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  • फुकेत-दिल्ली उड़ान में अचानक तेज झटके, सुरक्षित उतरा विमान, मामूली रूप से घायल यात्रियों का हुआ इलाज

    फुकेत-दिल्ली उड़ान में अचानक तेज झटके, सुरक्षित उतरा विमान, मामूली रूप से घायल यात्रियों का हुआ इलाज

    नई दिल्ली । थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान मंगलवार को अचानक आए तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। उड़ान के दौरान मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण विमान को कुछ समय के लिए तेज झटकों का सामना करना पड़ा, जिससे विमान की ऊंचाई में भी क्षणिक बदलाव दर्ज किया गया। इस घटना में कई यात्रियों और कुछ क्रू सदस्यों को मामूली चोटें आईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    एअर इंडिया की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार फुकेत से दिल्ली आने वाली फ्लाइट एआई2379 उड़ान के दौरान अप्रत्याशित टर्बुलेंस से प्रभावित हुई। विमान में आए तेज झटकों के कारण कुछ यात्रियों को हल्की चोटें लगीं। एयरलाइन ने बताया कि किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को गंभीर चोट नहीं आई है। एहतियात के तौर पर जिन लोगों को चिकित्सकीय जांच की आवश्यकता महसूस हुई, उन्हें एयरपोर्ट पर मौजूद मेडिकल सुविधा केंद्र ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

    एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी की एयरपोर्ट टीम और मेडिकल स्टाफ ने प्रभावित यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई। साथ ही संबंधित विमानन अधिकारियों के साथ मिलकर घटना की आवश्यक औपचारिकताओं और जांच प्रक्रिया में भी सहयोग किया जा रहा है। एयर इंडिया ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    विमानन विशेषज्ञों के अनुसार टर्बुलेंस उड़ान के दौरान मौसम में अचानक बदलाव, तेज हवाओं या वायुमंडलीय दबाव में परिवर्तन के कारण उत्पन्न हो सकता है। अधिकांश मामलों में आधुनिक विमान ऐसे हालात से सुरक्षित तरीके से निपटने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को सीट बेल्ट बांधकर रखने की सलाह लगातार दी जाती है, ताकि अचानक झटकों की स्थिति में चोट लगने का खतरा कम हो सके।

    हाल के महीनों में एअर इंडिया की उड़ानों से जुड़ी कुछ अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। जून में दिल्ली से रायपुर जा रही एक उड़ान लैंडिंग के दौरान बर्ड हिट की घटना का शिकार हुई थी। उस समय भी विमान सुरक्षित उतरा था और किसी यात्री या चालक दल के सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचा था। घटना के बाद विमान की विस्तृत तकनीकी जांच की गई और सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद उसे दोबारा परिचालन के लिए मंजूरी दी गई थी।

    ताजा घटना के बाद भी विमान की सुरक्षित लैंडिंग ने यात्रियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत दी है। एयरलाइन और विमानन अधिकारियों की ओर से पूरी घटना की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से और अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। फिलहाल सभी प्रभावित यात्रियों की स्थिति सामान्य बताई गई है और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है।

  • KitKat चॉकलेट के पैकेट में छिपाकर ला रहे थे ड्रग्स, IGI एयरपोर्ट पर 2.759 किलो गांजे के साथ यात्री गिरफ्तार

    KitKat चॉकलेट के पैकेट में छिपाकर ला रहे थे ड्रग्स, IGI एयरपोर्ट पर 2.759 किलो गांजे के साथ यात्री गिरफ्तार

    नई दिल्ली । दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक यात्री को गिरफ्तार किया है। आरोपी यात्री फुकेट से दिल्ली पहुंचा था और उसके पास मौजूद KitKat चॉकलेट के पैकेटों में छिपाकर हाइड्रोपोनिक गांजा लाया जा रहा था। जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों ने 2.759 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया, जिसके बाद यात्री के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

    कस्टम अधिकारियों के अनुसार, यह मामला 2 अगस्त का है। एयर इंडिया की फ्लाइट से फुकेट से दिल्ली पहुंचे एक यात्री को एयर इंटेलिजेंस यूनिट की प्रोफाइलिंग के आधार पर संदिग्ध श्रेणी में रखा गया था। यात्री जब ग्रीन चैनल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, तभी अधिकारियों ने उसे रोककर उसके सामान की जांच शुरू की।

