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  • Delhi Gurugram News: मानसिक रूप से बीमार दोस्त को घुमाने आई युवती ने भीड़ बढ़ने पर युवक को सुरक्षित संभाला

    Delhi Gurugram News: मानसिक रूप से बीमार दोस्त को घुमाने आई युवती ने भीड़ बढ़ने पर युवक को सुरक्षित संभाला

    नई दिल्ली । दिल्ली से गुरुग्राम घूमने आए एक युवक की शनिवार को फ्रेंड्स कॉलोनी में अचानक तबीयत बिगड़ गई। युवक को मानसिक रूप से बीमार बताया गया है। इलाके में मौजूद लोगों की भीड़ देखकर वह घबरा गया और असहज होकर बदहवास जैसी स्थिति में पहुंच गया। उसके साथ मौजूद महिला मित्र ने स्थिति को समझते हुए तुरंत उसे संभाला और सुरक्षित महसूस कराने की कोशिश की।

    जानकारी के अनुसार, दोनों दोस्त युवक का मन बहलाने और उसकी मानसिक स्थिति को बेहतर रखने के उद्देश्य से दिल्ली से गुरुग्राम आए थे। घूमने के दौरान वे सिविल लाइन क्षेत्र स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी पहुंचे। इसी दौरान वहां अचानक मौजूद भीड़ पर युवक की नजर पड़ी और वह घबरा गया। भीड़ के बीच वह असहज महसूस करने लगा और उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई।

    युवक की हालत देखकर महिला मित्र ने बिना घबराए स्थिति को संभालने की कोशिश की। उसने युवक को भीड़ से अलग किया और उसे शांत माहौल देने का प्रयास किया। महिला मित्र की सूझबूझ और समय पर उठाए गए कदम से युवक धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आने लगा। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों का ध्यान भी घटना की ओर गया, लेकिन स्थिति को संभाल लिया गया।

    पुलिस के मुताबिक, युवक की मानसिक स्थिति से जुड़ी परेशानी के कारण अचानक जुटी भीड़ ने उसकी असहजता बढ़ा दी। पुलिस ने बताया कि दोनों गुरुग्राम घूमने और युवक का मन बहलाने के उद्देश्य से आए थे। फ्रेंड्स कॉलोनी में भीड़ देखने के बाद युवक की स्थिति अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसकी महिला मित्र ने उसे संभाल लिया।

    मौके पर महिला मित्र ने युवक को भीड़ से दूर रखने और उसे सहज माहौल उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया। उसने धैर्य के साथ युवक को संभालने का प्रयास किया। कुछ समय बाद उसकी स्थिति सामान्य होने लगी। इस दौरान किसी तरह का विवाद नहीं हुआ और न ही कोई अप्रिय घटना सामने आई।

    पुलिस के अनुसार, युवक के व्यवहार का संबंध उसकी मानसिक स्थिति से था। अचानक बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने उसकी परेशानी को बढ़ा दिया था। ऐसे समय में महिला मित्र ने स्थिति को समझते हुए तत्काल प्रतिक्रिया दी और युवक को संभालने में अहम भूमिका निभाई।

    घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों की नजर भी युवक की स्थिति पर बनी रही। हालांकि, महिला मित्र के समय रहते हस्तक्षेप करने के बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई। युवक को भीड़ से अलग कर शांत रखने की कोशिश की गई, जिससे उसकी परेशानी धीरे-धीरे कम हुई।

    पुलिस के मुताबिक, इस घटना में किसी प्रकार का विवाद या अनहोनी नहीं हुई। दोनों का गुरुग्राम आने का उद्देश्य युवक का मन बहलाना और उसकी मानसिक स्थिति को बेहतर बनाए रखना था। लेकिन फ्रेंड्स कॉलोनी में अचानक भीड़ देखने के बाद युवक घबरा गया और उसकी तबीयत बिगड़ गई।

