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  • मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी

    मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी


    नई दिल्ली। उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक बारिश होने के संकेत मिले हैं। इस बदलाव से जहां कुछ इलाकों में ठंड से राहत मिली है, वहीं कई जगह ठिठुरन फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और राजस्थान में आने वाले तीन दिन मौसम अस्थिर रहेंगे। पंजाब और हरियाणा में फिलहाल तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के कारण ठंड का असर तेज हो गया है। शनिवार को यूपी के कई हिस्सों में कोहरा छाने की संभावना है और 1 से 3 फरवरी के बीच बारिश होने से सर्दी और तीखी हो सकती है।

    कश्मीर घाटी में सर्दी का सबसे कठिन दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ अब समाप्त हो चुका है। इसके बाद घाटी के अधिकतर इलाकों में रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस, कोनिबल में 1.0 डिग्री, पुलवामा में 0.1 डिग्री और कुलगाम में 1.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कई स्थानों पर तापमान जमाव बिंदु से ऊपर पहुंचने के कारण कड़ाके की ठंड से कुछ राहत महसूस की जा रही है।

    पंजाब के अधिकांश इलाकों में शुक्रवार को रात का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा में यह औसत के करीब बना रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, लेकिन 1 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के असर से दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जिससे हल्की ठंड लौट सकती है।

    राजधानी दिल्ली में भी शुक्रवार को मौसम थोड़ा नरम रहा। यहां अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय के औसत से 0.5 डिग्री अधिक है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी है और अगले तीन दिनों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

    राजस्थान में भी मौसम एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग जयपुर के अनुसार शनिवार से अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि 1 और 2 फरवरी को उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के यही जिले बारिश से प्रभावित रहेंगे, जबकि जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।

  • दिल्ली सरकार ने एमसीडी को दिए 500 करोड़ रुपये

    दिल्ली सरकार ने एमसीडी को दिए 500 करोड़ रुपये


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) को साफ, स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त राजधानी बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta) ने शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और धूल से होने वाले प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को 500 करोड़ रुपये की एकमुश्त सहायता दी है। इस धनराशि से सफाई व सड़कों की छोटी-मोटी मरम्मत कर धूल उड़ने की समस्या को कम किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि सफाई व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार आगे भी नगर निगम को हर साल 300 करोड़ रुपये की नियमित सहायता देती रहेगी।

    इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही, दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, निगम आयुक्त संजीव खिरवार सहित सरकार व नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राजधानी को साफ और स्वच्छ रखने के लिए एमसीडी को 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। राशि का कुछ हिस्सा उन कंपनियों का पुराना बकाया चुकाने में खर्च होगा जो कचरा प्रबंधन का काम करती हैं ताकि वे बेहतर तरीके से अपने काम को अंजाम दे सकें। कुछ हिस्सा सफाई व्यवस्था को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए दिया जाएगा ताकि कचरा उठाने और उसे ले जाने में होने वाले मासिक घाटे की भरपाई की जा सके। साथ ही, कुछ हिस्सा उन खास इलाकों से कूड़ा हटाने के लिए भी दिया जाएगा जहां ठेकेदार काम नहीं करते। इसके अतिरिक्त सड़कों की छोटी-मोटी मरम्मत, जैसे गड्ढे भरने, छोटे पैच रिपेयर और धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के कामों पर भी राशि खर्च की जाएगी।

    बैठक में मुख्यमंत्री ने नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह पूरी राशि केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही उपयोग की जाए और इसका किसी अन्य योजना में उपयोग नहीं किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम को सभी वित्तीय नियमों का पालन करते हुए खर्च की नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी होगी और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी को सही मायनों में विकसित दिल्ली बनाने के लिए स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त किया जाना आवश्यक है। इसके लिए सफाई व्यवस्था का भी चाक-चौबंद रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कूड़ा आदि से निकली धूल भी प्रदूषण को बढ़ाती है, इसलिए हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि राजधानी को साफ व स्वच्छ बनाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम को कूड़ा उठाने की व्यवस्था को और बेहतर बनाना होगा। दिल्ली सरकार सफाई से जुड़े आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए निगम को अलग से पर्याप्त धनराशि दे रही है, ताकि सफाई के काम में बेहतर और तेजी से नतीजे मिल सकें। उन्होंने कूड़े से ऊर्जा बनाने वाले नए प्लांट लगाने के निर्देश दिए और मौजूदा प्लांट को अपग्रेड करने को भी कहा। साथ ही, हरित कूड़े के सही उपयोग पर जोर देते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक मशीनें लगाने के निर्देश एमसीडी नेताओं को दिए। उन्होंने कहा कि कूड़े का बेहतर प्रबंधन भी राजधानी को साफ-सुथरा बनाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गीले व सूखे कूड़े का उठाने की प्रक्रिया भी सरल बनाई जाए ताकि लोगों का इस ओर रुझान बढ़े।