    जांच के दौरान बैग की हाई रिजॉल्यूशन एक्स-रे स्कैनिंग की गई। तलाशी लेने पर KitKat चॉकलेट के पैकेटों के अंदर चार वैक्यूम सील पैकेट मिले। इन पैकेटों में हाइड्रोपोनिक गांजा छिपाकर रखा गया था। अधिकारियों ने सभी पैकेटों को जब्त कर लिया और यात्री को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर सुरक्षा जांच को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले भी दिल्ली एयरपोर्ट पर मादक पदार्थों को गीजर, मिक्सर, ट्रॉली बैग के अंदर छिपाकर लाने के मामले सामने आ चुके हैं। अब चॉकलेट के पैकेटों का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जाना जांच एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती के रूप में सामने आया है।

    कस्टम विभाग अब संदिग्ध यात्रियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। एयरपोर्ट पर यात्री प्रोफाइलिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जोखिम विश्लेषण, एक्स-रे स्कैनिंग और खुफिया जानकारी के आधार पर जांच प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। इसी वजह से कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें तस्करों ने छिपाने के बेहद अलग तरीके अपनाए थे।

    आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ समय में दिल्ली एयरपोर्ट पर हाइड्रोपोनिक गांजे की कई बड़ी खेप पकड़ी गई हैं। जून महीने में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए, जबकि जुलाई से अगस्त के शुरुआती दिनों तक भी लगातार कार्रवाई जारी रही। इन अभियानों में कई यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए हैं।

    कस्टम अधिकारियों की नजर खासतौर पर बैंकॉक, फुकेट और कुआलालंपुर जैसे अंतरराष्ट्रीय रूटों से आने वाली उड़ानों पर है। इन मार्गों को हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क भारत में मादक पदार्थ पहुंचाने के लिए इनका इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं।

    इससे पहले भी एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई में गीजर के अंदर छिपाकर लाई गई हाइड्रोपोनिक गांजे की खेप पकड़ी गई थी। वहीं बैंकॉक से आने वाले यात्रियों के पास से भी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि तस्कर तरीके बदल रहे हैं, लेकिन जांच एजेंसियां भी आधुनिक तकनीक और सतर्कता के जरिए उनकी योजनाओं को नाकाम करने में जुटी हैं।

  • दिल्ली में 22वीं कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप का भव्य समापन, भारत के खाते में 16 पदक

    दिल्ली में 22वीं कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप का भव्य समापन, भारत के खाते में 16 पदक


    नई दिल्ली।
    दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित 22वीं कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 का रविवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में विजेता खिलाड़ियों को पदक एवं सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का संकल्प है कि राष्ट्रीय राजधानी को केवल देश की राजनीतिक राजधानी ही नहीं, बल्कि भारत की ‘स्पोर्ट्स कैपिटल’ के रूप में भी स्थापित किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 जुलाई से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 25 कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों की भागीदारी ने दिल्ली की विश्वस्तरीय खेल आयोजनों की मेजबानी क्षमता को एक बार फिर साबित किया है। उन्होंने इसे खेल उत्कृष्टता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का उत्सव बताया।

    समारोह में शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद, कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस फेडरेशन और टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारी, विभिन्न देशों के खिलाड़ी, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल तथा खेल जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। समापन समारोह में कलारीपयट्टू, फ्लाइंग ड्रमर्स, विशेष बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मेडल सेरेमनी ने आकर्षण का केंद्र बनाया।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों को प्रतियोगिता देखने के लिए आमंत्रित किया गया, ताकि वे विश्वस्तरीय खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों का विकास करते हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि विश्वस्तरीय खेल आयोजनों की सफल मेजबानी भी कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 में दिल्ली आईएसएफ वर्ल्ड स्कूल रेसलिंग चैंपियनशिप और आईएसएफ वर्ल्ड स्कूल बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी करेगी। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया गेम्स की मेजबानी के लिए भी दावेदारी पेश की है।

    मुख्यमंत्री ने भारतीय टीम को विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि पुरुष और महिला दोनों टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने आयोजन समिति, तकनीकी अधिकारियों, स्वयंसेवकों, सुरक्षा एजेंसियों और सभी सहभागी देशों का सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।

    शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली को इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला, जिसने राजधानी को वैश्विक खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेंगे।

    भारत का शानदार प्रदर्शन

    चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक अपने नाम किए। भारत ने पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने के अलावा पुरुष एवं महिला एकल, महिला युगल, मिश्रित युगल तथा पुरुष युगल स्पर्धाओं में भी स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हासिल कर प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम रखा। भारतीय खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने विश्व मंच पर भारतीय टेबल टेनिस की बढ़ती ताकत को एक बार फिर साबित किया।

  • पीएम मोदी की अपील के बाद नाबालिग लड़की की मां ने जताया आभार, एफआईआर वापस लेने की लगाई गुहार

    पीएम मोदी की अपील के बाद नाबालिग लड़की की मां ने जताया आभार, एफआईआर वापस लेने की लगाई गुहार

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र नारेबाजी करने के आरोप में चर्चा में आई 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की मां ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी बेटी को सुधार का अवसर देकर नया जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि कठोर कार्रवाई की बजाय क्षमा और मार्गदर्शन का संदेश समाज के लिए सकारात्मक उदाहरण है। साथ ही उन्होंने बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की भी अपील की है।

    यह मामला उस समय चर्चा में आया जब एक प्रदर्शन के दौरान नाबालिग लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाती दिखाई दी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू की और इस संबंध में मामला दर्ज किया गया। बाद में यह मामला संबंधित थाने को स्थानांतरित कर दिया गया, जहां आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    इस घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए कहा कि प्रदर्शनों के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले कई बच्चे परिस्थितियों और बहकावे का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि गाली-गलौज या अपमानजनक भाषा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। समाज को ऐसे बच्चों को अपराधी की तरह देखने के बजाय उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास करना चाहिए ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

    प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद संबंधित नाबालिग लड़की ने भी सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माफी मांगी। उसने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ दिल्ली के कनॉट प्लेस घूमने गई थी और वहीं पास में चल रहे प्रदर्शन के दौरान दूसरों के प्रभाव में आकर आपत्तिजनक नारे लगाने लगी। लड़की ने स्वीकार किया कि उससे गंभीर गलती हुई और उसने इसे अपने जीवन की पहली तथा अंतिम भूल बताते हुए देशवासियों से क्षमा मांगी।

    लड़की की मां ने भावुक होकर कहा कि संयोग से जिस दिन प्रधानमंत्री ने क्षमा का संदेश दिया, उसी दिन उनकी बेटी का जन्मदिन भी था। उनके अनुसार यह उनकी बेटी के लिए सबसे बड़ा उपहार है, क्योंकि उसे अपनी गलती सुधारने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि परिवार अपनी भूल स्वीकार करता है और चाहता है कि गलत नाम और उम्र के साथ दर्ज एफआईआर को निरस्त किया जाए, ताकि उनकी बेटी सामान्य जीवन की ओर लौट सके और अपनी पढ़ाई तथा भविष्य पर ध्यान दे सके।

    मां ने इस पूरे घटनाक्रम के बाद सरकार से एक व्यापक नीति बनाने की भी मांग की। उनका कहना है कि कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए सख्त नियम बनाए जाने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण हो और उन्हें राजनीतिक प्रदर्शनों में शामिल होने से भी रोका जाए, क्योंकि कम उम्र में बच्चे आसानी से दूसरों के प्रभाव में आ सकते हैं।

    इस बीच पूरे घटनाक्रम को लेकर सार्वजनिक स्तर पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री के सुधारवादी दृष्टिकोण की सराहना की है, जबकि कुछ ने कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। फिलहाल संबंधित एफआईआर और मामले की आगे की कार्रवाई पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार जारी है। यह प्रकरण अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सोशल मीडिया की भूमिका, नाबालिगों की जिम्मेदारी और कानून के बीच संतुलन को लेकर भी नई चर्चा का विषय बन गया है।

  • फ्रेंडशिप डे को बनाएं यादगार, दोस्तों के साथ दिल्ली के इन लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर बिताएं खास पल

    फ्रेंडशिप डे को बनाएं यादगार, दोस्तों के साथ दिल्ली के इन लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर बिताएं खास पल

