पिता काम से लौटकर आए तो हुई घटना की जानकारी
    पिता ने आगे बताया- आरोपी बेटी को एक सूनी गली में ले गया और वहां पर खड़ी कार के पीछे रेप किया। फिर लहूलुहान हालत में बेटी को छोड़कर भाग गया। शाम लगभग 4 बजे मैं घर पहुंचा तो बेटी गेट पर खड़ी थी और रो रही थी। उसके कपड़ों पर खून लगा था।

    बेटी ने आरोपी के बारे में दिया था इनपुट
    मैंने पत्नी को फोन करके बुलाया। तब बेटी ने घटना के बारे में जानकारी दी। बेटी ने यह भी बताया कि आरोपी चेहरे पर तौलिया बांधे था और काले कपड़े पहने था। वो नाम और उसके बारे में जानकारी नहीं दे पाई। हम लोग भी डर गए थे। इसलिए उस समय किसी को कुछ नहीं बताया।

    मकान मालिक से बात करने पर आरोपी का मिला सुराग
    9 जुलाई को हिम्मत करके मैंने अपने मकान मालिक को घटना की जानकारी दी। तब पता चला कि कुछ देर पहले एक आरोपी ने इसी तरह घोड़ा दिखाने के बहाने बच्ची को ले जाने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर वो भाग गया। तब हम लोगों ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

    बच्ची ने आरोपी को पहचाना
    पिता ने आगे बताया- आज सुबह करीब 11 बजे पता चला कि कुछ दिन पहले मोनू सिकरवार नाम का युवक किराए पर रहने आया था। वह 7 जुलाई को काले कपड़े पहने था। हम लोग उसे खोजते हुए उसके घर पहुंचे तो वो मिल गया। उसे पकड़कर अपने घर पर लाए। जहां पर मेरी बच्ची ने पहचान लिया कि इन्हीं अंकल ने मेरे कपड़े उतारकर गलत काम किया। इसके बाद भीड़ ने उसकी धुनाई कर दी। फिर पुलिस को बुलाया गया। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी मध्य प्रदेश के गुना का रहने वाला है।

    पुलिस बोली- केस दर्ज किया, मेडिकल करा रहे
    सीओ सिटी रामवीर सिंह ने बताया- आज परिजनों ने थाने आकर रेप की तहरीर दी है। जिस पर पॉक्‍सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पीड़िता का मेडिकल करवाया जा रहा है। आरोपी से भी पूछताछ की जा रही है।