    घटना में महिला मित्र की तत्परता से स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया। उसने युवक को अकेला छोड़ने के बजाय उसके साथ रहकर उसे सुरक्षित महसूस कराने की कोशिश की। इसके बाद युवक धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आया और मौके पर स्थिति शांत रही।

  • दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन कल से, 15 हजार पुलिसकर्मी तैनात, मोदी ने कहा- सकारात्मक चर्चा की उम्मीद

    दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन कल से, 15 हजार पुलिसकर्मी तैनात, मोदी ने कहा- सकारात्मक चर्चा की उम्मीद


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार है। 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी, पैरामिलिट्री की 200 कंपनियां और 500 से ज्यादा CCTV कैमरे सुरक्षा में लगाए गए हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शनिवार को भारत पहुंचेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS नेताओं के भारत पहुंचने से पहले एक्स पर संदेश जारी कर सम्मेलन से सार्थक चर्चा की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दुनिया के कई नेता BRICS Summit के लिए जुटेंगे और विश्व कल्याण की भावना के साथ वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक एवं सार्थक विचार-विमर्श होगा।

    35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित
    BRICS सम्मेलन के चलते दिल्ली में आज से 13 सितंबर तक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा। पुलिस के मुताबिक शहर पूरी तरह बंद नहीं रहेगा, लेकिन VVIP काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ समय के लिए रास्ते रोके जा सकते हैं।

    मथुरा रोड, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड और तीन मूर्ति मार्ग समेत 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर असर पड़ने की संभावना है। नोएडा से सेंट्रल दिल्ली और द्वारका से एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हर दिन करीब 70 से 80 हाई सिक्योरिटी मूवमेंट होने का अनुमान है। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए करीब 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

    मेट्रो सामान्य, स्कूलों में छुट्टी
    दिल्ली मेट्रो सामान्य रूप से चलती रहेगी। बस, ऑटो और टैक्सी सेवाएं भी जारी रहेंगी, हालांकि कुछ रूट में बदलाव किया जा सकता है। UPSC और NDA परीक्षार्थियों के साथ अस्पताल जाने वाले लोगों को घर से पर्याप्त समय पहले निकलने की सलाह दी गई है। मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में ट्रैफिक पुलिस को तत्काल सूचना देने को कहा गया है।

    सम्मेलन के मद्देनजर आज स्कूलों में छुट्टी है। वहीं कनॉट प्लेस का बाजार खुला रहेगा, जबकि मेट्रो म्यूजियम और राष्ट्रपति भवन 13 सितंबर तक बंद रहेंगे।

    मोदी-पुतिन मुलाकात पर नजर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात आज दोपहर प्रस्तावित है। बातचीत में रक्षा, ऊर्जा और परमाणु सहयोग जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी मुलाकात करेंगे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार शाम प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में सीमा विवाद और व्यापार से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहने की संभावना है।

    कई देशों के नेता होंगे शामिल
    BRICS सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया और इथियोपिया समेत कई देशों के नेता हिस्सा लेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन के अंत में ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन’ जारी किया जाएगा। फिलीपींस की विदेश मामलों की सचिव मा. थेरेसा पी. लाजारो भी BRICS Summit 2026 में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी हैं।

    पुरी में सैंड आर्ट से विदेशी मेहमानों का स्वागत
    BRICS नेताओं के भारत आगमन के मौके पर पुरी के कलाकार मानस कुमार साहू ने सैंड आर्ट तैयार कर उनका अभिनंदन किया। रेत से बनाई गई इस कलाकृति के जरिए भारत की ओर से BRICS देशों के नेताओं का स्वागत किया गया।

    संस्कृत श्लोक से दिया संवाद और मित्रता का संदेश
    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में संस्कृत श्लोक के जरिए अच्छे लोगों की संगति, संवाद और मित्रता का महत्व भी बताया। श्लोक का भावार्थ है कि सज्जनों के साथ चलना, उनकी संगति करना और उनके साथ संवाद व मित्रता रखना चाहिए, जबकि बुरे लोगों से संबंध नहीं रखना चाहिए।