    नई दिल्ली । फ्रेंडशिप डे हर वर्ष मित्रता के रिश्ते को मजबूत बनाने और दोस्तों के साथ यादगार पल बिताने का विशेष अवसर लेकर आता है। इस दिन लोग अपने करीबी दोस्तों के साथ घूमने, बातचीत करने और नई यादें बनाने की योजना बनाते हैं। यदि इस बार आपने अभी तक कोई खास प्लान नहीं बनाया है, तो देश की राजधानी दिल्ली में ऐसी कई प्रसिद्ध जगहें हैं, जहां कम समय और कम बजट में भी शानदार आउटिंग की जा सकती है। इतिहास, संस्कृति, हरियाली और आधुनिक जीवनशैली का अनूठा मेल दिल्ली को फ्रेंडशिप डे मनाने के लिए एक बेहतरीन शहर बनाता है।

    दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए इंडिया गेट सबसे लोकप्रिय स्थानों में शामिल है। शाम के समय यहां का माहौल बेहद आकर्षक होता है। खुला परिसर, रोशनी से जगमगाता स्मारक और आसपास की चहल-पहल लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां बैठकर बातचीत करना, समूह में तस्वीरें लेना और शाम की सैर करना इस दिन को और खास बना सकता है।

    प्राकृतिक वातावरण पसंद करने वालों के लिए लोधी गार्डन एक बेहतरीन विकल्प है। ऐतिहासिक इमारतों और घने पेड़ों से घिरा यह उद्यान शहर की भागदौड़ से दूर सुकून का अनुभव कराता है। यहां दोस्त पिकनिक का आनंद ले सकते हैं, आराम से बैठकर बातचीत कर सकते हैं और हरियाली के बीच यादगार पल बिता सकते हैं।

    कनॉट प्लेस भी युवाओं की पहली पसंद माना जाता है। यहां मौजूद कैफे, रेस्तरां, पुस्तकालय, शॉपिंग आउटलेट और स्ट्रीट फूड लोगों को आकर्षित करते हैं। दोस्त यहां खरीदारी करने के साथ-साथ अपने पसंदीदा कैफे में बैठकर समय बिता सकते हैं। शाम के समय यहां का जीवंत वातावरण पूरे दिन को यादगार बना देता है।

    यदि आप कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो मजनू का टीला भी शानदार विकल्प हो सकता है। तिब्बती संस्कृति, स्थानीय बाजार, आकर्षक कैफे और अलग-अलग तरह के व्यंजन इस जगह की खास पहचान हैं। यहां दोस्तों के साथ घूमना और नए स्वादों का आनंद लेना फ्रेंडशिप डे को और भी खास बना सकता है।

    दिल्ली हाट भी इस अवसर पर घूमने के लिए उपयुक्त स्थानों में गिना जाता है। यहां देश के विभिन्न राज्यों की हस्तशिल्प कला, पारंपरिक वस्तुएं और स्थानीय व्यंजन एक ही स्थान पर देखने को मिलते हैं। दोस्तों के साथ खरीदारी करने और अलग-अलग राज्यों के स्वाद का आनंद लेने का अनुभव इस दिन को लंबे समय तक यादगार बना सकता है।

    हौज खास विलेज और कुतुब मीनार परिसर भी घूमने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। हौज खास में झील, ऐतिहासिक धरोहर और आधुनिक कैफे का अनूठा संगम देखने को मिलता है, जबकि कुतुब मीनार परिसर इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वाले लोगों को आकर्षित करता है। इन स्थानों पर घूमते हुए फोटोग्राफी का आनंद भी लिया जा सकता है।

    फ्रेंडशिप डे का महत्व केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोस्तों के साथ बिताए गए अनमोल समय का उत्सव है। चाहे आप किसी पार्क में बैठकर पुरानी यादें साझा करें, किसी ऐतिहासिक स्थल की सैर करें या किसी कैफे में साथ भोजन करें, ऐसे पल रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं। सही योजना और अच्छी संगत इस खास दिन को लंबे समय तक याद रखने लायक बना सकती है।

  • 15 अगस्त से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, 2 से 16 अगस्त तक ड्रोन और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर प्रतिबंध

    15 अगस्त से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, 2 से 16 अगस्त तक ड्रोन और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर प्रतिबंध


    नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस 2026 के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने 2 अगस्त से 16 अगस्त तक राजधानी में ड्रोन सहित सभी छोटे हवाई प्लेटफॉर्म के उड़ान संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।

    पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। इसके अनुसार प्रतिबंध अवधि के दौरान ड्रोन (UAV/UAS), क्वाडकॉप्टर, पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हैंग ग्लाइडर, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA), हॉट एयर बैलून, छोटे पावर्ड एयरक्राफ्ट तथा विमान से पैरा जंपिंग जैसी सभी गतिविधियों पर रोक रहेगी।

    दिल्ली पुलिस के अनुसार खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी में आशंका जताई गई है कि असामाजिक या आतंकवादी तत्व इन हवाई माध्यमों का इस्तेमाल कर आम नागरिकों, वीआईपी और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए एहतियातन यह फैसला लिया गया है।


    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह प्रतिबंध 2 अगस्त से लागू होकर 16 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा, ताकि स्वतंत्रता दिवस समारोह शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सके।

  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली में लगे 'थैंक्यू राहुल गांधी' के पोस्टर

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली में लगे 'थैंक्यू राहुल गांधी' के पोस्टर


    नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली की सियासत में पोस्टर वार शुरू हो गई है। दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस (DPYC) ने राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में ‘थैंक्यू राहुल गांधी’ लिखे होर्डिंग्स लगाकर इसे छात्रों के आंदोलन और कांग्रेस के अभियान की सफलता बताया।

    दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने कहा कि जिस इस्तीफे की संभावना तक नहीं मानी जा रही थी, वह लगातार आंदोलन कर रहे छात्रों और राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए गए अभियान का परिणाम है। उनके मुताबिक, यह घटनाक्रम छात्रों की एकजुटता और संघर्ष की ताकत को दर्शाता है।

    युवा कांग्रेस का कहना है कि राजधानी में लगाए गए ये पोस्टर राहुल गांधी के प्रति युवाओं के समर्थन और आभार को व्यक्त करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं। संगठन का दावा है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस लगातार छात्रों के साथ खड़ी रही है।

    हालांकि, अक्षय लाकड़ा ने स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी युवा कांग्रेस का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि संगठन की दो प्रमुख मांगें अब भी बाकी हैं।

    युवा कांग्रेस की पहली मांग प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की है। वहीं दूसरी मांग यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं देश के छात्रों से माफी मांगें। संगठन ने कहा कि इन मांगों के पूरा होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

  • सरकारी तेल कंपनियों ने अपडेट किए ईंधन के भाव, अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बना अंतर

    सरकारी तेल कंपनियों ने अपडेट किए ईंधन के भाव, अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बना अंतर

    नई दिल्ली । देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें 26 जुलाई के लिए जारी कर दी गई हैं। सरकारी तेल विपणन कंपनियां प्रतिदिन सुबह ईंधन के दाम अपडेट करती हैं, जिसके तहत आज भी प्रमुख महानगरों समेत विभिन्न शहरों के ताजा रेट सामने आए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले करों के आधार पर ईंधन की कीमतों में समय-समय पर बदलाव देखने को मिलता है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट और अन्य स्थानीय करों की दरें भिन्न होने के कारण प्रत्येक शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग बने रहते हैं।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं दक्षिण भारत के प्रमुख शहर चेन्नई में पेट्रोल का दाम 107.76 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।

    ईंधन की कीमतों में दिखाई देने वाला यह अंतर मुख्य रूप से राज्यों के कर ढांचे के कारण होता है। केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले उत्पाद शुल्क के अलावा प्रत्येक राज्य अपनी कर नीति के अनुसार वैट और अन्य स्थानीय शुल्क निर्धारित करता है। इसी वजह से एक ही दिन देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग दिखाई देती हैं। परिवहन लागत और स्थानीय प्रशासनिक शुल्क भी कुछ क्षेत्रों में खुदरा कीमतों को प्रभावित करते हैं।

    तेल विपणन कंपनियां प्रतिदिन सुबह छह बजे नई कीमतें जारी करती हैं। यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ते या घटते हैं अथवा विदेशी मुद्रा विनिमय दर में उल्लेखनीय परिवर्तन होता है, तो उसका प्रभाव घरेलू ईंधन कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि कई बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद खुदरा कीमतों में तत्काल बदलाव नहीं होता और कंपनियां समग्र बाजार परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेती हैं।

    वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं के लिए यात्रा या ईंधन भरवाने से पहले अपने शहर के ताजा रेट की जानकारी लेना उपयोगी माना जाता है। इसके लिए संबंधित तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप और एसएमएस सेवा का उपयोग किया जा सकता है। इन माध्यमों पर प्रतिदिन अपडेट किए गए रेट उपलब्ध रहते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र की वास्तविक कीमत की जानकारी मिल जाती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मुद्रा विनिमय दर में होने वाले बदलाव आने वाले समय में भी ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए नियमित रूप से ताजा रेट पर नजर रखना आवश्यक है। फिलहाल 26 जुलाई के लिए जारी नई कीमतों में प्रमुख महानगरों के बीच पहले की तरह अंतर बना हुआ है और राज्यवार कर संरचना इसका प्रमुख कारण बनी हुई है।

  • गुजरात में रिकॉर्ड तोड़ बारिश…..बलसाड़ में एक दिन में गिरा 906 मिमी पानी, इतना दिल्ली में सालभर में भी नहीं गिरता

    गुजरात में रिकॉर्ड तोड़ बारिश…..बलसाड़ में एक दिन में गिरा 906 मिमी पानी, इतना दिल्ली में सालभर में भी नहीं गिरता


    अहमदाबाद।
    गुजरात (Gujarat) में इस बार मॉनसून (Monsoon) ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश (Record-Breaking Rainfall) की है. 22 जुलाई सुबह 6 बजे से 23 जुलाई सुबह 6 बजे के बीच वलसाड जिले (Valsad district) के उंबरगांव में 906 मिमी बारिश दर्ज की गई. यह दिल्ली में पूरे साल होने वाली औसत 700 से 800 मिमी बारिश से भी ज्यादा है. यानी उंबरगांव में सिर्फ 24 घंटे में उतनी बारिश हो गई, जितनी दिल्ली में पूरे साल होती है।

    इतनी ज्यादा बारिश के कारण दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. सड़कें, घर, दुकानें और रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए. कई जगहों पर लोगों के घरों में पानी घुस गया और रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह रुक गई. प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान चलाकर करीब 1,200 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया।

    मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि अरब सागर से लगातार आ रही नमी वाली हवाएं और मजबूत दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वजह से इतनी ज्यादा बारिश हुई. बारिश का असर सिर्फ उंबरगांव तक सीमित नहीं रहा. वलसाड और आसपास के कई इलाकों में लगातार कई घंटों तक तेज बारिश होती रही। इससे नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया. कई जगहों पर पानी सड़कों पर आ गया, जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया. कुछ इलाकों में वाहन बीच रास्ते में ही फंस गए. रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।

    प्रशासन, NDRF और दूसरी बचाव टीमों ने लगातार राहत का काम किया और लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया. स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के मुताबिक, उंबरगांव में सबसे ज्यादा 906 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कपराडा में 731 मिमी, नानापोंधा में 643 मिमी, धरमपुर में 499 मिमी, पारडी में 448 मिमी, वांसदा में 435 मिमी, वापी में 413 मिमी और वलसाड शहर में 403 मिमी बारिश हुई. तापी जिले के डोलवन में 378 मिमी और डांग जिले के वघई में 369 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

    इन आंकड़ों से साफ है कि दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में एक ही दिन में बहुत ज्यादा बारिश हुई. IMD के मुताबिक, इस समय दक्षिण-पश्चिम मॉनसून गुजरात के ऊपर काफी मजबूत बना हुआ है. अरब सागर से लगातार नमी से भरी हवाएं गुजरात की तरफ आ रही हैं। इसके साथ पश्चिम भारत के ऊपर बना मौसम का सिस्टम भी लंबे समय तक एक ही इलाके में बना रहा. इसी वजह से बादल लगातार उसी इलाके में बरसते रहे और कुछ ही घंटों में बहुत ज्यादा बारिश हो गई।

    जब कम समय में इतनी ज्यादा बारिश होती है, तो नदियां और नाले जल्दी भर जाते हैं. शहरों में पानी निकालने की व्यवस्था भी इतना पानी एक साथ नहीं संभाल पाती. इसी कारण सड़कों पर तेजी से पानी भर जाता है. अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है. दक्षिण गुजरात में भी यही हुआ।

