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  • जंतर-मंतर पर तनाव: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के खिलाफ लामबंदी, सोशल मीडिया पर लाठियां लेकर पहुंचने की दी गई खुली धमकी

    जंतर-मंतर पर तनाव: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के खिलाफ लामबंदी, सोशल मीडिया पर लाठियां लेकर पहुंचने की दी गई खुली धमकी

    नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर भारी राजनीतिक और सामाजिक तनाव का गवाह बनने जा रहा है। इंटरनेट जगत से शुरू होकर युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस आंदोलन के जरिए देश की शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रदर्शन की घोषणा के साथ ही दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी हो गई हैं क्योंकि कई संगठन इस आंदोलन के पुरजोर विरोध में उतर आए हैं।

    सोशल मीडिया मंचों पर पिछले चौबीस घंटों से कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध और समर्थन को लेकर एक बड़ी वैचारिक और हिंसक जंग छिड़ गई है। एक तरफ जहां देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र और युवा इस प्रदर्शन का हिस्सा बनने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ प्रमुख हिंदूवादी संगठनों और कार्यकर्ताओं ने इस आंदोलन को रोकने के लिए सीधे तौर पर बल प्रयोग की चेतावनी दी है। इंटरनेट पर ऐसे कई वीडियो और पोस्ट प्रसारित हो रहे हैं जिनमें कार्यकर्ताओं को लाठियां और डंडे लेकर जंतर-मंतर पहुंचने के लिए उकसाया जा रहा है।

    अपने तीखे और विवादित बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने इस मामले में खुलकर धमकी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक हैंडल से एक संदेश जारी करते हुए कहा है कि वे इस कॉकरोच जनता पार्टी के खेल को पूरी तरह समझ रहे हैं। चौधरी ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आह्वान किया है कि वे छह जून को पूरी ताकत के साथ और हाथों में लाठियां लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन और जंतर-मंतर पहुंचें। उन्होंने खुले तौर पर प्रदर्शनकारियों को सबक सिखाने और पीटने की बात कही है, जिससे माहौल में बेहद कड़वाहट आ गई है।

    पिंकी चौधरी के अलावा अवैध धार्मिक निर्माणों के खिलाफ कानूनी और सामाजिक लड़ाई लड़ने का दावा करने वाले एक्टिविस्ट प्रीत सिरोही ने भी सीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सिरोही ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से बड़ी संख्या में लाठियों के साथ दिल्ली पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं जंतर-मंतर पर मुस्तैद रहेंगे और यदि प्रदर्शन के दौरान किसी भी व्यक्ति द्वारा देश विरोधी या समाज विरोधी बातें की गईं, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और तुरंत बल प्रयोग का सहारा लिया जाएगा। इन बयानों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच तनाव और अधिक गहरा गया है।

    इस भारी विरोध और हिंसा की धमकियों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने बेहद सधी हुई और शांतिपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अमेरिका से भारत लौटने के बाद अपने समर्थकों से लगातार अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के उकसावे में न आएं। पार्टी प्रवक्ताओं ने आधिकारिक बयान जारी कर कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि पूरा प्रदर्शन पूरी तरह से अहिंसक, अनुशासित और संवैधानिक दायरे में होना चाहिए। समर्थकों से हाथ में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और किताबें लेकर आने को कहा गया है।

    पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि वे प्रदर्शन के दौरान अपने मोबाइल फोन से लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग करते रहें। सीजेपी नेतृत्व को अंदेशा है कि कुछ असामाजिक तत्व उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने या उसमें हिंसा भड़काने के उद्देश्य से भीड़ में शामिल हो सकते हैं। ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पार्टी ने पुलिस प्रशासन पर भरोसा जताया है और समर्थकों से कहा है कि यदि कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो उसका वीडियो बनाकर तुरंत वहां तैनात पुलिसकर्मियों को सौंप दिया जाए ताकि कानून सम्मत कार्रवाई की जा सके।

  • चांदी बाजार में बड़ी नरमी, MCX से लेकर सर्राफा बाजार तक कीमतों में तेज गिरावट; निवेशकों की बढ़ी चिंता

    चांदी बाजार में बड़ी नरमी, MCX से लेकर सर्राफा बाजार तक कीमतों में तेज गिरावट; निवेशकों की बढ़ी चिंता