  • भारत दौरे पर दिल्ली पहुंचे 50वें इमाम प्रिंस रहीम आगा खान V… आज राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री से मिलेंगे

    भारत दौरे पर दिल्ली पहुंचे 50वें इमाम प्रिंस रहीम आगा खान V… आज राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री से मिलेंगे


    नई दिल्‍ली।
    इस्लामी समुदाय (Islamic community) के 50वें इमाम (50th Imam) प्रिंस रहीम आगा खान पंचम (Prince Rahim Aga Khan V) बुधवार देर रात अपनी पहली भारत यात्रा (India Tour) पर नई दिल्ली (New Delhi) पहुंचे। इस दौरान एयरपोर्ट पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा उनका रेड कार्पेट स्वागत किया गया। आगा खान पंचम 9 से 15 सितंबर तक भारत दौरे रहेंगे। इस दौरान वह दिल्ली में वे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, गृह मंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे।

    व‍िदेश मंत्रायल के अनुसार, आगा खान पंचम की यह भारत यात्रा उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के निमंत्रण पर हो रही है। प्रिंस रहीम आगा खान करीब एक सप्‍ताह तक भारत की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वो अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद भी जाएंगे।


    राष्ट्रपति मुर्मू-पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात

    दिल्ली प्रवास के दौरान आगा खान की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी प्रस्‍ताव‍ित है। इसके अलावा, वह गृह मंत्री और विदेश मंत्री से भी मिलेंगे। इन बैठकों के अलावा भारत यात्रा के दौरान आगा खान पंचम अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद का भी दौरा करेंगे। इन शहरों में आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (एकेडीएन) विभिन्न विकास कार्यों और सामुदायिक पहलों से जुड़ा हुआ है।

    आगा खान पंचम के रूप में इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम का पद संभालने के बाद यह हिज हाइनेस प्रिंस रहीम आगा खान पंचम की भारत की पहली यात्रा होगी।


    2025 में संभाला था 50वें इमाम का पद

    प्रिंस आगा खान पंचम ने फरवरी 2025 में अपने पिता प्रिंस करीम आगा खान चतुर्थ के निधन के बाद 50वें इमाम का पद संभाला। उस दौरान प्रिंस करीम अल-हुसैनी आगा खान चतुर्थ और शिया इस्माइली मुसलमानों के 49वें इमाम के इंतकाल की जानकारी इस्माइली धार्मिक समुदाय ने अपनी वेबसाइट्स पर दी थी।

    आगा खान चतुर्थ ने अपना पूरा जीवन लोक कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने विश्व के सबसे गरीब और सबसे हाशिए पर रहने वाले समुदायों की मदद की है।

    आगा खान ने वर्ष 1967 में ‘आगा खान फाउंडेशन’ की स्थापना की थी। यह फाउंडेशन अफ्रीका, एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और उत्तरी अमेरिका के 18 देशों में काम करता है। आगा खान फाउंडेशन ने उनके परिवार और विश्व भर के इस्माइली समुदाय के प्रति अपनी संवेदना जताई है।

  • सत्य निकेतन इमारत हादसे में बड़ा एक्शन, पीजी संचालक सुधांशु गिरफ्तार, साथी शुभम त्यागी की तलाश में जुटी पुलिस

    सत्य निकेतन इमारत हादसे में बड़ा एक्शन, पीजी संचालक सुधांशु गिरफ्तार, साथी शुभम त्यागी की तलाश में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली । दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। हादसे के मामले में अब उस इमारत में संचालित पीजी के संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उससे हादसे को लेकर पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में सुधांशु के साथी शुभम त्यागी की तलाश की जा रही है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, महेश ने अगस्त 2025 में यह इमारत शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दी थी। दोनों मिलकर इसी इमारत में ‘Hostel Daze’ नाम से पीजी चला रहे थे। इमारत में संचालित पीजी को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। सुधांशु की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे हादसे से जुड़े घटनाक्रम और इमारत में पीजी संचालन से संबंधित सवाल पूछ रही है। वहीं, शुभम त्यागी को पकड़ने के लिए तलाश जारी है।