  • दिल्ली में आज जुटेंगे सभी अरब देश…. वैश्विक तनाव के बीच भारत में लगेगा मुस्लिम देशों का जमावड़ा

    दिल्ली में आज जुटेंगे सभी अरब देश…. वैश्विक तनाव के बीच भारत में लगेगा मुस्लिम देशों का जमावड़ा


    नई दिल्ली।
    मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी तनाव के बीच भारत (India) में इस सप्ताह के अंत में मुस्लिम देशों (Muslim Countries) का जमावड़ा लगने जा रहा है। भारत आगामी शनिवार को राजधानी दिल्ली में भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक की मेजबानी करेगा जिसमें अरब लीग के सभी 22 अरब देशों (All 22 Arab countries) के प्रतिनिधि भाग लेंगे। बता दें कि यह बैठक दस साल बाद हो रही है। वहीं यह बात भी अहम है कि यह पहली बार होगा जब भारत इस बैठक की मेजबानी करने जा रहा है।

    जानकारी के मुताबिक अरब देशों के विदेश मंत्री, राज्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और अरब लीग सचिवालय इस बैठक में अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया है कि इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात मिलकर करेंगे। इसमें अरब लीग के सदस्य देशों के विदेश मंत्री और अरब लीग के महासचिव भी भाग लेंगे। वहीं बैठक से पहले शुक्रवार को भारत और अरब वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत भी होगी।


    एजेंडे में क्या?

    दोनों पक्षों की दूसरी बैठक दस सालों के अंतराल के बाद हो रही है। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच पहली बैठक 2016 में बहरीन में हुई थी। पहली बैठक के दौरान मंत्रियों ने सहयोग के पांच प्राथमिक क्षेत्रों-अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति-की पहचान की थी और इन क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों का प्रस्ताव रखा था। वहीं शनिवार को होने वाली बैठक से मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और भारत-अरब साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ और व्यापक बनाने की अपेक्षा होगी।


    अरब लीग में पर्यवेक्षक की भूमिका में भारत

    गैरतलब है कि भारत 22 सदस्य देशों वाले पैन-अरब संगठन अरब लीग में पर्यवेक्षक की भूमिका में है। वहीं भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक भारत और अरब देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने वाली सर्वोच्च संस्थागत व्यवस्था है। इस साझेदारी को मार्च 2002 में औपचारिक रूप दिया गया था जब भारत और अरब लीग के बीच संवाद प्रक्रिया को संस्थागत स्वरूप देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

    इसके बाद दिसंबर 2008 में तत्कालीन अरब लीग महासचिव अमर मूसा की भारत यात्रा के दौरान अरब-भारत सहयोग मंच की स्थापना के लिए एक सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। 2013 में इसकी संरचनात्मक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इसमें संशोधन भी किया गया।

  • अब DDA फ्लैट निवासियों को राहत, हर बुधवार साइट-लेवल शिकायत निवारण शुरू

    अब DDA फ्लैट निवासियों को राहत, हर बुधवार साइट-लेवल शिकायत निवारण शुरू



    नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने फ्लैट निवासियों को बड़ी राहत दी है। अब DDA के फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को रोज़मर्रा की समस्याओं के लिए DDA ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्राधिकरण ने हर बुधवार साइट-लेवल जनसुनवाई शुरू करने का फैसला लिया है, जिसमें साइट इंजीनियर सीधे शिकायत सुनकर समाधान करेंगे।

    हर बुधवार 2:30 से 4 बजे तक जनसुनवाई
    DDA के हाउसिंग डिप्टी डायरेक्टर चिन्मय चक्रवर्ती ने 19 जनवरी को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर के अनुसार यह जनसुनवाई हर बुधवार दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगी।

    पानी, बिजली, सीवर, मरम्मत सहित सभी शिकायतों का समाधान
    जनसुनवाई में फ्लैट्स से जुड़ी सभी बुनियादी और तकनीकी समस्याओं पर सुनवाई होगी, जिनमें शामिल हैं

