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  • दिल्ली मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में लगी भीषण आगपति-पत्नी और बेटी की जलकर मौत

    दिल्ली मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में लगी भीषण आगपति-पत्नी और बेटी की जलकर मौत


    नई दिल्ली । दिल्ली के बाहरी इलाके के आदर्श नगर में स्थित दिल्ली मेट्रो के स्टाफ क्वार्टर में एक भयंकर आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्य जलकर मर गए। यह दर्दनाक घटना बीती रात 2:39 बजे हुईजब दमकल विभाग को सूचना मिली कि डीएमआरसी के स्टाफ क्वार्टर में आग लग गई है। तुरंत बाद दमकल की छह गाड़ियाँ मौके पर भेजी गईंलेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दमकल विभाग के अनुसारआग पांचवीं मंजिल पर लगी थी। जब उनकी टीम ने आग बुझाई और अंदर प्रवेश कियातो उन्होंने तीन जले हुए शव पाए।
    मृतकों की पहचान 42 वर्षीय अजय38 वर्षीय नीलम और उनकी 10 वर्षीय बेटी जान्हवी के रूप में हुई है। परिवार के अन्य सदस्य या कोई अन्य व्यक्ति मौके पर नहीं थाऔर यह तीनों एक कमरे में सो रहे थे जब यह दुर्घटना हुई।दमकल विभाग ने आग के कारणों के बारे में जानकारी दी है कि यह घरेलू सामान में आग लगने की सूचना थीलेकिन आग के स्रोत और कारण की पूरी जांच अभी की जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी हैऔर फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके।

    इस दुखद घटना ने न केवल उस परिवार को नुकसान पहुँचायाबल्कि समूचे इलाके को भी झकझोर दिया है। लोग इस घटना के कारणों और सुरक्षा के मानकों पर सवाल उठा रहे हैं।यह घटना मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की आवश्यकता को भी उजागर करती है।दमकल विभाग और पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर लगातार जांच कर रहे हैं।

    वे यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह आग कोई शॉर्ट सर्किट या किसी और तकनीकी कारण से लगी थीया फिर यह कोई और कारण हो सकता है।फिलहालहादसे के बाद आसपास के लोगों और स्थानीय प्रशासन में भी चिंता का माहौल है। इस हादसे ने यह भी दिखाया कि दिल्ली जैसे बड़े शहरों में आग जैसी घटनाओं से बचने के लिए और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत हैविशेष रूप से ऐसी इमारतों में जहां परिवार रहते हैं।

  • उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी

    उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी


    नई दिल्ली । उत्तर भारत के कई हिस्सों में सर्दी और कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दिल्ली उत्तर प्रदेश पंजाब हरियाणा और अन्य मैदानी इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर ने दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में इस समय घना कोहरा छाया हुआ है जिससे विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8-9 डिग्री सेल्सियस के आसपास है जबकि अधिकतम तापमान 16-18 डिग्री तक पहुँच रहा है। कोहरे की वजह से हवाई और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है कई उड़ानें देरी से चल रही हैं। इसके अलावा यूपी के लखनऊ वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने यूपी के लगभग 30 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है और 4-6 जनवरी तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना जताई है।

    पंजाब और हरियाणा

    पंजाब और हरियाणा में भी घना कोहरा और शीतलहर जारी है। यहां विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में शीतलहर की स्थिति को 6 जनवरी तक जारी रहने का अनुमान जताया है। न्यूनतम तापमान इन क्षेत्रों में सामान्य से काफी नीचे जा चुका है और ठंड के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। गुलमर्ग सोनमर्ग पहलगाम और अन्य ऊपरी इलाकों में नए साल के मौके पर ताजा बर्फबारी हुई है जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। जम्मू-कश्मीर में ‘चिल्लई कलां’ के दौरान कड़ाके की ठंड ने तापमान को और नीचे गिरा दिया है लेकिन पर्यटक बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के मनाली रोहतांग पास लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है जिससे ठंड का असर बढ़ा है लेकिन पर्यटकों की भीड़ बनी हुई है।