    मौसम विभाग के मुताबिक, अगर 24 घंटे में 204.5 मिमी या उससे ज्यादा बारिश हो, तो उसे “अत्यधिक भारी बारिश” माना जाता है. लेकिन गुजरात के कई इलाकों में इससे दो, तीन और कुछ जगहों पर चार गुना तक ज्यादा बारिश हुई. सबसे ज्यादा 906 मिमी बारिश उंबरगांव में दर्ज की गई, जो सामान्य सीमा से कई गुना ज्यादा है।

    IMD ने अगले कुछ दिनों तक गुजरात के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. हालांकि सबसे तेज बारिश का दौर धीरे-धीरे कम हो सकता है. लेकिन जिन इलाकों में पहले से पानी भरा हुआ है, वहां थोड़ी और बारिश भी परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए लोगों से कहा गया है कि पानी भरे रास्तों से बचें, नदियों और नालों के पास न जाएं और मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।

    इस बार गुजरात में मॉनसून ने दिखा दिया कि कुछ घंटों की बारिश भी कितनी बड़ी मुसीबत बन सकती है. एक दिन में हुई रिकॉर्ड बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि पहले से पानी से भरे इलाकों में थोड़ी और बारिश भी हालात बिगाड़ सकती है।

  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से बदलेगी सफर की रफ्तार, 1386 किमी की दूरी 12 घंटे में, छह राज्यों को मिलेगा हाईस्पीड नेटवर्क

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से बदलेगी सफर की रफ्तार, 1386 किमी की दूरी 12 घंटे में, छह राज्यों को मिलेगा हाईस्पीड नेटवर्क


    नई दिल्ली ।
    देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। 1,386 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा समय को लगभग आधा कर देगा। वर्तमान में करीब 24 घंटे में तय होने वाला सफर घटकर लगभग 12 घंटे का रह जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य केवल तेज यातायात उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक क्षेत्रों को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ना भी है।

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे छह राज्यों—दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र—से होकर गुजरेगा। राजधानी से शुरू होने वाला यह मार्ग हरियाणा के सोहना और नूंह, राजस्थान के दौसा, सवाई माधोपुर और कोटा, मध्य प्रदेश के झाबुआ और रतलाम, गुजरात के वडोदरा, भरूच और सूरत होते हुए महाराष्ट्र के ठाणे के रास्ते मुंबई तक पहुंचेगा। इस मार्ग से लगभग 20 प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को हाईस्पीड सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

    एक्सप्रेसवे को फिलहाल आठ लेन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि भविष्य में इसे 12 लेन तक विस्तारित करने की योजना है। इस मार्ग पर वाहनों के लिए अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति निर्धारित की गई है। इससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक होगी। साथ ही माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आने की संभावना है, जिससे उद्योग और व्यापार जगत को सीधा लाभ मिलेगा।

    यह परियोजना आधुनिक तकनीक और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। एक्सप्रेसवे पर स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल निगरानी व्यवस्था स्थापित की जा रही है। ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए कई स्थानों पर सौर ऊर्जा आधारित सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके अलावा सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नियमित अंतराल पर ट्रॉमा सेंटर, आपातकालीन सहायता सेवाएं और हेलीकॉप्टर लैंडिंग की सुविधा वाले हेलीपैड भी बनाए जा रहे हैं।

    वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस एक्सप्रेसवे की विशेष डिजाइन भी चर्चा का विषय है। रणथंभौर और मुकुंदरा हिल्स क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्सों में वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विशेष एनिमल ओवरपास और अंडरपास तैयार किए गए हैं। साथ ही ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए साउंड बैरियर लगाए जा रहे हैं, जिससे प्राकृतिक आवास और वन्यजीवों पर सड़क यातायात का प्रभाव न्यूनतम रहे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को नई दिशा देगा। तेज परिवहन व्यवस्था से ईंधन की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी और सप्लाई चेन की दक्षता में सुधार होगा। राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर बाजार संपर्क मिलेगा, जबकि पर्यटन, निवेश और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है। परियोजना पूरी होने के बाद यह एक्सप्रेसवे देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाली सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल होगा।