    नई दिल्ली । देश के सर्राफा और कमोडिटी बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजारों से लेकर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) तक चांदी के दाम दबाव में दिखाई दिए, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच बाजार की दिशा को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हाल के दिनों में लगातार ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रही चांदी में आई यह गिरावट बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    5 जून 2026 के कारोबारी सत्र में देश के कई प्रमुख बाजारों में चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित विभिन्न राज्यों के सर्राफा बाजारों में चांदी के भाव पिछले सत्रों की तुलना में नीचे आए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल स्थानीय मांग और आपूर्ति का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का भी बड़ा प्रभाव है।

    कमोडिटी बाजार में भी चांदी के वायदा कारोबार पर दबाव साफ दिखाई दिया। MCX पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी के भाव में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई। रिपोर्टों के अनुसार कुछ कॉन्ट्रैक्ट्स में कीमतों में प्रति किलोग्राम कई हजार रुपये तक की गिरावट देखने को मिली। हालांकि विभिन्न एक्सपायरी और कॉन्ट्रैक्ट अवधि के अनुसार दरों में अंतर बना रहा, फिर भी पूरे बाजार में कमजोरी का रुख स्पष्ट दिखाई दिया।

    स्थानीय स्पॉट मार्केट में भी चांदी की कीमतें नरम रहीं। व्यापारियों के अनुसार हाल के उच्च स्तरों के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू कीमतों पर पड़ा है। इसके कारण खरीदारों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन निवेशकों के लिए बाजार की दिशा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना और चांदी जैसी धातुएं अपेक्षाकृत महंगी हो जाती हैं, जिससे वैश्विक मांग प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों को सुरक्षित रणनीति अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।

    भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी बाजार की चाल को प्रभावित कर रही हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों के रुख को प्रभावित किया है। हालांकि ऐसे समय में आमतौर पर सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों का व्यवहार अपेक्षाकृत सतर्क बना हुआ है।

    कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वैश्विक आर्थिक आंकड़े, अमेरिकी डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियां बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए और बाजार के संकेतों पर लगातार नजर बनाए रखनी चाहिए।

    चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट उन उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है जो निवेश या आभूषण खरीदारी की योजना बना रहे हैं। वहीं निवेशकों के लिए यह समय बाजार की गतिविधियों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करने और दीर्घकालिक रणनीति के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है।

  • दिल्ली में अब बैग उठाने की टेंशन खत्म… दो मम्म‍ियों ने बाजारों में उतारा कैरीमेन

    दिल्ली में अब बैग उठाने की टेंशन खत्म… दो मम्म‍ियों ने बाजारों में उतारा कैरीमेन


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) के सरोजनी नगर, लाजपत नगर या चांदनी चौक के मुहाने पर खड़े होकर गौर से देखें तो एक बड़ा ही दिलचस्प नजारा दिखता है. एक तरफ वो पति, दोस्त या बॉयफ्रेंड्स हैं, जो शॉपिंग बैग्स (Shopping bags) के बोझ तले दबे, रीढ़ की हड्डी को 45 डिग्री पर झुकाए, चेहरे पर ‘मुझे घर जाना है’ वाले भाव लिए घूम रहे हैं. और दूसरी तरफ… एक नई नस्ल का उदय हुआ है- नाम है ‘कैरीमैन (Carryman)’. जो न फुल टाइम सैलरी (Full time salary) पर जॉब कर रहे हैं, बल्क‍ि हैप्पी कस्टमर वाली संतुष्ट‍ि भी बटोर रहे।

    शॉपिंग का ये वो गंभीर मोड़ है जहां अमूमन एक लंबा पारिवारिक झगड़ा शुरू होता है, लेकिन दो मम्म‍ियों के एक अनोखे बिजनेस आइडिया ने इस ‘वेटलिफ्टिंग’ को एक बेहद दिलचस्प स्टार्टअप में बदल दिया है. सोशल मीडिया पर इस सर्विस की तस्वीरें और रील्स इस कदर वायरल हो रही हैं कि लोग इसकी क्रिएटिविटी को सलाम कर रहे हैं।


    जब दो सहेलियों के ‘मॉम गिल्ट’ से निकला लाख टके का आइडिया

    इस अनोखे स्टार्टअप की कहानी किसी कॉरपोरेट रूम में नहीं, बल्कि बच्चों के प्रैम और भारी शॉपिंग बैग्स से जूझते हुए लाजपत नगर की सड़कों पर लिखी गई. इस स्टार्टअप की को-फाउंडर रितु कंदारी श्रीवास्तव और कनिष्का मल्होत्रा ने बताया कि वे दोनों छोटे बच्चों की मां हैं. पिछले साल जब वे लाजपत नगर बाजार गईं, तो बच्चों के प्रैम को संभालना और साथ में भारी-भरकम शॉपिंग बैग्स को ढोना उनके लिए एक दुःस्वप्न जैसा हो गया था।