    मामले में आरोपी महेश की दो दिन की पुलिस कस्टडी भी आज समाप्त हो रही है। पुलिस उसे साउथ कैंपस थाने से अदालत लेकर गई है। महेश के साथ इमारत का ठेकेदार और एक राजमिस्त्री भी कोर्ट ले जाए गए हैं। तीनों को मामले में आगे की कार्रवाई के तहत अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस हादसे से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले में उनकी भूमिका को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    इधर, सत्य निकेतन में कमजोर पड़ी इमारत को हटाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। कार्रवाई से पहले इमारत के भीतर रखा सामान बाहर निकाला गया। इसके बाद कमजोर हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। आसपास मौजूद पांच से छह इमारतों को भी खाली कराया गया है, ताकि कमजोर ढांचे को हटाने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

    कमजोर हिस्से को हटाने के लिए बड़ी मशीन या बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इमारत के कमजोर हिस्से को हथौड़े और दूसरे छोटे औजारों की मदद से धीरे-धीरे तोड़ा जा रहा है। इस तरीके से कमजोर ढांचे को सावधानीपूर्वक हटाने का काम किया जा रहा है। मौके पर एमसीडी की टीम मौजूद है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात हैं।

    सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई के साथ कमजोर ढांचे को हटाने का काम भी जारी है। पीजी संचालक सुधांशु की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि उसके साथ पीजी चलाने वाला शुभम त्यागी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। महेश, ठेकेदार और राजमिस्त्री को अदालत ले जाया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और अदालत में होने वाली प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।

  • सोने के भाव में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट, 2150 रुपये टूटा रेट, चांदी 600 रुपये महंगी

    सोने के भाव में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट, 2150 रुपये टूटा रेट, चांदी 600 रुपये महंगी

    नई दिल्ली । सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने के भाव में 2,150 रुपये की बड़ी कमी दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक रुख के बीच 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना घटकर 1,58,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दूसरी ओर, दो कारोबारी सत्र तक स्थिर रहने के बाद चांदी के भाव में एक बार फिर तेजी देखने को मिली। चांदी 600 रुपये महंगी होकर 2,41,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

    सोने की कीमत में आई इस गिरावट के बाद 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 2,150 रुपये घट गया। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोना अब 1,58,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। इससे पिछले कारोबारी सत्र में 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,60,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। इस तरह लगातार दूसरे कारोबारी दिन सोने के दाम में गिरावट दर्ज की गई है।

    वहीं, चांदी की कीमतों ने सोने के मुकाबले अलग रुख दिखाया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में चांदी का भाव स्थिर रहने के बाद मंगलवार को इसमें 600 रुपये की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही चांदी की कीमत बढ़कर 2,41,100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस तरह एक तरफ सोने की कीमत लगातार दूसरे दिन नीचे आई, तो दूसरी तरफ चांदी ने दो सत्र की स्थिरता के बाद फिर तेजी दर्ज की।

    सोने और चांदी की कीमतों में हुए इस बदलाव के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख को प्रमुख वजह बताया गया है। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख का असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल का प्रभाव घरेलू बाजार में भी दिखाई देता है। इसी के चलते मंगलवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने के भाव में तेज गिरावट देखने को मिली।

    हालांकि, चांदी ने इस दौरान अलग दिशा में कारोबार किया। दो कारोबारी सत्र तक कीमत स्थिर रहने के बाद मंगलवार को चांदी के भाव में 600 रुपये की तेजी आई। इससे इसकी कीमत 2,41,100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। यानी मंगलवार के कारोबार में सोने और चांदी के दाम में विपरीत रुख देखने को मिला।