    कोहरा और ठंड की चुनौती

    उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा और शीतलहर के कारण सामान्य जनजीवन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लखनऊ समेत कई जिलों में अगले तीन दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। घना कोहरा और शीतलहर का प्रभाव कृषि ट्रांसपोर्ट और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ा है और इससे बचने के लिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई खास राहत की उम्मीद नहीं जताई गई है इसलिए उत्तर भारत के लोग खासकर यात्री और स्कूलों के छात्र अपनी यात्रा और अन्य गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें।

  • दिल्ली में नकली नमक, घी और घरेलू सामान बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़… 4 गिरफ्तार

    दिल्ली में नकली नमक, घी और घरेलू सामान बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़… 4 गिरफ्तार


    नई दिल्ली।
    दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की ईस्टर्न रेंज-एक क्राइम ब्रांच ने नकली घरेलू सामान (Counterfeit Household Goods) बनाने और बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गैंग उत्तम नगर और कंझावला औद्योगिक क्षेत्र में सक्रिय था। पुलिस ने इस मामले में उत्तम नगर निवासी नितिन कुमार, रजत सिंघल उर्फ चिंटू, सुरेंद्र गुज्जर और मंगोलपुरी निवासी मुजाहिद उर्फ कार्तिक को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से भारी मात्रा में नकली खाद्य और घरेलू उत्पाद (Counterfeit food and household products) बरामद हुए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

    पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब पांच हजार किलोग्राम टाटा का नकली नमक, 1,100 लीटर से अधिक नकली घी (पतंजलि, अमूल और मधुसूदन ब्रांड के नाम पर), 8,640 ईनो सैशे, 1,200 ऑलआउट की शीशियां, 1,152 वीट पैक, बड़ी संख्या में खाली पैकिंग सामग्री, पाउच सिलाई मशीन, पैकिंग मशीनें, एक टेंपो, कच्चा तेल, खाली कंटेनर और नकली रैपर जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ कर रहा था।


    टेंपो से बड़ी खेप बरामद

    पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि 29 दिसंबर को क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग उत्तम नगर इलाके में नकली ब्रांडेड सामान की बड़ी खेप सप्लाई करने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मेट्रो पिलर संख्या 680 के पास जाल बिछाया और दोपहर करीब 2:15 बजे एक टेंपो को रोककर तलाशी ली। टेंपो में सवार चारों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान टेंपो से नकली सामान की बड़ी खेप बरामद हुई, जिसमें 345 लीटर मधुसूदन, 255 लीटर पतंजलि और 531 लीटर अमूल ब्रांड के नाम से पैक किया गया नकली घी शामिल था।


    ऐसे हुआ खुलासा

    पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर निलोठी एक्सटेंशन स्थित एक गोदाम पर छापा मारा, जहां से 2,000 किलोग्राम अतिरिक्त नकली टाटा नमक, वजन और पैकिंग मशीन, पाउच सीलिंग मशीन, सिलाई मशीन और बड़ी मात्रा में खाली पैकिंग सामग्री जब्त की गई। इस तरह कुल 5,000 किलोग्राम नकली टाटा नमक बरामद हुआ। पुलिस ने जब इस माल की जांच कराई तो टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने पुष्टि की कि बरामद नमक और पैकिंग सामग्री पूरी तरह नकली थी।


    मुनाफे का 50 फीसदी हिस्सा बांटते थे

    आरोपी रजत सिंघल उर्फ चिंटू और सुरेंद्र गुज्जर भी लंबे समय से थोक व्यापारी है जो नितिन के साथ मिलकर नकली उत्पादों की सप्लाई करते थे। रजत ग्राहकों से संपर्क और ऑर्डर जुटाने का काम करता था, जबकि सुरेंद्र बिक्री और नकद लेनदेन संभालता था। तीनों आपस में मुनाफे का 50 प्रतिशत हिस्सा बांटते थे। क्राइम ब्रांच अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन और नकली माल के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से नकली ब्रांडेड सामान की तस्करी पर बड़ा प्रहार हुआ है और आगे भी ऐसे रैकेट के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।


    गोदामों में स्टोर करते थे सामान

    मुख्य आरोपी 38 वर्षीय नितिन कुमार ने खुलासा किया कि वह पिछले 10 से 12 वर्षों से घरेलू सामान की थोक सप्लाई का काम कर रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान नकली सामान बनाने वाले लोगों से हुई। बाद में उसने कंझावला औद्योगिक क्षेत्र में एक अवैध फैक्टरी स्थापित की, जहां नकली घी तैयार कर उसे अमूल, पतंजलि, मधुसूदन और मदर डेयरी जैसे नामी ब्रांडों की पैकिंग में भरकर बाजार में उतारा जाता था। तैयार माल को वह उत्तम नगर और डाबड़ी स्थित गोदामों में स्टोर कर स्थानीय बाजारों और साप्ताहिक बाजारों में सप्लाई करता था।