    उन्होंने वहां एक बुजुर्ग महिला को भी सामान से हांफते देखा. रितु के मुताबिक तभी हमारे मन में आया कि काश कोई ऐसी सर्विस होती जहां हम कुछ पैसे देकर मदद ले पाते, ताकि हमें शॉपिंग पर जाने के लिए अपने घरवालों के आगे हाथ न फैलाना पड़े. बस इसी जरूरत ने ‘कैरीमैन’ को जन्म दे दिया. उन्होंने नगर निगम और पुलिस से बकायदा इजाजत ली, युवाओं को ट्रेनिंग दी और लाजपत नगर में अपना पहला कियोस्क खोल दिया।


    ‘पत्नियों का अरमान और पतियों का सहारा’: सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ

    ये स्टार्ट अप शुरू होने के साथ ही इंटरनेट पर ये सर्विस इस कदर छा गई है कि दिल्ली के मिजाज को समझने वाले यूजर्स इस पर मजेदार पोस्ट और अनुभव लिख रहे हैं.यूजर दीपाली पोरवाल ने लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट का एक मजेदार आंखों देखा हाल बयां करते हुए अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि दृश्य यह था कि कविता जी आगे-आगे चल रही थीं, उनकी नजरें कुर्तियों के डिस्काउंट बोर्ड पर थीं. उनके ठीक 3 कदम पीछे उनके पति शर्मा जी चल रहे थे, जिनके दोनों हाथों में पहले से ही 6 बैग्स थे।

    शर्मा जी के मुंह से कराह निकली- ‘कविता, अब और नहीं! यह शॉपिंग है या वेटलिफ्टिंग?’ तभी नीली टी-शर्ट पहने ‘कैरीमैन’ राहुल की एंट्री होती है. शर्मा जी ने राहुल को ऐसे देखा जैसे कोई डूबता हुआ इंसान लाइफ-जैकेट को देखता है. 149 रुपये में शर्मा जी को जो सुख मिला, उसकी तुलना दुनिया के किसी भी लग्जरी स्पा से नहीं की जा सकती. अब शर्मा जी आजाद थे, गोलगप्पे खा रहे थे और पत्नी से कह रहे थे-‘अरे सुनो, वो कोने वाली दुकान पर भी अच्छा कलेक्शन है, वहां भी देख लो!’

    वहीं, नीतू मिश्रा नाम की यूजर ने इस सर्विस को दुनियाभर के पतियों के लिए ‘मुक्ति का मार्ग’ बताते हुए पोस्ट किया, ‘भाई! दुनियाभर के पतियों और बॉयफ्रेंड्स के लिए खुशखबरी है. अब शॉपिंग में बीवी या गर्लफ्रेंड के शॉपिंग बैग नहीं उठाने पड़ेंगे. आप चाहें तो उन्हें अपना क्रेडिट, डेबिट कार्ड देकर अकेले भी शॉपिंग पर भेज सकते हैं! मैंने सर्च किया तो पाया कि यह सिर्फ ₹149 प्रति घंटा में आपका 12 किलो तक का भारी बैग उठाएगा, लंबी लाइनों में आपकी जगह खड़ा रहेगा और फूड स्टॉल से खाना भी लाएगा. थक जाएं तो आपके लिए फोल्डिंग चेयर और धूप से बचाने के लिए छाता भी लगाएगा।

    वहीं यूजर आशीष प्रमोद गोस्वामी और सीमा त्यागी ने भी इसके किरायों की लिस्ट साझा करते हुए बताया कि कैसे यह सेवा 2 घंटे के लिए 219 रुपये और 3 घंटे के लिए 319 रुपये में उपलब्ध है, जो ग्राहकों को दुकानों में बैठने की जगह ढूंढने और सामान को मेट्रो स्टेशन तक पहुंचाने में भी मदद करती है.