    पीने के पानी की आपूर्ति में बाधा

    सीवर, ड्रेनेज और गंदे पानी की निकासी

    फ्लैट्स की मरम्मत और नियमित मेंटेनेंस

    इलेक्ट्रिकल और स्ट्रक्चरल समस्याएं

    हाउसिंग स्कीम से जुड़े लंबित मामले

    फ्लैट की पोज़िशन, अलॉटमेंट और हैंडओवर से संबंधित शिकायतें

    जमीनी स्तर पर समाधान, पारदर्शिता और जवाबदेही
    DDA अधिकारियों का कहना है कि इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर और कम समय में करना है। साइट इंजीनियरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों को केवल दर्ज न करें, बल्कि समाधान की स्पष्ट समय-सीमा तय करते हुए कार्रवाई शुरू करें। अब तक फ्लैट निवासियों को अलग-अलग विभागों के बीच भटकना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत वे सीधे अपने साइट के जिम्मेदार इंजीनियर से संपर्क कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।

  • फरवरी में घूमने की परफेक्ट लिस्ट: न ठंड की मार, न गर्मी की तपिश, ये 6 जगहें बना देंगी ट्रिप यादगार

    फरवरी में घूमने की परफेक्ट लिस्ट: न ठंड की मार, न गर्मी की तपिश, ये 6 जगहें बना देंगी ट्रिप यादगार



    नई दिल्ली। अगर भारत में घूमने का सबसे परफेक्ट महीना कोई है, तो वह फरवरी है। इस दौरान सर्दी धीरे-धीरे विदा लेने लगती है, गर्मी आने में अभी समय होता है और मौसम एकदम सुहावना रहता है। यही वजह है कि फरवरी में नॉर्थ से साउथ तक भारत की कई जगहें घूमने के लिए बेस्ट बन जाती हैं। साथ ही इस महीने देशभर में कला, साहित्य, संगीत और संस्कृति से जुड़े बड़े आयोजन भी होते हैं, जो यात्रा को और खास बना देते हैं।
    1. जयपुर – इतिहास और रंगों की रॉयल झलक
    फरवरी में जयपुर की सुबहें हल्की ठंडक लिए होती हैं और दिन धूप से भरे रहते हैं। आमेर किला, सिटी पैलेस, हवा महल और जंतर-मंतर घूमने का यही सबसे अच्छा वक्त है।
    इसी महीने होने वाला जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और जयपुर आर्ट वीक शहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं। हेरिटेज वॉक, लोक संगीत और हस्तशिल्प जयपुर को एक यादगार अनुभव बना देते हैं।

    2. दिल्ली – इतिहास, संस्कृति और आधुनिकता का संगम
    फरवरी की हल्की ठंड दिल्ली को एक्सप्लोर करने के लिए परफेक्ट बना देती है। लाल किला, कुतुब मीनार, इंडिया गेट और लोधी गार्डन इस मौसम में बेहद खूबसूरत लगते हैं।
    इंडिया आर्ट फेयर, म्यूजियम्स और कैफे कल्चर दिल्ली को सांस्कृतिक रूप से जीवंत बना देते हैं। पुरानी दिल्ली की गलियों में घूमना और स्ट्रीट फूड का मजा लेना फरवरी की खास पहचान है।

    3. अहमदाबाद – विरासत और स्वाद का शहर
    गुजरात का अहमदाबाद फरवरी में घूमने के लिए शानदार है। साबरमती रिवरफ्रंट, ऐतिहासिक पोल्स, बावड़ियां और साबरमती आश्रम शहर की ऐतिहासिक पहचान को दर्शाते हैं।
    उत्तरायण के बाद भी उत्सव का माहौल बना रहता है और उंधियू जैसे पारंपरिक गुजराती व्यंजन स्वाद को यादगार बना देते हैं।

    4. मुंबई – समुद्र, कला और संगीत
    फरवरी में मुंबई की समुद्री हवा मौसम को बेहद खुशनुमा बना देती है। कला घोड़ा आर्ट्स फेस्टिवल और महिंद्रा ब्लूज़ फेस्टिवल शहर को रचनात्मक ऊर्जा से भर देते हैं।
    आर्ट डेको इमारतें, गैलरी, ईरानी कैफे और मरीन ड्राइव की शामें मुंबई को घूमने के लिए खास बनाती हैं।