    लिवर, किडनी और पाचन तंत्र को खतरा
    दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गिरीश त्यागी ने बताया कि नकली घी में मिलाए गए रसायन उपभोक्ताओं के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं। यदि रसायन न भी हों और वनस्पति तेल से देसी घी तैयार किया गया हो, तब भी इसका सेवन लिवर, किडनी और पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे घी में अत्यधिक फैट होता है, जो लंबे समय तक उपयोग से अंगों पर अतिरिक्त दबाव डालता है और हृदय रोग का जोखिम बढ़ाता है। कमजोर इम्युनिटी के कारण बुजुर्ग और बच्चे इससे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, नकली नमक के सेवन से थायरॉयड से जुड़ी समस्याएं पैदा होने की आशंका रहती है।


    ऐसे पहचान करें

    – पैकिंग, प्रिंटिंग और रंगों की गुणवत्ता की जांच कर लें, ये अक्सर असली से भिन्न होते हैं।
    – स्पेलिंग या फॉन्ट में गड़बड़ी पर सतर्क हों
    – एमआरपी, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट देखें
    – बारकोड/क्यूआर कोड स्कैन कर पुष्टि करें
    – टूटी या ढीली सील का सामान न लें
    – बहुत सस्ती कीमत पर शक करें और दुकानदार से पूछताछ करें
    – संदेह होने पर कंपनी के कस्टमर केयर से पुष्टि करें

  • दिल्ली में छोटे अपराधों पर अब नहीं होगी जेल, रेखा कैबिनेट ने पास किया नया बिल

    दिल्ली में छोटे अपराधों पर अब नहीं होगी जेल, रेखा कैबिनेट ने पास किया नया बिल




    नई दिल्ली।
    दिल्ली में छोटे अपराधों और मामूली नियम उल्लंघनों के लिए अब किसी को जेल नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली मंत्रिमंडल ने दिल्ली जन विश्वास उपबंध संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी। इस बिल का उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को आपराधिक श्रेणी से बाहर निकालकर उन्हें सिविल पेनाल्टी में बदलना है, ताकि आम लोगों और व्यवसायों को गैरजरूरी कानूनी परेशानियों से राहत मिल सके।
    मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह बिल न केवल बिजनेस करना आसान बनाएगा, बल्कि आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी भी सरल होगी। छोटे नियमों के उल्लंघन के लिए अब आपराधिक केस दर्ज नहीं किए जाएंगे, जिससे अदालतों पर बोझ कम होगा और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बिल दिल्ली विधानसभा के विंटर सेशन में पेश किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 5 जनवरी से होगी।
    बिल के दायरे में कई महत्वपूर्ण कानून शामिल किए गए हैं। इनमें दिल्ली इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्ट, दिल्ली शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट, ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ बेड एंड ब्रेकफास्ट एक्ट, दिल्ली जल बोर्ड एक्ट, दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेजेज एक्ट, डिप्लोमा लेवल टेक्निकल एजुकेशन एक्ट और दिल्ली एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग एक्ट जैसे कानून शामिल हैं। इन कानूनों के अंतर्गत अब मामूली उल्लंघनों के लिए जेल या आपराधिक कार्रवाई की बजाय जुर्माने का प्रावधान होगा।

    बिल में यह भी प्रावधान किया गया है कि जुर्माने की राशि हर तीन साल में 10 प्रतिशत बढ़ेगी, ताकि महंगाई के साथ पेनाल्टी प्रभावी बनी रहे। सरकार का मानना है कि इससे कानूनों का पालन बढ़ेगा, लेकिन लोगों को गैरजरूरी डर या उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि यह बिल केंद्र सरकार के जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम की तर्ज पर तैयार किया गया है। दिल्ली सरकार का मकसद है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग दोनों को बढ़ावा मिले। इस कदम को दिल्ली में विश्वास, सरल और व्यावहारिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग और पीतमपुरा में अटल कैंटीन का उद्घाटन किया

    दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग और पीतमपुरा में अटल कैंटीन का उद्घाटन किया


    नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शालीमार बाग और पीतमपुरा क्षेत्रों में अटल कैंटीन का उद्घाटन कियाजहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मिलकर उनसे संवाद किया और खुद भी भोजन लिया। इस दौरानभाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल भी उनके साथ थे। इस कैंटीन में गरीबों को मात्र 5 रुपए में गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगाजो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंत्योदय के विचार से प्रेरित है।
    मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग के अटल कैंटीन में अपने हाथों से एक बुजुर्ग महिला को भोजन कराया। इस स्नेहपूर्ण पल को उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल दिल्ली के निर्माण और संचालन में लगे मेहनतकश नागरिकों को सम्मान और सहारा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

    उन्होंने अपने पोस्ट में लिखाहमारी सरकार शालीमार बाग के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैताकि हर परिवार को सुविधाहर श्रमिक को सम्मान और हर नागरिक को भरोसा मिले। साथ हीदिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की योजनाओं को लागू किया जा रहा है। सीएम रेखा गुप्ता ने पीतमपुरा में भी अटल कैंटीन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एक वृद्ध महिला से आत्मीय मुलाकात की और उन्हें खुद हाथों से भोजन कराया। उन्होंने इस पल को बहुत खास बताया और लिखाअटल कैंटीनपीतमपुरा में थाली में खाना परोसा और बदले में जो स्नेह और आशीर्वाद मिलावह हमेशा मेरे साथ रहेगा।

    दिल्ली सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 100 अटल कैंटीन स्थापित करने की योजना बनाई थीजिनमें से 45 कैंटीन का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली के नागरिकों को सस्ते और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना हैखासकर उन लोगों के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। यह पहल दिल्ली सरकार की ओर से गरीबों के लिए एक बड़ा कदम साबित हो रही हैजो न केवल भोजन की गुणवत्ता को सुनिश्चित करती हैबल्कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर देने का प्रयास भी करती है।

  • Delhi की फिजा फिर हुई जहरीली…. धुंध और कोहरे की मोटी परत छाई, AQI- 353 दर्ज

    Delhi की फिजा फिर हुई जहरीली…. धुंध और कोहरे की मोटी परत छाई, AQI- 353 दर्ज


    नई दिल्ली।
    देश की राजधानी (Capital) में हवा (Air) की गति धीमी होने और तापमान गिरने के कारण शुक्रवार को हवा एक बार फिर से खराब से बेहद खराब श्रेणी (Worst Category) में पहुंच गई। जो शनिवार को भी बेहद खराब श्रेणी (Worst Category) में बरकरार है। आज फिर सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे की मोटी परत से हुई, जिससे चलते विजिबिलिटी (Visibility) बेहद कम हो गई। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, शनिवार सुबह राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 353 दर्ज किया गया है। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है।

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली के अलीपुर में एक्यूआई 377, आनंद विहार में एक्यूआई 410, अशोक विहार में 388, आया नगर में 272, बवाना में 400, बुराड़ी में 342, चांदनी चौक इलाके में 380 एक्यूआई दर्ज किया गया है।

    वहीं, डीटीयू में 402, द्वारका सेक्टर 8 इलाके में 366, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 इलाके में 259, आईटीओ में 379, जहांगीरपुरी में 415, लोधी रोड 270, मुंडका 377, नजफगढ़ में 271, नरेला में 408, पंजाबी बाग में 361, आरकेपुरम 363, रोहिणी 409, सोनिया विहार 370, विवेक विहार 424, वजीरपुर में 397 दर्ज किया गया है।


    क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

    यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है। 101-200 का मतलब वायु प्रदूषण का स्तर मध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब और 301 से 400 के बीच का अर्थ वायु गुणवत्ता की बेहद खराब श्रेणी को दर्शाता है। 401 से 500 की श्रेणी में वायु की गुणवत्ता गंभीर बन जाती है। ऐसी स्थिति में इंसान की सेहत को नुकसान पहुंचता है। पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह जानलेवा है।

  • दिल्ली के वजीराबाद फ्लाईओवर पर चलती कार में लगी आग पुलिस ने शीशा तोड़कर बचाई चालक की जान