    यूजर कल्पना प्रसाद लिखती हैं कि अब दिल्ली की शॉपिंग होगी बिल्कुल टेंशन-फ्री! न पति को परेशान करना पड़ेगा, न हाउस हेल्प का इंतजार.यह सिर्फ सामान उठाना नहीं, कैरीमेन एक सम्मानजनक व्यवस्था है।


    कैरीमेन ने रखा अपना पक्ष

    इस पूरे शोर और लोकप्रियता के बीच खुद ‘कैरीमैन’ ने भी सोशल मीडिया पर अपना विजन साफ करते हुए लिखा है कि कैरीमैन सिर्फ शॉपिंग में मदद करने वाली सर्विस नहीं है. हमारा मानना है कि भारतीय बाजारों में शॉपिंग आरामदायक होनी चाहिए, भीड़भाड़ वाले इलाकों में परिवार खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और हर काम को एक सम्मान और एक स्ट्रक्चर मिलना चाहिए. हम सिर्फ एक सर्विस नहीं, एक पूरा सिस्टम बना रहे हैं.


    फुल टाइम पर कर रहे काम

    एक रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई कि कैरीमेन स्टार्टअप में इन युवाओं को प्रॉपर फुल-टाइम सैलरी पर रखा गया है, वे कोई दिहाड़ी या ‘गिग वर्कर्स’ नहीं हैं. 18 साल के एक ‘कैरीमैन’ आनंद कुमार ने बताया कि पहले वे साड़ी की दुकान में हेल्पर थे, लेकिन यहां उन्हें बेहतर पैसे के साथ-साथ ग्राहकों से पूरा ‘सम्मान’ और भरोसा मिलता है।

    वैसे देखा जाए तो ये स्टार्टअप केवल दो सहेलियों की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि भारतीय बाजारों की बुनियादी कमियों जैसे टूटे फुटपाथ, बेतरतीब भीड़ और पार्किंग की किल्लत के बीच से भी कैसे ‘जुगाड़’ और ‘इनोवेशन’ का एक नया रास्ता निकाला जा सकता है।

  • विपक्षी एकता दिखाने की फिर से तैयारी…. दिल्ली में महाबैठक करेगा INDIA' गठबंधन

    विपक्षी एकता दिखाने की फिर से तैयारी…. दिल्ली में महाबैठक करेगा INDIA' गठबंधन


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) को घेरने और विपक्षी एकता (Opposition unity) दिखाने के लिए ‘INDI’ गठबंधन दिल्ली में महाबैठक (General Meeting) करने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 8 जून को यह बैठक हो सकती है। इसमें केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा होनी है। बैठक में करीब 15 विपक्षी दलों के प्रतिनिधि भाग ले सकते हैं।


    ममता बनर्जी भी हो सकती हैं शामिल

    जानकारी के मुताबिक हाल के चुनाव में बंगाल में टीएमसी और तमिलनाडु में डीएमके की हार की समीक्षा और आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई गई है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शिवसेना (UBT) नेता उद्धव ठाकरे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव आदि के भाग लेने की उम्मीद है।

    बता दें कि पश्चिम बंगाल की हार के बाद ममता बनर्जी की टीएमसी भी बड़े संकट का सामना कर रही है। सूत्रों का कहना है कि टीएमसी के अंदर विरोध काफी तेज हो गया है और टीएमसी के कई बड़े नेता बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। उधर पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हमला हो गया जिसको लेकर ममता बनर्जी केंद्र पर आक्रामक हैं। वहीं खबरें यहां तक आ रही हैं कि पार्टी में ममता बनर्जी के कद पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।


    राहुल गांधी बोले- रीति और नीति को प्रसारित करें

    राहुल गांधी ने एक दिन पहले ही पार्टी संगठन को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीति और नीति को जन-जन तक पहुंचाना है। गांधी सोमवार को कांग्रेस की ओर से अजमेर के पुष्कर स्थित तिलोरा में आयोजित 10 दिवसीय सृजन संगठन चिंतन शिविर के समापन पर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिविर में जिला अध्यक्षों को संगठन के प्रति निष्ठा और एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने जिला अध्यक्षों को स्पष्ट कहा कि संगठन से सर्वोपरि कुछ भी नहीं है। पार्टी की रीति-नीति आम जनता के बीच प्रसारित कर कांग्रेस को और मजबूत किया जाए।

    शिविर को सफल बताते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि संगठन सृजन अभियान के साथ चिंतन शिविर से कांग्रेस के कार्यकर्ता में एक नया जोश पैदा होगा और नयी जिम्मेदारी के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता जब पार्टी की रीति के साथ जब सड़कों पर उतरकर जनता के बीच जाएगा तो जनता का मत और समर्थन कांग्रेस को प्राप्त होगा। यही इस शिविर का मूल उद्देश्य भी है।