    अगर आज सोना और चांदी खरीदने की योजना है, तो सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन आई गिरावट खरीदारों के लिए राहत वाली खबर है। हालांकि, सोने का भाव अभी भी 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। ऐसे में शादी या तीज-त्योहार के लिए सोना खरीदने वाले लोग अपने बजट और मौजूदा रेट को ध्यान में रखते हुए खरीदारी का फैसला कर सकते हैं। दूसरी ओर, चांदी के भाव में 600 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे दोनों कीमती धातुओं के आज के रेट में अलग-अलग बदलाव देखने को मिला है।

  • दिल्ली के ओखला फेज-1 में सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका, एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल, राहत-बचाव जारी

    दिल्ली के ओखला फेज-1 में सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका, एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल, राहत-बचाव जारी

    नई दिल्ली । दिल्ली के ओखला फेज-1 में बुधवार को कम्युनिटी हॉल के पास सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हो गया। अचानक हुए इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। धमाके की तेज आवाज सुनकर लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। हादसे में एक व्यक्ति की मौत होने की खबर है, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।

    घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके बाद राहत और बचाव का काम शुरू किया गया। घटनास्थल पर मौजूद टीमों ने आसपास के इलाके को भी देखा और हादसे से प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। मौके पर बचाव कार्य जारी रहने की जानकारी है।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई सिलेंडर एक गाड़ी में लाए गए थे और उन्हें नीचे उतारा जा रहा था। इसी दौरान अचानक एक लंबा सिलेंडर फट गया। सिलेंडर के फटते ही तेज धमाका हुआ, जिससे आसपास मौजूद लोगों में डर फैल गया। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    धमाका इतना तेज बताया जा रहा है कि आसपास की इमारतों के शीशे तक टूट गए। तेज आवाज और धमाके के प्रभाव से लोग घबरा गए और तुरंत अपने घरों तथा दुकानों से बाहर निकल आए। हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई और घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।

    स्थानीय निवासी संजय कश्यप के अनुसार, धमाके में दो लोगों के बुरी तरह घायल होने की बात सामने आई है। उन्होंने करीब तीन से चार लोगों के घायल होने की जानकारी दी। घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।

    हादसे में एक व्यक्ति की मौत होने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं, कई लोगों के घायल होने के कारण राहत और बचाव दल लगातार मौके पर काम कर रहे हैं। घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र को भी देखा जा रहा है, ताकि हादसे से प्रभावित लोगों और अन्य संभावित नुकसान की जानकारी मिल सके।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि कुछ समय के लिए स्थिति को समझना भी मुश्किल हो गया। आसपास मौजूद लोगों में घटना को लेकर भय का माहौल बन गया। धमाके के बाद पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जांच शुरू की। हादसा किस परिस्थितियों में हुआ और सिलेंडर फटने की वजह क्या रही, इसकी जांच की जा रही है।

  • राहुल गांधी ने कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव तेज किया, 120 युवा नेताओं के इंटरव्यू के बाद राष्ट्रीय सचिवों की नई टीम बनेगी

    राहुल गांधी ने कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव तेज किया, 120 युवा नेताओं के इंटरव्यू के बाद राष्ट्रीय सचिवों की नई टीम बनेगी

    नई दिल्ली । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पार्टी के भीतर संगठन को पुराने तौर-तरीकों से बाहर निकालकर युवा, सक्रिय और जमीन से जुड़े नेतृत्व को आगे लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली नियुक्तियों में अब केवल राजनीतिक वरिष्ठता के बजाय नेताओं के संगठनात्मक काम, जमीनी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता को अधिक महत्व देने की तैयारी है।

    कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पद के लिए चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सोमवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने 30 नेताओं के इंटरव्यू लिए। इस प्रक्रिया में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी शामिल हैं। चयन प्रक्रिया के तहत नेताओं को 10-10 के समूह में इंटरव्यू के लिए दिल्ली बुलाया जा रहा है।