    दिल्ली के वजीराबाद फ्लाईओवर पर चलती कार में लगी आग पुलिस ने शीशा तोड़कर बचाई चालक की जान


    नई दिल्ली । दिल्ली के वजीराबाद फ्लाईओवर पर रविवार शाम एक चलती कार में अचानक आग लग गई जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आग लगने के कारण कार का सेंट्रल लॉक जाम हो गया और चालक अंदर फंस गया। हालांकि दिल्ली पुलिस के ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने अपनी बहादुरी से ड्राइवर की जान बचा ली। घटना रविवार शाम की है जब बुराड़ी से मजनू का टीला की तरफ जा रही कार में वजीराबाद फ्लाईओवर पर आग लग गई। आग लगते ही कार का सेंट्रल लॉक काम नहीं करने लगा और चालक अंदर फंस गया। इस स्थिति में ट्रैफिक पुलिस की बहादुरी की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।

    पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने बचाई जान
    टीम इंस्पेक्टर टीआई संतोष गुप्ता और उनके साथी पुलिसकर्मी वजीराबाद फ्लाईओवर के पास ड्यूटी पर तैनात थे जब उन्होंने देखा कि एक कार धू-धू कर जल रही है और उसके अंदर चालक फंसा हुआ है। तुरंत ही उन्होंने अपनी कार्रवाई शुरू की। संतोष गुप्ता ने बताया “कार में आग लगने के बाद ड्राइवर सेंट्रल लॉक की वजह से अंदर फंसा हुआ था। हम पहले तो दरवाजे को खोलने की कोशिश करते रहे लेकिन सफल नहीं हो सके। तब हमने शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकाला।

    पानी से आग पर काबू पाया गया
    इसी दौरान पास ही खड़ा एमसीडी का पानी का टैंकर भी मौके पर पहुंच गया। ट्रैफिक पुलिस ने इसका इस्तेमाल कर कार की आग पर काबू पाया। पुलिसकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से आग को बढ़ने से रोका गया और चालक को किसी भी बड़ी चोट से बचा लिया गया।इस पूरी घटना के दौरान वजीराबाद फ्लाईओवर पर ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। कार के जलने और पुलिस की कार्रवाई के कारण सड़क पर जाम लग गया था। हालांकि पुलिस ने तुरंत रास्ता खाली करने और ट्रैफिक की समस्या को हल करने के लिए काम किया।

    दमकल को देरी से सूचना
    घटना की जानकारी दमकल विभाग को दी गई थी लेकिन जाम के कारण उन्हें घटनास्थल पर पहुंचने में कुछ समय लग गया। इस बीच पुलिस ने अपनी तत्परता से चालक की जान बचाई और आग पर काबू पा लिया।

    टीआई संतोष गुप्ता ने दी प्रतिक्रिया
    टीआई संतोष गुप्ता ने कहा हमारा सबसे पहला उद्देश्य था कि चालक को सुरक्षित निकाला जाए। इसके बाद हमने पास ही खड़े पानी के टैंकर से आग को बुझाया। टीम की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।इस घटना से यह साबित होता है कि आपातकालीन स्थिति में पुलिस और अन्य एजेंसियों की तत्परता और बहादुरी से जान बचाने में मदद मिल सकती है। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को कई लोग सराह रहे हैं क्योंकि एक सामान्य घटना में यदि समय रहते सही कदम नहीं उठाए जाते तो परिणाम गंभीर हो सकते थे।

  • इंडिगो की उड़ानें फिर से शुरू होने से भोपाल में हवाई यात्री बढ़े, टूटा पुराना रिकॉर्ड

    इंडिगो की उड़ानें फिर से शुरू होने से भोपाल में हवाई यात्री बढ़े, टूटा पुराना रिकॉर्ड


    भोपाल । इस माह इंडिगो की उड़ानों के अचानक रद्द होने के कारण भोपाल में हवाई यातायात पर गहरा असर पड़ा था। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था और उन्होंने जमकर हंगामा भी किया था। हालांकि अब इंडिगो की सभी उड़ानें फिर से बहाल हो चुकी हैं और इसका सीधा असर यात्रियों की संख्या पर देखने को मिल रहा है। रविवार को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर एक नया रिकॉर्ड बना जब एक ही दिन में 6000 से ज्यादा यात्रियों ने हवाई सफर किया।
    यह आंकड़ा एयरपोर्ट के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इंडिगो की उड़ानों के बहाल होने से यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इस महीने जब इंडिगो की उड़ानें रद्द हो रही थीं तब रोजाना के यात्री केवल 3000 के करीब थे लेकिन अब यह संख्या दोगुनी होकर 6000 के पार पहुँच गई है।

    भोपाल में अब हवाई यात्रा केवल उच्च वर्ग के नहीं बल्कि मध्यम वर्ग के लोगों में भी सामान्य हो गई है। पहले जहां लोग मुख्यत ट्रेन से यात्रा करते थे अब विमान में सफर करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। दरअसल तीन से चार साल पहले तक भोपाल से विमान यात्रा करने वाले यात्री कम हुआ करते थे लेकिन अब लोग बढ़े हुए किराए के बावजूद भी हवाई यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    भोपाल से दिल्ली तक की ट्रेन कनेक्टिविटी बहुत सरल और सुलभ है फिर भी हवाई यात्रा की ओर रुझान बढ़ा है। भोपाल से दिल्ली तक की पांच नियमित और एक साप्ताहिक उड़ानें उपलब्ध हैं जिनमें 90 प्रतिशत तक पैसेंजर लोड देखा जा रहा है। यह कनेक्टिविटी अब यात्रियों की प्राथमिकता बन गई है जो यात्री संख्या में वृद्धि का मुख्य कारण है।

  • तिहाड़ जेल में कैदियों को मिलेगा मोबाइल कर पाएंगे अपनों से बात! जानिए क्या है नया नियम

    तिहाड़ जेल में कैदियों को मिलेगा मोबाइल कर पाएंगे अपनों से बात! जानिए क्या है नया नियम


    नई दिल्ली । दिल्ली की तिहाड़ जेल की ओपन जेल में बड़ा बदलाव आने वाला है। अच्छे आचरण वाले कैदियों को जल्द ही मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि इसके लिए सख्त नियम होंगे। जेल प्रशासन इसकी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार कर रहा है।
    हाईकोर्ट के निर्देश से हुआ फैसला
    यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के अक्टूबर महीने के आदेश के बाद लिया जा रहा है। कोर्ट ने जेल अधिकारियों को ओपन जेल के कैदियों के लिए मोबाइल एक्सेस की योजना बनाने को कहा था। इसका मकसद सुरक्षा बनाए रखते हुए कैदियों का पुनर्वास करना है। ओपन जेल में वे कैदी रखे जाते हैं जो समाज में दोबारा शामिल होने के लिए सुरक्षित माने जाते हैं।

    ओपन जेल की खासियत

    ओपन जेल में कैदी कम निगरानी में रहते हैं। वे दिन में बाहर जाकर काम करते हैं और शाम को वापस लौटते हैं। तिहाड़ की यह ओपन जेल 2026 में 10 साल पूरे करेगी। फिलहाल यहां सिर्फ तीन कैदी हैं। पहले यहां जेसिका लाल मर्डर केस के दोषी मनु शर्मा और अपनी पत्नी की हत्या के दोषी पूर्व कांग्रेस नेता सुशील शर्मा जैसे कैदी रह चुके हैं।
    फोन इस्तेमाल के नियम क्या होंगे
    अधिकारियों के अनुसार एसओपी लगभग तैयार है। कैदियों को केवल वे मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने की इजाजत मिलेगी जो जेल प्रशासन ने पहले रजिस्टर और सत्यापित किए होंगे। इससे गलत इस्तेमाल का खतरा कम होगा। फोन के इस्तेमाल के लिए सीमित समय तक ही होगा। ज्यादातर सुबह काम पर जाते समय से शाम वापसी तक। शाम को लौटते ही कैदी फोन जेल अधिकारियों को सौंप देंगे। एक अधिकारी ने कहा कि इस सुविधा का दुरुपयोग रोकने के लिए पूरी सावधानी बरती जाएगी।
    पूर्व अधिकारी बोले कोई जोखिम नहीं
    तिहाड़ के पूर्व लीगल एडवाइजर सुनील गुप्ता का कहना है कि ओपन जेल के कैदी दिन में बिना पहरे के बाहर जाते हैं। इसलिए फोन इस्तेमाल करने में कोई बड़ा खतरा नहीं है। यह कदम पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है।

  • पश्चाताप कर लें हिजाब विवाद पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने CM नीतीश कुमार को दी सलाह

    पश्चाताप कर लें हिजाब विवाद पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने CM नीतीश कुमार को दी सलाह


    नई दिल्ली । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक कार्यक्रम के मुस्लिम महिला के चेहरे से नकाब हटा दिया इसे लेकर विपक्ष के साथ कई मुस्लिमों संगठनों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की अब इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने एक्स हैंडल पर लंबी चौड़ी पोस्ट लिखते हुए सीएम नीतीश कुमार को सलाह दी है

    बसपा चीफ मायावती ने कहा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण के सार्वजनिक कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब चेहरे का नकाब हटाने का मामला सुलझने की बजाय खासकर मंत्रियों आदि की बयानबाजी के कारण विवाद का रूप लेकर यह लगातार तूल पकड़ता ही जा रहा है जो दुखद व दुभाग्यपूर्ण है

    ‘पश्चाताप कर यहीं विवाद को यहीं खत्म करने का करें प्रयास’

    मायावती ने कहा यह मामला पहली नजर में ही महिला सुरक्षा व सम्मान से जुड़ा होने के कारण मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप से अब तक सुलझ जाना चाहिये था खासकर तब जब कई जगहों पर ऐसी अन्य वारदातें भी सुनने को मिल रही हैं अच्छा होगा कि मुख्यमंत्री इस घटना को सही परिप्रेक्ष्य में देखते हुये इसके लिये पश्चाताप कर लें और कड़वा होते जा रहे इस विवाद को यहीं पर खत्म करने का प्रयास करें

    कथावाचक को गार्ड ऑफ ऑनर देने पर दी प्रतिक्रिया
    इसके अलावा मायावती ने कहा बहराइच जिला पुलिस द्वारा पुलिस परेड में स्थापित परम्परा नियमों से हटकर एक कथावाचक को सलामी देने का मामला भी काफी बड़े विवाद में है और इसको लेकर सरकार कठघरे में है पुलिस परेड व सलामी की अपनी परम्परा नियम मर्यादा अनुशासन व पवित्रता है जिसको लेकर खिलवाड़ कतई नहीं किया जाना चाहिये

    मायावती ने कहा यह अच्छी बात है कि यूपी के पुलिस प्रमुख ने इस घटना का संज्ञान लेकर जिला पुलिस कप्तान से जवाब तलब किया है कार्रवाई का लोगों को इंतजार है वैसे राज्य सरकार भी इसको गंभीरता से लेकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृति पर रोक लगाये तो यह पुलिस प्रशासन अनुशासन एवं कानून का राज के हक में उचित होगा

    पूर्व सीएम ने कहा जहाँ तक कल दिनांक 19 दिसम्बर से शुरू हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा के संक्षिप्त शीतकालीन सत्र का सवाल है तो यह सत्र भी पिछले सत्रों की तरह ही जनहित व जनकल्याण के मुद्दों से दूर रहने के कारण सत्ता व विपक्ष के बीच वाद-विवाद में घिर गया है बेहतर होता कि सरकार किसानों के खाद की समस्या के साथ-साथ जनहित की अन्य समस्याओं तथा जनकल्याण के प्रति गंभीर होकर संदन में इन पर जवाबदेह होती

    उन्होंने आगे कहा इसके साथ ही संसद का शीतकालीन सत्र भी राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की भीषण समस्या सहित देश व जनहित की विकराल रूप धारण कर रही समस्याओं पर विचार किये बिना ही कल समाप्त हो गया जबकि पूरे देश की निगाहें लगी थीं कि सरकार व विपक्ष दोनों देश के ज्वलन्त समस्याओं पर विचार करेंगे और इससे कुछ उम्मीद की नई किरण पैदा होगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होना दुभाग्यपूर्ण देश की चिन्तायें लगातार बरकरार हैं

    बांग्लादेश में बिगड़ते हालातों पर जताई चिंता

    इसके अलावा मायावती ने कहा इसके साथ-साथ पड़ोसी देश बांग्लादेश में जो हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं तथा वहाँ भी नेपाल की तरह भारत विरोधी गतिविधियाँ बढ़ रही हैं वे भी चिन्तनीय स्थिति है जिसपर भी केन्द्र सरकार समुचित संज्ञान लेकर दीर्घकालीन नीति के तहत कार्य करे तो यह उचित होगा