  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का बड़ा ऑपरेशन, आतंकी हमले की साजिश विफल, जांच एजेंसियां अलर्ट

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का बड़ा ऑपरेशन, आतंकी हमले की साजिश विफल, जांच एजेंसियां अलर्ट

    नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम करते हुए महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसमें कथित रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े नेटवर्क और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन वाले एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई के तहत दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हथियार, हैंड ग्रेनेड और विस्फोटक सामग्री बरामद होने की पुष्टि की गई है। यह गिरफ्तारी कई दिनों की निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर की गई है, जिसके बाद राजधानी के विभिन्न इलाकों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया गया।

    जांच एजेंसियों के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए संदिग्ध लंबे समय से एक संगठित नेटवर्क के तहत सक्रिय थे और दिल्ली में बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। इस कथित साजिश में मंत्रालयों, सुरक्षा बलों के प्रतिष्ठानों, संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है। अगर यह योजना सफल होती तो राजधानी में गंभीर सुरक्षा संकट पैदा हो सकता था, हालांकि समय रहते कार्रवाई होने से संभावित खतरे को टाल दिया गया।

    सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों और डिजिटल संपर्कों की जानकारी मिल रही थी, जिसके बाद तकनीकी निगरानी और खुफिया नेटवर्क को सक्रिय किया गया। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध लेन-देन और ऑनलाइन संचार के संकेत मिले, जिनके आधार पर इस पूरे मॉड्यूल तक पहुंच बनाई गई। इसके बाद विभिन्न स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

    बरामद हथियारों और विस्फोटक सामग्री की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि इनका उपयोग किस प्रकार की संभावित गतिविधियों के लिए किया जाना था। इसके साथ ही जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपियों को किस प्रकार का प्रशिक्षण दिया गया और उनके संपर्क किन अंतरराष्ट्रीय या घरेलू नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक डाटा की जांच भी की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की संरचना को समझा जा सके।

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं और विभिन्न पहलुओं पर संयुक्त रूप से काम किया जा रहा है। विशेष रूप से वित्तीय लेन-देन, विदेशी संपर्कों और डिजिटल फंडिंग के स्रोतों की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक संकेतों के अनुसार कुछ संदिग्ध लिंक पाकिस्तान आधारित नेटवर्क और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

    दिल्ली जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में इस तरह की साजिश का सामने आना एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। राजधानी में मौजूद संवेदनशील संस्थानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

  • राजधानी की जल आपूर्ति व्यवस्था पर हाई लेवल मीटिंग, सीएम रेखा गुप्ता ने तेज राहत और दीर्घकालिक योजना पर जोर

    राजधानी की जल आपूर्ति व्यवस्था पर हाई लेवल मीटिंग, सीएम रेखा गुप्ता ने तेज राहत और दीर्घकालिक योजना पर जोर

    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच उत्पन्न जल संकट और पेयजल आपूर्ति की चुनौतियों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार हर नागरिक तक पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है और इसके लिए तत्काल राहत उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल वर्तमान संकट को संभालना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति को स्थायी रूप से नियंत्रित करना भी है, ताकि राजधानी में जल सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण जल आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है, लेकिन हरियाणा सरकार से मुनक नहर के माध्यम से न्यूनतम 1,000 क्यूसेक जल आपूर्ति बनाए रखने का आश्वासन मिला है, जिससे स्थिति को संतुलित रखने में मदद मिल रही है। इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड द्वारा 980 से अधिक जल टैंकरों के माध्यम से प्रतिदिन हजारों ट्रिप संचालित किए जा रहे हैं, ताकि घनी आबादी और संकरी गलियों वाले क्षेत्रों में भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने छोटे टैंकरों की तैनाती भी बढ़ाई है, जिससे दूरस्थ और कठिन क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो सके।

    बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि यमुना में वजीराबाद क्षेत्र के पास जल स्तर में गिरावट के कारण आपूर्ति पर असर पड़ा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से चर्चा की, जिसके बाद जल आपूर्ति को बनाए रखने का आश्वासन प्राप्त हुआ। साथ ही यमुना खादर क्षेत्र में अतिरिक्त बोरवेल स्थापित कर प्रतिदिन 10.5 एमजीडी अतिरिक्त जल उत्पादन की क्षमता विकसित की गई है, जिससे आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने में मदद मिली है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल रिसाव और बर्बादी की घटनाओं को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए और कहा कि जल की हर बूंद मूल्यवान है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर स्थिति का निरीक्षण करें। हाल के आंकड़ों के अनुसार जल बोर्ड हेल्पलाइन पर हजारों शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष पर तेजी से कार्य जारी है।

    दीर्घकालिक समाधान के तहत सरकार पाइपलाइन आधारित जल आपूर्ति, नए जल शोधन संयंत्रों की स्थापना, यमुना की सफाई और डी-सिल्टिंग जैसे कार्यों पर भी तेजी से काम कर रही है। इसके साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वर्षा जल संचयन संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है और ड्यूल वाटर सप्लाई सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है, ताकि शोधन जल का उपयोग गैर-पेय कार्यों में किया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर देते हुए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि केवल आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि जिम्मेदार उपयोग और संरक्षण से ही जल संकट का स्थायी समाधान संभव है।

  • सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर अपडेट, आंख की सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने दी छुट्टी

    सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर अपडेट, आंख की सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने दी छुट्टी

    नई दिल्ली । कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sonia Gandhi की आंख की सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हो गई है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। डॉक्टरों की निगरानी में उपचार के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वह अब नई दिल्ली स्थित अपने आवास 10 जनपथ पर लौट आई हैं। इस स्वास्थ्य संबंधी अपडेट के बाद पार्टी के भीतर और समर्थकों के बीच राहत का माहौल देखा जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी को पिछले कुछ समय से आंखों से संबंधित परेशानी थी, जिसके चलते डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी थी। उपचार के दौरान उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया था और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार मेडिकल टीम नजर बनाए हुए थी। सर्जरी के बाद शुरुआती रिकवरी संतोषजनक रही, जिसके आधार पर डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने का निर्णय लिया।

    हालांकि सोनिया गांधी का स्वास्थ्य पिछले कुछ वर्षों से लगातार चर्चा में रहा है। उन्हें पेट, फेफड़ों और सांस से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता रहा है, जिसके चलते समय-समय पर उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में होता रहा है। नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल से लेकर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल तक उनकी चिकित्सा प्रक्रिया जारी रही है, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी सेहत की नियमित निगरानी करते रहे हैं।

    भारतीय राजनीति में Sonia Gandhi का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वह लंबे समय तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं और पार्टी को कई महत्वपूर्ण राजनीतिक चरणों से आगे ले जाने में उनकी भूमिका अहम रही है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी होने के साथ-साथ वे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की माता हैं, और कांग्रेस संगठन में उनका प्रभाव आज भी बना हुआ है।

    राजनीतिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि उनके स्वास्थ्य में आई यह अस्थायी समस्या पार्टी की गतिविधियों पर कुछ हद तक प्रभाव डाल सकती है। विशेषकर उन परिस्थितियों में जब देश के विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक और राजनीतिक निर्णयों की प्रक्रिया चल रही है, उनकी अनुपस्थिति से कुछ निर्णयों में देरी की संभावना जताई जा रही है।

    सोनिया गांधी ने 1997 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था और 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालने के बाद उन्होंने लंबे समय तक पार्टी का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन संगठनात्मक मजबूती और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की उपस्थिति बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।

    फिलहाल डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उन्हें आराम करने और नियमित स्वास्थ्य निगरानी में रहने की सलाह दी गई है। पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उनकी वर्तमान स्थिति स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों की देखरेख में आगे की रिकवरी प्रक्रिया जारी रहेगी।

  • ब्रिटिश दौर से सत्ता के गलियारों तक: दिल्ली जिमखाना क्लब की चमकदार विरासत अब बड़े बदलाव के मोड़ पर

    ब्रिटिश दौर से सत्ता के गलियारों तक: दिल्ली जिमखाना क्लब की चमकदार विरासत अब बड़े बदलाव के मोड़ पर


    नई दिल्ली। देश की राजधानी के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली संस्थानों में गिने जाने वाले दिल्ली जिमखाना क्लब का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया है। ब्रिटिश दौर से लेकर आधुनिक भारत तक सत्ता, प्रशासन और प्रभावशाली वर्ग की पहचान रहे इस ऐतिहासिक क्लब के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। सरकार ने सुरक्षा और सार्वजनिक आवश्यकताओं का हवाला देते हुए क्लब के परिसर को अपने नियंत्रण में लेने का निर्णय किया है। इस फैसले ने न केवल एक संस्थान बल्कि एक लंबे इतिहास, परंपरा और रसूख के प्रतीक को नई बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।