    इंटरव्यू के दौरान राहुल गांधी उम्मीदवारों से उनके पिछले संगठनात्मक काम, राजनीतिक अनुभव और भविष्य की रणनीति से जुड़े सवाल कर रहे हैं। चयन प्रक्रिया में नेताओं के कामकाज और उनकी संगठनात्मक भूमिका को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। शॉर्टलिस्ट किए गए नेताओं का विस्तृत कामकाजी रिपोर्ट कार्ड पहले से ही पार्टी नेतृत्व के पास मौजूद है।

    कांग्रेस राष्ट्रीय सचिवों की मौजूदा टीम में भी बड़े फेरबदल की तैयारी कर रही है। पार्टी की योजना मौजूदा 60 फीसदी से अधिक सचिवों को बदलकर नए चेहरों को जिम्मेदारी देने की है। कुल 120 नेताओं के इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राष्ट्रीय सचिवों की नियुक्ति की जाएगी। इससे राष्ट्रीय संगठन में बड़ी संख्या में नए और अपेक्षाकृत युवा चेहरों के आने की संभावना है।

    चयन प्रक्रिया में ‘संगठन सृजन’ अभियान के दौरान ऑब्जर्वर के तौर पर काम कर चुके नेताओं को विशेष प्राथमिकता मिलने की बात सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व ऐसे नेताओं को आगे लाना चाहता है, जिन्होंने संगठन के साथ सीधे जमीन पर काम किया है और अलग-अलग क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को करीब से समझा है।

    राहुल गांधी लंबे समय से कांग्रेस में युवा नेतृत्व और प्रतिभा आधारित चयन की पैरवी करते रहे हैं। यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई में इंटरव्यू आधारित चयन की प्रक्रिया इसी सोच का हिस्सा रही है। अब प्रदेश और जिला स्तर पर युवा चेहरों को जिम्मेदारी देने के बाद राष्ट्रीय संगठन में भी इसी मॉडल को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

    कांग्रेस का लक्ष्य अलग-अलग राज्यों और सामाजिक वर्गों से आने वाले ऐसे नेताओं की टीम तैयार करना है, जो सक्रिय हों, संगठन को मजबूत करने की क्षमता रखते हों और जमीनी स्तर पर काम का अनुभव रखते हों। राष्ट्रीय संगठन में प्रस्तावित बदलाव को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    करीब दो दशक से राहुल गांधी कांग्रेस में नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे लाने की जरूरत पर जोर देते रहे हैं। राष्ट्रीय सचिवों की नई टीम के चयन की मौजूदा प्रक्रिया को उनके इसी ‘जनरेशन चेंज’ अभियान को संगठनात्मक रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में नए चेहरों को जिम्मेदारी मिलने और कामकाज के तरीके में बदलाव की उम्मीद बढ़ी है।

  • दिल्ली में भवन गिरने की घटनाओं में कमेंटियां बनी, जांच हुई, पर जवाबदेही अब तक तय नहीं… MCD की व्यवस्था पर उठे सवाल

    दिल्ली में भवन गिरने की घटनाओं में कमेंटियां बनी, जांच हुई, पर जवाबदेही अब तक तय नहीं… MCD की व्यवस्था पर उठे सवाल


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) में भवन गिरने के हादसों (Building Collapse Accidents) के बाद जांच समितियां (Inquiry Committees) गठित करने और रिपोर्ट तैयार करने का सिलसिला पुराना है। जांच रिपोर्टों में कई बार एमसीडी की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे और अधिकारियों की लापरवाही सामने आई, लेकिन हर मामले में कार्रवाई का परिणाम एक जैसा नहीं रहा। कहीं अधिकारियों को निलंबित किया गया, कहीं विभागीय कार्रवाई शुरू हुई और कहीं पूरी जिम्मेदारी से ही मुक्त कर दिया गया। इससे हादसों के बाद जवाबदेही तय करने की एमसीडी की व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।

    27 सितंबर 2011 को चांदनी महल में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत और 23 लोग घायल हुए। एमसीडी की जांच रिपोर्ट में अनधिकृत निर्माण और भवन की उम्र से संरचना कमजोर होने की बात सामने आई। रिपोर्ट में आठ एमसीडी अधिकारियों को अनधिकृत निर्माण की अनुमति देने का दोषी माना गया और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। रिपोर्ट में 30 साल से अधिक पुरानी इमारतों के लिए संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणपत्र अनिवार्य करने और खतरनाक भवनों की पहचान के लिए नीति बनाने की सिफारिश भी की गई।

    तीन दिसंबर 2011 को उत्तम नगर में भवन गिरने से चार लोगों की मौत हुई। जांच में सामने आया कि पड़ोसी भूखंड में नींव के पास की गई खोदाई से ढांचे की नींव प्रभावित हुई थी। एमसीडी आयुक्त ने भवन विभाग के सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर सतर्कता जांच के आदेश दिए। वहीं 30 मार्च 2012 को करोलबाग के प्रसाद नगर में भवन गिरने से चार लोगों की मौत हुई। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच में विशेषज्ञों ने हादसे का मुख्य कारण कमजोर संरचनात्मक डिजाइन और कंक्रीट की अपर्याप्त मजबूती बताया। आयोग ने एमसीडी अधिकारियों की लापरवाही, निष्क्रियता और निर्माण रोकने में विफलता को स्पष्ट रूप से दर्ज किया।

    18 जुलाई 2015 को विष्णु गार्डन में भवन गिरने से पांच लोगों की मौत हुई। शुरुआत में एमसीडी ने सीवर लाइन से रिसाव को नींव कमजोर होने का कारण बताया और तीन अभियंताओं को निलंबित किया। बाद की जांच में दो या उससे अधिक अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण को लेकर भवन विभाग के जेई, एई और ईई को प्रथमदृष्टया लापरवाही और कर्तव्य में चूक के लिए जिम्मेदार माना गया। हालांकि अतिरिक्त मंजिलें किस अवधि में बनीं, यह निश्चित नहीं हो सका, इसलिए सतर्कता विभाग को आगे जांच की जिम्मेदारी दी गई।

    13 सितंबर 2021 को सब्जी मंडी-मलकागंज में भवन गिरने से दो बच्चों की मौत हुई। एमसीडी की तीन सदस्यीय जांच समिति ने उपायुक्त और तीन अभियंताओं समेत चार अधिकारियों को जिम्मेदार नहीं माना। रिपोर्ट के अनुसार भवन को पहले खतरनाक घोषित नहीं किया गया था। वहीं 30 मई 2026 को सैदुल्लाजाब में भवन गिरने से छह लोगों की मौत हुई और 14 लोग घायल हुए। मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट में हादसे को रोके जा सकने योग्य बताया गया। रिपोर्ट में अवैध निर्माण पर कार्रवाई न करने, शिकायतों पर ध्यान न देने और निरीक्षण से जुड़े रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए।

  • सत्य निकेतन इमारत हादसे में मृतकों की संख्या सात पहुंची, मालिक गिरफ्तार, MCD के पांच अधिकारी निलंबित हादसे के बाद

    सत्य निकेतन इमारत हादसे में मृतकों की संख्या सात पहुंची, मालिक गिरफ्तार, MCD के पांच अधिकारी निलंबित हादसे के बाद

    नई दिल्ली । दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की दर्दनाक घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। मलबा हटाने के दौरान एक और शव बरामद होने के बाद मौतों का आंकड़ा सात पहुंचा। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहा। मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश और घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए बचाव दलों ने काफी प्रयास किया।

    जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों में मध्य प्रदेश के दो छात्र भी शामिल हैं। कटनी निवासी 18 वर्षीय अक्षत यादव दिल्ली में रहकर PGDI कोर्स कर रहा था। हादसे के बाद उसका शव मलबे से बरामद किए गए पांचवें शव के रूप में पहचाना गया। अक्षत की मौत की खबर सामने आने के बाद उसके परिवार में मातम छा गया। परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और पहचान तथा अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की टीम भी अस्पताल पहुंची।