    5. ओडिशा – संस्कृति और प्रकृति का अनोखा मेल
    फरवरी में ओडिशा का मौसम बेहद सुखद रहता है। कोणार्क डांस एंड म्यूजिक फेस्टिवल सूर्य मंदिर की पृष्ठभूमि में शास्त्रीय नृत्य और संगीत का अद्भुत अनुभव देता है।
    चिलिका झील में हजारों प्रवासी पक्षी दिखाई देते हैं, जो नेचर और फोटोग्राफी लवर्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं।

    6. काजीरंगा – वाइल्डलाइफ का रोमांच
    असम का काजीरंगा नेशनल पार्क फरवरी में घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। यहां सफारी के दौरान एक-सींग वाला गैंडा, हाथी, हिरण और कभी-कभी बाघ भी देखने को मिल जाते हैं।ठंड कम होने के कारण जंगल सफारी आरामदायक और रोमांचक दोनों होती है।
    फरवरी यात्रा के लिए ऐसा महीना है, जहां मौसम, संस्कृति और प्रकृति का परफेक्ट बैलेंस मिलता है। अगर आप सुकून, रोमांस या एडवेंचर की तलाश में हैं, तो ये 6 जगहें आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।

  • गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली समेत कई शहरों में आतंकी हमले की साजिश… सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली समेत कई शहरों में आतंकी हमले की साजिश… सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) में लालकिला ब्लास्ट (Red Fort blast) के बाद से सतर्क खुफिया एजेंसियों (Intelligence agencies.) ने गणतंत्र दिवस (गणतंत्र दिवस) से पहले दिल्ली समेत कई राज्यों में बांग्लादेशी आतंकियों (Bangladeshi terrorists) के हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है। एजेंसियों को सतर्क किया गया है कि बांग्लादेशी आतंकी संगठन और खालिस्तान समर्थित संगठन तबाही की साजिश रच रहे हैं।

    दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में रहने की सलाह दी गई है। साथ ही इन आतंकी संगठनों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है।


    एक साथ निशाना बनाने की साजिश

    खुफिया इनपुट के मुताबिक, आतंकी संगठन दिल्ली समेत देश के कई शहरों को एक साथ निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। अलर्ट में कहा गया कि गणतंत्र दिवस से ठीक पहले उत्तर भारत के कुछ शहरों में सक्रिय गैंगस्टरों की इसमें विशेष भूमिका हो सकती है।


    पंजाब के गिरोह मदद कर रहे

    सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क करते हुए कहा गया कि पंजाब में सक्रिय स्थानीय अपराधिक गिरोह और उनके सरगना पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से देश में तबाही मचाने की कोशिश कर रहे हैं।


    स्लीपर सेल भी सक्रिय

    खुफिया एजेंसियों के अनुसार, कुछ स्लीपर सेल और गैंगस्टरों के गुर्गे विदेश से संचालित खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी संगठनों के आकाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं। ये तत्व कट्टरपंथी युवाओं को खालिस्तान समर्थक संदिग्धों से जोड़ने की भी कोशिश कर रहे हैं।


    आईएसआई की भूमिका

    खालिस्तानी संगठनों, बांग्लादेशी आतंकी समूहों के एजेंडे को आगे बढ़ाने में आईएसआई सक्रिय है। आंतरिक सुरक्षा पर हमला करने के लिए आपराधिक नेटवर्क के इस्तेमाल की योजना है। ये संदिग्ध गैंगस्टर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं और खालिस्तानी आतंकी तत्वों से संपर्क बढ़ा रहे हैं।


    दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, चार मॉक ड्रिल की गईं

    दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में मॉक ड्रिल कर सुरक्षा तैयारियों का आकलन किया। जनवरी के पहले पखवाड़े में चार मॉक ड्रिल आयोजित की गईं। इन मॉक ड्रिल में लाल किला, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, खारी बावली, सदर बाजार और मेट्रो स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान शामिल रहे। इसका उद्देश्य आतंकी घटनाओं से निपटने की तैयारी मजबूत करना और आम लोगों को सतर्क करना है।


    कार धमाके में 15 मरे थे

    दिल्ली में पिछले वर्ष 10 नवंबर को लालकिले के करीब मेट्रो स्टेशन के पास कार में आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी। इस मामलें में डॉक्टर समेत कई आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।

  • दांव पड़ा उल्टाः ऑडी मालिक ने किया बीमा क्लेम लेकिन हो गया खेला, कोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट पीड़ितों को फंड देने का सुनाया फैसला

    दांव पड़ा उल्टाः ऑडी मालिक ने किया बीमा क्लेम लेकिन हो गया खेला, कोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट पीड़ितों को फंड देने का सुनाया फैसला


    नई दिल्ली । एक शख्स ने सेकंड हैंड ऑडी कार के चोरी होने का दावा करते हुए इंश्योरेंस क्लेम का आवेदन किया लेकिन अदालत ने उसे राहत देने के बजाय 50 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया। यह मामला कुछ खास था क्योंकि अदालत ने पाया कि इस दावे में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला था जिसमें ऑटो डीलर, वादी और इंश्योरेंस कंपनी के कर्मचारियों के बीच साजिश थी। अदालत का मानना था कि इस मामले में बीमा पॉलिसी के तहत चोरी की गई ऑडी कार का दावा पूरी तरह से अवैध था और यह स्थिति दिल्ली में हुए पिछले साल के लाल किले के बम धमाके से जुड़ी हुई थी।

    क्या था पूरा मामला

    दिलबाग सोलंकी ने दावा किया था कि उसने 2020 में गुलशाद और इतखाब हुसैन से 29 लाख रुपये में एक सेकंड हैंड ऑडी कार खरीदी थी और इस पर उसने नैशनल इंश्योरेंस कंपनी से इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। इसके बाद 22 जनवरी 2021 को कार चोरी हो गई और पुलिस ने इस मामले में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की जिसे अदालत ने मंजूर भी कर लिया। हालांकि इंश्योरेंस कंपनी ने यह दावा खारिज कर दिया यह कहते हुए कि कार के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य छुपाए गए थे और पॉलिसी में धोखाधड़ी की गई थी। इंश्योरेंस कंपनी ने यह तर्क भी दिया कि इस कार की हालत पहले खराब थी, यह गिरवी रखी हुई थी और कोविड लॉकडाउन के दौरान इसे रांची से दिल्ली ले जाने के किसी सबूत के बिना इसे संदिग्ध तरीके से ट्रांसफर किया गया था। इसके अलावा पॉलिसी पर वादी के साइन भी नहीं थे जो इसे अमान्य बनाता था।

    लाल किले बम धमाका और इसकी कड़ी

    अदालत ने इस मामले को लाल किले पर हुए बम धमाके से जोड़ते हुए कहा कि कुछ गाड़ियां, जिन्हें कार डीलरों के जरिए नकली नामों से खरीदी गई थीं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने की साजिश थी। यह गाड़ियां दिल्ली में विस्फोट करने के लिए इस्तेमाल की जानी थीं लेकिन जांच एजेंसियों ने इस साजिश को विफल कर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि जिस गाड़ी का दावा किया जा रहा था, वह कभी दिल्ली में दिखी ही नहीं, और चोरी होने का दावा दिल्ली में किया गया था।

    कोर्ट का आदेश

    अदालत ने इस मामले में गाड़ी मालिक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और इंश्योरेंस कंपनी के दावे को खारिज कर दिया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि इस धोखाधड़ी के मामले में संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • ममता बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया, कहा- अगला लक्ष्य दिल्ली होगा

    ममता बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया, कहा- अगला लक्ष्य दिल्ली होगा

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कोलकाता में आयोजित एक रैली में 2026 के विधानसभा चुनाव में अपनी जीत का दावा किया। ममता ने कहा कि भाजपा कितनी भी कोशिश कर ले, वह बंगाल में सत्ता हासिल नहीं कर पाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बंगाल में जीतने के बाद उनका अगला राजनीतिक लक्ष्य राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली होगा।

    भाजपा और केंद्र सरकार पर हमला

    रैली में ममता ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा अब लंबे समय तक भारत पर शासन नहीं कर सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां भाजपा के राजनीतिक फायदे के लिए काम कर रही हैं और कई राज्यों में सत्ता पर जबरदस्ती कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं।

    निर्वाचन आयोग और धरना की तैयारी

    सीएम ममता बनर्जी ने अपने सांसद कल्याण बनर्जी को निर्देश दिए कि आगामी राजनीतिक कदम के तहत उनका अगला धरना स्थल निर्वाचन आयोग होगा। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार में चुनाव आयोग की मदद से सत्ता हासिल की। ममता ने पूछा कि क्या भाजपा बंगाल पर भी इसी तरह कब्जा करने का प्रयास करेगी।

    ईडी छापेमारी पर ममता का बयान

    ममता ने आईपैक कार्यालय पर हुई ईडी की छापेमारी के संदर्भ में अपने फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि ईडी उनकी पार्टी की रणनीति से जुड़ी जानकारियां चुराने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा, “मैंने जो किया, टीएमसी अध्यक्ष के रूप में किया और इसमें कोई गलत बात नहीं है।”

    राजनीतिक संकेत और भविष्य की योजना

    ममता बनर्जी की यह रैली सिर्फ विधानसभा चुनाव में जीत का जश्न नहीं थी, बल्कि आगामी राजनीतिक लड़ाइयों के संकेत भी थे। उन्होंने साफ किया कि टीएमसी का अगला लक्ष्य केवल बंगाल तक सीमित नहीं है और उनकी नजर राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत उपस्थिति बनाने पर है।
    ममता बनर्जी की कोलकाता रैली में भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखे आरोप, निर्वाचन आयोग के प्रति सवाल और 2026 विधानसभा चुनाव में जीत का दावा ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उनका यह स्पष्ट संदेश है कि टीएमसी केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं रहेगी और दिल्ली की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाने का इरादा रखती है।

  • गणतंत्र दिवस परेड 2026 टिकट , कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए कैसे बुक करें टिकट? जानिए पूरा प्रोसेस

    गणतंत्र दिवस परेड 2026 टिकट , कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए कैसे बुक करें टिकट? जानिए पूरा प्रोसेस


    नई दिल्ली । गणतंत्र दिवस परेड 2026 भारत के नागरिकों के लिए गर्व का प्रतीक होती है जिसमें भारतीय सेना सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। इस साल गणतंत्र दिवस परेड की मुख्य थीम वंदे मातरम् रखी गई है। 26 जनवरी को मुख्य परेड का आयोजन होगा, जबकि बीटिंग द रिट्रीट समारोह 28 और 29 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। यदि आप इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनना चाहते हैं और कर्तव्य पथ पर बैठकर परेड देखना चाहते हैं, तो इसके लिए टिकट बुक करना अनिवार्य है।

    कहां से खरीद सकते हैं 26 जनवरी की परेड के टिकट

    गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए टिकट अब आधिकारिक वेबसाइट aamantran.mod.gov.in से खरीदी जा सकती हैं। यहां से आप 26 जनवरी की मुख्य परेड, 28 जनवरी को होने वाली फुल ड्रेस रिहर्सल, और 29 जनवरी के बीटिंग द रिट्रीट समारोह के टिकट ऑनलाइन बुक कर सकते हैं।

    कब तक खरीद सकते हैं टिकट

    गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए टिकट की बिक्री 5 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। टिकट खरीदने की अंतिम तारीख 14 जनवरी 2026 है। ध्यान रखें कि टिकट की बिक्री हर दिन सुबह 9 बजे से शुरू होगी और सीटें समाप्त होने तक जारी रहेगी, इसलिए जल्दी से टिकट बुक करना बेहतर रहेगा।

    टिकट की कीमत क्या है

    26 जनवरी 2026 की गणतंत्र दिवस परेड के टिकट की कीमत ₹20 और ₹100 है, जो सीट की पोज़िशन के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। 28 जनवरी 2026 को होने वाली बीटिंग द रिट्रीट फुल ड्रेस रिहर्सल के टिकट की कीमत ₹20 है। 29 जनवरी 2026 को होने वाले बीटिंग द रिट्रीट मुख्य समारोह के टिकट ₹100 में उपलब्ध हैं। घर बैठे गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए ऑनलाइन टिकट कैसे बुक करें ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो करें सबसे पहले aamantran.mod.gov.in पोर्टल पर जाएं।

    पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करें। रजिस्ट्रेशन के लिए आपको अपना नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, पता और ईमेल आईडी भरना होगा। एक वैध आईडी प्रूफ जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट, आदि अपलोड करें। सभी विवरण भरने और सत्यापित करने के बाद बुकिंग पूरी होगी, और आपको एक डिजिटल टिकट प्राप्त होगा।

    ऑफलाइन टिकट काउंटर पर टिकट कैसे खरीदें

    यदि आप ऑनलाइन बुकिंग से बचना चाहते हैं, तो दिल्ली में कई जगहों पर ऑफलाइन टिकट काउंटर भी खोले गए हैं, जहां से आप गणतंत्र दिवस परेड के टिकट खरीद सकते हैं।

    टिकट काउंटर का समय

    सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक, दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक

    टिकट उपलब्ध स्थान

    सेना भवन गेट नंबर 5,शास्त्री भवन गेट नंबर 3,जंतर-मंतर मुख्य द्वार,संसद भवन रिसेप्शन,राजीव चौक मेट्रो स्टेशन डी ब्लॉक कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन क्या डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं?चाहे आप ऑनलाइन टिकट बुक करें या ऑफलाइन काउंटर से, फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट का होना अनिवार्य है।

    परेड की खासियत

    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान दर्शक भारतीय सेना के आधुनिक टैंक, तोपें, और लड़ाकू विमानों का हैरतअंगेज प्रदर्शन देख सकेंगे। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक झांकियां भारत की विविधता में एकता को प्रदर्शित करेंगी। बीटिंग द रिट्रीट समारोह में सेना के तीनों अंगों थल जल और नभ के बैंड्स स्कूल के बच्चों और लोक कलाकारों के प्रदर्शन और ऐतिहासिक इमारतों पर शानदार लाइट शो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।

    मुख्य आकर्षण

    आर्मी नेवी और एयर फोर्स बैंड का भव्य प्रदर्शन शास्त्रीय और पारंपरिक संगीत के साथ प्रिसिजन ड्रिल ऐतिहासिक स्थलों पर रोशन होने वाला लाइट शो गणतंत्र दिवस परेड 2026 भारतीय इतिहास का एक अहम हिस्सा होने जा रहा है और इसे देखने का अनुभव देशवासियों के लिए बेहद खास होगा। इस ऐतिहासिक परेड को कर्तव्य पथ पर बैठकर देखने के लिए जल्दी से टिकट बुक करें और इस अद्भुत मौके का हिस्सा बनें

  • दिल्ली की मस्जिद के पास बुलडोजर चला तो पाकिस्तान बोला-'भारत में निशाने पर मुस्लिम इमारतें'

    दिल्ली की मस्जिद के पास बुलडोजर चला तो पाकिस्तान बोला-'भारत में निशाने पर मुस्लिम इमारतें'

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के मामले में नाक घुसाते हुए नई दिल्ली पर अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने दिल्ली के तुर्कमेनिस्तान गेट के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आस-पास चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे मुस्लिम विरासत के खिलाफ अभियान बताया। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हमने दिल्ली की फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास चलाए गए अभियान पर नजर रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अतिक्रमण विरोधी अभियान के बहाने मस्जिदों को निशाना बनाने के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थित अभियान का हिस्सा है।

    पाकिस्तान फैलाने लगा प्रोपेगैंडा
    पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि हम फैज-ए-इलाही मस्जिद के आस-पास मौजूद प्रॉपर्टी को गिराए जाने से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि फैज-ए-इलाही मस्जिद सदियों पुरानी है और मुस्लिम सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती है। अंद्राबी ने पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा फैलाते हुए अतिक्रमण विरोधी अभियान को भारत में मुस्लिमों के खिलाफ RSS के बड़े अभियान का हिस्सा बता दिया। यही नहीं पाकिस्तानी प्रवक्ता ने संयुक्त राष्ट्र से भारत में अल्पसंख्यकों के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा की अपील कर डाली।

    क्या है पूरा मामला?
    दिल्ली के तुर्कमेनिस्तान गेट के पास स्थित सैयद फैज-ए-इलाही से सटे इलाके में अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार सुबह तड़के अभियान चलाया गया था। यह अभियान दिल्ली नगर निगम (MCD) ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद चलाया था।

    पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा के उलट एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया था कि अभियान के दौरान मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।

    इस पूरी कार्रवाई के दौरान मस्जिद के पास इलाके में अवैध घोषित प्रॉपर्टी को ही ढहाया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया था कि मस्जिद के पास की जमीन एमसीडी की है और उसने अभियान चलाने से पहले पुलिस को सूचना दी थी। वहीं, एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान 36,000 वर्ग फुट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया गया। इसमें एक मैरिज हॉल और औषधालय और दो मंजिला चहारदीवारी भी शामिल थी। अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पथराव करके अशांति फैलाने का प्रयास किया जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा था।