    करीब एक सदी से भी अधिक पुराने इस क्लब की पहचान केवल एक सामाजिक संस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह देश के प्रभावशाली लोगों की गतिविधियों और मेलजोल का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी रहा है। ब्रिटिश अधिकारियों और सैन्य अफसरों के लिए स्थापित यह स्थान समय के साथ भारत के शीर्ष नौकरशाहों, राजनयिकों, सैन्य अधिकारियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के लिए एक खास जगह बन गया। राजधानी के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थित यह परिसर लंबे समय तक अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखने में सफल रहा।

    दिल्ली जिमखाना क्लब की सबसे बड़ी पहचान उसकी सदस्यता व्यवस्था रही है। इस क्लब की सदस्यता को प्रतिष्ठा और सामाजिक प्रभाव का प्रतीक माना जाता था। एक समय ऐसा भी रहा जब यहां सदस्य बनने के लिए लोगों को वर्षों नहीं बल्कि कई दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। कुछ लोगों को सदस्यता पाने के लिए 30 से 40 वर्षों तक प्रतीक्षा सूची में रहना पड़ा। सीमित सदस्य संख्या और विशेष चयन प्रक्रिया ने इसे देश के सबसे विशिष्ट क्लबों की सूची में शामिल कर दिया था। निजी श्रेणी के आवेदकों के लिए लाखों रुपये तक की सदस्यता प्रक्रिया भी इसकी विशिष्टता को और बढ़ाती रही।

    हालांकि वर्षों के दौरान क्लब कई विवादों से भी घिरा रहा। समय-समय पर वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक निर्णयों और सदस्यता प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठते रहे। जांच और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद क्लब के संचालन और व्यवस्थाओं पर कई बार गंभीर चर्चाएं हुईं। बीते वर्षों में इन विवादों ने इसकी छवि को भी प्रभावित किया और प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई।

    अब सरकार द्वारा परिसर वापस लेने के फैसले ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। बताया जा रहा है कि यह निर्णय सुरक्षा, रणनीतिक जरूरतों और सार्वजनिक परियोजनाओं से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। राजधानी के अत्यंत संवेदनशील इलाके में स्थित यह स्थान प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है और इसी कारण इसे लेकर कार्रवाई तेज हुई है।

    दिल्ली जिमखाना क्लब की कहानी केवल एक भवन या क्लब की कहानी नहीं है बल्कि यह बदलते भारत, सत्ता के गलियारों और सामाजिक प्रतिष्ठा के लंबे सफर की कहानी भी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में यह ऐतिहासिक विरासत किस दिशा में आगे बढ़ती है और इसका भविष्य किस नए अध्याय की शुरुआत करता है।

  • आंधी-बारिश का कहर: यूपी-बिहार में 31 की मौत, दिल्ली में ओले; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

    आंधी-बारिश का कहर: यूपी-बिहार में 31 की मौत, दिल्ली में ओले; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज



    नई दिल्ली। देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश और बिहार में आंधी, बारिश और बिजली गिरने से पिछले 24 घंटे में 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। वहीं दिल्ली में मंगलवार को ओलावृष्टि हुई, जिससे गर्मी से राहत मिली लेकिन जनजीवन प्रभावित हुआ।

    यूपी-बिहार में सबसे ज्यादा असर
    उत्तर प्रदेश में तेज आंधी-बारिश के चलते 8 लोगों की मौत हो गई। पीलीभीत में ईंट-भट्ठे की ऊंची चिमनी गिरने से बड़ा हादसा हुआ।
    वहीं बिहार में 22 जिलों में खराब मौसम का असर देखने को मिला, जहां बिजली गिरने से 7 बच्चों समेत 23 लोगों की जान चली गई।

    हरियाणा-राजस्थान में तबाही और राहत
    हरियाणा में तेज तूफान के कारण 15 हजार से ज्यादा पेड़ उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में यातायात बाधित हुआ।
    वहीं राजस्थान में तापमान में 8 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।

    पहाड़ों में ठंड बढ़ी
    हिमाचल प्रदेश के सोलन में तापमान गिरकर 4.8°C तक पहुंच गया, जो मई महीने के लिए असामान्य रूप से कम है।