    हादसे में अर्पित नाम के एक अन्य छात्र की भी मौत हुई है। दोनों छात्रों के परिवारों के लिए यह घटना बेहद दुखद रही। हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। प्रशासन की ओर से बचाव कार्य के साथ मृतकों की पहचान और उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई।

    शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि इमारत के बेसमेंट में चल रहे निर्माण कार्य के कारण उसकी नींव कमजोर हुई होगी। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस निर्माण गतिविधियों, भवन की स्थिति और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

    मामले में पुलिस ने फरार चल रहे इमारत मालिक हरिराम बंसल गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। जांच में निर्माण कार्य की प्रकृति और इमारत की संरचनात्मक स्थिति से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

    हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की है। MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित अधिकारियों में डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, SE रणवीर सिंह और EE ललित कुमार गोयल समेत पांच अधिकारी शामिल हैं। अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    सत्य निकेतन की घटना ने निर्माणाधीन या पुराने भवनों में सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गतिविधियों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन अब हादसे की परिस्थितियों की जांच के साथ यह भी पता लगाने में जुटा है कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित नियमों और सुरक्षा प्रावधानों का पालन किया गया था या नहीं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, सत्य निकेतन हादसे के बाद बिना मंजूरी बनी पांच मंजिला इमारतों पर कार्रवाई तय

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, सत्य निकेतन हादसे के बाद बिना मंजूरी बनी पांच मंजिला इमारतों पर कार्रवाई तय

    नई दिल्ली । दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे के बाद बड़ा आदेश जारी करते हुए बिना मंजूरी के पांच मंजिला बनी इमारतों को सील करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के इस फैसले के बाद ऐसी इमारतों पर कार्रवाई की जाएगी, जिनका पांच मंजिला निर्माण बिना आवश्यक मंजूरी के किया गया है।

    सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद राजधानी में इमारतों के निर्माण और मंजूरी से जुड़े नियमों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई तेज होने की बात सामने आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना मंजूरी बनी पांच मंजिला इमारतों को सील करने का आदेश दिया है।

    सरकार के आदेश के मुताबिक जिन इमारतों का निर्माण बिना मंजूरी के पांच मंजिल तक किया गया है, उन्हें अब सील किया जाएगा। इस कार्रवाई का सीधा संबंध सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद सामने आई स्थिति से है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद बिना मंजूरी तैयार की गई ऐसी इमारतों की पहचान कर उन्हें सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

    सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद यह सरकारी कदम सामने आया है। घटना ने इमारतों के निर्माण से जुड़े नियमों और आवश्यक मंजूरी के पालन को लेकर गंभीरता बढ़ा दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बिना मंजूरी के पांच मंजिला बनी इमारतों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    सरकार की ओर से लिए गए इस फैसले में विशेष रूप से उन इमारतों को शामिल किया गया है, जो बिना मंजूरी के पांच मंजिला बनाई गई हैं। ऐसी इमारतों को सील करने के आदेश के बाद संबंधित स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी। सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार का यह कदम भवन निर्माण से जुड़े नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख के तौर पर सामने आया है।

    सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट रूप से कार्रवाई का आदेश दिया है। हादसे से जुड़ी स्थिति के बीच सरकार ने बिना मंजूरी के तैयार पांच मंजिला इमारतों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके तहत ऐसी इमारतों को सील किया जाएगा।

    इस आदेश के बाद राजधानी में बिना आवश्यक मंजूरी के पांच मंजिला बनी इमारतों को लेकर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का यह निर्णय सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार बिना मंजूरी बनी ऐसी इमारतों को सील किया जाना है।

    सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार की ओर से उठाया गया यह कदम फिलहाल बिना मंजूरी के पांच मंजिला बनी इमारतों पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेश के तहत संबंधित इमारतों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए यह निर्णय लिया है।