    क्यों बदला मौसम?
    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने सिस्टम और दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक बनी ट्रफ लाइन के कारण देश के बड़े हिस्से में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल रहा है।

    अगले 48 घंटे का अलर्ट
    मौसम विभाग ने कई राज्यों में चेतावनी जारी की है। 
    पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तेज आंधी-बारिश।
    बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बिजली गिरने का खतरा।
    असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंका।

    मध्य प्रदेश में भी असर
    मध्य प्रदेश में भी मौसम बदला हुआ है। भोपाल समेत 39 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे गर्मी के बीच राहत और चुनौती दोनों बनी हुई है।
    कुल मिलाकर, देशभर में मौसम का यह बदला रूप राहत और आफत दोनों लेकर आया है। जहां एक तरफ तापमान में गिरावट से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी-बिजली ने जनजीवन पर बड़ा असर डाला है।

  • ऊफ ये गर्मी ! दुनिया के सबसे गर्म 100 शहरों में 92 भारत के…. दिल्ली में पारा 44 डिग्री के पार

    ऊफ ये गर्मी ! दुनिया के सबसे गर्म 100 शहरों में 92 भारत के…. दिल्ली में पारा 44 डिग्री के पार


    नई दिल्ली।
    गर्मी (Heat) शुरुआत में ही रिकॉर्ड तोड़ रही है। वैश्विक तापमान आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों (World 100 Hottest cities) में 92 भारत (India) के हैं। इसके अलावा 6 शहर थाईलैंड और दो शहर नेपाल के हैं। अप्रैल की शुरुआत में ही दिल्ली (Delhi), मुंबई, चेन्नई और बंगलूरू जैसे शहरों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। दिल्ली में तापमान 44.5 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में इसमें और वृदि्ध की आशंका जताई जा रही है।

    देश में शनिवार को सर्वाधिक तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस यूपी के बांदा का रहा। इसके बाद प्रयागराज में 45.5 डिग्री, वाराणसी में 45 डिग्री, झांसी में 44.8 डिग्री रहा। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। कई इलाकों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री या उससे ऊपर है, जिससे हीट स्ट्रेस की स्थिति बन रही है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लू चलने (Scorching Heatwave) की संभावना है। उत्तर भारत में रातें भी गर्म रह सकती हैं। यह स्थिति हीट डोम जैसे हालात की ओर इशारा करती है, जिसमें गर्म हवा एक क्षेत्र में फंस जाती है और तापमान लगातार बढ़ता रहता है।


    गाजियाबाद 43 डिग्री में तपा, सबसे गर्म शहरों में यूपी के 37

    100 सबसे गर्म शहरों में यूपी के 37 शहर हैं। प. बंगाल के 18, पंजाब के सात, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के छह-छह, बिहार और ओडिशा के पांच-पांच, महाराष्ट्र के चार, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के दो-दो शहर शामिल हैं। ज्यादातर शहरों में तापमान तापमान 42 से 45 डिग्री दर्ज किया गया।


    दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हीटस्ट्रोक यूनिट बनी

    दिल्ली में शनिवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके चलते राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में हीटस्ट्रोक यूनिट बनाई गई है। इसमें कूलिंग टब, 200 किलो बर्फ बनाने की मशीनें और पोर्टेबल आइस पैक भी रखे गए हैं।


    दोपहर में काम नहीं कर सकेंगे मजदूर

    उत्तर प्रदेश : आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में दोपहर 12 से 4 बजे तक मजदूरों के काम पर रोक।
    ओडिशा : सोमवार से सभी सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।
    केरल : लोगों से दिन में 11 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह। सेल्फ लॉकडाउन अपनाने के लिए कहा।
    कर्नाटक : सभी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक यूनिट बनाने का आदेश। ये सभी यूनिट 31 जुलाई तक चालू रखी जाएंगी।
    मध्य प्रदेश : नर्मदापुरम जिले में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।


    धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने हल्के कपड़े पहनने की सलाह

    मौसम विभाग ने दोपहर में धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। सावधानी बरतने से हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

    कश्मीर में बारिश और रोहतांग में बर्फबारी
    श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी के मैदानी इलाकों में शनिवार को रुक-रुक कर हुई बारिश से गर्मी से राहत मिली है, जबकि जोजिला दर्रे पर हल्की बर्फबारी भी हुई। वहीं, हिमाचल में रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई।